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कागजों तक सीमित न रहे शिक्षा नीति, धरातल पर दिखे बदलाव: मंत्री टंक राम वर्मा

कागजों से निकलकर ज़मीनी स्तर पर दिखे शिक्षा नीति: उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) को धरातल पर उतारने छत्तीसगढ़ सरकार की बड़ी पहल विश्वविद्यालयों में बनेंगे 'NEP सेल', संभाग व जिला स्तर पर होंगी कार्यशालाएं ​रायपुर, छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के सुचारू, सुदृढ़ और प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर शासन स्तर पर प्रशासनिक एवं अकादमिक कसरत तेज हो गई है। राज्य के उच्च शिक्षण संस्थानों में NEP-2020 को बिना किसी व्यावहारिक बाधा के लागू करने और पिछले दो वर्षों के अनुभवों के आधार पर आई चुनौतियों को दूर करने के उद्देश्य से मंत्रालय में एक उच्चस्तरीय अंतर-विभागीय समीक्षा सह ट्रांसफॉर्म समिति की पहली महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।           ​बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के सचिव अविनाश चंपावत, श्रीमती रीता यादव, प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतिगण तथा समिति के अन्य वरिष्ठ सदस्य उपस्थित रहे। बैठक में मंत्री टंक राम वर्मा ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार उच्च शिक्षा के स्तर को उन्नत करने, विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने तथा नई शिक्षा नीति को राज्य में पूरी सुदृढ़ता के साथ धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है।          बैठक में उच्च  शिक्षा मंत्री वर्मा ने इस बात पर विशेष बल दिया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का लाभ तभी संभव है जब यह केवल कागजी निर्देशों, बैठकों और प्रशासनिक फाइलों तक सीमित न रहकर ज़मीनी स्तर पर प्रत्यक्ष रूप से दिखाई दे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक 'विकसित भारत' और मुख्यमंत्री के 'विकसित छत्तीसगढ़' के संकल्प को साकार करने में इस नई शिक्षा नीति की अत्यंत निर्णायक भूमिका होगी।       ​मंत्री वर्मा ने कहा कि NEP-2020 का मूल ध्येय केवल डिग्री बांटना नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ युवाओं को सीधे रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ना है। इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए उन्होंने उद्योगपतियों, औद्योगिक घरानों और कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के माध्यम से विद्यार्थियों को सीधे जोड़ने और उद्योग- अकादमिक समन्वय को मजबूत करने का निर्देश दिया। ​व्यावहारिक कठिनाइयों का समाधान: संभाग और जिला स्तर पर प्रशिक्षण          ​पिछले दो वर्षों में NEP-2020 के क्रियान्वयन के दौरान शिक्षकों और विद्यार्थियों के सामने आई व्यावहारिक चुनौतियों, क्रेडिट सिस्टम एवं विषय चयन से जुड़े भ्रम पर गहराई से मंथन किया गया। इस भ्रम और कठिनाइयों को दूर करने के लिए मंत्री वर्मा ने व्यापक स्तर पर प्रशिक्षण और जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। ​विशेष कार्यशालाओं का आयोजन       नई शिक्षा नीति की बारीकियों और प्रावधानों से प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों को पूरी तरह अवगत कराने के लिए प्रत्येक विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र के हर सेमेस्टर की शुरुआत में विशेष कार्यशालाएं आयोजित करने के निर्देश मंत्री वर्मा ने दिए। ​संभाग एवं जिला स्तरीय प्रशिक्षण        बैठक में उच्च शिक्षा मंत्री वर्मा ने प्राध्यापकों और छात्रों के बीच समझ का दायरा बेहतर करने के लिए संभाग और जिला स्तर पर भी बड़े पैमाने पर कार्यशालाओं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन करने के निर्देश दिए।  