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नाबालिग पीड़िताओं से समझौता कराने के आरोप में SI पर कार्रवाई, SSP ने बैठाई जांच

बिलासपुर. 7 वर्षीय दो मासूमों से दुष्कर्म मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने के बाद एसएसपी रजनेश सिंह ने बड़ी कार्रवाई की है. सिरगिट्टी थाना में पदस्थ उप निरीक्षक (SI) शीतला प्रसाद त्रिपाठी को लाइन अटैच कर दिया गया है. मामले की जांच की जिम्मेदारी अब एएसपी रश्मित कौर चावला को सौंप दी गई है. दरअसल, 14 साल के नाबालिग ने 7 साल की दो मासूमों के साथ दुष्कर्म किया है. मामले में दोनों पीड़िताओं की माता का आरोप है कि जब वह थाना में शिकायत दर्ज करवाने पहुंची थी, तब उनपर उप निरीक्षक शीतला प्रसाद त्रिपाठी ने समझौता करने के लिए दबाव बनाया. इसकी शिकायत परिजनों ने एसएसपी से की थी.  चॉकलेट खिलाने के बहाने करता था गलत काम मासूमों ने परजिनों को बताया कि आरोपी उन्हें चॉकलेट खिलाने के नाम से ले जाकर गलत काम करता था. उस समय उन्हें रस्सी से बांधकर रखा जाता था.  एसएसपी ने दिए कड़े निर्देश  मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए एसएसपी रजनेश सिंह ने जांच की जिम्मेदारी एएसपी रश्मित कौर चावला को दी है. उन्हें मामले की बारीकी से जांच करने के निर्देश दिए गए हैं. एसएसपी ने समय पर जांच पूरी कर अभियोग पत्र कोर्ट में पेश करने के अलावा वीकली रिपोर्ट मांगी है.

अवैध गुटखा निर्माण पर बड़ी कार्रवाई, छापेमारी में 12 आरोपी दबोचे गए

दुर्ग. जिले के अंडा थाना क्षेत्र के ग्राम कुथरेल और अंडा में दो स्थानों पर पुलिस और खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने छापेमार कार्रवाई की। इस दौरान अवैध गुटखा बनाकर बेचने वालों को पकड़ा गया। आरोपी वासिंग पाउडर की आड़ में गुटखा बनाने का काम कर रहे थे। पुलिस ने लगभग 10 बोरियों में 60 किलो अवैध गुटखा और पैकिंग मशीने जब्त की है। इस मामले में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग को सूचना मिली थी कि आरोपी वाशिंग पाउडर बनाने की आड़ में सितार गुटखे का नकली गुटखा तैयार कर मार्केट में खपा रहे हैं। जैसे ही टीम ने ग्राम अंडा और कुथरेल के दो ठिकानों पर छापेमार कार्रवाई की, तब उन्होंने देखा कि आरोपी वाशिंग पाउडर बनाने की आड़ में नकली जर्दायुक्त गुटखा तैयार कर रहे थे। 10 बोरी गुटखा, पैकिंग मशीनें और नकली गुटखा बनाने की सामग्री जब्त पुलिस के अनुसार ये आरोपी पूर्व में छत्तीसगढ़ में अवैध गुटखा कारोबार के मुख्य सरगना गुरूमुख जुमनानी के गुटखा फैक्ट्री में काम कर चुके हैं। इस कार्रवाई के दौरान मौके से 10 बोरियों में 60 किलो गुटखा, तीन पैकिंग मशीनें और नकली गुटखा बनाने की सामग्री जब्त की गई। पुलिस ने गोदामों को किया सील, जांच के लिए भेजा सैंपल पुलिस और खाद्य विभाग की टीम ने गोदामों को सील कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में अब तक 12 लोगों को हिरासत में लिया है। खाद्य विभाग ने जब्त किए गए गुटखे को सैंपलिंग के लिए भेज दिया है। सैंपल रिपोर्ट आने के बाद इसमें कार्रवाई की जाएगी।

