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गणेश कश्यप की प्रेरक यात्रा, विशेष स्कूल से सामान्य स्कूल तक; संवेदनशील शासन की पहल से संवरता भविष्य

रायपुर : संवेदनशील शासन की पहल से संवरता भविष्य विशेष स्कूल से सामान्य स्कूल तक गणेश कश्यप की प्रेरक यात्रा रायपुर जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम झुलन (पकरिया) निवासी 12 वर्षीय गणेश कश्यप का बचपन कठिन परिस्थितियों में बीता। बहु दिव्यांगता, अल्प मानसिक मंदता एवं सेरेब्रल पाल्सी (हेमीप्लेजिया) से ग्रसित गणेश के परिवार की आर्थिक स्थिति अत्यंत कमजोर थी। रोजी-रोटी के लिए माता-पिता को दूसरे प्रदेश में मजदूरी करने जाते थे, जिससे गणेश का नियमित रूप से स्कूल जाना संभव नहीं हो पा रहा था। नामांकन सामान्य स्कूल में था, पर प्रवासी जीवन ने उसकी शिक्षा को लगभग रोक दिया था। शासन की संवेदनशील सोच ने ऐसे समय में गणेश के जीवन को नई दिशा दी। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित जांजगीर स्थित शासकीय बहु दिव्यांग गृह सह छात्रावास दिव्यांग बच्चों के लिए संबल बनकर सामने आया। यहां 50 बहु दिव्यांग बालकों को आवास, भोजन, विशेष शिक्षण एवं प्रशिक्षण की सुविधाएं पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं।  विशेष स्कूल से सामान्य स्कूल तक गणेश कश्यप की प्रेरक यात्रा विशेष प्रशिक्षण से आत्मनिर्भरता की ओर कदम गणेश का इस छात्रावास में प्रवेश हुआ। छात्रावास में प्रवेश के बाद गणेश को विशेष शिक्षकों के मार्गदर्शन में शिक्षण के साथ-साथ सामाजिक व्यवहार, आत्मनिर्भरता और स्वयं के कार्य करने का प्रशिक्षण दिया गया। असामान्य व्यवहार में सुधार और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए गए। धीरे-धीरे गणेश में सकारात्मक बदलाव स्पष्ट दिखाई देने लगे और उसकी सीखने की क्षमता में उल्लेखनीय सुधार हुआ। मुख्यधारा में समावेशन की सफल मिसाल समाज कल्याण विभाग के उद्देश्य अनुसार दिव्यांग बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना को साकार करते हुए गणेश को कक्षा 5वीं की परीक्षा सामान्य स्कूल से दिलाई गई। सत्र 2024-25 में गणेश ने सामान्य विद्यालय से कक्षा 5वीं की परीक्षा सफलता पूर्वक उत्तीर्ण की। यह उपलब्धि उसके लिए ही नहीं, बल्कि पूरे संस्थान के लिए गर्व का क्षण रही। आज गणेश शासकीय माध्यमिक शाला, पेण्ड्री में कक्षा 6वीं का नियमित छात्र है। वह पूरे आत्मविश्वास के साथ पढ़ाई कर रहा है और परीक्षा देना उसे अच्छा लगता है। शिक्षक भी उसकी प्रगति से संतुष्ट हैं और उसके उज्ज्वल भविष्य को लेकर आशावान हैं। अपने बच्चे को सामान्य स्कूल में पढ़ते और आगे बढ़ते देखकर गणेश के माता-पिता अत्यंत प्रसन्न हैं। वे भावुक होकर समाज कल्याण विभाग और शासकीय बहु दिव्यांग गृह सह छात्रावास के प्रति आभार व्यक्त करते हैं, जिनके सहयोग से उनके बच्चे को नई पहचान और नया भविष्य मिला।

