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वनमंत्री कश्यप का निर्देश: छह वेटलैंड्स को रामसर साइट के लिए जल्द करें चिन्हित

वेटलैंड संरक्षण को लेकर लिए गए कई महत्वपूर्ण निर्णय वनमंत्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ राज्य वेटलैंड प्राधिकरण की तीसरी बैठक संपन्न रायपुर वन मंत्री केदार कश्यप ने रामसर साईट के लिए कोपरा जलाशय, गिधवा-परसदा, कुरंदी, गंगरेल, नीमगांव जलाशय सहित मांढर जलाशय के छह वेटलैंड को प्राथमिकता से शामिल करने की बात कहीं। यह बात आज वनमंत्री केदार कश्यप ने छत्तीसगढ़ राज्य वेटलैंड प्राधिकरण की बैठक में कहीं। उक्त बैठक वन मंत्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ राज्य वेटलैंड प्राधिकरण की नवा रायपुर स्थित अरण्य भवन के हॉल में संपन्न हुई। बैठक में वन मंत्री कश्यप ने राज्य के सभी जिलों की जिला वेटलैंड संरक्षण समितियों को अपने-अपने क्षेत्रों में वेटलैंड के संरक्षण और संवर्धन हेतु स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही अन्य राज्यों में वेटलैंड प्राधिकरण के सदस्य सचिवों के वित्तीय अधिकारों का अध्ययन कर संशोधित प्रस्ताव शासन को भेजने के भी निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य में वेटलैंड संरक्षण और प्रबंधन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आज छत्तीसगढ़ राज्य वेटलैंड प्राधिकरण की तीसरी बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव, राज्य लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक अनिल साहू, सचिव वन अमरनाथ प्रसाद, आवास एवं पर्यावरण, जल संसाधन, छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल, मत्स्य विभाग सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। राज्य में रामसर स्थलों की पहचान को लेकर भी बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कोपरा जलाशय (बिलासपुर) और गिधवा-परसदा वेटलैंड कॉम्प्लेक्स (बेमेतरा), कुरंदी, गंगरेल, नीमगांव जलाशय सहित मांढर जलाशय को छह वेटलैंड को रामसर स्थलों के रूप में चिन्हित करने की स्वीकृति दी गई। इसके अलावा, एनपीसीए योजना के तहत प्राकृतिक रूप से निर्मित तालाबों के चयन और नए प्रस्ताव प्रस्तुत करने का निर्णय लिया गया। बैठक में अपर मुख्य सचिव वन श्रीमती ऋचा शर्मा ने कहा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार राज्य वेटलैंड प्राधिकरण के द्वारा दो माह के भीतर आगामी सुनवाई के पहले समस्त कार्य से संबंधित सभी डाटा को राज्य की वेबसाईट में पब्लिश किया जाना सुनिश्चित करें। इस कार्य हेतु प्राथमिकता में वेबसाईट तैयार किया जाना आवश्यक है। अपर मुख्य सचिव वन श्रीमती शर्मा ने सभी जिला कलेक्टरों को पत्र जारी कर 15 दिवस के भीतर जिला वेटलैंड संरक्षण समिति द्वारा वेटलैंड के ग्राउण्डट्रूथिंग एवं डिमार्केशन संबंधी कार्य पूर्ण कर प्राधिकरण को प्रेषित करने के निर्देश दिए।  बैठक में अधिकारियों ने बताया कि नवम्बर-दिसम्बर 2025 तक लगभग राज्य के 2.25 हेक्टेयर वाले 11 हजार वेटलैंड सर्वेक्षण के पश्चात फिजिकल मैप को जिला स्तर और राज्य स्तर पर पोर्टल में अपलोड कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि वेटलैंड ऑथिरिटी में वेब पोर्टल डेव्हलप कर दिया गया है। बैठक में प्रस्तावित तकनीकी समिति में आवास एवं पर्यावरण विभाग तथा मत्स्य विभाग को शामिल करने की अनुशंसा की गई, जिससे वेटलैंड संरक्षण में विभिन्न विभागों का समन्वय बेहतर हो सके। बैठक में वेटलैंड (संरक्षण एवं प्रबंधन) नियम 2017 तथा माननीय सर्वाेच्च न्यायालय के आदेशों का कानूनी विश्लेषण करवाने का निर्णय लिया गया। इसके लिए, एडवोकेट जनरल कार्यालय से विधिक परामर्श लेने तथा अन्य राज्यों में अपनाई जा रही नीतियों का अध्ययन करने का सुझाव दिया गया। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में कई प्राकृतिक और कृत्रिम जलाशय, तालाब और जल स्रोत वेटलैंड का रूप लिए हुए हैं, जो जैवविविधता के संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है। गिधवा-परसदा और कोपरा जलाशय जैसे वेटलैंड क्षेत्र, प्रवासी पक्षियों के लिए उपयुक्त स्थल हैं, जहां हर वर्ष हजारों पक्षी प्रवास के लिए आते हैं। राज्य सरकार द्वारा वेटलैंड संरक्षण को लेकर किया जा रहा यह प्रयास महत्वपूर्ण हैं। प्राधिकरण की बैठक में लिए गए निर्णयों से न केवल वेटलैंड की पहचान और संरक्षण को बल मिलेगा, बल्कि राज्य में जैव विविधता, जल संसाधन प्रबंधन और सतत विकास में भी सहायक होगा।

