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संघर्ष से सफलता की ओर: श्रमिक की बेटी डिंपल कश्यप को मिला संस्कार सिटी स्कूल का सहारा

श्रमिक की बेटी डिंपल कश्यप अब संस्कार सिटी स्कूल में संवार रही अपना भविष्य रायपुर, छत्तीसगढ़ में शिक्षा के क्षेत्र में आई क्रांति अब सुदूर वनांचलों के गरीब और श्रमिक परिवारों के आंगन तक पहुँचकर उनके बच्चों के सपनों को हकीकत में बदल रही है। शासन की अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के माध्यम से प्रदेश के होनहार विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय शिक्षा दिलाने का संकल्प अब धरातल पर जीवंत होता दिख रहा है।          बस्तर जिले के जगदलपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम बिलौरी के एक पंजीकृत श्रमिक नंदकिशोर कश्यप की सुपुत्री डिंपल कश्यप ने अपनी मेधा और कड़ी मेहनत के दम पर सफलता का अध्याय लिख दिया है। डिंपल का चयन राज्य की प्रावीण्य सूची (मेरिट लिस्ट) के आधार पर राजनांदगांव के प्रतिष्ठित संस्कार सिटी स्कूल के लिए हुआ है, जो उनके परिवार के लिए किसी सुखद चमत्कार से कम नहीं है। यहां डिंपल कक्षा छठवीं में अध्ययन कर रही है और बारहवीं तक निःशुल्क शिक्षा ग्रहण करेगी।        छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की इस गौरवपूर्ण उपलब्धि की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी यह है कि  डिंपल की माध्यमिक शिक्षा से लेकर उच्चतर माध्यमिक स्तर तक की पूरी पढ़ाई का सारा खर्च उठाने की जिम्मेदारी ली है। इस निःशुल्क और उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा के प्रावधान ने परिवार के सिर से आर्थिक चिंता का बोझ पूरी तरह हटा दिया है, जिससे अब डिंपल की प्रगति की राह में कोई बाधा नहीं आएगी। अपनी बेटी की इस अभूतपूर्व सफलता पर पिता नंदकिशोर कश्यप भावुक स्वर में कहते हैं कि एक श्रमिक के लिए यह किसी सपने के सच होने जैसा है। वे दिन-रात कड़ी मेहनत ही इसलिए करते हैं ताकि उनके बच्चों का भविष्य उनके अपने संघर्षपूर्ण जीवन से कहीं बेहतर और सुगम हो सके। आज सरकार की इस कल्याणकारी योजना ने उनके उन धुंधले सपनों को हकीकत के पंख दे दिए हैं।       कश्यप दंपत्ति. माता-पिता के रूप में  आज स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। उन्हें अब यह अटूट विश्वास हो चला है कि उनकी बेटी का भविष्य न केवल सुरक्षित है, बल्कि वह अपनी अटूट लगन से सफलता के उस आसमान को भी छू सकेगी जिसका उन्होंने कभी केवल कल्पनाओं में विचार किया था। ग्राम बिलौरी-2 से निकलकर एक प्रतिष्ठित स्कूल तक का डिंपल का यह सफर समाज के उस हर वर्ग के लिए प्रेरणा है, जो संसाधनों के अभाव में अपनी प्रतिभा को दबाए बैठे हैं। शासन की यह पहल स्पष्ट संदेश देती है कि यदि बच्चे में प्रतिभा और आगे बढ़ने की ललक हो, तो सरकार की योजनाएं एक मजबूत सेतु बनकर उन्हें सफलता के उच्चतम शिखर तक पहुँचाने में पूरी मदद करती हैं।

