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छत्तीसगढ़ के पांचों संभागीय मुख्यालय में लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल जी की भव्य प्रतिमा होगी स्थापित : डिप्टी सीएम अरुण साव

लौह पुरुष सरदार पटेल की 150 वीं जयंती पर मुख्यमंत्री साय की उपस्थिति में डिप्टी सीएम अरुण साव की बड़ी घोषणा छत्तीसगढ़ के पांचों संभागीय मुख्यालय में लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल जी की भव्य प्रतिमा होगी स्थापित रायपुर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज राष्ट्रीय एकता दिवस भारत रत्न सरदार वल्लभ भाई पटेल जी की 150वीं जन्म जयंती पर आयोजित रन फॉर यूनिटी कार्यक्रम में प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी की उपस्थिति में बड़ी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि, प्रदेश के पांचों संभाग मुख्यालय में स्थित नगर पालिक निगमों में सरदार वल्लभ भाई पटेल जी की भव्य प्रतिमा स्थापना एवं सौंदर्यीकरण कार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी और डिप्टी सीएम अरुण साव जी आज रन फॉर यूनिटी दौड़ में शामिल हुए और इसी दौरान उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने बड़ी घोषणा करते हुए सभी संभागों में सरदार पटेल की मूर्ति स्थापित करने की घोषणा करते हुए लौह पुरुष को साय सरकार की सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की है। इस घोषणा के बाद विभाग ने तत्काल पांच शहरों रायपुर, दुर्ग, जगदलपुर, बिलासपुर और अंबिकापुर के लिए 50-50 लाख रुपए जारी कर दिया है। आदेश के मुताबिक, 5 संभाग के 5 नगर निगमों के लिए अधोसंरचना मद से नगर पालिक निगमों को 2 करोड़ 50 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की है। साव ने रायपुर के सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में कहा कि, लौह पुरुष सरदार पटेल जी ने ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ संघर्ष कर मां भारती को स्वतंत्र कराया और आजादी के बाद खंड खंड में बंटे देश के 562 रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर भारत को अखंड बनाया है, एक भारत, श्रेष्ठ भारत बनाया है। उनके इस योगदान को देश कभी नहीं भूल सकता। साव ने कहा कि, माननीय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी की मार्गदर्शन में नगरीय प्रशासन विभाग ने सभी संभागीय मुख्यालय में सरदार वल्लभ भाई पटेल जी की भव्य प्रतिमा का लगाने का निर्णय लिया है। इसके लिए 50-50 लाख की स्वीकृति प्रदान कर दी है।

NOC नियमों में बदलाव और स्वास्थ्य केंद्रों में ‘छत्तीसगढ़ महतारी’ की मूर्ति लगाने की मांग

रायपुर छत्तीसगढ़ डॉक्टर्स फेडरेशन (CGDF) के प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जयसवाल से भेंट कर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में स्वास्थ्य सेवाओं और सार्वजनिक हित से जुड़ी दो प्रमुख मांगें रखी गईं, जिस पर मंत्री ने त्वरित कार्यवाही का आश्वासन दिया। ज्ञापन में CGDF ने मांग की है कि चिकित्सकों के लिए, उच्च शिक्षा अध्यन के लिए संपत्ति गिरवी रखने वाले नियम को शिथिल किया जाए एवं नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट’ (NOC) की वर्तमान अनिवार्यता को समाप्त किया जाए। एक नवंबर को राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) में ‘छत्तीसगढ़ महतारी’ की प्रतिमाओं की स्थापना की जाए। साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी का स्मरण एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य संस्थानों में एक सकारात्मक, सांस्कृतिक वातावरण का निर्माण करना और राज्य की सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देना है। स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने CGDF के प्रतिनिधिमंडल द्वारा उठाए गए इन मुद्दों को गंभीरता से सुना और दोनों मांगों पर उचित कार्यवाही करने का आश्वासन दिया। CGDF के प्रवक्ता डॉ. गंधर्व पांडे ने कहा, “हम मंत्री द्वारा दिए गए आश्वासन का स्वागत करते हैं। हमें उम्मीद है कि इन दोनों महत्वपूर्ण मुद्दों पर शीघ्र ही सकारात्मक कार्यवाही होगी, जिससे राज्य के चिकित्सकों को लाभ मिलेगा।”

