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फर्जी इन्वेस्टमेंट स्कीम से 17 लाख की चपत, दिल्ली साइबर सेल ने तीन आरोपियों को दबोचा

बाहरी दिल्ली स्टॉक मार्केट निवेश के नाम पर 17.1 लाख रुपये की ठगी करने वाले तीन आरोपितों को उत्तर-पश्चिमी जिला साइबर सेल ने गिरफ्तार किया है। वहीं, इस मामले में एक महिला आरोपित को पाबंद किया है। इनके कब्जे से अपराध में इस्तेमाल तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान विनोद नगर निवासी इंदरजीत, पवन और गाजियाबाद के बालाजी विहार निवासी गौरव त्यागी के रूप में हुई है। महिला की पहचान महिमा शर्मा के रूप में हुई है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि महिमा शर्मा आरोपित इंदरजीत के साथ संयुक्त खाता धारक थी, लेकिन अधिकृत हस्ताक्षर कर्ता नहीं थी। इसलिए उसे पाबंद किया गया है। जिला के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त भीष्म सिंह ने बताया कि आरोपितों के बैंक खातों के खिलाफ नेशनल क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर 17 शिकायतें दर्ज हैं। शालीमार बाग निवासी योगेश कुमार किराना की दुकान चलाते हैं। उन्होंने 28 जनवरी में साइबर सेल में ठगी की शिकायत की। जिसमें उन्होंने बताया कि उन्हें एक वॉट्सएप समूह में जोड़ा गया, जहां ठगों ने स्टॉक मार्केट निवेश में ऊंचे रिटर्न का लालच दिया। कमीशन के बदले ठगों को दिया बैंक खाता उन्होंने 17.10 लाख रुपये निवेश किए। लाभ होने पर जब पैसे निकालने की कोशिश की तो जालसाजों ने इसके एवज में अतिरिक्त राशि जमा करने के लिए कहा। ठगी का एहसास होने पर उन्होंने पुलिस में शिकायत की। पुलिस ने मामला दर्ज कर निरीक्षक दिनेश दहिया के नेतृत्व में मामले की जांच शुरू की। जांच में पता चला कि ठगी की रकम को इंदरजीत के फर्म के खाते में ट्रांसफर किया गया था। पुलिस ने साक्ष्य मिलने पर इंदरजीत को गिरफ्तार कर लिया। उसने बताया कि कमीशन के बदले में उसने फर्म का चालू खाता साइबर ठग गिरोह को उपलब्ध कराया था। ठगी की रकम प्राप्त करने के बाद उसने पैसे को गेमिंग एप एवं अन्य डिजिटल प्लेटफार्म के माध्यम से आगे ट्रांसफर किया। पुलिस ने उसके निशानदेही पर अन्य आरोपितों को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वह संगठित गैंग का हिस्सा थे, जो ठगी करते थे। इंदरजीत कमीशन के बदले अपना बैंक खाता गिरोह को उपलब्ध कराया। पवन कुमार बैंक खातों की व्यवस्था कराने में मध्यस्थ की भूमिका निभाता था, जबकि गौरव त्यागी संचालन एवं समन्वय में सहयोग करता था। गिरोह वॉट्सएप निवेश समूहों एवं फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफार्म के जरिए पीड़ितों को फंसाता था। ठगी की रकम म्यूल खातों में डालकर गेमिंग एप व अन्य डिजिटल माध्यमों से तुरंत आगे भेज देता था। बाद में सक्रिय सदस्यों को उनकी भूमिका के मुताबिक कमीशन दिया जाता था। पुलिस अब इनसे पूछताछ कर आगे की कार्रवाई कर रही है।  

