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सेजबहार फेस-1 कॉलोनी की भूमि से गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल ने हटाया अतिक्रमण

सेजबहार फेस-1 कॉलोनी की भूमि से गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल ने हटाया अतिक्रमण वर्ष 2006 में आवासीय परियोजना हेतु आबंटित भूमि पर निजी बिल्डर द्वारा किया जा रहा था अवैध निर्माण रायपुर, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल ने अपनी परिसंपत्तियों की सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए सेजबहार फेस-1 कॉलोनी स्थित मंडल की भूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटाकर भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराया है। कार्रवाई के दौरान निजी बिल्डर द्वारा बिना अनुमति निर्मित की जा रही सड़क को हटाया गया। दीनदयाल आवास योजना के अंतर्गत कलेक्टर रायपुर के आदेश 03 फरवरी 2006 के माध्यम से ग्राम सेजबहार एवं ग्राम दतरेंगा की कुल 21.538 हेक्टेयर (लगभग 53.19 एकड़) भूमि छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल को आवासीय परियोजना विकसित करने के लिए आबंटित की गई थी। इस भूमि में ग्राम सेजबहार के खसरा क्रमांक 162/1 के भाग तथा ग्राम दतरेंगा के खसरा क्रमांक 341/1 एवं 341/3 शामिल हैं। परियोजना के लिए विकास अनुज्ञा 17 मई 2006 को स्वीकृत की गई थी। 1435 एलआईजी आवासों के निर्माण का था प्रावधान स्वीकृत ले-आउट के अनुसार परियोजना क्षेत्र में कुल 1435 एलआईजी (लो इनकम ग्रुप) आवासों का निर्माण प्रस्तावित था। मंडल द्वारा किए गए स्थल निरीक्षण एवं अभिलेख परीक्षण में पाया गया कि 1435 प्रस्तावित आवासों में से 1327 आवास स्वीकृत ले-आउट के अनुरूप निर्मित किए गए, जबकि 39 आवास स्वीकृत अभिन्यास से पृथक निर्मित पाए गए। इस प्रकार कुल 1366 आवासों का निर्माण किया गया। भूमि विवाद के कारण नहीं बन सके 79 आवास निरीक्षण, अभिलेख परीक्षण तथा पूर्व अधिकारियों एवं अभियंताओं से प्राप्त जानकारी के अनुसार निर्माण अवधि के दौरान भूमि विवाद उत्पन्न होने के कारण स्वीकृत ले-आउट में दर्शाए गए भवन क्रमांक 1287 से 1345 तथा 1412 से 1431 तक कुल 79 आवासों का निर्माण नहीं हो सका। सातवें चरण के अंतर्गत अनुबंध क्रमांक 41, दिनांक 07 अगस्त 2006 के तहत 192 आवासों के निर्माण का प्रावधान था, जिसके अंतर्गत 193 एलआईजी आवासों का निर्माण किया गया। विवादित क्षेत्र में स्थित 79 आवासों का निर्माण न होने के कारण उनका विक्रय भी नहीं किया गया। सीमांकन के दौरान सामने आया अतिक्रमण हाल ही में मंडल द्वारा अपनी लगभग 18 हेक्टेयर भूमि का राजस्व अभिलेखों के आधार पर सीमांकन कराया गया। सीमांकन के दौरान यह तथ्य सामने आया कि एक निजी बिल्डर द्वारा मंडल की भूमि के हिस्से पर अवैध रूप से कब्जा कर सड़क निर्माण किया जा रहा है। सीमांकन रिपोर्ट में अतिक्रमण की पुष्टि होने के बाद मंडल ने तत्काल कार्रवाई प्रारंभ की। अवैध सड़क हटाकर भूमि को कराया अतिक्रमणमुक्त कार्यपालन अभियंता संभाग क्रमांक-3, सेजबहार रायपुर श्री नितेश कश्यप के नेतृत्व में मंडल की टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। इस दौरान संपदा अधिकारी श्री अमृत लाल बरमन, सहायक अभियंता श्री हेमंत निषाद, उप अभियंता श्रीमती निकिता मिश्रा, श्री अनुपम राठौर, श्री पेमेन्द्र ध्रुव, श्री अमय विक्रम तथा श्री कमलेश दास सहित अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति में अनधिकृत सड़क को हटाकर भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराया गया। भूमि पर विकसित होगी नई आवासीय परियोजना मंडल के अधिकारियों ने बताया कि संबंधित भूमि मंडल की महत्वपूर्ण परिसंपत्ति है तथा भविष्य में इस क्षेत्र में नई आवासीय परियोजना विकसित करने की योजना है। उन्होंने कहा कि मंडल अपनी भूमि एवं परिसंपत्तियों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है तथा किसी भी प्रकार के अतिक्रमण के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रखी जाएगी।

