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राहुल गांधी के गढ़ रायबरेली से अखिलेश की PDA रथयात्रा, सपा-कांग्रेस रिश्तों पर बढ़ी हलचल

लखनऊ समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 24 सितंबर 2026 को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली से अपनी पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) रथयात्रा की शुरुआत की है। अखिलेश यादव ने रायबरेली का चुनाव राहुल गांधी को सीधे चुनौती देने के लिए किया है। अखिलेश ने इस यात्रा की शुरुआत अमेठी से इसलिए नहीं की क्योंकि उससे वह राहुल गांधी को सीधा संदेश नहीं दे पाते। वर्तमान में राहुल गांधी रायबरेली से लोकसभा के सांसद हैं। कांग्रेस पार्टी की स्थिति अमेठी और रायबरेली में भी अच्छी नहीं है। 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी की अमेठी और रायबरेली लोकसभा सीट की 10 विधानसभा सीटों में से सात पर ज़मानत जब्त हो गई थी। राहुल गांधी 2024 में सिर्फ सपा के समर्थन के कारण ही रायबरेली से चुनाव लड़ने की हिम्मत कर सके थे।   2022 के विधानसभा चुनाव आंकड़ों के अनुसार, अमेठी लोकसभा सीट के तहत आने वाली 5 विधानसभा सीटों का प्रदर्शन इस प्रकार रहा था। तिलोई में भाजपा/अपना दल को 99,472 वोट (48.54%), सपा को 71,643 वोट (35%), कांग्रेस को 21,978 वोट (10.7%) और बसपा को 6,120 वोट (2.99%) मिले। सलोन में भाजपा/अपना दल को 87,715 वोट (43.79%), सपा को 85,604 वोट (42.7%), कांग्रेस को 11,439 वोट (5.71%) और बसपा को 9,335 वोट (4.66%) मिले। जगदीशपुर में भाजपा/अपना दल को 89,315 वोट (43.94%), सपा को 27,971 वोट (13.8%), कांग्रेस को 66,491 वोट (32.7%) और बसपा को 10,198 वोट (5.02%) प्राप्त हुए। गौरीगंज में भाजपा/अपना दल को 72,077 वोट (35.53%), सपा को 79,040 वोट (39%), कांग्रेस को 28,964 वोट (14.3%) और बसपा को 9,872 वोट (4.87%) मिले। अमेठी विधानसभा में भाजपा/अपना दल को 70,121 वोट (36.93%), सपा को 88,217 वोट (46.5%), कांग्रेस को 14,080 वोट (7.42%) और बसपा को 10,202 वोट (5.37%) हासिल हुए। इस प्रकार अमेठी लोकसभा क्षेत्र में भाजपा/अपना दल को 4,18,700 वोट (41.82%), सपा को 3,52,475 वोट (35.2%), कांग्रेस को 1,42,956 वोट (14.3%) और बसपा को 45,727 वोट (4.57%) मिले। रायबरेली लोकसभा सीट के तहत आने वाली विधानसभा सीटों पर प्रदर्शन इस प्रकार रहा था। बछरावां में भाजपा/अपना दल को 62,935 वोट (30.04%), सपा को 65,747 वोट (31.4%), कांग्रेस को 56,835 वोट (27.1%) और बसपा को 13,730 वोट (6.55%) मिले। हरचंदपुर में भाजपा/अपना दल को 78,009 वोट (38.69%), सपा को 92,498 वोट (45.9%), कांग्रेस को 16,230 वोट (8.05%) और बसपा को 7,335 वोट (3.64%) मिले। रायबरेली विधानसभा सीट पर भाजपा/अपना दल को 1,02,429 वोट (44.51%), सपा को 95,254 वोट (41.4%), कांग्रेस को 14,954 वोट (6.5%) और बसपा को 9,331 वोट (4.06%) प्राप्त हुए। सरेनी में भाजपा/अपना दल को 62,359 वोट (28.78%), सपा को 66,166 वोट (30.5%), कांग्रेस को 42,702 वोट (19.7%) और बसपा को 38,155 वोट (17.6%) हासिल हुए। ऊंचाहार में भाजपा/अपना दल को 75,893 वोट (35.79%), सपा को 82,514 वोट (38.9%), कांग्रेस को 9,985 वोट (4.71%) और बसपा को 34,692 वोट (16.4%) मिले। रायबरेली लोकसभा सीट का कुल योग देखें तो भाजपा/अपना दल को 3,81,625 वोट (35.67%), सपा को 4,02,179 वोट (37.6%), कांग्रेस को 1,40,706 वोट (13.2%) और बसपा को 1,03,243 वोट (9.65%) मिले। अखिलेश यादव के इस कदम के जवाब में उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने बयान दिया है कि यदि अखिलेश यादव रायबरेली और अमेठी जा सकते हैं, तो कांग्रेस भी समाजवादी पार्टी के गढ़ जैसे कन्नौज, इटावा और सैफई का रुख कर सकती है। अजय राय के इस बयान के जवाब में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और जसवंतनगर से विधायक शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि जसवंतनगर और इटावा में कांग्रेस को एक भी वोट नहीं मिलेगा। अजय राय और शिवपाल यादव की जुबानी जंग से पूर्व कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और समाजवादी पार्टी सांसद इकरा हसन के बीच भी बयानबाजी हो रही है। कन्नौज और इटावा जिलों की छह में से चार विधानसभा सीटों पर कांग्रेस पार्टी ने 2022 में चुनाव लड़ा था, जहां उसका प्रदर्शन बहुत कमजोर रहा। छिबरामऊ से कांग्रेस प्रत्याशी विजय कुमार को 1,194 वोट (0.42%) मिले और वह 7वें स्थान पर रहे। कन्नौज से विनीता देवी को 1,786 वोट (0.66%) मिले और वह 5वें स्थान पर रहीं। इटावा से मोहम्मद राशिद को 1,476 वोट (0.6%) मिले तथा वह 5वें स्थान पर रहे। भरथना से स्नेह लता दोहरे को 1,854 वोट (0.75%) मिले और वह 5वें स्थान पर रहीं। अखिलेश यादव का यह कदम कांग्रेस पार्टी के साथ सीटों के तालमेल से पूर्व ही अपनी ताकत का अहसास करवाने का प्रयास है। कांग्रेस और सपा गठबंधन के बीच भविष्य के सीट-बंटवारे की चर्चाओं के बीच राहुल गांधी के गढ़ से इस यात्रा को शुरू करने को लेकर राजनीतिक गलियारों में विभिन्न कयास लगाए जा रहे हैं कि सपा राज्य में खुद को मजबूत स्थिति में दिखाना चाहती है। कांग्रेस पार्टी की स्थिति उत्तर प्रदेश में काफी कमजोर है। 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी केवल दो सीट जीत सकी थी। इसके अलावा कांग्रेस पार्टी चार सीटों पर दूसरे पायदान पर रही। कांग्रेस पार्टी ने राज्य में 399 सीटों पर चुनाव लड़कर 387 सीटों पर ज़मानत जब्त करवाई थी। कांग्रेस पार्टी 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा के साथ गठबंधन करके चुनाव लड़ी थी और छह सीटें जीतने में सफल हुई थी, जिसमें अमेठी और रायबरेली की लोकसभा सीटें भी शामिल हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस अमेठी लोकसभा सीट से भाजपा की स्मृति ईरानी से चुनाव हार गई थी। 2019 में चुनाव हारने के डर से राहुल गांधी ने पहले ही केरल के वायनाड से नामांकन दाखिल कर दिया था। सपा को डर है कि अगर कांग्रेस पार्टी मजबूत हो गई तो उसका मुस्लिम जनाधार खिसक जाएगा और पार्टी कमजोर हो जाएगी, इसलिए सपा कांग्रेस को उसकी औकात में रखना चाहती है। दूसरी तरफ, कांग्रेस पार्टी का प्रयास है कि वह सपा को कमजोर करे जिससे कि कांग्रेस पार्टी मजबूत हो सके। दोनों पार्टियों में मुस्लिम वोट बैंक के लिए आपस में प्रतिद्वंदिता है, जिसके तहत सहयोग के साथ ही अंदर ही अंदर आपसी प्रतिस्पर्धा भी देखी जाती है। कांग्रेस पार्टी का एक प्रयास यह भी है कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की तरह ही उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव को कमजोर किया जाए। ममता बनर्जी को कमजोर करने के लिए कांग्रेस पार्टी ने उनके साथ कोई … Read more

