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मुख्यमंत्री का स्नेह और प्रोत्साहन हमेशा हौसला बढ़ाता है : आकांक्षा सत्यवंशी

खेल अधोसंरचना के विकास से निखर रही प्रदेश की प्रतिभाएँ : मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय मुख्यमंत्री का स्नेह और प्रोत्साहन हमेशा हौसला बढ़ाता है :  आकांक्षा सत्यवंशी छत्तीसगढ़ की बेटी आकांक्षा सत्यवंशी ने बढ़ाया प्रदेश का मान, मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने किया सम्मान रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज नवा रायपुर स्थित अपने निवास में आयोजित एक गरिमामय समारोह में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथेरेपिस्ट और छत्तीसगढ़ की बेटी आकांक्षा सत्यवंशी को टाटा सिएरा कार उपहार स्वरूप प्रदान की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने  आकांक्षा को बधाई देते हुए कहा कि हमारी बेटियों ने विश्व कप जीतकर देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने महिला क्रिकेट टीम के सम्मान और प्रोत्साहन के लिए टाटा मोटर्स द्वारा कार उपहार देने की इस पहल की सराहना की। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रदेश में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है और राज्य सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि खेल अधोसंरचना के निरंतर विकास से प्रदेश के खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण मिल रहा है, जिसके परिणामस्वरूप वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर ओलंपिक और सरगुजा ओलंपिक जैसे प्रयासों के माध्यम से प्रदेश के सुदूर अंचलों के युवा भी खेलों से जुड़ रहे हैं। वहीं नेशनल ट्राइबल गेम्स की मेजबानी प्रदेश को मिलने से भी राज्य में खेलों के लिए सकारात्मक वातावरण निर्मित हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला क्रिकेट टीम की यह ऐतिहासिक उपलब्धि प्रदेश की बेटियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी। उन्होंने कहा कि पिछली मुलाकात के दौरान भी आकांक्षा का आत्मविश्वास और ऊर्जा बेहद प्रेरणादायक थी और आज भी उनमें वही उत्साह देखने को मिल रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यही जज्बा भविष्य में होने वाले विश्व कप में भी टीम को सफलता दिलाएगा। मुख्यमंत्री का स्नेह और प्रोत्साहन हमेशा हौसला बढ़ाता है :  आकांक्षा सत्यवंशी भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथेरेपिस्ट  आकांक्षा सत्यवंशी ने कहा कि विश्व कप जीतकर लौटने के बाद सबसे पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने पूरी टीम का उत्साहवर्धन किया और प्रदेश की बेटी के नाते उन्हें व्यक्तिगत रूप से मिलने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि अभिभावक की तरह मुख्यमंत्री का यह स्नेह और प्रोत्साहन हमेशा उनका मनोबल बढ़ाता है। आकांक्षा ने कहा कि आज मुख्यमंत्री से यह सम्मान प्राप्त कर उनका दिन यादगार बन गया है और यह पल उनके जीवन में हमेशा विशेष रहेगा। उन्होंने फिजियोथेरेपिस्ट के रूप में टीम में अपनी भूमिका तथा विश्व कप जीत की यात्रा से जुड़े अनुभव भी साझा किए। इस अवसर पर भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, मती आकांक्षा के परिजन तथा टाटा मोटर्स के प्रतिनिधि उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम को आईसीसी महिला विश्व कप 2025 में ऐतिहासिक जीत के उपलक्ष्य में टाटा मोटर्स द्वारा टाटा सिएरा एसयूवी कार उपहार स्वरूप प्रदान की जा रही है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ की निवासी और भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथेरेपिस्ट मती आकांक्षा सत्यवंशी को भी आज टाटा सिएरा कार भेंट की गई। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने पिछले वर्ष अपना पहला महिला विश्व कप खिताब जीतकर इतिहास रचा था। इस उपलब्धि के सम्मान में टाटा मोटर्स ने टीम की प्रत्येक खिलाड़ी को सिएरा एसयूवी के टॉप-एंड मॉडल भेंट करने की घोषणा की थी।

बच्चों की कलम से: क्या आपको भी क्रिकेट पसंद है मेरी तरह?