छत्तीसगढ़ में प्रयास स्कूल एडमिशन के नतीजे घोषित, यहां देखें चयन सूची

अम्बिकापुर. मुख्यमंत्री बाल भविष्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत संचालित प्रयास आवासीय विद्यालयों में सत्र 2026-27 हेतु कक्षा 9वीं में प्रवेश के लिए आयोजित प्राक्चयन परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया गया है। आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रयास आवासीय विद्यालयों में प्रवेश के लिए प्राक्चयन परीक्षा का आयोजन 10 मई 2026 को किया गया था। परीक्षा के उपरांत प्राप्त दावा-आपत्तियों का निराकरण कर अंतिम परिणाम विभागीय वेबसाइट पर जारी कर दिया गया है। अभ्यर्थी अपना रोल नंबर और मोबाइल नंबर दर्ज कर परिणाम देख सकते हैं। जिला प्रशासन ने विद्यार्थियों एवं अभिभावकों से काउंसलिंग संबंधी जानकारी के लिए विभागीय वेबसाइट का नियमित अवलोकन करने की अपील की है। प्रवेश प्रक्रिया से जुड़ी आगामी जानकारी भी वेबसाइट पर जारी की जाएगी। प्रयास आवासीय विद्यालय – भारत में आदिवासी छात्रों के लिए एक स्कूल है। यह विद्यालय आदिवासी क्षेत्रों के छात्रों के लिए पूरी तरह से नि: शुल्क है। प्रार्थना स्कूल फाउंडेशन प्रयास का हिस्सा है। राज्य के नक्सल प्रभावित जिलों के छात्रों के लिए मुख्यमंत्री की बाल संरक्षण योजना के तहत छत्तीसगढ़ सरकार के प्रयासों को ग्यारहवीं और बारहवीं श्रेणी के वर्गों में सौंपा गया है और इन स्कूलों में उन्हें पीएमटी, पीईटी प्रदान किया गया है। और जे.ई.ई. प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए नि: शुल्क कोचिंग भी प्रदान किया जा रहा है जैसे कि। राजपुरा रायपुर सहित सभी पांच डिवीजनल मुख्यालयों में पहल, आवासीय विद्यालय चलाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ। रमन सिंह के नेतृत्व में, अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग से संबंधित छात्रों का भविष्य सुनिश्चित किया जा रहा है।

सोनहत एनीकट निर्माण के लिए 3.49 करोड़ रुपये स्वीकृत

सोनहत एनीकट निर्माण के लिए 3.49 करोड़ रुपये स्वीकृत   120 हेक्टेयर में सिंचाई, भू-जल संवर्धन और पेयजल को मिलेगा लाभ रायपुर,  छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग ने कोरिया जिले के विकासखंड सोनहत में सोनहत एनीकट निर्माण कार्य के लिए 3 करोड़ 49 लाख 48 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की है। इस एनीकट के निर्माण से किसानों द्वारा स्वयं के साधन से लगभग 120 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी, जिससे रबी और खरीफ फसलों की पैदावार बढ़ने की उम्मीद है।         इस योजना का निर्माण कार्य कराने के लिए मुख्य अभियंता, हसदेव गंगा कछार, जल संसाधन विभाग अंबिकापुर को स्वीकृति दी गई है। किसानों और ग्रामीणों को मिलेगा लाभ           एनीकट के बनने से क्षेत्र में भू-जल संवर्धन होगा। निस्तारी और पेयजल की सुविधा बेहतर होगी। साथ ही आवागमन भी सुगम होगा।  किसानों को इसके निर्माण से लगभग 120 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी l

