samacharsecretary.com

3 दिसंबर को रायपुर में IND vs SA मैच: जानिए टिकट कहाँ और कैसे खरीदें, क्या हैं ऑफर्स

रायपुर छत्तीसगढ़ क्रिकेट प्रेमियों का इंतजार अब खत्म होने वाला है। नवा रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में 3 दिसंबर को भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच वनडे सीरीज का दूसरा मुकाबला आयोजित किया जाएगा। दर्शकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस बहुप्रतीक्षित मैच की टिकटें कब और कहां उपलब्ध होंगी। आइए, आपको इस बारे में विस्तार से जानकारी देते हैं। कब से शुरू होगी टिकट की बिक्री ? मुकाबले को लेकर सबसे बड़ी उत्सुकता टिकट बिक्री की है। टिकटों की ऑनलाइन बिक्री 22 नवंबर से शुरू होगी, जिसका आधिकारिक माध्यम वेबसाइट www.ticketgini.in होगा। ऑनलाइन टिकट खरीदना पहली प्राथमिकता होगी क्योंकि भीड़ अधिक होने की संभावना है। फिजिकल टिकट 24 नवंबर से जो लोग ऑफलाइन टिकट लेना पसंद करते हैं, उनके लिए भी अच्छी खबर है। 24 नवंबर से रायपुर के इंडोर स्टेडियम में फिजिकल टिकट उपलब्ध होंगे। दर्शक अपनी सुविधा के अनुसार दोनों तरीकों में से किसी का चयन कर सकेंगे। टिकट प्राइस लिस्ट (स्टैंड–वाइस) इस बार टिकट की कीमतें कैटेगरी के आधार पर तय की गई हैं। स्टूडेंट्स के लिए बड़ी राहत यह है कि पिछली बार 1000 रुपए की टिकट अब 800 रुपए में उपलब्ध होगी। किसी भी छात्र को अपनी वैध स्टूडेंट ID दिखाकर सिर्फ एक टिकट खरीदने की अनुमति दी जाएगी। आम दर्शकों के लिए स्टैंड टिकट     1500 रुपए     2500 रुपए     3000 रुपए     3500 रुपए प्रिमियम कैटेगरी     सिल्वर: 6000 रुपए     गोल्ड: 8000 रुपए     प्लैटिनम: 10,000 रुपए     कॉरपोरेट बॉक्स: 20,000 रुपए विश्व दिव्यांग दिवस पर खास पहल 3 दिसंबर को विश्व दिव्यांग दिवस भी मनाया जाता है, और इसी अवसर पर छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ ने एक सराहनीय निर्णय लिया है। संघ दिव्यांग बच्चों को मैच मुफ्त में दिखाएगा और उनके आने-जाने के लिए बस की सुविधा भी प्रदान करेगा। यह कदम सामाजिक संवेदनशीलता और खेल को सभी वर्गों तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। स्टेडियम में मैच की तैयारियां तेज स्टेडियम प्रबंधन और सुरक्षा को लेकर भी CSCS सक्रिय है। खेल विभाग, पुलिस, नगर निगम और अन्य आवश्यक विभागों को मेजबानी की जानकारी भेज दी गई है और उनकी सहायता मांगी गई है। स्टेडियम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खरा उतारने के लिए सभी व्यवस्थाएं तय समय पर पूरी की जा रही हैं।     50–60 लाख रुपये का मेंटेनेंस बजट     15 दिनों में सभी काम पूरे करने का लक्ष्य     फ्लड लाइट पूरी तरह जनरेटर पर चलेंगी     सुरक्षा, ट्रैफिक, पार्किंग और एंट्री गेट मैनेजमेंट के लिए पुलिस, नगर निगम व अन्य विभागों को सूचना भेज दी गई है क्यों खास है यह मुकाबला?     स्टेडियम पहली बार CSCS की पूर्ण जिम्मेदारी में एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय मैच आयोजित कर रहा     हाल ही में स्टेडियम को 30 साल की लीज पर संघ को सौंपा गया     यहां टेस्ट क्रिकेट की संभावनाएं भी इसी फैसले से मजबूत हुई हैं     फैंस को लंबे समय बाद इस प्रतिष्ठित मैदान पर टीम इंडिया को लाइव देखने का मौका मिलेगा भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका वनडे और टी-20 सीरीज का शेड्यूल भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच इस समय दो मैचों की टेस्ट सीरीज जारी है। टेस्ट मुकाबलों के खत्म होते ही सीमित ओवरों की श्रृंखला शुरू होगी। वनडे सीरीज का पहला मुकाबला 30 नवंबर 2025 को रांची में खेला जाएगा। इसके बाद दूसरा वनडे 3 दिसंबर 2025 को रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में होगा। तीसरा और अंतिम वनडे 6 दिसंबर 2025 को विशाखापट्टनम (वाइजैक) में आयोजित किया जाएगा। सभी वनडे मुकाबले 3 दिसंबर की दोपहर 1:30 बजे से शुरू होंगे। हालांकि टॉस दोपहर 1:00 होगा। टी-20 सीरीज का शेड्यूल वनडे के बाद दोनों टीमों के बीच टी-20 सीरीज शुरू होगी। पहला टी-20 मुकाबला 9 दिसंबर 2025 को कटक में खेला जाएगा। दूसरा टी-20 11 दिसंबर को मुल्लांपुर में, जबकि तीसरा टी-20 14 दिसंबर को धर्मशाला में होगा। चौथा टी-20 17 दिसंबर को लखनऊ में निर्धारित है और श्रृंखला का पांचवां तथा अंतिम टी-20 मुकाबला 19 दिसंबर 2025 को अहमदाबाद में खेला जाएगा।