रायपुर  आखिर क्रिकेट है क्या? कुछ लोगों के लिए यह खेल होगा, तो कुछ लोगों के लिए रोजी-रोटी, तो किसी के लिए एक इमोशन| यह हर आयु के लोगों को पसंद आता है| एक ही छत के नीचे एक बच्चा, एक जवान, एक बूढ़ा सभी बैठते हैं क्रिकेट के रोमांच के लिए| यह खेल इंग्लैंड का राष्ट्रीय खेल है| यह भारत के गिल्ली डंडे के जैसा भी लगता है| इसमें कुल ग्यारह खिलाड़ी होते हैं| इसे खेलने के लिए हमें एक बल्ला और गेंद चाहिए होती है| एक विशाल गोलाकार मैदान के बीच बनी पिच पर इसे खेला जाता है| पिच को हर मैच के पहले रोल किया जाता है| भारत में तो लोग रोड पर भी क्रिकेट खेलते दिख जाएँगे| अब क्या कहूँ यही है हमारा भारत|  क्रिकेट में भारत कहीं भी पीछे नहीं| विश्व में जिसे बैटिंग का सरताज कहा जाता है वह भी एक भारतीय ही है- सचिन तेंदुलकर| दुनिया में लाखों बैट्समैन हुए हैं परंतु सचिन तेंदुलकर जैसा कोई नहीं| इस बात को तो पूरी दुनिया मानती है| जब सचिन सिर्फ तेरह साल के थे तब उन्होंने क्रिकेट की दुनिया में कदम रख लिया था| उन्होंने अपना पहला मैच पाकिस्तान के खिलाफ खेला था| उस समय की सबसे खतरनाक टीम पाकिस्तान के तेजतर्रार गेंदबाजों से पूरी दुनिया घबराती थीं| शोएब अख्तर और वसीम अकरम तो जान ले लेने वाली गेंद फेंकते थे| शोएब अख्तर ने पता नहीं कितने बल्लेबाजों के हेलमेट और बल्ले तोड़े हैं पर सचिन तेंदुलकर ने अपने पहले ही मैच में शोएब का सामना किया था| गेंद सीधा जाकर नाक पर लगी खून से लथपथ चेहरे को देख सभी ने कहा कि वापस चले जाओ परंतु पट्टी लगाकर वापस खेलने खड़ा हो गया मात्र सोलह वर्ष का बच्चा और उसने मैच में क्या पारी खेली| सभी को अचंभित कर दिया| उनकी स्टेट-ड्राइव की तो पूरी दुनिया दीवानी है| सौ से भी ज्यादा शतक मारे हैं उन्होंने अपने पूरे करियर में, अगर मैं कहूँ तो मेरे मनपसंद बल्लेबाज तो विराट कोहली हैं| मेरे मनपसंद गेंदबाज ऑस्ट्रेलिया के ब्रेट ली हैं उनका एक्शन मैकेनिकली परफेक्ट था| आस्ट्रेलिया टीम के पुराने कप्तान रिकी पोंटिंग भी काबिले तारीफ थे|  पहले पचास ओवरों के मैच चलन में थे जिसमें आपको अपनी तकनीक सुधारनी पड़ती थी और धीरज से खेलना पड़ता था, परंतु आजकल बीस ओवर के मैच प्रचलन में है| बल्लेबाज मात्र बीस ओवर में करीब दो सौ पचास रन बना देते हैं, परंतु पहले तो पचास ओवर में भी दो सौ  रन का एक बड़ा स्कोर होता था| आजकल की नई पीढ़ी तो पावर प्ले में विश्वास करती है यह सिर्फ एक खेल नहीं है यह कई लोगों के लिए की इमोशन की तरह है| यह हममें जोश लाता है| कभी-कभी तो दर्शक रो भी पड़ते हैं| यह खेल हमारे मानसिक और शारीरिक दोनों स्वास्थ को अच्छा रखता है| यह हममें धीरज और परफेक्शन लाता है इसलिए हमें इसके बारे में और जानना चाहिए| मैं खुद भी इस खेल से बहुत प्रभावित हूँ और मेरे जीवन में इससे कई छोटी-मोटी घटनाएँ जुड़ी है| आशा करता हूँ कि आप भी इस खेल को जरूर खेलना पसंद करेंगे मेरी तरह|. अथर्व पटौदिया       ब्राइटन इंटरनेशनल स्कूल रायपुर     

