samacharsecretary.com

अरुण साव का बड़ा कदम: रायपुर में नालंदा परिसर और 8 करोड़ के अन्य कार्यों का भूमिपूजन

रायपुर : उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने नालंदा परिसर सहित 8 करोड़ से अधिक के कार्यों का किया भूमिपूजन शहर को बनाएं स्वच्छ, सुंदर और सुविधापूर्ण – अरुण साव रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने  गरियाबंद नगर पालिका में 44 विकास कार्यों का भूमिपूजन कर नगरवासियों को 8 करोड़ 15 लाख 98 हजार रुपए की सौगात दी। इनमें चार करोड़ 41 लाख रुपए की लागत का नालंदा परिसर, 2 करोड़ 91 लाख रुपए लागत के सीसी सड़कों, नालियों एवं शेड निर्माण के 30 कार्य, 83 लाख रुपए की लागत के 13 सड़कों एवं नाली निर्माण के कार्य शामिल हैं। इन निर्माण कार्यों से नगर की बुनियादी सुविधाएं मजबूत होंगी और नागरिकों को बेहतर सड़क व जल निकासी व्यवस्था का लाभ मिलेगा। विधायक रोहित साहू और राज्य भंडार गृह निगम के अध्यक्ष चंदूलाल साहू भी भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने इस दौरान विभिन्न सामाजिक एवं सार्वजनिक संस्थाओं के लिए करीब 2 करोड़ रुपए की अतिरिक्त स्वीकृति भी दी। उन्होंने दो अलग-अलग पत्रकार भवनों के लिए 5-5 लाख रुपए, प्रजापति ब्रह्मकुमारी आश्रम भवन निर्माण के लिए 15 लाख रुपए, साहू समाज के लिए 25 लाख रुपए तथा नगर पालिका के लिए डेढ़ करोड़ रुपए की स्वीकृति की घोषणा की। उन्होंने प्रस्ताव लेकर आने पर तुरंत स्वीकृति की भी बात कही। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि गरियाबंद में 4 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से बनने वाला नालंदा परिसर और कुल 8 करोड़ 15 लाख रुपए के विकास कार्य नगर के विकास की दिशा तय करेंगे। गरियाबंद के बच्चों को आधुनिक पढ़ाई के लिए सेंट्रल लाइब्रेरी की सुविधा मिलेगी। वहीं सीसी सड़कों, नालियों और अन्य अधोसंरचना कार्यों से शहर को नई पहचान मिलेगी। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों में गरियाबंद नगर के लिए 22 करोड़ 79 लाख रुपए के विकास कार्य स्वीकृत हुए हैं, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। यह स्वीकृतियां बताती हैं कि सरकार शहर को किस तरह विकास की दिशा में आगे बढ़ा रही है। कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है, ताकि शहर स्वच्छ, व्यवस्थित और सुविधाजनक बन सके। उन्होंने नागरिकों से शहर को स्वच्छ रखने की अपील करते हुए कहा कि नाली और सड़कों में कचरा नहीं फेंकें। बाहर से आने वाले लोग सबसे पहले शहर की व्यवस्था और स्वच्छता देखते हैं, इसलिए गरियाबंद को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। शहर में बुजुर्गों के लिए गार्डन, बच्चों के लिए खेल मैदान और नागरिकों के लिए सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए। विधायक रोहित साहू ने कार्यक्रम में कहा कि हमारी सरकार ने गरियाबंद को ग्राम पंचायत से नगर पालिका और फिर जिला बनने तक विकास की नई पहचान दी है। प्रदेश में हमारी सरकार बनने पर चहुंमुखी विकास होता है और आज 8 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का भूमिपूजन इसका प्रमाण है। उन्होंने नालंदा परिसर की तर्ज पर बनने वाली सेंट्रल लाइब्रेरी के लिए उप मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया।  राजिम नगर पालिका के अध्यक्ष रिखीराम यादव ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। इस मौके पर पूर्व सांसद चुन्नीलाल साहू, जिला पंचायत के उपाध्यक्ष लालिमा ठाकुर, नगर पालिका के उपाध्यक्ष आसिफ मेमन और अनिल चंद्राकर सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद थे।

