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सरकारी दफ्तर बना पार्टी स्पॉट, प्रमोशन पर अधिकारी ने उड़ाई नियमों की धज्जियां

बालोद जिले में फिर एक बार नौकशाही का नमूना देखने मिला है। यहां एक नौकरशाह का ठाठ देखने मिला है, जहां साहब सिविल सेवा आचरण नियम को ताक पर रखकर मुर्गा पार्टी की दावत दे रहे हैं, वो भी कार्यालय प्रांगण में और कार्यालयीन समय पर। ये साहेब हैं बालोद जिले के मंडी सचिव संजीव वाहिले, जिन्होंने प्रमोशन मिलने पर अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को मुर्गा पार्टी की दावत दे डाली। दरअसल बुधवार को जिला मुख्यालय बालोद के गंजपारा स्थित कृषि उपज मंडी के प्रांगण कार्यालय में मंडी के ही कर्मचारियों द्वारा भोजन बनाया जा रहा था और भोजन में मुर्गा की भी दावत रही। बताया गया है कि मंडी सचिव संजीव वाहिले ने सचिव बनने के उपलक्ष्य पर अपने कर्मचारियों को मुर्गा दावत की पार्टी दी थी। लेकिन बड़ी बात यह है कि मुर्गा पार्टी की दावत कार्यालय प्रांगण में रखी गई और मुर्गा सहित अन्य भोजन भी कार्यालय परिसर प्रांगण में ही बनाया गया, वो भी कार्यालयीन समय पर।   बता दें कि गुरेज इस बात का नहीं है कि मंडी सचिव ने प्रमोशन मिलने पर दावत दी। गुरेज इस बात से है कि कार्यालयीन समय पर कर्मचारियों से कार्यालय प्रांगण में ही मुर्गा सहित अन्य भोजन को बनवाया गया और फिर दावत उड़ाई गई। अगर उन्हें प्रमोशन मिलने पर पार्टी देनी ही थी, तो कार्यालयीन समय के पश्चात कही बाहर दे देते। उनका यह कृत्य सिविल सेवा आचरण अधिनियम का उल्लंघन दर्शाता है। मामले में जब मंडी सचिव संजीव वाहिले से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि उनका प्रमोशन हुआ है तो स्टाफ वाले बोले कि खाना खाएंगे, इसलिए पार्टी रखी गई थी।

कड़ाके की सर्दी की शुरुआत: छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में शीतलहर का असर

रायपुर प्रदेश में लगातार ठंड बढ़ती जा रही है. अम्बिकापुर समेत उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ क्षेत्रों में शीतलहर चल रही है. अम्बिकापुर में न्यूनतम तापमान 7.6 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया. इधर, राजधानी में न्यूनतम तापमान 14.2 डिग्री सेल्सियस और माना में 12.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम विभाग ने बुधवार को उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में एक-दो क्षेत्रों में शीतलहर चलने की संभावना जताई है. मंगलवार को रायपुर में अधिकतम तापमान 29.4 डिग्री सेल्सियस, माना एयरपोर्ट में 29.5 डिग्री सेल्सियस, बिलासपुर में 28.2 डिग्री, पेंड्रारोड में 26.8 डिग्री, अम्बिकापुर में 26.2 डिग्री, जगदलपुर में 30.7 डिग्री और दुर्ग में 29.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं रायपुर में न्यूनतम तापमान 14.2 डिग्री सेल्सियस, माना एयरपोर्ट में 12.6 डिग्री सेल्सियस, बिलासपुर में 12.6 डिग्री, पेंड्रारोड में 9 डिग्री, अम्बिकापुर में 7.6 डिग्री, जगदलपुर में 16.4 डिग्री, दुर्ग में 10.2 डिग्री और राजनांदगांव में 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम ? रायपुर में बुधवार को आकाश साफ रहने और अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है.

