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संजय सिंह का बड़ा आरोप: ‘मुख्य चोर आयुक्त’ बने ज्ञानेश कुमार, दिल्ली हार से भड़के बयान

नई दिल्ली दिल्ली में एमसीडी की 12 सीटों पर हुए उपचुनाव में महज तीन सीटें जीतने में कामयाब रही आम आदमी पार्टी (आप) ने एक बार फिर वोट चोरी के आरोप लगाए हैं। पार्टी का आरोप है कि अशोक विहार सीट पर उसके उम्मीदवार की जीत हो गई थी और दोबारा काउंटिंग में भाजपा को विजेता घोषित कर दिया गया। आप के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने इस पर भड़कते हुए देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को 'मुख्य चोर आयुक्त' कह डाला है।   संजय सिंह ने आप के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज के ट्वीट को शेयर करते हुए लिखा, ' BJP वोट चोर है मोदी उनका सरगना है। ज्ञानेश कुमार ‘मुख्य चोर आयुक्त’। इससे पहले भी संजय सिंह मुख्य चुनाव आयुक्त पर कई बार हमलावर रहे हैं और उन्हें अज्ञानेश कुमार भी कह चुके हैं। सौरभ भारद्वाज ने अशोक विहार सीट पर आप की हार के बाद गड़बड़ी का आरोप लगाया। उन्होंने लिखा, 'अशोक विहार सीट – आम आदमी पार्टी जीती , ये वेबसाइट पर रिजल्ट है, अब कह रहे हैं रिकाउंटिंग में भाजपा जीत गई। ऐसे कैसे हो सकता है? दिल्ली की पूर्व सीएम आतिशी ने जनादेश चोरी का आरोप लगाते हुए कहा, 'अशोक विहार वार्ड में लोकतंत्र के साथ खिलवाड़? वेबसाइट पर साफ लिखा था, आम आदमी पार्टी जीती। लेकिन अब अचानक “रिकाउंटिंग” के नाम पर नतीजे पलट दिए गए! भाजपा दिल्ली की जनता का जनादेश चुराने की हर कोशिश कर रही है।' एमसीडी के 12 वार्ड में हुए उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सात, आम आदमी पार्टी (आप) ने तीन, जबकि कांग्रेस और ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक ने भी एक-एक वार्ड पर जीत दर्ज की। ये नगर निकाय उपचुनाव भाजपा के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे थे क्योंकि इस साल फरवरी में दिल्ली में सत्ता में आने के बाद यह उसकी पहली बड़ी चुनावी लड़ाई है। उपचुनाव के लिए 30 नवंबर को जिन 12 वार्ड में मतदान हुआ था, उनमें से नौ पर पहले भाजपा और बाकी पर आप पर कब्जा था।  

उलटफेर में दिल्ली MCD चुनाव नतीजे—बीजेपी से छिनी दो सीटें, AAP और कांग्रेस ने बनाई पकड़