High Court का फैसला: मानसिक क्रूरता के चलते पत्नी को तलाक देने की अनुमति

बिलासपुर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक बहुत ही अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने पत्नी का पति से शारीरिक संबंध न बनाने को मानसिक क्रूरता माना है। हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट के आदेश को खारिज करते हुए पति की दायर अपील पर तलाक का आदेश जारी किया है। कोर्ट ने कहा कि पति को शारीरिक संबंध बनाने से रोकना उसके साथ मानसिक क्रूरता है। जस्टिस रजनी दुबे और जस्टिस एके प्रसाद की डिवीजन बेंच ने कहा कि 11 साल अलगाव और पत्नी की शारीरिक संबंध के लिए ईच्छा न होना मानसिक क्रूरता मानी जाएगी। विवाह के एक महीने बाद ही पत्नी मायके चली गई थी। यह था पति और पत्नी के बीच पूरा मामला दरअसल अंबिकापुर के शख्स की शादी 30 मई 2009 को रायपुर की महिला के साथ हुई थी। पति का आरोप है कि शादी के एक महीने बाद ही उसे पत्नी मायके चली गई। जिस पर उन्होंने फैमिली कोर्ट में तलाक की मांग करते हुए आवेदन दिया। पत्नी पर आरोप लगाया कि वह वैवाहिक दायित्व निभाने से इनकार कर रही है। महिला ने पति को यहां तक धमकी दे डाली कि अगर  वो शारीरिक संबंध बनाएगा तो अपना जीवन खत्म लेगी। पति की कई कोशिशों के बाद भी पत्नी मायके से वापस नहीं लौटी।  केस दर्ज होने के बाद भी उसने कभी पति से संपर्क नहीं किया। महिला ने पति पर मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना के आरोप लगाए थे। फैमिली कोर्ट की सुनवाई के दौरान पत्नी ने पति के आरोपों को निराधार बताया। कहा कि उसका पति एक साध्वी का भक्त हैं और वो वैवाहिक संबंधों में रुचि नहीं रखते ।  आरोप लगाया कि पति बच्चे नहीं चाहता था। पत्नी ने पहले वैवाहिक अधिकारों की बहाली के लिए अर्जी भी लगाई, लेकिन बाद में उसे वापस ले लिया। फैमिली कोर्ट ने पति की अर्जी को खारिज कर दिया। पति ने फैमिली कोर्ट के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी पति फैमिली कोर्ट के फैसले से संतुष्ट नहीं हुआ और हाईकोर्ट में फैसले को चुनौती दी। कहा कि फैमिली कोर्ट ने उनके तर्कों को सुने बगैर ही तलाक की अर्जी खारिज की है। हाईकोर्ट ने मामले में सुनवाई करते हुए पाया कि पति-पत्नी 11 सालों से अलग रह रहे हैं। पत्नी ने माना कि वह अब पति के साथ वैवाहिक जीवन जारी नहीं रखना चाहती। हाईकोर्ट ने अलगाव के लंबे अंतराल को मानसिक क्रूरता माना और पति की तलाक की अपील को स्वीकार किया।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह के साथ PM मोदी करेंगे किसानों को राशि का वितरण