दुर्ग में 247 परिवारों को मिलेगा पीएम आवास का लाभ, राज्य शासन ने दी हरी झंडी

दुर्ग. भारत सरकार के शहरी विकास मंत्रालय द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत नगर पालिक निगम दुर्ग को बड़ी सौगात मिली है। निगम क्षेत्र के पात्र हितग्राहियों को पक्का आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कुल 247 बीएलसी आवासों की स्वीकृति प्राप्त हुई है। नगर निगम दुर्ग क्षेत्र के पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ प्रदान करने के लिए राज्य शासन द्वारा स्वीकृति जारी की गई है, जिससे अब लाभार्थियों को अपने घर के निर्माण के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी। नगर निगम दुर्ग द्वारा योजना के अंतर्गत स्वीकृत आवासों के निर्माण की प्रक्रिया को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि पात्र हितग्राहियों को समयबद्ध तरीके से योजना का लाभ मिल सके। योजना के अनुसार हितग्राही 30 से 45 वर्ग मीटर कारपेट क्षेत्रफल तक का आवास निर्माण कर सकेंगे। नगर निगम द्वारा जारी भवन अनुज्ञा में प्रस्तावित आवास का कारपेट क्षेत्रफल दर्ज किया जाएगा और उसी के अनुरूप निर्माण करना अनिवार्य होगा। साथ ही मिशन की मार्गदर्शिका अनुसार हितग्राहियों का जातिगत आधार पर वर्गीकरण ( अजजा, अजा, अपित्र एवं सामान्य) किया जाना भी सुनिश्चित किया जाएगा। योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को आवास निर्माण के लिए कुल 2.50 लाख रुपये की अनुदान राशि (केंद्रांश 1.50 लाख एवं राज्यांश 1.00 लाख) चार किश्तों में प्रदान की जाएगी। इसमें फाउंडेशन स्तर पर 63 हजार रुपये, लिंटल स्तर पर 87 हजार रुपये, रूफ स्तर पर 65 हजार रुपये तथा पूर्ण स्तर पर 35 हजार रुपये जारी किए जाएंगे। इसके अलावा मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान योजना के तहत जो हितग्राही निर्धारित 18 माह की अवधि में अपना आवास निर्माण पूर्ण कर गृह प्रवेश करेंगे, उन्हें अतिरिक्त 32,850 रुपये की प्रोत्साहन राशि सीधे खाते में दी जाएगी।

छत्तीसगढ़ में ‘गौधाम योजना’ की शुरुआत आज, बिलासपुर पहुंचेंगे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज बिलासपुर जिले के दौरे पर रहेंगे। दौरे से पहले वे रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास से वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से राजनांदगांव नगर पालिका निगम क्षेत्र के विभिन्न विकास कार्यों का भूमि पूजन करेंगे और शहर को कई विकास कार्यों की सौगात देंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री दोपहर 1 बजे रायपुर से बिलासपुर के लिए रवाना होंगे। बिलासपुर जिले के तखतपुर में वे गौ पूजा करेंगे, व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेंगे और ग्रामीणों से चर्चा भी करेंगे। दोपहर 3 बजे बिलासपुर से “गौधाम योजना” का शुभारंभ करेंगे तथा पशुपालन सम्मेलन कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। कार्यक्रमों के बाद मुख्यमंत्री शाम 5 बजे बिलासपुर से रायपुर लौटेंगे। यहां नवा रायपुर में शाम 6 बजे आयोजित “आदि परब 2026” कार्यक्रम में शामिल होने के बाद वे नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास के लिए रवाना होंगे। घुमंतू और निराश्रित गौवंश के संरक्षण के लिए गौधाम योजना का शुभारंभ रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज बिलासपुर से गौधाम योजना का शुभारंभ करेंगे। इस योजना के तहत प्रदेश में 29 गौधामों का उद्घाटन किया जाएगा। राज्य सरकार ने घुमंतू और निराश्रित गौवंश के संरक्षण के लिए बड़ा लक्ष्य तय किया है। इसके तहत पूरे प्रदेश में 1460 गौधाम स्थापित करने की तैयारी की जा रही है। प्रत्येक गौधाम में करीब 200 गौवंश को रखने की व्यवस्था की जाएगी, ताकि उनके संरक्षण और देखभाल को बेहतर बनाया जा सके।