राष्ट्रीय एकता दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री: स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों का किया सम्मान

सभी संभागीय मुख्यालयों में स्थापित की जाएगी सरदार पटेल की भव्य प्रतिमा खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा ‘रन फॉर यूनिटी’ सहित विविध प्रतियोगिताओं का आयोजन रायपुर,  देश के प्रथम उप प्रधानमंत्री एवं गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल अपनी कर्मठता और दृढ़ इच्छाशक्ति से लौहपुरुष बने। आज़ादी के बाद के कठिन हालातों में उन्होंने अपनी सूझबूझ और फौलादी इरादों से 562 रियासतों का भारत में विलय कर अखंड भारत का निर्माण किया। किसानों के संघर्ष और स्वतंत्रता आंदोलन में उनका योगदान अमूल्य रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस कार्यक्रम में यह बात कही। यह कार्यक्रम खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा रायपुर स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में आयोजित किया गया।इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब तथा विधायक राजेश मूणत उपस्थित थे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर उनके महान योगदान का स्मरण करते हुए कहा कि “सरदार पटेल ने अपनी विराट सोच और अटूट इच्छाशक्ति से टुकड़ों में बंटी रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर अखंड भारत का निर्माण किया।” सरदार पटेल का जीवन राष्ट्र की एकता, अखंडता और समर्पण का प्रतीक है। उनकी 150वीं जयंती पर आज पूरे देश में अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गुजरात के केवड़िया में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य को भी आमंत्रित किया गया है, जहाँ राज्य का विशेष स्टॉल भी लगाया गया है। उन्होंने कहा कि ‘रन फॉर यूनिटी’ केवल देश की एकता और अखंडता का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह फिटनेस और सामूहिक ऊर्जा का भी संदेश देता है। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने राष्ट्रीय एकता दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि “सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश की आज़ादी और किसानों के अधिकारों के लिए ब्रिटिश हुकूमत के विरुद्ध कठोर संघर्ष किया।” उनके योगदान को रेखांकित करने के लिए ही उनकी जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने स्वतंत्र भारत के प्रथम उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के रूप में ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की अवधारणा को साकार किया। उप मुख्यमंत्री साव ने घोषणा की कि राज्य के सभी संभागीय मुख्यालयों में सरदार पटेल की भव्य प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। इसके लिए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा संबंधित नगरीय निकायों को 50-50 लाख रुपये की राशि प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री  साय ने कार्यक्रम में स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों को शाल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया। उन्होंने प्रतिभागियों द्वारा बनाए गए रंगोली और चित्रों का अवलोकन किया तथा उपस्थित जनों को स्वदेशी अपनाने और भारत में निर्मित वस्तुओं के उपयोग की शपथ दिलाई। राष्ट्रीय एकता दिवस के उपलक्ष्य में खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा रन फॉर यूनिटी के साथ ही महाविद्यालयीन छात्र-छात्राओं के लिए रंगोली, चित्रकला, भाषण एवं काव्य पाठ प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।मुख्यमंत्री श्री साय ने रंगोली, चित्रकला, भाषण और काव्य पाठ प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किया तथा रन फॉर यूनिटी के प्रतिभागियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने ‘बस्तर ओलंपिक’ के प्रचार रथ को भी हरी झंडी दिखाई। यह प्रचार रथ बस्तर संभाग के सभी जिलों में पहुंचकर बस्तर ओलंपिक का प्रचार-प्रसार करेगा। कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार ने अपने स्वागत भाषण में सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर आयोजित ‘सरदार@150 यूनिटी मार्च’ के तहत आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ये कार्यक्रम आगामी डेढ़ महीनों तक निरंतर जारी रहेंगे। इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक तनूजा सलाम, स्वतंत्रता सेनानियों के परिजन, विभागीय अधिकारी, खिलाड़ी तथा महाविद्यालयीन छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

