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5 लाख की इनामी महिला माओवादी पोडियम लक्ष्मी ने दिया समर्पण, सीमा क्षेत्र में थी सक्रिय

जगदलपुर टूटे हुए नक्सल कैडर को फिर से एकजुट करने की नई साजिश नाकाम नजर आ रही है. छत्तीसगढ़ सीमा से लगे आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सिताराम राजू जिले में एक ईनामी महिला माओवादी ने मुख्यधारा की ओर कदम बढ़ाते हुए सरेंडर कर दिया. सरेंडर करने वाली महिला माओवादी पोडियम लक्ष्मी पर 5 लाख रुपए का इनाम घोषित है.लक्ष्मी बीजापुर जिले के उसुर थाना क्षेत्र की निवासी है।  जानकारी के मुताबिक, इनामी माओवादी पोडियम लक्ष्मी लंबे वक्त से नक्सल संगठन के साथ जुड़ी हुई थी. DKSZC के 2 सीआरसी पीएलजीए बटालियन  सक्रीय सदस्य के रूप में लक्ष्मी लंबे समय से छत्तीसगढ़ आंध्र प्रदेश बॉर्डर में सक्रियता थी. सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर माओवादी पोडियम लक्ष्मी ने एटका पुलिस कैंप में अतिरिक्त पुलिस अध्यक्ष पंकज मीणा के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया. आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को पुनर्वास, रोजगार और सरकारी योजनाओ का लाभ दिया जाएगा।  नक्सलियों ने जारी किया पत्र हाल में प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ चल रहे निर्णायक अभियान और सरकार के राज्य से ‘नक्सल सफाए’ की आधिकारिक घोषणा के बाद नया मोड़ आया. प्रतिबंधित संगठन भाकपा (माओवादी) की उत्तर तालमेल कमेटी द्वारा तेलंगाना में जारी किए गए एक विस्तृत पत्र से इस नई साजिश का खुलासा हुआ. माओवादी संगठन ने अपने पत्र में आंदोलन के वर्तमान पतन और मौजूदा संकट का ईमानदारी से जिक्र करते हुए इतिहास का हवाला दिया है।  पत्र में नक्सलबाड़ी आंदोलन के सूत्रधार चारू मजूमदार के दौर का उदाहरण देते हुए बताया कि भले ही संगठन अभी कमजोर दिख रहा हो, लेकिन उनकी केंद्रीय कमेटी अभी भी रणनीतिक क्षेत्रों में सक्रिय है और अंततः जीत उन्हीं की होगी. इस पत्र में सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात शीर्ष नक्सली नेता ‘देवजी’ के आत्मसमर्पण को लेकर कही गई. संगठन ने देवजी को ‘गद्दार’ और ‘दुश्मन का एजेंट’ करार दिया है. पत्र में आरोप लगाया गया है कि देवजी का रास्ता ‘संशोधनवाद’ का है, जो पार्टी को खत्म करने की एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है।  पुलिस का कहना है कि यह बयानबाजी पुरानी, अप्रासंगिक और खोखली विचारधारा को जिंदा दिखाने की कोशिश प्रयास है. वहीं पोडियम लक्ष्मी के आत्मसमर्पण ने पुलिस के इस दावे को और मजबूती दी है।  सीमा क्षेत्र में थी सक्रिय जानकारी के मुताबिक, लक्ष्मी छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना की सीमा पर सक्रिय नक्सली संगठन का हिस्सा थी। सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से उसकी गतिविधियों पर नजर रखे हुए थीं। उस पर राज्य सरकार ने 5 लाख रुपए का इनाम घोषित किया था। लक्ष्मी के आत्मसमर्पण को सुरक्षा बलों के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इससे अन्य नक्सलियों को भी मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरणा मिलेगी। क्या है छत्तीसगढ़ की नई पुनर्वास नीति? मार्च 2025 में लागू की गई छत्तीसगढ़ सरकार की नई पुनर्वास नीति का उद्देश्य आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों और नक्सल हिंसा प्रभावित लोगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। इस नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वालों को आर्थिक सहायता, आवास सुविधा, बच्चों की शिक्षा, रोजगार के अवसर और सुरक्षा उपलब्ध कराई जाती है। सरकार का मानना है कि इस पहल से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति और विकास को बढ़ावा मिलेगा। बस्तर संभाग में नक्सल मोर्चे पर एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है, जहां लंबे समय से सक्रिय रही महिला माओवादी उर्मिला उर्फ टेटकी (28) ने मुख्यधारा में लौटने का फैसला लिया। रावघाट एरिया कमेटी की सदस्य रही उर्मिला ने मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिला मुख्यालय पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया। गुरुवार को पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में उसका विधिवत आत्मसमर्पण कराया जाएगा। 13 साल तक नक्सली संगठन में रही सक्रिय उर्मिला मूल रूप से मानपुर ब्लॉक के मुंजाल गांव की रहने वाली है। उसने करीब 13 वर्षों तक सशस्त्र माओवादी संगठन के साथ रहकर काम किया। कम उम्र में ही वह नक्सल गतिविधियों में शामिल हो गई थी और धीरे-धीरे संगठन के भीतर उसकी भूमिका मजबूत होती गई। उसका आत्मसमर्पण इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि उसे मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले का आखिरी सक्रिय माओवादी कैडर बताया जा रहा है।

