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मप्र जल संसाधन विभाग में तबादलों की लहर: शंकर ठाकुर को मिली बड़ी जिम्मेदारी, कई मुख्य अभियंता बदले

रायपुर. छत्तीसगढ़ शासन के जल संसाधन विभाग में बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। इस संबंध में जल संसाधन विभाग ने आदेश जारी किया है। जारी आदेश में प्रमुख अभियंता से लेकर कई मुख्य अभियंताओं को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। जारी आदेश के अनुसार, शंकर ठाकुर (मुख्य अभियंता, सिविल) को अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक प्रमुख अभियंता, जल संसाधन विभाग का प्रभार सौंपा गया है। साथ ही 6 मुख्य अभियंताओं की नई पदस्थापना की गई है। इन मुख्य अभियंताओं को मिली नई पोस्टिंग मक्सी कुजूर को मुख्य अभियंता, महानदी परियोजना, रायपुर बनाया गया है। शंकर राव सोने को मुख्य अभियंता, मिनीमाता (हसदेव) बांगो परियोजना, बिलासपुर की जिम्मेदारी दी है। जितेन्द्र कुमार नेताम को मुख्य अभियंता, हसदेव कछार, बिलासपुर पदस्थ किया गया है। अलेक्जेंडर ग्राहम को मुख्य अभियंता, गोदावरी कछार, जगदलपुर बनाया गया है। अनिल कुमार खलको को मुख्य अभियंता, हसदेव गंगा कछार, अंबिकापुर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सतीश कुमार टीकम को मुख्य अभियंता, महानदी-गोदावरी कछार, रायपुर पदस्थ किया गया है।

छत्तीसगढ़ की भूमि में भगवान श्रीराम का वास, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का उद्घाटन

