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सहारनपुर में शर्मनाक हरकत! रोटी पर थूकने का वीडियो वायरल, होटल के दो कर्मचारी पकड़े गए

 सहारनपुर कोई व्यक्ति होटल में बैठता है. गर्मागर्म तंदूरी रोटी आती है. वह खाता है. लेकिन अगर वही रोटी बनाने वाला पहले उस पर थूक दे, फिर तंदूर में चिपका दे, तो? सहारनपुर से सामने आई खबर ने लोगों को इसी सवाल पर अटका दिया है. यहां एक होटल का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें कथित तौर पर रोटी बनाने वाला युवक पहले उस पर थूक लगाता है और फिर उसे तंदूर में सेंक देता है. वीडियो सामने आते ही लोग भड़क गए. मामला पुलिस तक पहुंचा और फिर होटल से दो लोगों को उठाकर ले जाया गया।  पूरा मामला चिल्काना थाना क्षेत्र का है. यहां सरसावा रोड पर एक होटल में काम करने वाले कर्मचारियों का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने लगा. वीडियो में साफ दिखाई देता है कि एक युवक रोटी बेलने के बाद उस पर मुंह से कुछ गिराता है, जिसे लोगों ने थूक बताकर शेयर करना शुरू कर दिया. फिर वही रोटी तंदूर में लगाई जाती है. यहीं से हंगामा शुरू हो गया।  वीडियो वायरल होते ही स्थानीय लोगों में गुस्सा फैल गया. कई लोगों ने कहा कि अगर यह सच है, तो यह सिर्फ गंदी हरकत नहीं, बल्कि लोगों की सेहत से खिलवाड़ है. मामला बढ़ा तो रोहित लम्बरदार नाम के शख्स ने पुलिस में शिकायत दी. शिकायत के आधार पर थाना चिलकाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी।  पुलिस ने वीडियो की पड़ताल की और होटल पर दबिश दी. जांच में दो लोगों के नाम सामने आए- तंजीम और मोहम्मद महबूब. तंजीम अम्बहेटा का रहने वाला है, जबकि महबूब मूल रूप से बिहार का रहने वाला है, जो फिलहाल चिलकाना में रहकर होटल में काम कर रहा था. पुलिस ने दोनों को उसी होटल से गिरफ्तार कर लिया।  व्योम बिंदल ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को गंभीरता से लिया गया. वीडियो में एक व्यक्ति रोटी बनाते समय उस पर कथित रूप से थूक लगाता दिखाई दे रहा था. इसके आधार पर तुरंत केस दर्ज किया गया और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. आगे की जांच जारी है. लेकिन इस कहानी का असर सिर्फ गिरफ्तारी तक नहीं है।  स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है. सोचिए, जिस होटल में लोग रोज खाना खाते हों, जहां परिवार लेकर जाते हों, अगर वहां ऐसा वीडियो सामने आए तो भरोसा कैसे बचेगा? कई लोगों ने होटल पर सख्त कार्रवाई की मांग की है. कुछ ने लाइसेंस रद्द करने तक की बात कही है।  पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि वीडियो हाल का है या पुराना, और क्या यह पहली बार हुआ या पहले भी ग्राहकों को इसी तरह दूषित खाना परोसा जाता रहा. खाद्य सुरक्षा विभाग को भी सूचना दी गई है, ताकि होटल की जांच हो सके। 

393 करोड़ की लागत से तैयार होगा गोरखपुर क्रिकेट स्टेडियम, 30 हजार दर्शकों की होगी क्षमता