छत्तीसगढ़ में शराब घोटाले पर बड़ा एक्शन, ओवररेटिंग मामले में 4 अधिकारी सस्पेंड

रायपुर. छत्तीसगढ़ में शराब की ओवररेटिंग की शिकायतों पर आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। राज्य स्तरीय उड़नदस्ता दल द्वारा विभिन्न जिलों की मदिरा दुकानों में किए गए औचक निरीक्षण के दौरान निर्धारित दर से अधिक कीमत पर शराब बेचने के मामले सामने आने के बाद आबकारी आयुक्त पीएस एल्मा ने 4 आबकारी उपनिरीक्षकों को निलंबित कर दिया है। वहीं 8 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। आबकारी विभाग के अनुसार, रायपुर, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, बलौदाबाजार-भाटापारा और धमतरी जिलों की मदिरा दुकानों में ओवररेटिंग के मामले पकड़े गए। विभागीय जांच में संबंधित अधिकारियों के क्षेत्राधिकार में गंभीर अनियमितता पाए जाने पर यह कार्रवाई की गई है। फाफाडीह शराब दुकान में 20 रुपये अधिक वसूले गए विदेशी मदिरा दुकान फाफाडीह (रायपुर) में औचक निरीक्षण के दौरान विक्रेता अश्वन कुमार मेरिया द्वारा ऑल सीजन गोल्डन कलेक्शन रिजर्व व्हिस्की के दो पाव निर्धारित 480 रुपये के बजाय 500 रुपये में बेचे जाने का मामला सामने आया। इस मामले में विक्रेता के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 39(ग) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। मामला आबकारी उपनिरीक्षक कौशल किशोर सोनी के प्रभार क्षेत्र का होने के कारण उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। गंडई में भी मिली ओवररेटिंग की शिकायत खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले की कम्पोजिट मदिरा दुकान गंडई में विक्रेता वेदप्रकाश निर्मलकर द्वारा तीन पाव देशी शराब निर्धारित 240 रुपये के बजाय 250 रुपये में बेचे जाने का मामला सामने आया। इसके बाद विक्रेता के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया। इस मामले में वृत्त प्रभारी आबकारी उपनिरीक्षक प्रभाकर सिरमौर को निलंबित किया गया है। वहीं सहायक जिला आबकारी अधिकारी चन्द्रप्रताप सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। हिरमी और कुरूद में भी कार्रवाई बलौदाबाजार-भाटापारा जिले की कम्पोजिट मदिरा दुकान हिरमी में विक्रेता द्वारा निर्धारित मूल्य से 30 रुपये अधिक वसूले जाने का मामला सामने आया। इस प्रकरण में प्रभारी आबकारी उपनिरीक्षक मनराखन नेताम को निलंबित किया गया है। इसी प्रकार धमतरी जिले की कम्पोजिट मदिरा दुकान कुरूद में दो अलग-अलग मामलों में देशी शराब की बिक्री निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर किए जाने की पुष्टि हुई। इस मामले में आबकारी उपनिरीक्षक पुरुषोत्तम सिन्हा को निलंबित किया गया है। इन आठ अधिकारियों को नोटिस आबकारी विभाग ने जिन 8 जिला आबकारी और सहायक जिला आबकारी अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है, उनमें निरुपमा लोन्हारे, मुकेश अग्रवाल, जलेश सिंह, अजय सिंह धुर्वे, राजेश कुमार शर्मा, जेबा खान, चंद्रप्रताप सिंह और अल्ताफ खान शामिल हैं। आबकारी आयुक्त ने कहा कि संबंधित अधिकारियों के प्रभार क्षेत्रों में इस प्रकार की गंभीर अनियमितताओं का पाया जाना उनके कर्तव्यों के प्रति लापरवाही, उदासीनता और शिथिल नियंत्रण को दर्शाता है। इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 का उल्लंघन मानते हुए उनके विरुद्ध कार्रवाई की गई है।

