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वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री देवांगन ने

रायपुर वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री  देवांगन ने कोरबा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 61.82 लाख की लागत से निर्मित रैन बसेरा का किया लोकार्पण वाणिज्य, उद्योग, श्रम, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री  लखन लाल देवांगन द्वारा आज कोरबा स्थित स्व.  बिसाहू दास महंत स्मृति मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एसईसीएल के सीएसआर मद से 61.82 लाख रुपये की लागत से निर्मित सर्वसुविधायुक्त आश्रयालय का लोकार्पण किया।  वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री  देवांगन ने कोरबा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 61.82 लाख की लागत से निर्मित रैन बसेरा का किया लोकार्पण  कार्यक्रम में मंत्री  देवांगन ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्यरत है। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में कोरबा मेडिकल कॉलेज अस्पताल को 4.50 करोड़ रुपये की अत्याधुनिक जांच मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने कहा कि 50 बिस्तर क्षमता वाला क्रिटिकल केयर यूनिट 16.50 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन है, जो शीघ्र ही पूर्ण होगा। इसी प्रकार कैजुअल्टी भवन के ऊपरी तल पर 100 बिस्तरों वाले नए वार्ड का निर्माण लगभग 3 करोड़ रुपये में जारी है। गर्मी से मरीजों व परिजनों को राहत दिलाने के उद्देश्य से अस्पताल में 83 एयर कंडीशनर लगाए जा रहे हैं।      मंत्री ने कहा कि 40 बिस्तरों की क्षमता वाला आई वार्ड लगभग 1 करोड़ 21 लाख रुपये की लागत से जल्द प्रारंभ किया जाएगा। नवजात शिशुओं हेतु 6 बिस्तरों का विशेष वार्ड तैयार किया गया है। साथ ही सीएसआर एवं डीएमएफ फंड से सीटी स्कैन और एमआरआई मशीन की खरीद की प्रक्रिया अंतिम चरण में है, जिसके बाद जिलेवासियों को अत्याधुनिक उपचार सुविधाएँ मिलेंगी। उन्होंने कहा कि नए आश्रयालय (रैन-बसेरा) के शुरू होने से मरीजों के परिजनों को ठहरने में अब किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएँ समय पर उपलब्ध हों।      कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं महापौर मती संजू देवी राजपूत ने कहा कि सुशासन की सरकार एवं केबिनेट मंत्री  लखन लाल देवांगन के नेतृत्व में पिछले दो वर्षों में कोरबा में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति दर्ज की गई है। इस अवसर पर सभापति  नूतन ठाकुर तथा मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डीन डॉ. के.के. सहारे उपस्थित रहे।

