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छत्तीसगढ़ में फिल्म सिटी का सपना होगा साकार, 21 को CM साय करेंगे भूमिपूजन

रायपुर छत्तीसगढ़ में जल्द ही प्रस्तावित ‘चित्रोत्पला फिल्म सिटी’ का काम शुरू होने जा रहा है. इसका निर्माण नवा रायपुर अटल नगर के माना-तूता में राज्योत्सव स्थल के पास लगभग 100 एकड़ क्षेत्र में होगा है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 21 जनवरी को निर्माण कार्य का भूमिपूजन करेंगे. इसके बाद निर्माण काम में तेजी आएगी. मुंबई की इंद्रदीप इन्फ्रा इंडिया लिमिटेड कंपनी पीपीपी मॉडल पर फिल्म सिटी का निर्माण करेगी. फिल्म सिटी में लगभग 400-500 करोड़ रुपए निवेश संभावित छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल और कंपनी के बीच अनुबंध भी हो चुका है. कंपनी द्वारा 250 करोड़ और केंद्र सरकार द्वारा 150 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे. वहीं, छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा फिल्म सिटी के लिए जमीन उपलब्ध कराई जा रही है. पर्यटन मंडल के मुताबिक फिल्म सिटी में पीपीपी मॉडल पर निजी कंपनी को स्टूडियो और अन्य अधोसंरचना निर्माण के लिए भूमि आवंटित की गई है. फिल्म सिटी में लगभग 400-500 करोड़ रुपए निवेश संभावित है. फिल्म मेकिंग की अपार संभावना नवा रायपुर में फिल्म सिटी निर्माण से फिल्म मेकिंग और फिल्म टूरिज्म के लिए अपार संभावनाओं के द्वार खुलेंगे. फिल्म सिटी बनने से आसपास बसाहट, निवेश और अन्य व्यवसायिक गतिविधियों के साथ ही छत्तीसगढ़ी फिल्मों, नाटकों और पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा. गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में फिल्म सिटी निर्माण और पर्यटन विकास के लिए राज्य शासन के प्रस्ताव पर केंद्र ने 150 करोड़ रुपए की राशि मंजूर की है. यहां अधोसंरचना, इंडोर ये सुविधाएं रहेंगी. प्री और पोस्ट प्रोडक्शन के लिए बनेंगे भवन फिल्म सिटी में फिल्म निर्माण और शूटिंग के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी. यहां कई अस्थायी और स्थायी सेट्स बनाए जाएंगे. इनमें स्कूल-कॉलेज, अस्पताल, जेल, फूड कोर्ट और रेस्टोरेंट आदि शामिल हैं. तालाब, उद्यान, नदी, पर्वत, सहित अन्य लोकेशन विकसित किए जाएंगे. शूटिंग के दौरान फिल्म निर्माताओं और कलाकारों के ठहरने के लिए आवास की व्यवस्था होगी. इसके अलावा स्टूडियो, प्री प्रोडक्शन और पोस्ट प्रोडक्शन के लिए भी भवन बनेंगे. 21 जनवरी को भूमिपूजन प्रस्तावित छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य ने बताया कि नवा रायपुर में फिल्म सिटी निर्माण के लिए टेंडर फाइनल हो चुका है. फिल्म सिटी के निर्माण कार्य का विधिवत भूमिपूजन मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के हाथों 21 जनवरी को किया जाना प्रस्तावित है. आउटडोर शूटिंग, कन्वेंशन सेंटर आदि का निर्माण भी किया जाएगा.

