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रायपुर: गोद ग्राम सोनपूरी में राज्यपाल का जनसंवाद, योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति तक पहुँचाने पर जोर

रायपुर राज्यपाल  रमेन डेका ने अपने  खैरागढ़ प्रवास के दौरान अपने गोद लिए हुए  ग्राम सोनपूरी का भ्रमण किया और जनसंवाद कार्यक्रम में शामिल होकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा जब इनका लाभ अंतिम पंक्ति के हितग्राही तक पहुंचे। ग्राम सोनपूरी को मॉडल ग्राम के रूप में विकसित करने के लिए उन्होंने सभी विभागों को समन्वित प्रयास करने के निर्देश दिए। राज्यपाल ने शासन की योजनाओं का लाभ ले चुके हितग्राहियों से फीडबैक लिया। जनसंवाद के दौरान विद्यार्थियों को कौशल विकास प्रशिक्षण हेतु  राजभवन से 5-5 हजार रुपए सहयोग देने की घोषणा की। इसी तरह ग्रामीणों द्वारा श्मशान घाट के रख-रखाव और बाउंड्रीवाल निर्माण की मांग पर उन्होंने राजभवन से 5 लाख रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की। राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि छत्तीसगढ़ की महिलाएं स्व-सहायता समूहों से जुड़कर उल्लेखनीय कार्य कर रही हैं। इन समूहों ने न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त किया है। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे प्रयास ही भविष्य में बड़े बदलाव का आधार बनते हैं। इस  अवसर पर राज्यपाल की उप सचिव सुश्री निधि साहू, ग्राम सोनपुरी सरपंच सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

रायपुर : प्रदेश में अब तक 832.2 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

रायपुर छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 832.2 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 1256.5 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 411.5 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है। रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 701.5 मि.मी., बलौदाबाजार में 607.2 मि.मी., गरियाबंद में 704.6 मि.मी., महासमुंद में 626.8 मि.मी. और धमतरी में 718.4 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 822.6 मि.मी., मुंगेली में 803.5 मि.मी., रायगढ़ में 1014.9 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 695.5 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1012.6 मि.मी., सक्ती में 891.6 मि.मी., कोरबा में 835.6 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 842.1 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 660.1 मि.मी., कबीरधाम में 586.7 मि.मी., राजनांदगांव में 752.0 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1060.7 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 616.5 मि.मी. और बालोद में 882.6 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 613.0 मि.मी., सूरजपुर में 945.1 मि.मी., जशपुर में 860.9 मि.मी., कोरिया में 976.3 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 868.6 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 1106.6 मि.मी., कोंडागांव में 755.5 मि.मी., कांकेर में 960.4 मि.मी., नारायणपुर में 984.2 मि.मी., दंतेवाड़ा में 1041.1 मि.मी., सुकमा में 790.7 मि.मी. और बीजापुर में 1056.7 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। 

रायपुर: CM साय ने वर्ल्ड एक्सपो 2025 में छत्तीसगढ़ पैवेलियन का किया दौरा, प्रदेश की संस्कृति रही आकर्षण का केंद्र