किसानों पर मौसम की दोहरी मार, फसलें बर्बाद और मंडी में धान के भाव गिरे

अलीगढ़ यूपी के अलीगढ़ में शुक्रवार की रात को आसमान से गिरी हल्की बौछार आधी रात के बाद रिमझिम बारिश में बदल गई। इस दौरान तेज ठंडी हवाओं ने जहां एक तरफ गर्मी से राहत दी तो वहीं ये हवाएं किसानों पर आफत बनकर टूटी। कई ग्रामीण इलाकों में किसानों की पकी फसल जमींदोज हो गई। धान, बाजरा और ज्वार की फसल में नुकसान बताया गया है। रिमझिम बारिश गर्मी से राहत प्रदान करने वाली तो रहीं लेकिन इस बारिश ने किसान का हिसाब बिगाड़ दिया। इस समय अधिकतर खेतों में धान की फसल खड़ी है। कुछ की फसल पक चुकी है तो कुछ पर बालियां आ रही हैं। ऐसे में तेज हवा ने फसल को जमीन पर बिछा दिया। इस प्राकृतिक आपदा में किसान कुछ न कर सके। सिर पर हाथ रखे किसान अपने नुकसान का आंकलन कर रहे हैं। जिले में धान का रकबा 1 लाख 64 हजार हेक्टेयर है। लगभग सभी जगहों से नुकसान की सूचनाएं आ रही हैं। कृषि विभाग की टीम भी बारिश के दौरान विभिन्न ब्लॉक में भ्रमणशील रही। इस दौरान अकराबाद, गोंडा, गभाना, हरदुआगंज, गंगीरी में फसल नुकसान की बात कही जा रही है। वहीं धनीपुर में भी खेतों में धान जमीन पर आ गया है। धान पानी में डूबने से गुणवत्ता प्रभावित होती है। बाबूपुर के किसान चौ. नवाब सिंह ने बताया कि उनकी पांच एकड़ में लगी धन की फसल जमीन पर बिछ गई है। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार रविवार को भी इसी तरह बारिश की स्थिति रह सकती है। ऐसे में किसानों को आशंका सता रही है कि बचा हुआ धान भी न गिर जाए। धान के अलावा किसानों की बाजरा और ज्वार की फसल में भी नुकसान बताया गया है। जिला कृषि अधिकारी धीरेंद्र सिंह चौधरी ने बताया कि टीम जगह-जगह जाकर खेतों की स्थिति देख रही है। खेतों की स्थिति को सूचीबद्ध किया जा रहा है। तेज हवा व बारिश से फसल को नुकसान गभाना में शनिवार को सुबह से तेज हवा के साथ पड़ी बारिश धान की फसल के लिए नुकसानदायक रही। धान के साथ ही बाज़रा की फसल खेतों में गिर गई। तहसील क्षेत्र में सैकड़ों एकड़ धान की फसल जमीन पर लेट गई है। किसानों को इस बात की आशंका सता रही है कि, कही फिर इसी तरह तेज बारिश हो गई तो खेत में पानी लग जायेगा और गिरी फसलों की बालियां अंकुरित होने लगेंगी। किसान लालपुर निवासी ललित, पनिहावर निवासी वीरपाल, भरतरी निवासी हीरेश कुमार मलिकपुरा निवासी शेरपाल सिंह का कहना है कि यह बारिश नुकसानदायक है। किसानों ने प्रशासन से जांच कर कर मुआवजे की मांग की है। किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें चंडौस में शनिवार सुबह से रही लगातार बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में पानी भरने से जहां धान की फसल जलमग्न हो गई है, वहीं तेज बारिश के चलते कई खेतों में खड़ी फसल गिर गई। इससे किसानों को नुकसान की आशंका है। ताजपुर के किसान रुकनपाल् सिंह तोमर पुत्र जोगिंदर सिंह तोमर की करीब 10 बीघा धान की फसल बारिश के कारण खेत में गिर गई। किसान के अनुसार फसल गिरने से उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। मंडी में धान की बंपर आवक बारिश से भाव धड़ाम खैर में कृषि उत्पादन मंडी समिति में धान की बंपर आवक के बीच शनिवार को हुई बारिश ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी। बारिश से मंडी में खुले में पड़ा धान भीग गया। वहीं धान के भाव में भी अचानक गिरावट आ गई। शुक्रवार तक करीब चार हजार रुपये क्विंटल तक बिक रहा धान शनिवार को घटकर 3000 से 3500 रुपये क्विंटल तक पहुंच गया। भाव गिरने से किसानों को आर्थिक नुकसान की चिंता सताने लगी है। वहीं मंडी में धान की खरीद भी प्रभावित हुई।

