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शीतकालीन व बजट सत्र दिल्ली से बाहर करने की मांग तेज, सांसद ने दिए नए विकल्प

नई दिल्ली  बीजू जनता दल के सांसद मानस रंजन मंगराज ने मांग की है कि संसद का सत्र दिल्ली से बाहर लगना चाहिए। उन्होंने कहा कि दिल्ली में पलूशन हर साल बहुत अधिक रहता है। ऐसी स्थिति में संसद का शीतकालीन सत्र और बजट सत्र दिल्ली से बाहर लगना चाहिए। उन्होंने कहा कि दिल्ली में हर साल ही हवा खराब हो जाती है और यह आपदा मानव जनित है। शून्य काल के दौरान ओडिशा के सांसद ने कहा कि दिल्ली में पलूशन हर साल ही बढ़ रहा है। इससे निपटने के लिए ओडिशा जैसा फॉर्मूला अपनाना चाहिए। मानस मंगराज ने कहा कि ओडिशा में प्राकृतिक आपदाओं से हर साल ही सरकार निपटती है और कभी कोई बड़ा संकट सामने नहीं आता। उन्होंने कहा, 'हम ओडिशा से आते हैं। एक ऐसा राज्य जहां अकसर चक्रवात आते हैं और बाढ़ आती है। इसके अलावा अन्य आपदाएं भी आती हैं। इनसे हम नियमित तौर पर निपटते हैं। इसलिए हम समझते हैं कि दिल्ली में यह कैसा संकट है। लेकिन दिल्ली का संकट हमें परेशान करता है।' उन्होंने कहा कि दिल्ली में सांसदों को पलूशन का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा संसद सदस्यों के साथ लगे कर्मचारियों को भी इसका सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि हम इन लोगों की परेशानी को नजरअंदाज नहीं कर सकते। यह सामान्य नहीं है, जिसे नजरअंदाज कर दिया जाए। मानस मंगराज ने कहा कि ऐसे कई शहर हैं, जहां की हवा साफ है। ऐसी स्थिति में वहां पर संसद का सेशन चलाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर, हैदराबाद, गांधीनगर, बेंगलुरु, गोवा और देहरादून में सत्र चला सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि चक्रवात की स्थिति में ओडिशा से कुछ घंटों के अंदर ही लाखों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सकता है तो फिर भारत सरकार भी लोगों की सेहत का ध्यान रखने के लिए सांसदों और अन्य स्टाफ को दूसरी लोकेशन पर ले जा सकती है। उन्होंने कहा कि मेरे प्रस्ताव में किसी तरह की राजनीति नहीं है। यह हमारे जीवन और गरिमा का प्रश्न है। उन्होंने कहा कि संसद से ही यह राह निकलनी चाहिए, जिससे संदेश जाए कि जीवन का अधिकार सबसे अहम है। उन्होंने कहा कि हर साल ही दिल्ली में सर्दियां ऐसी रहती हैं। इसके लिए कुछ ऐक्शन प्लान बनाना ही होगा।

दिल्ली-NCR में तैयार हुआ देसी ‘आयरन डोम’, इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस सिस्टम से दुश्मन को मिलेगी कड़ी चुनौती