प्रधानमंत्री के नेतृत्व से बढ़ा देश की सनातन संस्कृति का गौरव, बोले मुख्यमंत्री साय

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश की सनातन संस्कृति को मिला नया गौरव : मुख्यमंत्री साय राजधानी रायपुर में आयोजित सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में शामिल हुए मुख्यमंत्री 75 वर्ष पूर्व आज ही के दिन सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण का कार्य हुआ था पूरा रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के महादेव घाट स्थित हाटकेश्वर महादेव मंदिर परिसर में आयोजित “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने जनप्रतिनिधियों एवं श्रद्धालुओं के साथ गुजरात स्थित सोमनाथ मंदिर से वर्चुअली जुड़े प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई पूजा – अर्चना का अवलोकन कर उनका संबोधन सुना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरान सोमनाथ मंदिर के स्वर्णिम इतिहास, विदेशी आक्रांताओं द्वारा किए गए हमलों, मंदिर के पुनरनिर्माण यात्रा, वर्तमान सरकार द्वारा किये जा रहे आस्था के केंद्रों का संरक्षण एवं संवर्धन के संकल्प सहित विभिन्न विषयों पर अपनी बातें देशवासियों से साझा की।                मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेशवासियों को “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि 75 वर्ष पूर्व आज ही के दिन सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण का कार्य पूर्ण हुआ था और इसी ऐतिहासिक अवसर को देशभर में स्वाभिमान पर्व के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर पर अनेक बार बाहरी आक्रांताओं द्वारा हमले किए गए, लेकिन मंदिर की आस्था और परंपरा को समाप्त नहीं किया जा सका। साय ने कहा कि पहली बार आक्रमण के दौरान मंदिर के पुजारियों और श्रद्धालुओं ने मंदिर नहीं छोड़ा तथा अपने प्राणों का बलिदान दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका त्याग आज भी इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है।              साय ने कहा कि देश की स्वतंत्रता के बाद तत्कालीन गृह मंत्री लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प लिया था। उन्होंने कहा कि उस समय देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने तमाम विरोधों के बावजूद सोमनाथ मंदिर पहुंचकर पुनर्निर्मित मंदिर के लोकार्पण कार्यक्रम में भाग लिया था। साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में देश की सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं को नया गौरव मिला है। उन्होंने कहा कि आज देशभर के प्रमुख तीर्थ स्थलों, मंदिरों और धार्मिक स्थलों का विकास तेजी से हो रहा है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि बनारस के काशी विश्वनाथ, उज्जैन स्थित महाकाल से लेकर सोमनाथ मंदिर तक व्यापक विकास कार्य किए जा रहे हैं।           मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भी प्रदेश के धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में देवी माताओं के मंदिरों को शक्तिपीठ योजना के माध्यम से विकसित किया जा रहा है। इसी तरह कबीरधाम जिले में स्थित भोरमदेव महादेव मंदिर को स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत 148 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिली है और यहां पर्यटन सुविधाओं के विस्तार और सौंदर्यीकरण के कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की जन्मभूमि और भगवान श्रीराम का ननिहाल है। सनातनियों के लंबे संघर्ष के बाद अयोध्या के मंदिर में भगवान श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की रामलला दर्शन योजना के माध्यम से अब तक 40 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या जाकर प्रभु श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं और यह योजना लगातार जारी है।              मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में सभी लोगों से भाईचारे, सामाजिक समरसता और राष्ट्र की एकता को मजबूत बनाए रखने का संकल्प लेने का आह्वान किया।            कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में सनातन संस्कृति और आस्था केंद्रों के संरक्षण एवं संवर्धन का कार्य लगातार हो रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे मुखिया भी प्रदेश में धार्मिक स्थलों के संरक्षण के साथ ही विभिन्न योजनों के माध्यम से लोगों को आस्था से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि सोमनाथ मंदिर देश की संस्कृति, वैभव और स्वाभिमान का प्रतीक है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी सांस्कृतिक विरासत को पुनर्स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नक्सल उन्मूलन के बाद पर्यटन और धार्मिक स्थलों के विकास को नई गति मिली है। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि सोमनाथ मंदिर सनातनियों के आस्था का बड़ा केंद्र है। उन्होंने कहा कि हजार वर्षों के इतिहास में अनेक आक्रमणों के बावजूद सनातन संस्कृति की आस्था को कोई डिगा नहीं पाया है और न कभी ऐसा होगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर के महादेव घाट स्थित हाटकेश्वर महादेव मंदिर पहुँचे। उन्होंने भगवान शिव की पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वन मंत्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, विधायक पुरन्दर मिश्रा, छत्तीसगढ़ निःशक्तजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष लोकेश कावड़िया, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

