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छत्तीसगढ़ का कृषि मॉडल बना मिसाल, सीख लेने महाराष्ट्र से पहुंचा विधायकों का प्रतिनिधिमंडल

किसान हितैषी नीतियों ने दिलाई छत्तीसगढ़ को नई पहचान: छत्तीसगढ़ के कृषि विकास मॉडल का अध्ययन करने पहुंचा महाराष्ट्र का विधायक दल मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से महाराष्ट्र के विधायक प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य मुलाकात छत्तीसगढ़ की धान खरीदी व्यवस्था, किसान हितैषी योजनाओं और कृषि विकास मॉडल का किया अध्ययन छत्तीसगढ़ की धान खरीदी व्यवस्था की प्रतिनिधिमंडल ने की सराहना रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में महाराष्ट्र के विधायक प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की।प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से छत्तीसगढ़ में धान खरीदी व्यवस्था, किसानों के हित में संचालित योजनाओं, कृषि क्षेत्र में किए जा रहे सुधारों तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों के संबंध में विस्तार से जानकारी ली। मुख्यमंत्री साय ने प्रतिनिधिमंडल का आत्मीय स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान राज्य है और यहां की बड़ी आबादी खेती-किसानी पर निर्भर है। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को लाभकारी बनाने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को बस्तर की समृद्ध आदिवासी कला एवं संस्कृति के प्रतीक बस्तर आर्ट का स्मृति-चिन्ह भेंट कर उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और राज्य सरकार किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए समन्वित रूप से कार्य कर रही हैं। छत्तीसगढ़ में किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के साथ-साथ कृषि निवेश में सहायता, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, आधुनिक तकनीकों का उपयोग और फसल विविधीकरण को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है। राज्य सरकार द्वारा खरीफ विपणन वर्ष में लगभग 141 लाख मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया गया है, जो देश में धान खरीदी के सबसे बड़े अभियानों में से एक है। उन्होंने कहा कि किसानों की सुविधा के लिए प्रदेशभर में लगभग 2700 धान उपार्जन केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित तरीके से धान की खरीदी की जाती है। धान के सुरक्षित भंडारण के लिए संग्रहण केंद्रों और गोदामों का व्यापक नेटवर्क विकसित किया गया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके लिए पंजीयन से लेकर धान तौल, परिवहन और भुगतान तक की प्रक्रिया को तकनीक आधारित और सरल बनाया गया है। किसानों को समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने के साथ ही विभिन्न योजनाओं के माध्यम से उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जा रहा है। प्रतिनिधिमंडल को मुख्यमंत्री ने कृषक उन्नति योजना सहित राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित में संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार खेती को अधिक लाभकारी बनाने तथा किसानों की आय में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। कृषि के साथ-साथ पशुपालन, मत्स्य पालन और अन्य आयवर्धक गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे ग्रामीण परिवारों की आमदनी में वृद्धि हो रही है। चर्चा के दौरान महाराष्ट्र के विधायक प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने बताया कि छत्तीसगढ़ से लगे महाराष्ट्र के चार जिलों में बड़ी संख्या में किसान धान की खेती करते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धान खरीदी व्यवस्था, किसानों को मिलने वाला समर्थन और प्रशासनिक प्रबंधन अत्यंत प्रभावी एवं अनुकरणीय है। राज्य में किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य उपलब्ध कराने तथा खरीदी प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए किए गए प्रयास सराहनीय हैं। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कहा कि छत्तीसगढ़ का धान खरीदी मॉडल किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण का सफल उदाहरण है। उन्होंने इस मॉडल के विभिन्न पहलुओं का अध्ययन कर महाराष्ट्र के धान उत्पादक क्षेत्रों में भी ऐसे प्रयासों को आगे बढ़ाने की बात कही।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्यों के बीच अनुभवों और सफल मॉडलों का आदान-प्रदान देश के कृषि क्षेत्र को और अधिक मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के अध्ययन भ्रमण से राज्यों को एक-दूसरे के सफल अनुभवों से सीखने और उन्हें स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप अपनाने का अवसर मिलता है। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, महाराष्ट्र के विधायक डॉ. परिणय फुके, विनोद अग्रवाल, राजू कारेमोरे एवं संजय पुराम, छत्तीसगढ़ मार्कफेड के अध्यक्ष शशिकांत द्विवेदी, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