राज्यपाल ने रानी लक्ष्मी बाई के बलिदान दिवस पर उन्हें नमन किया

राज्यपाल ने रानी लक्ष्मी बाई के बलिदान दिवस पर उन्हें नमन किया रायपुर,  राज्यपाल रमेन डेका ने आज यहां लोकभवन में वीरांगना रानी लक्ष्मी बाई के बलिदान दिवस पर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।   लोक भवन में उपस्थित लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू और सांसद बृजमोहन अग्रवाल सहित राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर प्रसन्ना एवं लोक भवन  के अन्य अधिकारियों कर्मचारियों ने भी रानी लक्ष्मीबाई को श्रद्धांजलि दी।

राज्यपाल रमेन डेका ने किया लोकसभा अध्यक्ष बिड़ला का आत्मीय स्वागत

राज्यपाल रमेन डेका ने किया लोकसभा अध्यक्ष बिड़ला का आत्मीय स्वागत रायपुर, राज्यपाल रमेन डेका ने आज लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला के लोकभवन आगमन पर उनका आत्मीय स्वागत किया और उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह,केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने भी बिरला का स्वागत किया।

किसानों को बड़ी राहत! CM हेल्पलाइन 1076 पर शिकायत दर्ज होते ही 24 घंटे में कार्रवाई

रायपुर  छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण का प्रभावी माध्यम बन रही है। सरगुजा जिले के ग्राम पंचायत सराईटीकरा निवासी किसान राजनाथ राजवाड़े की समस्या का समाधान शिकायत दर्ज होने के 24 घंटे के भीतर कर प्रशासन ने इसकी उपयोगिता का उदाहरण प्रस्तुत किया है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार खरीफ फसल के लिए खाद की व्यवस्था को लेकर चिंतित किसान राजनाथ राजवाड़े ने खेत में बैल चराने के दौरान मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के बारे में जानकारी मिलने पर अपनी समस्या दर्ज कराई। शिकायत प्राप्त होते ही प्रशासन सक्रिय हुआ और करीब दो घंटे के भीतर कृषि विभाग के अधिकारियों ने उनसे संपर्क कर स्थिति की जानकारी ली तथा उनके घर पहुंचकर आवश्यक प्रक्रिया शुरू की। जांच में पता चला कि शासकीय व्यवस्था के माध्यम से खाद एवं बीज प्राप्त करने के लिए किसान का सहकारी बैंक में खाता तथा किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) होना आवश्यक है। अधिकारियों ने पहल करते हुए किसान को पूरी प्रक्रिया में सहयोग प्रदान किया। बैंक का समय समाप्त हो जाने के कारण अगले दिन सहकारी बैंक में उनका खाता खुलवाया गया, पासबुक जारी की गई और आवश्यक दस्तावेज जमा कराए गए। इसके बाद अल्प समय में किसान क्रेडिट कार्ड जारी कर दिया गया। केसीसी मिलने के साथ ही किसान को आवश्यक खाद और बीज उपलब्ध करा दिए गए तथा भविष्य में कृषि कार्यों के लिए ऋण और नकद सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया भी सुगम हो गई। बिना किसी कार्यालय के चक्कर लगाए समस्या का समाधान होने पर किसान ने संतोष व्यक्त किया। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने के 24 घंटे के भीतर ही पूरा कार्य हो गया और उन्हें खाद के लिए भटकना नहीं पड़ा। उन्होंने किसानों और आम नागरिकों के लिए हेल्पलाइन व्यवस्था को उपयोगी बताते हुए मुख्यमंत्री तथा जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

खिलाड़ियों को उत्कृष्ट सुविधाएं देने में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, कार्यों में तेजी लाकर 15 दिनों में दें प्रगति रिपोर्ट – अरुण साव

