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वीबी-जी राम जी अधिनियम से पारदर्शी व्यवस्था एवं समयबद्ध मजदूरी भुगतान होंगे सुनिश्चित : उप मुख्यमंत्री शर्मा

रायपुर, उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने शनिवार को अपने निवास कार्यालय में जिला पंचायत अध्यक्षों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्षों ने अपने क्षेत्रों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और अपेक्षाओं को उपमुख्यमंत्री के समक्ष रखा तथा मानदेय, भ्रमण-यात्रा, आवास एवं अन्य भत्तों में वृद्धि, उचित सुरक्षा व्यवस्था और वाहन किराए में संशोधन जैसी मांगों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उप मुख्यमंत्री शर्मा ने सभी मांगों को गंभीरतापूर्वक सुना और उन पर विस्तृत चर्चा की।       इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) वीबी जी राम जी अधिनियम 2025 सहित जिला पंचायतों से जुड़े प्रमुख विकासात्मक विषयों पर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में जिला पंचायतों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। योजनाओं का वैज्ञानिक नियोजन, आधुनिक तकनीक का उपयोग और जनप्रतिनिधियों का सतत क्षमता विकास ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस और सकारात्मक बदलाव लाएगा।      उप मुख्यमंत्री ने बताया कि नए अधिनियम के तहत अब ग्रामीण परिवारों को 125 दिवस तक रोजगार की गारंटी मिलेगी। जल संरक्षण, ग्रामीण अधोसंरचना, सौर ऊर्जा और आजीविका संवर्धन पर विशेष जोर दिया गया है, साथ ही कमजोर वर्गों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से समयबद्ध मजदूरी भुगतान भी सुनिश्चित किया जाएगा।      उन्होंने आगे बताया कि इस अधिनियम में आवास, पेयजल, स्वच्छता एवं विद्युतीकरण जैसे कार्यों को भी शामिल किया गया है, जिससे गांवों में अधोसंरचना निर्माण को नई गति मिलेगी। ग्राम सभा द्वारा समग्र योजना निर्माण के प्रावधान से कार्यों के दोहराव पर रोक लगेगी और संतुलित विकास सुनिश्चित होगा।       नवीन अधिनियम में पंचायतों को भविष्य के लिए तैयार करते हुए जल सुरक्षा, आजीविका से जुड़ी अधोसंरचनाओं के विकास तथा मौसमी आपदाओं से बचाव पर विशेष फोकस किया गया है। किसानों के हित में राज्य सरकारों को फसल बुवाई और कटाई के चरम समय में प्रतिवर्ष 60 दिवस तक कार्य स्थगन की अधिसूचना जारी करने का प्रावधान भी रखा गया है। प्राकृतिक आपदाओं के दौरान त्वरित राहत पहुंचाने हेतु विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।       बैठक में जिला पंचायत विकास निधि, जनपद पंचायत विकास निधि, मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना, महतारी सदन निर्माण, श्रद्धांजलि योजना, अटल डिजिटल सुविधा केंद्र और क्षमता विकास योजना पर भी अधिकारियों द्वारा विस्तृत जानकारी दी गई। जिला पंचायत अध्यक्षों ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर अपने सुझाव साझा किए।        इसके साथ ही समर्थ पंचायत पोर्टल के माध्यम से स्थानीय निकायों के करों की यूपीआई आधारित संग्रहण व्यवस्था, प्रदर्शन आधारित अनुदान प्रणाली तथा ग्राम संपदा मोबाइल एप द्वारा परिसंपत्तियों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने जनप्रतिनिधियों के लिए आयोजित एक्सपोजर विजिट कार्यक्रमों की रूपरेखा से भी अवगत कराया।

सरकारी हवाई जहाज के इस्तेमाल पर उठे सवाल, ‘शास्त्री’ के सफर को लेकर बैज ने साधा निशाना