राज्यपाल डेका से सुप्रीम कोर्ट में छत्तीसगढ़ की स्टैंडिंग काउंसिल सुजैन ने की सौजन्य भेंट

राज्यपाल डेका से सुप्रीम कोर्ट में छत्तीसगढ़ की स्टैंडिंग काउंसिल सुजैन ने की सौजन्य भेंट रायपुर  राज्यपाल रमेन डेका से आज लोकभवन में सुप्रीम कोर्ट नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ शासन की स्टैंडिंग काउंसिल के रूप में कार्यरत युवा अधिवक्ता सुसुगंधा जैन ने सौजन्य भेंट की।             सुसुगंधा जैन एनसीईआरटी अंतर्गत राष्ट्रीय शैक्षिक योजना और प्रशासन संस्थान में बाहरी पॉश प्रशिक्षक के रूप में भी कार्यरत है तथा वे वर्ष 2025 में ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता में भारत की ओर से जज की भूमिका निभाने वाली पहली भारतीय बनी थी। राज्यपाल ने उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी। भेंट के दौरान उनकी माता श्रीमती इंदिरा जैन भी उपस्थित थी।

छत्तीसगढ़ योग आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने मुख्यमंत्री से की शिष्टाचार भेंट

मुख्यमंत्री से छत्तीसगढ़ योग आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने की सौजन्य मुलाकात मुख्यमंत्री ने दी बधाई, योग के प्रचार-प्रसार एवं जनजागरूकता के कार्यों के लिए शुभकामनाएं रायपुर   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में छत्तीसगढ़ योग आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने संजय अग्रवाल को छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष पद पर नियुक्ति के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।  मुख्यमंत्री ने कहा कि योग भारत की प्राचीन एवं गौरवशाली परंपरा का अभिन्न अंग है, जो शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक संतुलन स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने प्रदेश में योग को जन-जन तक पहुंचाने तथा युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को योग से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया। मुलाकात के दौरान योग के संवर्धन तथा प्रदेश में योग संबंधी गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने से संबंधित विभिन्न विषयों पर भी चर्चा हुई। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ योग आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष अग्रवाल के नेतृत्व में प्रदेश में योग के प्रचार-प्रसार, जनजागरूकता तथा स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के प्रयासों को नई गति मिलेगी।

