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जिम्मेदार ड्राइविंग की संस्कृति विकसित करने के उद्देश्य से अभियान चला रहा है परिवहन विभाग

लखनऊ  योगी आदित्यनाथ सरकार सड़क पर लोगों के जीवन और सम्पत्ति की सुरक्षा को लेकर बेहद गंभीर है। प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, यातायात नियमों के पालन को बढ़ावा देने और नागरिकों में जिम्मेदार ड्राइविंग की संस्कृति विकसित करने के उद्देश्य से अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी क्रम में परिवहन विभाग ने अन्य संबंधित विभागों के साथ मिलकर विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया और महज 7 दिन में बड़े स्तर पर कार्रवाई की। परिवहन विभाग के अनुसार, प्रदेश में विशेष प्रवर्तन अभियान के दौरान नियमों का पालन न करने पर 20 से 26 मई तक 57,186 चालान किए गए। वहीं 2,669 वाहनों को सीज किया। सड़क दुर्घटनाओं में हेलमेट और सीट बेल्ट की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसी कारण इन दोनों बिंदुओं पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। अभियान के दौरान 23,758 हेलमेट न लगाने वालों के चालान किए गए। इसी तरह 9,083 लोगों के सीट बेल्ट न लगाने पर चालान काटे गए। ड्राइविंग के दौरान मोबाइल का उपयोग दुर्घटना की संभावना को कई गुना बढ़ा देता है। इसको देखते हुए जागरूकता और चेतावनी देने के लिए ड्राइविंग के दौरान मोबाइल उपयोग करने वाले 3,676 लोगों पर कार्रवाई की गई। अनाधिकृत बसों पर भी लगाम विभाग ने सड़क हादसों को रोकने के लिए अनाधिकृत बसों पर भी कार्रवाई की। प्रदेशभर में ऐसी 1,502 बसों का चालान काटा और 400 से अधिक को सीज किया गया। वहीं माल वाहनों में सवारी ढोने पर 1 हजार से अधिक चालन किए गए। साथ ही 91 वाहनों को सीज भी किया। अभियान के माध्यम से लोगों को हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, ओवरलोडिंग से बचने, वाहन चलाते समय मोबाइल का उपयोग न करने जैसे महत्वपूर्ण संदेश दिए गए। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि अभियान का उद्देश्य केवल दंडात्मक कार्रवाई करना नहीं, बल्कि लोगों को नियमों के पालन के लिए प्रेरित करना भी है।

यूपी में बच्चों के स्वास्थ्य पर फोकस, ‘पौष्टिक थाली’ से बदल रही नौनिहालों की जिंदगी

लखनऊ  उत्तर प्रदेश को कुपोषण के कलंक से मुक्त करने और नई पीढ़ी को शारीरिक व मानसिक रूप से सशक्त बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में एक मूक क्रांति चल रही है। राज्य सरकार ने 'पीएम पोषण योजना' के अंतर्गत परिषदीय, राजकीय और सहायता प्राप्त स्कूलों में मिलने वाले मिडडे मील को पूरी तरह 'पोषण सुरक्षा कवच' में बदल दिया है। प्रदेश के कक्षा 1 से 8 तक के लाखों छात्र-छात्राओं को अब केवल पेट भरने के लिए भोजन नहीं, बल्कि कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, विटामिन और आयरन से भरपूर संतुलित और गुणवत्तापूर्ण 'पौष्टिक थाली' दी जा रही है। इस योजना का सीधा असर बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता, स्कूलों में उनकी दैनिक उपस्थिति और सीखने की मानसिक क्षमता पर दिखने लगा है। प्राइमरी और अपर प्राइमरी के लिए तय हुए कड़े पोषण मानक बच्चों के शारीरिक और बौद्धिक विकास को वैज्ञानिक आधार देने के लिए योगी सरकार ने भोजन में कैलोरी और प्रोटीन की मात्रा का एक कड़ा मानक तय किया है, जिसे हर स्कूल में अनिवार्य रूप से लागू किया जा रहा है।      प्राथमिक स्तर (कक्षा 1 से 5): प्रत्येक बच्चे को प्रतिदिन न्यूनतम 450 कैलोरी ऊर्जा और 12 ग्राम प्रोटीन युक्त भोजन दिया जा रहा है।     उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा 6 से 8): किशोर वय के बच्चों की शारीरिक आवश्यकताओं को देखते हुए प्रतिदिन न्यूनतम 700 कैलोरी ऊर्जा और 20 ग्राम प्रोटीन सुनिश्चित किया जा रहा है। थाली में शामिल हुए दूध, सोयाबीन और मौसमी फल भोजन को उबाऊ होने से बचाने और बच्चों में चाव पैदा करने के लिए साप्ताहिक मेन्यू में विविधता लाई गई है। अब बच्चों को नियमित रूप से कार्बोहाइड्रेट और सूक्ष्म पोषक तत्व देने के लिए भोजन में निम्नलिखित चीजें शामिल की जा रही हैं।     प्रोटीन की प्रचुरता के लिए विशेष रूप से सोयाबीन और विभिन्न प्रकार की दालें।     विटामिंस और मिनरल्स की कमी को दूर करने के लिए ताजा हरी सब्जियां और मौसमी फल।     बच्चों में कैल्शियम और आयरन की पूर्ति के लिए सप्ताह में निर्धारित दिन दूध का वितरण। मध्याह्न भोजन से आगे बढ़कर बनी 'समग्र स्वास्थ्य नीति' योगी सरकार के इस विजन का सबसे बड़ा बदलाव यह आया है कि यह योजना अब सिर्फ एक प्रशासनिक मध्याह्न भोजन कार्यक्रम तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश के भविष्य को सुरक्षित करने की एक दूरगामी नीति बन चुकी है। अधिकारियों के मुताबिक, संतुलित भोजन मिलने से गरीब और ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले बच्चों में कुपोषण की दर में भारी गिरावट दर्ज की गई है। स्वस्थ शरीर मिलने से बच्चे अब कक्षाओं में अधिक एकाग्र हो पा रहे हैं, जिससे उनका शैक्षणिक प्रदर्शन भी पहले से काफी बेहतर हुआ है। स्वस्थ और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की मजबूत नींव शासन का मानना है कि एक विकसित और आत्मनिर्भर राज्य की इमारत केवल तभी खड़ी हो सकती है जब उसके बच्चे स्वस्थ और सक्षम हों। शिक्षा और पोषण के इस अनूठे समन्वय के जरिए योगी सरकार न केवल कुपोषण के खिलाफ अपनी जंग को मजबूत कर रही है, बल्कि एक आत्मविश्वासी, ऊर्जावान और मेधावी नई पीढ़ी को भी तैयार कर रही है जो आगे चलकर देश और प्रदेश की प्रगति का मुख्य आधार बनेगी।  

