samacharsecretary.com

वाटर स्पोर्ट्स में सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार की लापरवाही अस्वीकार्य – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों में सुरक्षा मानकों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करें: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुरक्षा ऑडिट एवं सतत मॉनिटरिंग के दिए निर्देश वाटर स्पोर्ट्स में सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार की लापरवाही अस्वीकार्य – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मध्य प्रदेश में हाल ही में हुई क्रूज हादसे की दुखद घटना के परिप्रेक्ष्य में छत्तीसगढ़ में संचालित सभी वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करते हुए सुरक्षा मानकों का सुदृढ़ता से पालन  करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि जन सुरक्षा के विषय में किसी भी प्रकार की शिथिलता अथवा लापरवाही पूर्णतः अस्वीकार्य होगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने धमतरी और कोरबा सहित अन्य सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देशित किया कि जिन स्थलों पर वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियां संचालित हो रही हैं, वहां सुरक्षा मानकों का तत्काल परीक्षण (सुरक्षा ऑडिट) सुनिश्चित किया जाए तथा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का अक्षरशः पालन कराया जाए। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने निर्देश दिए कि सभी संबंधित वाटर स्पोर्ट्स स्थलों पर उपयोग में लाए जा रहे उपकरणों का नियमित तकनीकी परीक्षण सुनिश्चित किया जाए, प्रशिक्षित एवं दक्ष मानव संसाधन की तैनाती की जाए, तथा किसी भी आकस्मिक स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने हेतु समुचित आपातकालीन प्रबंधन तंत्र सक्रिय रखा जाए। इसके साथ ही रेस्क्यू उपकरणों, लाइफ जैकेट एवं अन्य आवश्यक सुरक्षा संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता एवं कार्यशील स्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। उन्होंने कलेक्टरों को यह भी निर्देशित किया कि वे इन व्यवस्थाओं की सतत निगरानी करें तथा किसी भी स्तर पर सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित अधिकारियों/संचालकों की जवाबदेही निर्धारित करते हुए आवश्यकतानुसार दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य शासन नागरिकों एवं पर्यटकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान करता है। इस दृष्टि से यह आवश्यक है कि वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियां पूर्णतः सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं मानक अनुरूप संचालित हों, जिससे संभावित जोखिमों का प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने निर्देश दिए कि इन सभी व्यवस्थाओं के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा की जाए और समय-समय पर इसकी रिपोर्ट राज्य शासन को प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि सतर्कता, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए ही हम जन-जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं।

CGPSC मेंस एग्जाम अपडेट: अब 6 जून से होंगी परीक्षाएं, बदला पूरा कार्यक्रम

रायपुर. सगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा राज्य सेवा (मुख्य) परीक्षा-2025 की नई समय-सारिणी जारी कर दी गई है। अभ्यर्थियों की मांगों को ध्यान में रखते हुए परीक्षा तिथि में बदलाव किया गया है, जिससे उम्मीदवारों को तैयारी के लिए अतिरिक्त समय मिल सकेगा। आयोग द्वारा जारी सूचना के अनुसार मुख्य परीक्षा का आयोजन अब 06 जून से 09 जून 2026 तक किया जाएगा। परीक्षा राज्य के निर्धारित केंद्रों में आयोजित होगी और सभी व्यवस्थाएं आयोग की ओर से सुनिश्चित की जाएंगी। परीक्षा प्रतिदिन दो पालियों में आयोजित की जाएगी। पहली पाली सुबह 9:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक होगी। जारी कार्यक्रम के अनुसार- 06 जून 2026: भाषा एवं निबंध 07 जून 2026: सामान्य अध्ययन-I एवं II 08 जून 2026: सामान्य अध्ययन-III एवं IV 09 जून 2026: सामान्य अध्ययन-V एडमिट कार्ड 10 दिन पहले होंगे जारी आयोग ने स्पष्ट किया है कि अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र परीक्षा तिथि से लगभग 10 दिन पूर्व आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर दिए जाएंगे। उम्मीदवारों को समय पर एडमिट कार्ड डाउनलोड करने और दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्णय से मिली राहत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अभ्यर्थियों की मांगों पर त्वरित संज्ञान लेते हुए परीक्षा तिथि आगे बढ़ाने का निर्णय लिया। इस फैसले से हजारों उम्मीदवारों को राहत मिली है, जो कम समय में तैयारी को लेकर चिंतित थे। जनप्रतिनिधियों ने उठाई थी मांग मुख्य परीक्षा की तिथि बढ़ाने की मांग को लेकर भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता उज्ज्वल दीपक और विधायक दल के स्थायी सचिव आशुतोष सुरेंद्र दुबे ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अभ्यर्थियों की समस्याओं से अवगत कराया था। तैयारी के लिए मिलेगा पर्याप्त समय हर वर्ष प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा के बीच लगभग 105 से 110 दिनों का अंतराल दिया जाता है, लेकिन इस बार यह समय कम था। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया, जिससे अभ्यर्थियों को बेहतर तैयारी का अवसर मिल सके। CM साय ने कही ये बात मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के भविष्य के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है और उन्हें निष्पक्ष व अनुकूल वातावरण में परीक्षा देने का अवसर प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता है। इस निर्णय का अभ्यर्थियों एवं उनके अभिभावकों द्वारा व्यापक स्वागत किया जा रहा है। अब उम्मीदवार बेहतर रणनीति के साथ परीक्षा की तैयारी कर सकेंगे।

