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शास्त्रीय संगीत का सितारा गया: पंडित छन्नूलाल मिश्र का निधन, पीएम मोदी ने जताया सम्मान

मीरजापुर प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक पद्मविभूषण पंडित छन्नूलाल मिश्रा अब इस दुनिया में नहीं रहे। उनका सुबह 4.15 बजे मीरजापुर में बेटी नम्रता मिश्रा के यहां निधन हो गया। वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनका अंतिम संस्कार बनारस में होगा। पंडित जी को तीन सप्ताह पहले शनिवार के दिन माइनर अटैक आया था। उसके बाद उनको बीएचयू के इमरजेंसी डिपार्टमेंट में भर्ती कराया था। जहां डॉक्टरों ने जानकारी दी थी कि उनके चेस्ट में इंफेक्शन व खून की कमी है। तीन सप्ताह चले इलाज के बाद उनको छुट्टी दे दी थी। उनकी बेटी ने उनको फिर मीरजापुर के रामकृष्ण सेवा मिशन चिकित्सालय में भर्ती कराया था।   बॉलीवुड में दिया था योगदान पंडित जी शास्त्रीय संगीत के विद्वान थे। उनके पारंपरिक शैली में गाए सोहर काफी मशहूर हुए थे। उनको आज भी यूट्यूब पर सुना जा सकता है। इसके अलावा उन्होंने बॉलीवुड में गायन किया था। उन्होंने गाने जरूर कम गाए, लेकिन फिर भी अपनी छाप जरूर छोड़ी। साल 2011 में उन्होंने प्रकाश झा की फिल्म आरक्षण में 'सांस अलबेली' और 'कौन सी डोर' जैसे गाने गाए। उन्होंने साल 2020 में 'वैष्णव जन तो तेहि कहिए' एल्बम के लिए आवाज दी थी। पीएम मोदी के बने थे प्रस्ताव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उनकी मौत पर शोक जताते हुए कहा कि सुप्रसिद्ध शास्त्रीय गायक पंडित छन्नूलाल मिश्र जी के निधन से अत्यंत दुख हुआ है। वे जीवनपर्यंत भारतीय कला और संस्कृति की समृद्धि के लिए समर्पित रहे। उन्होंने शास्त्रीय संगीत को जन-जन तक पहुंचाने के साथ ही भारतीय परंपरा को विश्व पटल पर प्रतिष्ठित करने में भी अपना अमूल्य योगदान दिया। यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे सदैव उनका स्नेह और आशीर्वाद प्राप्त होता रहा। साल 2014 में वे वाराणसी सीट से मेरे प्रस्तावक भी रहे थे। शोक की इस घड़ी में मैं उनके परिजनों और प्रशंसकों के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट करता हूं। ओम शांति!

किसानों के लिए खुशखबरी: यूपी के इस जिले में बन रहा 80 एकड़ का इंडस्ट्रियल पार्क

सीतापुर सेमरी कताई मिल की 80 एकड़ जमीन पर औद्योगिक पार्क विकसित किया जाएगा। इसके लिए शासन की ओर से उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) को जमीन हंस्तानांतरित कर दी गई है।  यूपीसीडा की ओर से जमीन का सर्वे करके लेआउट तैयार किया जा रहा है। औद्योगिक पार्क बनने से सीतापुर, बहराइच और बाराबंकी के किसानों को भी फायदा मिलेगा। सेमरी में उत्तर प्रदेश सहकारी कताई मिल्स संघ लिमिटेड की सूत मिल वर्ष 1985 में चली थी। इस मिल का धागा जिले के दरी उद्योग के साथ ही विभिन्न प्रांतों में बुनकरी में उपयोग किया जाता है। आपूर्ति बांग्लादेश तक होती थी। वर्ष 2001 में सेमरी सूत मिल बंद हो गई। मिल की मशीनों को भी बेच दिया गया। इसके बाद इसे दोबारा संचालित किए जाने की कवायद कई बार की गई। बावजूद इसके मिल को दोबारा नहीं चलाया जा सका। सरकार ने मिल की करीब 80 एकड़ जमीन पर औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने का फैसला किया है। इसके लिए जमीन उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) को दे दी गई है। यूपीसीडा के अभियंताओं ने जमीन का सर्वे कर लिया है। लेआउट बनाने का काम चल रहा है। बताया जा रहा है कि सूत मिल की जमीन पर आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाएगा। लगेंगी 100 से अधिक इकाइयां सेमरी औद्योगिक क्षेत्र में 100 से अधिक औद्योगिक इकाइयां लगाए जाने की संभावना है। जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त संजय सिंह ने बताया कि सेमरी औद्योगिक क्षेत्र में एग्रीबेस औद्योगिक इकाइयों की अधिकता रहेगी। इनमें 20 हजार से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगारी मिलेगा। इसके अलावा सीतापुर, बहराइच और बाराबंकी के किसानों को भी फायदा मिलेगा। परिवहन में नहीं आएगी समस्या महमूदाबाद का सेमरी यातायात के लिहाज से महत्वपूर्ण है। सेमरी चौराहे से लखनऊ के साथ ही बाराबंकी और बहराइच को मार्ग जाते हैं। वहीं, एक मार्ग सदरपुर की तरफ जाता है। इसके चल ते यहां स्थापित होने वाली इकाइयों तक कच्चा माल पहुंचाने और उत्पादों को बाहर भेजने में आसानी रहेगी।  