नई दिल्ली दिल्ली नगर निगम (MCD) के 12 वार्ड में हुए उपचुनाव के नतीजे आ गए हैं, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सात और आम आदमी पार्टी (AAP) ने तीन सीटें जीती हैं. कांग्रेस ने भी संगम विहार-A सीट पर जीत दर्ज की है. जिन 12 वार्डों में 30 नवंबर को वोटिंग हुई थी, उनमें से नौ पहले बीजेपी के पास थे और बाकी आम आदमी पार्टी (AAP) के पास थे. साल 2022 में 250 वार्ड के लिए हुए MCD चुनाव में 50.47 फीसदी के मुकाबले इस उपचुनाव का वोट प्रतिशत 38.51 प्रतिशत रहा. जिन सीटों पर उपचुनाव हुआ था, उनमें मुंडका, शालीमार बाग-B, अशोक विहार, चांदनी चौक, चांदनी महल, द्वारका B, ढिचाउ कलां, नारायणा, संगम विहार A, दक्षिणपुरी, ग्रेटर कैलाश और विनोद नगर शामिल हैं. कुल 51 कैंडिडेट चुनावी मैदान में थे, जिनमें से 26 महिलाएं और 25 पुरुष थे.   इस मतगणना में 51 उम्‍मीदवारों ने अपना भाग्‍य आजमाया था, लेकिन इनमें से 12 को ही जीत हासिल हुई. इन 12 सीटों में से 7 भाजपा के खाते में गई है. वहीं, आम आदमी पार्टी के प्रत्‍याशी 3 वार्ड में जीतने में कामयाब रहे. कांग्रेस और ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्‍लॉक के एक-एक कैंडिडेट ने जीत हासिल की है. दिलचस्‍प बात यह है कि जिन 12 वार्ड में उपचुनाव कराए गए, उनमें से 9 पर भाजपा का कब्‍जा था. इस तरह भाजपा के हाथ से दो सीटें खिसक गईं. एमसीडी उपचुनाव ने कांग्रेस को संजीवनी दे दी है.  इन उम्‍मीदवारों का भाग्‍य 30 नवंबर को ईवीएम में बंद हो गया था. राज्‍य चुनाव आयोग ने वोटों की गिनती के लिए 10 सेंटर बनाए थे. एसईसी ने कहा कि कंझावला, पीतमपुरा, भारत नगर, सिविल लाइंस, राउज एवेन्यू, द्वारका, नजफगढ़, गोल मार्केट, पुष्प विहार और मंडावली समेत जिलों में कुल 10 मतदान केंद्र बनाए गए. प्रत्‍येक केंद्र विशिष्‍ट वार्डों की काउंटिंग करेगा, जिसमें स्ट्रांग रूम की सुविधा और सुरक्षित प्रवेश-निकास प्रोटोकॉल होंगे. इन उपचुनावों को विश्‍लेषकों द्वारा मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अगुवाई वाली भाजपा की दिल्ली सरकार के प्रदर्शन पर जनमत संग्रह के तौर पर देखा जा रहा है. इससे नगर निगम सदन में पार्टी की स्थिति में भी काफी बदलाव आ सकता है. दिसंबर 2022 में नगर निगम चुनाव 250 सीटों पर हुए थे. पार्टी की स्थिति में कई बदलावों के बाद मौजूदा एमसीडी सदन में भाजपा के 115 पार्षद हैं. भाजपा उपचुनावों में 12-0 से जीत हासिल करने का लक्ष्य लेकर चल रही है, ताकि 250 सदस्‍यीय नगर निगम सदन में 125 के पूर्ण बहुमत के आंकड़े तक पहुंच सके. इन 12 वार्ड के प्रत्‍याशियों के भाग्‍य का फैसला आज     मुंडका     शालीमार बाग(महिला आरक्षित)     अशोक विहार(महिला आरक्षित)     चांदनी चौक     चांदनी महल     द्वारका(महिला आरक्षित सीट)     दिचाऊं कलां (महिला आरक्षित)     नारायणा     संगम विहार     दक्षिण पुरी(अनुसूचित जाति)     ग्रेटर कैलाश(महिला आरक्षित)     विनोद नगर AAP के लिए भी जरूरी हैं ये नतीजे भाजपा के अच्छे प्रदर्शन से मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का कद बढ़ने की उम्मीद है. उनकी ई-बस, स्‍वास्‍थ्‍य और बीमा कल्‍याणकारी योजनाओं और छठ व्रतियों के लिए व्‍यवस्‍थाओं के लिए सकारात्‍मक सार्वजनिक रिपोर्ट कार्ड पेश होने की उम्‍मीद है. उपचुनाव के नतीजे आम आदमी पार्टी (आप) के लिए भी बहुत जरूरी हैं, क्योंकि अभी उसके 99 पार्षद हैं और वह इस साल फरवरी में हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा को सत्ता सौंपने के बाद शहर की राजनीति में खोई हुई जमीन वापस पाना चाहती है. एमसीडी उपचुनाव पर आया मंत्री कपिल मिश्रा का पहला रिएक्‍शन दिल्ली MCD उपचुनाव रिजल्ट 2025 लाइव: एमसीडी उपचुनाव का परिणाम सामने आ गया है. इसपर मंत्री कपिल मिश्रा का पहला रिएक्‍शन आया है. उन्‍होंने एक्‍स पर पोस्‍ट शेयर कर कहा, ‘निगम उपचुनावों में भाजपा की शानदार विजय. भ्रष्टाचारी और झूठे केजरीवाल गैंग का सूपड़ा साफ. चांदनी चौक और चांदनी महल जैसी सीटों पर भी आम आदमी पार्टी की करारी हार. छठ पूजा का अपमान करने वालों को ग्रेटर कैलाश की जनता ने धूल चटाई. मुख्यमंत्री रेखा गुप्‍ता के नेतृत्व और विकास की नीतियों तथा प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा के संकल्प और भाजपा कार्यकर्ताओं की मेहनत का परिणाम है ये भव्य विजय.’ सभी 12 सीटों का आ गया रिजल्‍ट, देखें किसने क्‍या खोया और क्‍या पाया दिल्ली MCD उपचुनाव रिजल्ट 2025 लाइव: दिल्‍ली नगर‍ निगम के 12 वार्ड के लिए उपचुनाव कराए गए थे. सभी के नतीजे सामने आ चुके हैं. 12 में से AAP के पास 3 सीटें थीं. विपक्षी पार्टी ने इस बार भी तीन सीटों पर जीत हासिल की है. हालांकि, आप चांदनी महल और चांदनी चौक सीट हार गई है. चांदनी महल सीट पर शोएब इकबाल का दबदबा बरकरार रहा. शोएब इकबाल और विधायक आले इक़बाल समर्थित उम्मीदवार ने AAP उम्मीदवार को पटखनी दे दी. वहीं, बीजेपी को दो सीटों का नुकसान हुआ है. संगम विहार कांग्रेस तो नारायणा AAP के खाते में गई है. बीजेपी ने AAP से चांदनी चौक सीट छीन ली है. कांग्रेस ने एक सीट पर जीत दर्ज की है. पिछली बार कांग्रेस के पास इन 12 में से एक भी सीट नहीं थी. एमसीडी उपचुनाव की तस्‍वीर साफ, भाजपा के हाथ से खिसकी 2 सीटें दिल्ली MCD उपचुनाव रिजल्ट 2025 लाइव: दिल्‍ली नगर निगम उपचुनाव के नतीजे सामने आ चुके हैं. 12 में से भाजपा को 7 सीटें मिली हैं, जबकि आम आदमी पार्टी के खाते में 3 वार्ड गए हैं. कांग्रेस और ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्‍लॉक के हिस्‍से में एक-एक सीट गई है. बता दें कि जिन 12 सीटों पर उपचुनाव कराए गए, उनमें से 9 पर भाजपा का कब्‍जा था. इस तरह इस बार 2 सीटें भाजपा के हाथ से छूट गई हैं.  अभी तक 8 सीटों के नतीजे घोषित दिल्ली MCD उपचुनाव रिजल्ट 2025 लाइव: एमसीडी उपचुनाव के नतीजे सामने आने लगे हैं. अभी तक 8 वार्ड के परिणाम सामने आ चुके हैं. इनमें से 4 पर भाजपा, 2 पर आम आदमी पार्टी और एक-एक सीट पर कांग्रेस और ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्‍लॉक ने जीत हासिल की है. चांदनी महल में न भाजपा और न ही आप, तो फिर कौन मारा बाजी दिल्ली MCD उपचुनाव रिजल्ट 2025 लाइव: चांदनी महल वार्ड का … Read more

