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जनदर्शन में कलेक्टर ने सुनीं सैकड़ों फरियादें, त्वरित निराकरण के दिए निर्देश

जनदर्शन में कलेक्टर ने सुनीं सैकड़ों फरियादें, त्वरित निराकरण के दिए निर्देश शहर से गांव तक के नागरिकों ने बिना औपचारिकता रखी अपनी बात, अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश बिलासपुर कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने जनदर्शन में आम नागरिकों से सीधे मुलाकात कर उनकी समस्याएं गंभीरता से सुनीं। शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों से आए सैकड़ों लोग बिना किसी औपचारिकता के कलेक्टर से मिले और अपनी शिकायतें एवं आवेदन प्रस्तुत किए। कलेक्टर ने अधिकांश मामलों में मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।    जनदर्शन में तखतपुर विकासखंड के ग्राम चनाडोंगरी की महिला गंगोत्री बाई ने आवेदन देकर बताया कि उनकी लगभग 20 डिसमिल भूमि चार दशक पूर्व घोंघा जलाशय में डूब क्षेत्र में समा गई, किंतु आज तक मुआवजा नहीं मिला। कलेक्टर ने जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता को प्रकरण भेजते हुए परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। तखतपुर के ग्राम पत्थर्रा की सरपंच ज्योति गोस्वामी ने जर्जर हो चुके मिडिल स्कूल भवन के स्थान पर नए भवन के निर्माण की मांग रखी। इस संबंध में जिला पंचायत सीईओ को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।         बिल्हा विकासखंड के ग्राम मदनपुर की श्रमिक महिला सरिता बाई ने मनरेगा के तहत पिछले वर्ष किए गए 15 दिनों के कार्य की लगभग 5 हजार रुपए मजदूरी बकाया होने की शिकायत की। कलेक्टर ने जिला पंचायत सीईओ को मामले का परीक्षण कर भुगतान सुनिश्चित करने को कहा। जनदर्शन में मस्तूरी के सुकुलकारी ग्राम के रोजगार सहायक के विरुद्ध सरकारी राशि से निजी भूमि पर बोर खनन कराए जाने की शिकायत भी प्रस्तुत की गई। इस पर भी जांच के निर्देश दिए गए।        गढ़ कलेवा का संचालन करने वाली महिला समूह ने भोजन पैकेट का भुगतान लंबित होने की शिकायत की, जिस पर जिला पंचायत सीईओ को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। हरदी कला के किसान मुरली प्रसाद साहू ने गरमी फसल हेतु सोसायटी द्वारा खाद उपलब्ध नहीं कराए जाने की शिकायत की। कलेक्टर ने उप पंजीयक सहकारिता को तत्काल खाद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मस्तूरी निवासी श्रीमती लक्ष्मीबाई, जो भूतपूर्व सैनिक की पत्नी हैं, ने बताया कि वर्ष 2021 में उनके पति के निधन के बाद उन्हें मकान निर्माण हेतु 5 डिसमिल भूमि अभी तक प्राप्त नहीं हुई है। कलेक्टर ने प्रकरण एसडीएम मस्तूरी को भेजते हुए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।         ढेका बाईपास सड़क निर्माण से प्रभावित किसानों ने फल-सब्जियों की क्षति का आकलन कर मुआवजा दिलाने की मांग रखी। कलेक्टर ने आवेदन एसडीएम बिलासपुर को भेजते हुए जांच कर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए। जनदर्शन में नगर निगम आयुक्त श्री प्रकाश सर्वे तथा जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल ने भी उपस्थित रहकर नागरिकों की समस्याएं सुनीं और उनके निराकरण की दिशा में आवश्यक पहल की।

कलेक्टर संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में टीएल बैठक सम्पन्न

