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22 हजार के बदले कमाए 3 लाख रुपए

रायपुर   छत्तीसगढ़ में किसान अब पारंपरिक धान की खेती छोड़कर फूलों की खेती अपनाकर अपनी तकदीर बदल रहे हैं। उद्यानिकी विभाग और सरकारी योजनाओं की मदद से गेंदा, गुलाब जैसे फूलों की वैज्ञानिक खेती कर किसान कम लागत में लाखों रुपये का शुद्ध मुनाफा कमा रहे हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार आया है। राष्ट्रीय बागवानी मिशन और उद्यानिकी विभाग से मार्गदर्शन मिलने के कारण किसान वैज्ञानिक पद्धति से अधिक उत्पादन ले रहे हैं। एक किसान आनंदराम सिदार की सफलता देखकर अब अन्य ग्रामीण भी परंपरागत खेती से आगे बढ़कर उद्यानिकी फसलों की ओर कदम बढ़ा रहे हैं।                परंपरागत खेती के दौर में जहाँ किसान अक्सर कम मुनाफे से परेशान रहते हैं, वहीं रायगढ़ जिले के लैलूंगा विकासखण्ड के एक छोटे से गाँव कोड़केल के किसान  आनंदराम सिदार ने नवाचार से समृद्धि की नई इबारत लिखी है। राष्ट्रीय बागवानी मिशन की श्गेंदा क्षेत्र विस्तार योजनाश् का लाभ उठाकर आनंदराम ने अपनी आय में कई गुना वृद्धि की है। धान बनाम गेंदा- मुनाफे का बड़ा अंतर            आनंदराम सिदार पहले पारंपरिक धान की खेती पर निर्भर थे। वे 10 क्विंटल धान का उत्पादन कर मुश्किल से 31 हजार रुपए की कुल आय प्राप्त कर पाते थे, जिसमें से लागत काटकर उनके हाथ मात्र 22 हजार रुपए का लाभ आता था। लेकिन उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में उन्होंने 0.400 हेक्टेयर क्षेत्र में गेंदा फूल की खेती शुरू की, जिससे उनकी आय का ग्राफ अचानक बदल गया। तकनीकी सहयोग और बंपर उत्पादन           वर्ष 2025-26 के दौरान उद्यानिकी विभाग ने उन्हें उन्नत बीज, संतुलित उर्वरक प्रबंधन और आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण दिया। आनंदराम की मेहनत और विभागीय सहयोग का नतीजा यह रहा कि उन्होंने कुल उत्पादन लगभग 44 क्विंटल गेंदा फूल बेचकर   3 लाख रुपए से अधिक की कुल आमदनी हासिल की। धान की तुलना में बेहतर रिटर्न और कम समय में अधिक आय प्राप्त किया। क्षेत्र के किसानों के लिए बने रोल मॉडल           सिदार की इस सफलता ने पूरे रायगढ़ जिले में गेंदा जैसी नगदी फसलों के प्रति अन्य किसानों का रुझान बढ़ा दिया है। अब क्षेत्र के कई किसान धान के स्थान पर फूलों की खेती को एक लाभकारी विकल्प के रूप में अपना रहे हैं। आनंदराम सिदार का कहना है कि शुरुआत में जोखिम लग रहा था, लेकिन उद्यानिकी विभाग के तकनीकी सहयोग और सही समय पर की गई देखरेख ने मेरी तकदीर बदल दी। आज मैं आत्मनिर्भर हूँ और अपने परिवार को बेहतर जीवन दे पा रहा हूँ। विभाग की सक्रिय पहल        रायगढ़ जिले में राष्ट्रीय बागवानी मिशन की गेंदा क्षेत्र विस्तार योजना से जुड़ने के बाद आनंदराम सिदार का जीवन की दिशा ही बदल गई। उद्यानिकी विभाग की सक्रियता से फूलों की खेती अब एक टिकाऊ और मुनाफे वाले व्यवसाय के रूप में उभर रही है। विभाग द्वारा लगातार किसानों को प्रशिक्षण और प्रोत्साहन दिया जा रहा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल रही है।