लखपति दीदी राशोबाई ने मेहनत और समूह सहयोग से कायम की आत्मनिर्भरता की मिसाल

रायपुर. जहाँ चाह वहां राह इस उक्ति को चरितार्थ कर दिखाया है,कोंडागांव जिले के विकासखंड फरसगांव अंतर्गत ग्राम पंचायत बानगांव की रहने वाली श्रीमती राशोबाई मरकाम ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के अंतर्गत स्व सहायता समूह से जुड़कर न केवल अपने जीवन को नई दिशा दी, बल्कि आत्मनिर्भरता की मिसाल भी कायम की है। राशोबाई आज विभिन्न आजीविका गतिविधियां शुरूकर 01 लाख रूपए से अधिक की आमदनी प्राप्त कर रही हैं। जय माता दी स्व सहायता समूह की सदस्य राशोबाई स्व सहायता समूह से जुड़ने से पहले कृषि मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करती थीं और घर के कार्यों तक ही सीमित थी। आय के सीमित साधन होने के कारण परिवार की वार्षिक आय केवल 48 हजार रुपये थी, जिससे दैनिक जरूरतों को पूरा करना काफी मुश्किल होता था और परिवार का पालन पोषण बेहतर ढंग से नहीं हो पाता था। स्व सहायता समूह से जुड़ने के पश्चात उन्हें समूह के माध्यम से आरएफ अनुदान राशि 15 हजार रुपये और सीआईएफ ऋण राशि 60 हजार रुपये प्राप्त हुई। इस सहयोग से उन्होंने कृषि कार्य के साथ-साथ किराना दुकान संचालन एवं मछली पालन जैसी विभिन्न आजीविका गतिविधियां शुरू कीं। जिला प्रशासन की एनआरएलएम टीम के मार्गदर्शन से उनका आत्मविश्वास बढ़ा और उक्त आजीविका गतिविधियों के सफल संचालन से आज श्रीमती राशोबाई मरकाम की वार्षिक आय बढ़कर लगभग 1 लाख 67 हजार रुपये हो गई है। वर्तमान में वे पूर्व की तुलना में दोगुना आय अर्जित कर रही हैं। इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है तथा जीवन स्तर में सुखद बदलाव आया है। आज श्रीमती राशोबाई मरकाम ने अपनी मेहनत, लगन और समूह के सहयोग से न केवल आत्मनिर्भर हुई हैं, बल्कि अपने परिवार के लिए एक मजबूत आर्थिक सहारा भी बनी है। उन्होंने शासन की योजनाओं से मिली सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उल्लेखनीय है कि एनआरएलएम ‘बिहान’ योजना के अंतर्गत स्व सहायता समूहों एवं टीम के सतत प्रयासों से ग्रामीण महिलाओं को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं “लखपति दीदी” बनकर आत्मसम्मान के साथ जीवन यापन कर सकें।

शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में मनाया विश्व हिंदी दिवस

सूरजपुर. शासकीय रेवती रमण मिश्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय सूरजपुर में विगत दिवस विश्व हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने राष्ट्रीय हिंदी दिवस एवं अंतर्राष्ट्रीय हिंदी दिवस के बीच अंतर स्पष्ट करते हुए हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार पर विशेष बल दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एच.एन. दुबे उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में हिंदी भाषा की वैश्विक स्तर पर बढ़ती लोकप्रियता और इसके महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में सहायक प्राध्यापक हिंदी श्री बुधलाल साहू, अतिरिक्त शिक्षक डॉ. श्रीकांत यादव, डॉ. विनोद साहू ने भी अपने विचार व्यक्त किए। वरिष्ठ छात्रा रोशनी यादव ने छात्रों के दृष्टिकोण से हिंदी के महत्व को रेखांकित किया। कार्यक्रम में एम.ए. हिंदी प्रथम सेमेस्टर के सभी विद्यार्थी उपस्थित रहे। विद्यार्थियों ने हिंदी भाषा के संरक्षण एवं संवर्धन में अपनी भूमिका निभाने का संकल्प लिया।

