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शिक्षा नीति के समुचित कार्यान्वयन, डिजिटल एकीकरण और परिणाम आधारित दृष्टिकोण से उच्च शिक्षा व्यवस्था को मिलेगा नई दिशा-सचिव डॉ. भारती दासन

रायपुर शिक्षा संवाद 2026’ का भव्य शुभारंभ     छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा और कौशल विकास के भविष्य पर केंद्रित फ्लैगशिप कार्यक्रम ‘शिक्षा संवाद 2026’ का आज रायपुर के कोर्टयार्ड मैरियट में भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन उच्च शिक्षा मंत्री  टंक राम वर्मा ने किया। इस आयोजन का संचालन उच्च शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा किया गया, जिसमें एलिट्स टेक्नोमीडिया सहयोगी संस्था के रूप में जुड़ा रहा। शिक्षा संवाद 2026’ का भव्य शुभारंभ       ‘विकसित छत्तीसगढ़ के लिए शिक्षा, कौशल और रोजगार का सेतु’ थीम पर आधारित उद्घाटन सत्र में उच्च शिक्षा को रोजगारोन्मुख बनाने, उद्योग की जरूरतों के अनुरूप पाठ्यक्रमों के समायोजन और क्षेत्रीय विकास प्राथमिकताओं पर विशेष चर्चा हुई।        उच्च शिक्षा मंत्री  टंकराम वर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा राज्य की सबसे बड़ी शक्ति हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों को उभरते अवसरों के अनुरूप खुद को तैयार करना होगा। मंत्री ने संस्थागत क्षमता सुदृढ़ करने, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने और पाठ्यक्रमों को उद्योग की मांग के अनुरूप ढालने पर बल दिया। साथ ही विश्वविद्यालयों, तकनीकी संस्थानों और उद्योग जगत के बीच संरचित समन्वय की आवश्यकता बताई, ताकि विद्यार्थियों को व्यावहारिक दक्षता और रोजगारपरक कौशल प्राप्त हो सके। डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म और नीतिगत सुधारों को भी गुणवत्ता सुधार का अहम माध्यम बताया गया।       कार्यक्रम में उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन ने शासन के शिक्षा सुधारों, संस्थागत सशक्तीकरण और नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि नीति के समुचित कार्यान्वयन, डिजिटल एकीकरण और परिणाम आधारित दृष्टिकोण से राज्य की उच्च शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।       इस अवसर पर एलिट्स टेक्नोमीडिया के सीईओ एवं एडिटर-इन-चीफ डॉ. रवि गुप्ता ने अतिथियों का स्वागत करते हुए नीति, अकादमिक और उद्योग जगत के बीच सतत संवाद मंच की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। वहीं, उच्च शिक्षा आयुक्त डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने आगे बढ़कर ठोस कार्ययोजना बनाने पर जोर दिया, जिससे शिक्षा, रोजगार और कौशल विकास का समेकित मॉडल विकसित हो सके।‘       कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण उच्च शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन और ‘स्वयं प्लस – आईआईटी मद्रास’ के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर रहा। इस समझौते के तहत उच्च गुणवत्ता वाले ऑनलाइन और ब्लेंडेड कोर्स, उद्योग-प्रासंगिक प्रमाणपत्र तथा क्रेडिट-लिंक्ड कार्यक्रमों का विस्तार किया जाएगा। इससे राज्य के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में ‘अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट’ के अंतर्गत क्रेडिट ट्रांसफर को बढ़ावा मिलेगा तथा विद्यार्थियों को उन्नत कौशल आधारित मॉड्यूल्स का लाभ मिलेगा।    इसके अतिरिक्त, उच्च शिक्षा विभाग ने मलेशिया के लिंकन यूनिवर्सिटी कॉलेज (LUC) के साथ भी एमओयू किया। इस सहयोग का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक साझेदारी, छात्र एवं संकाय विनिमय, संयुक्त शोध पहल और वैश्विक एक्सपोजर को बढ़ावा देना है।     शिक्षा संवाद 2026 में दिनभर राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन, प्रशासनिक सुधार, डिजिटल नवाचार, उद्योग-अकादमिक सहयोग, शोध और उद्यमिता जैसे विषयों पर विभिन्न सत्र आयोजित किए जाएंगे। शिक्षा संवाद 2026’ ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि शिक्षा, कौशल और रोजगार के बीच मजबूत सेतु बनाकर ही विकसित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य साकार किया जा सकता है।