धमतरी   छत्तीसगढ़ में बुधवार को धमतरी जिले में एक बड़ा राजनीतिक एवं प्रशासनिक कार्यक्रम आयोजित होने जा रहा है, जहां केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय धमतरी पहुंचेंगे। दोनों नेता एकलव्य खेल मैदान में आयोजित जनसभा में शामिल होंगे। इसी दिन कोयंबटूर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 21वीं किश्त जारी की जाएगी, जिसका सीधा प्रसारण धमतरी के सभा स्थल पर कराया जाएगा। कार्यक्रम के बाद चौहान जनसभा को संबोधित करेंगे और केंद्र की कृषि नीतियों, किसान हितैषी योजनाओं तथा छत्तीसगढ़ के लिए आगामी योजनाओं पर अपने विचार रखेंगे। धमतरी जिला प्रशासन और भारतीय जनता पार्टी इस बड़े आयोजन की तैयारी में जुटे हैं। व्यवस्थाओं की समीक्षा लगातार की जा रही है। वहीं सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय मंत्री के इस दौरे पर धमतरी जिले के लिए विशेष पैकेज की मांग भी रखी जा सकती है, जिससे जिले में कृषि, सिंचाई और ग्रामीण विकास से जुड़े प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। कार्यक्रम को लेकर जिलेभर में उत्साह का माहौल है और बड़ी संख्या में किसानों एवं ग्रामीण जनों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही हैग पीएम किसान योजना की 21वीं किस्त जानकारी के अनुसार, 2 अगस्त को योजना से जुड़े देशभर के किसानों के खाते में 20वीं किस्त जारी कि गई थी। अब 3 महीने का समय में बीत चुका है। ऐसे में करोड़ों किसान 21वीं किस्त(PM Kisan 21th Installment) का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। बता दें कि, केंद्र सरकार 19 नवंबर को पीएम किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त जारी करेगी। 21वीं किस्त का लाभ मध्यप्रदेश सहित देशभर के 9 करोड़ से अधिक पात्र किसानों को मिलने वाला है। इस किस्त के लिए सरकार कुल 18 हजार करोड़ रुपए की राशि हस्तांतरित करेगी। पात्रता की मुख्य शर्तें     आवेदक मध्य प्रदेश के स्थायी निवासी हो     वे किसान, जिनके पास कृषि योग्य भूमि हो     दो हेक्टेयर या उससे कम भूमि हो     आवेदक किसान के पास आधार कार्ड हो     बैंक अकाउंट होना भी अनिवार्य है     पीएम किसान के लिए फार्मर आइडी अनिवार्य  

