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अमित शाह के बस्तर दौरे की तैयारियों का उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने किया अवलोकन

समयपूर्व सभी तैयारियाँ एवं व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करने के दिए निर्देश रायपुर, उप मुख्यमंत्री एवं बस्तर जिला प्रभारी मंत्री विजय शर्मा ने आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आगामी 04 अक्टूबर को होने वाले बस्तर प्रवास कार्यक्रम की तैयारियों का स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी आवश्यक तैयारियाँ एवं व्यवस्थाएँ समय से पहले पूरी कर ली जाएँ ताकि कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न कराया जा सके। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने सिरहासार भवन और लालबाग स्थित कार्यक्रम स्थल का जायजा लिया और अधिकारियों की बैठक लेकर तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय बनाकर कार्य करें और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। इस अवसर पर सांसद बस्तर महेश कश्यप, विधायक जगदलपुर किरण देव, महापौर संजय पाण्डे सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। वहीं प्रशासनिक स्तर पर कमिश्नर बस्तर डोमन सिंह, आईजी बस्तर रेंज सुंदरराज पी, कलेक्टर हरिस एस, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा एवं जिला प्रशासन के अन्य अधिकारी मौजूद थे।

उपमुख्यमंत्री शर्मा ने नवरात्रि पर आस्था का संदेश दिया, कन्या पूजन कर किया शुभकामनाओं

रायपुर नवरात्रि के पावन पर्व पर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री  विजय शर्मा ने आज कबीरधाम जिले के कवर्धा और आसपास के माँ दुर्गा मंदिरों व पंडालों में पहुंचें। उन्होंने यहां विशेष पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उपमुख्यमंत्री ने महाआरती में भाग लिया, श्रृंगार सामग्री अर्पित की और सेवा मंडली के साथ माता सेवा की। उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने काली मंदिर, दंतेश्वरी मंदिर, चंडी मंदिर, परमेश्वरी मंदिर और ठाकुरपारा, कुम्हारपारा, राजमहल चौक, भोरमदेव रोड एवं सकरहा घाट में स्थापित दुर्गा पंडालों का दर्शन किया। उपमुख्यमंत्री ने दुर्गा उत्सव समितियों के पदाधिकारियों और श्रद्धालुओं से भेंटकर नवरात्रि की शुभकामनाएँ दीं। अपने प्रवास के दौरान उन्होंने छीरपानी कॉलोनी, माँ विंध्यवासिनी मंदिर, महामाया मंदिर और जनपद पंचायत कार्यालय के पास स्थित पंडालों में भी मां दुर्गा के दर्शन किए और बच्चों की खेल प्रतियोगिता में भाग लिया। उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने वीर सावरकर सभागार, कवर्धा में आयोजित कन्या पूजन एवं भोजन कार्यक्रम में भी भाग लेकर बालिकाओं का पूजन किया और उन्हें भोजन कराया। उन्होंने कहा कि कन्या पूजन नवरात्रि पर्व की आत्मा है और यह नारी शक्ति, मातृशक्ति एवं बालिकाओं के प्रति आदर-सम्मान का प्रतीक है। समाज में स्त्रियों का सम्मान और सशक्तिकरण ही वास्तविक प्रगति का मार्ग है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि नवरात्रि शक्ति, आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा का पर्व है, जो हमें माता दुर्गा के विभिन्न रूपों की आराधना कर सकारात्मक प्रेरणा देता है। उपवास, साधना, कन्या पूजन और सामूहिक भक्ति समाज में भाईचारा, सद्भाव और सेवा का संदेश फैलाते हैं। उन्होंने सभी से नवरात्रि पर्व को श्रद्धा, भक्ति और आपसी सद्भाव के साथ मनाने की अपील की और प्रदेश की खुशहाली, शांति एवं समृद्धि की मंगलकामना की। इस अवसर पर  शर्मा ने सांसद  संतोष पाण्डेय, पंडरिया विधायक मती भावना बोहरा, पूर्व संसदीय सचिव डॉ. सियराम साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  कैलाश चंद्रवंशी, नगर पालिका अध्यक्ष  चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, उपाध्यक्ष  पवन जायसवाल, जनपद अध्यक्ष मती गणपत सुषमा बघेल और जिला पंचायत सभापति  रामकुमार भट्ट सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

