samacharsecretary.com

सीएम साय ने गौरेला में किया मीसाबंदियों का अभिनंदन, कहा– लोकतंत्र के सच्चे प्रहरी हैं मीसाबंदी

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के प्रवास के दौरान गौरेला के मंगली बाजार में लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले जिले के मीसाबंदियों एवं उनके परिजनों से आत्मीय मुलाकात कर उन्हें सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने मीसाबंदी कोमलचन्द जैन एवं शिव कुमार सोनी के निवास पहुंचकर शाल एवं श्रीफल भेंटकर उन्हें नमन किया और विनम्र भाव से कहा, “हम आपका आशीर्वाद लेने आए हैं।” मुख्यमंत्री साय ने आपातकाल के दौरान मीसाबंदियों द्वारा झेली गई पीड़ा और संघर्ष की दास्तां को गंभीरता से सुना और उनके साहस व त्याग को नमन किया। उन्होंने कहा कि मीसाबंदी लोकतंत्र के सच्चे रक्षक हैं, जिन्होंने देश में आपातकाल के कठिन दौर में अपने अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष किया। उनका त्याग और बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। मुख्यमंत्री ने मीसाबंदियों से संवाद करते हुए उनके अनुभवों को जाना और राज्य सरकार द्वारा दी जा रही सम्मान राशि एवं अन्य सुविधाओं की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मीसाबंदियों के सम्मान और कल्याण के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उनके योगदान को सदैव स्मरण रखा जाएगा। मीसाबंदियों ने भी मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार द्वारा दिया जा रहा सम्मान और सहयोग उनके संघर्ष की सच्ची मान्यता है। इस अवसर पर मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, मरवाही विधायक प्रणव मरपच्ची, विधायक धरसींवा अनुज शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष समीरा पैंकरा, कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी, पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार खिलारी सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे। सीएम ने हनुमान मंदिर में की पूजा-अर्चना मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज अपने जिला प्रवास के दौरान गौरेला स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उन्होंने भगवान हनुमान के समक्ष प्रदेश की जनता की सुख-समृद्धि, शांति और निरंतर विकास के लिए प्रार्थना की।मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में आयोजित हवन कार्यक्रम में भी भाग लिया। मुख्यमंत्री साय ने मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं से भेंट कर उनका कुशल-क्षेम भी जाना। उन्होंने कहा कि प्रदेश की समृद्धि और सर्वांगीण विकास के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है और सभी वर्गों के कल्याण के लिए विभिन्न जनहितकारी योजनाएं प्रभावी रूप से संचालित की जा रही है। इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक प्रणव मरपच्ची, विधायक अनुज शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष समीरा पैंकरा, कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी, एसपी मनोज कुमार खिलारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। मंदिर समिति ने मुख्यमंत्री का पारंपरिक रूप से स्वागत किया।