कलेक्टर संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में टीएल बैठक सम्पन्न गर्मी पूर्व पेयजल प्रबंधन, जनगणना की तैयारी और शिकायतों के त्वरित निराकरण पर विशेष जोर बिलासपुर  कलेक्टर संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में आज आयोजित टीएल बैठक में जिले में आगामी गर्मी के मद्देनज़र पेयजल व्यवस्था, प्रस्तावित जनगणना की तैयारियों, जल संरक्षण कार्यों, न्यायालयीन प्रकरणों तथा शिकायत निवारण की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी विभागों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं समन्वित कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पेयजल संकट वाले ग्रामों की अभी से करें पहचान कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि संभावित पेयजल संकट वाले ग्रामों की अग्रिम पहचान की जाए। गत वर्ष जिन क्षेत्रों में जल समस्या उत्पन्न हुई थी, उन्हें विशेष निगरानी में रखा जाए। आवश्यकतानुसार टैंकरों के माध्यम से जल आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, किन्तु टैंकर से सीधे वितरण न करते हुए सार्वजनिक स्थलों पर सिम्प्लेक्स टैंक स्थापित कर उन्हें नियमित रूप से भरा जाए, जिससे लोग सुव्यवस्थित रूप से पानी प्राप्त कर सकें। ग्रामीण क्षेत्रों में 15वें वित्त आयोग की उपलब्ध राशि का उपयोग पेयजल सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु करने के निर्देश भी दिए गए। जनगणना कार्य की तैयारी : शुद्धता, गोपनीयता और गुणवत्ता पर बल बैठक में आगामी मई माह में प्रस्तावित जनगणना की तैयारियों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि जनगणना का कार्य पूर्णतः शुद्ध, त्रुटिरहित एवं गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए, क्योंकि यह नीति निर्माण एवं विकास योजनाओं का आधार है। उन्होंने नागरिकों से सही एवं सटीक जानकारी दर्ज कराने की अपील करते हुए स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाती। प्राथमिक एवं मिडिल स्कूल के शिक्षकों को मुख्य रूप से प्रगणक एवं सुपरवाइजर की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। यह कार्य निर्वाचन की भांति अनिवार्य है,जिसे न स्थगित किया जा सकता है और न ही टाला जा सकता है। जल संरक्षण कार्यों को प्राथमिकता, 8 मार्च से पूर्व शौचालय पूर्ण करने के निर्देश कलेक्टर ने जी रामजी योजना के अंतर्गत जल संरक्षण से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता से स्वीकृत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी प्रस्ताव तत्काल तैयार कर स्वीकृति प्रदान की जाए, ताकि ग्रीष्मकाल में कार्य प्रारंभ किए जा सकें। उन्होंने सड़क निर्माण कार्यों में तालाबों की मिट्टी का उपयोग करने को कहा ताकि तालाब गहरा हो जाए और जल ग्रहण क्षमता बढ़े। उन्होंने साथ ही विद्यालयों में निर्माणाधीन शौचालयों को 8 मार्च, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस से पूर्व पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। भंडार क्रय नियमों का कड़ाई से हो पालन शासकीय सामग्री की खरीदी में भंडार क्रय नियमों का अनिवार्य रूप से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। प्रतिबंधित वस्तुओं की खरीदी न किए जाने पर विशेष बल दिया गया। विधानसभा सत्र प्रारंभ होने के परिप्रेक्ष्य में कलेक्टर ने कहा कि पूछे गए प्रश्नों के उत्तर तथ्यपरक, सटीक एवं समयबद्ध रूप से प्रस्तुत किए जाएं। हाई कोर्ट में लंबित प्रकरणों एवं जनहित याचिकाओं का जवाब दावा समयसीमा में प्रस्तुत करने तथा माननीय न्यायालय के निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से सभी अधिकारी-कर्मचारियों को आईगॉट प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। गोपनीय चरित्रावली लेखन के दौरान इसे भी ध्यान में रखा जाएगा। कलेक्टर ने मुख्यमंत्री जनदर्शन, पीएम पोर्टल एवं अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों की प्रगति की समीक्षा करते हुए उनके शीघ्र, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण पर विशेष जोर दिया। बैठक में नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

