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UP में विधानसभा चुनाव की तैयारी तेज, 30 सितंबर से शुरू होगा MLC वोटर लिस्ट का पुनरीक्षण

लखनऊ  विधान परिषद में खंड स्नातक व शिक्षक की 11 सीटों पर चुनाव की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। अब विधान परिषद चुनाव की मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए पात्र मतदाता ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। मतदाता सूची के पुनरीक्षण का कार्य 30 सितंबर से शुरू होगा। वहीं विधानसभा चुनाव के लिए मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं। योजना भवन में  आठ मंडलों के मंडलायुक्तों को इसके लिए प्रशिक्षण दिया गया। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने कहा कि छह दिसंबर को 11 शिक्षक व स्नातक एमएलसी का कार्यकाल खत्म हो रहा है। स्नातक की पांच व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की छह सीटों पर चुनाव के लिए मतदाता सूची तैयार करने में सावधानी बरती जाए। अर्हता तिथि एक नवंबर निर्धारित की गई है। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए अभ्यर्थी ने अर्हता तिथि से कम से कम तीन वर्ष पहले स्नातक किया हो। वहीं अर्हता तिथि से पहले राज्य के माध्यमिक स्तर के शेक्षिक संस्थानों में विगत छह वर्षों में तीन वर्ष से शिक्षण कार्य पूर्ण किया हो। विधान परिषद में स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की पांच सीटों में लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ व इलाहाबाद-झांसी क्षेत्र शामिल है। वहीं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, बरेली-मुरादाबाद, एवं गोरखपुर-फैजाबाद क्षेत्र शामिल हैं। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 30 दिसंबर को होगा। वहीं आगामी विधान सभा चुनाव के लिए एआईआर की तैयारी शुरू करने के निर्देश सभी मंडलायुक्तों को दिए गए। एमएलसी क्षेत्रों का विस्तार मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में लखनऊ स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का विस्तार लखनऊ, हरदोई, खीरी, सीतापुर, बाराबंकी, रायबरेली एवं प्रतापगढ़ जनपद तक। वाराणसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का विस्तार बलिया, गाजीपुर, जौनपुर, वाराणसी, चंदौली, भदोही, मिर्जापुर एवं सोनभद्र जनपद तक। आगरा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का विस्तार आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा, अलीगढ़, हाथरस, एटा, मैनपुरी, इटावा, कन्नौज, औरैया, फर्रुखाबाद एवं कासगंज जनपद तक। मेरठ स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का विस्तार बुलंदशहर, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली एवं हापुड़ जनपद तक। इलाहाबाद झांसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का विस्तार प्रयागराज, कौशांबी, फतेहपुर, बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, जालौन, झांसी एवं ललितपुर जनपद तक होगा। इसी प्रकार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में लखनऊ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का विस्तार लखनऊ, हरदोई, खीरी, सीतापुर, बाराबंकी, रायबरेली एवं प्रतापगढ़ जनपद तक। वाराणसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का विस्तार बलिया, गाजीपुर, जौनपुर, वाराणसी, चंदौली, भदोही, मिर्जापुर, एवं सोनभद्र जनपद तक। आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का विस्तार आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा, अलीगढ़, हाथरस, एटा, मैनपुरी, इटावा, कन्नौज, औरैया, फर्रुखाबाद एवं कासगंज जनपद तक। मेरठ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का विस्तार बुलंदशहर, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली एवं हापुड़ जनपद तक। बरेली-मुरादाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का विस्तार बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, बदायूं, रामपुर, मुरादाबाद, अमरोहा, बिजनौर एवं संभल जनपद तक। गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का विस्तार बहराइच, श्रावस्ती, गोंडा, बलरामपुर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर, गोरखपुर, महाराजगंज, देवरिया, कुशीनगर, आजमगढ़, मऊ, सुल्तानपुर, अयोध्या, अमेठी एवं अंबेडकर नगर जनपद शामिल है। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी में लखनऊ के लिए मंडलायुक्त लखनऊ, मेरठ के लिए मंडलायुक्त मेरठ, आगरा के लिए मंडलायुक्त आगरा, वाराणसी के लिए मंडलायुक्त वाराणसी तथा इलाहाबाद-झांसी के लिए मंडलायुक्त झांसी एवं लखनऊ होंगे। इसी प्रकार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी में लखनऊ के लिए मंडलायुक्त लखनऊ, मेरठ के लिए मंडलायुक्त मेरठ, आगरा के लिए मंडलायुक्त आगरा, वाराणसी के लिए मंडलायुक्त वाराणसी, बरेली-मुरादाबाद के लिए मंडलायुक्त बरेली एवं गोरखपुर-फैजाबाद के लिए मंडलायुक्त गोरखपुर है। इन निर्वाचन क्षेत्रों में सम्मिलित समस्त जनपदों के जिलाधिकारी अपने निर्वाचन क्षेत्र के सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तथा इन निर्वाचन क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाली समस्त विधानसभा क्षेत्रों के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी भी अपने निर्वाचन क्षेत्र के सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी होंगे।

जम्बूरी बनेगा युवाओं की ऊर्जा का ‘महाकुम्भ’ : साहसिक, रोमांचकारी और सांस्कृतिक गतिविधियों में शामिल होंगे प्रतिभागी