CCTV में कैद वारदात: लड़कियों ने मंदिर की दानपेटी चुराई

  बिलासपुर बिलासपुर के अशोक नगर स्थित भूतेश्वर महादेव मंदिर में दानपेटी चोरी का मामला सामने आया है। मंदिर परिसर में रखी दानपेटी चोरी की पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। घटना सामने आने के बाद मंदिर प्रबंधन में हड़ंकप मच गया और इसकी जानकारी तुरंत संबंधित लोगों को दी गई। सीसीटीवी फुटेज की जांच में पता चला कि अशोक नगर स्थित अटल आवास में रहने वाली तीन नाबालिग लड़कियां इस चोरी की घटना में शामिल थीं। फुटेज में देखा गया कि किस तरह तीनों लड़कियां दानपेटी के पास पहुंचीं और उसे उठाकर वहां से लेकर भाग गईं। मंदिर समिति ने इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई शुरू की और पूरी जानकारी सरकंडा थाने को दी। पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ कि दानपेटी चोरी करने के बाद इन नाबालिगों ने उसे गणपति हॉस्पिटल के पीछे स्थित खेत में गड्ढा खोदकर छिपा दिया था। बताया गया कि पुलिस और परिजनों की मौजूदगी में तीनों नाबालिगों से पूछताछ की गई। समाज व परिवार के सामने अपनी गलती महसूस करते हुए युवतियों के परिजनों ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। परिजनों ने भरोसा दिलाया कि ऐसी गलती दोबारा नहीं दोहराई जाएगी। चूंकि तीनों लड़कियां नाबालिग हैं, इसलिए मामले को संवेदनशील मानते हुए उन्हें कड़ी कानूनी कार्रवाई से फिलहाल बचाया गया। तीनों को समझाइश देकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।

पंडुम कैफे का शुभारंभ बस्तर में नक्सल उन्मूलन की दिशा में हो रहे सकारात्मक परिवर्तन का प्रेरक प्रतीक : मुख्यमंत्री साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर में सामाजिक-आर्थिक बदलाव के नए अध्याय की शुरुआत करते हुए आज जगदलपुर में ‘पंडुम कैफ़े’ का शुभारंभ किया। यह कैफ़े नक्सली हिंसा के पीड़ितों और समर्पण कर चुके सदस्यों के पुनर्वास हेतु छत्तीसगढ़ सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसने हिंसा का मार्ग छोड़कर मुख्यधारा में लौटने वालों को सम्मानजनक और स्थायी आजीविका प्रदान करने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाया है। यह अनूठी पहल संघर्ष से सहयोग तक के प्रेरणादायक सफर को दर्शाती है।‘पंडुम कैफ़े’ जगदलपुर के पुलिस लाइन परिसर में स्थित है। मुख्यमंत्री श्री साय ने ‘पंडुम कैफे’ में कार्यरत नारायणपुर की फगनी, सुकमा की पुष्पा ठाकुर, बीरेंद्र ठाकुर, बस्तर की आशमती और प्रेमिला बघेल के साथ सौहार्दपूर्ण बातचीत की। उन्होंने नई शुरुआत के लिए उनका हौसला बढ़ाया और ‘पंडुम कैफ़े’ के बेहतर संचालन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं भी दीं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि पंडुम कैफ़े का शुभारंभ बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद के उन्मूलन की दिशा में हो रहे सकारात्मक परिवर्तन का एक प्रेरक प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने साय ने कहा कि पंडुम कैफे आशा, प्रगति और शांति का उज्ज्वल प्रतीक है। कैफे में कार्यरत युवा, जो नक्सली हिंसा के पीड़ित तथा हिंसा का मार्ग छोड़ चुके सदस्य हैं, अब शांति के पथ पर अग्रसर हो चुके हैं। जिला प्रशासन और पुलिस के सहयोग से उन्हें आतिथ्य सेवाओं, कैफ़े प्रबंधन, ग्राहक सेवा, स्वच्छता मानकों, खाद्य सुरक्षा और उद्यमिता कौशल का गहन प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। हिंसा का मार्ग छोड़कर शांति के पथ पर लौटे और कैफ़े में कार्यरत एक महिला ने इस अवसर पर भावुक होकर इस पुनर्वास पहल से हुए बदलाव की बात दोहराई। एक पूर्व माओवादी कैडर ने कहा कि,“हमने अपने अतीत में अंधेरा देखा था। आज हमें समाज की सेवा करने का यह अवसर मिला है, यह हमारे लिए एक नया जन्म है। बारूद की जगह कॉफी परोसना और अपनी मेहनत की कमाई से जीना—यह एहसास हमें शांति और सम्मान दे रहा है।” एक अन्य सहयोगी ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि,“पहले हम अपने परिवार को सम्मानजनक जीवन देने का सपना भी नहीं देख सकते थे। अब हम अपनी मेहनत से कमाए पैसों से घर के सदस्यों का भविष्य संवार सकते हैं। यह सब प्रशासन और इस कैफ़े की वजह से संभव हुआ है।” एक अन्य सदस्य ने समुदाय के सहयोग पर जोर देते हुए कहा कि,“हमें लगा था कि मुख्यधारा में लौटना आसान नहीं होगा, लेकिन पुलिस और जिला प्रशासन ने हमें प्रशिक्षण दिया और हमारा विश्वास जीता। सबसे बड़ी बात यह है कि हम अब पीड़ितों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं, जिससे हमें अपने अतीत के अपराधों को सुधारने और शांति स्थापित करने का अवसर मिला है।” उन्होंने यह भी बताया कि ‘पंडुम’ बस्तर की सांस्कृतिक जड़ों को दर्शाता है, और इसकी टैगलाइन “जहाँ हर कप एक कहानी कहता है” इस बात का प्रतीक है कि यहाँ परोसी गई कॉफी सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि साहस, संघर्ष पर विजय और एक नई शुरुआत की कहानी भी अपने साथ लेकर आती है। इस अवसर पर वन मंत्री  केदार कश्यप, शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, सांसद महेश कश्यप, जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव, चित्रकोट विधायक विनायक गोयल, बेवरेज कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी, अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रूपसिंह मंडावी, जगदलपुर महापौर संजय पांडे, जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप, संभागायुक्त डोमन सिंह, पुलिस महानिरीक्षक सुन्दरराज पी., कलेक्टर हरिस एस., पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारीगण भी उपस्थित थे।

