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रायपुर: स्वामी विवेकानंद के विचारों से सशक्त भारत का निर्माण संभव: मंत्री राजवाड़े

रायपुर : स्वामी विवेकानंद के विचारों से ही होगा सशक्त भारत का निर्माण : मंत्री राजवाड़े 400 ‘नन्हें विवेकानंद’ बने आकर्षण, युवाओं से पंच परिवर्तन अपनाने का आह्वान रायपुर स्वामी विवेकानंद के विचारों को आत्मसात कर ही सशक्त, समरस और विकसित भारत का निर्माण संभव है यह बात महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर कही। उन्होंने युवाओं से सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी आचरण और नागरिक कर्तव्यों के पालन जैसे पंच परिवर्तन को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने में युवाओं की भूमिका सबसे अहम है। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार युवाओं को शिक्षा, कौशल और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। शिक्षित, जागरूक और संस्कारवान युवा ही देश और प्रदेश का भविष्य तय करेंगे। राष्ट्रीय युवा दिवस (स्वामी विवेकानंद जयंती) के अवसर पर सूरजपुर जिला स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ऑडिटोरियम में आयोजित जिला स्तरीय समारोह में एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायी दृश्य देखने को मिला, जब जिले के 400 स्कूली विद्यार्थी स्वामी विवेकानंद की वेशभूषा में कार्यक्रम में शामिल हुए। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने इस दृश्य को अद्भुत बताते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत हो रहा है मानो स्वामी विवेकानंद की ऊर्जा स्वयं युवाओं के माध्यम से मंच पर साकार हो उठी हो। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने युवाओं से नशे से दूर रहने, राष्ट्र सेवा को जीवन का लक्ष्य बनाने और पर्यावरण संरक्षण के लिए “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान से जुड़ने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान आत्मनिर्भर भारत और नशामुक्त भारत की शपथ भी दिलाई गई। समारोह में भाषण, काव्यपाठ, रंगोली एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिनमें 400 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर प्रेमनगर विधायक श्री भूलन सिंह मरावी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती चंद्रमणि पैकरा, पूर्व विधायक श्रीमती रजनी रविशंकर त्रिपाठी सहित जनप्रतिनिधि, जिला प्रशासन के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने स्वामी विवेकानंद के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। कार्यक्रम के अंत में मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने स्वामी विवेकानंद के मंत्र “उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक रुको मत” का स्मरण कराते हुए कहा कि यह संदेश आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्र निर्माण और मानव कल्याण के लिए सदैव प्रेरित करता रहेगा।  