राष्ट्रनायकों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़े हमारी भावी पीढ़ी – मुख्यमंत्री साय

  राष्ट्रीय एकता दिवस पर मुख्यमंत्री ने सरदार पटेल की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर आज राजधानी रायपुर के देवेंद्र नगर स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल केवल स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं, बल्कि वे राष्ट्र को एक सूत्र में पिरोने वाले ऐसे युगपुरुष थे जिन्होंने अपने अदम्य साहस और दृढ़ निष्ठा से देश की रियासतों का एकीकरण कर अखंड भारत की नींव रखी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने स्कूली बच्चों, जनप्रतिनिधियों और आमजनों के साथ राजधानी रायपुर के शास्त्री चौक से शारदा चौक तक आयोजित ‘एकता दौड़’ में शामिल होकर ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का संदेश दिया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरदार पटेल को उनकी दूरदृष्टि और अद्भुत नेतृत्व क्षमता के कारण ही ‘भारत का लौह पुरुष’ कहा जाता है। राष्ट्र को एकजुट करने के उनके प्रयास आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बने रहेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के आह्वान पर आज पूरे देश में ‘रन फॉर यूनिटी’ का आयोजन किया जा रहा है, जो राष्ट्रीय एकता और अखंडता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारत विविधताओं से परिपूर्ण देश है, और  'विविधता में एकता' की भावना हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने कार्यक्रम में शामिल सभी प्रतिभागियों के उत्साह और अनुशासन की सराहना करते हुए कहा कि उनका यह जोश सरदार पटेल के प्रति श्रद्धा और राष्ट्र के प्रति समर्पण का प्रतीक है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने सभी को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा दिए गए ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को साकार करने का प्रण लेने का आह्वान किया और सभी को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम, वन मंत्री केदार कश्यप, विधायककिरण देव, विधायक पुरंदर मिश्रा तथा छत्तीसगढ़ लौह शिल्पकार विकास बोर्ड के अध्यक्ष प्रफुल्ल विश्वकर्मा सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी,  जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने आंवला नवमी पर आंवला वृक्ष की पूजा कर दी समृद्धि की शुभकामनाएं

रायपुर, आंवला नवमी के पावन अवसर पर आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री निवास में धर्मपत्नी कौशल्या साय के साथ आंवला वृक्ष की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने आंवला नवमी के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय परंपरा में आंवला वृक्ष को दिव्य और औषधीय गुणों  से युक्त माना गया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आंवला नवमी, जिसे अक्षय नवमी भी कहा जाता है, धन, आरोग्य और समृद्धि का संदेश देने वाला पर्व है। उन्होंने कहा कि यह मान्यता है कि आंवला वृक्ष के नीचे भोजन करने और आंवला फल का सेवन करने से स्वास्थ्य लाभ, मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि सभी लोग प्राकृतिक एवं औषधीय वनस्पतियों के संरक्षण के प्रति जागरूक रहें। उन्होंने कहा कि प्रकृति हमारी संस्कृति का आधार है, और वृक्ष हमारे जीवन के पोषक हैं। वृक्षों की पूजा करने के साथ ही उन्हें सुरक्षित रखना भी हमारा सामूहिक दायित्व है।

दुनिया का सबसे बड़ा सांप मिला! ग्रामीणों ने देखा तो उड़ गए होश, 1.5 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन

कोरबा कोरबा जिला अपनी समृद्ध जैव-विविधता और दुर्लभ वन्यजीवों के लिए जाना जाता है। यहां कई बार ऐसे जीव देखने को मिलते हैं जिनसे आम लोग चकित रह जाते हैं। इसी कड़ी में जिले के पासरखेत गांव में विशालकाय किंग कोबरा देख लोगों के होश उड़ गए। अचानक इतने बड़े विषधर सांप को देखकर ग्रामीणों में दहशत फैल गई और लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। घटना की जानकारी तत्काल वन विभाग और नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी की टीम को दी गई। सूचना मिलते ही रेस्क्यूअर जितेंद्र सारथी ने मामले की जानकारी कोरबा डीएफओ प्रेमलता यादव को दी। उनके निर्देश और एसडीओ आशीष खेलवार एवं एसडीओ सुर्यकांत सोनी के मार्गदर्शन में जितेंद्र सारथी अपनी टीम के एम सूरज, सिद्धांत जैन, बबलू मारवा के साथ तुरंत उस स्थान के लिए कोरबा से रवाना रवाना हुए। गांव पहुंचने के बाद सबसे पहले ग्रामीणों को सुरक्षित दूरी पर किया गया और फिर तय प्रोटोकॉल के तहत रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। करीब एक से डेढ़ घंटे तक चले इस रेस्क्यू ऑपरेशन में किंग कोबरा ने बार-बार फुफकार कर अपना रौद्र रूप दिखाया। सांप के इस व्यवहार को देख ग्रामीणों की सांसें थम गईं। हालांकि धैर्यपूर्वक और सावधानी से काम करते हुए आखिरकार टीम ने किंग कोबरा को सुरक्षित थैले में डालने में सफलता प्राप्त की। सफल रेस्क्यू के बाद गांव और घर के लोगों ने राहत की सांस ली। रेस्क्यू के बाद नियमानुसार पंचनामा तैयार किया गया फिर किंग कोबरा को उसके प्राकृतिक आवास क्षेत्र के घने जंगल में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया। दुनिया का सबसे लंबा विषधर सांप है। इसकी लंबाई 20 फीट तक या इससे भी ज़्यादा हो सकती है। यह अन्य सांपों को खाकर जीवित रहता और उनकी जनसंख्या नियंत्रित करता है और विश्व का एकमात्र सांप है जिसकी मादा अपने अंडों के लिए पत्तो का घोसला बनाती है और लगभग तीन माह तक उस घोंसले की रक्षा करती है। यह विशेषता इसके मातृत्व की अनोखी प्रवृत्ति को दर्शाती है। विशेषज्ञों का कहना हैं की किंग कोबरा बिना वजह मनुष्य पर हमला नहीं करता, केवल खतरा महसूस होने पर आक्रामक हो जाता है। यही कारण है कि ऐसे मामलों में लोगों को सांप को मारने के बजाय तुरंत वन विभाग को सूचना देनी चाहिए। कोरबा जिले में वन विभाग और नोवा नेचर वेलफेयर सोसाइटी लगातार जनजागरूकता और रेस्क्यू अभियानों के माध्यम से यह संदेश दे रहे हैं कि इंसान और सांप का सह-अस्तित्व ही संरक्षण की दिशा में सबसे बड़ी पहल है।

रायपुर में ‘रन फॉर यूनिटी’ का आयोजन, सीएम साय ने दिलाई एकता की शपथ

रायपुर देश के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर राजधानी रायपुर में एक बार फिर एकता, अखंडता और राष्ट्रीय समरसता का संदेश गूंजा 31 अक्टूबर को भारतीय जनता पार्टी,प्रदेश,जिला,युवा मोर्चा,मंडल, द्वारा 'Run for Unity' कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। जवाहर नगर मंडल के अध्यक्ष संदीप जंघेल एवं मीडिया प्रभारी प्रणीत जैन ने बताया कि यह Run for Unity' कार्यक्रम का भव्य आयोजन भारत की एकता और अखंडता के प्रति नागरिकों की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से किया जा रहा उन्होंने कहा कि प्रदेश,जिला,मंडल,महिला मोर्चा, के सभी पदाधिकारियों, स्कूलों, कॉलेजों, और स्थानीय नागरिकों की सहभागिता के साथ यह दौड़ आयोजित की गई। जिसमें तिरंगे झंडे और राष्ट्रीय नारों के साथ देशभक्ति का वातावरण देखने को मिला। उन्होंने बताया कि ‘रन फॉर यूनिटी’ की शुरुवात छत्तीसगढ़ प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी की उपस्थित में सुबह 8 बजे शास्त्री चौंक से की गई। 2 किमी किलोमीटर की दूरी तक दौड़ का मुख्यमंत्री सहित प्रदेश,जिला,युवामोर्चा,मंडल,महिला मोर्चा के पदाधिकारीगण बड़ी संख्या में शामिल हुए। इस अवसर पर प्रतिभागियों के हाथों में तिरंगा लहराएगा, जो एकता और सौहार्द का प्रतीक बना। बच्चों ने हाथों में तिरंगा लेकर वंदे मातरम, भारत माता जी जय,और एक भारत श्रेष्ठ भारत के नारे लगाए। प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री मा. विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में कहा कि सरदार पटेल ने आजादी के बाद बिखरे भारत को एक सूत्र में पिरोया। उनकी दूरदृष्टि और दृढ़ इच्छाशक्ति के कारण ही देश आज एक मजबूत राष्ट्र के रूप में खड़ा है। सरदार पटेल ने स्वतंत्र भारत के एकीकरण में जो भूमिका निभाई, वह हमेशा प्रेरणास्रोत रहेगी. आज का दिन हमें यह संकल्प लेने का अवसर देता है कि हम सभी मिलकर देश की एकता और अखंडता की रक्षा करें.।उन्होंने सभी से पटेल के आदर्शों पर चलने और समाज में एकता व भाईचारे को बनाए रखने की अपील की। कार्यक्रम का समापन शारदा चौक स्थित श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की प्रतिमा स्थल के पास सरदार वल्लभ भाई पटेल जी के छाया चित्र के समक्ष माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया।  

