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कैंसर का अनदेखा कारण: शराब – हार्वर्ड के एक्सपर्ट्स ने बताया क्यों मॉडरेट ड्रिंकिंग भी सुरक्षित नहीं

नई दिल्ली  शराब पीने वाले अक्सर पीने का बहाना खोजते हैं। इतना ही नहीं उन्हें समझाना भी मुश्किल होता है। पीने वाले अक्सर यह लॉजिक देते हैं कि वह थोड़ी पीते हैं या ओकेजनल ड्रिंकर हैं। अब हार्वर्ड ट्रेन्ड गैस्ट्रोइंटेरोलॉजिस्ट ने बताया है कि शराब पीने का शरीर पर क्या असर होता है। उन्होंने बताया कि रोजाना शराब पीने से कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी तक हो सकती है। महीने में एक बार पीने वालों पर खतरा हार्वर्ड और एम्स ट्रेंड गेस्ट्रो डॉक्टर सौरभ सेठी अपने इंस्टाग्राम पर लोगों को अवेयर करते रहते हैं। उन्होंने बताया कि शराब पीने के कैसे शरीर को नुकसान पहुंच सकता है, जो लोक कभी-कभी पीते हैं उनको भी। डॉक्टर ने बताया, जो लोग महीने में एक बार पीते हैं उनकी नींद की क्वॉलिटी खराब हो जाएगी। डिहाइड्रेशन होगा। वीकली पीने वालों पर असर हफ्ते में एक बार पीने से लीवर में दिक्कतें शुरू हो जाएंगी। नींद की क्वॉलिटी खराब हो जाएगी। जबरदस्त डिहाइड्रेशन होगा। हफ्ते में तीन-चार बार हफ्ते में तीन से चार बार पीने से स्ट्रेस हॉरमोन कॉर्टिसॉल बढ़ेगा। इंसुलिन रेजिस्टेंस के लक्षण बढ़ेंगे यानी डायबिटीज का खतरा बढ़ जाएगा। मेटाबॉलिजम धीमा पड़ेगा यानी पेट निकलेगा। चर्बी और मोटापा बढ़ने लगेगा और मेटाबॉलिजम से जुड़ी समस्याएं शुरू हो जाएंगी। रोजाना पीने वालों पर असर रोजाना पीने वालों का लीवर डैमज होगा। यहां तक कि लीवर फेल भी हो सकता है। मेटाबॉलिजम पूरी तरह से बिगड़ जाएगा। लीवर, पैंक्रिआज और ब्रेस्ट कैंसर होने की संभावना बढ़ जाएगी। एक बूंद से ही शुरू होता खतरा लैंसेट पब्लिक हेल्थ में WHO की रिपोर्ट में भी पहले यह बात छप चुकी है कि शराब की कोई भी मात्रा सेफ नहीं होती। आप कम मात्रा में पिएं या लंबे गैप पर यह आपके शरीर पर खराब असर डालती है। एल्कोहल कितना भी महंगा या कितने भी अमाउंट में हो यह कैंसर का खतरा बढ़ाता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि शराब की एक बूंद से खतरा शुरू हो जाता है। जितनी ज्यादा मात्रा होगी खतरा उतना बढ़ जाएगा। कई तरह के कैंसर के अलावा शराब पीने से डायबिटीज और हार्ट अटैक का रिस्क भी बढ़ जाता है।

चैटजीपीटी एटलस लॉन्च: अब दुनिया की जानकारी सिर्फ एक क्लिक दूर!