महासमुंद : सीईओ नंदनवार ने ली साप्ताहिक समय सीमा की बैठक

महासमुंद : सीईओ नंदनवार ने ली साप्ताहिक समय सीमा की बैठक लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के दिए निर्देश महासमुंद कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार ने आज समय-सीमा की बैठक लेकर संचालित कार्यक्रमों एवं शासकीय योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम, धान खरीदी की प्रगति, अवैध परिवहन नियंत्रण, ई-केवाईसी एवं आवास योजनाओं सहित अन्य विषयों पर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। इस अवसर पर अपर कलेक्टर सचिन भूतड़ा, रवि कुमार साहू, अनुविभागीय अधिकारी, विभागीय जिलाधिकारी, जनपद सीईओ, नगरीय निकायों के सीएमओ तथा वीसी के माध्यम से ब्लॉक स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार ने प्रशासन गांव की ओर अभियान की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को शिविर में प्राप्त आवेदनों का समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी स्वीकृत कार्य अनिवार्य रूप से जल्द से जल्द पूर्ण किए जाएं। जनपद सीईओ, आरईएस एवं पीडब्ल्यूडी विभाग को समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। धान खरीदी व्यवस्था की समीक्षा करते हुए सीईओ नंदनवार ने निर्देश दिए कि जिला नोडल अधिकारी प्रत्येक सप्ताह भौतिक सत्यापन अनिवार्य रूप से करें, विशेषकर शनिवार एवं रविवार को। जिन राइस मिलों का डीओ कट चुका है, वहां से उठाव सुनिश्चित किया जाए। धान उठाव को लेकर  निर्देश दिए कि मिलरों एवं परिवहन एजेंसियों के समन्वय से निर्धारित लक्ष्य के अनुसार नियमित एवं सुचारू उठाव सुनिश्चित किया जाए। उठाव में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। इसके साथ ही राइस मिल्स का भी पीवी ऐप के माध्यम से सत्यापन करने के निर्देश दिए गए। धान खरीदी में छोटे एवं सीमांत किसानों को प्राथमिकता देने पर विशेष जोर दिया गया। उन्होंने राशन कार्ड ई-केवाईसी पर समीक्षा करते हुए कहा कि जिले में अब भी लंबित राशन कार्डों का ई-केवाईसी मिशन मोड में जल्द पूरा किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि राशन वितरण के दौरान लाभार्थियों को बुलाकर वहीं बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाए और मृत व अनुपलब्ध सदस्यों का विलोपन किया जाए। सीईओ ने प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत आवास स्वीकृति, निर्माण प्रगति, लंबित प्रकरण, प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय किश्त के भुगतान तथा जियो-टैगिंग की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। साथ ही उन्होंने अपार आईडी शिविर लगाने, शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा पीएम जनमन, मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जन चौपाल, समय-सीमा पत्रक और राजस्व प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

रायपुर: छाती के दुर्लभ कैंसर का सफल ऑपरेशन, अम्बेडकर अस्पताल में बची 29 वर्षीय मरीज की जान