गुजरात में बस्तर की गूंज: एकता परेड में छत्तीसगढ़ की झांकी बनी आकर्षण का केंद्र

नए छत्तीसगढ़ की झलक देख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हुए प्रभावित एकता नगर (गुजरात), गुजरात के एकता नगर में सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर आज आयोजित एकता परेड में इस वर्ष छत्तीसगढ़ की झांकी “बस्तर की धरती – संस्कृति, सृजन और प्रगति की गाथा” ने सभी का मन मोह लिया। यह झांकी छत्तीसगढ़ के जनजातीय जीवन, परंपराओं और विकास यात्रा का जीवंत प्रतीक बनकर उभरी। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परेड में सम्मिलित सभी झांकियों का अवलोकन किया और विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक झलकियों की सराहना की। प्रधानमंत्री की उपस्थिति में प्रदर्शित छत्तीसगढ़ की झांकी ने अपने सौंदर्य, प्रतीकात्मकता और सशक्त संदेश से सबका ध्यान आकर्षित किया। झांकी के अग्रभाग में पारंपरिक वेशभूषा में सजे माड़िया जनजाति के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत गौर नृत्य ने बस्तर की आन-बान और सामूहिकता की भावना को सजीव कर दिया। उनके पास रखी पारंपरिक तुरही बस्तर के पर्वों की गूंज और लोक उल्लास की प्रतीक बनी। वहीं, नंदी का चित्रण बस्तर की गहरी लोक आस्था और शिव उपासना की परंपरा को अभिव्यक्त करता नजर आया। झांकी के मध्य भाग में बस्तर के विकास और परिवर्तन की यात्रा को कलात्मक रूप में दर्शाया गया। कभी नक्सलवाद से प्रभावित यह क्षेत्र अब शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और रोजगार के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में बस्तर आज तेजी से बदलते भारत का प्रतीक बन चुका है। अब यहाँ बंदूक की नहीं, विकास की गूंज सुनाई देती है। झांकी के अंतिम भाग में टोकरी लिए महिला की प्रतिमा बस्तर की स्त्री शक्ति, श्रम और सृजनशीलता का प्रतीक बनी। संपूर्ण झांकी की ढोकरा शिल्पकला से की गई सजावट ने बस्तर के शिल्पकारों की अद्भुत कलात्मकता और परंपरागत कौशल को दर्शाया। छत्तीसगढ़ की यह झांकी न केवल अपनी संस्कृति और कला में समृद्ध है, बल्कि यह बस्तर में हो रहे सकारात्मक बदलाव की कहानी भी कहती है। झांकी ने दिखाया कि आज का नया बस्तर परंपरा, प्रकृति और विकास का सुंदर संगम बन चुका है। कभी दुर्गम और पहुँच से दूर रहने वाले इलाकों में अब सड़कों का जाल बिछ गया है, जिन पर बच्चों के स्कूल जाने की चहल-पहल सुनाई देती है और स्कूलों में घंटियाँ बजने लगी हैं। गांवों में बिजली की रौशनी और इंटरनेट की पहुँच ने नई आशाएँ जगाई हैं। युवाओं में कुछ करने, आगे बढ़ने का जोश दिखाई देता है। महिलाएँ आत्मनिर्भर बन रही हैं—हस्तशिल्प, वनोपज , विभिन्न विकासात्मक योजनाओं ने उनके जीवन में नई दिशा दी है। लोग अब विकास पर भरोसा करने लगे हैं। यह झांकी इस विश्वास का प्रतीक है कि बस्तर अब सिर्फ़ अपनी लोक संस्कृति और परंपराओं के लिए ही नहीं, बल्कि शिक्षा, सड़क, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे क्षेत्रों में तेज़ी से आगे बढ़ते एक नए युग के लिए भी जाना जा रहा है। एकता परेड के लिए झांकियों का चयन गृह सचिव की अध्यक्षता में गठित एक उच्चस्तरीय समिति और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने देशभर के राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों और केंद्रीय संगठनों के प्रजेंटेशन देखे। हर राज्य ने अपनी थीम, मॉडल और विचार समिति के सामने प्रस्तुत किए। इसी प्रक्रिया में छत्तीसगढ़ की झांकी को उसकी मौलिकता, सांस्कृतिक समृद्धि और विकास के जीवंत चित्रण के लिए चयनित किया गया। अंतिम सूची में छत्तीसगढ़ के साथ एनएसजी, एनडीआरएफ, अंडमान-निकोबार द्वीप, गुजरात, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, मणिपुर, पुद्दुचेरी और उत्तराखंड की झांकियाँ शामिल हुईं।