वन मंत्री केदार कश्यप का दावा: जनकल्याणकारी फैसलों से वनवासी हो रहे आत्मनिर्भर

वन मंत्री श्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में आईडीसी की बैठक सम्पन्न रायपुर वन मंत्री  केदार कश्यप की अध्यक्षता में वनोपज राजकीय व्यापार अन्तर्विभागीय समिति(आईडीसी)की 309वीं बैठक नवा रायपुर स्थित अरण्य भवन के हॉल में सम्पन्न हुई। वनोपज राजकीय व्यापार अन्तर्विभागीय समिति (आईडीसी) की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। वन मंत्री  कश्यप ने कहा कि बैठक में लिए गए जनकल्याणकारी निर्णयों से राज्य में लघु वनोपजों के व्यापार को ज्यादा लाभ होगा और वनवासियों की आय में बढ़ोत्तरी होगी। साथ ही साथ उनके जीवन स्तर में बेहतर आर्थिक बदलाव भी आयेगा। मंत्री श्री कश्यप ने उम्मीद जताई है कि इससे वनोपज निर्यात को भी प्रोत्साहन मिलेगा। वन मंत्री मंत्री श्री केदार कश्यप ने 308वीं बैठक में लिए गए निर्णयों की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में वर्ष 2023-24 तथा 2024-25 के लिए भारत सरकार की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) योजना के अंतर्गत 16 प्रमुख वनोपजों – तेंदूपत्ता, ईमली (बीज रहित), महुआ फूल, गोंद, हर्रा, बहेरा, चिरौंजी, कोदो, कुल्थी, रागी, गिलोय, कुसुम बीज, बहेड़ा बीज, जामुन पल आदि वनोपजों का विक्रय मूल्य पर खरीदी के प्रस्ताव को समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इसी तरह बैठक में वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के लिए समर्थन मूल्य योजनांतर्गत वनोपजों की विक्रय दरों के निर्धारण को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश एवं प्रस्तावों पर भी समिति द्वारा विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव वन श्रीमती ऋचा शर्मा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री वी. श्रीनिवास राव, राज्य लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक श्री अनिल साहू, सचिव वन श्री अमरनाथ प्रसाद सहित अन्य वरिष्ठ विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

