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सफलता की कहानी: किशोरी अमृत सरोवर बना खुशहाली का स्रोत

20 साल पुराने तालाब का कायाकल्प,  सिंचाई और मछलीपालन से बदल रही है ग्रामीणों की जिंदगी रायपुर कोरिया जिले के सोनहत जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम किशोरी में मिशन अमृत सरोवर के तहत नवीनीकृत हुआ तालाब आज ग्रामीण जीवन को नई दिशा दे रहा है। कभी अनुपयोगी हो चुका यह तालाब अब ग्रामीणों के लिए दैनिक निस्तार, पशुओं के पेयजल, खेती-बाड़ी और आजीविका संवर्धन का महत्वपूर्ण साधन बन चुका है। 20 साल पुराने तालाब का कायाकल्प ग्राम पंचायत किशोरी में लगभग 20 वर्ष पुराना तालाब लंबे समय तक उपेक्षा के कारण अनुपयोगी हो गया था। वित्तीय वर्ष 2022- 23 में पंचायत के प्रस्ताव पर इसे मिशन अमृत सरोवर के तहत पुनर्जीवित किया गया। करीब 10 लाख रुपये की लागत से तालाब का जीर्णाेद्धार कर इसकी जलभराव क्षमता को तीन गुना बढ़ाकर 10 हजार घनमीटर कर दिया गया। 18 एकड़ खेतों में पहुंचा पानी तालाब के पुनरुद्धार से आसपास के किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है। किसान मनोज रक्सेल और अरविन्द सिंह की तीन-तीन एकड़, जबकि सुरेन्द्र, लक्ष्मण, वीरेन्द्र और आनंद की दो-दो एकड़ से ज्यादा भूमि अब सिंचित हो रही है। इसके अलावा जगबली यादव की लगभग सवा एकड़ ज़मीन भी इस सरोवर से सींची जा रही है। किसानों ने बताया कि अब वे खरीफ के साथ रबी की फसलें भी लेने लगे हैं, जिससे उनकी आमदनी में सुधार हुआ है। महिलाओं की कमाई 75 हजार रुपए ग्राम पंचायत ने अमृत सरोवर को आजीविका संवर्धन के रूप में स्थानीय महिला स्व-सहायता समूह को लीज पर उपलब्ध कराया है। जय मां महिला स्व-सहायता समूह की सदस्य महिलाओं ने इस तालाब से बीते ग्रीष्म में 75 हजार रुपये की मछली बेचकर लाभ कमाया। समूह की अध्यक्ष श्रीमती सोनकुंवर और सचिव श्रीमती जीराबाई ने बताया कि इस साल लगभग तीन लाख रुपए के मछली उत्पादन की उम्मीद है। यह पहल महिलाओं के लिए अतिरिक्त आय का जरिया और पोषण संवर्धन का साधन बन रही है। खुशहाली का प्रतीक बना अमृत सरोवर किशोरी ग्राम पंचायत का यह अमृत सरोवर आज केवल जल संरक्षण का साधन नहीं, बल्कि किसानों की समृद्धि और महिलाओं की आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि अब उनके जीवन में स्थायी परिवर्तन दिखाई दे रहा है।