विश्वविद्यालयों से संबद्ध सभी महाविद्यालयों के प्राचार्यों, नोडल अधिकारियों और ब्रांड एंबेसडरों को प्रशिक्षित करने के लिए विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। ​निगरानी व्यवस्था मजबूत करने नोडल अधिकारी और ब्रांड एंबेसडर होंगे नियुक्त          ​प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण, जमीनी निगरानी और त्वरित सूचना प्रसार को बेहतर बनाने के उद्देश्य से सरकार ने एक नया ढांचा तैयार करने का निर्णय लिया गया। प्रदेश के प्रत्येक विश्वविद्यालय में एक समर्पित नोडल अधिकारी तथा दो विद्यार्थी ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किए जाएंगे। ये अधिकारी और एंबेसडर शिक्षकों तथा विद्यार्थियों के बीच समन्वय स्थापित कर जागरूकता फैलाने और मॉनिटरिंग का काम करेंगे। विद्यार्थियों को नीति से संबंधित आ रही शंकाओं, विषय चयन की समस्याओं और अन्य प्रशासनिक प्रश्नों के त्वरित समाधान के लिए प्रत्येक विश्वविद्यालय में एक समर्पित 'NEP सेल' का गठन करने के निर्देश भी दिए। ​पाठ्यक्रम में सरलता, भारतीय ज्ञान परंपरा और अनिवार्य इंटर्नशिप पर जोर        ​विद्यार्थियों के अध्ययन और परीक्षा की प्रक्रिया को सहज बनाने के लिए बैठक में कई महत्वपूर्ण शैक्षणिक सुधारों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जनरल इलेक्टिव (GE) विषयों के पाठ्यक्रम और प्रश्नपत्रों को अधिक सरल, व्यावहारिक और लचीला बनाया जाएगा, ताकि विषय चयन और परीक्षा के दौरान परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा या मानसिक दबाव न झेलना पड़े।पाठ्यक्रमों में भारत की समृद्ध सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और वैज्ञानिक विरासत यानी 'भारतीय ज्ञान परंपरा' को प्रमुखता और अनिवार्य रूप से शामिल करने के निर्देश दिए गए।        मंत्री वर्मा ने छठे सेमेस्टर में लागू अनिवार्य इंटर्नशिप व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए अभी से प्रारंभिक तैयारियां शुरू करने तथा विभिन्न उद्योगों व व्यावसायिक संस्थानों के साथ समय रहते समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए।  ​निजी विश्वविद्यालयों की मॉनिटरिंग और बीएड पाठ्यक्रमों के संचालन में तेजी         ​शिक्षा की गुणवत्ता में एकरूपता लाने के लिए राज्य के निजी विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता, प्राध्यापकों की नियमित उपस्थिति और नई शिक्षा नीति के सही क्रियान्वयन की निगरानी के लिए अपर संचालक तथा कुलपतियों के समन्वय से एक विशेष निगरानी समिति बनाने के निर्देश दिए गए। इसके ​साथ ही, आगामी शैक्षणिक सत्र की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मंत्री वर्मा ने प्रदेश में बीएड कॉलेजों के त्वरित और सुचारू संचालन पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन पात्र विश्वविद्यालयों और 'बी++' ग्रेड प्राप्त महाविद्यालयों से बीएड संचालन के आवेदन प्राप्त हुए हैं, उन पर बिना किसी विलंब के शीघ्र कार्रवाई की जाए, इससे समय पर बीएड पाठ्यक्रम शुरू हो सकेंगे और राज्य को भविष्य में गुणवत्तापूर्ण शिक्षकों की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा।         ​बैठक के अंत में राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने सभी सदस्यों द्वारा दिए गए सकारात्मक सुझावों पर तत्काल अमल करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी हितधारकों को एकजुट होकर कार्य करना होगा ताकि छत्तीसगढ़ पूरे देश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के सफल और पारदर्शी क्रियान्वयन का एक उत्कृष्ट मॉडल बन सके।