रायपुर : छाती के दुर्लभ कैंसर का सफल ऑपरेशन, अम्बेडकर अस्पताल रायपुर में बची मरीज की जान 29 वर्षीय युवक के मेडियास्टाइनल जर्म सेल ट्यूमर का सफल उपचार रायपुर पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर के कैंसर सर्जरी विभाग ने चिकित्सा क्षेत्र में एक और उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। कैंसर सर्जरी विभाग की टीम ने छाती के एक दुर्लभ एवं जटिल कैंसर; मेडियास्टाइनल जर्म सेल ट्यूमर का सफल ऑपरेशन कर एक बार फ़िर एक 29 वर्षीय पुरुष मरीज की जान बचाई। मरीज छाती में गांठ, सांस लेने में तकलीफ और लगातार दर्द की शिकायत के साथ अस्पताल पहुंचा था।   कैंसर सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. आशुतोष गुप्ता ने केस की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि- पूर्व में मरीज का उपचार एम्स रायपुर के कैंसर विभाग में चल रहा था, जहां बायोप्सी जांच में मेडियास्टाइनल जर्म सेल ट्यूमर की पुष्टि हुई। प्रारंभिक जांच में छाती के बीच स्थित गांठ का आकार लगभग 13x18x16 सेंटीमीटर पाया गया, जो हृदय के समीप बड़ी रक्त नलियों से चिपकी हुई थी। उच्च जोखिम को देखते हुए एम्स रायपुर के चिकित्सकों ने पहले कीमोथेरेपी देने का निर्णय लिया। जनवरी 2025 से जून 2025 तक मरीज को छह चक्र (cycle) कीमोथेरेपी दी गई, जिससे गांठ का आकार घटकर 4x3x4 सेंटीमीटर रह गया। इसके बाद मरीज को एम्स रायपुर से रेफर कर डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय के कैंसर सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. आशुतोष गुप्ता के पास भेजा गया। डॉ. गुप्ता ने सभी जांच रिपोर्टों का गहन परीक्षण करने के बाद सर्जरी का निर्णय लिया। गांठ की संवेदनशील स्थिति को देखते हुए हृदय सर्जरी विभागाध्यक्ष से परामर्श लिया गया तथा निश्चेतना विभाग से सर्जरी की फिटनेस प्राप्त की गई। लगभग 3 से 4 घंटे तक चली इस जटिल सर्जरी में गांठ को बाएं फेफड़े के एक हिस्से सहित अत्यंत निपुणता से निकाला गया।  सर्जरी पूरी तरह सफल रही और मरीज को कुछ दिनों के उपचार के बाद स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। उपचार के बाद मरीज समय- समय पर फॉलोअप के लिए चिकित्सालय आ रहा है।  इस जटिल ऑपरेशन में डॉ. आशुतोष गुप्ता, डॉ. के. के. साहू, डॉ. किशन सोनी, डॉ. गुंजन अग्रवाल, डॉ. सुश्रुत अग्रवाल, डॉ. समृद्ध, डॉ. लावण्या, डॉ. सोनम एवं डॉ. अनिल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।  मेडियास्टाइनल जर्म सेल ट्यूमर छाती के मध्य भाग में जर्म कोशिकाओं से उत्पन्न होने वाला दुर्लभ कैंसर है, जो सामान्यतः 20 से 40 वर्ष आयु वर्ग के पुरुषों में पाया जाता है। इसके प्रमुख लक्षणों में खांसी, सांस लेने में तकलीफ और छाती में दर्द शामिल हैं। इस कैंसर का उपचार कीमोथेरेपी एवं सर्जरी के माध्यम से किया जाता है, जिसमें सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट और रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट मिलकर कार्य करते हैं।  यदि इस कैंसर का समय रहते पता चल जाए और उचित उपचार किया जाए तो पांच वर्षीय सर्वाइवल रेट 90 प्रतिशत से अधिक होता है।

जगदलपुर: जिले की ग्राम पंचायतों में होगी चौपाल, कलेक्टर ने जारी किया निरीक्षण कैलेंडर

जगदलपुर : जिले के ग्राम पंचायतों में होगी चौपाल, कलेक्टर ने जारी किया जिले भर का निरीक्षण कैलेंडर जगदलपुर: जिले की ग्राम पंचायतों में होगी चौपाल, कलेक्टर ने जारी किया निरीक्षण कैलेंडर जगदलपुर जिले में ग्राम पंचायतों में चौपाल, कलेक्टर ने जारी किया निरीक्षण कैलेंडर 9 जनवरी को लोहण्डीगुड़ा से होगी शुरुआत जगदलपुर जिले में सुशासन को गांव-गांव तक पहुंचाने और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को पारदर्शी बनाने के लिए जिला प्रशासन ने एक व्यापक रोडमैप तैयार किया है। कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह के निर्देशों के परिपालन में कलेक्टर श्री हरिस एस ने जिले के सभी जनपद पंचायतों के अन्तर्गत निरीक्षण की तिथियां निर्धारित करते हुए एक विस्तृत आदेश जारी किया है, जिसके तहत प्रशासन अब दफ्तरों से निकलकर सीधे ग्रामीणों के बीच चैपाल लगाएगा। इस अभियान की शुरुआत लोहण्डीगुड़ा जनपद पंचायत से होने जा रही है, जहां आगामी 9 जनवरी 2026 को प्रशासन का पहला पड़ाव होगा, जिसके बाद चरणबद्ध तरीके से पूरे जिले को कवर किया जाएगा।         कलेक्टर द्वारा जारी किए गए कैलेंडर के अनुसार, लोहण्डीगुड़ा के बाद 30 जनवरी को दरभा, 20 फरवरी को बकावण्ड, 6 मार्च को बास्तानार, 25 मार्च को जगदलपुर, 10 अप्रैल को बस्तर और अंत में 30 अप्रैल 2026 को तोकापाल जनपद पंचायत में निरीक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे। इस पूरी कवायद का उद्देश्य ग्राम स्तर पर चैपाल का आयोजन कर ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित करना है, साथ ही मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता और विकास कार्यों को सुनिश्चित करना है। निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक अधिकारी सुबह 10 बजे गांवों में पहुंचकर स्कूल, आंगनबाड़ी, अस्पताल, राशन दुकान और निर्माण कार्यों का निरीक्षण करेंगे और फिर दोपहर 2 बजे पंचायत भवन में आयोजित चैपाल में ग्रामीणों की समस्याएं सुनेंगे।          इस अभियान की गंभीरता को देखते हुए सभी जिला और जनपद अधिकारियों को आदेश का सूक्ष्मता से अवलोकन करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को जांच के दौरान किन बिंदुओं पर फोकस करना है, इसके लिए एक विस्तृत निरीक्षण प्रपत्र पृथक से साझा किया जाएगा। अभियान के दौरान अधिकारी मध्यान्ह भोजन, पूरक पोषण आहार, जल जीवन मिशन, मनरेगा और स्वास्थ्य सेवाओं जैसी बुनियादी सुविधाओं की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देंगे। दिन भर चले निरीक्षण और जनसंवाद के बाद उसी दिन शाम 4:30 बजे जनपद मुख्यालय में नोडल अधिकारी समीक्षा बैठक करेंगे, जिसमें पाई गई समस्याओं और ग्रामीणों से मिले फीडबैक पर चर्चा कर त्वरित निराकरण की रणनीति बनाई जाएगी। क्रमांक/1504/ अर्जुन