नई दिल्ली ओपनएआई ने एक नए एआई-पावर्ड वेब ब्राउजर चैटजीपीटी एटलस लॉन्च किया है, जिसे कि यूजर्स के इंटरनेट इस्तेमाल करने के तरीके को नए सिरे से परिभाषित करने के लिए डिजाइन किया गया है। पूरी तरह से चैटजीपीटी पर आधारित इस ब्राउजर का उद्देश्य ट्रेडिशनल वेब ब्राउजिंग के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को मर्ज करना है, जिससे एक सहज और इंटरैक्टिव ऑनलाइन एक्सपीरियंस मिलता है। कंपनी का कहना है कि एटलस अब मैकओएस यूजर्स के लिए वैश्विक स्तर पर उपलब्ध है और जल्द ही विंडोज, आईओएस और एंड्रॉयड पर भी उपलब्ध होगा। मूल रूप से एटलस चैटजीपीटी को एक्सटेंशन के रूप में जोड़ने के बजाय सीधे ब्राउजर के अंदर प्लेस करता है। नया टैब पेज एक चैट विंडो और एक ट्रेडिशनल सर्च बार दोनों का काम करता है, जिससे यूजर्स वेबसाइट ब्राउज कर सकते हैं, एआई-जनरेटेड जवाब पा सकते हैं और रेगुलर सर्च रिजल्ट सब कुछ एक ही जगह कर सकते हैं। यूजर्स चैट इंटरफेस को छोड़े बिना लिंक, इमेज, वीडियो और समाचारों के बीच स्विच कर सकते हैं। चैटजीपीटी एटलस की सबसे बड़ी खासियत इसकी ऑप्शनल ब्राउजर मेमोरी है। कंपनी का कहना है कि यूजर्स के पास एआई द्वारा याद रखे जाने वाले कंटेंट को लेकर पूरा कंट्रोल होगा। वे डेटा क्लियर कर सकते हैं और प्राइवेटली ब्राउज भी कर सकते हैं। डिफॉल्ट रूप से, ब्राउजिंग सामग्री का इस्तेमाल मॉडल ट्रेनिंग के लिए तब तक नहीं किया जाएगा जब तक कि यूजर ऑप्ट-इन करने का विकल्प नहीं चुन लेते। एक और बड़ा अपग्रेड 'एजेंट मोड' की शुरुआत है, जो चैटजीपीटी को सीधे ब्राउजर के अंदर ही एक्शन लेने की अनुमति देता है। उदाहरण के लिए, यह टॉपिक पर रिसर्च कर सकता है, टैब खोल सकता है, डेटा निकाल सकता है, और यहां तक कि रेसिपी से शॉपिंग कार्ट बनाने के लिए इंस्टाकार्ट जैसी सर्विस के साथ इंटरैक्ट भी कर सकता है। प्रोडक्ट लीड एडम फ्राई ने बताया कि इसका मतलब है कि एटलस अब रिजर्वेशन या फ्लाइट बुक करने और यहां तक कि किसी भी डॉक्यूमेंट को एडिट करने में मदद कर सकता है। ब्राउजर में कर्सर चैट नाम से एक फीचर मिलता है, जो यूजर्स को किसी भी टेक्स्ट को हाइलाइट करने की सुविधा देता है। जैसे ईमेल को लेकर यूजर चैटजीपीटी से इसे रिराइट और रिफाइन करने की सुविधा पा सकता है। ऑल्टमैन ने एटलस को इंटरनेट के इस्तेमाल के एक नए तरीके की ओर एक कदम बताया, जहां चैट एक्सपीरियंस वेब नेविगेशन का एक स्वाभाविक हिस्सा बन जाता है। उन्होंने कहा, "हम उम्मीद करते हैं कि भविष्य में लोग जिस तरह से इंटरनेट का इस्तेमाल करेंगे, वेब ब्राउजर में चैट का एक्सपीरियंस एक बेहतरीन उदाहरण हो सकता है।"

दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का प्रकोपः वायु गुणवत्ता ‘बेहद खराब’ श्रेणी में पहुंची