राज्य स्तरीय एथलेटिक्स में बीजापुर का जलवा: 8 स्वर्ण सहित कुल 11 पदकों पर कब्जा

रायपुर राज्य स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में शानदार उपलब्धि दर्ज कराते हुए बीजापुर खेल अकादमी के खिलाड़ियों ने पहली बार 8 स्वर्ण, 2 रजत एवं 1 कांस्य सहित कुल 11 पदक अपने नाम किए। बीजापुर जिले की यह उपलब्धि खेल इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में अंकित हो गई है। बिलासपुर के बहतराई एथलेटिक्स स्टेडियम में 5 से 7 सितम्बर 2025 तक छत्तीसगढ़ एथलेटिक्स संघ द्वारा आयोजित 22वीं राज्य स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में बीजापुर अकादमी के कुल 20 खिलाड़ियों (13 बालिका एवं 7 बालक) ने हिस्सा लिया। खिलाड़ियों ने श्रेष्ठ प्रदर्शन कर जिले का नाम पूरे प्रदेश में गौरवान्वित किया। प्रतियोगिता में लक्ष्मण हपका ने ट्रायथलॉन (60 मीटर रन, ऊंची कूद, लंबी कूद) एवं किड्स जैवलिन में स्वर्ण पदक अर्जित किए। नताशा तेलामी ने ट्रायथलॉन (60 मीटर रन, लंबी कूद, शॉटपुट बैक थ्रो) में स्वर्ण पदक हासिल किया। सविता कुहरामी ने ट्रायथलॉन (60 मीटर रन, लंबी कूद, 600 मीटर रन) में स्वर्ण पदक जीता। निर्मती तेलम ने ऊंची कूद में स्वर्ण पदक प्राप्त किया। संतोषी भंडारी ने 60 मीटर एवं 600 मीटर रन में स्वर्ण पदक जीता। अंजली कारम ने पेंटाथलॉन (60 मीटर रन, लंबी कूद, 60 मीटर हर्डल, शॉटपुट, 600 मीटर रन) में स्वर्ण पदक तथा लंबी कूद में रजत पदक हासिल किया। भूमिका कुरसम ने जैवलिन थ्रो में रजत तथा पूजा वाचम ने 1000 मीटर रन में कांस्य पदक प्राप्त किया। इस प्रतियोगिता में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले बीजापुर अकादमी के 5 खिलाड़ी एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के एन्ट्री स्टैंडर्ड को क्वालीफाई कर 10 से 14 अक्टूबर 2025 तक कालिंगा स्टेडियम, भुवनेश्वर (ओडिशा) में आयोजित होने वाली 40वीं नेशनल जूनियर एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में छत्तीसगढ़ राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगे। ये सभी खिलाड़ी बीजापुर स्पोर्ट्स अकादमी से जुड़े हुए हैं तथा शासकीय नवीन कन्या हाई स्कूल एवं एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के विद्यार्थी हैं। इस उपलब्धि पर कलेक्टर श्री संबित मिश्रा एवं प्रभारी खेल अधिकारी श्री नारायण प्रसाद गवेल ने सभी खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर सहायक आयुक्त श्री देवेंद्र सिंह, प्राचार्य एकलव्य श्री अनिल मिश्रा, पीईटी कुमारी अमिता गुर्जर एवं एथलेटिक्स टीम के कोच श्री संदीप कुमार गुप्ता उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री साय ने 24 नए छात्रावास भवनों के निर्माण के लिए 41 करोड़ 59 लाख रुपए की दी मंजूरी

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी जिले को 24 नए छात्रावास भवनों की बड़ी सौगात मुख्यमंत्री साय ने 24 नए छात्रावास भवनों के निर्माण के लिए  41 करोड़ 59 लाख रुपए की दी मंजूरी जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले को 24 नए छात्रावास भवनों की बड़ी सौगात दी है।  शिक्षा और विद्यार्थियों के हित में निर्णय लेते हुए अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए जिले के विभिन्न विकासखंडों एवं ग्रामों में नए छात्रावास भवनों के निर्माण की स्वीकृति दी है। छात्रावास भवनों के निर्माण से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा क्योकि विशेष रूप से दूरदराज के क्षेत्रों और वंचित वर्गों के छात्रों को एक सुरक्षित और अनुकूल वातावरण मिलेगा । जिले में 24 नए छात्रावास भवनों के निर्माण के लिए  41 करोड़ 59 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई है।              प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने छात्रावास भवनों के निर्माण में पूर्ण गुणवत्ता और समयसीमा का पालन करने निर्देश दिए हैं। निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी के लिए विभागीय अधिकारियों और सहायक आयुक्तों को निर्देशित किया है। छात्रावास भवनों के निर्माण के लिए मंजूरी से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित आवासीय सुविधा सुनिश्चित करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। जिले में नए छात्रावास भवन निर्माण के लिए पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास जशपुर के लिए 1 करोड़ 92 लाख रूपए, पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास लोदाम के लिए 1 करोड़ 53 लाख रूपए, प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास पैकु के लिए 1 करोड़ 53 लाख रूपए, पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास मनोरा के लिए 1 करोड़ 92 लाख रूपए, पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास बगीचा के लिए 1 करोड़ 92 लाख रूपए, प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास रौनी के लिए 1 करोड़ 53 लाख,पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास कांसाबेल के लिए 2 करोड़ 89 लाख रूपए, पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास दोकड़ा के लिए 1 करोड़ 92 लाख रूपए, पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति कन्या छात्रावास पतराटोली के लिए 1 करोड़ 92 लाख रूपए, पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास भवन दुलदुला  के लिए 1 करोड़ 92 लाख रूपए की स्वीकृति जारी की गई है।                इसी प्रकार प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास दुलदुला 1 करोड़ 53 लाख रूपए, प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास कुनकुरी वार्ड 2 में 1 करोड़ 53 लाख,पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास पंडरीपानी 1 करोड़ 92 लाख,पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास तपकरा 1 करोड़ 92 लाख रूपए, प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास लवाकेरा 1 करोड़ 53 लाख रूपए की स्वीकृति शामिल हैं। प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास पंडरीपानी 1 करोड़ 53 लाख रूपए, प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास कांसाबेल 1 करोड़ 53 लाख रूपए, प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास बटाईकेला 1 करोड़ 53 लाख रूपए, प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास दोकड़ा 1 करोड़ 53 लाख रूपए, पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास कोतबा 1 करोड़ 92 लाख रूपए, प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास कोतबा 1 करोड़ 53 लाख रूपए, प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास बागबहार 1 करोड़ 53 लाख रूपए, प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास भवन गाला के लिए 1 करोड़ 53 लाख रूपए की स्वीकृति दी गई है,जिसका निर्माण कार्य जल्द प्रारंभ किया जाएगा। जर्जर भवन से विद्यार्थियों को मिलेगी मुक्ति, सर्व सुविधायुक्त भवन का किया जाएगा निर्माण                 इन छात्रावास भवनों के बन जाने से जशपुर जिले के हजारों छात्र-छात्राओं को सुरक्षित और आधुनिक आवासीय सुविधा मिलेगी। खासतौर पर आदिवासी एवं सुदूर अंचल के बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ रहने और भोजन की सुविधा भी बेहतर ढंग से उपलब्ध होगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का जिले वासियों ने जताया आभार           जिले के जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणा,  विद्यार्थियों  के अभिभावकों और सामाजिक संगठनों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार जताया है। उनका कहना है कि यह निर्णय शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा और आदिवासी बच्चों के भविष्य को नई दिशा प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री साय आज 65.16 करोड़ की डीबीटी राशि श्रमिकों के खातों में करेंगे अंतरित

कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन करेंगे     रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 17 सितम्बर को अपरान्ह 2 बजे राजधानी रायपुर स्थित इंडोर स्टेडियम में विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर श्रम विभाग  द्वारा प्रदेश के एक लाख 84 हजार 220 श्रमिकों को 65 करोड़ 16 लाख 61 हजार 456 रूपए की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से भुगतान करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन करेंगे। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह एवं अन्य जनप्रतिनिधि भी रहेंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में प्रदेश के श्रमवीरों को आर्थिक मदद एवं उन्हें संबल बनाने के लिए छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। मंडल द्वारा 01 लाख 77 हजार 049 निर्माण श्रमिकों को 58 करोड़ 32 लाख 38 हजार 136 रूपए, छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल द्वारा 3 हजार 839 हितग्राहियों के खाते में 4 करोड़ 77 लाख 50 हजार 750 तथा छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल द्वारा 3 हजार 332 हितग्राहियों के खाते में 2 करोड़ 06 लाख 72 हजार 570 रूपए डीबीटी के जरिए अंतरित करेंगे।

विश्वकर्मा जयंती विशेष : छत्तीसगढ़ में 8.39 लाख निर्माण श्रमिकों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ

श्रमिकों के उत्थान के लिए 535.62 करोड़ रूपए की राशि     छगन लोन्हारे,     अशोक कुमार चन्द्रवंशी रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा श्रमिकों एवं उनके परिजनों की बेहतरी के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही है। इन योजनाओं के माध्यम से श्रमिकों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति के उत्थान के लिए लगातार उन्हें आर्थिक मदद दी जा रही है। इसी सिलसिले में छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत पंजीयन एवं लाभांवित श्रम विभाग द्वारा 01 जनवरी, 2024 से 15 सितम्बर, 2025 तक लगभग 7.3 लाख निर्माण श्रमिकों का पंजीयन किया गया है तथा वर्ष 2024 से 15 सितम्बर 2025 तक संचालित योजनाओं के माध्यम से लगभग 8.39 लाख श्रमिकों को लाभांवित हुए हैं, जिस पर लगभग 535.62 करोड़ रूपए व्यय किया गया है। उल्लेखनीय है कि असंगठित श्रमिकों के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन के मार्गदर्शन में एक नई पहल शुरू की गई है। असंगठित श्रमिकों एवं उनके परिवारों के समग्र विकास के लिए अम्ब्रेला योजना ‘अटल श्रम सशक्तिकरण योजना‘ प्रारंभ की गई है। प्रवासी श्रमिक साथियों को सहयोग एवं मार्गदर्शन प्रदाय करने हेतु प्रथम चरण में 5 राज्य क्रमशः उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, उड़ीसा, गुजरात एवं महाराष्ट्र में जहां अधिक संख्या में श्रमिक प्रवास करते हैं, वहां ‘मोर चिन्हारी भवन’ बनाया जाएगा। इसके अलावा श्रमिकों को कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने 106 निजी चिकित्सालयों से अनुबंध किया गया है। इससे उन्हें हृदय रोग, किडनी रोग, मस्तिष्क रोग, जटिल सर्जरी आदि के लिए सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल में उपचार सुविधा मिलेगी। इसी तरह राज्य शासन द्वारा श्रम विभाग की ‘अम्ब्रेला योजना अटल श्रम सशक्तिकरण योजना‘ के नाम से शुरू की गई है। इससे श्रमिकों तथा उनके परिवारों को एक ही स्थान पर सरकार के सभी योजनाओं का लाभ मिलेगा, इसके लिए ‘श्रमेव जयते‘ पोर्टल बनाया गया है। पंजीकृत श्रमिकों के द्वारा आर्थिक गतिविधि के लिए बैंक से लिए जाने वाले ऋण पर लगने वाले ब्याज में अनुदान देने के लिए जल्द ही नई योजना शुरू की जा रही है ताकि आत्म निर्भर बनते हुए स्वयं मालिक बनने की दिशा में बढ़ सकें। इसके अलावा असंगठित श्रमिकों के कल्याण हेतु संचालित योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन एवं सतत् निगरानी हेतु राज्य के प्रत्येक संभाग में संभाग स्तरीय श्रम कल्याण कार्यालय के स्थापना की जा रही है। श्रम विभाग द्वारा मुख्यमंत्री श्रम संसाधन केन्द्र श्रमिकों की समस्याओं का शीघ्र