धमतरी में ‘समर कैम्प 2026’ का आगाज़, 36 केंद्रों पर खेल और व्यक्तित्व विकास का संगम

धमतरी में 'समर कैम्प 2026' का आगाज़,  36 केंद्रों पर खेल और व्यक्तित्व विकास का संगम ​रायपुर      धमतरी ​जिले के बच्चों और युवाओं की खेल प्रतिभा को तराशने तथा ग्रीष्मकालीन अवकाश को रचनात्मक बनाने के उद्देश्य से धमतरी में “समर कैम्प 2026” की शुरुआत हो गई है। जिला प्रशासन और खेल विभाग के समन्वय से आयोजित यह 30 दिवसीय शिविर 9 मई से 8 जून तक चलेगा, जिसमें खेल तकनीक के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है।   समर कैम्प का उद्देश्य केवल खेल प्रशिक्षण देना नहीं है, बल्कि बच्चों को एक सकारात्मक वातावरण प्रदान कर उन्हें नशामुक्ति, स्वास्थ्य और अनुशासित जीवनशैली की ओर प्रेरित करना है। ​30 दिन, 36 केंद्र और अनगिनत अवसर     ​इस वर्ष समर कैम्प का दायरा बढ़ाते हुए जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 36 केंद्र बनाए गए हैं। फ्रीडम फिजिकल ट्रेनिंग सहित विभिन्न खेल संघों और क्लबों के माध्यम से बच्चों को उनकी रुचि के अनुसार खेलों का चयन करने का विकल्प मिल रहा है। ​शिविर में ​मैदानी खेल में फुटबॉल, कबड्डी, एथलेटिक्स, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल, रग्बी को शामिल किया गया है। ​मार्शल आर्ट्स में कराटे, जूडो, ताइक्वांडो, बॉक्सिंग, कुडो के साथ-साथ​पारंपरिक एवं अन्य में योग, शतरंज, कुश्ती, तीरंदाजी, स्केटिंग, वेटलिफ्टिंग को शामिल किया गया है । ​अनुभवी प्रशिक्षकों की देखरेख में निखरेगी प्रतिभा     ​शिविर की सबसे बड़ी विशेषता यहाँ के अनुभवी प्रशिक्षक हैं, जो न केवल खेल की बारीकियां सिखा रहे हैं, बल्कि बच्चों में फिटनेस, अनुशासन, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता (Leadership) जैसे गुणों का संचार कर रहे हैं। इन शिविरों का मुख्य लक्ष्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से ऐसी प्रतिभाओं की पहचान करना है, जिन्हें भविष्य में खेल अकादमियों और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया जा सके। ​योग और आत्मरक्षा पर विशेष फोकस     ​बदलते दौर की चुनौतियों को देखते हुए शिविर में योग और मार्शल आर्ट्स को प्राथमिकता दी गई है। इसके माध्यम से बच्चों को आत्मरक्षा (Self-defense) के गुर सिखाने के साथ-साथ उनकी मानसिक एकाग्रता और स्वास्थ्य जागरूकता पर बल दिया जा रहा है। ​इस वृहद आयोजन में जिले की प्रतिष्ठित संस्थाएं अपनी सहभागिता दे रही हैं, जिनमें मुख्य रूप से ​सेजेस (SAGES) चर्रा और शौर्य क्रीड़ा क्लब कुण्डेल,​कला केन्द्र इतवारी बाजार और नगर निगम स्पोर्ट्स एकेडमी,​जिला वेटलिफ्टिंग, एथलेटिक्स, कुडो और कराटे संघ शामिल है। धमतरी जिले में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए शुरू हुए इस "समर कैम्प" के लिए ​जिला प्रशासन ने सभी केंद्रों पर खेल सामग्री और मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