सूर्या की हत्या के बाद बड़ा एक्शन, पुलिस के ऑपरेशन से मचा डर; मदरसों पर भी कार्रवाई

गाजियाबाद गाजियाबाद के खोड़ा इलाके में 17 साल के सूर्या चौहान की बकरीद पर हुई हत्या के बाद पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ 'ऑपरेशन क्लीन स्वीप' का आगाज कर दिया है। हत्याकांड के मुख्य आरोपी असद का एनकाउंटर के बाद जहां उसके घर पर बुलडोजर ऐक्शन की तैयारी है तो दूसरी तरफ तीन मदरसों को भी सील कर दिया गया है। वहीं, पुलिस से मिले अल्टीमेटम के बाद करीब 250 अपराधियों ने सरेंडर किया। वे हाथों में पोस्टर लेकर माफी मांगते और फिर कभी जुर्म ना करने की कसम खाते नजर आए। मदरसों पर ऐक्शन खोड़ा में 29 मई से ही भारी पुलिस फोर्स तैनात है। मंगलवार को भी बड़ी संख्या में लोग सूर्या के घर पहुंचे थे। इसी बीच पुलिस कमिश्नर जे रविंदर गौड़ और डीएम रविंद्र मांदड़ पहुंचे। यहां प्रशासन की टीम ने लोकप्रिय विहार स्थित मदरसा रहमानिया अरबिया कासिम-उल-उलूम को सील किया। जब प्रशासनिक टीम मदरसे पर कार्रवाई करने पहुंची, तो वहां का गेट नहीं खोला गया। काफी देर इंतजार के बाद गेट को बाहर से ही सील कर दिया गया। इस बीच वहां मौजूद लोगों ने आरोप लगाया कि जिस वक्त मदरसे को सील किया गया, उसके अंदर आठ बच्चे मौजूद थे। प्रशासन ने खोड़ा के ही दो और मदरसों को चिह्नित किया है। इन्हें भी सील कर नोटिस चस्पा करने की कार्रवाई चल रही है। असद के पुराने मकान पर तोड़फोड़ का प्रयास इससे पहले सोमवार को पुलिस और प्रशासन की टीम ने आरोपी असद के पुराने मकान पर नोटिस चस्पा किया था। आरोप है कि सोमवार की रात बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने असद के इसी पुराने मकान पर पहुंचकर तोड़फोड़ की, जिससे इलाके में तनाव और बढ़ गया। गनीमत थी कि पुलिसकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर तोड़फोड़ करने वालों को रोका। इसके बाद से यहां भी पुलिस बल तैनात किया गया है। क्या है ऑपरेशन क्लीन स्वीप दरअसल, गाजियाबाद में प्रशासन ने अपराधियों पर नकेल कसने के लिए 'ऑपरेशन क्लीन स्वीप' का आगाज किया है। इसके तहत आपराधिक इतिहास रखने वाले लोगों की पहचान की जा रही है और आपराधिक गितिविधियों वाले इलाकों में रहने वाले लोगों की वेरिफिकेशन की जा रही है। डीएम ने कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने पूरे प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ त्वरित ऐक्शन के आदेश पिछले दिनों दिए हैं। इसी के तहत खोड़ा में ऑपरेशन क्लीन स्वीप चलाया जा रहा है। यहां वेरिफिकेशन के दौरान तीन मदरसे मिले हैं जो मदरसा बोर्ड से पंजीकृत नहीं हैं। पूरे गाजियाबाद में वेरिफिकेशन चलाया जाएगा, कोई भी गुंडा और अपराधी सिर ना उठा पाए। साहिबाबाद में 250 का सरेंडर गाजियाबाद में DCP धवल जायसवाल ने बताया कि साहिबाबाद में 250 अपराधियों ने कसम खाई है कि आगे कोई अपराध नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, 'गाजियाबाद कमिश्नरेट में ऑपरेशन क्लीन के तहत सभी थाना क्षेत्रों में अपराधियों के सत्यापन की कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में साहिबाबाद में जो भी पुराने हिस्ट्रीशीटर थे, अभ्यस्त अपराधी थे, उनको बुलाया गया था, उनके सत्यापन का अभियान चलाया गया है…उनके बारे में जांच की जा रही है…उनको हिदायत भी दी गई है कि वो भविष्य में किसी भी प्रकार के अपराध और अपराधियों से संपर्क ना रखें और अगर वो ऐसा करते हैं तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी…अभी तक 250 से ज्यादा अपराधियों का सत्यापन कर लिया गया है और यह अभियान अभी चल रहा है।' थाने में पहुंचे अपराधियों के हाथों में माफी और आगे कोई अपराध नहीं करने की कसम खाते हुए पोस्टर दिखे।

योगी सरकार की महत्वाकांक्षी 1,51,571 करोड़ रुपए की महत्त्वाकांक्षी परियोजना को भारत सरकार से मिली अंतिम मंजूरी