छत्तीसगढ़ में बारिश और बिजली गिरने की संभावना

रायपुर. छत्तीसगढ़ में मौसम ने यू टर्न ले लिया है। सोमवार को बारिश से मौसम सुहाना हो गया है। राजधानी रायपुर में बादल छाए रहे और बारिश हुई। मौसम विभाग ने अगले तीन दिन तक दिन के तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज होने की संभावना जताई गई है। इस बीच एक दो स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। प्रदेश में सोमवार को कुछ स्थानों पर अति हल्की से हल्की बारिश दर्ज की गई। सर्वाधिक अधिकतम तापमान 32.7°C जगदलपुर में जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 13.0°C अंबिकापुर में रिकॉर्ड हुआ। अगले 24 घंटों में प्रदेश के एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश के साथ गरज-चमक और वज्रपात की संभावना है। वहीं अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान में करीब 2°C गिरावट के बाद 2–3°C बढ़ोतरी होने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान में अगले सात दिनों तक कोई विशेष बदलाव नहीं होगा। मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा ने बताया किएक निम्न दाब का क्षेत्र दक्षिण बंगाल की खाड़ी के मध्य भाग में स्थित है तथा इसके साथ ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण 5.8 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है। इसके लगातार उत्तर पूर्व दिशा में आगे बढ़ते हुए अगले 24 घंटे में कमजोर होने की संभावना है। एक द्रोणिका गंगेटिक पश्चिम बंगाल से उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश तक ओडिशा होते हुए 0.9 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है। प्रदेश में 24 फरवरी को एक दो स्थानों पर हल्की वर्षा होने अथवा गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। वहीं एक दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात होने की संभावना है। वर्षा का क्षेत्र मुख्यतः मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ रहने की संभावना है। न्यूनतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है। रायपुर में कैसा रहेगा मौसम रायपुर में 24 फरवरी को आंशिक बादल छाए रहने के आसार है. वहीं तापमान 28°C व 20°C के आसपास रहने की संभावना जताई गई है।

विकास की नई रूपरेखा: छत्तीसगढ़ में ₹1.72 लाख करोड़ का बजट पेश, 5 सीएम मिशन बने प्रगति की धुरी

रायपुर साय सरकार के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने आज छत्तीसगढ़ का बजट पेश किया, जिसका थीम संकल्प पर आधारित है। बजट पर प्रेस कांफ्रेंस लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा, आज हमारी सरकार का तीसरा बजट प्रस्तुत हुआ है। GYAN और GATI के बाद संकल्प थीम पर वित्तीय वर्ष 2026 का बजट पेश किया गया, जिसमें 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। सीएम साय ने कहा, संकल्प के माध्यम से हमने S – समावेशी विकास, A – अंधोसंरचना, N – निवेश, K – कुशल मानव संसाधन, A – अंत्योदय, L – लाइवलीहुड, P – पॉलिसी से परिणाम तक इन विषयों को प्रमुखता से शामिल किया गया है। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत एवं विकसित छत्तीसगढ़ की संकल्पना की जरूरतों के अनुरूप बजट को तैयार किया गया है। सीएम साय ने कहा, हमारी सरकार मिशन मोड पर काम करने पर यकीन रखती है। इसके लिए हमने 5 मुख्यमंत्री मिशन बनाए हैं। इसमें मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन, मुख्यमंत्री एआई मिशन, मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन, मुख्यमंत्री स्टार्टअप मिशन एवं मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन शामिल हैं। इनके माध्यम से प्रदेश के विकास को नई रफ्तार दी जाएगी।

नक्सल मोर्चे पर बड़ी सफलता: पहली बार देवजी सहित दो शीर्ष माओवादी नेताओं ने डाले हथियार

जगदलपुर माओवादी संगठन को अब तक का सबसे बड़ा और निर्णायक झटका लगा है। पोलित ब्यूरो सदस्य टिप्पिरी थिरुपथी उर्फ देवजी उर्फ कुम्मा दादा ने अपने तीन शीर्ष साथियों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया है। सभी ने तेलंगाना के डीजीपी शिवधर रेड्डी के समक्ष हथियार डालते हुए मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। देवजी के साथ जिन बड़े माओवादी नेताओं ने आत्मसमर्पण किया, उनमें केंद्रीय समिति सदस्य मल्ला राजी रेड्डी उर्फ संग्राम, स्टेट कमेटी मेंबर बड़े चोक्का राव उर्फ दामोदर, स्टेट कमेटी सदस्य नुने नरसिम्हा रेड्डी उर्फ गंगन्ना उर्फ सन्नू दादा शामिल हैं। यह आत्मसमर्पण कई मायनों में ऐतिहासिक माना जा रहा है, क्योंकि पहली बार दो केंद्रीय स्तर के माओवादी नेताओं ने एक साथ हथियार डाले हैं। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, लगातार बढ़ते फोर्स प्रेशर, सघन ऑपरेशनों और संगठन के भीतर कमजोर पड़ते नेटवर्क के चलते यह बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। वहीं इसे नक्सल उन्मूलन की दिशा में सुरक्षा बलों की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक माना जा रहा है।