नई दिल्ली देश की राजधानी दिल्ली को दुश्मन के हवाई खतरों से बचाने के लिए एक अभेद्य सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है. दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) को मिसाइलों, ड्रोनों और तेज गति वाले विमानों से सुरक्षित करने के लिए स्वदेशी इंटीग्रेटिड एयर डिफेंस वेपन सिस्‍टम (IADWS) की तैनाती की जा रही है. IADWS एक मल्‍टी-लेयर एयर डिफेंस सिस्‍टम है. रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन यानी DRDO ने इसके तहत कुल तीन प्रमुख सिस्‍टम विकसित किए हैं। पहला- क्विक रिएक्शन सरफेस टू एयर मिसाइल (QRSAM), दूसरा- एडवांस्ड वेरी शॉर्ट रेंज एयर डिफेंस सिस्टम (VSHORADS) और तीसरा- डायरेक्टेड एनर्जी वेपन (DEW)। यह कदम तब उठाया जा रहा है जब पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर (मई 2025) के दौरान देश को कथित तौर पर निशाना बनाने की कोशिश की थी. एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार पहले भारत अमेरिकी NASAMS-II खरीदने की योजना बना रहा था, लेकिन कीमत काफी ज्‍यादा होने के कारण स्वदेशी प्रणाली को प्राथमिकता दी गई. 1. क्विक रिएक्शन सरफेस टू एयर मिसाइल (QRSAM) • खासियत: यह एक कैनिस्टर-आधारित मिसाइल प्रणाली है. यह एक मोबाइल सिस्‍टम है, जिसका मतलब है कि इसे तेजी से एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जा सकता है. यह प्रणाली पहला निशाना दागने में बहुत कम समय लेती है. • रेंज: QRSAM की मारक क्षमता लगभग 25 से 30 किलोमीटर तक है. यह कम दूरी पर मौजूद विमानों और ड्रोनों के लिए एक घातक हथियार है. • फायदे: यह दुश्मन के कम-ऊंचाई वाले विमानों और क्रूज मिसाइलों को तुरंत नष्ट कर सकती है. इसकी त्वरित प्रतिक्रिया इसे अचानक हमले से बचाव के लिए आदर्श बनाती है. 2. एडवांस्ड वेरी शॉर्ट रेंज एयर डिफेंस सिस्टम (VSHORADS) • खासियत: VSHORADS एक पोर्टेबल (Portable) मिसाइल प्रणाली है. इसे एक व्यक्ति या छोटे समूह द्वारा कंधे पर रखकर भी संचालित किया जा सकता है. यह पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में सैन्य टुकड़ियों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए डिज़ाइन की गई है. • रेंज: इसकी मारक क्षमता बहुत कम दूरी की होती है, आमतौर पर 6 से 8 किलोमीटर तक. यह कम ऊंचाई पर उड़ने वाले खतरों के लिए सटीक है. इसे रिसर्च सेंटर इमारात (RCI) द्वारा विकसित किया गया है. • फायदे: यह दुश्मन के हेलिकॉप्टरों और छोटे यूएवी (ड्रोन) को नजदीक आने से पहले ही मार गिराती है. इसकी स्वदेशी इन्फ्रारेड होमिंग तकनीक इसे अत्यधिक प्रभावी बनाती है. 3. डायरेक्टेड एनर्जी वेपन (DEW) – लेजर तकनीक • खासियत: यह हाई-पावर वाली लेजर-आधारित प्रणाली है. इसे सेंटर फॉर हाई एनर्जी सिस्टम्स एंड साइंसेज (CHESS) द्वारा विकसित किया गया है. यह प्रणाली परंपरागत मिसाइलों के विपरीत, किरणों का उपयोग करके लक्ष्य को नष्ट करती है. • रेंज: DEW की रेंज लक्ष्य और लेजर की शक्ति पर निर्भर करती है, लेकिन यह ड्रोन जैसे खतरों को करीबी से मध्यम दूरी पर निष्क्रिय कर सकती है. • फायदे और कीमत: यह प्रणाली गोला-बारूद पर निर्भर नहीं करती. इसका मुख्य लाभ यह है कि प्रति-शॉट लागत बहुत कम होती है. ऐसा इसलिए क्योंकि यह बिजली का उपयोग करती है. यह सैकड़ों ड्रोनों को तेजी से बेअसर कर सकती है, जिससे पारंपरिक मिसाइलों की हाई-कॉस्‍ट बचती है. IADWS की शक्ति और सफल परीक्षण IADWS का नियंत्रण एक केंद्रीय कमांड और नियंत्रण केंद्र द्वारा किया जाता है. 23 अगस्त 2025 को ओडिशा के तट पर इसका सफल परीक्षण किया गया था. परीक्षण के दौरान, QRSAM, VSHORADS और हाई एनर्जी लेजर ने एक साथ तीन अलग-अलग लक्ष्यों (दो तेज गति वाले यूएवी और एक मल्टी-कॉप्टर ड्रोन) को अलग-अलग रेंज और ऊंचाई पर नष्ट कर दिया था. भारतीय वायु सेना (IAF) को इस महत्वपूर्ण परियोजना की जिम्‍मेदारी दी गई है. यह प्रणाली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की रक्षा करेगी. DRDO उत्पादन एजेंसियों के साथ मिलकर नेटवर्किंग और कमांड एवं नियंत्रण प्रणालियों पर काम कर रहा है.