“जय बिहान” से आत्मनिर्भरता तक: बलरामपुर में महिलाओं की बदलती तस्वीर के साक्षी बने मुख्यमंत्री साय

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय अपने बलरामपुर जिला प्रवास के दौरान ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI) पहुंचे, जहां उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाओं और युवाओं से आत्मीय संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया। प्रशिक्षण कक्ष में प्रवेश करते ही मुख्यमंत्री ने “जय बिहान” कहकर अभिवादन किया, जिससे पूरे वातावरण में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ। उन्होंने प्रशिक्षण गतिविधियों का अवलोकन करते हुए विशेष रूप से पशु सखियों और ‘लखपति दीदी’ से बातचीत कर उनके अनुभवों को जाना। संवाद के दौरान ग्राम केवली की अनुराधा गुप्ता ने बताया कि बिहान योजना से जुड़कर वे पशु सखी के रूप में गांव में पशुओं का सर्वे, उपचार में सहयोग और जागरूकता का कार्य कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने इस बदलाव को नजदीक से महसूस किया और कहा कि कौशल विकास और प्रशिक्षण के माध्यम से ग्रामीण महिलाएं न केवल आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि गांव की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दे रही हैं। उल्लेखनीय है कि RSETI के माध्यम से जिले में अब तक 16 बैचों में 510 प्रशिक्षणार्थियों को स्वरोजगार हेतु तैयार किया जा चुका है। इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने संयुक्त जिला कार्यालय परिसर में स्व-सहायता समूहों द्वारा आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। यहां उन्होंने विभिन्न समूहों की महिलाओं से संवाद करते हुए उनके उत्पादों और अनुभवों की जानकारी ली। कोमल स्व-सहायता समूह की मती पूर्णिमा बासिन ने बताया कि बैंक लिंकेज और CIF के माध्यम से प्राप्त ऋण से उन्होंने जैविक खेती शुरू की और जीराफूल चावल का उत्पादन कर एक वर्ष में 3 लाख रुपये की बिक्री की है। मुख्यमंत्री ने उनकी इस सफलता की सराहना करते हुए 5 समूहों को 21 लाख रुपये के चेक प्रदान किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की योजनाएं जमीन पर बदलाव की स्पष्ट तस्वीर बनकर सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम कर रही हैं और स्थानीय उत्पादों को प्रदेश स्तर तक पहचान मिल रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनपद पंचायत वाड्रफनगर अंतर्गत ग्राम पंचायत कछिया की सरपंच मती खुशबू सिंह एवं सचिव मती सुनीता मरावी को बाल हितैषी पंचायत श्रेणी में प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर शील्ड एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि दर्शाती है कि जब महिलाओं को नेतृत्व का अवसर मिलता है, तो वे समाज के सबसे महत्वपूर्ण वर्ग—बच्चों के भविष्य को प्राथमिकता देते हुए विकास की नई दिशा तय करती हैं।  उन्होंने विश्वास जताया कि छत्तीसगढ़ के गांवों में महिलाओं की यह भागीदारी राज्य को आत्मनिर्भरता और समृद्धि की ओर तेजी से आगे बढ़ाएगी।

‘ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान’ पहुंचे मुख्यमंत्री: ‘पशु सखियों’ का बढ़ाया मनोबल

