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लखनऊ इकाई में उत्पादित सुपरसोनिक ब्रह्मोस मिसाइलों के प्रथम बैच का रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह एवं सीएम योगी ने किया फ्लैग ऑफ

– एयरफ्रेम और एवियोनिक्स, वारहेड भवन में पीडीआई तथा ब्रह्मोस सिम्युलेटर उपकरणों का प्रेजेंटेशन भी दिखाया गया – रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परिसर में ही रुद्राक्ष के पौधे का वृक्षारोपण भी किया – स्टोरेज ट्रॉली प्रदर्शन और मोबाइल ऑटोनमस लॉन्चर का भी हुआ प्रदर्शन – डीजी (ब्रह्मोस) ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जीएसटी का 40 करोड़ रुपये का बिल का सौंपा लखनऊ, राजधानी लखनऊ में शनिवार को आत्मनिर्भर भारत का एक नया अध्याय लिखा गया, जब ब्रह्मोस एयरोस्पेस लिमिटेड की लखनऊ इकाई में उत्पादित सुपरसोनिक ब्रह्मोस मिसाइलों के पहले बैच का फ्लैग ऑफ केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। भारत माता की जय’ के जयघोष के बीच जब मिसाइलों का पहला जत्था रवाना हुआ तो समारोह गर्व, गौरव और देशभक्ति से गूंज उठा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यना ने कहा कि ब्रह्मोस केवल भारत की नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में अपने मित्र देशों की रक्षा करने का सबसे सक्षम हथियार है। उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के प्रयास से ब्रह्मोस लखनऊ में विकसित हुआ है, जो देश की खुशहाली का माध्यम बना है। जब व्यक्ति सुरक्षित रहता है, तभी चैन की नींद सोता है। लखनऊ में बनी मिसाइल पूरे देशवासियों की सुरक्षा और समृद्धि की गारंटी है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लखनऊ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मेक इन इंडिया' संकल्प को साकार करने का यह क्षण प्रफुल्लित करने वाला है। उन्होंने कहा कि यह मिसाइल न केवल भारत की सुरक्षा सुनिश्चित करती है, बल्कि दुनिया में अपने मित्र देशों की रक्षा करने का सबसे सक्षम हथियार भी है। ब्रह्मोस के माध्यम से भारत अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ-साथ मित्र राष्ट्रों की सुरक्षा जरूरतों को भी पूरा करने में सक्षम हो गया है। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। सीएम योगी ने 2018 के पहले इन्वेस्टर्स समिट का जिक्र करते हुए कहा कि लखनऊ में ही प्रधानमंत्री ने दो डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर की घोषणा की थी, जिसमें से एक उत्तर प्रदेश को मिला। उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, आगरा, अलीगढ़, झांसी और चित्रकूट के 6 नोड्स में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर के कार्य सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहे हैं। लखनऊ में ब्रह्मोस, झांसी में भारत डायनामिक्स लिमिटेड (बीडीएल) और अमेठी में एके-203 जैसे प्रोजेक्ट चल रहे हैं। अब तक 2,500 एकड़ से अधिक लैंड इन 6 नोड्स में उपलब्ध कराई गई है, जिससे 15,000 से अधिक नौजवानों को नौकरियां मिली हैं। देश की सुरक्षा और रोजगार दोनों की पूर्ति कर रहा है उत्तर प्रदेश- सीएम उन्होंने कहा कि ब्रह्मोस केंद्र में आईटीआई, पॉलिटेक्निक और इंजीनियरिंग डिग्रीधारक युवा काम कर रहे हैं, जो देश की सुरक्षा और रोजगार दोनों की पूर्ति कर रहे हैं। यह आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला है। सीएम योगी ने बताया कि राज्य सरकार आईआईटी कानपुर और आईआईटी बीएचयू के साथ मिलकर दो ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ स्थापित कर रही है, जिससे डिफेंस टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह लखनऊ की भूमि अब राष्ट्र रक्षा, उद्योग, रोजगार और विकास के चारों आयामों को एक साथ साध रही है। यही उत्तर प्रदेश के बदलते चेहरे और आत्मनिर्भर भारत की पहचान है।” लखनऊ की लैंड अब सोना उगल रही है- मुख्यमंत्री सीएम योगी ने कहा कि आज डीजी ब्रह्मोस ने 40 करोड़ का जीएसटी चेक सौंपा है। हर वर्ष 100 ब्रह्मोस मिसाइल बनेंगी, जो बढ़कर 150 तक पहुंचेंगी, तो 150-200 करोड़ जीएसटी मिलेगा। यह 'आम के आम और गुठली के दाम' जैसा है। लखनऊ की लैंड अब सोना उगल रही है। यह देश की सुरक्षा की पूर्ति कर रही है और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बना रही है। उन्होंने आवश्यकता पड़ने पर डीआरडीओ को और लैंड उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया। आईआईटी कानपुर और बीएचयू के साथ दो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पर काम प्रगति पर है- सीएम सीएम योगी ने झांसी में 56,000 एकड़ के नए इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का जिक्र किया और कहा कि चित्रकूट में एक्सप्रेस-वे पर नोड विकसित हो रहा है। आईआईटी कानपुर और बीएचयू के साथ दो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पर काम चल रहा है। उन्होंने मेक इन इंडिया को मेक फॉर द वर्ल्ड बनाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के प्रयास से ब्रह्मोस लखनऊ में विकसित हुआ है, जो देश की खुशहाली को वितरित करने का माध्यम बना है। जब व्यक्ति सुरक्षित रहता है, तभी चैन की नींद सोता है। लखनऊ में बनी मिसाइल पूरे देशवासियों की सुरक्षा और समृद्धि की गारंटी है। फ्लैग ऑफ सेरेमनी के साथ विभिन्न कार्यक्रमों का हुआ आयोजन कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री ने बूस्टर भवन का उद्घाटन भी किया, जो ब्रह्मोस प्रोजेक्ट की क्षमता विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। साथ ही दोनों ने बूस्टर डॉकिंग प्रक्रिया का प्रदर्शन भी देखा। इसी क्रम में एयरफ्रेम और एवियोनिक्स, वारहेड भवन में पीडीआई (प्री डिस्पैच इंस्पेक्शन) तथा ब्रह्मोस सिम्युलेटर उपकरणों का प्रेजेंटेशन भी दिखाया गया। इसके अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परिसर में ही रुद्राक्ष के पौधे का वृक्षारोपण भी किया। इस दौरान स्टोरेज ट्रॉली प्रदर्शन और मोबाइल ऑटोनमस लॉन्चर का प्रदर्शन भी हुआ। कार्यक्रम के दौरान डीजी (ब्रह्मोस) डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक चेक और जीएसटी बिल सौंपा। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, राज्यसभा सांसद बृजलाल, डॉ. दिनेश शर्मा, संजय सेठ, कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल नंदी, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक राजेश्वर सिंह समेत कई जनप्रतिनिधि व रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के अधिकारीगण मौजूद रहे।