योगी सरकार ने बढ़ाई वृद्धावस्था पेंशन, अब हर महीने मिलेंगे ₹1500

 लखनऊ उत्तर प्रदेश में बुजुर्गों के लिए योगी सरकार ने सामाजिक सुरक्षा के मोर्चे पर बड़ा कदम उठाया है. वृद्धावस्था पेंशन की राशि बढ़ाकर ₹1,500 प्रतिमाह कर दी गई है. पहले पात्र बुजुर्गों को ₹1,000 प्रतिमाह की दर से पेंशन मिलती थी. यानी अब सालाना पेंशन राशि बढ़कर ₹18,000 हो गई है. तीन महीने की ₹3,000 पेंशन अब दो किस्तों में पेंशन भुगतान की व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है. सितंबर 2026 से सामने आई नई व्यवस्था के अनुसार तीन महीने की कुल ₹3,000 पेंशन अब एक साथ मिलने के बजाय ₹1,500-₹1,500 की दो किस्तों में बैंक खाते में भेजी जा रही है. भुगतान DBT के जरिए सीधे लाभार्थियों के खाते में किया जा रहा है. सरकार ने बजट में भी बढ़ाया इंतजाम बुजुर्गों की पेंशन के लिए सरकार ने अनुपूरक बजट 2026-27 में भी बड़ा प्रावधान किया है. राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के लिए ₹1,500 करोड़ की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है. समाज कल्याण विभाग के लिए कुल ₹1,655 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है. किसे मिलेगा पेंशन का लाभ? वृद्धावस्था पेंशन के लिए पात्रता और आवेदन की प्रक्रिया के तहत बुजुर्गों की उम्र, आर्थिक स्थिति और अन्य निर्धारित शर्तें देखी जाती हैं. पेंशन का लाभ लेने के लिए रिकॉर्ड में आधार, बैंक खाता और अन्य जरूरी विवरण सही होना महत्वपूर्ण है. पेंशन नहीं आई तो ये काम जरूर करें अगर नई किस्त खाते में नहीं पहुंची है तो सबसे पहले e-KYC, आधार-बैंक लिंकिंग, NPCI मैपिंग और बैंक खाते की जानकारी जांचनी चाहिए. इनसे जुड़ी गड़बड़ी होने पर भुगतान अटक सकता है. पेंशन का स्टेटस ऑनलाइन चेक किया जा सकता है और समस्या होने पर समाज कल्याण विभाग से संपर्क किया जा सकता है. बुजुर्गों के लिए क्या बदला?     पेंशन: ₹1,000 से बढ़कर ₹1,500 प्रतिमाह     सालाना सहायता: ₹18,000     तीन महीने की राशि: ₹3,000     नई भुगतान व्यवस्था: ₹1,500 + ₹1,500 की दो किस्तें     वृद्धावस्था पेंशन के लिए अनुपूरक बजट में ₹1,500 करोड़     भुगतान: DBT के जरिए बैंक खाते में इस तरह 2026 में यूपी के पात्र बुजुर्गों के लिए सबसे अहम बदलाव पेंशन राशि बढ़ने और भुगतान व्यवस्था में बदलाव का है.

बेल्जियम से आया 308 पहियों का महाकाय ट्रक, UP में देखने उमड़ी सैकड़ों की भीड़

लखनऊ उत्तर प्रदेश के चंदौली का एक वीडयो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा, जिसमें 308 पहियों वाला महाकाय ट्रक पचपेड़वा इलाके में पहुंचा है. नेशनल हाईवे-19 पर खड़े इस विशालकाय ट्रक को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं. तेज हवाओं और लगातार हो रही बारिश के बीच भी लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ. लोग सड़क किनारे खड़े होकर 308 पहियों वाले इस महाकाय ट्रक की तस्वीरें और वीडियो बना रहे हैं. कई लोग सेल्फी लेने के लिए सड़क के बीच तक पहुंच जा रहे हैं।   करीब 180 टन वजनी वेसल को लेकर चल रहा यह ट्रक लोगों के बीच कौतूहल पैदा कर रहा है. वहीं लोगों के उत्साह और भीड़ को देखते हुए पुलिसकर्मी भी मौके पर मौजूद हैं, ताकि कोई अनहोनी न हो.जानकारी के मुताबिक, बेल्जियम से समुद्र के रास्ते ओडिशा के पारादीप बंदरगाह पहुंचे करीब 180 टन वजनी लोहे के इस विशाल पार्ट्स को नेशनल हाईवे-19 के जरिए उत्तर प्रदेश के बलरामपुर ले जाया जा रहा है।  308 पहियों वाले ट्रक को देखने पहुंचे लोग  यह ट्रक ओडिशा से झारखंड और बिहार होते हुए उत्तर प्रदेश पहुंचा है. बिहार के कैमूर जिले में पहुंचने के बाद 308 पहियों वाले इस ट्रक पर लदे विशाल लोहे के पार्ट्स का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ. इसके बाद से ही इसे 'वायरल ट्रक' के नाम से जाना जाने लगा. अब वह जहां-जहां से यह गुजर रहा है, वहां इसे देखने के लिए लोगों की भीड़ जुट रही है. ट्रक चालक ने मीडिया से कैमरे पर बात नहीं की लेकिन ऑफ कैमरा उसने अपना नाम शाहनवाज हुसैन बताया और खुद को उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले का रहने वाला बताया।  भीड़ की वजह से आगे नहीं बढ़ पा रहा ट्रक उसके मुताबिक वह ओडिशा के पारादीप बंदरगाह से इस विशाल लोहे के पार्ट्स को लेकर बलरामपुर की ओर जा रहा है. रास्ते में लोगों की भारी भीड़ की वजह से ट्रक को आगे बढ़ाने में काफी परेशानी हो रही है.  308 पहियों वाला यह ट्रांसपोर्टर करीब एक लीटर डीजल में 4  किलोमीटर तक का माइलेज देता है. करीब 40 से 50 लोग इसके साथ चल रहे हैं और भारी भीड़ और रास्ते की परिस्थितियों की वजह से यह ट्रक एक दिन में लगभग 10 से 20 किलोमीटर ही चल पा रहा है।  इस ट्रक को देखने पहुंचे लोगों में भी खासा उत्साह है. गाजीपुर से शक्तिनगर जा रहे त्रिलोकीनाथ ने बताया कि उन्होंने सोशल मीडिया पर इस 'वायरल ट्रक' के वीडियो देखे थे और आज पहली बार इसे सामने से देखने का मौका मिला. उन्होंने परिवार के साथ ट्रक की तस्वीरें भी लीं. वहीं मुगलसराय से पहुंचे साहिल अहमद ने बताया कि उन्होंने इंस्टाग्राम पर इस ट्रक को वायरल होते देखा था. मुगलसराय इलाके में ट्रक पहुंचने की जानकारी मिलने के बाद वह इसे देखने पहुंचे. मौके पर काफी भीड़ मौजूद है।  लोग ट्रक के साथ खिंचवा रहे फोटो इस्लामपुर से पहुंचे शाहजहां ने बताया कि उन्होंने अपनी जिंदगी में पहली बार 308 पहियों वाली गाड़ी पर इतना बड़ा आइटम लदा हुआ देखा है. उन्होंने इसे आकर्षण का केंद्र बताया. उनका कहना है कि उन्हें अंदाजा है कि यह किसी शुगर प्लांट से जुड़ा उपकरण हो सकता है.बारिश की वह से फिलहाल भीड़ कुछ कम हुई है, लेकिन इससे पहले बड़ी संख्या में लोग यहां मौजूद थे. लोग ट्रक के साथ सेल्फी ले रहे हैं और तस्वीरें बना रहे हैं। 