पर्यटन और सुशासन को गति देने दिल्ली में शुरू हुआ बड़ा मिशन: रेखा गुप्ता का बयान चर्चा में

नई दिल्ली  दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को कहा कि राजधानी की वैश्विक छवि का पुनर्निर्माण करने और पर्यटन को मजबूत करने के लिए बड़े बदलाव किए जा रहे हैं। गुप्ता ने जोर देकर कहा कि काफी समय से लंबित व्यवस्थागत समस्याओं का समन्वित शासन के माध्यम से अंततः समाधान किया जा रहा है। गुप्ता ने कहा कि ‘विकसित दिल्ली, विकसित पर्यटन' की परिकल्पना दिल्ली को ऐसी विश्व स्तरीय राजधानी के रूप में स्थापित करने की सरकार की नयी प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जो पर्यटकों में भरोसा पैदा करती हो। उन्होंने कहा कि कई वर्षों से स्वीकृतियों की बहुलता जैसी पुरानी समस्याओं ने दिल्ली की आर्थिक और पर्यटन क्षमता को धीमा कर दिया था, लेकिन शासन में बेहतर तालमेल के कारण अब ये बाधाएं दूर हो रही हैं। गुप्ता ने यहां एक शिखर सम्मेलन में मीडिया से कहा, ‘‘आज हम इन समस्याओं का समाधान कर सकते हैं क्योंकि भाजपा तीनों स्तरों पर सरकार में है। इस मुकाम तक पहुंचने में हमें 27 साल लग गए। हमारे पास लंबे समय से चली आ रही कठिनाइयों को दूर करने का अंतत: अब अवसर है।'' उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ‘‘लोगों और व्यवस्था की समस्याओं को पूरी तरह समझते हैं।'' गुप्ता ने हाल में हुए प्रशासनिक सुधारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सरकार ने प्रतिष्ठानों के लिए पुलिस लाइसेंस समाप्त कर दिए हैं और वह अब तृतीय-पक्ष ऑडिट के माध्यम से अग्नि सुरक्षा लाइसेंस जारी करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि इस बदलाव का उद्देश्य एकाधिकार को समाप्त करना और देरी को कम करना है। उन्होंने कहा, ‘‘हम व्यवस्था को सरल बनाने के लिए काम कर रहे हैं ताकि व्यवसाय और पर्यटन क्षेत्र अनावश्यक बाधाओं के बिना विकसित हो सकें।''   

वीर सावरकर अवॉर्ड पर शशि थरूर का खुलासा—क्या कांग्रेस सांसद होंगे सम्मानित?

नई दिल्ली  कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने मंगलवार को एक ट्वीट के जरिए यह खुलासा किया है कि उन्हें दिल्ली में आज दिए जाने वाले “वीर सावरकर अवॉर्ड” के बारे में न तो कोई आधिकारिक सूचना मिली है और न ही उन्होंने इसे स्वीकार किया है। थरूर ने लिखा कि उन्हें केवल मीडिया रिपोर्टों से पता चला कि उनका नाम पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं में शामिल किया गया है। थरूर ने बताया कि वे स्थानीय निकाय चुनावों में मतदान के लिए केरल गए थे, जहां उन्हें पहली बार इस अवॉर्ड के बारे में मीडिया से पता चला। उन्होंने कहा, “मैं न इस अवॉर्ड से अवगत था, न ही इसे स्वीकार किया है। आयोजकों द्वारा मेरी सहमति के बिना मेरा नाम घोषित करना पूरी तरह गैर-जिम्मेदाराना है।” उन्होंने कहा, “अवॉर्ड की प्रकृति, आयोजकों या किसी भी संदर्भ के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई। ऐसे में कार्यक्रम में भाग लेने या अवॉर्ड स्वीकार करने का प्रश्न ही नहीं उठता।” आपको बता दें कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर अक्सर सुर्खियों में रहते हैं। हाल ही में उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के लिए आयोजित राजकीय भोज में “गर्मजोशी भरा और आत्मीय” माहौल था तथा कई लोगों से बातचीत करना आनंददायक था। थरूर की यह टिप्पणी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा पुतिन के सम्मान में दिए गए भोज के एक दिन बाद आई थी। थरूर ने शनिवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, "शुक्रवार रात राष्ट्रपति पुतिन के लिए राष्ट्रपति भवन में आयोजित भोज में शामिल हुआ। माहौल बेहद गर्मजोशी भरा और आत्मीय था। वहां उपस्थित कई लोगों से बातचीत करने का आनंद लिया, खासतौर पर रूसी प्रतिनिधिमंडल से आए साथी बेहद अच्छे थे।’’  