वर्ल्ड एक्सपो 2025 में दिखी प्रदेश की संस्कृति और समृद्धि की अद्भुत झलक रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज ओसाका (जापान) में चल रहे वर्ल्ड एक्सपो 2025 के भारत मंडपम के अंतर्गत स्थापित छत्तीसगढ़ पैवेलियन पहुँचे। यहाँ उन्होंने प्रदेश की संस्कृति, परंपरा और आधुनिक प्रगति को दर्शाती प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उल्लेखनीय है कि उद्घाटन दिवस पर ही छत्तीसगढ़ पैवेलियन में 22 हजार से अधिक दर्शक पहुँचे। यहाँ आने वाले लोग प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर, आदिवासी लोककला, उद्योग और पर्यटन की अनूठी झलक देखकर उत्साहित हुए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज अपनी परंपरा और आधुनिकता के अनूठे संगम के साथ दुनिया के सामने उभर रहा है। “हमारी पहचान केवल धरोहर और लोकसंस्कृति तक सीमित नहीं है, बल्कि उद्योग, नवाचार और वैश्विक सहयोग की दिशा में भी हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।” पवेलियन में छत्तीसगढ़ की जनजातीय कला, बुनाई, हस्तनिर्मित उत्पाद, हर्बल आइटम्स और पर्यटन स्थलों को आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया गया है। साथ ही, प्रदेश की औद्योगिक क्षमता, निवेश अवसर और भविष्य की संभावनाओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। जापान और अन्य देशों से आए आगंतुकों ने छत्तीसगढ़ के पैवेलियन की सराहना करते हुए विशेष रूप से हस्तशिल्प और बांस उत्पादों, बस्तर आर्ट और लोकसंगीत पर आधारित प्रस्तुतियों की प्रशंसा की। इससे अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के बीच प्रदेश की एक सकारात्मक छवि बनी। मुख्यमंत्री साय ने पवेलियन में मौजूद मेहमानों से आत्मीय संवाद करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ निवेश और साझेदारी के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को प्रदेश के साथ जुड़कर विकास की नई दिशा में कदम बढ़ाने का आमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि “वर्ल्ड एक्सपो जैसे वैश्विक मंच पर हमारी भागीदारी यह संदेश देती है कि छत्तीसगढ़ केवल भारत का ही नहीं, बल्कि वैश्विक साझेदारी का भी एक मजबूत केंद्र बन सकता है।” इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने विभिन्न देशों से आए निवेशकों और प्रतिनिधियों से भी चर्चा की। औद्योगिक विकास, पर्यटन संवर्द्धन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर केंद्रित इन मुलाकातों ने भविष्य में सहयोग के नए अवसर खोले। छत्तीसगढ़ पवेलियन की भव्यता और उसमें प्रदर्शित सामग्री ने यह संदेश दिया कि प्रदेश न केवल अतीत की सांस्कृतिक धरोहर से समृद्ध है, बल्कि आने वाले कल का भविष्य-रेडी हब भी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का यह प्रवास छत्तीसगढ़ को विश्व मंच पर नई पहचान दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।  

रायपुर: एम्स और बिलासपुर सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल ने किया एमओयू, मरीजों को मिलेगा बेहतर स्वास्थ्य लाभ

रायपुर : एम्स रायपुर और बिलासपुर सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के बीच एमओयू, मरीजों को मिलेगा उच्चस्तरीय स्वास्थ्य लाभ रायपुर: एम्स और बिलासपुर सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल ने किया एमओयू, मरीजों को मिलेगा बेहतर स्वास्थ्य लाभ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की प्राथमिकता है हर जिले में उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं रायपुर बिलासपुर के शासकीय सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) रायपुर के बीच आज एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर हुए।  इस अवसर पर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. भानु प्रताप सिंह ने कहा कि इस ऐतिहासिक समझौते के जरिए बिलासपुर के डॉक्टर्स और पैरामेडिकल स्टाफ को एम्स जैसे विश्वस्तरीय संस्थान से प्रशिक्षण और नवीनतम चिकित्सा तकनीकों का अनुभव मिलेगा। इससे न केवल अस्पताल की रिसर्च और उपचार क्षमता बढ़ेगी बल्कि आम नागरिकों को भी अपने ही शहर में उच्चतम स्तर की स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देशन पर उन्होंने  एम्स रायपुर की कार्यप्रणाली को करीब से देखा और बिलासपुर सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में वैसी ही सुविधाओं का विकास किया जाए को लेकर योजना तैयार की। डॉ. सिंह ने कहा कि  प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की  स्पष्ट प्राथमिकता है कि प्रदेशवासियों को बड़े शहरों पर निर्भर हुए बिना ही अपने जिले में उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं मिलें। उन्होंने इस एमओयू को प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक मील का पत्थर बताते हुए कहा कि सरकार लगातार जन-स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रही है। एम्स रायपुर के कार्यकारी निदेशक डॉ. अशोक जिंदल ने भरोसा दिलाया कि एम्स, बिलासपुर अस्पताल के चिकित्सकों, नर्सों और स्टाफ को क्लीनिकल ट्रेनिंग, संकाय आदान-प्रदान, सहयोगी शोध, टेलीमेडिसिन सेवाओं और बहु-केंद्रीय अध्ययनों में हर संभव मदद देगा। इस अवसर पर एम्स रायपुर के अधिष्ठाता रिसर्च डॉ. अभिरुचि गल्होत्रा, सह-अधिष्ठाता रिसर्च डॉ. एकता खंडेलवाल, अतिरिक्त प्राध्यापक डॉ. राकेश गुप्ता तथा सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बिलासपुर से प्रो. डॉ. अर्चना सिंह और एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अभिषेक कुमार उपस्थित रहे।

रायपुर: उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा, बस्तर के आदिवासियों की चिंता दोनों सरकारें कर रही हैं

रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा कांकेर जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव आज कांकेर में विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने भानुप्रतापपुर ब्लॉक के ग्राम कोरर में मावा मोदोल लाइब्रेरी का शुभारंभ किया। उन्होंने ग्राम हाटकोंदल में बहुप्रतीक्षित तीन निर्माण कार्यों का लोकार्पण और एक निर्माण कार्य का भूमिपूजन भी किया। सांसद भोजराज नाग, विधायक श्रीमती सावित्री मंडावी और आशाराम नेताम भी कार्यक्रम में शामिल हुए। हाटकोंदल हायर सेकंडरी स्कूल परिसर में आयोजित लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि यहां के विद्यार्थियों को सर्वसुविधायुक नवीन स्कूल भवन की सुविधा मिली है, जिससे वे बेहतर माहौल में शिक्षा ग्रहण कर देश-दुनिया में अपना भविष्य संवार सकें। उन्होंने उपस्थित महिलाओं और ग्रामीणों को तीज पर्व और गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि किसी समय में माओवाद का गढ़ कहलाने वाला बस्तर अब सतत् विकास की दिशा में बढ़ रहा है। यहां के आदिवासियों की चिंता राज्य के विष्णु देव साय की सरकार ही नहीं, अपितु केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार भी कर रही है। बस्तर में शांति स्थापित करने का हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने स्थानीय सरपंच की मांग पर हाटकोंदल से भीरावाही मार्ग पर छोकरा नाला में पुल निर्माण की घोषणा की। उन्होंने हाटकोंदल में रंगमंच निर्माण के लिए पांच लाख रुपए देने की भी घोषणा की। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज हाटकोंदल में 7 करोड़ 32 लाख 93 हजार रुपए के 4 निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इनमें 4 करोड़ 60 लाख 54 हजार रुपए के तीन निर्माण कार्यों का लोकार्पण और 2 करोड़ 72 लाख 93 हजार रुपए के एक निर्माण कार्य का भूमिपूजन शामिल है। उन्होंने दुर्गूकोंदल विकासखंड के ग्राम आमाकड़ा में 1 करोड़ 62 लाख 76 हजार रुपए की लागत से 50 सीटर आदिवासी कन्या आश्रम के निर्माण कार्य तथा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हाटकोंदल में एक करोड़ 20 लाख 93 हजार रुपए से निर्मित स्कूल भवन तथा जाड़ेकुर्से नाला पर एक करोड़ 76 लाख 85 हजार रुपए की लागत से निर्मित उच्च स्तरीय पुल का लोकार्पण किया। इनके साथ ही उन्होंने कंगलू कुम्हार शासकीय महाविद्यालय दुर्गुकोंदल में 2 करोड़ 72 लाख 39 हजार रुपए की लागत से बनने वाले 100 बिस्तरों के छात्रावास भवन के निर्माण का भूमिपूजन भी किया। कांकेर जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती किरण नरेटी, कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर और जिला पंचायत के सीईओ हरेश मंडावी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण और ग्रामीण भी बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।

नालंदा परिसर का शुभारंभ, उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने किया भूमिपूजन