 गोरखपुर उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में 16 मई का दिन खेल अवस्थापना के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में दर्ज होने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को गोरखपुर में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का भूमि पूजन और शिलान्यास करेंगे। लगभग 393 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के शिलान्यास समारोह में केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी तथा प्रदेश के खेल मंत्री गिरीश चंद्र यादव भी मौजूद रहेंगे। सूत्रों के अनुसार गोरखपुर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट्स में शामिल है। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद प्रशासन द्वारा ताल नदोर क्षेत्र में उपलब्ध कराई गई भूमि पर 24 दिसंबर 2025 से निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया था। सरकार द्वारा जारी परियोजना लागत की पहली किश्त 63.39 करोड़ रुपये से निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड-एक (भवन) के अनुसार अब तक परियोजना का लगभग सात प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। स्टेडियम का निर्माण कार्य 23 दिसंबर 2027 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। गोरखपुर ग्रामीण क्षेत्र के विधायक विपिन सिंह ने इसे जिले के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम बनने से गोरखपुर विश्वस्तरीय खेल अवसंरचना और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों के केंद्र के रूप में पहचान बनाएगा। 46 एकड़ क्षेत्रफल में बनने वाले इस स्टेडियम की दर्शक क्षमता लगभग 30 हजार होगी। स्टेडियम 'ग्राउंड प्लस टू फ्लोर' डिजाइन पर विकसित किया जाएगा। मुख्य मैदान में खिलाड़ियों के लिए सात प्लेइंग पिच और चार प्रैक्टिस पिच बनाई जाएंगी। स्टेडियम के पूर्वी और पश्चिमी स्टैंड में प्रत्येक में 14,490 दर्शकों के बैठने की व्यवस्था होगी। नॉर्थ पैवेलियन में 208 वीआईपी और 382 मीडियाकर्मियों के बैठने की सुविधा रहेगी, जबकि साउथ पैवेलियन में 1708 वीवीआईपी और वीआईपी के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। रात्रिकालीन मैचों के आयोजन के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप चार हाई मास्ट लाइटें स्थापित की जाएंगी। क्रिकेट के अलावा यहां अन्य बड़े सांस्कृतिक और खेल आयोजनों का भी आयोजन किया जा सकेगा। सूत्रों ने बताया कि ताल नदोर स्थित यह स्टेडियम कनेक्टिविटी के लिहाज से भी अत्यंत उपयुक्त स्थान पर है। यह गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन राजमार्ग से जुड़ा हुआ है। स्टेडियम गोरखपुर एयरपोर्ट से लगभग 24 किलोमीटर तथा रेलवे स्टेशन से करीब 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। स्टेडियम निर्माण में देश की प्रमुख पेट्रोलियम कंपनियां कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (सीएसआर) फंड के तहत कुल 100 करोड़ रुपये का योगदान देंगी। इसके तहत इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड 60 करोड़ रुपये, भारत पेट्रोलियम 30 करोड़ रुपये तथा हिंदुस्तान पेट्रोलियम 10 करोड़ रुपये उपलब्ध कराएगी। समझा-बुझाकर शांत कार्रवाई का आश्वासन देकर उन्हें शांत करा दिया। करीब दो घंटे तक हंगामा, बवाल चलता रहा। एसीपी विनय द्विवेदी ने बताया छात्र मेस से हॉस्टल में खाना ले जाना चाह रहे थे। इस पर उनका वार्डन से विवाद हुआ। छात्रों ने वार्डन पर हाथ मरोड़ कर पिटाई करने का आरोप लगाया है। अभी तक इस मामले में किसी पक्ष से कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी। होटल से नानवेज और मेस से रोटी को लेकर बवाल की चर्चा वहीं, कुछ छात्रों का कहना है कि उनके एक साथी ने परिसर के बाहर अयोध्या रोड स्थित एक होटल से नॉनवेज मंगाया था। इसके बाद वह रोटी लेने के लिए मेस में गया था। रोटी देने से वार्डन से मना कर दिया। इस बात को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ था। इसके बाद छात्र आक्रोशित होकर हंगामा करने लगे थे।

तेज आंधी और बिजली से मौत पर सरकार का सहारा, मंत्रियों ने पीड़ित परिवारों से की मुलाकात