रायपुर  पं धीरेंद्र शास्त्री के सरकारी हवाई जहाज के निजी इस्तेमाल पर पीसीसी चीफ दीपक बैज ने हमला बोला है. उन्होंने कहा कि सरकार फिजूल खर्च कर बाबाओं को घूमा रही है. सरकारी हवाई जहाज हवाई टैक्सी बन चुका है. बैज ने पूछा कि सरकारी हवाई जहाज का उपयोग क्या किसी साधु संत के लिए करना चाहिए? ये भी बताया जाए सतना में कौन से कार्यक्रम में शामिल हुए थे. केवल चाय पी कर वह से वापिस आ गए? सरकारी हवाई जहाज को हवाई टैक्सी बना दिया है. रेल किराए की वृद्धि पर बैज ने कसा तंज रेल मंत्रालय द्वारा रेल किराया बढ़ाए जाने को लेकर पीसीसी चीफ दीपक बैज ने तंज कसा है. कहा कि भारतीय रेलवे भगवन भरोसे है. 8 से 12 घण्टे ट्रेने लेट चल रही है. कोई सुविधा नहीं है फिर भी किराया बढ़ाया गया. सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि बीजेपी जनता की जेब को लूटने का काम कर रही है. किसानों के मुद्दे पर बैज मुखर किसानों के मुद्दे को लेकर एक बार फिर पीसीस चीफ दीपक बैज ने बीजेपी पर साधा निशाना है. उन्होंने कहा कि किसान परेशान है. डीएपी यूरिया की कमी और रकबा काटना जैसी परेशानियों से किसान जूझ रहे हैं. धान खरीदी नहीं हो पा रही है. मॉल तोड़फोड़ मामले पर सरकार मूकदर्शक बनी रही : बैज राजधानी के मैग्नेटो मॉल में तोड़फोड़ मामले में पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के विरोध में बजरंग दल ने शनिवार को प्रदर्शन और चक्काजाम किया था. इस मामले पर पीसीसी चीफ दीपक बैज ने प्रतिक्रिया देते हुए सरकार पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म की आस्था को ठेस पहुचना गलत है. मैग्नेटो मॉल में तोड़ फोड़ हुई. सरकार को तत्काल FIR करनी थी. लेकिन वह इस बात को टालती रही. बजरंग दल ने पुरे राजधानी में उत्पात मचाया, सड़कों को जाम किया और सरकार मूकदर्शक बनी रही.

जनप्रतिनिधियों संग मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम की 129वीं कड़ी का श्रवण

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास में जनप्रतिनिधियों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 129वीं कड़ी का श्रवण किया। इस अवसर पर सांसद संतोष पाण्डेय, विधायक प्रबोध मिंज एवं विधायक पुरंदर मिश्रा भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वर्ष के अंतिम ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वदेशी अपनाने, देश में निर्मित उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देने तथा बिना चिकित्सकीय परामर्श के एंटीबायोटिक दवाओं के सेवन से बचने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर राष्ट्र को मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ के माध्यम से प्रधानमंत्री निरंतर जनभागीदारी, नवाचार, आत्मनिर्भरता, स्वास्थ्य जागरूकता और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को सशक्त बनाते हैं। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2025 को भारत के लिए उपलब्धियों से भरा गौरवशाली वर्ष बताया। उन्होंने देश की सुरक्षा, खेल, विज्ञान एवं अंतरिक्ष अनुसंधान, पर्यावरण संरक्षण तथा समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के क्षेत्र में हुई ऐतिहासिक सफलताओं का उल्लेख किया। उन्होंने खिलाड़ियों और पैरा-एथलीटों के उत्कृष्ट प्रदर्शन तथा युवाओं के नवाचारों और ‘स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन’ जैसे मंचों की सकारात्मक भूमिका को भी रेखांकित किया। मन की बात में प्रधानमंत्री ने मणिपुर के युवा मोइरांगथेम सेठ के सौर ऊर्जा से जुड़े प्रयासों की सराहना करते हुए ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ का उल्लेख किया। साथ ही ओडिशा की स्वतंत्रता सेनानी पार्वती गिरि के योगदान को नमन करते हुए उन्होंने समाज सेवा और त्याग के मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में आईसीएमआर की रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने एंटीबायोटिक दवाओं के अनियंत्रित उपयोग पर चिंता व्यक्त की और नागरिकों से चिकित्सक की सलाह के अनुसार ही दवा लेने की अपील की। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ के तहत स्वास्थ्यप्रद जीवनशैली अपनाने का संदेश देते हुए सभी देशवासियों को वर्ष 2026 के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ‘मन की बात’ देश को जोड़ने वाला और सकारात्मक ऊर्जा देने वाला कार्यक्रम है, जिसकी प्रत्येक कड़ी प्रेरणा, जागरूकता और जनभागीदारी की नई भावना का संचार करती है और जिसका सभी नागरिकों को बेसब्री से इंतजार रहता है।