शिक्षा गुणवत्ता पर फोकस: 22 अधिकारी स्कूलों में करेंगे निगरानी

रायपुर शिक्षा गुणवत्ता में सुधार और बोर्ड परीक्षा में बेहतर रिजल्ट लाने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी गाइड लाइन का कितना पालन जिलों और स्कूलों में हो रहा है, इसकी मॉनिटरिंग करने के लिए 22 राज्य स्तरीय अफसरों को जवाबदारी सौंपी गई है. ये अफसर आबंटित जिलों में जाकर अधिकारियों की न केवल बैठक लेंगे बल्कि स्कूलों का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति से रूबरू होंगे. स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 5वीं, 8वीं, 10वीं और 12वीं के गत वर्ष के रिजल्ट को देखते हुए इस बार कार्ययोजना तैयार की गई है ताकि रिजल्ट में सुधार किया जा सके. हर माह यूनिट टेस्ट लिया जाएगा. इसके अलावा बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए बच्चों को ब्लू प्रिंट से अवगत कराया जा सकेगा. कमजोर बच्चों के लिए स्कूल के शिक्षकों को मेंटर नियुक्त करते हुए बच्चों का समूह बनाकर जिम्मेदारी दी जाएगी. शिक्षा विभाग द्वारा बनाई गई कार्ययोजना का फील्ड में क्रियान्वयन हो रहा है या नहीं, इसकी मॉनिटरिंग राज्य स्तर के अफसर करेंगे. लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा इसके लिए संयुक्त संचालक से लेकर सहायक संचालक स्तर के 22 अफसरों को जिले आबंटित कर जवाबदारी सौंपी गई है. ये अफसर आबंटित जिलों में जाकर अधिकारियों की बैठक लेकर प्रोत्साहित करेंगे तथा स्कूलों का औचक निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति से अवगत होंगे. संचालनालय ने कहा है कि सभी अफसर 20 नवंबर तक निरीक्षण प्रतिवेदन लोक शिक्षण संचालनालय में प्रस्तुत करेंगे. कार्ययोजना के अनुसार बच्चों और शिक्षकों की नियमित उपस्थिति पर जोर दिया गया है. छमाही परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन एक-दूसरे स्कूलों तथा वार्षिक परीक्षा का मूल्यांकन दूसरे विकासखंडों में कराया जाएगा. इसके अलावा बच्चों की हैंडराइटिंग, होमवर्क पर विशेष ध्यान देने कहा गया है. किस अधिकारी को कौन से जिले की जिम्मेदारी संयुक्त संचालक किशोर कुमार को जगदलपुर और बीजापुर, उप संचालक आशुतोष चावरे बालोद और गरियाबंद, राकेश पांडेय बलरामपुर व जशपुर, हेमन्त उपाध्याय सारंगढ़-बिलाईगढ़, सक्ती, आर. एल. ठाकुर कवर्धा, दुर्ग, अशोक नाराण बंजारा बिलासपुर, रायगढ़, बनवारी देवांगन कोरिया, एमसीबी, आनंद सारस्वत कांकेर, राजेश सिंह सुकमा, नारायणपुर, डी.के. कौशिक दंतेवाड़ा, राजनांदगांव, सहायक संचालक महेश नायक महासमुंद और रायपुर, हरिश्चंद्र दिलावर मुंगेली, अमरदास कुर्रे धमतरी, लवकुमार साहू बेमेतरा, आदित्य पाटनवार गौरेला-पेंड्रा मरवाही, रामजी पाल कोरबा, सतीश नायर, जांजगीर-चांपा, इंदिरा गांधी बलौदाबाजार, बजरंग प्रजापति केसीजी, मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी, ओमप्रकाश देवांगन कोण्डागांव, प्रकाशचंद्र मिश्र सूरजपुर और अखिलेश तिवारी को अंबिकापुर जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है.