लेप्रोस्कॉपिक सर्जन की पदस्थापना से बलौदाबाजार जिला अस्पताल की बढ़ी क्षमता

रायपुर. जिला अस्पताल बलौदा बाज़ार में नए जनरल एवं लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ क़ादिर बेग की पदस्थापना से अस्पताल की क्षमताओं में इज़ाफ़ा हुआ है। अस्पताल में अब हर्निया, हाइड्रोसिल,बवासीर,फिमोसिस,सेलुलाइटिसब्रेस्ट एबिस,फाइब्रोडेमा,लिम्फोमा,सिबेशियस सिस्ट जैसी गंभीर बीमारियों का सफलतापूर्वक उपचार किया जा रहा है । जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ राजेश अवस्थी के अनुसार उक्त ऑपरेशन निःशुल्क किये जा रहे हैं साथ ही आवश्यकता पड़ने पर आयुष्मान कार्ड का भी उपयोग किया जाता है । भर्ती मरीज को भोजन नाश्ता भी दिया जाता है। सिविल सर्जन डॉ अशोक कुमार वर्मा ने बताया कि,उक्त ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थित अनुसार कुछ दिन भर्ती किया जाता है बाद में छुट्टी हो जाती है। सर्जन की पदस्थापना से अब तक 16 ऐसे ऑपरेशन किये जा चुके हैं।  सेलुलाइटिस का उपचार करा चुके भाटापारा निवासी 45 वर्षीय अनिता के परिजनों ने बताया कि,सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र से उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल रिफर किया गया था।उसके बाद वहां ऑपरेशन किया गया।इसमें आयुष्मान कार्ड का लाभ मिला। एक हफ्ते भर्ती रहे उसके बाद छुट्टी हो गई। अभी स्थिति ठीक हैं ।

दुर्ग, बालोद और बेमेतरा जिले पहुंचकर योजनाओं का किया निरीक्षण, पशुपालकों से की चर्चा