छत्तीसगढ़ की धरती के कण-कण में बसे हैं भगवान श्रीराम : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायपुर   मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जशपुर जिले के कुनकुरी के सालियाटोली में आयोजित भव्य संगीतमय श्रीराम कथा महोत्सव  में शामिल हुए।  इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय उपस्थित थीं।  मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन और चरित्र का उल्लेख करते हुए उन्हें अपने जीवन में आत्मसात करने का  संदेश दिया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस पावन अवसर पर व्यासपीठ पर विराजमान परम पूज्य संत चिन्मयानंद बापूजी को सादर नमन करते हुए कहा कि आज कुनकुरी की यह पावन धरा धन्य हो गई है। उन्होंने कहा कि सालियाटोली का यह स्टेडियम श्रीराम कथा के रसपान से साक्षात श्रीराम का धाम बन गया है और चारों ओर ‘जय श्रीराम’ की गूंज से वातावरण भक्तिमय हो उठा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभु श्रीराम का छत्तीसगढ़ से अत्यंत गहरा संबंध है। यह माता कौशल्या की पावन धरती है और भगवान श्रीराम का ननिहाल है, जहाँ वे भांजे के रूप में घर-घर में पूजे जाते हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि भगवान श्रीराम ने अपने 14 वर्ष के वनवास का अधिकांश समय दंडकारण्य क्षेत्र एवं छत्तीसगढ़ के जंगलों में बिताया, जिससे यहाँ के कण-कण में राम की उपस्थिति अनुभव होती है। वनवास काल से जुड़े सीता रसोई जैसे अनेक पवित्र स्थल आज भी इस भूमि की आध्यात्मिक विरासत के साक्षी हैं। उन्होंने कहा कि यह हम सभी का सौभाग्य है कि हम उस कालखंड में जीवन जी रहे हैं, जब अयोध्या में भगवान श्रीराम की पुनः प्रतिष्ठा हुई है। श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा ने पूरे भारत को विश्व पटल पर गौरवान्वित किया है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के दृढ़ संकल्प से संभव हो सका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह संकल्प लिया था कि प्रभु श्रीराम के ननिहाल छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं को श्रीरामलला के दर्शन कराए जाएंगे। इसी भावना के अनुरूप राज्य सरकार ने गठन के साथ ही रामलला दर्शन योजना प्रारंभ की, जिसके माध्यम से अब तक लगभग 42 हजार श्रद्धालु अयोध्या धाम में भगवान श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भगवान श्रीराम भारतीय जनमानस के कण-कण में विराजमान हैं। जांजगीर क्षेत्र में रामभक्ति का विशेष स्वरूप देखने को मिलता है, जहाँ रामनामी समुदाय के लोग अपने रोम-रोम में राम का नाम बसाए हुए हैं और अपनी आस्था के प्रतीक स्वरूप अपने शरीर पर ‘राम-राम’ का गोदना अंकित कराते हैं। उन्होंने कहा कि श्रीरामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए भगवान राम के ननिहाल छत्तीसगढ़ से 300 मीट्रिक टन सुगंधित चावल और 100 टन से अधिक हरी सब्जियां अयोध्या भेजी गई थीं। यह विशेष भोग ननिहाल के प्रेम और 500 वर्षों के संघर्ष के पश्चात प्रभु की स्थापना के उपलक्ष्य में समर्पित किया गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ से गई डॉक्टरों की टीम एवं मेडिकल स्टाफ ने अयोध्या में रामभक्तों के स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने अवैध धर्मांतरण को रोकने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ में धर्म स्वातंत्र्य कानून लागू किया है, जिसके सख्त प्रावधानों के माध्यम से इस पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा। इस अवसर पर नगर पालिका उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव, श्रीमती संयोगिता सिंह जूदेव, सुनील गुप्ता, उपेंद्र यादव, सुनील अग्रवाल, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित थे। 2 अप्रैल से प्रारंभ हुई श्रीराम कथा की भक्तिधारा 8 अप्रैल तक रहेगी प्रवाहित परम पूजनीय संत चिन्मयानंद बापूजी के श्रीमुख से 2 अप्रैल से प्रारंभ हुई श्रीराम कथा की पावन भक्तिधारा 8 अप्रैल तक निरंतर प्रवाहित होती रहेगी। इस दिव्य आयोजन में दूर-दराज के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुँचकर कथा का रसपान कर रहे हैं। श्रीराम कथा महोत्सव के आयोजन से कुनकुरी सहित आसपास के समूचे क्षेत्र में गहरा धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण निर्मित हो गया है। श्रद्धालुजन अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और भक्तिभाव के साथ कथा श्रवण कर प्रभु श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का संकल्प ले रहे हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आस्ट्रेलिया के महावाणिज्य दूत बर्नार्ड लिंच ने की सौजन्य मुलाकात

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आस्ट्रेलिया के महावाणिज्य दूत बर्नार्ड लिंच ने की सौजन्य मुलाकात रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से  राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास  में  ऑस्ट्रेलिया के महावाणिज्य दूत बर्नार्ड लिंच ने सौजन्य मुलाकात की।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य में चल रही विकास योजनाओं, विशेष रूप से आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य, पेयजल एवं पोषण सुधार के प्रयासों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार इन क्षेत्रों में तेजी से काम कर रही है और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से इन योजनाओं को और प्रभावी बनाया जा सकता है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने बर्नार्ड लिंच को बेल मेटल निर्मित धातु की प्रतिमा भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, मुख्यमत्री के विशेष सचिव रजत बंसल, सीनियर इकोनॉमिक रिसर्च अफसर सुअनघा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने दिए निर्देश, ई-ऑफिस में फाइल प्रस्तुत करते समय नियमों का पालन अनिवार्य