जशपुर से यूपी जा रही थी गोवंश तस्करी की खेप, कोरबा पुलिस ने पकड़ा गिरोह

कोरबा कोरबा थाना उरगा पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से पशुओं की तस्करी कर उनकी जान लेने के लिए ले जा रहे पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह घटना जशपुर जिले से जुड़ी है, जहां पिकअप वाहन में 8 बैलों को उत्तर प्रदेश के बूचड़खाने ले जाया जा रहा था। इस खुलासे के बाद स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक पिकअप वाहन में मवेशियों को भरकर ले जाया जा रहा है, जिससे तस्करी की आशंका थी। सूचना के आधार पर, थाना उरगा पुलिस की टीम ने ग्राम सराईपाली, पंचायत रिवापार में घेराबंदी कर दबिश दी। इस दौरान, एक सफेद रंग के पिकअप वाहन में 7 बैल अवैध रूप से परिवहन करते हुए पाए गए। पूछताछ में पता चला कि ये लोग बैलों को जशपुर जिले से उत्तर प्रदेश में बूचड़खाने ले जा रहे थे। मौके पर पुलिस ने वाहन को रोककर जांच की तो पाया गया कि मवेशियों के परिवहन के संबंध में कोई भी वैध दस्तावेज या अनुमति पत्र प्रस्तुत नहीं किया गया। पुलिस ने तत्काल वाहन चालक और उसके साथियों को हिरासत में ले लिया और पशुओं को सुरक्षित किया।

राज्य सरकार की पहल से बदल रही है मजदूरों की दुनिया – रायपुर से उभर रही नई उम्मीदें