मनेन्द्रगढ़ वनमण्डल में तबादला आदेश पर उठे सवाल

मनेन्द्रगढ़ वनमण्डल में तबादला आदेश पर उठे सवाल वर्षों से जमे बाबुओं का नाम सूची से गायब मनेन्द्रगढ़  वनमण्डल कार्यालय में हाल ही में जारी किये गये कर्मचारियों के नवीन कार्य आबंटन (तबादला) आदेश के बाद विभाग में हलचल तेज हो गई है। आदेश जारी होते ही जहां कई कर्मचारियों के कार्यक्षेत्र बदले गये वहीं वर्षों से एक ही कुर्सी पर जमे कुछ बाबुओं का नाम सूची से गायब होने पर सवाल खड़े होने लगे हैं।            विश्वस्त सूत्रों के अनुसार जिन बाबुओं का नाम सूची में शामिल नहीं किया गया है वे लंबे समय से विभाग की कथित “मलाईदार” कुर्सियों पर काबिज हैं। बताया जा रहा है कि इनकी मजबूत राजनीतिक पकड़ है और वे अधिकारियों के भी खास माने जाते हैं जिसके चलते इन पर कार्यवाही नहीं हो पाती। सूत्र यह भी दावा कर रहे हैं कि यदि इन कर्मचारियों का स्थानांतरण किया जाये तो विभाग में करोड़ों रुपयों के संभावित भ्रष्टाचार के मामले उजागर हो सकते हैं। यही कारण है कि इनके नाम को सूची से बाहर रखा गया है।           गौरतलब है कि कुछ समय पहले मनेन्द्रगढ़ वनमण्डल में कथित घोटालों को लेकर सत्ताधारी दल भाजपा और विपक्षी कांग्रेस दोनों ने ही जोरदार तरीके से मुद्दा उठाया था। हालांकि अब मामला ठंडे बस्ते में जाता नजर आ रहा है।             ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या वनमण्डल के डीएफओ इन आरोपों पर संज्ञान लेते हुए निष्पक्ष कार्यवाही करेंगे या फिर पूर्व की तरह प्रभावशाली बाबुओं को संरक्षण मिलता रहेगा। विभागीय पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर अब आम लोगों की निगाहें प्रशासनिक कदमों पर टिकी हुई हैं।

