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कोण्डागांव में 25 सितंबर को आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल, तैयारियों का होगा परीक्षण

कोण्डागांव राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, गृह मंत्रालय भारत सरकार, नई दिल्ली तथा छत्तीसगढ़ राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, राजस्व, एवं आपदा प्रबंधन विभाग एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण कोण्डागांव के संयुक्त तत्वाधान में दिनांक 25 सितंबर 2025 दिन गुरूवार, प्रातः 10 बजे स्थान कोण्डागांव में बाढ़ पर एवं केशकाल में बिल्डिंग गिर जाने पर मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा। यह मॉक ड्रिल आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने तथा जनता को जागरूक करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। यह केवल एक प्रशिक्षण प्रक्रिया है और घबराने की आवश्यकता नहीं है। नागरिकों से अपील की गई है कि अभ्यास के दौरान शांति बनाये रखे, तथा किसी भी प्रकार की घबराहट से बचें। साथ ही अफवाहों से बचने तथा दूसरों को सही जानकारी प्रदान करने करें। सभी से अनुरोध किया गया है कि इस महत्वपूर्ण मॉक ड्रिल में प्रशासन का पूरा सहयोग करें।

प्लेसमेंट कैम्प में 17 आवेदकों का प्रारंभिक रूप से चयन

गौरेला पेंड्रा मरवाही जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र के सहयोग से सोमवार को आयोजित प्लेसमेंट कैम्प में 17 आवेदकों का प्रारंभिक रूप से चयन किया गया। इनमें डाटा एन्ट्री ऑपरेटर के 3, अप्रेन्टिशिप के 2ं, मशीन ऑपरेटर के 4 एवं सेल्स रिप्रेजेंटेटिव के 8 पदों के आवेदक शामिल हैं। शेष पदों पर द्वितीय साक्षात्कार के बाद चयन की प्रक्रिया निजी कंपनियों द्वारा 15 दिवस के भीतर की जाएगी। बता दें कि जिला रोजगार कार्यालय परिसर गौरेला में आयोजित प्लेसमेंट कैम्प में चार निजी कंपनी द्वारा सेल्स एवं मार्केटिंग, फ्रंट ऑफिस एक्जीक्यूटिव, डाटा एंट्री ऑपरेटर, अप्रेन्टिशिप, मशीन ऑपरेटर, मार्केटिंग डेवलपमेंट एक्जीक्यूटिव, सेल्स रिप्रेजेंटेटिव, ट्रेनिंग ऑफिसर, टीचर, मैनेजर एवं सर्वेयर के कुल 251 पदों के विरूद्ध 86 अभ्यर्थी उपस्थित हुए और साक्षात्कार में भाग लिए।

महासमुंद में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत सेवा मैराथन दौड़, कलेक्टर ने दिखाई हरी झंडी