हाई रोप्स, जिपलाइन, ट्रैकिंग और एडवेंचर पार्क जैसी गतिविधियां होंगी शामिल लोक नृत्य, नाटक, गीत, ग्लोबल विलेज और जीवन रक्षा कौशल की दी जाएगी शिक्षा रोबोटिक्स, विज्ञान प्रदर्शनी और तकनीकी अनुभव प्राप्त करेंगे प्रतिभागी पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक प्रोजेक्ट्स और खेलकूद से अनुशासन व टीमवर्क की भावना होगी मजबूत  ग्लोबल विलेज में दिखेगी भारत और दुनिया की सांस्कृतिक विविधता लखनऊ,   राजधानी में आयोजित होने जा रही 19वीं राष्ट्रीय जम्बूरी सिर्फ एक शिविर नहीं, बल्कि युवाओं की ऊर्जा का महाकुंभ बनने जा रही है। इस आयोजन में देश-विदेश से आए प्रतिभागियों को ऐसे अनुभव मिलेंगे, जो जीवनभर उनकी स्मृतियों में अंकित रहेंगे। स्काउटिंग की परंपरा के साथ यह शिविर युवाओं को साहस, अनुशासन, संस्कृति, विज्ञान और समाजसेवा से जोड़ने का अनूठा अवसर प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मेजबानी में आयोजित होने जा रहा यह महा आयोजन युवा शक्ति के लिए अनुशासन का महापर्व बनने जा रहा है। साहसिक गतिविधियों से होगा रोमांच का संचार राजधानी के वृंदावन योजना में भारत स्काउट एंड गाइड्स की ओर से आयोजित राष्ट्रीय जम्बूरी में हाई रोप्स, जिपलाइन, ट्रैकिंग और एडवेंचर पार्क जैसी गतिविधियों का आयोजन होगा। इनसे युवाओं को आत्मविश्वास और साहस का नया अनुभव मिलेगा। प्रतिभागी खुद को परखेंगे और अपने डर को चुनौती देंगे। बिखरेगी सांस्कृतिक रंगों की छटा नेशनल जम्बूरी में ग्लोबल विलेज, लोकनृत्य, नाटक और गीत-संगीत जैसे कार्यक्रम पूरे परिसर को सांस्कृतिक रंगों से भर देंगे। यहां न केवल भारत की विविधता झलकेगी, बल्कि दुनिया की बहुरंगी परंपराओं से भी युवाओं का परिचय होगा। यह आयोजन आपसी भाईचारे और वैश्विक संस्कृति का संगम बनेगा। शिक्षा और विज्ञान की प्रयोगशाला भी होगी इसके साथ ही फर्स्ट एड, गांठें बांधना और जीवन रक्षा कौशल जैसी स्काउटिंग की मूल विधाएं युवाओं को व्यवहारिक जीवन जीने की कला सिखाएंगी। वहीं रोबोटिक्स और विज्ञान प्रदर्शनी उन्हें तकनीक और नवाचार की नई दुनिया से जोड़ेंगी। मिलेगा समाजसेवा का सबक नेशनल जम्बूरी में पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सेवा प्रोजेक्ट्स युवाओं को दायित्वबोध और संवेदनशीलता सिखाएंगे। इन गतिविधियों से प्रतिभागी भविष्य में जिम्मेदार नागरिक बनने की ओर अग्रसर होंगे। युवाओं में बलवति होगी खेल और टीमवर्क की भावना साथ ही साथ खेलकूद और टीम गेम्स अनुशासन और टीमवर्क की भावना को मजबूत करेंगे। यह आयोजन युवाओं में नेतृत्व क्षमता और जीवन प्रबंधन कौशल विकसित करने का माध्यम बनेगा। योगी सरकार के प्रयासों से मिली मेजबानी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सतत प्रयासों का ही परिणाम है कि उत्तर प्रदेश को 61 साल बाद राष्ट्रीय जम्बूरी की मेजबानी का अवसर मिला है। इस आयोजन के लिए लखनऊ के वृंदावन योजना स्थित डिफेंस एक्सपो ग्राउंड में एक भव्य टेंट सिटी बनाई जा रही है। यहां पर 23 से 29 नवंबर तक नेशनल जम्बूरी का आयोजन किया जाएगा, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करेंगे, जबकि समापन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के हाथों प्रस्तावित है।   29 सितंबर को होगा भूमि पूजन आयोजन स्थल पर बनने वाली अस्थायी टेंट सिटी का भूमि पूजन 29 सितंबर को होगा। इसमें योगी सरकार के वरिष्ठ मंत्रीगण शामिल होंगे। इसी परिसर में 35 हजार प्रतिभागियों के रहने और विश्वस्तरीय सुविधाओं वाले टेंट सिटी की व्यवस्था की जाएगी। यह जम्बूरी न केवल युवाओं को जीवन मूल्यों से जोड़ने का मंच बनेगी, बल्कि उत्तर प्रदेश की मेजबानी क्षमता और विश्वस्तरीय आयोजन की तैयारी को भी प्रदर्शित करेगी।

ब्रेन स्ट्रोक के बाद अस्पताल में भर्ती सुभासपा राष्ट्रीय अध्यक्ष से मिले सीएम योगी

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर को देखने मेदांता अस्पताल पहुंचे. यहां उन्होंने राजभर की तबीयत के बारे में जानकारी ली. इस दौरान योगी के साथ मंत्री सुरेश खन्ना भी मौजूद रहे. मुलाकात के दौरान सुभासपा अध्यक्ष के दोनों बेटे अरुण राजभर और अरविंद राजभर भी मौजूद थे. इससे पहले पूर्व उपमुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा ने अस्पताल पहुंचकर कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर का हालचाल जाना था. साथ में कैबिनेट मंत्री विजयलक्ष्मी गौतम और दारा सिंह चौहान भी मौजूद थे. जानकारी के मुताबिक ओपी राजभर माइनर ब्रेन स्ट्रोक की वजह से अस्पताल में भर्ती है. 21 सितंबर को उनकी तबीयत अचानक बिगड़ी थी. जानकारी लगते ही डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने खुद उन्हें राम मनोहर लोहिया में भर्ती कराया था. जिसके बाद उन्हें दूसरे अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया.

नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन की प्रतीक बनी रेनू ने महिला सशक्तीकरण को दी नई ऊंचाई