जूडो सिखाता है साहस और अनुशासन का पाठ, राज्यपाल रमेन डेका ने किया प्रतियोगिता का उद्घाटन

जूडो सिखाता है साहस, आत्मसंयम और अनुशासन का पाठ: राज्यपाल रमेन डेका राज्यपाल ने किया 26वीं राज्य स्तरीय सब-जूनियर एवं कैडेट जूडो चौम्पियनशिप का शुभारंभ रायपुर,  राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि जूडो केवल एक खेल नहीं, बल्कि साहस, आत्मसंयम, अनुशासन और आत्मविश्वास विकसित करने का सशक्त माध्यम है। यह विपरीत परिस्थितियों में धैर्य और संतुलन के साथ चुनौतियों का सामना करना सिखाता है। विशेषकर बालिकाओं के लिए जूडो आत्मरक्षा और मानसिक मजबूती का महत्वपूर्ण आधार है। राज्यपाल डेका आज सरकंडा स्थित खेल परिसर में 26वीं राज्य स्तरीय सब-जूनियर एवं कैडेट जूडो चौम्पियनशिप-2026 का शुभारंभ कर रहे थे। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए बालक-बालिका खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। छत्तीसगढ़ प्रदेश जूडो संघ के तत्वाधान में बिलासपुर जूडो संघ द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में राज्य भर के 16 जिलो से 240 खिलाड़ी एवं प्रशिक्षक भाग ले रहे है। सीखकर आगे बढ़ना ही सच्चे खिलाड़ी की पहचान          राज्यपाल डेका ने कहा कि खेल हमें प्रतिद्वंद्वी का सम्मान करना, जीत में विनम्र रहना और हार से सीखकर आगे बढ़ना सिखाते हैं। उन्होंने खिलाड़ियों से बड़े लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर परिश्रम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज राज्य स्तर पर प्रतिभा दिखाने वाले खिलाड़ी भविष्य में राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं सहित एशियाई खेलों और ओलंपिक में भी देश का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं। असफलता से निराश होने के बजाय उससे सीखकर आगे बढ़ना ही सच्चे खिलाड़ी की पहचान है। खिलाड़ियों की उपलब्धियां अन्य युवा प्रतिभाओं के लिए प्रेरणास्रोत       राज्यपाल ने कोंडागांव जिले की जूडो खिलाड़ियों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि योगिता मंडावी को उत्कृष्ट खेल प्रदर्शन के लिए राष्ट्रपति द्वारा प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। हेमवती नाग ने खेलो इंडिया नेशनल गेम्स और ओपन नेशनल प्रतियोगिता में पदक हासिल किए हैं। वहीं रंजीता कोरेटी ने ताइवान में आयोजित एशियन कैडेट जूडो चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर प्रदेश को गौरवान्वित किया है। उन्होंने कहा कि इन खिलाड़ियों की उपलब्धियां अन्य युवा प्रतिभाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। जूडो में उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया         समारोह में राज्यपाल डेका ने जूडो में उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाले हेमवती नाग, अभिषेक जायसवाल, कुमारी शारदा गोस्वामी और योगिता मंडावी को सम्मानित किया। उन्होंने खिलाड़ियों की मेहनत और उपलब्धियों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के प्रयास निरंतर जारी रखने की अपेक्षा की         राज्यपाल डेका ने कहा कि ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों की खेल प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें बेहतर प्रशिक्षण, सुविधाएं और अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है। उन्होंने छत्तीसगढ़ प्रदेश जूडो संघ से खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के प्रयास निरंतर जारी रखने की अपेक्षा की। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को खेल भावना और अनुशासन के साथ  उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की शुभकामनाएं दीं।        कार्यक्रम में कलेक्टर बिलासपुर संजय अग्रवाल, छत्तीसगढ़ प्रदेश जूडो संघ के अध्यक्ष अरुण द्विवेदी, महासचिव शम्भू सोनी, बिलासपुर जिला जूडो संघ के अध्यक्ष शैलेन्द्र शुक्ला,  सहित खेल संघ के पदाधिकारी, प्रशिक्षक एवं बड़ी संख्या में खिलाड़ी उपस्थित थे।

क्रिकेट फैंस के लिए खुशखबरी! रायपुर में 3 दिन भिड़ेंगी भारत और जिम्बाब्वे की महिला टीमें