पुलिस की मौजूदगी में रैली में बजा विवादित गीत, हिडमा के बोलों पर दिखा जोश

बस्तर बस्तर में आयोजित भूमकाल स्मृति दिवस की रैली उस वक्त चर्चा का विषय बन गई, जब रैली के दौरान सार्वजनिक स्थान पर हिडमा के नाम से जुड़ा गीत बजाया गया. गीत के बोलों पर रैली में शामिल लोग झूमते और तालियां बजाते नजर आए, जबकि मौके पर पुलिस बल की मौजूदगी भी रही. जानकारी के मुताबिक, यह घटना जगदलपुर शहर के अग्रसेन चौक के पास सामने आई, जहां रैली गुजरने के दौरान तेज आवाज में गीत चलाया गया. गीत के बोलों में “हमारे हक की जंग है हिडमा”, “दिल की बस्ती में हिडमा”, “हमारा झंडा तू ही हिडमा” जैसे शब्द शामिल थे. इतना ही नहीं, गीत में जन्म से लेकर मृत्यु तक की कहानी को भी हिडमा के नाम से जोड़ा गया है. गीत बजते ही रैली में शामिल कई लोग भावनाओं में बहते हुए उस पर झूमते नजर आए. पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिस मौके पर मौजूद रही, हालांकि किसी तरह की तत्काल कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है. अब यह मामला चर्चा का विषय बन गया है कि ऐतिहासिक स्मृति दिवस जैसे कार्यक्रम में इस तरह के गीत का बजना कितना उचित है, और क्या यह कानून-व्यवस्था या सामाजिक संतुलन के लिहाज से सवाल खड़े करता है. अभी भी नक्लवाद की जड़ें बस्तर में समाए हुई : कांग्रेस छत्तीसगढ़ कांग्रेस के संचार प्रमुख सुशिल आनंद शुक्ला ने बस्तर में हिड़मा जिंदाबाद के नारे लगाए जाने की घटना को चिंताजनक बताया. उन्होंने कहा कि यह सरकार की विफलता है. मार्च 2026 में नक्सलवाद खत्म करने की घोषणा की गई है, जिसमें अब लगभग 49 दिन बचें हैं. ऐसे में बस्तर में यह नारेबाजी सरकार के दावों के विपरीत हैं. अभी भी बस्तर में नक्सलवाद की जड़ें समाई हुई हैं. सिर्फ झूठी बयानबाजी से नक्लवाद समाप्त नहीं होगा. वायरल वीडियो की जांच जारी : बस्तर रेंज आईजी इस घटनाक्रम को लेकर बस्तर आईजी सुंदरराज पी. ने बताया कि वायरल वीडियो की जांच की जा रही है. यह गाना किसने चलाया और कौन-कौन मौके पर मौजूद था इसकी जांच जारी है, जिसके बाद कार्रवाई की जाएगी.

कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक आज, सीएम साय की मौजूदगी में बड़े निर्णयों की उम्मीद

रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार यानी 11 फरवरी को मंत्रिपरिषद की बैठक शुरू हो गई है. बजट सत्र से पूर्व हो रही बैठक काफी अहम मानी जा रही है, जिसमें विभिन्न विषयों पर चर्चा की संभावना है. कैबिनेट सदस्यों में चर्चा के बाद महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगेगी. बैठक के बाद मंत्री अरुण साव कैबिनेट बैठक के फैसलों की जानकारी साझा करेंगे.

PWD में गड़बड़ी का मामला: ननकीराम का PM को पत्र, विभाग उपमुख्यमंत्री अरुण साव के पास

रायपुर  सूबे में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर राज्य की भाजपा सरकार को विपक्ष से अधिक अपने ही नेताओं से निपटने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। एक बार फिर भाजपा के कद्दावर नेता और पूर्व गृह मंत्री ननकीराम कंवर ने अपनी ही सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अपनी बेबाकी के लिए चर्चित कंवर ने इस बार सीधे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। यह विभाग वर्तमान में उपमुख्यमंत्री अरुण साव के पास है। ननकीराम कंवर की इस आक्रामकता से न केवल राज्य के प्रशासनिक, बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी खलबली मच गई है। कांग्रेस ने इसे लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है और आरोप लगाया है कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार में कंठ तक