विश्व चिंतन दिवस के शताब्दी वर्ष पर स्काउट-गाइड का एकता और भाईचारे का संकल्प

बिलासपुर भारत स्काउट एवं गाइड्स जिला संघ बिलासपुर द्वारा विश्व चिंतन दिवस के 100 वर्ष पूर्ण होने पर एक गरिमामय एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम ओल्ड कंपोजिट बिल्डिंग, डीईओ कार्यालय स्थित स्काउट विभाग कक्ष क्रमांक-16 के प्रांगण में संपन्न हुआ, जिसमें राज्य एवं जिला स्तर के पदाधिकारियों सहित जिले भर के स्काउट-गाइड, रोवर्स और रेंजर्स ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ सर्वधर्म प्रार्थना के साथ हुआ। प्रार्थना के माध्यम से सर्वधर्म समभाव, अनुशासन, सेवा और भाईचारे का संदेश दिया गया, जो स्काउट-गाइड आंदोलन की मूल भावना को दर्शाता है। इसके बाद कक्ष क्रमांक-6 स्थित सभा हॉल में मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां सभी सदस्य एकत्रित हुए। विश्व चिंतन दिवस के उपलक्ष्य में स्काउट, गाइड, रोवर्स एवं रेंजर्स द्वारा तैयार स्लोगन, पोस्टर और बैनरों का प्रदर्शन एवं मूल्यांकन किया गया। प्रतिभागियों ने विश्व शांति, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, सेवा और महिला सशक्तिकरण जैसे विषयों पर रचनात्मक प्रस्तुतियाँ दीं। उत्कृष्ट प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस परेड, राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं तथा विभिन्न सामाजिक एवं शैक्षणिक कार्यक्रमों में सक्रिय सेवा देने वाले स्काउट-गाइड, रोवर्स एवं रेंजर्स को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संयुक्त राज्य सचिव बीना यादव, अध्यक्षता पदेन जिला आयुक्त (गाइड) सुनीता ध्रुव ने की। विशिष्ट अतिथियों में सहायक राज्य आयुक्त स्काउट विजय कुमार यादव, भूपेंद्र शर्मा तथा सहायक राज्य आयुक्त गाइड डॉ. भारती दुबे उपस्थित रहे। इसके अलावा जिला संघ के अनेक पदाधिकारी, स्काउटर-गाइडर एवं सदस्य भी बड़ी संख्या में मौजूद थे।  समापन अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि विश्व चिंतन दिवस केवल उत्सव नहीं, बल्कि आत्ममंथन और सेवा भावना को सुदृढ़ करने का अवसर है। उन्होंने संगठन के सिद्धांतों का पालन करते हुए समाज सेवा में निरंतर सक्रिय रहने का आह्वान किया। कार्यक्रम अनुशासन, उत्साह और संगठनात्मक एकता का उत्कृष्ट उदाहरण रहा तथा शताब्दी वर्ष का यह आयोजन स्काउट-गाइड आंदोलन के प्रति समर्पण और सेवा भावना को और मजबूत करने वाला सिद्ध हुआ। कार्यक्रम में जिला सचिव सुश्री लता यादव, जिला संगठन आयुक्त स्काउट महेन्द्र बाबू टंडन, जिला संगठन आयुक्त गाइड डॉ पूनम सिंह, एल.टी.स्काउट देवब्रत मिश्रा, डॉ.नवनीत कौशिक, शत्रुघन सूर्यवंशी, सूर्यकांत खूंटे, निखिल सिंह, शशांक विश्वकर्मा, गाइडर के रूप में प्री.ए.एल.टी गाइड पुष्पा शर्मा, लक्ष्मी बृजवासी, रागिनी चौधरी, मिंदु साडे, डॉ.शीला शर्मा, शशिकला साहू, सुश्री निशा साहू, सुश्री कौशल्या साहू, स्काउट-गाइड रोवर्स-रेंजर्स, स्काउटर-गाइडर मुख्य रूप से उपस्थित रहें।  

जल जीवन मिशन: 522 घरों में नल कनेक्शन से पानी के लिए हैंडपंपों और कुओं पर निर्भरता खत्म