‘महतारी गौरव वर्ष’ पर आधारित 2026 का शासकीय कैलेंडर जारी, CM साय ने किया लॉन्च

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में वर्ष 2026 के शासकीय कैलेंडर का विमोचन किया। वर्ष 2026 को राज्य सरकार द्वारा ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है। इसी थीम पर आधारित यह कैलेंडर सशक्त एवं समृद्ध छत्तीसगढ़ के संकल्प को अभिव्यक्त करता है। बता दें कि कैलेंडर के मुख्य पृष्ठ पर छत्तीसगढ़ के पांच प्रमुख शक्तिपीठ मां बमलेश्वरी डोंगरगढ़, मां महामाया रतनपुर, मां दंतेश्वरी दंतेवाड़ा, मां चंद्रहासिनी चंद्रपुर और मां कुदरगढ़ी सूरजपुर के पावन धाम को प्रमुखता से स्थान दिया गया है। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के छायाचित्र भी अंकित हैं। पृष्ठभूमि में सिरपुर एवं राजिम के मंदिर, आदिवासी संस्कृति, मधेश्वर पहाड़ तथा चित्रकोट जलप्रपात के आकर्षक ग्राफिकल प्रतिरूप सम्मिलित किए गए हैं, जो छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक धरोहर का प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि “राज्य सरकार के लिए मातृशक्ति का सम्मान और सशक्तिकरण सर्वोच्च प्राथमिकता है। महतारी गौरव वर्ष के रूप में मनाया जा रहा यह वर्ष महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक स्वावलंबन को समर्पित है। इसी भावना को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया यह शासकीय कैलेंडर महिला सशक्तिकरण, राज्य की प्राथमिकताओं और हमारी उपलब्धियों का सशक्त प्रतीक है। इसमें जनकल्याणकारी योजनाओं और सामाजिक सरोकारों को समाहित किया गया है, जो सशक्त एवं समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।” कैलेंडर के विभिन्न मासिक पृष्ठों में विषयानुसार योजनाओं एवं अभियानों को समाहित किया गया है। जनवरी माह के पृष्ठ पर राज्य के प्रमुख शक्तिपीठों का दर्शन कराया गया है। फरवरी माह में राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो अभियान को दर्शाया गया है, वहीं मार्च माह को महतारी वंदन योजना को समर्पित किया गया है। अप्रैल माह में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, मई माह में तेंदूपत्ता संग्रहण एवं चरण पादुका योजना, तथा जून माह में बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ अभियान को प्रमुखता दी गई है। जुलाई माह में महिला मुखिया के नाम से पीडीएस राशनकार्ड की व्यवस्था को दर्शाया गया है। अगस्त माह में रक्षाबंधन उत्सव, सितंबर में दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना और अक्टूबर माह में शौर्य का सम्मान विषय को स्थान दिया गया है। नवंबर माह को “सेवा ही संकल्प” की भावना के साथ प्रस्तुत किया गया है, जबकि दिसंबर माह को महिला सशक्तिकरण के प्रतीक रूप में दर्शाया गया है। शासकीय कैलेंडर 2026 के विमोचन के इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल, जनसंपर्क सचिव रोहित यादव, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत और आयुक्त जनसंपर्क रवि मित्तल उपस्थित थे।

तमनार में बवाल के बाद सरकार एक्शन मोड में, पुलिस और ग्रामीणों की झड़प की जांच के आदेश