100 नकली नोट खपाने की कोशिश में दो नाबालिग गिरफ्तार

कांकेर नकली नोट खपाने की फिराक में घूम रहे दो नाबालिगों को कांकेर पुलिस ने पकड़ा है। इनके पास से 100-100 रुपए के कुल 53 जाली नोट बरामद किया गया। पुलिस ने कांकेर थाना में मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया। पुलिस के मुताबिक, 30 सितंबर को सूचना मिली थी कि दो युवक दुकानों में नकली नोट देकर सामान खरीदने की कोशिश कर रहे हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आईके एलीसेला, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार सिन्हा और पुलिस अनुविभागीय अधिकारी मोहसिन खान के निर्देशन में कांकेर पुलिस की टीम ने रेड कार्रवाई की। तलाशी के दौरान एक बालक के लोवर की जेब से 18 जाली नोट और दूसरे के जींस से 28 जाली नोट बरामद हुए। बाद में मेमोरण्डम के आधार पर 07 नोट और मिले। इस तरह कुल 53 नकली नोट जब्त किए गए। दोनों नाबालिगों के खिलाफ थाना कांकेर में अपराध क्रमांक 358/2025 दर्ज कर धारा 179, 180, 305, 331(4) बीएनएस के तहत मामला कायम किया गया। दोनों को आज न्यायालय में पेश किया गया।

जो सपने रह गये अधूरे, अब उन्हें मौका है पूरा करने का : संजय श्रीवास्तव

रायपुर नागरिक आपूर्ति निगम मुख्यालय नवा रायपुर में पदस्थ श्री सत्यनारायण सूर्यवंशी (एजीएम) को 62 वर्ष की अर्धवार्षिकी आयु पूर्ण करने पर सेवानिवृत्त के अवसर पर भावभीनी बिदाई दी गई। यह समारोह दिनांक 30 सितम्बर 2025 को निगम के मुख्यालय नवा रायपुर स्थित सभा कक्ष में आयोजित किया गया। इस अवसर पर निगम अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव ने सेवानिवृत्त हो रहे अधिकारी कों शाल, श्रीफल देकर सम्मानित किया। निगम कि ओर से उन्हे स्मृति चिन्ह, उपहार भी भेट किये गये। अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव ने अपने उदबोधन में कहा की रिटायरमेंट एक ऐसा समय है जब एक व्यक्ति अपने जिदंगी के एक महत्वपूर्ण अध्याय को पूरा करके नये सफर की शुरूआत करता है। रिटायरमेंट का पल हर इंशान के जीवन का एक खास मोड़ होता है। यह एक भावनात्मक क्षण है।   श्री एस.एन. सूर्यवंशी ने निगम की प्रगति में लगभग 37 वर्षो तक निष्ठापूर्ण सेवा देकर निगम के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जो अत्यंत सराहनीय है। उन्होनें सेवानिवृत्त अधिकारी के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए उनके स्वस्थ, सुखद, एवं दीर्घायु जीवन की शुभकामनाएं दी।      इस अवसर पर निगम मुख्यालय रायपुर से प्रभारी प्रबंध संचालक/कार्यपालन संचालक वित्त  राजेश कुमार सिसोदिया, कंपनी सचिव-संदीप अग्रवाल, एजीएम-श्रीमती हेलना तिग्गा, महेन्द्र साहू, एस.बी. खापर्डे, डिप्टी एजीएम-मनोज वर्मा, श्रीमती प्रज्ञा कदम, त्रिनाधा रेड्डी, मैनेजर-टीके यदु श्रीमती शिर्षा राव, एन.के. मिश्रा, कर्मचारी संघ के महामंत्री अमृतांशु शुक्ला के साथ-साथ किशन चेलक, रजीत जैन, दिवाकर राव कदम, केशर सिंह मरकाम, शशी शर्मा, मनहरण यादव, पुनित धुव्र एवं निगम मुख्यालय के समस्त अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे।  