छत्तीसगढ़ का 1.72 लाख करोड़ रुपये का बजट 2026-27 के लिए पेश, किसानों की आय में होगी बढ़ोतरी

रायपुर: छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने मंगलवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1.72 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया। यह बजट 'संकल्प' (एसएएनकेएएलपी) विषयवस्तु पर आधारित है, जिसमें समावेशी विकास एवं अवसंरचना को तेज करना और निवेश को बढ़ावा देना शामिल है। वर्ष 2023 में सत्ता में आई भाजपा के नेतृत्व वाली विष्णु देव साय सरकार का यह तीसरा बजट है। सरकार का पहला बजट 'ज्ञान' (गरीब, युवा, अन्नदाता, नारी) विषयवस्तु पर आधारित था, जबकि पिछले साल यह 'गति' (सुशासन, अवसंरचना को तेज करना, प्रौद्योगिकी और आद्योगिक विकास) पर केंद्रित था। किसानों के लिए खास तोहफा राज्य सरकार ने भूमिहीन कृषि मजदूर योजना के लिए 600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इस योजना के तहत भूमिहीन श्रमिकों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। कृषक उन्नति योजना के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। वित्त मंत्री ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में राज्य में 437 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई, जो किसानों के हित में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह आंकड़ा राज्य की कृषि उत्पादन क्षमता और समर्थन मूल्य नीति की सफलता को भी दर्शाता है। सिंचाई सुविधा को सुदृढ़ करने के लिए निशुल्क पंप योजना हेतु 5500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे किसानों को बिजली आधारित सिंचाई साधनों का लाभ मिलेगा और खेती की लागत में कमी आएगी। फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पाम ऑयल की खेती को प्रोत्साहित किया जाएगा, जिसके लिए 150 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। सरकार का लक्ष्य पारंपरिक धान आधारित खेती के साथ-साथ वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा देना है, ताकि किसानों की आय के स्रोत बढ़ सकें। महिलाओं और स्वास्थ्य के लिए बड़े प्रावधान महिला सशक्तिकरण को मजबूती देते हुए सरकार ने महतारी वंदन योजना के तहत अब तक 70 लाख महिलाओं को 14 हजार करोड़ रुपये वितरित किए जाने की जानकारी दी। नए बजट में इस योजना के लिए 8,200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री लखपति दीदी भ्रमण योजना और महतारी सदन के लिए 275 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। बालिकाओं के जन्म पर ‘दुर्गावती योजना’ शुरू की जाएगी, जिसके तहत 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर 1.50 लाख रुपये दिए जाएंगे। स्वास्थ्य क्षेत्र में 5 नई आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए 42 करोड़, आयुष्मान योजना के लिए 1,500 करोड़ और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए 2,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। दवाओं की गुणवत्ता जांच हेतु 25 करोड़ रुपये की लागत से लैब स्थापित की जाएगी। रायपुर में नया होम्योपैथी कॉलेज भी खोला जाएगा। बजट पेश करते हुए चौधरी ने कहा कि इस साल का बजट 'संकल्प' – समावेशी विकास, अवसंरचना, निवेश, कुशल मानव संसाधन, अंत्योदय, जीवनयापन और नीति से परिणाम तक, पर केंद्रित है जिसका मकसद राज्य के विकास के सफर को तेज करना है। उन्होंने कहा कि सरकार राज्य में रानी दुर्गावती योजना शुरू करेगी, जिसके तहत बालिकाओं को 18 साल की उम्र पूरी होने पर 1.5 लाख रुपये मिलेंगे। वित्त मंत्री ने कहा कि बस्तर इलाके के अबूझमाड़ और जगरगुंडा में शिक्षा शहर बनाने के लिए एक सौ करोड़ रुपये दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि कुनकुरी, मनेंद्रगढ़ और दंतेवाड़ा में नए मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। चौधरी ने कहा कि राज्य में खेल एवं संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए बजट में बस्तर और सरगुजा ओलंपिक के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि बस्तर नेट परियोजना के लिए पांच करोड़ रुपये मंजूर करके दूरदराज के इलाकों में डिजिटल संपर्क को मजबूत किया जाएगा। वहीं बस्तर में इंद्रावती नदी पर मतनार और देउरगांव बैराज बनाने के लिए बजट में 2,024 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढञ में निवेश और रोजगार बढ़ाने, 23 नए औद्योगिक पार्क बनाने के लिए बजट में 250 करोड़ रुपये का प्रावधान है। वहीं सरगुजा के मैनपाट में पर्यटन विकास के लिए पांच करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। उन्होंने अपने बजट भाषण में कहा कि जगदलपुर और अंबिकापुर में हवाई सेवाओं का विस्तार किया जाएगा।   बस्तर-सरगुजा पर खास ध्यान बजट में बस्तर और सरगुजा अंचल के विकास को प्राथमिकता दी गई है। इंटरनेट सेवाओं के सुदृढ़ीकरण और 70 नई बस सेवाओं के संचालन के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होम स्टे पॉलिसी हेतु 10 करोड़ और मैनपाट पर्यटन विकास के लिए 5 करोड़ रुपये रखे गए हैं। कृषि और रोजगार सृजन के लिए निवेशकों को 100 करोड़ रुपये का अनुदान दिया जाएगा। मेडिकल कॉलेज के लिए 50 करोड़ रुपये और विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती की भी घोषणा की गई है। आधारभूत संरचना में निवेश सड़क और नगरीय विकास कार्यों में भी उल्लेखनीय राशि आवंटित की गई है। नारायणपुर-जटलूर मार्ग के लिए 28 करोड़, दंतेवाड़ा के लिए 9 करोड़, सुकमा के लिए 7 करोड़, बलरामपुर के लिए 10 करोड़ तथा इंद्रावती क्षेत्र में 68 किलोमीटर नगर निर्माण के लिए 2024 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। कांकेर बैराज परियोजना के लिए 400 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। बस्तर विकास प्राधिकरण को 75 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। Chhattisgarh Budget 2026: सत्र की पृष्ठभूमि छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र 23 फरवरी से 20 मार्च तक चलेगा। सत्र की शुरुआत राज्यपाल रमेन डेका के अभिभाषण से हुई थी, जिसमें राज्य के विकास की संभावनाओं पर प्रकाश डाला गया था। साय सरकार का यह तीसरा बजट ‘संकल्प’ थीम के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, आदिवासी क्षेत्रों के विकास और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने पर केंद्रित नजर आता है। बिजली सब्सिडी के लिए 5,500 करोड़ बजट में विद्युत पंपों की बिजली सब्सिडी के लिए 5,500 करोड़, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए 820 करोड़ वहीं दीनदयाल भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण के लिए 600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बजट में गन्ना किसानों को बोनस हेतु 60 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बजट में ये एलान भी किए गए स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट शाला योजना के लिए 100 करोड़ रुपये तो बैगा और पुजारी को … Read more