एविएशन सेक्टर में अलर्ट: प्रमुख भारतीय हवाई अड्डों पर GPS छेड़छाड़ की घटनाओं का खुलासा

नई दिल्ली  केंद्र सरकार ने संसद में जानकारी दी है कि देश के कई बड़े एयरपोर्ट्स पर GPS स्पूफिंग और GNSS इंटरफेरेंस की घटनाएं दर्ज की गई हैं। इन एयरपोर्ट्स में दिल्ली, कोलकाता, मुंबई, हैदराबाद, अमृतसर, बेंगलुरु और चेन्नई शामिल हैं। सरकार ने बताया कि यह वही समस्या है जिसमें सेटेलाइट आधारित नेविगेशन सिस्टम बाधित हो जाता है और इसका असर सीधे उड़ान संचालन पर पड़ सकता है। नवंबर 2023 में DGCA ने सभी एयरलाइंस और एयरपोर्ट्स को ऐसे मामलों की कंपलसरी रिपोर्टिंग के निर्देश दिए थे। इसके बाद से देशभर से लगातार घटनाओं की रिपोर्ट मिल रही हैं। नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि जब भी सैटेलाइट नेविगेशन में दिक्कत आती है, तब भारत में मौजूद न्यूनतम ऑपरेटिंग नेटवर्क जो जमीन आधारित पारंपरिक नेविगेशन और सर्विलांस सिस्टम पर चलता है उड़ानों को सुरक्षित रूप से संचालित करने में सक्षम है। उन्होंने संसद को आश्वस्त किया कि सभी बड़े एयरपोर्ट्स इन घटनाओं को नियमित रूप से दर्ज कर रहे हैं, ताकि किसी भी संभावित समस्या पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। GPS स्पूफिंग और GNSS इंटरफेरेंस क्या है? GPS स्पूफिंग एक तरह का साइबर हमला है, जिसमें हमलावर नकली सैटेलाइट सिग्नल भेजते हैं। इससे विमान या किसी भी GPS-आधारित उपकरण को गलत लोकेशन या डेटा प्राप्त होता है। ऐसी स्थिति में विमान के नेविगेशन सिस्टम को गलत पोजिशन, गलत अलर्ट या गलत टेरेन वार्निंग मिल सकती हैं, जिससे विमान अपनी असली दिशा से भटक सकता है। हाल ही में दिल्ली एयरपोर्ट के पास कई उड़ानों को 60 नॉटिकल मील तक गलत लोकेशन डेटा मिला। इस कारण कुछ विमानों को एहतियातन नज़दीकी एयरपोर्ट जैसे जयपुर या लखनऊ की ओर डायवर्ट करना पड़ा।   एयरपोर्ट के आसपास GPS और GNSS खतरें एयरपोर्ट के पास GPS स्पूफिंग या GNSS इंटरफेरेंस के कारण नेविगेशन, एयरस्पेस सुरक्षा और पायलट के वर्कलोड पर गंभीर असर पड़ सकता है। आधुनिक विमान इन सिस्टम्स पर काफी हद तक निर्भर हैं। GPS या GNSS सिग्नल में गड़बड़ी से विमान की पोजीशन, ऊंचाई और स्पीड में गलतियां हो सकती हैं, जिससे विमान निर्धारित रूट से भटक सकता है या संवेदनशील इलाके में प्रवेश कर सकता है। रनवे अवेयरनेस, टेरेन वार्निंग और ऑटोपायलट जैसे महत्वपूर्ण सिस्टम GPS पर निर्भर हैं। स्पूफिंग की स्थिति में ये सिस्टम गलत अलर्ट दे सकते हैं या पूरी तरह फेल हो सकते हैं, जिससे रनवे या बाधा से टकराने का खतरा बढ़ जाता है। खासकर एयरपोर्ट के पास यह खतरा और भी अधिक होता है, क्योंकि लैंडिंग और अप्रोच के दौरान विमान जमीन के बेहद करीब होता है। गलत पोजिशन डेटा से रनवे मिसअलाइनमेंट, ग्लाइड पाथ में गड़बड़ी या गो-अराउंड जैसी परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। इसके अलावा, एक ही इलाके में कई विमानों के GPS डेटा में गड़बड़ी से एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) के लिए सही लोकेशन समझना मुश्किल हो जाता है। इससे विमानों के बीच सेपरेशन कम हो सकता है और पायलट एवं ATC दोनों पर वर्कलोड बढ़ जाता है। सरकार ने बताया कि एयरपोर्ट के आसपास GNSS का समुचित संरक्षण और विभिन्न रेडंडेंसी सिस्टम्स का इस्तेमाल आवश्यक है ताकि इन खतरनाक परिस्थितियों से बचा जा सके और हवाई यात्रा सुरक्षित बनी रहे।   