त्योहारों के अवसर पर मिलावटखोरों के खिलाफ योगी सरकार की सख्त कार्रवाई जारी

प्रदेशभर में 5 करोड़ की मिलावटी सामग्री जब्त, 3 करोड़ की सामग्री नष्ट त्योहारों के अवसर पर मिलावटखोरों के खिलाफ योगी सरकार की सख्त कार्रवाई जारी अब तक कुल 6075 निरीक्षण करते हुए 2740 छापे डाले गए, जिनमें 3767 नमूने संग्रहीत किए गए 3548 क्विंटल सामग्री जब्त की गई, जबकि 1871 क्विंटल सामग्री नष्ट कराई गई लखनऊ में 223 किलोग्राम घी तथा 5077 किलोग्राम खोया एवं मिठाई जब्त कर नष्ट की गई बिजनौर में 15,886 किलोग्राम मिठाई एवं 317 कार्टन उत्पादों का जब्तीकरण किया गया लखनऊ त्योहारों के अवसर पर आमजन के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश में मिलावटी एवं दूषित खाद्य पदार्थों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के  आदेश पर जारी ‘दीपावली विशेष अभियान (8 से 17 अक्टूबर 2025)’ के तहत प्रदेशभर में प्रवर्तन दलों द्वारा निरंतर निरीक्षण और छापेमारी की जा रही है। आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत अब तक कुल 6075 निरीक्षण करते हुए 2740 छापे डाले गए, जिनमें से 3767 नमूने संग्रहीत किए गए हैं। इस दौरान 3548 क्विंटल सामग्री जब्त की गई, जिसका अनुमानित मूल्य ₹4.97 करोड़ है, जबकि 1871 क्विंटल सामग्री नष्ट कराई गई, जिसकी कीमत ₹2.89 करोड़ आँकी गई है। लखनऊ और बिजनौर में बड़ी करवाई प्रदेश के विभिन्न जनपदों में हुई प्रमुख कार्यवाहियों में लखनऊ, वाराणसी, आजमगढ़, सम्भल, गाजीपुर, बाराबंकी, मुरादाबाद, कन्नौज, बिजनौर, कानपुर नगर, आगरा, मेरठ, गोरखपुर, झांसी, गाजियाबाद और रामपुर शामिल हैं। लखनऊ में सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 223 किलोग्राम घी तथा 5077 किलोग्राम खोया एवं मिठाई (कुल ₹26 लाख से अधिक मूल्य) जब्त कर नष्ट की गई। वहीं बिजनौर में 15,886 किलोग्राम मिठाई एवं 317 कार्टन उत्पादों का जब्तीकरण किया गया, जिनका मूल्य लगभग ₹28 लाख है। हेल्पलाइन पर करें शिकायत विभाग ने जनमानस से अपील की है कि वे मिठाई या खाद्य पदार्थ खरीदते समय बिल अवश्य लें, खुली या संदिग्ध रंग-गंध वाली मिठाइयों का सेवन न करें। किसी भी प्रकार की मिलावट या संदिग्ध खाद्य सामग्री की सूचना खाद्य सुरक्षा विभाग की हेल्पलाइन 1800-180-5533 या व्हाट्सएप नंबर 9793429747 पर दें। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि शीघ्र नष्ट होने वाले खाद्य पदार्थों को मौके पर ही जब्त कर विनष्ट किया जा रहा है ताकि वे दोबारा बाजार में न पहुंच सकें। यहां हुई बड़ी कार्रवाई 1. वाराणसी: 1891 किग्रा खाद्य तेल (₹2,93,796) और 422 किग्रा मिठाई (₹92,600) नष्ट। 2. आजमगढ़: 3000 किग्रा खोया-पनीर व मिठाई (₹5,91,000) नष्ट। 3. सम्भल: 475 लीटर तेल (₹80,000) व 2500 लीटर दूध (₹1,62,000) नष्ट। 4. गाजीपुर: 1138 किग्रा रिफाइंड तेल (₹1,45,664) जब्त। 5. लखनऊ: 223 किग्रा घी (₹1,22,650) और 5077 किग्रा खोया व मिठाई (₹26,01,275) नष्ट। 6. बाराबंकी: 400 किग्रा रसभरी रसगुल्ला (₹50,000) और 900 किग्रा दूध, खोया व पनीर (₹3,15,000) नष्ट। 7. मुरादाबाद: 3766 लीटर सरसों तेल (₹6,40,220) जब्त। 8. कन्नौज: 2000 किग्रा मिठाई (₹3,00,000) नष्ट और 170 किग्रा अपमिश्रक (₹6,800) जब्त। 9. बिजनौर: 15,886 किग्रा चीनी व मिठाई और 317 कार्टन विभिन्न मिठाईयों (₹28,00,000) जब्त। 10. कानपुर नगर: 1200 किग्रा मिलावटी खोया (₹24,32,000) नष्ट। 11. आगरा: 873 किग्रा खाद्य तेल (₹1,48,000) और 670 किग्रा खोया-दूध (₹1,88,000) नष्ट। 12. मेरठ: 178 किग्रा घी और 60 लीटर सरसों तेल (₹1,34,000) जब्त। 13. गोरखपुर: 1000 किग्रा नमकीन व मिठाई (₹1,25,000) नष्ट। 14. झांसी: 950 किग्रा सरसों (₹1,60,000) जब्त। 15. गाजियाबाद: 300 किग्रा छेना मिठाई (₹1,03,000) नष्ट। 16. रामपुर: 160 किग्रा पनीर (₹50,000) नष्ट।