फाफाडीह शराब दुकान में अनियमितता मिलने पर कार्रवाई

रायपुर, राजधानी रायपुर की फाफाडीह स्थित विदेशी मदिरा दुकान में निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर शराब बिक्री का मामला पकड़ में आने पर विक्रेता के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है, और संबंधित क्षेत्र के आबकारी उप निरीक्षक कौशल किशोर सोनी को कर्तव्य में लापरवाही एवं उदासीनता बरतने  के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। राज्य स्तरीय उड़नदस्ता दल द्वारा किए गए आकस्मिक निरीक्षण के दौरान फाफाडीह विदेशी मदिरा दुकान में कार्यरत विक्रेता अश्वन कुमार मेरिया द्वारा दो पाव ऑल सीजन गोल्डन कलेक्शन रिजर्व व्हिस्की निर्धारित मूल्य 240 रुपये प्रति पाव की दर से 480 रुपये के स्थान पर 500 रूपए में बेची जा रही है। इस प्रकार उपभोक्ता से कुल 20 रुपये अधिक वसूले जाने की पुष्टि हुई। इसी आधार पर आबकारी आयुक्त, छत्तीसगढ़ द्वारा आबकारी उपनिरीक्षक कौशल किशोर सोनी को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय उप आयुक्त आबकारी, संभागीय उड़नदस्ता रायपुर रहेगा। इस मामले में मदिरा दुकान में कार्यरत विक्रयकर्ता के विरूद्ध अधिक दर पर मदिरा विक्रय का प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है।

घर के समीप मिली परिवहन विभाग की सुविधा, समय और धन दोनों की हुई बचत

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में आयोजित सुशासन तिहार 2026 शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं सेवाओं को आम नागरिकों तक सरल, सुगम और प्रभावी ढंग से पहुंचाने का सशक्त माध्यम बन रहा है।राजनांदगांव जिले में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविरों के माध्यम से विभिन्न विभागों की सेवाएं नागरिकों को उनके घर के समीप उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे लोगों को त्वरित लाभ मिल रहा है। इसी क्रम में राजनांदगांव शहर के मोहड़ वार्ड निवासी  घनश्याम दास साहू को जनसमस्या निवारण शिविर के माध्यम से नि:शुल्क लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस की सुविधा प्राप्त हुई।            घनश्याम दास साहू ने बताया कि वे मोहड़ स्कूल परिसर में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी प्राप्त करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्हें परिवहन विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की जानकारी मिली। उन्होंने वहीं पर लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। आवेदन प्राप्त होने के बाद संबंधित अधिकारियों द्वारा आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए उनका नि:शुल्क लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस तत्काल जारी कर दिया गया। स्थानीय स्तर पर मिली सुविधा, नहीं लगाना पड़ा कार्यालय का चक्कर              साहू ने बताया कि सामान्य परिस्थितियों में लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए परिवहन विभाग के जिला कार्यालय जाना पड़ता, जिसमें समय और अतिरिक्त खर्च दोनों लगते। लेकिन सुशासन तिहार के अंतर्गत मोहड़ वार्ड में आयोजित शिविर के माध्यम से यह सुविधा उन्हें स्थानीय स्तर पर ही प्राप्त हो गई। इससे न केवल उनके समय की बचत हुई, बल्कि अनावश्यक आवागमन एवं खर्च से भी राहत मिली। उन्होंने कहा कि एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएं उपलब्ध होने से उनका कार्य शीघ्रता एवं सहजता से पूर्ण हो गया। जनता और प्रशासन के बीच बढ़ रहा विश्वास               घनश्याम दास साहू ने कहा कि शासन की यह पहल आम नागरिकों के लिए अत्यंत लाभकारी साबित हो रही है। सुशासन तिहार के माध्यम से लोगों को विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ आसानी से मिल रहा है और छोटे-छोटे कार्यों के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ रही है। उन्होंने कहा कि जनसमस्या निवारण शिविरों के माध्यम से प्रशासन जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान कर रहा है, जिससे शासन-प्रशासन के प्रति लोगों का विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है।          घनश्याम दास साहू ने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय तथा जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सुशासन तिहार जैसी पहल से आम नागरिकों को बड़ी राहत मिल रही है तथा शासकीय सेवाएं सहज, सरल और पारदर्शी तरीके से लोगों तक पहुंच रही हैं। सुशासन तिहार के माध्यम से शासन की मंशा के अनुरूप अंतिम व्यक्ति तक सेवाओं और सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित हो रही है।

साव के बस्तर प्रवास के दौरान ग्रामीणों ने की थी शिकायत, अधिकारियों पर जताई थी नाराजगी