महासमुंद : नशा मुक्त भारत अभियान अंतर्गत सेवा मैराथन दौड़, कलेक्टर ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना महासमुंद में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत सेवा मैराथन दौड़, कलेक्टर ने दिखाई हरी झंडी नशा मुक्त भारत की ओर कदम: महासमुंद में सेवा मैराथन दौड़ की शुरुआत रास्ता बदल सकते है मंजिल को नहीं – विधायक  योगेश्वर राजू सिन्हा विजेताओं को किया गया सम्मानित महासमुंद जिला प्रशासन एवं समाज कल्याण विभाग द्वारा रजत जयंती समारोह एवं सेवा पखवाड़ा अंतर्गत आज नशा मुक्त भारत अभियान के तहत सेवा मैराथन दौड़ का आयोजन किया गया। दौड़ की शुरुआत आयुष कार्यालय परिसर संजय कानन से हुई, जो कलेक्ट्रेट परिसर तक संपन्न हुई। मैराथन में युवा, बच्चे, दिव्यांग, बुजुर्ग, जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उत्साहपूर्वक शामिल हुए। प्रतिभागियों में जोश और उमंग का माहौल देखने को मिला। दौड़ समाप्ति पर प्रतिभागियों को प्रथम एवं द्वितीय पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। आज सुबह 8 बजे कलेक्टर  विनय लंगेह ने कार्यक्रम का शुभारंभ हरी झंडी दिखाकर किया। उन्होंने कहा कि आज युवाओं में नशे का प्रकोप बढ़ रहा है, जिसे रोकने जागरूकता आवश्यक है। स्वस्थ्य रहेंगे तभी स्वस्थ समाज का निर्माण संभव है। मैराथन एक माध्यम है कि हम स्वस्थ्य रहकर समाज को भी संदेश दे सकते हैं। कलेक्टर कार्यालय में आयोजित समापन समारोह में मुख्य अतिथि विधायक  योगेश्वर राजू सिन्हा ने कहा कि युवा ही राज्य के विकास की असली ताकत हैं। सबसे पहले हमें नशा मुक्त होने का संकल्प लेना चाहिए। संकल्प और एकता ही जीत की कुंजी है। नारी शक्ति का सम्मान कर हमें विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में आगे बढ़ना होगा। युवा गतिशील होता है, वह रास्ता बदल सकता है पर मंजिल नहीं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ के युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने मैराथन में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को बधाई दी। इस अवसर पर स्काउट गाइड संघ के अध्यक्ष  येतराम साहू ने कहा कि स्वस्थ्य रहना आज सबसे ज्यादा जरूरी है। जब हम स्वस्थ रहेंगे तभी राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी अच्छे से निभा सकेंगे। आज की मैराथन इसी संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बनी है। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष मती मोगरा पटेल, नगर पालिका उपाध्यक्ष देवी चंद राठी, महेंद्र सिक्का, राजू चंद्राकर, आनंद साहू, राहुल चंद्राकर, समाज सेवी डॉ. एकता लंगेह, अपर कलेक्टर रवि साहू, समाज कल्याण विभाग के उप संचालक मती संगीता सिंह, आयुष के डॉ. ज्योति गजभिए, डॉ. सर्वेश दुबे सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे। अंत में सभी प्रतिभागियों ने नशा मुक्ति का शपथ लिया। नवरात्रि के अवसर पर आयोजित इस सेवा मैराथन ने स्वास्थ्य, एकता और समाज में नशामुक्ति का सशक्त संदेश दिया। पुरस्कार प्राप्त करने वालों में ओपन वर्ग मैराथन दौड़ अंतर्गत पुरूष प्रतिभागी में बलराम बरिहा  ने प्रथम एवं सत्येन्द्र कुमार तेन्दुलकर ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया तथा महिला प्रतिभागी में प्रथम स्थान हसिना एवं द्वितीय स्थान ज्योति ने हासित की। इसी तरह 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के मध्य मैराथन दौड़ प्रतियोगिता में बंदन बाई चैहान ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। मोटराईज्ड ट्रायसाकल मैराथन में लाकेश कुमार प्रथम स्थान पर एवं मानिक लाल चतुर्वेदी द्वितीय स्थान पर रहे। साथ ही ट्रायसाकल मैराथन में संजय परमार ने प्रथम स्थान एवं तेजस्वी ने द्वितीय स्थान हासिल किया। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को 2100 रुपए की प्रोत्साहन राशि एवं द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को 1100 रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान कर सम्मानित किया गया। 