600 साल पुरानी परंपरा जीवित: बस्तर दशहरे में देवी-देवताओं को समर्पित निशा जात्रा

जगदलपुर बस्तर में तांत्रिक पूजा के जरिए देवी-देवताओं को प्रसन्न करने के लिए राजा कमलचंद भंजदेव ने देर रात निशा जात्रा की रस्म पूरी की. इस दौरान माता को प्रसन्न करने के लिए भोग लगाने के साथ बकरों की बलि दी गई. बस्तर दशहरा की इस अनूठी रस्म के जरिए बस्तर को बुरी प्रेत आत्माओं से बचाने की प्रार्थना की जाती है, अष्टमी और नवमी तिथि के बीच देर रात को यह रस्म निभाने की परंपरा 600 साल पुरानी है. इस रस्म के तहत देर रात को राजा कमलचंद भंजदेव के साथ बस्तर राज परिवार के प्रमुख सदस्य मां दंतेश्वरी मंदिर के पुजारी एवं अन्य लोग पैदल चलकर अनुपमा चौक स्थित गुड़ी (मंदिर ) पहुंचे. मंदिर में तांत्रिक पूजा-अर्चना कर बस्तर के लोगों की खुशहाली और बस्तर को नकारात्मक शक्तियों से बचाने की प्रार्थना की गई. इस दौरान माता को प्रसन्न करने के लिए भोग लगाने के साथ बकरों की बलि दी गई.

राष्ट्रीय कीर्तिमान: बालोद में पिछले दो वर्षों से नहीं हुआ कोई बाल विवाह

बालोद छत्तीसगढ़ के बालोद जिले ने राष्ट्रीय पटल पर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह देश में पहला बाल विवाह मुक्त जिला बन गया है। ऐसा जिला प्रशासन के प्रयासों और आम जनता के सहयोग से संभव हो पाया है। आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 27 अगस्त 2024 को बाल विवाह मुक्त नामक राष्ट्रीय अभियान की शुरुआत की थी जिसके तहत बालोद जिले ने यह उपलब्धि हासिल की। यहां जिले की सभी 436 ग्राम पंचायत और नव नगरीय निकायों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए हैं। पिछले दो वर्षों में बालोद जिले से एक भी बाल विवाह का मामले सामने नहीं आया है। बालोद एक राष्ट्रीय उदाहरण बनकर सामने आया है। विधिक प्रक्रिया और सत्यापन आपको बता दें कि सरकारी आंकड़ों के हिसाब से पिछले दो वर्षों में बालोद जिले से बाल विवाह का एक भी मामला सामने नहीं आया। राष्ट्रीय स्तर पर विधिक प्रक्रिया और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद पूरे जिले को बाल विवाह मुक्त घोषित किया गया। इस उपलब्धि के साथ बालोद ने पूरे देश के सामने एक मिसाल पेश की है। बालोद एक विकासशील जिला होने के साथ एक बेहतरीन उदाहरण बनता जा रहा है साक्षरता और समझदारी में भी। कलेक्टर ने कही ये बात बालोद जिले की इस उपलब्धि से प्रशासनिक और जनप्रतिनिधियों सहित आम जनता में खुशी है। जिला कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने कहा कि यह सफलता प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और समुदाय की सामूहिक भागीदारी का परिणाम है। उन्होंने सभी पंचायतों व नगरीय निकायों के सहयोग के लिए आभार जताया। वहीं भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष चेमन देशमुख ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सरकार और प्रशासन के बेहतरीन सहयोग और आम जनता की जागरूकता से यह काम संभव हो पाया है सभी जिलेवासी बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र में बैठे हमारे प्रधानमंत्री जी ने जिस तरह का सपना बालोद, छत्तीसगढ़ या पूरे देश के लिए देखा है उसी दिशा में हमारा देश आगे बढ़ रहा है। यह गर्व की बात है कि बाल विवाह मुक्त भारत अभियान में बालोद ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है।