नयी दिल्ली  हरियाणा के कुछ हिस्सों में बुधवार को वायु गुणवत्ता 'बेहद खराब' श्रेणी में दर्ज की गई, जबकि पड़ोसी राज्य पंजाब में यह 'खराब' श्रेणी में रही। वहीं, दिल्ली में हवा की गुणवत्ता जहरीली हो चुकी है। दिल्ली में सुबह नौ बजे दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 335 रहा, जो 'बहुत खराब' श्रेणी में आता है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, 0 से 50 के बीच AQI को 'अच्छा', 51 से 100 के बीच को 'संतोषजनक', 101 से 200 के बीच को 'मध्यम', 201 से 300 के बीच को 'खराब', 301 से 400 के बीच को 'बहुत खराब' तथा 401 से 500 के बीच को 'गंभीर' माना जाता है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, हरियाणा के रेवाड़ी जिले के धारूहेड़ा में सुबह नौ बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 382 रहा। नारनौल और जींद में भी AQI 367 रहा जो के 'बहुत खराब' श्रेणी में आता है। CPCB के समीर ऐप के अनुसार 'बहुत खराब' वायु गुणवत्ता वाले अन्य स्थानों में चरखी दादरी (362), रोहतक (358), यमुनानगर (347), फतेहाबाद (320) और बल्लभगढ़ (318) शामिल हैं। हरियाणा में 'खराब' एकक्यूआई वाले स्थानों में बहादुरगढ़ (272), गुरुग्राम (290), करनाल (243), भिवानी (298), फ़रीदाबाद (218), कैथल (237), करनाल (243), कुरूक्षेत्र (226) और सोनीपत (285) शामिल हैं। पंजाब के अमृतसर में सुबह नौ बजे AQI 253, जालंधर में 261, पटियाला में 207 और लुधियाना में 234 दर्ज किया गया। वहीं चंडीगढ़ में एकक्यूआई 169 दर्ज किया गया।   कोलकाता, हावड़ा में वायु गुणवत्ता ‘खराब' कोलकाता और हावड़ा शहर में बुधवार सुबह वायु गुणवत्ता ‘‘खराब'' रही। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। पश्चिम बंगाल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (डब्ल्यूबीपीसीबी) के एक अधिकारी ने बताया कि जादवपुर स्थित वायु निगरानी स्टेशन पर सुबह नौ बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 200 (पीएम 2.5) और बल्लीगंज में 141 (पीएम 2.5) था। सिंथी क्षेत्र में रवीन्द्र भारती विश्वविद्यालय में AQI 142 दर्ज किया गया जबकि कोलकाता के निकट स्थित न्यू टाउन में यह 165 था। उन्होंने बताया कि सुबह नौ बजे फोर्ट विलियम में वायु गुणवत्ता सूचकांक 150 था, जबकि निकटवर्ती हरित क्षेत्र विक्टोरिया में वायु गुणवत्ता सूचकांक 242 रहा। रवींद्र सरोवर वायु निगरानी स्टेशन पर सुबह नौ बजे AQI 128 दर्ज किया गया। मंगलवार को जादवपुर में AQI 207 था जबकि बल्लीगंज में यह 213 था, जो सोमवार आधी रात के क्रमशः 159 और 134 से काफी अधिक है। मंगलवार आधी रात को हावड़ा के बेलूर में वायु गुणवत्ता सूचकांक 213 था, जबकि हावड़ा के शिबपुर बॉटनिकल गार्डन क्षेत्र के कथित हरित बफर क्षेत्र में भी यह 195 था। हावड़ा के औद्योगिक शहर घुसुरी में सुबह नौ बजे AQI 179 दर्ज किया गया। वायु गुणवत्ता सूचकांक 151 से 200 के बीच ‘खराब', 201 से 300 के बीच ‘बहुत खराब' और 300 से ऊपर ‘गंभीर' श्रेणी में रखा जाता है। पर्यावरणविदों ने दावा किया कि सोमवार और मंगलवार को महानगर में आधी रात तक पटाखे फोड़े जाने के कारण हवा में महीन प्रदूषक कण घुल गए। डब्ल्यूबीपीसीबी के अधिकारी ने कहा, ‘‘AQI के बिगड़ने को सीधे तौर पर पटाखे फोड़ने से नहीं जोड़ा जा सकता। AQI पिछले साल से कम है। इसके अलावा नीरी द्वारा अनुमोदित हरित पटाखों का ज्यादातर इस्तेमाल किया गया।'' अधिकारी ने कहा, ‘‘AQI में किसी भी तरह की गिरावट के लिए मौसम को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है, क्योंकि बारिश या दक्षिणी हवाओं के अभाव में गर्म और आर्द्र परिस्थितियों के बीच प्रदूषक हवा में मौजूद रहते हैं…।'' उन्होंने कहा कि वे परिणामों का विश्लेषण कर रहे हैं। पर्यावरणविद् सोमेन्द्र मोहन घोष ने आरोप लगाया कि कोलकाता और हावड़ा में सोमवार और मंगलवार की शाम को आधी रात तक तेज आवाज वाले पटाखे फोड़े गए, जो पीसीबी द्वारा दी गई रात आठ बजे से 10 बजे तक की समय-सीमा से कहीं अधिक था।