झांसी की ग्रीनफील्ड इंडस्ट्रियल सिटी परियोजना को केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने दी आधिकारिक स्वीकृति योगी सरकार की महत्वाकांक्षी 1,51,571 करोड़ रुपए की महत्त्वाकांक्षी परियोजना को भारत सरकार से मिली अंतिम मंजूरी  253.33 वर्ग किलोमीटर (62,599.20 एकड़) क्षेत्र में विकसित होगा बुंदेलखंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी मास्टर प्लान-2045 के तहत बुंदेलखंड क्षेत्र की बदलेगी तस्वीर, 5.6 लाख से अधिक युवाओं को मिलेगा रोजगार पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता : 25% हरित क्षेत्र, शून्य तरल विसर्जन तथा 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान का समावेश लखनऊ / झांसी  बुंदेलखंड क्षेत्र के आर्थिक एवं औ‌द्योगिक कायाकल्प की दिशा में योगी सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों की दिशा में आज एक ऐतिहासिक मील का पत्थर स्थापित हुआ है। भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने बुंदेलखंड औ‌द्योगिक विकास प्राधिकरण झांसी की 'ग्रीनफील्ड इंडस्ट्रियल सिटी (बीडा मास्टर प्लान-2045)' परियोजना को आधिकारिक रूप से पर्यावरणीय स्वीकृति प्रदान कर दी है।  परियोजना की मुख्य रूपरेखा एवं भूमि उपयोग यह महापरियोजना 253.33 वर्ग किलोमीटर (62,599.20 एकड़) क्षेत्रफल में विकसित की जाएगी, जिसके अंतर्गत झांसी तहसील के 33 ग्रामीण क्षेत्र शामिल हैं। इस परियोजना को पर्यावरण प्रभाव आकलन अधिसूचना, 2006 की अनुसूची के अंतर्गत वर्गीकृत किया गया था। इस स्तर की बड़ी परियोजनाओं के लिए निर्धारित कठोर मानकों के अनुरूप बीडा ने संपूर्ण प्रक्रिया को समयबद्ध एवं पारदर्शी ढंग से पूर्ण किया। मंत्रालय की विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति ने 30 जून, 2025 में इस प्रोजेक्ट की रूपरेखा को परखा, और 20 जुलाई 2025 को मंत्रालय ने इसे अपनी पहली मंजूरी दे दी। स्थानीय नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए 22 दिसंबर, 2025 को झांसी में अपर जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में जनसुनवाई आयोजित की गई। इसके लिए 20 नवंबर, 2025 को प्रमुख समाचार पत्रों में सार्वजनिक सूचना प्रकाशित की गई थी। जन सुनवाई में स्थानीय जनता ने परियोजना का व्यापक समर्थन किया। परियोजना से संबंधित सभी पर्यावरणीय पहलुओं, तकनीकी विवरणों और आवश्यक सुधारों की विशेषज्ञ समिति द्वारा दिनांक 5 मार्च और 9-10 अप्रैल 2026 विस्तार से समीक्षा की गई। सभी मानकों को संतोषजनक पाए जाने के बाद समिति ने परियोजना को पर्यावरणीय स्वीकृति देने की सिफारिश की। पर्यावरण मंत्रालय एवं विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति के सुझावों के आधार पर संशोधित मास्टर प्लान के अंतर्गत भूमि का प्रस्तावित भू-उपयोग आवंटन निम्नानुसार किया गया है: औ‌द्योगिक क्षेत्र (33.02%): 83.66 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र औ‌द्योगिक विकास हेतु आरक्षित है, जहाँ मुख्य रूप से कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, वस्त्र, रक्षा उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक्स, डेटा सेंटर तथा इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग स्थापित किए जाएंगे। आवासीय एवं आबादी क्षेत्र (16.90%): नए आवासीय क्षेत्रों हेतु 37.40 वर्ग किलोमीटर तथा मौजूदा ग्रामीण आबादी हेतु 5.40 वर्ग किलोमीटर भूमि निर्धारित की गई है। हरित एवं मनोरंजक क्षेत्र (24.92%): कुल 63.13 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को हरित क्षेत्र (ग्रीन जोन) के रूप में संरक्षित रखा गया है। परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स (11.56%): सड़क, रेल तथा लॉजिस्टिक्स हब के विकास हेतु 29.30 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र आवंटित किया गया है। व्यावसायिक, मिश्रित एवं अन्य उपयोग: शेष भूमि को व्यावसायिक (3.92 वर्ग किलोमीटर), मिश्रित उपयोग (13.02 वर्ग किलोमीटर) तथा सार्वजनिक संस्थानों के लिए आरक्षित किया गया है। हरित बफर जोन: परियोजना सीमा पर 50 मीटर तथा डोंगरी बांध के चारों ओर 150 मीटर चौड़ा ग्रीन बेल्ट विकसित किया जाएगा। "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के माध्यम से व्यापक वृक्षारोपण भी किया जाएगा। शून्य तरल विसर्जन: शहर की पेयजल आवश्यकता (217.22 एमएलडी) राजघाट बांध से पूरी की जाएगी, जबकि अन्य उपयोगों हेतु उपचारित जल का प्रयोग किया जाएगा। बीडा द्वारा 163.26 एमएलडी क्षमता का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट तथा 150.88 एमएलडी क्षमता का कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट चरणबद्ध रूप से स्थापित किया जाएगा। उपयोग किए गए जल का उपचार कर पुनः उपयोग किया जाएगा तथा किसी भी प्रकार का अपशिष्ट जल बेतवा, पहुज एवं अंगौरी नदियों में नहीं छोड़ा जाएगा। सफल भूमि अधिग्रहणः बीडा द्वारा अब तक कुल 25706 एकड़ भूमि का अर्जन किया जा चुका है भूमि स्वामियों को अधिनियम, 2013 के प्रावधानों के अनुसार पारदर्शी दरों पर मुआवजा प्रदान किया जा रहा है। ग्रामीण आबादी का विकासः स्थानीय ग्रामीण आबादी क्षेत्रों को बीडा शहर के साथ एकीकृत करते हुए आधुनिक पार्क, स्वास्थ्य केंद्र, शैक्षणिक संस्थान एवं कौशल विकास केंद्र जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी। बुंदेलखंड के विकास के इतिहास में एक नए अध्याय की शुरुआतः सीईओ बीडा के सीईओ संजय कुमार खत्री ने कहा कि पर्यावरण मंत्रालय से प्राप्त यह पर्यावरणीय स्वीकृति बुंदेलखंड के विकास के इतिहास में एक नए अध्याय की शुरुआत है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप बीडा को देश की सबसे आधुनिक, सतत एवं पर्यावरण-अनुकूल औ‌द्योगिक स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा। पर्यावरणीय स्वीकृति में निर्धारित सभी शर्तों का पूर्ण अनुपालन करते हुए यह परियोजना बुंदेलखंड को वैश्विक विनिर्माण मानचित्र पर स्थापित करेगी तथा स्थानीय नागरिकों के जीवन स्तर में व्यापक सुधार लाएगी, साथ ही यह परियोजना आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