प्रदूषण में सुधार: दिल्ली की हवा घुटन से बाहर, 24 दिनों बाद AQI में बड़ी गिरावट

नई दिल्ली  दिल्ली-एनसीआर में तेज हवाओं के कारण रविवार को वायु गुणवत्ता (AQI) में सुधार हुआ। लगातार 24 दिनों से 'बेहद खराब' श्रेणी में रहने वाली हवा थोड़ी साफ हुई। उत्तर-पश्चिमी तेज हवाओं के कारण दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में आसमान साफ ​​होने के साथ-साथ हल्की राहत मिली। दिल्ली का समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) सोमवार को 'खराब' श्रेणी में रहा। सोमवार सुबह यह 300 पर रहा, जो रविवार के 270 से अधिक के स्तर से थोड़ा अधिक है। रविवार 30 नवंबर को दिल्ली में 24 दिनों से जारी 'बहुत खराब' श्रेणी की हवा का सिलसिला खत्म हो गया। उत्तर-पश्चिमी तेज हवाओं के कारण शहर और आसपास के क्षेत्रों जैसे उत्तर प्रदेश के नोएडा, गाजियाबाद और हरियाणा के गुरुग्राम और फरीदाबाद में आसमान साफ ​​होने के साथ-साथ हल्की राहत मिली। सोमवार सुबह लगभग 8:05 बजे दिल्ली का समग्र AQI 300 रीडिंग के साथ 'खराब' श्रेणी में था। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के समीर ऐप पर सूचीबद्ध 38 निगरानी केंद्रों में से 23 ने 'बहुत खराब' स्तर का वायु गुणवत्ता सूचकांक दर्ज किया। रविवार को शहर में AQI 279 (खराब) दर्ज किया गया, जो एक दिन पहले 305 (बहुत खराब) से बेहतर था। नेहरू नगर में सबसे खराब AQI सोमवार सुबह 8:05 बजे समीर ऐप पर उपलब्ध रीडिंग के अनुसार, नेहरू नगर स्टेशन के मॉनिटरिंग स्टेशन का AQI सबसे खराब 354 रहा, जबकि द्वारका स्टेशन का AQI सबसे अच्छा 202 रहा। नेहरू नगर के अलावा, रोहिणी (343), बवाना (339), आरके पुरम (338), मुंडका (330), पंजाबी बाग (329), आनंद विहार (327), वजीरपुर (325), शादीपुर (324) और जहांगीरपुरी (321) के मॉनिटरिंग स्टेशन सबसे खराब AQI वाले 10 स्टेशनों में शामिल हैं। तेज हवाओं ने राहत पहुंचाई इंडियामेटस्काई पोर्टल चलाने वाले ऐश्वर्या तिवारी ने रविवार के साफ आसमान का कारण तेज हवाओं को बताया। पहाड़ों से मैदानी इलाकों की ओर तेज़ उत्तर-पश्चिमी हवाएं चल रही थीं, जिससे न सिर्फ दिल्ली, बल्कि पंजाब और हरियाणा में भी हवा में सुधार हुआ। सीपीसीबी के आंकड़ों के अनुसार, शनिवार दोपहर से हवाएं तेज हो गईं। दिन भर 10-15 किमी/घंटा की गति से चलती रहीं और रात में भी इसमें कोई ठहराव नहीं देखा गया। विशेषज्ञों का कहना है कि इस निरंतर हवा के प्रवाह ने पिछले तीन हफ्तों से हवा में जमा हुए प्रदूषकों को तितर-बितर करने में मदद की। दिल्ली का तापमान 6 डिग्री से नीचे आईएमडी की वेबसाइट के अनुसार, सोमवार को दिल्ली के सफदरजंग स्टेशन से प्राप्त रीडिंग में न्यूनतम तापमान 5.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह सामान्य से 4.6 डिग्री कम है। यह इस मौसम का सबसे कम न्यूनतम तापमान और कम से कम 2022 के बाद से नवंबर का सबसे कम तापमान है। इससे पहले, दिल्ली में बुधवार 26 नवंबर को तीन साल में सबसे कम तापमान दर्ज किया गया था। न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया था, जो सामान्य से तीन डिग्री कम था।  

CCTV में कैद अस्पताल स्टाफ की करतूत: मृतक के गहने उड़ाए, पुलिस ने दर्ज की FIR

नई दिल्ली  दिल्ली के कृष्णा नगर स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में महिला मरीज की इलाज के दौरान मौत हो गई. मगर हद तो तब पार हो गई जब महिला के शव से गहने ही चुरा लिए गए. ये सब अस्पताल के अंदर हुआ. इसका सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया. मामला 11 नवंबर का था. 12 नवंबर को महिला के परिजनों ने थाने में इस बाबत शिकायत दी थी. मगर आज इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज किया है. ये शर्मनाक घटना गोयल हॉस्पिटल की है. शिकायत के अनुसार, 11 नवंबर की सुबह करीब 5 बजे बुजुर्ग महिला को गंभीर हालत में गोयल हॉस्पिटल लाया गया, जहां उन्हें इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया गया. परिजनों का कहना है कि प्रारंभिक इलाज के दौरान महिला के पास मौजूद सोने की ज्वेलरी सुरक्षित थी. लेकिन रात करीब 5:45 बजे महिला की हालत को ‘क्रिटिकल’ बताकर जीटीबी अस्पताल रेफर कर दिया गया. जब तक महिला को वहां ले जाया गया, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी. महिला के कानों के टॉप्स और चेन गायब थी परिजनों का आरोप है कि शव को ले जाते समय उन्होंने देखा कि महिला के कानों के टॉप्स और चेन गायब थी. परिवार ने कहा कि अस्पताल के स्टाफ ने न तो ज्वेलरी का जिक्र किया और न ही कोई संतोषजनक जवाब दिया. वहीं, पुलिस ने भी मामला दर्ज करने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई. परिवार के मुताबिक शिकायत देने पर पुलिस ने कहा कि उनके पास और भी बहुत सारे काम हैं और ऐसे मामलों के लिए पर्याप्त समय नहीं है. सीसीटीवी कैमरे जांच करने की मांग परिवार ने तब मांग की कि अस्पताल में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच की जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि महिला की ज्वेलरी कहां और कैसे गायब हुई. उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल के स्टाफ ने ही चोरी की. इसके बाद सीसीटीवी में लेडी स्टाफ ही मृतका के गहने चुराती दिखी. मामले में अब जाकर पुलिस ने FIR दर्ज की है. वहीं, अस्पताल प्रशासन का भी दावा है कि गहने चोरी करने वाली महिला स्टाफ को टर्मिनेट कर दिया गया है. इधर, सोशल मीडिया पर भी गहने चुराने वाला वीडियो वायरल हुआ है.  