51 हजार से अधिक कर्मचारी घर-घर पहुँचकर जुटा रहे जानकारी

रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य में भारत की जनगणना 2027श् के प्रथम चरण मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का फील्ड कार्य आधिकारिक रूप से प्रारंभ हो गया है। 01 मई से शुरू हुआ यह महाभियान 30 मई 2026 तक चलेगा। इस कार्य के लिए राज्य भर में 51 हजार 300 प्रगणक और 9 हजार पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई है, जो घर-घर जाकर डेटा एकत्रित कर रहे हैं। पहली बार डिजिटल मोड में जनगणना            इस बार की जनगणना ऐतिहासिक है क्योंकि यह पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जा रही है। प्रगणक मोबाइल ऐप के जरिए मकानों की स्थिति, परिवारों को उपलब्ध सुविधाओं और परिसंपत्तियों से संबंधित कुल 33 प्रश्नों की जानकारी दर्ज करेंगे। प्रशासन सख्त- अनुपस्थित कर्मचारियों पर कार्रवाई          प्रशासन ने जनगणना कार्य को लेकर सख्त रुख अपनाया है। रायपुर नगर निगम में ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले 44 कर्मचारियों को जनगणना अधिनियम 1948 और छत्तीसगढ़ सिविल आचरण नियमों के तहत नोटिस जारी किया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जनगणना कार्य में बाधा डालना या इससे इनकार करना एक दंडनीय अपराध है। उपलब्धियां और उत्साह का वातावरण          दुर्गम क्षेत्रों में मिसाल- बस्तर जिले के तोकापाल तहसील अंतर्गत ग्राम गाटम के प्रगणक ने विषम परिस्थितियों के बावजूद पहले ही दिन कार्य पूर्ण कर राज्य स्तर पर उत्साह का संचार किया। अभियान के पहले दिन ही जिला कलेक्टरों और नगर निगम आयुक्तों ने फील्ड में जाकर कार्यों का निरीक्षण किया और कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन किया। स्व-गणना राज्य में डिजिटल साक्षरता का प्रभाव दिखा, जहाँ 16 से 30 अप्रैल के बीच 1 लाख 49 हजार 862 परिवारों ने वेब पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपनी गणना की। डेटा सुरक्षा और गोपनीयता की गारंटी          जनगणना निदेशालय ने आम नागरिकों को आश्वस्त किया है कि उनके द्वारा दी गई सभी व्यक्तिगत जानकारी जनगणना अधिनियम 1948 के तहत पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी। यह जानकारी किसी भी टैक्स, पुलिस जांच या कोर्ट केस में साक्ष्य के रूप में उपयोग नहीं की जा सकती। यहाँ तक कि सूचना का अधिकार के माध्यम से भी व्यक्तिगत डेटा प्राप्त नहीं किया जा सकता। इन आंकड़ों का उपयोग केवल राष्ट्र निर्माण और जन कल्याणकारी योजनाओं के निर्माण हेतु किया जाएगा। नागरिकों से अपील प्रशासन ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि जब भी प्रगणक उनके घर आएं, उन्हें सही और सटीक जानकारी प्रदान करें। आपका यह सहयोग केवल जानकारी मात्र नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में आपका अमूल्य योगदान है।

मनरेगा के तहत छत्तीसगढ़ को बड़ी सौगात : भारत सरकार से 1333 करोड़ रुपए स्वीकृत, 212 करोड़ की मजदूरी राशि का भुगतान

रायपुर  महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) अंतर्गत ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य की मांग एवं लंबित देनदारियों को ध्यान में रखते हुए कुल 1333 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। इससे राज्य के लाखों ग्रामीण श्रमिक परिवारों को बड़ी राहत मिलने जा रही है। स्वीकृत राशि में से 800 करोड़ रुपए से अधिक की राशि मजदूरी भुगतान हेतु जारी की गई है। यह राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से पारदर्शिता के साथ श्रमिकों के बैंक खातों में अंतरित की जा रही है। वर्तमान में राज्य के श्रमिकों के खातों में 212 करोड़ रुपए की मजदूरी राशि का भुगतान किया जा चुका है। शेष राशि भी शीघ्र ही चरणबद्ध तरीके से श्रमिकों के खातों में अंतरित की जाएगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ श्रमिकों की आजीविका को स्थायित्व प्राप्त होगा। राज्य में संचालित “मोर गांव मोर पानी महा अभियान” के अंतर्गत जल संरक्षण एवं आजीविका संवर्धन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। मनरेगा के माध्यम से आजीविका डबरी, नवा तरिया तथा अन्य जल संरक्षण कार्यों को व्यापक स्तर पर स्वीकृत किया जा रहा है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता बढ़े, भू-जल स्तर में सुधार हो तथा किसानों की आय और रोजगार के अवसरों में वृद्धि हो सके। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ग्रामीण विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मनरेगा के माध्यम से रोजगार सृजन, ग्रामीण अधोसंरचना विकास तथा गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।           भारत सरकार से प्राप्त यह वित्तीय स्वीकृति छत्तीसगढ़ के ग्रामीण विकास को नई गति देने के साथ-साथ श्रमिकों के जीवन स्तर में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।