जनकल्याणकारी योजनाओं के संतृप्तिकरण का प्रदेशव्यापी अभियान : ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शी पहल : 'सुघ्घर छत्तीसगढ़' अभियान से सुशासन का लाभ पहुंचेगा हर परिवार तक 'नियद नेल्लानार' मॉडल का राज्यव्यापी विस्तार: 23 जिलों में 31 जनकल्याणकारी योजनाओं का होगा संतृप्तिकरण तकनीक आधारित निगरानी, विभागीय अभिसरण और जन-केंद्रित सेवा प्रदाय से मजबूत होगा विकसित छत्तीसगढ़ का आधार जन-जन तक सुशासन, घर-घर तक विकास : 'सुघ्घर छत्तीसगढ़' अभियान होगा प्रारंभ जनकल्याणकारी योजनाओं के संतृप्तिकरण का प्रदेशव्यापी अभियान : 'सुघ्घर छत्तीसगढ़' रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार सुशासन को जन-जन तक पहुंचाने और प्रत्येक पात्र परिवार को शासन की योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। इसी उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा 'सुघ्घर छत्तीसगढ़' अभियान प्रारंभ किया जा रहा है। यह अभियान प्रदेश के 23 जिलों में 31 प्रमुख हितग्राहीमूलक योजनाओं के संतृप्तिकरण का व्यापक कार्यक्रम होगा, जिसके माध्यम से योजनाओं की पहुंच, प्रभावशीलता और पारदर्शिता को नई मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का आधार केवल अधोसंरचना का विकास नहीं, बल्कि प्रत्येक परिवार तक शासन की योजनाओं की प्रभावी और समयबद्ध पहुंच सुनिश्चित करना है। सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं संचालित करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि उनके सकारात्मक परिणाम प्रत्येक परिवार के जीवन में दिखाई दें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता ऐसी शासन व्यवस्था स्थापित करना है, जिसमें नागरिकों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए अनावश्यक भटकना न पड़े, बल्कि शासन स्वयं पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे और उन्हें योजनाओं से जोड़े। 'सुघ्घर छत्तीसगढ़' इसी सोच का विस्तार है। 'नियद नेल्लानार' की सफलता से प्रेरित नई पहल वर्ष 2024 से बस्तर संभाग  में संचालित 'नियद नेल्लानार' योजना ने शासन और जनता के बीच विश्वास का नया सेतु निर्मित किया है।अभिसरण आधारित सेवा प्रदाय के माध्यम से इस योजना ने दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों में शासन की उपस्थिति को मजबूत किया तथा पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित की। योजना की सफलता को देखते हुए इसे 'नियद नेल्लानार 2.0' के रूप में 10 जिलों तक विस्तारित किया गया। अब इसी सफल मॉडल को प्रदेश के शेष 23 जिलों में लागू करते हुए 'सुघ्घर छत्तीसगढ़' अभियान प्रारंभ किया जा रहा है। यह अभियान रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और सरगुजा संभाग के 23 जिलों में संचालित होगा और ग्रामीण परिवारों को शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने का कार्य करेगा। 'सुघ्घर छत्तीसगढ़' अभियान अंतर्गत  रायपुर संभाग के रायपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा, धमतरी एवं महासमुंद जिले; बिलासपुर संभाग के बिलासपुर, कोरबा, जांजगीर-चांपा, मुंगेली, रायगढ़, सक्ती, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही तथा सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले; दुर्ग संभाग के दुर्ग, बालोद, बेमेतरा, कबीरधाम (कवर्धा) एवं राजनांदगांव जिले तथा सरगुजा संभाग के सरगुजा, कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर-रामानुजगंज, जशपुर एवं मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले शामिल हैं। सुशासन से संतृप्ति की ओर 'सुघ्घर छत्तीसगढ़' अभियान का मूल उद्देश्य विभिन्न विभागों की योजनाओं को एक साझा मंच पर लाकर पात्र हितग्राहियों तक उनका शत-प्रतिशत लाभ सुनिश्चित करना है।  'सुघ्घर छत्तीसगढ़' अभियान विभिन्न विभागों के बीच अभिसरण स्थापित करते हुए एक ऐसी व्यवस्था विकसित करेगा, जिसमें योजनाओं की जानकारी, पात्रता, प्रगति और संतृप्तिकरण की स्थिति एकीकृत रूप से उपलब्ध होगी। 