योगी सरकार की पहल से युवा उद्यमियों को उत्पाद, बाजार और कारोबार विस्तार का एक ही मंच पर मिल रहा अवसर

ग्रेटर नोएडा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में युवाओं को नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की तस्वीर यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 में आयोजित सीएम युवा एक्सपो-2026 में दिखाई दे रही है। इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित एक्सपो के दूसरे दिन युवा उद्यमियों के उत्पादों, कारोबार के नए विचारों और सफल कारोबारी मॉडलों को व्यापक मंच मिला। दूसरे दिन एक्सपो में करीब 15 हजार से अधिक आगंतुक पहुंचे। लोगों ने युवा उद्यमियों के उत्पादों और सेवाओं में रुचि दिखाई। इस दौरान करीब दो लाख रुपये की बी2सी बिक्री हुई, जबकि संभावित खरीदारों, वितरकों और कारोबारी साझेदारों से 1,150 बी2बी पूछताछ दर्ज की गईं। इससे युवा उद्यमियों को अपने उत्पादों के लिए नए बाजार तलाशने और कारोबार को आगे बढ़ाने के अवसर मिले। मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों ने स्टॉलों का किया भ्रमण दूसरे दिन मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों ने एक्सपो के विभिन्न हॉल का भ्रमण किया। उन्होंने सीएम युवा के स्टॉलों पर प्रदर्शित उत्पादों और कारोबार मॉडलों की जानकारी ली। युवा उद्यमियों से संवाद करते हुए उनके व्यवसाय, बाजार विस्तार और सीएम युवा योजना से मिले सहयोग के बारे में भी जानकारी प्राप्त की गई। थीम पवेलियन में सामने आए अलग-अलग कारोबार मॉडल थीम पवेलियन में आयोजित सत्र के दौरान प्रोजेक्ट गंगा, मिलेनस्ट-जैविक फूड, द मास्टर ब्रांड्स, पिज्जा ओडिला और द पर्ल टाउन ने अपने उत्पादों, कारोबार मॉडल और भविष्य की विस्तार योजनाओं को प्रस्तुत किया। प्रस्तुतियों के माध्यम से युवा प्रतिभागियों को यह समझने का अवसर मिला कि किसी उत्पाद को बाजार की जरूरत के अनुरूप विकसित कर किस प्रकार उसे सफल कारोबार में बदला जा सकता है। पिच टैंक में युवाओं ने विशेषज्ञों के सामने रखे कारोबार विचार दूसरे दिन आयोजित पिच टैंक में एमिटी यूनिवर्सिटी, आईपीईसी कॉलेज, आईटीएस और जीएल बजाज सहित विभिन्न संस्थानों के चयनित प्रतिभागियों ने निर्णायक मंडल के समक्ष अपने कारोबार विचार और मॉडल प्रस्तुत किए।युवाओं ने अपने उत्पादों और सेवाओं, लक्षित बाजार, आय के मॉडल, कारोबार विस्तार और रोजगार सृजन की संभावनाओं पर प्रस्तुतियां दीं। इस मंच ने युवाओं को अपने विचारों पर विशेषज्ञों की राय लेने और उन्हें बाजार की जरूरत के अनुरूप बेहतर बनाने का अवसर दिया। आर्थिक सहायता के साथ बाजार से जोड़ने पर जोर योगी सरकार की सीएम युवा योजना के माध्यम से युवाओं को उद्यम स्थापित करने के लिए सहयोग उपलब्ध कराने के साथ ही उनके कारोबार को बाजार से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है। सीएम युवा एक्सपो इसी दिशा में महत्वपूर्ण मंच बना है। यहां युवाओं को उत्पाद प्रदर्शन और बिक्री के साथ बी2बी संपर्क, ब्रांडिंग, वितरण नेटवर्क और कारोबार विस्तार के अवसर मिल रहे हैं। फ्रेंचाइजी, मशीन आपूर्ति और बिजनेस ऑन व्हील्स जैसे अलग-अलग कारोबारी मॉडल भी युवाओं के सामने प्रस्तुत किए जा रहे हैं। स्थानीय प्रतिभा को बड़े बाजार से जोड़ रहा ट्रेड शो यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में सीएम युवा की भागीदारी का उद्देश्य प्रदेश के युवा उद्यमियों को स्थानीय बाजार से राष्ट्रीय और वैश्विक बाजार तक पहुंच दिलाना है। देश-विदेश से आए खरीदारों, कारोबारी प्रतिनिधियों और संभावित साझेदारों के बीच युवा उद्यमियों को अपने उत्पाद और सेवाएं प्रस्तुत करने का अवसर मिल रहा है। सीएम युवा एक्सपो में जारी गतिविधियां प्रदेश की युवा शक्ति और उद्यमिता की क्षमता को सामने ला रही हैं। योगी सरकार की पहल से युवाओं को स्वरोजगार, नवाचार और कारोबार विस्तार के लिए एक ऐसा मंच मिल रहा है, जहां आर्थिक सहयोग के साथ बाजार और नेटवर्किंग की संभावनाएं भी एक साथ उपलब्ध हैं। आगामी दिनों में भी एक्सपो में उत्पाद प्रदर्शन, कारोबार प्रस्तुतियां, पिच टैंक और कारोबारी संपर्क से जुड़ी गतिविधियां जारी रहेंगी।