ठंडी हवा में रहना बन सकता है नुकसानदेह! आंखों की ड्राईनेस से बचने के उपाय

बुलंदशहर अक्टूबर माह शुरू हो गया है और गर्मी कम होने का नाम नहीं ले रही है। ऐसे में एसी (एयर कंडीशनर) बराबर चलाया जा रहा है। एसी की ठंडी हवा में रहने की आदत आंखों पर भारी पड़ रही है। एसी की ठंडी हवा आंखों का पानी सोख रही है। ड्राई आई सिंड्रोम के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। आंखों के डाक्टरों के पास पहुंचने वाले 20 प्रतिशत मरीज इसी बीमारी के शिकार हैं। कल्याण सिंह राजकीय मेडिकल कालेज के चिकित्सा अधीक्षक डा. धीर सिंह ने बताया कि नेत्र रोग विभाग की ओपीडी में हर रोज 150 से 180 तक मरीज पहुंचते हैं। इनमें से 20-25 मरीज ड्राई आई सिंड्रोम के हैं। इस तरह एक महीने में लगभग 600 से 750 मरीज पहुंच रहे हैं, जबकि तीन महीने में यह आंकड़ा 2250 तक पहुंच गया। इस सिंड्रोम के सर्वाधिक शिकार कामकाजी लोग हैं। जिनकी उम्र 30 से 50 साल के बीच है। इनमें से अधिकतर वह लोग हैं, जोकि एसी में अधिक समय बिताते हैं। साथ ही ये स्क्रीन टाइम भी अधिक लेते हैं।   मरीजों की केस हिस्ट्री के मुताबिक वे एक दिन में औसतन पांच से सात घंटे का स्क्रीन टाइम ले रहे हैं। इसमें चार घंटे लैपटाप या कंप्यूटर और दो से तीन घंटे मोबाइल पर बिता रहे हैं। यह दोनों कारण आंखों को सुखाकर दिक्कतें देने लगे हैं। बच्चों और बड़ों दोनों में मिल रही यह समस्या  मेडिकल कालेज की नेत्र रोग विशेषज्ञ डा. दिव्या वर्मा का कहना है कि एयर कंडीशनर ठंडी हवा देने के लिए हवा से नमी सोख लेता है। आसपास का वातावरण शुष्क हो जाता है। इससे आंखें सूख जाती हैं। इसके अलावा खराब खानपान, कम पानी पीना, अधूरी या पर्याप्त नींद न लेना, प्रदूषण भी ड्राईनेस को बढ़ा रहा है। बीते 15 सालों में यह बीमारी लगातार बढ़ रही है। छोटे बच्चों से लेकर कामकाजी तक ड्राई आई सिंड्रोम से पीड़ित हैं। उन्हें तब पता चलता है जब बीमारी बहुत बढ़ जाती है। इन लक्षणों पर हो जाएं सतर्क डाक्टरों के अनुसार ड्राई आई सिंड्रोम के मुख्य लक्षणों में आंखों में पानी आना, चिपकना, आंख में कुछ पड़ा महसूस होना, करकराहट, आंखों में चुभन, लाल आंखें हैं। ध्यान रहे कि सिंड्रोम में आंख का पानी कम और ज्यादा बनना दोनों शामिल है। डायबिटीज, थायराइड और किसी अन्य स्थाई बीमारी वालों को यह दिक्कत जल्दी होती है। दवाओं से सर्जरी तक की नौबत अगर रोग को पहली स्टेज में पकड़ लिया जाए तो दवाइयां और ड्राप से ठीक किया जा सकता है। लेकिन, इसके लिए कोर्निया विशेषज्ञ के पास जाना ही ठीक रहेगा। रोग पकड़ने के लिए स्क्रीनिंग बेहद जरूरी है। महज आंखों को देखकर ही इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता है। एक बार अगर रोग बिगड़ गया तो सर्जरी की नौबत भी आ सकती है। बचाव के उपाय एसी की हवा सीधे शरीर पर नहीं आनी चाहिए। तापमान को शरीर से एक-दो डिग्री नीचे रखें। खुले या एसी के बंद स्थान पर चश्मा पहनने से बचाव होता है। पर्याप्त पानी पीते रहें, इसकी कमी से भी आंखें सूख जाती हैं। कंप्यूटर, मोबाइल पर काम करते समय पलकें झपकाते रहें।