माँ बम्लेश्वरी के दरबार तक पहुँच श्रद्धालुओं के लिए अब और सुगम : मुख्यमंत्री साय

रायपुर : जन-जन की आस्था को मिला सहारा : नवरात्र में श्रद्धालुओं के लिए नि:शुल्क बस सेवा माँ बम्लेश्वरी के दरबार तक पहुँच श्रद्धालुओं के लिए अब और सुगम : मुख्यमंत्री  साय मुख्यमंत्री ने चार बसों को दिखाई हरी झंडी : दो सौ श्रद्धालु मां बम्लेश्वरी दर्शन के लिए हुए रवाना कालीमाता सेवा समिति द्वारा निःशुल्क बस सेवा पूरे नवरात्रि में नौ दिन तक चलेगी रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज रायपुर शहर के आकाशवाणी चौक स्थित माँ काली मंदिर से डोंगरगढ़ तक निःशुल्क बस सेवा का शुभारंभ किया। रायपुर से माँ बम्लेश्वरी के दर्शन के लिए डोंगरगढ़ जाने वाले श्रद्धालुओं को इस बस सेवा का नि:शुल्क लाभ मिलेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने कालीमाता सेवा समिति की इस पहल की सराहना करते हुए समिति के पदाधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने माँ काली और माँ बम्लेश्वरी से छत्तीसगढ़ में खुशहाली, समृद्धि और शांति की कामना की। साथ ही सभी प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्र की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ भी प्रेषित कीं। माँ बम्लेश्वरी के दरबार तक पहुँच श्रद्धालुओं के लिए अब और सुगम : मुख्यमंत्री  साय माँ काली सेवा समिति द्वारा संचालित यह नि:शुल्क बस सेवा पूरे नवरात्र पर्व के दौरान नौ दिनों तक लगातार चलेगी। इस सेवा के तहत प्रतिदिन चार बसें रायपुर से श्रद्धालुओं को डोंगरगढ़ तक ले जाएँगी और उन्हें दर्शन के उपरांत वापस रायपुर लाएँगी। मुख्यमंत्री ने आज चार बसों में लगभग दो सौ महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं के प्रथम जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री ने चार बसों को दिखाई हरी झंडी : दो सौ श्रद्धालु मां बम्लेश्वरी दर्शन के लिए हुए रवाना बसों को हरी झंडी दिखाते हुए मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि कालीमाता सेवा समिति पिछले दस वर्षों से निस्वार्थ सेवा भाव से प्रत्येक नवरात्र में प्रतिदिन चार बसों से श्रद्धालुओं को माँ बम्लेश्वरी के दर्शन हेतु ले जाती है। यह न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक एकता का जीवंत उदाहरण भी है। उन्होंने कहा कि नवरात्र के अवसर पर देवी मंदिरों में दर्शन की लालसा हर सनातनी के मन में होती है। माँ के दर्शन की कल्पना मात्र से ही मन में दिव्य ऊर्जा का संचार होता है। लेकिन कई बार परिस्थितिवश हर कोई दूर स्थित देवी स्थलों तक नहीं पहुँच पाता। ऐसे में यह बस सेवा श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही है। माँ बम्लेश्वरी के दरबार तक पहुँच श्रद्धालुओं के लिए अब और सुगम हो गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बस सेवा से समिति ने माँ बम्लेश्वरी के दर्शन का मार्ग प्रशस्त करने के साथ ही सेवा, समर्पण और समावेशिता का प्रेरक संदेश भी दिया है। मुख्यमंत्री ने चार बसों को दिखाई हरी झंडी : दो सौ श्रद्धालु मां बम्लेश्वरी दर्शन के लिए हुए रवाना मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि हाल ही में राजिम से रायपुर तक मेमू ट्रेन का भी शुभारंभ किया गया है। इससे छत्तीसगढ़ की कुंभनगरी राजिम के श्रद्धालुओं को माँ बम्लेश्वरी के दर्शन के लिए और अधिक सुविधा होगी। उन्होंने इस पहल के लिए कालीमाता सेवा समिति से जुड़े  चंद सुंदरानी,  दीपक भारद्वाज और सभी पदाधिकारियों को साधुवाद दिया। इस अवसर पर गृहमंत्री  विजय शर्मा ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समिति से एक बस कवर्धा से डोंगरगढ़ तक चलाने का आग्रह किया। कार्यक्रम में राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा, रायपुर नगर निगम की महापौर मती मीनल चौबे, विधायक  सुनील सोनी एवं  पुरंदर मिश्रा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