निर्माण गुणवत्ता में जरा भी लापरवाही नहीं चलेगी – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने बेमेतरा जिले के नगर पंचायत दाढ़ी क्षेत्र में हाल ही में निर्मित सीसी रोड के अल्प समय में ही क्षतिग्रस्त होने संबंधी प्रकाशित समाचार को गंभीरता से लेते हुए तत्काल संज्ञान लिया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि विकास कार्यों की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की ढिलाई या लापरवाही पूर्णतः अस्वीकार्य है। मुख्यमंत्री  साय ने बेमेतरा की कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं से दूरभाष पर चर्चा कर पूरे प्रकरण की विस्तृत एवं समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित सीसी रोड का तकनीकी परीक्षण कर वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाए तथा निर्माण में प्रयुक्त सामग्री, कार्य की गुणवत्ता और पर्यवेक्षण व्यवस्था की समग्र जांच की जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि यदि जांच में गुणवत्ता में कमी, मानकों का उल्लंघन अथवा किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित ठेकेदार एवं जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही क्षतिग्रस्त सड़क का त्वरित रूप से पुनर्निर्माण कर आमजन को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री  साय ने यह भी निर्देश दिए कि जिले में संचालित अन्य निर्माण कार्यों की भी विशेष समीक्षा की जाए, ताकि कहीं और इस प्रकार की स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना प्रशासन की मूल जिम्मेदारी है, और इसमें किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री  साय ने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े कार्यों में लापरवाही करने वालों के विरुद्ध जवाबदेही तय होगी और कार्रवाई अनिवार्य होगी। उन्होंने  निर्देश दिए कि सतत मॉनिटरिंग, फील्ड निरीक्षण और प्रभावी गुणवत्ता नियंत्रण तंत्र के माध्यम से विकास कार्यों की विश्वसनीयता एवं टिकाऊपन सुनिश्चित किया जाए, ताकि जनता का विश्वास और अधिक सुदृढ़ हो सके। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारी सरकार की मंशा स्पष्ट है – जनहित के प्रत्येक कार्य में गुणवत्ता, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व सुनिश्चित किया जाए। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने प्रदेशभर में निर्माण कार्यों की निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण सुदृढ़ करने के निर्देश दिए हैं ताकि आम नागरिकों को सुरक्षित, टिकाऊ और भरोसेमंद अधोसंरचना का लाभ मिल सके।

जीएसटी विभाग का बड़ा एक्शन: माइंस ठेकेदार के ठिकानों पर छापा, महत्वपूर्ण दस्तावेज कब्जे में

भानुप्रतापपुर. छत्तीसगढ़ के भानुप्रतापपुर में मांइस ठेकेदार अरविंद साहू के घर और दफ्तर पर जीएसटी टीम ने शुक्रवार देर रात दबीश दी. दिल्ली और रायपुर से अधिकारियों की संयुक्त टीम दो गाड़ियों में पहुंची. ठेकेदार के ठिकानों पर एक साथ की गई छापेमारी में वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों और इलेक्ट्रोनिक डिवाइसेस की जांच की गई. यह कार्रवाई लगभग रात 11 बजे से 1 बजे तक यानी 2 घंटे चली. जानकारी के मुताबिक, माइंस ठेकेदार अरविंद साहू के बाजारपार स्थित निवास और दल्लीरोड स्थित कार्यालय में एक साथ GST की संयुक्त टीम ने छापेमारी की. बताया जा रहा है कि ठेकेदार अरविन्द साहू नीको जायसवाल ग्रुप की खदानों में ठेका लेता है. जांच के बाद कार्यालय से प्रिंटर सहित कुछ महत्वपूर्ण सामान अपने साथ ले जाने की खबर है. पूरी कार्रवाई इतनी गोपनिय थी कि स्थानीय पुलिस को भी इसकी जानकारी नहीं थी.  रायपुर कार्यालय में पहले भी पड़ा था छापा हालांकि टीम द्वारा कौन-कौन से दस्तावेज या उपकरण जब्त किए गए, इसकी आधिकारिक जानकारी अब तक सार्वजनिक नहीं की गई है. गौरतलब है कि कुछ महीने पहले भी अरविंद साहू के रायपुर स्थित कार्यालय में जीएसटी विभाग द्वारा दबिश दी गई थी. कार्रवाई के संबंध में जब ठेकेदार अरविंद साहू को संपर्क किया गया तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया.