होली पर दिल्ली में छलकेगा जाम: 4 मार्च को No Dry Day का ऐलान

नई दिल्ली दिल्ली सरकार ने शराब के शौकीन लोगों के लिए एक बड़ा ऐलान किया है। राजधानी दिल्ली में इस बार शराब की दुकानें खुली रहेंगी। सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए कहा कि 4 मार्च को राजधानी में नो ड्राई डे रहेगा। सरकार इस साल 4 मार्च को मनाई जाने वाली होली को दिल्ली सरकार ने शराब के शौकीन लोगों के लिए एक बड़ा ऐलान किया है। राजधानी दिल्ली में इस बार शराब की दुकानें खुली रहेंगी। सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए कहा कि 4 मार्च को राजधानी में नो ड्राई डे रहेगा। सरकार इस साल 4 मार्च को मनाई जाने वाली होली को 'ड्राई डे' (Dry Day) की आधिकारिक सूची से हटा दिया है। इसका सीधा मतलब यह है कि त्योहार के दिन दिल्ली में शराब के ठेके बंद नहीं रहेंगे और लोग अपनी पसंद के अनुसार खरीदारी कर सकेंगे। परंपरा से हटकर लिया गया फैसला आमतौर पर दिल्ली सहित देश के अधिकांश राज्यों में होली जैसे बड़े त्योहारों पर शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध रहता है। पिछली सूचियों में भी होली को ड्राई डे माना जाता था, लेकिन सरकार के ताजा आदेश ने पुरानी व्यवस्था को बदल दिया है। इस फैसले से जहाँ शराब प्रेमियों के चेहरे खिल गए हैं, वहीं श

राजधानी में बस सफर आसान: पिंक कार्ड से फ्री यात्रा, ब्लू-ऑरेंज कार्ड किसे मिलेगा?

नई दिल्ली दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार ने महिलाओं और 'ट्रांसजेंडर'को मुफ्त बस सफर का लाभ देने के लिए 'पिंक सहेली कार्ड' योजना की शुरुआत कर दी है। अब बिना कार्ड महिलाएं मुफ्त बस सफर का लाभ नहीं ले सकती हैं। 'पिंक सहेली' कार्ड बनवाने के लिए राजधानी में लगभग 50 सेंटर स्थापित किए जाएंगे। पिंक कार्ड कागज आधारित गुलाबी टिकट का स्थान लेगा। अरविंद केजरीवाल की अगुआई में आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में महिलाओं के लिए बस सफर को मुफ्त कर दिया था। भाजपा सरकार ने इसका लाभ जारी रखा, लेकिन पारदर्शिता बढ़ाने के लिए तरीके में बदलाव किया गया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता कई बार आरोप लगा चुकी हैं कि आम आदमी पार्टी के शासन में पिंक टिकट के जरिए भारी भ्रष्टाचार किया गया। दिल्ली सरकार की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, कार्ड जारी करने के लिए डीएम ऑफिस समेत करीब 50 केंद्र और दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के कुछ चयनित स्थानों को अधिकृत किया जाएगा। प्रत्येक पिंक कार्ड लाभार्थी के मोबाइल नंबर और आधार से जुड़ा होगा, जिससे आयु, लैंगिक पहचान और दिल्ली में निवास होने की पुष्टि की जा सकेगी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने यहां आयोजित एक समारोह में 'पिंक नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड' और महिलाओं से जुड़ी दिल्ली सरकार की तीन अन्य कल्याणकारी योजनाओं की शुरुआत की। डीटीसी बस के अलावा मेट्रो और नमो भारत में भी होगा सफर योजना के तहत दिल्ली की निवासी पात्र महिलाएं डीटीसी बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगी। इसके अलावा इस कार्ड का उपयोग दिल्ली मेट्रो और रिजनल रेपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) सहित अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में सशुल्क यात्रा के लिए किया जा सकेगा। तीन रंग के कार्ड इस योजना के तहत तीन प्रकार के कार्ड जारी किए जाएंगे। पात्र महिला के लिए पिंक, सामान्य यात्रियों के लिए 'ब्लू' और मासिक पास के लिए 'ऑरेंज' कार्ड होंगे। पहले चरण में 'पिंक' और 'ब्लू' कार्ड जारी किए जाएंगे, जबकि 'ऑरेंज' कार्ड बाद में लाया जाएगा। डीटीसी ने कार्ड जारी करने के लिए 'हिंडन मर्केंटाइल लिमिटेड' (मुफिनपे) और 'एयरटेल पेमेंट्स बैंक लिमिटेड' को अधिकृत किया है। ये कार्ड राष्ट्रीय राजधानी के सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क में मौजूदा स्वचालित किराया वसूली प्रणाली से एकीकृत होंगे।