उत्तर बस्तर कांकेर में आपदा राहत मंजूर, चार परिवारों को मिलेगी आर्थिक सहायता

उत्तर बस्तर कांकेर, कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने राजस्व पुस्तक परिपत्र खण्ड 6-4 में प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए आकाशीय बिजली गिरने तथा सर्प काटने से मृत्यु होने के 04 प्रकरणों में मृतकों के निकटतम आश्रितों को चार-चार लाख रूपए की मान से 16 लाख रुपए की सहायता राशि स्वीकृत की है। नरहरपुर तहसील अंतर्गत ग्राम चंवाड़ के 52 वर्षीय राजकुमार निषाद की आकाशीय बिजली गिरने से मृत्यु होने के प्रकरण में उनकी पत्नी श्रीमती ममता निषाद के लिए चार लाख रूपए तथा ग्राम डुमरपानी निवासी 35 वर्षीय रामभाऊ नेताम की सर्प काटने से मृत्यु होने के कारण पत्नी चिन्ताबाई नेताम के लिए चार लाख रूपए की सहायता राशि स्वीकृत की गई है। इसी प्रकार कांकेर तहसील के ग्राम पीढ़ापाल निवासी 60 वर्षीय धनराज पोया की सर्प काटने से मृत्यु होने के प्रकरण में उनकी पत्नी  प्रमिला के लिए चार लाख रूपए तथा सरोना तहसील के ग्राम चोरिया निवासी 65 वर्षीय बिंदा कुंजाम की सर्प काटने से मृत्यु होने के प्रकरण में उनके निकटतम आश्रित सगाबाई, सगन और सगउ के लिए संयुक्त रूप से चार लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि कलेक्टर द्वारा स्वीकृत की गई है।

