samacharsecretary.com

BJP का बड़ा दावा: वसुंधरा राजे का वायरल पत्र फर्जी, कांग्रेस से मांगा जवाब

रायपुर. नारी शक्ति वंदन को लेकर पूरे देशभर में सियासी चर्चा गर्म है। इस बीच बीजेपी नेत्री और राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे का कथित फर्जी पत्र भी चर्चा में है। पत्र को लेकर बीजेपी ने कांग्रेस पर बड़ा आरोप लगाया है। बीजेपी मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने पोस्ट पर लिखा- कांग्रेस के सोशल मीडिया हैंडल अब फेक न्यूज का अड्डा बन चुके हैं। पूर्णतः फर्जी और भ्रामक पत्र को आधिकारिक प्लेटफॉर्म से पोस्ट करना उसकी गिरती हुई राजनीतिक सोच और स्तर का स्पष्ट प्रमाण है। कुत्सित मानसिकता की पराकाष्ठा नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर भ्रम फैलाने के लिए “Anti Women Alliance” का मुख्य चेहरा बनी कांग्रेस अब भाजपा नेताओं के नाम से कूट-रचित पत्र गढ़कर खुलेआम झूठ परोस रही है। यह सिर्फ राजनीतिक षड्यंत्र नहीं, बल्कि महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ उसकी कुत्सित मानसिकता की पराकाष्ठा है। मामले पर सार्वजनिक स्पष्टीकरण दे कांग्रेस छत्तीसगढ़ तुरंत यह फर्जी पोस्ट हटाए, बिना शर्त माफी मांगे और इस पूरे मामले पर सार्वजनिक स्पष्टीकरण दे।फर्जीवाड़ा बंद करो, माफी मांगो-नारी शक्ति सड़कों से लेकर लोकतंत्र के हर मंच पर जवाब देगी।

समय-सीमा बैठक में कलेक्टर सख्त, डीएमएफ कार्यों पर कड़ी निगरानी

समय-सीमा बैठक में कलेक्टर सख्त, डीएमएफ कार्यों पर कड़ी निगरानी 5 वर्षीय समग्र विकास योजना बनाने के निर्देश, प्रतिबंधित कार्यों पर स्पष्ट रोक मनेन्द्रगढ़/एमसीबी कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कलेक्टर डी. राहुल वेंकट की अध्यक्षता में आयोजित समय-सीमा समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और वित्तीय अनुशासन पर विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना (PMKKKY-2024) के संशोधित दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 के तहत इन दिशा-निर्देशों का उद्देश्य खनन प्रभावित क्षेत्रों के लोगों के जीवन स्तर में सुधार करना है। जिला खनिज प्रतिष्ठान (DMF) के तहत संचालित एवं प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि केवल वही परियोजनाएं स्वीकृत होंगी, जो सीधे तौर पर खनन प्रभावित क्षेत्रों और वहां के निवासियों को लाभ पहुंचाएं। व्यक्तिगत लाभ या योजना की मूल भावना के विपरीत किसी भी कार्य को स्वीकृति नहीं दी जाएगी। बैठक में कई कार्यों पर पूर्ण प्रतिबंध भी लगाया गया। इनमें व्यायामशाला नवीनीकरण, मुर्गों की लड़ाई के लिए चबूतरा निर्माण, पंचायत उपयोग हेतु मोबाइल/वाहन क्रय, मूर्तियां, स्मारक, हेलीपैड, शॉपिंग मॉल, मल्टीप्लेक्स, निजी औद्योगिक पार्क, राजनीतिक कार्यक्रम तथा अधिकारियों के लिए वाहन एवं मोबाइल खरीदी जैसे कार्य शामिल हैं। कलेक्टर ने सभी विभागों को 5 वर्षीय परिप्रेक्ष्य योजना (Perspective Plan) तैयार करने के निर्देश देते हुए कहा कि इसे 15 मई 2026 तक ऑनलाइन पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड किया जाए। 50 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं के लिए अलग विस्तृत योजना तैयार करने तथा 25-30 करोड़ रुपये के कार्यों को प्राथमिकता में शामिल करने को कहा गया। महिला एवं बाल विकास विभाग को आंगनबाड़ी केंद्रों का सर्वे कर उनकी स्थिति सुधारने और हर वर्ष कम से कम 30 केंद्रों के निर्माण या उन्नयन का लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य विभाग को डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने को कहा गया। पंचायत विभाग को जल संरक्षण के लिए चेक डैम निर्माण की योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि प्रत्येक अधोसंरचना परियोजना में बिजली सुविधा अनिवार्य रूप से शामिल हो, ताकि परिसंपत्तियां पूर्णतः उपयोगी बन सकें। साथ ही सभी विभागों को अपने कार्यों की जानकारी नियमित रूप से ऑनलाइन पोर्टल पर अपडेट करने के निर्देश दिए गए, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण, सीमांकन, बंटवारा और नामांतरण कार्यों में तेजी लाने को कहा गया। कलेक्टर ने प्रशासनिक व्यय को न्यूनतम रखते हुए अधिकतम राशि जनहितकारी कार्यों पर खर्च करने के निर्देश दिए और चेतावनी दी कि लापरवाही या नियमों की अनदेखी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