उत्तर प्रदेश गाजियाबाद: सड़कों पर दिखा ‘आई लव योगी जी’ का पोस्टर, लोगों में उत्सुकता

गाजियाबाद  उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में बुधवार को 'आई लव योगी जी' नाम के पोस्टर लगाए गए। इस पोस्टर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को 'हिंदू हृदय सम्राट' बताया गया है। पोस्टर में आगे कहा गया है कि पूरे भारत ने 'योगी मॉडल' को बेमिसाल कर रखा है। पोस्टर में सीएम योगी को 'निर्भय' बताते हुए कहा गया है कि उनके अंदर ऐसा जिगर है कि वो किसी से भी डरते नहीं हैं। उन्होंने अपने सख्त फैसलों से विपक्षियों को बेहाल कर रखा है। यह पोस्टर गाजियाबाद के कई फ्लाइओवर पर लगाए गए। पोस्टर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा हिंदू सेना के महामंत्री गगन दीप शर्मा और जिला सह कोषाध्यक्ष अंकुश पंडित की भी तस्वीर लगी हुई है। पूरे इलाके में यह पोस्टर चर्चा में है।  बता दें कि अभी हाल ही में देश के कई राज्यों में 'आई लव मोहम्मद' की शुरुआत की गई है, जिसका किसी ने विरोध किया, तो किसी ने समर्थन। वहीं, 'आई लव मोहम्मद' के जवाब में 'आई लव महाकाल' और 'आई लव योगी जी' जैसे पोस्टर लगाए। 'आई लव मोहम्मद' अभियान की शुरुआत सितंबर में उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर से हुई। यह ईद-ए-मिलाद-उन-नबी के अवसर पर हुआ। 4 सितंबर को, रावतपुर क्षेत्र के सैयद नगर में जफर वाली गली के प्रवेश द्वार पर मुस्लिम समुदाय ने सड़क को सजाया। यहां एक लाइटबोर्ड लगाया गया, जिस पर अंग्रेजी में 'आई लव मोहम्मद' लिखा था। यह नारा पैगंबर के प्रति प्रेम और सम्मान व्यक्त करने का प्रतीक था, जो समुदाय के लिए सामान्य धार्मिक उत्सव का हिस्सा था। हालांकि, यह नारा जल्द ही विवाद का केंद्र बन गया। 9 सितंबर को, लल्लापुरा पुलिस थाने ने नौ नामित और 15 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। आरोप था कि उन्होंने सार्वजनिक सड़क पर बैनर लगाए, जो यातायात बाधित कर रहे थे। कानपुर में पोस्टर्स हटाए जाने की खबर फैलते ही, पूरे देश में अभियान ने जोर पकड़ा। लोग सोशल मीडिया पर प्रोफाइल फोटो बदलने लगे, स्टिकर्स लगाए और जुलूस निकाले। इत्तेहाद-ए-मिलात काउंसिल के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खान ने भी इसे समर्थन दिया।