बीवी को धमकी देने के बाद कोख में बच्चा, 3 बेटियां और पत्नी की बेरहमी से हत्या

नई दिल्ली दिल्ली के समयपुर बादली इलाके में गर्भवती पत्नी और तीन बेटियों का गला काट देने वाले मुनचुन केवट ने गिरफ्तारी के बाद कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने बताया कि किस तरह वह क्रिकेट और अन्य खेलों पर सट्टेबाजी की वजह से भारी कर्ज में आ गया था। इसे चुकाने के लिए उधार लिया और उसमें से भी एक लाख सट्टेबाजी में गंवा बैठा। फिर जब वसूली के लिए एक कॉल आया तो कथित तौर पर उसे कुछ ऐसी बातें कहीं गईं जिसके बाद उसने सबको खत्म कर देने का फैसला कर लिया। इस फोन कॉल के कुछ देर बाद ही वह 90 रुपये में कटलहल काटने वाला चाकू भी खरीदकर ले आया, जिससे पूरे परिवार की गर्दन, सांस नली तक काट डाली। वह सिरसपुर के चंदन पार्क में किराये के एक कमरे में 3 बेटियों और पत्नी सं ग रहने वाला मुनचुन मूल रूप से बिहार का रहने वाला था। वह आजादपुर मंडी में सब्जी बेचने का काम करता था। वह जुए और सट्टेबाजी की लत में आ चुका था। वह क्रिकेट मैचों और अन्य खेलों पर ऑनलाइन और ऑफलाइन सट्टेबाजी करता था। सट्टेबाजी में उसे काफी घाटा हो चुका था जिसकी वजह से भारी भरकम कर्ज में था। कर्ज चुकाने के लिए उधार, उसमें भी आधा जुए में हार गया जांचकर्ताओं के अनुसार, मुनचुन ने पूछताछ के दौरान बताया कि पिछले महीने उसने ससुरालवालों से 2 लाख रुपये उधार लिए। उसने 60 हजार रुपये मिथिलेश नाम के एक कर्जदाता को कुछ हिस्सा चुकाया और 40 हजार एक लहसन आपूर्तिकर्ता को दिए। लेकिन बाकी बचे एक लाख रुपये उसने फिर जुए में लगा दिए और हार बैठा। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि परिवार बहुत ज्यादा कर्ज और आर्थिक संकट में था जिसकी वजह से घरेलू तनाव था।

टिकट से मिलेगी राहत: राष्ट्रपति करेंगी पिंक मोबिलिटी कार्ड जारी, डीटीसी बसों में मुफ्त यात्रा