 रायपुर  रायगढ़ जिले के तमनार में शनिवार को पुलिस और ग्रामीणों के बीच हुई हिंसक झड़प की जांच होगी. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने घटना की जांच में दोषी पाए गए लोगों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है. बता दें कि रायगढ़ जिले के तमनार क्षेत्र में शनिवार को जिंदल के कोयला खदान के विरोध में आंदोलन कर रहे 14 गांव के ग्रामीणों ने पुलिसकर्मियों के साथ न केवल मारपीट की बल्कि बस समेत दो गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया था. हिंसक झड़प में महिला टीआई कमला पुसाम समेत कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे. पुलिस ने घटनाक्रम के बाद 30 से 35 लोगों को गिरफ्तार किया है. दरअसल, पिछले दिनों जिंदल कंपनी के गारे पेलमा कोल ब्लाक की हुई जनसुनवाई को फर्जी बताकर तमनार क्षेत्र के 14 गांव के ग्रामीण लिबरा के सीएचपी चौक पर कंपनी के गेट के सामने शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे थे. इससे कंपनी में भारी वाहनों का परिचालन ठप हो गया था. शनिवार को दल-बल से साथ पुलिस पहुंची और आक्रोशित ग्रामीणों को समझाइश देते हुए धरना समाप्त करने कहा. इस दौरान विरोध कर रहे कुछ लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार भी किया. इसलिए भड़के ग्रामीण बताया जा रहा है कि इसके बाद वाहनों का परिचालन शुरू हो गया था. इसी बीच खुरूषलेंगा गांव के पास भारी वाहन की टक्कर से एक साइकिल सवार ग्रामीण घायल हो गया, जिसके बाद माहौल गर्मा गया. घटना की जानकारी मिलते ही तमनार थाना प्रभारी कमला पुसाम एक टीम के साथ मौके पर पहुंची, जहां ग्रामीणों ने लाठी-डंडे और लातों से उसकी पिटाई कर दी. पुलिस पर पथराव भी किया, जिससे टीआई समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए.

बस्तर पंडुम 2026 की तैयारियां शुरू: सीएम साय ने अधिकारियों के साथ की अहम बैठक

रायपुर  बस्तर अंचल की समृद्ध लोकपरंपराओं, जनजातीय संस्कृति, कला और विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से ‘बस्तर पंडुम’ का आयोजन वर्ष 2026 में भी गत वर्ष की भांति भव्य और आकर्षक रूप में किया जाएगा. इस संबंध में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में विगत दिवस मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में उच्चस्तरीय बैठक संपन्न हुई. बैठक में आयोजन की विस्तृत तैयारियों की समीक्षा की गई तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए. बस्तर पंडुम 2026 का आयोजन 10 जनवरी 2026 से 5 फरवरी 2026 तक तीन चरणों में प्रस्तावित है. इसके अंतर्गत 10 से 20 जनवरी तक जनपद स्तरीय कार्यक्रम, 24 से 30 जनवरी तक जिला स्तरीय कार्यक्रम तथा 1 से 5 फरवरी तक संभाग स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. इस वर्ष बस्तर पंडुम में विधाओं की संख्या 7 से बढ़ाकर 12 की जा रही है. जिन विधाओं में प्रदर्शन एवं प्रतियोगिताएं होंगी, उनमें बस्तर जनजातीय नृत्य, गीत, नाट्य, वाद्ययंत्र, वेशभूषा एवं आभूषण, पूजा-पद्धति, शिल्प, चित्रकला, जनजातीय पेय पदार्थ, पारंपरिक व्यंजन, आंचलिक साहित्य तथा वन-औषधि प्रमुख हैं. मुख्यमंत्री साय ने तैयारियों के संबंध में विभागीय अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की और आयोजन को सुव्यवस्थित, गरिमामय तथा अधिक प्रभावी स्वरूप में संपन्न कराने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि बस्तर पंडुम, बस्तर की असली आत्मा और सांस्कृतिक विरासत का सशक्त मंच है. बैठक में यह बताया गया कि बस्तर पंडुम 2026 का लोगो, थीम गीत और आधिकारिक वेबसाइट का विमोचन माँ दंतेश्वरी के आशीर्वाद के साथ मंदिर प्रांगण में ही मुख्यमंत्री साय द्वारा किया जाएगा. इस अवसर पर वरिष्ठ मांझी–चालकी, गायता–पुजारी, आदिवासी समाज के प्रमुखजन तथा पद्म सम्मान से अलंकृत कलाकार उपस्थित रहेंगे. इस बार विशेष रूप से भारत के विभिन्न देशों में कार्यरत भारतीय राजदूतों को आमंत्रित किए जाने पर भी चर्चा हुई, ताकि उन्हें बस्तर की अद्वितीय सांस्कृतिक धरोहर, परंपराओं और जनजातीय जीवन से अवगत कराया जा सके. साथ ही बस्तर संभाग के निवासी उच्च पदस्थ अधिकारी, यूपीएससी एवं सीजीपीएससी में चयनित अधिकारी, चिकित्सक, अभियंता, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि तथा देश के विभिन्न राज्यों के जनजातीय नृत्य दलों को आमंत्रित करने का भी निर्णय लिया गया. प्रतिभागियों के पंजीयन की व्यवस्था इस बार ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से करने का प्रस्ताव है, जिससे अधिकाधिक कलाकारों और समूहों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके. उल्लेखनीय है कि बस्तर अंचल की कला, शिल्प, त्योहार, खान-पान, बोली-भाषा, आभूषण, पारंपरिक वाद्ययंत्र, नृत्य-गीत, नाट्य, आंचलिक साहित्य, वन-औषधि और देवगुड़ियों के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा. इसके तहत बस्तर संभाग के सात जिलों के 1,885 ग्राम पंचायतों, 32 जनपद पंचायतों, 8 नगरपालिकाओं, 12 नगर पंचायतों और 1 नगर निगम क्षेत्र में तीन चरणों में आयोजन होगा. इस आयोजन के लिए संस्कृति एवं राजभाषा विभाग को नोडल विभाग नामित किया गया है. बैठक में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, संस्कृति सचिव रोहित यादव, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, संचालक विवेक आचार्य सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे.

