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नए साल के जश्न से पहले बस्तर पुलिस सतर्क: शांति-सुरक्षा के लिए सख्त इंतजाम

जगदलपुर नए वर्ष के स्वागत को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। इस दौरान शहर और ग्रामीण इलाकों में विभिन्न कार्यक्रमों और आयोजनों की तैयारियां जोरों पर है। हालांकि बीते वर्षों के अनुभवों को देखते हुए इन आयोजनों के दौरान विवाद, अव्यवस्था और हादसों की आशंका भी बनी रहती है। खासकर शराब के नशे में वाहन चलाने से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में कई बार लोगों को अपनी जान तक गंवानी पड़ी है। इन सभी संभावित खतरों को ध्यान में रखते हुए बस्तर पुलिस इस बार पहले से ही पूरी तरह अलर्ट मोड पर नजर आ रही है। करीब डेढ़ सौ सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से कंट्रोल रूम से 24 घंटे शहर पर निगरानी रखी जा रही है। बस्तर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश्वर नाग ने बताया कि नए वर्ष को लेकर पुलिस ने एक विस्तृत ब्लूप्रिंट तैयार किया है, जिस पर सभी थाना प्रभारियों को सख्ती से अमल करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि नए वर्ष के दौरान जिन स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, वहां आयोजनकर्ताओं के साथ बैठक कर उन्हें सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। ध्वनि विस्तारक यंत्रों के सीमित और तय मानकों के अनुसार उपयोग के साथ-साथ ऐसे गानों या भीड़भाड़ से बचने को कहा गया है, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर हो रही कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नाग ने बताया, शहर में शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ लगातार मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के तहत कार्रवाई की जा रही है, जिसे नए वर्ष तक और अधिक सख्ती के साथ चलाया जाएगा। इसके साथ ही शहर में लगाए गए करीब डेढ़ सौ सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से कंट्रोल रूम से 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है। इन कैमरों की मदद से अवैध गतिविधियों और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों की पहचान कर मौके पर कार्रवाई की जा रही है। वहीं ई-चालान काटकर संबंधित वाहन चालकों के पते पर भेजे जा रहे हैं। चप्पे-चप्पे पर जवान तैनात किए गए हैं। कुल मिलाकर नए वर्ष का जश्न शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से मनाया जा सके, इसके लिए बस्तर पुलिस हर स्तर पर मुस्तैद और पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है।

छत्तीसगढ़वासियों के लिए खुशखबरी: पीएम आवास योजना में मिलने वाली राहत पर राज्य सरकार ने केंद्र को प्रस्ताव भेजा