रायपुर : विशेष लेख :राज्य सरकार के प्रयासों से श्रमिकों के जीवन में आ रहा है बदलाव श्रम विभाग अंतर्गत 25 वर्षों की विभागीय उपलब्धियां रायपुर, छत्तीसगढ राज्य स्थापना के समय 16 जिलों में से 09 जिलों में श्रम कार्यालय तथा 04 जिलों में औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा कार्यालय संचालित है। वर्तमान में राज्य के समस्त 33 जिलों में श्रम कार्यालय तथा 10 जिलों में औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा तथा वर्ष 2008 से रायपुर में इंडस्ट्रीयल हाईजिन लैब का राज्य स्तरीय कार्यालय प्रारंभ किया गया है। राज्य स्थापना के बाद से वर्ष 2008 में छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल तथा वर्ष 2011 में छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल का गठन किया गया है। उक्त मण्डलों में श्रमिकों के पंजीयन, नवीनीकरण तथा विभिन्न योजनाओं में आवेदन विभागीय पोर्टल/श्रमेव जयते मोबाईल ऐप के माध्यम से ऑनलाईन करने की सुविधा दी गयी है तथा विभिन्न योजनाओं में डी०बी०टी के माध्यम से श्रमिकों को लाभान्वित किया जा रहा है। 52 लाख 75 हजार 618 संगठित/निर्माण/असंगठित श्रमिक पंजीकृत 31 जुलाई, 2025 तक छ0ग0 श्रम कल्याण मंडल अंतर्गत 5लाख 41 हजार 920 संगठित श्रमिक, छ0ग0 भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल अंतर्गत 30 लाख 21 हजार 624 निर्माण श्रमिक तथा छ०ग० असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल अंतर्गत 17 लाख 12 हजार 074 असंगठित श्रमिक पंजीकृत हैं। इस प्रकार विभाग अंतर्गत संचालित मंडलों में कुल 52 लाख 75 हजार 618 संगठित, निर्माण, असंगठित श्रमिक पंजीकृत हैं। राज्य स्थापना के बाद से 57 लाख 24 हजार 745 श्रमिकों को 23 अरब 70 करेाड 24 लाख 56 हजार 757 रूपये से लाभांवित किया गया। छ0ग0 श्रम कल्याण मंडल में 80 लाख 713 संगठित श्रमिक को 31 जुलाई, 2025 तक राशि रूपये 26 करोड 56 लाख 2 हजार 131 से, छ०ग० भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल में 51 लाख 72, हजार 579 निर्माण श्रमिकों को राशि रूपये 19 करोड 82 लाख 69 लाख 48 हजार 448 तथा छ०ग० असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल में 4 लाख 71 हजार 453 अंगठित कर्मकारों को राशि रूपये 3अरब 60 करोड 99 लाख 06 हजार 178 से इस प्रकार राज्य स्थापना के बाद से कुल 57 लाख 24 हजार 745 श्रमिकों को राशि रूपये 23 अरब 70 करोड़ 24 लाख 56 हजार 757 (तेईस अरब सत्तर करोड़ चौबीस लाख छप्पन हजार सात सौ सात रूपये) से लाभांवित किया गया है। श्रमिक सहायता केन्द्र 24×7 संचालित श्रमिकों के हितलाभ संरक्षण, सहायता एवं उनके शिकायतों के निराकरण करने के लिए राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री श्रमिक सहायता केन्द्र (Helpline Center) रायपुर में 24×7 संचालित है। प्रत्येक जिले में जिला स्तरीय तथा समस्त विकासखंडों में मुख्यमंत्री श्रम संसाधन केन्द्र संचालित किया जा रहा है, जिसके माध्यम से 31 जुलाई 2025 तक 84 हजार 810 निर्माण श्रमिकों को पंजीयन एवं योजनाओं के आवेदन में सहयोग प्रदान किया गया है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के अंतर्गत विभिन्न श्रम कानूनों के अंतर्गत कारखानों, दुकान व स्थापनाओं, ठेकेदारों आदि का पंजीयन, नवीनीकरण, संशोधन तथा विभाग अंतर्गत गठित मंडलों में श्रमिकों के पंजीयन, नवीनीकरण, संशोधन तथा योजनाओं हेतु आवेदन/स्वीकृति विभागीय वेब पोर्टल एवं श्रमेव जयते मोबाईल एप के माध्यम से ऑनलाईन की जा रही है। साथ ही विभिन्न श्रम अधिनियमों के अंतर्गत पंजियों/अभिलेखों को ऑनलाईन डिजिटल रूप में संधारित