डूब चुकी है। सीजीपीएससी घोटाले को लेकर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था वहीं भाजपा ने भी पलटवार करते हुए पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुए कथित भ्रष्टाचार के मामलों को गिनाया है। गौरतलब है कि ननकीराम कंवर वही नेता हैं, जिन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार के दौरान सामने आए सीजीपीएससी घोटाले को लेकर हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इस मामले में अब तक 13 आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी है। यह पहली बार नहीं है जब ननकीराम कंवर ने अपनी ही सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। कोरबा कलेक्टर को हटाने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए थे इससे पहले वे कोरबा कलेक्टर को हटाने की मांग को लेकर रायपुर में धरने पर बैठ गए थे, जिसके बाद प्रशासन को संबंधित अधिकारी का तबादला करना पड़ा था। वहीं, पिछले महीने ही रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बालोद जिले में आयोजित स्काउट-गाइड के जंबूरी कार्यक्रम में भी भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए इस आयोजन को रद करने की सिफारिश की थी। प्रमुख अभियंता पर गंभीर आरोप, सीबीआइ जांच की मांग कंवर ने प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में प्रमुख अभियंता विजय भतपहरी पर चहेते ठेकेदारों को अनुचित लाभ पहुंचाने और अकूत काली संपत्ति अर्जित करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने वर्ष 2011 और 2015 के पुराने आपराधिक मामलों का हवाला देते हुए कहा है कि कथित रसूख के कारण अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी है। कंवर ने भ्रष्टाचार से अर्जित धन के जरिए जांच एजेंसियों को प्रभावित किए जाने की आशंका भी जताई है। उन्होंने पूरे मामले की सीबीआइ जांच कराने और अपनी मौजूदगी में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच कराए जाने की मांग की है। कांग्रेस को मिला मुद्दा, दीपक बैज ने बोला हमला भाजपा के भीतर से उठ रही इन आवाजों ने विपक्ष को सरकार पर हमला करने का एक बड़ा हथियार दे दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने चुटकी लेते हुए कहा कि भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार की पोल अब उसके अपने ही विधायक और सांसद खोल रहे हैं। बैज ने राजिम कुंभ की अव्यवस्था, शिक्षक भर्ती और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों पर बृजमोहन अग्रवाल, विजय बघेल, राजेश मूणत और सुनील सोनी जैसे नेताओं द्वारा उठाए गए सवालों का उल्लेख करते हुए सरकार को ‘भ्रष्ट’ करार दिया। उन्होंने कहा कि ननकीराम कंवर के आरोपों पर सरकार की चुप्पी यह दर्शाती है कि सभी गड़बड़ियां सरकार के इशारे पर ही हो रही हैं। भाजपा का पलटवार कांग्रेस द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों पर भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी ने कड़ा पलटवार किया है। चिमनानी ने कटाक्ष करते हुए कहा कि महादेव एप, गोठान, शराब और राशन जैसे संवेदनशील मामलों में घोटाले करने वाली कांग्रेस का भ्रष्टाचार पर बोलना वैसा ही है, जैसे सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में मोहन मरकाम और जयसिंह अग्रवाल जैसे वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने स्वयं अपनी ही सरकार में डीएमएफ भ्रष्टाचार को उजागर किया था। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि भ्रष्टाचारियों की जगह अब केवल जेल है। कई कांग्रेसी नेता पहले ही सलाखों के पीछे हैं और जिसने भी जनता का पैसा लूटा है, वह बच नहीं पाएगा।  