33/11 केवी उपकेन्द्र निर्माण की रखी गई आधारशिला, 12 गांव होंगे लाभान्वित

रायपुर उप मुख्यमंत्री ने ग्राम जैतपुरी में 5.20 लाख रुपए के सीसी रोड निर्माण की घोषणा की रामनवमी के शुभ अवसर पर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कबीरधाम जिले के ग्राम जैतपुरी में विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ी सौगात देते हुए 2 करोड़ 98 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले 33/11 के.व्ही., 5 एम.वी.ए. क्षमता के नवीन विद्युत उपकेन्द्र का विधिवत भूमि पूजन कर निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। इस उपकेन्द्र के स्थापित होने से जैतपुरी सहित आसपास के 12 गांवों के करीब 1 हजार 750 से अधिक उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा और उन्हें गुणवत्तापूर्ण, नियमित एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध हो सकेगी। वर्षों से लो वोल्टेज, बार-बार बिजली बाधित होने और लंबी फीडर लाइन की समस्या से जूझ रहे क्षेत्रवासियों को राहत मिलेगी। इस दौरान उप मुख्यमंत्री ने ग्राम जैतपुरी में 5 लाख 20 हजार रुपए के सीसी रोड निर्माण की घोषणा की।  उप मुख्यमंत्री ने ग्राम जैतपुरी में 5.20 लाख रुपए के सीसी रोड निर्माण की घोषणा की           उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार गांव और वनांचल क्षेत्रों के विकास पर भी पूरा ध्यान दे रही है। उन्होंने बताया कि यह नया बिजली उपकेन्द्र बनने से क्षेत्र में बिजली की समस्या दूर होगी और विकास तेजी से बढ़ेगा। अब लोगों को लो-वोल्टेज और बार-बार बिजली जाने की परेशानी से राहत मिलेगी। इस परियोजना के पूरा होने के बाद बिजली व्यवस्था स्थायी रूप से बेहतर हो जाएगी।          उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने बताया कि इस उपकेन्द्र में 5 एमवीए क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर स्थापित किया जाएगा तथा यहां से 3 अलग-अलग 11 केवी फीडर निकाले जाएंगे, जिससे आसपास के 12 गांव सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। इस व्यवस्था से क्षेत्र में वोल्टेज की समस्या दूर होगी, जिससे किसानों को विशेष रूप से राहत मिलेगी और कृषि कार्य के लिए निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। इस दौरान उन्होंने  प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास निर्माण की जानकारी दी। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष  ईश्वरी साहू, पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण सदस्य  भगत पटेल,  नितेश अग्रवाल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  कैलाश चंद्रवंशी, जनपद उपाध्यक्ष  नंद वास,  लोकचंद साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे। 2.98 करोड़ रुपए की लागत से होगा निर्माण, विकास को मिलेगी नई दिशा         विकासखंड कवर्धा के ग्राम जैतपुरी में नवीन 33/11 केवी विद्युत उपकेन्द्र का निर्माण कार्य प्रारंभ होने से क्षेत्र के समग्र विकास को नई गति मिलेगी और क्षेत्रवासियों के लिए सुविधाओं का विस्तार करेगी। ग्राम जैतपुरी में लगभग 2 करोड़ 98 लाख रुपए की लागत से उपकेन्द्र का निर्माण किया जाएगा। इसमें 5 एमवीए क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर स्थापित किया जाएगा, जिससे क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति की क्षमता बढ़ेगी। 12 गांवों को मिलेगा सीधा लाभ            ग्राम जैतपुरी में स्थापित होने वाला यह नया विद्युत सबस्टेशन क्षेत्र की बिजली व्यवस्था को मजबूत करेगा। इसके माध्यम से जैतपुरी, सिंघनपुरी, लालपुर, तारो, खैरबना, धनडबरा, बटालियन, मंडलाकोना, हाथीडोब सहित कुल 12 गांवों को सीधा लाभ मिलेगा, जहां लंबे समय से लो वोल्टेज और अनियमित बिजली की समस्या बनी हुई थी। इस उपकेन्द्र से उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा और क्षेत्र में नियमित, गुणवत्तापूर्ण एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। 1750 से अधिक उपभोक्ताओं को मिलेगी बेहतर बिजली          नए सब स्टेशन के निर्माण से लगभग 1750 से अधिक उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध विद्युत आपूर्ति मिल सकेगी। वर्तमान में 8 गांवों की बिजली आपूर्ति जोरताल सबस्टेशन से संचालित 11 केवी खैरबना फीडर के माध्यम से होती है। खैरबना फीडर की लंबाई लगभग 40 किलोमीटर है, जिस पर पीक सीजन में 120 एम्पियर तक लोड रहता है। इसके कारण अंतिम छोर के गांवों में लो वोल्टेज की समस्या बनी रहती है, जिससे विशेषकर कृषि पंप उपभोक्ताओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। साथ ही, लंबी लाइन होने के कारण बार-बार फाल्ट और बिजली बाधित होने की समस्या भी सामने आती है। इस समस्या से अब निजात मिलेगा और गांव के लोगों को राहत मिलेगी।

