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तलाक की अपील खारिज: हाईकोर्ट बोला– क्षमा के बाद क्रूरता आधार नहीं बन सकती

बिलासपुर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक दंपती के बीच विवाद में अहम फैसला सुनाया है. जस्टिस संजय के. अग्रवाल और जस्टिस संजय कुमार जायसवाल की डिवीजन बेंच ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि सबूतों के अभाव में क्रूरता साबित नहीं होती और यदि कोई घटना हुई भी थी, तो पति ने उसे बाद में माफ कर दिया था. हिंदू मैरिज एक्ट की धारा 23(1) (b) के अनुसार यदि क्रूरता माफ कर दी जाए तो तलाक का आधार नहीं बनता. जांजगीर निवासी व्यक्ति की शादी 11 दिसंबर 2020 को सरगांव निवासी महिला के साथ हुई थी. अक्टूबर 2022 को बेटी के जन्म के बाद दोनों के बीच तनाव बढ़ने लगा. पति का आरोप था कि तीन अज्ञात नंबरों से उसे गालियां दी गईं और पत्नी के कथित अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी दी गई. आरोप है कि 29 मार्च 2023 को पत्नी घर छोड़कर चली गईं. इसके बाद 4 अप्रैल 2023 को पति ने हिंदू मैरिज एक्ट के प्रावधानों के तहत तलाक की मांग करते हुए फैमिली कोर्ट में आवेदन प्रस्तुत किया. जांजगीर के फैमिली कोर्ट ने 20 अगस्त 2024 को याचिका खारिज करते हुए कहा था कि क्रूरता साबित नहीं हुई. इस फैसले के खिलाफ पति ने हाई कोर्ट में अपील की थी.

कफ सिरप फर्जीवाड़ा: देर से कार्रवाई ने बढ़ाई शंकाएं, अब जाकर जब्त हुआ डिजिटल सबूत

गरियाबंद राजिम के कुलेश्वर मेडिकल में मिले नकली कफ सिरप पर 30 दिन बाद जाकर कार्रवाई हुई है. सिरप सप्लाई करने वाले नवापारा के नवकार मेडिकल में खाद्य एवं औषधीय प्रशासन टीम ने दबिश देकर डिजिटल साक्ष्य जब्त किए. लेकिन पुख्ता प्रमाण के बाद भी कार्रवाई में हुए विलंब से विभाग पर कई सवाल उठ रहे हैं. चर्चा यह भी है कि इस प्रकरण की बड़ी वजह व्यापारिक प्रतिस्पर्धा है. गरियाबंद खाद्य एवं औषधीय प्रशासन के निरीक्षक धरमवीर सिंह ध्रुव के नेतृत्व में आज रायपुर की टीम के साथ नवापारा सदर रोड स्थित नवकार मेडिकल स्टोर में टीम ने दबिश देकर साक्ष्य जप्त किया है. कार्रवाई के संबंध में निरीक्षक ध्रुव ने बताया कि पिछले बार निरीक्षण में राजिम के कुलेश्वर मेडिकल में मिले नकली कफ सिरप के मामले में नवकार मेडिकल का लिंक स्थापित हुआ है. इसी सिलसिले में यहां दबिश देकर डिजिटल एवं अन्य साक्ष्यों जब्त किया गया है. आगे पूछताछ कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी. कार्रवाई पर उठ रहे सवाल विभाग ने लाइफ थ्रेटनिंग बता कर महीनेभर पहले विभिन्न धाराओं के तहत कुलेश्वर मेडिकल संचालक सीताराम साहू के खिलाफ कार्रवाई की गई थी. कोर्ट में पेश चालान में भी जोखिम कारोबार बताया था, लेकिन मामले में विभाग की जितनी सक्रियता दिखनी चाहिए दिखी नहीं. बताया जाता है कि कई दौर के उच्चस्तरीय मैत्री पूर्ण वार्तालाप सकारात्मक परिणाम नहीं आने के बाद आखिरकार नवम्बर में मेडिकल सील और संचालक को गिरफ्तार करने की कार्रवाई हुई है.