रायपुर. प्रदेश में पशुधन योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन कि सराहना की भारत सरकार द्वारा नियुक्त केन्द्रीय पर्यवेक्षकों का दल 09 से 14 फरवरी तक छत्तीसगढ़ प्रवास पर रहा। इस दौरान वे पशुधन विकास विभाग के केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं की छत्तीसगढ़ प्रगति की जानकारी ली केंद्रीय पर्यवेक्षकों को दल दुर्ग, बालोद एवं बेमेतरा जिले का दौरा कर योजनाओं के क्रियान्वयन का निरीक्षण किया और पशुपालकों से चर्चा की। केंद्रीय पर्यवेक्षकों के दल ने छत्तीसगढ़ में पशुधन विकास योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन की सराहना की।   प्रदेश में पशुधन योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन कि सराहना की  केंद्रीय दल प्रवास के प्रथम चरण में संचालनालय स्तर पर आयोजित ब्रीफिंग सत्र में कृषि उत्पादन आयुक्त एवं प्रमुख सचिव तथा भारत सरकार के नोडल अधिकारियों द्वारा योजनाओं की स्थिति पर चर्चा की गई। इसके पश्चात दल ने ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण कर प्रशिक्षण गतिविधियों, प्रयोगशालाओं एवं पशु प्रजनन प्रक्षेत्रों का अवलोकन किया। बालोद जिले के गुण्डरदेही एवं डौंडी विकासखंड में बिहान योजना से जुड़ी पशु सखियों से कार्यप्रणाली की जानकारी ली गई। प्रदेश में पशुधन योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन कि सराहना की     उद्यमिता विकास कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित बकरी पालन इकाइयों, हैचरी यूनिटों तथा दुग्ध संकलन केंद्रों का निरीक्षण कर पशुपालकों से संवाद किया गया। दुर्ग स्थित दुग्ध संघ संयंत्र में दुग्ध प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। साथ ही पशु चिकित्सालयों एवं मोबाइल वेटेरिनरी इकाइयों में उपलब्ध दवाइयों व उपकरणों की जांच कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। प्रवास के दौरान बालोद जिले में आयोजित जिला स्तरीय पशु मेले में भी दल ने सहभागिता की। प्रदेश में पशुधन योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन कि सराहना की    राष्ट्रीय गोकुल मिशन अंतर्गत टीम ने पशु चिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय, अंजोरा, दुर्ग का भ्रमण किया तथा प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी प्राप्त की। साथ ही मैत्री एवं एवीएफओ रिफ्रेशर ट्रेनिंग संस्थान तथा शासकीय पशु प्रजनन प्रक्षेत्र स्थित ई.टी.टी.-आई.वी.एफ. प्रयोगशाला का निरीक्षण किया गया। जिला बालोद के विकासखंड गुण्डरदेही एवं डौंडी में बिहान अंतर्गत कार्यरत 35 पशु सखियों से संवाद कर उनकी कार्यप्रणाली की जानकारी ली गई।       नेशनल लाइवस्टॉक मिशन अंतर्गत ग्राम भरदा (दुर्ग) में  देवनाथ देशमुख, नवागांव (बेमेतरा) में मती मनीषा राजपूत तथा बालोद जिले के ग्राम गब्दी एवं बरही में संचालित बकरी इकाइयों की कार्यप्रणाली की जानकारी ली गई। इसके अलावा बेमेतरा जिले के ग्राम खर्रा एवं सुरहोली स्थित स्काईलार्क हैचरी तथा बालोद जिले की एबीस हैचरी यूनिट का भी निरीक्षण किया गया।     नेशनल प्रोग्राम फॉर डेयरी डेवलपमेंट अंतर्गत टीम ने उरला (दुर्ग) स्थित छत्तीसगढ़ सहकारी दुग्ध महासंघ प्लांट का भ्रमण कर दुग्ध प्रसंस्करण, पैकेजिंग, घी एवं मक्खन निर्माण इकाई का अवलोकन कर जानकारी ली। बालोद जिले के अर्जुंदा तथा बेमेतरा जिले के सरदा एवं मौली भाठा स्थित दुग्ध संकलन केंद्रों का निरीक्षण कर पशुपालकों से चर्चा की गई।    इसी तरह लाइवस्टॉक हेल्थ एवं डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम के तहत बेमेतरा जिले में कोल्ड केबिनेट एवं शीत श्रृंखला उपकरणों का निरीक्षण किया। पशु चिकित्सालयों एवं मोबाइल वेटेरिनरी यूनिट में उपलब्ध दवाईयों, टीकाकरण सामग्री एवं उपकरणों की जांच कर आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। ग्राम बोहारडीह (बेमेतरा) के उन्नत पशुपालक  मानसिंह वर्मा के डेयरी फार्म का भी अवलोकन किया गया। दौरे के दौरान जिला बालोद के ग्राम भेंगारी में आयोजित जिला स्तरीय पशु मेला में केन्द्रीय पर्यवेक्षकों की टीम शामिल हुई। टीम ने पशुपालकों से सीधे संवाद कर योजनाओं से मिल रहे लाभ एवं पशुपालन गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

हितग्राहियों को मिली बड़ी सौगात: उज्ज्वला कनेक्शन और ई-रिक्शा से बढ़े रोजगार के अवसर