नई दिल्ली केंद्र सरकार की ‘वन नेशन, वन कार्ड’ से प्रेरणा लेते हुए दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार राजधानी की महिला निवासियों के लिए नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (एनसीएमसी) की शुरुआत करने जा रही है। सोमवार 2 मार्च को इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में एक विशेष व भव्य कार्यक्रम ‘सशक्त नारी समृद्ध दिल्ली’ में देश की महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु इस महत्वाकांक्षी योजना (पिंक कार्ड) का शुभारंभ करेंगी। एक ही कार्ड से मेट्रो और रेपिड रेल में सफर मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता का कहना है कि यह कार्ड दिल्ली निवासी महिलाओं को डीटीसी बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा प्रदान करेगा। साथ ही मेट्रो, रीजनल रेपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में एक ही स्मार्ट कार्ड के माध्यम से सशुल्क सुविधा देगा। मुख्यमंत्री के अनुसार यह पहल सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुलभ, सुरक्षित और डिजिटल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे महिलाओं के दैनिक यात्रा खर्च में कमी आएगी और उन्हें शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य तथा सामाजिक अवसरों तक सुगम पहुंच मिलेगी। तीन तरह के कार्ड जारी होंगे मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना के तहत तीन प्रकार के एनसीएमसी कार्ड जारी किए जाएंगे। पिंक कार्ड दिल्ली निवासी पात्र महिलाओं के लिए होगा, जबकि ब्लू कार्ड सामान्य यात्रियों के लिए और ऑरेंज कार्ड मासिक पास उपयोगकर्ताओं के लिए जारी किया जाएगा। शुरुआती चरण में पिंक और ब्लू कार्ड लॉन्च किए जाएंगे, जिसके बाद ऑरेंज कार्ड लागू किया जाएगा। दिल्ली सरकार वहन करेगा सारा खर्चा उन्होंने बताया कि कार्ड जारी करने के लिए दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) ने हिंडन मर्केंटाइल लिमिटेड (मुफिनपे) और एयरटेल पेमेंट्स बैंक लिमिटेड को अधिकृत किया है। ये कार्ड दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन प्रणाली में पहले से लागू ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम (एएफसीएस) से एकीकृत होंगे। पिंक कार्ड पात्र महिलाओं को पूर्णतः निःशुल्क दिया जाएगा और इसकी संपूर्ण लागत दिल्ली सरकार वहन करेगी। इन जगहों पर मिलेंगे पिंक कार्ड मुख्यमंत्री के अनुसार कार्ड जारी करने के लिए लगभग 50 केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जिनमें जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) और एसडीएम कार्यालयों के साथ-साथ डीटीसी के चयनित केंद्र शामिल होंगे। यह कार्ड न्यूनतम दस्तावेजों के आधार पर किया जाएगा ताकि प्रक्रिया सरल, तेज और पारदर्शी रहे। प्रत्येक पिंक कार्ड लाभार्थी के मोबाइल नंबर और आधार से लिंक किया जाएगा। आधार के माध्यम से प्रमाणीकरण कर आयु (5 वर्ष से अधिक), लिंग (महिला) और दिल्ली निवास (दिल्ली पिन कोड के आधार पर) की पुष्टि की जाएगी, जिससे पात्रता सुनिश्चित होगी और डुप्लिकेशन रोका जा सकेगा। टिकट की जगह लेगा पिंक कार्ड यह एक टच-फ्री और सुरक्षित स्मार्ट कार्ड होगा। इससे हर यात्रा का सही डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा। नकद लेन-देन कम होगा और आय का हिसाब-किताब अधिक साफ और पारदर्शी रहेगा। यात्रा के आंकड़ों की मदद से बस रूट तय करने, बसों की संख्या सही करने और बेहतर फैसले लेने में आसानी होगी। यही कार्ड पिंक पेपर टिकट की जगह लेगा, जिससे पूरी व्यवस्था ज्यादा आसान और आधुनिक बन जाएगी।

मैं राजनीति छोड़ दूंगा… केजरीवाल का बड़ा बयान, आरोप लगाने वालों को ललकार

नई दिल्ली दिल्ली कोर्ट की तरफ से कथित शराब घोटाला मामले में आरोपमुक्त किए जाने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जंतर मंतर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने खुद को कट्टर ईमानदार बताते हुए चैलेंज दे दिया कि अगर कोई ये साबित कर दे कि उन्होंने रिश्वत ली है तो वह राजनीति छोड़ देंगे। उन्होंने दावा किया कि पीएम मोदी उनसे नफरत करते हैं। उन्होंने कहा कि मैं 10 साल दिल्ली का सीएम रहा और इस दौरान पीएम मोदी ने मेरे खिलाफ जांच बैठा दी। उन्होंने कहा, दिल्ली सरकार का एक भी ठेकेदार अगर ये कह दे कि मैंने पैसे मांगे और फाइलों पर साइन किए, तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा। अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि बीजेपी की सरकार ने 12 साल में देश को बर्बाद कर दिया। उन्होंने पीएम मोदी को को नौटंकीबाज कहते हुए कहा कि पूरे देश में पेपर लीक हो रहे हैं, और ये परीक्षा पर चर्चा कर रहे हैं। उन्होंने कहा, मोदीजी कहते हैं केजरीवाल भ्रष्ट है। कोर्ट ने कह दिया, केजरीवाल कट्टर ईमानदार है। उन्होंने दावा किया कि पीएम मोदी सोनम वांगचुक से डरते हैं। सोनम वांगचुक को जेल में डाल दिया। उन्हें तो पद्म भूषण और विभूषण मिलना चाहिए। अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, बस मार्शलों, महिलाओं के खाते में पैसे ट्रांसफर करने को लेकर कई वादे किए गए लेकिन कोई भी भी पूरा नहीं हुआ। उन्होंने बीजेपी की सरकार को धोखेबाज बताते हुए कहा कि आज लोग केजरीवाल की सरकार को याद करते हैं कि इससे तो अच्छा अरविंद केजरीवाल था।