बिलासपुर. भारत जैसे भौगोलिक विविधताओं से भरे देश में विषमताएं विकास की राह में अक्सर चुनौती बनती रही हैं। पठारी और पाट क्षेत्रों से घिरे दूरस्थ गांव पेयजल की समस्या से जूझते रहे हैं। लेकिन अब केंद्र सरकार और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन से दूरस्थ व दुर्गम अंचलों में भी सभी घरों में नल से स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल पहुंच रहा है। कोरबा जिला मुख्यालय से लगभग 53 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम मांगामार की तस्वीर अब बदल चुकी है। ढाई हजार से अधिक की आबादी वाले इस गांव में जल जीवन मिशन के तहत एक करोड़ 45 लाख 34 हजार रुपए की लागत से रेट्रोफिटिंग योजना क्रियान्वित की गई है। योजना के तहत 40 किलोमीटर क्षमता की एक उच्च स्तरीय पानी टंकी स्थापित की गई है। गांव के हर एक घर में पेयजल पहुंचाने के लिए 3700 मीटर पाइपलाइन बिछाकर 522 घरों में नल कनेक्शन प्रदान किए गए हैं। गर्मियों में विकराल हो जाती थी समस्या मांगामार की श्रीमती समारिन बाई खाण्डेल बताती है कि पहले पेयजल के लिए हैंडपंप, कुओं और अन्य स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता था। गर्मी के दिनों में भू-जल स्तर नीचे चला जाता था, जिससे पानी की किल्लत और भी बढ़ जाती थी। कई बार सुबह-सुबह पानी भरने के लिए लंबी कतारें लगती थीं। महिलाओं को घर के कामकाज के साथ पानी लाने घंटों मशक्कत करनी पड़ती थी। अब हर घर में नल, बदली दिनचर्या जल जीवन मिशन के तहत “हर घर जल” की सुविधा मिलने के बाद अब स्थिति पूरी तरह बदल गई है। प्रत्येक घर तक नल कनेक्शन पहुंच चुका है और नियमित रूप से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति हो रही है। इससे न केवल जल संकट समाप्त हुआ है, बल्कि महिलाओं की दिनचर्या में भी सकारात्मक परिवर्तन आया है। अब महिलाओं को दूर-दूर तक पानी ढोने की मजबूरी नहीं रही। बचा हुआ समय वे परिवार, बच्चों की पढ़ाई और अन्य आयवर्धक गतिविधियों में लगा रही हैं। स्वास्थ्य के स्तर पर भी सुधार देखने को मिल रहा है, क्योंकि स्वच्छ पेयजल से जलजनित बीमारियों का खतरा कम हो गया है। दूरस्थ अंचलों में विकास की नई धारा जल जीवन मिशन ने मांगामार जैसे सुदूर गांवों में जीवन की बुनियादी आवश्यकता पेयजल को घर-घर तक पहुंचाकर विकास की नई इबारत लिखी है। अब बारहों महीने ग्रामीणों को घर पर ही शुद्ध पानी उपलब्ध हो रहा है। हैंडपंपों पर निर्भरता समाप्त हो चुकी है और मांगामार जल संकट से मुक्त हो गया है। जल जीवन मिशन दूरस्थ क्षेत्रों में न केवल लोगों, खासकर महिलाओं का जीवन आसान बना रही है, बल्कि ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता में स्थायी सुधार भी ला रही है।