ई-ऑफिस में फाईल बढ़ाते समय सभी नियमों एवं स्पष्ट अभिमत के साथ हो प्रस्तुतिकरण: प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा   नए वित्तीय वर्ष की कार्ययोजना एवं नवीन व्यय प्रस्तावों की समीक्षा   आधार बेस उपस्थिति प्रणाली – प्रथम स्थान पर आने वालों की प्रशंसा समय पर उपस्थित ना होने वालों पर होगी कार्यवाही रायपुर आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में आज नवा रायपुर स्थित आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के सभाकक्ष में गत वर्ष के आय-व्यय एवं नए वित्तीय वर्ष की कार्ययोजना की समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई।   बैठक में अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभाग द्वारा कुल बजट का 68 प्रतिशत व्यय किया गया है। प्रमुख सचिव बोरा ने कहा कि सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं के सफल क्रियान्वयन हेतु जो बजट आंबटित किया जाता है उसका पूर्ण लाभ हितग्राही वर्ग को मिलना चाहिए। इसके लिए वर्ष के प्रारंभ से ही एक कार्ययोजना बनाकर उसपर अमल किया जाए। इस हेतु सभी प्रभारी अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समय-सीमा में कार्य संपादित करना चाहिए। बोरा ने आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 में व्यय को 80 प्रतिशत किए जाने का लक्ष्य दिया है।  प्रमुख सचिव बोरा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कुशल नेतृत्व एवं मंत्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में विभाग प्रगति ओर अग्रसर है। विभागीय योजनाओं के सफल क्रियान्वयन को देखते हुए भारत सरकार से वित्तीय वर्ष 2025-26 में धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान हेतु 732 करोड़, 21 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों हेतु 915 करोड़ तथा अनुच्छेद 275 (1) अंतर्गत 170 करोड़ की राशि प्राप्त हुई है, यह विभाग के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है, जो आगामी दो वर्षोें में इन सभी कार्यों के सफल क्रियान्वयन से छत्तीसगढ़ के विकास को गति मिलेगी।    बैठक में आदिम जाति विकास विभाग के अलावा आदिम जाति अनुंसधान एवं प्रशिक्षण संस्थान, अनुसूचित जाति विकास विभाग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास तथा छ.ग. राज्य अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम के वित्तीय वर्ष 2025-26 अंतर्गत आय-व्यय की भी समीक्षा की गई। बैठक में संयुक्त सचिव बी.के.राजपूत, अनुपम त्रिवेदी, वित्त नियंत्रक लाजरूस मिंज, अपर संचालक संजय गौड़, आर.एस.भोई, उपायुक्त श्रीमती गायत्री नेताम, प्रज्ञान सेठ, एल.आर.कुर्रें, विश्वनाथ रेडडी, श्रीमती मेनका चंद्राकर, कार्यपालन अभियंता त्रिदीप चक्रवर्ती सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।       प्रमुख सचिव बोरा ने बैठक में आधार फेस उपस्थिति प्रणाली एवं ई-ऑफिस व्यवस्था की भी समीक्षा की। आधार बेस उपस्थिति प्रणाली में विभाग में सर्वाधिक उपस्थिति वाले अधिकारी-कर्मचारियों की प्रशंसा की। साथ ही उन्होंने कहा कि समय पर नहीं आने वालों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।  प्रमुख सचिव बोरा ने बैठक में ई-ऑफिस की भी समीक्षा करते हुए कहा कि ई-ऑफिस व्यवस्था लागू होने से प्रशासन में पारदर्शिता एवं कसावट आई है। साथ ही  व्यवस्था सुुदृढ़ करने में बहुत ही उपयोगी सिद्ध हो रही है। उन्होंने कहा कि अब ई-ऑफिस में फाईल आने के बाद से बहुत ही तीव्र गति से कार्य संचालन संभव हुआ है। अधिकारी फाईल बढ़ाते समय सभी नियमों एवं स्पष्ट अभिमत के साथ ही फाईल को प्रस्तुत करें, ताकि उस पर अंतिम रूप से निर्णय लिया जा सके।  उन्होंने बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 एवं 2026-27 के अपरीक्षित नवीन व्यय मद प्रस्तावों तथा विभिन्न विकास कार्यों की अद्यतन स्थिति की भी विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा क्रय की गई सामग्रियों के मानकीकरण निर्धारित हो। उन्होंने दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की जिलावार स्थिति, आवंटित एवं व्यय राशि की भी समीक्षा की।   प्रमुख सचिव ने बैठक में भवन निर्माण कार्यों, प्रधानमंत्री जनमन योजना एवं धरती आबा योजना के अंतर्गत संचालित कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। साथ ही छत्तीगढ़ आदिवासी संग्रहालय एवं शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय से प्राप्त आय-व्यय के  आगामी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।