5 वर्षीय शानवी वस्त्रकार ने राष्ट्रीय मंच पर दिखाई प्रतिभा

5 वर्षीय शानवी वस्त्रकार ने राष्ट्रीय मंच पर दिखाई प्रतिभा कत्थक नृत्य में प्रथम स्थान से बढ़ाया मान बिलासपुर/ जबलपुर मंजिल उन्हीं को मिलती है जिनके सपनों में जान होती है, पंखों से कुछ नहीं होता हौसलों से उड़ान होती है।इस प्रेरणादायक कथन को बिलासपुर के मोपका क्षेत्र की नन्हीं प्रतिभा शानवी वस्त्रकार ने साकार कर दिखाया है। महज 5 वर्ष की आयु में शानवी ने अपनी लगन, मेहनत और कला के प्रति समर्पण के दम पर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है।         जबलपुर में आयोजित रेवा महोत्सव के अंतर्गत आदिदेव कला संस्थान द्वारा अखिल भारतीय राष्ट्रीय स्तर संगीत, नृत्य एवं वाद्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतिष्ठित मंच पर देशभर से आये प्रतिभागियों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया जहां प्रतिस्पर्धा का स्तर काफी ऊँचा रहा।         इसी प्रतियोगिता के कत्थक नृत्य की शिशु वर्ग श्रेणी में शानवी वस्त्रकार ने एकल प्रस्तुति दी। उनकी प्रस्तुति में भाव-भंगिमा, तालमेल, लय और मंच पर आत्मविश्वास का अद्भुत समन्वय देखने को मिला। इतनी कम उम्र में उनके नृत्य की शुद्धता और अभिव्यक्ति ने ना केवल दर्शकों का मन मोह लिया बल्कि निर्णायक मंडल को भी प्रभावित कर दिया। परिणामस्वरूप शानवी को प्रथम स्थान से सम्मानित किया गया।       कार्यक्रम के आयोजक एवं निदेशक अखिलेश पटेल ने बताया कि प्रतियोगिता का उद्देश्य देशभर की उभरती प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना और भारतीय शास्त्रीय कला को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने शानवी की प्रस्तुति को अत्यंत प्रभावशाली बताते हुए कहा कि इतनी कम उम्र में इस स्तर की प्रस्तुति दुर्लभ है। प्राचार्या वर्षा चौहान ने भी शानवी की सराहना करते हुए कहा कि उनकी मेहनत और अनुशासन भविष्य में उन्हें और ऊँचाइयों तक ले जायेगा वहीं निर्णायक मंडल में शामिल पियूष मोटघरे और अंकिता गिनारा झा ने शानवी की नृत्य शैली, भाव-प्रदर्शन और मंच पर पकड़ को उत्कृष्ट बताते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।             इस उपलब्धि पर आदिदेव कला संस्थान परिवार ने भी हर्ष व्यक्त करते हुए शानवी के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है वहीं शानवी की इस सफलता से उनके परिजनों और क्षेत्र में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों ने भी इस नन्हीं प्रतिभा की उपलब्धि को गौरव का विषय बताया है। कम उम्र में इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल कर शानवी वस्त्रकार ने यह साबित कर दिया है कि यदि लगन सच्ची हो और मेहनत निरंतर, तो सफलता जरूर कदम चूमती है। उनकी यह सफलता आने वाले समय में अन्य बच्चों के लिये भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

बिलासपुर में खेलों को बढ़ावा: सीएम साय करेंगे महिला हॉकी टूर्नामेंट का शुभारंभ

बिलासपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शनिवार 2 मई को बिलासपुर जिले के दौरे पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जानकारी के अनुसार सीएम साय दोपहर 3 बजकर 10 मिनट पर रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास से रवाना होंगे. वे हेलीकाप्टर द्वारा दोपहर 3 बजकर 50 मिनट पर एसईसीएल हेलीपेड पहुंचेंगे. सीएम साय यहां बीआर यादव एस्ट्रोटर्फ मैदान बहतराई में आयोजित आल इंडिया वुमन हाकी टूर्नामेंट का उद्घाटन करेंगे. मुख्यमंत्री ऑल इंडिया वुमेन हॉकी टूर्नामेंट में शामिल होंगे और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करेंगे। जिले में आयोजित इस महिला हॉकी प्रतियोगिता को लेकर खेल प्रेमियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री मैच का अवलोकन करेंगे और खिलाड़ियों से मुलाकात भी कर सकते हैं। यहां से वे 4 बजे स्व. बीआर यादव एस्ट्रोटर्फ मैदान बहतराई जाएंगे. यहां से वे शाम 4 बजकर 45 मिनट पर एसईसीएल हेलीपेड के लिए प्रस्थान करेंगे. यहां से 4 बजकर 55 मिनट पर वे रायपुर के लिए प्रस्थान करेंगे।  

भारतमाला घोटाले पर सख्ती: हर खसरा नंबर की होगी जांच, प्रशासन ने बनाई अफसरों की स्पेशल टीमें