भोरमदेव शक्कर कारखाना अब गैर-अंशधारी किसानों को भी देगा सदस्यता

कवर्धा के गन्ना किसानों के लिए ऐतिहासिक फैसला रायपुर  मुख्यमंत्री सुशासन तिहार, जनदर्शन, भारतीय किसान संघ और अन्य संगठनों द्वारा लंबे समय से गैर-अंशधारी किसानों को सदस्य बनाने की मांग की जा रही थी। इसलिए पिछले पेराई सत्र में जिन किसानों ने गन्ना दिया है, उन्हें सदस्यता प्रदान की जाएगी। साथ ही, आने वाले पेराई सीजन में सर्वे के अनुसार जो भी गन्ना किसान कारखाने की आवश्यकता अनुसार गन्ना आपूर्ति करेंगे, उन्हें भी अगले वर्ष सदस्यता दी जाएगी। कवर्धा जिले के गन्ना किसानों के लिए ऐतिहासिक सौगात मिली है। भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना अब गैर-अंशधारी किसानों को भी सदस्यता देने जा रहा है। भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना मर्यादित कवर्धा ने आगामी पेराई सीज़न 2025-26 में गन्ना आपूर्ति करने वाले गैर-अंशधारी किसानों को भी आने वाले साल में सदस्यता देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। निर्णय के अनुसार गन्ना देने वाले गैर-अंशधारी किसानों को भी सदस्यता प्रदान की जाएगी। इससे सभी गन्ना किसानों को बराबरी का दर्जा मिलेगा और कारखाने की गन्ना आपूर्ति स्थिर व सुनिश्चित होगी। यह कदम किसानों के हित में है और इससे क्षेत्र में सहकारिता आंदोलन को नई दिशा मिलेगी। भोरमदेव शक्कर कारखाना 03 अप्रैल 2001 को पंजीकृत हुआ था और वर्तमान में इसकी क्षमता 3500 मैट्रिक टन प्रतिदिन है। स्थापना के समय न्यूनतम 2000 रुपए शेयर राशि और 100 रुपए प्रवेश शुल्क तय किया गया था। वर्तमान में इसमें 23,476 अंशधारी सदस्य हैं, जिनमें से हर साल लगभग 12,500-13,000 किसान ही गन्ना आपूर्ति करते हैं। कारखाने के पेराई लक्ष्य को पूरा करने के लिए साढ़े चार लाख मीट्रिक टन गन्ने की आवश्यकता होती है, लेकिन पिछले वर्ष पर्याप्त गन्ना आपूर्ति नहीं होने से कारखाना समय से पहले बंद करना पड़ा। प्रबंध संचालक मंडल ने किसानों की इस मांग को मानते हुए निर्णय लिया है कि अब भविष्य में गन्ना आपूर्ति करने वाले गैर-अंशधारी किसानों को भी कारखाने की सदस्यता दी जाएगी। कारखाना प्रबंधन का कहना है कि इस निर्णय से न केवल गन्ना आपूर्ति स्थिर होगी बल्कि किसानों का भरोसा भी मजबूत होगा। किसानों ने इस निर्णय का स्वागत किया है और इसे गन्ना उत्पादकों के लिए नया अध्याय बताया है।

रायपुर: मोहगांव हाई स्कूल में अंग्रेजी, गणित और कला विषयों के शिक्षकों की हुई नई पदस्थापना

रायपुर : मोहगांव हाई स्कूल में अंग्रेजी, गणित एवं कला विषय के शिक्षकों की पदस्थापना स्कूल में लौटी शिक्षा की रौनक, बढी शिक्षा की गुणवत्ता रायपुर विद्यालय में एक शिक्षकीय विद्यालय या शिक्षकों की नियुक्ति न होने के कारण प्रारंभ से ही यह संस्था शिक्षकविहीन स्थिति में संचालित हो रही थी, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। अभिभावकों की चिंता और बच्चों की शैक्षणिक प्रगति में बाधा को लेकर ग्रामीणजनों में निराशा व्याप्त थी। शिक्षा विभाग द्वारा इस समस्या की गंभीरता को समझते हुए युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के तहत्  विद्यालय में छात्र संख्या के आधार पर शिक्षकों को पदस्थ किए गए हैं, जिससे स्कूल में शिक्षा की रौनक बढी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो रहा है।       महासमुंद जिले के विकासखंड बागबाहरा अंतर्गत शासकीय हाई स्कूल मोहगांव की स्थापना वर्ष 2022 में विद्यार्थियों को माध्यमिक स्तर की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी। किंतु युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के तहत् तीन व्याख्याता अंग्रेजी, गणित एवं कला विषय के लिए इस विद्यालय में पदस्थ किए गए हैं। इन विषयों की अत्यधिक आवश्यकता थी क्योंकि ये विद्यार्थी के समग्र बौद्धिक और रचनात्मक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। श्री देवेंद्र चंद्राकर, शैलेन्द्र ठाकुर, रामसिंह नाग व विज्ञान सहायक भूपेंद्र जसपाल शिक्षकों की नियुक्ति के साथ ही विद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियाँ पुनः गति पकड़ने लगी हैं। अब नियमित रूप से कक्षाएँ संचालित हो रही हैं और विद्यार्थी पूरे उत्साह एवं रुचि के साथ अध्ययन में भाग ले रहे हैं। बच्चों की उपस्थिति में भी उल्लेखनीय सुधार हो रहा है।     विद्यालय में व्याख्याताओं की पदस्थापना से न केवल बच्चों की पढ़ाई सुचारू रूप से प्रारंभ हुई है, बल्कि ग्राम मोहगांव सहित आस-पास के क्षेत्रों के पालकों एवं ग्रामीणजनों में भी प्रसन्नता की लहर है। बच्चों के भविष्य को लेकर अब उनमें आश्वस्ति का भाव है। ग्राम के नागरिकों ने शासन एवं शिक्षा विभाग के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि यह निर्णय दूरस्थ ग्रामीण अंचल में शिक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने अपेक्षा जताई कि इसी तरह अन्य आवश्यक सुविधाएँ भी विद्यालय में शीघ्र उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।     क्षेत्र के जनपद सदस्य भूपेंद्र मोंटू दीवान, सरपंच नरेन्द्र दीवान व एसएमसी अध्यक्ष डॉ. चेतन साहू ने प्रसनता व्यक्त करते कहा कि शिक्षा विभाग की यह पहल शिक्षा सबके लिए के उद्देश्य को साकार करने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी भी बच्चे को केवल संसाधनों के अभाव में शिक्षा से वंचित न होना पड़े।