निराकरण एवं सहायता हेतु राज्य के प्रत्येक जिले में जिला स्तरीय तथा समस्त विकासखंडों में मुख्यमंत्री श्रम संसाधन केन्द्र संचालित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्रम संसाधन केन्द्र योजना अंतर्गत 01 जनवरी, 2024 से 15 सितम्बर, 2025 तक 94,300 निर्माण श्रमिकों को पंजीयन/नवीनीकरण/योजनाओं के आवेदन में सहयोग प्रदान किया गया है। छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत निर्माण श्रमिकों के पंजीयन हेतु स्व-घोषणा प्रमाण पत्र छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत निर्माण श्रमिकों के पंजीयन की प्रक्रिया सरल करते हुये, ठेकेदार अथवा नियोजक के अधीन कार्य करने संबंधी नियोजक से नियोजन प्रमाण पत्र के स्थान पर श्रमिकों से ही निर्माण कार्य में नियोजित होने संबंधी स्वघोषणा पत्र का प्रावधान किया गया है। उक्त सरलीकरण करने से श्रमिकों को पंजीयन कराने में सुविधा हुई है। मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत निर्माण श्रमिकों के स्वयं के आवास क्रय एवं आवास निर्माण हेतु 01 लाख रूपये एकमुश्त अनुदान सहायता राशि प्रदाय किया जा रहा है। 01 जनवरी, 2024 से 15 सितम्बर, 2025 तक 1042 निर्माण श्रमिकों को नवीन आवास क्रय/आवास निर्माण हेतु अनुदान सहायता राशि प्रदाय किया जा चुका है। मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा संचालित उक्त योजनांतर्गत कक्षा 10वीं एवं कक्षा 12वीं में 75 प्रतिशत या उससे अधिक प्रतिशत प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों एवं छत्तीसगढ़ बोर्ड के मेरिट के प्रथम 10 में स्थान प्राप्त करने पर प्रत्येक श्रमिक बच्चों को राशि रूपये 01 लाख प्रोत्साहन राशि तथा रूपये 01 लाख दोपहिया वाहन क्रय करने हेतु प्रदाय किया गया है। 01 जनवरी, 2024 से 15 सितम्बर, 2025 तक निर्माण श्रमिक के 7478 पुत्र/पुत्रियों को 10 करोड़ 14 लाख 49 हजार 614 रूपए प्रदान किया गया है। प्रसूति सहायता योजना 01 जनवरी, 2024 से 15 सितम्बर, 2025 तक छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा संचालित ‘मिनीमाता महतारी जतन योजना’ अंतर्गत 65 हजार 010 महिला निर्माण श्रमिकों को लाभांवित किया गया है।शहीद वीरनारायण सिंह श्रम अन्न योजना उक्त योजना अंतर्गत पंजीकृत निर्माण, असंगठित एवं संगठित श्रमिकों को 05 रूपए में गरम एवं पौष्टिक भोजन प्रदाय किया जा रहा है। 31 दिसम्बर 2023 की स्थिति में 29 भोजन केन्द्र संचालित थे, जो कि वर्तमान में बढ़कर 17 जिलों में 37 भोजन केन्द्र हो गये हैं। 01 जनवरी, 2024 से 15 सितम्बर, 2025 विभाग द्वारा 11,35,362 यूनिट भोजन (मिल) पंजीकृत संगठित एवं असंगठित श्रमिकों को प्रदाय किया जा चुका है, जिसमें छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल द्वारा राशि रूपये रूपये 52,865,395 व्यय हुआ है। मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना सामान्य मृत्यु होने पर उसके उत्तराधिकारी को एक लाख रूपए की राशि, कार्य स्थल पर दुर्घटना से मृत्यु होने पर उसके उत्तराधिकारी को 5 लाख रूपए की राशि तथा कार्य स्थल पर दुर्घटना से स्थायी दिव्यांगता होने पर श्रमिक को ढ़ाई लाख रूपए की राशि दिए जाने का प्रावधान है। जिसके तहत् 01 जनवरी, 2024 से 15 सितम्बर, 2025 तक कुल 3658 निर्माण श्रमिकों के आश्रितों को लाभांवित किया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 17 सितंबर 2024 को डी०बी०टी० के माध्यम से राशि का हस्तांतरण किया था। श्रम विभाग द्वारा प्रदेश स्तरीय श्रमिक सम्मेलन आयोजित कर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं के तहत् पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को केन्द्रीकृत डी.बी.टी. के माध्यम से लाभांवित करना प्रारंभ कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को 17 सितम्बर, 2024 से अब तक 16 योजनाओं में 6 लाख 48 हजार 633 पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को 327 करोड़ 13 लाख 53 हजार 108 रूपए से लाभांवित किया गया।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा का कांग्रेस पर हमला, कहा- राहुल गांधी को मतगणना की समझ नहीं