अखिलेश यादव की सपा प्रवक्ताओं को सलाह- बिना तैयारी डिबेट में न जाएं, सोशल मीडिया पर संभलकर बोलें

लखनऊ  समाजवादी पार्टी के प्रवक्ताओं की शनिवार को बैठक करीब दो घंटे तक चली. इस बैठक में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ-साथ राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव राय और राजकुमार भाटी भी मौजूद रहे. बैठक के दौरान अखिलेश यादव ने प्रवक्ताओं को कई अहम नसीहतें दीं।  जानकारी के मुताबिक, अखिलेश यादव ने कहा कि बिना तैयारी के डिबेट में जाना हास्यास्पद हो जाता है. धर्म और जाति के मुद्दों, जिनसे किसी की भावना आहत हो उनसे बचना है. अखिलेश ने कहा कि बिना तैयारी के नहीं बोलना है।  साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि हर मुद्दे पर बोलने से ज्यादा महत्वपूर्ण चुप रहना होता है, क्योंकि कई बार चुप रहकर भी बड़ा संदेश दिया जा सकता है।  10 सेकंड की रील से पार्टी की छवि बनती-बिगड़ती: अखिलेश यादव अखिलेश यादव ने कहा कि आज सोशल मीडिया का दौर है. आपकी कही हुई बात तेजी से वायरल होती है. 10 सेकंड की रील से पार्टी की छवि बनती और बिगड़ती है।  आपकी कही हुई बात तेजी से वायरल होती है. 10 सेकंड की रील से पार्टी की छवि बनती और बिगड़ती है. अखिलेश ने कहा है कि बिना तैयारी के डिबेट में न जाएं. समाजवादी पार्टी के प्रवक्ताओं की शनिवार को बैठक करीब दो घंटे तक चली. इस बैठक में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ-साथ राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव राय और राजकुमार भाटी भी मौजूद रहे।  बैठक के दौरान अखिलेश यादव ने प्रवक्ताओं को कई अहम नसीहतें दीं. ने कहा कि बिना तैयारी के डिबेट में जाना हास्यास्पद हो जाता है. धर्म और जाति के मुद्दों, जिनसे किसी की भावना आहत हो उनसे बचना है. अखिलेश ने कहा कि बिना तैयारी के नहीं बोलना है।  साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि हर मुद्दे पर बोलने से ज्यादा महत्वपूर्ण चुप रहना होता है, क्योंकि कई बार चुप रहकर भी बड़ा संदेश दिया जा सकता है. रायबरेली से अखिलेश यादव ने शुरू की रथ यात्रा, कांग्रेस और सपा में ठनी! अखिलेश की 'रथयात्रा' पर भड़की कांग्रेस, अजय राय ने दी ये चुनौतीअखिलेश यादव ने कहा कि आज सोशल मीडिया का दौर है।  आपकी कही हुई बात तेजी से वायरल होती है. 10 सेकंड की रील से पार्टी की छवि बनती और बिगड़ती है. यादव ने कहा कि पार्टी प्रवक्ता गंभीरता से पार्टी का पक्ष रखें. हर मुद्दे पर जानकारी इकट्ठा करने के बाद ही बयान दें या डिबेट में शामिल हों. इस बीच सपा प्रमुख ने कुछ दिन पहले रायबरेली में कहा था कि हर तरफ पीडीए की हवा चल रही है और यह चुनाव बीजेपी बनाम पीडीए है।  इस बार 'वोट का बुलडोजर' चलेगा. बता दें, अखिलेश यादव ने रायबरेली से अपनी 'पीडीए रथयात्रा' की शुरुआत की. उन्होंने कहा कि हम सकारात्मक राजनीति कर रहे हैं, जबकि BJP नकारात्मक राजनीति करती है. अखिलेश यादव ने कहा कि पूरा उत्तर प्रदेश देख रहा है कि पीडीए के आंदोलन से बुलडोजर चलाने वाले बचने वाले नहीं हैं।  यादव ने कहा कि पार्टी प्रवक्ता गंभीरता से पार्टी का पक्ष रखें. हर मुद्दे पर जानकारी इकट्ठा करने के बाद ही बयान दें या डिबेट में शामिल हों।  इस बीच सपा प्रमुख ने कुछ दिन पहले रायबरेली में कहा था कि हर तरफ पीडीए की हवा चल रही है और यह चुनाव बीजेपी बनाम पीडीए है. इस बार 'वोट का बुलडोजर' चलेगा. बता दें, अखिलेश यादव ने रायबरेली से अपनी 'पीडीए रथयात्रा' की शुरुआत की।  उन्होंने कहा कि हम सकारात्मक राजनीति कर रहे हैं, जबकि BJP नकारात्मक राजनीति करती है. अखिलेश यादव ने कहा कि पूरा उत्तर प्रदेश देख रहा है कि पीडीए के आंदोलन से बुलडोजर चलाने वाले बचने वाले नहीं हैं. इस बार 'वोट का बुलडोजर' चलेगा और हमेशा के लिए डिमॉलिश कर देगा। 