 लखनऊ यूपी में बीते दिनों आई तेज आंधी, बारिश और आकाशीय बिजली से हुई धन-जनहानि के पीड़ितों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर शुक्रवार को मुआवजा बांटा गया। विभिन्न जिलों में प्रभारी मंत्रियों ने पीड़ितों को धनराशि का चेक सौंपा और सरकार के उनके साथ खड़े होने का भरोसा दिलाया। प्रत्येक मृतक के परिजनों को चार लाख रुपये के अलावा राहत सामग्री के साथ-साथ विभिन्न योजनाओं का लाभ भी दिया गया। लखीमपुर खीरी के मितौली तहसील के ग्राम जमुनिया कढ़ीले में 13 मई की रात आई तेज आंधी और बारिश ने एक परिवार की दुनिया उजाड़ दी। मकान की छत भरभराकर गिरी और उसके नीचे दबकर 40 वर्षीय रतिराम पुत्र दीना की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद गुरुवार को मुख्यमंत्री के निर्देश पर गांव पहुंचे जिले के प्रभारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर ढांढस बंधाया। गांव पहुंचे प्रभारी मंत्री ने पूर्व सांसद जुगुल किशोर और डीएम अंजनी कुमार सिंह की मौजूदगी में मृतक की पत्नी और बच्चों को चार लाख रुपये की दैवीय आपदा सहायता, 6500 रुपये गृह अनुदान का डेमो चेक सौंपा। इसी तरह हरदोई में उत्तर प्रदेश सरकार के समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं जनपद हरदोई के प्रभारी मंत्री असीम अरुण ने तहसील संडीला के ग्राम आंट मजरा आंट सांट में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ पीड़ित परिवार से भेंट कर गहरी संवेदना प्रकट की। उन्होंने मौके पर उपस्थित मृतका की माता कमला पत्नी छोटे को बताया कि उनके खाते में राहत सहायता राशि 4 लाख रुपए भेज दी गई है। इस अवसर पर सांसद अशोक रावत व विधायक राम पाल वर्मा ने भी शोकाकुल परिवार को सांत्वना दी। अंबेडकरनगर में गिरीश चंद्र यादव ने पीड़ितों से की मुलाकात अम्बेडकरनगर में जिले के प्रभारी मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने ग्राम कुढ़ा मोहम्मदगढ़ में आंधी-तूफान के कारण दीवार गिरने से सुकना देवी के असामयिक निधन पर उनके परिजनों से भेंट कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने बताया कि इस कठिन समय में परिवार को संबल प्रदान करने हेतु प्रदेश सरकार की ओर से निर्धारित आर्थिक सहायता चार लाख रुपये की राशि प्रदान कर दी गई। मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने दी राहत सामग्री सम्भल में तेज आंधी-तूफान एवं वर्षा से उत्पन्न दैवीय आपदा के कारण थाना कैलादेवी के अन्तर्गत ग्राम गंगहेटा में विद्युत पोल तथा घर की दीवार गिरने से नेमवती तथा भगवान सिंहके चपेट में आने से मौत हो गयी थी। प्रभारी मंत्री/राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा धर्मवीर प्रजापति ने गांव जाकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। परिजनों से भेंट कर शोक संवेदना व्यक्त करते हुए 4-4 लाख रुपये धनराशि खाते में पहुंचने के प्रमाणपत्र तथा आपदा राहत सामग्री प्रदान की। उनके साथ जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल तथा पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई भी थे। मंत्री गुलाब देवी ने मृतक के परिजनों को 4-4 लाख के चेक सौंपे बदायूं के बिसौली क्षेत्र में आंधी-तूफान पीड़ित परिवारों को प्रभारी मंत्री गुलाब देवी ने प्रत्येक मृतक के परिजनों को 4-4 लाख के चेक सौंपे। वहीं, बरेली में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सहकारिता विभाग/प्रभारी मंत्री जेपीएस राठौर की अध्यक्षता में आज आपदा राहत राशि का वितरण कार्यक्रम आंवला तहसील के सभागार में हुआ। राज्यमंत्री द्वारा जनहानि होने पर देवकी और लीपी के परिवारीजनों के खातों में चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि दी गयी।

तेज धूप और गर्म हवाओं से बेहाल लोग, मौसम विभाग ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट

लखनऊ यूपी में पिछले कई दिनों से मौसम का मिजाज तल्ख बना हुआ है। लगातार तापमान बढ़ने से गर्मी और तेज धूप ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। गुरुवार को सुबह से ही तीखी धूप निकलने के कारण दिनभर गर्म हवाएं चलती रहीं, जिससे लोग बेहाल नजर आए। दोपहर के समय घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया और राहगीरों व यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बीते दिनों आई आंधी और बारिश के बाद पिछले शनिवार से मौसम का रुख पूरी तरह बदल गया है। जहां, गुरुवार को तेज धूप निकलने के बाद अधिकतम तापमान करीब 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं, अगले 48 घंटे लू के साथ गर्मी और बढ़ेगी। मौसम विभाग ने गर्मी को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग का कहना है कि दो दिन लू के थपेड़े सताएंगे और इसके बाद बारिश से राहत मिलेगी। हालांकि अगले दो दिनों में लू के साथ तापमान और गर्मी और ज्यादा बढ़ेगी। गुरुवार को दिनभर भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप ने लोगों को खासा परेशान किया। सुबह से ही सूरज की तेज किरणों ने वातावरण को गर्म कर दिया, जिससे दोपहर तक सड़कों पर सन्नाटा जैसा माहौल देखने को मिला। गर्म हवाओं और तेज धूप के चलते आम जनजीवन प्रभावित रहा और लोग जरूरी कामों से ही घरों से बाहर निकले। दोपहर के समय गर्मी का असर अपने चरम पर रहा। बाजारों में भी भीड़ कम देखी गई और लोग छांव और ठंडे स्थानों की तलाश करते नजर आए। गर्मी के कारण राहगीरों, मजदूरों और स्कूली बच्चों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर लोग पानी और ठंडे पेय पदार्थों का सहारा लेते दिखे। मौसम विभाग के अनुसार दिन का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहा। तापमान में वृद्धि के कारण उमस और गर्म हवाओं ने लोगों को बेहाल कर दिया। हालांकि कुछ इलाकों में मौसम कई बार अचानक करवट ले रहा है। आसमान में काले बादल छाने के साथ तेज हवाएं चल रही हैं। लेकिन इससे हल्की राहत मिल रही है। भीषण गर्मी के बीच लोगों को बारिश का इंतजार है। मौसम विभाग काक कहना है कि 18 मई से बारिश के आसार हैं। एप पर जानकारी प्री-मानसून और मानसून के दौरान गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाओं से जानलेवा क्षति होती है। जनहानि को कम करने के लिए मौसम विभाग और अन्य संस्थाओं ने कई मोबाइल एप विकसित किए हैं। इनके माध्यम से आम नागरिकों, किसानों और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को गरज-चमक, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावित घटनाओं की समय रहते चेतावनी मिल जाती है। मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि दामिनी-लाइटनिंग अलर्ट एप पूरे भारत में बिजली गिरने की गतिविधियों की निगरानी करता है। यह उपयोगकर्ता की जीपीएस लोकेशन के आधार पर अलर्ट भेजता है। यदि 20 से 40 किलोमीटर के दायरे में बिजली गिरने की संभावना होती है तो यह तुरंत सूचना देता है।

यूपी में 2017 से अब तक अल्पसंख्यक वर्ग के 52,134 जोड़ों की शादी इस योजना के तहत संपन्न कराई जा चुकी

लखनऊ  योगी सरकार सबका साथ, सबका विकास के मंत्र को जमीन पर उतारने में लगातार जुटी हुई है। सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी जाति और धर्म के भेदभाव के समाज के हर वर्ग तक पहुंच रहा है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए एक मजबूत सहारा बनकर उभरी है। खासतौर पर अल्पसंख्यक समाज के हजारों परिवारों को इस योजना से राहत और सम्मान मिला है। प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2017-18 से 2025-26 तक अल्पसंख्यक वर्ग के 52,134 जोड़ों का विवाह इस योजना के तहत संपन्न कराया जा चुका है। सरकार की इस पहल ने उन परिवारों की चिंता कम की है जो बेटियों की शादी के खर्च को लेकर वर्षों तक परेशान रहते थे। योगी सरकार द्वारा दी जा रही आर्थिक सहायता और सामाजिक सहयोग ने गरीब परिवारों को नई उम्मीद दी है। सामाजिक समरसता का बना मजबूत माध्यम मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक समरसता और समानता का भी बड़ा संदेश दे रही है। कार्यक्रमों में सभी धर्मों और समुदायों के जोड़ों का एक साथ विवाह कराना समाज में भाईचारे और सौहार्द की भावना को मजबूत करता है। सम्मान के साथ बेटियों की नई जिंदगी की शुरुआत समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शादी जैसे बड़े आयोजन में गरीब परिवारों को अक्सर कर्ज और आर्थिक संकट का सामना करना पड़ता था, लेकिन मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना ने इस समस्या को काफी हद तक कम किया है। योजना के तहत सरकार द्वारा आर्थिक सहायता, गृहस्थी का सामान और अन्य जरूरी सामग्री उपलब्ध कराई जाती है, जिससे नवविवाहित जोड़ों को नई जिंदगी शुरू करने में मदद मिलती है। सरकार की इस पहल से अल्पसंख्यक समाज की बेटियों को भी सम्मानपूर्वक विवाह का अवसर मिल रहा है। कई परिवारों ने इसे गरीबों और जरूरतमंदों के लिए बड़ी राहत बताया है। विकास की राजनीति से मजबूत हो रहा भरोसा योगी सरकार लगातार यह संदेश देने का प्रयास कर रही है कि प्रदेश में विकास और कल्याणकारी योजनाओं का आधार जाति या धर्म नहीं, बल्कि जरूरत और पात्रता है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना इसका बड़ा उदाहरण बनकर सामने आई है। योगी सरकार का मानना है कि समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने से ही प्रदेश का समग्र विकास संभव है। यही वजह है कि अल्पसंख्यक समाज सहित सभी वर्गों में सरकार की योजनाओं को लेकर भरोसा बढ़ा है। सरकार हर वर्ग के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना इसका सशक्त उदाहरण है, जिसमें पात्रता के आधार पर लाभ दिया जा रहा है। यह योजना सामाजिक समरसता को मजबूत करते हुए जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। 9 साल में अल्संख्यक वर्ग के 52,134 जोड़ों की शादियां हुईं 2017-18    में 1635 2018-19    में 4973 2019-20   में 6040 2020-21   में 1878 2021-22    में 5160 2022-23   में 8096 2023-24   में 8535 2024-25   में 9381 2025-26   में 6436