31 जनकल्याणकारी योजनाओं का होगा संतृप्तिकरण अभियान के अंतर्गत सामाजिक सुरक्षा, आवास, रोजगार, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, कृषि, कौशल विकास तथा बुनियादी नागरिक सेवाओं से जुड़ी 31 प्रमुख योजनाओं को शामिल किया गया है। इनमें मनरेगा जॉब कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, जल जीवन मिशन, राशन कार्ड एवं प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना, आयुष्मान भारत योजना, वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, जननी सुरक्षा योजना, मिशन इंद्रधनुष, महतारी वंदन योजना, जन-धन योजना, कौशल विकास योजनाएं, श्रम कार्ड, वनाधिकार पट्टा, आधार कार्ड तथा विभिन्न प्रमाण-पत्र सेवाएं शामिल हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य  परिवारों को सामाजिक सुरक्षा, आर्थिक सशक्तिकरण और जीवन स्तर में सुधार के अवसर उपलब्ध कराना है। CHiPS विकसित करेगा अत्याधुनिक डिजिटल डैशबोर्ड अभियान की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था होगी। छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसायटी (CHiPS) द्वारा एक एकीकृत 'सुघ्घर छत्तीसगढ़ डैशबोर्ड' विकसित किया जाएगा। यह डैशबोर्ड राज्य, संभाग, जिला, विकासखंड, ग्राम पंचायत और ग्राम स्तर तक योजनाओं की प्रगति को रियल-टाइम में प्रस्तुत करेगा। डैशबोर्ड पर प्रत्येक योजना की संतृप्तिकरण स्थिति, शेष हितग्राहियों की संख्या तथा प्रगति का प्रतिशत उपलब्ध रहेगा। इससे निर्णय प्रक्रिया अधिक तेज, पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनेगी। तीन चरणों में होगा अभियान का संचालन अभियान का क्रियान्वयन सुव्यवस्थित रूप से तीन चरणों में किया जाएगा।पहले चरण में ग्रामवार आधारभूत सर्वेक्षण एवं डेटा मानचित्रण किया जाएगा। PDS डेटाबेस और विभागीय आंकड़ों के आधार पर संभावित परिवारों की पहचान कर योजनावार बेसलाइन तैयार की जाएगी। दूसरे चरण में ग्राम, क्लस्टर एवं विकासखंड स्तर पर विशेष संतृप्तिकरण शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से जोड़ा जाएगा तथा आवश्यक दस्तावेजों एवं सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। तीसरे चरण में सतत निगरानी, समीक्षा और मूल्यांकन की प्रक्रिया के माध्यम से योजनाओं की प्रगति का आकलन किया जाएगा तथा आवश्यकतानुसार सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। जिला प्रशासन निभाएगा महत्वपूर्ण भूमिका अभियान के सफल संचालन में जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। जिला कलेक्टर जिला स्तरीय क्रियान्वयन के प्रमुख अधिकारी होंगे और आधारभूत सर्वेक्षण, शिविरों के आयोजन तथा संतृप्तिकरण की संपूर्ण प्रक्रिया की निगरानी करेंगे। संभागायुक्त संभाग स्तर पर त्रैमासिक समीक्षा करेंगे, जबकि मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समिति अभियान की प्रगति का नियमित मूल्यांकन करेगी। 'सुघ्घर छत्तीसगढ़' एक अभिसरण आधारित कार्यक्रम है। इसके लिए पृथक बजट शीर्ष निर्मित करने की आवश्यकता नहीं होगी। संबंधित विभाग अपनी स्वीकृत योजनागत निधियों का उपयोग करेंगे। इसके अतिरिक्त CSR, जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) तथा अन्य संस्थागत स्रोतों के माध्यम से भी आवश्यक संसाधनों का अभिसरण किया जाएगा। विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में नया अध्याय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि 'सुघ्घर छत्तीसगढ़'  नागरिक-केंद्रित सुशासन की एक व्यापक पहल है। इसका उद्देश्य प्रत्येक परिवार तक विकास, सम्मान, सुरक्षा और समृद्धि के अवसरों की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि जब शासन की प्रत्येक योजना अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगी, जब प्रत्येक पात्र परिवार योजनाओं के लाभ से जुड़कर अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन अनुभव करेगा, तभी सच्चे अर्थों में 'सुघ्घर छत्तीसगढ़' और 'विकसित छत्तीसगढ़' का … Read more

कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं लाने वाले ठेकेदारों को नोटिस जारी करने तथा ब्लैक-लिस्ट करने के दिए निर्देश

रायपुर लोक निर्माण विभाग के सचिव  मुकेश कुमार बंसल ने आज अपने बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के प्रवास के दौरान लोक निर्माण विभाग के राष्ट्रीय राजमार्ग, सेतु निर्माण, सड़क एवं भवन निर्माण तथा विद्युत एवं यांत्रिकी के अधिकारियों की बैठक लेकर सड़कों, भवनों व पुल-पुलियों के निर्माण की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बलरामपुर स्थित सर्किट हाउस में आयोजित बैठक में कलेक्टर मती चंदन संजय त्रिपाठी, वनमण्डलाधिकारी  आलोक बाजपेई और लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता  वी.के. भतपहरी सहित वरिष्ठ विभागीय अधिकारी भी मौजूद थे। लोक निर्माण विभाग के सचिव ने बैठक में निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाते हुए समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने हर कार्य की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा ठेकेदारों के साथ सतत समन्वय बनाकर कार्यों को गति देने को कहा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि निर्माण कार्यों में शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने लंबित कार्यों की जानकारी लेकर संबंधित ठेकेदारों को नोटिस जारी करने तथा ब्लैक-लिस्ट करने के निर्देश दिए।  बंसल ने बैठक में बलरामपुर-रामानुजगंज-सनावल, कामेश्वरनगर, कपिलदेवपुर, गणेशमोड़, जनकपुर, रमेशपुर-शंकरपुर, चंपा-बाद और कुसमी-कोरंधा मार्ग के निर्माण की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने विभिन्न भवनों के निर्माण और अधोसंरचना परियोजनाओं के साथ ही शासकीय महाविद्यालय भवन के कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। शासन की प्राथमिकता वाले निर्माण कार्यों को समय पर पूरा करना अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों की जिम्मेदारी है। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने सभी अधिकारियों को जवाबदेही से कार्य करने तथा गुणवत्ता व समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। राष्ट्रीय राजमार्ग और कंठी घाट का किया निरीक्षण, अधूरे कार्यों को बारिश से पहले पूरा करने कहा लोक निर्माण विभाग के सचिव  बंसल ने बैठक के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग-343 और कंठीघाट में निर्माणाधीन सड़क का निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति की जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग-343 का निरीक्षण करते हुए कहा कि बरसात के पहले नाली निर्माण एवं जल निकासी संबंधी सभी कार्य समयबद्ध रूप से पूर्ण कर लें, ताकि वर्षा के दौरान आवागमन बाधित न हो व लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने सड़कों और पुलों के निर्माण में गुणवत्ता तथा सड़क सुरक्षा के मानकों का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।

ट्राइबल यूथ हॉस्टल के 13 अभ्यर्थियों ने यूपीएससी प्रीलिम्स में हासिल की सफलता

रायपुर संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 के परिणामों में छत्तीसगढ़ के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। नई दिल्ली के द्वारका स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में रहकर तैयारी कर रहे 13 अभ्यर्थियों ने प्रारंभिक परीक्षा में सफलता प्राप्त कर प्रदेश का मान बढ़ाया है। विशेष बात यह है कि इनमें अधिकांश विद्यार्थी जनजातीय, ग्रामीण एवं सामाजिक रूप से वंचित वर्गों से आते हैं, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी प्रतिभा, परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर यह उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने सभी सफल अभ्यर्थियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ की युवा शक्ति की प्रतिभा, परिश्रम और अटूट संकल्प का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और करियर निर्माण के लिए बेहतर अवसर एवं संसाधन उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इन युवाओं की सफलता प्रदेश के हजारों विद्यार्थियों को बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने की प्रेरणा देगी। यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 में सफल होने वाले विद्यार्थियों में  गौतम कुमार,  कुलभूषण सिंह पोया,  हरि चंद्र प्रकाश सिंह,  मयंक रात्रे,  मलिकराम पटेल,  आर्यन राठौर,  चेतन लाल,  हरीश कुमार पटेल,  किशन लाल साहू,  सत्यनारायण चंद्राकर, सु दीक्षा दिवाकर,  विकेश कुर्रे तथा  प्रकाश पटेल शामिल हैं। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि समाज के वंचित एवं प्रतिभाशाली युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नई दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि करते हुए सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 200 कर दी गई है।  इस निर्णय से प्रदेश के दूरस्थ वनांचलों, जनजातीय क्षेत्रों एवं ग्रामीण अंचलों के विद्यार्थियों को देश की राजधानी में रहकर संघ लोक सेवा आयोग सहित अन्य प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का बेहतर अवसर प्राप्त हो रहा है। उल्लेखनीय है कि ट्राइबल यूथ हॉस्टल की स्थापना राज्य के अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रतिभाशाली युवाओं को सिविल सेवा सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी। यहां चयनित विद्यार्थियों को निःशुल्क आवास, पौष्टिक भोजन, अध्ययन कक्ष, पुस्तकालय, उत्कृष्ट कोचिंग तथा अनुभवी विशेषज्ञों का नियमित मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाता है। आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री  रामविचार नेताम ने कहा कि ट्राइबल यूथ हॉस्टल जैसे संस्थान प्रतिभाओं को पहचान देने और उन्हें उचित दिशा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रारंभिक परीक्षा में सफल ये विद्यार्थी मुख्य परीक्षा एवं साक्षात्कार में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रशासनिक सेवाओं में छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाएंगे। आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा ने कहा कि यह सफलता राज्य सरकार द्वारा युवाओं के लिए उपलब्ध कराए जा रहे शैक्षणिक अवसरों और मार्गदर्शन व्यवस्था का सकारात्मक परिणाम है।  UPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 में 13 अभ्यर्थियों की सफलता ने इस संस्थान की उपलब्धियों में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ दिया है।