लखनऊ,  ग्राम धर्मपुर, ब्लॉक रुद्रपुर, जिला देवरिया की रेनू देवी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मिशन शक्ति अभियान के तहत नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन की अनुपम मिसाल पेश की है। एक साधारण गृहिणी से ‘लखपति दीदी’ बनने तक का उनका सफर उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और श्री बाबा गोरखनाथ कृपा मिल्क प्रोड्यूसर संस्था (MPP) के सहयोग से संभव हुआ। आज रेनू न केवल अपनी आर्थिक स्वतंत्रता हासिल कर रही हैं, बल्कि अपने गाँव की 69 महिलाओं को प्रेरित कर रही हैं, जो मिशन शक्ति के तहत महिला सशक्तीकरण की नई कहानी लिख रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस मुहिम ने रेनू जैसे लाखों ग्रामीण महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता का आधार दिया है। रेनू देवी का सफर तब शुरू हुआ जब वे चमेली स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं, जहाँ उन्हें सामूहिकता और बचत का पहला सबक मिला। हालांकि, समूह से होने वाली आय परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं थी। इस बीच, श्री बाबा गोरखनाथ कृपा मिल्क प्रोड्यूसर संस्था के दूध संकलन केंद्र (MPP) की स्थापना हुई। संस्था की बैठकों में जब रेनू ने सुना कि दूध की गुणवत्ता के लिए उचित मूल्य, व्यवस्थित संग्रह और सीधा बैंक भुगतान मिलेगा, तो उन्हें आत्मनिर्भरता का नया रास्ता दिखाई दिया। रेनू बताती हैं कि मैंने सोचा, यह मेरे लिए सम्मानजनक आजीविका और बचत का जरिया हो सकता है। संस्था से जुड़ने से पहले रेनू के पास सिर्फ 2 गाय थीं, जिनसे 4 लीटर दूध प्रतिदिन मिलता था, जो घरेलू उपयोग में चला जाता था। 7 दिसंबर 2023 को संस्था की सदस्य बनने के बाद उन्हें गुणवत्ता प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग मिला। इस सहायता से प्रेरित होकर उन्होंने 3 और गायें खरीदीं और अब उनके पास 5 गायें हैं, जिनसे प्रतिदिन 25 लीटर दूध प्राप्त होता है। यह दूध वे दूध संकलन केंद्र (MPP) पर जमा करती हैं। उनकी मेहनत रंग लाई और अब तक उन्होंने 4.50 लाख रुपये से अधिक का सालाना व्यवसाय कर रही हैं। औसत मासिक आय 44 हजार रुपये से अधिक है। यह राशि सीधे उनके बैंक खाते में आती है, जिससे वे नियमित बचत कर रही हैं। रेनू बताती हैं कि योगी सरकार की योजनाओं ने उनकी जिंदगी को नई दिशा दी। वे अपने तीन बच्चों को बेहतर स्कूलों में पढ़ा रही हैं और परिवार के अन्य सदस्यों की आर्थिक मदद कर रही हैं। कहती हैं कि संस्था का सहयोग और समय पर भुगतान ने मुझे आत्मविश्वास दिया। अब मैं सिर्फ अपनी नहीं, अपने गाँव की महिलाओं की प्रेरणा बनना चाहती हूं। उनकी प्रेरणा से अब तक 69 महिलाएं संस्था से जुड़ चुकी हैं, जो उनके मार्गदर्शन में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मिशन शक्ति अभियान ने रेनू जैसी हजारों महिलाओं की जिंदगी को पूरी तरह से बदल दिया है। सीएम योगी की दूरदर्शी नीतियों ने रेनू जैसे ग्रामीण महिलाओं को सुरक्षा और सम्मान के साथ आर्थिक स्वावलंबन का अवसर दिया है। आज वे ‘आत्मनिर्भर भारत’ के चेहरे के रूप में उभरी हैं, जो न केवल खुद को, बल्कि पूरे समाज को सशक्त कर रही हैं। मिशन शक्ति के तहत महिला बीट पुलिस अधिकारियों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों ने ग्रामीण महिलाओं को सुरक्षा का आश्वासन दिया, जबकि आजीविका मिशन ने उन्हें आर्थिक आजादी प्रदान की। रेनू की मेहनत और सरकार के सहयोग ने उन्हें लखपति दीदी बना दिया, जो अब गाँव की अन्य महिलाओं के लिए रोल मॉडल हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में करेंगे यूपीआईटीएस 2025 का शुभारंभ