एआई टेक्नालॉजी के उपयोग से कम एफर्ट में होगा ज्यादा काम : आयुक्त डॉ. रवि मित्तल

मीडिया के सभी माध्यमों का प्रयोग कर जनसंपर्क अधिकारी अपने कार्य को बना सकते हैं प्रभावशाली: आयुक्त डॉ. रवि मित्तल एआई टेक्नालॉजी के उपयोग से कम एफर्ट में होगा ज्यादा काम : आयुक्त डॉ. रवि मित्तल जनसम्पर्क की नई चुनौतियाँ: जनसंपर्क अधिकारियों की दो दिवसीय राज्य स्तरीय कौशल संवर्धन कार्यशाला का शुभारंभ रायपुर मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव एवं जनसंपर्क विभाग के आयुक्त डॉ. रवि मित्तल ने कहा कि जनसंपर्क अधिकारी एक्सक्लूजिव स्टोरी तैयार करें और इसके व्यापक प्रचार के लिए मीडिया के सभी माध्यमों का उपयोग करें। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों की स्टोरी नेशनल और स्टेट लेवल पर प्रकाशित होगी, उन्हें प्रोत्साहन स्वरूप सम्मानित किया जाएगा। आयुक्त डॉ. मित्तल नवा रायपुर स्थित संवाद के ऑडिटोरियम में जनसम्पर्क की नई चुनौतियां विषय पर जनसम्पर्क अधिकारियों की व्यावसायिक दक्षताओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय कौशल संवर्धन कार्यशाला में उक्त बाते कहीं।  आयुक्त डॉ. मित्तल ने कहा कि वर्तमान दौरे में जनसंपर्क में सूचना एवं जनसंपर्क का माध्यम बदल रहे हैं। नए-नए तकनीक आ रहे हैं, जनसंपर्क अधिकारियों को भी उन तकनीकों का उपयोग कर अपने कार्य को प्रमाणिक, बेहतर और समय सीमा में पूरा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमें सिर्फ प्रिंट मीडिया के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और सोशल मीडिया का बखूबी उपयोग करना है, ताकि शासन की फैसलों को जनता तक पहुंचाया जा सके। इसके लिए अधिकारियों को नए टेक्नोलॉजी से अपडेट रहना होगा। उन्होंने इस मौके पर पत्रकारिता स्कूल-कॉलेजों के बच्चों को भी जनसंपर्क विभाग में इंटरशीप का अवसर देने पर बल दिया।    उद्घाटन सत्र में वरिष्ठ अधिकारियों में अपर संचालक जवाहरलाल दरियो, संजीव तिवारी, उमेश मिश्रा, आलोक देव ने जनसेवा में स्पष्ट, सरल और समयबद्ध संवाद की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जनसंपर्क के लिए प्रभावी संवाद सबसे बड़ी आवश्यकता है। प्रतिभागियों को दो दिनों तक चलने वाले सत्रों की रूपरेखा और अपेक्षाओं से अवगत कराया गया। अधिकारियों ने कहा कि इस कार्यशाला का उद्देश्य समाचार लेखन, टेलीविजन सहभागिता और सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग के माध्यम से जनसंपर्क को अधिक सशक्त, आधुनिक, संवेदनशील और उन्मुखी बनाना है। कार्यशाला के प्रथम दिवस की शुरुआत पाठक-अनुकूल लेखन सरकारी समाचार को आकर्षक बनाना विषयक सत्र से हुई, जिसमें दैनिक भास्कर के संपादक शिव दुबे ने मार्गदर्शन दिया। उन्होंने सरकारी आदेशों और सूचनाओं से जनता से जुड़ी मुख्य बात को पहचानने, सरल और सुबोध भाषा के प्रयोग, प्रभावी हेडलाइन एवं लीड पैराग्राफ लिखने की जानकारी दी। साथ ही, प्रेस विज्ञप्ति की संरचना, उपयुक्त उद्धरणों के प्रयोग तथा संकट के समय मीडिया से संतुलित और समयबद्ध संवाद की आवश्यकता पर भी विस्तार से चर्चा की। द्वितीय सत्र में आकाशवाणी के समाचार संपादक विकल्प शुक्ला ने टेलीविजन मीडिया की कार्यप्रणाली पर प्रकाश डाला। उन्होंने शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों को विजुअल स्टोरी के रूप में प्रस्तुत करने, टीवी कवरेज के लिए आवश्यक तत्वों, कैमरे पर संक्षिप्त बाइट लेने और फैक्ट शीट के महत्व की जानकारी दी। तीसरे सत्र में सोशल मीडिया और एआई टूल्स के उपयोग पर चर्चा हुई। सोशल मीडिया, डिजिटल मार्केटिंग और एआई विशेषज्ञ राकेश साहू ने  एआई डिजिटल टूल्स का उपयुक्त उपयोग कर फोटो, वीडियो एडिटिंग के बारे में  मार्गदर्शन दिया।  आज के अंतिम सत्र में जनसंपर्क संचालनालय, भोपाल के सेवानिवृत्त संचालक लाजपत आहूजा ने पीआर टूल बॉक्स, स्टेकहोल्डर प्रबंधन तथा आपातकालीन संचार (क्राइसिस कम्युनिकेशन) से जुड़े तुरंत उपयोग योग्य उपकरणों की जानकारी दी। कार्यशाला में राज्यभर से आए जनसंपर्क अधिकारियों ने हिस्सा लिया। 

रायपुर: मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी में बाल विवाह रोकने की शपथ दिलाई