MP, महाराष्ट्र, दिल्ली और बिहार समेत 7 राज्यों की ट्रेनें रद्द, छत्तीसगढ़ मार्ग पर सफर प्रभावित

रायपुर  छत्तीसगढ़ से होकर गुजरने वाली कुल 26 यात्री ट्रेनों को रेलवे ने रद्द कर दिया है। यह फैसला रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े बड़े निर्माण और रखरखाव कार्यों के चलते लिया गया है। ट्रेनों के रद्द होने से छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, बिहार और पंजाब की ओर यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। रेलवे के अनुसार, कुछ ट्रेनें 14 और 15 फरवरी को, जबकि बड़ी संख्या में गाड़ियां 4 अप्रैल से 26 अप्रैल तक संचालित नहीं होंगी। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नागपुर मंडल अंतर्गत गोंदिया स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर वॉशेबल एप्रन को हटाकर नया बैलेस्टेड ट्रैक बिछाने का कार्य किया जाना है। इस कार्य के लिए लगभग 20 दिनों का ट्रैफिक ब्लॉक लिया गया है। इसके अलावा रायपुर मंडल के हथबंद–भाटापारा सेक्शन में रोड अंडर ब्रिज निर्माण के लिए गर्डर लॉन्चिंग की जाएगी, जिसके चलते फरवरी में भी कुछ ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा। 14 और 15 फरवरी को कैंसिल होने वाली ट्रेनों के नाम-     68728 रायपुर-बिलासपुर मेमू पैसेंजर     68719 बिलासपुर-रायपुर मेमू पैसेंजर     68733 गेवरा रोड-बिलासपुर मेमू पैसेंजर     68734 बिलासपुर-गेवरा रोड मेमू पैसेंजर     58203 कोरबा-रायपुर पैसेंजर     58205 रायपुर-नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) पैसेंजर 15 फरवरी को ये ट्रेनें कैंसिल रहेंगी     58206 नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी)-रायपुर पैसेंजर     58202 रायपुर-बिलासपुर मेमू पैसेंजर रद्द की जाने वाली ट्रेनों के नाम-     18030 (शालीमार-LTT एक्सप्रेस): 4 अप्रैल से 24 अप्रैल तक     18029 (LTT-शालीमार एक्सप्रेस): 6 अप्रैल से 26 अप्रैल तक     18237 (कोरबा-अमृतसर एक्सप्रेस): 5 अप्रैल से 25 अप्रैल तक     18238 (अमृतसर-बिलासपुर एक्सप्रेस): 7 अप्रैल से 27 अप्रैल तक     12410 (निजामुद्दीन-रायगढ़): 02, 04, 06, 07, 08, 09, 11, 13, 14, 15, 16, 18, 20, 21 और 22 अप्रैल     12409 (रायगढ़-निजामुद्दीन): 4, 6, 8, 9, 10, 11, 13, 15, 16, 17, 18, 20, 22, 23 और 24 अप्रैल     12101 (LTT-शालीमार): 04, 06, 07, 10, 11, 13, 14, 17, 18, 20 और 21 अप्रैल     12102 (शालीमार-LTT): 6, 8, 9, 12, 13, 15, 16, 19, 20, 22 और 23 अप्रैल     12807 (विशाखापत्तनम-निजामुद्दीन): 5, 7, 8, 9, 11, 12, 14, 15, 16, 18, 19, 21, 22 और 23 अप्रैल     12808 (निजामुद्दीन-विशाखापत्तनम): 7, 9, 10, 11, 13, 14, 16, 17, 18, 20, 21, 23, 24 और 25 अप्रैल मेमू और डेमू पैसेंजर      68815 (बल्लारशाह-गोंदिया मेमू): 5 अप्रैल से 25 अप्रैल तक     68816 (गोंदिया-बल्लारशाह मेमू): 5 अप्रैल से 25 अप्रैल तक     78805 (गोंदिया-कटंगी डेमू): 5 अप्रैल से 25 अप्रैल तक     78806 (कटंगी-गोंदिया डेमू): 5 अप्रैल से 26 अप्रैल तक रद्द की गई ट्रेनों में कई लंबी दूरी की महत्वपूर्ण एक्सप्रेस गाड़ियां शामिल हैं। कोरबा–अमृतसर एक्सप्रेस, शालीमार–लोकमान्य तिलक टर्मिनल एक्सप्रेस, रायगढ़–हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस और विशाखापट्टनम–हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों को अलग-अलग तिथियों में रद्द किया गया है। इसके अलावा कई मेमू और पैसेंजर ट्रेनें भी इस अवधि में नहीं चलेंगी, जिससे दैनिक यात्रियों पर सीधा असर पड़ेगा। रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया है कि कुछ ट्रेनें अपने अंतिम गंतव्य तक नहीं जाएंगी और बीच रास्ते में ही समाप्त कर दी जाएंगी। उदाहरण के तौर पर, गोंदिया–बल्लारशाह रूट की पैसेंजर ट्रेनें अप्रैल माह में हिरदामाली स्टेशन तक ही चलेंगी। वहीं बरौनी–गोंदिया एक्सप्रेस को दुर्ग स्टेशन तक सीमित किया जाएगा, जिससे दुर्ग से आगे का सफर रद्द रहेगा। यात्रियों का कहना है कि पहले से टिकट बुक करा चुके लोगों के लिए अचानक ट्रेनों का रद्द होना असुविधाजनक है, खासकर शादी और परीक्षा सीजन को देखते हुए। हालांकि रेलवे का तर्क है कि यह कार्य यात्रियों की सुरक्षा और भविष्य में बेहतर रेल सुविधाओं के लिए आवश्यक है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति आधिकारिक वेबसाइट, हेल्पलाइन या नजदीकी स्टेशन से जरूर जांच लें। जिन यात्रियों की ट्रेन रद्द की गई है, उन्हें टिकट रिफंड या वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था की सुविधा नियमों के तहत दी जाएगी। आने वाले दिनों में रेलवे द्वारा और ट्रेनों के संचालन में बदलाव की सूचना जारी की जा सकती है।

सशक्त मोबाइल ऐप से गाड़ियों की सुरक्षा, चोरी की सूचना देने वाले पुलिस द्वारा सम्मानित होंगे