सोने-चांदी के जेवरों की चोरी, रायपुर के लक्ष्य ज्वेलर्स में 1 करोड़ का नुकसान

रायपुर खम्हारडीह इलाके में स्थित लक्ष्य ज्वेलर्स में बीती रात चोरी की वारदात सामने आई है। शनि-रवि की  रात अज्ञात चोरों ने दुकान को निशाना बना धावा बोल दिया। वहां से करीब एक करोड़ रुपए के सोने-चांदी के जेवरात पार कर दिए। मिली जानकारी के अनुसार रात करीब 12:30 बजे चोर लक्ष्य ज्वेलर्स शॉप में घुसे और डिस्प्ले काउंटर में रखे कीमती आभूषण चोरी कर फरार हो गए। रविवार को दुकान बंद होने के कारण कारोबारी को घटना की जानकारी नहीं मिल सकी। सोमवार सुबह दुकान खोलने पर चोरी का खुलासा हुआ। सूत्रों की मानें तो शनिवार और रविवार की रात करीब 12:30 बजे के आसपास चोरों ने दुकान में एंट्री की थी। चोरों को शायद पता था कि रविवार को दुकान नहीं खुलेगी, इसलिए उनके पास भागने के लिए पूरा एक दिन और एक रात का वक्त था। वारदात की खबर मिलते ही खम्हारडीह पुलिस के साथ-साथ क्राइम ब्रांच की टीम भी मौके पर पहुंच गई है। दुकान के अंदर और बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों को बारीकी से चेक किया जा रहा है। फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स को भी बुलाया गया है ताकि फिंगरप्रिंट्स और दूसरे सुराग जुटाए जा सकें। पुलिस अब दुकान के आसपास के इलाकों और चौक-चौराहों पर लगे कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है ताकि चोरों के भागने का रास्ता पता चल सके। घटना की सूचना मिलते ही खम्हारडीह थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। साथ ही फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया है, जो साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है। फिलहाल पुलिस अज्ञात आरोपियों की तलाश में जुटी है और मामले की जांच जारी है। मौके पर पहुंची पुलिस और क्राइम ब्रांच सूचना मिलने के बाद खम्हारडीह थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस दुकान और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कर रही है। फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया है, जिससे चोरी से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा सकें। फिलहाल मामले की जांच जारी है।

डिजिटल युग की शुरुआत: छत्तीसगढ़ प्रशासन में ई-ऑफिस का प्रभाव

विशेष लेख ई-ऑफिस का विस्तार: छत्तीसगढ़ की प्रशासनिक कार्यसंस्कृति में डिजिटल क्रांति का आगाज "पारदर्शिता की नई पहचान 'ई-ऑफिस' रायपुर छत्तीसगढ़ में 'ई-ऑफिस' (e-Office) प्रणाली सरकारी कामकाज में पारदर्शिता, गति और जवाबदेही लाकर सुशासन (Good Governance) का नया सवेरा लेकर आई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में, यह डिजिटल पहल भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस और सरकारी प्रक्रियाओं को सरल बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। फाइलों का डिजिटल होना फाइलों में हेराफेरी की गुंजाइश को लगभग खत्म कर देता है, जिससे शासन में पारदर्शिता आती है। कागजी फाइलों के भौतिक परिवहन में लगने वाला समय बचता है, जिससे फाइलें तेजी से आगे बढ़ती हैं और निर्णय जल्दी लिए जाते हैं।            डिजिटल तकनीक आज केवल सूचनाओं के आदान-प्रदान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शासन की कार्यप्रणाली को नया आयाम दे रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया विजन और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन, पारदर्शिता एवं जवाबदेही के संकल्प को साकार करते हुए राज्य में ई-ऑफिस (e-Office) प्रणाली प्रशासनिक व्यवस्था का अनिवार्य हिस्सा बन चुकी है। फाइलों के अंबार से डिजिटल रफ्तार तक           छत्तीसगढ़ में अब शासकीय दफ्तरों की तस्वीर बदल रही है। वह दौर बीत रहा है जब कार्यालयों में धूल खाती फाइलों के ढेर और कछुआ गति से चलने वाली प्रक्रियाएं सामान्य मानी जाती थीं। अब डिजिटल फाइलों के माध्यम से कार्यों में न केवल तेजी आई है, बल्कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता भी सुनिश्चित हुई है। सक्ती जिला रहा अव्वल          ई-ऑफिस प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन से राज्य ने डिजिटल गवर्नेंस में नए मानक स्थापित किए हैं। व्यापक नेटवर्क के तहत प्रदेश के 87 हजार 222 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी इस डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ चुके हैं। अब तक 5 लाख 46 हजार 903 से अधिक फाइलों का सफल डिजिटल संचालन किया गया है। 30 अप्रैल 2026 की स्थिति में प्रदेश का 33 वां जिला सक्ती 15 हजार 735 फाइलों के डिजिटल संचालन के साथ राज्य में अग्रणी रहा है। ई-ऑफिस के प्रमुख लाभ         ऑनलाइन फाइल ट्रैकिंग की सुविधा से अब यह जानना आसान है कि कौन सी फाइल किस अधिकारी के पास कितने समय से लंबित है। इससे कार्य के प्रति जवाबदेही बढ़ी है। कुशल निर्णय प्रक्रिया सचिवालय से लेकर जिला स्तर तक फाइलों की आवाजाही त्वरित होने से निर्णय लेने की प्रक्रिया व्यवस्थित और समयबद्ध हुई है। कागज के उपयोग में भारी कमी आने से यह प्रणाली पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा योगदान दे रही है। डिजिटल संधारण (Storage) के कारण दस्तावेजों के फटने, खोने या खराब होने का डर खत्म हो गया है और भंडारण की समस्या भी सुलझ गई है। प्रशिक्षण और तकनीकी मजबूती          किसी भी नवाचार की सफलता उसके उपयोगकर्ताओं पर निर्भर करती है। इसी उद्देश्य से राज्य शासन ने अधिकारी-कर्मचारियों के लिए चरणबद्ध प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए हैं। इस व्यवस्था को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने में एनआईसी (NIC) और चिप्स (CHiPS) की टीमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। भविष्य की राह पूर्णतः डिजिटल प्रशासन          मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का लक्ष्य आगामी समय में समस्त शासकीय पत्राचार को शत-प्रतिशत ई-ऑफिस के माध्यम से संचालित करना है। यह बदलाव केवल एक तकनीकी सुधार नहीं है, बल्कि यह नागरिक-केंद्रित प्रशासन की ओर बढ़ता एक ठोस कदम है। ऑफिस ने यह सिद्ध कर दिया है कि तकनीक का सही समन्वय प्रशासन को प्रभावी और जनोन्मुखी बना सकता है। छत्तीसगढ़ का यह मॉडल आने वाले समय में सुशासन की एक नई और आधुनिक परिभाषा लिखने के लिए तैयार है।  नितेश चक्रधारी  (सहायक जनसंपर्क अधिकारी)