स्कूल में दुर्व्यवहार का मामला उजागर, DEO के निर्देश पर शिक्षक सस्पेंड

तखतपुर बिलासपुर जिले के तखतपुर विकासखंड के बेलसरी प्राथमिक शाला में बच्चों के साथ अमानवीय व्यवहार और छात्राओं से बैड टच करने के मामले में शिक्षक संदीप कुमार घृतलहरे पर निलंबन की गांज गिरी है. दरअसल, शिकायत पर डीईओ विजय तांडे ने मामले में तत्काल जांच के आदेश दिए थे. जांच में शिक्षक पर लगे आरोप सत्या पाए गए. रिपोर्ट में शिक्षक के व्यवहार को निंदनीय, शिक्षकीय गरिमा के विपरीत तथा बच्चों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताते हुए कठोर कार्रवाई की अनुशंसा की गई. वहीं घटना के बाद बेलसरी और आसपास क्षेत्रों में अभिभावकों में आक्रोश है. ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से कड़ी कार्रवाई और स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है. जांच रिपोर्ट के आधार पर डीईओ ने आरोपी शिक्षक संदीप कुमार घृतलहरे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है.

छत्तीसगढ़ की पोलो टीम ने रचा इतिहास: अंतरराष्ट्रीय मंच पर चमके खिलाड़ी, CM साय ने की मुलाकात

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में अंतरराष्ट्रीय पोलो टूर्नामेंट में शामिल छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री साय ने टीम के सदस्यों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन पर बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरे राज्य के लिए गर्व की बात है। उन्होंने खिलाड़ियों को भविष्य में भी इसी उत्साह और मेहनत के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के आदिवासी युवाओं में खेल की अपार प्रतिभा है और राज्य सरकार के सहयोग से घुड़सवारी एवं पोलो खेल को नई दिशा मिली है। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ ने पहली बार इतिहास रचते हुए 22 से 29 नवम्बर 2025 तक इंफाल में आयोजित 15वें मणिपुर अंतरराष्ट्रीय पोलो टूर्नामेंट में हिस्सा लेकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। यह अवसर इसलिए भी विशेष रहा क्योंकि देश के इतिहास में पहली बार किसी राज्य को अंतरराष्ट्रीय पोलो टूर्नामेंट में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए आमंत्रित किया गया। छत्तीसगढ़ टीम ने अमेरिका, कोलंबिया, इंडियन पोलो एसोसिएशन और अन्य अंतरराष्ट्रीय टीमों के साथ प्रतिस्पर्धा कर यह गौरव अर्जित किया। यह उपलब्धि आदिवासी युवाओं की खेल जगत में बढ़ती भागीदारी का महत्वपूर्ण उदाहरण है। गौरतलब है कि इस ऐतिहासिक उपलब्धि के पीछे कई संस्थानों का संयुक्त योगदान रहा जिसमे छत्तीसगढ़ शासन, भारतीय सेना (एनसीसी), दंतेवाड़ा जिला प्रशासन, कांकेर जिला प्रशासन, ब्रीगो एंड हेक्टर इक्वेस्ट्रियन मैनेजमेंट कंपनी, रायपुर मुख्य रूप से शामिल रहे। इस प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ की टीम के सदस्यों में लेफ्टिनेंट कर्नल अमन सिंह, एनसीसी, लांस नदिम अली (सेवानिवृत्त), वेदिका शरण, चित्रभानु सिंह, सैमुअल विश्वकर्मा, गोलू राम कश्यप, सुभाष लेकामि, देवकी कड़ती शामिल रहे। इससे पूर्व भी कु. वेदिका शरण ने सितंबर 2025 में बेंगलुरु में आयोजित घुड़सवारी की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेकर अपने आयु वर्ग में भारत में दूसरा तथा विश्व स्तर पर 15 वां स्थान प्राप्त कर प्रदेश व देश का नाम रोशन किया है l उल्लेखनीय है कि “खेल से शक्ति” पहल के अंतर्गत दंतेवाड़ा और कांकेर जिले के प्रतिभाशाली छात्रों को घुड़सवारी और पोलो का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। यह प्रशिक्षण ब्रीगो एंड हेक्टर इक्वेस्ट्रियन मैनेजमेंट कंपनी द्वारा भारतीय सेना के अनुभवी पोलो खिलाड़ियों के सहयोग से संचालित किया गया। यह पहल आदिवासी युवाओं को खेल, शिक्षा और प्रशिक्षण के माध्यम से सशक्त बनाने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत करती है। इसका उद्देश्य छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए आवश्यक संसाधन और अवसर उपलब्ध कराना है। इस अवसर पर आयुक्त छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल अवनीश शरण और घुड़सवारी प्रशिक्षक गीता दहिया उपस्थित रहे।