हाथकरघा उद्योग को बढ़ावा देने ग्रामोद्योग मंत्री का बुनकर संघ गोदाम दौरा

रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य हाथकरघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ मर्या., रायपुर द्वारा संचालित महामाया गृह निर्माण प्रा. लि. डुमरतराई स्थित एल.के. लॉजिस्टिक पार्क फेस–02, धमतरी रोड, रायपुर में स्थापित गोदाम का अवलोकन आज माननीय ग्रामोद्योग मंत्री  गजेन्द्र यादव ने किया। इस अवसर पर ग्रामोद्योग सचिव  श्याम धावड़े ने मंत्री जी को जानकारी दी कि राज्य के बुनकरों द्वारा गणवेश वस्त्र, रेडीमेड गणवेश, धागा चादर, दरी, सेलुलर डील मच्छरदानी, जेकार्ड पर्दा, बस्ता, क्लॉथ, पोलिएस्टर साड़ी, मेडिकल चादर और ग्रीन क्लॉथ सहित लगभग 60 प्रकार के वस्त्रों का उत्पादन किया जा रहा है। वर्तमान में संघ के पास रंगीन चादर लगभग 4.00 लाख नग, उलन कंबल 1.69 लाख नग, पोलिएस्टर साड़ी 1.90 लाख नग, दरी 18 हजार नग तथा अन्य हाथकरघा वस्त्र एवं सामग्री सहित कुल 225 करोड़ रुपये का वस्त्र स्टॉक उपलब्ध है। माननीय मंत्री  यादव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राज्य के विभिन्न शासकीय विभागों में आपूर्ति हेतु केवल राज्य के बुनकरों द्वारा उत्पादित वस्त्रों का ही उपयोग सुनिश्चित किया जाए। इससे राज्य के कुटीर एवं हाथकरघा उद्योग को बढ़ावा मिलेगा और बुनकरों को स्थानीय स्तर पर ही रोजगार उपलब्ध होगा।अवलोकन के दौरान मंत्री जी के ओ.एस.डी एवं  अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित  थे।

हाईकोर्ट का फैसला: पति के लिए आपत्तिजनक भाषा और अलगाव की जिद को माना मानसिक अत्याचार

बिलासपुर  छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में पत्नी द्वारा पति को ‘पालतू चूहा’ कहने और ससुराल के माता-पिता से अलग रहने की जिद को मानसिक क्रूरता करार दिया है. अदालत ने फैमिली कोर्ट के निर्णय को बरकरार रखते हुए पति को तलाक की मंजूरी दे दी. साथ ही, पत्नी को 5 लाख रुपये का स्थायी गुजारा भत्ता और बेटे के लिए मासिक भत्ता देने का आदेश दिया है. मामला एक दंपती का है, जहां पत्नी ने पति पर मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए थे, लेकिन हाईकोर्ट ने पत्नी के व्यवहार को ही क्रूरता माना. कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा, भारतीय संयुक्त परिवार व्यवस्था में पति को माता-पिता से अलग करने की जिद रखना स्पष्ट रूप से मानसिक क्रूरता है. न्यायमूर्ति ने जोर देकर कहा, पारंपरिक परिवार संरचना में ऐसी मांगें वैवाहिक संबंधों को तोड़ने का आधार बन सकती हैं. फैमिली कोर्ट का फैसला सही फैमिली कोर्ट ने पहले ही पति की याचिका पर तलाक मंजूर किया था, लेकिन पत्नी ने इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी. सुनवाई के दौरान पति ने दावा किया कि पत्नी का अपमानजनक व्यवहार और अलग रहने की जिद ने उनके जीवन को नर्क बना दिया. अदालत ने सबूतों की जांच के बाद फैमिली कोर्ट के फैसले को सही ठहराया. यह फैसला वैवाहिक विवादों में मानसिक क्रूरता की परिभाषा को विस्तार देता है. पीड़ित पतियों को राहत मिलेगी! कानूनी विशेषज्ञों का मानना है हाईकोर्ट के इस फैसले से पतियों को राहत मिलेगी, जो पत्नियों के ऐसे व्यवहार से परेशान हैं. वहीं, इस मामले में पत्नी को गुजारा भत्ता देने का आदेश देकर अदालत ने आर्थिक न्याय भी सुनिश्चित किया. मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद पति ने राहत की सांस ली.

स्वास्थ्य सेवाओं और सांस्कृतिक आयोजनों में सक्रिय भागीदारी: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े रायपुर में