जंगल में दहशत: नीम की पत्तियां लेने गए ग्रामीण पर तेंदुए का हमला

डोंगरगढ़ डोंगरगढ़ थाना के मोहारा पुलिस चौकी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम लोझरी में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब जंगल से नीम की पत्तियां लेने गए एक ग्रामीण पर तेंदुए ने अचानक हमला कर दिया. हमले में ग्रामीण केज़उ राम कंवर गंभीर रूप से घायल हो गया. तेंदुए के पंजों से सिर पर गहरी चोट आने के बाद परिजन और ग्रामीण उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डोंगरगढ़ लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देखते हुए उसे राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है. सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने का आरोप यह कोई पहली घटना नहीं है. डोंगरगढ़ वन परिक्षेत्र में बीते कुछ समय से तेंदुए की गतिविधियां लगातार सामने आती रही हैं. कुछ माह पूर्व इसी क्षेत्र में एक तेंदुए का शव भी संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था, इसके बाद भी जंगल से सटे गांवों में तेंदुए की मूवमेंट थमी नहीं, बल्कि धीरे-धीरे खतरा और बढ़ता चला गया. स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि लोझरी, मोहारा, और आसपास के जंगलों में शाम ढलते ही तेंदुए की मौजूदगी महसूस की जाती है. मवेशियों के शिकार की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं, लेकिन अब इंसानों पर हमला होना गंभीर चेतावनी माना जा रहा है. ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार सूचना देने के बावजूद वन विभाग की ओर से स्थायी निगरानी या सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई. मौके पर पहुंची वन विभाग और पुलिस की टीम वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, जंगलों में भोजन की कमी, मानव गतिविधियों का बढ़ना और जंगल के भीतर अवैध आवाजाही तेंदुओं को आबादी की ओर खींच रही है. यही कारण है कि अब यह संघर्ष जानलेवा रूप ले रहा है. घटना के बाद वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची है. क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने, ट्रैप कैमरे लगाने और ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील की जा रही है. वहीं ग्रामीणों ने मांग की है कि जब तक तेंदुए की मूवमेंट पूरी तरह नियंत्रित नहीं होती, तब तक जंगल में जाने पर प्रतिबंध और रात्रि गश्त अनिवार्य की जाए.डोंगरगढ़ क्षेत्र में यह घटना सिर्फ एक हमला नहीं, बल्कि वन्यजीव प्रबंधन और मानव सुरक्षा के बीच बढ़ते असंतुलन की गंभीर चेतावनी बनकर सामने आई है.