प्रदूषण से बेहाल राजधानी, लेकिन कृत्रिम वर्षा अब भी अधर में

नई दिल्ली दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बहुत खराब स्तर पर पहुंच गया है। हवा की बहुत कम गति और पटाखों के कारण पलूशन के स्तर में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई। दिल्ली और उसके समीपवर्ती इलाकों में धुंध छाई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार, दीवाली के दिन यानी रविवार शाम 4 बजे एक्यूआई 345 दर्ज किया गया। दिल्ली का एक्यूआई मंगलवार को रात 10 बजे 344 अंक रिकॉर्ड किया गया। दिल्ली कृत्रिम बारिश का इंतजार कर रही है लेकिन इसके लिए भी एक मौसम का अनुकूल होना जरूरी है। कृत्रिम बारिश की तैयारी लेकिन किस बात का इंतजार? दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को कहा कि दिल्ली में पलूशन को काबू करने के लिए दिल्ली सरकार कृत्रिम बारिश कराने पर काम कर रही है। लेकिन ऐसा तभी किया जाएगा जब मौसम विभाग (IMD) बादलों और नमी की उपयुक्त स्थिति देखते हुए इसकी मंजूरी देगा। माना जा रहा है कि मौसम विभाग दिल्ली में कृत्रिम बारिश के लिए मंजूरी तभी देगा जब बादलों की आवाजाही भरपूर दिखेगी। दिल्ली एनसीआर से रूठे बदरा मौसम विभाग की मानें तो मौजूदा वक्त में दिल्ली एनसीआर से बादल रूठे हुए हैं। इस हफ्ते बादलों के आने की संभावनाओं के बारे में भी दावे के साथ कुछ नहीं कहा जा सकता है। ऐसे में कृत्रिम बारिश के लिए अनुकूल मौसम का इंतजार है। मौसम विभाग भी इसकी मंजूरी तभी देगा जब परिस्थितियां अनुकूल हों। अन्यथा यह प्रयास बेकार जाएगा। मजबूत पश्चिमी विक्षोभ से ही उम्मीद मौसम विभाग के अनुसार, ताजा पश्चिमी विक्षोभ बेहद कमजोर है। इसका मैदानी इलाकों पर प्रभाव नहीं देखा जाएगा। ऐसे में राहत के लिए दिल्ली का इंतजार बढ़ सकता है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मजबूत पश्चिमी विक्षोभ से ही दिल्ली एनसीआर में बारिश की उम्मीदें लगाई जा सकती हैं। ऐसे में नजरें मौसम के रुख पर रहेंगी। बादलों का इंतजार इससे पहले दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मंज़िंदर सिंह सिरसा ने भी कृत्रिम बारिश पर सरकार की योजना को दोहराया। लेकिन उनका कहना भी साफ था कि दिल्ली में कृत्रिम बारिश तभी कराई जा सकती है जब आसमान में बादलों की मौजूदगी हों। क्यों नहीं करा रहे कृत्रिम बारिश? सिरसा ने कहा कि लोग हमसे पूछ रहे हैं कि हम क्लाउड सीडिंग यानी कृत्रिम बारिश क्यों नहीं करा रहे हैं? मैं बताना चाहता हूं कि जब बादल आते हैं तब कृत्रिम बारिश कराई जाती है। ऐसे में जिस दिन बादल आएंगे हम कृत्रिम बारिश करा देंगे। ऐसे में अब दिल्ली पलूशन से निजात के लिए बादलों का इंतजार कर रही है। 675 पर PM2.5 का लेवल दिल्ली में मंगलवार को दिवाली के बाद बीते चार वर्षों में सबसे खराब वायु गुणवत्ता दर्ज की गई। दिवाली की रात प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ा और PM2.5 का लेवल 675 तक पहुंच गया। दिवाली के एक दिन बाद इसकी एक्यूआई रेड जोन में पहुंच गई। दिवाली को शाम 4 बजे दिल्ली का औसत AQI 345 के साथ बेहद खराब श्रेणी में रिकॉर्ड किया गया जबकि 2024 में यह 330, 2023 में 218, 2022 में 312 और 2021 में 382 रहा। दिल्ली में मंगलवार को एक्यूआई सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक 350 से ऊपर रहा।

दिल्लीवासियों के लिए बड़ी खबर: प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियां होंगी बंद