केजरीवाल को मिली राहत पर अन्ना हजारे का बयान—राजनीति से ऊपर उठकर देश के लिए काम करें

नई दिल्ली दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिए शुक्रवार का दिन बड़ी राहत लेकर आया। दिल्ली की एक अदालत द्वारा कथित आबकारी नीति (शराब नीति) मामले में केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और 21 अन्य को आरोप मुक्त किए जाने के फैसले का उनके गुरु और प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे का भी बयान सामने आया है। महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले में अपने पैतृक गांव रालेगण सिद्धि में पत्रकारों से बात करते हुए अन्ना ने अदालती फैसले का सम्मान करने की बात कही है। भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के प्रणेता अन्ना हजारे ने कहा कि भारत जैसे विशाल और विविधतापूर्ण देश की सुचारू व्यवस्था का श्रेय हमारी न्यायपालिका को जाता है। उन्होंने जोर देकर कहा, “हमारा देश न्यायपालिका के दम पर चलता है। यह देश की सर्वोच्च प्रणाली है। यदि हमारे पास एक मजबूत न्यायपालिका नहीं होती, तो अपराधी हावी हो जाते और देश में दंगों जैसी स्थिति पैदा हो जाती। अदालत ने जो फैसला दिया है उसे स्वीकार करना अनिवार्य है।” अन्ना ने आगे कहा कि लोकतंत्र में न्यायपालिका का सम्मान करना हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अदालत का यह निर्णय अंतिम है और इसे चुनौती नहीं दी जानी चाहिए। पिछली आलोचनाओं पर दी सफाई जब मार्च 2024 में केजरीवाल की गिरफ्तारी हुई थी, तब अन्ना हजारे ने उनकी तीखी आलोचना की थी। उस समय अन्ना ने इसे करोड़ों देशवासियों के भरोसे के साथ विश्वासघात बताया था। शुक्रवार को जब उनसे उनकी पुरानी टिप्पणियों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने सहजता से जवाब दिया, "उस समय मैंने जो कुछ भी कहा था, वह अदालती फैसले से पहले की बात थी। तब आरोप हवा में थे और कोई कानूनी निष्कर्ष नहीं निकला था। अब चूंकि न्यायपालिका ने अपना फैसला दे दिया है कि उनकी कोई भूमिका नहीं थी, तो हमें उसे मानना होगा।" अन्ना हजारे ने 2011 के 'इंडिया अगेंस्ट करप्शन' आंदोलन के दिनों को याद करते हुए अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को अपने कार्यकर्ता के रूप में संबोधित किया। उन्होंने पुरानी यादें साझा करते हुए स्वीकार किया कि ये दोनों नेता उस समय उनके आंदोलन के प्रमुख चेहरे थे, जिसने तत्कालीन यूपीए सरकार की नींव हिला दी थी। हालांकि, अन्ना ने एक बार फिर अपना पुराना रुख दोहराया कि जब आंदोलन ने राजनीतिक मोड़ लिया और 'आम आदमी पार्टी' का गठन हुआ, तब उन्होंने खुद को इससे अलग कर लिया था। जब अन्ना से पूछा गया कि वह अब केजरीवाल को क्या सलाह देना चाहेंगे, तो उन्होंने एक मार्गदर्शक की भूमिका निभाते हुए कहा, "समाज और देश के लिए काम करें। केवल अपने बारे में या अपनी पार्टी के बारे में न सोचें।" अन्ना का संकेत स्पष्ट था कि राजनीति को व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा के बजाय राष्ट्र निर्माण का जरिया बनाया जाना चाहिए। अदालत ने सीबीआई को लगाई फटकार गौरतलब है कि दिल्ली की अदालत ने इस बहुचर्चित मामले में फैसला सुनाते हुए सीबीआई (CBI) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। अदालत ने कहा कि उसे शराब नीति बनाने में कोई व्यापक साजिश या आपराधिक मंशा नहीं मिली। अरविंद केजरीवाल को 21 मार्च 2024 को गिरफ्तार किया गया था। कुल 155 दिन जेल में बिताने के बाद अब इस मामले से पूरी तरह आरोप मुक्त हो चुके हैं। इस फैसले को आम आदमी पार्टी के लिए एक बड़ी नैतिक और राजनीतिक जीत के रूप में देखा जा रहा है।  