रायपुर : राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू का आत्मीय स्वागत

रायपुर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के जशपुर आगमन पर आगडीह हवाई पट्टी में राज्यपाल श्री रमेन डेका, झारखंड के राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय  सहित अन्य मंत्रियों, जनप्रतिनिधियों और  प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका आत्मीय स्वागत किया।

इन इलाकों में ठंड बढ़ने की चेतावनी, अगले पांच दिन में न्यूनतम तापमान में उतार-चढ़ाव

रायपुर छत्तीसगढ़ में सर्दी लगातार बढ़ती जा रही है. मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में शीतलहर चलने की बात कही है. खासकर अंबिकापुर, कोरिया, सरगुजा, बलरामपुर जैसे इलाकों में सुबह-शाम ठंड बढ़ने की संभावना है. वहीं अगले 5 दिनों में न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि की संभावना है, जिससे ठंड कुछ हद तक कम हो सकती है. अंबिकापुर में 5 डिग्री से नीचे पहुंचा तापमान दर्ज पिछले 24 घंटा में प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान 4.8 सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज किया गया, जबकि सबसे अधिक अधिकतम तापमान 29.4 सेल्सियस जगदलपुर में रहा. प्रदेश में इस दौरान कहीं भी वर्षा दर्ज नहीं की गई है और न ही किसी बड़े मौसमी सिस्टम की उपस्थिति है. विभाग ने 30 दिसंबर के लिए भी मौसम के शुष्क रहने का अनुमान जताया है. रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम रायपुर शहर में भी ठंड का असर दिखेगा, जहां सुबह के समय कुहासा छाया रहने की संभावना है. अधिकतम तापमान 27 सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 12 सेल्सियस के आसपास रह सकता है.

लापरवाही भारी पड़ी: फसल गिरदावरी में चूक पर पटवारी का निलंबन

 बलरामपुर छ्त्तीसगढ़ के बलरापुर जिले में पटवारी को फसल गिरदावरी कार्य में लापरवाही भारी पड़ गई. रामचंद्रपुर तहसील में पदस्थ पटवारी विवेक शुभम वैभव के खिलाफ निंलबन का एक्शन लिया गया है. इस संबंध में कलेक्टर राजेंद्र कटारा ने आदेश जारी किया है. दरअसल, रामचंद्रपुर तहसील में फसल गिरदावरी में लापरवाही की शिकायत सामने आने पर जांच कराई गई. जांच में पटवारी विवेक शुभम वैभव की लापरवाही और उदासीनता पाई गई, जिसे छ०ग० सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-3 (1) (2) (3) के विपरित माना गया. पटवारी को छ०ग० सिविल सेवा (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 9 के उपनियम (1) (क) के तहत् तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया. निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय कलेक्टर (भू-अभिलेख शाखा) जिला बलरामपुर-रामानुजगंज भेज दिया गया है. आदेश में उल्लेख किया गया है कि निलंबन अवधि में  पटवारी  विवेक शुभम वैभव को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी.