महासमुन्द : ग्रामीण युवक एवं युवतियों के लिए डेस्कटाॅप पब्लिशिंग में निःशुल्क प्रशिक्षण का सुनहरा अवसर

महासमुन्द बड़ौदा ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान द्वारा जिले के ग्रामीण युवक एवं युवतियों के लिए कम्प्यूटर में डेस्कटाॅप पब्लिशिंग में निःशुल्क प्रशिक्षण का सुनहरा अवसर प्रदान किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण 45 दिनों का रहेगा। प्रशिक्षण के लिए इच्छुक अभ्यर्थी 3 अक्टूबर 2025 तक पंजीयन करा सकते है। प्रशिक्षण हेतु आवश्यक दस्तावेजों में आधार कार्ड, बीपीएल राशन कार्ड को 2-2 छायाप्रति, अंकसूची न्यूनतम 12 वीं उत्तीर्ण एक छायाप्रति एवं पासपोट साईज की 5 फोटो शामिल है। प्रशिक्षण के लिए अभ्यर्थी द्वारा बड़ौदा आरसेटी बरोण्डा बाजार में उपस्थित होकर या कमलेश पटेल के मोबाईल नम्बर +91-79997-00673, अक्षय सिंग राजपूत के मोबाईल नम्बर +91-83194-62874 एवं राजू निर्मलकर के मोबाईल नम्बर +91-91310-65767 पर सम्पर्क कर पंजीयन कराया जा सकता है। सम्पर्क करने का समय सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक है।    

कांकेर में दशहरा एवं विसर्जन तैयारी पर चर्चा, शांति समिति की बैठक आयोजित

उतर बस्तर कांकेर : प्रतिमा विसर्जन एवं दशहरा उत्सव के आयोजन को लेकर शांति समिति की बैठक हुई कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने की गई अपील उतर बस्तर कांकेर नवरात्रि पर्व उपरांत मॉ दुर्गा का प्रतिमा विसर्जन तथा दशहरा पर्व के सफल आयोजन को लेकर आज जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक हुई, जिसमें कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के संबंध में चर्चा की गई। बैठक में नगरपालिका परिषद के अध्यक्ष श्री अरूण कौशिक तथा अपर कलेक्टर श्री जितेन्द्र कुमार कुर्रे उपस्थित थे। जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आज दोपहर आहूत बैठक में मूर्ति विसर्जन के स्थल चयन एवं रूट चार्ट की जानकारी दी गई। अपर कलेक्टर ने सभी आयोजन समिति के पदाधिकारियों की सूची उपलब्ध कराने के लिए कहा। साथ ही ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग उच्चतम न्यायालय और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा निर्धारित मापदंड अनुसार किए जाने के बारे जानकारी दी। बैठक में एडिशनल एसपी श्री दिनेश कुमार सिन्हा ने बताया कि शहर में इस दौरान पुलिस के उच्चाधिकारियों की तैनाती चिन्हांकित चौक-चौराहों पर की जाएगी तथा छोटे-बड़े वाहनों के आवागमन हेतु रूट चार्ट एवं वाहन पार्किंग का निर्धारण प्रशासन एवं पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से किया जाएगा। इसके अलावा मूर्ति विसर्जन के दौरान विद्युत विभाग, परिवहन, लोक निर्माण सहित अन्य विभागों के परस्पर सहयोग से आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ नागरिकों ने भी अपने सुझाव देते हुए नगर की ऐतिहासिक गरिमा के अनुरूप मूर्ति विसर्जन और दशहरा उत्सव आयोजित करने के संबंध में चर्चा की। शहर के विभिन्न मार्गों में बारिश के दौरान बन चुके गड्ढों की फिलिंग कराने कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग को निर्देशित किया गया। एसडीएम कांकेर श्री अरूण वर्मा ने डीजे एवं ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग करने के लिए दुर्गोत्सव समितियों को निर्धारित प्रारूप में अनुमति लेने की बात कही तथा नियमों का पालन करने पर जोर दिया। बताया गया कि रावण पुतला दहन कांकेर शहर के शासकीय नरहरदेव उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के मैदान और मेलाभाठा में किया जाएगा। पुतला दहन निर्धारित समयानुसार सम्पन्न कराने की समझाइश आयोजकों को दी गई। इसके अलावा अन्य बिंदुओं पर सकारात्मक चर्चा की गई। बैठक में विभिन्न आयोजन समिति के पदाधिकारी, पार्षदगण तथा वरिष्ठ नागरिकगण मौजूद थे।