रायपुर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आज भटगांव विधानसभा अंतर्गत भैयाथान में कई कार्यक्रमों में भाग लेकर क्षेत्रवासियों से संवाद स्थापित किया और विभागीय गतिविधियों की समीक्षा की। मंत्री श्रीमती राजवाड़े इस दौरान ग्राम बंजा के उपस्वास्थ्य केंद्र में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में सम्मिलित हुईं। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीणजन, जनप्रतिनिधि, चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे। शिविर के माध्यम से ग्रामीणों को निःशुल्क परामर्श एवं उपचार की सुविधा दी गई, जिससे लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिला। मंत्री भैयाथान स्थित मंगल भवन में आयोजित अग्रसेन जयंती समारोह में भाग ली। समाज के प्रबुद्धजनों एवं नागरिकों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को भव्य रूप दिया। इस अवसर पर मंत्री ने अपने उद्बोधन में कहा, “अग्रसेन महाराज के आदर्शों को जीवन में अपनाकर हम समाज में भाईचारे, समानता और सह-अस्तित्व की भावना को मजबूत कर सकते हैं। हमें समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए निरंतर प्रयासरत रहना चाहिए।” भैयाथान प्रवास के दौरान मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने एसडीएम कार्यालय, तहसील कार्यालय, जनपद कार्यालय, विकासखंड कार्यालय एवं शिक्षा अधिकारी कार्यालय का निरीक्षण भी किया। उन्होंने अधिकारियों-कर्मचारियों से विभिन्न कार्यों की जानकारी ली और विभागीय गतिविधियों की समीक्षा की।

श्रद्धालुओं के सपनों को साकार कर रही है मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना: वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी

रायगढ़ जिले के 1200 से अधिक श्रद्धालुओं ने उठाया योजना का लाभ रायपुर रायगढ़ जिला प्रशासन द्वारा नगर निगम ऑडिटोरियम में रामलला दर्शन योजना एवं मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना में शामिल वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान में भव्य सम्मेलन आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी ने भगवान राम की छायाचित्र पर दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। रामायण आरती के साथ वातावरण राममय हो उठा।  चौधरी ने श्रद्धालुओं का चरणस्पर्श कर आशीर्वाद लिया और कहा कि यह योजना वास्तव में बुजुर्गों के सपनों को साकार करने वाली योजना है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की माटी का भगवान राम से गहरा नाता है। माता कौशल्या छत्तीसगढ़ की बेटी थीं, इसलिए भगवान राम को हम भांजा मानते हैं। उन्होंने कहा कि त्रेतायुग में 14 वर्षों का वनवास समाप्त हुआ था, लेकिन कलियुग में राममंदिर निर्माण के लिए 500 वर्षों का संघर्ष करना पड़ा। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक अयोध्या का भव्य मंदिर आज साकार हुआ है। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने वादा किया था कि श्रद्धालुओं को रामलला और प्रमुख तीर्थों का दर्शन कराया जाएगा। आज रामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना हजारों परिवारों के लिए आशीर्वाद बन चुकी हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे अपने गांवों में राम के आदर्शों और उनके चरित्र का संदेश जन-जन तक पहुंचाएं। यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएं जिला पंचायत सीईओ  जितेंद्र यादव ने बताया कि तीर्थयात्रियों के लिए आवास, भोजन, परिवहन और चिकित्सा की संपूर्ण व्यवस्था की जाती है। प्रत्येक यात्री को विशेष पहचान पत्र भी प्रदान किया गया। इच्छुक श्रद्धालु आगामी यात्राओं के लिए जिला पंचायत और नगर निगम कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। श्रद्धालुओं ने साझा किए अनुभव जिले के विभिन्न विकासखण्डों से अब तक 1206 श्रद्धालु (745 पुरुष एवं 461 महिलाएं) अयोध्या, काशी और अन्य तीर्थों का दर्शन कर चुके हैं। सम्मेलन में श्रद्धालुओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए इसे जीवन का अविस्मरणीय क्षण बताया। पुसौर निवासी  खगेश्वर पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, वर्तमान मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय और वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी के प्रयास से ही यह संभव हुआ। राजकुमारी साव ने यात्रा को सहज और सुखद बताते हुए कहा कि पूरी यात्रा परिवार जैसे वातावरण में पूरी हुई। उमेश सिंह सिदार ने कहा कि सरकार वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान हेतु लगातार कार्य कर रही है। वहीं सावित्री भगत ने कहा कि अयोध्या दर्शन उनके जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य है। सुनील थवाईत ने बताया कि यात्रा में स्वच्छ भोजन, सुरक्षा और स्वागत की उत्कृष्ट व्यवस्था रही। काशी और अयोध्या के दर्शन उनके जीवन के सबसे सुखद क्षण रहे। सम्मेलन में योजनाओं से जुड़ी अविस्मरणीय स्मृतियों को समेटे हुए वीडियो प्रस्तुति विशेष आकर्षण रही। कार्यक्रम के अंत में सामूहिक ग्रुप फोटो लिया गया। श्रद्धालुओं को स्मृति स्वरूप रामचरितमानस की पुस्तक, शाल, फल और यात्रा के फोटोग्राफ भेंट किए गए। इस अवसर पर नगर निगम रायगढ़ महापौर  जीवर्धन चौहान, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  दीपक सिदार, नगर निगम सभापति  डिग्रीलाल साहू, जिला पंचायत सदस्य मती सुषमा खलखो सहित अनेक जनप्रतिनिधि, कलेक्टर  मयंक चतुर्वेदी, जिला पंचायत सीईओ  जितेंद्र यादव और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