रायपुर /रायगढ़  जिले में ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले मॉडिफाई साइलेंसर एवं हैवी हार्न के विरुद्ध वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। एडिशनल एसपी अनिल सोनी के मार्गदर्शन पर सीएसपी मयंक मिश्रा एवं ट्रैफिक डीएसपी उत्तम प्रताप सिंह द्वारा सटीक कार्ययोजना तैयार कर अभियान को प्रभावी रूप से लागू किया गया है। अभियान को सफल बनाने  शाम सीएसपी मयंक मिश्रा ने स्थानीय गैरेज संचालकों की पुलिस कार्यालय में महत्वपूर्ण बैठक ली। बैठक में उन्होंने छत्तीसगढ़ पुलिस के “सशक्त ऐप” के बारे में विस्तार से जानकारी दी और बताया कि गैरेज में प्रतिदिन आने वाले वाहनों में चोरी के वाहन भी हो सकते हैं, जिनकी पहचान इस ऐप के माध्यम से की जा सकती है। सभी गैरेज संचालकों के मोबाइल में ऐप इंस्टॉल कराया गया तथा उसके उपयोग की प्रक्रिया समझाई गई। उन्होंने कहा कि चोरी वाहन की सूचना देने वाले पुलिस मित्रों को रायगढ़ पुलिस द्वारा सम्मानित किया जाएगा। सीएसपी ने बोर्ड परीक्षाओं के मद्देनज़र मॉडिफाई साइलेंसर से विद्यार्थियों और बुजुर्गों को होने वाली परेशानी पर चिंता जताई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी गैरेज में मॉडिफाई साइलेंसर न लगाए जाएं। यदि कोई वाहन चालक यह बताए कि साइलेंसर संबंधित गैरेज में लगाया गया है, तो संबंधित पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही चार पहिया वाहनों में निर्धारित मानक के अनुरूप नंबर प्लेट लगाने की हिदायत दी गई अन्यथा ऐसे वाहन चालक पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की जानकारी दी गई। पुलिस टीम ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से हो रही मॉडिफाई साइलेंसर की खरीद-फरोख्त पर भी निगरानी रखे हुए है। आम नागरिकों एवं गैरेज संचालकों से अपील की गई है कि ऐसे वाहनों की सूचना *पुलिस कंट्रोल रूम नंबर 9479193299 पर दें* तथा संभव हो तो फोटो व्हाट्सएप के माध्यम से साझा करें। सूचना देने वाले का नाम पूर्णतः गोपनीय रखा जाएगा। मॉडिफाई साइलेंसर और हैवी हार्न के खिलाफ अभियान तेज वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर जिले में मॉडिफाई साइलेंसर और हैवी हार्न वाले वाहनों पर अभियान चलाया जा रहा है। गैरेज संचालकों को कहा गया कि ऐसे उपकरण न लगाएं। यदि कोई वाहन चालक पकड़े जाने के बाद यह बताता है कि साइलेंसर संबंधित गैरेज में लगाया गया है, तो संबंधित पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही चार पहिया वाहनों में निर्धारित मानक के अनुरूप नंबर प्लेट लगाने की हिदायत दी गई। पकड़े जाने पर कड़ी कार्रवाई एसएसपी ने अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि मॉडिफाई साइलेंसर और हैवी हार्न लगे वाहन चालक स्वयं तत्काल ऐसे उपकरण हटवा लें। पुलिस चेकिंग में पकड़े जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। रायगढ़ में कानून व्यवस्था और सार्वजनिक शांति से समझौता नहीं किया जाएगा। मॉडिफाई साइलेंसर पर कार्यवाही अभियान के पहले ही दिन सघन चेकिंग दौरान यातायात पुलिस ने तीन दुपहिया वाहनों को मॉडिफाई साइलेंसर के साथ पकड़ा। वाहन चालकों के परिजनों को बुलाकर समझाइश दी गई तथा चालानी कार्रवाई की गई। पुलिस ने दोहराया है कि अभियान निरंतर जारी रहेगा और दोबारा उल्लंघन करने वालों पर कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

गुटखा महंगाई की मार: राजश्री ब्रांड के दाम बढ़ाने से छोटे दुकानदार और ग्राहक परेशान