भोरमदेव शक्कर कारखाना अब गैर-अंशधारी किसानों को भी देगा सदस्यता

 रायपुर मुख्यमंत्री सुशासन तिहार, जनदर्शन, भारतीय किसान संघ और अन्य संगठनों द्वारा लंबे समय से गैर-अंशधारी किसानों को सदस्य बनाने की मांग की जा रही थी। इसलिए पिछले पेराई सत्र में जिन किसानों ने गन्ना दिया है, उन्हें सदस्यता प्रदान की जाएगी। साथ ही, आने वाले पेराई सीजन में सर्वे के अनुसार जो भी गन्ना किसान कारखाने की आवश्यकता अनुसार गन्ना आपूर्ति करेंगे, उन्हें भी अगले वर्ष सदस्यता दी जाएगी।          कवर्धा जिले के गन्ना किसानों के लिए ऐतिहासिक सौगात मिली है। भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना अब गैर-अंशधारी किसानों को भी सदस्यता देने जा रहा है। भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना मर्यादित कवर्धा ने आगामी पेराई सीज़न 2025-26 में गन्ना आपूर्ति करने वाले गैर-अंशधारी किसानों को भी आने वाले साल में सदस्यता देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। निर्णय के अनुसार गन्ना देने वाले गैर-अंशधारी किसानों को भी सदस्यता प्रदान की जाएगी। इससे सभी गन्ना किसानों को बराबरी का दर्जा मिलेगा और कारखाने की गन्ना आपूर्ति स्थिर व सुनिश्चित होगी।          यह कदम किसानों के हित में है और इससे क्षेत्र में सहकारिता आंदोलन को नई दिशा मिलेगी। भोरमदेव शक्कर कारखाना 03 अप्रैल 2001 को पंजीकृत हुआ था और वर्तमान में इसकी क्षमता 3500 मैट्रिक टन प्रतिदिन है। स्थापना के समय न्यूनतम 2000 रुपए शेयर राशि और 100 रुपए प्रवेश शुल्क तय किया गया था। वर्तमान में इसमें 23,476 अंशधारी सदस्य हैं, जिनमें से हर साल लगभग 12,500 -13,000 किसान ही गन्ना आपूर्ति करते हैं। कारखाने के पेराई लक्ष्य को पूरा करने के लिए साढ़े चार लाख मीट्रिक टन गन्ने की आवश्यकता होती है, लेकिन पिछले वर्ष पर्याप्त गन्ना आपूर्ति नहीं होने से कारखाना समय से पहले बंद करना पड़ा।           प्रबंध संचालक मंडल ने किसानों की इस मांग को मानते हुए निर्णय लिया है कि अब भविष्य में गन्ना आपूर्ति करने वाले गैर-अंशधारी किसानों को भी कारखाने की सदस्यता दी जाएगी। कारखाना प्रबंधन का कहना है कि इस निर्णय से न केवल गन्ना आपूर्ति स्थिर होगी बल्कि किसानों का भरोसा भी मजबूत होगा। किसानों ने इस निर्णय का स्वागत किया है और इसे गन्ना उत्पादकों के लिए नया अध्याय बताया है।