रायपुर. भारतमाला प्रोजेक्ट मुआवजा फर्जीवाड़ा की जांच एक बार फिर अफसरों की टीम करेगी। इसके लिए संभाग आयुक्त महादेव कांवरे ने आला अफसरों को दो नई टीम बनाई है। इस बार यह टीम सभी खसरा नंबरों की बारीकी से जांच करेगी। भारतमाला प्रोजेक्ट में जितने खसरा नंबरों पर मुआवजा दिया गया है उन सभी की जांच होगी। चाहे उन खसरा नंबरों की शिकायत भी न मिली हो। सभी तरह की जांच को हर हाल में एक महीने में पूरा करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। संभाग कमिश्नर महादेव कांवरे की ओर से जारी आदेश के अनुसार रायपुर में भारतमाला प्रोजेक्ट के खसरा नंबरों की जांच डिप्टी कलेक्टर ज्योति सिंह के नेतृत्व में बनी टीम करेगी। इसी तरह धमतरी जिले के खसरा नंबरों की जांच अपर कलेक्टर पवन कुमार की टीम करेगी। जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि यदि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अभी हाल में ईडी की जांच में इस बात का खुलासा हुआ है कि भारतमाला प्रोजेक्ट में आईएएस, एसडीएम, डिप्टी कलेक्टर, तहसीलदारों की भी गंभीर भूमिका है। अभी तक इस मामले में केवल डिप्टी कलेक्टर निर्भय कुमार साहू और शशिकांत कुर्रे को ही गिरफ्तार किया गया है, लेकिन जांच में दावा किया गया है कि इस मामले में और अभी डिप्टी कलेक्टर और एसडीएम दोषी हैं। इसके बाद ही तय किया गया कि अब एक-एक खसरा नंबर की जांच की जाएगी कि उसमें मुआवजा सही मिला है या नहीं। इस जांच टीम के पहले अफसरों की तीन टीम भारतमाला प्रोजेक्ट की जांच कर चुकी है, लेकिन इस टीम ने केवल उन्हीं खसरा नंबरों की जांच की थी जिसकी शिकायत लोगों ने की थी। 

रायपुर में IPL का डबल धमाका: 10 और 13 मई को मुकाबले, टिकट बिक्री कल से होगी शुरू

रायपुर. राजधानी रायपुर में 10 और 13 मई को आईपीएल मैच होने जा रहा है। इसकी टिकट की बुकिंग कल यानि 3 मई से शुरू हो रही है। मैच के टिकट केवल आरसीबी की आधिकारिक वेबसाइट shop.royalchallengr s.com/ticket और ऐप पर ही उपलब्ध होंगे। किसी अन्य वेबसाइट/ऐप से नकली टिकट न खरीदें। बता दें कि 10 मई को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) vs मुंबई इंडियंस और 13 मई को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु vs कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच मुकाबला खेला जाएगा। दोनों मैच शाम 7:30 बजे से शुरू होंगे। अब तक अपडेट के मुताबिक आरसीबी की टीम 8 मई को रायपुर पहुंचेगी और यहां 6 दिन तक रहेगी। टीम मैदान पर प्रैक्टिस भी करेगी। मुंबई इंडियंस की टीम भी 8 मई के बाद राजधानी पहुंचने की संभावना है। 2 हजार का हो सकता सबसे सस्ता टिकट टिकट आरसीबी की आधिकारिक वेबसाइट से ही ऑनलाइन बुक किए जाएंगे। सबसे सस्ती टिकट ₹2000 की होगी। इसके अलावा ₹2500, ₹3500, ₹5000 और ₹8000 तक की कैटेगरी में होगी। इसके अलावा प्लैटिनम सीटों के सामने लगे कांच के पैनल हटा दिए गए हैं। अब दर्शक खिलाड़ियों को बिना किसी रुकावट के और करीब से देख सकेंगे। 

आधार लिंकिंग से हुआ बड़ा खुलासा: छत्तीसगढ़ में स्कूलों में फर्जी नामांकन पकड़ा, 10 लाख छात्रों की संख्या में कमी

रायपुर  छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में यू डाइस सिस्टम (स्कूली शिक्षा प्रबंधन सूचना प्रणाली) में नाम और आधार एंट्री अनिवार्य होने के बाद विद्यार्थियों की संख्या लगभग 10 लाख घट गई है। वर्ष 2024 से 2026 के बीच प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पहली से 10वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के आधार लिक करने से फर्जी नामांकन उजागर हुए हैं। डिजिटल सत्यापन के बाद इनकी वास्तविक संख्या सामने आई है । वर्ष 2024 में जहां 53.69 लाख विद्यार्थियों को किताबें बांटी गई थीं, वहीं 2026 में यह संख्या घटकर 43 लाख रह गई है। इससे अब लगभग 50 लाख किताबें कम छापनी होंगी। वर्षों तक स्थिर रहे आंकड़ों में अचानक आई इस कमी ने नि:शुल्क किताब वितरण और शिक्षा विभाग के खर्च पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञ इसे घोस्ट स्टूडेंट्स और फर्जी नामांकन पर नकेल का परिणाम मान रहे हैं।