रायपुर. मुख्यमंत्री ने हितग्राहीमूलक सामग्रियों का किया वितरण मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज कोरिया प्रवास के दौरान कोरिया महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत हितग्राहियों को हितग्राहीमूलक सामग्री का वितरण कर लाभान्वित किया। मुख्यमंत्री  साय ने कार्यक्रम में 105 पात्र हितग्राहियों को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत गैस कनेक्शन प्रदान किए। उन्होंने कहा कि इस योजना से अब इन परिवारों को धुएं से मुक्ति मिलने के साथ सुरक्षित, स्वच्छ और स्वास्थ्य के अनुकूल ईंधन की सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आएगा। मुख्यमंत्री ने हितग्राहीमूलक सामग्रियों का किया वितरण इस अवसर पर स्व-रोजगार और महिला सशक्तिकरण को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से 6 आजीविका दीदियों को पिंक ई-रिक्शा (ग्रामीण आजीविका एक्सप्रेस) प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल महिलाओं की आय बढ़ाने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री  साय ने जिले की स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए 14 स्वच्छता दीदियों को गार्बेज रिक्शा भी वितरित किए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल व्यवस्था नहीं बल्कि जनभागीदारी का अभियान है, और इस दिशा में महिलाओं की भागीदारी सराहनीय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है, ताकि समाज का प्रत्येक वर्ग विकास की मुख्यधारा से जुड़ सके। उन्होंने कहा कि सरकार जनकल्याण और आत्मनिर्भरता के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री साय ने कुम्हार के चाक पर गढ़ा दीया, पारंपरिक शिल्पकारों से किया आत्मीय संवाद:

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय का एक आत्मीय और सहज रूप उस समय देखने को मिला, जब उन्होंने कुम्हार के चाक पर स्वयं मिट्टी का दीया और कलश गढ़कर पारंपरिक शिल्प के प्रति सम्मान और जुड़ाव का सशक्त संदेश दिया।  अवसर था सरगुजा विकास प्राधिकरण की बैठक का, जिसमें शामिल होने वे कोरिया जिला मुख्यालय बैकुंठपुर पहुंचे थे। जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित बैठक के साथ परिसर में स्व-सहायता समूहों एवं स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई थी। इसी प्रदर्शनी में सोनहत विकासखंड निवासी शिल्पकार  देवी दयाल प्रजापति इलेक्ट्रिक चाक पर मिट्टी से दीया और कलश बनाने का सजीव प्रदर्शन कर रहे थे। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री  साय उनके स्टॉल पर पहुंचे और कुछ देर तक उनकी शिल्पकला का बारीकी से अवलोकन किया। कला के प्रति उत्सुकता बढ़ने पर मुख्यमंत्री ने स्वयं चाक पर हाथ आजमाने की इच्छा व्यक्त की। शिल्पकार की सहमति से उन्होंने घूमते हुए चाक पर रखी गीली मिट्टी को हाथों से साधा और देखते ही देखते उसे सुंदर दीये का आकार दे दिया। मुख्यमंत्री की सहज कुशलता देखकर स्वयं शिल्पकार भी आश्चर्यचकित रह गए, वहीं उपस्थित जनसमूह ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ इस क्षण का स्वागत किया। मुख्यमंत्री  साय ने इस दौरान शिल्पकार देवी दयाल प्रजापति से उनके व्यवसाय, आय और परिवार की जानकारी ली तथा उन्हें शासन की विभिन्न स्वरोजगार एवं कारीगर हितैषी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पारंपरिक शिल्प, कारीगरों और ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है, ताकि स्थानीय कला और हुनर को नई पहचान और बाजार मिल सके। इस अवसर पर कृषि मंत्री  रामविचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल, खाद्य मंत्री  दयाल दास बघेल, महिला एवं बाल विकास मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े, सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष मती गोमती साय, सांसद  चिंतामणि महाराज, विधायक  भैयालाल राजवाड़े, कलेक्टर  चंदन त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक  रविकुमार कुर्रे सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक में विकास कार्यों की समीक्षा