पीएम किसान योजना में सख्ती: किस्त पाने के लिए 5 जनवरी तक फार्मर रजिस्ट्री जरूरी, नहीं तो अटक सकता पैसा

कवर्धा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत लाभ लेने वाले किसानों की फार्मर रजिस्ट्री को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिला कार्यालय के सभा कक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में कलेक्टर गोपाल वर्मा ने स्पष्ट निर्देश दिए कि 5 जनवरी 2026 तक जिले के शत-प्रतिशत लाभांवित किसानों की एग्रीस्टेक परियोजना के तहत फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य रूप से पूर्ण कराई जाए। योजना का लाभ मिलने में हो सकती है दिक्कत तय समय-सीमा के बाद किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक के दौरान कलेक्टर ने योजना से जुड़े आंकड़ों की समीक्षा करते हुए यह साफ किया कि फार्मर रजिस्ट्री अधूरी रहने की स्थिति में किसानों को भविष्य में योजना का लाभ मिलने में दिक्कत आ सकती है। उन्होंने अधिकारियों से स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि किसानों के हितों से सीधे जुड़ा विषय है। ऐसे में किसी भी पात्र किसान का पंजीयन छूटना प्रशासनिक विफलता मानी जाएगी। एग्रीस्टेक परियोजना पर फोकस कलेक्टर ने कहा कि एग्रीस्टेक परियोजना के तहत किसानों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना शासन की प्राथमिकता है। फार्मर रजिस्ट्री पूरी होने से न केवल योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से मिलेगा, बल्कि भविष्य में कृषि से जुड़ी अन्य योजनाओं और तकनीकी सुविधाओं का रास्ता भी खुलेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को रजिस्ट्री के महत्व की जानकारी मौके पर जाकर दी जाए, ताकि भ्रम या तकनीकी कारणों से कोई किसान पीछे न रह जाए। बैठक में कलेक्टर ने कृषि, राजस्व और संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए। प्रगति रिपोर्ट की होगी निगरानी कलेक्टर ने संकेत दिए कि फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाएगी। प्रत्येक अनुविभाग से अद्यतन स्थिति की रिपोर्ट ली जाएगी और जहां लापरवाही सामने आएगी, वहां जवाबदेही तय की जाएगी। समीक्षा बैठक में डिप्टी कलेक्टर आरबी देवांगन, उपसंचालक कृषि अमित मोहंती, सभी अनुविभागीय अधिकारी कृषि, वर्कलोड एवं नजूल राजस्व निरीक्षक संतोष धुर्वे और लिपिक निखिल उपस्थित रहे।

खौफनाक हादसा: नशे की हालत में युवक ने खुद को किया आग के हवाले, मौके पर मचा कोहराम