दिव्यांगजन कल्याण एवं पुनर्वास नीति 2025: ड्राफ्ट को सशक्त बनाने हेतु 18 नवंबर को कार्यशाला

  ’राष्ट्रीय स्तर के प्रसिद्ध विशेषज्ञ का होगा विमर्श’ रायपुर, छत्तीसगढ़ शासन के समाज कल्याण विभाग और यूनिसेफ के विशेष सहयोग से रायपुर स्थित एक नीजि होटल में ’’छत्तीसगढ़ राज्य दिव्यांगजन कल्याण एवं पुनर्वास नीति 2025’’ के ड्राफ्ट को और सशक्त बनाने महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन करेगा। यह कार्यशाला महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न होगी। कार्यशाला का उद्देश्य है कि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के तहत प्रदेश के दिव्यांगजनों के लिए एक व्यापक और समावेशी नीति को अंतिम रूप देना है। दिव्यागजन अधिकार अधिनियम, 2016 एक ऐतिहासिक कानून है जो दिव्यांगता को दया के बजाय ’अधिकार’ के विषय के रूप में स्थापित करता है। अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार प्रदेश में प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए समाज कल्याण विभाग द्वारा ’’छत्तीसगढ़ राज्य दिव्यांगजन कल्याण एवं पुनर्वास नीति 2025’’ का एक व्यापक ड्राफ्ट तैयार किया गया है। ड्राफ्ट को और अधिक सशक्त एवं समावेशी बनाने के लिए यह कार्यशाला यूनिसेफ के विशेष सहयोग से आयोजित की जा रही है। यह कार्यशाला ’’हमारे बिना, हमारे बारे में कुछ भी नहीं’’ के मार्गदर्शी सिद्धांत पर आधारित होगी। इसका मुख्य उद्देश्य नीति को अंतिम रूप देने से पहले प्रमुख हितधारकों, विभिन्न संबंधित विभागों और राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों से अमूल्य सुझाव एवं व्यावहारिक फीडबैंक प्राप्त करना है। इस महत्वपूर्ण विमर्श को तकनीकी और विशेषज्ञ राय प्रदान करने के लिए देश के जाने-माने विशेषज्ञ शामिल होंगे। इनमें श्री राजीव रतूड़ी (राजीव रतूड़ी बनाम भारत संघ के ऐतिहासिक मामले में मुख्य याचिकाकर्ता एवं डिसेबिलिटी राइट्स प्रमोशन इंटरनेशनल के एशिया पेसिफिक क्षेत्रीय अधिकारी), श्री समीर घोष (समावेश सलाहकार, विश्व बैंक), श्री अखिल पॉल (मुख्य संरक्षक, सेंस इंटरनेशनल इंडिया) और यूनिसेफ की विशेषज्ञ सुश्री अलका मल्होत्रा प्रमुख हैं। नीति-निर्माण में ’’समग्र शासन दृष्टिकोण’’ सुनिश्चित करने के लिए कार्यशाला में राज्य शासन के विभिन्न प्रमुख विभागों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। कार्यशाला में गृह (पुलिस), पंचायत एवं ग्रामीण विकास, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति कल्याण, जनसंपर्क एवं पर्यटन, सामान्य प्रशासन, लोक निर्माण विभाग, स्कूल शिक्षा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, वित्त, वाणिज्य एवं उद्योग, परिवहन, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी, उच्च शिक्षा, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार, महिला एवं बाल विकास, नगरीय प्रशासन एवं विकास, श्रम, खेल एवं युवा कल्याण और ग्रामोद्योग विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। कार्यशाला में मुख्य अपेक्षित परिणाम ड्राफ्ट नीति के हर अध्याय जैसे- शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सुलभता और सामाजिक सुरक्षा पर विशेषज्ञों और इन सभी विभागों से ठोस इनपुट प्राप्त करना है। कार्यशाला में प्राप्त सुझावों को समाहित कर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि अंतिम नीति न केवल व्यापक, समावेशी और सुदृढ़ बने, बल्कि प्रदेश में दिव्यांगजनों के जीवन में वास्तविक व सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।