आसमान गिर जाए तो भी न्याय जरूरी — कोर्ट ने केजरीवाल को दी राहत

नई दिल्ली कथित शराब घोटाले में पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल को आरोप मुक्त करते हुए जज जितेंद्र सिंह ने लैटिन कहावत को कोट किया, जिसका मतलब था- न्याय होना चाहिए, चाहे आसमान ही क्यों न गिर जाए। इसके अतिरिक्त उन्होंने अपने फैसले में मार्टिन लूथर किंग जूनियर का भी जिक्र किया है। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत अन्य को कथित शराब घोटाला मामले में आरोप मुक्त करते हुए जज जितेंद्र सिंह ने अहम टिप्पणी की है। उन्होंने लैटिन की मशहूर कहावत को कोट करते हुए कहा कि न्याय होना चाहिए, भले ही आसमान क्यों न गिर जाए। साथ ही, मार्टिन लूथ किंग जूनियर को भी कोट किया और कहा कि कहीं भी अन्याय हर जगह न्याय के लिए खतरा है। जज ने कहा कि ये सिद्धांत लगातार याद दिलाते हैं कि अदालत का काम न तो कोई आसान नतीजा निकालना है और न ही किसी हावी कहानी का समर्थन करना है, बल्कि कानून का राज बनाए रखना है। इन आदर्शों पर टिके रहने से ही न्याय के प्रशासन में नागरिकों का भरोसा बना रहता है। इस भरोसे के साथ, और इस जिम्मेदारी को समझते हुए, फाइल को भेजने का निर्देश दिया जाता है। 598 पेज के ऑर्डर में, स्पेशल जज जितेंद्र सिंह ने कहा, "यह कोर्ट एक गंभीर और बार-बार आने वाली दुविधा का सामना कर रहा है, जिसमें PMLA के तहत शुरू किए गए केस की वजह से किसी व्यक्ति की आज़ादी खतरे में पड़ जाती है, यह इस अनुमान पर आधारित है कि कथित रकम एक तय (प्रिडिकेट) अपराध से होने वाली अपराध की कमाई है।" उन्होंने कहा कि यह मुद्दा तब और भी अहम हो जाता है जब एक आरोपी को मनी लॉन्ड्रिंग के जुर्म में गिरफ्तार किया जाता है और उसके बाद उसे बेल देने के लिए तय की गई दो सख्त शर्तों को पार करना होता है, जिसके कारण प्री-ट्रायल स्टेज में भी उसे लंबे समय तक जेल में रहना पड़ता है। जज ने कहा, "यह देखा गया है कि कई मामलों में, एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट मुख्य रूप से बेल डिफॉल्ट के कानूनी नतीजे से बचने के लिए प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट फाइल करता है, जबकि तय जुर्म की जांच पूरी नहीं हुई होती है।" उन्होंने कहा कि अक्सर यह देखा गया है कि पहले जुर्म की जांच अधूरी रहती है, और यहां तक ​​कि फाइनल रिपोर्ट का भी इंतजार किया जाता है। 'आरोपी लोग काफी समय से कस्टडी में थे' जज ने कहा, "यह कोर्ट खुद एक ऐसे मामले का गवाह है जहां मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी कार्रवाई आरोप पर बहस के आखिरी स्टेज पर पहुंच गई है, जबकि पहले से तय अपराध में, यह पता लगाने के लिए जांच अभी भी चल रही है कि कोई अपराध हुआ भी है या नहीं।" उन्होंने कहा कि यह ध्यान देने वाली बात है कि PMLA केस में आरोपी लोग काफी समय से कस्टडी में थे। जज सिंह ने कहा, "यह अजीब स्थिति गंभीर कानूनी और संवैधानिक चिंताओं को जन्म देती है, क्योंकि PMLA के तहत कार्रवाई जारी रहना तय अपराध के बने रहने पर निर्भर करता है।" उन्होंने कहा कि इस तय कानूनी स्थिति के बावजूद कि मनी लॉन्ड्रिंग का अपराध अलग से नहीं चल सकता और इसके लिए कानूनी रूप से टिकाऊ अपराध की बुनियादी नींव की जरूरत होती है, मौजूदा प्रैक्टिस एक परेशान करने वाली उलटी बात दिखाती है। स्पेशल जज सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि जांच एजेंसी की पावर और जीवन और निजी आजादी के अधिकार के बीच बैलेंस कानूनी कृपा का मामला नहीं है, बल्कि एक संवैधानिक आदेश है। उन्होंने कहा कि इस बैलेंस को बनाए रखने में कोई भी नाकामी कानून के राज और क्रिमिनल जस्टिस के एडमिनिस्ट्रेशन में जनता के भरोसे, दोनों को कमजोर कर सकती है।  