सुरक्षा और सम्मान साथ-साथ—महासमुंद में जरूरतमंदों को मिल रहा नियमित पेंशन लाभ

रायपुर, छत्तीसगढ़ सरकार की सामाजिक सुरक्षा पहलों ने महासमुंद जिले में बुजुर्गों, विधवाओं, निराश्रितों और दिव्यांगजनों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। समाज कल्याण विभाग द्वारा योजनाओं का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करते हुए पात्र हितग्राहियों को नियमित आर्थिक सहायता और जीवनयापन में सम्मान प्रदान किया जा रहा है। सितम्बर 2025 तक जिले में कुल 99,381 हितग्राहियों को विभिन्न पेंशन योजनाओं से लाभान्वित किया गया है। इनमें—इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना से 34,310,राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना से 9,997,राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना अंतर्गत 973 हितग्राही लाभान्वित हुए हैं। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना से 24,686,सुखद सहारा पेंशन योजना से 9,272 और मुख्यमंत्री पेंशन योजना अंतर्गत 20,143 पात्र लाभार्थियों को नियमित आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।इन योजनाओं से जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक स्थिरता मिली है, जिससे वे गरिमा के साथ जीवनयापन कर सकें। इसके अलावा, राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना के तहत अब तक 54 जरूरतमंद परिवारों को आकस्मिक परिस्थितियों में आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। यह अल्पकालिक सहायता परिवारों को मुश्किल समय में राहत पहुंचाने में कारगर सिद्ध हुई है।जिले में निराश्रित एवं निर्धन व्यक्तियों की सहायता अधिनियम तथा दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के प्रावधानों के अंतर्गत पात्र व्यक्तियों को कृत्रिम अंग, सहायक उपकरण और आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। इन पहलों ने दिव्यांगजनों की गतिशीलता और आत्मनिर्भरता को नई दिशा प्रदान की है। सामाजिक सुरक्षा और संवेदनशील प्रशासनिक प्रयासों ने महासमुंद जिले में जरूरतमंदों के जीवन में राहत और आत्मसम्मान का माहौल बनाया है। सरकार की ये योजनाएँ समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्तियों को सशक्त बनाकर खुशहाली की दिशा में सार्थक कदम सिद्ध हो रही हैं।

17 अक्टूबर से शुरू होगी पदोन्नत प्राचार्यों की काउंसिलिंग, लंबे इंतजार को मिली मंजूरी

रायपुर 6 माह पहले पदोन्नत ई संवर्ग के प्राचार्यों का पोस्टिंग का इंतजार खत्म हो रहा है. स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा पदोन्नत प्राचार्यों की पोस्टिंग के लिए 17 नवंबर से काउंसिलिंग आयोजित की जा रही है. काउंसिलिंग में 1 हजार पदोन्नत प्राचार्यों को बुलाया गया है. स्कूल शिक्षा विभाग ने व्याख्याता, व्याख्याता एलबी एवं प्रधान पाठक माध्यमिक ई संवर्ग को कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से प्राचार्य के पद पर पदोन्नति का आदेश 30 अप्रैल को जारी किया था किन्तु पोस्टिंग के पहले ही हाईकोर्ट में याचिका लग गई. हाल ही में हाईकोर्ट ने बाधा खत्म करते हुए प्रकरण का निराकरण कर दिया और शासन के पक्ष में फैसला सुनाया.  कोर्ट के फैसले के बाद 6 माह से पोस्टिंग का इंतजार कर रहे पदोन्नत प्राचार्यों को राहत मिली. अब लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा पदोन्नत प्राचार्यों पोस्टिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी है. पोस्टिंग के लिए 17 नवंबर से काउंसिलिंग आयोजित की जा रही है. राजधानी के शासकीय शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय शंकरनगर में 17 से 21 नवंबर तक काउंसिलिंग रखी गई है. इसमें 1 हजार पदोन्नत प्राचार्यों को शामिल किया गया है. रोजाना 250 प्राचार्यों की काउंसिलिंग होगी. उप संचालक द्वारा जारी सूचना के अनुसार 17 नवंबर को सुबह 10 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक पदोन्नत प्राचायों के क्रम 1 से 125 तक तथा दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक 126 से 250 तक की काउंसिलिंग होगी. इसी तरह 18 नवंबर को सुबह की पाली में सूची क्रम 251 से 375 और दूसरी पाली में 376 से 500 तक, 19 नवंबर को सुबह 501 से 625 तक तथा दूसरी पाली में 626 से 750 तक, 20 नवंबर को सुबह क्रमांक 751 से 875 तक तथा दोपहर को 876 से 1 हजार तक पदोन्नत प्राचार्यों की पोस्टिंग के लिए काउंसिलिंग आयोजित की जाएगी. 21 नवंबर सुबह 10 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक अनुपस्थिति प्राचार्यों की काउंसिलिंग होगी.