कार्यस्थल पर जाकर बायपास, अंडरपास और पुल का काम भी देखा, अधिकारियों की बैठक लेकर निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की

रायपुर लोक निर्माण विभाग के सचिव  मुकेश कुमार बंसल ने सरगुजा संभागीय मुख्यालय अंबिकापुर में विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कार्यस्थलों पर जाकर निर्माण कार्यों का निरीक्षण भी किया। उन्होंने अधिकारियों और ठेकेदारों को प्रगतिरत सभी कार्यों को समय-सीमा के भीतर गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूर्ण करने के निर्देश दिए। सरगुजा के कलेक्टर  अजीत वसंत और लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता  वी.के. भतपहरी सहित वरिष्ठ विभागीय अधिकारी भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे। लोक निर्माण विभाग के सचिव ने बैठक में वर्षा ऋतु को देखते हुए सड़कों के रखरखाव एवं गड्ढा मरम्मत के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने लोगों के सुरक्षित एवं सुगम आवागमन के लिए बारिश शुरू होने के पहले सभी आवश्यक मरम्मत कार्य पूर्ण करने को कहा। उन्होंने समय पर पुल-पुलियों की भी मरम्मत करने के निर्देश दिए, ताकि बरसात में आवागमन में किसी तरह की परेशानी न हो। उन्होंने अधिकारियों को सड़कों और पुलों का नियमित निरीक्षण कर उनकी स्थिति पर सतत निगरानी रखने को कहा। विभागीय सचिव ने सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड में जाकर नियमित और कड़ी मॉनिटरिंग कर कार्यों में तेजी लाने को कहा। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में किसी प्रकार की कमी या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में मैदानी अधिकारियों ने कार्यों की वर्तमान स्थिति तथा प्रस्तावित व प्रगतिरत कार्यों की विस्तार से जानकारी दी।     बंसल ने अंबिकापुर में राष्ट्रीय राजमार्ग बायपास के निर्माणाधीन कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने अंडरपास, पुल एवं अन्य संरचनात्मक निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लेकर निर्माण एजेंसियों को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने नागरिकों को परेशानी से बचाने सड़कों व पुलों के काम को हर हाल में समय-सीमा में पूर्ण करने को कहा, ताकि लोगों को शीघ्र बेहतर यातायात की सुविधा मिले।  लोक निर्माण विभाग के सचिव ने अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज के परिसर का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसी को मेडिकल कॉलेज के भवन के निर्माण कार्य को प्राथमिकता से तेज गति से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य अधोसंरचना से जुड़े कार्यों में किसी प्रकार की देरी नहीं होना चाहिए।