रायपुर  राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की अवधि एक वर्ष बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा है। प्रस्ताव में योजना को 26 दिसंबर 2026 तक विस्तारित करने का अनुरोध किया गया है, जिसे लेकर मंजूरी मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। राज्य पर विशेष प्रभाव नहीं अधिकारियों का कहना है कि यदि योजना बंद भी होती है, तो राज्य पर इसका विशेष प्रभाव नहीं पड़ेगा, क्योंकि अधिकांश आवासों का कार्य प्रारंभ हो चुका है। वर्तमान स्थिति में योजना के तहत स्वीकृत कुल आवासों में से केवल 481 आवासों का निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं हो पाया है, जबकि 25,758 आवास प्रगतिरत हैं। यदि नगर निगम और नगर पालिकाएं प्रगतिरत आवासों का निर्माण 31 दिसंबर 2025 तक पूर्ण कर उसका क्लेम प्रस्तुत करती हैं, तो संबंधित राशि जारी कर दी जाएगी। योजना के अंतर्गत घटक लाभार्थी आधारित व्यक्तिगत आवास निर्माण (बीएलसी) के तहत 2,06,118 और भागीदारी में किफायती आवास निर्माण (एएचपी) के तहत 27,475 आवास स्वीकृत किए गए थे। 2,17,022 आवास पूरे दोनों घटकों के तहत स्वीकृत आवासों में से 2,17,022 आवास पूरे कर लिए गए हैं। कुल मिलाकर 89 प्रतिशत आवास पूर्ण किए जा चुके हैं। नगरीय प्रशासन विभाग को नवंबर में केंद्रीय आवासन व शहरी कार्य मंत्रालय से पत्र प्राप्त हुआ था, जिसमें उल्लेख किया गया था कि पीएम आवास योजना (शहरी) की अवधि दिसंबर 2025 में समाप्त हो रही है। पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया था कि अप्रारंभ आवासों के लिए किसी प्रकार की राशि जारी नहीं की जाएगी और ऐसे आवासों को दिसंबर 2025 तक पूर्ण किया जाना संभव नहीं होने की स्थिति में निर्माण कार्य शुरू न किया जाए। केंद्र से मिले निर्देशों के आधार पर नगरीय प्रशासन विभाग ने सभी नगरीय निकायों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए थे। साथ ही, राज्य सरकार की ओर से योजना की समयावधि बढ़ाने के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजा गया है, ताकि प्रगतिरत आवासों का निर्माण पूरा कराया जा सके। आवासों की स्थिति घटक का नाम- स्वीकृत- पूर्ण – प्रगतिरत – अप्रारंभ बीएलसी- 2,06,118 – 1,89,547 – 16,264 – 307 एएचपी- 37,143 – 27,475 – 9,494 – 174 छत्तीसगढ़ में इंतजार की लंबी कतार राजस्थान के दौसा जिले में नवल किशोर मीणा और संतोष मीणा पिछले सात साल से अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं. कड़ाके की ठंड में यह परिवार खेतों के बीच तिरपाल और बांस-बल्लियों के सहारे जिंदगी गुजार रहा है. जिला कलेक्टर का कहना है कि तकनीकी कारणों से मकान नहीं मिल पाए हैं.  वहीं, छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में अनु जैसी महिलाएं फॉर्म भरकर सालों से बैठी हैं, उन्हें पीएम मोदी के वादे पर भरोसा तो है, लेकिन सिस्टम की सुस्ती से उनके पक्के घर की उम्मीद अब दम तोड़ रही है. पंजाब में अधिकारियों की गलती का भारी खामियाजा पंजाब के फरीदकोट में प्रशासन की एक गलत सलाह ने गरीबों को सड़क पर ला दिया है. नगर पालिका ने 284 परिवारों से कहा कि अगर योजना का लाभ चाहिए तो पुराने मकान तोड़ने होंगे. लोगों ने पैसे की उम्मीद में अपने आशियाने उजाड़ दिए, लेकिन अब अधिकारी वेरिफिकेशन में गलती की दलील देकर राशि देने से इनकार कर रहे हैं. आज ये परिवार धर्मशालाओं में रहने को मजबूर हैं और अपने हक के लिए नगर पालिका के बाहर धरना दे रहे हैं. सात करोड़ से अधिक की राशि अब भी अधर में है. हरियाणा और महाराष्ट्र में अटकी दूसरी किस्त हरियाणा के करनाल में श्यामलाल जैसे लाभार्थियों ने पहली किस्त मिलने के बाद उधार लेकर मकान का काम शुरू करवाया, लेकिन दूसरी किस्त साल भर से नहीं आई. अब वे आधे-अधूरे घर को छोड़कर दूसरों के मकानों में किराए पर रह रहे हैं. महाराष्ट्र के पुणे में भी देवराम कडाले को दो साल पहले अर्जी देने के बाद सिर्फ 85 हजार रुपये मिले हैं, जबकि डेढ़ लाख का वादा था. देश के कई हिस्सों में लाभार्थी अफसरों के चक्कर काटकर थक चुके हैं, पर उनकी सुनवाई नहीं हो रही है. सिस्टम के पेच में फंसा गरीबों का आशियाना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प है कि जब तक हर गरीब को पक्का घर नहीं मिल जाता, वे रुकने वाले नहीं हैं. उन्होंने पिछले 11 साल में 4 करोड़ घर बनाने और अगले 3 करोड़ नए घर बनाने का टारगेट रखा है. हालांकि, आजतक की पड़ताल बताती है कि सरकारी बाबू और फंड की कमी इस नेक योजना के रास्ते में रोड़ा बन रहे हैं. जब तक ग्राउंड लेवल पर किस्तों का भुगतान समय पर नहीं होगा और भ्रष्टाचार कम नहीं होगा, तब तक गरीबों की किस्मत नहीं बदलेगी.