पुलिस तीरंदाजी प्रतियोगिता में देशभर की 29 टीमें लेंगी हिस्सा

दुर्ग. अखिल भारतीय पुलिस तीरंदाजी प्रतियोगिता की मेजबानी छत्तीसगढ़ को मिली है. अखिल भारतीय पुलिस कंट्रोल बोर्ड नई दिल्ली और छत्तीसगढ़ पुलिस के तत्वावधान में अखिल भारतीय तीरंदाजी प्रतियोगिता पुरुष-महिला का आयोजन छत्तीसगढ़ के भिलाई में होने जा रहा है. 14 वीं अखिल भारतीय तीरंदाजी प्रतियोगिता का आयोजन 27 फरवरी तक छत्तीसगढ़ के भिलाई में हो रहा है. छत्तीसगढ़ पुलिस को इसकी मेजबानी मिली है. इस खेलकूद प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों, केंद्रीय शासित प्रदेश और केंद्रीय सुरक्षा बलों समेत आईबी, रॉ, सीबीआई जैसे पुलिस ऑर्गेनाइजशन की 29 टीमें शामिल हो रही हैं. जिसमें लगभग 450 टीम मैनेजर, कोच और खिलाड़ी प्रतियोगिता में भाग ले रहे हैं. प्रतियोगिता में तीरंदाजी के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी एवं कोच प्रतियोगिता में सम्मिलित हो रहे हैं. आर्चरी (तीरंदाजी) के तीनो इवेंटों का आयोजन खेल परिसर प्रथम वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल भिलाई में होना है. इन्वेंट के सफलतापूर्वक आयोजन और सारी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के डीआईजी सदानंद कुमार को जवाबदेही दी गई है. पुलिस के भी दर्जन भर अभ्यर्थी लेंगे भाग 14 वीं अखिल भारतीय प्रतियोगिता में इंडियन राउंड,रिकर्व और कंपाउंड के विभिन्न तीन इवेंटों के अलग– अलग भाग लेकर कुल 180 मेडलों के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगे. जिसमें पुलिस के 12 खिलाड़ियों के द्वारा भाग लिया जाएगा. छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा गमछा गुलदस्ता देकर प्रतियोगिता में आ रहा है मैनेजर कोच एवं प्रतिभागियों को भविष्य स्वागत किया जा रहा है तथा इसकी विभिन्न स्थानों में आवास व्यवस्था तथा भोजन के लिए प्रथम वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र सवाल भिलाई के परिसर ग्राउंड में किया गया है. राजस्थान के 22,उत्तर प्रदेश के 31,जम्मू एंड कश्मीर के 13,पंजाब के 08, आईटीबीपी के 25, एसएसबी के 17 खिलाड़ियों के आगमन पर छत्तीसगढ़ पुलिस के द्वारा गमछा और गुलदस्ता देकर भव्य स्वागत किया गया. गृहमंत्री शर्मा करेंगे उद्घाटन, समापन में सीएम साय होंगे शामिल कल 23 फरवरी को गृह मंत्री विजय शर्मा कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे. 27 फरवरी को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय समापन करेंगे. प्रतियोगिता के भव्य आयोजन के लिए पुलिस मुख्यालय नया रायपुर के द्वारा विभिन्न समितियों का गठन किया गया है. जिसकी समीक्षा पुलिस का वरिष्ठ अधिकारी लगातार कर रहे हैं.

राज्य की अर्थव्यवस्था को रफ्तार: आर्थिक सर्वेक्षण में जीएसडीपी 11.57% बढ़ने का अनुमान

रायपुर छत्तीसगढ़ का बजट पेश करने के एक दिन पूर्व 23 फरवरी को छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 रिपोर्ट पेश किया। इसमें  उन्होंने वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) 11.57% बढ़ने का अनुमान जताया है। उन्होंने जीएसडीपी में 6.31 लाख करोड़ रुपए होने की संभावना जताई है। उन्होंने बताया कि 2024-25 में 10.50% वृद्धि दर्ज की गई है, जिसमें कृषि में 11.76%, उद्योग में 9.91% और सेवा क्षेत्र में 10.08% की बढ़ोतरी हुई। सरकारी योजनाओं का सकारात्मक असर बताते हुए राज्य में प्रति व्यक्ति आय 2025- 26 में 1,79,244 रुपए होने का अनुमान जताया है, जो 2024-25 के 10.07 प्रतिशत से ज्यादा है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने इस बार के आर्थिक सर्वेक्षण में कृषि क्षेत्र में 12.53%, उद्योग क्षेत्र में 10.26%, सेवा क्षेत्र में 13.15% के साथ स्थिर भावों पर 8.11% वृद्धि का अनुमान जताया है।  

