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Chess Rising Stars: नक्सलगढ़ के मयंक और अयांश ने अंडर-15 और अंडर-11 में मारी बाजी

बस्तर. जगदलपुर के निर्मल विद्यालय में आयोजित द चेस नेशन शतरंज चैम्पियनशिप 2026 का भव्य समापन हुआ, जहां प्रदेशभर से खिलाड़ियों ने हिस्सा लेकर बस्तर की बदलती तस्वीर को नई पहचान दी। ओपन वर्ग में रायपुर के सालिक नवाज मणिहार ने पहला स्थान हासिल कर ₹11 हजार जीते। बिलासपुर के रूपेश कुमार मिश्रा दूसरे और दुर्ग के यशद बंबेश्वर तीसरे स्थान पर रहे। महिला वर्ग में अलंक्रुता मोहराना ने सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी बनकर बाजी मारी। अंडर-15 वर्ग में कोंडागांव के मयंक श्रीवास्तव विजेता रहे, जबकि जगदलपुर के एजीकियल सर्विन एक्का दूसरे और अथर्व मेश्राम तीसरे स्थान पर रहे। बालिका वर्ग में आयुषी राठी सर्वश्रेष्ठ रहीं। अंडर-11 वर्ग में जगदलपुर के अयांश दीक्षित ने पहला स्थान पाया। वेदांत शुक्ला दूसरे और सिद्धार्थ राव तीसरे स्थान पर रहे। बालिका वर्ग में बृष्टि साहा ने शानदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में बस्तर एसपी शलभ कुमार सिन्हा मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि बस्तर अब हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। यह आयोजन साबित करता है कि बस्तर की नई पीढ़ी अब बंदूक नहीं, बुद्धि की ताकत से पहचान बना रही है।

IAS ऋचा शर्मा जिम की लिफ्ट में फंसी, घुटन से तबीयत बिगड़ी, हुआ बड़ा हादसा

रायपुर   आईएएस ऋचा शर्मा के साथ सोमवार को बड़ा हादसा हो गया। यहां जिम के लिए पहुंची अधिकारी करीब 20 मिनट के लिए लिफ्ट में फंसीं रहीं। इस दौरान उनकी हालत बिगड़ गई। हालांकि समय रहते उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। कुछ देरी हो जाती तो बड़ी अनहोनी हो सकती थी। घटना रायपुर जिले के एयरपोर्ट मार्ग स्थित श्रीराम मंदिर चौक के पास बने करेंसी टावर की है। यहां छत्तीसगढ़ शासन की असिस्टेंट चीफ सेक्रेटरी (ACS) सुबह लगभग 6:30 बजे लिफ्ट में फंस गई। ऋचा शर्मा रोज की तरह करेंसी टावर स्थित साईकस जिम जाने के लिए पहुंची थीं और लिफ्ट से ऊपर जा रही थीं। इसी दौरान तकनीकी खराबी के चलते लिफ्ट अचानक बीच में रुक गई और वे अंदर ही फंस गईं। बताया जा रहा है कि लिफ्ट के अंदर न तो पर्याप्त रोशनी और न ही वेंटिलेशन की व्यवस्था थी। इतना ही नहीं लिफ्ट में इमरजेंसी अलार्म या हेल्पलाइन जैसी आवश्यक सुविधाएं भी नहीं थी। ऐसे में तत्काल मदद मिलना मुश्किल हो गया और वे अंदर लॉक हो गई। घुटन और घबराहट की वजह से कुछ ही मिनटों में उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। ऐसे में स्थिति को देखते हुए ऋचा शर्मा ने अपने मोबाइल से अधिकारियों को सूचना दी। उन्होंने राज्य के ऊर्जा सचिव डॉ. रोहित यादव को भी कॉल लगाया घटना की सूचना मिलते ही अधिकारियों में हड़कंप मच गया। इसके बाद लिफ्ट का दरवाजा मैन्युअली खोलकर करीब 20 मिनट बाद उन्हें बाहर निकाला गया। इतने में उनकी तबीयत बिगड़ चुकी थी। हालांकि कुछ देर बाद अधिकारी की हालत स्थिर हुई और सबने राहत की सांस ली। वही घटना के बाद ऋचा शर्मा ने नाराजगी जाहिर करते हुए बिल्डिंग प्रबंधन के खिलाफ FIR दर्ज कराने की चेतावनी दी है। 