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2025: प्रदेश की औद्योगिक, कृषि, सांस्कृतिक और नवाचार क्षमताओं का होगा भव्य प्रदर्शन  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में करेंगे यूपीआईटीएस 2025 का शुभारंभ  निवेश और व्यापार को बढ़ावा देने के साथ ही उत्तर प्रदेश को वैश्विक मंच पर स्थापित करेगा आयोजन युवाओं, उद्यमियों व अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के लिए फ्यूचर-रेडी प्लेटफॉर्म तैयार करना है उद्देश्य क्राफ्ट, कल्चर और कुजीन के संगम का प्रतीक बनकर प्रदेश की विविध पहचान सामने लाएगा यूपीआईटीएस 2025 विगत दो संस्करणों में यूपीआईटीएस ने की आकार, आंकड़ों और प्रभाव में दोगुना से अधिक प्रगति  तीसरे संस्करण में 2500 से अधिक प्रदर्शक, 500 विदेशी खरीदार और 5 लाख से अधिक विजिटर्स के आने की उम्मीद पार्टनर कंट्री के रूप में सम्मिलित होगा रूस, दोनों देशों के नीति निर्माताओं को मिलेगा साझा मंच  ग्रेटर नोएडा/लखनऊ,  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के तीसरे संस्करण का शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदर्शी सोच के तहत 25 से 29 सितंबर तक आयोजित होने जा रहे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2025 में प्रदेश की औद्योगिक, कृषि, सांस्कृतिक और नवाचार क्षमताओं का भव्य प्रदर्शन होगा। इस मेगा आयोजन का उद्देश्य केवल निवेश और व्यापार को बढ़ावा देना नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश को वैश्विक मंच पर स्थापित करना और युवाओं, उद्यमियों व अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के लिए फ्यूचर-रेडी प्लेटफॉर्म तैयार करना भी है। योगी सरकार की पहल से यह ट्रेड शो “क्राफ्ट, कल्चर और कुज़ीन” के संगम का प्रतीक बनकर प्रदेश की विविध पहचान को दुनिया के सामने लाएगा। तीन वर्षों में दोगुना आकार, वैश्विक पहचान 2023 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा उद्घाटित पहले संस्करण से लेकर 2024 में तत्कालीन उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ द्वारा उद्घाटन किए गए दूसरे संस्करण तक, यूपीआईटीएस ने आकार, आंकड़ों और प्रभाव में दोगुना से अधिक प्रगति की है। पहले आयोजन में 1914 प्रदर्शक और 400 विदेशी खरीदार थे, जबकि दूसरे संस्करण में 2122 प्रदर्शक, 350 विदेशी खरीदार और 5 लाख विजिटर्स शामिल हुए। 2200 करोड़ रुपए से अधिक के निर्यात ऑर्डर और 40 करोड़ रुपए से ज्यादा की सीधी बिक्री ने इसे निवेश और निर्यात का केंद्र बनाया। तीसरे संस्करण में 2500 से अधिक प्रदर्शक, 500 विदेशी खरीदार और 5 लाख से अधिक विजिटर्स के आने की उम्मीद है। ओडीओपी पवेलियन: हर जिले की कहानी और वैश्विक पहचान हॉल नंबर 9 में सजने वाला वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) पवेलियन 343 स्टॉल्स के माध्यम से हर जिले के सिग्नेचर प्रोडक्ट्स को पेश करेगा। भदोही का कालीन, फिरोजाबाद का ग्लासवर्क, मुरादाबाद का मेटलवेयर और सहारनपुर की नक्काशी जैसे उत्पाद “लोकल से ग्लोबल” की यात्रा को नई दिशा देंगे। यह पवेलियन न केवल शिल्प और हस्तकला को वैश्विक पहचान देगा, बल्कि स्टार्टअप्स, डिज़ाइनर्स और अंतरराष्ट्रीय बायर्स के लिए नेटवर्किंग, व्यापारिक सौदे और साझेदारी के अवसर भी खोलेगा। रूस–इंडिया बिजनेस डायलॉग खोलेगा नए अवसरों का द्वार इस बार रूस आयोजन के साथ बतौर पार्टनर कंट्री सम्मिलित हो रहा है। 26 सितंबर को रूस–इंडिया बिजनेस डायलॉग आयोजित किया जाएगा, जिसमें भारत और रूस के उद्योगपतियों, वित्तीय संस्थानों, बीमा कंपनियों, शिक्षा क्षेत्र और सरकारी नीति-निर्माताओं के लिए साझा मंच उपलब्ध होगा। दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग, तकनीकी साझेदारी और संयुक्त उपक्रमों को प्रोत्साहित करने का यह अवसर उत्तर प्रदेश के उद्योगों और कारोबारियों के लिए नई संभावनाएं खोलेगा। एआई मॉडल और तकनीकी नवाचार आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग 200 वर्ग मीटर क्षेत्र में एआई मॉडल का लाइव डेमॉन्सट्रेशन पेश करेगा। कर्व्ड एलईडी वॉल, स्मार्ट वीडियो डिस्प्ले, वीआईपी लाउंज और स्टार्टअप्स के लिए समर्पित क्षेत्र जैसे आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित यह पवेलियन तकनीकी प्रगति और नवाचार को प्रदर्शित करेगा और दिखाएगा कि कैसे योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश को उद्यम, नवाचार और तकनीकी कौशल का नया केंद्र बनाया है। निवेश और विकास का केंद्र बनेगा इंडिया एक्सपो मार्ट मास्टर एग्ज़िबिशन लेआउट के तहत हॉल-1 से 8 और 15 बी2बी गतिविधियों, हॉल-9, 10 और 12 बी2सी गतिविधियों, तथा हॉल-11 और 14 दोनों का हब बनेगा। ग्राउंड फ्लोर पर प्रदर्शनी में यूपीसीडा, इन्वेस्ट यूपी, जीनीडा, यीडा, सिविल एविएशन, रूस पवेलियन, आईटी/आईटीईएस, इलेक्ट्रिकल-इलेक्ट्रॉनिक्स, पर्यटन, क्लीन मिशन, ओडीओपी, कृषि, डेयरी, टेक्सटाइल और लॉजिस्टिक्स शामिल होंगे। सेकेंड फ्लोर पर इनॉगरेशन, बी2बी मीटिंग्स, नॉलेज सेशन, रिन्यूएबल एनर्जी, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग, हेल्थ, एजुकेशन और सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन होगा। स्वाद उत्तर प्रदेश दिखाएगा खानपान की विविधता “स्वाद उत्तर प्रदेश” थीम के तहत गेट नंबर 3 से हॉल नंबर 7 तक 25 आकर्षक फूड स्टॉल्स लगाए जाएंगे। मुरादाबादी दाल, बनारसी पान व लस्सी, पंछी पेठा, जैन शिकंजी, मथुरा का पेड़ा और खुर्जा की खुरचन जैसे लजीज व्यंजन आगंतुकों को यूपी की खानपान परंपरा का अनुभव कराएंगे। 3×3 मीटर ऑक्टोनॉम स्टॉल्स और 100 किलोवॉट पावर बैकअप से सुसज्जित यह सेक्शन एमएसएमई उद्यमियों और फूड ब्रांड्स को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा। सीएम युवा पवेलियन युवाओं को उद्यमिता से जोड़ेगा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्ष योजना सीएम युवा के तहत हॉल नंबर 18ए में 150 इनोवेटिव स्टॉल्स स्थापित किए जाएंगे, जहां फ्रेंचाइजी और टेक्नोलॉजी आधारित बिजनेस मॉडल्स, एग्रीटेक, हेल्थटेक और स्टार्टअप आइडियाज प्रदर्शित होंगे। 27 सितंबर को 27 प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के साथ एमओयू हस्तांतरण होगा। अंतिम वर्ष के छात्र और पूर्व छात्र इन प्रोजेक्ट्स में शामिल हो सकेंगे, जबकि बैंकर्स और इंडस्ट्री लीडर्स वित्तीय सहयोग व मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। प्रदेश के सभी 75 जिलों के सीएम युवा फेलोज ब्रांड्स की जानकारी अपने क्षेत्रों तक पहुंचाएंगे। डिजिटल कैंपेन और वेबसाइट conclave.cmyuva.org.in युवाओं को इस प्लेटफॉर्म से जोड़ेगा। नॉलेज सेशन्स होगे योगी सरकार की प्राथमिकताओं का केंद्र 26 से 28 सितंबर तक आयोजित होने वाले नॉलेज सेशन्स में स्टार्टअप्स, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, मेडिकल हेल्थ, इंश्योरेंस अवेयरनेस, ई-कॉमर्स एक्सपोर्ट्स और स्किल डेवलपमेंट जैसे विषयों पर विशेषज्ञ मार्गदर्शन देंगे। 27 सितंबर को सीएम युवा योजना के तहत 27 यूनिवर्सिटीज के साथ एमओयू एक्सचेंज और खादी फैशन शो आयोजित होंगे। बी2बी और बी2सी मीटिंग्स के साथ यह नॉलेज हब युवाओं, उद्यमियों और निवेशकों को नवाचार और विकास की नई दिशा देगा। सांस्कृतिक धरोहर का जीवंत प्रदर्शन यूपीआईटीएस 2025 न केवल व्यापार का मंच होगा, बल्कि उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का भी जीवंत प्रदर्शन करेगा। आगंतुक भोजपुरी, अवधी, बुंदेली और थारू लोक परंपराओं के रंगीन प्रदर्शन के साथ-साथ सूफी गायन, कथक नृत्य और सुगम … Read more

26 सितम्बर को सीएम योगी करेंगे 4 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को लाभान्वित