राज्य के 53 नगरीय निकायों में ऑनलाइन प्रापर्टी टैक्स जमा करने की सुविधा

स्थानीय स्वशासन को आधुनिक बनाने और नागरिकों को घर बैठे सेवाएं मुहैया कराने नगरीय प्रशासन विभाग की पहल कोंडागांव, नारायणपुर, कांकेर, किरंदुल, बड़े बचेली, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, जशपुर, बलरामपुर, सूरजपुर, मनेन्द्रगढ़, बैकुंठपुर और शिवपुर चरचा  जैसे दूरस्थ नगर पालिकाओं में भी लोग ऑनलाइन जमा कर रहे टैक्स रायपुर.  स्थानीय स्वशासन को आधुनिक बनाने और नागरिकों को घर बैठे सेवाएं मुहैया कराने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग लगातार नई पहल कर रहा है। शहरों में रहने वाले परिवारों की सुविधा के लिए 53 नगरीय निकायों में ऑनलाइन प्रापर्टी टैक्स जमा करने की सुविधा प्रदान की जा रही है। इस सुविधा से लोग अपने घर या कार्यस्थल से किसी भी समय अपने संपत्ति कर का भुगतान कर सकते हैं। ऑनलाइन प्रापर्टी टैक्स जमा करने की सुविधा वाले नगरीय निकायों के नागरिकों को संपत्ति कर जमा करने अब न तो किसी कार्यालय में जाने की जरूरत है और न ही लाइन लगने की। वे अपनी सुविधा से किसी भी समय इसे जमा कर सकते हैं। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने लोगों को घर बैठे संपत्ति कर जमा करने की सुविधा प्रदान करने इस साल अगस्त में 46 नए नगरीय निकायों में यह सुविधा प्रारंभ की है। पहले केवल राज्य के सात नगर निगमों रायपुर, दुर्ग, रिसाली, भिलाई, बिलासपुर, कोरबा और रायगढ़ में ही ऑनलाइन प्रापर्टी टैक्स जमा करने की सुविधा थी। अगस्त-2025 में तीन और नगर निगमों बीरगांव, भिलाई-चरोदा एवं धमतरी के साथ ही 43 नगर पालिकाओं में भी इस सुविधा को लॉन्च किया गया है। जीआईएस आधारित प्रॉपर्टी टैक्स लाइव पोर्टल के जरिए अब प्रदेशभर के 53 नगरीय निकायों में ऑनलाइन प्रापर्टी टैक्स जमा किए जा सकते हैं। इन नगर पालिकाओं में है ऑनलाइन प्रापर्टी टैक्स जमा करने की सुविधा मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस साल 12 अगस्त को नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा बिलासपुर में आयोजित ‘स्वच्छता संगम’ में 43 नगर पालिकाओं में जीआईएस आधारित प्रॉपर्टी टैक्स लाइव पोर्टल को लॉन्च किया था। अगस्त-2025 से तिल्दा-नेवरा, गोबरानवापारा, आरंग, गरियाबंद, बलौदाबाजार, भाटापारा, महासमुंद, बागबहरा, सराईपाली, कुम्हारी, अहिवारा, जामुल, बालोद, दल्लीराजहरा, बेमेतरा, डोंगरगढ़, खैरागढ़, कवर्धा, कोंडागांव, नारायणपुर, कांकेर, किरंदुल, बड़े बचेली, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, तखतपुर, रतनपुर, मुंगेली, दीपका, कटघोरा, जांजगीर-नैला, चांपा, सक्ती, अकलतरा, खरसिया, सारंगढ़, जशपुर नगर, बलरामपुर, सूरजपुर, मनेन्द्रगढ़, बैकुंठपुर और शिवपुर चर्चा नगर पालिकाओं में नागरिकों को ऑनलाइन प्रापर्टी टैक्स जमा करने की सुविधा मिल रही है। "छत्तीसगढ़ के सभी नागरिकों को पारदर्शी, सरल और सुविधाजनक सेवाएँ उपलब्ध कराना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। नगरीय निकायों में ऑनलाइन प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने की सुविधा इसी दिशा में उठाया गया एक बड़ा कदम है। अब लोगों को कर जमा करने के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं और न ही लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है। हमें प्रसन्नता है कि कोंडागांव, नारायणपुर, कांकेर, दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर जैसे दूरस्थ क्षेत्रों तक भी डिजिटल सुविधाएँ पहुँच रही हैं और लोग घर बैठे ऑनलाइन टैक्स जमा कर रहे हैं। यह स्थानीय स्वशासन के आधुनिकीकरण के साथ-साथ ‘डिजिटल छत्तीसगढ़’ के हमारे संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। हमारा लक्ष्य है कि शहरी सेवाओं को पूरी तरह ऑनलाइन और नागरिक-केंद्रित बनाया जाए, ताकि प्रत्येक परिवार को सुविधा, पारदर्शिता और समय की बचत—तीनों का लाभ मिल सके।"-मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय “नगरीय निकायों में ऑनलाइन प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने की सुविधा से शहरों के लाखों नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ मिला है। यह व्यवस्था पारदर्शी शासन, ई-गवर्नेंस और डिजिटल सेवाओं के विस्तार की दिशा में बड़ा सुधार है। अब कोंडागांव, नारायणपुर, कांकेर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर जैसे दूरस्थ नगर पालिकाओं के लोग भी घर बैठे आसानी से टैक्स जमा कर पा रहे हैं। इससे नागरिकों का समय बचेगा, भ्रष्टाचार की संभावना कम होगी और स्थानीय स्वशासन की कार्यकुशलता बढ़ेगी। हमारी सरकार शहरी सेवाओं को पूरी तरह ऑनलाइन, सरल एवं नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।”- उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव

सलमान खान का 60वां बर्थडे धमाका: फार्महाउस पर ग्रैंड पार्टी, ‘द बैटल ऑफ गलवान’ का टीजर करेगा सरप्राइज