खोड़ा में पसरा सन्नाटा: सूर्या चौहान मर्डर केस में एनकाउंटर, बुलडोजर कार्रवाई और बकरीद कनेक्शन से सनसनी

 गाजियाबाद गाजियाबाद के खोड़ा स्थित नवनीत विहार निवासी 17 वर्षीय सूर्या प्रताप चौहान की बकरीद के दिन असद और उसके साथियों ने चाकू मारकर हत्या कर दी थी. पुलिस की कई टीमों ने इस संवेदनशील मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या की साजिश में शामिल मुख्य आरोपी के पिता नवाब, फरहान और आतिफ को गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद 30 और 31 मई की रात मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने जवाबी फायरिंग में मुख्य आरोपी 50 हजार के इनामी असद को मार गिराया. प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे खोड़ा क्षेत्र में तीन दिवसीय विशेष 'ऑपरेशन क्लीन स्वीप' चलाकर अपराधियों के खिलाफ कड़ा एक्शन शुरू कर दिया है।  फोन कर बुलाया और ताबड़तोड़ चलाए चाकू बीती 28 मई की दोपहर करीब साढ़े तीन बजे खोड़ा के नवनीत विहार इलाके में सूर्या प्रताप चौहान को फोन करके बुलाया गया था. वहां पहले से जाल बिछाकर बैठे असद, उसके पिता नवाब, फरहान, आतिफ, सारिक और अन्य लोगों ने उसे चारों तरफ से घेर लिया. बाइक चलाने की मामूली कहासुनी और पुरानी रंजिश के चलते सूर्या पर ताबड़तोड़ चाकू से वार किए गए. लहूलुहान हालत में सूर्या को नोएडा के फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया, जहां कई घंटों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद उसने दम तोड़ दिया. किशोर की मौत से पूरे खोड़ा में भारी आक्रोश फैल गया।  पिता ने उकसाया और दोस्त ने लाकर दिया चाकू पुलिस जांच में यह बात खुलकर सामने आई है कि वारदात से कुछ समय पहले भी असद और सूर्या के बीच विवाद हुआ था. घटना वाले दिन भी दोनों में बहस हुई, जिसके बाद असद ने अपने पिता नवाब और दोस्तों को इसकी जानकारी दी. इसके बाद सूर्या को सबक सिखाने की खूनी योजना बनाई गई. गिरफ्त में आए आरोपियों ने खुलासा किया कि फरहान ने असद को चाकू लाकर दिया था, जबकि उसके पिता नवाब ने उसे हमले के लिए उकसाया था. इसके बाद वारदात को अंजाम देकर आरोपी फरार हो गए।  50 हजार का इनामी मुख्य आरोपी असद एनकाउंटर में ढेर सूर्या की मौत के बाद मुख्य आरोपी असद लगातार पुलिस को छका रहा था. पुलिस ने उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर पूरे ट्रांस हिंडन क्षेत्र में तलाश तेज कर दी थी. 30 और 31 मई की रात को पुलिस को सूचना मिली कि असद आर्थिक मदद लेकर शहर से भागने की फिराक में है. खोड़ा और इंदिरापुरम पुलिस की संयुक्त टीम ने घेराबंदी की, तो असद ने पुलिस पर गोलियां बरसाना शुरू कर दिया. जवाबी कार्रवाई में गोली लगने से असद घायल हो गया और अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।  अपराधियों के घरों पर चला 'ऑपरेशन क्लीन स्वीप' एनकाउंटर के अगले ही दिन प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए मुख्य आरोपी असद के पिता नवाब के बंद पड़े घर पर एसडीएम की मौजूदगी में अवैध कब्जे और निर्माण का नोटिस चस्पा कर दिया. इसके बाद पूरे खोड़ा क्षेत्र में तीन दिनों का विशेष 'ऑपरेशन क्लीन स्वीप' शुरू किया गया. डीएम रविन्द्र कुमार मांदड़, एडिशनल पुलिस कमिश्नर राज करन नैय्यर और डीसीपी धवल जायसवाल खुद मौके पर उतरे. ड्रोन कैमरों, स्नाइपर डॉग और आधुनिक उपकरणों के जरिए हिस्ट्रीशीटरों के ठिकानों पर सघन सर्च ऑपरेशन चलाया गया।  नम आंखों से विदाई, आर्थिक मदद और नौकरी की घोषणा दूसरी तरफ, दिवंगत सूर्या चौहान की अस्थियों को हरिद्वार में गंगा नदी में विसर्जित कर दिया गया, जहां परिजनों ने नम आंखों से उसे अंतिम विदाई दी. मामले के तूल पकड़ने पर पूर्व भाजपा विधायक संगीत सोम ने पीड़ित परिवार को एक लाख रुपये की आर्थिक मदद दी. भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर और कैबिनेट मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने भी परिवार को न्याय का भरोसा दिया. खोड़ा नगर पालिका चेयरमैन पति अमरपाल शर्मा ने सूर्या के बड़े भाई को नौकरी देने और क्षेत्र की एक सड़क का नाम सूर्या के नाम पर रखने की बड़ी घोषणा की है।  मुस्लिम समाज ने भी एनकाउंटर को बताया सही, बाजार अब भी बंद मुख्य आरोपी असद के पड़ोसी जावेद खान ने बताया कि असद अक्सर नशेबाजी और उधमबाजी में शामिल रहता था, जिससे मोहल्ले के लोग परेशान थे. इलाके के मुस्लिम समाज के लोगों ने भी इस जघन्य हत्याकांड को पूरी तरह गलत ठहराया है. समाज के लोगों का स्पष्ट कहना है कि जो जैसा करेगा वो वैसा ही भुगतेगा और उन्होंने असद के एनकाउंटर को सही बताया है. हालांकि, नवनीत विहार के बाजारों में अब भी सन्नाटा है. तनाव और सुरक्षा कारणों से कई व्यापारी अपनी दुकानें खोलने से लगातार बच रहे हैं।  फरार सारिक की तलाश जारी, पूर्ण न्याय चाहता है पीड़ित परिवार असद के एनकाउंटर और तीन करीबियों की गिरफ्तारी के बाद भी आरोपी सारिक मेवाती अभी तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, जिसकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है. मुख्य आरोपी के मारे जाने के बाद भी मृतक सूर्या चौहान का परिवार पूरी तरह संतुष्ट नहीं है. परिवार का साफ कहना है कि हत्या में शामिल सभी अपराधियों को जल्द से जल्द पकड़ा जाए और कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा दी जाए. मिश्रित आबादी वाले इलाकों में पुलिस लगातार फ्लैग मार्च कर हालात काबू में करने की कोशिश कर रही है। 