छात्रों को समय से पहले मिलेगी छात्रवृत्ति, योगी सरकार का क्रांतिकारी कदम 26 सितम्बर को सीएम योगी करेंगे 4 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को लाभान्वित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में सीएम योगी करेंगे छात्रवृत्ति का वितरण फरवरी-मार्च की जगह अब सितम्बर माह में ही वितरित की जाएगी छात्रवृत्ति पिछड़ा वर्ग कल्याण, समाज कल्याण और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने मिलकर व्यापक रणनीति बनाई 2024 में पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लगभग 59 लाख छात्र-छात्राओं को  मिली थी छात्रवृत्ति वर्ष 2025 में यह संख्या बढ़कर 70 लाख से अधिक होने की संभावना लखनऊ  प्रदेश की योगी सरकार छात्र-छात्राओं के भविष्य और उनके हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। बेहतर शिक्षा माहौल देने के साथ-साथ आर्थिक सहायता के रूप में छात्रवृत्ति प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का कार्य लगातार जारी है। इसी क्रम में इस वर्ष एक क्रांतिकारी पहल करते हुए छात्रवृत्ति समय से पहले देने का निर्णय लिया गया है। आगामी 26 सितम्बर को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के जूपिटर हाल में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में प्रदेश के 4 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। पहले मार्च में मिलती थी छात्रवृत्ति, अब सितम्बर में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण नरेन्द्र कश्यप ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में छात्रवृत्ति वितरण व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव किया गया है। पूर्व में छात्रवृत्ति फरवरी-मार्च माह में दी जाती थी, जबकि अब इसे नवरात्र और सितम्बर माह में वितरित किया जा रहा है, जिससे छात्र-छात्राएँ इसका लाभ समय पर उठा सकें। यह छात्र छात्राओं के लिए एक तरह से दीपावली का गिफ्ट भी होगा।  70 लाख से अधिक छात्रों तक पहुंचेगी योजना उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में प्रदेश के पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लगभग 59 लाख छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति मिली थी, जबकि वर्ष 2025 में यह संख्या बढ़कर 70 लाख से अधिक जाएगी। सरकार द्वारा छात्रवृत्ति का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। सीएम योगी के मार्गदर्शन से बनी रणनीति मंत्री ने कहा कि छात्रों को समय से पूर्व छात्रवृत्ति मिल सके, इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मार्गदर्शन लेकर पिछड़ा वर्ग कल्याण, समाज कल्याण और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने मिलकर व्यापक रणनीति बनाई। यही कारण है कि इस बार छात्रवृत्ति का लाभ छात्रों तक नवरात्र के पवन अवसर पर पहुँचेगा। इस अवसर पर अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ओम प्रकाश राजभर, पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप, समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण, राज्य मंत्री समाज कल्याण संजीव गोंड, एवं अल्पसंख्यक राज्य मंत्री दानिश आज़ाद अंसारी उपस्थित रहेंगे।

‘नेक्स्ट जेन GST बचत उत्सव’ पर पत्रकार वार्ता में बोले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

जीएसटी रिफॉर्म से यूपी के व्यापारियों और ग्राहकों को हुआ सबसे अधिक लाभ : योगी आदित्यनाथ  ‘नेक्स्ट जेन GST बचत उत्सव’ पर पत्रकार वार्ता में बोले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  मुख्यमंत्री योगी ने हजरतगंज बाजार में व्यापारियों और ग्राहकों से किया संवाद  बोले योगी- विद्यार्थियों की पढ़ाई हुई सस्ती, नोटबुक-पेंसिल पर जीएसटी शून्य  घरेलू सामान पर जीएसटी घटाकर किया गया 0 से 5% : मुख्यमंत्री   जीवन रक्षक 33 दवाओं को जीएसटी से पूरी तरह छूट : सीएम योगी  बाजार में खपत बढ़ी, उत्पादन और रोजगार में आएगी तेजी : योगी आदित्यनाथ  देश का जीएसटी कलेक्शन 7 लाख करोड़ से पहुंचा 22 लाख करोड़ : मुख्यमंत्री  त्योहारों के सीजन में उपभोक्ताओं को मिली बड़ी राहत : सीएम योगी  लखनऊ शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिन से लागू हुए ‘नेक्स्ट जेन GST रिफॉर्म’ ने बाजार में नई ऊर्जा भर दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को हजरतगंज स्थित यूनिवर्सल बुकसेलर के पास आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि घटे हुए जीएसटी रेट्स से आम उपभोक्ता, व्यापारी और उद्यमी सभी वर्गों को बड़ा लाभ मिल रहा है। इस रिफॉर्म ने जहां उपभोक्ताओं को राहत दी है, वहीं बाजार की मजबूती और रोजगार सृजन का मार्ग भी प्रशस्त किया है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं के मामले में देश का सबसे बड़ा राज्य होने के कारण जीएसटी रिफॉर्म का सबसे अधिक लाभ यूपी के व्यापारियों और ग्राहकों को होगा। त्योहारों के सीजन में बड़ा कदम मुख्यमंत्री ने बताया कि विद्यार्थियों के लिए नोटबुक, पेंसिल और अन्य शैक्षणिक सामग्री पर जीएसटी शून्य कर दिया गया है। इसी तरह घरेलू उपयोग की आवश्यक सामग्रियों को जीरो से 5 प्रतिशत के दायरे में लाया गया है। जीवन रक्षक 33 प्रकार की दवाओं को भी पूरी तरह से जीएसटी से मुक्त कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि बाजार में खपत बढ़ने से उत्पादन में वृद्धि हुई है। इससे व्यापारी और उद्यमी दोनों को लाभ हुआ है और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुले हैं। त्योहारों के सीजन में यह बड़ा कदम उपभोक्ताओं के लिए राहत लेकर आया है। अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती  मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी देश का सबसे बड़ा उपभोक्ता राज्य है और इस रिफॉर्म से यहां की अर्थव्यवस्था को विशेष मजबूती मिलेगी। सीएम ने बताया कि जीएसटी लागू होने के बाद देश का कलेक्शन 7 लाख करोड़ से बढ़कर 22 लाख करोड़ तक पहुंचा है, जबकि यूपी में यह 49 हजार करोड़ से बढ़कर 1.15 लाख करोड़ से ऊपर पहुंच चुका है। महंगाई से राहत देने की दिशा में बड़ा कदम पत्रकार वार्ता से पहले मुख्यमंत्री ने हजरतगंज मार्केट में व्यापारियों और उपभोक्ताओं से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने जीएसटी रिफॉर्म से संबंधित पंपलेट और बैनर वितरित किए। सीएम ने दुकानदारों और ग्राहकों से संवाद भी किया। व्यापारियों और उपभोक्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री के प्रति आभार जताया। सीएम योगी ने कहा कि यह रिफॉर्म भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत आवश्यक थे और देश को महंगाई से राहत देने की दिशा में बड़ा कदम साबित होंगे।

चंदे से खरीदी कार बनी चिता: दर्दनाक सड़क हादसे में चार दोस्तों की मौत, पांचवां बचा