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय आज सुशासन तिहार के अंतर्गत बलरामपुर  जिला प्रवास के दौरान 'ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान'  (RSETI) पहुंचे, जहां उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे पशु सखियों से आत्मीय संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया।  मुख्यमंत्री  साय ने प्रशिक्षण कक्ष का अवलोकन करते हुए विभिन्न गतिविधियों की जानकारी ली और प्रशिक्षणार्थियों से ‘जय बिहान’ कहकर आत्मीय अभिवादन किया। उन्होंने विशेष रूप से  पशुपालन का प्रशिक्षण ले रही पशु सखियों से संवाद करते हुए उनके अनुभवों को जाना और उनके प्रयासों की सराहना की। इस दौरान विकासखण्ड रामचन्द्रपुर के बगरा क्लस्टर अंतर्गत ग्राम केवली की अनुराधा गुप्ता ने मुख्यमंत्री को बताया कि वे बिहान योजना से जुड़कर पशु सखी के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्होंने बताया कि वे गांव में पशुओं का सर्वे कर पशु चिकित्सकों को सहयोग प्रदान करती हैं तथा ग्रामीणों को पशुपालन से संबंधित आवश्यक जानकारी एवं बीमारियों के प्रति जागरूक करती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि संस्थान द्वारा प्रदान किए जा रहे प्रशिक्षण से उन्हें अपने कार्य को और अधिक दक्षता के साथ करने में सहायता मिल रही है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कौशल विकास और स्वरोजगार को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि RSETI जैसे संस्थान न केवल प्रशिक्षण के केंद्र हैं, बल्कि ये ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के महत्वपूर्ण माध्यम भी हैं। उल्लेखनीय है कि जिला बलरामपुर-रामानुजगंज में संचालित ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान के माध्यम से अब तक 16 बैचों में कुल 510 प्रशिक्षणार्थियों को विभिन्न उद्यमी क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है। इन प्रशिक्षणों के माध्यम से ग्रामीण युवाओं एवं महिलाओं को स्वरोजगार एवं सूक्ष्म उद्यमिता के लिए तैयार किया जा रहा है, जिससे वे आत्मनिर्भरता की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने नालंदा परिसर निर्माण कार्य का लिया जायजा, कार्य की गुणवत्ता और गति पर दिया जोर

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज बलरामपुर जिला मुख्यालय में 4 करोड़ 48 लाख रुपये की लागत से निर्माणाधीन नालंदा परिसर का निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति एवं गुणवत्ता का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण कार्य को निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए, क्योंकि यह परिसर जिले के विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण अध्ययन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री  साय ने परिसर में उपयोग की जा रही निर्माण सामग्री, कार्य की प्रगति तथा प्रस्तावित सुविधाओं की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को आगाह किया कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और गुणवत्ता के सभी मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है, ताकि वे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी प्रभावी ढंग से कर सकें। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि नालंदा परिसर में आधुनिक ई-लाइब्रेरी, प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित पुस्तकें, समृद्ध अध्ययन सामग्री एवं पत्र-पत्रिकाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे युवाओं को एक समग्र और अनुकूल अध्ययन वातावरण मिल सकेगा। उन्होंने निर्देशित किया कि कार्य में तेजी लाते हुए परिसर को शीघ्र पूर्ण किया जाए, ताकि जिले के विद्यार्थियों को इसका लाभ जल्द से जल्द मिल सके। उन्होंने निरीक्षण के दौरान परिसर में प्रस्तावित अन्य सुविधाओं की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए और कहा कि नालंदा परिसर राज्य सरकार की उस प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जिसके तहत युवाओं को आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।  मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह परिसर जिले के विद्यार्थियों के लिए ज्ञान और अवसर का एक सशक्त केंद्र बनेगा तथा उनके भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