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में 5-6 दिसंबर को थाई बॉक्सिंग का आगाज़, जिला प्रशासन तैयारी में जुटा

छत्तीसगढ़ दंतेवाड़ा में 5_6 दिसंबर को थाई बॉक्सिंग का आगाज़ :जिला प्रशासन कार्यक्रम को सफल बनाने में जुटी  छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में 5-6 दिसंबर को थाई बॉक्सिंग का आगाज़, जिला प्रशासन तैयारी में जुटा 5-6 दिसंबर को छत्तीसगढ़ में थाई बॉक्सिंग, प्रशासन कार्यक्रम को बनाएगा सफल  छत्तीसगढ़  दंतेवाड़ा जिलें में खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में एक नया अध्याय जोड़ने जा रहा है। दंतेवाड़ा में 5 एवं 6 दिसंबर को "इंडोर स्टेडियम पुराना मार्केट" में थाई बॉक्सिंग खेल  शुभारंभ होने जा रहा है। इस मार्शल आर्ट के आगमन से खेल के नए अवसर खुलेंगे,बल्कि युवाओं में फिटनेस, अनुशासन और आत्मरक्षा के आधुनिक कौशल भी सीखने का मौका मिलेगा। छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय थाई बॉक्सिंग प्रतियोगिता 2025 खेल का आयोजन दंतेवाड़ा जिला एवं युवा कल्याण विभाग  एवं छत्तीसगढ़ थाई बॉक्सिंग एसोशिएशन के तत्वाधान में खेल को सफल बनाने के लिए सभी एकजुट होकर कार्य कर रही है। स्थानीय खेल अधिकारियों का कहना है कि थाई बॉक्सिंग की इस पहल से दंतेवाड़ा के साथ_ साथ पूरे छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को एक नया मंच मिलेगा। दूरस्थ क्षेत्रों  में रहने वाले युवाओं के लिए यह सुनहरा अवसर है कि वे अपने हुनर को तराशें और बेहतर भविष्य की ओर कदम बढ़ाए। थाई बॉक्सिंग के आगाज़ के साथ दंतेवाड़ा (बस्तर) अब उन चुनिंदा जिलों में शामिल हो गया है,जो आधुनिक कॉम्बैट स्पोर्ट्स को बढ़ावा दे रहे है। उम्मीद है कि आने वाले समय में यहां से उभरने वाले खिलाड़ी, प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे। कार्यक्रम का शुभारंभ 5 दिसंबर को मुख्य अतिथि   भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष माननीय किरणदेव जी के हाथों से होने जा रहा है। थाई बॉक्सिंग एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के आयोजन से ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के प्रतिभावान खिलाड़ी राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकेंगे। प्रशिक्षकों ने बताया कि यह खेल शरीर को मजबूत बनाने के साथ_ साथ मानसिक एकाग्रता,आत्मविश्वास और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता भी विकसित करता है। युवाओं में इसकी लोकप्रियता तेज़ी से बढ़ रही है और शुरुआती में ही बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने नामांकन  कराया है। कैडेट्स,सब जूनियर जूनियर,एवं सीनियर सभी प्रतिभागी इसमें भाग ले रहे है।