रायपुर बिहार में एसआईआर के मुद्दे को लेकर निकाली गई कांग्रेस की वोट अधिकार यात्रा को लेकर सियासत अभी भी गरमाई हुई है. इस यात्रा को लेकर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस को भ्रामक प्रचार नहीं करना चाहिए. मतदाता सूची में अगर गड़बड़ी है, तो जरूरी नहीं कि मतदान में भी गड़बड़ी हो. राहुल गांधी को नहीं पता कैसे होती है वोटिंग : उपमुख्यमंत्री शर्मा उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने एसआईआर को लेकर कहा कि संशोधन, परिवर्तन और विलोपन जैसी प्रक्रियाओं के लिए SIR (स्पेशल समरी रिवीजन) होता है. कांग्रेस को SIR का विरोध नहीं करना चाहिए. राहुल गांधी को पता नहीं होगा कि मतगणना होती है. क्या कांग्रेस अपनी वोट बैंक बचाना चाहती है : उपमुख्यमंत्री शर्मा डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस अपनी वोट बैंक बचाना चाहती है? अगर किसी भी बांग्लादेशी का नाम वोटर लिस्ट में है तो उसकी जांच कर तुरंत हटाया जाएगा. लेकिन कांग्रेस को आखिर किसके हट जाने का डर सता रहा है? कौनसा वोट बैंक कांग्रेस मतदाता सूची में बनाए रखना चाहती है?”

शराब घोटाले की गुत्थी सुलझी? ED ने चैतन्य बघेल को मास्टरमाइंड बताया, चार्जशीट में दर्ज कई बड़े दावे