रायपुर. मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज कोरिया जिले के बैकुंठपुर में आयोजित सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक में सरगुजा संभाग के जिलों में संचालित विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई तथा जनप्रतिनिधियों के सुझावों के आधार पर नई योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार ने सरगुजा और बस्तर क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता में रखा है।प्राधिकरण के माध्यम से पिछड़े एवं वनांचल क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरगुजा क्षेत्र के सर्वांगीण विकास, जनजातीय समाज के सशक्तिकरण और क्षेत्र की समृद्धि के लिए सरकार पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है और सभी के सहयोग से इस क्षेत्र को प्रगति के नए शिखर पर पहुंचाया जाएगा। बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए प्राधिकरण हेतु 50 करोड़ रुपये के बजट प्रावधान को स्वीकृति प्रदान की गई। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों के आधार पर 543 विकास कार्यों के लिए 4905.58 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी गई, जबकि वर्ष 2024-25 में स्वीकृत 606 कार्यों को भी औपचारिक अनुमोदन प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री  साय ने सभी स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने तथा लंबित कार्यों को मार्च तक पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बैठक में स्पष्ट कहा कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने गर्मी के मौसम में पर्याप्त पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के सोनहत विकासखंड में विद्युतीकरण का कार्य तेजी से जारी है। मुख्यमंत्री  साय ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वीकृत कार्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाए, ताकि विकास योजनाओं का लाभ सीधे जनजातीय एवं वनांचल क्षेत्रों के लोगों तक पहुंच सके। बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों में हाईमास्ट सोलर लाइट लगाने, किसानों की समस्याओं के समाधान, बिजली बिल त्रुटियों को दूर करने तथा गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्राधिकरण की पिछली बैठक जशपुर जिले के मयाली में आयोजित हुई थी, जिसके बाद मयाली की पहचान पर्यटन केंद्र के रूप में बढ़ी है। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में विश्व के बड़े शिवलिंग को स्थान मिला तथा स्वदेश दर्शन योजना के तहत राशि स्वीकृत हुई। उन्होंने कहा कि बैकुंठपुर में आयोजित इस बैठक से भी जिले की पहचान और पर्यटन संभावनाओं को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि झुमका जलाशय सहित यहां पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं और इस प्रकार विभिन्न जिलों में बैठक आयोजित करने से स्थानीय विकास को गति मिलती है। बैठक में कृषि मंत्री  रामविचार नेताम, प्राधिकरण की उपाध्यक्ष मती गोमती साय, खाद्य मंत्री  दयालदास बघेल, स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल, स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेन्द्र यादव, उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन, सांसद  चिंतामणि महाराज, विधायकगण, वरिष्ठ अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