फील्ड ड्यूटी पर खास इंतजाम: प्रगणकों को पहले प्याज और टॉवेल, बाद में नींबू शरबत का इंतजार

गरियाबंद. 43 डिग्री तापमान में फील्ड प्रैक्टिकल पर निकलने से पहले प्रगणकों को लू से बचाने तहसीलदार अजय चंद्रवंशी ने प्याज और टॉवेल भेंट किए. वहीं लौटने पर डिहाइड्रेशन से बचाने नींबू शरबत की भी व्यवस्था की गई. तहसीलदार ने कहा कि बोले यह अभियान जितना महत्वपूर्ण उससे जुड़े एक एक कर्मी उतने ही महत्वपूर्ण हैं. जनगणना 2027 से पूर्व 1 मई से 30 मई तक होने वाले मकान सूचिकरण और डिजिटल डेटा कलेक्शन कार्यक्रम में तकनीकी दक्षता लाने प्रगणकों को आज देवभोग तहसील में दूसरे चरण का फील्ड प्रैक्टिकल को कराया गया. घोघर और लाटापारा ग्राम में 50-50 प्रगणक इस अभ्यास के लिए पहुंचे थे. गांव में जाने से पहले तहसीलदार अजय चंद्रवंशी ने अपने टीम में शामिल जनगणना प्रभारी विजय कश्यप, मास्टर ट्रेनर सुशील अवस्थी, गिरीश चंद्र बेहेरा के साथ मिलकर लाटापारा में प्रगणकों को सफेद टॉवेल और प्याज भेंट किया. निकलने से पहले नाश्ता और लौटने पर निबू शरबत भी पिलाया ताकि कोई भी प्रगणक डिहाइड्रेशन का शिकार न हो. इस नवाचार के जरिए जनगणना अभियान के जिम्मेदार अफसर ने स्वास्थ्य का ख्याल रख प्रगणकों का दिल जीत लिया. इंतजमात देख प्रगणकों के चेहरे खिल गए. प्रगणकों ने इस व्यवस्था के लिए अभियान प्रमुख के प्रति कृतज्ञता जाहिर किया और फील्ड में दोगुने उत्साह के साथ काम करते नजर आए. तहसीलदार अजय चंद्रवंशी ने कहा कि अभियान के साथ-साथ इससे जुड़े प्रत्येक कर्मी महत्वपूर्ण हैं. 43 डिग्री से ज्यादा तापमान में प्रगणकों को गणना का अभ्यास करना था. तपती दोपहरी में काम के दौरान सेहत न बिगड़े इसका ख्याल हमें रखना है. इसके लिए हमने छोटा सा प्रयास किया है. मई महीने भर चलने वाले इस अभियान में भी पूरी तैयारी के साथ प्रगणकों को मैदान में उतारा जाएगा. पूरे अभियान में मिलेंगे अतरिक्त 25 हजार, एंड्रॉयड 12 वर्जन जरूरी तय गाइडलाइन के मुताबिक, प्रगणकों को पूरे अभियान के लिए 25 हजार का अतिरिक्त भुगतान किया जाएगा. इसके अलावा ट्रेनिंग अवधि का भी प्रतिदिन 400 रूपये का भुगतान होगा. प्रत्येक प्रगणकों को मोबाइल के जरिए पेपर लेस वर्क करना है. जिसके लिए एंड्रॉयड 12 वर्जन की अनिवार्यता किया गया है. ग्रामीण अंचल में सेवा देने वाले कई प्रगणकों के पास यह वर्जन उपलब्ध नहीं था, ऐसे में उन्हें नए वर्जन का मोबाइल खरीदी करना पड़ रहा है. जारी आदेश के मुताबिक नियमों का पालन नहीं करने वाले प्रगणकों को 1 हजार जुर्माना और दोष सिद्ध होने पर अधिकतम 3 साल कारावास सजा का भी प्रावधान किया गया है.

