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महिलाओं की सुरक्षित यात्रा पर फोकस, LG ने DTC बसों में महिला पुलिस तैनाती का दिया निर्देश

नई दिल्ली  जल्द ही डीटीसी बसों में हथियारबंद महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती देखने को मिल सकती है। महिलाओं के रोजाना सफर को सुरक्षित बनाने के मकसद से ये प्लानिंग चल रही है। उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने दिल्ली सरकार के अधिकारियों को इस तैनाती के लिए दिल्ली पुलिस से संपर्क करने का निर्देश दिया है। यह निर्देश सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं की सुरक्षा पर हुई एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान दिया गया। इसमें परिवहन आयुक्त, DTC के प्रबंध निदेशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। डीटीसी बसों में महिला सुरक्षा पर अहम फैसला एक अधिकारी ने कहा, 'बसों में हथियारबंद महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती के तौर-तरीके सरकार, DTC और दिल्ली पुलिस के साथ होने वाली अगली बैठकों में तय किए जाएंगे। इसका मकसद महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाने के लिए एक मजबूत सुरक्षा व्यवस्था बनाना है। रूपरेखा को अंतिम रूप दिए जाने के बाद और स्पष्टता आएगी।' सरकार की प्लानिंग जान लीजिए CCTV कैमरों, पैनिक बटन, बस मार्शल और 'सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड' पहल के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए, उपराज्यपाल ने न केवल यात्रा के दौरान बल्कि बस स्टॉप, डिपो या स्टेशनों पर उतरने के बाद महिलाओं के लिए 'फर्स्ट और लास्ट माइल' (घर से बस स्टॉप तक और बस स्टॉप से गंतव्य तक) की सुरक्षा को भी मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया। दिल्ली LG ने अफसरों को दिए ये खास निर्देश एक अधिकारी ने कहा कि उपराज्यपाल ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि महिला यात्रियों की सुरक्षा और संरक्षा घर से गंतव्य तक सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने दिल्ली परिवहन विभाग को बसों में हथियारबंद महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती के प्रस्ताव को प्राथमिकता देने के लिए कहा गया है। उपराज्यपाल ने सार्वजनिक परिवहन संचालन में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के महत्व पर भी जोर दिया। मौजूदा हालात में सिस्टम में 1002 महिला कंडक्टर और 77 महिला ड्राइवर हैं। उन्होंने अधिकारियों की भर्ती को और बढ़ाने का निर्देश दिया। डीटीसी बसों में है महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा बैठक के दौरान साझा किए गए आंकड़ों से पता चला कि महिलाओं ने 2025-26 (फरवरी तक) में सरकारी बसों में 56.2 करोड़ से अधिक यात्राएं कीं और मुफ्त यात्रा योजना का फायदा उठाया। दिल्ली के सार्वजनिक बस बेड़े में लगभग 6100 बसें हैं, जो रोजाना औसतन 24.3 लाख यात्रियों को ले जाती हैं। सुरक्षा को मजबूत करने के लिए, होम गार्ड से लिए गए 2,983 बस मार्शल पहले ही तैनात किए जा चुके हैं। 'सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड' के क्रियान्वयन पर LG ने लिया संज्ञान उपराज्यपाल ने 'सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड' के सफल क्रियान्वयन का संज्ञान लिया और महिलाओं के लिए निर्बाध यात्रा को सक्षम करने के लिए इसे सार्वजनिक परिवहन के सभी साधनों में एकीकृत करने का आह्वान किया। उन्होंने Uber, Ola, Bharat Taxi और Rapido जैसे प्राइवेट एग्रीगेटर्स के जरिए सिर्फ महिलाओं के लिए कारपूलिंग के विकल्प का भी प्रस्ताव रखा, ताकि महिला यात्रियों को अकेले सफर न करना पड़े, भले ही ड्राइवर पुरुष ही क्यों न हो।  