स्वदेशी मेला 2025–26: भूमि पूजन पूरा, 18–25 दिसंबर तक साइंस कॉलेज ग्राउंड में होगा आयोजन

स्वदेशी मेला 2025-26 : भूमि पूजन संपन्न, 18 से 25 दिसंबर तक साइंस कॉलेज ग्राउंड में लगेगा भव्य मेला रायपुर  भारतीय विपणन विकास केन्द्र द्वारा आयोजित होने वाला प्रतिष्ठित स्वदेशी मेला 2025-26 इस वर्ष 18 से 25 दिसंबर तक साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित होगा। मेले के आयोजन से पूर्व 1 दिसंबर की सुबह 9:30 बजे भूमि पूजन कार्यक्रम विधिवत सम्पन्न हुआ। भूमि पूजन में गणमान्यजनों की उपस्थिति कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में माननीय कैबिनेट मंत्री गुरु ख़ुशवंत सिंह साहब तथा महापौर मती मीनल चौबे उपस्थित रहीं। मेला संयोजक  केदारनाथ गुप्ता अपनी धर्मपत्नी के साथ भूमि पूजन में उपस्थित हुए। इसके अलावा सहसंयोजक  जसप्रीत सिंह सलूजा, स्वागत समिति अध्यक्ष आनंद सिंघानिया, स्वागत समिति सचिव अमरजीत सिंह छाबड़ा, प्रांत संयोजक स्वदेशी जागरण मंच जगदीश पटेल, प्रांत मेला प्रमुख अमर बंसल, प्रबंधक भारतीय विपणन विकास केंद्र सुब्रत चाकी, महिला मेला प्रमुख आरती दुबे, सह महिला प्रमुख सीमा शर्मा, एवं सामाजिक–सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े अनेक गणमान्यजन सम्मिलित हुए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित अन्य सदस्य एवं समाजसेवी— उमेश अग्रवाल, गोपाल अग्रवाल, युगबोध अग्रवाल, प्रवीण मैशेरी, डॉ. सलीम राज, शताब्दी पांडे, डॉ. इला गुप्ता, शीला शर्मा, इंदिरा जैन, विवेक बर्धन, सुधीर फौजदार, विनय शर्मा, बिहारी होतवानी, अश्विन प्रभाकर, दिग्विजय भाकरे, सुचित्रा बर्धन, निधि झा, शकुंतला वास, अर्चना भाकरे, उमा शुक्ला, रैहाना खान, सुनीता चंसोरिया, सुनीता पाठक, निशा संमदुलकर, अर्चना वोरा, सीमा कटंककार, खुशबू शर्मा, लक्ष्मी जीलहरे, सविता मौर्या, अंजलि देशपांडे, राजमोहन बाग, राहुल देव पंत देवेंद्र गुप्ता सहित कई प्रतिनिधि मौजूद रहे। 350 से अधिक स्टॉल, अनेक प्रतियोगिताएँ प्रबंधक सुब्रत चाकी ने बताया कि स्वदेशी मेला हर वर्ष की तरह इस बार भी भव्य स्वरूप में आयोजित होगा। मेले में 350 से अधिक स्वदेशी उत्पादों के स्टॉल लगाए जाएंगे सुई से लेकर बड़े मशीनरी स्तर तक की वस्तुएँ एक ही स्थान पर उपलब्ध रहेंगी प्रतिदिन मेहंदी, रंगोली, चित्रकला, समूह नृत्य सहित विभिन्न प्रतियोगिताएँ होंगी हजारों प्रतिभागियों को मंच प्रदान किया जाएगा विभिन्न राज्यों की संस्कृति और खान-पान होगा आकर्षण मेले में छत्तीसगढ़ के साथ गुजरात, राजस्थान, पंजाब, ओडिशा, आंध्रप्रदेश तथा अन्य राज्यों की संस्कृति, लोक नृत्य और पारंपरिक भोजन के विशेष स्टॉल लगाए जाएंगे। प्रतिदिन मंच पर लोकनृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ मेले की विशेष आकर्षण होंगी। संगोष्ठियाँ भी होंगी आयोजित मेले के दौरान समसामयिक विषयों पर विशेषज्ञों की संगोष्ठियाँ भी आयोजित की जाएंगी, जिनमें विषय विशेषज्ञ अपनी बातें रखेंगे।