संदिग्ध हालात में युवक का सुसाइड, मौके से शराब और कोल्ड ड्रिंक बरामद

कोरबा शहर के एईसीएल कॉलोनी में युवक ने फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया. मृतक की पहचान (32 साल) फणीभूषण ध्रुव के रूप में हुई है. वह रिटार्यड सहायक उप निरीक्षक कलम सिंह ध्रुव का बेटा और पुलिस विभाग में पदस्थ नारायण धुव्र कंप्यूटर ऑपरेटर का भाई था. सभी घर वाले कहीं बाहर गए हुए थे. इसी बीच उसने यह खौफनाक कदम उठाया. मंगलवार शाम को पड़ोसियों ने शक होने पर घर में देखा तब फंदे पर फणीभूषण की लटकी हुई लाश मिली. जिसके बाद परिजनों को घटना की सूचना मिली और मातम छा गया. जानकारी के मुताबिक, पूरा मामला दीपका थाना क्षेत्र के प्रगति नगर कॉलोनी का है. दिनभर घर से कोई बाहर नहीं दिखने पर पड़ोसियों को शक हुआ. मंगलवार शाम को जब उन्होंने दरवाजा खटखटाया तो अंदर से कोई जवाब नहीं मिला. अंदर देखा तो फंदे पर युवक का शव लटका हुआ मिला. उन्होंने पुलिस और परिजनों को घटना की जानकारी दी. शादी के लिए ढूंढ रहे थी लड़की बताया जा रहा है कि मृतक फणीभूषण ध्रुव की शादी नही हुई थी. उसके लिए परिवार वाले लड़की ढूंढ रहे थे. इस घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया. पोस्टमार्टम के पश्चात बुधवार को मृतक का अंतिम संस्कार उनके गृह ग्राम लालपुर (लोरमी) में किया गया. इस घटना के बाद परिजनों का रो रो कर बुराहाल है. कमरे से मिली शराब और कोल्ड ड्रिंक की बोतल सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस को मृतक के कमरे से शराब और कोल्ड ड्रिंक की खाली बोतलें भी बरामद हुई हैं. फिलहाल आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है. दीपका पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है. दीपका थाना के प्रभारी प्रेमचंद्र साहू ने बताया कि सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और बयान दर्ज किया है. आगे की कार्रवाई जारी है.