बीजापुर: सर्चिंग अभियान के बीच IED ब्लास्ट, STF के घायल जवान को हायर सेंटर रेफर

बीजापुर जिला बीजापुर के दक्षिण क्षेत्र में को संयुक्त सुरक्षा बलों की टीम क्षेत्र प्रभुत्व अभियान पर निकली हुई थी। इस अभियान के दौरान माओवादियों द्वारा लगाए गए एक दबाव विस्फोटक उपकरण में अचानक विस्फोट हो गया। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में विशेष कार्य बल का एक जवान घायल हो गया। यह घटना बीते रविवार की है। जिसके बाद आज जवानों ने अभियान को तेज कर दिया है। जानकारी के अनुसार, संयुक्त टीम क्षेत्र में सघन तलाशी और क्षेत्र प्रभुत्व ड्यूटी पर तैनात थी। इसी दौरान नक्सलियों द्वारा पहले से प्लांट किए गए दबाव विस्फोटक उपकरण पर एक जवान का पैर पड़ गया। पैर पड़ते ही अचानक जोरदार विस्फोट हुआ, जिससे विशेष कार्य बल का एक जवान गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के तुरंत बाद साथ में मौजूद अन्य जवानों ने घायल साथी को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। उसे तत्काल प्राथमिक उपचार भी दिया गया। बाद में बेहतर इलाज के लिए घायल जवान को उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किया गया है। चिकित्सकों के अनुसार, फिलहाल जवान की हालत स्थिर बताई जा रही है, जो सभी के लिए राहत की बात है। यह घटना सुरक्षाबलों के लिए एक चुनौती पेश करती है। विस्फोट की घटना के बाद सुरक्षाबलों ने तुरंत मोर्चा संभाला और स्थिति को नियंत्रण में लिया। साथ में मौजूद जवानों ने घायल जवान को बिना किसी देरी के सुरक्षित निकालकर प्राथमिक उपचार दिया। उसे शीघ्र ही उच्च चिकित्सा केंद्र भेजा गया ताकि उसे सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा मिल सके। इस कार्यवाही से घायल जवान को समय पर उपचार मिल पाया। सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके में अपना तलाशी अभियान तेज कर दिया है। इस घटना के बाद आसपास के क्षेत्र में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। सुरक्षा बल माओवादियों की संभावित गतिविधियों पर पैनी नजर रख रहे हैं और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए तैयार हैं। क्षेत्र प्रभुत्व अभियान का मुख्य उद्देश्य इलाके में शांति और सुरक्षा स्थापित करना है। माओवादी ऐसी घटनाओं के माध्यम से सुरक्षा बलों के मनोबल को तोड़ने का प्रयास करते हैं, लेकिन सुरक्षा बल अपने कर्तव्यों के प्रति दृढ़ हैं और अभियान जारी रखेंगे।