ऑयल पाम की खेती में अतिरिक्त अनुदान से किसानों की बढ़ेगी आय

रायपुर. खाद्य तेलों में आत्मनिर्भर बनाने तथा किसानों की आय में दीर्घकालीन और स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करने के उद्देश्य से केंद्र एवं राज्य शासन द्वारा संयुक्त रूप से नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल-ऑयल पाम योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत ऑयल पाम की खेती को प्रोत्साहित करने हेतु केंद्र सरकार के अनुदान के अतिरिक्त राज्य शासन द्वारा विभिन्न घटकों में टॉप-अप अनुदान प्रदान किया जा रहा है, जिससे किसानों को आर्थिक संबल मिल सके। सहायक संचालक उद्यानिकी मुंगेली ने बताया कि ऑयल पाम की खेती में प्रारंभिक लागत अधिक होने तथा 03 से 04 वर्षों की गेस्टेशन अवधि को ध्यान में रखते हुए राज्य शासन द्वारा विशेष सहायता का प्रावधान किया गया है। केंद्र सरकार द्वारा देय न्यूनतम 1.30 लाख प्रति हेक्टेयर अनुदान के अतिरिक्त राज्य शासन किसानों को टॉप-अप अनुदान प्रदान कर रहा है, ताकि अधिक से अधिक कृषक इस फसल की ओर आकर्षित हों। ऑयल पाम एक दीर्घकालीन, कम श्रम वाली और उच्च उत्पादकता वाली फसल है। इसमें रोग प्रकोप की संभावना अत्यंत कम होती है। एक बार रोपण के पश्चात चौथे वर्ष से उत्पादन प्रारंभ हो जाता है और यह फसल 25 से 30 वर्षों तक निरंतर उपज देती है। पारंपरिक तिलहन फसलों की तुलना में ऑयल पाम प्रति हेक्टेयर 4 से 6 गुना अधिक तेल उत्पादन क्षमता रखती है, जिससे किसानों को स्थायी एवं सुनिश्चित आय का लाभ प्राप्त होता है। विभिन्न मदों में अतिरिक्त अनुदान राज्य शासन द्वारा ऑयल पाम रोपण करने वाले पात्र किसानों को निम्नानुसार अतिरिक्त अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है, इनमें रखरखाव मद में पूर्व निर्धारित 05 हजार 250 प्रति हेक्टेयर की 01 हजार 500 रूपए की वृद्धि कर कुल 06 हजार 750 रूपए प्रति हेक्टेयर, अंतरवर्तीय फसलों हेतु वृद्धि के साथ कुल 10 हजार 250 रूपए प्रति हेक्टेयर, ड्रिप सिंचाई प्रणाली अपनाने वाले किसानों को 08 हजार 635 रूपए की अतिरिक्त सहायता सहित कुल 22 हजार 765 रूपए प्रति हेक्टेयर, रोपित पौधों एवं अंतरवर्तीय फसलों को जानवरों से बचाने हेतु फेंसिंग के लिए 54 हजार 485 रूपए प्रति हेक्टेयर का अनुदान उपलब्ध कराया जाता है। इस प्रकार राज्य शासन द्वारा रखरखाव, फेंसिंग, अंतरवर्तीय फसल एवं ड्रिप सिंचाई मद में कुल 69 हजार 620 रूपए तक का अतिरिक्त अनुदान ऑयल पाम रोपण करने वाले किसानों को प्रदान किया जा रहा है। यह अनुदान केवल उन्हीं कृषकों को देय होगा, जो योजना के अंतर्गत ऑयल पाम का रोपण करेंगे। योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया एवं तकनीकी मार्गदर्शन के लिए किसान उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों अथवा अधिकृत प्रतिनिधि कंपनियों से संपर्क कर सकते हैं। ऑयल पाम की खेती न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाएगी, बल्कि देश को खाद्य तेलों में आत्मनिर्भर बनाने के राष्ट्रीय संकल्प को भी मजबूती प्रदान करेगी।

छत्तीसगढ़ी संस्कृति से प्रभावित दिखे रणदीप हुड्डा, रायपुर में की खुलकर तारीफ

रायपुर बॉलीवुड एक्टर रणदीप हुड्डा रविवार को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंचे. रायपुर पहुंचने पर उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए छत्तीसगढ़ी संस्कृति और फिल्मों की खुलकर तारीफ की. एक्टर रणदीप ने कहा कि उन्होंने पहले भी छत्तीसगढ़ एक्सप्लोर किया है. राज्य में तैयार हो रही फिल्में अपनी भाषा और संस्कृति को करीब से जानने का एक माध्यम है. छत्तीसगढ़ की संस्कृति काफी समृद्ध है. लोगों में नक्सली समस्या को लेकर भ्रम था, लेकिन ऐसा नहीं है. छत्तीसगढ़ में काफी डेवलपमेंट हुआ है.   वीर सावरकर सबसे इंस्पायरिंग फिल्म : एक्टर रणदीप एक्टर रणदीप हुड्डा ने अपनी फिल्म वीर सावरकर को लेकर भी बातचीत की. उन्होंने बताया कि कोई भी इंसान अच्छे से अच्छा और बुरे से बुरा किरदार निभा सकता है. अलग-अलग रोल में खुद को ढालना एक बड़ा चैलेंज है. उन्होंने वीर सावरकर फिल्म को उनके जीवन की सबसे प्रेरणादायक फिल्म बताया. रणदीप ने कहा- फिटनेस उनके काम का हिस्सा फिल्म इंडस्ट्री में एक्टर रणदीप अपने गजब के बॉडी ट्रांसफॉर्मेशन को लेकर भी चर्चा में रहते हैं. रायपुर में एक्टर ने कहा कि फिटनेस उनके काम का हिस्सा है और इसके लिए लक्ष्य होना जरूरी है. यह शरीर बेशकीमती, इसका ध्यान रखना बेहद जरूरी है. इस दौरान उनके साथ मंत्री राजेश अग्रवाल भी मौजूद थे. रणदीप ने मजाकिया अंदाज में कहा कि अगर उन्हें मंत्री राजेश को फिट बनाना हो, तो वह उन्हें कमरे में बंद कर देंगे और खाने के लिए कुछ नहीं देंगे.