भावना बोहरा का धार्मिक स्वागत, 125 आदिवासियों ने घर वापसी और हिंदू धर्म अपनाया

कबीरधाम छत्तीसगढ़ में ईसाई धर्म को मानने वाले आदिवासियों की घर वापसी हुई है. कबीरधाम जिले के पंडरिया के नेउर गांव में 41 आदिवासी परिवारों के 125 सदस्यों ने हिंदू धर्म में वापसी की है, जिनका भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक भावना बोहरा ने स्वागत किया. उन्होंने 11 नवंबर को 'जनजाति संस्कृति और गौरव का जनजागरण' कार्यक्रम में 115 आदिवासियों के 'घर वापसी' पर उनके पैर धोए. यह अभियान रुकेगा नहीं: भावना बोहरा भावना बोहरा ने खुशी जताते हुए कहा कि बड़ी संख्या में लोग घर लौट रहे हैं और कई लोग स्वेच्छा से अपने मूल स्थानों पर वापसी के लिए संपर्क कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह अभियान रुकेगा नहीं. 41 परिवारों के लगभग 125 सदस्य घर लौट आए हैं. यह अभियान जारी रहेगा. लगभग डेढ़ महीने पहले 75 से 80 लोग घर लौट आए थे. अब हम वन क्षेत्र में हैं और लोग स्वेच्छा से अपने मूल धर्म में लौटने के लिए हमसे संपर्क कर रहे हैं.' आदिवासी समुदाय का विशाल और समृद्ध इतिहास इसके अलावा भावना बोहरा ने इस बात पर जोर दिया कि लोगों को यह समझ आने लगा है कि अगर वे अपनी संस्कृति में नहीं लौटेंगे, तो वे आने वाली पीढ़ी को आदिवासी समुदाय के विशाल और समृद्ध इतिहास के बारे में नहीं बता पाएंगे. उन्होंने आगे कहा, 'वे लगातार यह समझ रहे हैं कि लालच और दबाव के कारण उन्हें अपने धर्म से दूर कर दिया गया था. अब, जब हमारे बच्चे बड़े होकर अपने भविष्य की ओर बढ़ेंगे तो वे अपने इतिहास के बारे में क्या बताएंगे? क्योंकि आज हम जिस आदिवासी समाज में हैं, जंगल और जमीन ही उनकी पहचान हैं. ये पांच मूल तत्व उनकी पहचान हैं. इन सबसे दूर रहना किसी के लिए भी संभव नहीं है. बहुत बड़ी संख्या में लोग अपने मूल धर्म में लौट आए हैं.' प्रयासों से आदिवासी परिवारों को मिल रहा लाभ इससे पहले, भावना बोहरा पंडरिया विधानसभा क्षेत्र में सनातन संस्कारों के प्रचार-प्रसार से लेकर आदिवासी और वनवासी संस्कृतियों के संरक्षण तक, लगातार सार्थक प्रयास करती रही हैं. इन जमीनी प्रयासों से वन क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासी परिवारों को लाभ मिल रहा है. 125 सदस्यों की धर्म वापसी उन सभी लोगों के लिए एक बड़ी चोट है जो भोले-भाले आदिवासियों को गलत तरीके से धर्म परिवर्तन के लिए बहकाते हैं. भावना बोहरा ने नेउर, अमनिया, कदवानी, दमगढ़ और बिरहुलडीह गांवों के 125 आदिवासी समुदाय के सदस्यों का स्वागत और अभिनंदन किया और उन्हें उनके मूल धर्म में वापसी कराई.

e-KYC अनिवार्यता पर कांग्रेस का विरोध, भाजपा विधायक पुरंदर बोले – ‘कांग्रेस को बिना आरोप लगाए चैन नहीं’