मंदिर प्रबंधन की मनमानी: आदेश के बावजूद गर्भगृह के पास दीपदान, श्रद्धालुओं में सवाल

वृंदावन  यूपी के वृंदावन में ठाकुर श्री बांकेबिहारी मंदिर में शुक्रवार को गर्भ गृह के बाहर जगमोहन में निर्धारित से अधिक दीये जलाकर हाई पावर्ड टेम्पल मैनेजमेंट कमेटी के आदेश को दरकिनार किया गया। बताया जा रहा है कि कमेटी ने मंदिर के बाहर अर्धनिर्मित हॉल में केवल सात दीपक जलाने की अनुमति दी थी। मंदिर की व्यवस्थाओं के सुधार को गठित मैनेजमेंट कमेटी ने पट खुलने से पूर्व सेवायत गोस्वामी के साथ यजमान की मंदिर में प्रवेश रोकने, वीआईपी पर्ची से दर्शन बंद करने के साथ मंदिर परिसर में दीपदान रोक दिया। गोस्वामियों ने कमेटी से सात अक्तूबर से पांच नवंबर तक चलने वाले कार्तिक मास में मंदिर परिसर में किसी भी स्थान पर दीपदान करने की अनुमति मांगी। कमेटी द्वारा मंदिर के अर्धनिर्मित हॉल में केवल सात दीपक जलाने की अनुमति दी। साथ ही यह भी निर्देश जारी किये कि एक दीपक में 50 ग्राम तेल ही प्रयोग में लिया जायेगा। दीपदान की प्रक्रिया सूर्यास्त के समय ही प्रारम्भ होगी तथा ठाकुरजी की आरती से पूर्व समाप्त हो जायेगी। शुक्रवार को मंदिर में गर्भ गृह के सामने जगमोहन में दीयों का स्टैंड लगाकर दो दर्जन से अधिक दीपक रख जलाये गये। इसके आसपास पुजारी बैठते हैं। इस दौरान जगमोहन के दोनों और श्रद्धालुओं की भीड़ थी। दीपदान की अनुमति मांगने वाले गोस्वामी कमेटी पर सवाल खड़ा कर रहे हैं। उनका कहना है कि हमको दीपदान की अनुमति नहीं दी जबकि मंदिर के अंदर गर्भ गृह में ही दीपदान कराया जा रहा है। अशोक गोस्वामी ने बताया कि जगमोहन में दीपदान होता आया है, लेकिन कमेटी ने मंदिर के अंदर दीपदान पर रोक लगाकर अर्धनिर्मित हॉल में ही सिर्फ सात दीपक जलाने के आदेश दीये, जिसका उल्लंघन हो रहा है और हमारे द्वारा की गई मांग पर गौर नहीं किया गया। इस बारे में कमेटी को पत्र लिखकर जानकारी की जाएगी।  