मौसम का बदलाव: यूपी में दो दिन भारी बारिश, जानें किन राज्यों में होगी ओलावृष्टि

नई दिल्ली  मॉनसून का सीजन लगभग खत्म हो चुका है, लेकिन वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की वजह से उत्तर भारत में मौसम में बदलाव आने वाला है। चार और पांच अक्टूबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश के इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं, पांच और छह अक्टूबर को जम्मू, कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड में ओले गिरने वाले हैं। इसके अलावा, पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर के संभावित दबाव का क्षेत्र बनने की वजह से 2-5 अक्टूबर के दौरान पूर्वी भारत के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होगी। दो अक्टूबर को ओडिशा में कुछ जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। पांच से सात अक्टूबर के दौरान एक नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस उत्तर पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है। जिसका सबसे ज्यादा असर छह अक्टूबर को देखने को मिलेगा। पूर्व और मध्य भारत की बात करें तो एक से छह अक्टूबर तक उप हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, बिहार, एक से चार अक्टूबर तक गंगीय पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, दो से चार अक्टूबर तक झारखंड, एक से तीन अक्टूबर तक ओडिशा, तीन से चार अक्टूबर को पश्चिम मध्य प्रदेश, एक, तीन और चार अक्टूबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में कई इलाकों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। दो और तीन अक्टूबर को गंगा तटीय पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, तीन अक्टूबर को झारखंड, ओडिशा, एक, तीन और चार अक्टूबर को उप हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, तीन से पांच अक्टूबर तक बिहार में बहुत भारी बारिश की संभावना है। दो अक्टूबर को ओडिशा में कुछ स्थानों में बहुत भारी बारिश होगी। उत्तर पूर्व भारत की बात करें तो अगले तीन से चार दिनों तक इलाके में कुछ जगह पर भारी बारिश की संभावना है। एक से तीन अक्टूबर तक असम, मेघालय में और एक अक्टूबर को त्रिपुरा में बहुत भारी बारिश होगी। दक्षिण भारत की बात करें तो दो से चार अक्टूबर तक तमिलनाडु में कुछ स्थानों से मध्यम बारिश के साथ कुछ इलाकों में भारी बारिश होगी। एक और दो अक्टूबर को तटीय आंध्र प्रदेश, यनम में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। उत्तर पश्चिम भारत की बात करें तो एक से चार अक्टूबर के दौरान उत्तर पश्चिम भारत में छिटपुट बारिश की संभावना है। उसके बाद पांच से सात अक्टूबर के दौरान गरज और बिजली के साथ व्यापाक से व्यापाक बारिश हो सकती है। तीन से छह अक्टूबर को पूर्वी उत्तर में, छह और सात अक्टूबर को जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तरखंड, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, एक, पांच और छह अक्टूबर को राजस्थान में छिपटुट भारी बारिश होगी। चार और पांच को पूर्वी उत्तर प्रदेश, छह को जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और छह और सात अक्टूबर को उत्तराखंड में बहुत भारी बारिश की संभावना है।  

महिलाओं पर अपराध न्यूनतम, सजा दिलाने में अव्वल – यूपी की तारीफ CM योगी ने की

गोरखपुर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को समस्त प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्र की महानवमी एवं बृहस्पतिवार को मनाए जाने वाले विजयदशमी पर्व की हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि नारी शक्ति के बगैर संसार की कल्पना ही नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन के लिए अनेक कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं जिसके परिणामस्वरूप आबादी के दृष्टिकोण से देश का सबसे बड़ा राज्य होने के बावजूद उत्तर प्रदेश में महिलाओं के प्रति अपराध न्यूनतम है तथा दोषसिद्धि एवं सजा में भी यह राज्य अग्रणी है। एक बयान के अनुसार योगी आदित्यनाथ बतौर गोरक्षपीठाधीश्वर बुधवार को गोरखनाथ मंदिर में शारदीय नवरात्र की महानवमी तिथि में कन्या पूजन के बाद मीडियाकर्मियों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सनातन धर्मावलंबी वर्ष में दो बार शारदीय और वासंतिक नवरात्र में जगतजननी मां भगवती दुर्गा के नौ स्वरूपों का पूजन करते हैं तथा मातृ शक्ति एवं नारी शक्ति के प्रति आस्था का यह पर्व उन्हें नयी प्रेरणा प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि आज शारदीय नवरात्र की नवमी तिथि पर मां सिद्धिदात्री के स्वरूप के पूजन के साथ कन्या पूजन का अनुष्ठान हो रहा है तथा उनका सौभाग्य है कि गोरक्षपीठ की पवित्र परंपरा के अनुसार उन्हें भी कन्या पूजन का अनुष्ठान करने का अवसर प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन आस्था में नारी शक्ति को अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है तथा उनकी सरकार नारी शक्ति की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए समर्पित है। उन्होंने कहा कि शारदीय नवरात्र की पहली तिथि, 22 सितंबर से मिशन शक्ति के पांचवें चरण का शुभारंभ किया गया है जिसमें महिलाओं की सुरक्षा और उनके स्वावलंबन के लिए पंचायत स्तर तक कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसके तहत सभी जिलों में सराहनीय कार्य हो रहे हैं एवं मिशन शक्ति सफलता की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करने की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री ने कहा, जहां बेटी सुरक्षित और सम्मानित होती है, वहां का समाज भी सुरक्षित और सम्मानित माना जाता है। उत्तर प्रदेश में ऐसा ही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, मातृ वंदना, कन्या सुमंगला और सामूहिक विवाह जैसी योजनाएं बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए हैं।'' उन्होंने देश की सर्वोच्च पंचायत संसद में नारी शक्ति का अधिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए नारी शक्ति वंदन कानून बनाये जाने का स्वागत किया।  