‘दिल्ली में दोबारा चुनाव कराओ’: केजरीवाल का भाजपा पर वार, बोले- हार गए तो छोड़ दूंगा राजनीति

नई दिल्ली शराब घोटाला मामले में कोर्ट से आरोप मुक्त किए जाने के बाद आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने पहली प्रेस कांफ्रेंस की। इस दौरान केजरीवाल ने चुनौती देते हुए कहा कि मोदी जी आप दिल्ली में चुनाव करा लें, अगर बीजेपी को 10 से ज्यादा सीटें आईं तो वह राजनीति छोड़ देंगे। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि न्यायालय ने ऐतिहासिक फैसला दिया है। मैं जज साहब का धन्यवाद करता हूं। उन वकील भाईयों का धन्यवाद करता हूं, जिन्होंने हमारी लड़ाई लड़ी। चार वर्षों से हमारे ऊपर अत्याचार किया जा रहा था। चार वर्षों से ईडी, सीबीआई का इस्तेमाल करके आप आदमी पार्टी पर शराब घोटाला का आरोप लगाया गया। अदालत को आज मुकदमा चलाने के लिए प्रथम दृष्टया फैसला लिया जाना था। अदालत ने कहा कि ऐसा कोई सबूत नहीं है, ऐसा फर्जी केस है, एक भी गवाह नहीं, जिससे मुकदमा चलाया जा सके। आप प्रमुख ने आरोप लगाया कि यह पूरा षड्यंत्र प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री ने मिलकर रचा। उन्हें देश से माफी मांगना चाहिए। आम आदमी पार्टी को खत्म करने के लिए यह षड्यंत्र रचना। मैंने जिंदगी में केवल ईमानदारी कमाई है। भाजपा उस ईमानदारी पर चोट करना चाहती थी। अदालत के आदेश से साफ हो गया कि केजरीवाल कट्टर ईमानदार है। आज मेरे दिल से बड़ा बोझ उतर गया। एक समय आम आदमी पार्टी के पांच बड़े नेताओं का जेल में डाल दिया गया, फिर भी हमारा कुछ नहीं बिगाड़ पाए। केजरीवाल ने कहा कि मेरा परिवार भुगतभोगी है। मनीष सिसोदिया की पत्नी को मल्टीपल स्कोलोरोसिस है। भाजपा की षड्यंत्र का खामियाजा दिल्ली की तीन करोड़ जनता भुगतान कर रही है। दिल्ली का बेड़ा गर्ग कर दिया। मोदी जी, दिल्ली में दोबारा चुनाव करा दो, तुम्हारी दस से सीटें आ जाएं तो राजनीति छोड़ दूंगा। आप प्रमुख ने कहा कि अमेरिका आंखे दिखा रहा है, मोदी जी की हिम्मत नहीं है कि ट्रंप के खिलाफ एक शब्द बोल दें। आज ट्रंप भारत को गालियां दे रहा है, हमारे प्रधानमंत्री कुछ नहीं बोल रहे हैं। देश संभालिए ना, हमनें आपको देश चलाने के लिए दिया था, प्रधानमंत्री केजरीवाल और आम आदमी पार्टी से उलझ गए। सकारात्मक कार्य करके सत्ता हासिल कीजिए। केजरीवाल ने कहा कि अदालत ने अपने आदेश में कहा है कि सीबीआई अपने अपने अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करे। ऐसा फैसला पहले कभी नहीं हुआ।  