Forest Protection Model: उदंती सीतानदी में 750 जल स्रोतों के साथ ‘फायर-वॉटर’ रणनीति, आग पर काबू

गरियाबंद. छत्तीसगढ़ स्थित उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व (USTR) ने अपने सभी 143 फॉरेस्ट बीट में समर्पित ‘फायर वॉचर्स’ और ‘वॉटर वॉचर्स’ की टीमों को तैनात कर वन्यजीव संरक्षण और सामुदायिक सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत किया है। ये प्रयास रिजर्व के कोर और बफर क्षेत्रों में स्थित लगभग 120 गांवों में मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। गर्मी की चुनौतियां और रणनीति गर्मी के मौसम में जंगलों में लगने वाली आग और पानी के स्रोतों के सूखने के कारण अक्सर भालू, तेंदुए, लकड़बग्घे और हाथी जैसे जंगली जानवर मानवीय बस्तियों की ओर पलायन करते हैं। इससे संघर्ष की संभावना बढ़ जाती है। इस चुनौती से निपटने के लिए USTR ने एक सक्रिय और एकीकृत रणनीति अपनाई है। फायर वॉचर्स टीम: यह टीम नियमित पैदल गश्त करती है और जंगल की आग का पता लगाने व उसे रोकने के लिए थर्मल ड्रोन निगरानी का उपयोग करती है। इनकी सतर्कता के कारण आग लगाने के आरोप में 23 व्यक्तियों को पकड़ा गया है, जिससे आग लगने की घटनाओं में भारी कमी आई है। वॉटर वॉचर्स टीम: जंगली जानवरों के लिए जंगल के भीतर ही पानी सुनिश्चित करने व्यापक प्रयास किए गए हैं। आंतरिक वन क्षेत्रों में 750 से अधिक छोटे जल स्रोत, जिन्हें स्थानीय रूप से “झिरिया” कहा जाता है, बनाए गए हैं। इसके अतिरिक्त, चिन्हित हॉटस्पॉट क्षेत्रों में 26 सौर-संचालित पंप स्थापित किए गए हैं। पानी के इस विस्तृत नेटवर्क के कारण वन्यजीव जंगल की सीमाओं के भीतर ही रहते हैं। अवैध शिकार पर लगाम और तकनीक का उपयोग ये उपाय अवैध शिकार को रोकने में भी सहायक हैं, क्योंकि शिकारी अक्सर गर्मियों में सीमित जल स्रोतों को निशाना बनाते हैं। USTR की एंटी-पोचिंग टीम ने अंतर-राज्यीय शिकार नेटवर्कों पर कार्रवाई कर रिजर्व में सुरक्षा का माहौल बढ़ाया है। साथ ही सूखते जल स्रोतों और आग की आशंका वाले क्षेत्रों की निगरानी के लिए सैटेलाइट-आधारित मॉनिटरिंग का उपयोग किया जा रहा है। उल्लेखनीय परिणाम इन समन्वित प्रयासों के परिणामस्वरूप, USTR में पिछले तीन गर्मी के मौसमों के दौरान शून्य (जीरो) मानव या वन्यजीव हताहत दर्ज किए गए हैं। यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी अवधि में स्थानीय समुदायों द्वारा महुआ, साल बीज, चिरौंजी और तेंदू पत्ता जैसे लघु वनोपज का संग्रहण किया जाता है। USTR का यह एकीकृत दृष्टिकोण पारिस्थितिक संरक्षण और सामुदायिक सुरक्षा के बीच संतुलन बनाने का एक आदर्श मॉडल है, जो दर्शाता है कि कैसे लक्षित हस्तक्षेपों के माध्यम से संवेदनशील वन क्षेत्रों में संघर्ष को प्रभावी ढंग से कम किया जा सकता है।

Raipur Update: पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने ‘श्री अग्रोहा पैलेस’ की रखी नींव