जशपुर पहुंचे CM साय, आज रात बगिया में ठहरेंगे; दौरे को लेकर बढ़ी हलचल

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज जशपुर दौरे पर रहेंगे. निर्धारित समय के मुताबिक, सीएम दोपहर 12 बजे रायपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे और स्टेट प्लेन से जशपुर के लिए रवाना होंगे. दोपहर 1 बजे जशपुर के आगडीह एयर स्ट्रीप में लैंड करेंगे. दोपहर 1:30 करमगढ़ पहुंचेंगे, जहां वे एक निजी कार्यकम में शामिल होंगे. इसके बाद करीब 3 बजे ग्राम ढ़ोढ़ीबाहर में आयोजित कार्यक्रम में शिरकत करेंगे. शाम 6 बजे ग्राम बंदरचुआ में एक शोक कार्यकम में शामिल होंगे. इसके बाद बन्दरचूआ से अपने निजी निवास बगिया के लिए होंगे रवाना। आज रात सीएम जशपुर में ही विश्राम करेंगे. नगरीय निकायों की समीक्षा बैठक का दूसरा दिन प्रदेश के सभी नगरीय निकायों के कार्यों की उपमुख्यमंत्री अरुण साव समीक्षा कर रहे हैं. आज बैठक का दूसरा दिन है. आज राजधानी में नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री साव मैराथन बैठकें करेंगे. इस दौरान सभी निकायों में विकास कार्यों की  प्रगति और योजनाओं के क्रियान्वयन की लेंगे जानकारी। मानसून से पहले निकायों में तैयारी को लेकर समीक्षा की जाएगी. 

टूटी सांसें, थमा जीवन: मनेंद्रगढ़ सड़क हादसे में युवक की दर्दनाक मौत, मुआवजे के बाद हुआ अंतिम विदाई का फैसला