बजट सत्र की शुरुआत के साथ राज्यपाल का संबोधन, छत्तीसगढ़ के विकास पर दिया जोर

रायपुर छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र आज यानी सोमवार से शुरू हुआ। बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल रमेन डेका का अभिभाषण हुआ उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में विकास की अपार संभावनायें हैं। छत्तीसगढ़ की 6वीं विधानसभा के अष्टम् सत्र में अभिभाषण पढ़ते हुए राज्यपाल ने कहा कि आप सभी को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना और हमारी विधानसभा की रजत जयंती की बहुत-बहुत बधाई। राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के करकमलों से हमारी विधानसभा के नवीन भवन का लोकार्पण हुआ। आप सभी को लोकतंत्र के मंदिर इस नये भवन की हार्दिक शुभकामनाएं। प्रदेश की षष्ठम् विधानसभा के वर्ष 2026 में आयोजित इस प्रथम सत्र में आप सभी का हार्दिक अभिनंदन है। अब हमारे प्रदेश ने विकसित राज्य की ओर अपना नया सफर शुरू किया है। सामूहिक प्रयत्न और संकल्प से निश्चित रूप से हम वर्ष 2047 तक विकसित राज्य का लक्ष्य प्राप्त करेंगे। भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी ने हमारे राज्य का निर्माण किया। उन्होंने जिस संकल्पना को लेकर छत्तीसगढ़ बनाया, उसे पूरा होते देखकर बहुत खुशी होती है। छत्तीसगढ़ में विकास की असीम संभावनाएं हैं। यहां की सरल, सहज और मेहनतकश जनता की बदौलत मेरी सरकार इन संभावनाओं को साकार करने की दिशा में कड़ी मेहनत कर रही है। इससे पूर्व राज्यपाल के विधानसभा पहुंचने पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह, नेता प्रतिपक्ष डॉ चरण दास महंत ने उनका आत्मीय स्वागत किया। पढ़ें राज्यपाल का अभिभाषण     मेरी सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता अंत्योदय का कल्याण है। मेरी सरकार की प्रत्येक नीति में यह सोच है कि इसके लागू होने से आखिरी पंक्ति में खड़े नागरिक को किस तरह से लाभ मिलेगा। जब इस सोच के अनुरूप नीति बनती है तो समावेशी विकास की दिशा में कदम स्वतः बढ़ जाते हैं।       समावेशी विकास में महिला सशक्तिकरण की महत्वपूर्ण भूमिका है। मातृ शक्ति को सशक्त बनाना मेरी सरकार की प्राथमिकता है। इसी सोच के साथ इस वर्ष को ‘महतारी गौरव वर्ष‘ के रूप में मनाया जा रहा है।     सामाजिक कल्याण के साथ तीव्र आर्थिक विकास के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए नये जमाने के अनुरूप मेरी सरकार ने नवाचार भी किया है जिसका व्यापक असर प्रदेश के आर्थिक विकास के आंकड़ों में नजर आता है।     विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब किसान मजबूत और समृद्ध होंगे। इसलिए मेरी सरकार उन्हें आधुनिक तकनीक से जोड़ने, फसल का उचित मूल्य दिलाने और बाजार तक उनकी आसान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए निरंतर काम कर रही है।     इस वर्ष 25 लाख 24 हजार किसानों से समर्थन मूल्य पर 141.04 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया और 33 हजार 431 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। मेरी सरकार ने ‘कृषक उन्नति योजना’ के तहत होली से पहले किसानों को 10 हजार 292 करोड़ रुपये का भुगतान करने का निर्णय लिया है।     केंद्र में प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी की सरकार भी किसान हितैषी सरकार है। छत्तीसगढ़ के 24 लाख 72 हजार किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है।     मेरी सरकार के कल्याणकारी दायरे में भूमिहीन कृषक मजदूर भी शामिल हैं। राज्य के 5 लाख से अधिक भूमिहीन कृषि मजदूरों को ‘दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना‘ के तहत सालाना 10 हजार रुपए दिए जा रहे हैं। 24 फरवरी को वित्त मंत्री ओपी चौधरी पेश करेंगे बजट वित्त मंत्री ओपी चौधरी 24 फरवरी को दोपहर 12.30 बजे बजट पेश करेंगे। हर बार की तरह इस बार का बजट आकर्षक और खास होने की उम्मीद जताई जा रही है। 20 मार्च तक कुल 15 बैठकें छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र 23 फरवरी से शुरू गया है जो 20 मार्च तक चलेगा। 23 फरवरी को राज्यपाल के अभिभाषण से सत्र की शुरुआत हुई। राज्यपाल के अभिभाषण के कृतज्ञता ज्ञापन प्रस्ताव पर सभा में बुधवार 25 फरवरी को चर्चा होगी। सत्र में कुल 15 बैठकें होंगी। 26 और 27 फरवरी को आय-व्यय पर सामान्य चर्चा होगी। इसके बाद 9 से 17 मार्च तक विभागवार अनुदान मांगों पर चर्चा की जाएगी। ये वित्तीय एवं शासकीय कार्य होंगो संपादित      निधन उल्लेख- दीनदयाल सिंह पोर्ते, अविभाजित मध्यप्रदेश विधान सभा के पूर्व सदस्य।     वित्तीय कार्य-वित्तमंत्री ओपी चौधरी वर्ष 2026-2027 के आय व्ययक का उपस्थापन 24 फरवरी 2026 को दोपहर 12.30 बजे करेंगे।     26 फरवरी 2026 एवं शुक्रवार 27 फरवरी 2026 को वित्तीय वर्ष 2026-27 के आय-व्ययक पर सामान्य चर्चा होगी।     9 से 17 मार्च 2026 तक सभा में विभागवार अनुदान मांगों पर चर्चा होगी।     17 मार्च 2026 आय-व्ययक की मांगों से संबंधित विनियोग विधेयक का पुनर्स्थापन होगा।     आय-व्ययक की मांगों से संबंधित विनियोग विधेयक पर चर्चा एवं पारण के लिये दिनांक 18 मार्च, 2026 की तिथि निर्धारित की गई है। विधि विषयक कार्य अभी तक शासकीय विधि-विषयक कार्यों के अंतर्गत निम्नलिखित विधेयकों की सूचनाएं प्राप्त हुई हैं (A) छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक, 2026 (B) छत्तीसगढ़ लोक सुरक्षा (उपाय) प्रवर्तन विधेयक, 2026  प्रश्न, स्थगन एवं ध्यानकर्षण सूचनाएं इस सत्र के लिए माननीय सदस्यों से अभी तक प्राप्त प्रश्नों की कुल 2813 सूचनाएं प्राप्त हुई हैं, जिनमें तारांकित प्रश्नों की कुल संख्या 1437 एवं अतारांकित प्रश्नों की कुल संख्या 1376 है। (क) ध्यानाकर्षण प्रस्ताव की 61 सूचनाएं (ख) नियम 139 के अधीन अविलंबनीय लोक महत्व के विषय पर चर्चा के लिए 01 सूचनाएं (ग) अशासकीय संकल्प की कुल 13 सूचनाएं (घ) शून्यकाल की 09 सूचनाएं (ड़) याचिका की 112 सूचना