रायपुर. पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने अंबिकापुर में प्रस्तावित ‘श्री अग्रोहा पैलेस’ का विधिवत भूमिपूजन कर आधारशिला रखी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि परम पूज्य महाराजा अग्रसेन जी के वंशज होने का गौरव केवल हमारी पहचान नहीं, बल्कि एक पुनीत उत्तरदायित्व भी है। सेवा, त्याग और लोकमंगल की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए यह परियोजना समाज के सामूहिक संकल्प और सहभागिता का प्रतीक बनेगी। मंत्री अग्रवाल ने कहा कि किसी भी भवन की सार्थकता केवल उसके भौतिक स्वरूप में नहीं, बल्कि उसमें निहित सेवा भावना और समाज के प्रति समर्पण में होती है। उन्होंने विश्वास जताया कि समस्त समाज के सहयोग से निर्मित ‘श्री अग्रोहा पैलेस’ आने वाले समय में जनसेवा, सामाजिक जागरूकता और सामुदायिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनेगा। उन्होंने बताया कि यह भव्य परिसर 150 अत्याधुनिक कमरों, विशाल हॉल तथा सर्वसुविधायुक्त लॉन से सुसज्जित होगा, जो न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे मध्य भारत में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा। इस अवसर पर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि अग्र समाज का इतिहास सेवा, समर्पण और लोककल्याण की गौरवशाली परंपरा से परिपूर्ण रहा है। हमारे पूर्वजों ने धर्मशालाएं, बावड़ियां और अन्न क्षेत्र बनाकर मानवता की सेवा का आदर्श प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि कोई भी भवन केवल ईंट-पत्थरों से नहीं, बल्कि उसमें समाहित भावना, सहभागिता और सेवा के भाव से जीवंत बनता है। सांसद अग्रवाल ने समाज के लोगों से आह्वान किया कि वे इस प्रकल्प को सफल बनाने के लिए समाज के अंतिम व्यक्ति को भी जोड़ें। साथ ही उन्होंने गरीब बच्चों की शिक्षा, जरूरतमंद मरीजों के उपचार और बेटियों के सम्मानजनक विवाह में सहयोग देने का संकल्प लेने की अपील की, ताकि ‘श्री अग्रोहा पैलेस’ वास्तव में समाज सेवा का जीवंत केंद्र बन सके। कार्यक्रम में अग्रवाल सभा अंबिकापुर के अध्यक्ष संजय मित्तल, अजय अग्रवाल, बाबूलाल गोयल, योगेश अग्रवाल, विनोद, कृष्ण कुमार, मनोज जैन सहित समाज के अनेक गणमान्य एवं प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।

छत्तीसगढ़ में हुआ प्लेन क्रैश, पहाड़ी से टकराने के बाद आग की लपटें, पायलट-को-पायलट की मौत की आशंका

जशपुर  छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले से एक बेहद दर्दनाक और बड़ी खबर सामने आ रही है। जिले के आरा पहाड़ से एक प्राइवेट विमान के टकराने की सूचना है। दरअसल, यह टक्कर इतनी जोरदार थी कि विमान के टकराते ही पहाड़ के हिस्से से आग की लपटें उठने लगीं और देखते ही देखते चारों ओर धुएं का काला गुबार छा गया।इस हादसे में पायलट और को-पायलट की मौत की आशंका जताई जा रही है। पहाड़ से टकराते ही विमान बना आग का गोला जशपुर-नारायणपुर क्षेत्र के पास यह हादसा हुआ है, जहां अनियंत्रित होकर विमान सीधे पहाड़ के सीने से जा टकराया। स्थानीय लोगों ने घटना का वीडियो भी बनाया है, जिसमें आग की लपटें साफ दिखाई दे रही हैं। इस हादसे के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर रवाना घटना की गंभीरता को देखते हुए जिले के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत एक्शन में आ गए हैं। SSP लाल उमेंद खुद भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल के लिए निकल चुके हैं।पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य (Rescue Operation) में जुट गई हैं। स्थानीय लोगों की मदद से मलबे के पास पहुंचने की कोशिश की जा रही है ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके। हताहतों की संख्या पर सस्पेंस बरकरार गौरतलब है कि अभी तक विमान में सवार कुल लोगों की संख्या या इस हादसे में जान-माल के नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन का पूरा ध्यान फिलहाल आग पर काबू पाने और किसी भी संभावित जीवित व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालने पर है। जांच के बाद खुलेगा राज बता दें कि यह विमान किसका था और इसने कहां से उड़ान भरी थी, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। हादसे के असली कारणों का पता लगाने के लिए जांच टीम गठित की जाएगी। फिलहाल पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर दी गई है और घायलों को निकालने के लिए एंबुलेंस भी मौके पर तैनात है।

Supreme Court Hearing: जग्गी मर्डर केस में अमित जोगी की सभी याचिकाएं एक साथ, 23 अप्रैल तय तारीख