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी मनेंद्रगढ़ की सड़कों पर एक और ज़िंदगी अचानक थम गई, पीछे छोड़ गई रोता-बिलखता परिवार और गहरे दर्द की लकीरें। सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले युवक की पहचान होने के बाद जहां एक ओर परिजनों का दुख और गहरा हो गया, वहीं मुआवजे को लेकर चल रहा विवाद भी अंततः समाप्त हो गया। भारी मन से परिजनों ने अब अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया है। इस बीच डीवी ग्रुप ने मृतक परिवार को तीन लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी है। जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत बंजी निवासी 37 वर्षीय राजभान सिंह अपने ससुराल ग्राम परसगढ़ी गए हुए थे। किसे पता था कि यह सफर उनका आखिरी सफर साबित होगा। परसगढ़ी में मेडिकल कॉलेज निर्माण कार्य में लगे डीवी ग्रुप के पानी टैंकर ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में उनके सिर पर गंभीर चोट लगी और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसा इतना भयावह था कि उनके सिर पर आई गंभीर चोटों के कारण शुरुआत में शव की पहचान तक मुश्किल हो गई। परिजनों की बेचैनी और अनिश्चितता के बीच मनेंद्रगढ़ सिटी कोतवाली पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मोबाइल के जरिए मृतक की पहचान की और परिवार को सूचना दी। जैसे ही घटना की खबर गांव पहुंची, माहौल गम और गुस्से से भर गया। परिजन और ग्रामीण सड़कों पर उतर आए, न्याय और उचित मुआवजे की मांग को लेकर विरोध शुरू हो गया। इस दुख की घड़ी में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मनेंद्रगढ़ शहर अध्यक्ष सौरव मिश्रा अपने साथियों के साथ पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। आखिरकार जनदबाव और विरोध के बाद डीवी ग्रुप ने मृतक के परिजनों को तीन लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी। साथ ही बीमा की राशि दिलाने का आश्वासन भी दिया गया। मुआवजा मिलने के बाद परिजनों ने भारी मन से अंतिम संस्कार के लिए सहमति जताई। इस फैसले के साथ ही क्षेत्र में फैला तनाव कुछ हद तक कम हुआ, लेकिन एक परिवार की जिंदगी में जो खालीपन आया है, उसे कोई भी मुआवजा कभी भर नहीं पाएगा। प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।

जंगल की खामोशी में गूंजी चीख: महुआ बीनने गए ग्रामीण की हाथी हमले में दर्दनाक मौत

जंगल की खामोशी में गूंजी चीख: महुआ बीनने गए ग्रामीण की हाथी हमले में दर्दनाक मौत मनेन्द्रगढ़/एमसीबी मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के जनकपुर क्षेत्र में एक हृदय विदारक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। जीवनयापन की साधारण दिनचर्या निभाने जंगल गए एक ग्रामीण की जंगली हाथी के हमले में असमय मौत हो गई। यह दर्दनाक हादसा जनकपुर पार्क परिक्षेत्र के खोहरा गांव में घटित हुआ, जहां अब हर ओर सन्नाटा और भय पसरा हुआ है। मृतक की पहचान 55 वर्षीय प्रेमलाल के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि 19 अप्रैल की शाम करीब 6 बजे वे खड़घाट जंगल में महुआ बीनने गए थे, शायद रोज की तरह कुछ उम्मीदों के साथ। लेकिन उन्हें क्या पता था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा। जंगल में अचानक सामने आए एक हाथी ने उन पर हमला कर दिया। असहाय प्रेमलाल उस भीषण हमले का सामना नहीं कर सके और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। इस घटना ने न सिर्फ एक परिवार का सहारा छीन लिया, बल्कि पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं गांव में मातम का माहौल बना हुआ है। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। विभाग द्वारा आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई है तथा मृतक के परिजनों को मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है। इधर, इस हादसे के बाद ग्रामीणों में हाथियों की लगातार बढ़ती आवाजाही को लेकर डर और चिंता दोनों बढ़ गए हैं। स्थानीय लोगों ने वन विभाग से क्षेत्र में सतत निगरानी, अलर्ट सिस्टम और सुरक्षा के ठोस इंतजाम करने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी और घर का चिराग यूं न बुझ जाए।