यूपी चुनाव से पहले बड़ा सर्वे! फिर लहराएगा भगवा, SP का सामने आया सीटों का आंकड़ा

लखनऊ  यूपी में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। भाजपा, सपा, बसपा, कांग्रेस समेत सभी दलों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। पिछले नौ सालों से प्रदेश में भाजपा की सरकार है और योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री हैं। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले एक चुनावी सर्वे सामने आया है, जिसमें भाजपा की बंपर जीत का अनुमान जताया गया है। इसमें भाजपा गठबंधन 267 सीटों के साथ प्रदेश में फिर से सरकार बना सकता है, जबकि सपा गठबंधन को 132 सीटें मिलने की संभावना है। बसपा को दो और अन्य के खाते में दो सीटें जा सकती हैं। न्यूज लीडर और मैटराइज के सर्वे के अनुसार, उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों पर यह सर्वे किया गया है। इसमें भाजपा गठबंधन को 267 सीटें दी गईं। इसमें से भाजपा को ही अकेले दम पर 246 सीटें मिलती दिख रहीं, जबकि उसके सहयोगी अपना दल (S) को नौ, आरएलडी को तीन, निषाद पार्टी को चार और सुभासपा को एक सीट दी गई है। सर्वे में बताया गया है कि अगर आज चुनाव होते हैं तो भाजपा गठबंधन की सरकार बनेगी। वहीं, समाजवादी पार्टी गठबंधन को राज्य में महज 132 सीटें मिलती दिखाई गई हैं। अगर यह सर्वे सच होता है तो सपा के लिए बड़ा झटका होगा, क्योंकि उसे लगातार तीसरी बार सत्ता से बाहर रहना पड़ेगा। इससे पहले सपा 2012-17 तक यूपी में सत्ता में थी और अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थे। इस बार सपा ही अकेले 125 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि उसकी सहयोगी कांग्रेस को सात सीटें मिल सकती हैं। सपा और कांग्रेस में पिछले कई दिनों से बयानबाजी भी तेज है। कांग्रेस की ओर से सांसद इमरान मसूद तीखी बयानबाजी कर रहे हैं, जबकि अब सपा सांसद इकरा हसन भी पलटवार कर रही हैं। भाजपा और सपा गठबंधन को कितने फीसदी वोट शेयर का अनुमान सर्वे के अनुसार, भाजपा को राज्य में 44 फीसदी वोट मिलने का अनुमान है, जबकि सपा गठबंधन को 38 फीसदी वोट मिल सकता है। इस तरह दोनों के बीच छह फीसदी का अंतर रहने की संभावना है, जोकि काफी बड़ा अंतर है। वहीं, बसपा को 0.8 फीसदी और अन्य को दस फीसदी वोट शेयर मिलने का अनुमान है। पिछले दो चुनावों के आंकड़े यूपी चुनाव 2022 में भाजपा ने 403 में से 255 सीटों पर जीत दर्ज की थी और उसका वोट शेयर करीब 41.3 फीसदी रहा था। समाजवादी पार्टी (SP) को 111 सीटें मिलीं और उसका वोट शेयर करीब 32.1 फीसदी था। वहीं बहुजन समाज पार्टी (BSP) सिर्फ एक सीट जीत सकी, जबकि उसका वोट शेयर करीब 12.9 फीसदी रहा। कांग्रेस को 2 सीटें मिलीं। बीजेपी के सहयोगियों अपना दल (एस) को 12 और निषाद पार्टी को 6 सीटें मिलीं। इससे पहले 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 312 सीटों पर जीत हासिल की थी और उसका वोट शेयर करीब 39.7 फीसदी था। समाजवादी पार्टी को 47 सीटें, बसपा को 19 सीटें और कांग्रेस को 7 सीटें मिली थीं। यानी 2017 से 2022 के बीच बीजेपी की सीटें 57 कम हुईं, लेकिन उसका वोट शेयर बढ़ा। इसके उलट SP की सीटों में 64 का इजाफा हुआ और उसका वोट शेयर भी करीब 10 प्रतिशत अंक बढ़ा, जबकि बसपा और कांग्रेस दोनों के सीटों तथा वोट शेयर में गिरावट आई।

योगी सरकार के डिजिटल हेल्थ विजन को मिलेगी नई रफ्तार, 25 पदों पर होगी भर्ती

लखनऊ  योगी सरकार ने प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को तकनीक से जोड़ने और डिजिटल हेल्थ व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में एक और कदम बढ़ाया है। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन, उत्तर प्रदेश (एबीडीएम यूपी) के प्रभावी क्रियान्वयन, तकनीकी सुदृढ़ीकरण, प्रशासनिक समन्वय और मंडल स्तर पर कार्यक्रमों की गति बढ़ाने के लिए विभिन्न पदों पर संविदा के आधार पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसके तहत कुल 25 रिक्त पदों पर पात्र अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इससे प्रदेश में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा। इन पदों पर होगी भर्ती चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सचिव रितु माहेश्वरी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था में तकनीक के इस्तेमाल और डिजिटल सेवाओं के विस्तार पर लगातार जोर दे रहे हैं। ऐसे में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन को प्रमुख योजनाओं में शामिल किया गया है। इसे विस्तार देने के लिए संविदा के आधार पर कुल 25 रिक्त पदों पर पात्र अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इसमें वित्त सलाहकार का एक, शिकायत निवारण विशेषज्ञ का एक, प्रशासनिक कार्यकारी के तीन, परियोजना प्रबंधक-समन्वय का एक, आईओआईसी विशेषज्ञ का एक, ईएमआर/पीएचआर विशेषज्ञ का एक, क्षमता निर्माण अधिकारी का एक, मंडलीय समन्वयक के नौ, समन्वय कार्यकारी के चार, संयुक्त निदेशक-आईटी का एक और आईटी कार्यकारी के दो पद शामिल हैं। इस प्रकार तकनीकी, प्रशासनिक और मंडलीय स्तर की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग श्रेणियों में मानव संसाधन जोड़ा जाएगा। 16 अक्टूबर रात 12 बजे तक कर सकेंगे आवेदन सचिव ने बताया कि भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 25 सितंबर को सुबह 11 बजे से शुरू हो गयी है। अभ्यर्थियों के पास आवेदन करने के लिए 16 अक्टूबर की रात 12 बजे तक का समय रहेगा। भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है। किसी भी पद के लिए ऑफलाइन, हार्ड कॉपी अथवा ई-मेल के माध्यम से आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। अभ्यर्थियों को निर्धारित ऑनलाइन माध्यम से ही आवेदन करना होगा। भर्ती से संबंधित विस्तृत विज्ञापन और आवश्यक जानकारी एबीडीएम यूपी की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई है। बता दें कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन का उद्देश्य डिजिटल माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं के बीच बेहतर समन्वय और सुरक्षित डिजिटल स्वास्थ्य इकोसिस्टम तैयार करना है।