छत्तीसगढ़ में 49 हजार राशन कार्ड रद्द होने की तैयारी, जल्द कराएं e-KYC नहीं तो बंद होगा मुफ्त राशन

रायपुर छत्तीसगढ़ में राशनकार्ड धारकों को बड़ा झटका लग सकता है. राज्य की सरकार इनके राशनकार्ड निरस्त कर सकती है. इसकी वजह है इन कार्ड का e-KYC नहीं होना. सत्यापन नहीं होने की वजह से ही राशनकार्ड कैंसिल किये जाने की आशंका जाहिर की जा रही है. अगर आपके अपने राशन कार्ड का e-KYC नहीं कराया है, तो आपका कार्ड रद्द हो सकता है. इस जिले में 49 हजार राशन कार्ड होंगे रद्द मिली जानकारी के अनुसार, सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में प्रचलित कुल 222996 राशनकार्डों में कुल 674767 हितग्राही है. जिला खाद्य कार्यालय से प्राप्त जानकारी अनुसार इसमें से कुल 49 हजार हितग्राहियों का e-KYC किया जाना शेष है. इस संबंध में समस्त शासकीय उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से ईकेवायसी किया जाना है. e-KYC के लिए 5 दिसंबर तक दिया समय अतः जिले के समस्त राशनकार्ड हितग्राहियों से अनुरोध है कि अपने नजदीकी शासकीय उचित मूल्य दुकान से सम्पर्क कर अपना E-KYC अनिवार्य रूप से करावें. 05 दिसम्बर 2025 तक जिन राशनकार्ड हितग्राहियों का E-KYC नहीं होने से राशनकार्ड निरस्त होने की संभावना बनी हुई है. e-KYC की जरूरी क्यों? राज्य सरकार ने e-KYC अनिवार्य करने का निर्णय पारदर्शिता बढ़ाने और फर्जी राशनकार्ड रोकने के उद्देश्य से लिया है। अधिकारियों का कहना है कि e-KYC न केवल लाभार्थियों की पहचान सुनिश्चित करता है, बल्कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में सुधार और योजना लाभों की सही डिलीवरी सुनिश्चित करता है. विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर e-KYC न कराने पर राशन वितरण बाधित हो सकता है और लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में समस्या आ सकती है. इसलिए अधिकारियों ने सभी हितग्राहियों से तत्काल दस्तावेज अपडेट करने का अनुरोध किया है.

राशन कार्ड रद्द होने का खतरा: सांरगढ़-बिलाईगढ़ में सिर्फ 4 दिन बचे, तुरंत करें आवश्यक कार्रवाई

सारंगढ़-बिलाईगढ़ छत्तीसगढ़ के सांरगढ़-बिलाईगढ़ जिला वासियों के लिए एक बड़ी और अहम खबर सामने आई है। 5 दिसंबर तक ई-केवायसी नहीं कराने वालों का राशन कार्ड रद्द होने की संभावना जताई जा रही है। जहां सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत जिले में प्रचलित कुल 222996 राशनकार्डों में कुल 674767 हितग्राही है। जिला खाद्य कार्यालय से प्राप्त जानकारी अनुसार इसमें से कुल 49 हजार हितग्राहियों का ई-केवायसी किया जाना शेष है। इस संबंध में समस्त शासकीय उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से ई-केवायसी किया जाना है। अतः जिले के समस्त राशन कार्ड हितग्राहियों से अनुरोध है कि अपने नजदीकी शासकीय उचित मूल्य दुकान से सम्पर्क कर अपना ई-केवायसी अनिवार्य रूप से करावें। 05 दिसम्बर 2025 तक जिन राशन कार्ड हितग्राहियों का ई-केवायसी नहीं होने से राशन कार्ड निरस्त होने की संभावना बनी हुई है।  