लोकसभा में सुले के तीखे सवाल: महाराष्ट्र के चुनाव आयोग पर उठाए गंभीर सवाल

नई दिल्ली राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की सांसद सुप्रिया सुले ने मंगलवार को लोकसभा में चुनाव आयोग की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग अब तटस्थ नहीं रह गया है, भ्रष्टाचार और हिंसा को रोकने में नाकाम रहा है, और सिस्टम में मौजूद खामियों को नजरअंदाज कर रहा है, जो लोकतंत्र के लिए खतरा है। लोकसभा में चुनाव सुधार पर चर्चा के दौरान सुले ने कहा कि आम जनता का चुनाव आयोग से भरोसा कम हो गया है। लोग मानने लगे हैं कि आयोग अब निष्पक्ष नहीं रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग नफरत फैलाने वाले भाषणों को रोकने में असफल रहा और डिजिटल दुनिया में फैल रही झूठी खबरें, डीपफेक और लक्षित प्रचार को रोक नहीं पा रहा। सुले ने कहा कि चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति भी राजनीतिक झुकाव वाली होती जा रही है, जिससे संस्था की विश्वसनीयता कमजोर हो रही है। उनका कहना है कि राजनीतिक पार्टियां रोजाना खर्च की सीमा को तोड़ती हैं और आयोग इससे आंखें मूंद लेता है। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि चुनावी गलतियां खासकर शहरी गरीबों, प्रवासियों और हाशिए पर रहने वाले समूहों को प्रभावित करती हैं। उन्होंने वीवीपीएटी सत्यापन प्रक्रिया की भी आलोचना की और कहा कि यह बहुत सीमित और अपारदर्शी है। अधिकारियों के तबादले भी अक्सर राजनीतिक लगाव वाले लगते हैं। सुले ने तंज कसते हुए कहा, "क्या चुनाव आयोग लोकतंत्र की रक्षा करेगा, या लोकतंत्र को खुद अपनी रक्षा करनी पड़ेगी?" सुले ने महाराष्ट्र की हालिया पंचायत चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि स्थिति बहुत ही गंभीर थी। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में खुलेआम कैश बांटा गया। उ उन्होंने यह भी कहा कि नामांकन और नाम वापसी में गड़बड़ी की गई, हिंसा रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई, वाहनों को तोड़ा गया, बंदूकें दिखाई गईं, और ईवीएम के लॉक तक तोड़े गए। उन्होंने कहा, "महाराष्ट्र में कोई चुनाव आयोग नहीं है।" सुले ने साफ किया कि चुनाव आयोग को लोकतंत्र का तटस्थ रक्षक बनना चाहिए, न कि सरकार का सहायक।

किसकी मेहंदी में पहुंचीं थीं जया किशोरी?, मेहंदी लगाए नजर आईं, तेजी से तस्वीर हो रही वायरल

नई दिल्ली  जया किशोरी एक प्रसिद्ध मोटिवेशनल स्पीकर और कथावाचक हैं, जो अपने वीडियोस के जरिए सोशल मीडिया पर भी खूब लोकप्रिय हैं। सोशल मीडिया पर हाल ही में जया किशोरी की एक तस्वीर तेजी से वायरल हुई, जिसमें वह मेहंदी लगवाती नजर आ रही हैं। फोटो देखते ही कई लोगों ने यह मान लिया कि शायद जया किशोरी की शादी हो रही है। हालांकि यह अनुमान बिल्कुल गलत साबित हुआ। यह मेहंदी समारोह जरूर था, लेकिन किसी और का और जया किशोरी सिर्फ गेस्ट के तौर पर शामिल हुई थीं। किसकी मेहंदी में पहुंचीं थीं जया किशोरी? यह तस्वीर कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय की मेहंदी सेरेमनी की है। वे प्रसिद्ध कथावाचक कृष्णचंद शास्त्री ठाकुर के बेटे हैं। इस समारोह में कई अतिथि पहुंचे थे, जिनमें जया किशोरी भी शामिल थीं। उन्होंने भी मेहंदी लगवाई, जिसकी तस्वीर अब सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रही है। जया किशोरी की मेहंदी डिजाइन क्यों बनी चर्चा का विषय? फोटो में देखा जा सकता है कि मेहंदी आर्टिस्ट जया किशोरी की हथेली के मध्य में एक खूबसूरत गोल फूल जैसा डिजाइन बना रही हैं। यह डिजाइन मंडला पैटर्न पर आधारित है, जिसमें बीच में छोटा सा सर्कल और उसके चारों ओर पंखुड़ियों जैसी बारीक आकृतियां बनाई गई हैं। हल्की अरबीक स्टाइल की रेखाएं और छोटे-छोटे डॉट्स इस मेहंदी को बेहद सरल, सुघड़ और आकर्षक बनाते हैं।