100 से अधिक विद्यार्थियों ने निभाई विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों की भूमिका, वैश्विक व्यापार से लेकर एआई तक पर हुआ मंथन

ग्रेटर नोएडा उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 में शनिवार को दुनिया की कमान जेन अल्फा के हाथों में नजर आई। इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित ‘विकसित भारत मॉडल यूनाइटेड नेशंस (MUN)’ में कक्षा 9 से 12 तक के 14 विद्यालयों के 100 से अधिक विद्यार्थियों ने विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों की भूमिका निभाते हुए वैश्विक व्यापार, विश्व अर्थव्यवस्था, तकनीक और बदलती वैश्विक आपूर्ति शृंखला से जुड़े अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए महज एक शैक्षणिक गतिविधि नहीं, बल्कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय कूटनीति, वैश्विक व्यापार और नीति निर्माण की जटिलताओं को समझने का व्यावहारिक मंच भी बना। विद्यार्थियों ने संबंधित देशों की व्यापार नीतियों और वैश्विक मुद्दों पर उनके दृष्टिकोण को समझते हुए अपनी बात प्रभावी ढंग से रखी और अंतरराष्ट्रीय मंच पर संवाद, तर्क-वितर्क एवं सहमति निर्माण की प्रक्रिया का अनुभव प्राप्त किया। ‘विकसित भारत 2047’ बना संवाद का केंद्र मॉडल यूनाइटेड नेशंस का मुख्य विषय ‘विकसित भारत 2047’ रहा। आयोजन का उद्देश्य नई पीढ़ी को यह समझाना था कि वैश्विक अर्थव्यवस्था किस तरह काम करती है और अंतरराष्ट्रीय व्यापार से जुड़े निर्णय किस प्रकार देशों की अर्थव्यवस्था, उद्योग और आपूर्ति शृंखला को प्रभावित करते हैं। विद्यार्थियों ने विश्व व्यापार संगठन (WTO) के सदस्य देशों का प्रतिनिधित्व करते हुए वैश्विक व्यापार व्यवस्था के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। तकनीक और वैश्वीकरण के बढ़ते प्रभाव के बीच सप्लाई चेन मैनेजमेंट, ट्रेड फैसिलिटेशन एग्रीमेंट, डिजिटल ट्रेड पर मोरेटोरियम, रूल्स ऑफ ओरिजिन, ऑटोमेशन एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ई-कॉमर्स जैसे महत्वपूर्ण विषय चर्चा के केंद्र में रहे। दुनिया की अर्थव्यवस्था को समझा, देशों का पक्ष रखा एमयूएन की विशेषता यह रही कि विद्यार्थियों को केवल किसी देश का प्रतिनिधि बनकर अपनी बात रखने तक सीमित नहीं रखा गया। उन्हें संबंधित देश की आर्थिक परिस्थितियों, व्यापार नीति और वैश्विक मुद्दों पर उसके रुख को समझने के बाद अपनी स्थिति प्रस्तुत करनी थी। इससे विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर मिला कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर किसी मुद्दे पर निर्णय केवल एक देश के हित से नहीं, बल्कि अनेक देशों के हितों, आर्थिक परिस्थितियों और वैश्विक समीकरणों को ध्यान में रखकर प्रभावित होता है। तर्क, संवाद और कूटनीतिक तरीके से अपनी बात रखने की इस प्रक्रिया ने विद्यार्थियों में पब्लिक स्पीकिंग, रिसर्च, क्रिटिकल थिंकिंग, नेगोशिएशन और निर्णय लेने की क्षमता को भी बढ़ावा दिया। ट्रेड शो बना कक्षा से वैश्विक मंच तक का सेतु यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में आयोजित इस पहल ने विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकों से आगे निकलकर वैश्विक व्यापार की वास्तविक दुनिया को समझने का अवसर दिया। विद्यार्थियों ने जाना कि किसी उत्पाद के निर्माण से लेकर उसके दुनिया के अलग-अलग बाजारों तक पहुंचने में वैश्विक सप्लाई चेन, तकनीक, व्यापार समझौते और नीतियां किस प्रकार भूमिका निभाती हैं। इसके साथ ही विद्यार्थियों ने ट्रेड शो में उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से लगाए गए विभिन्न पवेलियन का भी भ्रमण किया। यहां उन्होंने प्रदेश के उद्योग, निवेश, निर्यात, तकनीक, हस्तशिल्प, संस्कृति और विरासत से जुड़े विभिन्न पहलुओं को करीब से देखा। इससे उन्हें उत्तर प्रदेश की आर्थिक क्षमता के साथ-साथ देश और प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता को समझने का अवसर भी मिला। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मान कार्यक्रम के दौरान विभिन्न देशों का प्रभावी प्रतिनिधित्व करने और चर्चा में उल्लेखनीय योगदान देने वाले विद्यार्थियों को ‘बेस्ट डेलीगेट’, ‘हाई कमेंडेशन’ और ‘स्पेशल मेंशन’ जैसे पुरस्कार प्रदान किए गए। सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए गए। 14 विद्यालयों के विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा कार्यक्रम में रायन इंटरनेशनल स्कूल, एस्टर पब्लिक स्कूल, स्पर्श इंटरनेशनल स्कूल, जेएम इंटरनेशनल स्कूल, खेतान स्कूल, भारत राम ग्लोबल स्कूल, दिल्ली पब्लिक स्कूल, नारायणा स्कूल, असीसी कॉन्वेंट स्कूल, एमसी गोपीचंद इंटर कॉलेज, जागरण पब्लिक स्कूल और समरविल स्कूल समेत विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। नई पीढ़ी को वैश्विक दृष्टि देने की पहल आयोजन के माध्यम से ‘विकसित भारत 2047’ की परिकल्पना को नई पीढ़ी के साथ जोड़ने का प्रयास किया गया। वैश्विक व्यापार, तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ई-कॉमर्स और आपूर्ति शृंखला जैसे विषयों पर संवाद ने विद्यार्थियों को भविष्य की अर्थव्यवस्था की बदलती तस्वीर से परिचित कराया। ट्रेड शो में आयोजित यह मॉडल यूनाइटेड नेशंस इस मायने में भी महत्वपूर्ण रहा कि विद्यार्थियों को पहली बार बड़े अंतरराष्ट्रीय व्यापार आयोजन के बीच बैठकर उन विषयों पर विचार रखने का अवसर मिला, जो आने वाले वर्षों में वैश्विक अर्थव्यवस्था की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। स्वागत उद्बोधन से हुई कार्यक्रम की शुरुआत कार्यक्रम की शुरुआत जिला विद्यालय निरीक्षक, गौतम बुद्ध नगर चंद्रशेखर के स्वागत उद्बोधन से हुई। इस अवसर पर रायन इंटरनेशनल स्कूल, ग्रेटर नोएडा की प्रधानाचार्या सुधा सिंह ने उनका सम्मान किया। कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी ने पूरे आयोजन को संवाद, विचार और सीखने के जीवंत मंच में बदल दिया।