सीएम विष्णुदेव साय की घोषणा को मिली मंजूरी, रायपुर में बनेगा 1 करोड़ 65 लाख का विश्राम गृह

सीएम विष्णुदेव साय की घोषणा को मिली मंजूरी, रायपुर में बनेगा 1 करोड़ 65 लाख का विश्राम गृह रायपुर को मिला नया तोहफ़ा, मुख्यमंत्री साय ने स्वीकृत किया 1.65 करोड़ की लागत वाला विश्राम गृह रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। मुख्यमंत्री ने जिलेवासियों को एक और बड़ी सौगात दी है। उनकी घोषणा अनुरूप जिले के बागबहार में विश्राम गृह भवन के निर्माण कार्य के लिए स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। 1 करोड़ 65 लाख रुपए की राशि इस कार्य हेतु मंजूरी मिली है, जिसका निविदा प्रक्रिया पूर्ण होते ही निर्माण कार्य जल्द शुरू की जाएगी।  गौरतलब है कि जिले के फरसाबहार में भी विश्राम गृह निर्माण के लिए 1 करोड़ 72 लाख रुपए मंजूरी मिल चुकी है। बागबहार क्षेत्र में लंबे समय से विश्राम गृह की आवश्यकता महसूस की जा रही थी, अब इस भवन के निर्माण से न केवल आम नागरिकों को सुविधा मिलेगी,बल्कि विभिन्न सरकारी-अर्धसरकारी कार्यक्रमों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं बाहर से आने वाले मेहमानों के ठहरने की भी उत्तम व्यवस्था उपलब्ध हो सकेगी। लगातार सड़कों, पुल-पुलियों, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और जनसुविधाओं से जुड़ी योजनाओं को धरातल पर उतारा जा रहा है। इसी कड़ी में बागबहार को यह सौगात मिली है, जो आने वाले समय में क्षेत्र के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी।ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बागबहार में विश्राम गृह बनने से क्षेत्र का गौरव बढ़ेगा और स्थानीय लोगों को लंबे समय से चली आ रही सुविधा की कमी पूरी होगी। मुख्यमंत्री की घोषणा पर हो रहा है तत्काल अमल यह उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय द्वारा की गई घोषणाओं पर तत्काल अमल हो रहा है। यही कारण है कि जिले में एक के बाद एक विकास कार्यों को मंजूरी मिल रही है और आमजन सीधे तौर पर इसका लाभ मिल रहा है।

श्रीरामलला दर्शन योजना के बाद छत्तीसगढ़ में नई पहल, रायपुर के आसपास के धार्मिक स्थलों का दर्शन कराया जाएगा

रायपुर  छत्तीसगढ़ में श्रीरामलला दर्शन योजना की तर्ज पर आम जनता को रायपुर के आसपास के धार्मिक स्थलों का दर्शन कराया जाएगा। इसके लिए मुख्यमंत्री जन पर्यटन योजना शुरू होगी। यह टूर एक दिन का होगा और इसमें पर्यटकों से बहुत कम राशि ली जाएगी। इसमें उनके नाश्ता, भोजन, वाहन आदि की व्यवस्था रहेगी। पर्यटन बढ़ाने को सीएम जन पर्यटन योजना इसके अलावा रायपुर दर्शन टूर भी होगा। इसमें आसपास के पर्यटक स्थल ले जाया जाएगा। वहीं रायपुर-जगदलपुर सर्किट टूर और रायपुर-सिरपुर-बारनवापारा सर्किट टूर भी कराया जाएगा। इसके लिए  पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल की मौजूदगी में पर्यटन विभाग और आईआरसीटीसी के बीच एक एमओयू हुआ है।  दरअसल, पर्यटन मंत्री ने राजधानी में %सेंट्रल इंडिया कनेक्ट मार्केट प्लेस% का शुभारंभ किया। इसके तहत मुख्यमंत्री जन पर्यटन योजना के लिए एमओयू हुआ। इसमें 18 वर्ष से कम उम्र के लोगों के लिए 300 रुपए और 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए 500 रुपए की राशि ली जाएगी। इस टूर की शुरुआत और समापन रायपुर रेलवे स्टेशन से होगा। इस टूर का पंजीयन आईआरसीटीसी या फिर छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल की वेबसाइट से होगा। अंतरराष्ट्रीय रोड शो भी इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड एवं भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (फिक्की) के बीच भी एक एमओयू हुआ। इसके तहत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रोड शो तथा छत्तीसगढ़ ट्रैवल मार्ट का आयोजन किया जाएगा। इससे देश और विदेश में भी छत्तीसगढ़ की उपस्थिति दर्ज हो सकेगी। यह है प्रस्तावित टूर 1- रायपुर सिटी टूर 2- रायपुर सिटी धार्मिक टूर 3- रायपुर-जगदलपुर सर्किट टूर 4- रायपुर-सिरपुर-बारनवापारा सर्किट टूर छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल नीलू शर्मा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी के तहत मुख्यमंत्री जन पर्यटन योजना शुरू की जाएगी। इससे पर्यटकों को सस्ती और अच्छी सुविधा उपलब्ध होगी। इसके लिए आईआरसीटीसी के साथ एमओयू किया गया है। फिक्की के साथ भी एमओयू होने से छत्तीसगढ़ की पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो सकेगी।