अलीगढ़ दिल्ली-कानपुर हाईवे पर अकराबाद इलाके में हुए भीषण हादसे में कार सवार चार दोस्तों और कैंटर चालक की जिंदा जलकर मौत हो गई। मंगलवार तड़के करीब साढ़े पांच बजे यह हादसा उस वक्त हुआ, जब सिकंदराराऊ से आती तेज रफ्तार कार का गोपी फ्लाईओवर पर अचानक टायर फट गया। इसके बाद अनियंत्रित हुई कार डिवाइडर लांघकर विपरीत दिशा से आते कैंटर से जा भिड़ी। कार सवार पांचवां दोस्त जिंदगी और मौत से जूझ रहा है। घटनाक्रम तड़के करीब साढ़े पांच बजे का है। हाथरस सिकंदराराऊ निवासी पांच दोस्त कार में सवार होकर अलीगढ़ आ रहे थे। हाईवे पर तेज गति से दौड़ती कार गोपी फ्लाईओवर से उतर रही थी। तभी अचानक कार का ड्राइवर साइड का टायर फट गया। इसके बाद अनियंत्रित हुई कार पलक झपकते ही डिवाइडर को लांघकर विपरीत दिशा में सामने से आते कैंटर में जा भिड़ी। कैंटर अलीगढ़ से स्टेशनरी लादकर कासगंज जा रहा था। भिड़ंत के साथ ही कार की पेट्रोल टंकी धमाके के साथ फटी और अचानक से दोनों वाहनों के आगे के हिस्सों में आग लग गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पलक झपकते ही दोनों वाहन आग की लपटों में घिर गए। तभी कार की ड्राइविंग सीट पर सवार युवक किसी तरह शीशा टूटने से बाहर लटक गया। सुबह-सुबह हाईवे पर टहलने निकले ग्रामीणों ने उसे खींचकर निकाला। आनन-फानन सूचना पर पुलिस, दमकल, एसपी देहात, एसपी यातायात, सीओ बरला आदि पहुंच गए। सूचना पर 45 मिनट बाद अलीगढ़ व सिकंदराराऊ से दो दमकलें मौके पर आईं। करीब आधा घंटे के प्रयास के बाद आग बुझाई जा सकी। तब तक कार में सवार चार दोस्त व कैंटर चालक की जिंदा जलकर मौत हो गई।   चार दोस्तों के लिए चिता बनी चंदे से खरीदी कार शायद ही किसी को अंदेशा होगा कि दोस्तों ने जो पुरानी कार आपस में चंदा करके खरीदी, उसी पुरानी कार की 125 की रफ्तार चार दोस्तों की जान ले लेगी। मंगलवार सुबह दिल्ली-कानपुर हाईवे पर भीषण हादसे की वजह तकनीकी जांच में कुछ यही निकलकर आई है। दुर्घटना के बाद एआरटीओ प्रवेश कुमार की अगुवाई में संभागीय परिवहन कार्यालय की टीम मौके पर पहुंची। जहां कई घंटे तक हुई जांच पड़ताल के बाद टीम की ओर से बताया गया कि जिस कार में पांच दोस्त सवार थे। वह दिल्ली के गौतम नगर निवासी राहुल के नाम फरवरी 2011 में खरीदी गई। वहीं अस्पताल में भर्ती सुमित का कहना है कि अचानक कार पलटी और सबकुछ खत्म हो गया। परिवार व मित्रों से मिली जानकारी के अनुसार, राहुल से यह कार इन दोस्तों ने करीब चार माह पहले आपस में रुपये एकत्रित कर खरीदी थी। कार की फिटनेस फरवरी 2026 तक मान्य है, जबकि बीमा मई 2025 में खत्म हो गया है। वहीं दुर्घटना में शामिल कैंटर सरदार पटेल मार्ग कासगंज के राजेंद्र सिंह के नाम से फरवरी 2013 में खरीदा गया। जिसका बीमा नवंबर 2025 तक मान्य है, जबकि फिटनेस मई 2025 में खत्म हो गई थी। वहीं गुड्स परमिट 2029 तक मान्य है।   सीएनजी का भी मचा शोर, पुष्टि नहीं इस हादसे के बाद कार में सीएनजी किट अलग से लगी होने और उसके कारण आग लगने का शोर मचा था, लेकिन एआरटीओ प्रवेश कुमार ने कार में सीएनजी की फिटिंग न होने की पुष्टि की है। भिड़ंत के बीच स्पार्किंग से आग का अंदेशा एआरटीओ प्रवेश कुमार ने बताया कि दोनों वाहनों की तकनीकी जांच, दुर्घटना पर मिले साक्ष्य व प्रत्यक्षदर्शियों से बातचीत के बाद निकलकर आया है कि कार की गति 120 से 125 किमी. प्रतिघंटा के बीच थी। वहीं कैंटर की गति 70 से 80 के मध्य थी। ओवरब्रिज से अलीगढ़ की ओर उतरते समय फर्राटा भरती पुरानी कार का ड्राइवर साइड का टायर अचानक से फटा। इसके बाद कार डिवाइडर कूदकर विपरीत दिशा में आकर सामने से आती कैंटर से जा भिड़ी। तभी कार में तेज धमाके के साथ पेट्रोल टंकी फटी है। स्पार्किंग होने का भी अंदेशा है।   रात भर दौड़ाई कार, पुलिस ने नहीं दिया ध्यान मृतकों के परिजनों ने बताया कि पांचों दोस्तों ने सोमवार को अपने दोस्त फैज के जन्मदिन की पार्टी सिकंदराराऊ के पंत चौराहे पर की थी। यहीं पर इन युवकों ने केक काटा। केक काटने के बाद यह युवक सिकंदराराऊ की सड़कों पर ही रात भर कार को दौड़ाते रहे, लेकिन पुलिस ने इन पर कोई ध्यान नहीं दिया। अगर पुलिस ने इन्हें रोका-टोका होता तो शायद यह हादसा नहीं होता।   अलीगढ़ में पहले भी आग में जिंदा जल चुके लोग 19 सितंबर 2009 गभाना क्षेत्र के नगला नत्था के पास टैंकर व ट्रक की टक्कर के बाद टैंकर में लगी आग में जलकर चालक की मौत। 11 नवंबर 2017 हरदुआगंज क्षेत्र में कार में आग लगने से चालक जिंदा जला। 15 दिसंबर 2018 हाथरस के सिकंदराराऊ व अकराबाद के बीच कार में आग लगने से कार सवार चार लोग जिंदा जले। शोक में स्थगित हुआ रामलीला का शुभारंभ हादसे में चार युवकों की मौत के शोक में नगर में मंगलवार को रामलीला महोत्सव के शुभारंभ का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया। अब बुधवार को सामूहिक रूप से गणेश पूजन किया जाएगा और रामलीला प्रारंभ होगी। कमेटी के अध्यक्ष दाऊदयाल वाष्र्णेय, पदाधिकारी जयपाल सिंह चौहान, नितिन पुंडीर, पंकज गुप्ता व गिरीश मोहन गुप्ता ने बताया कि नगर के चार युवकों की आकस्मिक मौत से पूरे नगर में शोक है। ऐसे में सर्वसम्मति से रामलीला और गणेश पूजन का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया है।   दो वाहनों के आपस में टकराने के कारण तेज दबाव बन जाता है। दबाव के कारण दोनों वाहनों के टैंक टकराने से फट जाते हैं। इस कारण आग लग जाती है। वाहन भी ऑटोमेटिक आ रहे हैं। इस कारण हादसे के दौरान ऑटोमेटिक वाहन का सिस्टम फेल हो जाता है, जिससे वाहन लॉक हो जाते हैं। लक्ष्मण प्रसाद, एआरटीओ। तेज गति से आती कार टायर फटने के बाद डिवाइडर लांघकर विपरीत साइड में पहुंची। जहां सामने से आते कैंटर में जा भिड़ी। इसके बाद दोनों वाहनों में आग लगी। इस हादसे में कार सवार पांच में से चार दोस्तों की मौत हुई है। कैंटर चालक ने भी दम तोड़ दिया। पांचवें कार सवार का उपचार जारी है।- अमृत … Read more