जनदर्शन में कलेक्टर ने सुनी लोगों की समस्याएं

जनदर्शन में कलेक्टर ने सुनी लोगों की समस्याएं बिलासपुर कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने साप्ताहिक जनदर्शन में आज दूर-दराज से पहुंचे ग्रामीणों की फरियाद सुनी। उन्होंने एक-एक कर प्रत्येक व्यक्ति से मुलाकात कर उनका आवेदन लिया और आवश्यक कार्रवाई के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। लोगों ने जनदर्शन में व्यक्तिगत एवं सामुदायिक हित से जुड़े विषयों को लेकर जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट करते हुए आवेदन दिया। नगर निगम कमिश्नर श्री प्रकाश कुमार सर्वे और सीईओ जिला पंचायत श्री संदीप अग्रवाल ने लोगों की समस्याओं को सुना। लोगों ने कलेक्टर से मिलकर व्यक्तिगत एवं सामुदायिक समस्याओं से संबंधित आवेदन दिए।         जनदर्शन में आज बोदरी तहसील के ग्राम बोडसरा के छात्र दीपेश कुमार ने राजस्व रिकॉर्ड में हुई त्रुटि को लेकर कलेक्टर से सुधार की मांग की है। आवेदक का कहना है कि पुराने मिसल रिकॉर्ड में नाम की गलती के कारण उसका जाति, निवास और आय प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहा है, जिससे उसकी आगे की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। त्रुटि के कारण राजस्व रिकॉर्ड से जुड़े आवश्यक दस्तावेज नहीं बन पा रहे हैं, जिससे उसे शैक्षणिक और अन्य सरकारी प्रक्रियाओं में परेशानी हो रही है। कलेक्टर ने मामले को एसडीओ बिल्हा को सौंपा। कोटा ब्लॉक के ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने शासकीय तालाब के आने जाने के निस्तारी रास्ते पर सुखराम यादव द्वारा किये गये अवैध निर्माण कार्य को हटाने के लिए ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम तेंदुवा के सुखराम यादव द्वारा निस्तारी रास्ते पर अवैध कब्जा कर मकान निर्माण कर लिया गया है। जिससे ग्रामीणों को तालाब आने जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कलेक्टर ने एसडीएम को उक्त प्रकरण की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए है। नहरपारा लिटिया के कैलाश प्रसाद साहू ने कलेक्टर से मुलाकात कर किसान सम्मान निधि की राशि प्रदान करने गुहार लगाई। मामले को उप संचालक कृषि देखेंगे।         शहर के वार्ड क्रमांक 36 बसंत भाई पटेल नगर के वासियों ने वार्ड में सीसी रोड, नाली, बिजली पोल एवं पानी पाईप लाईन लगाने की मांग की है। वार्ड वासियों ने अपनी समस्या बताते हुए कहा कि कच्चे सड़क की वजह से पानी भराव एवं गदंगी की स्थिति निर्मित हो जाती है। जिससे स्कूली बच्चों सहित आमजनों को भी काफी परेशानियां होती है। कलेक्टर ने आयुक्त नगर निगम को इस पर आवश्यक कार्यवाही करने कहा। सकरी तहसील के ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत कोपरा में तालाब निर्माण के लिए प्रस्तावित जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों की शिकायत के अनुसार ग्राम पंचायत क्षेत्र में तालाब निर्माण के लिए खसरा नंबर 81 और 82 की जमीन ग्राम सभा से स्वीकृत है। कुछ लोगों ने इस प्रस्तावित जमीन पर खेत बनाना शुरू कर दिया है और ट्रैक्टर से लगातार जुताई का काम जारी है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले सरपंच द्वारा इस कार्य को रुकवाया गया था, लेकिन कुछ दिनों बाद फिर से उसी जमीन पर खेती शुरू कर दी गई। ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि संबंधित लोगों द्वारा किए जा रहे कब्जे और खेती के कार्य को तुरंत रोका जाए तथा प्रस्तावित तालाब की जमीन को सुरक्षित रखा जाए। कलेक्टर ने एसडीओ तखतपुर को प्रकरण की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।         जनदर्शन में राजस्व अभिलेखों में नाम सुधार, पुराने मिसल अभिलेख में त्रुटि संशोधन तथा जाति प्रमाण पत्र जारी करने से जुड़े आवेदन भी प्राप्त हुए। कुछ आवेदकों ने आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने, किसान सम्मान निधि नहीं मिलने तथा बैंक एवं वित्तीय संस्था से संबंधित बकाया भुगतान की समस्याएं भी रखीं। इसके अलावा दुकान का जप्त सामान या राशि वापस दिलाने एवं आवास ऋण से जुड़ी शिकायतें भी प्राप्त हुई। कलेक्टर ने सभी आवेदनों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को जांच कर नियमानुसार शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। जनदर्शन में प्राप्त सभी आवेदनों को आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों को भेजा गया। रचना/110/324 –00–

झुमका को मिली नई सौगात: 27 लाख से बने ओपन थिएटर का उद्घाटन, CM साय बोले—पर्यटन हमारी प्राथमिकता

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कोरिया प्रवास के दौरान पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा बैकुंठपुर स्थित प्रसिद्ध झुमका पर्यटन स्थल में निर्मित ओपन थिएटर का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने झुमका जलाशय में बोटिंग करते हुए क्षेत्र के मनोहारी प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लिया तथा यहां विकसित की गई पर्यटन सुविधाओं का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री साय ने झुमका जलाशय में शिकारा पर सवार होकर नौका विहार किया। चारों ओर हरियाली, शांत जलराशि और कमल के फूलों से सजा यह रमणीय स्थल अब एक आकर्षक पिकनिक स्पॉट के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री ने यहां बोटिंग, वाटर स्पोर्ट्स सहित विकसित पर्यटन गतिविधियों की जानकारी ली और व्यवस्थाओं की सराहना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने लगभग 27 लाख रुपए की लागत से निर्मित ओपन थिएटर का लोकार्पण किया।500 दर्शकों की बैठक क्षमता वाला यह ओपन थिएटर सांस्कृतिक आयोजनों के लिए नया केंद्र बनेगा।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि झुमका जलाशय केवल कोरिया जिले की पहचान ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में पर्यटन की अपार संभावनाओं का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पर्यटन स्थलों के विकास, सौंदर्यीकरण और आधुनिक सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में स्थापित किया जा सके। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पर्यटकों की सुरक्षा, स्वच्छता और सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए तथा स्थानीय युवाओं को पर्यटन गतिविधियों से जोड़कर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएँ। इस अवसर पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक भैयालाल राजवाड़े, संभागायुक्त नरेंद्र दुग्गा, आईजी दीपक झा, कलेक्टर चंदन त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक रवि कुमार कुर्रे सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय ने कहा- पर्यटन स्थलों के विकास और सुविधाओं के विस्तार के लिए सरकार प्रतिबद्ध