राजश्री गुटखा की कालाबाजारी चरम पर, तय दाम से अधिक वसूली से उपभोक्ता और छोटे दुकानदार परेशान रायपुर  जिले में राजश्री गुटखा के अवैध मुनाफे और कालाबाजारी का खेल खुलेआम चल रहा है। सूत्रों के मुताबिक, रायपुर के कुछ बड़े व्यापारी और एजेंसी मालिक शासन के नियमों को ताक पर रखकर निर्धारित मूल्य से कहीं अधिक दामों पर गुटखा बेच रहे हैं। इस अवैध वसूली के पीछे जीएसटी में 40% वृद्धि का हवाला दिया जा रहा है, जिसकी आड़ में एजेंसी मालिक दुकानदारों से मोटी रकम वसूल रहे हैं। प्रशासनिक निगरानी के अभाव में फल-फूल रहे इस काले कारोबार से आम उपभोक्ताओं में भारी रोष है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि खाद्य विभाग की निष्क्रियता के चलते कालाबाजारी करने वालों के हौसले बुलंद हैं। जनता ने कलेक्टर और संबंधित विभाग से मांग की है कि इस सिंडिकेट की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि आम जनता को हो रही इस लूट पर अंकुश लग सके। एक स्थानीय दुकानदार ने बताया, "हमें निर्धारित मूल्य से अधिक दाम पर गुटखा खरीदना पड़ रहा है, जिससे हमारा मुनाफा कम हो रहा है। अगर हम निर्धारित मूल्य पर गुटखा बेचते हैं तो एजेंसी मालिक हमें गुटखा देना बंद कर देते हैं।" एक उपभोक्ता ने बताया, "मैंने हाल ही में एक गुटखा पैकेट खरीदा था, जिसकी कीमत 5 रुपये होनी चाहिए थी, लेकिन मुझसे 7 रुपये लिए गए। जब मैंने दुकानदार से इसकी शिकायत की तो उन्होंने बताया कि एजेंसी मालिक ने उन्हें ऐसा करने का निर्देश दिया है।"

सरकार प्रदेश का कर रही है सर्वांगीण विकास-मंत्री टंक राम वर्मा सरकार प्रदेश का कर रही है सर्वांगीण विकास

रायपुर खिलौरा को मिली विकास की सौगात, राजस्व मंत्री ने किए डेढ़ करोड़ के कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा मंगलवार को विकासखंड सिमगा के ग्राम खिलौरा पहुंचे, जहां उनके प्रथम आगमन पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर मंत्री  वर्मा ने ग्राम खिलौरा में लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण एवं प्रस्तावित विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया।        लोकार्पित कार्यों में 15 लाख रुपये की लागत से निर्मित प्रार्थना शेड, 1 करोड़ 2 लाख रुपये की लागत से निर्मित पानी टंकी, 3 लाख रुपये की लागत से रंगमंच उन्नयन, 5 लाख रुपये की लागत से मुक्तिधाम अहाता तथा 5 लाख रुपये की लागत से सामुदायिक भवन (बाल समाज) शामिल हैं। वहीं, 10 लाख रुपये और 9.85 लाख रुपये की लागत से बनने वाले पीडीएस भवन के निर्माण कार्यों का भूमिपूजन भी किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजस्व मंत्री  वर्मा ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के हर नागरिक के सर्वांगीण विकास के लिए कृतसंकल्पित है। पूरे प्रदेश में विकास कार्य तीव्र गति से संचालित हो रहे हैं और शासन की योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचने से लोगों में खुशी और विश्वास का माहौल है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में चारों ओर समृद्धि की बयार बह रही है। मंत्री  वर्मा ने उपस्थित स्कूली बच्चों को शिक्षा के महत्व को समझाते हुए मेहनत और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।   इस अवसर पर जिला एवं जनपद पंचायत के सदस्य, क्षेत्र के जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने जीपीएम में नवीन जिला अस्पताल भवन निर्माण कार्य का किया शुभारंभ