नक्सल प्रभावित बस्तर में खेलों की नई पहल, ओलंपिक 2025-26 के लिए पंजीयन प्रारंभ

रायपुर बस्तर अंचल के युवाओं को खेलों की मुख्यधारा से जोड़ने और उनकी छिपी हुई प्रतिभाओं को निखारने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा “बस्तर ओलंपिक 2025-26” का आयोजन किया जा रहा है। इसके लिए खिलाड़ियों का पंजीयन शुरू हो गया है। सरकार ने सभी संभागायुक्त और जिला कलेक्टरों को पत्र जारी कर बस्तर ओलंपिक प्रतियोगिता में अधिक से अधिक युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। खेल एवं युवा कल्याण विभाग इस आयोजन का मुख्य आयोजन विभाग होगा जबकि गृह (पुलिस) विभाग को नोडल विभाग नियुक्त किया गया है। विकासखण्ड स्तर पर आयोजन समिति का गठन संबंधित कलेक्टरों द्वारा किया जाएगा। जिला और संभाग स्तरीय समितियां सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश के अनुसार गठित की गई हैं। जिला स्तर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत या किसी वरिष्ठ राज्य प्रशासनिक अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। शुभंकर एवं लोगो बस्तर ओलंपिक का शुभंकर और लोगो पिछले वर्ष की तरह इस बार भी “वन भैंसा” और “पहाड़ी मैना” होंगे। इनका उपयोग व्यापक प्रचार-प्रसार में किया जाएगा। शासन ने सभी जिलों को प्रतियोगिता में अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित करने, पंजीयन सुविधा और अन्य तैयारियाँ तत्काल पूरी करने के निर्देश दिए है। यह आयोजन बस्तर क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं को पहचान दिलाने, युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और शासन एवं जनता के बीच संबंध मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल सिद्ध होगी। राज्य शासन की मंशा है कि इस आयोजन के माध्यम से बस्तर अंचल की खेल प्रतिभाओं को राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अवसर मिले तथा युवाओं को सकारात्मक दिशा मिले। इस आयोजन की खासियत यह है कि नक्सल हिंसा में दिव्यांग हुए प्रतिभागियों एवं आत्मसमर्पित पूर्व नक्सलियों को सीधे संभाग स्तर पर प्रतिभागिता का अवसर दिया जाएगा। इससे उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त होगा। वेटलिफ्टिंग और हॉकी की प्रतियोगिताएं जिला स्तर से होंगी जबकि अन्य खेलों में विकासखण्ड से लेकर संभाग स्तर तक मुकाबले आयोजित किए जाएंगे। इस प्रतियोगिता का आयोजन त्रिस्तरीय स्वरूप में विकासखण्ड, जिला और संभाग स्तर पर किया जाएगा। आयोजन में 11 खेल होंगे जिसमें एथलेटिक्स, तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, हॉकी, वेटलिफ्टिंग, कराते, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल और रस्साकशी जैसे खेल शामिल होंगे। प्रतियोगिता जूनियर एवं सीनियर वर्ग में होगी। प्रतियोगिता में शामिल खेल आयोजन में एथलेटिक्स के अंतर्गत 100 मीटर, 200 मीटर और 400 मीटर दौड़, लंबी कूद, ऊँची कूद, शॉटपुट, डिस्कस थ्रो, जैवलिन थ्रो और 4×100 मीटर रिले रेस का आयोजन होगा। तीरंदाजी में इंडियन राउंड 30 और 50 मीटर, वेटलिफ्टिंग में जूनियर व सीनियर वर्गों के लिए अलग-अलग भार वर्ग और कराते में आयु एवं वजन के आधार पर वर्ग निर्धारित किए गए हैं। कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल और फुटबॉल में भी खिलाड़ियों को व्यापक अवसर मिलेगा। रस्साकशी केवल महिला सीनियर वर्ग के लिए प्रदर्शनात्मक खेल के रूप में आयोजित होगी। पंजीयन 22 सितंबर से 20 अक्टूबर तक प्रतियोगिता के लिए पंजीयन प्रक्रिया 22 सितंबर से 20 अक्टूबर 2025 तक चलेगी। इसके बाद 25 अक्टूबर से 5 नवम्बर तक विकासखण्ड स्तरीय, 5 से 15 नवंबर तक जिला स्तरीय और 24 से 30 नवंबर तक संभाग स्तरीय प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। प्रतियोगिता दो आयुवर्गों में होगी, जूनियर वर्ग 14 से 17 वर्ष तक तथा सीनियर वर्ग जिसमें कोई आयु सीमा नहीं रहेगी।