मुंबई सलमान खान का 27 दिसंबर को 60वां बर्थडे है और इसके लिए खास तैयारियां की गई हैं। जहां पनवेल फार्महाउस पर एक ग्रैंड पार्टी की तैयारी है, वहीं सलमान फैंस को एक शानदार सरप्राइज देने वाले हैं। खबर है कि सलमान पनवेल फार्महाउस पर 60वां बर्थडे परिवार और करीबी दोस्तों के साथ मनाएंगे। फैंस काफी समय से बड़ी बेसब्री से सलमान के बर्थडे का इंतजार कर रहे थे, और अब जब वह दिन आ गया है तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं है। सलमान भी फैंस के लिए एक बड़े सरप्राइज के साथ तैयार हैं। सलमान खान के 60वें बर्थडे के मौके पर एक स्पेशल वीडियो दिखाया जाएगा, जिसमें एक्टर संग काम कर चुके सभी डायरेक्टर्स का खास मैसेज होगा। चलिए आपको बताते हैं कि सलमान के 60वें बर्थडे के लिए क्या प्लान है। सलमान के 60वें बर्थडे की गेस्ट लिस्ट, स्पेशल वीडियो मैसेज 'इंडियाटुडे' की रिपोर्ट के मुताबिक, सलमान की पार्टी में जो शामिल होंगे, इनका नाम तो सामने नहीं आया है, पर गेस्ट लिस्ट काफी छोटी और बेहद खास होगी। सलमान ने पार्टी में सिर्फ उन्हीं लोगों को बुलाया है, जो उनके दिल के करीब हैं। इसमें परिवार, रिश्तेदार और दोस्तों के अलावा वो डायरेक्टर्स भी शामिल हैं, जिनके साथ उन्होंने आज तक काम किया है। सलमान की पार्टी में पूरा फोकस प्रोफेशनल और पर्सनल रिश्तों पर रहेगा। यहां सितारों को कोई जमावड़ा देखने को नहीं मिलेगा। 'द बैटल ऑफ गलवान' का टीजर 2-4 बजे के बीच होगा रिलीज बताया जा रहा है कि सलमान 60वें बर्थडे पर पपाराजी के साथ भी केक काटेंगे। इसके अलावा फैंस को खास सरप्राइज भी देंगे। दरअसल, उनके 60वें बर्थडे पर मेकर्स ने 'द बैटल ऑफ गलवान' का टीजर रिलीज करने का फैसला किया है। यानी 27 दिसंबर को सलमान की इस नई फिल्म का टीजर रिलीज किया जाएगा। कहा जा रहा है कि दोपहर 2 बजे से 4 बजे के बीच टीजर रिलीज किया जाएगा। 'द बैटल ऑफ गलवान' की कहानी और सलमान खान का किरदार 'द बैटल ऑफ गलवान' साल 2020 में चीन और भारत के बीच गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प पर आधारित है। फिल्म में सलमान ने कर्नल बी. संतोष बाबू का किरदार निभाया है, जो 16 बिहार रेजिमेंट के कमांडिंग अफसर थे, और देश के लिए लड़ते हुए शहीद हो गए थे। बी. संतोष बाबू को मरणोपरांत देश के दूसरे सर्वोच्च वीरता पुरस्कार महावीर चक्र से सम्मानित किया गया था। फिल्म में चित्रांगदा सिंह भी हैं और इसे अपूर्व लाखिया ने डायरेक्ट किया है।

प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: गड़बड़ी मिलने पर दो राशन दुकानों का संचालन बंद

रायपुर  सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत वर्तमान में ई-पॉस मशीन के माध्यम से आधार आधारित प्रमाणीकरण कर राशनकार्डधारियों को खाद्यान्न का वितरण किया जा रहा है। अधिकारियों की टीम ने जांच के दौरान कुछ उचित मूल्य दुकानों में अनियमितताएं पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की। दो दुकानों का संचालन समाप्त किया गया। वहीं एक दुकान संचालक पर अर्थदंड लगाया गया। हितग्राही अपने राशन प्राप्त करने के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन कर सामग्री का उठाव कर रहे हैं, जिससे पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित होती है। इस व्यवस्था के माध्यम से वास्तविक पात्रों तक ही खाद्यान्न की आपूर्ति पहुंचाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण संचालनालय द्वारा उचित मूल्य दुकानों की नियमित मॉनिटरिंग के लिए अधिकारियों की टीम गठित की गई है। इन टीमों ने विभिन्न उचित मूल्य दुकानों का निरीक्षण एवं जांच कार्य किया। निरीक्षण के दौरान वितरण प्रक्रिया, रिकॉर्ड संधारण तथा आधार प्रमाणीकरण की स्थिति का विशेष रूप से परीक्षण किया गया। जांच के दौरान कुछ उचित मूल्य दुकानों में अनियमितताएँ पाई गईं। अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित दुकान संचालकों के विरुद्ध नियंत्रक प्रावधानों के अनुसार सख्त कार्रवाई की गई। खाद्य नियंत्रक, जिला रायपुर ने आईडी क्रमांक 441001314 “मां भगवती खाद्य सुरक्षा पोषण एवं उपभोक्ता सहकारी समिति, बैरन बाजार” तथा आईडी क्रमांक 441001256 “श्री जय शीतला काली खाद्य सुरक्षा पोषण एवं उपभोक्ता सेवा सहकारी समिति, बढ़ईपारा” से दुकान संचालन का अधिकार समाप्त कर उन्हें अन्य उचित मूल्य दुकानों में संलग्न किया गया है। इसके अतिरिक्त आईडी क्रमांक 441001148 “दूधाधारी महिला प्राथमिक सहकारी उपभोक्ता भंडार, महामाया मंदिर वार्ड क्रमांक-62” को अनियमितता पाए जाने पर ₹7000 का अर्थदंड अधिरोपित कर कड़ी चेतावनी दी गई। खाद्य सचिव रीना बाबासाहेब कंगाले ने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत राज्य की किसी भी उचित मूल्य दुकान में खाद्यान्न वितरण में अनियमितता पाए जाने पर छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश, 2016 के प्रावधानों के अंतर्गत कड़ी एवं आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। राज्य सरकार पारदर्शी, जवाबदेह एवं लाभार्थी-केंद्रित खाद्यान्न वितरण प्रणाली के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है।

शराब घोटाले में बड़ी कार्रवाई: ED ने दाखिल किया 29,000+ पन्नों का अंतिम चालान, 82 आरोपी कटघरे में