नई दिल्ली दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को रोकने के लिए सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। 1 नवंबर से राजधानी में प्रदूषण फैलाने वाले व्यावसायिक वाहनों (कमर्शियल व्हीकल्स) का प्रवेश पूरी तरह से बंद रहेगा। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) (सीएक्यूएम) ने शुक्रवार को यह फैसला लिया और आदेश दिया कि सभी बॉर्डर पॉइंट्स पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी ताकि कोई गाड़ी नियम तोड़कर न घुसे। सीएक्यूएम की 25वीं बैठक में यह तय किया गया कि अब दिल्ली में सिर्फ BS-VI, CNG, LNG या इलेक्ट्रिक गाड़ियां ही माल ढोने के लिए प्रवेश कर पाएंगी। हालांकि, दिल्ली में रजिस्टर्ड BS-IV श्रेणी की हल्की, मझोली और भारी गाड़ियां को थोड़ी राहत दी गई है। उन्हें 31 अक्तूबर 2026 तक अस्थायी रूप से चलने की अनुमति दी जाएगी। पराली जलाने पर अब सख्त कानूनी कार्रवाई सीएक्यूएम ने बताया कि पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश (एनसीआर क्षेत्र) और राजस्थान के जिलों के अधिकारियों को अब सीधा अधिकार दिया गया है कि अगर कोई अधिकारी पराली जलाने पर कार्रवाई नहीं करता, तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। इसका मकसद है कि खेतों में पराली जलाने की घटनाओं पर तुरंत रोक लगाई जा सके। पुरानी डीजल और पेट्रोल गाड़ियों पर फिलहाल राहत सीएक्यूएम ने यह भी कहा कि 10 साल पुरानी डीजल और 15 साल पुरानी पेट्रोल गाड़ियों को हटाने वाले अपने पुराने आदेश को फिलहाल स्थगित रखा जाएगा। ऐसा सुप्रीम कोर्ट के उस निर्देश के बाद किया गया है जिसमें अदालत ने इन गाड़ियों के मालिकों पर जबरदस्ती कार्रवाई रोकने के आदेश दिए हैं। सर्दियों के लिए एक्शन प्लान की समीक्षा बैठक में आयोग ने दिल्ली और एनसीआर राज्यों के विंटर एक्शन प्लान की भी समीक्षा की। पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश सरकारों को आदेश दिया गया है कि वे फसलों के अवशेष के प्रबंधन को और सख्ती से लागू करें और निगरानी बढ़ाएं ताकि प्रदूषण पर नियंत्रण रखा जा सके। ग्रीन पटाखों पर भी नियंत्रण के आदेश सीएक्यूएम ने सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश का जिक्र करते हुए कहा कि ग्रीन पटाखों की बिक्री केवल 18 से 20 अक्तूबर तक ही एनसीआर के चुने हुए स्थानों पर हो सकेगी। वहीं, पटाखे फोड़ने की अनुमति सिर्फ दिवाली की रात और उसके पहले की शाम कुछ तय घंटों में ही होगी। CPCB और राज्य बोर्ड करेंगे निगरानी केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों को निर्देश दिया गया है कि वे 14 से 25 अक्तूबर के बीच वायु गुणवत्ता पर नजर रखें। इसके साथ ही उन इलाकों से रेत और पानी के सैंपल भी लिए जाएंगे जहां पटाखों का अधिक उपयोग होता है। सभी एजेंसियों को कहा गया है कि वे ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के तहत प्रदूषण नियंत्रण उपायों की लगातार समीक्षा करें। और उन्हें सख्ती से लागू करें ताकि सर्दियों में दिल्ली की हवा और जहरीली न बने।