योगी सरकार में नवरात्रि का पर्व बना आस्था और विकास की एक अद्भुत मिसाल

जौनपुर का शीतला चौकिया धाम नवरात्रि का प्रमुख केंद्र बना, जहां नौ दिनों में 10 लाख से अधिक भक्त पहुंचे सहारनपुर के शाकम्भरी और त्रिपुर बाला सुंदरी मंदिरों में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, 20 लाख भक्तों ने किया दर्शन बलरामपुर का देवीपाटन धाम नवरात्रि में आस्था और महिला सशक्तिकरण का प्रतीक बना, 9 लाख श्रद्धालुओं ने किया पूजन भदोही के सीता समाहित स्थल, महाराजगंज के लेहड़ा देवी मंदिर और औरैया के देवी मंदिरों में 9 लाख से ज्यादा भक्तों ने जताई आस्था मिशन शक्ति 5.0 ने इस नवरात्रि को बनाया खास, महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण की झलक हर जगह देखने को मिली लखनऊ, उत्तर प्रदेश की पावन धरती पर शारदीय नवरात्रि केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आस्था, परंपरा और नारी शक्ति का विराट स्वरूप बनकर उभरा है। इस बार पूरे प्रदेश में देवी मंदिरों की तस्वीर देखें, तो यह साफ झलकता है कि योगी आदित्यनाथ सरकार ने बीते आठ वर्षों में न केवल प्राचीन धरोहर को संजोया है, बल्कि आधुनिक सुविधाओं से जोड़कर श्रद्धालुओं को नया अनुभव भी दिया है। यही कारण है कि पूर्वांचल के विंध्यवासिनी धाम से लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शाकम्भरी मंदिर तक समस्त देवी मंदिरों में नवरात्रि के नौ दिनों में ही लगभग 2 करोड़ भक्तों ने मां के दरबार में हाजिरी लगाई। इनमें से केवल विंध्यवासिनी धाम में ही 50 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने मां का आशीर्वाद लिया। मां विंध्यवासिनी धाम : रोजाना लाखों श्रद्धालुओं का उमड़ा सैलाब मीरजापुर स्थित मां विंध्यवासिनी का मंदिर प्रदेश का सबसे प्रमुख सिद्धपीठ माना जाता है। यहां प्रतिदिन औसतन 4 से 5 लाख श्रद्धालु पहुंचे। आम दिनों की तुलना में यह संख्या कई गुना बढ़ गई। सरकार द्वारा बनाए गए विंध्याचल कॉरिडोर ने श्रद्धालुओं को नई सहूलियत दी है। नवरात्रि के अंतिम तीन दिनों में यहां रोज़ाना 6 से 7 लाख श्रद्धालु माता की आराधना में शामिल हुए। वाराणसी : विशालाक्षी शक्तिपीठ में दक्षिण भारत से उमड़ी आस्था 51 शक्तिपीठों में गिने जाने वाले मां विशालाक्षी मंदिर में सामान्य दिनों की तुलना में नवरात्रि पर भक्तों की संख्या कई गुना बढ़ गई। सप्तमी से नवमी तक यहां 20 से 30 हजार श्रद्धालु रोज़ाना पहुंचे। वाराणसी के गायत्री शक्ति पीठ चौरा देवी मंदिर में नवमी तक 1 लाख से अधिक श्रद्धालु आए, जबकि दुर्गाकुंड स्थित मां कुष्मांडा मंदिर में नवरात्रि के नौ दिनों में 12 लाख से ज्यादा भक्त पहुंचे। यहां अंतिम तीन दिनों में प्रतिदिन करीब 2 लाख श्रद्धालु दर्शन करने आए। सहारनपुर : शाकम्भरी व त्रिपुर बाला सुंदरी धाम बने श्रद्धा के केंद्र पश्चिमी उत्तर प्रदेश का सहारनपुर जिला भी आस्था से सराबोर रहा। नवरात्रि के नौ दिनों में शाकम्भरी धाम में लगभग 7 लाख और मां त्रिपुर बाला सुंदरी मंदिर में करीब 4 लाख श्रद्धालुओं ने मत्था टेका। देवीपाटन : मां पाटेश्वरी मंदिर में लाखों भक्त और भव्य मेला बलरामपुर स्थित मां पाटेश्वरी मंदिर में इस नवरात्रि करीब 6.50 लाख श्रद्धालु पहुंचे। सप्तमी से नवमी तक यहां सबसे अधिक भीड़ रही। साथ ही मंदिर प्रबंधन ने 15 दिवसीय मेले का भी आयोजन किया, जिसमें आस्था और परंपरा का सुंदर संगम देखने को मिला।   