छत्तीसगढ़ में अंतरराष्ट्रीय गोल्फ टूर्नामेंट की शुरुआत, दुनियाभर के खिलाड़ी लेंगे हिस्सा

रायपुर  छत्तीसगढ़ को वैश्विक गोल्फ मानचित्र पर स्थापित करने के लिए जल्द ही अंतरराष्ट्रीय स्तर के टूर्नामेंट का आयोजन करने की तैयारी चल रही है। यह आयोजन नवा रायपुर में किया जाएगा। इसके लिए  वल्र्ड प्रोफेशनल गोल्फ टूर ऑफ इंडिया (पीजीटीआई) के सीईओ अमन दीप जोहल ने मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सुबोध कुमार ङ्क्षसह से मुलाकात की और आयोजन के लेकर विस्तृत चर्चा की। इसके अलावा बैठक में नवा रायपुर में अंतरराष्ट्रीय गोल्फ कोर्स विकसित करने पर भी विचार-विमर्श हुआ। इस अवसर पर नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष अंकित आनंद और छत्तीसगढ़ सरकार के उद्योग एवं वाणिज्य सचिव रजत कुमार भी मौजूद थे। गोल्फ इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर जोर छत्तीसगढ़ में गोल्फ इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास करने पर जोर दिया गया। अमन दीप जोहल ने अधिकारियों को प्रोपीजीटीआई कैलेंडर के विस्तार और गोल्फ से पर्यटनए आतिथ्य और रोजगार के क्षेत्रों में उत्पन्न होने वाले अवसरों की जानकारी दी। राज्य को गोल्फ और इससे जुड़ी आर्थिक गतिविधियों के उभरते केंद्र के रूप में स्थापित करने, स्पोट््र्स टूरिज्म को बढ़ावा देने और युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया। राज्य में नए गोल्फ कोर्स अधोसंरचना के विकास से रोजगार सृजन को प्रोत्साहन मिलेगा। एसईसीएल छत्तीसगढ़ ओपन का सफल आयोजन नवा रायपुर के भारतीय पेशेवर गोल्फ सर्किट पर एक महत्वपूर्ण स्थल के रूप में उभरने को रेखांकित करता है, और यह खेल के अपने पारंपरिक केंद्रों से आगे बढ़ते प्रसार को भी दर्शाता है। बैठक में राज्य में नए गोल्फ कोर्स और संबंधित इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के तरीकों पर भी चर्चा हुई, जिससे खेल पर्यटन को बढ़ावा मिल सकता है, रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं, आतिथ्य और संबंधित क्षेत्रों को समर्थन मिल सकता है, और छत्तीसगढ़ को पेशेवर गोल्फ के लिए भविष्य के गंतव्य के रूप में स्थापित किया जा सकता है। एसईसीएल छत्तीसगढ़ ओपन का सफल आयोजन नवा रायपुर के भारतीय पेशेवर गोल्फ सर्किट पर एक महत्वपूर्ण स्थल के रूप में उभरने को रेखांकित करता है, और यह खेल के अपने पारंपरिक केंद्रों से आगे बढ़ते प्रसार को भी दर्शाता है। नवा रायपुर में ओपन गोल्फ चैंपियनशिप  रायपुर के फेयरवे गोल्फ एंड लैक रिज़ॉर्ट में छत्तीसगढ़ ओपन गोल्फ चैंपियनशिप के दूसरे एडिशन का आयोजन रायपुर में होने जा रहा है, जिसमें देश विदेश के 126 खिलाड़ी शामिल होंगे। यह टूर्नामेंट PGTI का 2026 सीजन का पहला टूर्नामेंट होगा, जो 3 से 6 फरवरी तक नया रायपुर के शानदार फेयरवे गोल्फ एंड लेक रिजॉर्ट में खेला जाएगा।इस इवेंट के लिए प्राइज मनी जो पिछले साल पहले एडिशन में 1 करोड़ रुपये थी, इस साल दूसरे एडिशन के लिए बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपये कर दी गई है। नवा रायपुर मेें वैश्विक गोल्फ टूर्नामेंट नवा रायपुर में आने वाले दिनों में गोल्फ का वैश्विक स्तर का टूर्नामेंट आयोजित किया जाएगा। इसके लिए यहां विश्वस्तरीय अधोसंरचना विकसित की जाएगी। गुरुवार को प्रोफेशनल गोल्फ टूर ऑफ इंडिया (पीजीटीआई) के अध्यक्ष व पद्म भूषण कपिल देव ने इस संबंध में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साथ चर्चा की और नवा रायपुर में विश्वस्तरीय गोल्फ सुविधाओं के विकास पर जोर दिया। कविल देव ने मुख्यमंत्री से छत्तीसगढ़ में गोल्फ को आगे बढ़ाने के लिए एक अहम साझेदारी के तहत नवा रायपुर में अंतरराष्ट्रीय स्तर की गोल्फ सुविधाएं विकसित करने का अनुरोध किया, जिससे आने वाले समय में यहां वैश्विक स्तर के टूर्नामेंट आयोजित किए जा सके। बैठक में नवा रायपुर में अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप स्तर का गोल्फ कोर्स विकसित करने के प्रस्ताव पर विशेष रूप से विचार किया गया। 