संस्कृति गौरव सम्मेलन में ऐतिहासिक घर वापसी, विधायक भावना बोहरा ने पैर पखारकर किया स्वागत

कवर्धा जिले के पंडरिया क्षेत्र में धर्म परिवर्तन के मुद्दे को लेकर राजनीति और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। पंडरिया की विधायक भावना बोहरा इस विषय पर लगातार मुखर रुख अपनाए हुए हैं। रविवार को पंडरिया विकासखंड के आदिवासी ग्राम कुलहीडोंगरी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान करीब 165 लोगों ने पुनः अपने मूल धर्म में वापसी की। बताया जा रहा है कि अब तक विधायक भावना बोहरा के प्रयासों से 500 से अधिक लोग सनातन धर्म में लौट चुके हैं। ग्राम कुलहीडोंगरी में आयोजित ‘संस्कृति गौरव सम्मेलन एवं अभिनंदन समारोह’ में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। कार्यक्रम का माहौल पारंपरिक और सांस्कृतिक रंग में रंगा नजर आया। विधायक भावना बोहरा ने धर्म वापसी करने वाले सभी लोगों का पारंपरिक रीति-रिवाज से पैर पखारकर और नारियल भेंट कर सम्मानपूर्वक स्वागत किया। आयोजकों के अनुसार, इस पहल को क्षेत्र में सांस्कृतिक अस्मिता, परंपरा और सामाजिक एकजुटता के संरक्षण से जोड़कर देखा जा रहा है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक बोहरा ने धर्म परिवर्तन कराने में कथित रूप से सक्रिय एजेंटों को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज के सीधे-साधे लोगों को लालच, प्रलोभन या अंधविश्वास में फंसाकर धर्म परिवर्तन कराना स्वीकार्य नहीं है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी ने किसी कारणवश अन्य धर्म अपनाया है, तो उनकी धर्म वापसी सुनिश्चित की जाएगी और उन्हें सामाजिक सम्मान के साथ पुनः जोड़ा जाएगा। कार्यक्रम के दौरान सामाजिक एकता और परंपराओं के संरक्षण पर भी जोर दिया गया।