सूरजपुर नगर के मानपुर गोंड़पारा में शुक्रवार शाम एक युवक ने नशे की हालत में आग लगाकर अपनी जान दे दी। घटना से पूरे इलाके में शोक का माहौल है। अत्यधिक शराब पी रखी थी जानकारी के अनुसार मानपुर गोंड़पारा निवासी आगरसाय गोंड़ (35 वर्ष) शुक्रवार शाम अपने घर पर परिवार के साथ था। स्वजनों के मुताबिक उसने अत्यधिक शराब पी रखी थी। उसने अपने छोटे बेटे टुकटुक से बाइक के लिए पेट्रोल मंगवाया और नशे की हालत में स्वयं के ऊपर पेट्रोल उड़ेल कर आग लगा ली। इससे उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। घटना के वास्तविक कारणों का अब तक पता नहीं चल सका है। स्वजनों का कहना है कि युवक नशे में था और इसी दौरान उसने यह कदम उठा लिया। घटना के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हैं और शोक का माहौल व्याप्त है। सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है  

विवाह बना वोट का संकट! पता बदलते ही 12 लाख महिलाएं वोटर लिस्ट से बाहर, रायपुर सबसे ज्यादा प्रभावित

रायपुर शादी के बाद घर बदला, नाम बदला, पहचान बदली… और नतीजा यह कि मतदाता सूची से नाम ही गायब हो गया। छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) ने लोकतंत्र की जड़ में बैठे सबसे बड़े वर्ग महिलाओं को ही बाहर कर दिया है। प्रारंभिक सूची में 27 लाख से अधिक नाम कटे, जिनमें 12 लाख से ज्यादा महिलाएं हैं। अधिकारियों की भाषा में यह शिफ्टिंग है, लेकिन महिलाओं के लिए यह लोकतांत्रिक बेदखली बन गई। शहर में इसकी संख्या एक लाख 20 हजार के आसपास है। प्रदेश में महिलाओं के नाम कटने की सबसे बड़ी वजह शादी बताई जा रही है। मायके से ससुराल गई महिला ने वोटर आइडी में पता बदला, आधार कार्ड लगाया, फिर भी 2003 की सूची से नाम नहीं मिलने पर उसका मताधिकार छीन लिया गया। गुढ़ियारी की एक महिला ने एसआइआर फॉर्म में पति का नाम रिश्तेदार के रूप में भरा, लेकिन 2003 की सूची में पति की जानकारी डालते ही सिस्टम ने एंट्री खारिज कर दी। नतीजा नाम कट गया। एक नाम, दो महिलाएं, वोट अधर में बीएलओ ने बताया कि कई मामलों में महिला और उसके पति का नाम किसी दूसरी महिला और उसके पति से हू-ब-हू मिल गया। नाम और पति का नाम समान होने पर सिस्टम ने दोनों के नाम होल्ड कर दिए। अब इन महिलाओं को दावा-आपत्ति में अपनी पहचान साबित करनी होगी। गलती फॉर्म की, सजा महिलाओं को 19 लाख से अधिक नाम ऐसे कटे, जिनमें फॉर्म भरने की गलती, पुराने दस्तावेज और बीएलओ की लापरवाही सामने आई। कहीं आधार नया था, तो वोटर कार्ड पुराना। कहीं एड्रेस बदला था, तो प्रमाण नहीं मिला। इसका सीधा असर महिलाओं पर पड़ा, क्योंकि ज्यादातर ने शादी के बाद पता बदला था। एक मकान, 150 वोटर और असली महिलाएं बाहर जहां असली महिला मतदाताओं के नाम कट रहे हैं। वहीं बीरगांव के गाजी नगर में एक ही मकान में 150 वोटर दर्ज मिले। कई मकानों में 40-50 नाम पाए गए। गुढ़ियारी के महावीर स्कूल और सियान सदन में एसआइआर के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं नाम जुड़वाने पहुंचीं। कई महिलाओं को पहली बार पता चला कि उनका नाम वोटर लिस्ट में है ही नहीं।   अब फिर से साबित करनी होगी पहचान रायपुर जिले के उप निर्वाचन अधिकारी नवीन ठाकुर का कहना है कि अधिकतर नाम दोबारा जुड़ जाएंगे। लेकिन इसके लिए महिलाओं को फिर से आवेदन, दस्तावेज और दफ्तरों के चक्कर लगाने होंगे। लोकतंत्र में बराबरी की बात करने वाले सिस्टम में आज महिला मतदाता को यह साबित करना पड़ रहा है कि वह मौजूद हैं।

डिजिटल अपराध से निपटने की तैयारी, छत्तीसगढ़ के 9 नए जिलों में Cyber थाने शुरू होंगे