मिशन शक्ति का नवाचार, जीजीआईसी चुन्नीगंज की 9 से 12 की छात्राओं की थाली में इस्कॉन का स्वाद

मिशन शक्ति -5 कक्षा 9 से 12 में छात्राओं को प्रतिदिन निःशुल्क मिड डे मील उपलब्ध कराने वाला प्रदेश का पहला विद्यालय बना कानपुर का जीजीआईसी चुन्नीगंज मिशन शक्ति का नवाचार, जीजीआईसी चुन्नीगंज की 9 से 12 की छात्राओं की थाली में इस्कॉन का स्वाद सीएम योगी के मार्गदर्शन में हुई अनूठी पहल, चुन्नीगंज की छात्राओं को प्रतिदिन मिलेगा निःशुल्क मिड-डे-मील समाज और प्रशासन की साझेदारी से पोषक व्यंजनों से सजेगी जीजीआईसी की थाली कानपुर  बरगद की छांव से छनकर आती धूप, अनुशासन में सजी कतारें और थालियों में परोसा गरमागरम भोजन। मंगलवार को कानपुर के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज (जीजीआईसी) चुन्नीगंज में यह नज़ारा किसी त्यौहार से कम नहीं था। मिशन शक्ति के अंतर्गत पहली बार कक्षा 9 से 12 तक की छात्राओं को निःशुल्क मिड-डे-मील उपलब्ध कराने का शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में कक्षा 9 से 12 में इस पहल को शुरू करने वाला जीजीआईसी चुन्नीगंज प्रदेश का पहला विद्यालय बन गया।  डीएम ने स्वयं छात्राओं के साथ बैठकर किया भोजन इस पहल से अब विद्यालय की कक्षा 9 से 12 तक की 456 छात्राओं को प्रतिदिन पौष्टिक भोजन मिलेगा। खास बात ये भी रही कि जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने स्वयं छात्राओं के साथ बैठकर भोजन किया और इस नई पहल की शुरुआत की। इससे पहले राज्य सरकार की योजना केवल कक्षा 6 से 8 तक सीमित थी। जिलाधिकारी की पहल पर इस्कॉन कानपुर और अचिन्त्य फाउंडेशन ने आगे बढ़कर जिम्मेदारी ली है कि उच्च कक्षाओं की छात्राओं को भी रोजाना भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। कक्षाओं में उपस्थिति बेहतर होने की उम्मीद विद्यालय की प्रिंसिपल मंगलम गुप्ता ने बताया कि संस्थान में कुल 705 छात्राएं अध्ययनरत हैं। इनमें कक्षा 6 से 8 तक की 249 छात्राओं को अक्षयपात्र फाउंडेशन के माध्यम से पहले से ही भोजन मिल रहा है, जिसकी वजह से उनकी उपस्थिति 80 प्रतिशत से अधिक है। जबकि कक्षा 9 से 12 की 456 छात्राओं की उपस्थिति लगभग 50 प्रतिशत तक सिमटी रही। भोजन मिलने से बड़ी कक्षाओं में भी उपस्थिति बेहतर होने की उम्मीद है। प्रतिदिन निःशुल्क भोजन की आपूर्ति इस्कान के प्रभु अमृतेश कृष्ण दास ने कहा कि स्थानीय गतिविधियों के अंतर्गत हम जिला प्रशासन का पूरा सहयोग करने के लिए तत्पर हैं ताकि हमारा समाज भूख से मुक्त हो सके। हमारी पूरी योजना तैयार है और हम प्रतिदिन पांच हज़ार लोगों को भोजन उपलब्ध कराने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने कहा कि इस्कॉन द्वारा विद्यालय को प्रतिदिन निःशुल्क भोजन की आपूर्ति की जाएगी। 20 लाख रुपये प्रतिवर्ष का व्यय समाजसेवी एवं अचिन्त्य फाउंडेशन के निदेशक अभिषेक अग्रवाल ने कहा कि इस योजना पर लगभग 20 लाख रुपये प्रतिवर्ष का व्यय आएगा, जिसे इस्कॉन, अचिन्त्य फाउंडेशन और अन्य समाजसेवियों के सहयोग से पूरा किया जाएगा। छात्राओं की सेहत और पढ़ाई दोनों में सकारात्मक असर होगा जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि यह पहल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के मिशन शक्ति से जुड़े विजन के अनुरूप शिक्षा और पोषण को जोड़ने का प्रयास है। डीएम ने बताया कि इससे छात्राओं की सेहत और पढ़ाई दोनों में सकारात्मक असर होगा और समाज की भागीदारी से शिक्षा को और सशक्त बनाया जा सकेगा। जिलाधिकारी ने इसके साथ ही जनसहयोग से कक्षा 9 से 12 की 456 छात्राओं को स्कूली ड्रेस एवं जूते भी उपलब्ध कराए हैं, जिससे उन्हें पढ़ाई में और सुविधा मिलेगी। अन्य जनपद भी अपना सकते हैं मॉडल प्रदेश में मिड-डे-मील योजना वर्षों से कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए संचालित हो रही है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस योजना से स्कूल छोड़ने की दर में कमी आई और छात्र-छात्राओं की उपस्थिति में वृद्धि हुई। जीजीआईसी चुन्नीगंज का यह प्रयोग अब उच्च कक्षाओं तक मिड-डे-मील की संभावनाओं को खोलता है। यदि यह मॉडल सफल होता है, तो इसे जनपद के अन्य विद्यालयों में भी लागू किया जाएगा। इस अवसर पर डीआईओएस संतोष कुमार राय, समाजसेवी दिशा अरोड़ा सहित विभिन्न अधिकारी एवं विद्यालय की छात्राएं मौजूद थी। हर दिन थाली में अलग स्वाद इस्कॉन द्वारा जीजीआईसी चुन्नीगंज की छात्राओं के लिए मिड-डे-मील का मेन्यू इस तरह तैयार किया गया है कि थाली में पौष्टिकता के साथ स्वाद का संतुलन भी बना रहे। सप्ताह के हर दिन कुछ नया मिलेगा— सोमवार – कढ़ी पकोड़ा, आलू-परवल, चावल, रोटी मंगलवार – चावल, मूंग दाल, रोटी, सोया आलू बुधवार – चावल, अरहर दाल, रोटी, चना आलू गुरुवार – चावल, मूंग दाल छिलका, रोटी, आलू सीताफल शुक्रवार – चावल, रोटी, छोला, हलवा शनिवार – चावल, राजमा, मिक्स सब्ज़ी, रोटी यह विविधता न केवल बच्चों के स्वाद को लुभाएगी, बल्कि उनके पोषण स्तर को भी बेहतर बनाएगी।