रायपुर  उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  अरुण साव ने आज बिलासपुर में स्वर्गीय बी.आर. यादव राज्य खेल प्रशिक्षण केन्द्र बहतराई का औचक निरीक्षण कर निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की धीमी प्रगति पर अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों के प्रति कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निरीक्षण के दौरान कार्यों को जल्दी पूरा करने, सुविधाएं बढ़ाने तथा प्रशिक्षण केंद्र की अधोसरंचना को मजबूत करने जिला प्रशासन, लोक निर्माण विभाग तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री  साव ने निरीक्षण के दौरान मैपलवुड फ्लोरिंग, तीरंदाजी मैदान, हॉकी गैलरी एवं फ्लड लाइट, कबड्डी इण्डोर व आउटडोर मैदान, एच.व्ही.ए.सी. कार्य तथा आउटडोर स्टेडियम के कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से हॉस्टल के रखरखाव की जानकारी लेते हुए नाराजगी व्यक्त की कि जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) मद से राशि उपलब्ध होने के बावजूद आवश्यक मेंटेनेंस कार्य समय पर नहीं किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि संसाधनों की उपलब्धता के बाद भी काम में देरी स्वीकार्य नहीं है। उप मुख्यमंत्री ने कार्यों की धीमी गति पर नाखुशी जाहिर करते हुए अधिकारियों से कहा कि बिलासपुर प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा मुख्यालय है। यहां खिलाड़ियों की सुविधा बढ़ाने किए जा रहे कार्यों की गति बहुत धीमी है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के उप अभियंता, एसडीओ, कार्यपालन अभियंता एवं अन्य अधिकारियों को बेहतर समन्वय के साथ सभी कार्यों में तेजी लाते हुए इन्हें योजनाबद्ध तरीके से शीघ्र पूर्ण करने को कहा। उन्होंने संयुक्त बैठक कर लंबित कार्यों को जल्दी पूरा करने की कार्ययोजना बनाने तथा 15 दिनों के भीतर सभी निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की वस्तुस्थिति के बारे में उप मुख्यमंत्री कार्यालय आकर प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश कार्यपालन अभियंता  बी.बी.एस. गौतम को दिए।  साव ने इण्डोर स्टेडियम में मैपलवुड फ्लोरिंग के लिए वर्ष 2017 में कार्यादेश जारी होने के बावजूद इसके अब तक अधूरे रहने पर लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता, अनुविभागीय अधिकारी तथा उप अभियंता पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए शीघ्र कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इतने लंबे समय तक कार्यों का लंबित रहना गंभीर विषय है। सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं और उनकी नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। उप मुख्यमंत्री  साव ने इण्डोर स्टेडियम में एच.व्ही.ए.सी. कार्य के लिए अतिरिक्त राशि की जरूरत पर लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को प्राक्कलन तैयार करने के पहले स्थल का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने एच.व्ही.ए.सी. कार्य तेजी से पूर्ण करने तथा डक्टिंग की पूर्ण रूप से सफाई करने को कहा। उन्होंने एस.ई.सी.एल. द्वारा दो करोड़ की लागत से बनाए जा रहे तीरंदाजी मैदान के निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा के दौरान इसका निर्माण आगामी जुलाई तक पूर्ण कराने के निर्देश खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सहायक संचालक  ए. एक्का को दिए। उन्होंने आउटडोर स्टेडियम में स्थापित हाई मास्ट लाइट के तत्काल मरम्मत के भी निर्देश दिए।   साव ने निर्माणाधीन कबड्डी इण्डोर एवं आउटडोर मैदान की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति के लिए लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता को प्रमुख अभियंता कार्यालय में स्वयं उपस्थित होकर जानकारी प्रस्तुत करने तथा मंत्रालय से समन्वय कर पुनरीक्षित स्वीकृति प्राप्त करने को कहा। उन्होंने लोक निर्माण विभाग तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों को संयुक्त रूप से स्टेडियम परिसर का निरीक्षण कर अन्य आवश्यक कार्यों के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने हॉकी मैदान में बन रहे पैवेलियन में अधिकारियों के लिए टॉयलेट बनाने के साथ ही दर्शकों के लिए टॉयलेट की संख्या में बढ़ोतरी के भी निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री  साव ने निरीक्षण के दौरान कहा कि बहतराई खेल प्रशिक्षण केन्द्र को उत्कृष्ट खेल प्रशिक्षण केन्द्र के रूप में विकसित करने खेल एवं युवा कल्याण विभाग खेल अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण, आधुनिक सुविधाओं के विस्तार और खिलाड़ियों के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को सभी कार्यों में तेजी लाते हुए समयबद्ध ढंग से पूरा करने को कहा, ताकि खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और खेल सुविधाओं का लाभ यथाशीघ्र मिल सके। विधायक  सुशांत शुक्ला, कलेक्टर  संजय अग्रवाल, नगर निगम के आयुक्त  प्रकाश कुमार सर्वे और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  संदीप अग्रवाल भी  साव के निरीक्षण के दौरान मौजूद थे।