योगी के दीपोत्सव ने नई ऊंचाई पर पहुंचाया भारत-रूस के संबंध

दीपोत्सव- 2025:अयोध्या में रूस के राम को समर्पित होगी मास्को की रामलीला योगी के दीपोत्सव ने नई ऊंचाई पर पहुंचाया भारत-रूस के संबंध रूस-भारतीय मैत्री संघ के द्वारा दीपोत्सव 2025 के दौरान किया जाएगा रामलीला का मंचन रूस के राम पद्मश्री गन्नादी मिखाइलोविच पेचनिकोव की स्मृति को समर्पित होगी रामलीला 18-19 अक्टूबर को अयोध्या में रूस के साथ विभिन्न देशों के कलाकार प्रभु श्रीराम के आदर्शों को जीवंत करेंगे अयोध्या  राम की नगरी अयोध्या एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बनने जा रही है। अयोध्या शोध संस्थान के आमंत्रण पर रूस-भारतीय मैत्री संघ के द्वारा दीपोत्सव 2025 के दौरान “दिशा रामलीला मॉस्को” अपनी विशेष नाट्य प्रस्तुति का मंचन करेगी। यह प्रस्तुति पद्मश्री गन्नादी मिखाइलोविच पेचनिकोव की स्मृति को समर्पित होगी, जिन्हें स्नेहपूर्वक “रूस का राम” कहा जाता था। आयोजन 18-19 अक्टूबर को अयोध्या में होगा, जहां रूस के साथ विभिन्न देशों के कलाकार प्रभु श्रीराम के आदर्शों को जीवंत करेंगे।   1960 के दशक में रूस के प्रसिद्ध अभिनेता और रंगमंच निर्देशक गन्नादी पेचनिकोव ने भगवान श्रीराम के जीवन पर आधारित रामलीला का मंचन शुरू किया था। भारत के प्रति उनके प्रेम और समर्पण के लिए उन्हें भारत सरकार ने बाल मित्र पदक और पद्मश्री सम्मान से अलंकृत किया था। वे लगभग दो दशकों तक भारतीय संस्कृति के दूत के रूप में जाने गए। चार दशक बाद योगी सरकार में रूसी-भारतीय मैत्री संघ “दिशा” ने पेचनिकोव की स्मृति में “दिशा रामलीला” की परंपरा को पुनर्जीवित किया है। इसका पहला मंचन 4-6 नवंबर 2018 को अयोध्या में हुआ, दूसरा कुम्भ मेला 2019 प्रयागराज में और उसके बाद अयोध्या के दीपोत्सव में प्रस्तुत किया गया। इस वर्ष दीपोत्सव 2025 में यह मंचन फिर से रूस की ओर से सांस्कृतिक प्रतिनिधित्व करेगा। दीपोत्सव में भारत-रूस की मित्रता एक नई ऊँचाई पर पहुंचाया रूस-भारतीय मैत्री संघ “दिशा” के अध्यक्ष डॉ. रमेश्वर सिंह ने कहा कि हम उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भारत के रूस में राजदूत माननीय श्री विनय कुमार, रूस के भारत में राजदूत माननीय श्री डेनिस एवगेनियेविच अलीपोव, और जवाहरलाल नेहरू कल्चरल सेंटर (JNCC) मॉस्को की निदेशक श्रीमती मधुर कंकना रॉय के आभारी हैं। इन सभी के सहयोग से रामलीला की परंपरा फिर से जीवंत हुई है और भारत-रूस की मित्रता एक नई ऊँचाई पर पहुँची है।  उन्होंने कहा कि अयोध्या दीपोत्सव का यह आयोजन केवल एक नाट्य प्रस्तुति नहीं, बल्कि भारत और रूस के बीच आत्मिक जुड़ाव का जीवंत प्रतीक है। “दिशा रामलीला मॉस्को” के मंच पर जब रूसी कलाकार भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के रूप में संवाद करेंगे, तब वह अभिनय सीमाओं को पार कर दोनों देशों के साझा मूल्यों आस्था, आदर्श और मानवता को एक सूत्र में बाँध देगा। यह मंच केवल कला का नहीं, बल्कि संस्कृति, श्रद्धा और मित्रता का सेतु बनेगा जो भारत और रूस के संबंधों को नई आध्यात्मिक ऊँचाई देगा। गन्नादी मिखाइलोविच पेचनिकोव: रूस के राम 8 सितंबर 1926 को मॉस्को में जन्मे गन्नादी मिखाइलोविच पेचनिकोव वह कलाकार थे जिन्होंने भारतीय संस्कृति को रूस की आत्मा में बसाया। रामायण पढ़ने के बाद उनमें भगवान श्रीराम के आदर्शों को मंच पर जीवंत करने की प्रेरणा जगी और उन्होंने स्वयं रामलीला में श्रीराम की भूमिका निभानी शुरू की। यह भूमिका उनके जीवन का ध्येय बन गई और वे “रूस के राम” कहलाए। 1947 में मॉस्को आर्ट थियेटर से स्नातक होने के बाद उन्होंने अभिनय और निर्देशन को अपना जीवन बना लिया। यर्शोफ थियेटर के माध्यम से उन्होंने बच्चों और कलाकारों को भारतीय मूल्यों से जोड़ा। उनके योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें “बाल सम्मान” और “पद्मश्री” से सम्मानित किया। 27 अप्रैल 2018 को उनका निधन हुआ, लेकिन उनका राम-स्वरूप आज भी जीवित है। उन्होंने कहा था, “अभिनय ही जीवन है और राम भारतीयता का प्रतीक।” सचमुच, गेनादी पेचनीकोव इस युग में भारत और रूस के सांस्कृतिक सेतु बनकर अमर हो गए।

सीएम योगी की मंशा के अनुरूप चल रहे महाभियान ने बनाया व्यापक जनसंपर्क व संवाद का रिकॉर्ड