मुख्यमंत्री साय की पहल: मेधावी विद्यार्थियों ने आईपीएल मैच का आनंद लिया

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से मेधावी विद्यार्थियों ने लिया आईपीएल मैच का रोमांच प्रावीण्य सूची में स्थान बनाने वाले विद्यार्थियों को मिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में लाइव मैच देखने का अवसर रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के प्रतिभावान विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने और उनके सपनों को नई ऊर्जा देने की दिशा में लगातार नवाचारपूर्ण पहल कर रही है। इसी क्रम में आज राजधानी रायपुर में आयोजित इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) मैच का रोमांच प्रदेश के उन मेधावी विद्यार्थियों ने भी महसूस किया, जिन्होंने दसवीं और बारहवीं की प्रावीण्य सूची में स्थान बनाकर छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया है।  राज्य शासन की विशेष पहल पर प्रदेश के विभिन्न जिलों से चयनित 18 प्रतिभावान विद्यार्थी नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम पहुंचे, जहां उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और मुंबई इंडियंस के बीच खेले जा रहे हाई-वोल्टेज मुकाबले का आनंद लिया।मेधावी विद्यार्थियों के लिए यह अवसर केवल एक क्रिकेट मैच देखने तक सीमित नहीं था, बल्कि यह उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन का सम्मान और उनके आत्मविश्वास को नई उड़ान देने का प्रेरक प्रयास भी था।  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का मानना है कि शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को ऐसे अवसर प्रदान किए जाने चाहिए, जिससे वे अपने सपनों को और बड़े स्तर पर देखने के लिए प्रेरित हों। राज्य सरकार शिक्षा, खेल और युवा प्रतिभाओं के प्रोत्साहन के लिए लगातार संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। नवा रायपुर स्थित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की भव्यता और आईपीएल मैच के रोमांचक माहौल ने विद्यार्थियों को बेहद उत्साहित कर दिया। अधिकांश विद्यार्थियों के लिए यह पहला अवसर था, जब वे किसी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में लाइव मैच देखने पहुंचे थे। स्टेडियम की आकर्षक रोशनी, हजारों दर्शकों का उत्साह, खिलाड़ियों की ऊर्जा और पूरे आयोजन का जीवंत वातावरण बच्चों के लिए किसी सपने से कम नहीं था। कई विद्यार्थी पहली बार इतने बड़े खेल आयोजन का हिस्सा बनकर अभिभूत नजर आए। हायर सेकेंडरी परीक्षा की प्रावीण्य सूची में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के सरस्वती शिशु मंदिर, पलारी के छात्र जिज्ञासु वर्मा ने कहा कि उन्हें बचपन से क्रिकेट का विशेष शौक रहा है। अब तक वे टीवी पर ही आईपीएल मैच देखा करते थे, लेकिन आज पहली बार इतने विशाल स्टेडियम में लाइव मैच देखने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि यह उनके जीवन का सबसे रोमांचक और अविस्मरणीय क्षण है। जिज्ञासु ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस पहल ने उनके उत्साह और आत्मविश्वास को नई ऊर्जा दी है। इसी प्रकार कांकेर जिले के स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय, नरहरपुर के छात्र एवं बारहवीं की प्रावीण्य सूची में दसवां स्थान प्राप्त करने वाले यश ख्रोबागढ़े ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को सामने खेलते देखने की उनकी लंबे समय से इच्छा थी, जो आज पूरी हो गई। उन्होंने कहा कि स्टेडियम का माहौल, दर्शकों का जोश और खिलाड़ियों का प्रदर्शन बेहद अद्भुत अनुभव रहा। यश ने कहा कि मुख्यमंत्री साय की यह पहल विद्यार्थियों के मनोबल को बढ़ाने वाली और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने वाली है। विद्यार्थियों ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा इस तरह का सम्मान और प्रोत्साहन मिलने से उनमें आगे और बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल पुरस्कार नहीं, बल्कि उनके सपनों को पहचान देने और उन्हें नई दिशा देने का प्रयास है। कई विद्यार्थियों ने इसे अपने जीवन का ऐसा अनुभव बताया, जिसे वे हमेशा याद रखेंगे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का स्पष्ट मानना है कि प्रतिभा को अवसर और सम्मान मिलना आवश्यक है। उन्होंने कई अवसरों पर कहा है कि प्रदेश के युवा ही विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के सबसे मजबूत आधार हैं। राज्य सरकार शिक्षा, खेल, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि प्रदेश के बच्चे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें। राज्य सरकार द्वारा खेल और शिक्षा के क्षेत्र में लगातार सकारात्मक पहल की जा रही है।  डिजिटल शिक्षा, खेल अधोसंरचना विकास और प्रतिभावान विद्यार्थियों के प्रोत्साहन जैसे अनेक कदमों के माध्यम से बच्चों को गुणवत्तापूर्ण अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। आईपीएल मैच का यह अनुभव भी उसी दिशा में एक प्रेरक पहल के रूप में देखा जा रहा है।आईपीएल मैच देखने पहुंचे विद्यार्थियों के चेहरे पर उत्साह, खुशी और गर्व साफ दिखाई दे रहा था। क्रिकेट के प्रति उनके जुनून और पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन को एक साथ सम्मानित करने की यह पहल निश्चित रूप से उन्हें भविष्य में और बेहतर करने के लिए प्रेरित करेगी।  विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह अनुभव उनके जीवन की सबसे खूबसूरत यादों में शामिल रहेगा।