विश्व स्वास्थ्य दिवस : स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लें – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विश्व स्वास्थ्य दिवस (7 अप्रैल) के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएँ देते हुए स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली अपनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि विश्व स्वास्थ्य दिवस हमें यह स्मरण कराता है कि स्वास्थ्य ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। यह दिवस न केवल स्वास्थ्य से जुड़े वैश्विक मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाने का अवसर है, बल्कि अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का भी संदेश देता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान – ये तीनों स्वस्थ जीवन के मूल आधार हैं। यदि हम अपनी दिनचर्या में छोटे-छोटे सुधार करें, तो बड़े स्तर पर सकारात्मक परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने के लिए सतत प्रयासरत है।  मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे स्वयं स्वस्थ रहने के साथ-साथ अपने परिवार और समाज में भी स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाएँ, ताकि एक स्वस्थ, सक्षम और समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण में सबकी भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

कुल्हाड़ी से हमला: गाली-गलौज का विरोध करने पर पूर्व जनपद सदस्य प्रतिनिधि पर जानलेवा वार

बिलासपुर सकरी थाना से लगे पेंडारी क्षेत्र में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां पूर्व जनपद सदस्य प्रतिनिधि परमानन्द बघेल पर उनके ही पड़ोसी द्वारा कुल्हाड़ी से हमला कर दिया गया। बताया जा रहा है कि घटना गाली-गलौज का विरोध करने पर हुई, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, परमानन्द बघेल अपने घर के पास मौजूद थे, तभी पड़ोसी लक्ष्मण बघेल किसी बात को लेकर गाली-गलौज करने लगा। जब परमानन्द बघेल ने इसका विरोध किया और उसे ऐसा करने से मना किया, तो विवाद अचानक बढ़ गया। इसी दौरान आक्रोशित लक्ष्मण बघेल ने कुल्हाड़ी उठाकर उन पर हमला कर दिया। हमले में परमानन्द बघेल को गंभीर चोटें आई हैं। परिजनों और आसपास के लोगों ने तत्काल उन्हें नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया, जहां उनका उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार, समय रहते इलाज मिलने से उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने आरोपी लक्ष्मण बघेल के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में इस तरह की घटनाएं कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेजी से की जा रही है और जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं, प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाहों से दूर रहने की अपील की है।

महतारी वंदन की 26वीं किश्त जारी, 68.48 लाख महिलाओं के खाते में ट्रांसफर हुए 641.62 करोड़ रूपए

रायपुर.  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य की महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक  सशक्तिकरण के लिए संचालित महतारी वंदन योजना की 26वीं किश्त की राशि आज जारी की गई। इसके जारी होते ही हितग्राही महिलाओं के मोबाईल में खुशियों के नोटिफिकेशन की घंटी बज उठी। इस योजना के तहत राज्य की 68 लाख 48 हजार 899 महिलाओं को 641 करोड़ 62 लाख 92 हजार रूपए उनके बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए। लाभान्वित हितग्राहियों में 7773 महिलाएं नियद नेल्ला नार के योजना के गांवों की रहने वाली है।  छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी जी की गारंटी को पूरा करने के लिए और महिलाओं की बेहतरी के लिए यह योजना मार्च 2024 में शुरू की गई थी। तब से लेकर अब तक हर महीने हितग्राही महिलाओं को एक-एक हजार रूपए की सहायता राशि नियमित रूप से दी जा रही है। इस योजना के तहत अब तक हितग्राही महिलाओं को 16,881 करोड़ रूपए का भुगतान किया जा चुका है।  गौरतलब है कि इस योजना के अंतर्गत हितग्राही महिलाओं के केवाईसी पूरा किए जाने का काम भी तेजी से कराया जा रहा है। केवाईसी के अद्यतन की यह प्रक्रिया ई-गवर्नेस सर्विसेस इंडिया लिमिटेड के माध्यम से 3 अप्रैल से शुरू की गई है, जो 30 जून तक चलेगी। व्हीएलई द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम पंचायत भवन में तथा शहरी क्षेत्र में वार्ड कार्यालय में केवाईसी अद्यतन का कार्य हो रहा है। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने महतारी वंदन योजना की ऐसी हितग्राही महिलाओं से जिनका ई-केवाईसी नहीं हुआ है, उनसे तत्काल ई-केवाईसी कराने की अपील की है ताकि योजना की सहायता राशि बिना किसी व्यवधान के उनके खाते में पहुंच सके।  महिला एवं बाल विकास विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों की संख्या 68,94,633 है, जिसमें से केवाईसी हेतु लंबित हितग्राहियों को छोड़कर 68,48,899 हितग्राहियों को 26वीं किश्त का भुगतान किया गया है।