राऊज एवेन्यू कोर्ट ने बरी किया केजरीवाल को, CBI हाईकोर्ट जाएगी

नई दिल्ली दिल्ली की शराब नीति से जुड़े मामले में अदालत से बरी होने के बाद अरविंद केजरीवाल भावुक नजर आए. फैसले के बाद उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ पूरा का पूरा फर्जी केस बनाया गया था. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने मिलकर आजाद भारत का सबसे बड़ा राजनीतिक षड्यंत्र रचा, ताकि आम आदमी पार्टी को खत्म किया जा सके. उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के पांच बड़े नेताओं को जेल में डाल दिया गया. यहां तक कि एक सिटिंग मुख्यमंत्री को उनके घर से गिरफ्तार कर जेल भेजा गया, जो भारत के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ. उन्होंने दावा किया कि उन्हें छह महीने तक जेल में रखा गया और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को लगभग दो साल तक जेल में रहना पड़ा. केजरीवाल ने कहा कि यह पूरा मामला फर्जी था और उनकी छवि खराब करने के लिए उनके ऊपर कीचड़ उछाला गया. उन्होंने आरोप लगाया कि टीवी चैनलों पर लगातार उन्हें भ्रष्ट बताया गया. प्रधानमंत्री को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सत्ता के लिए देश और संविधान के साथ खिलवाड़ नहीं करना चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर सत्ता चाहिए तो अच्छे काम करके हासिल कीजिए. देश में महंगाई, बेरोजगारी, टूटी सड़कें और प्रदूषण जैसी गंभीर समस्याएं हैं, जिनका समाधान किया जाना चाहिए. राउज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और उनके सहयोगी मनीष सिसोदिया को आरोपों से क्लीन चीट देते हुए बरी कर दिया है. कोर्ट ने साफ कर दिया कि केवल बिना ठोस और पर्याप्त सबूत के लगाए गए आरोपों पर विश्वास नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा कि विपक्ष के खिलाफ झूठे केस करना और उन्हें जेल में डालना प्रधानमंत्री को शोभा नहीं देता. देश तभी आगे बढ़ेगा जब जनता की समस्याओं का समाधान किया जाएगा. केजरीवाल ने इसे सत्य की जीत बताया और कहा कि संविधान, जिसे बाबा साहेब आंबेडकर ने देश को दिया, उसकी भावना अंततः विजयी होती है. इस मामले में सबसे पहले अदालत ने आबकारी विभाग के पूर्व कमिश्नर कुलदीप सिंह को बरी किया. इसके बाद मनीष सिसोदिया और अंत में अरविंद केजरीवाल को भी आरोपों से मुक्त कर दिया. कोर्ट ने टिप्पणी की कि सीबीआई द्वारा दायर की गई चार्जशीट में कई खामियां थीं और उसमें कई ऐसे सवाल थे जिनका संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया. जांच एजेंसी के सबूत कमजोर और अपर्याप्त पाए गए, इसलिए राहत दी गई. कोर्ट ने कहा कि जब किसी संवैधानिक पद या सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगाये जाते हैं, तो उनके समर्थन में ठोस सबूत होना अनिवार्य है. केवल आरोप लगाने भर से मामला नहीं बन सकता. हालांकि, जांच एजेंसी सीबीआई इस फैसले से असंतुष्ट है और उन्होंने इसे उच्च न्यायालय में चुनौती देने का इशारा किया है. सीबीआई के वकील आदेश का विस्तृत अध्ययन कर अपील दायर करेंगे. यह मामला 2022-23 की दिल्ली एक्साइज पॉलिसी से जुड़ा था, जिस आधार पर सीबीआई ने केस दर्ज किया था. बाद में ईडी द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में भी मामला दर्ज किया गया था. इस केस में कई आम आदमी पार्टी के नेताओं को जेल जाना पड़ा और जमानत भी कई बार खारिज हुई. अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के लिए यह फैसला एक बड़ी राहत माना जा रहा है और इससे पार्टी पर लगे कई कानूनी दबावों से उन्हें मुक्ति मिली है.