रायपुर. मुख्यमंत्री ने जीपीएम में नवीन जिला अस्पताल भवन निर्माण कार्य का किया शुभारंभ मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने जीपीएम जिले की स्थापना की छठवीं वर्षगांठ के अवसर पर जिले को स्वास्थ्य क्षेत्र की एक बड़ी सौगात दी है। उन्होंने जिला अस्पताल के नवीन भवन के निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। नवीन जिला अस्तपाल करीब 18 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होगा। यह अत्याधुनिक अस्पताल 100 बिस्तरयुक्त होगा। इस अस्पताल के बनने से जिले के नागरिकों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता विधायक  प्रणव मरपच्ची ने की। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि स्वस्थ समाज ही समृद्ध राज्य की नींव होता है। जीपीएम जिले में नए अस्पताल भवन का निर्माण स्वास्थ्य सुविधाओं को नई मजबूती देगा। टीबी मुक्त और बाल विवाह मुक्त पंचायतें इस बात का प्रमाण हैं कि जब शासन और समाज मिलकर काम करते हैं, तो बड़े सामाजिक बदलाव संभव होते हैं। छत्तीसगढ़ को रोगमुक्त, सुरक्षित और सशक्त बनाने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।  मुख्यमंत्री  साय ने कार्यक्रम में जिले की 52 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त एवं 71 ग्राम पंचायतों को बाल विवाह मुक्त घोषित किया। इन पंचायतों के सरपंचों को प्रशस्ति पत्र एवं महात्मा गांधी जी की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया गया। गौरतलब है कि बाल विवाह मुक्त घोषित ग्राम पंचायतों में पिछले दो वर्षों में एक भी बाल विवाह के प्रकरण सामने नहीं आए हैं, वहीं टीबी मुक्त पंचायतों में दो से तीन वर्षों से कोई नया प्रकरण दर्ज नहीं हुआ है। यह उपलब्धि जनजागरूकता, स्वास्थ्य विभाग और पंचायतों के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को गति देने के लिए जागरूकता हेतु तीन प्रचार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में जन-जागरूकता और अधिक सशक्त हो सके। यह अभियान 10 फरवरी से शुरु होकर 25 फरवरी तक चलेगा। जिसमें लोगो को निःशुल्क रुप से फाइलेरिया उन्मूलन के लिए सामूहिक दवा सेवन कराया जाएगा। कार्यक्रम में विधायक  अनुज शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष सु समीरा पैंकरा, अनेक जनप्रतिनिधियों सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।

हरित पहल को बढ़ावा: वन विकास निगम–एनएमडीसी बचेली के बीच 50 हजार पौधों के रोपण का समझौता

रायपुर. वन विकास निगम और एनएमडीसी बचेली के बीच 50 हजार पौधारोपण का अनुबंध पर्यावरण संरक्षण और हरित आवरण बढ़ाने का मुख्य उद्देश्य जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करना, कार्बन उत्सर्जन में कमी लाना और जैव विविधता का संरक्षण करना है। इसके माध्यम से वायु की गुणवत्ता सुधारना, मिट्टी के कटाव को रोकना, ऑक्सीजन के स्तर को बढ़ाना और सतत विकास के द्वारा भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ व संतुलित पारिस्थितिकी तंत्र सुनिश्चित करना है। पर्यावरण संरक्षण और हरित आवरण बढ़ाने के उद्देश्य से वन विकास निगम एवं एनएमडीसी बचेली के बीच विगत 13 जनवरी  को 50 हजार पौधों के रोपण हेतु अनुबंध हुआ है।                इस पहल का उद्देश्य क्षेत्र में हरियाली बढ़ाना, पर्यावरण संतुलन को मजबूत करना तथा स्थानीय जैव विविधता का संरक्षण करना है। वन विकास निगम वर्ष 2005 से एनएमडीसी के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार पौधारोपण कार्य कर रहा है। अब तक निगम द्वारा कुल 15 लाख 37 हजार पौधों का रोपण किया जा चुका है, जिससे पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिली है और क्षेत्र में हरित क्षेत्र का विस्तार हुआ है। यह पौधारोपण कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। इसमें स्थानीय प्रजातियों के पौधों को प्राथमिकता दी जाएगी तथा पौधों की देखरेख और संरक्षण के लिए आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी, ताकि लगाए गए पौधे सुरक्षित रूप से विकसित हो सकें।              गौरतलब है कि इस अभियान के लिए वन मंत्री  केदार कश्यप ने वन विकास निगम की सराहना की है। उनका मानना है कि इस अभियान से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे। पौधरोपण, देखरेख और संरक्षण कार्यों में स्थानीय श्रमिकों की भागीदारी से ग्रामीणों की आय में वृद्धि होने की संभावना है।  एनएमडीसी बचेली द्वारा यह पहल कंपनी की सामाजिक दायित्व (सीएसआर) गतिविधियों के अंतर्गत की जा रही है, जो पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय विकास और आजीविका सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।