रायपुर छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में ED ने आज कोर्ट में लगभग 29 हजार 800 से अधिक पन्नों का अंतिम चालान पेश किया. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर 82 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पेश की गई है. अब मामले का ट्रायल शुरू होगा. क्या है शराब घोटाला ? छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में ED जांच कर रही है. ED ने ACB में FIR दर्ज कराई है. दर्ज FIR में 3200 करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटाले की बात कही गई है. इस घोटाले में राजनेता, आबकारी विभाग के अधिकारी, कारोबारी सहित कई लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज है. ED ने अपनी जांच में पाया है कि तत्कालीन भूपेश सरकार के कार्यकाल में IAS अफसर अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी AP त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के सिंडिकेट के जरिए घोटाले को अंजाम दिया गया था. अब तक इनकी हो चुकी है गिरफ्तारी शराब घोटाला मामले में अब तक कई बड़े नामों की गिरफ्तारी हो चुकी है. इनमें पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल, पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा, अनवर ढेबर, सौम्य चौरसिया शामिल हैं। इसके अलावा आबकारी विभाग के 28 अधिकारियों को भी आरोपी बनाया गया था, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी है।

31 जनवरी तक ही माओवादी समर्पण विकल्प, फरवरी से सख्त कार्रवाई, योजनाओं का लाभ बंद

रायपुर  माओवादी हिंसा उन्मूलन के लिए नए साल में सरकार और कड़ा रुख अपनाने जा रही है। केंद्र और राज्य सरकार ने जनवरी, फरवरी और मार्च के लिए रणनीति तय की है। इसके तहत माओवादियों को 31 जनवरी 2026 तक ही समर्पण का विकल्प मिलेगा और वे पुनर्वास योजना का लाभ ले सकेंगे। माओवादी हिंसा उन्मूलन के लिए नए साल में बदलेगी रणनीति समर्पित मओवादियों को आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति-2025 के तहत नकद प्रोत्साहन, प्रशिक्षण, नौकरी व स्वरोजगार के लिए सब्सिडी और आवास की सुविधा दी जा रही है। सुरक्षा तंत्र से जुड़े राज्य के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि फरवरी से माओवादियों के लिए चल रही आत्मसमर्पण की नीति समाप्त कर दी जाएगी। इसके बाद सुरक्षा बलों द्वारा माओवादियों के ठिकानों में घुसकर उन्हें चारों ओर से घेरने और निर्णायक कार्रवाई करने की रणनीति पर अमल किया जाएगा। साझा रणनीति तय केंद्र और राज्य सरकार ने जनवरी, फरवरी और मार्च के लिए साझा रणनीति तय की है। जनवरी के बाद माओवादियों को उनकी मांद के भीतर ही घुसकर गोली का जवाब गोली से दिया जाएगा। मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ समेत पूरे देश को माओवादी हिंसा से मुक्त करने के लिए नरेन्द्र मोदी, अमित शाह ने संकल्प लिया है। प्रदेश में विष्णु देव साय और विजय शर्मा इस मुहिम में निरंतर लगे हुए हैं। माओवादी अधिक संख्या में मुख्य धारा में लौटें, इसके लिए लगातार उन्हें आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित किया जा रहा है। अभी आत्मसमर्पित माओवादियों को आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति-2025 के तहत नकद प्रोत्साहन, प्रशिक्षण, नौकरी व स्वरोजगार के लिए सब्सिडी और आवास की सुविधा दी जा रही है। कर्रेगुट्टा पहाड़ी में हुए आपरेशन की तर्ज पर बनी रणनीति सुरक्षा तंत्र से जुड़े राज्य के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एक फरवरी से माओवादियों के लिए चल रही आत्मसमर्पण की नीति पर विराम लगाकर माओवादियों के खिलाफ लड़ाई तेज होगी। सुरक्षा बलों द्वारा माओवादियों के ठिकानों में घुसकर उन्हें चारों ओर से घेरने और निर्णायक कार्रवाई करने की रणनीति पर अमल किया जाएगा। सुरक्षा बलों ने माओवादियों के सबसे सुरक्षित गढ़ को ध्वस्त किया था बीजापुर जिले की कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर जिस तरह सुरक्षा बल के जवानों ने माओवादियों के सबसे सुरक्षित गढ़ को ध्वस्त किया था, ठीक उसी तरह अन्य ठिकानों को भी ध्वस्त किया जाएगा। इसके लिए राज्य से लगे पड़ोसी राज्यों से सुरक्षा बलों की मदद ली जाएगी। जरूरत पड़ने पर ऑपरेशन को सफल बनाने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों को भी बस्तर में उतारा जा सकता है। इस व्यापक अभियान को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के बीच सहमति बन चुकी है। बता दें कि मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ समेत पूरे देश को माओवादी हिंसा से मुक्त करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह ने संकल्प लिया है। 'छत्तीसगढ़ में कांग्रेस नेताओं को नहीं मारना चाहते थे माओवादी' झीरम घाटी में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा पर माओवादी हमले को 12 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन हाल के दिनों में भाजपा और कांग्रेस नेताओं के बीच बयानबाजी के बाद यह मामला सुर्खियों में है। 17 अक्टूबर को समर्पण करने वाले पूर्व माओवादी केंद्रीय समिति सदस्य रूपेश उर्फ सतीश ने दावा किया कि झीरम हमला किसी राजनीतिक साजिश के तहत सुनियोजित नहीं था। यह टीसीओसी (टैक्टिकल काउंटर आफेंसिव कैंपेन) के तहत पुलिस बल को निशाना बनाने की योजना थी, लेकिन दुर्भाग्यवश इसकी चपेट में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा आ गई। माओवादियों ने कवासी लखमा को छोड़ दिया गया था रूपेश ने बताया कि स्थानीय पहचान के कारण कवासी लखमा को छोड़ दिया गया था। लखमा वर्तमान में कांग्रेस से विधायक हैं। बता दें कि 25 मई 2013 को माओवादियों ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता महेंद्र कर्मा, नंद कुमारपटेल व विद्याचरण शुक्ल सहित 30 से अधिक लोगों की हत्या कर दी थी। उन्होंने कहा कि भाकपा (माओवादी) की पोलित ब्यूरो और केंद्रीय समिति की बैठकों में इस हमले को संगठन की बड़ी रणनीतिक भूल के रूप में स्वीकार किया गया था। पार्टी ने इस संबंध में पत्र जारी कर सार्वजनिक रूप से अपनी गलती भी मानी थी।  माओवादी आंदोलन सीमित दायरे में सिमट गया रूपेश ने कहा कि माओवादी आंदोलन सीमित दायरे में सिमट गया और जनता का भरोसा धीरे-धीरे टूटता चला गया। बस्तर में ईसाई मिशनरियों द्वारा बड़े पैमाने पर मतांतरण के बावजूद माओवादियों की चुप्पी के सवाल परउन्होंने कहा कि इससे हमें नुकसान ही हुआ, क्योंकि लोग चर्च से जुड़ जाते हैं और संगठन में नहीं आते हैं। शव पर हथियार लेकर नृत्य करना था गलत कांग्रेस नेता महेंद्र कर्मा के शव पर हथियार लेकर नृत्य करने को लेकर रूपेश ने कहा कि मैं भी इसे व्यक्तिगत रूप से बहुत गलत मानता हूं। शीर्ष माओवादी देवजी के अब तक समर्पण नहीं करने पर कहा कि वह केंद्रीय पोलित ब्यूरो सदस्य है। वह मानता है कि संघर्ष को मरने नहीं देना है, भले ही हम मर जाएं।      