राउज एवेन्यू कोर्ट का सोनिया गांधी को नोटिस, 1980 वोटर लिस्ट में बिना नागरिकता नाम जोड़ने का सवाल

नई दिल्ली दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी को नोटिस जारी किया है। यह मामला 1980 की मतदाता सूची में उनके नाम के कथित अनधिकृत रूप से जुड़ा होने को लेकर है। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि यह र्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल और जालसाजी का मामला हो सकता है। अदालत 6 जनवरी 2026 को मामले पर अगली सुनावाई करेगी। यह विवाद 1980 के मतदाता पंजीकरण से जुड़ा है। शिकायतकर्ता का कहना है कि सोनिया गांधी का नाम 1980 में नई दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र की वोटर लिस्ट में दर्ज किया गया था, जबकि उन्होंने भारतीय नागरिकता अप्रैल 1983 में प्राप्त की थी। उनका यह भी कहना है कि 1982 में उनका नाम हटाया गया और 1983 में नागरिकता के बाद फिर जोड़ा गया, जोकि संदिग्ध है। कोर्ट ने सोनिया गांधी को भेजा नोटिस यह विवाद दशकों पुराना है लेकिन हाल ही में फिर से सुर्खियों में आया है। याचिकाकर्ता विकास त्रिपाठी ने सितंबर 2025 में मजिस्ट्रेट कोर्ट में शिकायत दर्ज की थी, जिसमें सोनिया गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और जांच की मांग की गई थी। मजिस्ट्रेट वैभव चौरसिया ने 11 सितंबर को इस शिकायत को खारिज कर दिया था। लेकिन इसके बाद विकास त्रिपाठी ने रिवीजन पिटीशन दाखिल की। इसपर दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सुनवाई करते हुए सोनिया गांधी और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई जनवरी में होगी। ये है मामला याचिकाकर्ता विकास त्रिपाठी के अनुसार, सोनिया गांधी का नाम नई दिल्ली लोकसभा क्षेत्र की 1980 की मतदाता सूची में शामिल किया गया था। लेकिन उन्होंने 30 अप्रैल 1983 को भारतीय नागरिकता प्राप्त की थी। इस याचिका में सवाल किया गया है कि जब नागरिकता तीन साल बाद मिली तो 1980 में उनका नाम वोटर लिस्ट में कैसे शामिल हुआ। याचिकाकर्ता विकास त्रिपाठी का कहना है कि किसी गैर-नागरिक का नाम वोटर लिस्ट में शामिल करना अपराध है और इस मामले की जांच की जाए कि क्या इसके लिए फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया गया था। इस मामले में उन्होंने जालसाजी की आशंका भी जताई है।  