बस्तर पहुंचे डिप्टी सीएम विजय शर्मा, मां दंतेश्वरी के किए दर्शन

जगदलपुर केंद्रीय गृहमंत्री के आगमन को देखते हुए शासन प्रशासन तैयारियों में जुटा हुआ है। वहीं, इस कार्यक्रम की रुपरेखा की तैयारी का जायजा लेने के लिए नवरात्रि के 9वें दिन उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा बस्तर पहुंचे। जहां सबसे पहले माँ दंतेश्वरी मंदिर पहुंच बस्तर की सुख शांति की कामना से साथ ही मिशन 2026 के लिए कामना की।   बता दें कि आगामी 4 अक्तूबर को सिरहासार भवन में दशहरा पर्व के प्रमुख रस्म मुरिया दरबार में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय इस कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। वहीं इसी कार्यक्रम में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह भी मौजूद रहेंगे। अमित शाह के आगमन को देखते हुए पुलिस विभाग के साथ ही शासन प्रशासन के द्वारा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के आगमन को देखते हुए 1 अक्तूबर की सुबह उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा बस्तर पहुंचे। जहां एयरपोर्ट पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। स्वागत के बाद उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा दंतेश्वरी मंदिर पहुंचे। जहां उन्होंने मां की पूजा अर्चना करने के साथ ही बस्तर की सुख-समृद्धि के लिए कामना भी की। पूजा-अर्चना के बाद विजय शर्मा कार्यक्रम स्थल की तैयारी को देखने के साथ ही स्थल का निरीक्षण करने के लिए भी पहुंचे। विजय शर्मा के द्वारा कार्यक्रम स्थल का जायजा लेने के साथ ही एक बैठक की गई। जहां रूट चार्ट से लेकर अन्य विषयों को लेकर चर्चा की गई।

बालोद जिला बना देश का पहला बाल विवाह मुक्त जिला, सूरजपुर की 75 पंचायतें भी हुईं शामिल