शिक्षा क्षेत्र में योगी सरकार की पहल का असर, बदल रही बच्चों की तकदीर

योगी सरकार की शिक्षा क्रांति से बदल रही बच्चों की तकदीर जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों के विद्यार्थियों ने जेईई और बोर्ड परीक्षाओं में लहराया सफलता का परचम योगी सरकार में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बना सफलता का आधार, सफल विद्यार्थियों को मंत्री असीम अरुण ने दी बधाई लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे सकारात्मक बदलावों का असर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों के विद्यार्थियों ने जेईई मेंस, जेईई एडवांस्ड और बोर्ड परीक्षाओं में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। योगी सरकार की निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की विशेष तैयारी की व्यवस्था आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए नए अवसरों के द्वार खोल रही है। इस साल 11 विद्यार्थी जेईई मेंस में सफल रहे समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मिर्जापुर (मड़िहान) स्थित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय को डॉ. अरुण कुमार तिवारी ट्रस्टी एक्स नवोदयन फाउंडेशन और टाटा एआईजी लाइफ इंश्योरेंस कंपनी के सीएसआर सहयोग से जेईई/नीट की निःशुल्क तैयारी हेतु 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' के रूप में विकसित किया गया है। इस वर्ष कुल 11 विद्यार्थी जेईई मेंस में सफल रहे। इनमें मड़िहान की छात्राओं दामिनी पटेल, अंवाला वर्मा, सृष्टि, शिवानी और रागिनी ने जेईई मेंस में सफलता प्राप्त की, जबकि प्रीति ने जेईई एडवांस्ड के लिए भी क्वॉलीफाई किया। साथ ही प्रीति और दामिनी आईआईटी  मंडी के बीबीए व एमबीए कार्यक्रम के लिए भी शॉर्टलिस्ट हुईं। वहीं मेहरौना (देवरिया) के विकास यादव और अंकित सिंह, तीरगांव (बाराबंकी) के अभिषेक मिश्रा, जोगियाटप्पा भानपुर (बस्ती) के अमित कुमार व परसिया (मिर्जापुर) के ऋषिकेश भारती ने भी जेईई मेंस में बाजी मारी। बोर्ड परीक्षाओं में रहा दबदबा,  हुआ सम्मान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में बोर्ड परीक्षाओं में जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों के छात्रों का दबदबा देखने को मिला है। यूपी बोर्ड से संबद्ध जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय निडौरी (गाजियाबाद) की छात्राओं अंजलि पुंडीर और अंशिका ने जनपद स्तर पर क्रमशः चौथा और छठा स्थान प्राप्त किया। उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए 31 हजार और 21 हजार रुपये, प्रशस्ति पत्र व मेडल देकर कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा और सीडीओ कुमार सौरभ द्वारा सम्मानित किया गया। सफल विद्यार्थियों को मंत्री असीम अरुण ने दी बधाई समाज कल्याण राज्य मंत्री असीम अरुण ने सभी सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश के प्रत्येक प्रतिभाशाली छात्र को आगे बढ़ने का अवसर देना है। सर्वोदय विद्यालयों की यह सफलता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की शिक्षा सुधार और सामाजिक समावेशन की नीति की एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखी जा रही है, जो आने वाले वर्षों में प्रदेश के हजारों युवाओं के भविष्य को नई दिशा देगी। 103 आवासीय विद्यालय गढ़ रहे नए भारत के निर्माता प्रदेश में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित 103 आवासीय सर्वोदय विद्यालय आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को कक्षा 6 से 12 तक निःशुल्क शिक्षा, आवास, भोजन और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी उपलब्ध करा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की शिक्षा-केंद्रित नीतियों के कारण इन विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को वह अवसर मिल रहे हैं जो कभी केवल बड़े शहरों और महंगी कोचिंग संस्थानों तक सीमित थे। यही कारण है कि आज सर्वोदय विद्यालयों से निकलने वाले छात्र आईआईटी, मेडिकल और अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को मुख्यमंत्री ने दिया सम्मान, सौंपे चेक और आवंटन पत्र

मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को दिया आवंटन पत्र, चेक, मकान की चाबी व सम्मान   सीएम ने कॉमन सर्विस सेंटर एवं स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा संचालित विदुर प्रेरणा कैफे का भी किया उद्घाटन  बिजनौर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को आवंटन पत्र, चेक, मकान की चाबी व सम्मान पत्र प्रदान किया। सीएम योगी ने कॉमन सर्विस सेंटर एवं स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा संचालित विदुर प्रेरणा कैफे का भी उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री के हाथों से पांच विस्थापित व पांच भूतपूर्व सैनिकों के परिवारों को मिला भूमिधरी अधिकार पत्र  सीएम योगी के हाथों पांच विस्थापित व पांच भूतपूर्व सैनिकों के परिवारों को भूमिधरी अधिकार पत्र मिला। सीएम के हाथों पाकिस्तान से विस्थापित मोहन सिंह, मुख्तियार सिंह, अमरीक सिंह, मिल्खा सिंह, लखविंदर कौर को अधिकार पत्र मिला। भूतपूर्व सैनिक अनुपम कुमार, चांदी देवी के पुत्र जयदीप, जगमोहन सिंह, जयकृत सिंह, सुरेश कुमार को भूमि पर मालिकाना हक प्रदान किया।  इन्हें भी मिला केंद्र व प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ  👉 सिद्धांत त्यागी- एकीकृत बागवानी योजना- 24 लाख अनुदान राशि का चेक   👉 निर्मला देवी- स्वयं सहायता समूह बैंक लिंकेज- 184 करोड़ का चेक   👉 ज्योति- पीएम जनमन योजना- 2 लाख रुपये अनुदान राशि व चाबी 👉 पुष्पा प्रजापति- मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान- 5 लाख  👉 हरीश कुमार- मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान- 5 लाख  👉 शहाना – मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण)-चाबी 👉 संदीप कुमार- 4 लाख रुपये का अनुदान   👉 शबनम- प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि- 50 हजार का चेक  👉 सृष्टि चौहान- हाईस्कूल में जनपद में सर्वाधिक अंक पाने वाली 21 हजार, टैबलेट व मेडल  👉 प्रवेश कुमार- नंद बाबा दुग्ध मिशन- 21.87 लाख का ऋण के स्वीकृति पत्र का चेक।