सभी सरकारी स्कूलों में बच्चों को मिले नियमित गरम भोजन

रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज मंत्रालय (महानदी भवन) में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना की राज्य स्तरीय मॉनिटरिंग सह संचालन समिति की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में मुख्य सचिव ने कड़े निर्देश दिए हैं कि राज्य की सभी शासकीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शालाओं में कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों को योजना के तहत अनिवार्य रूप से गरम भोजन और पूरक पोषण प्रदान किया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट किया कि स्कूलों में योजना के संचालन की लगातार जमीनी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें और भोजन पकाने के लिए नियमित रूप से रसोई गैस (एलपीजी ईंधन) की आपूर्ति सुनिश्चित हो। शहरी और आस-पास के क्षेत्रों में सेंट्रल किचन व्यवस्था पर जोर           बैठक में शैक्षणिक सत्र 2026-27 की वार्षिक कार्ययोजना और सेंट्रल किचन के माध्यम से भोजन पकाने की व्यवस्था पर व्यापक चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि राज्य के शहरी क्षेत्रों और उनके आस-पास स्थित स्कूलों में पीएम पोषण शक्ति योजना के तहत सेंट्रल किचन के माध्यम से भोजन तैयार कर सप्लाई किया जाना चाहिए, ताकि भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता का स्तर उत्कृष्ट रहे। महिला स्व-सहायता समूहों को मिलेगा बढ़ावा, परोसी जाएंगी ताजी सब्जियां           योजना को ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पोषण से जोड़ते हुए मुख्य सचिव ने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे भोजन तैयार करने वाले महिला स्व-सहायता समूहों को सब्जी और मसालों की खेती के लिए प्रोत्साहित करें। इससे स्कूलों में बच्चों को ताजी व हरी सब्जियां मिलेंगी और साथ ही इन महिला समूहों की आमदनी में भी इजाफा होगा। छत्तीसगढ़ में योजना की वर्तमान स्थिति           बैठक में अधिकारियों ने योजना से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़े साझा किए। राज्य के 56 हजार से अधिक सरकारी स्कूलों में यह योजना संचालित है। इन स्कूलों के माध्यम से 29 लाख से अधिक विद्यार्थियों को दैनिक रूप से गरम भोजन और पूरक पोषण दिया जा रहा है। भोजन तैयार करने के कार्य में 86 हजार से ज्यादा रसोइया जुड़े हुए हैं। बैठक में उच्चाधिकारियों की रही मौजूदगी          इस बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, कृषि एवं कृषक कल्याण विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति सचिव सुश्री रीना बाबा साहेब कंगाले, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन की विशेष सचिव व संचालक नागरिक आपूर्ति निगम सुश्री इफ्फत आरा सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास, वित्त, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास विभाग और छत्तीसगढ़ मानव अधिकार आयोग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ योग आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष संजय अग्रवाल को दी बधाई एवं शुभकामनाएँ

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने  संजय अग्रवाल को छत्तीसगढ़ योग आयोग का अध्यक्ष नियुक्त होने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार योग को स्वस्थ, जागरूक और आत्मनिर्भर समाज के निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम मानती है। योग न केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करता है, बल्कि जीवन में अनुशासन, संतुलन और सकारात्मकता का भी संचार करता है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि  अग्रवाल के नेतृत्व में प्रदेश में योग के प्रचार-प्रसार, जन-जागरूकता एवं योग आधारित स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के प्रयासों को नई गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शॉल, स्मृति-चिन्ह एवं बस्तर दशहरा पर आधारित कॉफी टेबल बुक भेंट कर किया स्वागत

रायपुर लोकसभा अध्यक्ष  ओम बिरला ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने शॉल एवं स्मृति-चिन्ह भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया। साथ ही छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विश्वविख्यात बस्तर दशहरा पर आधारित कॉफी टेबल बुक भी उन्हें भेंट की। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने लोकसभा अध्यक्ष  ओम बिरला के छत्तीसगढ़ आगमन पर स्वागत करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत बनाने, संसदीय मर्यादाओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने तथा जनप्रतिनिधियों की भूमिका को अधिक प्रभावी बनाने में उनका योगदान प्रेरणादायी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि  बिरला के नेतृत्व और मार्गदर्शन से लोकतांत्रिक संस्थाएं और अधिक सशक्त होंगी तथा लोकतंत्र की जड़ें और मजबूत होंगी। सौजन्य मुलाकात के दौरान राज्य के विकास, सुशासन, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, लोकतांत्रिक मूल्यों के संवर्धन तथा जनहित से जुड़े विभिन्न समसामयिक विषयों पर चर्चा हुई।  इस अवसर पर छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री  तोखन साहू, संसदीय कार्य मंत्री  केदार कश्यप तथा सांसद  बृजमोहन अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।