रायपुर : मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी में बाल विवाह रोकथाम की दिलाई शपथ 20 हजार लोगों ने एक साथ शपथ लेकर बनाया विश्व रिकॉर्ड रायपुर जिला मुख्यालय बालोद के समीप ग्राम दुधली में आयोजित देश की प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी के समापन अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति की रोकथाम के लिए जनभागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उपस्थित रोवर-रेंजरों, स्काउट-गाइड एवं जनसमुदाय को शपथ दिलाई। इस अवसर पर एक साथ 20 हजार से अधिक लोगों द्वारा बाल विवाह रोकथाम की शपथ लेकर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड्स में बालोद जिले का नाम दर्ज कराया गया, जो बालोद जिले के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बाल विवाह, समाज के लिए एक गंभीर चुनौती है। इसे रोकने के लिए केवल शासन ही नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सक्रिय भूमिका आवश्यक है। उन्होंने आह्वान किया कि सभी लोग अपने घर, परिवार, रिश्तेदारों एवं आसपास के लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें और इसे जड़ से समाप्त करने में सहभागी बनें। शपथ के दौरान उपस्थितजनों ने संकल्प लिया कि वे बाल विवाह नहीं होने देंगे, इसकी सूचना प्रशासन को देंगे तथा समाज में जागरूकता फैलाएंगे। मुख्यमंत्री ने बाल विवाह मुक्त अभियान में उल्लेखनीय प्रयासों के लिए जिला प्रशासन की सराहना की तथा एक साथ 20 हजार लोगों के शपथ लेने पर कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड्स का प्रमाण पत्र प्रदान किया और उन्हें मेडल पहनाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर स्कूली शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, सांसद भोजराज नाग, भारत स्काउट गाईड के मुख्य राष्ट्रीय आयुक्त के.के. खण्डेलवाल, महासचिव पी.जी.आर सिंधिया सहित अन्य जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी, देशभर से आए रोवर-रेंजर तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ सरकार की तैयारी: 2027 जनगणना पहली बार पूरी तरह डिजिटल तरीके से होगी

रायपुर   राज्य में जनगणना 2027 को लेकर तैयारियां तेज़ हो गई हैं। यह जनगणना देश की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना होगी, जिसमें आधुनिक तकनीक का व्यापक उपयोग किया जाएगा। केंद्र सरकार ने गृह विभाग को बनाया नोडल राज्य स्तरीय जनगणना समन्वय समिति (SLCCC) की पहली बैठक मुख्य सचिव विकास शील की अध्यक्षता में 6 जनवरी आयोजित की गई, जिसमें जनगणना की रूपरेखा, कार्ययोजना और विभिन्न विभागों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में बताया गया कि छत्तीसगढ़ में जनगणना के लिए गृह विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है। गृह विभाग भारत सरकार, जनगणना निदेशालय और राज्य के सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित करेगा। निदेशक जनगणना कार्तिकेय गोयल ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से जनगणना 2027 के डिजिटल रोडमैप, संगठनात्मक ढांचे और तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी। डिजिटल गणना, मोबाइल ऐप से होगा डेटा संग्रह निदेशक ने बताया कि जनगणना 2027 पूरी तरह डिजिटल होगी। आंकड़ों का संग्रह मोबाइल ऐप के माध्यम से किया जाएगा, जबकि इसकी निगरानी और प्रबंधन के लिए वेब पोर्टल का उपयोग किया जाएगा। इस बार नागरिकों को सेल्फ एन्यूमरेशन यानी स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करने की सुविधा भी दी जाएगी। केंद्र सरकार द्वारा राज्य को इसके लिए आवश्यक वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि इस बड़े कार्य के लिए राज्य में लगभग 63 हजार प्रगणकों, पर्यवेक्षकों और अन्य प्रशासनिक कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। जनगणना से पहले पूर्व-परीक्षण (प्री-टेस्टिंग) का कार्य नवंबर 2025 में कबीरधाम जिले के कुकदूर, महासमुंद जिले की महासमुंद तहसील के चयनित गांवों और रायपुर नगर निगम के एक वार्ड में सफलतापूर्वक किया जा चुका है। इन अनुभवों को मुख्य जनगणना प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। जनगणना 2027 दो चरणों में पूरी की जाएगी मुख्य सचिव ने बताया कि जनगणना 2027 दो चरणों में पूरी की जाएगी। पहले चरण में 1 अप्रैल से 30 सितंबर 2026 के बीच 30 दिनों की अवधि में मकान सूचीकरण और मकानों की गणना की जाएगी। इस अवधि का निर्धारण मानसून और स्कूल शिक्षा को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा। दूसरे चरण में फरवरी 2027 में देशभर में एक साथ जनसंख्या गणना की जाएगी। इसे देखते हुए स्कूल शिक्षा विभाग को शैक्षणिक कैलेंडर तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य सचिव विकास शील ने कहा कि जनगणना 2027 राज्य की भविष्य की नीतियों और विकास योजनाओं की मजबूत आधारशिला होगी। उन्होंने सभी विभागों से मिशन मोड में समन्वय के साथ कार्य करने और आम जनता से जनगणना प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग की अपील की। बैठक में अपर मुख्य सचिव गृह एवं राज्य नोडल अधिकारी (जनगणना) मनोज पिंगुआ, निदेशक जनगणना कार्य निदेशालय, एनआईसी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