‘समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047: अब तक प्राप्त हुए लगभग 45 लाख फीडबैक सीएम योगी की मंशा के अनुरूप चल रहे महाभियान ने बनाया व्यापक जनसंपर्क व संवाद का रिकॉर्ड पोर्टल पर अब तक लगभग 35 लाख सुझाव ग्रामीण क्षेत्रों से और 10 लाख सुझाव नगरीय क्षेत्रों से आए फीडबैक देने में शीर्ष पांच जनपदों में जौनपुर, संभल, प्रतापगढ़, बिजनौर और गोरखपुर शामिल महाराजगंज के शैलेश कुमार मद्धेशिया ने धार्मिक स्थलों के विकास हेतु पर्यटन को बढ़ावा देने की मांग की बागपत के मोहन कुमार ने हर ग्राम पंचायत में स्किल डेवलपमेंट सेंटर स्थापित करने का सुझाव दिया अम्बेडकरनगर के संदीप कुमार ने स्मार्ट खेती, तकनीकी नवाचार की आवश्यकता बताई लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन ‘समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047: समृद्धि का शताब्दी पर्व महाभियान’ के अंतर्गत प्रदेशभर में जनता से सीधे संवाद और विकास के रोडमैप पर फीडबैक जुटाने का अभियान निरंतर जारी है। 17 अक्टूबर, 2025 तक जनता की राय एवं सुझाव एकत्र करने के लिए बनाए गए पोर्टल samarthuttarpradesh.up.gov.in पर अब तक लगभग 45 लाख फीडबैक प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 35 लाख सुझाव ग्रामीण क्षेत्रों से और 10 लाख सुझाव नगरीय क्षेत्रों से आए हैं। इनमें करीब 22 लाख सुझाव 31 वर्ष से कम आयु वर्ग से, करीब 21 लाख सुझाव 31 से 60 वर्ष आयु वर्ग से तथा 2 लाख से ज्यादा सुझाव 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग से प्राप्त हुए हैं। कृषि क्षेत्र से सर्वाधिक फीडबैक विभिन्न क्षेत्रों से प्राप्त सुझावों में कृषि क्षेत्र में सर्वाधिक 11 लाख सुझाव मिले हैं, इसके अलावा पशुधन एवं डेयरी से 1.70 लाख, इंडस्ट्री से 1.53 लाख, आईटी व टेक से 1.27 लाख, पर्यटन से 1.02 लाख, ग्रामीण विकास से 9.13 लाख, इन्फ्रास्ट्रक्चर से 39 हजार, समाज कल्याण से 3.33 लाख, नगरीय एवं स्वास्थ्य से 3.15 लाख, शिक्षा क्षेत्र से 11 लाख तथा सुरक्षा से जुड़े विषयों पर 82 हजार से ज्यादा सुझाव प्राप्त हुए हैं।जनपदवार फीडबैक के अनुसार शीर्ष पांच जनपदों में जौनपुर, संभल, प्रतापगढ़, बिजनौर और गोरखपुर शामिल हैं।  धार्मिक स्थलों के विकास से लेकर स्किल डेवलपमेंट तक मिले सुझाव जनभागीदारी से मिले इन सुझावों में नागरिकों ने अपने क्षेत्रों के विकास के लिए कई ठोस प्रस्ताव दिए हैं। महाराजगंज के शैलेश कुमार मद्धेशिया ने जिले के धार्मिक स्थलों (लेहड़ा मंदिर, इटहिया शिव मंदिर, चौक बाजार गोरखनाथ मंदिर, सोनौली बॉर्डर और सोहागीबरवा वन्य क्षेत्र) के विकास हेतु पर्यटन को बढ़ावा देने की मांग की। बागपत के मोहन कुमार ने हर ग्राम पंचायत में स्किल डेवलपमेंट सेंटर स्थापित करने, “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान को प्रदेशव्यापी रूप देने, विधवा महिलाओं व बेरोज़गार युवाओं को होम-बेस्ड वर्क से जोड़ने और ग्राम पंचायतों में पारदर्शी ई-गवर्नेंस लागू करने के सुझाव दिए। वहीं अम्बेडकरनगर के संदीप कुमार ने कृषि सुधारों पर बल देते हुए स्मार्ट खेती, तकनीकी नवाचार, किसानों को वित्तीय सहायता और कृषि उत्पादों के विपणन को मजबूत करने की आवश्यकता बताई। जनसहभागिता के लिए व्यापक आयोजन महाभियान के तहत जनजागरूकता व संवाद के लिए प्रदेशभर में व्यापक आयोजन भी किए गए हैं। अब तक 15 नगर निगमों, 212 नगर पालिकाओं, 528 नगर पंचायतों, 56 जिला पंचायतों, 713 क्षेत्र पंचायतों तथा 42,666 ग्राम पंचायतों में बैठकों, सम्मेलनों और गोष्ठियों का सफल आयोजन किया जा चुका है। इन आयोजनों के माध्यम से स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों के बीच संवाद व सहभागिता को और अधिक सशक्त किया गया है।

देशभर के हजारों समाजसेवी एकजुट होंगे AMP National NGO Conference 2025 में, आयोजन लखनऊ में

देशभर के 1000 से ज़्यादा समाजसेवी जुड़ेंगे AMP National NGO Conference 2025 में, लखनऊ में होगा आयोजन शिक्षा, रोज़गार और समाजिक विकास के लिए एक बड़ा राष्ट्रीय मंच लखनऊ आज इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया, लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस आयोजित की गई, जिसमें आने वाले AMP National NGO Conference 2025 की घोषणा की गई। यह कॉन्फ़्रेंस 15 और 16 नवंबर 2025 को इसी स्थान पर आयोजित होगी। यह कार्यक्रम Association of Muslim Professionals (AMP) और इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के संयुक्त प्रयास से किया जा रहा है।  राष्ट्रीय स्तर पर NGOs को जोड़ने का प्रयास मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली, चेयरमैन, इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया और कॉन्फ़्रेंस रिसेप्शन कमेटी के प्रमुख ने कहा: “यह एक ऐतिहासिक पहल है जो देशभर के NGOs और समाजसेवियों को एक मंच पर लाएगी। इस कॉन्फ़्रेंस में शिक्षा और समाजिक विकास को तेज़ करने के तरीकों पर चर्चा होगी। इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया को इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यक्रम की मेज़बानी पर गर्व है।” शिक्षा, आर्थिक विकास और सशक्तिकरण पर ज़ोर जनाब आमिर इदरीसी, प्रेसिडेंट, AMP ने कहा: “इस कॉन्फ़्रेंस का उद्देश्य देश के 130 अल्पसंख्यक ज़िलों में मिलजुल कर विकास का एक रोडमैप बनाना है। AMP पिछले 17 सालों से शिक्षा, रोज़गार और सशक्तिकरण के क्षेत्र में काम कर रही है। अब हम चाहते हैं कि इन प्रयासों को देशभर के NGOs के साथ मिलकर और आगे बढ़ाया जाए।”  देशभर में तैयारी और जागरूकता अभियान डॉ. अब्दुल अहद, डायरेक्टर, पल्स हॉस्पिटल लखनऊ और कॉन्फ़्रेंस ऑर्गनाइजिंग कमेटी के प्रमुख ने बताया: “हमारी टीम देश के कई शहरों में जाकर NGOs, समाजसेवियों और युवाओं से मिल रही है ताकि उन्हें इस कॉन्फ़्रेंस के बारे में बताया जा सके। हमें बहुत अच्छा और उत्साहजनक सहयोग मिल रहा है। यह साझा प्रयास समाज के विकास के लिए मज़बूत बुनियाद रखेगा।” उन्होंने आगे सभी NGOs, स्कूल मालिकों, शिक्षकों, समाजसेवियों और युवा नेताओं से अपील की कि वे इस नेशनल NGO कॉन्फ़्रेंस में शामिल हों और शिक्षा व समाजिक सुधार के इस अभियान का हिस्सा बनें। “यह केवल एक कॉन्फ़्रेंस नहीं, बल्कि समाज की बेहतरी के लिए मिलकर कदम बढ़ाने का अवसर है,” उन्होंने कहा।  मुख्य विषय और उद्देश्य मुजतबा ख़ान, प्रेसिडेंट, परवाज़ फ़ाउंडेशन और ऑर्गनाइजिंग कमेटी के सदस्य ने बताया: “कॉन्फ़्रेंस में शिक्षा सुधार, महिला सशक्तिकरण, आर्थिक विकास, NGO की क्षमता निर्माण और AMP के 25 साल के रोडमैप पर चर्चा होगी। इसका उद्देश्य है – एक-दूसरे के अनुभवों को साझा करना और समाज की बेहतरी के लिए सामूहिक दिशा तय करना।” यह दो दिन की कॉन्फ़्रेंस विभिन्न सत्रों, विशेषज्ञ पैनलों और क्षेत्रीय बैठकों के रूप में होगी, जिसमें देशभर से शिक्षाविद, नीति-निर्माता और NGOs के प्रतिनिधि शामिल होंगे। जो लोग इस कॉन्फ़्रेंस में भाग लेना चाहते हैं या अधिक जानकारी चाहते हैं, वे ngoconnect@ampindia.org पर मेल भेज सकते हैं और विषय (subject) में “National NGO Conference” लिखें।  