निर्माण गुणवत्ता में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

निर्माण गुणवत्ता में जरा भी लापरवाही नहीं चलेगी – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय दाढ़ी (बेमेतरा) सीसी रोड प्रकरण पर सख्त रुख: कलेक्टर को मामले की जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बेमेतरा जिले के नगर पंचायत दाढ़ी क्षेत्र में हाल ही में निर्मित सीसी रोड के अल्प समय में ही क्षतिग्रस्त होने संबंधी प्रकाशित समाचार को गंभीरता से लेते हुए तत्काल संज्ञान लिया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि विकास कार्यों की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की ढिलाई या लापरवाही पूर्णतः अस्वीकार्य है। मुख्यमंत्री साय ने बेमेतरा की कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं से दूरभाष पर चर्चा कर पूरे प्रकरण की विस्तृत एवं समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित सीसी रोड का तकनीकी परीक्षण कर वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाए तथा निर्माण में प्रयुक्त सामग्री, कार्य की गुणवत्ता और पर्यवेक्षण व्यवस्था की समग्र जांच की जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि यदि जांच में गुणवत्ता में कमी, मानकों का उल्लंघन अथवा किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित ठेकेदार एवं जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही क्षतिग्रस्त सड़क का त्वरित रूप से पुनर्निर्माण कर आमजन को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री साय ने यह भी निर्देश दिए कि जिले में संचालित अन्य निर्माण कार्यों की भी विशेष समीक्षा की जाए, ताकि कहीं और इस प्रकार की स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना प्रशासन की मूल जिम्मेदारी है, और इसमें किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े कार्यों में लापरवाही करने वालों के विरुद्ध जवाबदेही तय होगी और कार्रवाई अनिवार्य होगी। उन्होंने  निर्देश दिए कि सतत मॉनिटरिंग, फील्ड निरीक्षण और प्रभावी गुणवत्ता नियंत्रण तंत्र के माध्यम से विकास कार्यों की विश्वसनीयता एवं टिकाऊपन सुनिश्चित किया जाए, ताकि जनता का विश्वास और अधिक सुदृढ़ हो सके। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार की मंशा स्पष्ट है – जनहित के प्रत्येक कार्य में गुणवत्ता, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व सुनिश्चित किया जाए। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशभर में निर्माण कार्यों की निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण सुदृढ़ करने के निर्देश दिए हैं ताकि आम नागरिकों को सुरक्षित, टिकाऊ और भरोसेमंद अधोसंरचना का लाभ मिल सके।

कांकेर में नक्सली हमला: IED विस्फोट में DRG इंस्पेक्टर सहित 3 जवान शहीद, बस्तर IG ने दी जानकारी

कांकेर. छत्तीसगढ़ के कांकेर-नारायणपुर सीमा के आईईडी ब्लास्ट में तीन जवान शहीद हो गए हैं. डीआरजी इंस्पेक्टर सुखराम वट्टी समेत तीन जवान वीरगति को प्राप्त हो गए, जबकि एक घायल जवान का इलाज जारी है. बस्तर आईजी पी. सुन्दराज ने की इसकी पुष्टि की है. छोटेबेठिया थाना इलाके में कांकेर डीआरजी की टीम शनिवार को सर्चिंग के लिए रवाना हुई थी. इस दौरान जवानों को नक्सलियों द्वारा प्लांटेड आईईडी बरामद हुआ, जिसे बाहर निकालने के बाद निष्क्रिय किया जा रहा था. इस दौरान दुखद घटना हुई, आकस्मिक रूप से विस्फोट होने के कारण डीआरजी के 4 जवान घायल हो गए. इसमें 3 जवान इंस्पेक्टर सुखराम वट्टी, कॉन्स्टेबल कृष्णा कोमरा, कॉन्स्टेबल संजय गढपाले घटनास्थल पे शहीद हो गए. वहीं 1 घायल जवान कॉन्स्टेबल परमानंद कोमरा को बेहतर उपचार के लिए व्यवस्था की जा रही है. बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टिलिंगम के अनुसार पिछले कुछ महीनों में आत्मसमर्पित माओवादी कैडरों द्वारा दी गई जानकारी और अन्य इनपुट के आधार पर, माओवादियों द्वारा पूर्व में छिपाकर रखे गए सैकड़ों आईईडी बस्तर रेंज में पुलिस एवं सुरक्षा बलों ने बरामद कर निष्क्रिय किए थे. लेकिन आज की दुर्भाग्यपूर्ण घटना में, जब कांकेर जिला पुलिस दल आईईडी को निष्क्रिय कर रहा था, तभी वह आकस्मिक रूप से विस्फोटित हो गया, जिसके कारण तीन पुलिस बल के सदस्यों की मृत्यु हो गई, जबकि एक पुलिस बल का सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गया.