धर्मांतरण कानून पर कांग्रेस का सवाल: पूर्ण बहुमत के बाद भी BJP नाकाम, अराजक तत्वों को मिल रहा संरक्षण

रायपुर छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने आज कानून व्यवस्था और सर्व समाज द्वारा किए गए बंद को लेकर जिला कांग्रेस भवन प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान रायपुर जिला कांग्रेस अध्यक्ष कुमार मेनन, ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष राजेंद्र पप्पू बंजारे, पूर्व विधायक विकास उपाध्याय, पूर्व महापौर प्रमोद दुबे सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे. प्रेस वार्ता में नेताओं ने राज्य की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए भाजपा और आरएसएस पर गंभीर आरोप लगाए हैं. पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि जब बहुमत में नहीं थे तब धर्मांतरण के खिलाफ कानून बनाने की बात करते थे. अब जब बहुमत में हैं तो धर्मांतरण को लेकर कानून क्यों नहीं बना रहे हैं ? भाजपा जानबूझकर कानून नहीं बना रही है, ताकि धर्मांतरण का मुद्दा जारी रहे. उन्होंने सरकार पर अशांति फैलाने वालों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा कि थाने में लोगों के साथ मारपीट हो रही. जो लोग बंद के नाम पर तोड़फोड़ कर रहे ,उन्हें सरकार का संरक्षण प्राप्त है. पूर्व महापौर प्रमोद दुबे ने भी राज्य की कानून व्यवस्था पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि सर्व समाज के नाम पर बंद का आह्वान किया गया, लेकिन किसी समाज का मुखिया नजर नहीं आया. चैंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा बंद को समर्थन देने पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि वह पिट्ठू की तरह काम कर रहा है. प्रमोद दुबे ने मॉल में हुई घटना की निंदा करते हुए पूछा कि “बंद कराने वाले कौन थे, भाजपा नेता और उनके साथ विश्व हिंदू परिषद के लोग !” उन्होंने कहा कि जब हर जगह भाजपा की सरकार है तो धर्मांतरण को लेकर स्पष्ट कानून क्यों नहीं बना पा रहे हैं. पूर्व महापौर प्रमोद दुबे ने आगे कहा कि कभी शांति का टापू कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ में अराजकता का माहौल बन गया है. उन्होंने इसे पहला ऐसा बंद बताया, जिसमें कहीं भी ज्ञापन नहीं सौंपा गया. कांग्रेस ने सरकार से धर्मांतरण से जुड़े मामलों के आंकड़े सार्वजनिक करने और इस पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग दोहराई. साथ ही सवाल उठाया कि क्या अब समाज के लोग स्वतंत्र रूप से अपने त्योहार भी नहीं मना सकते. वहीं जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्री कुमार मेनन ने कहा कि छत्तीसगढ़ सहित देश में जिस तरह की व्यवस्था देखने को मिल रही है, वह तालिबान शासन जैसी प्रतीत होती है. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री का अपने अनुषांगिक संगठनों पर कोई नियंत्रण नहीं है. कांकेर की घटना और उसके बाद क्रिसमस मनाने वाले लोगों के साथ किया गया व्यवहार शर्मनाक है. मेनन ने कहा कि छत्तीसगढ़ का मजदूर जब मजदूरी करने बाहर जाता है तो उसे मॉब लिंचिंग का शिकार बनाया जाता है, और इस पर भाजपा व आरएसएस के लोग चुप रहते हैं. उन्होंने भाजपा पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि दुर्ग में धर्मांतरण के आरोप में नन की गिरफ्तारी हुई, उसके बाद जो हुआ , तो यही बीजेपी के लोग छुड़ाने आए थे. अब फिर से यही सब हो रहा है.