जगदलपुर : कलेक्टोरेट में स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार अभियान के तहत स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन

जगदलपुर स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान और स्वस्थ मां दिवस के अवसर पर बुधवार को जगदलपुर स्थित कलेक्टोरेट परिसर में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा एक विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने और उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने के उद्देश्य से यह शिविर आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। अभियान की थीम स्वस्थ नारी सशक्त परिवार रखी गई है, जो इस बात पर जोर देती है कि यदि महिलाएँ स्वस्थ होंगी, तभी परिवार और समाज सशक्त हो सकेगा।        शिविर में आई महिलाओं ने निःशुल्क स्वास्थ्य जांच कराई और अनुभवी चिकित्सकों से स्वास्थ्य संबंधी परामर्श भी लिया। इस दौरान महिलाओं में विशेष रूप से रक्तचाप, शुगर और हीमोग्लोबिन स्तर की जांच की गई, ताकि उनमें पोषण और जीवनशैली से जुड़ी समस्याओं का समय पर पता चल सके। इस दौरान डिप्टी कलेक्टर हीरा गवर्ना सहित अन्य महिला कर्मचारियों ने भी स्वास्थ्य जांच करवाया। यह आयोजन भारत सरकार के सेवा पखवाड़े के तहत 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चलाए जा रहे स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस तरह के आयोजनों के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की महिलाओं को अपने स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने के लिए जागरूक कर रहा है।

गौरेला पेंड्रा मरवाही : श्रमिक पंजीयन एवं नवीनीकरण के लिए चिन्हित 10 पंचायतों में 6 अक्टूबर से लगेगा मोबाइल शिविर

गौरेला पेंड्रा मरवाही श्रमिकों के कल्याण एवं विकास के लिए श्रम विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित करने के लिए श्रमिक पंजीयन एवं नवीनीकरण के लिए 6 से 31 अक्टूबर की अवधि में जिले के चिन्हित 10 ग्राम पंचायतों में मोबाइल शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर सुबह 11 से शाम 4 बजे तक लगेगा। श्रमिक पंजीयन-नवीनीकरण के लिए आधार कार्ड, बैंक खाता, राशन कार्ड, नॉमिनी का आधार कार्ड एवं प्रथम दो बच्चों का आधार कार्ड की मूल प्रति एवं मोबाइल ओटीपी के साथ हितग्राही को शिविर में स्वयं उपस्थित होना अनिवार्य है। प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत चुकतीपानी में 6 अक्टूबर को, आमाडांड़ में 8 अक्टूबर को, बगड़ी में 9 अक्टूबर को, देवरगांव में 13 अक्टूबर को, बचरवार में 14 अक्टूबर को, भदौरा में 15 अक्टूबर को, भर्रीडांड़ में 16 अक्टूबर को, धनौली में 17 अक्टूबर को, तरईगांव में 30 अक्टूबर को और भस्कुरा में 31 अक्टूबर को मोबाइल शिविर का आयोजन किया जा रहा है।