रायपुर, छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल पर ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने बड़ा आरोप लगाते हुए राज्य में हुए ‘शराब घोटाले’ के सिडिकेट का मास्टरमाइंड (मुखिया) बताया है और कहा है कि उन्होंने ही घोटाले से अर्जित लगभग 1000 करोड़ रुपए की आय को इधर-उधर किया था। ईडी ने इस बात का दावा सोमवार को जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (VI) डमरुधर चौहान की अदालत में दायर अपनी चौथी पूरक अभियोजन शिकायत (आरोपपत्र) मे किया। इसमें उसने दावा किया कि चैतन्य ने जानबूझकर अपराध की आय को छिपाने, कब्जा करने, अधिग्रहण करने और इसका उपयोग करने में सहायता की और गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर साजिश रची। ईडी द्वारा दाखिल इस आरोप पत्र में बताया गया है कि, ‘इस सिंडिकेट (गिरोह) में शीर्ष स्तर पर चैतन्य का नियंत्रण था, और उसकी भूमिका केवल प्रतीकात्मक ही नहीं, बल्कि प्रभावशाली और निर्णायक भी थी। वह सिंडिकेट द्वारा एकत्रित सभी अवैध धन का हिसाब रखने के लिए जिम्मेदार था। धन के संग्रह और वितरण से संबंधित सभी बड़े फैसले उसके (चैतन्य के) निर्देशों के तहत लिए जाते थे। मुख्यमंत्री के बेटे के रूप में उनकी स्थिति ने उन्हें सिंडिकेट का नियंत्रक बना दिया।' इसमें कहा गया है, ‘जांच से यह भी पता चला है कि चैतन्य बघेल अपराध की आय के प्राप्तकर्ता हैं, जिसे उन्होंने अपने रियल एस्टेट प्रोजेक्ट में लगाया और वे इस प्रकार विकसित की गई इन संपत्तियों को बेदाग संपत्ति के रूप में पेश कर रहे हैं और उन पर दावा कर रहे हैं।' अभियोजन शिकायत में कहा गया है कि जांच से पहले ही पता चला है कि अपराध की आय का एक बड़ा हिस्सा लक्ष्मी नारायण बंसल उर्फ पप्पू नामक व्यक्ति द्वारा एकत्र किया जा रहा था, जिसने ईडी के सामने अपने बयान में खुलासा किया है कि उसने चैतन्य के साथ मिलकर शराब घोटाले से अर्जित एक हजार करोड़ रुपए से अधिक की आय को संभाला था। इसमें कहा गया है कि उन्होंने (बंसल ने) स्पष्ट रूप से कहा है कि चैतन्य के निर्देश पर, 2019 से 2022 के बीच की अवधि में कांग्रेस के राज्य इकाई के तत्कालीन कोषाध्यक्ष राम गोपाल अग्रवाल और अन्य को बड़ी मात्रा में नकदी पहुंचाई गई थी। अभियोजन शिकायत में कहा गया है कि बंसल कथित तौर पर दीपेन चावड़ा के माध्यम से अनवर ढेबर से अपराध की यह आय एकत्र करते थे और उसके बाद चैतन्य के समन्वय से ये धनराशि राम गोपाल अग्रवाल तक पहुंचाई जाती थी। आरोप पत्र में ईडी ने बताया कि 'बंसल ने अपने बयान में खुलासा करते हुए बताया कि वह भूपेश बघेल को पिछले 25 सालों से जानते हैं और दोनों के पारिवारिक संबंध हैं। वह चैतन्य के साथ नियमित रूप से रायपुर स्थित मुख्यमंत्री आवास जाया करते थे। उस समय रायपुर स्थित मुख्यमंत्री आवास की ऐसी ही एक यात्रा के दौरान, भूपेश बघेल ने उन्हें (बंसल को) स्पष्ट रूप से बताया था कि अनवर ढेबर उन्हें कुछ सामान भेजेंगे, और उसे आगे उन्हें रामगोपाल अग्रवाल तक पहुंचाना होगा। इसके बाद, चैतन्य बघेल ने नकदी की कथित डिलीवरी से एक दिन पहले उन्हें सूचित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सामान शब्द नकदी के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक कोड वर्ड है।’ अग्रवाल फिलहाल फरार हैं। ईडी ने ने आरोपी लगाते हुए कहा कि चैतन्य शराब गिरोह का केंद्रीय व्यक्ति और नियंत्रक था, जो इससे जुड़ी कमाई पर सीधा नियंत्रण रखता था, अवैध धन के प्रवाह की निगरानी करता था, और अपराध की आय का उपयोग व्यक्तिगत और व्यावसायिक उपक्रमों के लिए करता था। आरोप पत्र में कहा गया है कि चैतन्य बघेल ने अपनी रियल एस्टेट परियोजना, विट्ठल ग्रीन में 18.90 करोड़ रुपए और अपनी रियल एस्टेट फर्म मेसर्स बघेल डेवलपर्स एंड एसोसिएट्स में 3.10 करोड़ रुपए की आपराधिक आय का उपयोग किया था। अभियोजन शिकायत में कहा गया है कि जांच में आरोपियों के मोबाइल फोन से वॉट्सएप चैट के रूप में महत्वपूर्ण डिजिटल सबूत भी बरामद किए गए हैं। ईडी के आरोपों के अनुसार लगभग 2,500 करोड़ रुपए से अधिक का यह शराब घोटाला प्रदेश में साल 2019 से 2022 के बीच हुआ था, जब छत्तीसगढ़ में चैतन्य के पिता भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार का शासन था। इसी घोटाले के आरोप में चैतन्य को केंद्रीय एजेंसी ने 18 जुलाई को दुर्ग जिले के भिलाई शहर में स्थित उनके घर से गिरफ्तार किया था। ईडी ने अब तक इस मामले में एक अभियोजन शिकायत और चार पूरक अभियोजन शिकायतें दर्ज की हैं और दावा किया है कि कथित घोटाले के परिणामस्वरूप राज्य के खजाने को भारी नुकसान हुआ और एक शराब गिरोह के लाभार्थियों की जेबें भरी गईं। सोमवार को दायर अभियोजन शिकायत में ईडी ने कहा कि 2019 में छत्तीसगढ़ में नई (कांग्रेस) सरकार के गठन के बाद, एक संगठित शराब गिरोह बनाया गया था। इस गिरोह के दिन-प्रतिदिन के संचालन को संभालने के लिए, तत्कालीन IAS अधिकारी अनिल टुटेजा और कारोबारी अनवर ढेबर (दोनों को मामले में ईडी द्वारा दायर पिछली अभियोजन शिकायतों में आरोपी के रूप में नामित किया गया है) का चयन किया गया था।  