प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना ने जीतेन्द्र को बिजली बिल से दी राहत

रायपुर. आम नागरिकों को स्वच्छ, सस्ती एवं टिकाऊ ऊर्जा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शासन द्वारा संचालित प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना अब जमीनी स्तर पर सकारात्मक बदलाव ला रही है। इस योजना के माध्यम से जिले के अनेक घर सौर ऊर्जा से रोशन हो रहे हैं और लोग बिजली खर्च से मुक्त होकर ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। यह योजना न केवल नागरिकों को आर्थिक राहत प्रदान कर रही है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में भी एक मजबूत कदम साबित हो रही है। इसी क्रम में मुंगेली शहर के शिक्षक नगर निवासी जितेन्द्र शर्मा ने अपने घर की छत पर रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित कर योजना का लाभ लिया है। सोलर सिस्टम लगने के बाद उनका घर पूरी तरह सौर ऊर्जा से संचालित हो रहा है, जिससे बिजली की खपत लगभग शून्य हो गई है। परिणामस्वरूप उन्हें अब मासिक बिजली बिल की चिंता नहीं करनी पड़ रही है। श्री शर्मा बताते हैं कि पहले हर महीने बिजली बिल एक बड़ा खर्च होता था, लेकिन सोलर सिस्टम लगने के बाद यह समस्या पूरी तरह समाप्त हो गई है। उन्होंने कहा कि यह योजना न केवल आर्थिक राहत दे रही है, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग के प्रति लोगों को जागरूक भी कर रही है। उन्होंने इस जनहितकारी योजना के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय सहित शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ लेने पर योजना के तहत उपभोक्ताओं को रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने पर केन्द्र एवं राज्य शासन द्वारा आकर्षक सब्सिडी दी जा रही है। 01 किलोवाट रूफटॉप सोलर सिस्टम पर केंद्र से 30 हजार एवं राज्य से 15 हजार मिलाकर 45 हजार रुपए की सब्सिडी, वहीं 02 किलोवाट पर कुल 90 हजार और 03 से 04 किलोवाट तक की क्षमता पर 01 लाख 08 हजार रुपए तक की सब्सिडी दी जा रही है। इसके साथ ही कम ब्याज दर पर आसान किश्तों में बैंक फायनेंस की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे मध्यम वर्ग और आम नागरिकों के लिए यह योजना और अधिक सुलभ बन गई है।

युवा संसद का आयोजन: डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में बच्चों ने निभाई सांसदों की भूमिका