रायपुर. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में क्रिकेट प्रेमियों को अंतरराष्ट्रीय महिला T20 क्रिकेट का रोमांच देखने का मौका मिलने जा रहा है। नया रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में 16, 18 और 20 अक्टूबर को भारत और जिम्बाब्वे की महिला टीमों के बीच मुकाबले खेले जाएंगे। तीनों मैच शाम 7 बजे से शुरू होंगे। इन मैचों के लिए टिकटों की बिक्री 12 अक्टूबर को शाम 4 बजे से शुरू होगी। 250 रुपए में देख सकेंगे मैच मैच देखने के लिए दर्शकों को अलग-अलग श्रेणियों में टिकट उपलब्ध होंगे। लोअर स्टैंड के स्टैंड नंबर 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8 और 9 के टिकट की कीमत 250 रुपए रखी गई है। वहीं, तीनों मैच देखने के इच्छुक दर्शकों के लिए 499 रुपए का सीरीज टिकट उपलब्ध होगा। इसके अलावा दो टिकटों के कॉम्बो की कीमत 350 रुपए बताई गई है। प्लैटिनम से कॉर्पोरेट तक, जानिए टिकटों की कीमत आयोजकों की ओर से टिकटों की अलग-अलग श्रेणियां और उनकी कीमतें निर्धारित की गई हैं। लोअर स्टैंड: 250 रुपए दो टिकटों का कॉम्बो: 350 रुपए तीनों मैचों का सीरीज टिकट: 499 रुपए सिल्वर: 2,000 रुपए गोल्ड: 2,500 रुपए प्लैटिनम: 3,500 रुपए सिंगल कॉर्पोरेट टिकट: 3,500 रुपए कॉर्पोरेट टिकट: 70,000 रुपए पूरी तरह डिजिटल होगी टिकट व्यवस्था दर्शकों को मैच देखने के लिए फिजिकल टिकट लेने की जरूरत नहीं होगी। टिकट पूरी तरह डिजिटल होंगे। टिकट के QR कोड को स्टेडियम के प्रवेश द्वार पर स्कैन कराने के बाद दर्शकों को एंट्री मिलेगी। एक व्यक्ति एक आईडी से एक बार में अधिकतम छह टिकट बुक कर सकेगा। टिकटों की बिक्री 12 अक्टूबर को शाम 4 बजे से शुरू होगी। ग्राउंड वाटर मामले में मिली क्लीयरेंस, स्टेडियम में लगा STP स्टेडियम में मैचों के आयोजन को लेकर ग्राउंड वाटर के उपयोग से जुड़ा NGT प्रकरण भी चर्चा में रहा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, मैच आयोजित करने के लिए न्यायालय से क्लीयरेंस मिल गई है। इसके साथ ही स्टेडियम में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) स्थापित किया गया है। ग्राउंड वाटर के उपयोग पर निगरानी रखने के लिए फ्लो मीटर भी लगाया गया है। इससे स्टेडियम में इस्तेमाल किए जा रहे पानी की मात्रा का पता लगाया जा सकेगा।

डिजिटल क्रॉप सर्वे की होगी क्रॉस वेरिफिकेशन, फसल की वास्तविक स्थिति का बनेगा डिजिटल रिकॉर्ड