सुशासन तिहार 2026: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुंगेली के चौक-चौराहों में प्रतिमाओं का अनावरण किया

सुशासन तिहार 2026: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया मुंगेली नगर के चौक-चौराहों में स्थापित प्रतिमाओं का अनावरण डॉ. भीमराव अंबेडकर, बाबा गुरु घासीदास, महाराणा प्रताप और भक्त माता कर्मा की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर किया नमन रायपुर   शासकीय योजनाओं का लाभ लोगो को प्राप्त हो, यह सुनिश्चित करने के साथ ही सुशासन को और सशक्त बनाने के उद्देश्य से सुशासन तिहर अंतर्गत समाधान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज मुंगेली जिले के प्रवास पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मुंगेली नगर के चौक-चौराहों में महापुरुषों एवं संतों की प्रतिमाओं का अनावरण कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। प्रतिमाओं के अनावरण कार्यक्रम के दौरान नगर में उत्साह, श्रद्धा और गौरव का वातावरण रहा। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, विधायक पुन्नू लाल मोहले, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।             मुख्यमंत्री साय ने कलेक्टोरेट कार्यालय के पास भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा का अनावरण कर संविधान निर्माता को श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने भारतीय संविधान के माध्यम से देश को समानता, न्याय और अधिकारों की मजबूत आधारशिला प्रदान की। उनका जीवन शिक्षा, संघर्ष और सामाजिक परिवर्तन की प्रेरणादायी मिसाल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बाबा साहब के विचारों को आत्मसात करते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।       इसके पश्चात मुख्यमंत्री साय ने दाऊपारा स्थित गुरु घासीदास बाबा की प्रतिमा का विधिवत अनावरण करते हुए कहा कि बाबा गुरुघासीदास ने सत्य, अहिंसा और समानता का संदेश देकर समाज को नई दिशा दी। उनके विचार आज भी समाज को एकता, भाईचारे और सामाजिक समरसता की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार संतों और महापुरुषों की विरासत को संरक्षित करने तथा नई पीढ़ी तक उनके आदर्शों को पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।            इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने पड़ाव चौक में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की प्रतिमा का अनावरण किया। उन्होंने महाराणा प्रताप को भारतीय इतिहास का महान योद्धा बताते हुए कहा कि उनका जीवन साहस, त्याग, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति की अमर गाथा है। मुख्यमंत्री ने युवाओं से महाराणा प्रताप के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र हित में सक्रिय भूमिका निभाने कहा। मुख्यमंत्री साय ने रायपुर रोड तिराहा में भक्त माता कर्मा की प्रतिमा का भी अनावरण किया। उन्होंने कहा कि भक्त माता कर्मा सेवा, श्रद्धा और समर्पण की प्रतीक हैं। उनका जीवन समाज को मानव सेवा, भक्ति, परोपकार और संस्कारों की प्रेरणा देता है।   मुख्यमंत्री साय ने प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। स्थानीय नागरिकों एवं समाज प्रमुखों ने प्रतिमा स्थापना को जिले के लिए गौरवपूर्ण पहल बताते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का बड़ा ऐलान: मुंगेली को मिले 353 करोड़ से अधिक के विकास कार्य