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कोरिया प्रवास के दौरान पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा बैकुंठपुर स्थित प्रसिद्ध झुमका पर्यटन स्थल में निर्मित ओपन थिएटर का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने झुमका जलाशय में बोटिंग करते हुए क्षेत्र के मनोहारी प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लिया तथा यहां विकसित की गई पर्यटन सुविधाओं का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री साय ने झुमका जलाशय में शिकारा पर सवार होकर नौका विहार किया। चारों ओर हरियाली, शांत जलराशि और कमल के फूलों से सजा यह रमणीय स्थल अब एक आकर्षक पिकनिक स्पॉट के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री ने यहां बोटिंग, वाटर स्पोर्ट्स सहित विकसित पर्यटन गतिविधियों की जानकारी ली और व्यवस्थाओं की सराहना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने लगभग 27 लाख रुपए की लागत से निर्मित ओपन थिएटर का लोकार्पण किया।500 दर्शकों की बैठक क्षमता वाला यह ओपन थिएटर सांस्कृतिक आयोजनों के लिए नया केंद्र बनेगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि झुमका जलाशय केवल कोरिया जिले की पहचान ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में पर्यटन की अपार संभावनाओं का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पर्यटन स्थलों के विकास, सौंदर्यीकरण और आधुनिक सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में स्थापित किया जा सके। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पर्यटकों की सुरक्षा, स्वच्छता और सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए तथा स्थानीय युवाओं को पर्यटन गतिविधियों से जोड़कर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएँ। इस अवसर पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक भैयालाल राजवाड़े, संभागायुक्त नरेंद्र दुग्गा, आईजी दीपक झा, कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक रवि कुमार कुर्रे सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

सुदूर अंचलों के श्रद्धालुओं को मिला अयोध्या धाम का सौभाग्य, मुख्यमंत्री ने कहा — यही जनसेवा की प्रेरणा

रायपुर ख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कोरिया प्रवास के दौरान झुमका जलाशय परिसर में ‘रामलला दर्शन योजना’ के तहत अयोध्या धाम की पावन यात्रा कर लौटे श्रद्धालुओं से आत्मीय भेंट की। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं का हाल-चाल जाना और उनके आध्यात्मिक एवं भक्तिमय अनुभवों को बड़े ध्यानपूर्वक सुना। श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री को बताया कि छत्तीसगढ़ शासन के सहयोग से उन्हें निःशुल्क अयोध्या धाम के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा सम्मानपूर्वक यात्रा की समुचित व्यवस्था किए जाने से यह यात्रा उनके लिए अत्यंत सहज और अविस्मरणीय बन गई। श्रद्धालुओं ने बताया कि अपने सुदूर गांवों से अयोध्या तक पहुँचना उनके लिए पहले कठिन था, किंतु सरकार की पहल ने इसे संभव कर दिया। श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री साय को ‘हमारे राम’  तैलचित्र भेंट कर आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने श्रद्धालुओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम छत्तीसगढ़ के भांचा हैं और प्रदेशवासियों को उनके दर्शन कराना शासन के लिए सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कहा कि सुदूर अंचलों में रहने वाले लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुँचाना ही जनसेवा की वास्तविक संतुष्टि है, और सरकार इसी भावना के साथ कार्य कर रही है।