रायपुर  जल जीवन मिशन के तहत संचालित नल जल योजनाओं से पानी नहीं मिलने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री  अरुण साव के निर्देश पर विभाग ने कोंडागांव और दंतेवाड़ा के कार्यपालन अभियंताओं से स्पष्टीकरण मांगा है। उप मुख्यमंत्री  अरुण साव के हाल ही में बस्तर प्रवास के दौरान कोंडागांव जिले के ग्राम बेड़मा तथा दंतेवाड़ा जिले के टेकनार में जल अर्पण कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री से ग्रामीणों ने पानी नहीं आने की शिकायत की थी। इस पर  साव ने अधिकारियों पर नाराजगी जताते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए थे। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख अभियंता  के.के. मरकाम ने कोडांगांव के कार्यपालन अभियंता  वीरेन्द्र पाण्डेय से स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के लिए जारी नोटिस में कहा है कि विगत 5 जून को ग्राम बेड़मा, विकासखण्ड केशकाल, जिला कोण्डागांव में उप मुख्यमंत्री तथा विभागीय मंत्री  अरुण साव के प्रवास के दौरान जल जीवन मिशन के अंतर्गत जल अर्पण समारोह का आयोजन किया गया था। समारोह के दौरान उप मुख्यमंत्री द्वारा गांववालों से नवनिर्मित योजना के संचालन-संधारण के संबंध में चर्चा के दौरान ग्रामवासियों ने शिकायत की थी कि योजना के सुचारू रूप से कार्यरत नहीं होने के कारण नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही है एवं योजना का समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है।  विभाग ने ग्रीष्म ऋतु के दौरान नवनिर्मित योजना से जलापूर्ति नहीं होने की शिकायत को गंभीर मानते हुए कार्यपालन अभियंता को शासकीय कार्यों के प्रति घोर लापरवाही बरतने व गुणवत्तापरक कार्य संपादन नहीं होना माना है। कार्यपालन अभियंता की कार्यप्रणाली से तत्समय अप्रिय एवं असहज़ स्थिति निर्मित हुई, जिससे विभाग की छवि पर विपरीत प्रभाव पड़ा है। प्रमुख अभियंता ने दंतेवाड़ा के कार्यपालन अभियंता  एस.पी. मण्डावी को भी स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के लिए जारी नोटिस में कहा है कि विगत 7 जून को दंतेवाड़ा जिले के ग्राम टेकनार में उप मुख्यमंत्री के प्रवास के दौरान आयोजित जल अर्पण समारोह में उप मुख्यमंत्री ने नवनिर्मित नल जल योजना के संचालन-संधारण के संबंध में ग्रामीणों से चर्चा की थी। इस दौरान ग्रामीणों ने शिकायत की थी कि योजना के सुचारू रूप कार्यरत नहीं होने के कारण गांव के एक मोहल्ले के कुछ घरों में जलापूर्ति नहीं हो रही है जिससे मोहल्लेवासियों को योजना का समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है।  प्रमुख अभियंता ने नोटिस में कहा है कि ग्रीष्म ऋतु के दौरान नवनिर्मित योजना से समग्र रूप से तकनीकी रूपांकन अनुसार जलापूर्ति नहीं होना कार्यों के तकनीकी मापदण्ड अनुसार क्रियान्वयन नहीं किया जाना दर्शाता है। कार्यपालन अभियंता की कार्यप्रणाली से तत्समय अप्रिय एवं असहज स्थिति निर्मित हुई, जिससे विभाग की छवि पर विपरीत प्रभाव पड़ा है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने दोनों कार्यपालन अभियंताओं से 7 दिनों में अपना स्पष्टीकरण उचित माध्यम से प्रमुख अभियंता कार्यालय को प्रेषित करना सुनिश्चित करने को कहा है। स्पष्टीकरण विलंब से या प्राप्त नहीं होने की स्थिति में या समाधान कारक न होने पर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी जिसके लिए वे स्वयं उत्तरदायी होंगे।

छत्तीसगढ़ में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन की 27वीं क्षेत्रीय बैठक संपन्न