प्रसिद्ध कवि सुरजीत नवदीप का निधन, सीएम साय ने जताया गहरा शोक

रायपुर छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध हास्य-व्यंग्य के कवि, धमतरी जिला हिंदी साहित्य समिति के संरक्षक सुरजीत नवदीप के निधन पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शोक जताया है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि प्रसिद्ध हास्य-व्यंग्य कवि, अखिल भारतीय कवि सम्मेलनों के लोकप्रिय मंच संचालक, छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के पूर्व सदस्य और धमतरी जिला हिंदी साहित्य समिति के संरक्षक सुरजीत नवदीप के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है। यह हिंदी साहित्य जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। सीएम ने कहा, नवदीप जी की सहज हास्य-व्यंग्य शैली, समाज की विसंगतियों पर गहरी दृष्टि और मंचीय उपस्थिति ने हिंदी साहित्य को नई ऊंचाइयां दी। आपकी रचनाएं और आपका व्यक्तित्व सदैव साहित्य प्रेमियों को प्रेरित करता रहेगा। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और परिजनों को यह दुःख सहन करने की शक्ति दें।     प्रसिद्ध हास्य-व्यंग्य कवि, अखिल भारतीय कवि सम्मेलनों के लोकप्रिय मंच संचालक, छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के पूर्व सदस्य और धमतरी जिला हिंदी साहित्य समिति के संरक्षक श्री सुरजीत नवदीप जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है। यह हिंदी साहित्य जगत के लिए अपूरणीय क्षति है।

स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित: NHM हड़ताल को झारखंड चिकित्साकर्मी संघ का समर्थन, केंद्र सरकार से कार्रवाई की मांग

 रायपुर महीनेभर से काम बंद कर हड़ताल पर बैठे एनएचएम के संविदा कर्मचारियों को मंगलवार को काम पर लौटने का अल्टीमेटम दिया गया है. इस बीच झारखंड के चिकित्साकर्मी संघ ने एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल को अपना समर्थन दे दिया है. संघ की ओर से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को पत्र लिखा है, जिसमें इस पूरे मामले को संज्ञान में लेकर केंद्र से हस्तक्षेप की मांग की है. शिकायत में बताया गया कि 18 अगस्त 2025 से छत्तीसगढ़ के 16 हजार एनएचएम कर्मचारी अपनी 10 सूत्री मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार ने संघ के प्रतिनिधियों को आश्वासन तो दिया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसके विपरीत सरकार ने संघ के प्रमुख पदाधिकारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया और आदेश जारी किया कि अगर कर्मचारी 16 सितंबर तक ड्यूटी पर वापस नहीं लौटते तो उनकी जगह नए कर्मचारियों की नियुक्ति कर दी जाएगी. इसे कर्मचारी संघ ने दुर्भाग्यपूर्ण कदम बताया है. शिकायत में आगे कहा गया कि छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ लंबे समय से विभिन्न माध्यमों से अपनी मांगों पर सरकार का ध्यान आकर्षित कर रहा है, लेकिन समाधान के लिए आवश्यक कदम नहीं उठाए गए. इस संबंध में छतीसगढ़ प्रदेश एन एच एम कर्मचारी संघ द्वारा दिया गया ज्ञापन ही पूरी स्थिति को स्पष्ट करता है. साथ ही अनुरोध किया गया कि केंद्रीय स्तर पर व्यक्तिगत पहल कर छत्तीसगढ़ एनएचएम कर्मचारियों की मांगों के समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएं. संघ की चेतावनी संघ ने चेतावनी दी है कि अगर केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ एनएचएम कर्मचारियों की मांगों पर उचित दिशा-निर्देश नहीं दिए तो झारखंड के एनएचएम और जेएसएसीएस कर्मचारी भी आंदोलन में शामिल होने को बाध्य होंगे.