कर्नाटक का स्वर्णिम प्रदर्शन, तैराकी में पूर्ण वर्चस्व

रायपुर खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के तीसरे दिन कर्नाटक ने अंतर्राष्ट्रीय स्विमिंग पूल में शानदार प्रदर्शन करते हुए पदक तालिका में अपनी बढ़त और मजबूत कर ली। कर्नाटक 10 से अधिक स्वर्ण पदक जीतने वाला पहला राज्य बन गया है। तीसरे दिन के अंत तक कर्नाटक को कुल 13 स्वर्ण, 5 रजत और 1 कांस्य पदक हो गए हैं, जिनमें सभी स्वर्ण पदक तैराकी स्पर्धाओं से प्राप्त हुए हैं। मणिकांता एल का जलवारू अकेले जीते आठ स्वर्ण          कर्नाटक के स्टार तैराक मणिकांता एल ने लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए तीसरे दिन दो स्वर्ण और एक रजत पदक अपने नाम किए। अब तक वे कुल आठ स्वर्ण पदक जीतकर प्रतियोगिता के सबसे सफल खिलाड़ी बन चुके हैं और कर्नाटक की बढ़त को मजबूत करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। पदक तालिका में प्रतिस्पर्धा तेज          पदक तालिका में ओडिशा 6 स्वर्ण, 2 रजत और 9 कांस्य के साथ दूसरे स्थान पर बना हुआ है, जबकि असम 2 स्वर्ण, 4 रजत और 2 कांस्य पदकों के साथ तीसरे स्थान पर है। मेजबान छत्तीसगढ़ 3 रजत और 3 कांस्य सहित कुल 6 पदकों के साथ त्रिपुरा के साथ संयुक्त रूप से सातवें स्थान पर बना हुआ है। मेजबान छत्तीसगढ़ का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन         मेजबान छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने तीसरे दिन शानदार प्रदर्शन करते हुए राज्य के लिए एक रजत और दो कांस्य पदक जीते। अनुष्का भगत ने महिलाओं की 50 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक स्पर्धा में रजत पदक जीतकर प्रतियोगिता में अपना तीसरा रजत हासिल किया, जबकि निखिल जाल्को ने पुरुषों की 50 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक में कांस्य पदक जीता। वहीं न्यासा पैकरा ने 100 मीटर बटरफ्लाई में कांस्य पदक जीतकर राज्य का गौरव बढ़ाया। महाराष्ट्र और अरुणाचल प्रदेश ने खोला स्वर्ण खाता तीसरे दिन महाराष्ट्र और अरुणाचल प्रदेश ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए अपना स्वर्ण खाता खोला। महाराष्ट्र की तन्वी धुर्वे ने महिलाओं की 100 मीटर बटरफ्लाई स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतते हुए उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की, जबकि अरुणाचल प्रदेश की अनाई वांगसू ने 58 किग्रा वर्ग में तथा रिचिन चोंगरुजू ने 79 किग्रा वर्ग में वेटलिफ्टिंग में स्वर्ण पदक जीतकर राज्य का नाम रोशन किया। तैराकी स्पर्धाओं में रोमांचक मुकाबले तैराकी स्पर्धाओं में खिलाड़ियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। महिलाओं की 50 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक स्पर्धा में कर्नाटक की मेघांजलि ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि छत्तीसगढ़ की अनुश्का भगत को रजत प्राप्त हुआ। पुरुष वर्ग में मणिकांता एल ने 50 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक और 100 मीटर बटरफ्लाई में स्वर्ण जीतकर शानदार प्रदर्शन किया, वहीं 50 मीटर फ्रीस्टाइल में कर्नाटक के धूनीश एन ने स्वर्ण पदक हासिल किया। वेटलिफ्टिंग में दमदार प्रदर्शन         वेटलिफ्टिंग स्पर्धाओं में भी खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। अरुणाचल प्रदेश की अनाई वांगसू ने 169 किलोग्राम वजन उठाकर 58 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीता, जबकि ओडिशा की बिदु स्मिता भोई ने 63 किग्रा वर्ग में 195 किलोग्राम के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया। पुरुष वर्ग में मिजोरम के एमएच सिलवान बेहरोथतलो ने 71 किग्रा वर्ग में स्वर्ण जीता, जबकि अरुणाचल प्रदेश के रिचिन चोंगरुजू ने 79 किग्रा वर्ग में शीर्ष स्थान प्राप्त किया। देशभर से खिलाड़ियों की भागीदारी          खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के प्रथम संस्करण में 30 राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 3800 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। प्रतियोगिता में तीरंदाजी, एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, तैराकी, वेटलिफ्टिंग और कुश्ती सहित कुल 106 स्वर्ण पदक दांव पर हैं, जबकि मल्लखंभ एवं कबड्डी प्रदर्शन खेल के रूप में शामिल हैं। आगे और रोमांचक मुकाबलों की उम्मीद         तीन दिनों के बाद 14 राज्यों ने कम से कम एक पदक जीत लिया है, जबकि 6 राज्यों ने स्वर्ण पदक हासिल किए हैं। प्रतियोगिता के आगामी दिनों में और अधिक रोमांचक एवं प्रतिस्पर्धात्मक मुकाबलों की उम्मीद जताई जा रही है।