रायपुर: बस्तर के लिए वैश्विक मार्ग, 4 घंटे में समंदर तक पहुंच

रायपुर : बस्तर के लिए खुलेगा वैश्विक द्वार, 4 घंटे में पूरा होगा समंदर तक का सफर रायपुर-विशाखापट्टनम कॉरिडोर से बस्तर को मिलेगा वैश्विक कनेक्शन बस्तर से बंदरगाह तक सीधी राह, इकोनॉमिक कॉरिडोर से विकास को मिलेगी नई दिशा रायपुर बस्तर की प्रगति को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर (NH-130 CD) एक क्रांतिकारी कदम साबित होने जा रहा है। भारतमाला परियोजना के तहत बन रहा यह 6-लेन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर न केवल दूरियों को कम करेगा, बल्कि बस्तर के स्थानीय उत्पादों को सीधे अंतरराष्ट्रीय बंदरगाहों तक पहुँच प्रदान कर लैंड-लॉक्ड क्षेत्र की बाधाओं को समाप्त करेगा। दुर्गम घाटों से मुक्ति और समय की बड़ी बचत वर्तमान में जगदलपुर से विशाखापट्टनम की यात्रा ओडिशा के कोरापुट और जयपुर के कठिन घाटों से होकर गुजरती है, जिसमें 7 से 9 घंटे का समय लगता है। भारी वाहनों के लिए यह मार्ग न केवल थकाऊ है, बल्कि डीजल की खपत और मेंटेनेंस के लिहाज से भी खर्चीला है। नया कॉरिडोर इस यात्रा को मात्र 3.5 से 4 घंटे में समेट देगा। सीधा और घाट-मुक्त रास्ता होने के कारण वाहनों का परिचालन खर्च काफी कम हो जाएगा, जिससे परिवहन क्षेत्र को बड़ी राहत मिलेगी। नबरंगपुर इंटरचेंज: बस्तर का प्रवेश द्वार रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर (NH-130 CD) छत्तीसगढ़ के रायपुर, धमतरी, कांकेर और कोंडागांव जिलों से गुजर रहा है। जगदलपुर मुख्यालय को इस कॉरिडोर से जोड़ने के लिए ओडिशा के नबरंगपुर का दासपुर इंटरचेंज महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगा। जगदलपुर का ट्रैफिक मात्र 50-60 किमी का सफर तय कर नबरंगपुर इंटरचेंज के माध्यम से रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर में शामिल हो सकेगा, जिससे बस्तर सीधे विशाखापट्टनम पोर्ट और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक नेटवर्क से जुड़ जाएगा। बस्तरिया ब्रांड का अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रवेश इस कॉरिडोर का सबसे महत्वपूर्ण प्रभाव बस्तर की स्थानीय अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। अब बस्तर की अरेबिका कॉफी, जैविक इमली, महुआ उत्पाद और प्रसिद्ध ढोकरा शिल्प को विशाखापट्टनम पोर्ट तक पहुँचाना सुगम होगा। कम लॉजिस्टिक लागत के कारण ये उत्पाद वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी दरों पर उपलब्ध होंगे, जिससे स्थानीय किसानों, संग्रहकर्ताओं और शिल्पकारों को उनकी उपज का बेहतर अंतरराष्ट्रीय मूल्य मिल सकेगा। सामाजिक और आर्थिक उत्थान बस्तर, कांकेर और कोंडागांव जैसे आकांक्षी जिलों को इस परियोजना से सीधा लाभ मिलेगा। बेहतर सड़क संपर्क से शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाएं इन सुदूर क्षेत्रों तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेंगी। इस राजमार्ग के माध्यम से बस्तर का कृषि उत्पाद और इस्पात सीधे रायपुर, दुर्ग-भिलाई और विशाखापट्टनम जैसे औद्योगिक केंद्रों से जुड़ जाएगा। इससे स्थानीय युवाओं के लिए तकनीकी, प्रबंधन, लॉजिस्टिक्स, रियल एस्टेट और सर्विस सेक्टर में हजारों नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह कॉरिडोर बस्तर में औद्योगिक विकास की एक नई लहर लाने के लिए तैयार है। औद्योगिक और खनिज विकास बस्तर क्षेत्र लौह अयस्क और अन्य खनिजों से समृद्ध