बिजली बिल समाधान योजना बनी संजीवनी, धमतरी के परिवारों को मिली आर्थिक राहत

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य शासन द्वारा शुरू की गई मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना-2026 प्रदेश के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए संजीवनी साबित हो रही है। धमतरी जिले में इस योजना का व्यापक असर देखने को मिल रहा है, जहाँ हजारों उपभोक्ता वर्षों पुराने बिजली बिल के बोझ से मुक्त होकर विकास की मुख्यधारा में लौट रहे हैं। संकट में सहारा- विशाल परिवार की बदली किस्मत धमतरी निवासी बी. एस. विशाल के परिवार के लिए बिजली का बकाया बिल एक मानसिक तनाव बन चुका था। सीमित आय और पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते बिल की राशि बढ़ती गई, जिससे बिजली कटने का डर हमेशा बना रहता था। जब शासन की समाधान योजना की घोषणा हुई, तो उनके पुत्र डेनियल विशाल ने विभागीय शिविर में संपर्क किया। मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना-2026  की प्रक्रिया इतनी सरल थी कि उन्हें जल्द ही योजना का लाभ मिला। डेनियल ने बताया कि बकाया मूल राशि में भारी छूट और सरचार्ज की शत-प्रतिशत माफी ने हमारे परिवार को नई शुरुआत करने का मौका दिया है। अब हम नियमित रूप से बिल चुकाने की स्थिति में हैं। यह योजना हम जैसे आम लोगों के लिए मुख्यमंत्री का बड़ा उपहार है। धमतरी जिले में योजना की शानदार सफलता विद्युत विभाग द्वारा जारी ताजा आँकड़ों के अनुसार, जिले में योजना को लेकर जबरदस्त उत्साह है। इस योजना के लिए अब तक 4,652 पात्र उपभोक्ताओं की पहचान की जा चुकी है। इसमें से 4,115 उपभोक्ताओं ने ऑफलाइन माध्यम से आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर ली है। आवेदन के बाद  537 परिवारों को पहले ही बकाया मुक्त कर प्रत्यक्ष लाभ दिया जा चुका है। किसे, कितना और कैसे मिलेगा लाभ योजना की रूपरेखा इस तरह तैयार की गई है कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक इसका फायदा पहुँचे। गरीबी रेखा से नीचे के उपभोक्ता को बकाया मूल राशि पर अधिकतम 75 प्रतिशत तक की भारी छूट दिया जा रहा है। इसी तरह घरेलू एवं कृषि उपभोक्ता को मूल बकाया राशि में 50 प्रतिशत तक की राहत दिया जा रहा है। सभी पात्र श्रेणियों के लिए लेट पेमेंट सरचार्ज (अधिभार) को 100 प्रतिशत माफ कर दिया गया है। उपभोक्ता को केवल 10 प्रतिशत प्रारंभिक राशि जमा करनी होगी, जिसके बाद शेष राशि को वह अपनी सुविधा अनुसार निर्धारित किस्तों में जमा कर सकता है। 30 जून तक सुनहरा अवसर यह योजना 12 मार्च 2026 से शुरू होकर 30 जून 2026 तक प्रभावी रहेगी। विद्युत विभाग द्वारा गांव-गांव और वार्डों में विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति जानकारी के अभाव में छूट न जाए। जनसंपर्क माध्यमों और स्थानीय मुनादी के जरिए भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है। जनहित की दिशा में एक बड़ा कदम मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना केवल एक वित्तीय रियायत नहीं है, बल्कि यह सुशासन की उस सोच का प्रतीक है जहाँ सरकार अपने नागरिकों की बुनियादी समस्याओं को संवेदनशीलता से हल करती है। इस पहल से न केवल बिजली विभाग के राजस्व में सुधार होगा, बल्कि प्रदेश के हजारों घरों में फिर से खुशहाली की रोशनी फैलेगी।