प्रयागराज : गंगा तट पर आस्था की गूंज प्रयागराज के मां अलोप शंकरी धाम में नवरात्रि के दौरान करीब 12 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। सप्तमी, अष्टमी और नवमी पर प्रतिदिन ढाई लाख तक भक्त मां के दरबार में हाजिरी लगाने आए। मां कल्याणी देवी मंदिर में लगभग 6 लाख और मां ललिता देवी मंदिर में प्रतिदिन 70 से 80 हजार श्रद्धालु पहुंचे। सरकार ने यहां लगभग 6 करोड़ रुपये की लागत से यात्री शेड, लाइटिंग और सौंदर्यीकरण के कार्य कराए हैं। गोरखपुर : तरकुलहा व बुढ़िया माई धाम में भव्यता का नया रूप गोरखपुर स्थित तरकुलहा देवी मंदिर इस बार नवरात्रि में प्रमुख आस्था केंद्र बन गया। औसतन 50 हजार श्रद्धालु प्रतिदिन पहुंचे, जबकि नवमी पर संख्या 1 लाख पार कर गई। अबतक 5 लाख से ज्यादा श्रद्धालु यहां दर्शन कर चुके हैं। वहीं कुसम्ही जंगल स्थित बुढ़िया माई मंदिर में 5 लाख भक्त पहुंचे। यहां नवरात्रि के अंतिम तीन दिनों में रोज़ाना 1 लाख श्रद्धालुओं की भीड़ रही। सरकार ने यहां पर्यटन विकास कार्यों पर करोड़ों रुपये खर्च कर सुविधाएं बढ़ाई हैं। गाजीपुर : हथियाराम मठ और कामाख्या मंदिर में उमड़ा विश्वास गाजीपुर के हथियाराम मठ में इस बार नवरात्रि पर लगभग 40 हजार लोग पहुंचे। वहीं कामाख्या देवी मंदिर में अबतक 1 लाख से अधिक भक्तों ने माता के चरणों में मत्था टेका। जौनपुर : चौकिया धाम में श्रद्धालुओं का रेला जौनपुर का मां शीतला चौकिया मंदिर नवरात्रि में भक्तों से खचाखच भरा रहा। प्रतिदिन 70 हजार और सप्तमी से नवमी तक करीब 1 लाख श्रद्धालु माता के दरबार में पहुंचे। नैमिषारण्य : महानवमी पर भक्तों का सैलाब नैमिषारण्य की तपोभूमि स्थित ललिता देवी मंदिर में नवरात्रि के नौ दिनों में दो लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। महानवमी पर यहां आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। आगरा : चामुंडा देवी मंदिर समेत कई धाम बने आकर्षण आगरा का 300 साल पुराना चामुंडा देवी मंदिर नवरात्रि में विशेष आकर्षण रहा। यहां करीब 2 लाख श्रद्धालु पहुंचे। इसके साथ कैला माता मंदिर में 15 लाख, सती माता मंदिर में 2 लाख, काली माता मंदिर में 1.5 लाख और शीतला माता मंदिर में 10 लाख श्रद्धालु पहुंचे। मथुरा : नरी सेमरी मंदिर में परंपरा का अनोखा स्वरूप मथुरा के छाता स्थित नरी सेमरी माता मंदिर में नवरात्रि पर 3 लाख श्रद्धालु पहुंचे। यहां मूर्ति के खड़े होने की परंपरा और लाठी-डंडे से पूजा की परंपरा श्रद्धालुओं को आकर्षित करती रही। झांसी : आल्हा-उदल की गाथा से जुड़े देवी मंदिर झांसी के पंचकुइया, कैमासन, महाकाली और लहर देवी मंदिर में नवरात्रि के नौ दिनों में 1-1 लाख से अधिक भक्त पहुंचे। यहां के मंदिरों का ऐतिहासिक महत्व और आस्था दोनों ही देखने को मिले। अन्य प्रमुख धाम : प्रदेशभर में श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़ महराजगंज के लेहड़ा देवी मंदिर में 2 लाख श्रद्धालु पहुंचे। औरैया के 15 मंदिरों में करीब ढाई लाख लोग दर्शन को आए। हापुड़, सिद्धार्थनगर और अन्य जिलों के मंदिरों में भी लाखों की भीड़ रही। अंततः यह स्पष्ट है कि योगी सरकार ने नवरात्रि पर आस्था और विकास का अद्भुत मेल कर प्रदेश के मंदिरों को … Read more