खाट में बैठकर ग्रामीणों से किया संवाद: सुनी समस्याएं, समाधान के दिए निर्देश

रायपुर  प्रदेशव्यापी ‘सुशासन तिहार 2026’ के अंतर्गत मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज सरगुजा जिले के बतौली विकासखंड के ग्राम पंचायत सिलमा के शांतिपारा पहुंचे, जहां उन्होंने जन चौपाल के माध्यम से ग्रामीणों से सीधे संवाद किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने न केवल योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति का जायजा लिया, बल्कि आम नागरिकों की समस्याओं को सुनकर उनके त्वरित निराकरण के निर्देश भी दिए। जन चौपाल में उपस्थित ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री  साय के समक्ष अपनी समस्याएं और मांगें रखीं, जिन पर मुख्यमंत्री ने संवेदनशीलता के साथ संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक आवेदन का समयसीमा में समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शासन का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इस दौरान ग्राम सुआरपारा निवासी  राजेश शुक्ला ने अपनी आर्थिक कठिनाइयों का जिक्र करते हुए बिजली बिल माफी और आर्थिक सहायता के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने तत्काल मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए मामले पर संज्ञान लिया और आश्वस्त किया कि उनकी स्थिति को देखते हुए बिजली बिल माफी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, साथ ही आवश्यक आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री के इस त्वरित निर्णय से भावुक हुए राजेश शुक्ला ने कहा कि वे लंबे समय से अपनी समस्या को लेकर परेशान थे, लेकिन आज मुख्यमंत्री ने स्वयं उनकी बात को गंभीरता से सुना और समाधान का भरोसा दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह चौपाल उनके लिए राहत और विश्वास का माध्यम बनी है। जन चौपाल को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि ‘सुशासन तिहार’ शासन की कार्यप्रणाली में बेहतर और सकारात्मक बदलाव का संकल्प है। उन्होंने बताया कि 40 दिनों तक चलने वाले इस अभियान के माध्यम से अब प्रशासन स्वयं जनता के द्वार तक पहुंचेगा और उनकी समस्याओं का मौके पर समाधान सुनिश्चित करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले नागरिकों को अपने कार्यों के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब शासन स्वयं गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुनेगा और उनका निराकरण करेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन चौपाल में प्राप्त प्रत्येक आवेदन को गंभीरता से लेते हुए निर्धारित समयसीमा के भीतर उसका समाधान सुनिश्चित किया जाए। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी भी ग्रामीणों से ली तथा हितग्राहियों से संवाद कर योजनाओं के प्रभाव का फीडबैक प्राप्त किया।  इस अवसर पर पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल, लूण्ड्रा विधायक  प्रबोध मिंज, महापौर मती मंजूषा भगत, कलेक्टर  अजीत वसंत  सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

‘बोरे बासी’ मुद्दे पर बयानबाजी तेज: गजेंद्र यादव ने भूपेश बघेल को घेरा

रायपुर. छत्तीसगढ़ में बोरे बासी दिवस को लेकर सियासत तेज हो गई है। 1 मई को श्रमिक दिवस के अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मिट्टी के बर्तन में बोरे बासी खाकर बोरे बासी दिवस मनाया था, जिसको लेकर अब स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने उनपर हमला बोला है। उन्होंने इसे प्रोपेगेंडा बताया है। मिट्टी के बर्तन में बोरे बासी खाने पर क्या सवाल उठाए ? दरअसल, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने रविवार को पश्चिम बंगाल के दौरे पर रवाना होने से पहले पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर तीखा हमला बोला। दुर्ग में भूपेश बघेल की ओर से मिट्टी के बर्तन में बोरे बासी खाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि मिट्टी के बर्तन में बोरे बासी खाकर भूपेश बघेल ने प्रोपेगेंडा किया। पिंडदान और पितृ भोज में मिट्टी के बर्तन का उपयोग किया जाता है। भूपेश बघेल क्या कांग्रेस पार्टी का पिंडदान करने गए थे। आगे कहा कि कांग्रेस त्योहार मनाकर क्या साबित करना चाहती है। क्या छत्तीसगढ़ के लोग बासी ही खाएं ? 5 राज्यों के परिणाम को लेकर क्या कहा ? स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने बंगाल समेत 5 राज्यों के परिणाम को लेकर कहा कि रिजल्ट बहुत बेहतरीन होगा और बंगाल में सुनामी के रूप में भाजपा की सरकार आएगी। वहीं उन्होंने आगे कहा कि पांच राज्यों में से तीन राज्यों में स्पष्ट भाजपा की सरकार बनेगी। मेधावी छात्रों को क्या सौगात दी ? इसी के साथ ही स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मेधावी छात्रों को एक बड़ी सौगात दी। उन्होंने कहा कि मेरिट लिस्ट में आने वाले 10वीं और 12वीं के बच्चों को सरकार एक साथ 1 लाख 50 हजार रुपए देगी, जिससे बच्चों को पढ़ाई में सुविधा होगी। बच्चों को हेलीकॉप्टर यात्रा के सवाल क्या बोले ? वहीं मंत्री गजेंद्र यादव ने बच्चों को हेलीकॉप्टर यात्रा के सवाल को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि हम बच्चों को 1 लाख 50 हजार देंगे। हम किसी की नकल नहीं करते हैं। पिछले सरकार में बच्चे एक बार ही हेलीकॉप्टर यात्रा पर घूमते थे, लेकिन 1 लाख 50 हजार रुपए में बच्चे अपने पूरे परिवार के साथ पैकेज घूमकर आ सकते हैं।