करने तथा एकीकृत वार्षिक विवरणी ऑनलाईन प्रस्तुत करने की सुविधा नियोजकों को प्रदान की गई है। ई-गवर्नेस के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार भारत सरकार कार्मिक, लोक शिकायत मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा छ०ग० शासन श्रम विभाग को 2020-21 हेतु ‘ई-श्रमिक सेवा‘ सहित सार्वभौमिक पहुंच हेतु ‘ई-गवर्नेस के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार‘ रूपये 02 लाख पुरस्कार राशि के साथ गोल्ड पुरस्कार प्रदान किया गया। प्रवासी श्रमिकों के हित संरक्षण, कल्याण एवं सामाजिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विभिन्न विभागों के समन्वय से दिनांक 19 जुलाई 2021 से छ०ग० राज्य प्रवासी श्रमिक नीति, 2020 लागू किया गया है, जिसमें पलायन पंजी के ऑनलाईन संधारण की व्यवस्था की गई है। श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिये अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा एवं श्रम मंत्री के निर्देशानुसार पंजीकृत निर्माण श्रमिक परिवारों के बच्चों को उत्कृष्ट निजी शालाओं में निःशुल्क अध्ययन कराये जाने हेतु छ०ग० भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा ‘अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना‘ 08.जनवरी 2025 से प्रारंभ की गई है। योजना के तहत मंडल में 01 वर्ष पूर्व पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के प्रथम 02 बच्चों को कक्षा 6 वीं में प्रवेश दिया जाकर कक्षा 12 वीं तक आवासीय विद्यालयों में वर्तमान में 100 श्रमिकों के बच्चों को विभिन्न विद्यालयों में प्रवेश दिया जाकर गुणवत्तायुक्त निःशुल्क शिक्षा प्रदान किया जा रहा है। निर्माण श्रमिकों के स्वयं के आवास क्रय एवं आवास निर्माण हेतु एक लाख रूपये एकमुश्त अनुदान सहायता राशि प्रदाय किया जा रहा है। 31 जुलाई 2025 तक 2 हजार 278 निर्माण श्रमिकों को नवीन आवास क्रय/आवास निर्माण हेतु अनुदान सहायता राशि प्रदाय किया जा चुका है। निर्माण श्रमिकों के लिये पेंशन योजना 60 वर्ष आयु पूर्ण कर चुके पंजीकृत निर्माण श्रमिक, जिनका मंडल में 10 वर्ष पूर्व का पंजीयन हो, ऐसे 37 निर्माण श्रमिकों को प्रतिमाह रूपये 1500/- पेंशन योजना से लाभांवित किया जा रहा है। शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना इस योजना अंतर्गत पंजीकृत निर्माण, असंगठित एवं संगठित श्रमिकों को रूपये 05 में गरम एवं पौष्टिक भोजन प्रदाय किया जा रहा है। प्रदेश के 17 जिलों में 37 श्रम अन्न योजना केन्द्र संचालित है, जिसमें प्रतिदिन लगभग 8 हजार श्रमिक गरम भोजन प्राप्त करे रहें है। संचालनालय, कर्मचारी राज्य बीमा सेवायें कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम, 1948 के अंतर्गत कर्मचारी राज्य बीमा योजना, राज्य निर्माण के समय श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदाय करने वाली यह योजना केवल कारखानों, सिनेमाघरों, ट्रांसपोर्ट, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों पर लागू थी। राज्य निर्माण के पश्चात इस योजना में निजी सहायता प्राप्त शैक्षणिक एवं निजि चिकित्सा संस्थाओं तथा राज्य सरकार द्वारा संचालित नगर निगमों, नगर पालिकाएं, नगर परिषद् एवं अन्य स्थानीय निकाय पर भी लागू की गई है। निःशुल्क चिकित्सा हित लाभ छ.ग. राज्य गठन के उपरांत कर्मचारी राज्य बीमा योजना का विस्तार छ.ग. राज्य के 15 जिलों के सम्पूर्ण क्षेत्र तथा 17 जिलों के नगरीय निकाय क्षेत्रों में किया गया है। कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम 1948 के अंतर्गत छ.ग. राज्य निर्माण के पूर्व लगभग 30 … Read more