रोड रेज का खौफनाक अंजाम: साइड देने को लेकर विवाद में DTC चालक की बेरहमी से हत्या

नई दिल्ली  दिल्ली के अमन विहार इलाके में शनिवार रात करीब 11:20 बजे लोगों के समूह ने एक DTC बस ड्राइवर को इतना बुरी तरह पीटा कि उसकी मौत हो गई। बताया जाता है कि डीटीसी बस ड्राइवर का शादी समारोह में आए एक अल्टो कार चालक से साइड देने को लेकर कहासुनी हो गई। इसके बाद अल्टो कार चालक ने अपने साथियों को बुला लिया। इन लोगों ने बस ड्राइवर को इतना बुरी तरह पीटा कि उसकी मौत हो गई।   प्राप्त जानकारी के मुताबिक, शनिवार रात को करीब 11:20 बजे एक बारात सड़क से गुजर रही थी। इसी दौरान डीटीसी बस ड्राइवर विकास वाहन लेकर गुजर रहा था। बारात के कारण संकरी सड़क पर रास्ता देने को लेकर बस ड्राइवर की कार चालक से कहासुनी हो गई। इसके बाद हालात तब बिगड़ गए जब कार ड्राइवर ने अपने रिश्तेदारों को भी मौके पर बुला लिया। देखते ही देखते बवाल बढ़ गया। कार ड्राइवर के गुट ने डीटीसी बस ड्राइवर विकास पर हमला बोल दिया। सभी बस ड्राइवर को बुरी तरह पीटने लगे। एक राहगीर सूरज ने बीच बचाव की कोशिश की तो भीड़ ने उस पर भी हमला कर दिया। उपद्रवी गुट के हमले में बस ड्राइवर विकास और राहगीर सूरज दोनों घायल हो गए। दोनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां बाद में विकास की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि उसे शनिवार रात करीब 11:20 बजे एक बारात के पास झगड़े की खबर मिली। कॉल अमन विहार थाने में रजिस्टर की गई। स्थानीय पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने पाया कि संकरी सड़क पर रास्ता देने को लेकर डीटीसी बस ड्राइवर और कार चालक में झगड़ा हुआ था। कार चालक के गुट ने बस ड्राइवर की बेरहमी से पिटाई की। हमलावरों ने बीच बचाव करने वाले को भी पीट दिया। दोनों को एसजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां से बाद में DTC ड्राइवर को सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया गया। बीच-बचाव करने वाले एक राहगीर सूरज को भी चोटें आईं। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। एक आरोपी राहुल को गिरफ्तार कर लिया है। बाकी फरार हैं। उन्हें पकड़ने के लिए पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं। कुल 4 आरोपियों की पहचान की गई है। कंडक्टर उमेश के बयान के आधार पर केस दर्ज किया गया है।  

‘बर्बाद करके ही छोड़ेंगे?’ दिल्ली में 95 मोहल्ला क्लीनिक बंद होने से भड़की AAP

नई दिल्ली  दिल्ली में 200 मोहल्ला क्लीनिक बंद होने के बाद 95 और पर ताला लगने वाला है। दिल्ली सरकार के इस फैसले के बाद से आम आदमी पार्टी भड़क गई। पार्टी ने एक्स पर लिखा कि रेखा गुप्ता सरकार दिल्ली की स्वास्थ्य व्यवस्था को बर्बाद करके ही दम लेगी। इसके अलावा पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि मेट्रो स्टेशनों और मॉल्स में प्रीमियम शराब के शोरूम खोलने की योजना है और राजधानी में मोहल्ला क्लीनिक बंद कर दिए जाएंगे। आम आदमी पार्टी ने रेखा गुप्ता सरकार पर हमला करते हुए लिखा कि रेखा गुप्ता सरकार दिल्ली की शानदार स्वास्थ्य व्यवस्था को बर्बाद करके ही दम लेगी। वह अभी तक 200 से ज्यादा मोहल्ला क्लीनिक बंद कर चुकी है और अब 95 और बंद करने जा रही है। BJP सरकार नहीं चाहती है कि किसी को भी मुफ्त इलाज और दवा मिले। जिससे लोग प्राइवेट अस्पतालों में इलाज के लिए जाएं और बीजेपी के चहेते स्वास्थ्य माफियाओं को फायदा पहुंचे। आम आदमी पार्टी (AAP) ने शुक्रवार को आरोप लगाया था कि बीजेपी के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार अरविंद केजरीवाल सरकार के समय बने 95 और मोहल्ला क्लिनिकों को बंद करने जा रही है, जबकि मेट्रो स्टेशनों और मॉल्स में प्रीमियम शराब के शोरूम खोलने की योजना बनाई जा रही है। AAP की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने सवाल किया कि अब वे मरीज कहां इलाज और दवाएं लेने जाएंगे जो इन क्लिनिकों पर निर्भर थे। भारद्वाज ने दावा किया, "सरकार ने पहले किराए की जगह पर चल रहे क्लिनिक बंद किए, फिर वे जो अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं के एक किलोमीटर के दायरे में थे, और बाद में 1.6 किलोमीटर के दायरे में आने वाले क्लिनिक बंद किए, जो यह दिखाता है कि उनका इरादा मोहल्ला क्लिनिकों को पूरी तरह खत्म करना है। वहीं, दूसरी ओर मॉल्स और मेट्रो स्टेशनों पर बड़े, आकर्षक शराब शोरूम को बढ़ावा दिया जा रहा है।" उन्होंने आगे कहा, "सरकार को शराब पीने वालों की चिंता है। वे चाहते हैं कि शराब की दुकानें और शोरूम हर जगह, यहाँ तक कि हर मेट्रो स्टेशन और मॉल में दिखाई दें। शराब पीने वालों को कोई असुविधा नहीं होनी चाहिए। लेकिन गरीब और बुजुर्ग लोग जो मोहल्ला क्लिनिकों से नियमित रूप से शुगर, मधुमेह, हृदय रोग और रक्तचाप की दवाएँ लेते थे, उन्हें अब दवा के लिए किलोमीटरों तक पैदल चलकर दूर जाना पड़ेगा। जबकि शराब, मेट्रो स्टेशन पर ही उपलब्ध होनी चाहिए। यह कैसी सरकार है? यह अपने लोगों का दर्द क्यों नहीं समझती?"  