रायपुर मार्च 24 और मार्च 25 के स्टेट बजट में घोषित 9 जिलों में सायबर थाने (Cyber Police Station) खोलने की अधिसूचना नवंबर में जारी कर दी गई है. पीएचक्यू ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं. उम्मीद है कि जनवरी में ये थाने शुरू कर दिए जाएंगे. वर्तमान में राज्य में पांच रेंज स्तरीय सायबर थाने काम कर रहे हैं. माना जा रहा है कि जिलों में सायबर थाने खुलने से रेंज थानों पर भी केस का दबाव कम होगा. चूंकि रेंज सायबर थाने सीमित साधनों के साथ संचालित हो रहे हैं, ऐसे में जिलों के सायबर थानों को पर्याप्त विवेचक, स्टाफ और तकनीकी सुविधाओं के साथ खोले जाने की जरूरत है. रायपुर रेंज में हो जाएंगे चार सायबर थाने पहले बजट मार्च 2024 में पांच जिलों और दूसरे बजट मार्च 2025 में 4 जिलों में सायबर थाने मंजूर किए गए थे. सभी 9 थानों को खोलने की अधिसूचना नवंबर में जारी की गई है. ये सायबर थाने बलौदाबाजार, धमतरी, महासमुंद, कोरबा, रायगढ़, राजनांदगांव, कबीरधाम, जांजगीर चाम्पा और जशपुर में खोले जाने हैं. रायपुर रेंज में जल्द ही चार सायबर थाने हो जाएंगे. वर्तमान में रेंज स्तरीय थाना रायपुर में है. जबकि बलौदाबाजार, धमतरी महासमुंद में जिला सायबर थाने खोले जाने हैं. वर्तमान में पांचों संभागों रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, सरगुजा और बस्तर में रेंज सायबर थाने काम कर रहे हैं. अभी रेंज सायबर थानों के लिए भी पद मंजूर नहीं हैं इसलिए पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) अपने अधीनस्थ जिलों से डीएसपी, निरीक्षक समेत अन्य स्टाफ की पदस्थापना करके सायबर अपराधों की विवेचना और कार्रवाई करवा रहे हैं. फिर भी नियमित मंजूर स्टाफ नहीं होने से कई तरह की तकनीकी दिक्कतें सामने आ रही हैं. 2026 के बजट में फंड की उम्मीद इसलिए हाल ही में संपन्न डीजीपी आईजीपी कॉन्फ्रेंस में सायबर क्राइम पर भी खासतौर पर चर्चा हुई थी. PM, यूएचएम समेत 9 से ज्यादा वरिष्ठ पुलिस अधिकारी इस कॉन्फ्रेंस में मौजूद थे. देश भर में सायबर ठगों से निपटने के लिए पुलिस के पास मौजूद संसाधन नाकाफी माने गए. दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ में दो साल में बजट में घोषित 9 सायबर थानों का संचालन शुरू नहीं होने से भी किरकिरी हुई है. यही वजह है कि कॉन्फ्रेंस के तुरंत बाद अधिसूचना जारी की गई. मार्च 2026 के स्टेट बजट में सायबर थानों के लिए पृथक से फंड मिलने की उम्मीद भी अधिसूचना जारी करने की एक वजह है. राज्य में 39 हजार सिम और सेलफोन ब्लॉक, 1116 गिरफ्तार तारांकित प्रश्न पर विधानसभा में दी गई जानकारी के मुताबिक राज्य में 2782 पुलिस अधिकारी, कर्मचारी व जिला लोक अभियोजन अधिकारियों को सायबर, महिला व बाल अपराधों की विवेचना पर कार्रवाई हेतु प्रशिक्षण दिया गया है. अब तक फर्जी सिम विक्रेताओं पर 103 प्रकरणों में 159 लोगों एवं म्यूल एकाउंट पर 253 प्रकरणों में 863 लोगों कुल 1116 पर कार्रवाई की गई है. सायबर फ्रॉड में शामिल 28946 मोबाइल नंबर व 10409 आईएमईआई नंबर को अवरुद्ध कराया गया है. सायबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1030 के माध्यम से 82.5 करोड़ रुपए सायबर अपराधियों के हाथों में पहुंचने से पहले होल्ड कराए गए हैं.