टॉप माओवादी लीडर देवजी और मल्ला राजिरेड्डी ने किया सरेंडर

रायपुर. माओवादी संगठन को बड़ा झटका देते हुए उसके दो टॉप नेताओं ने सरेंडर कर दिया है। सेंट्रल माओवादी पार्टी के पूर्व सेक्रेटरी देवजी और माओवादी पोलित ब्यूरो के सदस्य मल्ला राजिरेड्डी ने तेलंगाना की स्पेशल इंटेलिजेंस ब्रांच (SIB) के सामने 18 माओवादियों के साथ सरेंडर कर दिया। दोनों नेताओं ने मुख्यधारा में लौटने का लिया फैसला बताया जा रहा है कि दोनों नेताओं ने लंबे समय से संगठन की स्ट्रेटेजिक एक्टिविटीज़ और बढ़ाने के प्लान में अहम भूमिका निभाई थी। उनके सरेंडर को माओवादी नेटवर्क के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, खासकर संगठन के सेंट्रल स्ट्रक्चर के लिहाज़ से। सूत्रों के मुताबिक, सिक्योरिटी एजेंसियों के बढ़ते दबाव, चल रहे ऑपरेशन और बदलते हालात के बीच, दोनों नेताओं ने 18 माओवादियों के साथ मेनस्ट्रीम में लौटने का फैसला किया। अपने सरेंडर के दौरान, उन्होंने हिंसक एक्टिविटीज़ से दूरी बनाई और डेमोक्रेटिक प्रोसेस में अपना भरोसा जताया। नक्सल विरोधी अभियान में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सिक्योरिटी एजेंसियों का मानना ​​है कि इन दोनों सीनियर लीडर्स के सरेंडर से ऑर्गनाइज़ेशन की स्ट्रेटेजिक क्षमताएं कमज़ोर होंगी और दूसरे एक्टिव कैडर पर असर पड़ सकता है। तेलंगाना स्पेशल इंटेलिजेंस ब्यूरो (SIB) अब उनसे पूछताछ कर रहा है ताकि ऑर्गनाइज़ेशन के अंदरूनी स्ट्रक्चर, फंडिंग और नेटवर्क के बारे में जानकारी इकट्ठा की जा सके। उन्हें सरकार की रिहैबिलिटेशन पॉलिसी के तहत फायदे मिलने की संभावना है, जैसा कि बताया गया है। इस बीच, सिक्योरिटी फोर्स इसे एंटी-नक्सल कैंपेन में एक बड़ी कामयाबी मान रहे हैं।

विवाह भोज के बाद ग्रामीणों की तबीयत बिगड़ी, 44 लोग पड़े बीमार

गरियाबंद छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से फूड पॉइजनिंग का सनसीखेज मामला सामने आया है, जहां दो ग्राम पंचायतों के 44 ग्रामीण अचानक बीमार पड़ गए हैं। जानकारी के अनुसार, ग्रामीण शादी के चौथिया कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। कार्यक्रम में भोजन करने के बाद सभी की तबीयत बिगड़ने लगी। बताया जा रहा है कि गांव वापस लौटने के बाद ग्रामीणों को उल्टी-दस्त की शिकायत शुरू हुई। ग्राम पंचायत आमदी (द) के आश्रित मोहलाई के 17 ग्रामीण और ग्राम पंचायत दर्रीपारा के बोइरगांव के 27 ग्रामीण फूड पॉयजनिंग के शिकार हुए हैं। दोनों ग्रामों के कुल मिलाकर अब तक 44 ग्रामीण बीमार बताए जा रहे हैं। मामले की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया। उपस्वास्थ्य केंद्र कोसमी में शिविर लगाकर सभी मरीजों का इलाज किया जा रहा है। स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा प्राथमिक उपचार के साथ आवश्यक दवाइयां दी जा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम प्रभावित गांवों में पहुंचकर मामले की जांच में जुट गई है। सीएमओ वीएस नवरत्न ने बताया कि मामले की सूचना के बाद डॉक्टरों के साथ स्वास्थ्य कर्मियों का दल कोसमी सेक्टर में ड्यूटी पर लगाया गया है। पीड़ितों का उपचार किया जा रहा है। अब तक 40 से ज्यादा लोगों का उपचार किया गया है। स्थिति नियंत्रण में है।