11 साल पहले ट्रेन हादसे के बाद लोगों की मदद के लिए योगी ने नवरात्र तोड़ी थी पीठ की परंपरा

लोक कल्याण के आगे गोरक्षपीठ ने कभी नहीं की परंपरा की परवाह 11 साल पहले ट्रेन हादसे के बाद लोगों की मदद के लिए योगी ने नवरात्र तोड़ी थी पीठ की  परंपरा बतौर सीएम बार बार नोएडा और अयोध्या जाकर भी दी परंपरा को चुनौती  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 19 सितंबर को ग्रेटर नोएडा में थे। इस दौरान उन्होंने एक्सपोमार्ट जाकर  25 से 29 सितंबर तक आयोजित यूपी ट्रेड शो की तैयारियों का निरीक्षण किया। चंद रोज बाद भी वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ नोएडा में होंगे। अवसर होगा एशिया के सबसे बड़े इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लोकार्पण का। मार्च 2017 में मुख्यमंत्री बनने के बाद से योगी विकास परियोजनाओं के शिलान्यास, लोकार्पण, समीक्षा बैठकों के लिए करीब 20 बार नोएडा जा चुके होंगे। यह वही नोएडा है जिसे तीन दशक तक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों ने अभिशप्त शहर मान लिया था। मान्यता थी कि जो बतौर सीएम नोएडा गया, उसे कुर्सी से हाथ धोनी पड़ी। कुर्सी को ही सब कुछ मानने वालों के दिलोदिमाग में यह डर इतना बैठ गया कि कोई नोएडा जाता ही नहीं था। दरअसल, योगी गोरखपुर स्थित जिस गोरक्षपीठ के पीठाधीश्वर हैं वह शुरू से ऐसी मान्यताओं का विरोधी रही है। अस्पृश्यता के दौर में योगी के गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ का काशी के डोमराजा के घर भोजन इसका सबसे बड़ा प्रमाण है। बाद में तो सामाजिक समरसता के लिए सहभोज पीठ ने इसकी परंपरा ही शुरू कर दी। ग्यारह साल पूर्व नवरात्र में जब योगी ने तोड़ी थी पीठ की परंपरा बात करीब 11 साल पुरानी है। सितंबर खत्म होने को था। गुलाबी सर्दी की शुरुआत हो चुकी थी। शारदीय नवरात्र के दिन चल रहे थे। साल के दोनों नवरात्र गोरक्षपीठ के लिए बेहद खास होते है। मंदिर स्थित मठ पर ही सारे अनुष्ठान और पूजन होते हैं। परंपरा के मुताबिक इस दौरान पीठ के पीठाधीश्वर या उनके उत्तराधिकारी मठ की पहली मंजिल से नीचे नहीं उतरते। न जाने कबसे प्रचलित पीठ की इस परंपरा को योगी ने 30 सितंबर 2014 को तोड़ दिया। क्यों तोड़ी थी परंपरा परंपरा तोड़ने की वजह एक ट्रेन हादसा बनी। हुआ यह कि गोरखपुर स्थित नंदानगर क्रासिंग पर कृषक एक्सप्रेस ने बरौनी एक्सप्रेस में पीछे से टक्कर मार दी। दोनों यात्री ट्रेनें। हजारों की संख्या में यात्री। इसमें बच्चे, बुजुर्ग, बीमार, महिलाएं और चोटिल सभी शामिल थे। सबके साथ सामान अलग से। वक्त भी रात का था। वहां से रेलवे स्टेशन और बस स्टेशन की दूरी करीब 6 से 7 किलोमीटर थी। मदद के संसाधन कम थे। लोग चर्चा करते सुने गए छोटे महाराज (योगीजी) आ जाते तो लोगों की समय से प्रभावी मदद हो जाती। मुंहों मुंह बात उन तक पहुंची। स्थित की गंभीरता का उनको अहसास हुआ। परंपरा तोड़ वह मठ से नीचे उतरे और दुर्घटनास्थल की ओर रवाना हो गए। जानकारी मिलते ही हजारों  समर्थक भी वहां पहुंच गए। प्रशासन भी अपेक्षाकृत अधिक सक्रिय हो गया। कुछ देर में सभी यात्रियों को सुरक्षित रेलवे स्टेशन या बस स्टेशन पहुंचा दिया गया था। जिस अयोध्या का नेता नाम नहीं लेते थे वहां भी बार-बार गये योगी यही नहीं जिस अयोध्या के नाम से राजनीतिक दलों को करंट लगता था, वहां बार-बार जाकर योगी ने साबित किया कि पहले की तरह वह अयोध्या के हैं और अयोध्या उनकी। और, अब तो उनके ही कार्यकाल में उनके गुरु के सपनों के अनुसार अयोध्या में जन्मभूमि पर भव्य राम मंदिर बनकर लगभग तैयार है। मंदिर निर्माण के साथ विभिन्न परियोजनाओं के जरिए अयोध्या का कायाकल्प भी हो रहा है। आने वाले कुछ वर्षों में अयोध्या का शुमार धार्मिक लिहाज से दुनिया के सबसे खूबसूरत धार्मिक पर्यटन स्थलों में होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की यही मंशा भी है। वह बार बार इसकी चर्चा भी करते हैं।