सुशासन तिहार 2026 : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मुंगेली को दी 353 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की ऐतिहासिक सौगात 414 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और जल सुविधाओं को मिलेगा नया विस्तार संवेदनशीलता और सुशासन ही विकास की मुख्य अवधारणा : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायपुर  प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत आज मुंगेली जिला विकास, जनकल्याण और सुशासन के एक ऐतिहासिक अध्याय का साक्षी बना। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जिला मुख्यालय स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्टेडियम में आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में शामिल होकर जिले को 353 करोड़ 58 लाख रुपये से अधिक की लागत वाले 414 विकास कार्यों की सौगात दी। इनमें 152 करोड़ 02 लाख रुपये से अधिक की लागत के 284 कार्यों का लोकार्पण तथा 201 करोड़ 56 लाख रुपये से अधिक की लागत के 130 कार्यों का शिलान्यास शामिल है। इन कार्यों से जिले में आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल और जनसुविधाओं को नई मजबूती मिलेगी। कार्यक्रम में केन्द्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, वाणिज्य एवं उद्योग, श्रम तथा जिले के प्रभारी मंत्री लखनलाल देवांगन, बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक, मुंगेली विधायक पुन्नूलाल मोहले, तखतपुर विधायक धरमजीत सिंह, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीकांत पाण्डेय, नगर पालिका अध्यक्ष रोहित शुक्ला सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम के दौरान पुष्प वाटिका एवं चौपाटी, नहर, एनीकट, लाइवलीहुड कॉलेज भवन पहुंच मार्ग, मुंगेली-भटगांव पहुंच मार्ग सहित अनेक सड़क निर्माण कार्यों, महतारी सदनों, छात्रावासों, जल जीवन मिशन के कार्यों, सामुदायिक भवनों, अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों, प्राथमिक शाला भवनों, सांस्कृतिक मंचों, सीसी सड़कों, अमृत सरोवरों तथा आंगनबाड़ी भवनों का लोकार्पण किया। इसके साथ ही विभिन्न ग्रामों में सीसी सड़क, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सड़क मार्ग, एसटीपी निर्माण, तालाब सौंदर्यीकरण, फुटपाथ और पुल निर्माण सहित अनेक विकास कार्यों का शिलान्यास भी किया गया। मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान के अंतर्गत स्वामी आत्मानंद विद्यालय मोतिमपुर, लालपुरथाना, लोरमी, पथरिया और सरगांव का वर्चुअल लोकार्पण भी किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सुशासन सरकार विकास और जनकल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आज मुंगेली जिले को मिली विकास कार्यों की यह बड़ी सौगात आने वाले समय में जिले के विकास को नई गति प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से आमजनों की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी, समयबद्ध और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है तथा शिकायतों के समाधान में लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध कार्रवाई भी की जा रही है। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर भक्ति और श्रम की प्रतीक माता कर्मा, सामाजिक समरसता के प्रतीक बाबा गुरु घासीदास, संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर तथा शौर्य और त्याग के प्रतीक महाराणा प्रताप की प्रतिमाओं का अनावरण करते हुए कहा कि ये महापुरुष समाज को प्रेरणा देने वाले आदर्श हैं। उन्होंने नवागढ़ रोड में वीरांगना रानी दुर्गावती की प्रतिमा स्थापना के लिए 25 लाख रुपये, मुंगेली में पोस्ट मैट्रिक छात्रावास भवन निर्माण, मेला नवागांव में बाउंड्रीवाल एवं प्रवेश द्वार निर्माण के लिए 20 लाख रुपये तथा सीसी सड़क निर्माण के लिए 10 लाख रुपये की घोषणा की। साथ ही चिकित्सा महाविद्यालय की मांग को पूरा करने के लिए सकारात्मक आश्वासन दिया। केन्द्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने जिले को मिली 353 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात के लिए मुख्यमंत्री का अभिनंदन करते हुए कहा कि प्रदेश में विकास और सुशासन को नई दिशा मिल रही है।  उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि सरकार जनता के दुख-दर्द को समझते हुए त्वरित निर्णय ले रही है और मोदी की गारंटी को धरातल पर उतारना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रभारी मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि मुंगेली जिला निरंतर विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है और यह सब मुख्यमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व का परिणाम है। विधायक पुन्नूलाल मोहले ने जिले में हो रहे विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय ने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को सामग्री एवं सहायता राशि वितरित कर लाभान्वित भी किया। उन्होंने बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिले के चार विद्यार्थियों अंशुल शर्मा, नंदिता देवांगन, हेमा साहू और चैतूराम साहू को लैपटॉप प्रदान कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को आवास की चाबियां, मनियारी बैराज योजना से प्रभावित परिवारों को प्रतिकात्मक चेक, मछुआरों को मछली जाल एवं आइस बॉक्स, किसानों को मिनी किट तथा विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत सहायता सामग्री वितरित की। कुल 282 से अधिक हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया गया। कार्यक्रम के अंत में जिला प्रशासन द्वारा अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर संभागायुक्त सुनील जैन, आईजी बिलासपुर रामगोपाल गर्ग, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल, डीएफओ अभिनव कुमार, अतिरिक्त कलेक्टर श्रीमती निष्ठा पाण्डेय तिवारी, जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पाण्डेय सहित प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने हाटकेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख समृद्धि की कामना की