लखनऊ में आयोजित दीपावली कार्यकर्ता परिवार मिलन समारोह को सीएम योगी किया संबोधित

अयोध्या दीपोत्सव से साकार हुआ राम मंदिर का संकल्प- योगी आदित्यनाथ  लखनऊ में आयोजित दीपावली कार्यकर्ता परिवार मिलन समारोह को सीएम योगी किया संबोधित कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी रहे मौजूद हमारे पर्व और त्योहार विशिष्ट युगांतरकारी घटनाओं से जुड़े हैं- मुख्यमंत्री  2014 से पहले देश में और 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में सिर्फ ईद मिलन जैसे आयोजन ही होते थे- सीएम योगी आज राम मंदिर पूरी दुनिया में सनातनियों के गौरव का प्रतीक बन गया है- सीएम योगी सीएम योगी ने लोगों से स्वदेशी सामान खरीदने का किया आह्वान – कहा- प्रधानमंत्री मोदी का शताब्दी संकल्प हमें सुरक्षा, समृद्धि और आत्मनिर्भरता की दिशा में ले जा रहा है लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या का दीपोत्सव कार्यक्रम से राम मंदिर निर्माण का संकल्प साकार हुआ है। लाखों दीपों के साथ अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का संकल्प लिया गया और आज भव्य राम मंदिर पूरी दुनिया में सनातनियों के गौरव का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने कहा कि संतों का आशीर्वाद और जनता का संघर्ष मंदिर निर्माण में फलित हुआ, जिसे 25 नवंबर के बाद और भव्य रूप में देखा जा सकेगा। लखनऊ के सिटी मॉन्टेसरी स्कूल में आयोजित दीपावली कार्यकर्ता परिवार मिलन समारोह को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि दीपावली कार्यकर्ता परिवार मिलन का यह आयोजन सनातन धर्म की हजारों वर्ष पुरानी परंपराओं का प्रतीक है। हमारे पर्व और त्योहार विशिष्ट युगांतरकारी घटनाओं से जुड़े हैं, जो समाज को नई दिशा देते रहे हैं। लेकिन पहले यह सामूहिकता सीमित थी। 2014 से पहले देश में और 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में सिर्फ ईद मिलन जैसे आयोजन ही होते थे और सनातन धर्म के पर्वों पर ऐसे समारोह दुर्लभ थे। अब होली और दीपावली मिलन समारोह सामाजिक एकता का आधार बन रहे हैं। राम मंदिर पूरी दुनिया में सनातनियों के गौरव का प्रतीक बन गया है- सीएम योगी सीएम ने अयोध्या दीपोत्सव की शुरुआत का जिक्र करते हुए कहा कि 2017 में जब मैंने दीपोत्सव की रूपरेखा तैयार की तो लोग पूछते थे कि दीप जलाने से क्या होगा? मैंने कहा कि दीप सनातन धर्म का संकल्प है। लाखों दीपों के साथ अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का संकल्प लिया गया और आज भव्य राम मंदिर पूरी दुनिया में सनातनियों के गौरव का प्रतीक बन गया है। सीएम योगी ने कहा कि हमने गुलामी का प्रतीक फैजाबाद का नाम बदलकर अयोध्या किया। यह संकल्प की ताकत थी। उन्होंने बताया कि संतों का आशीर्वाद और जनता का संघर्ष मंदिर निर्माण में फलित हुआ, जिसे 25 नवंबर के बाद और भव्य रूप में देखा जा सकेगा। सीएम योगी ने लोगों से स्वदेशी सामान खरीदने का किया आह्वान सीएम योगी ने कहा कि 'विकसित भारत' के लिए सामाजिक एकता को बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का शताब्दी संकल्प हमें सुरक्षा, समृद्धि और आत्मनिर्भरता की दिशा में ले जा रहा है। दीपावली मिलन जैसे आयोजन इस एकता को मजबूत करते हैं। उन्होंने उन्होंने सामूहिक आयोजनों की आदत डालने और स्वदेशी अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि धनतेरस पर स्वदेशी बर्तन, सोना-चांदी खरीदें। रक्षा मंत्री सेना को स्वदेशी हथियार दे रहे हैं, तो हम भी भारत निर्मित सामान अपनाएं। उन्होंने दीपावली पर प्रत्येक व्यक्ति से कम से कम एक गरीब के घर में मिठाई और गोबर से बने दीये व लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति पहुंचाने की अपील की, ताकि गरीब परिवार भी उत्सव मना सकें।

शनिवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे ब्रह्मोस की पहली खेप का फ्लैग ऑफ

लखनऊ यूनिट से रवाना होगी ब्रह्मोस की पहली खेप, स्वदेशी रक्षा उत्पादन को मिलेगी नई उड़ान शनिवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे ब्रह्मोस की पहली खेप का फ्लैग ऑफ उत्तर प्रदेश डिफेंस कॉरिडोर के लिए होगा ऐतिहासिक अवसर , यूपी बनेगा एयरोस्पेस और डिफेंस का हब कार्यक्रम के माध्यम से मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड में उत्तर प्रदेश बनेगा सशक्त साझेदार बूस्टर, एयरफ्रेम और वारहेड भवन के प्रदर्शन के साथ दिखाई देगी तकनीकी नवाचार की झलक डीजी ब्रह्मोस की ओर से मुख्यमंत्री को सौंपा जाएगा चेक और जीएसटी बिल, राज्य को मिलेगा राजस्व लाभ लखनऊ  उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ शनिवार को रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचने जा रही है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरोजिनी नगर स्थित ब्रह्मोस एयरोस्पेस यूनिट से तैयार की गई ब्रह्मोस मिसाइलों के पहले बैच का फ्लैग ऑफ करेंगे। यह दिन न केवल उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (UPDIC) के लिए मील का पत्थर साबित होगा, बल्कि भारत की रक्षा उत्पादों में आत्मनिर्भरता के संकल्प को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगा।  ब्रह्मोस एयरोस्पेस, जो विश्व की सबसे तेज और घातक सटीक प्रहार क्षमता वाली “ब्रह्मोस” सुपरसोनिक मिसाइल प्रणाली की निर्माता है, ने लखनऊ की नई इंटीग्रेशन एंड टेस्ट सुविधा से मिसाइल सिस्टम की पहली खेप सफलतापूर्वक तैयार कर ली है। यह अत्याधुनिक यूनिट 11 मई 2025 को उद्घाटन के बाद पूरी तरह संचालन में आई थी। यहां मिसाइल इंटीग्रेशन, टेस्टिंग और अंतिम गुणवत्ता परीक्षण की सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। सफल परीक्षण के बाद मिसाइलें भारतीय सशस्त्र बलों के लिए तैनाती हेतु तैयार की जाती हैं।  विभिन्न कार्यक्रमों का होगा आयोजन कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री बूस्टर भवन का उद्घाटन करेंगे तथा बूस्टर डॉकिंग प्रक्रिया का प्रदर्शन भी देखेंगे। इसी क्रम में एयरफ्रेम और एवियोनिक्स, वारहेड भवन में पीडीआई (प्री डिस्पैच इंस्पेक्शन) तथा ब्रह्मोस सिम्युलेटर उपकरणों का प्रेजेंटेशन किया जाएगा। इसके अलावा वृक्षारोपण कार्यक्रम, स्टोरेज ट्रॉली प्रदर्शन, जीएसटी बिल प्रस्तुतीकरण और मोबाइल ऑटोनमस लॉन्चर का प्रदर्शन भी इस अवसर पर आयोजित होगा। कार्यक्रम के दौरान डीजी (ब्रह्मोस) डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक चेक और जीएसटी बिल सौंपेंगे, जिससे राज्य सरकार को राजस्व प्राप्त होगा। ब्रह्मोस मिसाइलों के उत्पादन से उत्तर प्रदेश को निरंतर जीएसटी आय प्राप्त होगी और उच्च कौशल वाले युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। डिफेंस कॉरिडोर की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजना सरोजिनी नगर के भटगांव स्थित अत्याधुनिक ब्रह्मोस यूनिट उत्तर प्रदेश डिफेंस कॉरिडोर की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक है। यहां मिसाइलों के असेंबली, इंटीग्रेशन और टेस्टिंग का कार्य उच्च तकनीकी मानकों के अनुरूप किया जाता है। इस यूनिट से पहली खेप के रवाना होने के साथ ही प्रदेश ‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड’ के अभियान में एक सशक्त साझेदार बन गया है। लखनऊ ब्रह्मोस यूनिट उत्तर प्रदेश डिफेंस कॉरिडोर की पहली ऐसी सुविधा है, जहां मिसाइल सिस्टम के निर्माण से लेकर अंतिम परीक्षण तक की पूरी प्रक्रिया देश में ही की जाती है। यह परियोजना न केवल रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि प्रदेश में रोजगार, निवेश और तकनीकी नवाचार के नए अवसर भी सृजित कर रही है। उत्तर प्रदेश बनेगा भारत का अगला एयरोस्पेस और रक्षा विनिर्माण हब  ब्रह्मोस एयरोस्पेस ने भारतीय सशस्त्र बलों की बढ़ती आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अपनी उत्पादन क्षमता में तेजी से विस्तार किया है। लखनऊ का यह मैन्युफैक्चरिंग सेंटर न केवल भारतीय सेना की आवश्यकताओं को समयबद्ध रूप से पूरा करेगा, बल्कि आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय निर्यात बाजार की मांगों को भी पूरा करने में सक्षम होगा। लखनऊ में स्थापित यह समर्पित ब्रह्मोस यूनिट उत्तर प्रदेश को भारत के अगले एयरोस्पेस और रक्षा विनिर्माण हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यहां विकसित की जा रही अत्याधुनिक तकनीकें भविष्य में ब्रह्मोस एयरोस्पेस को और भी उन्नत वेरिएंट के मिसाइल सिस्टम विकसित करने में मदद करेंगी।