मकर संक्रांति पर सीएम विष्णु देव साय की अपील—पतंग उत्सव मनाएं सुरक्षित और पारंपरिक तरीके से

चीनी मांझा प्रतिबंधित, उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मकर संक्रांति पर्व के अवसर पर प्रदेशवासियों से पतंगों के इस उल्लासपूर्ण पर्व को सुरक्षित, जिम्मेदार और पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ मनाने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि त्योहार के आसपास चीनी मांझा से होने वाली दुर्घटनाओं की खबरें अत्यंत चिंताजनक हैं, इसलिए इसका प्रयोग पूरी तरह से वर्जित है। मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट किया कि चीनी मांझा प्रतिबंधित है और इसका उपयोग न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह आमजन, पक्षियों और राहगीरों के लिए भी गंभीर खतरा बनता है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रतिबंध का कड़ाई से पालन कराया जाए। मुख्यमंत्री साय ने यह भी निर्देशित किया है कि चीनी मांझा के खिलाफ व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि नागरिकों को इसके खतरों और कानूनी प्रावधानों की पूरी जानकारी मिल सके। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि मकर संक्रांति के इस पावन अवसर पर परंपरा, आनंद और सुरक्षा—तीनों का संतुलन बनाए रखें। उन्होंने सभी को मिलकर इस पर्व को हर्ष, सौहार्द और जिम्मेदारी के साथ मनाने की अपील की।

50 वर्षों बाद धमतरी के आदिवासी अंचल में रबी खेती की वापसी

35 एकड़ में रागी उत्पादन से बदली खेती की तस्वीर रायपुर, धमतरी जिले के वनाच्छादित एवं आदिवासी बहुल उच्चहन क्षेत्र में कृषि के इतिहास में एक नई इबारत जुड़ गई है। गंगरेल बांध के ऊपरी क्षेत्र में स्थित ग्राम डांगीमांचा और खिड़कीटोला में लगभग 50 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद रबी सीजन में संगठित रूप से खेती की शुरुआत की गई है। कृषि विभाग द्वारा संचालित कृषि सुधार एवं विस्तार कार्यक्रम “आत्मा” योजना के तहत इन दोनों गांवों में कुल 35 एकड़ रकबा में लघु धान्य फसल रागी (मिलेट) की खेती की जा रही है।      विशेष भौगोलिक परिस्थितियों वाले इस उच्चहन क्षेत्र में रागी की खेती की पहल को ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है। शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप वनांचल और आदिवासी क्षेत्रों में पोषणयुक्त लघु धान्य फसलों को बढ़ावा दिया जा रहा है। आत्मा योजना के माध्यम से कृषकों को आधुनिक तकनीक, SMI (Systematic Millets Intensification) पद्धति और बीज उत्पादन की जानकारी देकर उनकी आय बढ़ाने के साथ-साथ पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। भविष्य में मिलेट आधारित खेती का विस्तार करते हुए किसानों को बाजार से जोड़ने के लिए सभी आवश्यक सहयोग प्रदान किए जाने की योजना है।      विगत सप्ताह जिले में आयोजित मिलेट महोत्सव के बाद आज आत्मा एवं कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में ग्राम स्तर पर कृषक पाठशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ग्राम पंचायत तुमराबहार के सरपंच श्री दीपक राम ध्रुव, संबंधित विभागीय अधिकारी, 40 महिला कृषक एवं 32 पुरुष कृषक उपस्थित रहे। कृषक पाठशाला में रागी फसल की उन्नत खेती से जुड़ी SMI पद्धति, बीज उत्पादन, फसल एवं पोषक तत्व प्रबंधन, कीट-रोग नियंत्रण तथा उत्पादन लागत कम कर अधिक लाभ अर्जित करने की व्यावहारिक जानकारी दी गई। साथ ही रागी के पोषण एवं स्वास्थ्य लाभ तथा इसकी बाजार संभावनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई।      कार्यक्रम के दौरान कृषकों को मिलेट आधारित आजीविका सुदृढ़ीकरण, जलवायु अनुकूल खेती और शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेकर आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया। उपस्थित कृषकों ने क्षेत्र में रागी की खेती के सफल प्रयोग को भविष्य में और अधिक विस्तार देने की सहमति व्यक्त की।