हमीरपुर सेतु हादसे की जांच के लिए दो हाईलेवल कमेटियां गठित, दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई

हमीरपुर सेतु दुर्घटना की जांच के लिए दो उच्चस्तरीय समितियां गठित, दोषियों पर होगी कठोर कार्रवाई योगी सरकार ने पहुंचाई मृतकों के परिजनों को तत्काल 4-4 लाख रुपए की आर्थिक मदद प्रभावित परिवारों को सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याणकारी योजनाओं से किया जाएगा आच्छादित हमीरपुर  बेतवा नदी पर निर्माणाधीन सेतु के सेगमेंटल स्पान (P-5 से P-6) गिरने की घटना को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देशों के तहत जिला प्रशासन तथा उत्तर प्रदेश सेतु निगम द्वारा दो अलग-अलग उच्चस्तरीय जांच समितियों का गठन किया गया है। इन समितियों ने घटना की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं व्यापक जांच शुरू कर दी है। इनकी रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी अभिषेक गोयल ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा गठित तीन सदस्यीय जांच समिति, जिसकी अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) कर रहे हैं, घटना से संबंधित सभी प्रशासनिक, तकनीकी एवं प्रक्रियात्मक पहलुओं की विस्तृत जांच कर रही है। समिति के सदस्यों द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण एवं साक्ष्य संकलन का कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश सेतु निगम द्वारा भी तकनीकी परीक्षण एवं विशेषज्ञ जांच हेतु तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है, जो निर्माण कार्य की गुणवत्ता, डिजाइन, संरचनात्मक मानकों, निर्माण सामग्री तथा सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुपालन की गहन समीक्षा करेगी और आवश्यकता पड़ने पर निर्माण सामग्री की प्रयोगशाला जांच भी कराई जाएगी। घटना के लिए जिम्मेदार लोगों पर होगी कठोर कार्रवाई जिलाधिकारी ने बताया कि उक्त दुर्घटना के संबंध में थाना कुरारा में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1) एवं धारा 125(ए) के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है। प्रकरण की विवेचना प्रचलित है तथा जांच के दौरान प्राप्त तथ्यों, साक्ष्यों एवं दोनों जांच समितियों द्वारा प्रस्तुत की जाने वाली आख्या के आधार पर आवश्यक विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। घटना के लिए उत्तरदायी पाए जाने वाले व्यक्तियों अथवा संस्थाओं के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। योगी सरकार ने दी परिजनों को तत्काल 4-4 लाख रुपए की आर्थिक मदद डीएम ने बताया कि दुर्घटना में मृत 6 श्रमिकों के परिजनों को शासन की ओर से 4-4 लाख रूपए की अनुग्रह सहायता राशि उपलब्ध कराई जा चुकी है। इसके अतिरिक्त निर्माण कार्य से संबंधित फर्म मेसर्स शेल्टर इंफ्रा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड द्वारा प्रत्येक मृतक श्रमिक के परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। श्रम विभाग की योजनाओं के अंतर्गत भी प्रत्येक पात्र परिवार को 1.25 लाख रुपए की सहायता राशि उपलब्ध कराई जा रही है। प्रभावित परिवारों को सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याणकारी योजनाओं से किया जाएगा आच्छादित जिलाधिकारी ने बताया कि प्रभावित परिवारों को विभिन्न सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याणकारी योजनाओं से भी आच्छादित किया जा रहा है। दो पात्र परिवारों को राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना का लाभ प्रदान किया जा रहा है। स्वर्गीय राजेश पाल की पत्नी अनीता एवं पुष्पेन्द्र सिंह चौहान के पिता राजेन्द्र सिंह को राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना से लाभान्वित किया गया है। वहीं स्वर्गीय पुष्पेन्द्र सिंह चौहान के पिता राजेन्द्र सिंह को वृद्धावस्था पेंशन योजना तथा स्वर्गीय राजेश पाल की पत्नी अनीता को निराश्रित महिला पेंशन से आच्छादित किए जाने की कार्यवाही की जा रही है। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का मृतक की बेटियों को दिया जाएगा लाभ डीएम ने बताया कि स्वर्गीय राजेश पाल की दो पुत्रियों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अंतर्गत लाभान्वित किया जाएगा। जिसके तहत दोनों बालिकाओं को 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने तक प्रतिमाह 2500 रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त पात्र परिवारों को अंत्योदय राशन कार्ड, आवास, स्वच्छ शौचालय योजना तथा अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ भी उपलब्ध कराया जा रहा है। डीएम अभिषेक गोयल ने कहा कि जनपद प्रशासन प्रभावित परिवारों के साथ पूर्ण संवेदनशीलता एवं प्रतिबद्धता के साथ खड़ा है। सभी पात्र परिजनों को शासन की योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराया जाएगा तथा घटना की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करते हुए दोषियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता एवं सुरक्षा मानकों के अनुपालन से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

सीएम योगी ने शाकम्भरी देवी दुर्घटना के घायलों और पीड़ित परिवारों को सहायता देने के निर्देश दिए