रायपुर,  नेशनल रोवर – रेंजर जंबूरी का आयोजन पूरे उत्साह, अनुशासन और जीवंत सहभागिता के साथ बालोद जिले के ग्राम दुधली में सम्पन्न किया रहा है। आयोजन के तीसरे दिन जंबूरी परिसर लोकतांत्रिक चेतना का केंद्र बन गया, जब रोवर–रेंजरों एवं उपस्थित नागरिकों को लोकसभा की वास्तविक कार्यवाही का प्रत्यक्ष और व्यावहारिक अनुभव कराया गया। यूथ पार्लियामेंट के मंच पर रोवर–रेंजरों ने सांसदों की भूमिका निभाई वहीं विधानसभा के अध्यक्ष संसद के अध्यक्ष की भूमिका का निर्वहन किया। युवाओं ने जिस आत्मविश्वास, विषयगत समझ और मर्यादित संवाद शैली का प्रदर्शन किया, वह दर्शनीय था। यह मंच भावी जनप्रतिनिधियों को गढ़ने का सशक्त माध्यम गया था। अनुशासन और आत्मविश्वास की मिसाल बने रोवर–रेंजर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने की आयोजित युवा संसद की सराहना करते हुए कहा कि यूथ पार्लियामेंट के दौरान रोवर–रेंजरों जिस प्रकार आत्मविश्वास और अनुशासन के साथ अपनी भूमिका को निभाया है, उससे देश के उज्ज्वल भविष्य की कल्पना साकार नजर आती है। आज के युवा कल के हमारे समाज के प्रतिनिधि हैं। इनके कंधों पर हमारी विरासतों को आगे ले जाने का जिम्मा है, जिसे वे बखूबी निभाएंगे इसका हम सभी को भरोसा है। उन्होंने सभी की भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से युवाओं में लोकतांत्रिक मूल्यों, संसदीय परंपराओं और जिम्मेदार नागरिकता की मजबूत नींव पड़ती है। इस अवसर पर स्कूली शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने भी युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि आज के रोवर – रेंजर देश का आने वाला भविष्य है।भारतीय स्काउट गाइड के मुख्य राष्ट्रीय आयुक्त डॉ. के. के. खंडेलवाल, राज्य मुख्य आयुक्त श्री इंद्रजीत सिंह खालसा, जिला मुख्य आयुक्त श्री राकेश यादव, कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार पटेल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी, रोवर–रेंजर, स्काउट–गाइड्स एवं बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे। सीख, सेवा और साहस से भरा रहा तीसरा दिन जंबूरी का तृतीय दिवस प्रतिभागियों के लिए विविध और प्रेरक गतिविधियों का आयोजन किया गया। जागरण और शारीरिक जांच के साथ फ्लैग सेरेमनी के साथ अनुशासन और एकता का संदेश दिया जाएगा। डॉग शो में कुत्तों की बेहतरीन कलात्मक प्रदर्शन के साथ मार्च पास्ट प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। स्वच्छ भारत अभियान से जुड़ी प्रतियोगिताओं में भी युवाओं ने बढ़ चढ़ कर भाग लेते हुए सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूक किया।              आज जम्बूरी में आदिवासी संस्कृति परंपरा के साथ आधुनिकता की अनूठी प्रस्तुति दी गयी। आदिवासी वेशभूषा में पारंपरिक व्यंजनों के निर्माण के साथ लोकवाद्यों की भी प्रस्तुति की गई। आदिवासी नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच पारंपरिक भोजन के साथ ही हॉर्स राइडिंग, बाइक रेस और वाटर एक्टिविटी जैसी साहसिक गतिविधियां का भी प्रदर्शन किया गया।       युवाओं को आपदा प्रबंधन और ग्लोबल डेवलपमेंट विलेज से जुड़ी प्रतियोगिताओं के साथ वृक्षारोपण भी किया गया। कंटीजेंट लीडर मीटिंग, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, एच डब्लू बी रीयूनियन, नाइट हाईक तथा पायोनियरिंग प्रोजेक्ट प्रतियोगिताओं के भी आयोजित की जाएगी। एरिना में आयोजित इंटरनेशनल नाइट कार्यक्रम में विभिन्न संस्कृतियों की रंगारंग प्रस्तुतियां जंबूरी को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया जाएगा।