समितियों पर बड़ी कार्रवाई: धान खरीदी रोकने पर 250 दुकानों की मान्यता रद्द, 12 पर मामला दर्ज

रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने रायपुर जिले की राशन दुकानों का आवंटन निरस्त करने का बड़ा फैसला लिया है. रविवार को छुट्टी का दिन होने के बावजूद धान खरीदी में सहयोग नहीं करने वाली सहकारी समितियों द्वारा संचालित 250 राशन दुकानों का आवंटन निरस्त किया गया है. अब इन दुकानों के संचालन का जिम्मा ग्राम पंचायतों को सौंप दिया गया है. पंचायतों से कहा गया है कि वे अपने लोगों की मदद से राशन दुकानों का संचालन करें.   जानकारी के मुताबिक, कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह को लगातार इस बात की शिकायत मिल रही थी कि सहकारी समितियां धान खरीदी करने में बिना वजह व्यवधान पैदा कर रही हैं. किसानों को धान बेचने से भी रोक रहे थे. इतना ही नहीं मंडियों में पहुंचने वाले किसानों को कई तरह की बातें बताकर वापस किया जा रहा था. लगातार इस तरह की शिकायत मिलने के बाद ही कलेक्टर ने आदेश जारी किया कि अब रायपुर जिले में जिन 250 राशन दुकानों का संचालन सहकारी समितियां कर रही थी, उनका संचालन अब ग्राम पंचायत वाले करेंगे. 12 कंप्यूटर ऑपरेटरों पर एफआईआर राज्य में हड़ताल पर गए सहकारी समितियों के कर्मचारियों पर सरकार ने एस्मा लागू कर दिया है. सभी कर्मचारियों को हड़ताल खत्म कर धान खरीदी के लिए मंडियों में लौटने के निर्देश दिए गए हैं. ड्यूटी में कर्मचारियों को वापस नहीं लौटने पर सरकार ने एक्शन लेना शुरू किया. रायपुर के पुरानी बस्ती, खरोरा, धरसींवा और तिल्दा-नेवरा थानों में दर्जनभर कर्मचारियों पर छत्तीसगढ़ अति आवश्यक सेवा संधारण व विच्छिन्नता निवारण अधिनियम 1979 के तहत केस दर्ज किया गया है. जानकारी के मुताबिक पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र में राजू दास, ओमप्रकाश माहले, विजय गुप्ता, सुवेश, आनंद सहित अन्य पर केस दर्ज किया गया है. धरसींवा में बृज मोहन देवांगन, तिल्दा में रामकुमार वर्मा और पोषण लाल धुरंधर, जबकि खरोरा में कौशल वर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है. सभी कर्मचारी मंडियों में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत हैं. हड़ताली समिति प्रबंधकों को लगा बड़ा झटका कलेक्टर के इस फैसले के बाद हड़ताल करने वाले सहकारी समिति प्रबंधकों को बड़ा झटका लगा है. समिति प्रबंधकों ने भी आरोप लगाया है कि हड़ताल तोड़ने के लिए ये फैसला लिया गया है. इस फैसले के बाद भी अभी तक हड़ताल खत्म करने की कोई सूचना जारी नहीं की गई है. ग्रामीण इलाकों में लंबे समय से दुकानों का संचालन सहकारी समितियां ही कर रही थी.