कोण्डागांव की योगिता मंडावी को जूडो में प्रदर्शन के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार

कोण्डागांव की योगिता मंडावी को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार जूडो में उत्कृष्ट प्रदर्शन पर योगिता मंडावी राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी बधाई और शुभकामनाएं रायपुर  छत्तीसगढ़ के कोण्डागांव जिले की प्रतिभाशाली बालिका योगिता मंडावी ने जूडो खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश और देश का नाम गौरवान्वित किया है। छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद द्वारा संचालित बालिका गृह, कोण्डागांव में पली-बढ़ी योगिता को उनकी उल्लेखनीय खेल उपलब्धियों के लिए प्रतिष्ठित प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित भव्य समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु द्वारा योगिता मंडावी को यह राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया गया। समारोह में देशभर से चयनित प्रतिभाशाली बच्चों को विभिन्न क्षेत्रों जैसे खेल, नवाचार, सामाजिक सेवा, कला एवं संस्कृति आदि में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय है कि योगिता मंडावी ने कम उम्र में ही जूडो खेल में अपनी विलक्षण प्रतिभा का परिचय दिया है। मात्र 13 वर्ष की आयु में उन्होंने राज्य की श्रेष्ठ जूडो खिलाड़ी का दर्जा प्राप्त किया। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की विभिन्न प्रतियोगिताओं में लगातार पदक अर्जित कर अपनी निरंतर प्रगति और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने योगिता मंडावी की इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है तथा कहा कि प्रतिभाशाली बच्चों की सफलता से नई पीढ़ी को आगे बढ़ने और अपने सपनों को साकार करने की प्रेरणा मिलती है। योगिता की उपलब्धि न केवल छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है, बल्कि बालिका गृह एवं बाल कल्याण संस्थाओं में रह रहे बच्चों के लिए प्रेरणा का सशक्त स्रोत भी है। उन्होंने यह साबित किया है कि संसाधनों की सीमाएँ नहीं, बल्कि सपनों के प्रति लगन और परिश्रम ही सफलता का वास्तविक आधार है।

धीरेंद्र शास्त्री बोले—भक्ति और राष्ट्रवाद अंधविश्वास नहीं, देश छोड़ दें जो ऐसा मानते हैं