नदी में तटबंध निर्माण से सुरक्षित होंगे घर– उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

रायपुर उपमुख्यमंत्री ने 4.08 करोड़ रूपए की लागत के सकरी नदी तटबंध निर्माण का किया भूमिपूजन सकरी नदी में कटाव को रोकने और ग्रामीणों को बाढ़ से सुरक्षा देने के उद्देश्य से आज ग्राम कोडार में 4.08 करोड़ रुपए की लागत से 250 मीटर लंबे तटबंध निर्माण कार्य का भूमिपूजन उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने किया। इस महत्वपूर्ण परियोजना से ग्राम कोडार के नदी किनारे बसे मकान सुरक्षित होंगे, कटाव की समस्या पर नियंत्रण मिलेगा और ग्रामीणों को निस्तारी की बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी।  उपमुख्यमंत्री ने 4.08 करोड़ रूपए की लागत के सकरी नदी तटबंध निर्माण का किया भूमिपूजन उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने ग्राम रेगाखार पंचायत के आश्रित ग्राम कोडार में आयोजित कार्यक्रम में विधिवत पूजा-अर्चना कर निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के विकास और नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। सकरी नदी के किनारे लगातार हो रहे कटाव से ग्रामीणों को लंबे समय से परेशानी हो रही थी, जिसे ध्यान में रखते हुए इस तटबंध निर्माण की स्वीकृति दी गई है। उन्होंने बताया कि 250 मीटर लंबा यह तटबंध न केवल नदी के कटाव को रोकेगा, बल्कि बाढ़ के दौरान पानी के दबाव से होने वाले नुकसान को भी कम करेगा। इससे नदी किनारे बसे घर सुरक्षित रहेंगे और लोगों को बार-बार होने वाले नुकसान से राहत मिलेगी। साथ ही, नदी किनारे रहने वाले ग्रामीणों के लिए निस्तारी की सुविधाएं भी बेहतर होंगी। उपमुख्यमंत्री ने 4.08 करोड़ रूपए की लागत के सकरी नदी तटबंध निर्माण का किया भूमिपूजन          उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीणों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि ग्राम में 142 आवास स्वीकृत किए गए हैं और सर्वे सूची में शामिल सभी पात्र हितग्राहियों को आवास उपलब्ध कराया जा चुका है। सरकार ने अपने वादे के अनुरूप गठन के साथ ही कैबिनेट की पहली बैठक में आवास योजना को स्वीकृति देकर इसे प्राथमिकता दी है।  उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ गांव में ही आसानी से मिल सके, इसके लिए ग्राम पंचायत भवन में डिजिटल सुविधा केंद्र संचालित किया जा रहा है, जिससे महिलाओं और बुजुर्गों को विशेष सुविधा मिल रही है। साथ ही महतारी वंदन योजना के तहत अब तक 25 किस्तों में 25 हजार रुपए की राशि हितग्राहियों के खातों में अंतरित की जा चुकी है, जिससे महिलाओं को आर्थिक मजबूती मिली है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है, ताकि अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंच सके और गांवों का समग्र विकास हो सके।         कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने भी इस योजना को क्षेत्र के लिए उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे किसानों और आम ग्रामीणों को सीधा लाभ मिलेगा। ग्रामीणों ने भी इस पहल पर खुशी जताते हुए शासन और उपमुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। तटबंध निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद सकरी नदी के किनारे बसे ग्राम कोडार के लोगों को कटाव और बाढ़ की समस्या से काफी हद तक निजात मिलेगी, जिससे उनके जीवन में स्थिरता और सुरक्षा सुनिश्चित होगी। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष  ईश्वरी साहू,  नितेश अग्रवाल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  कैलाश चंद्रवंशी,  संतोष पटेल,  विजय पटेल,  वीरसिंह पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026: महिला हॉकी में हुआ एकतरफा मुकाबला

रायपुर खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के अंतर्गत राजधानी रायपुर स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में आज तीसरे दिन महिला हॉकी प्रतियोगिता के मुकाबले खेले गए। पूल ‘ए’ में खेले गए मैच में मध्य प्रदेश ने बिहार को 9-0 से पराजित किया। वहीं, पूल ‘बी’ के मुकाबलों में झारखंड ने गुजरात को 16-0 से और ओडिशा ने तमिलनाडु को 14-0 से हराया। आज खेले गए सभी मैच एकतरफा रहे, जिनमें विजेता टीमों ने पूरे समय खेल पर अपना दबदबा बनाए रखा। गौरतलब है कि 'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स' के इस प्रथम संस्करण में 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। प्रतियोगिता में लगभग 3,800 खिलाड़ी नौ विभिन्न खेलों में प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। तीरंदाजी, एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, तैराकी, वेटलिफ्टिंग और कुश्ती जैसे खेलों में कुल 106 स्वर्ण पदक दांव पर हैं। वहीं, मल्लखंब और कबड्डी को प्रदर्शन खेल के रूप में शामिल किया गया है।

नवा रायपुर स्थित डिजिटल संग्रहालय का किया भ्रमण

रायपुर नवा रायपुर स्थित डिजिटल संग्रहालय का किया भ्रमण गोवा राज्य के जनजातीय विकास, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के माननीय मंत्री डॉ. रमेश तावड़कर ने आज छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति और गौरव की झलक देखी। उन्होंने नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ आदिवासी संग्रहालय एवं शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का भ्रमण कर जनजातीय कला, संस्कृति, रीति-रिवाज एवं जनजातीय शौर्य के जीवंत प्रदर्शन को देखकर वे अत्यंत प्रभावित हुए।  नवा रायपुर स्थित डिजिटल संग्रहालय का किया भ्रमण गोवा के जनजातीय विकास मंत्री डॉ. तावड़कर ने कहा कि देश के स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ के जनजातीय समाज का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। संग्रहालय में जनजातीय शौर्य के जीवंत प्रदर्शन एवं बड़े पैमाने पर किए गए डिजिटलीकरण ने उन्हें विशेष रूप से प्रभावित किया। उन्होंने कहा कि गोवा राज्य में भी जनजातीय समुदाय का समृद्ध इतिहास रहा है, परन्तु छत्तीसगढ़ की तरह इसका व्यापक प्रचार-प्रसार नहीं हो पाया है। इस मौके पर उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय  अटल बिहारी वाजपेयी जी को स्मरण करते हुए कहा कि वर्ष 2003 में उनके कार्यकाल के दौरान ही गोवा में निवासरत जनजातीय समुदाय को पहली बार औपचारिक मान्यता प्राप्त हुई थी।  डॉ. तावड़कर ने कहा कि गोवा एवं छत्तीसगढ़ के मध्य जनजातीय शोध, विकास एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में बेहतर आदान-प्रदान की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य के प्रतिनिधिमंडल को गोवा भ्रमण हेतु आंमत्रित भी किया। इस मौके पर गोवा राज्य के संचालक खेल डॉ. अजय कुमार गोड़े, आदिम जाति विभाग गोवा के संचालक  निलेश डाऐगोडकर, संचालक टीआरआई गोवा  पी. गांओकर, ओएसडी  राजेन्द्र बोरकर, वरिष्ठ अधिकारी  अर्जुन रामकृष्ण पाटिल,  जनक टेकाले,  मृकुंद नायक तुब्की,  अशोक अरविन्द काले एवं  राजेन्द्र दताजीराव भी मौजूद थे।  सांस्कृतिक आदान-प्रदान, शोध एवं विकास हेतु गोवा एवं छत्तीसगढ़ के मध्य शीघ्र होगा एमओयू – प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा संग्रहालय भ्रमण के उपरांत टीआरआई के सभागार में एक संक्षिप्त बैठक का भी आयोजन किया गया, जिसमें दोनों राज्यों के बीच सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा द्वारा पीपीटी के माध्यम से दोनों संग्रहालयों के निर्माण कार्य, उनकी विशेषताओं एवं उपलब्धियों की जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि गोवा एवं छत्तीसगढ़ के मध्य शीघ्र ही एक एमओयू किया जाएगा, जिससे जनजातीय संग्रहालय निर्माण, जनजातीय शोध, विकास सांस्कृतिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण सहयोग स्थापति हो सकेगा। बैठक में संस्थान की संचालक मती हिना अनिमेष नेताम ने जनजातीय संस्कृति के क्षेत्र में बन रहे ट्राईबल फोक म्यूजिक स्टूडियो सुरगुड़ी पर जानकारी दी।  उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के जनजातीय शौर्य को प्रदर्शित करता शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम संग्रहालय का लोकार्पण राज्योत्सव के समय 01 नवंबर 2025 को देश के यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी के कर कमलों से हुआ था, जबकि छत्तीसगढ़ अदिवासी संग्रहालय का लोकार्पण मई 2025 को मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के कर कमलों से हुआ। इनके लोकार्पण के बाद इन्हें आमजन हेतु खोल दिया गया है। अब तक लगभग 02 लाख से अधिक पर्यटकों, शोधार्थियों, विशेषज्ञों द्वारा इसका भ्रमण किया जा चुका है। भारत सरकार, जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा गणतंत्र दिवस, 26 जनवरी, 2026 के अवसर पर आयोजित परेड में शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय की प्रतिकृति को प्रदर्शित किया गया। इससे छत्तीसगढ़ ही नहीं पूरे देश में जनजातीय वीर नायकों की अमर गाथाओं, उनकी देश भक्ति, अदम्य साहस और बलिदान की परंपरा को नई पीढ़ी को जानने समझने का अवसर राष्ट्रीय मंच पर प्राप्त हुआ।