भाजपा का 47वां स्थापना दिवस उत्साह के साथ मनाया गया, जिला अध्यक्ष वैभव गुप्ता ने घर पर फहराया पार्टी का ध्वज

बिलासापुर जिले में भारतीय जनता पार्टी का 47वां स्थापना दिवस बड़े ही उत्साह, गरिमा और राष्ट्रभावना के साथ मनाया गया। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष वैभव गुप्ता ने अपने निज निवास में पार्टी का ध्वज फहराकर कार्यकर्ताओं को संगठन की विचारधारा और मूल्यों के प्रति समर्पित रहने का संदेश दिया। स्थापना दिवस के मौके पर आयोजित इस कार्यक्रम में पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं समर्थक उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजारोहण के साथ हुई, जिसके पश्चात सभी ने एकजुट होकर राष्ट्रहित और संगठन को मजबूत बनाने का संकल्प लिया। जिला अध्यक्ष वैभव गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय जनता पार्टी केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि एक विचारधारा है, जो राष्ट्रवाद, सेवा और सुशासन के सिद्धांतों पर आधारित है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को आम जनता तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने आगे कहा कि भाजपा का इतिहास संघर्ष, समर्पण और सेवा से भरा हुआ है, और आज पार्टी विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के रूप में अपनी पहचान बना चुकी है। यह हम सभी कार्यकर्ताओं के लिए गर्व की बात है कि हम इस संगठन का हिस्सा हैं। कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने "भारत माता की जय" और "वंदे मातरम्" के जयघोष के साथ पूरे वातावरण को देशभक्ति से ओत-प्रोत कर दिया। साथ ही, एक-दूसरे को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दी गईं और संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का संकल्प लिया गया। इस अवसर पर कई कार्यकर्ताओं ने अपने विचार भी साझा किए और पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा व्यक्त की। कार्यक्रम का समापन सामूहिक रूप से राष्ट्रगीत के साथ किया गया।

छत्तीसगढ़ की समाधान योजना बनी शाहीन बेगम का बिजली बिल कम करने में सहायक

रायपुर. बढ़ते बिजली बिल और सरचार्ज से जूझ रहे उपभोक्ताओं के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना उम्मीद की नई किरण बनकर उभरी है। यह योजना महज छूट तक सीमित नहीं, बल्कि आर्थिक बोझ से दबे परिवारों को आत्मविश्वास और सम्मान के साथ आगे बढ़ने का अवसर दे रही है। योजना के तहत उपभोक्ताओं को मूल बकाया राशि में 50 से 75 प्रतिशत तक की छूट और सरचार्ज में 100 प्रतिशत माफी मिल रही है। साथ ही, केवल 10 प्रतिशत राशि जमा कर शेष भुगतान आसान किस्तों में करने की सुविधा इसे और भी सुलभ बनाती है। “मोर बिजली ऐप” और नजदीकी वितरण केंद्रों के माध्यम से पंजीयन प्रक्रिया भी सरल रखी गई है। मनेन्द्रगढ़ की शाहीन बेगम इसकी जीवंत मिसाल हैं। करीब 48 हजार रुपये के बकाया में 23 हजार रुपये से अधिक की छूट मिलने से उन्हें बड़ी राहत मिली है। प्रदेश में लगभग 28 लाख उपभोक्ताओं को लाभान्वित करने वाली इस योजना के तहत करीब 757 करोड़ रुपये की राहत दी जा रही है। यह पहल सरकार और नागरिकों के बीच भरोसे की नई नींव भी मजबूत कर रही है।