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का संकल्प – 2028-29 तक पूरा छत्तीसगढ़ होगा बाल विवाह मुक्त बाल विवाह मुक्त भारत अभियान में छत्तीसगढ़ ने रचा इतिहास बालोद जिला बना देश का पहला बाल विवाह मुक्त जिला, सूरजपुर की 75 पंचायतें भी हुईं शामिल रायपुर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 27 अगस्त 2024 को शुरू किए गए “बाल विवाह मुक्त भारत” राष्ट्रीय अभियान के अंतर्गत छत्तीसगढ़ ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। राज्य का बालोद जिला पूरे देश का पहला जिला बन गया है, जिसे आधिकारिक रूप से बाल विवाह मुक्त घोषित किया जा सकता है। बालोद जिले की सभी 436 ग्राम पंचायतों और 09 नगरीय निकायों को विधिवत प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया है। बालोद बना राष्ट्रीय उदाहरण विगत दो वर्षों में बालोद जिले से बाल विवाह का एक भी मामला सामने नहीं आया। दस्तावेजों के सत्यापन और विधिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब जिले के सभी पंचायतों एवं नगरीय निकायों को बाल विवाह मुक्त का दर्जा मिल गया है। इस अभूतपूर्व उपलब्धि के साथ बालोद जिला पूरे देश के लिए एक आदर्श मॉडल बन गया है। बालोद जिला कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने कहा कि यह उपलब्धि प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और समुदाय की सामूहिक भागीदारी का परिणाम है। उन्होंने सभी पंचायतों और नगरीय निकायों को इस प्रयास में सक्रिय सहयोग देने के लिए धन्यवाद भी दिया। सूरजपुर की 75 ग्राम पंचायतें भी बाल विवाह मुक्त प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के 75वें जन्मदिवस के अवसर पर सूरजपुर जिले की 75 ग्राम पंचायतों को बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत घोषित किया गया। विगत दो वर्षों में इन पंचायतों से भी बाल विवाह का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ। इसे राज्य सरकार ने सामाजिक सुधार की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है। बाल विवाह उन्मूलन केवल सरकारी अभियान नहीं, सामाजिक परिवर्तन का संकल्प – मुख्यमंत्री श्री साय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने बाल विवाह उन्मूलन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। हमारा लक्ष्य है कि चरणबद्ध तरीके से वर्ष 2028-29 तक पूरे राज्य को बाल विवाह मुक्त घोषित किया जाए। यह केवल एक सरकारी अभियान नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का संकल्प है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अन्य जिलों में भी पंचायतों और नगरीय निकायों को बाल विवाह मुक्त घोषित करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। जिन जिलों में पिछले दो वर्षों में बाल विवाह का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है, वहां शीघ्र ही प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे। समाज और सरकार की साझेदारी से संभव हुआ बाल विवाह उन्मूलन: महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने इस उपलब्धि को छत्तीसगढ़ ही नहीं, पूरे देश के लिए प्रेरणा बताया। उन्होंने कहा कि बालोद की यह उपलब्धि साबित करती है कि यदि समाज और सरकार मिलकर कार्य करें तो बाल विवाह जैसी कुप्रथा को जड़ से समाप्त किया जा सकता है। सूरजपुर की उपलब्धि भी इस दिशा में एक मजबूत कदम है। इस अभियान में यूनिसेफ का सहयोग भी महत्वपूर्ण रहा है। संगठन ने तकनीकी सहयोग, जागरूकता कार्यक्रम और निगरानी तंत्र को मजबूत करने में मदद की। छत्तीसगढ़ की इस पहल को राष्ट्रीय स्तर पर एक मील का पत्थर माना जा रहा है। “बाल विवाह मुक्त भारत अभियान” को गति देने में यह उपलब्धि अन्य राज्यों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि छत्तीसगढ़ की तर्ज पर सामुदायिक भागीदारी और शिक्षा को केंद्र में रखकर काम किया जाए तो देश से बाल विवाह जैसी कुप्रथा का पूर्ण उन्मूलन संभव है। राज्य सरकार अब चरणबद्ध तरीके से अन्य जिलों को भी बाल विवाह मुक्त बनाने की तैयारी कर रही है। 2028-29 तक पूरे छत्तीसगढ़ को बाल विवाह मुक्त बनाने का लक्ष्य न केवल राज्य, बल्कि देश को बाल विवाह मुक्त भारत के संकल्प के और निकट ले जाएगा।

ग्राम कुरूवा को मिली नई सौगात, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने किया सामुदायिक भवन का लोकार्पण