रायपुर/नई दिल्ली. रामअवतार जग्गी हत्याकांड मामले में उम्रकैद की सजा पाए पूर्व विधायक अमित जोगी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाओं पर सोमवार को अहम सुनवाई हुई। इस दौरान अदालत में दो अलग-अलग याचिकाएं विचाराधीन रहीं, जिनमें एक याचिका हाईकोर्ट के आदेश के तहत सरेंडर पर रोक लगाने से संबंधित चैंबर में दाखिल की गई थी, जबकि दूसरी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की दो नंबर बेंच में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने दोनों मामलों को एक साथ टैग कर दिया और आगे की संयुक्त सुनवाई की तारीख 23 अप्रैल निर्धारित की। अदालत ने स्पष्ट किया कि सरेंडर से संबंधित किसी भी प्रकार की अंतरिम राहत इस स्तर पर नहीं दी जाएगी और संबंधित आवेदन पर निर्णय चैंबर जज द्वारा किया जाएगा। इस दौरान मृतक रामअवतार जग्गी के बेटे सतीश जग्गी के वकील भी अदालत में मौजूद रहे और उन्होंने पक्ष रखा। बेंच ने फिलहाल मामले में हस्तक्षेप से इनकार करते हुए अगली सुनवाई तक स्थिति यथावत रखने का निर्देश दिया। अमित जोगी का बयान सुनवाई के बाद अमित जोगी ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने उनके दोनों मामलों को एक साथ टैग कर दिया है। इसमें दिनांक 25.03.2026 के लीव टू अपील आदेश के विरुद्ध दायर एसएलपी और 02.04.2026 के उच्च न्यायालय के निर्णय के विरुद्ध वैधानिक अपील शामिल है। उन्होंने कहा कि दोनों मामलों की संयुक्त सुनवाई अब 23 अप्रैल को होगी। अमित जोगी ने यह भी बताया कि सुनवाई में उनकी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल, मुकुल रोहतगी, विवेक तन्खा, सिद्धार्थ दवे और शशांक गर्ग उपस्थित रहे। उन्होंने अपनी कानूनी टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूर्ण विश्वास है और वे कानूनी प्रक्रिया का सामना करेंगे। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के चर्चित रामअवतार जग्गी हत्याकांड से जुड़े इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में अब अगली सुनवाई 23 अप्रैल को होनी है, जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। 2003 में हुई थी एनसीपी नेता रामावतार जग्गी की हत्या 4 जून 2003 को एनसीपी नेता रामावतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में 31 अभियुक्त बनाए गए थे, जिनमें से बल्टू पाठक और सुरेंद्र सिंह सरकारी गवाह बन गए थे। अमित जोगी को छोड़कर बाकी 28 लोगों को सजा मिली थी। हालांकि 31 मई 2007 को रायपुर की विशेष अदालत ने सबूतों के अभाव में अमित जोगी को बरी कर दिया था। रामअवतार जग्गी के बेटे सतीश जग्गी ने अमित जोगी को बरी करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी, जिस पर अमित के पक्ष में स्टे लगा था। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने केस को हाईकोर्ट भेज दिया। जानिए कौन थे रामावतार जग्गी कारोबारी बैकग्राउंड वाले रामावतार जग्गी देश के बड़े नेताओं में शुमार पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल के बेहद करीबी थे। जब शुक्ल कांग्रेस छोड़कर NCP में शामिल हुए तो जग्गी भी उनके साथ गए। विद्याचरण ने जग्गी को छत्तीसगढ़ में NCP का कोषाध्यक्ष बना दिया था। ये पाए गए थे दोषी जग्गी हत्याकांड में अभय गोयल, याहया ढेबर, वीके पांडे, फिरोज सिद्दीकी, राकेश चंद्र त्रिवेदी, अवनीश सिंह लल्लन, सूर्यकांत तिवारी, अमरीक सिंह गिल, चिमन सिंह, सुनील गुप्ता, राजू भदौरिया, अनिल पचौरी, रविंद्र सिंह, रवि सिंह, लल्ला भदौरिया, धर्मेंद्र, सत्येंद्र सिंह, शिवेंद्र सिंह परिहार, विनोद सिंह राठौर, संजय सिंह कुशवाहा, राकेश कुमार शर्मा, (मृत) विक्रम शर्मा, जबवंत, विश्वनाथ राजभर दोषी पाए गए थे।