रायपुर : उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने किया नालंदा परिसर का भूमिपूजन 4.71 करोड़ की लागत से बनेगा 250 सीटर सेंट्रल लाइब्रेरी-सह-रीडिंग जोन रायपुर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज कांकेर में नगर घड़ी चौक के पास नालंदा परिसर (सेंट्रल लायब्रेरी-सह-रीडिंग जोन) का भूमिपूजन किया। चार करोड़ 71 लाख रूपए की लागत से इस 250 सीटर लाइब्रेरी का निर्माण किया जा रहा है। सांसद भोजराज नाग और विधायक  आशाराम नेताम भी इस दौरान उपस्थित थे।  उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने नालंदा परिसर के निर्माण के लिए भूमिपूजन करने के बाद कांकेरवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में लगातार विकास कार्यों की स्वीकृति दी जा रही है। जनसुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के नगरीय निकायों को स्वच्छता में रैंकिंग में सात अवॉर्ड प्राप्त हो चुके हैं जो नागरिकों की जागरूकता और नगरीय प्रशासन विभाग की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करते हैं। साव ने कार्यक्रम में बताया कि पिछले एक साल में प्रदेश भर के नगरीय निकायों को सात हजार करोड़ रूपए से अधिक की राशि आबंटित की गई है। कांकेर नगर पालिका को भी 21 करोड़ रूपए विभिन्न विकास कार्यों को पूर्ण करने के लिए जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार बनते ही पीएससी घोटाले की जांच कराकर युवाओं के साथ न्याय किया गया। इसी तरह मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान के अंतर्गत स्कूलों और शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया गया जिससे प्रदेशभर के 300 से अधिक शिक्षकविहीन विद्यालयों में शिक्षक पदस्थ किए गए तथा 5 हजार एकल शिक्षकीय विद्यालयों में अध्यापकों की व्यवस्था की गई।  उप मुख्यमंत्री ने नागरिकों को आश्वस्त किया कि ‘सिटी डेवलपमेंट प्लान’ के तहत आगे भी विकास कार्यों के लिए कांकेर जिले के नगरीय निकायों को पर्याप्त राशि दी जाएगी। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए नालंदा परिसर का लाभ लेने और अपना भविष्य संवारने की बात कही। उन्होंने नालंदा परिसर के निर्माण हेतु अनुबंधित एजेंसी को समय से पहले गुणवत्तायुक्त परिसर का निर्माण करने तथा शहर की गरिमा के अनुरूप कार्य करने के लिए निर्देशित किया। सांसद भोजराज नाग ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पूरा कर रहे हैं। पुराने समय के तक्षशिला और नालंदा विश्वविद्यालयों की तर्ज पर प्रदेश सरकार प्रतिभाओं को आगे लाने और अवसर प्रदान करने लगातार प्रयास कर रही है। विधायक आशाराम नेताम ने जिला प्रशासन के सहयोग से संचालित मावा मोदोल कोचिंग सेंटर की उपलब्धियों तथा यहां के बच्चों के होमगॉर्ड में चयनित होने की जानकारी दी। उन्होंने नगरीय प्रशासन मंत्री साव द्वारा कांकेर नगर के विकास के लिए बजट में प्रावधान करने पर आभार प्रकट किया। नगर पालिका के अध्यक्ष अरूण कौशिक ने शहर में अब तक हुए कार्यों की जानकारी दी। कलेक्टर निलेशकुमार महादेव, जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती किरण नरेटी, उपाध्यक्ष श्रीमती ताराबती ठाकुर, कांकेर नगर पालिका के उपाध्यक्ष उत्तम यादव, पूर्व विधायकद्वय श्रीमती सुमित्रा मारकोले एवं शिशुपाल शोरी तथा जिला पंचायत के सी.ई.ओ. हरेश मंडावी सहित पार्षदगण और अनेक गणमान्य नागरिक भी कार्यक्रम में मौजूद थे।

कैशलेस लेनदेन होगा शुरू, मंत्री लखन लाल देवांगन ने शराब दुकानों को दिए आदेश

रायपुर आबकारी विभाग द्वारा ऑनलाइन पेमेट को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ के सभी शराब दुकानों में जल्द ही कैशलेश व्यवस्था लागू होगी। शराब दुकानों में अब आनलाइन भुगतान कर शराब क्रय किया जा सकेगा। आबकारी मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने आज आबकारी विभाग की समीक्षा बैठक में इस संबंध में कहा कि शराब दुकानों में ऑनलाइन भुगतान को प्रोत्साहित किया जाए। शराब दुकानों में शत्-प्रतिशत भुगतान ऑनलाइन के माध्यम से होना चाहिए।   आबकारी मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री के मंशा के अनुरूप मदिरा दुकानों में सीसी टीवी कैमरा स्थापित कर मुख्यालय से 24 घंटे सतत निगरानी रखी जाए। अवैध मदिरा एवं मादक पदार्थों के निर्माण, संग्रहण, परिवहन और बिक्री पर कड़ी कार्रवाई करें। उन्होंने अंतर्राज्यीय सीमाओं पर स्थित आबकारी जांच चौकियों में सतर्कता बढ़ाने और विशेष अभियान चलाने पर भी जोर दिया। बैठक में आबकारी मंत्री श्री देवांगन ने होटल एवं ढाबों, फॉर्म हाउस में मदिरा की अवैध बिक्री, सेवन न हो इस पर विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। इसके आलावा उन्होंने मदिरा दुकानों की व्यवस्था सहित लायसेंस व्यवस्था, मार्केटिंग कार्पाेरेशन और बार-क्लब की जानकारी ली। उन्होंने फॉर्म हाउस में होने वाले शराब की पार्टियों पर कारवाई करने निर्देश अधिकारियों को दिए। बैठक में राजस्व लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु कार्य योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।  वाणिज्य कर आबकारी विभाग की सचिव श्रीमती आर. शंगीता ने विभागीय गतिविधियों का प्रस्तुतिकरण के जरिए विस्तार से जानकारी दी। बैठक में आबाकारी विभाग के विशेष सचिव श्री देवेन्द्र कुमार भारद्वाज, अपर आयुक्त श्री आशीष श्रीवास्तव, श्री पी.एल. साहू, श्री जी. के. भगत छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड, छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेजेस कॉरपोरेशन के अधिकारी उपस्थित थे। 