रायपुर में समर कैंप शुरू: कला केंद्र में बच्चों को मिलेगा संगीत और कला सीखने का मौका

रायपुर. रायपुर के कला केंद्र में 15 दिवसीय समर कैंप के पहले बैच का शुभारंभ किया गया। कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित इस कैंप में पहले ही दिन 135 से अधिक बच्चों ने उत्साह के साथ भाग लिया। कैंप के पहले दिन बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। प्रतिभागियों ने विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों में हिस्सा लेते हुए नई-नई कला विधाओं को सीखना शुरू किया। समर कैंप में गायन, वादन, गिटार, कीबोर्ड, डांस, क्ले आर्ट, पेंटिंग, माटी कला और ताइक्वांडो का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह समर कैंप तीन चरणों में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें 1 मई से 15 मई, 16 मई से 30 मई और 1 जून से 15 जून तक। कैंप का समय सुबह 7:30 बजे से 9:30 बजे तक रखा गया है, जिसमें शुरुआती 30 मिनट योग और जुंबा के लिए निर्धारित है, जबकि शेष समय में बच्चों को उनकी रुचि अनुसार प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

डिप्टी सीएम अरुण साव का अलग अंदाज, स्कूटी पर सवार होकर किया विकास कार्यों का निरीक्षण

लोरमी. अक्सर राजनीति में ऊंचे पदों पर बैठे चेहरों के इर्द-गिर्द सुरक्षा का अभेद्य घेरा और सायरन बजाती गाड़ियाँ दिखाई देती हैं। लेकिन छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने इस ‘वीआईपी दीवार’ को ढहाकर एक नई मिसाल पेश की है। आज उप मुख्यमंत्री का एक ऐसा अंदाज दिखा, जिसने यह साबित कर दिया कि वे पद से नहीं, बल्कि दिल से जमीन से जुड़े नेता हैं। उपमुख्यमंत्री अरुण साव आज औचक निरीक्षण पर निकले थे, लेकिन उनका तरीका किसी को भी चौंकाने वाला था। अपनी चमचमाती सरकारी गाड़ी और प्रोटोकॉल को छोड़, डिप्टी सीएम ने एक आम नागरिक की तरह स्कूटी उठाई और खुद हैंडल संभालकर गलियों में निकल पड़े। रास्ते में जो भी मिला अरुण साव ने उनसे सीधा संवाद किया। स्कूटी रोककर बुजुर्गों का हाल जाना और युवाओं से विकास कार्यों पर फीडबैक लिया। जनता के बीच यह चर्चा का विषय है कि एक उपमुख्यमंत्री का इतना सहज और सरल होना लोकतंत्र की खूबसूरती को दर्शाता है। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों को समय से गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश भी दिए।

Sushasan Tihar के दूसरे दिन तेज कार्रवाई, सैकड़ों शिकायतों का ऑन-द-स्पॉट समाधान

रायपुर. सुशासन तिहार 2026 का आगाज हो चुका है और आज इसका दूसरा दिन है। शिविरों में आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। कूंरा नगर पंचायत में कुल 196 आवेदनों में से 136 का मौके पर ही समाधान कर दिया गया। वहीं, अभनपुर के कठिया में प्राप्त 779 आवेदनों में से 588 आवेदनों का त्वरित निराकरण किया गया, जिससे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली। शिविरों में क्षेत्र के विधायक भी मौजूद रहे। इस दौरान लोगों को विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ भी दिया गया, जिसमें आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, बीज वितरण और जॉब कार्ड जैसी सुविधाएं शामिल हैं। प्रशासन का कहना है कि शेष बचे आवेदनों का भी जल्द ही निराकरण कर लिया जाएगा। सुशासन तिहार के तहत जिले में आगे भी ऐसे शिविर आयोजित कर आम जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से किया जाएगा।