राज्य कर्मचारी संघ के अधिवेशन में मुख्यमंत्री साय शामिल

रायपुर. कर्मचारी शासन-प्रशासन की रीढ़ होते हैं और उनकी ईमानदारी, कर्मठता तथा संवेदनशीलता से ही सरकार की योजनाएं, नीतियां और निर्णय वास्तविक रूप में धरातल पर उतरते हैं। छत्तीसगढ़ का प्रशासनिक ढांचा आप सभी की मेहनत, निष्ठा और अनुशासन के कारण ही प्रभावी ढंग से कार्य कर पा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के रोहिणीपुरम स्थित सरस्वती शिक्षा संस्थान परिसर में राज्य कर्मचारी संघ, छत्तीसगढ़ द्वारा आयोजित त्रैवार्षिक अष्टम प्रदेश अधिवेशन को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश के शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए महंगाई भत्ता 55 प्रतिशत से बढ़ाकर केंद्र सरकार के समान 58 प्रतिशत किए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई के बीच यह निर्णय कर्मचारियों को वास्तविक राहत प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि यह निर्णय सरकार की कर्मचारी-हितैषी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री साय ने अधिवेशन को संबोधित करते हुए कहा कि यह अधिवेशन संगठनात्मक विचार-विमर्श के साथ ही सुशासन के संकल्प को सुदृढ़ करने का एक सशक्त अवसर है। जब सरकार और कर्मचारी कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करते हैं, तभी विकास का मार्ग प्रशस्त होता है और शासन व्यवस्था अधिक सशक्त बनती है। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में सरकार ने कर्मचारियों के हित में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। स्थानांतरण नीति, पदोन्नति प्रक्रिया और कार्यस्थल संबंधी व्यवस्थाओं में सुधार कर प्रशासन को अधिक पारदर्शी, सुचारु और कर्मचारी-अनुकूल बनाया गया है। सुशासन एवं अभिसरण विभाग के गठन से जन-विश्वास आधारित शासन तंत्र को और मजबूती मिली है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पेंशन, ग्रेच्युटी एवं अन्य सेवानिवृत्ति लाभों के समयबद्ध भुगतान पर विशेष ध्यान दिया गया है, ताकि कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के समय किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। छत्तीसगढ़ पेंशन फंड की स्थापना कर तथा पेंशन फंड विधेयक को विधानसभा से पारित कर राज्य ने इस दिशा में एक मजबूत विधायी आधार भी प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि ई-ऑफिस, ऑनलाइन सेवाओं और तकनीकी नवाचारों के माध्यम से कर्मचारियों की कार्यक्षमता को सशक्त बनाया गया है, वहीं प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास कार्यक्रमों के जरिए उन्हें बदलते समय के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है। एक समय नक्सलवाद प्रदेश के लिए बड़ी चुनौती था, लेकिन हमारे सुरक्षा बलों ने अद्वितीय साहस और पराक्रम से इसका डटकर मुकाबला किया है। उन्होंने मंच से सुरक्षा बलों की वीरता को नमन करते हुए कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के लिए बेहतर और मानवीय पुनर्वास नीति लागू की गई है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के संकल्प के अनुरूप 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद के समूल उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बस्तर क्षेत्र में शांति व्यवस्था तेजी से स्थापित हो रही है और ‘नियद नेल्ला नार’ योजना के माध्यम से सुदूर वनांचलों तक बिजली, पानी और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय लक्ष्य के अनुरूप राज्य सरकार ने भी ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047’ तैयार कर प्रदेश के विकास को नई दिशा और गति दी है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष योगेश दत्त मिश्रा, राष्ट्रीय राज्य कर्मचारी संघ के अखिल भारतीय अध्यक्ष गौरव कुमार सोनी, महामंत्री राजेन्द्र कुमार श्रीवास्तव, राज्य कर्मचारी संघ छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष अरूण तिवारी, प्रदेश महामंत्री अश्वनी चेलक तथा बड़ी संख्या में कर्मचारी-अधिकारी उपस्थित थे।

राज्य कर्मचारी संघ, छत्तीसगढ़ के त्रैवार्षिक अष्टम प्रदेश अधिवेशन को मुख्यमंत्री ने किया संबोधित