रायपुर में APEDA क्षेत्रीय कार्यालय से खुलेगा छत्तीसगढ़ के कृषि निर्यात का नया वैश्विक द्वार: मुख्यमंत्री साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा  कि रायपुर में कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) के क्षेत्रीय कार्यालय का शुभारंभ छत्तीसगढ़ की कृषि अर्थव्यवस्था को वैश्विक मंच से जोड़ने वाला ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि यह पहल प्रदेश के किसानों, एफपीओ (Farmer Producer Organisations) और निर्यातकों को सीधे अंतरराष्ट्रीय बाज़ार से जोड़कर राज्य की कृषि को नई ऊँचाई देगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इंडिया इंटरनेशनल राइस समिट के मंच से शुरू हुई यह पहल छत्तीसगढ़ को उच्च-मूल्य कृषि निर्यात के नक्शे पर मजबूती से स्थापित करेगी। जीआई टैग प्राप्त विशिष्ट चावल किस्में जैसे जीराफूल और नागरी दुबराज, साथ ही राज्य के अन्य कृषि एवं प्रोसेस्ड फूड उत्पाद अब वैश्विक बाजारों में नई पहचान बनाएंगे। इससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलने के साथ-साथ कृषि आधारित उद्यमों को भी बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डबल इंजन सरकार किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और हर खेत तक नए अवसर पहुँचाने के लिए निरंतर काम कर रही है। APEDA का क्षेत्रीय कार्यालय इस दिशा में एक मजबूत संस्थागत आधार प्रदान करेगा, जिससे निर्यात प्रक्रियाएं सरल होंगी, गुणवत्ता मानक सुधरेंगे और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से सीधा संपर्क स्थापित होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यह पहल छत्तीसगढ़ को उच्च-मूल्य, सतत और प्रतिस्पर्धी कृषि निर्यात के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों की श्रेणी में ले जाएगी और राज्य के किसानों की समृद्धि को स्थायी आधार प्रदान करेगी।

मुख्यमंत्री साय बोले – विकास की रफ्तार बढ़ी, युवाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर खुलेंगे