रायपुर  छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने धर्म परिवर्तन के मुद्दे पर कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि देश में धर्म परिवर्तन कैंसर से भी ज्यादा खतरनाक है और इसके खिलाफ सनातन धर्म एवं हिंदू परंपरा के सभी अनुयायी मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि धर्म परिवर्तन के तीन मुख्य कारण अशिक्षा, अंधविश्वास और आर्थिक तंगी हैं। इन तीनों कारणों को दूर करने की जिम्मेदारी समाज के समृद्ध और जागरूक वर्ग की है, ताकि हिंदू समाज को मजबूत किया जा सके छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा था कि कथावाचक प्रदीप मिश्रा और धीरेंद्र शास्त्री अंधविश्वास फैला रहे हैं। देश में हिंदू कभी खतरे में नहीं था। अब पं. धीरेंद्र शास्त्री ने भूपेश बघेल के बयान पर पलटवार किया है। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि अगर हिंदू समाज को जोड़ना, भक्ति का प्रचार करना और राष्ट्रवाद के प्रति लोगों को जागरूक करना अंधविश्वास है, तो जिन्हें यह अंधविश्वास लगता है, उन्हें देश छोड़ देना चाहिए। उन्होंने कहा कि, वे नेता नहीं हैं, इसलिए आमतौर पर राजनीतिक बयानों पर प्रतिक्रिया नहीं देते, लेकिन इस मुद्दे पर अपनी बात रखना जरूरी है। उन्होंने आगे कहा कि हिंदू समाज को एकजुट करना, हनुमान भक्ति का प्रचार करना और राष्ट्रवाद की भावना जगाना अंधविश्वास नहीं है। दरअसल, भिलाई के जयंती स्टेडियम में कथावाचक पं. धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री की हनुमंत कथा 25 दिसंबर से 29 दिसंबर तक होगी। गुरुवार को कथा से पहले मीडिया से बातचीत में उन्होंने यह बयान दिया है। राजनीतिक बयानों पर टिप्पणी नहीं करता, लेकिन… धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने स्पष्ट किया कि वे कोई नेता नहीं हैं और सामान्यतः राजनीतिक बयानों पर टिप्पणी नहीं करते. लेकिन इस विषय पर अपनी बात रखना जरूरी समझा. उन्होंने कहा कि हिंदू समाज को मजबूत करना, हनुमान जी की भक्ति फैलाना और राष्ट्रवाद की जागृति लाना किसी भी तरह अंधविश्वास नहीं है. लव जिहाद और जनसांख्यिकीय बदलाव पर चिंता पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने जनसांख्यिकीय बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि एक समुदाय की आबादी प्रतिशत में बढ़ी है, जबकि हिंदुओं की हिस्सेदारी कम हुई है. उन्होंने बांग्लादेश का उदाहरण देते हुए कहा कि अगर समय रहते सतर्क नहीं हुए, तो खतरा साफ नजर आएगा. लव जिहाद का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जब बहन-बेटियां प्रभावित होंगी, तब लोगों को वास्तविक खतरे का अहसास होगा. कई क्षेत्रों में हिंदू अल्पसंख्यक हो चुके हैं, इसलिए अब सनातन एकता पर जोर देना जरूरी है. जशपुर-सरगुजा में चर्च के सामने लगेगा मंच धर्मांतरण के मुद्दे पर धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का हिंदू समाज अब जागृत हो रहा है. वे लगातार प्रदेश आ रहे हैं और भविष्य में सरगुजा-जशपुर क्षेत्र में कथा आयोजित करेंगे, जहां बड़े चर्च के सामने ही मंच स्थापित किया जाएगा. उन्होंने धर्मांतरण के तीन प्रमुख कारण बताए. पहला अशिक्षा, जिसके लिए शिक्षा जागरण जरूरी है. दूसरा आर्थिक कमजोरी, जिसके समाधान के लिए समर्थ हिंदू समाज को गरीबों की मदद करनी चाहिए और गांवों को गोद लेना चाहिए. तीसरा अंधविश्वास, जिसके निवारण के लिए वे दिव्य दरबार आयोजित करते रहेंगे, ताकि हनुमान जी में लोगों का विश्वास और मजबूत हो.  अंधविश्वास में फंस जाते हैं लोग पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि अशिक्षा के कारण लोग जागरूक नहीं हो पाते और अंधविश्वास में फंस जाते हैं, जबकि आर्थिक तंगी से जूझ रहे लोग लालच में आकर धर्म परिवर्तन की ओर बढ़ जाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे पूजा-पाठ के विरोधी नहीं हैं, लेकिन पूजा-पाठ के नाम पर कराए जा रहे धर्म परिवर्तन का विरोध करते हैं। उनका कहना है कि समाज को संगठित होकर इन समस्याओं के समाधान की दिशा में काम करना होगा। बांग्लादेश में हिंदू होना अपराध, भारत में भी हो सकती है ऐसी स्थिति बांग्लादेश के हालात पर धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि, दो दिन पहले वहां एक हिंदू को सिर्फ इसलिए जिंदा जला दिया गया, क्योंकि वह हिंदू था। आज बांग्लादेश में हिंदू होना अपराध बन गया है। भारत के सनातनी हिंदुओं से उन्होंने अपील करते हुए कहा कि यह गंभीर और सोचनीय विषय है। उन्होंने चेतावनी दी कि वह दिन दूर नहीं, जब भारत में भी हिंदू होना अपराध बन सकता है। यही सही समय है हिंदू एकता और हिंदू राष्ट्र की बात करने का। हम 9 राज्यों में हो गए अल्पसंख्यक, वे 6 से बढ़कर हो गए 28% पं. धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि एक वर्ग 6% से बढ़कर 28% हो गया, जबकि हिंदू 90% से घटकर 80% रह गए। अगर अब भी खतरा महसूस नहीं हो रहा, तो शायद बांग्लादेश का नक्शा देखकर ही समझ आएगा। उन्होंने लव जिहाद का जिक्र करते हुए कहा कि, जब बहन-बेटियां इसमें फंसेंगी, तब खतरा महसूस होगा। देश के 9 राज्यों में हिंदू अल्पसंख्यक हो गए हैं। अब हर हिंदू को सनातन एकता पर जोर देना होगा। धर्मांतरण पर बोले- गरीब हिंदुओं को लेना होगा गोद धर्मांतरण के मुद्दे पर पं. धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का हिंदू समाज अब जागने लगा है। वे लगातार प्रदेश आ रहे हैं। आने वाले समय में सरगुजा-जशपुर में कथा करेंगे, जहां एशिया की सबसे बड़ी चर्च के सामने ही मंच लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि धर्मांतरण के 3 मुख्य कारण हैं। अशिक्षा: इसके लिए शिक्षा के प्रति जागरूकता जरूरी है। आर्थिक तंगी: समृद्ध हिंदुओं को गरीब हिंदुओं और गांवों को गोद लेकर उनकी मदद करनी चाहिए। अंधविश्वास: इसके लिए वे दरबार लगाते रहेंगे, जब तक भगवान हनुमान पर लोगों का भरोसा मजबूत नहीं हो जाता। दरबार में होगी घर वापसी, स्वेच्छा से आने निमंत्रण घर वापसी को लेकर धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि स्वेच्छा से फॉर्म भरकर 27 दिसंबर को संदेश दिया गया है। उस दिन दिव्य दरबार लगेगा और जो स्वभाव से सनातन को समझता है, वह वापस लौट सकता है। इसके लिए वे आयोजक से संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि, आने वाले दिनों में वे छत्तीसगढ़ में पदयात्रा करेंगे। इसकी तैयारियां की जा रही हैं। वहीं, मुस्लिम समाज की तरफ से किए गए स्वागत पर उन्होंने कहा कि, यह अच्छी बात है। इसके लिए वे धन्यवाद देते हैं। उन्होंने कहा कि इस देश में जन्म लेने वाले सभी लोग सनातनी हैं और सब हिंदू हैं। संविधान … Read more