स्कूलों में जल्द शुरू होगी AI एजुकेशन, जानें शिक्षा मंत्रालय की योजना

नई दिल्ली  आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की धमक अब दुनिया भर में महसूस की जा रही है-और भारत भी इससे अछूता नहीं रहना चाहता। लंबे समय से स्कूल शिक्षा में AI को शामिल करने की मांग उठ रही थी, जिसे लेकर अब केंद्र सरकार ने कमर कस ली है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय देशभर के स्कूलों में कक्षा 3 से AI एजुकेशन लागू करने की रूपरेखा तैयार कर रहा है। माना जा रहा है कि ये बदलाव शैक्षणिक सत्र 2025-26 से नजर आने लगेंगे। सभी विषयों के छात्रों के लिए होगी AI शिक्षा मंत्रालय की योजना के तहत AI एजुकेशन केवल तकनीकी या विज्ञान के छात्रों तक सीमित नहीं रहेगी। कक्षा 3 से ऊपर की सभी कक्षाओं के छात्रों को AI की मूल समझ दी जाएगी। यानी हर विषय के विद्यार्थी को इसका हिस्सा बनना होगा। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि AI एजुकेशन को अनिवार्य बनाया जाएगा या वैकल्पिक रखा जाएगा। स्कूल शिक्षा सचिव ने दी अहम जानकारी PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, स्कूल शिक्षा सचिव संजय कुमार ने हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि आने वाले दो से तीन वर्षों में छात्रों और शिक्षकों को AI तकनीक से जोड़ने के लिए तेजी से कदम उठाने होंगे। उन्होंने बताया कि देशभर के एक करोड़ से अधिक शिक्षकों को AI शिक्षा से प्रशिक्षित करना बड़ी चुनौती होगी। इस दिशा में एक पायलट प्रोजेक्ट पहले से चल रहा है, जिसके तहत शिक्षकों को पाठ योजनाएं तैयार करने में AI टूल्स का इस्तेमाल सिखाया जा रहा है। लक्ष्य है- शिक्षक और शिक्षार्थी, दोनों को डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए तैयार करना। फिलहाल 9वीं से 12वीं तक वैकल्पिक विषय के रूप में इस समय AI एजुकेशन केवल CBSE स्कूलों में शामिल है। देशभर के 18,000 से अधिक CBSE स्कूलों में कक्षा 6 के बाद 15 घंटे का AI स्किल मॉड्यूल उपलब्ध है। वहीं कक्षा 9 से 12 तक AI एक वैकल्पिक विषय के रूप में पढ़ाया जा रहा है।   खत्म हो जाएंगी नौकरियां नीति आयोग की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, AI के बढ़ते उपयोग से करीब 20 लाख पारंपरिक नौकरियां समाप्त हो सकती हैं। लेकिन, अगर देश में सही AI इकोसिस्टम तैयार हो जाए, तो करीब 80 लाख नई नौकरियां पैदा हो सकती हैं। यानी, आने वाला समय सिर्फ पढ़ाई ही नहीं- रोज़गार की दिशा भी बदलने वाला है।  

शराब के शौकीनों के लिए खबर: दिल्ली में आज कोई दुकान नहीं खुलेगी

नई दिल्ली दिवाली के पावन पर्व के अवसर पर आज दिल्ली में शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। दिल्ली सरकार के आबकारी विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि सोमवार को राजधानी में किसी भी शराब की दुकान को संचालित करने की अनुमति नहीं होगी। यह निर्णय त्योहार के दौरान शांति और मर्यादा बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है। विभाग ने सभी शराब विक्रेताओं को निर्देश दिया है कि वे इस आदेश का सख्ती से पालन करें। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। उल्लेखनीय है कि दिल्ली में हर साल त्योहारों के दौरान शराब की बिक्री पर रोक लगाने की परंपरा रही है, ताकि उत्सव का माहौल शांतिपूर्ण रहे। नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे इस नियम का सम्मान करें।  

दिल्ली ब्रह्मपुत्र अपार्टमेंट में भीषण आग, राज्यसभा सांसदों के घरों में हड़कंप

नई दिल्ली  दिल्ली में बड़ा हादसा हो गया है। यहां ब्रह्मपुत्र अपार्टमेंट में भीषण आग लग गई है। घटना की सूचना मिलते ही दमकल की 6 गाड़ियों को मौके पर भेज दिया गया है। जानकारी के मुताबिक जिस जगह ये आग लगी है वहा सांसदों के आवास बताए जा रहे हैं। हालांकि ये आग कैसे लगी, इस बारे में अभी कोई जानकारी नहीं है। रिपोर्ट के मुताबिक इस बिल्डिंग का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2020 में किया था। इसमें कई राज्यसभा सांसदों के घर होने की खबर भी सामने आ रही है। जानकारी के मुताबिक ब्रह्मपुत्र अपार्टमेंट्स राज्यसभा सांसदों के लिए एक आवासीय परिसर है, जो नई दिल्ली में डॉ. बिशम्भर दास मार्ग पर स्थित है। आग लगने के बाद वहां रह रहे लोगों में दहशत फैल गई है। आग बिल्डिंग की ऊपरी मंजिलों में से एक में लगी है, जिससे निवासियों में दहशत फैल गई। ये संसद से केवल 200 मीटर की दूरी पर बताई जा रही है। उधर तृणमूल कांग्रेस के सांसद साकेत गोखले ने भी इस घटना को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स जानकारी दी और मौके पर दमकल की गाड़ियों की अनुपलब्धता पर चिंता जताते हुए दिल्ली की बीजेपी पर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा, दिल्ली के बीडी मार्ग स्थित ब्रह्मपुत्र अपार्टमेंट में भीषण आग लग गई है। सभी निवासी राज्यसभा सांसद हैं। यह इमारत संसद भवन से 200 मीटर की दूरी पर है। 30 मिनट से कोई दमकल नहीं आई है। आग अभी भी जल रही है और बढ़ती जा रही है। बार-बार कॉल करने के बावजूद दमकल की गाड़ियां गायब हैं। दिल्ली सरकार, कुछ तो शर्म करो।  