पूर्वांचल के पारंपरिक स्वाद से रूबरू हो रहे ट्रेड शो के आगंतुक, मास्टर शेफ क्लास में सीख रहे ठेकुआ बनाने की विधि

ग्रेटर नोएडा उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 में शनिवार को प्रदेश की समृद्ध खान-पान परंपरा और स्थानीय व्यंजनों का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में बनाए गए ओडीओसी (वन डिस्ट्रिक्ट वन क्यूजीन) पवेलियन में उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों के पारंपरिक व्यंजनों और स्थानीय खाद्य उत्पादों को खास अंदाज में प्रस्तुत किया जा रहा है। पवेलियन में बड़ी संख्या में पहुंच रहे लोग न सिर्फ यूपी के अलग-अलग क्षेत्रों के स्वाद का आनंद ले रहे हैं, बल्कि इनके पीछे छिपी परंपरा और स्थानीय उत्पादों की जानकारी भी हासिल कर रहे हैं। इसी क्रम में ओडीओसी पवेलियन में आयोजित मास्टर शेफ क्लास इस समय आगंतुकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी हुई है। क्लास में पूर्वांचल के पारंपरिक व्यंजन ठेकुआ को तैयार करने की विधि प्रत्यक्ष रूप से समझाई जा रही है। खास बात यह है कि ठेकुआ बनाने में मिर्जापुर के गुड़ का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके जरिए आगंतुकों को मिर्जापुर के गुड़ की विशेषताओं और उससे तैयार होने वाले विभिन्न उत्पादों से भी परिचित कराया जा रहा है। मास्टर शेफ क्लास में सीख रहे ठेकुआ बनाने की विधि मास्टर शेफ क्लास में ठेकुआ बनाने की पूरी प्रक्रिया को आगंतुकों के सामने प्रस्तुत किया जा रहा है। विशेषज्ञ उन्हें सामग्री के चयन से लेकर मिश्रण तैयार करने और ठेकुआ को अंतिम रूप देने तक की बारीकियां समझा रहे हैं। इसके साथ ही पूर्वांचल से जुड़े अन्य स्थानीय खाद्य उत्पादों और पारंपरिक व्यंजनों की भी जानकारी दी जा रही है। आगंतुक विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान कर रहे हैं और यूपी के पारंपरिक स्वाद को करीब से समझ रहे हैं। यह पहल भोजन को केवल स्वाद तक सीमित रखने के बजाय उसके साथ जुड़ी स्थानीय संस्कृति, परंपरा और अर्थव्यवस्था को भी लोगों के सामने रखने का प्रयास है। प्रसिद्ध शेफ हरपाल सिंह सोखी भी होंगे मौजूद ओडीओसी की मास्टर शेफ क्लास में प्रसिद्ध शेफ हरपाल सिंह सोखी भी रविवार को मौजूद रहेंगे। उनकी मौजूदगी में आगंतुकों को उत्तर प्रदेश के पारंपरिक व्यंजनों और स्थानीय खाद्य उत्पादों को आधुनिक पाक कला के साथ जोड़ने की बारीकियां समझने का अवसर मिलेगा। आगंतुक उनसे संवाद कर सकेंगे और यूपी की विविध खान-पान परंपरा से जुड़े सवाल भी पूछ सकेंगे। ‘खाऊ गली’ में बढ़ी भीड़, कई उत्पादों की मांग तेज ओडीओसी पवेलियन में बनी ‘खाऊ गली’ भी ट्रेड शो में आने वाले लोगों के बीच खास आकर्षण बनी हुई है। यहां प्रदेश के अलग-अलग अंचलों के पारंपरिक व्यंजनों और खाद्य उत्पादों का स्वाद लेने के लिए लगातार भीड़ उमड़ रही है। दिन ढलने के साथ कई स्टॉलों पर उत्पादों की मांग इतनी बढ़ी कि कुछ उत्पादों की उपलब्धता कम पड़ने लगी। आगंतुक यूपी के पारंपरिक स्वाद को पसंद करने के साथ-साथ संबंधित जिलों और वहां के स्थानीय उत्पादों के बारे में भी जानकारी ले रहे हैं। योगी सरकार की पहल से 75 जिलों का खान-पान एक मंच पर उत्तर प्रदेश सरकार की पहल से तैयार ओडीओसी पवेलियन में प्रदेश के सभी 75 जिलों की खान-पान विरासत को एक मंच पर प्रस्तुत किया जा रहा है। अलग-अलग क्षेत्रों के व्यंजनों और खाद्य परंपराओं को उनके भौगोलिक एवं सांस्कृतिक संदर्भ के साथ प्रदर्शित किया गया है। ब्रज की मिठास से लेकर अवध के जायके, बुंदेलखंड की विशिष्टता, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के पारंपरिक स्वाद और पूर्वांचल के व्यंजनों तक ओडीओसी पवेलियन उत्तर प्रदेश की ‘एक प्रदेश, अनेक स्वाद’ वाली पहचान को सामने ला रहा है। स्थानीय स्वाद को वैश्विक मंच देने की पहल योगी सरकार की ओर से प्रदेश की खान-पान विरासत को संरक्षित करने और उसे व्यापक पहचान दिलाने की दिशा में ओडीओसी को महत्वपूर्ण पहल के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदेश के पारंपरिक व्यंजनों और स्थानीय खाद्य उत्पादों की प्रस्तुति से इन्हें देश-विदेश से आए आगंतुकों तक पहुंचने का अवसर मिल रहा है।