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज बालोद जिले के नगर पंचायत मुख्यालय गुण्डरदेही में 233 करोड़ रुपये की लागत से 103 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। इसमें ₹163.88 करोड़ के 61 कार्यों का भूमिपूजन तथा ₹69.82 करोड़ के 42 कार्यों का लोकार्पण शामिल है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गुण्डरदेही में एक सर्वसुविधायुक्त सामुदायिक भवन के लिए ₹1 करोड़ तथा प्रत्येक वार्ड में विकास कार्यों हेतु ₹1 करोड़ की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आज जिन विकास कार्यों का लोकार्पण शिलान्यास किया गया है, वे सिर्फ इमारतें नहीं, बल्कि अवसरों के नए द्वार हैं। उन्होंने कहा कि ₹1 करोड़ की लागत से बनने वाले व्यावसायिक परिसर से युवाओं को स्वरोजगार और व्यापार के नए अवसर मिलेंगे, वहीं सड़क, पुल एवं अधोसंरचना के निर्माण से आवागमन सुगम होगा और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र एवं राज्य सरकार हर वर्ग के समावेशी विकास के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। महतारी वंदन योजना से महिलाओं को आर्थिक संबल मिल रहा है, तेंदूपत्ता संग्राहकों को उच्चतम समर्थन मूल्य दिया जा रहा है, और चरण पादुका योजना को पुनः प्रारंभ कर आदिवासी श्रमिकों को राहत पहुंचाई जा रही है। वनोपज के मूल्य संवर्धन से स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को भी प्रोत्साहन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि रामलला दर्शन योजना से आमजन को देश की संस्कृति और विरासत से जोड़ा जा रहा है। वहीं प्रभावी पुनर्वास नीति के चलते नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति लौट रही है और बस्तर अंचल में विकास की नई रोशनी फैल रही है। सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और संचार जैसी बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया जा रहा है। स्वामी विवेकानंद जी के विचार आज भी युवाओं को आत्मबल, राष्ट्रसेवा और आत्मनिर्भरता की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ इस वर्ष अपनी रजत जयंती मना रहा है और इस अवसर पर रायपुर में डिजिटल आदिवासी संग्रहालय का निर्माण प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की एक विशेष सौगात है, जहां आदिवासी नायकों की गौरवगाथा सहेजी गई है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ को विकास के नए आयामों तक ले जाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। इस अवसर पर सांसद भोजराज नाग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ तेजी से विकास की नई ऊँचाइयों की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि बस्तर, जो कभी लाल आतंक के लिए जाना जाता था, अब शांति, प्रगति और समृद्धि के पथ पर आगे बढ़ रहा है और इससे आम नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय का स्थानीय व्यापारियों द्वारा लड्डुओं से तौलकर अभिनंदन किया गया। उन्होंने विभिन्न विभागों की योजनाओं के तहत पात्र हितग्राहियों को सामग्री एवं प्रमाण पत्र वितरित किए।कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने जिले की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की, जबकि नगर पंचायत अध्यक्ष प्रमोद जैन ने स्वागत उद्बोधन में नगर की विकास आवश्यकताओं की जानकारी दी। इस अवसर पर अनेक जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

चंद्रहास चंद्राकर के जन्मदिन पर बधाई देने उमड़े पदाधिकारी और कार्यकर्ता, अशोक वाटिका में कार्यक्रम