डिजिटल क्रॉप सर्वे में शत-प्रतिशत गिरदावरी सुनिश्चित करें -मुख्य सचिव विकासशील फसल की वास्तविक स्थिति का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने और सर्वे का क्रॉस वेरिफिकेशन करने के निर्देश नक्शों की त्रुटियों के निराकरण और भूमि अभिलेखों को अद्यतन करने के लिए तकनीकी समाधान विकसित करने पर जोर रायपुर मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में डिजिटल क्रॉप सर्वे के संबंध में बैठक आयोजित की गई। बैठक में सर्वे की प्रगति, भूमि अभिलेखों की पूर्णता और शत-प्रतिशत गिरदावरी सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्यवाही की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव विकासशील ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में फसलें बोई गई है, वहां उसकी वास्तविक स्थिति का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाए। संबंधित खसरों का सत्यापन कर यह सुनिश्चित किया जाए कि भूमि पर फसल लगी है या नहीं। फसल वाले क्षेत्रों में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पॉलीगॉन बनाकर जानकारी दर्ज की जाए। उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे के माध्यम से खेतों में बोई गई फसल का सटीक और विश्वसनीय विवरण तैयार किया जाना चाहिए। डिजिटल क्रॉप सर्वे का क्रॉस वेरिफिकेशन करने के निर्देश        मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए है कि सर्वे की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए राज्य स्तर पर टीम गठित कर विभिन्न जिलों में फील्ड वेरिफिकेशन करें। उन्होंने निर्देश दिए कि सर्वे में दर्ज जानकारी का मौके पर सत्यापन किया जाए तथा कितने खसरों का सत्यापन हुआ है, कितने रिकॉर्ड सही पाए गए है, कहां त्रुटियां मिलीं है इसकी रिपोर्ट तैयार की जाए। त्रुटिपूर्ण रिकॉर्ड को सुधारने के साथ ही सर्वे की आंतरिक जांच भी सुनिश्चित की जाए।उन्होंने डिजिटल क्रॉप सर्वे के आंकड़ों का धान की खेती, किसान पंजीयन और धान उपार्जन से संबंधित आंकड़ों के साथ तुलनात्मक परीक्षण करने के निर्देश दिए है। उन्होंने अधिकारियों से विभिन्न अभिलेखों में उपलब्ध जानकारी का मिलान कर आवश्यक सुधार करने कहा है। नक्शों की त्रुटियों के निराकरण के लिए तकनीकी समाधान तलाशें         बैठक में डिजिटल क्रॉप सर्वे के दौरान सामने आई प्रमुख बाधाओं की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने कहा कि नक्शों की अनुपलब्धता और अन्य तकनीकी समस्याओं के कारण कार्य अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहना चाहिए। राजस्व विभाग इन समस्याओं के निराकरण के लिए उपयुक्त तकनीकी समाधान तलाशे। मुख्य सचिव ने कहा कि आवश्यकतानुसार नक्शों को अद्यतन करने की कार्ययोजना तैयार करें। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन मामलों में भौतिक सत्यापन और पॉलीगॉन सत्यापन आवश्यक है, उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पूरा कर लिया जाए। कलेक्टरों के साथ बैठक कर कार्यों की समीक्षा करें         मुख्य सचिव ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को डिजिटल क्रॉप सर्वे की प्रगति और सत्यापन कार्यों की समीक्षा के लिए कलेक्टरों के साथ बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी जिलों के संबंधित अधिकारी गांवों और खेतों के रिकॉर्ड का सत्यापन करें तथा कमियों को दूर करने के लिए समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करें। सर्वे की नियमित निगरानी के साथ विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर कार्य को प्रभावी ढंग से पूरा किया जाए।      बैठक में मुख्यमंत्री एवं ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के सचिव सुरीना बाबा साहब कंगाले, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी,  संचालक उद्योग प्रभात मलिक, संचालक भू-अभिलेख विनीत नंदनवार, संचालक खाद्य फरिया आलम सिद्दीकी सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

राष्ट्रीय सहकारिता सम्मेलन में आए वरिष्ठ अधिकारियों ने युवाओं से किया संवाद, आजीविका से जुड़ी पहल को सराहा

बस्तर में पुनर्वास और स्वावलंबन की मिसाल बना ‘पण्डुम कैफ़े’, केंद्रीय सहकारिता सचिव ने की सराहना राष्ट्रीय सहकारिता सम्मेलन में आए वरिष्ठ अधिकारियों ने युवाओं से किया संवाद, आजीविका से जुड़ी पहल को सराहा रायपुर बस्तर में हिंसा का रास्ता छोड़ समाज की मुख्यधारा में लौटे युवाओं द्वारा संचालित ‘कैफे पण्डुम’ पुनर्वास और स्वावलंबन की मिसाल बन रहा है। जगदलपुर में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सहकारिता सम्मेलन में शामिल होने पहुंचे भारत सरकार के सहकारिता सचिव डॉ. आशीष भूटानी सहित केंद्र और विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों ने गुरुवार को कैफे का भ्रमण किया। उन्होंने युवाओं से संवाद कर उनके प्रयासों की सराहना की और इसे आजीविका एवं सामाजिक बदलाव की महत्वपूर्ण पहल बताया।       भ्रमण के दौरान बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा ने अधिकारियों को कैफे की अवधारणा, संचालन और इससे जुड़े परिवारों की आजीविका बढ़ाने के प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह पहल हिंसा से प्रभावित और मुख्यधारा में लौटे लोगों को सम्मानजनक जीवन तथा आर्थिक संबल प्रदान करने की दिशा में कार्य कर रही है।       वरिष्ठ अधिकारियों ने कैफे की व्यवस्थाओं, स्थानीय व्यंजनों, प्राकृतिक रंगों से सजे परिसर और आत्मीय आतिथ्य की सराहना की। उन्होंने कैफे को सादगी और स्थानीय परिवेश के साथ विकसित एक जीवंत केंद्र बताया। अधिकारियों ने कैफे का संचालन कर रहे युवाओं का उत्साहवर्धन भी किया।