रायपुर उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा आज कबीरधाम जिले के ग्राम कुरूवा में पहुंचे और यहाँ नवनिर्मित सामुदायिक भवन का लोकार्पण किया। ग्रामीणों ने उनका हार्दिक स्वागत कर उपमुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने ग्रामीणों के साथ संवाद कर उनकी समस्याओं, शिकायतों और मांगों को विस्तार से सुना।  शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार की प्राथमिकता जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान करना है और इसके लिए संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक निर्देश दिए गए। उन्होंने ग्रामीणों की सभी समस्याओं का नियमानुसार प्राथमिकता के साथ निराकरण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उपमुख्यमंत्री ने ग्रामीणजनों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार गाँव, गरीब, किसान और आम जनता के जीवन स्तर को और बेहतर बनाने के लिए निरंतर काम कर रही  है। उन्होंने कहा कि नया सामुदायिक भवन ग्रामीणों के सामाजिक, सांस्कृतिक और सार्वजनिक आयोजनों के लिए महत्वपूर्ण केन्द्र बनेगा और यह गाँव में बैठकों, कार्यक्रमों और सामूहिक गतिविधियों के लिए उपयोगी होगा।  शर्मा ने आगे कहा कि प्रदेश सरकार की योजनाएँ अब सीधे गाँव-गाँव तक पहुँच रही हैं, और शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, सिंचाई, पेयजल, कृषि एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में कबीरधाम जिले के हर गाँव को योजनाओं का लाभ मिलेगा और ग्रामीणों का जीवन स्तर और बेहतर होगा। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन के पदाधिकारी, स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि, जिला प्रशासन के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

सांसद चौधरी जनहितकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के दिये निर्देश

रायपुर : सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी की अध्यक्षता में दिशा की बैठक संपन्न सांसद चौधरी जनहितकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के दिये निर्देश रायपुर महासमुंद लोकसभा सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी की अध्यक्षता में आज गरियाबंद जिले में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक सम्पन्न हुई। सांसद श्रीमती चौधरी ने बैठक में शासन के जनहितकारी योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन करने एवं समय-सीमा में लक्ष्य पूरा करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। सांसद श्रीमती चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार और केन्द्र सरकार प्रदेश के दूरस्थ अंचलों के प्रत्येक व्यक्ति तक विकास पहुंचाने की दिशा में कार्यरत है। क्षेत्र के विकास के लिए हम सभी जनप्रतिनिधियों को भी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में भागीदार होना होगा। योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के साथ ही पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाने का प्रयास करना चाहिए। समीक्षा के दौरान सांसद श्रीमती चौधरी ने अधूरे सड़क निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने अन्य शासन की अन्य विभागों की प्रगति की भी समीक्षा की।      बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास, कृषि, स्कूल शिक्षा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, मनरेगा, दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रमीण, राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम, प्रधानमंत्री उज्जवला योजना, खनिज, प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम कार्यक्रम, पशुपालन, समेकित बाल विकास योजना, राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम, राष्ट्रीय भू-रिकार्ड आधुनिकीकरण कार्यक्रम, दीनदयाल उपाध्याय ग्राम विकास योजना, एकीकृत विद्युत विकास, डिजिटल इंडिया, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग, खेल, मत्स्य, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना एवं खाद्य सुरक्षा क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। बैठक में अधिकारियों ने योजनाओं के क्रियान्वयन एवं लाभान्वित स्थिति के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।         बैठक में मौजूद राजिम विधायक श्री रोहित साहू ने कहा कि हम सभी का मुख्य उद्देश्य यह होना चाहिए कि अधिक से अधिक नागरिकों को केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को पहुंचाए ताकि अंतिम छोर के अंतिम व्यक्ति को अधिकतम लाभ प्राप्त हो। उन्होंने कहा कि विकास कार्य केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित न रहें, बल्कि दूरस्थ ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों तक भी इसकी पहुंच सुनिश्चित होनी चाहिए।  बैठक में राजिम विधायक श्री रोहित साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री गौरीशंकर कश्यप, नगर पालिका परिषद गरियाबंद के अध्यक्ष श्री रिखीराम यादव, कलेक्टर श्री बी.एस. उइके, पुलिस अधीक्षक श्री निखिल राखेचा, वनमण्डलाधिकारी श्री शशिगानंदन के., उप निदेशक उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व श्री वरूण जैन, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रखर चन्द्राकर, अपर कलेक्टर श्री पंकज डाहिरे, श्री नवीन भगत और विभिन्न विभागों के जिला प्रमुख अधिकारी सहित दिशा समिति के सदस्यगण उपस्थित थे।