अपनी जड़ों से जुड़कर आगे बढ़ेगा समाज , विकास में सरकार हर कदम पर साथ – मुख्यमंत्री साय

रायपुर   मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज गरियाबंद जिले के ग्राम दर्रापारा में अखिल भारतीय गोंडवाना गोंड महासभा केंद्रीय समिति बिन्द्रानवागढ़ द्वारा आयोजित कार्यक्रम में 1 करोड़ 7 लाख रुपए की लागत से निर्मित कचना धुरवा गोंडवाना भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर आदिवासी परंपरा के अनुरूप मुख्यमंत्री का पगड़ी पहनाकर एवं पीला चावल से तिलक लगाकर आत्मीय स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री  साय ने कार्यक्रम स्थल स्थित आदिवासी देवस्थल देवठाना में पारंपरिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत पीपल का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं समाज के प्रतिनिधियों ने भी वृक्षारोपण किया। सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि कचना धुरवा की यह पवित्र भूमि आदिवासी समाज की आस्था, संस्कृति और गौरवशाली विरासत का प्रतीक है। उन्होंने गोंडवाना भवन के निर्माण के लिए समाज को बधाई देते हुए कहा कि यह भवन सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक और सामुदायिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा तथा नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता के आशीर्वाद से बनी सरकार प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी की गारंटी के अनुरूप निरंतर कार्य कर रही है। बीते ढाई वर्षों में गरीब, किसान, महिला, युवा और जनजातीय समाज के उत्थान के लिए अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। मुख्यमंत्री  साय ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत प्रदेश में 18 लाख गरीब परिवारों को आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें 10 लाख 60 हजार से अधिक आवास पूर्ण हो चुके हैं। प्रतिदिन लगभग 1600 आवासों का निर्माण किया जा रहा है। किसानों को 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान का मूल्य मिल रहा है, तेंदूपत्ता संग्राहकों को 5500 रुपए प्रति मानक बोरा की दर से भुगतान किया जा रहा है तथा महतारी वंदन योजना के तहत लगभग 70 लाख महिलाओं के खातों में प्रतिमाह एक हजार रुपए की राशि अंतरित की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय गरियाबंद और बस्तर क्षेत्र नक्सलवाद की चुनौती से प्रभावित थे, लेकिन आज यहां शांति, सुरक्षा और विकास का वातावरण निर्मित हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों और सुरक्षा बलों के प्रयासों से विकास की नई तस्वीर उभर रही है। नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से दूरस्थ गांवों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि रामलला दर्शन योजना के माध्यम से अब तक 42 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या धाम के दर्शन कर चुके हैं। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के जरिए भी प्रदेशवासियों को विभिन्न धार्मिक स्थलों के दर्शन का अवसर मिल रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि सरचार्ज माफी का लाभ लेने के लिए उपभोक्ता नजदीकी बिजली कार्यालय में पंजीयन कराएं। प्रदेश में अब तक 757 करोड़ रुपए से अधिक की राशि माफ की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के माध्यम से आम नागरिकों को आय, जाति, निवास सहित विभिन्न प्रमाण पत्र आसानी से उपलब्ध हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 का उल्लेख करते हुए कहा कि शासन की मंशा आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। खाता विभाजन, नामांतरण, फौती, बिजली ट्रांसफार्मर सहित विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन लगातार कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री की महत्वपूर्ण घोषणाएं मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कचना धुरवा गोंडवाना भवन परिसर के विकास के लिए 63 लाख रुपए की घोषणाएं कीं। इनमें भवन की बाउंड्रीवाल निर्माण हेतु 27 लाख रुपए, छात्र-छात्राओं के लिए ग्रंथालय निर्माण हेतु 20 लाख रुपए, भगवान कचना धुरवा की प्रतिमा स्थापना हेतु 6 लाख रुपए तथा भवन के सौंदर्यीकरण हेतु 10 लाख रुपए की स्वीकृति शामिल है। आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री  रामविचार नेताम ने कहा कि समाज की आवश्यकताओं के अनुरूप लगभग ढाई एकड़ भूमि में यह भव्य भवन निर्मित किया गया है। उन्होंने कहा कि अपनी संस्कृति और परंपराओं को सुरक्षित रखते हुए समाज को शिक्षित, संगठित और आत्मनिर्भर बनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार गरीबों, किसानों और जनजातीय समाज के उत्थान के लिए लगातार कार्य कर रही है। पीएम जनमन योजना के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजातियों तक बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाने का भी आह्वान किया। कार्यक्रम में जिले के प्रभारी मंत्री एवं खाद्य मंत्री  दयाल दास बघेल, सांसद मती रूपकुमारी चौधरी, राजिम विधायक  रोहित साहू  सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, गोंड महासभा के पदाधिकारी, समाजजन, महिलाएं एवं बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे।