Korba Breaking: अधूरे मकान की दीवार ढही, मलबे में दबे दंपति और बच्चा- तीनों घायल

कोरबा. शहर के कपाटमुडा रोड स्थित देर रात एक परिवार पर उस वक्त आफत आ गई, जब मौसम का रुख बदलने से पड़ोस की निर्माणधीन बिल्डिंग की दीवार उनके घर पर गिर गई. हादसे में सो रहे पति-पत्नी और बच्चा मलबे में दब गए. सभी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. वहीं घर में रखे दोपहिया और सामान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है. बीती रात शहर में मौसम का मिजाज बदला, भीषण गर्मी के बीच लोगों को राहत तो मिली, लेकिन एक परिवार पर आफत टूट पड़ी. कुसमुंडा थाना क्षेत्र अंतर्गत प्रेम नगर के कपाटमुडा रोड की पूरी घटना है. निर्माणधीन तीन मंजिला बिल्डिंग अचानक भरभराकर पड़ोस के अजय धनवार के घर पर जा गिरी. जानकारी के मुताबिक, संतोष वर्मा द्वारा बनवाए जा रहे मकान की दीवार गिरने से अजय धनवार, उनकी पत्नी और उनका छोटा बच्चा घर के अंदर सो रहे थे. हादसे के दौरान ईंटों के मलबे में दब गए, जिन्हें स्थानीय लोगों की मदद से बाहर निकल और अस्पताल के लिए भेजा. घर के अंदर रखा दोपहिया स्कूटर, बर्तन, बिस्तर और अन्य सामान भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है. मकान के भीतर अभी भी ईंटों का मलबा बिखरा पड़ा है.

रायपुर में ट्रैफिक सिग्नल पर शेड का निर्माण, अब धूप और बारिश में प्रतीक्षा करना होगा आरामदायक