आजम खान ने खोला राज़: मुलायम मेरे पीछे नंगे पैर दौड़े और मेरी मौत पर भी होगा धूमधाम जनाजा

नई दिल्ली करीब दो साल बाद जेल से बाहर निकले आजम खान एक बार फिर से अपने पुराने तेवरों में नजर आ रहे हैं। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि मुझे 5 साल तक जेल में रखा गया। तनहाई जेल थी और दुनिया से मेरा संपर्क ही कट गया। आजम खान ने कहा कि गर्मी में भीषण गर्मी और सर्दियों के मौसम में बहुत ठंड झेलनी पड़ती थी। उन्होंने कहा कि लेकिन मुझे कोई मलाल नहीं है बल्कि शर्म आती है। आजम खान ने कहा कि मैं हमेशा मजबूती से डटा रहा हूं और डटा रहूंगा। सपा सरकार में मंत्री रहे आजम खान ने कहा कि हथौड़ा तो फौलाद पर ही चलता है। आग में भी उसे ही जलाया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि मुझे फिर से जेल भेजा गया तो जाऊंगा और तैयार हूं। जिंदगी रही तो लौटकर आऊंगा और मर गए तो हमारा जनाजा और धूम से जाएगा। आजम खान ने कहा कि मैंने मुलायम सिंह से कुछ और नहीं मांगा बस एक यूनिवर्सिटी मांगी। उस आदमी ने कुछ रोका नहीं। उस जैसे इंसान अब पैदा नहीं हो सकेंगे। सैकड़ों सालों में भी कोई मुलायम सिंह यादव पैदा नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि लोग जानते ही नहीं हैं कि मुलायम सिंह क्या थे और क्या खूबियां थीं। वह अलग ही मिट्टी के बने इंसान थे और अब तो ऐसे लोग पैदा ही नहीं होते। 'कोई मेरे खिलाफ एक लफ्ज मुलायम के आगे नहीं बोल सकता था' आजम खान ने कहा कि किसी की हिम्मत नहीं थी कि मुलायम सिंह यादव से मेरे खिलाफ कोई एक लफ्ज कह दे। यदि मैं दौरे पर हूं और 4 घंटे लेट आता था तो कैबिनेट की मीटिंग तभी होती थी। उन्होंने कहा कि यदि मैं नहीं जाता था तो कैबिनेट की मीटिंग नहीं होती थी। मेरे लिए कोई ऐसा करेगा क्या। मैंने शुगर मिल के लिए प्रस्ताव रखा तो सब कहने लगे कि हमारी बात भी सुनी जाए। हमारे इलाके में क्यों नहीं मिल चलेगी। इस पर मैंने कहा कि पहले मेरा बनेगा और यदि ऐसा नहीं हुआ तो आत्मदाह कर लूंगा। आजम खान बोले- मेरे आशिक थे मुलायम सिंह यादव रामपुर के सीनियर नेता ने कहा, 'मैं निकल पड़ा तो मुलायम सिंह यादव नंगे पैर मेरे पीछे आए। एक तमाशा था और मैंने कहा कि जाकर रिजाइन करूंगा। इस पर मुलायम सिंह ने कहा कि ऐसा नहीं करना चाहिए। यही लोग पास करेंगे। मुझे सबसे बात तो करने दो। आखिर कौन ऐसा करेगा।' आजम खान ने कहा कि मुलायम सिंह यादव तो मेरे आशिक और माशूक थे, जो चले गए। मैंने एक दिन कहा कि कितना अच्छा होता यदि आप मुसलमान होते। इस पर उन्होंने कहा कि अरे मैं मुसलमान ही तो हूं। कोई जानता है कि उनका कितना वक्त पूजा में गुजरता था। उन्होंने कहा कि क्या इसलिए आप कह रहे हैं कि मैं मुसलमान होता तो कैसा होता। इस पर मैंने कहा नहीं कि नहीं आप एक अच्छे हिंदू हैं और इससे बेहतर हमारे लिए कुछ भी नहीं है।  

दानिश अली की बरेली यात्रा रोकी, हाउस अरेस्ट में; विपक्ष ने सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल

अमरोहा उत्तर प्रदेश के अमरोहा में पूर्व कांग्रेस सांसद कुंवर दानिश अली को पुलिस ने उनके आवास पर नजरबंद कर दिया। दानिश अली बरेली जाने की तैयारी में थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें घर से निकलने से रोक दिया। उनके आवास के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया और बैरिकेडिंग कर इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया। इस कार्रवाई को लेकर दानिश अली और कांग्रेस समर्थकों ने कड़ा विरोध जताया है। पुलिस के अनुसार, दानिश अली का बरेली दौरा कानून-व्यवस्था के लिए खतरा बन सकता था, इसलिए एहतियातन उन्हें नजरबंद किया गया। यह मामला अमरोहा देहात थाना क्षेत्र के बाईपास का है। वहीं, दानिश अली ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि हमारा बरेली जाने का हमारा कार्यक्रम था। बरेली में सुनियोजित तरीके से लोगों का दमन किया जा रहा है। हम वहां पर पुलिस प्रशासन को यह कहने के लिए जा रहे थे कि वो लोगों का दमन नहीं करें। वहां पर बेगुनाह लोगों को परेशान किया जा रहा है। उनके घर तोड़े जा रहे हैं। यह लोकतंत्र में स्वीकार्य नहीं है। लोकतंत्र में इस तरह की व्यवस्था को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। हम वहां पर लोगों से शांति की अपील कर रहे हैं और वहां पर लोगों से यह भी कह रहे हैं कि वो किसी के भड़कावे में न आएं। साथ ही, उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जिक्र करते हुए कहा कि आप यह दमनकारी नीति को छोड़िए। नाइंसाफी और दमन ज्यादा दिनों तक नहीं चल सकता है। बाबा साहेब अंबेडकर के संविधान सभी को समानता का अधिकार देता है। आज की तारीख में यह सरकार दमनकारी नीति के आधार पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि यह दुख की बात है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री किस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। मुझे शर्म आती है कि वह मेरे प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं। मैं अपने लोगों के बीच में उनका दुख बांटने जाना चाहता हूं। वहां पर लोगों के दुकान और घरों को तोड़ा जा रहा है और दुख की बात है कि वे हमारी आवाज को दबाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन, मैं एक बात साफ कर देना चाहता हूं कि ये लोग ज्यादा दिनों तक हमारी आवाज को नहीं दबा सकते हैं। इन लोगों ने हमें रोक लिया। हम सात-आठ लोग जाना चाहते थे। पुलिस प्रशासन ने हमें जाने नहीं दिया। मैं पूछना चाहता हूं कि आखिर यह कहां का न्याय है? उन्होंने कहा कि ये लोग ऐसा करके उत्तर प्रदेश में आमजन को दबाने की कोशिश कर रहे हैं। ये सरकार पूरी तरह से अमानवीय है। यह सरकार दमनकारी सरकार है, क्योंकि इन लोगों को अब पता चल चुका है कि इनकी सरकार अब जा चुकी है। हमारे नेता राहुल गांधी ने जिस तरह से वोट चोरी का मुद्दा उठाया है, उससे लोगों के बीच में एक संदेश गया है कि यह वोट चोरी करने वाली सरकार है। पुलिस ने बताया कि बरेली में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए यह कदम उठाया गया। हालांकि, दानिश अली ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। उन्होंने कहा, “मुझे बिना किसी ठोस कारण के घर में कैद किया गया है। यह जनप्रतिनिधि के अधिकारों पर हमला है।”  

सदमे में यूपी: बच्चों की हत्या के बाद परिवार ने आग लगाई, 6 की मौत ने हिला दिया प्रदेश

बहराइच  उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में एक दिलदहला देने वाली घटना सामनने आई है। एक ग्रामीण ने गड़ासे से दो किशोरों की हत्या कर दी और फिर परिवार सहित खुद को कमरे में बंद कर आग लगा ली। घटना में छह लोगों की मौत हो गई। वहीं, मवेशी भी जिंदा जल गए। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। लेकिन तब तक सब कुछ खत्म हो चुका था। कुल मिलाकर इस हृदय विदारक घटना में छह लोगों और चार मवेशियों की जान चली गई। निंदुनपुरवा टेपरहा गांव में बुधवार सुबह खेत में लहसुन की बोवाई के लिए विजय ने गांव निवासी सूरज यादव (14) पुत्र लच्छी राम और सनी वर्मा (13) पुत्र ओमप्रकाश को घर बुलवाया। दोनों ने नवरात्र का अंतिम दिन होने के चलते घर पर काम अधिक होने की बात कह कर खेत में काम करने से इनकार कर दिया। इसी बात से गुस्साए विजय ने अपने घर के आंगन में गड़ासे से वारदात कर डाली। इसके बाद खुद को परिवार सहित कमरे में बंद कर आग के हवाले कर दिया। फायर ब्रिगेड और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। इस अग्निकांड में दंपती व दो बेटियों समेत चार लोग जिंदा जल गए। कुल छह मौतों की खबर से इलाके में सनसनी फैल गई। उधर, पुलिस पूरे मामले की मामले की छानबीन कर रही है। बताया जाता है कि गांव निवासी विजय कुमार खेती बाड़ी और पशुपालन का काम करता था।