58 किग्रा महिला वेटलिफ्टिंग में अरुणाचल की अनाई वांग्सू ने जीता स्वर्ण

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 58 किग्रा महिला वेटलिफ्टिंग में अरुणाचल की अनाई वांग्सू ने जीता स्वर्ण रायपुर  रायपुर में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के अंतर्गत पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के खेल परिसर में आज सीनियर महिला वेटलिफ्टिंग (58 किलोग्राम भार वर्ग) प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। इस प्रतिस्पर्धा में देशभर की प्रतिभाशाली महिला खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर दर्शकों का मन मोह लिया। प्रतियोगिता में अरुणाचल प्रदेश की अनाई वांग्सू (Anai Wangsu) ने बेहतरीन ताकत और तकनीक का प्रदर्शन करते हुए 169 किलोग्राम कुल वजन उठाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उन्होंने स्नैच में 74 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 95 किलोग्राम उठाकर शीर्ष स्थान हासिल किया। ओडिशा की मिना सांता (Mina Santa) ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 165 किलोग्राम के कुल वजन के साथ रजत पदक जीता। वहीं ओडिशा की ही मीना सिंह (Mina Singh) ने 161 किलोग्राम वजन उठाकर कांस्य पदक पर कब्जा जमाया। प्रतियोगिता में असम की मार्टिना मिली, तारा सोनवाल तथा आंध्र प्रदेश की जी. लेनिन एस प्रिया सहित अन्य खिलाड़ियों ने भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। सभी प्रतिभागियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली, जहां हर सफल लिफ्ट पर दर्शकों की तालियां गूंज उठीं। यह प्रतियोगिता न केवल महिला खिलाड़ियों की शक्ति और आत्मविश्वास का प्रतीक बनी, बल्कि आदिवासी क्षेत्रों की उभरती खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच भी प्रदान कर रही है। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के माध्यम से देश की बेटियां खेल के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छूने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही हैं।

पर्यावरणीय उल्लंघनों पर मंडल सख्त: 30 उद्योगों पर उत्पादन बंद, 28.92 लाख की क्षतिपूर्ति