खुशखबरी! दिवाली से पहले डाक कर्मियों के खाते में आएगा दोगुना बोनस

नई दिल्ली  त्योहारों का मौसम आते ही कर्मचारियों के चेहरे पर खुशियों की लहर दौड़ जाती है। इस बार केंद्र सरकार ने डाक विभाग के कर्मचारियों के लिए दिवाली गिफ्ट का ऐलान किया है। वित्त वर्ष 2024-25 के लिए पोस्ट ऑफिस ने उत्पादकता आधारित बोनस (PLB) को मंजूरी दे दी है, जो राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद जारी किया गया। इसके तहत कर्मचारियों को दो महीने की सैलरी के बराबर बोनस मिलेगा। किन कर्मचारियों को मिलेगा फायदा इस बोनस का लाभ ग्रुप C, मल्टी-टास्किंग स्टाफ (MTS), अराजपत्रित ग्रुप B, ग्रामीण डाक सेवक (GDS) और पूर्णकालिक आकस्मिक श्रमिकों को मिलेगा। इस कदम से लाखों कर्मचारियों को आर्थिक मदद मिलेगी और त्योहार की खुशियां दोगुनी हो जाएंगी। बोनस कर्मचारियों के उत्साह और उमंग को भी बढ़ाएगा। बोनस की गणना का तरीका बोनस की राशि कर्मचारियों के औसत वेतन के आधार पर तय होगी। नियमित कर्मचारियों के लिए फॉर्मूला इस प्रकार रहेगा: औसत वेतन × 60 दिन ÷ 30.4 इस गणना में बेसिक पे, महंगाई भत्ता (DA), विशेष भत्ता, ड्यूटी भत्ता और ट्रेनिंग भत्ता शामिल होंगे। बोनस की अधिकतम वेतन सीमा ₹7,000 प्रति माह तय की गई है। ग्रामीण डाक सेवकों के लिए बोनस की राशि उनके टाइम-रिलेटेड कंटीन्यूटी अलाउंस (TRCA) और महंगाई भत्ते के आधार पर तय की जाएगी।

दिल्ली में प्रदूषण अलर्ट: दिवाली से पहले हवा हुई ‘बहुत खराब’, ये लोग रहें सावधान

नई दिल्ली दिल्ली में दिवाली से पहले ही लोगों का प्रदूषण से दम घुटने लगा है। दिल्ली में शनिवार सुबह कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 300 के पार रहा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, सुबह 11 बजे तक आनंद विहार में सबसे अधिक वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 387 दर्ज किया गया, जोकि 'बहुत खराब' श्रेणी है। बवाना में एक्यूआई 312 दर्ज किया गया। बढ़ते वायु प्रदूषण के बारे में चिंता जताते हुए, गाजियाबाद के पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. शरद जोशी ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, "एक्यूआई में काफी वृद्धि हुई है। यह सीओपीडी, अस्थमा या तपेदिक जैसे रोगों का इतिहास रखने वाले लोगों के लिए श्वसन संबंधी समस्याओं को बढ़ाता है, जिससे खांसी, बुखार, सांस फूलना और सीने में दर्द जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।" उन्होंने खराब वायु गुणवत्ता से बचाव के लिए सभी को बाहरी गतिविधियों के दौरान एन-95 या डबल सर्जिकल मास्क पहनने की सलाह दी है। सीपीसीबी के अनुसार, सुबह 11 बजे आईजीआई हवाई अड्डा (टी3) में (206), बुराड़ी क्रॉसिंग (272), चांदनी चौक (261), आईटीओ (274), लोधी रोड पर (200) एक्यूआई दर्ज किया गया। जानें एक्यूआई रीडिंग के मानक एक्यूआई रीडिंग को अच्छा (0-50), संतोषजनक (51-100), मध्यम प्रदूषित (101-200), खराब (201-300), बहुत खराब (301-400), और गंभीर (401-500) श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है।