शिक्षा से ही प्रदेश का भविष्य सुरक्षित होगा: मंत्री गजेन्द्र यादव

रायपुर स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी कार्य मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि बच्चों को शिक्षित करना और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे विद्यालयों में शिक्षण कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें और शिक्षण को विभागीय कार्यप्रणाली का केंद्र बिंदु बनाएं। मंत्री यादव आज मंत्रालय महानदी भवन में स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शिक्षा से ही समाज और प्रदेश का भविष्य सुरक्षित होता है, इसलिए विद्यालयों में पढ़ाई की नियमित निगरानी करना शिक्षा विभाग के प्रत्येक अधिकारी की जिम्मेदारी है। विद्यालयों की स्थिति पर गहन जानकारी आवश्यक    यादव ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से कहा कि उन्हें अपने क्षेत्र की प्रत्येक शाला की स्थिति की सम्पूर्ण और अद्यतन जानकारी रखना सुनिश्चित करें। इसके लिए उन्हें स्कूलों का नियमित निरीक्षण कर प्राचार्यों, प्रधान पाठकों और शिक्षकों से संवाद करते रहें। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की सक्रियता और जिम्मेदारी से ही विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सकती है। शिक्षकीय प्रशिक्षण का वार्षिक कैलेंडर बनेगा     शिक्षा मंत्री यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिक्षकीय प्रशिक्षण हेतु वार्षिक कैलेंडर तैयार करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रीष्मकालीन अवकाश अवधि में ही आयोजित किए जाएं, ताकि विद्यालयीन शिक्षण कार्य प्रभावित न हो। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को नई तकनीकों, नवाचारों एवं आधुनिक शिक्षण पद्धतियों से अवगत कराना आवश्यक है। विभागीय कार्यों में आपसी समन्वय पर जोर     यादव ने स्पष्ट कहा कि शिक्षा विभाग से जुड़े सभी अधिकारी आपसी समन्वय और टीम भावना के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों को तभी प्रभावी बनाया जा सकता है, जब अधिकारी, शिक्षक और विद्यालय प्रबंधन मिलकर एक साझा दृष्टिकोण के साथ काम करें।     बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने विभागीय संरचना, योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी पावर पाइ्रट पेजेन्टेशन के माध्यम से दी। इस दौरान विभाग में संचालित प्रमुख योजनाओं और उनकी प्रगति पर भी चर्चा हुई। इस अवसर पर माध्यमिक शिक्षा मंडल की अध्यक्ष सुरेणु जी पिल्ले भी उपस्थित थीं। बैठक में समग्र शिक्षा, एससीईआरटी, माध्यमिक शिक्षा मंडल, पाठ्य पुस्तक निगम, मदरसा बोर्ड, लोक शिक्षण संचालनालय, संस्कृत विद्या मंडलम, स्काउट-गाइड, एनसीसी एवं स्कूल शिक्षा विभाग से जुड़े अन्य कार्यालयों के वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्र की विभागीय गतिविधियों की जानकारी प्रस्तुत की।