दो शौहर छोड़ चुकी थीं डॉ. शाहीन, 8 साल छोटे मुजम्मिल संग निकाह किया—पर किस्मत ने फिर कर दिया अधूरा

नई दिल्ली  दिल्ली धमाके को अंजाम देने वाले डॉक्टरों के आतंकी मॉड्यूल की अहम सदस्य शाहीन सईद को लेकर कई नई बातें सामने आ रही हैं। पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ है कि डॉ. शाहीन मॉड्यूल के दूसरे आरोपी डॉ. मुजम्मिल की बेगम थी। खुद से 8 साल छोटे मुजम्मिल संग निकाह करने वाली शाहीन इससे पहलो दो शौहर को छोड़ चुकी थी। हालांकि, तीन निकाह के बावजूद शाहीन की एक ख्वाहिश अधूरी रह गई। वह विदेशी चकाचौंध की कायल थी, लेकिन भारत से निकलने में कामयाब नहीं हुई। कभी बुर्के से नफरत करने वाली शाहीन मुजम्मिल से इश्क के बाद इतनी कट्टरपंथी बनी कि वह जैश-ए-मोहम्मद की महिला ब्रिगेड में शामिल हो गई। दिल्ली धमाके और फरीदाबाद में मिले विस्फोटक से कनेक्शन की वजह से गिरफ्तार किए गए शाहीन और मुजम्मिल ने सितंबर 2023 में निकाह किया था। सूत्रों के मुताबिक मुजम्मिल ही शाहीन को आतंक की राह पर ले गया। लखनऊ में पली-बढ़ी सईद डालीगंज में रहती थी। सईद बचपन में बहुत होनहार विद्यार्थी थी। उसने इलाहाबाद से एमबीबीएस की । सईद के पिता अहमद अंसारी सरकार अस्पताल में कर्मचारी थे। शाहीन की पहली निकाह आंखों के डॉक्टर जफर हयात से 2003 में हुई थी। दोनों की दो संतानें भी हुईं पर करीब 9 साल बाद दोनों की राहें अलग हो गईं। डॉ. जफर ने कहा, 'हमारी शादी नवंबर 2003 में हुई थी। 2012 में हम अलग हो गए। मुझे नहीं पता कि उसके दिमाग में ऐसा क्या था जिसकी वजह से उसने ऐसा किया, जबकि हमारे बीच कभी कोई झगड़ा नहीं होता था। वह बहुत ध्यान रखती थी मेरा।' जफर का यह भी कहना है कि शाहीन ने निकाह के अलावा कभी बुर्का नहीं पहना। वह याद करते हैं कि शाहीन को विदेशी चकाचौंध बहुत पसंद थी। उसने जफर से कहा था कि अच्छी सैलरी और बेहतर जिदंगी के लिए ऑस्ट्रेलिया या यूरोप चलना चाहिए। लेकिन उन्होंने यह कहते हुए इनकार कर दिया कि यह सबकुछ है और सभी रिश्तेदार भी यहीं हैं। विदेश में अकेलापन हो जाएगा। शाहीन ने तलाक के बाद गणेश शंकर विद्यार्थी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज भी अचानक छोड़ दिया। वह कई सालों तक गायब रही। जांचकर्ताओं के मुताबिक, शाहीन ने बताया कि जफर से तलाक के कुछ सालों बाद उसने गाजियाबाद के एक टेक्सटाइल कारोबारी संग निकाह किया। लेकिन कारोबारी संग भी वह अधिक दिनों तक नहीं रह पाई और उससे भी तलाक लेकर आगे बढ़ गई। फरीदाबादा की अल फलाह यूनिवर्सिटी में 43 साल की डॉ. शाहीन की मुलाकात 35 साल के डॉ. मुजम्मिल से हुई। एक साथ कामकाज करते हुए दोनों के बीच अच्छी दोस्ती हो गई। गिरफ्तारी के बाद मुजम्मिल ने पूछताछ में बताया कि शाहीन उसकी दोस्त नहीं बल्कि बेगम है। दोनों ने सितंबर 2023 में अल-फलाह यूनिवर्सिटी के पास एक मस्जिद में निकाह कर दिया था। मुजम्मिल ने निकाह करते हुए 6 हजार मेहर (इस्लाम में निकाह के दौरान दूल्हे की ओर से दुल्हन को दिया जाने वाला तोहफा) दिया। दोनों एक साथ रहने लगे। इसी दौरान मुजम्मिल ने सईद को धार्मिक गतिविधियों में सक्रिय किया और फिर कट्टरपंथ की राह पर ले गया। मुजम्मिल के साथ अब वह आतंकी समूह का हिस्सा बन चुकी थी। बताया जाता है कि शाहीन जैश-ए-मोहम्मद की महिला विंग जमात उल-मोमिनात में शामिल हो चुकी थी। डॉक्टर होने का फायदा उठाते हुए वह चुपचाप बिना किसी के निगाह में आए आतंकी गतिविधियों को आगे बढ़ाती रही। वह जम्मू-कश्मीर, दिल्ली-एनसीार, हरियाणा में कई स्थानों पर जाकर फंड एकत्रित कर चुकी थी और साजिशों को अंजाम देने में अहम किरदार थी। इतना ही नहीं आतंकी हमलों के लिए उसने लाखों रुपये भी दिए थे। तीन पासपोर्ट थे शाहीन के पास शाहीन विदेश जाने के लिए कितनी बेचैन थी इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उसने अपने लिए तीन-तीन पासपोर्ट बना रखे थे। अलग-अलग समय में अलग-अलग पते पर उसने इन पासपोर्ट को बनावाया। बताया जाता है कि धमाके से पहले वह विदेश भागने की फिराक में थी। मुजम्मिल की गिरफ्तारी के बाद वह जल्दी देश छोड़कर निकल जाना चाहती थी लेकिन पासपोर्ट को लेकर कुछ औपचारिकताएं पूरी नहीं होने की वजह से उसकी ख्वाहिश अधूरी रह गई।

सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी कामयाबी, पाक हैंडलर ने तैयार किया 6 हमलों का प्लान, पकड़ में आया नेटवर्क

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने देशभर छह स्थानों पर ग्रेनेड हमले की साजिश का भंडाफोड़ किया है। पकड़े गए आरोपी आईएसआई समर्थित पाकिस्तानी हैंडलर शहजाद भट्टी के इशारे पर दिल्ली, पंजाब और उत्तर प्रदेश में ग्रेनेड हमले की साजिश रच रहे थे। तीन संदिग्धों ने पूछताछ में खुलासा किया है कि इनके निशाने पर तीन राज्यों के छह संवेदनशील स्थान थे। यह मॉड्यूल दिल्ली के अलावा पंजाब और यूपी के कई सार्वजनिक स्थानों पर ग्रेनेड से हमला कर बड़ी तबाही मचाने की फिराक में था। स्पेशल सेल ने इन संदिग्धों से मिले मोबाइल, चैट और वीडियो क्लिपिंग की जांच में छह संभावित टारगेट की पहचान की है। इनमें तीन स्थान पंजाब से जुड़े बताए जा रहे हैं, जबकि दो यूपी और एक दिल्ली में है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक संदिग्धों ने इन स्थानों की रेकी कर रूट मैप, वीडियो और तस्वीरें भट्टी को भेजी थीं। इस खुलासे के बाद तीनों राज्यों में पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों ने संयुक्त रूप से ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी है। सोशल मीडिया के जरिए भर्ती जांच में पता चला है कि पाकिस्तान में बैठा शहजाद भट्टी सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल के जरिए भारतीय युवाओं को निशाने पर लेता था। उनकी आर्थिक जरूरतों और बेरोजगारी का फायदा उठाकर उन्हें गैंगस्टर से लेकर आतंकी गतिविधियों तक में झोंक दिया जाता था। भट्टी और उसके साथी पहले युवाओं को पैसे कमाने का झांसा देते, फिर छोटे-छोटे काम देकर उन्हें अपने नेटवर्क में शामिल करते थे। इसके बाद उन्हें टारगेट की रेकी, हथियारों की डिलीवरी, ठिकानों की तलाश और हमले की योजना का हिस्सा बनाया जाता था। पकड़े गए युवकों ने स्वीकार किया कि भट्टी सोशल मीडिया ऐप्स, ऑडियो कॉल और एन्क्रिप्टेड चैट के जरिए लगातार संपर्क में रहता था। वह भारत में अपनी मौजूदगी के बिना ग्राउंड ऑपरेटर्स के जरिए पूरे मॉड्यूल को नियंत्रित करता था। पुलिस का मानना है कि यह एक पूरी तरह विदेशी संचालित आतंकी मॉड्यूल है, जिसका उद्देश्य भारत में अस्थिरता फैलाना था। छह स्थानों की तस्वीरें, रूटमैप और वीडियो बरामद स्पेशल सेल को जांच में छह संदिग्ध स्थानों की फोटो और वीडियो क्लिप मिली हैं। इनमें भीड़भाड़ वाले बाजार, पुलिस स्टेशन, प्रशासनिक भवन और वह स्थल शामिल हैं जहां सुरक्षा बलों की नियमित आवाजाही रहती है। जांच एजेंसियां इन सभी डाटा को फोरेंसिक तरीके से विश्लेषित कर रही हैं। इन सुरागों के आधार पर दिल्ली, पंजाब और यूपी पुलिस ने दर्जनों छापेमार टीमें बनाई हैं। दिल्ली से लेकर गुरदासपुर, अमृतसर, बिजनौर और नोएडा तक कई ठिकानों पर छापेमारी हो चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि मॉड्यूल के दो से तीन सदस्य अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश तेज कर दी गई है। गिरोह के और लिंक तलाशे जा रहे पूछताछ में सामने आया है कि भट्टी पंजाब के गैंगस्टरों से लेकर पाकिस्तान में बैठे आईएसआई समर्थित नेटवर्क से सीधे जुड़ा हुआ है। वह अपने साथियों के जरिए फंडिंग, हथियार सप्लाई और नए युवाओं की भर्ती का काम संभालता था। जांच एजेंसियों ने भट्टी के दो अन्य संपर्कों की पहचान कर ली है, जिन्हें जल्द ही पंजाब पुलिस के साथ साझा किया जाएगा। वहीं दिल्ली और यूपी में भी इस नेटवर्क से जुड़े कुछ लोकल लिंक तलाशे जा रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक यह मॉड्यूल छोटी रकम के बदले युवाओं को आतंकी गतिविधियों में उतारने वाला बेहद खतरनाक तंत्र है। इसका उद्देश्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर ग्रेनेड हमला कर दहशत फैलाना और देश को अस्थिर करना था। गुरदासपुर पुलिस स्टेशन पर हमले की तैयारी में था हरगुनप्रीत फिरोजपुर के कोहाला गांव का रहने वाला हरगुनप्रीत सिंह उर्फ गुरकरणप्रीत 12वीं पास है। वह अपने एक दोस्त के जरिए भट्टी के संपर्क में आया। पैसों के लोभ में वह गुरदासपुर पुलिस स्टेशन पर हमले के लिए तैयार हो गया। वह साथी मोहन के साथ गुरदासपुर पहुंचा और विकास से ग्रेनेड व हथियार लेकर रेकी की। 25 नवंबर की शाम उसने सिटी पुलिस स्टेशन के बाहर ग्रेनेड फेंका, जबकि उसका साथी मोटरसाइकिल चलाता रहा। पुलिस का मानना है कि इस हमले के जरिए मॉड्यूल अपनी सक्रियता साबित करना चाहता था, ताकि भट्टी को पाकिस्तान से और फंडिंग मिल सके। आसिफ ढाई महीने पहले इंस्टाग्राम के जरिए भट्टी के संपर्क में आया था उत्तर प्रदेश के बिजनौर के मच्छमार गांव का रहने वाला 5वीं कक्षा पास आसिफ उर्फ आरिश करीब ढाई महीने पहले इंस्टाग्राम के जरिए भट्टी के संपर्क में आया। भट्टी ने पहले उसे ग्राउंड ऑपरेटर्स के वीडियो भेजे, फिर पंजाब में ग्रेनेड फेंकने का टास्क दिया। आसिफ को लोकेशन मैप, टारगेट की तस्वीरें और रूट प्लान भेजा गया। वह विकास से भी जोड़ा गया था। कुछ दिनों पहले भट्टी ने उसे ‘अगले निर्देश’ का इंतजार करने को कहा था। पुलिस मान रही है कि उसकी भूमिका यूपी और दिल्ली में टारगेट चुनने से लेकर विस्फोटक पहुंचाने तक की हो सकती थी। मध्य प्रदेश के दतिया का रहने वाला 24 वर्षीय विकास प्रजापति उर्फ बेटू इंद्रगढ़ की अनाज मंडी में मजदूरी करता था। इंस्टा पर भट्टी की गैंगस्टर वाली छवि से प्रभावित होकर वह उससे जुड़ गया। भट्टी ने वीडियो कॉल पर उसे पार्सल खोलने का तरीका सिखाया, जिसमें ग्रेनेड भरा था। विकास को डिलीवरी कन्फर्मेशन के बदले नकद और हथियार दिए गए। उसने गुरदासपुर सिटी पुलिस स्टेशन और अमृतसर टाउन हॉल पुलिस स्टेशन की रेकी कर वीडियो भट्टी को भेजे। भट्टी ने विकास से कहा था कि वह ग्रेनेड हरगुनप्रीत और उसके साथी तक पहुंचाए और ऑपरेशन के लिए मोटरसाइकिल की व्यवस्था करे।