राज्यपाल डेका से भारतीय पुलिस सेवा के परीवीक्षाधीन अधिकारियों ने की भेंट

रायपुर, राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि पुलिस को आमजनता से मानवीय दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए संवेदनशीलता के साथ बर्ताव करना चाहिए। पुलिस की छवि, थाने में  शिकायत लेकर आने वाले नागरिकों से किए गए व्यवहार से बनती है। पुलिस अधिकारियों को थाने में आए पीड़ित व्यक्तियों की सहायता के लिए तत्पर होना चाहिए। राज्यपाल डेका ने आज राजभवन में भेंट करने आए भारतीय पुलिस सेवा के परीवीक्षाधीन अधिकारियों से उक्त बातें कही।         भेंट के दौरान राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, नेताजी सुभाषचंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी, चंद्रखुरी रायपुर के निदेशक अजय कुमार यादव, अकादमी के पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक पल्लव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज शुक्ला भी उपस्थित थे।  परीवीक्षाधीन आइपीएस अधिकारियों  आदित्य कुमार, अंशिका जैन,  बनसोडे प्रतीक दादासाहेब और  साकोरे मानसी नानाभाऊ ने राज्यपाल से भेंट की।  

सफलता की कहानी: निर्मला की धान बिक्री बनी बेटी के भविष्य की नई उम्मीद

रायपुर  निर्मला कहती हैं, इस साल धान खरीदी केंद्रों की व्यवस्था पहले से बेहतर है। तौल सटीक है लाइन नहीं लगानी पड रही है, भीड़ भी नहीं होती। किसानों को इंतजार नहीं करना पड़ता, स्टाफ सहयोगी है। व्यवस्था साफ और सुचारू रूप से संचालित है। किसानों को सम्मान मिल रहा है। यह बदलाव उनके लिए राहत जैसा है। उन्होंने कहा कि इसी से बेटी की पढ़ाई पूरी हुई। उनकी बेटी इंजीनियरिंग कर चुकी है और अब UPSC की तैयारी कर रही है। आमदनी नहीं, बल्कि सरकार पर है भरोसा           ग्राम अछोटा की किसान निर्मला देवांगन सुबह-सुबह 60 क्विंटल धान लेकर उपार्जन केंद्र पहुंचीं। चेहरे पर सुकून था। मन में अपनी बेटी के उज्ज्वल भविष्य की उम्मीदें थीं। धान बेचकर मिलने वाली राशि उनके लिए सिर्फ आमदनी नहीं, बल्कि एक भरोसा है। इसी से वे घर का खर्च चलाती हैं। ‘टोकन तुंहर दुवार’ ऐप से समय और मेहनत दोनों की होती है बचत          सरकार ने खरीदी की प्रक्रिया आसान बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। उपार्जन केंद्रों में परछाई, पीने का पानी, तौल व्यवस्था और सुरक्षा की पूरी तैयारी है। किसानों की सुविधा को प्राथमिकता दी गई है। सबसे बड़ी राहत ‘टोकन तुंहर दुवार’ ऐप से मिली है। अब किसानों को घर बैठे टोकन मिल जाता है। समय तय होता है, भीड़ नहीं होती। समय और मेहनत दोनों बचते हैं। महिला किसानों के लिए यह सुविधा बेहद उपयोगी साबित हुई है। किसान परिवारों की उम्मीदों को नई दिशा देने वाली है व्यवस्था         निर्मला देवांगन जैसे हजारों किसान इस व्यवस्था का लाभ ले रहे हैं। उनकी मेहनत सुरक्षित दाम पर बिक रही है। परिवार के सपने मजबूत हो रहे हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका की जरूरतें पूरी हो रही हैं। धान खरीदी सिर्फ सरकारी प्रक्रिया नहीं। यह किसान परिवारों की उम्मीदों को नई दिशा देने वाली व्यवस्था है। अछोटा जैसी जगहों में यह व्यवस्था बदलाव की कहानी लिख रही है। निर्मला की मुस्कान उसी बदलाव का प्रमाण है।