मथुरा की काजल और तमन्ना: कुछ दिन पत्नी बनती, फिर करतीं हैरान करने वाले काम

मथुरा  मथुरा का एक पूरा परिवार मिलकर लुटेरी दुल्हन का रैकेट चलाता था, जो कई राज्यों में युवाओं को शादी के नाम पर ठग चुका था। इस गैंग की फरार सदस्य काजल को अब राजस्थान पुलिस ने गुरुग्राम से गिरफ्तार कर लिया है। काजल अपनी बहन के साथ मिलकर कुंवारे लड़कों को फँसाती और शादी के बाद गहने-पैसे लेकर चंपत हो जाती थी। यूपी के मथुरा के गोवर्धन क्षेत्र में रहने वाला एक पूरा परिवार 'लुटेरी दुल्हन' का रैकेट चलाता था. इस परिवार में भगत सिंह, पत्नी सरोज सिंह, बेटी तमन्ना, बेटा सूरज और एक बेटी काजल शामिल थे. पुलिस ने भगत, सरोज, तमन्ना और सूरज को 18 दिसंबर 2024 को गिरफ्तार कर लिया था. उनकी बेटी काजल लगातार एक साल से फरार थी. अब पुलिस ने काजल को गुरुग्राम की एक सोसाइटी से पकड़ लिया है. यह परिवार शादी के नाम पर कई राज्यों के युवाओं को ठगता था.  4 राज्यों में फैला था जाल काजल, उसकी बहन तमन्ना और माता-पिता मिलकर चार राज्यों– उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली– में युवाओं को शादी के नाम पर ठग चुके थे. काजल और तमन्ना अपनी खूबसूरती के जाल में कुंवारे युवकों को फंसाती थीं. युवक इनकी खूबसूरती के चक्कर में पड़ जाते और शादी के लिए तैयार हो जाते थे. ये दोनों बहनें शादी करके ससुराल जाती थीं, दो-तीन दिन पत्नी बनकर रहती थीं, फिर सारा पैसा और जेवर लेकर फरार हो जाती थीं.  ऐसे होता था पूरा 'कांड' पुलिस जांच में पता चला है कि इस ठगी के खेल में पूरा परिवार शामिल था. काजल और तमन्ना के पिता भगत और भाई सूरज पहले कुंवारे लड़कों की तलाश करते थे, जो शादी के लिए परेशान होते. जब रिश्ता पक्का हो जाता, तो हिंदू रीति-रिवाजों से शादी होती. ससुराल में दो-तीन दिन रहने के बाद, मौका मिलते ही दोनों बहनें जेवर और कपड़े लेकर गायब हो जाती थीं और पूरा परिवार ठिकाना बदलकर फरार हो जाता था.  सीकर के दो बेटों को भी बनाया शिकार राजस्थान के सीकर ज़िले के ताराचंद जाट के दो बेटों के साथ भी इस परिवार ने ठगी की. 26 नवंबर 2024 को काजल और तमन्ना ने ताराचंद के दोनों बेटों से शादी की. शादी के नाम पर परिवार ने 11 लाख रुपये लिए. ससुराल जाने के सिर्फ तीन दिन बाद ही दोनों बहनें घर का सारा सामान और जेवर लूटकर फरार हो गईं. पुलिस अब तक कई वारदातों को अंजाम दे चुके इस परिवार की आखिरी सदस्य काजल को पकड़कर बड़ी कामयाबी मान रही है.   

ओवैसी के साथ अपमानजनक तस्वीर वायरल करने वाला तस्लीम पकड़ा गया, PM मोदी और योगी थे निशाने पर

  सतना सतना जिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की एक अपमानजनक एआई-जनरेटेड तस्वीर इंस्टाग्राम पर पोस्ट करने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया गया है। मझगवां थाना पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। पूरा मामला जिले के मामला मझगवां थाना क्षेत्र का है। आरोपी की पहचान मोहम्मद तस्लीम खान (24), निवासी मझगवां के रूप में हुई है। आरोपी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से एक एआई-निर्मित तस्वीर साझा की थी, जो बेहद आपत्तिजनक थी। पुलिस के अनुसार इस एआई-निर्मित तस्वीर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को हैदराबाद लोकसभा सीट से सांसद असदुद्दीन ओवैसी की एक मूर्ति के पैर छूते हुए दिखाया गया था। यह तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट होते ही तेजी से वायरल हो गई। जैसे ही यह पोस्ट स्थानीय भाजपा नेताओं के संज्ञान में आई, उन्होंने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए मझगवां थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने की त्वरित कार्रवाई मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। थाना प्रभारी धुर्वे ने बताया कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी मोहम्मद तस्लीम खान की पहचान की गई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। सलाखों के पीछे पहुंचा मोहम्मद तस्लीन पूछताछ में आरोपी तस्लीम ने पुलिस को बताया कि उसने यह तस्वीर किसी अन्य सोशल मीडिया अकाउंट से उठाकर अपने अकाउंट पर साझा (शेयर) की थी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की है। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से माननीय न्यायालय ने उसे जेल भेजने का आदेश दिया।