मुख्यमंत्री ने हाटकेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख समृद्धि की कामना की रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के महादेव घाट स्थित हाटकेश्वर महादेव मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। उन्होंने महादेव से राज्य की खुशहाली और समृद्धि की कामना की।               इस दौरान कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वन मंत्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, विधायक पुरन्दर मिश्रा, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।              उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री साय आज हाटकेश्वर महादेव मंदिर परिसर महादेव घाट में आयोजित सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में शामिल होने पहुंचे थे।

वायरल वीडियो में हितग्राही के उड़ीसा में निवासरत होने के कारण आवास सर्वे में नहीं था नाम, जल्द दिलाया जाएगा आवास- जिला पंचायत सीईओ गरियाबंद

रायपुर राज्य शासन द्वारा विशेष पिछड़ी जनजाति के परिवारों के लिए केंद्र प्रवर्तित पीएम जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान चलाया जा रहा है। जिसके तहत अब तक  राज्य में सर्वे कर 33 हजार से अधिक आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से लगभग 21 हजार आवास पूर्ण भी हो चुके हैं। ऐसे हितग्राही जो पूर्व में छूट गए थे, उनके लिए भारत सरकार से विशेष आग्रह कर राज्य शासन द्वारा विशेष अनुमति प्राप्त कर उनका पुनः सर्वे कार्य जारी है, जो एक-दो दिनों में पूर्ण हो जाएगा। सर्वे पूर्ण होते ही पात्र हितग्राहियों को तत्काल आवास स्वीकृत किए जाएंगे।        सोशल मीडिया में एक वायरल वीडियो के संबंध में जिला पंचायत सीईओ श्री प्रखर चंद्राकर ने स्पष्ट किया कि समाधान शिविर के दौरान एक हितग्राही जो विशेष पिछड़ी जनजाति परिवार से आते हैं अपना आवेदन लेकर शिविर में आये थे। उनका परिवार पूर्व में छत्तीसगढ़ में निवास नहीं कर रहा था, वे उड़ीसा में ही रह रहे थे। जिसके कारण वर्ष 2011 एवं वर्ष 2018 की आवास सर्वे सूची में उनके परिवार को शामिल नहीं किया जा सका था, हाल में वर्ष 2024 में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा कराए गए नवीन सर्वेक्षण के दौरान भी उक्त परिवार ग्राम में निवासरत नहीं था, तब वे उड़ीसा में निवास कर रहे थे और पिछले कुछ दिनों पूर्व ही वे छत्तीसगढ़ आये थे। उसके वापस लौटने के बाद उनके परिवार का सर्वे पीएम जनमन योजना के तहत पूर्ण कर लिया गया है और उसे शीघ्र ही आवास स्वीकृत कर दिया जाएगा।        उन्होंने बताया कि जिले में पात्र हितग्राहियों को नियमानुसार प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ प्रदान किया जा रहा है। पीएम जनमन के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति के जिले में अलग अलग बसाहटों में निवासरत होने के कारण बार बार सर्वे कराकर हितग्राहियों को जोड़ने का कार्य भी किया गया है। ऐसे परिवार जिनका पूर्व में सर्वे नहीं हुआ था, ऐसे शेष पात्र परिवारों हेतु सर्वेक्षण पूर्ण कर सूची तैयार कर ली गई है तथा भारत सरकार से स्वीकृति प्राप्त होने की प्रतीक्षा है।            जिला प्रशासन द्वारा सभी पात्र परिवारों को नियमानुसार योजना का लाभ उपलब्ध कराने हेतु सतत कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उड़ीसा में होने के कारण उक्त परिवार का राशन कार्ड एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज भी अपूर्ण थे, जिसे अधिकारियों द्वारा तत्परता दिखाते हुए समाधान शिविर में ही बनाने का कार्य किया गया। जहां उनका राशन कार्ड एवं मनरेगा जॉब कार्ड तत्काल बनाया गया तथा आयुष्मान कार्ड के लिए भी कार्यवाही प्रारम्भ कर दी गयी है। इसके साथ ही उन्हें आश्वश्त किया गया कि शासन प्रशासन हर कदम पर आपके साथ है।