जहरीली हवा + कड़ाके की ठंड: दिल्ली की सांसें थमीं, AQI फिर खतरे के स्तर पर

नई दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में ठंड के कहर के साथ-साथ प्रदूषण की मार भी जारी है। बीता दिन शनिवार (6 दिसंबर) भी दिल्लीवासियों के लिए बेहद प्रदूषित रहा जहां 24 घंटे का औसत AQI 330 दर्ज किया गया जो 'बहुत खराब' श्रेणी में आता है। केंद्र और राज्य सरकारों के तमाम प्रयासों के बावजूद राजधानी पिछले डेढ़ महीने से ज़हरीली हवा की गिरफ़्त से बाहर नहीं निकल पाई है। CPCB के समीर ऐप के अनुसार दिल्ली के 40 में से 31 मॉनिटरिंग स्टेशनों पर AQI 'बहुत खराब' श्रेणी में दर्ज हुआ। मुंडका में AQI 387 और नेहरू नगर में 369 तक पहुंच गया। शनिवार सुबह 9 बजे तक भी औसत AQI 335 बना रहा। शनिवार शाम को दिल्ली-NCR की हवा में PM10 का स्तर 275.7 और PM2.5 का स्तर 157.4 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा जो मानक से करीब तीन गुना ज़्यादा है। 14 अक्टूबर के बाद एक भी दिन ऐसा नहीं रहा जब AQI 200 से नीचे आया हो। अगले 3-4 दिन सुधार के आसार नहीं वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली का अनुमान है कि अगले तीन से चार दिनों तक AQI इसी खराब स्तर के आसपास बना रहेगा। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक रविवार सुबह हल्की धुंध का अनुमान है और आसमान आंशिक रूप से बादलों से ढका रहेगा। सरकारी एजेंसियों का कहना है कि प्रदूषण को कम करने के लिए बारिश या तेज़ हवा ही चाहिए लेकिन फिलहाल ऐसी किसी मौसमी गतिविधि की संभावना कम है। सेहत पर बढ़ता सीधा खतरा राजधानी में बढ़ते वायु प्रदूषण का सीधा असर लोगों की सेहत पर दिख रहा है। सबसे अधिक समस्या अस्थमा मरीजों और बुजुर्गों को हो रही है। लोगों में आंखों में जलन, संक्रमण, गले में खराश, खांसी और दर्द की शिकायत बढ़ रही है। फेफड़ों पर बुरा असर पड़ रहा है और लोगों में थकान, घबराहट, सिरदर्द जैसे लक्षण भी बढ़े हैं। ठंड का सितम भी जारी प्रदूषण के साथ-साथ दिल्ली के लोगों को ठंड का सितम भी झेलना पड़ रहा है। न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस पर बना हुआ है जबकि अधिकतम 24 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है। पहाड़ों में बर्फबारी जारी रहने के कारण इसका असर मैदानी इलाकों में देखा जा रहा है। 10 से 12 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं ने शहर की सिहरन और बढ़ा दी है। वहीं मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए शीतलहर के लिए अलर्ट भी जारी कर दिया है।