रायपुर महतारी वंदन योजना के लिए ई-केवायसी अनिवार्यता को नाम काटने वाले कांग्रेस के आरोप पर विधायक पुरंदर मिश्रा ने हमला बोला है. पुरंदर ने कहा कि आरोप लगाना कांग्रेस का जन्मसिद्ध अधिकार है, सरकार अच्छा काम करे तो उनको आपत्ति दर्ज करवाना जरूरी है. उनका कहना है कि केवायसी एक प्रक्रिया है, अगर कांग्रेस को आपत्ति है तो उनको चुल्लू भर पानी में डूब मरना चाहिए. पिछले 2 सालों में पूरी तरह से महतारी वंदन योजना की राशि दी जा रही है, हम अंत्योदय के सिद्धांत पर चलते हैं. भाजपा किसान हितैशी सरकार : विधायक पुरंदर प्रदेश में धान खरीदी शुरू होने से पहले प्रदर्शन कर रहे कमर्चारियों को लेकर विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा कि भाजपा किसान हितैषी सरकार है. जो तारीख निश्चित किया गया है उसे तारीख में खरीदी होगा, हड़ताल होते रहते है. मुख्यमंत्री साय का शासन है सब ठीक होगा. नक्सल विरोधी अभियान को लेकर कांग्रेस पर पुरंदर का हमला बीजेपी विधायक पुरंदर मिश्रा ने टॉप नक्सली कमाडंर की माताओं से मुलाकात कर पुनर्वास में बेहतर जीवन के भरोसा दिए जाने पर गृहमंत्री शर्मा का धन्यवाद किया. विधायक ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 8 साल कांग्रेस सरकार में रही. लेकिन 8 नक्सलियों का भी आत्मसमर्पण नहीं करवा पाई. कांग्रेस नक्सलियों से मिलकर छत्तीसगढ़ को बर्बाद करना चाहती थी, इसके लिए कांग्रेस की निंदा करता हूं, गृह मंत्री विजय शर्मा का धन्यवाद उन्होंने नक्सलियों के परिवार वालों को समझाइश दी. जहां अपराध हुए वहां कांग्रसी लिप्त : MLA पुरंदर दिल्ली बम धमाके में केंद्र की जिम्मेदारी पर छत्तीसगढ़ कांग्रेस द्वारा सवाल खड़े किए जाने पर विधायक पुरंदर ने कहा कि भाजपा सरकार में आतंकवाद नक्सलवाद सिर उठाकर नहीं चल सकता, जिन्होंने भी यह किया है, उसका परिणाम वो भुगतेगा. जहां पर भी अपराध हुए वहां पर कहीं ना कहीं कांग्रेसी लिप्त होते हैं. इसका भी कांग्रेस को चिंतन करना चाहिए.