रायपुर केंद्रीय न्यासी बोर्ड, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन, छत्तीसगढ़ की क्षेत्रीय 27वीं बैठक आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता श्रम विभाग के सचिव  हिमशिखर गुप्ता ने की।  गुप्ता ने निर्देश दिए है कि मृत्यु प्रकरणों में तेजी से ईएसआईसी के साथ समन्वय कर उद्योगों में होने वाले आकस्मिक मृत्यु प्रकरणों को सर्वाेच्च प्राथमिकता देकर तत्काल निपटाया जाए। सचिव ने कहा कि निष्क्रिय भविष्य निधि खातों के लाभार्थियों की पहचान कर उनका भुगतान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों में प्रत्येक माह की 27 तारीख को आयोजित निधि आपके निकट कार्यक्रम में जिला … [18:53, 11/6/2026] +91 94255 58741: राज्यपाल से परिवीक्षाधीन आईएएस अधिकारियों ने की सौजन्य भेंट रायपुर, 11 जून 2026/ राज्यपाल  रमेन डेका से आज लोकभवन में छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के महानिदेशक  सुब्रत साहू के नेतृत्व में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के परिवीक्षाधीन अधिकारियों ने सौजन्य भेंट की। राज्यपाल  डेका ने परिवीक्षाधीन अधिकारियों को उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी और कहा कि अपना कर्तव्य भली-भांति निभाते हुए देश और समाज की सेवा के लिए हमेशा तत्पर रहें और मानवीय संवेदनाओं के साथ कार्य करें। आम आदमी को न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज के कमजोर वर्ग के कल्याण को प्राथमिकता दें साथ ही अपने अधीनस्थों के प्रति भी संवेदनशील रहें। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, संचालक छत्तीसगढ प्रशासनिक अकादमी  टी सी महावर, प्रशिक्षण निदेशक  प्रणव सिंह सहित परिवीक्षाधीन आईएएस अधिकारी  गोकुल आर. के.,  वदथ्यवथ यशवंत नाइक एवं  इशांत जायसवाल उपस्थित थे।

राज्यपाल से परिवीक्षाधीन आईएएस अधिकारियों ने की सौजन्य भेंट

रायपुर राज्यपाल  रमेन डेका से आज लोकभवन में छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के महानिदेशक  सुब्रत साहू के नेतृत्व में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के परिवीक्षाधीन अधिकारियों ने सौजन्य भेंट की। राज्यपाल  डेका ने परिवीक्षाधीन अधिकारियों को उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी और कहा कि अपना कर्तव्य भली-भांति निभाते हुए देश और समाज की सेवा के लिए हमेशा तत्पर रहें और मानवीय संवेदनाओं के साथ कार्य करें। आम आदमी को न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज के कमजोर वर्ग के कल्याण को प्राथमिकता दें साथ ही अपने अधीनस्थों के प्रति भी संवेदनशील रहें। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, संचालक छत्तीसगढ प्रशासनिक अकादमी  टी सी महावर, प्रशिक्षण निदेशक  प्रणव सिंह सहित परिवीक्षाधीन आईएएस अधिकारी  गोकुल आर. के.,  वदथ्यवथ यशवंत नाइक एवं  इशांत जायसवाल उपस्थित थे।

राज्यसभा सांसद डोला सेन की अध्यक्षता में निर्यातकों को वित्तीय सहायता, ऋण और बीमा सुविधाओं के विस्तार पर रायपुर में विचार-विमर्श

रायपुर राज्यसभा सांसद एवं वाणिज्य संबंधी संसदीय स्थायी समिति की अध्यक्ष डोला सेन की अध्यक्षता में आज रायपुर के एक निजी होटल में समिति की बैठक आयोजित की गई। यह बैठक 10 से 12 जून 2026 तक अहमदाबाद, रायपुर और भुवनेश्वर के अध्ययन दौरा कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित की जा रही है। बैठक में ‘‘भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों का मूल्यांकन’’ विषय पर विस्तृत चर्चा की गई। समिति के सदस्यों द्वारा व्यापार, निवेश, निर्यात-आयात तथा दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की जा रही है। अध्ययन दौरे का उद्देश्य संबंधित हितधारकों एवं अधिकारियों से जानकारी प्राप्त कर विषय पर व्यापक एवं तथ्याधारित रिपोर्ट तैयार करना है। बैठक के दौरान भारत से कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के व्यापार एवं निर्यात को बढ़ावा देने के लिए उपलब्ध वित्तीय सहायता, ऋण एवं बीमा सुविधाओं तथा इनके विस्तार हेतु उठाए गए उपायों पर विशेष चर्चा की गई। इस संबंध में पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया तथा नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट (नाबार्ड) के प्रतिनिधियों ने समिति के समक्ष अपने विचार एवं सुझाव प्रस्तुत किए।  प्रतिनिधियों ने कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यातकों को उपलब्ध कराई जा रही वित्तीय सेवाओं, ऋण सुविधाओं, जोखिम प्रबंधन तंत्र तथा बीमा योजनाओं की जानकारी साझा की। समिति ने निर्यात संवर्धन, किसानों एवं उद्यमियों को वित्तीय सहायता की सुगमता तथा वैश्विक बाजार में भारतीय कृषि उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया। इस अवसर पर संसदीय स्थायी समिति के सदस्य सांसद श्री अमरा राम, श्री बिश्वजीत सिन्हा, श्री रमेश अवस्थी, श्री अतुल गर्ग, श्री धनंजय भीमराव महाडिक, श्रीमती रेणुका चौधरी, श्रीमती रोजी सैलो दामोदरन, श्रीमती लामनेई सिंगसित, श्री दिलीप यादव, श्री सदानंद महालू शेट तानवड़े, श्रीमती अनीता शुभदर्शिनी, डॉ. शिवपाल सिंह पटेल, श्री आनंद भदौरिया, डॉ. प्रशांत यादवराव पडोले, डॉ. संगीता बलवंत, श्रीमती विजया एस. राजशेखर, श्री राजेन्द्र कुमार तथा श्री गिरधारी यादव उपस्थित थे। बैठक में समिति के सदस्यों ने विषय से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार एवं सुझाव प्रस्तुत किए तथा कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात को प्रोत्साहित करने, वित्तीय एवं बीमा सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने तथा भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उपायों पर विस्तृत चर्चा की।

कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात संवर्धन हेतु राज्य सरकार की पहलों पर विशेष फोकस

रायपुर  राज्यसभा सांसद एवं वाणिज्य संबंधी संसदीय स्थायी समिति की अध्यक्ष  डोला सेन की अध्यक्षता में आज रायपुर के एक निजी होटल में समिति की बैठक आयोजित की गई।  बैठक में ‘‘भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों का मूल्यांकन’’ विषय पर विस्तृत चर्चा की गई। समिति के सदस्यों द्वारा व्यापार, निवेश, निर्यात-आयात तथा दोनों देशों के मध्य आर्थिक सहयोग से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की जा रही है। अध्ययन दौरे का उद्देश्य संबंधित हितधारकों एवं अधिकारियों से जानकारी प्राप्त कर विषय पर व्यापक एवं तथ्याधारित रिपोर्ट तैयार करना है। बैठक के दौरान छत्तीसगढ़ शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ‘‘भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों का मूल्यांकन’’ विषय पर विचार-विमर्श किया गया। चर्चा में विशेष रूप से कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों, उपलब्ध सहायता तंत्र, निर्यात प्रोत्साहन उपायों तथा इस क्षेत्र में मौजूद संभावनाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया। समिति ने कृषि आधारित उद्योगों, खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र, निर्यात संवर्धन तथा अंतरराष्ट्रीय बाजारों में छत्तीसगढ़ के उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने से संबंधित विभिन्न विषयों पर जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने राज्य में कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात संवर्धन, निवेश आकर्षित करने, मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देने तथा व्यापारिक अवसरों के विस्तार के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी समिति के समक्ष प्रस्तुत की। समिति ने इन पहलों की समीक्षा करते हुए निर्यात क्षमता के बेहतर उपयोग तथा वैश्विक बाजारों तक पहुंच बढ़ाने के संबंध में भी चर्चा की। इस अवसर पर संसदीय स्थायी समिति के सदस्य सांसद  अमरा राम,  बिश्वजीत सिन्हा,  रमेश अवस्थी,  अतुल गर्ग,  धनंजय भीमराव महाडिक, मती रेणुका चौधरी, मती रोजी सैलो दामोदरन, मती लामनेई सिंगसित,  दिलीप यादव,  सदानंद महालू शेट तानवड़े, मती अनीता शुभदर्शिनी, डॉ. शिवपाल सिंह पटेल,  आनंद भदौरिया, डॉ. प्रशांत यादवराव पडोले, डॉ. संगीता बलवंत, मती विजया एस. राजशेखर,  राजेन्द्र कुमार तथा  गिरधारी यादव उपस्थित थे। बैठक में छत्तीसगढ़ शासन के अपर मुख्य सचिव  मनोज कुमार पिंगुआ, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव  अंकित आनंद, छत्तीसगढ़ स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (सीएसआईडीसी) के प्रबंध संचालक  विश्वेश झा, कृषि विभाग के संचालक  राहुल देव सहित अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने भी भाग लिया।