सीएम योगी के निर्देश पर 100 निजी अस्पतालों का रोका भुगतान, 100 अस्पताल योजना से निलंबित

लखनऊ योगी सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण और जवाबदेह बनाने की दिशा में लगातार बड़े कदम उठा रही है। इसी क्रम में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत निर्धारित मानकों का पालन नहीं करने वाले निजी चिकित्सालयों पर बड़ी कार्रवाई की गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश हैं कि योजना के लाभार्थियों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अस्पतालों की सूचीबद्धता और गुणवत्ता परीक्षण की प्रक्रिया को किया गया और अधिक सख्त  साचीज की सीईओ अर्चना वर्मा ने बताया कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना देश के आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्गों को निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की एक महत्वपूर्ण योजना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश में इसे अधिक प्रभावी, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के लिए समय-समय पर सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। इसी दिशा में अस्पतालों की सूचीबद्धता और गुणवत्ता परीक्षण की प्रक्रिया को और अधिक सख्त बनाया गया है। योगी सरकार द्वारा अस्पताल इम्पैनलमेंट मॉड्यूल (एचईएम) पोर्टल के माध्यम से सूचीबद्ध अस्पतालों का सत्यापन निर्धारित मानकों के आधार पर किया जा रहा है। नई व्यवस्था के तहत अस्पतालों के लिए 35 महत्वपूर्ण मानकों को पूरा करना अनिवार्य किया गया है। इनमें अस्पताल का पंजीकरण प्रमाणपत्र, फायर सेफ्टी एनओसी, आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर, चिकित्सकों की शैक्षणिक योग्यता, एचएफआर पंजीकरण सहित अन्य जरूरी दस्तावेज और व्यवस्थाएं शामिल हैं। 200 निजी चिकित्सालयों ने मानकों के अनुरूप नहीं पूरी की प्रक्रिया  सीईओ ने बताया कि नेशनल हेल्थ अथॉरिटी और स्टेट हेल्थ एजेंसी की ओर से ई-मेल, दूरभाष, संदेश, पत्राचार और वर्चुअल बैठकों के माध्यम से अस्पतालों को हर स्तर पर सहायता दी गई। इसका सकारात्मक परिणाम यह रहा कि अब तक 95 प्रतिशत से अधिक अस्पताल सफलतापूर्वक एचईएम 2.0 पोर्टल पर माइग्रेट हो चुके हैं। हालांकि, कुछ निजी अस्पतालों ने निर्धारित समयसीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी नहीं की। योगी सरकार की ओर से उन्हें कई बार अवसर दिए गए, लेकिन इसके बावजूद करीब 200 निजी चिकित्सालयों ने मानकों के अनुरूप प्रक्रिया पूरी नहीं की। इनमें आगरा, अलीगढ़, प्रयागराज, अमेठी, अमरोहा, आजमगढ़, बागपत, बांदा, बाराबंकी, बरेली, बस्ती, बिजनौर, बुलंदशहर, चंदौली, चित्रकूट, देवरिया, फर्रुखाबाद, गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, गोंडा, गोरखपुर, हरदोई, हाथरस, जौनपुर, झांसी, कन्नौज, कानपुर नगर, कुशीनगर, ललितपुर, लखनऊ, मथुरा, मऊ, मेरठ, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, प्रतापगढ़, संतकबीरनगर, सुल्तानपुर, वाराणसी, शाहजहांपुर, जालौन, मिर्जापुर, अंबेडकरनगर, रामपुर और सोनभद्र सहित कई जिलों के अस्पताल शामिल हैं। 100 निजी अस्पतालों का रोका गया भुगतान सीएम योगी के निर्देश पर ऐसे अस्पतालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए 100 अस्पतालों का भुगतान रोक दिया गया है, जबकि करीब 100 अन्य अस्पतालों को योजना से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई यह सुनिश्चित करने के लिए की गई है कि आयुष्मान योजना के लाभार्थियों को केवल मानक आधारित और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं ही प्राप्त हों। बता दें कि योगी सरकार ने सभी सूचीबद्ध अस्पतालों को एनएबीएच गुणवत्ता प्रमाणन प्राप्त करने के लिए भी निर्देश जारी किए हैं। इसके साथ ही राज्य और जिला स्तर पर अस्पतालों की नियमित ऑडिट और मॉनिटरिंग भी कराई जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता को समय रहते रोका जा सके। सरकार स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक के अधिकतम उपयोग पर भी विशेष जोर दे रही है। अस्पतालों में डिजिटल माध्यम से मरीजों के निस्तारण को अधिक सरल और पारदर्शी बनाने के लिए एबीडीएम सक्षम एचएमआईएस प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।  इसके अतिरिक्त इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड (ईएचआर) प्रणाली को भी चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। इससे मरीजों का स्वास्थ्य रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेगा और इलाज की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और तेज होगी। राज्य स्तर से अस्पतालों को पोर्टल संचालन और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए समय-समय पर प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही ऐसे मामलों पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है, जिनमें चिकित्सकों की डिग्री अथवा विवरण के अनुचित उपयोग की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। ऐसे मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।