नशामुक्त भारत अभियान के 5 वर्ष: छत्तीसगढ़ जुटा जनभागीदारी से नया रिकॉर्ड बनाने में

रायपुर, देशभर में 18 नवम्बर को नशामुक्त भारत अभियान की पाँचवीं वर्षगांठ पर राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस अवसर का मुख्य कार्यक्रम अमृतसर, पंजाब में होगा, जिसमें  प्रधानमंत्री  श्री नरेंद्र मोदी का संदेश वर्चुअल माध्यम से पूरे देश में प्रसारित किया जाएगा। इस राष्ट्रीय आयोजन से राज्य के हर हिस्से को जोड़ने के लिए छत्तीसगढ़ में भी बड़े पैमाने पर कार्यक्रमों का आयोजन सुनिश्चित किया गया है। छत्तीसगढ़ के सभी जिलों, विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, स्कूलों, विभागीय संस्थानों, स्वयं सहायता समूहों तथा आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से सामूहिक रूप से नशामुक्ति शपथ दिलाई जाएगी। राज्यभर में नशा छोड़ने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और युवाओं को नशे से दूर रखने के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए व्यापक तैयारी की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ में 70 स्थानों से वर्चुअल जुड़ाव की व्यवस्था की गई है, जिससे व्यापक जनसहभागिता सुनिश्चित होगी। जिला स्तर पर कलेक्टोरेट, जिला मुख्यालय सहित विभिन्न स्थानों से लगभग 26 हजार 190 लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। उच्च शिक्षा संस्थानों में भी उत्साह देखने को मिल रहा है। राज्य के 25 विश्वविद्यालयों सहित उच्च शिक्षा संस्थानों में लगभग 4 लाख 48 हजार 995 प्रतिभागियों के शामिल होने का अनुमान है। वहीं अन्य विभागों के अधीन आने वाले 2,131 संस्थानों में 3 लाख 37 हजार 890 प्रतिभागी इस कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे। स्वयं सहायता समूहों एवं आंगनबाड़ी-आशा कार्यकर्ताओं की सहभागिता भी महत्वपूर्ण रहेगी। प्रदेश के 28 हजार 753 स्वयं सहायता समूहों एवं आशा समूहों के माध्यम से लगभग 2 लाख 50 हजार 234 लोगों को नशामुक्ति शपथ दिलाई जाएगी। इसके अलावा 46 हजार 842 प्रतिभागियों के अन्य स्थानों से वर्चुअल रूप से जुड़ने की भी उम्मीद है। राज्यभर में अधिकारियों, जिला कलेक्टरों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षण संस्थानों के प्रमुखों और अन्य गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति इस राष्ट्रीय अभियान को और प्रभावी बनाएगी। समाज कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ द्वारा कार्यक्रम की तैयारी पूर्ण करने एवं सफल संचालन हेतु सभी जिलों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।राज्य सरकार का मानना है कि इस सामूहिक संकल्प के माध्यम से नशामुक्त और स्वस्थ समाज निर्माण की दिशा में जागरूकता और सकारात्मक परिवर्तन को नई गति मिलेगी।

युवक का शव नाले में बरामद, हत्या का मामला होने की आशंका गहराई

दुर्ग दुर्ग जिले में एक बार फिर हत्या की वारदात सामने आई है। इस बार दुर्ग शहर के पोलसायपारा में नाले में युवक की लाश मिलने से हड़कंप मच गया। सफाई कर्मियों ने शव को देखा और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को बाहर निकलवाया और जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि युवक की हत्या के बाद शव को नाली में फेंका गया है। जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान संजय यादव के रूप में हुई है। सोमवार की सुबह पोलसायपारा में सफाई के दौरान कर्मियों की नजर नाले में पड़े शव पर पड़ी। देखते ही देखते बात फैली और भीड़ जमा हो गई। मौके से पुलिस को सूचना दी गई। कुछ ही देर में पुलिस की टीम भी पहुंची। पहले शव को बाहर निकलवाया गया। पुलिस ने फॉरेंसिक टीम को बुलाकर घटनास्थल का मुआयना कराया। शुरुआती जांच में शव पर चोट के निशान मिले हैं। इससे आशंका जताई जा रही है कि युवक की हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाया गया। पुलिस ने आसपास के सीसी टीवी कैमरों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है और हत्या के कारणों व आरोपियों का पता लगाने के लिए टीम गठित कर दी गई है। इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है फिलहाल मामले की जांच जारी है।