अग्निवीर भर्ती के 1 अप्रैल तक ऑनलाइन शुरू हुए आवेदन

रायपुर. भारतीय सेना में अग्निवीर भर्ती वर्ष 2027 के लिए ऑनलाइन पंजीयन प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। इस के लिए इच्छुक अभ्यर्थी जॉइन इंडियन आर्मी की आधिकारिक वेबसाइट www.joinindianarmy.nic.in की ऑनलाइन पंजीयन पोर्टल पर जाकर 01 अप्रैल 2026 तक पंजीयन कर सकते हैं। इस भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत ऑनलाइन कॉमन एंट्रेंस एग्जाम (सीईई) जुलाई-अगस्त 2026 में आयोजित की जाएगी। परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को जनवरी 2027 में आयोजित होने वाली रैली के लिए बुलाया जाएगा। भर्ती कार्यालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ राज्य को आवंटित अग्निवीर पदों की संख्या सीधे तौर पर पंजीयन की संख्या के अनुपात में निर्धारित की जाती है। विगत तीन वर्षों में देखा जाए तो वर्ष 2023-24 में 14,153 पंजीयन हुए और 895 पद आबंटित, वर्ष 2024-25 में 19,355 पंजीयन हुए एवं 731 पद आबंटित, वर्ष 2025-26 में 28,547 युवाओं द्वारा पंजीयन किया गया है। इसके आधार पर अनुमानित 1100 से 1300 तक पद छत्तीसगढ़ के लिए आबंटित होने की संभावना है।