ईडी ने छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से जुड़े नए छापों में 5.39 करोड़ रुपए की बरामदी की

रायपुर  प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की जांच तेज कर दी है और राज्य में कई स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाते हुए लगभग 5.39 करोड़ रुपए की नकदी और कीमती सामान जब्त किया है। इसकी जानकारी अधिकारियों ने दी। आधिकारिक बयान के अनुसार, ईडी के रायपुर जोनल ऑफिस ने 30 अप्रैल को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत रायपुर, दुर्ग/भिलाई और बिलासपुर जिलों में स्थित 13 परिसरों में तलाशी अभियान चलाया। इस तलाशी अभियान में शराब व्यापारियों, चार्टर्ड अकाउंटेंटों, व्यवसायियों और कॉरपोरेट संस्थाओं को निशाना बनाया गया, जिन पर घोटाले से जुड़े अपराध की आय को संभालने या छिपाने में संलिप्त होने का संदेह था। छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने 53 लाख रुपए नकद और लगभग 3.234 किलोग्राम सोने के आभूषण और ईंटें बरामद कीं, जिनकी कीमत लगभग 4.86 करोड़ रुपए है। इसके अलावा, कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच चल रही है। ईडी आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) और भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो (एसीबी) रायपुर द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर मामले की जांच कर रही है। अब तक की जांच से वरिष्ठ नौकरशाहों, शराब उत्पादकों, एफएल-10ए लाइसेंस धारकों और उनके सहयोगियों की मिलीभगत से एक सुनियोजित आपराधिक साजिश का संकेत मिला है। कथित घोटाला छत्तीसगढ़ में 2019 से 2022 के बीच शराब की खरीद, लाइसेंसिंग और बिक्री में अवैध कमीशन की वसूली से संबंधित है। ईओडब्ल्यू/एसीबी के आरोप पत्रों के अनुसार, इस घोटाले के माध्यम से अर्जित अपराध की कुल धनराशि लगभग 2,883 करोड़ रुपए होने का अनुमान है। ईडी ने अब तक पीएमएलए की धारा 19 के तहत नौ लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी, छत्तीसगढ़ राज्य विपणन निगम लिमिटेड (सीएसएमसीएल) के तत्कालीन प्रबंध निदेशक, तत्कालीन आबकारी आयुक्त, तत्कालीन आबकारी मंत्री, तत्कालीन मुख्यमंत्री के पुत्र और मुख्यमंत्री के एक उप सचिव सहित अन्य लोग शामिल हैं। इस जांच में शराब बनाने वालों, नकदी संभालने वालों, हवाला संचालकों, लाइसेंस धारकों और राजनीतिक मध्यस्थों की भूमिका सहित कई पहलुओं को शामिल किया गया है।अधिकारियों ने बताया कि पीएमएलए के तहत अब तक छह अंतरिम कुर्की आदेश (पीएओ) जारी किए गए हैं, जिसके परिणामस्वरूप लगभग 380 करोड़ रुपए की चल और अचल संपत्तियों की कुर्की की गई है। इनमें आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियां, बैंक खाते, वाहन, आभूषण और आरोपी तथा उनकी कथित बेनामी संस्थाओं से जुड़े शेयर शामिल हैं। नई दिल्ली स्थित न्याय निर्णायक प्राधिकरण द्वारा इनमें से कई कुर्कियों की पुष्टि की जा चुकी है। ईडी ने रायपुर स्थित पीएमएलए मामलों की विशेष अदालत में 81 आरोपियों और संस्थाओं के खिलाफ छह अभियोग भी दायर किए हैं। ये मामले फिलहाल विशेष अदालत, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय सहित विभिन्न न्यायिक मंचों में चल रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि हालिया तलाशी में और सबूत मिले हैं, और इन निष्कर्षों के आधार पर अतिरिक्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें और दस्तावेज जमा करना और अभियोग लगाना शामिल है। मामले में आगे की जांच जारी है।