रायपुर छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल, रायपुर द्वारा औद्योगिक इकाइयों के पर्यावरणीय अनुपालन की सतत निगरानी के तहत व्यापक कार्रवाई की जा रही है। क्षेत्रीय कार्यालय, रायपुर द्वारा जल एवं वायु प्रदूषणकारी उद्योगों का नियमित निरीक्षण कर उल्लंघन पाए जाने पर वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 एवं जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 के तहत कड़ी कार्रवाई की जा रही है। जनवरी 2026 से अब तक प्रदूषण की स्थिति पाए जाने पर 23 उद्योगों के विरुद्ध नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें उरला एवं सिलतरा औद्योगिक क्षेत्रों के प्रमुख स्पंज आयरन उद्योग—वासवानी इंडस्ट्रीज लिमिटेड, शिल्फी स्टील्स प्रा. लिमिटेड एवं एसकेएस इस्पात एंड पावर लिमिटेड शामिल हैं। इसके अलावा सारडा एनर्जी मिनरल्स लिमिटेड के विरुद्ध बिना अनुमति फ्लाई ऐश डम्पिंग के मामले में भी नोटिस जारी किया गया है। जारी नोटिसों के बावजूद संतोषजनक सुधार नहीं करने, मंडल की सम्मति के बिना संचालन तथा शिकायतों में प्रदूषण पाए जाने के कारण अब तक 30 उद्योगों के विरुद्ध उत्पादन बंद करने एवं विद्युत विच्छेदन की कार्रवाई की जा चुकी है। मंडल ने स्पष्ट किया है कि जब तक संबंधित उद्योग सभी पर्यावरणीय मानकों, वैधानिक प्रावधानों एवं सम्मति शर्तों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित नहीं करते, तब तक उन्हें संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके साथ ही, पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन के मामलों में 13 उद्योगों पर कुल 28 लाख 92 हजार रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति भी अधिरोपित की गई है। मंडल ने जनहित एवं पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए सभी औद्योगिक इकाइयों एवं संबंधित विभागों से नियमों का कड़ाई से पालन करने और प्रशासनिक निर्देशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करने की अपील की है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि उल्लंघन करने वाली इकाइयों के विरुद्ध आगे भी सख्त कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।