अम्बेडकरनगर ने रचा इतिहास, प्रदेश में बना मिसाल

अम्बेडकरनगर  योगी सरकार के पर्यावरण संरक्षण और जन-जागरूकता मिशन को नई ऊंचाई मिली है। अम्बेडकरनगर जनपद में शुक्रवार को सभी 899 ग्राम पंचायतों ने एक साथ ग्रीन चौपाल का आयोजन कर इतिहास रच दिया गया। सुबह 9 से 10 बजे तक चले इस कार्यक्रम में पेट्रोल-डीजल की खपत घटाने, हरित परिवहन को बढ़ावा देने व पर्यावरण संरक्षण के व्यापक प्रस्ताव पारित किए गए। अम्बेडकरनगर का यह सामूहिक प्रयास पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बन गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आह्वान के परिप्रेक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम में ईंधन व ऊर्जा बचत, पर्यावरण संरक्षण तथा स्वच्छता अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया। जिलाधिकारी ईशा प्रिया के निर्देशन में इस आयोजन में ग्राम प्रधानों ने सक्रिय भूमिका निभाई। सभी पंचायतों में एक ही समय पर लगाई गई ग्रीन चौपाल में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने हिस्सा लिया। ग्राम प्रधानों ने पेट्रोल-डीजल की खपत घटाने का बीड़ा उठाते हुए सार्वजनिक परिवहन, कार पूलिंग, इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग और हरित परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने का सामूहिक प्रण लिया। इस दौरान पौधरोपण, जल संरक्षण, गो-संरक्षण, स्वच्छता, जैविक खेती, सौर ऊर्जा, पराली न जलाने और कचरा प्रबंधन जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। मानसून को देखते हुए 30 जून तक प्री-प्लांटेशन की तैयारियां पूरी करने की कार्ययोजना भी बनाई गई। जिलाधिकारी ने बताया कि इस आयोजन के माध्यम से जनपद ने दो महत्वपूर्ण कीर्तिमान स्थापित किए हैं। पहला, अधिकतम ग्राम पंचायतों द्वारा एक साथ एक समय में आयोजन करना। दूसरा, सबसे कम समय में इतने वृह्द जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन। सभी ग्राम पंचायतों में आयोजित ग्रीन चौपालों में आगामी पौधरोपण महोत्सव पर हर परिवार द्वारा कम से कम पांच पौधे लगाने और उनकी देखभाल सुनिश्चित करने की बात कही गई। इसके अलावा जल संरक्षण, गो–संरक्षण, स्वच्छता, हरित एवं जैविक खेती, मृदा संरक्षण ऊर्जा संरक्षण, सौर ऊर्जा, पर्यावरण व शिक्षा के लिए जागरूकता अभियान चलाने पर भी सहमति दर्ज की गई।  प्रभारी मंत्री ने पहल को सराहा प्रभारी मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि योगी सरकार के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन द्वारा किया गया यह अभिनव प्रयास पर्यावरण संरक्षण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। प्रधानमंत्री तथा मुख्यमंत्री के आह्वान पर ग्रामीण क्षेत्रों तक ऊर्जा बचत और हरित परिवहन का संदेश पहुंचाना सराहनीय है। मंत्री ने जनता से अपील की कि हर नागरिक व्यक्तिगत स्तर पर पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने का संकल्प ले और आवश्यकता अनुसार ही वाहन का उपयोग करे।