मावा मोदोल लाइब्रेरी का शुभारंभ, उप मुख्यमंत्री अरुण साव रहे मुख्य अतिथि

रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा कांकेर जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव ने आज कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर विकासखण्ड के ग्राम कोरर में मावा मोदोल लाइब्रेरी का शुभारंभ किया। इस 75 सीटर लाइब्रेरी में चार बैचेस में 300 छात्र-छात्राएं विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं लोक सेवा आयोग, व्यापम, शिक्षक भर्ती, वन विभाग, पुलिस विभाग भर्ती इत्यादि की तैयारी कर सकेंगे। कांकेर जिला प्रशासन द्वारा लाइब्रेरी में निःशुल्क पाठ्य सामग्री, फर्नीचर, बैठक व्यवस्था, पेयजल व्यवस्था, शौचालय, सुरक्षा के लिए सीसीटीव्ही, वाई-फाईयुक्त परिसर और डिजिटल क्लास रूम की व्यवस्था की जा रही है।  उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने लाइब्रेरी का शुभारंभ करते हुए बच्चों से संवाद कर बेहतर भविष्य के लिए मन लगाकर पढ़ाई करने तथा अपने पसंदीदा क्षेत्र में अच्छा मुकाम हासिल कर जिले व राज्य का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित कर अपनी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लाइब्रेरी के विजिर्ट्स रजिस्टर में अपने हस्ताक्षर भी किए। सांसद भोजराज नाग, विधायक श्रीमती सावित्री मंडावी और आशाराम नेताम, कांकेर जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती किरण नरेटी, कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर और जिला पंचायत के सीईओ हरेश मंडावी सहित जनप्रतिनिधि व छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में लाइब्रेरी के शुभारंभ के दौरान मौजूद थे।

रायपुर: ओसाका इन्वेस्टर कनेक्ट में छत्तीसगढ़ ने निवेशकों का दिल जीता

ओसाका इन्वेस्टर कनेक्ट: छत्तीसगढ़ बना निवेशकों का भरोसेमंद विकल्प छत्तीसगढ़ का निवेश-अनुकूल इकोसिस्टम: जापानी कंपनियों ने दिखाई गहरी रुचि रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने जापान प्रवास के दौरान ओसाका में आयोजित प्रतिष्ठित इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों, प्रतिभाशाली मानवबल और उद्योग-अनुकूल नीतियों का सशक्त संगम है। उन्होंने रेखांकित किया कि भारत और जापान विश्वास एवं साझा मूल्यों की गहरी डोर से जुड़े हैं। मुख्यमंत्री ने जापानी साझेदारों से आह्वान किया कि वे नवाचार, अवसर और साझा समृद्धि से आगे बढ़ रही छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा में भागीदार बनें। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सरताज फूड्स, ओसाका को छत्तीसगढ़ में फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने के लिए 11.45 मिलियन डॉलर (₹100 करोड़) का निवेश प्रस्ताव दिया। यह परियोजना राज्य के फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र को नई ऊँचाई देगी, बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन करेगी और किसानों को नए अवसर प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से छत्तीसगढ़ की कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी। बिजनेस-टू-गवर्नमेंट (B2G) बैठकों के अंतर्गत मुख्यमंत्री साय ने मोराबु हंशिन कंपनी के प्रेसिडेंट एवं रिप्रेजेंटेटिव डायरेक्टर नाओयुकी शिमाडा से भी भेंट की। यह कंपनी कुशल इंजीनियरों, सिस्टम डेवलपमेंट और वर्कफोर्स सॉल्यूशंस के क्षेत्र में अग्रणी है। बैठक में कौशल प्रशिक्षण और वर्कफोर्स एक्सचेंज के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए वैश्विक अवसरों का मार्ग प्रशस्त होगा और राज्य का कौशल तंत्र और अधिक सशक्त बनेगा। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के अधिकारियों ने राज्य की प्रतिस्पर्धात्मक विशेषताओं को विस्तार से प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि प्रचुर खनिज संपदा, सक्रिय सिंगल-विंडो क्लियरेंस सिस्टम, विश्वस्तरीय औद्योगिक ढाँचा और वैश्विक निवेशकों को सहज वातावरण उपलब्ध कराना छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी ताकत है। राज्य में किए जा रहे सुधारों और निवेशकों के लिए प्रोत्साहन योजनाओं की जापानी प्रतिनिधियों ने सराहना की। विशेषकर फूड प्रोसेसिंग, प्रौद्योगिकी और उन्नत वर्कफोर्स सॉल्यूशंस के क्षेत्र में निवेश की इच्छुक कंपनियों ने छत्तीसगढ़ को उपयुक्त अवसरों का प्रदेश बताया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, “छत्तीसगढ़ निवेश-अनुकूल इकोसिस्टम प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है, जहाँ वैश्विक साझेदारों को अवसर और सहयोग दोनों मिलते हैं। जापान के साथ हमारी साझेदारी विश्वास और साझा मूल्यों पर आधारित है। ओसाका में हुई चर्चाएँ न केवल निवेश लेकर आएँगी, बल्कि हमारे किसानों को सशक्त बनाएँगी, युवाओं के लिए रोजगार उत्पन्न करेंगी और विकसित छत्तीसगढ़ की नींव को और अधिक मजबूत करेंगी।”