लोक निर्माण विभाग के सचिव ने निर्माणाधीन कंपोजिट बिल्डिंग के कार्यों का किया निरीक्षण

रायपुर  लोक निर्माण विभाग के सचिव  मुकेश कुमार बंसल ने आज गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में पेण्ड्रा रोड में निर्माणाधीन कंपोजिट बिल्डिंग का निरीक्षण किया। उन्होंने भवन में चल रहे फिनिशिंग कार्यो के साथ ही शेष रह गए कार्यो की जानकारी ली। उन्होंने पूर्ण गुणवत्ता के साथ काम करते हुए आगामी अगस्त माह तक इसका निर्माण पूरा करने के निर्देश निर्माण एजेंसी को दिए। उन्होंने लगभग 17 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे कंपोजिट बिल्डिंग में कलेक्टर चेंबर, कलेक्टर न्यायालय, मीटिंग हॉल, वेटिंग रुम, आवक-जावक शाखा, पोर्च और लिफ्ट सहित विभिन्न कमरों का अवलोकन कर वहां लगे टाइल्स, ग्रेनाइट, वायरिंग इत्यादि कार्यों की गुणवत्ता देखी।  सचिव  बंसल ने कलेक्टर न्यायालय एवं मीटिंग हॉल में आवश्यक सुधार के निर्देश भी दिए। उन्होंने मुख्य मार्ग से भवन तक पहुंच मार्ग, परिसर की बाउंड्रीवॉल, पार्किंग तथा  कैन्टीन के काम जल्दी पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन को विभिन्न विभागों के लिए कक्ष आबंटन की कार्यवाही करने को कहा। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता  व्ही.के. भतपहरी, जिला पंचायत के सीईओ  मुकेश रावटे और लोक निर्माण विभाग की कार्यपालन अभियंता मती नित्य कुमारी ठाकुर सहित अन्य अधिकारी भी  बंसल के निरीक्षण के दौरान मौजूद थे।

जिंदल फाउंडेशन की पहल: जिला जेल रायगढ़ में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने की बंदियों की स्वास्थ्य जांच

रायगढ़ समाज के प्रत्येक वर्ग तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के उद्देश्य से जिंदल फाउंडेशन एवं फोर्टिस–ओपी जिंदल अस्पताल के संयुक्त तत्वावधान में जिला जेल, रायगढ़ में बहु-विशेषज्ञ स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में कुल 203 बंदियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा उन्हें आवश्यकतानुसार निःशुल्क दवाइयां भी प्रदान की गईं। शिविर में सामान्य चिकित्सा, स्त्री एवं प्रसूति रोग, कान-नाक-गला (ईएनटी), नेत्र रोग तथा दंत चिकित्सा के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने भाग लिया। विशेषज्ञ डॉक्टरों ने पुरुष एवं महिला बंदियों की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की जांच कर आवश्यक परामर्श प्रदान किया। साथ ही विभिन्न बीमारियों की रोकथाम, व्यक्तिगत स्वच्छता एवं स्वस्थ जीवनशैली के संबंध में भी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। जेल परिसर में इस प्रकार की विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता ने बंदियों को ऐसे चिकित्सकीय परामर्श और उपचार तक पहुंच प्रदान की, जो सामान्य परिस्थितियों में उनके लिए सहज रूप से उपलब्ध नहीं हो पाते। शिविर के माध्यम से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की समय पर पहचान एवं उपचार सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। इस अवसर पर जेल प्रशासन ने जिंदल फाउंडेशन एवं फोर्टिस–ओपी जिंदल अस्पताल के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की पहलें बंदियों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। यह स्वास्थ्य शिविर समाज के सभी वर्गों, विशेषकर सुधार गृहों में निवासरत व्यक्तियों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के प्रति जिंदल फाउंडेशन की सतत प्रतिबद्धता का परिचायक है।