Bastar News: बोधघाट परियोजना से प्रभावित लोगों से मिलेंगे राहुल गांधी, जानेंगे उनकी समस्याएं

रायपुर. कांग्रेस नेता राहुल गांधी जल्द ही छत्तीसगढ़ के दौरे पर आ सकते हैं। बोधघाट परियोजना को लेकर राहुल गांधी का बस्तर दौरा संभावित है। इसकी जानकारी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने दी है। दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस ग्रामीणों की आवाज उठाएगी। प्रदेश प्रभारी सुखदेव भगत ने बस्तर दौरे के दौरान ग्रामीणों से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनी हैं। अब बहुत जल्द राहुल गांधी बोधघाट परियोजना को लेकर बस्तर दौरे पर आएंगे और ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनेंगे। उत्तर प्रदेश से बिजली की खरीदी पर बोले पीसीसी चीफ छत्तीसगढ़ में खुद बिजली का उत्पादन होता है। इसके बावजूद दूसरे राज्य से बिजली खरीदने की तैयारी की जा रही है। सरकार इस फैसले के जरिए राज्य की जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ाएगी। उन्होंने आगे कहा कि पहले से ही बिजली की दरें काफी बढ़ चुकी हैं और सरकार की नीतियों के चलते महंगाई बढ़ रही है। निजी कंपनियों को बिजली विभाग सौंपा जा रहा है। रेल मंत्री के छत्तीसगढ़ दौरे पर साधा निशाना प्रदेश में पहले से ही ट्रेनों का संचालन प्रभावित है और ऐसे में रेल मंत्री छत्तीसगढ़ आ रहे हैं। यह दौरा छत्तीसगढ़ की जनता की समस्याओं के समाधान के लिए नहीं बल्कि उद्योपतियों, कॉरपोरेट घरानों के हितों को साधने के लिए किया जा रहा है।

वन मंत्री केदार कश्यप ने लोगों के साथ चलाया सफाई अभियान, मारकंडी नदी घाट और प्राकृतिक जलकुंड चमकाए

रामपुर आश्रम में जनभागीदारी से चला सेवा संकल्प के साथ स्वच्छता  अभियान वन मंत्री केदार कश्यप ने लोगों के साथ किया श्रमदान, मारकंडी नदी घाट और प्राकृतिक जल कुंड की सफाई रायपुर  बस्तर जिले के ग्राम पंचायत चपका स्थित रामपुर आश्रम में जनभागीदारी से सेवा संकल्प अभियान के तहत स्वच्छता अभियान चलाया गया। वन मंत्री केदार कश्यप ने स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों के साथ झाड़ू लगाकर श्रमदान किया। इस दौरान ऐतिहासिक मंदिर परिसर, मारकंडी नदी घाट और प्राकृतिक जल कुंड की साफ-सफाई कर स्वच्छता एवं जलस्रोतों के संरक्षण का संदेश दिया गया।       स्वच्छता अभियान में स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। सभी ने मिलकर नदी घाट, प्राकृतिक जल कुंड और मंदिर परिसर के आसपास फैले कचरे, प्लास्टिक एवं अन्य अपशिष्ट की सफाई की। वन मंत्री कश्यप ने स्वच्छता को सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाने तथा धार्मिक एवं सार्वजनिक स्थलों के साथ प्राकृतिक जलस्रोतों को स्वच्छ बनाए रखने में जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया।        इस अवसर पर ग्रामीणों ने जलस्रोतों को स्वच्छ और निर्मल बनाए रखने का सामूहिक संकल्प भी लिया। अभियान में जिला पंचायत बस्तर की अध्यक्ष श्रीमती वेदवती कश्यप, जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष दिनेश कश्यप सहित अन्य पंचायत प्रतिनिधियों, स्वच्छ भारत मिशन की टीम और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों ने श्रमदान किया।