रायपुर : ट्रेफिक सिंग्नल में प्रतीक्षा करने वालों को अब तेज धूप व बारिश में नहीं होगी परेशानी चौक.चौराहों में बनेंगे प्रतीक्षा शेड उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन व महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने सीएसईबी चौक में 32 लाख 30 हजार रूपए से बनने वाले 02 प्रतीक्षा शेड निर्माण कार्य का किया भूमिपूजन सुभाष ब्लाक सतनामी समाज व किन्नर समाज को मिलेंगे उनके अपने भवन विविध 02 स्थानों पर भवनों के निर्माण का किया गया भूमिपूजन     रायपुर  शहर के चौक-चौराहों में लगे ट्रेफिक सिंग्नल के लाल होने के कारण नागरिको वाहन चालकों के रूकने के समय तेज धूप व बारिश के पानी से अब परेशानी नही होगी क्योंकि निगम शहर के ट्रेफिक सिग्नल वाले प्रमुख चौक-चौराहों में प्रतीक्षा शेड का निर्माण करा रहा है। रविवार को प्रदेश के उद्योग, वाणिज्य, श्रम आबकारी व सार्वजनिक उपक्रम मंत्री लखनलाल देवांगन एवं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने सीएसईबी चौक में 32 लाख 30 हजार रूपये की लागत से बनने जा रहे 02 प्रतीक्षा शेड के निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया।       कोरबा शहर के विभिन्न चौक. चौराहों में आवागमन व्यवस्था सुचारू बनाये रखने के मद्देनजर ट्रेफिक सिग्नल स्थापित किये गये हैंए इन चौक-चौराहों से गुजरने वाले नागरिकों, वाहन चालकों को ट्रेफिक लाल होने के समय रूक कर प्रतीक्षा करनी होती है जिससे विशेष रूप से तेज धूप व बारिश के दौरान उन्हें परेशानी होती है। नागरिकों, वाहन चालकों को इस परेशानी से छुटकारा दिलाने हेतु नगर पालिक निगम केारबा द्वारा शहर के विभिन्न चौक-चौराहों में सड़क के ऊपर प्रतीक्षा शेड बनाये जाने की योजना बनाई गई है। प्रारंभ में सीएसईबी चौक में 02 नग प्रतीक्षा शेड बनाये जायेंगे जिनका भूमिपूजन रविवार को उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन एवं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत के करकमलों से सम्पन्न हुआ तथा प्रतीक्षा शेड का निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया।  उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन आमजन को गर्मी, बरसात में नही होगी परेशानी      इस अवसर पर उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने अपने उद्बोधन में कहा कि चौक-चौराहों पर सड़क के ऊपर प्रतीक्षा शेड बन जाने से गर्मी की तेज धूप व बारिश के पानी से अब आमनागरिकों वाहन चालकों को परेशानी नही होगी महापौर श्रीमती राजपूत का यह कार्य सराहनीय है जो उनकी संवेदनशीलता को दर्शाता है। कोरबा शहर के सड़कों के डामरीकरण की चर्चा करते हुये उद्योग मंत्री देवंागन ने कहा कि शहर की सभी सड़कों के डामरीकरण नवीनीकरण हेतु शासन द्वारा राशि स्वीकृत किये जाने के बाद निविदा आदि की कार्यवाही पूरी कर ली गई है 02 प्रमुख सड़कों के डामरीकरण का भूमिपूजन भी किया जा चुका है किन्तु ईरान इजरायल युद्ध के परिणाम स्वरूप डामर मिलने में अत्यंत कठिनाई हो रही है ठेकेदारों को डामर नहीं मिल पा रहा है इसके कारण डामरीकरण कार्य में देरी हो रही है, उन्होने कहा कि जैसे ही डामर की उपलब्धता बनेगी तेजी के साथ शहर की सड़कों का कायाकल्प कर दिया जायेगा। उन्होने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय व उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री अरूण साव के आशीर्वाद से कोरबा में विकास कार्याे हेतु धनराशि की कोई कमी नहीं हो रही तथा कोरबा का तेजी से विकास हो रहा है।   उद्योग मंत्री की प्रेरणा से बन रहे प्रतीक्षा शेड  महापौर श्रीमती राजपूत ने अपने उद्बोधन में कहा कि उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन की प्रेरणा से मेरे मन में विचार आया कि सिग्नल के दौरान चौक-चौराहों में रूकने के दौरान तेज धूप व बारिश से आमलोगों को होने वाली परेशानी से कैसे छुटकारा दिलाया जाय तब चौक-चौराहों में प्रतीक्षा शेड निर्माण की योजना बनी जिसके प्रथम चरण में सीएसईबी चौक में 32 लाख 30 हजार रूपये की लागत से 02 प्रतीक्षा शेड बनेंगे इसके बाद दूसरे प्रमुख चौक.चौराहों पर भी शेडों का निर्माण होगा उन्होने बताया कि सीएसईबी चौक में आमनागरिकों की सुविधा हेतु सर्वसुविधायुक्त शौचालय भी बनाया जा रहा है वहीं चौक में स्थित पुराने जर्जर प्रतीक्षालय के स्थान पर सर्वसुविधायुक्त आधुनिक व वातानुकूलित प्रतीक्षालय का निर्माण भी कराया जायेगा।  सतनामी समाज व किन्नर समाज को मिलेंगे उनके अपने भवन      उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन एवं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत द्वारा सुभाष ब्लाक जैतखंभ के पास सतनामी समाज के लिये 15 लाख रूपये की लागत से बनने जा रहे सामुदायिक भवन एवं हेलीपेड के पास किन्नर समाज के लिये 10 लाख रूपये से बनने जा रहे भवन निर्माण कार्य का भूमिपूजन भी किया गया। इस मौके पर उद्योग मंत्री देवांगन ने कहा कि कोरबा में 52 समाजों के लिये उनके अपने भवन निर्मित कराये गये हैं तथा आज लगभग सभी समाजों के लिये उनके अपने भवन उपलब्ध हैं।      भूमिपूजन कार्यक्रमों के दौरान सभापति नूतन सिंह ठाकुर पार्षद नरेन्द्र देवांगन, लक्ष्मण श्रीवास, मुकुंद सिंह कंवर, धनकुमारी गगर्, ममता यादव, सिमरनजीत कौर, नारायण लाल कुर्रे, प्रभा टीकम राठौर, रूबी देवी सागर, मण्डल अध्यक्ष राजेश राठौर एवं योगेश मिश्रा, सुशील गर्ग, शैलेन्द्र सिंह, पप्पी प्रफुल्ल, तिवारी नरेन्द्र, पाटनवार, गुलजार सिंह, आर पी खाण्डे, आर डी भारद्वाज, मालती देवी, दूजराम मिलन, विमला निराला, लक्ष्मीन खाण्डे, द्रौपदी मिरी धनबाई, विमला कुर्रे, अनिता बंजारे, सुफल महिलांगे, संतोष टण्डन, छतराम खुंटे, संतोष सुमन, सुरेन्द्र राजवाडे़, आशीष द्विवेदी, हेमंत देवांगन, विजय गुप्ता, मनोज सिंह, दिनेश कुमार, दीपक यादव, फुलगिरी गोस्वामी, गुलशन सोनी, गणेश भवसागर, गिरधारी रजक, लक्ष्मी महाराज आदि के साथ काफी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।