रायपुर में कमिश्नरी सिस्टम की संभावना, जानिए कैसे होगा कानून व्यवस्था का बेहतर नियंत्रण

रायपुर  कानून व्यवस्था को सुधारने के लिए छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कमिश्नरी सिस्टम लागू करने की तैयारी है। सीएम विष्णुदेव साय के बाद राज्य के गृहमंत्री और डेप्युटी सीएम विजय शर्मा ने भी कमिश्नरी सिस्टम को लेकर अहम जानकारी दी है। विजय शर्मा ने कहा कि हम कमिश्नरी प्रणाली लेकर आ रहे हैं, जिससे पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित होगी और पुलिस त्वरित निर्णय ले सकेगी। जीरो पॉइंट पर निर्णय लेने के लिए प्रैक्टिस चल रही है। क्या है कमिश्नरी सिस्टम पुलिस कमिश्नरी सिस्टम एक प्रशासनिक व्यवस्था है। इस व्यवस्था के अंतर्गत पुलिस आयुक्त के पास कानून-व्यवस्था और पुलिस प्रशासन से संबंधित सभी शक्तियां होती हैं। ज्यादा शक्तियां होने से पुलिस को तेजी से निर्णय ले सकती है। इस सिस्टम के तहत पुलिस आयुक्त के पास जिला मजिस्ट्रेट जैसी शक्तियां हो जाती हैं। कई जगहों पर लागू है यह सिस्टम पुलिस कमिश्नरी सिस्टम देश के कई राज्यों में बड़े शहरों में लागू है। जिले का एसपी पुलिस का मुखिया होता है। कानून व्यवस्था को कंट्रोल करना एसपी की अहम जिम्मेदारी होती है। लेकिन यह सिस्टम लागू होने के बाद एसपी, एसएसपी की जगह पुलिस कमिश्नर होता है। पुलिस कमिश्नर किस रैंक के अधिकारी को बनाया जाएगा यह फैसला राज्य सरकार करती है। राज्य सरकार डीआईजी से लेकर एडीजी स्तर तक के अधिकारी को यह जिम्मेदारी दे सकती है। जिस अधिकारी को यह जिम्मेदारी दी जाती है वह अनुभवी अफसर होते हैं। राज्य सरकार उसके अधिकारों को लेकर नोटिफिकेशन जारी करती है। कौन-कौन से अधिकार देने हैं यह राज्य सरकार तय करती है। यह जरुरी नहीं है कि सारे अधिकार डिस्ट्रिक मैजिस्ट्रेट के जैसे हों। क्या बदलाव होंगे कमिश्नरी बन जाने से सबसे बड़ा फर्क यह पड़का है कि जिला पुलिस का मुखिया एक अनुभवी और ऊंचे रैंक वाला अधिकारी होता है। बहुत सारे काम उसकी मंसा के अनुरुप होते हैं। पुलिसिंग व्यवस्था प्रभावी बनती है। जरुरत के मुताबिक पुलिस फोर्स मिल सकती है। इसका फायदा आम जनता को भी मिलता है। छोटे मोटे दंड वाले अपराधों की तफ्तीस का अधिकार हेड कांस्टेबल को मिल जाता है। जिससे अपराध को नियंत्रण पर में मदद मिलती है। अभी ऐसे मसलों का निपटारा एसएआई या एसआई रैंक के अधिकारी करते हैं।