नशा तस्करी मामला: चार दोषियों को 15 साल कैद, एक की तलाश जारी

रायपुर राजधानी के खमतराई थाना क्षेत्र में प्रतिबंधित नशीली टेबलेट निट्रा-10 की अवैध बिक्री करते पकड़े गए चार आरोपियों को कोर्ट ने 15-15 साल की कठोर सजा और एक-एक लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है. यह फैसला विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट) पंकज सिन्हा की अदालत ने सुनाया है. मार्च 2021 में खमतराई पुलिस ने बंजारी मंदिर के पीछे घेराबंदी कर अतुल शर्मा, विनीत शुक्ला, नरेंद्र शर्मा, पदुम कुमार सिंह और युवराज शर्मा को पकड़ा था. इनके पास से अलग-अलग स्ट्रीप और डिब्बों में रखी कुल 10 हजार निट्रा-10 टेबलेट जब्त की थी. पूछताछ में आरोपी बिक्री के वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सके. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने 4 आरोपियों को 15-15 साल की सजा सुनाई है. इनमें से एक आरोपी फरार है, जिसकी तलाश पुलिस कर रही है. पिछले 9 महीनों में 255 से ज्यादा तस्करों को सजा गांजा, हेरोइन, कोकीन, प्रतिबंधित टैबलेट, कैप्सूल और सिरप जैसे नशीले पदार्थों की तस्करी के मामलों में रायपुर नारकोटिक्स कोर्ट सख्त हो गया है. रोजाना इन मामलों में सुनवाई और गवाही हो रही है. यही वजह है कि कोर्ट ने पिछले 9 माह के भीतर नारकोटिक्स के 145 मामलों में 255 से ज्यादा तस्करों को सजा सुनाई है. इनमें तस्करों को एक साल से लेकर 20 साल कारावास तक की सजा सुनाई गई है. कोर्ट ने अपने फैसले में सख्त टिप्पणी करते हुए सूखे नशे को समाज के लिए घातक बताया है. कोर्ट के फैसलों के बाद पुलिस ने भी नारकोटिक्स मामलों में कार्रवाई तेज कर दी है. नारकोटिक्स के प्रकरण विशेष न्यायाधीश पंकज कुमार सिन्हा, किरण थवाइत, शैलेष शर्मा और दिलेश कुमार की अदालतों में चल रहे हैं. तीनों अदालतों में जनवरी से अब तक 145 से ज्यादा मामलों की सुनवाई हुई है. 20 साल कठोर कारावास की सजा मंदिर हसौद में 2023 में गांजा के साथ अजरुद्दीन उर्फ अजहर और उसका साथी पकड़ा गया था. 6 मई 2025 को अदालत ने दोनों आरोपियों को 20 साल के कारावास की सजा सुनाई. डीडी नगर के मामले में सलाम कुरैशी, डीआरआई के केस में जयप्रकाश और साथी, जीआरपी के केस में सहदेव और साथी, सुशील और अन्य, गांजा प्रकरण में मोहनिश कुरैशी तथा मंदिर हसौद के केस में अक्षय कोल को भी 20-20 साल की सजा दी गई है. 15 और 10 साल की कैद आमानाका इलाके में 2024 में पकड़े गए तस्कर अमन सोनकर को 15 साल की सजा हुई. जीआरपी के केस में तरंग राणा, पंडरी के मामले में समीर उर्फ गुड्डू, डीआरआई के केस में एनडी मलेश्वर व अन्यु, खमतराई प्रकरण में हिम्मत बंजारे, आजाद चौक प्रकरण में नियाजुद्दीन और साथी, तेलीबांधा के शेख रहमान को भी 15-15 साल की सजा दी गई है. टिकरापारा के गांजा तस्करी के मामले में कोर्ट ने रितिका बंजारा को 10 साल की कैद हुई. 2024 के प्रकरणों में एक साल में ही सजा कोर्ट एक साल के भीतर ही नशे के मामलों में फैसला सुना रही है. 2024 के 50 से ज्यादा नारकोटिक्स मामलों में कोर्ट ने इस साल सजा सुना दी है. इन सभी मामलों में कैद के साथ अर्थदंड भी लगाया गया है. कार्रवाई से सुनवाई तक हो रही मॉनिटरिंग एसएसपी रायपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि नारकोटिक्स मामलों में कार्रवाई से लेकर सुनवाई तक सुपरविजन और मॉनिटरिंग का एक सिस्टम तैयार किया गया है. टीआई यमन देवांगन की टीम को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है. सुनवाई से पहले केस से जुड़े लोगों से संपर्क करते हैं. सुनवाई के दौरान टीम मौजूद रहती है, ताकि कोर्ट की किसी टिप्पणी या निर्देश पर तुरंत कार्रवाई हो सके. इसी वजह से आरोपियों को सजा मिल रही है.

IIT भिलाई में विरोध प्रदर्शन: छात्र की मौत के बाद प्रशासन पर उठे सवाल

दुर्ग आईआईटी भिलाई के छात्र सोमिल साहू की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद मंगलवार रात जमकर हंगामा हुआ. परिसर में प्रशासनिक भवन के सामने बड़ी संख्या में छात्रों ने देर रात तक विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान वह प्रबंधन से मौत की पूरी जानकरी की मांग करते रहे. उन्होंने मेडिकल सुविधा में लापरवाही के कारण सोमिल की मौत होने का आरोप लगाया. प्रदर्शन की सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने काफी समझाइश के बाद छात्रों को शांत कराया. दरअसल, मंगलवार सुबह करीब 10 बजे छात्र की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उसे तत्काल निजी अस्पताल ले जाया गया. जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. मृतक छात्र सोमिल साहू मूल रूप से मध्यप्रदेश के हरदा जिले का निवासी बताया जा रहा है। वह IIT भिलाई के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग में प्रथम वर्ष का विद्यार्थी था. शुरुआती जांच में पुलिस ने बताया था कि छात्र को मिर्गी (एपिलेप्सी) की बीमारी थी और संभवतः इसी के कारण उसकी हालत बिगड़ी होगी. फिलहाल, शव को लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है. फिलाहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतेजार है, जिससे मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो पाएगा.