छत्तीसगढ़ में वोटर लिस्ट से 24.99 लाख नाम हटे, अब मतदाताओं को मिलेगा दोबारा जुड़ने का मौका

रायपुर. छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची में नाम जोड़ने और छूटे हुए पात्र नागरिकों का सत्यापन करने के लिए एक महीने का विशेष अभियान शुरू किया गया है. भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर चलाए जा रहे इस अभियान की जानकारी मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी यशवंत कुमार ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता में दी. उन्होंने बताया कि अभियान के तहत विभिन्न कारणों से मतदाता सूची से हटाए गए नामों का भी पुनः सत्यापन किया जाएगा. पहली बार मतदान करने वाले युवाओं के पंजीकरण पर विशेष जोर दिया जाएगा. वहीं 17 वर्ष से अधिक आयु के युवा भी मतदाता पंजीकरण के फॉर्म-6 भरकर आवेदन कर सकते हैं. घर-घर पहुचेंगे BLO मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि छत्तीसगढ़ में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान करीब 24.99 लाख मतदाताओं के नाम कटे हैं. इनमें लगभग 6.42 लाख मृत मतदाता और 19,13,540 अनुपस्थित या स्थानांतरित मतदाता शामिल हैं. वहीं सूची में 2 लाख 35 हजार 994 नए मतदाताओं के नाम जोड़े गए हैं. अब एक महीने तक विशेष अभियान चलाया जाएगा, जिसके तहत बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं का दोबारा सत्यापन करेंगे और पात्रता के अनुसार मतदाता सूची से छूटे नाम जोड़ने की प्रक्रिया में मदद करेंगे. मतदान केंद्रों और शिक्षण संस्थानों में लगेंगे विशेष शिविर अभियान के तहत हर सप्ताह बुधवार और गुरुवार को मतदान केंद्रों पर विशेष शिविर लगाए जाएंगे. इसके अलावा शुक्रवार और शनिवार को स्कूल-कॉलेजों में मतदाता पंजीकरण अभियान चलाया जाएगा. आईटीआई, हाई स्कूल, हायर सेकेंडरी और उच्च शैक्षणिक संस्थानों में भी शिविर लगेंगे. संस्थानों के इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब के माध्यम से युवाओं को मतदाता पंजीकरण के प्रति जागरूक किया जाएगा. बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) को फॉर्म-6 के आवेदन प्राप्त करने और क्षेत्र सत्यापन रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं. वहीं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी मतदाता सूची राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों (BLA) के साथ साझा करेंगे. ऐसे कर सकेंगे आवेदन मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए नागरिक ECINET मोबाइल ऐप और आधिकारिक वेबसाइट voters.eci.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. ऑफलाइन आवेदन के लिए संबंधित मतदान केंद्र के बूथ लेवल अधिकारी को फॉर्म-6 जमा किया जा सकता है. पंजीकरण से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए ECINET ऐप पर ‘Book a Call with BLO’ सुविधा उपलब्ध है. इसके अलावा हेल्पलाइन नंबर 1950 पर कॉल करके भी सहायता प्राप्त की जा सकती है. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी यशवंत कुमार ने सभी पात्र नागरिकों से अभियान का लाभ उठाने और मतदाता सूची में अपना नाम सुनिश्चित कराने की अपील की.