क्रिकेट प्रेमियों के लिए बड़ी खबर: रायपुर IPL मैच के टिकट आज से उपलब्ध

रायपुर. क्रिकेटर लवर्स के लिए बड़ी खुशखबरी है. रायपुर के शहीद वीर नारायण अंतराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में इस साल दो आईपीएल मैच होने वाले हैं. पहला मैच रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू और मुंबई इंडियंस के बीच होने वाला है. इस मैच के टिकटों की ऑनलाइन बिक्री आज से https://shop.royalchallengers.com/ticket पर शुरू होने वाली है. आरबीसी ऑफिशियल्स की ओर से बताया गया कि टिकट केवल आधिकारिक आरसीबी वेबसाइट और ऐप पर उपलब्ध हैं. अनौपचारिक प्लेटफॉर्म या वेबसाइटों को टिकट बेचने का दावा करने वाले लोगों से बचने, आधिकारिक वेबसाइट और ऐप पर निर्भर रहने की सलाह दी गई है.  एम-टिकट विवरण एम-टिकट में महत्वपूर्ण विवरण जैसे प्रवेश द्वार, आंतरिक द्वार, स्टैंड, पंक्ति और सीट नंबर शामिल होंगे. स्टेडियम के प्रवेश द्वार को खोजने के लिए, स्टेडियम मैप और स्टैंड इंडेक को देख सकते हैं. वहीं बाहर आने के लिए उन्हें इंतजार नहीं करना चाहिए. मैप में स्टैंड नाम, पार्किंग जोन, रैंप, द्वार, मेडिकल कमांड सेंटर और एम्बुलेंस स्थान शामिल हैं, जो आपको आसानी से नेविगेट करने में मदद करेंगे. स्टेडियम पहुंचने से पहले अपने स्टैंड और संबंधित प्रवेश द्वार के डिटेल्स की जांच कर लें. बता दें कि 10 मई को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) vs मुंबई इंडियंस और 13 मई को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु vs कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच मुकाबला खेला जाएगा. दोनों मैच शाम 7:30 बजे से शुरू होंगे. अब तक अपडेट के मुताबिक आरसीबी की टीम 8 मई को रायपुर पहुंचेगी और यहां 6 दिन तक रहेगी. टीम मैदान पर प्रैक्टिस भी करेगी. मुंबई इंडियंस की टीम भी 8 मई के बाद राजधानी पहुंचने की संभावना है. 2 हजार का हो सकता सबसे सस्ता टिकट टिकट आरसीबी की आधिकारिक वेबसाइट से ही ऑनलाइन बुक किए जाएंगे। सबसे सस्ती टिकट ₹2000 की होगी। इसके अलावा ₹2500, ₹3500, ₹5000 और ₹8000 तक की कैटेगरी में होगी। इसके अलावा प्लैटिनम सीटों के सामने लगे कांच के पैनल हटा दिए गए हैं। अब दर्शक खिलाड़ियों को बिना किसी रुकावट के और करीब से देख सकेंगे।

मुख्यमंत्री साय का हेलीकॉप्टर अचानक उतरा सरगुजा के सिलमा गांव में, खाट पर बैठकर किया संवाद