निगम अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर के जन्मदिन पर बधाई देने वालों का लगा ताता  अशोक वाटिका में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश भर से पहुंचे पदाधिकारी, कार्यकर्ता महासमुंद छत्तीसगढ़ कृषि विकास एवं बीज निगम के अध्यक्ष (राज्य मंत्री दर्जा छग शासन) चंद्रहास चंद्राकर का जन्मदिन आज हर्षोत्साह के साथ मनाया गया। आज सुबह से ही चंद्राकर के जन्मदिन पर बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। इंटरनेट मीडिया पर पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं सहित प्रदेश भर से बड़ी संख्या में राजनीतिक दलों के नेता व व्यवसायियों ने उन्हें बधाई दी। स्थानीय बीटीआई मार्ग सहित अशोक वाटिका में आयोजित कार्यक्रम में महासमुंद जिला सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता, बीज निगम के अधिकारी गण, एबीवीपी, विहिप, बजरंग दल के पदाधिकारियों के अलावा गणमान्य जनों, आम नागरिकों ने पहुंचकर चंद्राकर का फूल माला, पुष्प गुच्छ भेंटकर स्वागत किया। अशोक वाटिका में धान बीज व मूंगफली के बीज का तुलदान कर कार्यकर्ताओं ने जन्मदिन को खास बनाया।  अपने जन्मदिन पर बधाई देने वाले शुभचिंतकों, समर्थकों, कार्यकर्ताओं का अभिवादन स्वीकार कर निगम अध्यक्ष ने सभी का आभार व्यक्त किया।  उल्लेखनीय है कि बीज निगम के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर के जन्मदिन पर आयोजित कार्यक्रम में सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, भाजपा जिलाध्यक्ष एतराम साहू, पूर्व विधायक विनोद सेवन लाल चंद्राकर सहित अनेक लोगों ने शिरकत की। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दूरभाष पर चंद्राकर को बधाई दी। सुबह जन्मदिन पर निगम अध्यक्ष ने सर्व प्रथम नगर की कुलदेवी मां महामाया मंदिर में पूजा अर्चना कर आशीर्वाद लिया तथा प्रदेश की खुशहाली की कामना की। पश्चात शीतला मंदिर, राम  जानकी मंदिर पहुंचकर पूजा अर्चना की। राम मंदिर परिसर में आयोजित सामाजिक बैठक में शामिल हुए और लगभग 800 से अधिक संख्या में उपस्थित समाजजनों का आशीर्वाद भी लिया।  दोपहर 12 बजे के बाद अशोक वाटिका में आयोजित जन्मदिन कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने उनसे मुलाकात कर शुभकामनाएं प्रेषित की।  छात्र जीवन से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े चंद्राकर ने विभिन्न राजनैतिक व सामाजिक पदों में आसीन रहकर जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। उनके मिलनसार और सरल स्वभाव के कारण उनके चाहने वालों की लंबी फेहरिस्त है। आज जन्मदिन पर समर्थकों का सैलाब बधाई देने उमड़ा। वहीं, बीज प्रक्रिया केंद्र लभराखुर्द का चंद्राकर ने निरीक्षण कर उनके जन्मदिन पर अधिकारियों द्वारा आयोजित पौधरोपण कार्यक्रम में शामिल हुए। देर शाम चंद्राकर ने बागबाहरा क्षेत्र के कर्मा पटपर नेत्रहीन विद्यालय के बच्चों के बीच पहुंचकर अपना जन्मदिन मनाया। नेत्रहीन बच्चों के स्नेह से अभिभूत चंद्राकर ने केक काटकर सभी बच्चों का मुंह।मीठा किया। जन्मदिन पर बधाई देने वालों में सांसद, विधायक, जिला, जनपद सदस्य, अध्यक्ष, निगम के पार्षद गण, शासकीय अधिकारी,कर्मचारी, आम जन कार्यक्रम में नजर आए। जन्म दिन पर पूनम चन्द्राकर, अलका नरेश चंद्रकार, थानसिंह दीवान, राकेश चन्द्राकर, संदीप दीवान, नपा उपाध्यक्ष देवीचंद राठी, शहर मंडल अध्यक्ष महेंद्र सिका, पिलेश्वर पटेल, जनपद उपाध्यक्ष हुलसी जितेंद्र चन्द्राकर, माधव राव टांकसाले, पवन वर्मा, प्रेम चंद्रकार, प्रशांत श्रीवास्तव, अरविंद प्रहरे, जसराज बाला चंद्रकार, स्वप्निल तिवारी, ब्रह्मानंद पटेल, नरेंदर बग्गा, लोकु चंद्रकार, अग्रज शर्मा, निरंजना शर्मा, सुधा साहू, रमेश साहू, राजू चन्द्राकर, मुन्ना साहू, मनीष शर्मा, विक्रम सिंह ठाकुर, ऋषभ बाफना, मोहन साहू, पवन साहू, अजय चोपड़ा, रोहित चंद्रकार, राकेश श्रीवास्तव, शंकर लाल चंद्रकार, प्रकाश शर्मा, देवेंद्र चन्द्राकर, आनंद साहू, गोविंद ठाकुर, हनीश बग्गा, पंकज चंद्रकार, अमन वर्मा, एम आर विश्वनाथन, गणेश नायक, बंशी साहू, सोनाधर सोनवानी, पांडुरंग मदनकार, शरद राव मराठा, मधुसूदन सोनी, चन्द्रिका चौबे, मसूद खान, रामेश्वर पटवा, आकाश पांडे, अमित साहू, गोपी कन्नौजे, नईम खान, गुड्डा सिन्हा, जतिन रूपरेला, हर्ष गौतम, भुनेश्वर साहू, वामन राव, राहुल साहू, आयुष दुबे, कुम्भज चंद्राकर, ललित साहू, लवेश साहू, आदित्य साहू, वासु चंद्राकर , विश्व हिंदू परिषद से हर्ष चंद्रकार, उत्तम वर्मा, अखिलेश जैन, रामेश्वर पांडे, प्रदीप वर्मा, संजय यादव, चंदन नेताम, राहिल गुप्ता, सोमेश दावड़ा, खिलावन यादव, महिला मोर्चा से निरंजना शर्मा, पार्वती साहू, सुधा साहू, छाया चन्द्राकर, सुजाता विश्वनाथन, प्रभा साहू, मधु यादव, किरण ढीढी, दुर्गा सार्वा, भगवती करकसे, उषा पॉल, मैना कोसले, लक्ष्मी साहू, दुर्गा चंद्रकार, कला साहू, शीतल साहू, पार्षदगण पवन पटेल, भाऊराम साहू, पीयूष साहू, माखन पटेल, चंद्रशेखर बेलदार, शुभ्रा शर्मा, भारती चन्द्राकर, कल्पना सूर्यवंशी, कु.धनेश्वरी सोनवानी, माधुरी यदु आदि बधाई देने पहुंचे। मंच संचालन वरिष्ठ भाजपा नेता महेंद्र जैन व नंदू जलक्षत्री ने किया।