विद्यार्थियों की रचनात्मकता से गूंजा वन्यजीव संरक्षण का संदेश, कला गतिविधियों से बढ़ी पर्यावरण जागरूकता

कला और कल्पनाशीलता से युवाओं ने दिया वन्यजीव संरक्षण का संदेश वन्यजीव सप्ताह का समापन, कला और रचनात्मक गतिविधियों से विद्यार्थियों ने दिखाई पर्यावरण के प्रति जागरूकता रायपुर  वन्यजीव संरक्षण का संदेश देने वाली युवा प्रतिभाओं को नवा रायपुर स्थित अरण्य भवन के दंडकारण्य सभागार में पुरस्कृत किया गया। वन्यजीव सप्ताह के समापन अवसर पर आयोजित समारोह में कला और ज्ञान आधारित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।           वन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग तथा रायपुर वनमंडल द्वारा कलिंगा विश्वविद्यालय के हरित समूह एवं प्राणीशास्त्र विभाग के सहयोग से 2 से 8 अक्टूबर तक वन्यजीव सप्ताह मनाया गया। ‘जुड़ते प्राकृतिक आवास, फलते-फूलते वन्यजीव’ की थीम पर आयोजित इस सप्ताह के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न गतिविधियों के जरिए प्रकृति और जैव विविधता संरक्षण का महत्व समझा। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख अरुण कुमार पाण्डेय उपस्थित रहे।            सप्ताहभर चले आयोजन में कागज की आकृतियां और घोंसलों के प्रतिरूप बनाने, बीजगोलक (सीड बॉल) निर्माण, वन्यजीव छायाचित्रण तथा प्रकृति भ्रमण जैसी गतिविधियों में विद्यार्थियों ने भाग लिया। इन गतिविधियों के माध्यम से उन्हें वन्यजीवों और उनके प्राकृतिक आवासों के संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।          शॉर्ट फिल्म मेकिंग प्रतियोगिता में कलिंगा विश्वविद्यालय के देवेश मिंज, सिद्धांत नागपुरे और वर्षा साहू क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय रहे। निबंध प्रतियोगिता में केंद्रीय विद्यालय की श्रेया साहू, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय उपरवारा की शैल्या साहू और पीएम स्वामी आत्मानंद विद्यालय माना कैंप के आकाश दास ने क्रमशः प्रथम तीन स्थान प्राप्त किए। पीएम जवाहर नवोदय विद्यालय माना कैंप की हेमा और शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गनोद की दीपिका साहू को सांत्वना पुरस्कार मिला। वन्यजीव सप्ताह के दौरान आयोजित प्रतियोगिताओं और प्रकृति आधारित गतिविधियों ने विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण से जुड़ने तथा जैव विविधता के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने का अवसर दिया।

स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई: जांच में तीन क्लिनिक-पैथोलॉजी संचालकों को थमाए नोटिस

खैरागढ़. जिले में बिना वैध दस्तावेजों के संचालित हो रहे क्लिनिकों और पैथोलॉजी लैब के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। नवपदस्थ मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल शुक्ला के निर्देश पर विभागीय अमला लगातार स्वास्थ्य संस्थानों का निरीक्षण कर रहा है। अभियान शुरू होने के बाद नियमों की अनदेखी कर क्लिनिक और पैथोलॉजी संचालित करने वालों में हड़कंप की स्थिति है। इसी कड़ी में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी के नेतृत्व में गठित जांच दल ने विकासखंड खैरागढ़ के बाजार अतरिया क्षेत्र में संचालित विभिन्न क्लिनिकों और पैथोलॉजी लैब का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान कुछ संस्थानों के संचालन से संबंधित आवश्यक वैध दस्तावेज मौके पर उपलब्ध नहीं पाए गए। दस्तावेजों के अभाव में स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित संचालकों को नोटिस जारी करते हुए तीन दिवस के भीतर क्लिनिक एवं पैथोलॉजी संचालन से संबंधित समस्त आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए हैं। जांच के दौरान जितेंद्र वर्मा की दिशा पैथोलॉजी, हिमलेश वर्मा के श्रेया क्लिनिक सहित कुल तीन क्लिनिक एवं पैथोलॉजी संचालकों को नोटिस जारी किया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समयावधि में यदि संबंधित संचालक आवश्यक वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करते हैं, तो उनके विरुद्ध नर्सिंग होम एक्ट के प्रावधानों के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में अवैध अथवा बिना आवश्यक दस्तावेजों के संचालित किए जा रहे क्लिनिकों और पैथोलॉजी लैब के खिलाफ जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा।