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अरुण सिंह का छत्तीसगढ़ आगमन आज, संगठनात्मक बैठक के साथ 500 कार्यकर्ताओं को मिलेगा सम्मान

रायपुर भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह मंगलवार को रायपुर आएंगे. वे यहां पर ठाकरे परिसर में जहां अटल स्मृति आयोजन समिति के सदस्यों की बैठक लेंगे, वहीं एकात्म परिसर में आयोजित अटल स्मृति सम्मेलन में शामिल होंगे. इस सम्मेलन के साथ ही भाजपा के सदस्यता अभियान में 100 से 500 या इससे ज्यादा सदस्य बनाने वाले कार्यकर्ताओं का सम्मान भी किया जाएगा. भाजपा का राष्ट्रीय संगठन स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी पर उनके जन्म दिवस से लेकर कार्यक्रमों का आयोजन कर रहा है. ये कार्यक्रम देश के सभी राज्यों में हो रहे हैं. प्रदेश का भाजपा संगठन भी अलग-अलग आयोजन कर रहा है. अटल स्मृति आयोजन के लिए प्रदेश स्तर के साथ जिलों में भी समिति बनाई गई है. अब प्रदेशस समिति की भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह मंगलवार को ठाकरे परिसर में बैठक लेंगे और जानेंगे कि अब तक कहां क्या-क्या कार्यक्रम किए गए हैं और आने वाले समय में कहां क्या कार्यक्रम किए जानें हैं. अटल स्मृति सम्मेलन और कार्यकर्ताओं का सम्मान शहर जिला भाजपा ने एकात्म परिसर में अटल स्मृति सम्मेलन का आयोजन मंगलवार को दोपहर एक बजे किया है. इसी के साथ भाजपा के सदस्यता अभियान में जिले के 100 से 500 सदस्य बनाने वालों को शतकवीर और 500 से ज्यादा सदस्य बनाने वालों को शक्ति वीर सम्मान से सम्मानित किया जाएगा. शहर जिला अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर ने बताया ऐसे 500 कार्यकर्ता हैं जिनका सम्मान होगा. कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष किरण देव, रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल, संभाग के प्रभारी राजेंद्र शर्मा के साथ ही शहर के सभी विधायक भी शामिल होंगे.

रायपुर: कुपोषण मुक्ति में सफल रहा मिशन गोद अभियान, जनभागीदारी से 20% बच्चों को मिली राहत

रायपुर : कुपोषण मुक्ति की दिशा में सफल रहा मिशन गोद अभियान : जनभागीदारी से जिले में 20 प्रतिशत बच्चों को मिली कुपोषण से मुक्ति रायपुर बालोद जिला प्रशासन द्वारा गंभीर कुपोषित बच्चों को पौष्टिक भोजन समुचित उपलब्धता एवं उनके उचित देखभाल सुनिश्चित कर उन्हें सामान्य श्रेणी में लाने हेतु शुरू की गई मिशन गोद अभियान बालोद के परिणामों ने सभी को चौंका दिया। बालोद जिले के गंभीर कुपोषित बच्चों में से 20.80 प्रतिशत बच्चों को कुपोषण से मुक्ति दिला दी गई है। यह अभियान जिले को कुपोषण मुक्त बनाने की दिशा में अत्यंत महत्वाकांक्षी एवं कारगर अभियान सिद्ध हुआ है। जिला प्रशासन द्वारा इस अभियान के अंतर्गत जिले के अति गंभीर कुपोषित बच्चों को समुचित पौष्टिक आहार एवं देखरेख के लिए समुचित राशि एवं अन्य जरूरी व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु जिले के जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, समाजसेवी संगठनों तथा समाज के सभी वर्गों के लोगों को जिम्मेदारी दी गई है। उल्लेखनीय है कि मिशन गोद के अंतर्गत क्षेत्रीय सांसद, जिले के तीनों विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित जिले के सभी गणमान्य जनप्रतिनिधियों, कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा जिला प्रशासन के सभी आला अधिकारियों के अलावा जिले के सभी अधिकारियों को इन बच्चों की देखरेख की जिम्मेदारी दी थी। अतिरिक्त आहार राशि के लिए 4.48 लाख रूपये से अधिक हुए जमा बालोद जिले में 10 सितंबर से 10 दिसंबर तक जारी इस अभियान के अंतर्गत गोद लेने वाले सभी जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी-कर्मचारी गंभीर कुपोषित बच्चों के लिए पौष्टिक भोजन एवं अन्य जरूरी खाद्य सामग्रियों की उपलब्धता के लिए न्यूनतम 500 रूपये की राशि जमा की। जिसके फलस्वरूप कुपोषित बच्चों के लिए अतिरिक्त आहार राशि के लिए 04 लाख 48 हजार रूपये से अधिक की राशि प्राप्त हो चूका है।  जनप्रतिनिधियों ने 300 बच्चों को लिया गोद उल्लेखनीय है कि 10 सितंबर से 10 दिसंबर तक जिले में 03 माह की समयावधि के लिए लागू इस अभियान के अंतर्गत जनप्रतिनिधियों द्वारा कुल 300 गंभीर कुपोषित बच्चों को गोद लिया गया था। जिसमें से 53 बच्चे सामान्य श्रेणी में आ गए हैं। इसी तरह जिला प्रशासन के अधिकारियों के द्वारा कुल 184 बच्चों को गोद लिया गया है। इसमें से वर्तमान में 51 बच्चे सामान्य श्रेणी में आ गए हैं। इसके अलावा जन सामान्य के द्वारा 180 बच्चों को गोद लिया गया हैै। जिसमें 36 बच्चे सामान्य श्रेणी में आ गए हैं। जिले में इन बच्चों की समुचित देखभाल एवं इनके लिए समुचित पौष्टिक आहार की व्यवस्था के फलस्वरूप बालोद जिले में गंभीर कुपोषित बच्चों की संख्या में आशातीत कमी आई है।  कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने बालोद जिले में चलाए जा रहे इस अभियान के अंतर्गत मिले उल्लेखनीय सफलता की सराहना करते हुए इस अभियान को जिले के नवनिहालों को कुपोषण से मुक्ति प्रदान करने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण अभियान बताया है। इस अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जिले के जनप्रतिनिधियों, अधिकारी-कर्मचारियों सहित समाजसेवियों एवं समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी की सराहना की ओर सभी का आभार जताया।

राजनांदगांव को विकास की नई सौगात, मुख्यमंत्री समग्र विकास योजना में ₹87.58 लाख के 17 कार्य स्वीकृत

डॉ. रमन सिंह के प्रयासों से राजनांदगांव को ₹10,500 करोड़ की औद्योगिक सौगात, गेल लगाएगा यूरिया प्लांट राजनांदगांव को विकास की नई सौगात, मुख्यमंत्री समग्र विकास योजना में ₹87.58 लाख के 17 कार्य स्वीकृत विस अध्यक्ष एवं क्षेत्र विधायक डॉ. रमन सिंह ने इस स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त किया राजनांदगांव  छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष एवं राजनांदगांव विधायक डॉ. रमन सिंह के निरंतर प्रयासों, दूरदर्शी नेतृत्व एवं औद्योगिक विकास को प्राथमिकता देने वाली नीति के परिणामस्वरूप राजनांदगांव जिले को एक ऐतिहासिक औद्योगिक उपलब्धि प्राप्त हुई है। देश की प्रतिष्ठित सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (गेल) द्वारा राजनांदगांव में ₹10,500 करोड़ के निवेश से यूरिया निर्माण इकाई स्थापित किए जाने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया है। यह निवेश प्रस्ताव राज्य सरकार द्वारा आयोजित छत्तीसगढ़ स्किल टेक कार्यक्रम के दौरान सामने आया, जिसका आयोजन राज्य कौशल विकास विभाग एवं वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा किया गया था। इस कार्यक्रम में उर्वरक, टेक्सटाइल, फार्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सोलर क्षेत्र की विभिन्न कंपनियों ने राज्य में कुल ₹13,690 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्रस्तुत किए। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में प्रस्तुत इन प्रस्तावों में सबसे बड़ा निवेश प्रस्ताव ₹10,500 करोड़ का गेल द्वारा दिया गया, जिसके अंतर्गत राजनांदगांव में गैस पाइपलाइन आधारित उर्वरक (यूरिया) संयंत्र की स्थापना की जाएगी। इस परियोजना से न केवल क्षेत्र में औद्योगिक आधार मजबूत होगा, बल्कि राज्य के लगभग 3,500 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे। प्रस्तावित यूरिया प्लांट से प्रतिवर्ष लगभग 1.27 मिलियन टन यूरिया उत्पादन किया जाएगा, जिससे कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलने के साथ-साथ छत्तीसगढ़ की औद्योगिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाई प्राप्त होगी। इसी क्रम में, राजनांदगांव क्षेत्र के समग्र एवं संतुलित विकास की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में मुख्यमंत्री समग्र विकास योजना वर्ष 2025–26 के अंतर्गत 87 लाख 58 हजार की लागत से 17 विकास कार्यों के लिए स्वीकृति प्रदान की गई है। इन स्वीकृत विकास कार्यों में सामुदायिक भवन, व्यावसायिक परिसर, रंगमंच निर्माण, सीसी रोड, मुक्तिधाम शेड, प्रतीक्षालय निर्माण सहित अन्य जनोपयोगी अधोसंरचना से जुड़े कार्य शामिल हैं, जिनसे स्थानीय नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा विधानसभा अध्यक्ष एवं राजनांदगांव विधायक डॉ. रमन सिंह ने इस ऐतिहासिक औद्योगिक निवेश तथा क्षेत्रीय विकास कार्यों की स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय राजनांदगांव के आर्थिक, औद्योगिक एवं सामाजिक विकास को नई दिशा देगा तथा जिले को विकास के नए केंद्र के रूप में स्थापित करेगा।

बस्तर पंडुम 2026 का आगाज मां दंतेश्वरी मंदिर से, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय करेंगे आयोजन की शुरुआत

रायपुर  बस्तर अंचल की समृद्ध लोकपरंपराओं, जनजातीय संस्कृति, कला और विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से ‘बस्तर पंडुम’ का आयोजन वर्ष 2026 में भी गत वर्ष की भांति भव्य और आकर्षक रूप में किया जाएगा। इस संबंध में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में विगत दिवस मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में उच्चस्तरीय बैठक संपन्न हुई। बैठक में आयोजन की विस्तृत तैयारियों की समीक्षा की गई तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बस्तर पंडुम 2026 का आयोजन 10 जनवरी 2026 से 5 फरवरी 2026 तक तीन चरणों में प्रस्तावित है। इसके अंतर्गत 10 से 20 जनवरी तक जनपद स्तरीय कार्यक्रम, 24 से 30 जनवरी तक जिला स्तरीय कार्यक्रम तथा 1 से 5 फरवरी तक संभाग स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस वर्ष बस्तर पंडुम में विधाओं की संख्या 7 से बढ़ाकर 12 की जा रही है। जिन विधाओं में प्रदर्शन एवं प्रतियोगिताएं होंगी, उनमें बस्तर जनजातीय नृत्य, गीत, नाट्य, वाद्ययंत्र, वेशभूषा एवं आभूषण, पूजा-पद्धति, शिल्प, चित्रकला, जनजातीय पेय पदार्थ, पारंपरिक व्यंजन, आंचलिक साहित्य तथा वन-औषधि प्रमुख हैं। मुख्यमंत्री साय ने तैयारियों के संबंध में विभागीय अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की और आयोजन को सुव्यवस्थित, गरिमामय तथा अधिक प्रभावी स्वरूप में संपन्न कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बस्तर पंडुम, बस्तर की असली आत्मा और सांस्कृतिक विरासत का सशक्त मंच है। बैठक में यह बताया गया कि बस्तर पंडुम 2026 का लोगो, थीम गीत और आधिकारिक वेबसाइट का विमोचन माँ दंतेश्वरी के आशीर्वाद के साथ मंदिर प्रांगण में ही मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा किया जाएगा। इस अवसर पर वरिष्ठ मांझी–चालकी, गायता–पुजारी, आदिवासी समाज के प्रमुखजन तथा पद्म सम्मान से अलंकृत कलाकार उपस्थित रहेंगे। इस बार विशेष रूप से भारत के विभिन्न देशों में कार्यरत भारतीय राजदूतों को आमंत्रित किए जाने पर भी चर्चा हुई, ताकि उन्हें बस्तर की अद्वितीय सांस्कृतिक धरोहर, परंपराओं और जनजातीय जीवन से अवगत कराया जा सके। साथ ही बस्तर संभाग के निवासी उच्च पदस्थ अधिकारी, यूपीएससी एवं सीजीपीएससी में चयनित अधिकारी, चिकित्सक, अभियंता, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि तथा देश के विभिन्न राज्यों के जनजातीय नृत्य दलों को आमंत्रित करने का भी निर्णय लिया गया। प्रतिभागियों के पंजीयन की व्यवस्था इस बार ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से करने का प्रस्ताव है, जिससे अधिकाधिक कलाकारों और समूहों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। उल्लेखनीय है कि बस्तर अंचल की कला, शिल्प, त्योहार, खान-पान, बोली-भाषा, आभूषण, पारंपरिक वाद्ययंत्र, नृत्य-गीत, नाट्य, आंचलिक साहित्य, वन-औषधि और देवगुड़ियों के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसके तहत बस्तर संभाग के सात जिलों के 1,885 ग्राम पंचायतों, 32 जनपद पंचायतों, 8 नगरपालिकाओं, 12 नगर पंचायतों और 1 नगर निगम क्षेत्र में तीन चरणों में आयोजन होगा। इस आयोजन के लिए संस्कृति एवं राजभाषा विभाग को नोडल विभाग नामित किया गया है।  बैठक में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, संस्कृति सचिव  रोहित यादव, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, संचालक विवेक आचार्य सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

राजधानी में सुबह रहेगी धुंध, मौसम विभाग ने जारी किया शीतलहर का पूर्वानुमान

रायपुर राजधानी रायपुर सहित पूरे प्रदेशवासियों को नए साल में ही ठंड से ही राहत मिलेगी. दिसंबर अंत तक तापमान में विशेष राहत की कोई संभावना नहीं है. मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले 48 घंटों तक न्यूनतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होगा. इस दौरान अर्थात अगले 2 दिनों तक जिलों में एक-दो स्थानों में शीत लहर चलने की संभावना है. छत्तीसगढ़ में अगले 2 दिनों तक न्यूनतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होने तत्पश्चात 1-2 डिग्री की वृद्धि होने की संभावना जताई गई है. प्रदेश में एक-दो पॉकेट में शीतलहर चलने की आशंका भी प्रकट की गई है. राजधानी में देर शाम से सुबह तक बगैर गर्म कपड़ों लोगों के लिए रहना मुश्किल हो चला है, जबकि आउटर में ठंड अधिक होने के कारण दिन में भी गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है. अंबिकापुर में ठंड का सितम किसी भी स्थान पर पारा 30 डिग्री तक नहीं पहुंच पाया है. प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 29.6 डिग्री दुर्ग में और सबसे कम न्यूनतम तापमान 4.3 डिग्री अंबिकापुर में दर्ज किया गया. यहां हाड़ कंपाने वाली ठंड का सामना लोगों को करना पड़ रहा है. कुछ क्षेत्रों में बर्फ जमने की स्थिति निर्मित हो गई है. छग में वर्षा के आंकड़े निरंक रहे अर्थात पूरे प्रदेश में कहीं भी बारिश नहीं हुई. फिलहाल प्रदेश का मौसम शुष्क ही रहेगा. रायपुर शहर के लिए पूर्वानुमान जारी करते हुए मौसम विभाग ने कहा है कि 29 दिसंबर को धुंध छाए रहेंगे. इसके पूर्व रविवार को राजधानी का अधिकतम तापमान सामान्य से 0.6 डिग्री कम 27.3 डिग्री रहा. वहीं न्यूनतम तापमान सामान्य से एक डिग्री कम 12.1 डिग्री दर्ज किया गया. माना क्षेत्र का न्यूनतम तापमान 9 डिग्री दर्ज हुआ. रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम ? राजधानी रायपुर में आज धुंध छाए रहने के आसार हैं. इस दौरान अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना जताई गई है.

बैज का बयान: बड़ी मछलियां अभी भी रडार से बाहर, ED की कार्रवाई जारी

रायपुर छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार को रायपुर और महासमुंद में 9 ठिकानों पर दबिश दी. ईडी की कार्रवाई को लेकर सियासी बजानबाजी तेज है. मंत्री टंकराम वर्मा का कहना है कि जो भी भ्रष्टाचार करेगा, वह बचने वाला नहीं है. किसी को बक्शा नहीं जाएगा. वहीं पीसीसी चीफ दीपक बैज ने ईडी की कार्रवाई को खानापूर्ति बताया है. रायपुर और महासमुंद में 9 ठिकानों पर पड़े ईडी के छापे को लेकर मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा. जो भ्रष्टाचार करेगा, वह बचाने वाला नहीं है. इस मामले में संभाग आयुक्त भी नजर रखे हुए हैं. बाकी बची सभी रिपोर्ट को मंगवाया जा रहा है. उस पर भी कार्रवाई भी होगी. इसलिए जमीन में भ्रष्टाचार रोकने के लिए विधानसभा में विधेयक लाया गया था. दूसरी ओर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष दीपक बैज ने ईडी की कार्रवाई को खानापूर्ति बताया. उन्होंने कहा कि केंद्रीय एजेंसियां केवल छोटी मछलियों पर कार्रवाई कर रही है. भारत माला मुआवजा घोटाले में बड़ी मछलियां रडार से बाहर हैं. ईडी खानापूर्ति करने कार्रवाई कर रही है. आरोप लगाते हुए कहा कि मामले में बीजेपी के बड़े नेताओं का नाम भी आ रहा है. 9 ठिकानों पर ईडी की छापेमारी बता दें कि आज सुबह रायपुर में हरमीत खनूजा और महासमुंद में कारोबारी जसबीर सिंह बग्गा के घर पर ईडी की टीम ने छापेमारी की. अधिकारियों की सात अलग-अलग टीमें जांच करने के लिए पहुंची थी. वह कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों और डिजिटल उपकरणों की जांच कर रही है. घर के भीतर जांच चल रही है, जबकि बाहर सुरक्षा के पुलिस बल तैनात है.

बांग्लादेश में अशांति और हिंदुओं पर अत्याचार पर कवि कुमार विश्वास ने जताई गहरी चिंता

रायपुर छत्तीसगढ़ के रायपुर पहुंचे मशहूर कवि कुमार विश्वास ने बांग्लादेश में फैली अशांति और हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने इसे दुखद बताते हुए पूरी दुनिया और भारत सरकार से इस गंभीर मुद्दे का संज्ञान लेने की अपील की है। बांग्लादेश में अशांति के हालात पर कवि कुमार विश्वास ने कहा, "बहुत ही दुखद है और भारत सरकार को कठोरता से संज्ञान लेना चाहिए। निश्चित रूप से सरकार सोच भी रही होगी। लेकिन मैं उन लोग से अनुरोध करना चाहता हूं जो किसी भी घटना पर बहुत विलाप करते हैं उन्हें वहां के युवा नेता की अज्ञात हमलावर द्वारा होने वाली हत्या पर तो चिंता है। लेकिन उस पर पता नहीं कहां से भारत सरकार का हस्तक्षेप निकाल लिया, जबकि उसमें भारत का क्या मतलब है, लेकिन एक निरपराध अल्पसंख्यक को भीषण तरीके से जला दिया गया, जब ऐसे समय में लोगों का बयान नहीं आता, लोग चिंता नहीं करते तो उनके दोहरे व्यवहार का पता चलता है। तो मैं आशा करता हूं कि पूरा विश्व इसका संज्ञान लेगा।" एक हफ्ते में दो हिन्दुओं की हत्या बांग्लादेश के मैमनसिंह शहर में कथित ईशनिंदा के आरोप में 18 दिसंबर की रात दीपू चंद्र दास की उग्र और बेकाबू भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी और फिर शव को आग के हवाले कर दिया था। वहीं इसके कुछ दिन बात एक अन्य घटना में एक और हिंदू युवक 29 वर्षीय अमृत मंडल को 24 दिसंबर को राजबाड़ी के पांगशा उपजिला में भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला था। भारत में हुए थे विरोध-प्रदर्शन गौरतलब है कि बीते दिनों बंगलादेश में दीपू दास की हत्या के खिलाफ भारत में हिन्दू संगठनों विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और हिंदू जागरण मंच सहित संघ परिवार से जुड़े कई संगठनों ने विरोध-प्रदर्शन कर अपनी नाराजगी जताई थी। दिल्ली में तो बंगलादेश उच्चायोग के बाहर विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं की विरोध-प्रदर्शनों के दौरान पुलिस से झड़पें तक हुईं थीं। राजधानी में प्रदर्शनकारी जब पुलिस बैरिकेड्स तोड़ने और उच्चायोग की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे तब पुलिस को दखल देना पड़ा और लाठीचार्ज करना पड़ा। इसके बाद दिल्ली में बंगलादेश उच्चायोग के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई।

ED की अंतिम चालान से हड़कंप: शराब घोटाले में आशीष श्रीवास्तव फंसे, निलंबन की चर्चाएं तेज

रायपुर शराब घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 29 हजार 800 पन्नों की चार्जशीट पेश की, जिसमें आबकारी विभाग के तत्कालीन डिप्टी कमिश्नर आशीष श्रीवास्तव का नाम जोड़ा गया है. ईओडब्ल्यू की चार्जशीट में उनका नाम शामिल नहीं था. हालांकि अब आशीष श्रीवास्तव की सुगबुगाहट तेज हो गई है. बताया जा रहा है कि सचिव कम आयुक्त आर संगीता के तीन जनवरी को छुट्टी से लौटने के बाद कार्रवाई की जाएगी. इसके अलावा मामले में आरोपी बनाए गए 31 अधिकारियों के खाते को सीज कर दिया गया है. कुल 38.21 करोड़ रुपए की संपत्ति सीज की गई है. साथ ही उन अफसरों की खाते कार्रवाई में शामिल हैं, जिनकी पत्नियों के कहते में संदिग्ध ट्रांजेक्शन मिले हैं. बता दें कि ईओडब्ल्यू की चार्जशीट में 29 अफसर आरोपी बनाए गए थे. इनमें से 22 को 7 जुलाई 2025 को सस्पेंड कर दिया गया था. बाकी 7 रिटायर हो चुके हैं. हाल ही में आयुक्त निरंजन दास को भी गिरफ्तार किया गया है. 90 करोड़ की हुई बंदरबांट हंडी ने जांच में पाया है कि शराब घोटाले में अफसरों को करीब 90 करोड़ रुपए बांटे गए. इसमें पूर्व आयुक्त निरंजन दास को 18 करोड़ रुपए की रिश्वत दी गई. इकबाल खान को 12 करोड़, नोहर सिंह ठाकुर को 11 करोड़, नवीन प्रताप सिंह तोमर को 6.7 करोड़, राजेश जायसवाल को 5.79 करोड़, अनिमेष नेताम को 5.28 करोड़ और दिनकर वासनिक, गंभीर सिंह, अरविंद पटले, आशीष कोसम, अनंत सिंह, सौरभ बक्शी, प्रकाश पाल, गरीबपाल सिंह, मोहित जायसवाल को 2 करोड़ रुपए से अधिक की रिश्वत दी गई. आशीष श्रीवास्तव को भी 54 लाख रुपए दिए जाने के सबूत ईडी को मिले हैं. आय से अधिक संपत्ति का केस अधिकतर अफसरों के पास आय से अधिक संपत्ति मिली है. इसलिए इन पर एक केस आय से अधिक संपत्ति का भी चलेगा. इन्हें यह बताना होगा कि इतनी संपत्ति कहां से आई. क्योंकि अधिकतर अफसरों का वेतन वर्तमान में 1 से 1.5 लाख रुपए महीने है. ऐसे में 20 साल की नौकरी में औसत एक करोड़ से अधिक वेतन नहीं पा सकते. जबकि कई अफसरों के पास 5 करोड़ से अधिक की संपत्ति -मिली है.   इनकी संपत्ति अटैच कर चुकी है ईडी क्रमांक नाम अचल संपत्ति (₹) चल संपत्ति (₹) 1 नवीन प्रताप सिंह 2,44,92,905 36,19,524 2 गंभीर सिंह 1,14,15,275 49,76,561 3 मोहर सिंह ठाकुर 1,76,46,857 2,14,17,682 4 नीतू नोतानी 61,45,535 1,47,40,739 5 अरविंद पटले 1,34,06,000 92,12,729 6 प्रकाश पाल 65,41,000 70,30,866 7 अनंत कुमार सिंह 38,98,266 86,59,494 8 अश्वनी कुमार अनंत 34,08,000 8,86,559 9 अनिमेष नेताम 3,30,330 88,72,166 10 मंजूश्री केसर 34,88,000 97,17,938 11 जनार्दन सिंह कौरब 49,00,000 45,35,201 12 प्रमोद कुमार नेताम 45,23,300 28,92,454 13 देवलाल वैद्य 7,36,000 45,94,541 14 दिनकर वासनिक 45,19,582 69,12,733 15 बेदराम लहरे 48,51,000 8,42,799 16 इकबाल अहमद खान 15,61,650 49,89,359 17 मोहित जयसवाल 16,32,000 66,564 18 नितिन खंडूजा 81,81,897 3,04,391 19 जीतूराम मंडावी 30,54,324 40,85,030 20 अरलेखा राम सिदार   15,95,177 21 लखन लाल ध्रुव   1,36,51,570 22 आशीष कोसम   90,39,696 23 गरीबपाल सिंह   47,19,082 24 विजय सेन शर्मा   69,81,522 25 विकास गोस्वामी   84,595 26 सौरभ बक्शी   85,08,994 27 राजेश जायसवाल   14,11,529 28 सोनल नेताम   3,21,105 29 रामकृष्ण मिश्रा — 9,33,717 30 आशीष श्रीवास्तव 54,00,000   31 निरंजन दास 8,83,33,291   अफसरों ने कराई थी करोड़ों की एफडी क्रमांक नाम एफडी की राशि 1 अनंत सिंह ₹75.26 लाख 2 आलेख राम सिदार ₹3.90 लाख 3 देवलाल वैद्य ₹1.10 करोड़ 4 गंभीर सिंह नेताम ₹40 लाख 5 सौरभ बक्शी ₹9 लाख   अफसरों की बहाली अब कोर्ट के फैसले के बाद ही संभव सस्पेंड किए गए अफसरों को 50% वेतन दिया जाता है. नियमानुसार 90 दिन में चार्जशीट दाखिल नहीं होती है, तो वेतन 75% कर दिया जाता है. लेकिन अब ईडी ने अपनी अंतिम कंप्लेन दाखिल कर दी है, ऐसे में इन अफसरों की बहाली का रास्ता भी बंद हो गया है. अब न्यायालय से निर्णय आने के बाद ही बहाली संभव हो पाएगी. इसमें से कुछ अफसर अगले एक-दो साल में रिटायर होने वाले हैं. – वेतन लेने के लिए इन अफसरों को अब कोर्ट से अनुमति लेनी होगी, क्योंकि 5 इनके खाते ईडी ने सीज कर रखे हैं.

एसएस प्लाजा में आग से मचा हड़कंप, कई दुकानों को भारी नुकसान, घंटों चला रेस्क्यू ऑपरेशन

कोरबा कोरबा के एसएस प्लाजा में सोमवार सुबह भीषण आग लग गई. घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई है. पद्मिनी ज्वैलर्स, बालाजी स्टील सहित कई दुकानें आग की चपेट में आ गई. सूचना पर दमकल की 10 से अधिक गाड़ियां और 3 पानी टैंकर मौके पर पहुंची गई है. घटना कोतवाली थाना क्षेत्र की है. जानकारी के मुताबिक, पद्मिनी ज्वैलर्स और बालाजी स्टील सहित अन्य दुकानों को सबसे ज्यादा नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है. आग इतनी भीषण है कि अबतक काबू नहीं पा जा सका है. 14 दमकल वाहनों और 3 पानी टैकर की मदद ली जा चुकी है. फिलहाल आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है. आग बुझाने में दमकल टीम को आ रही दिक्कत मौके पर मौजूद अधिकारियों ने आग बुझाने में आ रही दिक्कतों को देखते हुए जेसीबी और हाइड्रा बुलवाए हैं. जिनकी मदद से आग की चपेट में आए दुकान के प्रथम तल को तोड़ा जा रहा है. वहीं निगम जल आपूर्ति को जारी रखने के लिए टैंकर को रवाना किया है.

रायपुर: सुशासन के दो साल पूरे, सीएम विष्णुदेव साय की अहम पहलें बनी चर्चा का विषय

रायपुर : सुशासन के दो साल – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की बड़ी सौगात सौर सुजला योजना से जशपुर के 755 किसानों के जीवन में आई नई रोशनी…… रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों के हित में निरंतर लिए जा रहे फैसलों का सकारात्मक असर अब गांव–गांव तक दिखाई देने लगा है। सौर सुजला योजना मुख्यमंत्री की ऐसी ही एक दूरदर्शी सौगात है, जिसने जशपुर जिले के किसानों की खेती और किस्मत—दोनों बदलने का काम किया है। दो वर्षो में जिले के 755 किसानों को मिली बड़ी राहत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जशपुर जिले में सौर सुजला योजना के तहत 755 किसानों को सोलर सिंचाई पंप की स्वीकृति मिली है। यह सौगात उन किसानों के लिए संजीवनी साबित हो रही है, जो अब तक बारिश और पारंपरिक साधनों पर निर्भर थे। सौर ऊर्जा से चलने वाले पंपों ने सिंचाई को आसान, सुलभ और किफायती बना दिया है। बगीचा के बंधु यादव की सौर सुजला योजना से बदली तकदीर, मुख्यमंत्री का जताया आभार जशपुर जिले के बगीचा तहसील क्षेत्र निवासी बंधु यादव ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की इस सौगात से लाभान्वित किसानों में शामिल हैं। सोलर पंप मिलने के बाद अब वे समय पर सिंचाई कर पा रहे हैं। इससे फसल की गुणवत्ता बेहतर हुई है और उत्पादन भी बढ़ा है।बंधु यादव कहते हैं कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की यह योजना उनके लिए उम्मीद की नई किरण बनकर आई है। इसी तरह फरसाबहार तहसील के खुटशेरा निवासी दुलार साय भी इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। सोलर पंप लगने से उन्होंने खेती का दायरा बढ़ाया है और अतिरिक्त फसलों की खेती शुरू की है। इससे उनकी आमदनी में बढ़ोतरी हुई है और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। कम लागत, अधिक उत्पादन — किसानों को मिला आत्मविश्वास मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सोच के अनुरूप सौर सुजला योजना ने किसानों को कम लागत में अधिक उत्पादन का रास्ता दिखाया है। डीज़ल और बिजली पर होने वाला खर्च कम हुआ है, वहीं पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिला है। यह योजना खेती को आत्मनिर्भर और टिकाऊ बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है। दो साल में दिखा सुशासन का असर बीते दो वर्षों में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन में किसानों को केंद्र में रखकर कई योजनाएं धरातल पर उतरी हैं। सौर सुजला योजना उनमें से एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जिसने जशपुर जिले के सैकड़ों किसानों को स्थायी सिंचाई सुविधा देकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया है।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की यह सौगात आज जशपुर के किसानों के चेहरे पर मुस्कान और खेतों में हरियाली का प्रतीक बन चुकी है।