शादी की खुशियां मातम में बदलीं: नोट लूट रहे युवक को हेड कांस्टेबल ने मारी गोली, पिस्टल बरामद

नई दिल्ली  दिल्ली में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। बारात में नोट लूट रहे एक लड़के की सीआईएसएफ में तैनात हेड कांस्टेबल ने गोली मारकर हत्या कर दी। उसे उत्तर प्रदेश में उसके घर से गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी दूल्हे की बुआ का बेटा है। वह छुट्टी लेकर शादी में शामिल होने आया था। दिल्ली के शाहदरा जिले के मानसरोवर पार्क इलाके में शनिवार रात बारात में 14 साल का नाबालिग लड़का नोट लूटने लगा। इससे नाराज होकर बारात में शामिल सीआइएसएफ के हेडकांस्टेबल ने पिस्टल निकालकर मासूम के सिर में गोली मार दी। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। गंभीर रूप से घायल हालत में नाबालिग को डा. हेडगेवार अस्पताल में भर्ती करवाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान साहिल के रूप में हुई है। पुलिस ने मामले में आरोपी के खिलाफ मानसरोवर पार्क थाने में हत्या व आर्म्स एक्ट समेत कई धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। उसे रविवार सुबह उत्तर प्रदेश के इटावा स्थित भरताना गांव में उसके घर से गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी की पहचान उसकी पहचान मदन गोपाल तिवारी के रूप में हुई है। आरोपी दूल्हे की बुआ का बेटा है। वह छुट्टी लेकर शादी में शामिल होने आया था। फिलहाल उसकी तैनाती कानपुर, यूपी में है। उसके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल पिस्टल भी बरामद कर ली गई है। पुलिस उपायुक्त प्रशांत गौतम ने बताया कि साहिल अपने परिवार के साथ नत्थू कालोनी की झुग्गियों में रहता था। परिवार में माता-पिता व दो भाई हैं। पिता सिराजुद्दीन दिहाड़ी श्रमिक हैं। उन्होंने बताया कि उनका बेटा पढ़ाई नहीं करता था। वह शनिवार रात को अपने छोटे भाई व दोस्तों के साथ मानसरोवर पार्क गया था। मानसरोवर पार्क थाने के पास ही सामुदायिक भवन है। रात करीब दस बजे बारात में घुड़चढ़ी हो रही थी। बारात में शामिल लोग नाचते हुए नोट लुटा रहे थे। साहिल नोट लूटने लगा। इसी दौरान उसे पहले आरोपी ने पकड़कर पिटाई की और देखते ही देखते जेब से पिस्टल निकालकर कनपटी पर गोली मार दी। साहिल का छोटा भाई भागता हुआ घर पहुंचा और वारदात की सूचना परिजनों को दी। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने गंभीर घायल हालत में उसे हेडगेवार अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मृतक का शव पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल की मोर्चरी मे रखवाने के बाद केस दर्ज करके जांच के दौरान आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वारदात में उसके साथ कोई और भी तो शामिल नहीं था।  