सरगुजा जिले के ग्राम सिलमा में अचानक उतरा मुख्यमंत्री साय का हेलीकॉप्टर खाट में बैठकर ग्रामीणों से किया संवाद: सुनी समस्याएं, समाधान के दिए निर्देश रायपुर प्रदेशव्यापी ‘सुशासन तिहार 2026’ के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज सरगुजा जिले के बतौली विकासखंड के ग्राम पंचायत सिलमा के शांतिपारा पहुंचे, जहां उन्होंने जन चौपाल के माध्यम से ग्रामीणों से सीधे संवाद किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने न केवल योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति का जायजा लिया, बल्कि आम नागरिकों की समस्याओं को सुनकर उनके त्वरित निराकरण के निर्देश भी दिए। जन चौपाल में उपस्थित ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री साय के समक्ष अपनी समस्याएं और मांगें रखीं, जिन पर मुख्यमंत्री ने संवेदनशीलता के साथ संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक आवेदन का समयसीमा में समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शासन का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इस दौरान ग्राम सुआरपारा निवासी राजेश शुक्ला ने अपनी आर्थिक कठिनाइयों का जिक्र करते हुए बिजली बिल माफी और आर्थिक सहायता के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने तत्काल मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए मामले पर संज्ञान लिया और आश्वस्त किया कि उनकी स्थिति को देखते हुए बिजली बिल माफी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, साथ ही आवश्यक आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री के इस त्वरित निर्णय से भावुक हुए राजेश शुक्ला ने कहा कि वे लंबे समय से अपनी समस्या को लेकर परेशान थे, लेकिन आज मुख्यमंत्री ने स्वयं उनकी बात को गंभीरता से सुना और समाधान का भरोसा दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह चौपाल उनके लिए राहत और विश्वास का माध्यम बनी है। जन चौपाल को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ‘सुशासन तिहार’ शासन की कार्यप्रणाली में बेहतर और सकारात्मक बदलाव का संकल्प है। उन्होंने बताया कि 40 दिनों तक चलने वाले इस अभियान के माध्यम से अब प्रशासन स्वयं जनता के द्वार तक पहुंचेगा और उनकी समस्याओं का मौके पर समाधान सुनिश्चित करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले नागरिकों को अपने कार्यों के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब शासन स्वयं गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुनेगा और उनका निराकरण करेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन चौपाल में प्राप्त प्रत्येक आवेदन को गंभीरता से लेते हुए निर्धारित समयसीमा के भीतर उसका समाधान सुनिश्चित किया जाए। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी भी ग्रामीणों से ली तथा हितग्राहियों से संवाद कर योजनाओं के प्रभाव का फीडबैक प्राप्त किया।  इस अवसर पर पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, लूण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज, महापौर श्रीमती मंजूषा भगत, कलेक्टर अजीत वसंत  सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

‘खेला’ बनाम ‘कमल’: पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर डिप्टी CM साव का जोरदार दावा

रायपुर. पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम की उलटी गिनती शुरू हो गई है. 4 मई को  पश्चिम बंगाल चुनाव के नतीजों को लेकर डिप्टी सीएम अरुण साव ने बड़ा दवा किया है. उन्होंने कहा कि 4 मई का पूरा देश प्रतीक्षा कर रहा है, 5 राज्यों के चुनाव के परिणाम आने वाले हैं. चुनाव परिणामों में जनता का रुझान स्पष्ट रूप से बीजेपी को बड़ी सफलता का संकेत दे रहा है. TMC के साथ खेला होगा और बंगाल में कमल खिलेगा. डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा कि असम और पांडुचेरी में बीजेपी की सरकार बनेगी. निश्चित रूप से पश्चिम बंगाल में भी बीजेपी की सरकार बनने वाली है. पश्चिम बंगाल की जनता ने TMC के साथ खेला कर दिया है. पश्चिम बंगाल की जनता की जगह घुसपैठियों के साथ खड़े होने का काम ममता बनर्जी ने किया है.  कांग्रेस के महंगाई पर प्रदर्शन डिप्टी सीएम ने बोला हमला प्रदेशभर के जिला मुख्यालयों में आज कांग्रेस महंगाई को लेकर प्रदर्शन करने जा रही है. इसे लेकर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी का पाकिस्तान के लिए प्रेम उजागर होता है. पाकिस्तान में कांग्रेस नेता हीरो बनते हैं. महंगाई की बात कर रहे हैं तो अपने पसंदीदा देश पाकिस्तान से पूछ लें. उन्होंने कहा मोदी के नेतृत्व में दुनिया की तुलना में देश में महंगाई कम है.