जंतर-मंतर पर गूंजेगी कॉकरोच जनता पार्टी की आवाज, प्रदर्शन के लिए मिली मंजूरी

  नई दिल्ली दिल्ली पुलिस ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) को जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन की अनुमति दे दी है. 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) ने अपने समर्थकों से जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति मांगने के लिए शनिवार सुबह 9 बजे संसद मार्ग थाने के बाहर एकत्र होने की अपील की थी. इससे पहले विरोध प्रदर्शन के खिलाफ दायर याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया, जिसके बाद प्रस्तावित प्रदर्शन के रास्ते में कोई कानूनी बाधा नहीं बची है।  जस्टिस सौरभ बनर्जी और जस्टिस अमित शर्मा की खंडपीठ ने कहा कि याचिका पर नियत समय के अनुसार सुनवाई की जाएगी. विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे 'कॉकरोच जनता पार्टी' के फाउंडर अभिजीत दिपके ने नीट पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है. वह अमेरिका के बोस्टन से शनिवार सुबह नई दिल्ली पहुंचे. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करके समर्थकों से किताब और तिरंगा साथ लेकर जंतर-मंतर आने की अपील की।  उन्होंने लिखा, 'लैंडिंग हो गई. जंतर-मंतर पर आप सभी से मिलने का बेसब्री से इंतजार है. किताब और हमारा तिरंगा लाना न भूलें! सहानुभूति और कृतज्ञता के प्रतीक के रूप में पुलिसकर्मियों को फूल भेंट करें. हमें इस आंदोलन का नेतृत्व प्रेम और शांति के साथ करना है!' दिल्ली पुलिस ने इस विरोध प्रदर्शन को ध्यान में रखकर निगरानी बढ़ा दी है और स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए संसद मार्ग थाना क्षेत्र के अलावा राजधानी के अन्य संवेदनशील इलाकों में भी पुलिस बलों की तैनाती की गई है।  कॉकरोच जनता पार्टी नीट पेपर लीक के मुद्दे पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर आज से विरोध प्रदर्शन शुरू कर रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान समेत अन्य मंत्रियों के सरकारी आवासों के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है. इस सप्ताह की शुरुआत में अभिजीत दिपके ने घोषणा की थी कि वह 6 जून को बोस्टन से भारत लौटेंगे और नीट पेपर लीक को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए एक शांतिपूर्ण आंदोलन शुरू करेंगे।  शिक्षा सुधारक और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने कहा था कि यदि 5 जून तक धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं देते हैं, तो वह भी इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे. विरोध प्रदर्शन की संभावना को देखते हुए नई दिल्ली क्षेत्र में 1,000 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है. दिल्ली पुलिस ने अपने जवानों को प्रदर्शनकारियों के साथ टकराव से बचने और बातचीत के जरिए स्थिति को शांत बनाए रखने के निर्देश दिए हैं. पुलिस ने सेंट्रल दिल्ली को 12 जोन में बांटा गया है और प्रत्येक जोन की जिम्मेदारी डीसीपी रैंक के अधिकारी को सौंपी गई है. सभी जिला और यूनिट डीसीपी को अलर्ट रहने के लिए कहा गया है. विरोध प्रदर्शन के कारण यातायात प्रभावित होने और कानून-व्यवस्था संबंधी चुनौतियों की आशंका जताई गई है। 

दिल्ली अग्निकांड अपडेट: बेसमेंट का दरवाजा बंद होने से बढ़ी तबाही, 37 लोगों को बचाया गया

नई दिल्ली  राजधानी के भीषण अग्निकांड में अब तक 21 लोगों को मौत हो चुकी है। मालवीय नगर के रेस्टोरेंट में लगी आग के मामले में 37 लोगों को बचाया जा चुका है। जैसे-जैसे रेस्क्यू और जांच आगे बढ़ रहे हैं, वैसे-वैसे एक से हैरान कर देने वाले खुलासे हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि जिस बिल्डिंग में आग लगी, उसके बेसमेंट का मुख्य दरवाजा बंद था। आग लगने के शायद इसी हड़बड़ी में कई लोग तीसरी मंजिल से नीचे कूद गए। अब सवाल उठ रहा है कि 21 जान लेने वाली इस लापरवाही का जिम्मेदार कौन है? घायलों को लगीं तीन तरह की चोटें अग्निकांड में घायल लोगों को दो-तीन तरह की चोटें आई हैं। घायलों में से कुछ लोगों को स्मॉग की वजह से लंग्स में इंजरी हुई है। वहीं, दूसरी तरफ कुछ लोग बर्निंग का शिकार हुए हैं। जो लोग तीसरी मंजिल से कूदे हैं, उन्हें हड्डी की चोट आई है। कूदने वाले लोगों को बचाने के लिए स्थानीय लोगों ने नीचे गद्दा भी बिछाया था। जिन 21 लोगों की मौत हुई है, उसमें 9 महिलाएं और 9 पुरुषों की पुष्टि हो चुकी है। बाकी की पहचान की जा रही है। मरने वालों में ज्यादा अफ्रीकी नागरिक आम आदमी पार्टी के नेता सोमनाथ भारती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कहा कि आज सुबहमेरे विधानसभा क्षेत्र हौजरानी में एक बहुमंजिला इमारत में भीषण आग लग गई। मरने वालों में ज्यादा अफ्रीकी नागरिक हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने के बाद रेस्टोरेंट में धुआं भर गया, जिसकी वजह से कई लोग बेहोश हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस, दमकल विभाग और एंबुलेंस कर्मियों ने लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। तीन लोगों को बेसमेंट से निकाला गया बताया जा रहा है कि दमकल विभाग को सुबह करीब 8.50 बजे मालवीय नगर के 'लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट' में आग लगने की सूचना मिली थी। आग बुझाने के लिए दमकल की 10 गाड़ियां और आपातकालीन वाहन मौके पर भेजे गए। बेसमेंट से 3 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया था। आशंका जताई जा रही है कि मृतकों की संख्या अभी और बढ़ सकती है। फिलहाल आग लगने का स्पष्ट कारण नहीं पता चल सका है।  