सीएम योगी ने दिए शाकम्भरी देवी खोल दुर्घटना के पीड़ितों को मुआवजा देने के निर्देश आने वाले श्रद्धालुओं के दर्शन हेतु यथासंभव व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश, कोई भी श्रद्धालु दर्शन से वंचित न हो मुख्यमंत्री ने मां शाकम्भरी देवी सिद्धपीठ खोल में अचानक जलप्रवाह के कारण हुई दुर्घटना की समीक्षा की बाबा भूरा देव मंदिर एवं मां शाकम्भरी देवी मंदिर में मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना की सीएम योगी ने भूरा देव से मां शाकम्भरी देवी मंदिर तक एलिवेटेड ब्रिज एवं रोड का निर्माण कार्य शारदीय नवरात्रि तक पूर्ण करने का करें प्रयास: सीएम समयबद्धता एवं गुणवत्ता की जाए सुनिश्चित, बाबा भूरा देव मंदिर के समीप उचित स्थान पर बनाई जाए पार्किंग व्यवस्था: मुख्यमंत्री पुल के निर्माण होने तक खोल में आवागमन हेतु किए जाएं वैकल्पिक उपाय, आपदा की स्थिति में समय से हो अलर्ट: मुख्यमंत्री सहारनपुर,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को जनपद सहारनपुर भ्रमण के दौरान बाबा भूरा देव मंदिर एवं मां शाकम्भरी देवी मंदिर में मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना कर स्थलीय निरीक्षण किया। इसके पश्चात उन्होंने मां शाकम्भरी देवी खोल में अचानक जलप्रवाह के कारण हुई दुर्घटना के संबंध में समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने अचानक बाढ़ आने से हुई जनहानि एवं धनहानि की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने दुकानदारों के आर्थिक नुकसान का आकलन कराकर उन्हें नियमानुसार मुआवजा देने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं के दर्शन हेतु यथासंभव व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए, ताकि कोई भी श्रद्धालु दर्शन से वंचित न हो।  मण्डलायुक्त डॉ रूपेश कुमार एवं जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने मुख्यमंत्री को पीपीटी के माध्यम से घटना की विस्तृत जानकारी दी। मुआवजे के संबंध में जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री को बताया कि जनहानि होने पर संबंधित परिजनों को आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। पुलिस व्यवस्थाओं के दृष्टिगत पुलिस उप महानिरीक्षक अभिषेक सिंह एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिनंदन द्वारा सीएम योगी को जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने एलिवेटेड रोड के निर्माण की प्रगति जानी। उन्होंने निर्देश दिए कि अतिरिक्त श्रमिक लगाकर शारदीय नवरात्रि तक इसे पूर्ण करने का प्रयास किया जाए, अन्यथा दिसंबर माह तक प्रत्येक दशा में इसे अवश्य पूरा कर लिया जाए। निर्माण में समयबद्धता एवं गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। पुल निर्माणाधीन रहने तक आमजन की सुविधा के दृष्टिगत खोल के अंदर से आवागमन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था बनाई जाए तथा खोल का चैनलाइजेशन किया जाए। मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान निर्देश दिए कि भूरा देव मंदिर के समीप उचित स्थान पर पार्किंग व्यवस्था बनाई जाए। खोल में जलभराव की स्थिति में आमजन को सुरक्षित रखने के लिए खोल के दोनों तरफ बोल्डर का प्रयोग किया जाए। आपदा की स्थिति में समय से अलर्ट किया जाए तथा आपदा में हानि होने की स्थिति में इसकी सूचना शासन को यथाशीघ्र दी जाए, जिससे उच्च स्तर पर राहत कार्य समय रहते किए जा सकें। उन्होंने कहा कि आपदा मनुष्य के नियंत्रण में नहीं होती, लेकिन तकनीक का प्रयोग कर जनहानि तथा धनहानि को कम किया जा सकता है। बैठक में राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग कपिल देव अग्रवाल, राज्यमंत्री संसदीय कार्य एंव औद्योगिक विकास जसवंत सैनी, जिला पंचायत अध्यक्ष मांगेराम चौधरी, महापौर डॉ. अजय सिंह, विधायक रामपुर मनिहारान देवेन्द्र निम, विधायक गंगोह किरत सिंह, विधायक नगर राजीव गुम्बर, एमएलसी श्रीचन्द शर्मा, जिलाध्यक्ष अजीत राणा, महानगर अध्यक्ष शीतल विश्नोई, पूर्व सांसद राघव लखनपाल शर्मा, पूर्व सांसद प्रदीप चौधरी, पूर्व विधायक नरेश सैनी, एडीजी भानू भास्कर, मण्डलायुक्त डॉ रूपेश कुमार, पुलिस उप महानिरीक्षक अभिषेक सिंह, जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिनंदन, मुख्य विकास अधिकारी सुमित राजेश महाजन, एसपी देहात मयंक पाठक एवं संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।

गोमाता के साथ हिमाकत करने वाले चेलों को समझाएं, वरना ऐसी दुर्गति होगी कि कई पीढ़ियां याद करेंगीः सीएम योगी