Ajay Chandrakar Attack: नारी शक्ति वंदन बिल को रोकने के पीछे कांग्रेस-TMC की साजिश!

रायपुर. बीजेपी विधायक और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम, परिसीमन और नक्सलवाद जैसे मुद्दों को लेकर कांग्रेस और टीएमसी पर गंभीर आरोप लगाए है। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को विपक्ष ने “षड्यंत्रपूर्वक” लोकसभा में प्रभावित किया, जिससे देशभर की मातृशक्ति में आक्रोश है और इस मुद्दे को जन-जन तक पहुंचाने के लिए बीजेपी अभियान चलाएगी। अजय चंद्राकर ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को विपक्ष ने “षड्यंत्रपूर्वक” लोकसभा में प्रभावित किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और टीएमसी ने मिलकर इस बिल को गिराने का काम किया, जिससे देशभर की मातृशक्ति में आक्रोश है। चंद्राकर ने कहा कि इस मुद्दे को अब ग्रासरूट स्तर तक पहुंचाने के लिए बीजेपी अभियान चलाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जनसंख्या संतुलन के लिए परिसीमन आवश्यक था, लेकिन इस पर भी राजनीति की जा रही है। बीजेपी चलाएगी व्यापक जनजागरण अभियान चंद्राकर ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के पारित न होने के मुद्दे को लेकर बीजेपी व्यापक जनजागरण अभियान चलाएगी ताकि यह संदेश जनता तक पहुंच सके। नक्सलवाद को लेकर कांग्रेस को घेरा नक्सलवाद के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि 31 मार्च 2026 देश के इतिहास में ऐतिहासिक दिन होगा, क्योंकि गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प के अनुरूप नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में बड़ी कार्रवाई हो रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ और देश में नक्सलवाद की जड़ें कांग्रेस शासनकाल की नीतियों और “शोषण आधारित विकास मॉडल” से जुड़ी हैं, जिसके कारण स्थानीय लोगों में असंतोष बढ़ा और कम्युनिस्ट संगठन बने।

वन भूमि पर कब्जे की कोशिश विफल: जगदलपुर में 14 ग्रामीणों को पुलिस ने दबोचा

जगदलपुर. बस्तर जिले के माचकोट वन परिक्षेत्र में वन भूमि पर अवैध कब्जे की कोशिश को वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नाकाम कर दिया है। दो अलग-अलग वन अपराध मामलों में कुल 14 ग्रामीणों को गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए सभी आरोपी सुकमा जिले के निवासी बताए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, लंबे समय से अंदरूनी जंगल क्षेत्रों में पेड़ों की कटाई कर जमीन पर कब्जा करने की तैयारी चल रही थी। वन विभाग को लगातार बाहरी लोगों के कुल्हाड़ी लेकर जंगल में घूमने की सूचना मिल रही थी। इसके बाद विभागीय टीम ने गुप्त निगरानी और रेकी शुरू की। जांच में सामने आया कि एक गिरोह सुनियोजित तरीके से जंगल की भूमि खाली कर कब्जा जमाने की योजना बना रहा था। वन अमले ने मौके पर दबिश देकर 14 लोगों को धर दबोचा। अधिकारियों के मुताबिक गिरोह का सरगना नागेश पहले भी इसी तरह के मामले में गिरफ्तार हो चुका है। रिहाई के बाद भी वह ग्रामीणों को बहला-फुसलाकर फिर अतिक्रमण के लिए ला रहा था। वन विभाग ने पिछले एक वर्ष में 28 से 30 बाहरी लोगों को पकड़कर चेतावनी दी थी। इस बार आरोपियों पर भारतीय वन अधिनियम 1927 और लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम 1984 के तहत मामला दर्ज किया गया है। सभी आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। वन विभाग ने साफ किया है कि जंगल की जमीन पर कब्जे की हर कोशिश पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।