धमतरी का डंका: पंचायत विकास सूचकांक में मंदरौद ग्राम पंचायत प्रदेश में अव्वल

रायपुर       ​ छत्तीसगढ़ में ग्रामीण विकास और सशक्तिकरण के क्षेत्र में धमतरी जिले ने एक नया इतिहास रचा है। राज्य सरकार द्वारा जारी पंचायत विकास सूचकांक (PDI) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, धमतरी जिले की ग्राम पंचायतों ने शानदार प्रदर्शन किया है। इसमें सबसे बड़ी उपलब्धि कुरूद विकासखंड की मंदरौद ग्राम पंचायत के नाम रही है, जिसने 'गरीबी मुक्त एवं आजीविका संवर्धन' (थीम-1) में 94.4 अंक हासिल कर पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। ​सतत विकास के मॉडर्न मॉडल के रूप में उभरा धमतरी ​PDI रैंकिंग में केवल मंदरौद ही नहीं, बल्कि जिले की अन्य पंचायतों ने भी अपनी छाप छोड़ी है। 'स्वस्थ पंचायत', 'जल संपन्न पंचायत' और 'स्वच्छ एवं हरित पंचायत' जैसी श्रेणियों में जिले की कई पंचायतों ने A+ और A ग्रेड प्राप्त कर यह साबित किया है कि यहाँ शासन की योजनाएं केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर मजबूती से उतर रही हैं। ​"पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा"     ​ इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर राज्य के नेतृत्व और स्थानीय प्रशासन ने हर्ष व्यक्त किया है।उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत मंत्री ​ विजय शर्मा  मंत्री ने मंदरौद पंचायत को बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए संकल्पित है। मंदरौद की सफलता प्रदेश की अन्य पंचायतों के लिए एक प्रेरणास्रोत और नवाचार का मॉडल बनेगी।विधायक ​ अजय चंद्राकर ने इस जीत का श्रेय सामूहिक प्रयासों को देते हुए कहा कि बयह स्थानीय जनप्रतिनिधियों, पंचायत अमले और जागरूक ग्रामीणों की मेहनत का फल है। धमतरी विकास के नए मानक स्थापित कर रहा है। कलेक्टर ने इस उपलब्धि को पारदर्शी प्रशासन की जीत बताया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का लक्ष्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है, और यह रैंकिंग उसी दिशा में एक मील का पत्थर है। ​सफलता के पीछे के मुख्य कारक ​मंदरौद और धमतरी की अन्य पंचायतों की इस सफलता के पीछे तीन मुख्य स्तंभ रहे हैं। सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुँचाना। विकास कार्यों में ग्रामीणों की सक्रिय जनभागीदारी सुनिश्चित करना और ​आजीविका पर फोकस करते हुए गरीबी उन्मूलन के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के साधनों का संवर्धन करना रहा।​धमतरी जिले की यह गौरवपूर्ण उपलब्धि छत्तीसगढ़ में ग्रामीण सशक्तिकरण और समग्र विकास की एक नई इबारत लिख रही है।