है। यह कॉरिडोर इन खनिजों को विशाखापत्तनम पोर्ट तक तेजी से पहुंचाने में मदद करेगा, जिससे निर्यात और व्यापार में भारी उछाल आएगा। कॉरिडोर के किनारे नए औद्योगिक क्लस्टर विकसित होने की संभावना है, जिससे स्थानीय स्तर पर विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा। पर्यटन और सांस्कृतिक पहचान का विस्तार कनेक्टिविटी में सुधार होने से अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की आमद बढ़ेगी। विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा, दंतेश्वरी मंदिर, ढोलकल गणेश, कुतुमसर गुफा और चित्रकोट-तीरथगढ़ जैसे जलप्रपातों तक पहुंच आसान होगी। इससे न केवल पर्यटन राजस्व बढ़ेगा, बल्कि आदिम संस्कृति और लोक कलाओं को भी वैश्विक मंच पर नई पहचान मिलेगी। पर्यावरण और इंजीनियरिंग का तालमेल कांकेर जिले के बासनवाही के मंझिनगढ़ पहाड़ी (केशकाल) को चीरकर 2.79 किमी लंबी छत्तीसगढ़ की पहली ट्विन-ट्यूब टनल बनाई जा रही है। यह टनल उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के इको-सेंसिटिव जोन से गुजरती है, जिसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि वन्यजीवों का आवागमन बाधित न हो। साथ ही पूरे राजमार्ग में मंकी कैनोपी, एनिमल अंडरपास और ओवरपास बनाए जा रहे हैं ताकि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बना रहे। रायपुर-विशाखापत्तनम इकोनॉमिक कॉरिडोर रायपुर-विशाखापत्तनम इकोनॉमिक कॉरिडोर (NH 130CD) बस्तर संभाग और पूरे छत्तीसगढ़ के आर्थिक परिदृश्य को बदलने वाली एक महत्वाकांक्षी परियोजना है। लगभग 16,491 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह 464 किमी लंबा ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल  कॉरिडोर न केवल दूरी कम करेगा, बल्कि बस्तर जैसे जनजातीय क्षेत्रों को मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था से जोड़ने में सेतु का काम करेगा। यह कॉरिडोर बस्तर को विश्व व्यापार की मुख्यधारा से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त करेगा। यह परियोजना सही मायने में बस्तर की आत्मनिर्भरता और वैश्विक पहचान का आधार बनेगी। "रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ के लिए विकास का नया द्वार खोलने जा रहा है। केंद्र सरकार के सहयोग से हम राज्य में आधुनिक और मजबूत अधोसंरचना का तेजी से विस्तार कर रहे हैं। इससे न केवल यात्रा समय कम होगा, बल्कि स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार तक सीधी पहुंच मिलेगी। हमारी सरकार का लक्ष्य है कि बस्तर जैसे क्षेत्रों को मुख्य धारा की अर्थव्यवस्था से जोड़कर समावेशी और संतुलित विकास सुनिश्चित किया जाए। यह परियोजना आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की दिशा में एक मजबूत कदम है।" – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय "रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर प्रदेश में कनेक्टिविटी और औद्योगिक विकास को नई गति देगा। विश्वस्तरीय सड़क नेटवर्क तैयार कर नागरिकों और माल परिवहन को सुगम, सुरक्षित और तेज बनाया जा रहा है। इस कॉरिडोर से बस्तर सीधे बंदरगाह से जुड़कर व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा। हमारी प्राथमिकता है कि हर क्षेत्र तक बेहतर सड़क और बुनियादी सुविधाएं पहुंचें, जिससे प्रदेश का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।" – उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव

राजेश अग्रवाल ने रायपुर में ‘अग्रोहा पैलेस’ का भूमिपूजन किया, पर्यटन क्षेत्र को मिलेगा नया आयाम

रायपुर : पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने ‘अग्रोहा पैलेस’ का किया भूमिपूजन 150 अत्याधुनिक कमरों सहित भव्य परिसर से मध्य भारत में बनेगी नई पहचान सेवा और सामाजिक चेतना का बनेगा नया केंद्र रायपुर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने अंबिकापुर में प्रस्तावित ‘अग्रोहा पैलेस’ का विधिवत भूमिपूजन कर आधारशिला रखी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि परम पूज्य महाराजा अग्रसेन जी के वंशज होने का गौरव केवल हमारी पहचान नहीं, बल्कि एक पुनीत उत्तरदायित्व भी है। सेवा, त्याग और लोकमंगल की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए यह परियोजना समाज के सामूहिक संकल्प और सहभागिता का प्रतीक बनेगी। मंत्री अग्रवाल ने कहा कि किसी भी भवन की सार्थकता केवल उसके भौतिक स्वरूप में नहीं, बल्कि उसमें निहित सेवा भावना और समाज के प्रति समर्पण में होती है। उन्होंने विश्वास जताया कि समस्त समाज के सहयोग से निर्मित ‘अग्रोहा पैलेस’ आने वाले समय में जनसेवा, सामाजिक जागरूकता और सामुदायिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनेगा। उन्होंने बताया कि यह भव्य परिसर 150 अत्याधुनिक कमरों, विशाल हॉल तथा सर्वसुविधायुक्त लॉन से सुसज्जित होगा, जो न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे मध्य भारत में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने ‘अग्रोहा पैलेस’ का किया भूमिपूजन इस अवसर पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि अग्र समाज का इतिहास सेवा, समर्पण और लोककल्याण की गौरवशाली परंपरा से परिपूर्ण रहा है। हमारे पूर्वजों ने धर्मशालाएं, बावड़ियां और अन्न क्षेत्र बनाकर मानवता की सेवा का आदर्श प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि कोई भी भवन केवल ईंट-पत्थरों से नहीं, बल्कि उसमें समाहित भावना, सहभागिता और सेवा के भाव से जीवंत बनता है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने ‘अग्रोहा पैलेस’ का किया भूमिपूजन पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने ‘अग्रोहा पैलेस’ का किया भूमिपूजन सांसद अग्रवाल ने समाज के लोगों से आह्वान किया कि वे इस प्रकल्प को सफल बनाने के लिए समाज के अंतिम व्यक्ति को भी जोड़ें। साथ ही उन्होंने गरीब बच्चों की शिक्षा, जरूरतमंद मरीजों के उपचार और बेटियों के सम्मानजनक विवाह में सहयोग देने का संकल्प लेने की अपील की, ताकि ‘अग्रोहा पैलेस’ वास्तव में समाज सेवा का जीवंत केंद्र बन सके। कार्यक्रम में अग्रवाल सभा अंबिकापुर के अध्यक्ष संजय मित्तल, अजय अग्रवाल, बाबूलाल गोयल, योगेश अग्रवाल, विनोद, कृष्ण कुमार, मनोज जैन सहित समाज के अनेक गणमान्य एवं प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।

कुपोषण पर प्रभावी अंकुश के लिए पोषण 2.0 का सफल क्रियान्वयन जरूरी: डॉ. रेणुका श्रीवास्तव