गरियाबंद जिले को मानव-हाथी द्वंद्व रोकथाम में मिला मुख्यमंत्री उत्कृष्ट पुरस्कार

गरियाबंद. मानव-हाथी द्वंद्व की प्रभावी रोकथाम एवं जनहानि में उल्लेखनीय कमी लाने के लिए गरियाबंद जिले को मुख्यमंत्री उत्कृष्ट पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान जिले में लागू की गई एलिफेंट ट्रैकिंग अलर्ट एप एवं एआई आधारित ट्रैकिंग प्रणाली के सफल क्रियान्वयन के लिए प्रदान किया गया। कलेक्टर बीएस उईके ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि गरियाबंद जिला उड़ीसा सीमा से लगते हुए धमतरी एवं महाराष्ट्र के गढ़चिरौली सीमा तक फैले हाथियों के विचरण क्षेत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है। जिले में स्थित सीतानदी टाइगर रिजर्व, जिसमें गरियाबंद एवं धमतरी जिलों के वन क्षेत्र शामिल हैं, लगभग 125 ग्रामों से घिरा हुआ है। इस क्षेत्र में मानव-हाथी द्वंद्व एवं जनहानि की संभावनाएं अधिक रहती हैं। इन चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए वन विभाग द्वारा हाथी मित्र दल के माध्यम से एआई आधारित ट्रैकिंग कर हाथियों की लोकेशन का पता लगाया जाता है। एलिफेंट ट्रैकिंग अलर्ट एप के माध्यम से संबंधित क्षेत्रों में डिजिटल अलर्ट एवं ग्राम स्तर पर पूर्व सूचना जारी की जाती है। जिससे ग्रामीणों को समय रहते सतर्क किया जा सके। इस पहल के परिणामस्वरूप वर्ष 2023 के बाद से जनहानि एवं मुआवजा वितरण में उल्लेखनीय कमी आई है। सीतानदी टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक श्री वरुण जैन ने बताया कि वर्ष 2022 में मानव-हाथी द्वंद्व के कारण लगभग 78 लाख रुपये का मुआवजा तथा 6 जनों की मृत्यु हुई थी। वहीं वर्ष 2023 में यह आंकड़ा घटकर 22 लाख रुपये एवं 3 मृत्यु, वर्ष 2024 में 15 लाख रुपये एवं शून्य मृत्यु, तथा वर्ष 2025 में 10 लाख रुपये मुआवजा एवं 1 मृत्यु तक सीमित हो गया है। यह आंकड़े इस नवाचार की प्रभावशीलता को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं। उन्होंने बताया कि गरियाबंद जिला राजधानी से समीप होने के कारण टाइगर रिजर्व को कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की योजना पर कार्य किया जा रहा है, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा एवं स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। उल्लेखनीय है कि गरियाबंद जिले में सफल संचालन के बाद इस ट्रैकिंग प्रणाली का उपयोग मध्यप्रदेश, कर्नाटक, ओडिशा एवं झारखंड जैसे अन्य राज्यों में भी किया जा रहा है। इस उपलब्धि के संबंध में कलेक्टर बी.एस. उईके ने पत्रकार वार्ता आयोजित कर जानकारी दी। पत्रकार वार्ता में पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर तथा जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि गरियाबंद जिले को विगत वर्ष कुल तीन महत्वपूर्ण क्षेत्रों में राज्य स्तरीय, राष्ट्रिय पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। इनमें जल संचयन जनभागीदारी 1.0 के अंतर्गत तृतीय रैंक, दिव्यांगजनों के लिए उत्कृष्ट कार्य के लिए राज्य स्तर पर प्रथम पुरस्कार तथा मानव-हाथी द्वंद्व रोकथाम के क्षेत्र में एलिफेंट ट्रैकिंग अलर्ट एप के लिए मुख्यमंत्री उत्कृष्ट पुरस्कार शामिल हैं।