शिक्षा विभाग एक्टिव: सहायक प्राध्यापकों के हजारों प्रकरणों की जांच तेज

रायपुर       शासकीय महाविद्यालयों में कार्यरत सहायक प्राध्यापकों की परिवीक्षा अवधि समाप्ति को लेकर विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर परीक्षण कार्य किया जा रहा है। इसमें वर्ष 2022 से पूर्व नियुक्त 10 और जनवरी – फरवरी वर्ष  2022 में नियुक्त 338,मार्च -मई में नियुक्त 572 तथा जून-दिसंबर 2022 में नियुक्त 90 सहायक प्राध्यापकों के प्रकरणों की समीक्षा कर मामलों में निर्णय लिए गए हैं। इस तरह कुल 1010 परिवीक्षाधीन सहायक प्राध्यापकों के संबंध में परीक्षण के बाद 872 सहायक प्राध्यापकों का परिवीक्षा अवधि समाप्ति की अनुशंसा की गई है और 68 सहायक प्राध्यापक को परिभ्रमण में रखा गया है। इसी तरह 70 प्राध्यापकों के गोपनीय प्रतिवेदन में समिति की शर्तों के अनुरूप न होने के कारण परिवीक्षा अवधि में वृद्धि की अनुशंसा की गई है,जिसमे 53 प्राध्यापकों का 1 वर्ष और 17 सहायक प्राध्यापकों का 2 वर्ष शामिल है।     विभागीय जानकारी के अनुसार इन सहायक प्राध्यापकों की परीविक्षा अवधि समाप्ति की प्रक्रिया वर्ष 2025 तक पूरी की जानी है। इसके लिए वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदन, पुलिस सत्यापन, सतत सेवा प्रमाण-पत्र, निष्ठा प्रमाण-पत्र, विभागीय जांच एवं न्यायालयीन प्रकरण से संबंधित दस्तावेज तथा चल-अचल संपत्ति विवरण जैसे आवश्यक दस्तावेजों का परीक्षण किया गया।      फरवरी 2026 में आयोजित प्रथम बैठक में कुल 348 प्रकरणों की समीक्षा की गई,इनमें से 307 सहायक प्राध्यापक सभी मापदंडों पर पात्र पाए गए, जिनकी परिवीक्षा अवधि समाप्त करने की अनुशंसा की गई। वहीं 15 प्रकरणों में दस्तावेज अपूर्ण पाए जाने पर उन्हें लंबित रखा गया। दस्तावेज पूर्ण करने की दशा में उन्हें पात्र माना जाएगा। इसी तरह 26 सहायक प्राध्यापक निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे, जिसके चलते उनकी परिवीक्षा अवधि समाप्त नहीं करने की अनुशंसा की गई।        इसके बाद मार्च 2026 में आयोजित द्वितीय बैठक में मार्च से मई 2022 के बीच नियुक्त 572 प्रकरणों का परीक्षण किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में प्राध्यापकों के मामलों पर विचार किया गया,इसमें 497 सहायक प्राध्यापक मापदंडों में पात्र जिसमे से 39 दस्तावेज पूर्ण करने पर पात्र तथा 36 सहायक प्राध्यापक मापदंड में अपात्र होने पर समिति द्वारा परिवीक्षा अवधि समाप्त नही किये जाने की अनुशंसा की गई है।       इसी तरह जून–2022 से दिसम्बर–2022 में नियुक्त कुल 90 प्रकरणों का परीक्षण किया गया, जिसमें 68 सहायक प्राध्यापकों को सभी मापदण्डों में पात्र पाये जाने के कारण उनकी परिवीक्षा अवधि समाप्ति हेतु समिति के द्वारा अनुशंसा की गई। इसमें 14 सहायक प्राध्यापक ऐसे हैं, जिनके प्रकरण में दस्तावेज अपूर्ण हैं,वे पूर्ति कर देंगे तो पात्र माने जायेंगे। इन्हे अभी परीक्षण में रखा गया है। 08 सहायक प्राध्यापक मापदण्ड में अपात्र पाये गये।       पूरी प्रक्रिया के दौरान विभाग द्वारा पूर्ण पारदर्शिता और निर्धारित मानकों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। विभाग का कहना है कि सभी पात्र सहायक प्राध्यापकों को समय पर लाभ दिया जाएगा, जबकि अपूर्ण या अपात्र प्रकरणों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस पहल से शासकीय महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को राहत मिलने की उम्मीद है और लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

केंद्र का बड़ा फैसला: डीजल पर एक्साइज ड्यूटी समाप्त, पेट्रोल के दाम ₹10 घटे

मुख्यमंत्री ने कहा—140 करोड़ नागरिकों को सीधी राहत देने वाला ऐतिहासिक निर्णय, प्रधानमंत्री की संवेदनशीलता और दूरदर्शिता का परिचायक रायपुर केंद्र सरकार द्वारा डीजल को एक्साइज ड्यूटी से मुक्त करने और पेट्रोल पर ₹10 प्रति लीटर की कटौती करते हुए एक्साइज ड्यूटी को मात्र ₹3 प्रति लीटर करने के निर्णय का मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वागत किया है। उन्होंने इसे देश के 140 करोड़ नागरिकों को सीधी राहत पहुंचाने वाला ऐतिहासिक और जनहितकारी कदम बताया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस निर्णय से देश के प्रत्येक परिवार, किसान, श्रमिक और मध्यमवर्ग को व्यापक राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि वैश्विक संकट के इस दौर में भी केंद्र सरकार द्वारा आम नागरिकों पर अतिरिक्त बोझ न बढ़ने देना एक बड़ी संवेदनशील पहल है, जो आमजन के जीवन को सीधे प्रभावित करेगी। मुख्यमंत्री साय ने इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए छत्तीसगढ़ की समस्त जनता की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति हृदय से धन्यवाद और आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार लगातार जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निर्णय ले रही है। यह फैसला प्रधानमंत्री की दूरदर्शिता, संवेदनशीलता और देशवासियों के प्रति समर्पण का सशक्त उदाहरण है।