रायपुर कर्मचारी शासन-प्रशासन की रीढ़ होते हैं और उनकी ईमानदारी, कर्मठता तथा संवेदनशीलता से ही सरकार की योजनाएं, नीतियां और निर्णय वास्तविक रूप में धरातल पर उतरते हैं। छत्तीसगढ़ का प्रशासनिक ढांचा आप सभी की मेहनत, निष्ठा और अनुशासन के कारण ही प्रभावी ढंग से कार्य कर पा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के रोहिणीपुरम स्थित सरस्वती शिक्षा संस्थान परिसर में राज्य कर्मचारी संघ, छत्तीसगढ़ द्वारा आयोजित त्रैवार्षिक अष्टम प्रदेश अधिवेशन को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश के शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए महंगाई भत्ता 55 प्रतिशत से बढ़ाकर केंद्र सरकार के समान 58 प्रतिशत किए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई के बीच यह निर्णय कर्मचारियों को वास्तविक राहत प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि यह निर्णय सरकार की कर्मचारी-हितैषी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री साय ने अधिवेशन को संबोधित करते हुए कहा कि यह अधिवेशन  संगठनात्मक विचार-विमर्श के साथ ही सुशासन के संकल्प को सुदृढ़ करने का एक सशक्त अवसर है। जब सरकार और कर्मचारी कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करते हैं, तभी विकास का मार्ग प्रशस्त होता है और शासन व्यवस्था अधिक सशक्त बनती है। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में सरकार ने कर्मचारियों के हित में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। स्थानांतरण नीति, पदोन्नति प्रक्रिया और कार्यस्थल संबंधी व्यवस्थाओं में सुधार कर प्रशासन को अधिक पारदर्शी, सुचारु और कर्मचारी-अनुकूल बनाया गया है। सुशासन एवं अभिसरण विभाग के गठन से जन-विश्वास आधारित शासन तंत्र को और मजबूती मिली है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पेंशन, ग्रेच्युटी एवं अन्य सेवानिवृत्ति लाभों के समयबद्ध भुगतान पर विशेष ध्यान दिया गया है, ताकि कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के समय किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। छत्तीसगढ़ पेंशन फंड की स्थापना कर तथा पेंशन फंड विधेयक को विधानसभा से पारित कर राज्य ने इस दिशा में एक मजबूत विधायी आधार भी प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि ई-ऑफिस, ऑनलाइन सेवाओं और तकनीकी नवाचारों के माध्यम से कर्मचारियों की कार्यक्षमता को सशक्त बनाया गया है, वहीं प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास कार्यक्रमों के जरिए उन्हें बदलते समय के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है। एक समय नक्सलवाद प्रदेश के लिए बड़ी चुनौती था, लेकिन हमारे सुरक्षा बलों ने अद्वितीय साहस और पराक्रम से इसका डटकर मुकाबला किया है। उन्होंने मंच से सुरक्षा बलों की वीरता को नमन करते हुए कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के लिए बेहतर और मानवीय पुनर्वास नीति लागू की गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प के अनुरूप 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद के समूल उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बस्तर क्षेत्र में शांति व्यवस्था तेजी से स्थापित हो रही है और ‘नियद नेल्ला नार’ योजना के माध्यम से सुदूर वनांचलों तक बिजली, पानी और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय लक्ष्य के अनुरूप राज्य सरकार ने भी ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047’ तैयार कर प्रदेश के विकास को नई दिशा और गति दी है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष योगेश दत्त मिश्रा, राष्ट्रीय राज्य कर्मचारी संघ के अखिल भारतीय अध्यक्ष गौरव कुमार सोनी, महामंत्री राजेन्द्र कुमार श्रीवास्तव, राज्य कर्मचारी संघ छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष अरूण तिवारी, प्रदेश महामंत्री अश्वनी चेलक तथा बड़ी संख्या में कर्मचारी-अधिकारी उपस्थित थे।  

डिप्टी सीएम साव के नेतृत्व में विश्व रिकॉर्ड की तैयारी, राष्ट्रीय युवा दिवस पर 1500 से ज्यादा बच्चे बनेंगे स्वामी विवेकानंद

बिलासपुर उप मुख्यमंत्री सह खेल मंत्री अरुण साव ने बताया कि, 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद जी की जयंती को पूरा देश राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाता है। छत्तीसगढ़ में अलग अलग प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। कई स्थानों में स्वदेशी दौड़ का आयोजन होगा। उन्होंने कहा कि, खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा युवा रत्न अवार्ड भी प्रदान किया जाएगा। डिप्टी सीएम अरुण साव ने बताया कल 12 जनवरी को उनके नेतृत्व में खेल एवं युवा कल्याण विभाग बिलासपुर में विश्व रिकॉर्ड बनाने जा रहा है। पुलिस ग्राउंड बिलासपुर में 1500 से अधिक बच्चे विश्व रिकॉर्ड बनाने स्वामी विवेकानंद की वेशभूषा में इकट्ठे होंगे और वंदे मातरम् का गान करेंगे। एक साथ 1500 स्कूली बच्चे नशा ना करने की शपथ लेंगे। साथ ही कंपनी गार्डन, बिलासपुर में विवेकानंद जी की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने जानकारी दी कि पुलिस ग्राउंड बिलासपुर में 5500 स्क्वायर फीट से बड़ी आकर्षक और विशाल रंगोली से भी स्वामी विवेकानंद का चित्र बनाया जा रहा है।  राष्ट्रीय युवा दिवस पर इस बार बिलासपुर देश भर में आकर्षण का केंद्र रहने वाला है, ये बिलासपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है।