बस्तर में पंचायत और जगदलपुर में पार्षद चुनाव की बन रही फोटोयुक्त मतदाता सूची

बस्तर. जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में रिक्त पड़े पंचायत पदों को भरने की प्रक्रिया तेज हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर ग्राम पंचायतों में खाली पंच पदों के लिए उपचुनाव की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके तहत जगदलपुर, बस्तर, बकावंड, लोहंडीगुड़ा, तोकापाल और दरभा विकासखंडों में कुल 22 पदों पर मतदान कराया जाएगा। चुनाव प्रक्रिया के लिए 1 अप्रैल 2026 को संदर्भ तिथि मानते हुए नई फोटोयुक्त मतदाता सूची तैयार की जा रही है। प्रशासन द्वारा मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया दो चरणों में पूरी की जाएगी। बता दें कि पहले चरण की शुरुआत 23 मार्च से होगी, जिसमें रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की नियुक्ति और आवश्यक कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी। इसके बाद विधानसभा की मतदाता सूची से वार्डवार आंकड़ों को अलग कर सॉफ्टवेयर की मदद से त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार की जाएगी। प्रशासन के अनुसार 13 अप्रैल को प्रारंभिक मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। इसके बाद दावा-आपत्ति की प्रक्रिया शुरू होगी, जिसमें नागरिक 20 अप्रैल तक नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन के लिए आवेदन कर सकेंगे। प्राप्त दावों और आपत्तियों का निराकरण 27 अप्रैल तक किया जाएगा। इसके बाद 5 मई को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि पूरी चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराई जाएगी, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में रिक्त पदों को जल्द भरा जा सके। जगदलपुर नगर निगम के वार्ड 16 में पार्षद पद के लिए उपचुनाव, चुनावी प्रक्रिया शुरू जगदलपुर. नगर निगम के वार्ड क्रमांक 16 इंदिरा गांधी वार्ड में रिक्त पार्षद पद को भरने के लिए उपचुनाव की घोषणा कर दी गई है। इसके साथ ही निर्वाचन शाखा ने फोटोयुक्त मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। मतदाता सूची के लिए 1 अप्रैल 2026 को संदर्भ तिथि निर्धारित की गई है। प्रशासन ने चुनावी प्रक्रिया को दो चरणों में पूरा करने की कार्ययोजना बनाई है। पहले चरण में 23 मार्च तक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की नियुक्ति और कर्मचारियों का चयन किया जाएगा। इसके बाद मतदाता सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया शुरू होगी। प्रारंभिक मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद नागरिकों को अपने नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन कराने का अवसर दिया जाएगा। निर्वाचन आयोग का कहना है कि मतदाता सूची को पूरी तरह त्रुटिरहित बनाने के लिए विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इधर, स्थानीय स्तर पर निर्वाचन से जुड़े अधिकारी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं। वहीं वार्ड में उपचुनाव की घोषणा के साथ ही राजनीतिक सरगर्मी भी बढ़ने लगी है और संभावित प्रत्याशियों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

छत्तीसगढ़ जनजातीय आयोग के अध्यक्ष रूपसिंह मंडावी ने किया शुभारंभ

आदि परब’ का रंगारंग आगाज छत्तीसगढ़ जनजातीय आयोग के अध्यक्ष श्री रूपसिंह मंडावी ने किया शुभारंभ आदि रंग, परिधान और हाट के रंगों में रंगा जनजातीय परब जनजातीय समाज का रैंप शो में दिखा उत्साह रायपुर राजधानी में आदि परब का रंगारंग आज आगाज हुआ। जनजातीय समाज के इस दो दिवसीय उत्सव में छत्तीसगढ़ सहित तेलंगाना, ओडिशा, महाराष्ट्र और झारखंड के आदिवासी लोक कलाकार शामिल हो रहे हैं। आदि परब की थीम ’परम्परा से पहचान तक’ रखी गई है। यह आयोजन छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, कला और परंपराओं को राष्ट्रीय मंच देने के उद्देश्य से किया जा रहा है। कल 14 मार्च को आदि परब के समापन समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम सहित जनजातीय समाज के पदाधिकारी तथा अन्य जनप्रतिनिधि शामिल होंगे। आदि परब का शुभारंभ नवा रायपुर स्थित आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान परिसर में छत्तीसगढ़ राज्य जनजातीय आयोग के अध्यक्ष श्री रूपसिंह मंडावी ने किया। राज्य अंत्याव्यावसायी आयोग के अध्यक्ष श्री सुरेन्द्र कुमार बेहरा, प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, टीआरटीआई के संचालक श्री हिना अनिमेष नेताम, श्रीमती गायत्री नेताम सहित अन्य विभागीय अधिकारी तथा बड़ी संख्या में प्रदेश से जनजातीय समुदाय उपस्थित थे।      आदि परब के शुभारंभ अवसर पर जनजातीय समाज के आकर्षक परिधान से सजे-धजे युवाओं ने रैंप में आदिवासी संस्कृति और परंपराओं का प्रदर्शन किया। इसे लोगों ने उत्साह के साथ आनंद लिया। आदि परब में जनजातीय समाज के खान-पान, वेशभूषा, विभिन्न कलाकृतियों की प्रदर्शनी भी लगाई गई है, जो लोगों का आकर्षण का केन्द्र रही। “आदि रंग – जनजातीय चित्रकला महोत्सव” का आयोजन भी किया जा रहा है। इसी तरह “आदि-हाट जनजातीय शिल्प मेला” भी लगाया गया है, जिसमें छत्तीसगढ़ के जनजातीय हस्तशिल्प, वनोपज और पारंपरिक उत्पादों का प्रदर्शन किया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ के सरकारी महाविद्यालयों में 700 नए पदों पर भर्ती की शुरुआत