75 जिलों की सभी गोशालाओं में होगी कृषि सखियों की तैनाती

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में गो संरक्षण को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पहली बार इतने बड़े स्तर पर व्यापक और संगठित मॉडल पर काम शुरू होने जा रहा है। योगी सरकार अब गो संरक्षण को ग्रामीण अर्थव्यवस्था, महिला सशक्तीकरण और जैविक खेती से जोड़कर नए रोजगार मॉडल के रूप में विकसित करने जा रही है। इसके लिए योगी सरकार ने मास्टर प्लान तैयार किया है, जिसके तहत प्रदेश के सभी 75 जिलों की साढ़े सात हजार से अधिक गोशालाओं में कृषि सखियों की तैनाती की जाएगी। इस पूरी योजना में उत्तर प्रदेश आजीविका मिशन की महिलाओं को विशेष भूमिका सौंपी जा रही है। योगी सरकार की योजना है कि ग्रामीण क्षेत्र की माताएं और बहनें गो संरक्षण में भी सहभागी बनें और गोशालाओं को आत्मनिर्भरता व समृद्धि के केंद्र के रूप में विकसित करें। इसके लिए प्रदेश स्तर पर महिलाओं को विशेष प्रशिक्षण देकर मास्टर ट्रेनर बनाया जाएगा, जो आगे गांव-गांव में अन्य महिलाओं को प्रशिक्षित करेंगी। गोशालाओं से निकलेगा समृद्धि का रास्ता उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि योगी सरकार की रणनीति के अनुसार प्रदेश की सभी गोशालाओं को रोजगार और जैविक कृषि के मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा। गोशालाओं से निकलने वाले गोबर का उपयोग बड़े पैमाने पर जैविक खाद तैयार करने में होगा। इसके लिए महिलाओं के माध्यम से खाद निर्माण इकाइयां संचालित की जाएंगी।  इससे एक ओर जहां गो संरक्षण को मजबूती मिलेगी, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा होंगे। खासतौर पर महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह अभियान मील का पत्थर साबित हो सकता है। बदलेगी गांवों की तस्वीर, खेती की लागत घटेगी और मिट्टी की गुणवत्ता बेहतर होगी योजना का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि जैविक खाद के बड़े स्तर पर उत्पादन से किसानों को रासायनिक खाद पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी। इससे खेती की लागत घटेगी और मिट्टी की गुणवत्ता बेहतर होगी। जैविक खाद के उपयोग से किसानों की आय बढ़ेगी और प्रदेशवासियों को स्वास्थ्य के लिहाज से सुरक्षित एवं बेहतर खाद्यान्न उपलब्ध हो सकेगा। यही कारण है कि इस पूरी योजना को गांव, किसान, महिला और गो संरक्षण को एक साथ जोड़ने वाले गो समृद्धि अभियान के रूप में देखा जा रहा है। महिलाओं की बड़ी भागीदारी से मजबूत होगा अभियान उत्तर प्रदेश आजीविका मिशन से जुड़ी कृषि सखियां इस अभियान की सबसे बड़ी ताकत बनेंगी। योगी सरकार का उद्देश्य है कि गो संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ते हुए इसे स्थायी आर्थिक गतिविधि के रूप में विकसित किया जाए। यही वजह है कि इस अभियान में महिलाओं की भूमिका केवल सहयोगी नहीं बल्कि नेतृत्वकारी होगी। उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि गोशालाओं से निकला यह नया मॉडल आने वाले समय में ग्रामीण अर्थव्यवस्था की तस्वीर बदल सकता है और उत्तर प्रदेश को जैविक खेती एवं गो आधारित अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में नई पहचान दिला सकता है।

अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस पर यूपी सरकार की पहल, 3000 साल पुरानी वस्तुएं आम लोगों के लिए फ्री