स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा को प्रोत्साहित करने दो-दो लाख स्वीकृत

मुंगेली. समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत राज्य कार्यालय द्वारा मुंगेली जिले के चिन्हांकित हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों में व्यवसायिक शिक्षा को प्रोत्साहित करने हेतु प्रत्येक विद्यालय को दो लाख की स्वीकृति दी गई है। इस राशि का उद्देश्य विद्यालयों में संचालित व्यवसायिक ट्रेड के अनुरूप आवश्यक सामग्री एवं संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं व्यवहारिक शिक्षा मिल सके। इन स्कूलों में आवश्यकता आधारित कार्य योजना के निर्माण व परीक्षण के लिए एसडीएम कीअध्यक्षता में बीईओ एवं बीआरसी सहित एक कमेटी का गठन किया गया है,जो कि प्रत्येक स्कूल के लिए पृथक कार्य योजना प्रस्तुत करेगी। ताकि शासन से प्राप्त राशि का सदुपयोग सुनिश्चित किया जा सके। डीईओ को निर्देशित किया गया है कि वित्तीय समय सीमा में राशि का उपयोग सुनिश्चित करें। कलेक्टर कुंदन कुमार के मार्गदर्शन में यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि विद्यालयों में आवश्यक संसाधन शीघ्र उपलब्ध हों,जिससे व्यवसायिक शिक्षा को मजबूती मिले।

अवैध रेत उत्खनन रोकने बनेगी ग्राम निगरानी समिति

जांजगीर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने अवैध रेत उत्खनन पर रोक लगाने और रेत माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हेतु योजना बनाई है। उन्होंने तस्करों और अवैध रेत उत्खनन करने वालों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने ग्राम स्तर पर निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सचिव, सरपंच और कोटवार को शामिल करते हुए विशेष टीम गठित करने के निर्देश दिए हैं। अवैध उत्खनन और परिवहन पर विशेष टीम तत्काल तहसीलदार और एसडीएम को सूचना देगी, इसके बाद माइनिंग, टास्क फोर्स, राजस्व एवं पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा अवैध उत्खनन और परिवहन पर कार्यवाही करेगी। इसके अलावा कलेक्टर ने धान खरीदी के दौरान भौतिक सत्यापन में जहां-जहां गड़बड़ी पाई गई है वहां तत्काल जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रत्येक मंगलवार और बुधवार को सभी अधिकारियों को अनिवार्य रूप से अपने-अपने कार्यालय में उपस्थित रहने को कहा है ताकि आमजन की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी निराकरण किया जा सके । इसके अलावा ई–ऑफिस के माध्यम से सभी फाइलों का संचालन करने और विभागीय पत्राचार में डिजिटल माध्यम अपनाने के निर्देश दिए हैं।

जशपुर के दूरस्थ ग्रामों में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना शुरू

जशपुर. मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना 2025 के तहत तीन रूट के बसों को नगरपालिका अध्यक्ष अरविन्द भगत द्वारा हरी झण्डी दिखाकर शुभारंभ किया गया। इनमें क्रमशः बिचीटोली से मनोरा, जूनाडीह (लवाकेरा) से बासनतला, नारायणपुर (किलकिला) से पत्थलगांव रूट के बसें शामिल हैं। इसके अतिरिक्त पूर्व में 08 बसें संचालित है। इस प्रकार जशपुर जिले में कुल 11 बसे संचालित हो रही है। इससे जिले के ग्रामीण अंचलों के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को सुविधाजनक परिवहन का लाभ मिल सकेगा। यह पहल ग्रामीण अंचलों में बेहतर यातायात सुविधा प्रदान करने और आम जनता की आवागमन को और अधिक सुरक्षित और सुगम बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।