छत्तीसगढ़ के शासकीय महाविद्यालयों में 700 पदों पर भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ सहायक प्राध्यापक के 625, ग्रंथपाल के 50 एवं क्रीड़ा अधिकारी के 25 पदों पर होगी नियुक्ति रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की विशेष पहल पर राज्य के शासकीय महाविद्यालयों में शिक्षण एवं सहायक सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से उच्च शिक्षा विभाग द्वारा विभिन्न शैक्षणिक पदों पर भर्ती की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। विभाग द्वारा सहायक प्राध्यापक के 625 पद, ग्रंथपाल के 50 पद तथा क्रीड़ा अधिकारी के 25 पदों सहित कुल 700 पदों पर भर्ती की जाएगी। उच्च शिक्षा विभाग ने भर्ती प्रक्रिया के तहत राज्य शासन के प्रचलित नियमों के अनुसार आरक्षण रोस्टर और विषयवार रिक्तियों का निर्धारण करते हुए उनका विस्तृत रोस्टर ब्रेक-अप भी तैयार कर लिया है। भर्ती प्रक्रिया को पूरा करने के लिए छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग को 24 फरवरी 2026 को विस्तृत जानकारी के साथ पत्र भी भेजा जा चुका है। प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य के शासकीय महाविद्यालयों में सहायक प्राध्यापक के हिन्दी, अंग्रेजी, समाजशास्त्र, राजनीति शास्त्र, भौतिक शास्त्र, गणित, रसायन शास्त्र, वनस्पति शास्त्र एवं प्राणीशास्त्र के 50-50 पदों, अर्थशास्त्र, इतिहास, भूगोल के 25-25 पदों, कम्प्यूटर एप्लीकेशन के 15, वाणिज्य के 75, विधि के 10 पदों पर भर्ती के साथ ही क्रीड़ा अधिकारी के 25 पद तथा ग्रंथपाल के 50 पदों सहित कुल 700 पदों पर भर्ती की जाएगी। विभाग द्वारा इन पदों के लिए आवश्यक शैक्षणिक योग्यता, भर्ती नियम, श्रेणीवार पदों की संख्या, परीक्षा हेतु पाठ्यक्रम तथा विज्ञापन प्रारूप भी छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग को प्रेषित कर दिया गया है। आयोग द्वारा आवश्यक प्रशासनिक एवं तकनीकी औपचारिकताओं को पूर्ण करने के पश्चात भर्ती संबंधी विज्ञापन जारी किया जाएगा, जिसके माध्यम से योग्य अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे। इन पदों पर नियुक्ति से राज्य के शासकीय महाविद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ता मिलेगी तथा विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण सहायता प्राप्त होगी। यह भी उल्लेखनीय है कि राज्य के महाविद्यालयों में शिक्षण कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए विभाग द्वारा प्रत्येक स्वीकृत पद के विरुद्ध अतिथि प्राध्यापकों की नियुक्ति की व्यवस्था की गई है। यह व्यवस्था सहायक प्राध्यापक एवं प्राध्यापक पदों के साथ-साथ ग्रंथपाल तथा क्रीड़ा अधिकारी के पदों पर भी लागू है, ताकि विद्यार्थियों को किसी प्रकार की शैक्षणिक बाधा का सामना न करना पड़े। विभाग द्वारा नियुक्त अधिकांश अतिथि शिक्षक पीएच.डी. उपाधिधारी हैं तथा नेट एवं सेट जैसी राष्ट्रीय पात्रता परीक्षाओं से योग्य हैं। ये शिक्षक वर्तमान समय की आवश्यकताओं के अनुरूप विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षण प्रदान कर रहे हैं तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों के अनुरूप शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को प्रभावी बनाने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