लखनऊ उत्तर प्रदेश राज्य संग्रहालय में संरक्षित तीन हजार वर्ष पुरानी मूर्तियां, पांडुलीपि और प्राचीन सिक्के को पर्यटन निःशुल्क देख सकेंगे। अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस के अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति विभाग ने सभी पर्यटकों और दर्शकों को 30 जून तक यह छूट दी है। 18 मई को अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस है। इस मौके पर राजधानी सहित प्रदेश के सभी राजकीय संग्रहालयों में हमारा संग्रहालय, हमारी धरोहर के तहत कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं।  इसी के तहत राज्य संग्रहालय के सहयोग से सभी शिक्षण संस्थानों में निबंध एवं प्रश्नोत्तरी व पेंटिग प्रतियोगिता प्रतियोगिताएं हो रही हैं। राज्य पुरातत्व निदेशालय की निदेशक रेनू द्विवेदी ने बताया कि निदेशालय की ओर से लखनऊ विश्वविद्यालय में उत्तर प्रदेश सभ्यता से संस्कृति विषय पर छायाचित्र प्रदर्शनी लगाई जाएगी। राज्य संग्रहालय के निदेशक विनय कुमार सिंह ने बताया कि संग्रहालय में करीब 1.5 लाख से अधिक ऐतिहासिक, पुरातात्विक और सांस्कृतिक वस्तुएं संरक्षित हैं। यहां तीन हजार वर्ष पुरानी मिस्र की ममी और लकड़ी का ताबूत, भगवान बुद्ध की मूर्तिया, 5वीं सदी के शिव, नृत्य करते नटराज, और 6वीं सदी की सूर्य प्रतिमा, प्राचीन सिक्के, जिनमें पंचाल, अयोध्या, इंडो-ग्रीक और गुप्त काल के सिक्के शामिल हैं। मुगल और पहाड़ी शैली के लघु चित्र, जैन कल्प सूत्र पांडुलिपियां, 16वीं से 19वीं सदी के तलवारें, कवच, जेड की वस्तुएं, हाथी दांत की नक्काशी और बिदरी शिल्प के बर्तन, ऐतिहासिक वस्तुएं संरक्षित हैं। दर्शक 30 जून तक इसे निःशुल्क देख सकेंगे।  

ओडीओपी, युवा उद्यमी, आवास, कृषक दुर्घटना कल्याण और आयुष्मान समेत कई योजनाओं के लाभार्थियों को मिला लाभ

महराजगंज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को महराजगंज में विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत चयनित लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र, चेक, टूलकिट और आवास की चाबियां वितरित कीं। इससे पहले मुख्यमंत्री ने नन्हे बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार कराया और उन्हें उपहार भी भेंट किए। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।  मुख्यमंत्री ने उद्योग विभाग की ओडीओपी योजना के अंतर्गत अंगद को तथा विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत सीमा कन्नौजिया को टूलकिट वितरित कीं। पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार योजना के अंतर्गत राजकुमार कुशवाहा को ₹30 लाख की धनराशि का चेक दिया गया। ग्राम प्रधान पंचायत कल्याण कोष योजना के तहत बिजना देवी को ₹10 लाख का चेक प्रदान किया गया। कार्यक्रम में एपीओ कंचन मौर्या फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के निदेशक सुरेंद्र कुमार को कृषि यंत्र वितरण हेतु अनुदान राशि का चेक सौंपा गया। इसी प्रकार द्वारिका को भी अनुदान राशि से संबंधित कृषि यंत्र (ट्रैक्टर) की चाबी प्रदान की गई। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के अंतर्गत प्रतिभा जायसवाल को ₹5 लाख की परियोजना लागत का चेक दिया गया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत अवतारी देवी को आवास की चाबी सौंपी गई, जबकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से विनोद को आयुष्मान कार्ड प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के अंतर्गत उर्मिला देवी को ₹5 लाख की सहायता राशि का चेक वितरित किया गया। इन परियोजनाओं का हुआ लोकार्पण जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में पाइपलाइन के माध्यम से शुद्ध पेयजल पहुंचाने वाली 5 परियोजनाएं बृजमनगंज में 33/11 के.वी.ए. विद्युत उपकेंद्र में ट्रांसफार्मर की स्थापना 7 राजकीय विद्यालयों में प्रोजेक्ट अलंकार के अंतर्गत पेयजल व्यवस्था, पुस्तकालय एवं शौचालय का निर्माण ₹490 लाख से फरेन्दा में लेहडा देवी मंदिर का समेकित पर्यटन विकास इन परियोजनाओं का हुआ शिलान्यास नौतनवां एवं फरेन्दा में 14 मागों एवं 3 लघु सेतुओं का निर्माण कार्य ₹55 करोड़ की लागत से 21.50 किमी मदरी-महदेड्या-चकदह-शाहपुर धोतिअहवा-कजरी मार्ग का निर्माण कार्य ₹28 करोड़ की लागत से नौतनवां के ग्राम मुड़िला में मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय का निर्माण कार्य ₹27 करोड़ की लागत से विकास खंड लक्ष्मीपुर की ग्राम पंचायत सेमरहवां में रोहिन नदी पर सेतु का निर्माण कार्य भगवानपुर और अमोढ़ा में शिव मंदिर का जीर्णोद्धार कार्य