प्रदूषण संकट से निपटने को तैयार दिल्ली, CM रेखा गुप्ता ने तेज किया एक्शन प्लान

नई दिल्ली  दिल्ली में वायु प्रदूषण, विशेष रूप से धूल के कणों से होने वाला प्रदूषण, एक गंभीर चुनौती बना हुआ है। इस चुनौती से निपटने के लिए दिल्ली सरकार एक्टिव हो गई है। लोक निर्माण विभाग (PWD) अब बड़े पैमाने पर मिस्ट स्प्रे तकनीक को अपना रहा है। विभाग ने 13 प्रमुख प्रदूषण हॉटस्पॉट की पहचान की है, जहां 305 बिजली के खंभों पर ये सिस्टम लगाए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य इन अति-प्रदूषित क्षेत्रों में वायु की गुणवत्ता में सुधार करना है। तकनीक और क्रियान्वयन की स्थिति यह मिस्ट स्प्रे सिस्टम पानी को बेहद बारीक कणों में तोड़कर स्प्रे करता है। अधिकारियों के अनुसार, यह तकनीक खंभों के आसपास के क्षेत्र में प्रदूषण के स्तर को कम करने में प्रभावी साबित हुई है, जिसका सफलतापूर्वक उपयोग नई दिल्ली म्युनिसिपल काउंसिल (NDMC) और दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) द्वारा पहले भी किया जा चुका है। PWD ने इस प्रोजेक्ट के लिए स्थानों का सर्वेक्षण पूरा कर लिया है, और टेंडर प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है।   जिन हॉटस्पॉट पर यह सिस्टम लगाया जाएगा, उनमें द्वारका, जनकपुरी, नरेला, अशोक विहार, विवेक विहार, मुंडका, रोहिणी, वज़ीरपुर, ओखला, बवाना, आनंद विहार, पंजाबी बाग वेस्ट और आरके पुरम शामिल हैं। दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के लिए कई तरह के उपाय किए जा रहे हैं। सर्दियों से पहले मिलेगी राहत की उम्मीद चूंकि दिल्ली में सर्दियों के मौसम में प्रदूषण का स्तर हर साल बढ़ जाता है, इसलिए PWD की यह पहल समय पर राहत देने की उम्मीद जगाती है। सिस्टम को लगाने के लिए विभिन्न हॉटस्पॉट के आसपास आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं, जिनमें पेड़ों की छंटाई भी शामिल है। यह अनुमान है कि यह मिस्ट स्प्रे फैसिलिटी अगले 15 से 20 दिनों में पूरी तरह से चालू हो जाएगी, जिससे राष्ट्रीय राजधानी को प्रदूषण से लड़ने में एक और टूल मिल जाएगा।

प्रदूषण पर बड़ा बयान: किरण बेदी ने मांगा श्वेत पत्र, कहा— अब समय है जवाबदेही तय करने का

नई दिल्ली  सामाजिक कार्यकर्ता और रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी किरण बेदी ने दिल्ली के वायु प्रदूषण संकट पर स्पष्ट जवाबदेही की अपनी अपील दोहराई है। बेदी ने इस संकट पर सरकार से श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है। उन्होंने यह अपील एक्स पर इस मुद्दे को उठाने के कुछ दिनों बाद की है। किरण बेदी ने एक्स पर एक लंबे पोस्ट में दो-भागों वाला एक दस्तावेज पेश किया है। इसमें राजधानी की दीर्घकालिक वायु गुणवत्ता समस्याओं की जांच, संस्थागत विफलताओं की पहचान तथा विभागों और नागरिकों के बीच तत्काल, अल्पकालिक और दीर्घकालिक कार्रवाई के लिए एक रोडमैप तैयार किया गया है। शनिवार को बेदी ने दिल्ली की बिगड़ती वायु गुणवत्ता पर अपनी पीड़ा जाहिर की थी। कहा था कि वह शहर को पीड़ित होते नहीं देख सकतीं। उन्होंने याद दिलाया कि उन्होंने अपना पूरा जीवन राजधानी को दे दिया है, जिसे वह अब वर्षों की तीव्र गिरावट के बाद 'घुटते और हांफते' हुए देख रही हैं। किरण बेदी की दो पार्ट की योजना अपनी लेटेस्ट पोस्ट में किरण बेदी ने दो पार्ट में एक विस्तृत प्रस्ताव शेयर किया है। पार्ट-1 में उन्होंने श्वेत पत्र लाने की मांग की है पहले पार्ट में किरण बेदी ने लिखा है कि क्या वायु प्रदूषण की वर्तमान चुनौती पर एक श्वेत पत्र तैयार किया जा सकता है? पिछली जवाबदेही तय करें। वर्तमान संकट किस कारण से है? किसने और किस चीज ने हमें विफल किया? पार्ट-2 में कुछ सवाल पूछे हैं पार्ट-2 में बेदी ने पूछा है कि अब हम इस गिरावट को रोकने के लिए कहां जाएंगे? तात्कालिक, अल्पकालिक और दीर्घकालिक उपाय क्या हैं? किसके द्वारा और कैसे किए जाएंगे? क्या प्रस्तावित समय-सीमा के साथ होंगे? उन्होंने संबंधित विभागों और आम जनता के सहयोग की भी बात कही है। क्योंकि हर कोई योगदानकर्ता है और समाधान भी। इससे पहले किरण बेदी ने पोस्ट किया कि वह दिल्ली को 'घुटते और हांफते' हुए देख रही हैं। कहा कि हाल के वर्षों में शहर का पतन हुआ है। अपनी अपील के साथ बेदी ने संकट को कम करने के उपायों की रूपरेखा पेश की और अधिकारियों से कागजी कार्रवाई के बजाय जमीनी निरीक्षण को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। तमाम उपायों के बावजूद, दिल्ली में AQI पिछले दो हफ्तों 'बेहद खराब' और 'गंभीर' श्रेणियों के बीच बना हुआ है। दिल्ली के लिए वायु गुणवत्ता प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले हफ्ते में वायु गुणवत्ता 'बेहद खराब' रहने की संभावना है।