मेडिकल चमत्कार: अंबेडकर अस्पताल में छाती के रेयर कैंसर का सफल इलाज

रायपुर पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर के कैंसर सर्जरी विभाग ने चिकित्सा क्षेत्र में एक और उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। कैंसर सर्जरी विभाग की टीम ने छाती के एक दुर्लभ एवं जटिल कैंसर  मेडियास्टाइनल जर्म सेल ट्यूमर का सफल ऑपरेशन कर एक बार फ़िर एक 29 वर्षीय पुरुष मरीज की जान बचाई। मरीज छाती में गांठ, सांस लेने में तकलीफ और लगातार दर्द की शिकायत के साथ अस्पताल पहुंचा था। कैंसर सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. आशुतोष गुप्ता ने केस की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि – पूर्व में मरीज का उपचार एम्स रायपुर के कैंसर विभाग में चल रहा था, जहां बायोप्सी जांच में मेडियास्टाइनल जर्म सेल ट्यूमर की पुष्टि हुई। प्रारंभिक जांच में छाती के बीच स्थित गांठ का आकार लगभग 13x18x16 सेंटीमीटर पाया गया, जो हृदय के समीप बड़ी रक्त नलियों से चिपकी हुई थी। उच्च जोखिम को देखते हुए एम्स रायपुर के चिकित्सकों ने पहले कीमोथेरेपी देने का निर्णय लिया। जनवरी 2025 से जून 2025 तक मरीज को छह चक्र (cycle) कीमोथेरेपी दी गई, जिससे गांठ का आकार घटकर 4x3x4 सेंटीमीटर रह गया। इसके बाद मरीज को एम्स रायपुर से रेफर कर डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय के कैंसर सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. आशुतोष गुप्ता के पास भेजा गया। डॉ. गुप्ता ने सभी जांच रिपोर्टों का गहन परीक्षण करने के बाद सर्जरी का निर्णय लिया। गांठ की संवेदनशील स्थिति को देखते हुए हृदय सर्जरी विभागाध्यक्ष से परामर्श लिया गया तथा निश्चेतना विभाग से सर्जरी की फिटनेस प्राप्त की गई। लगभग 3 से 4 घंटे तक चली इस जटिल सर्जरी में गांठ को बाएं फेफड़े के एक हिस्से सहित अत्यंत निपुणता से निकाला गया। सर्जरी पूरी तरह सफल रही और मरीज को कुछ दिनों के उपचार के बाद स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। उपचार के बाद मरीज समय- समय पर फॉलोअप के लिए चिकित्सालय आ रहा है। इस जटिल ऑपरेशन में डॉ. आशुतोष गुप्ता, डॉ. के. के. साहू, डॉ. किशन सोनी, डॉ. गुंजन अग्रवाल, डॉ. सुश्रुत अग्रवाल, डॉ. समृद्ध, डॉ. लावण्या, डॉ. सोनम एवं डॉ. अनिल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।  मेडियास्टाइनल जर्म सेल ट्यूमर छाती के मध्य भाग में जर्म कोशिकाओं से उत्पन्न होने वाला दुर्लभ कैंसर है, जो सामान्यतः 20 से 40 वर्ष आयु वर्ग के पुरुषों में पाया जाता है। इसके प्रमुख लक्षणों में खांसी, सांस लेने में तकलीफ और छाती में दर्द शामिल हैं। इस कैंसर का उपचार कीमोथेरेपी एवं सर्जरी के माध्यम से किया जाता है, जिसमें सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट और रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट मिलकर कार्य करते हैं।  यदि इस कैंसर का समय रहते पता चल जाए और उचित उपचार किया जाए तो पांच वर्षीय सर्वाइवल रेट 90 प्रतिशत से अधिक होता है।     पंडित नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय एवं इससे संबद्ध अस्पताल में कैंसर उपचार हेतु सभी उच्च स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध हैं। मरीज का उपचार कैंसर सर्जरी, हार्ट सर्जरी, निश्चेतना (Anesthesia)विभाग एवं अन्य सहयोगी विभागों के सामूहिक प्रयास से सफल हुआ जो सराहनीय है। डॉ. विवेक चौधरी, डीन, पं. नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय     ऑपरेशन के दौरान गाँठ बाएँ फेफड़े, एओर्टिक आर्च और पल्मोनरी ट्रंक से चिपकी हुई थी जिसे हमारे सर्जन्स ने निपुणता के साथ निकाला। मरीज का सफल उपचार मरीज के परिजनों के साथ-साथ हम सबके लिए गर्व का विषय है। डॉ. संतोष सोनकर, अधीक्षक, अम्बेडकर अस्पताल  

मेले में चाकूबाजी, कांग्रेस पार्षद समेत दो घायल, पुलिस की त्वरित कार्रवाई, दो आरोपी गिरफ्तार

बालोद  जिले से चाकूबाजी की वारदात सामने आई है. दल्लीराजहरा से डौंडीलौहारा के मड़ई मेला देखने पहुंचे कांग्रेस पार्षद समेत 2 लोगों पर चाकू से हमला हो गया. घायलों को गले और सिर पर गंभीर चोट आई है, जिनका फिलहाल अस्पताल में इलाज जारी है. जानकारी के मुताबिक, दल्लीराजहरा से 6 युवक मड़ई मेला देखने के लिए सोमवार को डौंडीलोहारा गए हुए थे. इस दौरान युवकों की दूसरे गुट से किसी बात पर बहस हो गई. अचानक भरे मेले में आरोपियों ने युवकों पर चाकू से वार कर दिया. हमले में दल्लीराजहरा के वार्ड 16 पार्षद पावेंद्र कोडप्पा और एक अन्य घायल हो गया. उन्हें पेट, गले और सिर पर गंभीर चोट आई है. घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है. वहीं चाकूबाजी की शिकायत पर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.