अन्नदाताओं के खातों में पहुंची सम्मान की राशि: किसानों की समृद्धि के लिए निरंतर कार्यरत है डबल इंजन सरकार : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर  प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने असम की राजधानी गुवाहाटी से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किश्त जारी की। इस दौरान देशभर के 9 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में लगभग 18 हजार 640 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे हस्तांतरित की गई। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के 24 लाख 71 हजार किसानों के खातों में 498.83 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की गई। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित प्रधानमंत्री किसान निधि सम्मान योजना राशि अंतरण एवं पीएम किसान उत्सव दिवस कार्यक्रम में किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन प्रदेश के किसान भाइयों और बहनों के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से किसानों को हर वर्ष तीन किश्तों में कुल 6 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, जो किसानों के परिश्रम और उनके योगदान के सम्मान का प्रतीक है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के किसानों को अब तक प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 11 हजार 283 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्राप्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। सरकार बनने के बाद सबसे पहले किसानों को बोनस राशि प्रदान की गई और 13 लाख किसानों के खातों में 3 हजार 716 करोड़ रुपये अंतरित किए गए। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है जहां प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी और 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के 48 घंटे के भीतर किसानों के खातों में भुगतान सुनिश्चित किया गया। इसके साथ ही कृषक उन्नति योजना के तहत 25 लाख से अधिक किसानों के खातों में 10 हजार 324 करोड़ रुपये की राशि होली से पहले अंतरित की गई। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो-कुटकी, रागी और कपास जैसी फसलों की खेती को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। सिंचाई के लिए कृषि पंपों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जा रही है, जिसके लिए इस वर्ष के बजट में 5 हजार 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए 40 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने के उद्देश्य से दो वर्षों में 10 हजार करोड़ रुपये की सिंचाई परियोजना भी शुरू की गई है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री  रामविचार नेताम ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना किसानों के लिए बड़ी मदद साबित हो रही है। उन्होंने किसानों से धान के साथ-साथ अन्य फसलों की खेती की ओर भी ध्यान देने की अपील की, जिससे पानी की बचत होगी और किसानों की आय में वृद्धि होगी। धरसीवां विधायक  अनुज शर्मा ने भी किसानों को संबोधित करते हुए बधाई दी। इस अवसर पर विधायक  अनुज शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष  नवीन अग्रवाल, छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के अध्यक्ष  चंद्रहास चंद्राकर, कृषि विभाग के संचालक  राहुल देव,  छत्तीसगढ़ बीज विकास निगम के एमडी  अजय अग्रवाल, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ में मिशन कर्मयोगी को गति देने की पहल, राज्य स्तरीय समिति की पहली बैठक 17 मार्च को

नवा रायपुर छत्तीसगढ़ शासन द्वारा मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत राज्य में क्षमता निर्माण कार्यक्रमों को गति देने तथा विभागों के मध्य बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गठित “छत्तीसगढ़ राज्य क्षमता निर्माण क्रियान्वयन एवं समन्वय समिति” की पहली बैठक 17 मार्च 2026 को अपराह्न 4 बजे मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर में आयोजित की जाएगी। बैठक मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हाइब्रिड मोड (भौतिक एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग) में आयोजित होगी। सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव के प्रशासनिक मार्गदर्शन में गठित यह समिति राज्य में मिशन कर्मयोगी के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा करने, विभागों में संचालित प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण गतिविधियों में समन्वय स्थापित करने तथा क्षमता निर्माण को संस्थागत रूप देने के उद्देश्य से कार्य करेगी। राज्य नोडल अधिकारी (मिशन कर्मयोगी – iGOT), सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी पत्र के अनुसार बैठक में राज्य के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा  iGOT डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म के उपयोग की स्थिति की समीक्षा की जाएगी तथा विभिन्न विभागों में संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों के बेहतर समन्वय के उपायों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। बैठक के एजेंडा में राज्य के प्रशिक्षण संस्थानों (ATI एवं अन्य) की भूमिका को सुदृढ़ करने, डिजिटल लर्निंग तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों के उपयोग की संभावनाओं पर चर्चा तथा राज्य स्तर से प्राप्त सुझावों को संकलित कर आगामी राष्ट्रीय विभागीय शिखर सम्मेलन के लिए अनुशंसाएँ तैयार करना भी शामिल है। बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, प्रशिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि तथा संबंधित विभागों के नोडल अधिकारी शामिल होंगे।