सीएम योगी की दो-टूक, दोस्ती की आड़ में छुरेबाजी स्वीकार्य नहीं  मुख्यमंत्री ने पाकिस्तान से विस्थापित 1645 परिवारों एवं पूर्व सैनिकों/ लीजधारकों को वितरित किए भूमिधरी अधिकार पत्र मौलवी-मौलाना हमें न बताएं, गाय हमारी माता है, जन्म-जन्मांतर का नाता है, गाय को पशु बोलने वाले मौलानाओं की बुद्धि पशु वालीः मुख्यमंत्री गोमाता के साथ हिमाकत करने वाले चेलों को समझाएं, वरना ऐसी दुर्गति होगी कि कई पीढ़ियां याद करेंगीः सीएम योगी बिजनौर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को गाजियाबाद की घटना पर सख्त रुख अपनाते हुए दो-टूक कहा कि दोस्ती की आड़ में छुरेबाजी कतई स्वीकार्य नहीं है। जो अपनी नालायक औलाद को समझा नहीं पा रहा है, वह गलती कर रहा है। कुछ मौलवी-मौलाना बयान दे रहे हैं कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करो। हम उन्हें बता दें कि गाय हमारी माता है, जन्म-जन्मांतर का नाता है। माता-पुत्र के बीच कुछ भी घोषित करने की आवश्यकता नहीं। किसी पुत्र को यह बताने की आवश्यकता नहीं है कि मां का सम्मान करो। हम मां और गाय. दोनों के प्रति एक जैसा सम्मान का भाव रखते हैं। पशुवत तुम्हारी बुद्धि व सोच है, जो हमारी गोमाता को पशु बोलते हो। यह तुम्हारा दोगलापन है, जो गोकशी को प्रश्रय देते हो। सीएम ने कड़ी चेतावनी दी कि सोशल मीडिया पर गोमाता का चित्र लगाकर बकरीद की बधाई देने वाले अपने चेलों को समझा लो कि गोमाता के साथ हिमाकत की तो ऐसी दुर्गति होगी कि कई पीढ़ियां याद करेंगी। यूपी में गोहत्या का मतलब तो तुम जान ही रहे हो। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिजनौर में कई परिवारों के जीवन में खुशियों की नई रोशनी फैलाई। उन्होंने पाकिस्तान से विस्थापित 1645 परिवारों एवं पूर्व सैनिकों/लीजधारकों को भूमिधरी अधिकार पत्र वितरित किए। बिजनौर ने इतिहास बनते और बिगड़ते भी देखा महात्मा विदुर की पावन धरती बिजनौर को नमन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह महाभारत की धरती है। महाभारत से हमें प्रेरणा मिलती है कि जो धर्म की रक्षा करता है, धर्म उसकी रक्षा करता है। जो स्वार्थ के लिए धर्म को नष्ट करता है, धर्म उसे भी नष्ट कर डालता है। यह उद्घोषणा दुनिया में अक्षरशः साबित हो रही है। यह भारत के इतिहास को बनाने वाली धरा है। इसने इतिहास को बनते और बिगड़ते भी देखा है। पूर्व सांसद कुंवर सर्वेश सिंह का स्मरण किया सीएम योगी ने पूर्व सांसद कुंवर सर्वेश सिंह का स्मरण करते हुए कहा कि उनकी विरासत को कुंवर सुशांत सिंह संभाल रहे हैं। पाकिस्तान से विस्थापित हजारों परिवारों, जिनकी पुश्तैनी संपत्ति पर पाकिस्तान की मजहबी कट्टरता ने 1946, 47 व 48 में जबरन कब्जा कर निर्दोष हिंदुओं व सिखों का कत्लेआम किया था। वर्ष-दशक बीतते गए,  आज चौथी पीढ़ी में यह अवसर आया है, जब हम विस्थापित परिवारों को जमीन पर मालिकाना हक दे रहे हैं। अभी 1645 विस्थापित परिवारों यानी 8-10 हजार लोगों को जमीन के कागज प्राप्त हो रहे हैं। जो शेष हैं, उनके लिए भी कार्यवाही चल रही है।  कोई आक्रांता हमें न बताए, गाय व गंगा हमारी मां हैं  सीएम योगी ने कहा कि गोमाता राष्ट्रमाता हैं। इसी तरह हमारी मां गंगा के बारे में परिचय देने की आवश्यकता नहीं है। हम सब गंगा मां की आरती व पूजा करते हैं। अपने को गंगा पुत्र मानकर सम्मानित महसूस करते हैं। हमारे तीर्थ गंगा तट पर हैं, हमारे सभी संस्कार मां गंगा के तट पर संपन्न होते हैं। कोई आक्रांता हमें न बताए, हमारे संस्कार हैं कि हमने गाय व गंगा को माता माना है।  मजहबी निर्ममता के विरोध में नहीं निकलती मौलाना की आवाज सीएम ने कहा कि पाकिस्तान में मजहबी निर्ममता के शिकार बने विस्थापितों के बारे में मौलाना व मौलवी की कभी आवाज नहीं निकली। काश, वे बोलते कि इनकी संपत्ति को वहां कट्टरपंथियों ने हड़प लिया। वक्फ के नाम पर यहां हिंदूओं की जमीनों पर कब्जा है। ये लोग इन संपत्तियों को विस्थापितों को फ्री में देने की घोषणा करते तो हम मानते कि इनकी भी कुछ संवेदना है। मुंह में कुछ और पीछे कुछ, यही दोगला चरित्र होता है।  किसी मौलाना ने हिंदुओं के कत्लेआम पर मुंह नहीं खोला  सीएम योगी ने खरी-खरी सुनाते हुए कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं के कत्लेआम पर एक भी मौलवी-मौलाना ने कुछ नहीं कहा। बांग्लादेश में हिंदू 22 फीसदी से घटकर 7 और पाकिस्तान में 14 से घटकर महज 2 प्रतिशत रह गया। मौलाना पाकिस्तान या बांग्लादेश की सरकारों की निंदा नहीं करते। ये मौलाना जुमे की नमाज में यही घोषणा कर देते कि पाकिस्तान भारत का दुश्मन है और घटिया स्तर पर काम कर रहा है। भारत के बहादुर जवान दुश्मन के ठिकाने पर जाकर उन्हें सबक सिखाने का ठीक काम कर रहे हैं। लेकिन, किसी मौलवी-मौलाना ऐसा नहीं किया।  सरकार सजग थी, वरना पश्चिमी उप्र में हमारे त्योहार सपने हो गए थे सीएम ने बकरीद पर होने वाली हरकतों पर भी प्रहार किया। उन्होंने कहा कि गनीमत है कि सरकार ने पहले से ही कदम उठाए हैं, तब त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से हो पा रहे हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पहले रामनवमी, जन्माष्टमी, दुर्गा पूजा, कांवड़ यात्रा सपना हो गई थी। बेटी स्कूल नहीं जा पा रही थी, जबकि व्यापारी असुरक्षित था।  अहिंसा व करुणा मानवता के भूषण, किंतु खर-दूषण के सामने शस्त्र उठाना होगा सीएम ने कहा कि हमारी संवेदना सामान्य नागरिकों के प्रति है। पीएम मोदी के नेतृत्व में 12 वर्षों से बिना मत-मजहब देखे समान रूप से सभी को शासन की योजनाओं का लाभ दिया गया। ऐसे में देश भी अपेक्षा करता है कि उनकी संवेदना दिखाई दे, लेकिन यह गायब है। अहिंसा और करुणा मानवता के भूषण हैं, किंतु शस्त्र उठाना होगा यदि सामने खर-दूषण हैं। सीएम ने भगवान श्रीकृष्ण व श्रीराम का स्मरण कराते हुए कहा कि हम सज्जनों के लिए ही सज्जन बनें, दुर्जनों के लिए नहीं। श्रीराम का भी यही लक्ष्य था कि धरती को राक्षस विहीन कर देंगे। नागरिकों, गरीबों, बहन-बेटियों की इज्जत से खिलवाड़ करने वालों से लड़ना होगा। देश के खिलाफ द्रोह करने वालों के खिलाफ कठोरता व निर्ममता से लड़ने को तैयार होना होगा।  कई-कई पीढ़ियां चली गईं, आखिर क्या कर रही थीं कांग्रेस व सपा  सीएम ने कहा कि पाकिस्तान से विस्थापित इन 1645 परिवारों … Read more