 पोषण 2.0 के प्रभावी क्रियान्वयन से ही कुपोषण पर लगेगा निर्णायक अंकुश : संचालक डॉ. रेणुका श्रीवास्तव महिला एवं बाल विकास विभाग की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में दिए सख्त निर्देश आंगनबाड़ी सेवाओं की गुणवत्ता, फंड उपयोग और कुपोषण मुक्ति पर विशेष फोकस रायपुर महिला एवं बाल विकास विभाग की संचालक डॉ. रेणुका श्रीवास्तव ने आईसीडीएस अंतर्गत “सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0” कार्यक्रमों की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक लेकर सभी जिला कार्यक्रम अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में योजनाओं के क्रियान्वयन, वित्तीय प्रगति तथा जमीनी स्तर की चुनौतियों की विस्तार से समीक्षा की गई। महिला एवं बाल विकास विभाग की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक महिला एवं बाल विकास विभाग की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक बैठक में सुपोषण अभियान के तहत जारी फंड एवं उससे संबंधित समस्याओं पर विशेष चर्चा करते हुए  आंगनबाड़ी केंद्रों के उन्नयन तथा मानदेय भुगतान की स्थिति की जानकारी ली गई। संचालक ने निर्देश दिए कि सभी जिलों में आवंटित राशि का समयबद्ध एवं पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित किया जाए। संचालक डॉ श्रीवास्तव ने 100 मॉडल आंगनबाड़ी केंद्रों हेतु जारी आवंटन एवं व्यय की समीक्षा करते हुए निर्माण और संचालन कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं के स्वीकृत, भरे एवं रिक्त पदों की जानकारी लेते हुए रिक्त पदों को शीघ्र भरने के निर्देश दिए गए। बैठक में सेक्टर पर्यवेक्षकों तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं,सहायिकाओं के यात्रा भत्ता भुगतान की स्थिति पर भी चर्चा की गई। संचालक ने भुगतान में किसी प्रकार की देरी न हो, यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कुपोषण मुक्ति कार्यक्रम के अंतर्गत आवंटित राशि के उपयोग की समीक्षा करते हुए वर्ष 2026-27 के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि कुपोषण उन्मूलन के लिए सभी जिलों को लक्ष्य आधारित कार्य करना होगा। बैठक में सुपोषण योजना के तहत पोर्टल एंट्री कार्य की समीक्षा करते हुए डेटा एंट्री को समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सैनिटरी वेंडिंग मशीन एवं इंसिनरेटर मशीन के स्थापना एवं सुधार कार्यों के लिए आवंटित राशि के उपयोग पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया।  वजन मशीनों की मरम्मत एवं रखरखाव हेतु प्राप्त आवंटन एवं व्यय की स्थिति की समीक्षा करते हुए सभी जिलों को आवश्यक उपकरणों को सुचारू रूप से संचालित रखने के निर्देश दिए गए। संचालक डॉ. रेणुका श्रीवास्तव ने कहा कि योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम हितग्राही तक पहुंचे, इसके लिए नियमित मॉनिटरिंग, जवाबदेही और फील्ड स्तर पर सक्रियता बेहद आवश्यक है। उन्होंने सभी अधिकारियों को समय-सीमा में लक्ष्यों की पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।बैठक में सभी जिलों के जिला कार्यक्रम अधिकारी  और संचालनालय के अधिकारी उपस्थित रहे।

Chess Rising Stars: नक्सलगढ़ के मयंक और अयांश ने अंडर-15 और अंडर-11 में मारी बाजी

बस्तर. जगदलपुर के निर्मल विद्यालय में आयोजित द चेस नेशन शतरंज चैम्पियनशिप 2026 का भव्य समापन हुआ, जहां प्रदेशभर से खिलाड़ियों ने हिस्सा लेकर बस्तर की बदलती तस्वीर को नई पहचान दी। ओपन वर्ग में रायपुर के सालिक नवाज मणिहार ने पहला स्थान हासिल कर ₹11 हजार जीते। बिलासपुर के रूपेश कुमार मिश्रा दूसरे और दुर्ग के यशद बंबेश्वर तीसरे स्थान पर रहे। महिला वर्ग में अलंक्रुता मोहराना ने सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी बनकर बाजी मारी। अंडर-15 वर्ग में कोंडागांव के मयंक श्रीवास्तव विजेता रहे, जबकि जगदलपुर के एजीकियल सर्विन एक्का दूसरे और अथर्व मेश्राम तीसरे स्थान पर रहे। बालिका वर्ग में आयुषी राठी सर्वश्रेष्ठ रहीं। अंडर-11 वर्ग में जगदलपुर के अयांश दीक्षित ने पहला स्थान पाया। वेदांत शुक्ला दूसरे और सिद्धार्थ राव तीसरे स्थान पर रहे। बालिका वर्ग में बृष्टि साहा ने शानदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में बस्तर एसपी शलभ कुमार सिन्हा मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि बस्तर अब हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। यह आयोजन साबित करता है कि बस्तर की नई पीढ़ी अब बंदूक नहीं, बुद्धि की ताकत से पहचान बना रही है।