जिले में पदस्थ महिला शक्ति के सहयोग से हासिल हुई उपलब्धि

रायपुर जिले में पदस्थ महिला शक्ति के सहयोग से हासिल हुई उपलब्धि छत्तीसगढ़ के सुदूर वनांचलों और चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों के बीच बसे बस्तर जिले ने जन-कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। राज्य पोर्टल द्वारा 11 मार्च 2026 तक जारी किए गए ताजा आंकड़ों के अनुसार बस्तर जिला आयुष्मान भारत और वय वंदन कार्ड वितरण के मामले में प्रदेश के शीर्ष प्रदर्शन करने वाले जिलों की अग्रिम पंक्ति में खड़ा हो गया है। कठिन रास्तों और भाषाई विविधताओं के बावजूद जिला प्रशासन की सक्रियता का ही परिणाम है कि आज बस्तर स्वास्थ्य सुरक्षा के मामले में कई विकसित और शहरी जिलों को पीछे छोड़ते हुए सफलता की नई इबारत लिख रहा है यह प्रगति मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शासन की बस्तर में सुविधाओं के प्रति प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है। जिले में पदस्थ महिला शक्ति के सहयोग से हासिल हुई उपलब्धि       बस्तर की इस अभूतपूर्व सफलता की पटकथा लिखने में जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। उल्लेखनीय है कि जिले में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी-कर्मचारी के अधिकांश पदों पर महिलाओं की नियुक्ति है, जिन्होंने अपनी संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा से इस अभियान को जन-आंदोलन बना दिया है। इन महिला स्वास्थ्य अधिकारियों – कर्मचारियों ने हाट-बाजारों से लेकर सुदूर दुर्गम गाँवों तक पहुँचने की रणनीति अपनाई, जिससे भाषाई और भौगोलिक बाधाएं भी विकास की राह नहीं रोक सकीं। जिले में पदस्थ महिला शक्ति के सहयोग से हासिल हुई उपलब्धि     आयुष्मान भारत योजना के तहत शत-प्रतिशत कवरेज की दिशा में बढ़ते हुए बस्तर ने अब तक 98.2 प्रतिशत आबादी को सुरक्षा कवच प्रदान कर दिया है। जिले के कुल निर्धारित 7,87,364 सदस्यों के लक्ष्य के मुकाबले 7,73,468 कार्ड बनाए जा चुके हैं, जो न केवल जिले की प्रशासनिक सजगता को दर्शाता है बल्कि राज्य के औसत 90.8 प्रतिशत से भी कहीं अधिक है। विशेष रूप से पारीवारिक कवरेज के मामले में तो बस्तर ने अपने लक्ष्य को पार करते हुए 116.4 प्रतिशत की उपलब्धि हासिल की है, जो इस बात का प्रमाण है कि जिले का हर परिवार अब बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के दायरे में आ चुका है।        वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान और उनकी सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी वय वंदन कार्ड योजना में भी बस्तर का प्रदर्शन स्वर्णिम रहा है। जिले ने न केवल अपने लिए निर्धारित 13,640 कार्डों के संशोधित लक्ष्य को प्राप्त किया, बल्कि 103.8 प्रतिशत की शानदार प्रगति के साथ अब तक 14,156 कार्ड जारी किए हैं। वर्तमान में बस्तर इस श्रेणी में समूचे छत्तीसगढ़ में तीसरे स्थान पर काबिज है। पिछले सात दिनों के भीतर जिले में लगभग 300 से ज्यादा नए कार्ड जारी किए गए हैं, जो यह स्पष्ट करता है कि अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुँचाने का यह अभियान अभी भी पूरी ऊर्जा के साथ जारी है।