दिल्ली में दर्दनाक हादसा: होटल में आग से मचा कोहराम, जांच के आदेश

नई दिल्ली  दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में मंगलवार सुबह एक होटल में भीषण आग लग गई। इस घटना में अब तक 20 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। मृतकों में कई विदेशी नागरिक भी हैं। घायलों का इलाज आसपास के अस्पतालों में चल रहा है। आग लगने के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी। स्थानीय लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। देखते ही देखते आग की लपटों ने कई दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया और पूरे इलाके में धुएं का गुबार छा गया। मौके पर पहुंची दमकल की कई गाड़ियां घंटों तक आग पर काबू पाने में जुटीं, जबकि पुलिस ने इलाके को घेरकर लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। इस भयावह घटना ने इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया। धुएं के गुबार और चीख-पुकार से दहला इलाका प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग लगते ही इमारत से काले धुएं के घने गुबार उठने लगे। रेस्टोरेंट और आसपास मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई। मौके पर चीख-पुकार का माहौल बन गया, जबकि कई लोग इमारत के भीतर फंसे लोगों को बचाने की कोशिश करते दिखाई दिए। पूरे इलाके को सुरक्षा कारणों से घेर लिया गया और राहत-बचाव अभियान शुरू किया गया। सूचना मिलते ही हरकत में आया प्रशासन दिल्ली अग्निशमन सेवा (DFS) को सुबह 9:45 बजे आग लगने की सूचना मिली, जिसके बाद दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। मालवीय नगर के एसडीएम जितेंद्र कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही बचाव दल की टीम को एक्टिव कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि इमारत के निचले हिस्से में होटल/रेस्टोरेंट चल रहा था और प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग वहीं से शुरू हुई। आग के कारणों की जांच की जा रही है। बिजली सप्लाई बंद कर आग पर पाया गया काबू राहत कार्य के दौरान बिजली विभाग ने तत्काल इलाके की बिजली सप्लाई बंद कर दी, जिससे आग को फैलने से रोकने में मदद मिली। दमकल कर्मियों और अन्य एजेंसियों ने कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। प्रशासन ने घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया है, जहां उनका उपचार जारी है। अधिकारियों के अनुसार कुछ लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है। लाइसेंस और सुरक्षा मानकों की होगी जांच मालवीय नगर के विधायक सतीश उपाध्याय ने घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि प्रशासन और सरकार पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच कराई जाएगी और यह भी देखा जाएगा कि रेस्टोरेंट या होटल निर्धारित नियमों और लाइसेंस शर्तों के तहत संचालित हो रहा था या नहीं। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

‘जैसा है, जहां है’ योजना पर लोगों की कम रुचि, सरकार चलाएगी जागरूकता अभियान

नई दिल्ली राजधानी में अनधिकृत कॉलोनियों को जैसा है, जहां है, की शर्त पर पक्का करने की घोषणा के बाद भी लोग उसमें रुचि नहीं दिखा रहे हैं। आधिकारिक सूत्रों की मानें तो घोषणा के करीब एक महीने बाद भी अभी तक करीब 1700 आवेदन ही स्वगम पोर्टल पर मिले हैं, जबकि दिल्ली में 1511 कॉलोनियां हैं। अनधिकृत कॉलोनी वालों के इस रवैये पर दिल्ली सरकार का राजस्व विभाग जागरूकता अभियान चलाने जा रहा है। यही नहीं, सूत्र बताते हैं कि सीएम रेखा गुप्ता जन प्रतिनिधियों के साथ बैठक भी करेंगी। केंद्र सरकार ने बीते माह 7 अप्रैल को दिल्ली की 1731 में से 1511 कॉलोनियों को जैसा है, जहां है के आधार पर पक्का करने की घोषणा की थी। इसके साथ ही इसकी पूरी जिम्मेदारी डीडीए से लेकर दिल्ली सरकार और एमसीडी को दी थी। डीडीए पहले ही 40 हजार कन्वेंस डीड जारी कर चुका है, लेकिन वो लोग भी स्वगम पोर्टल पर अपने घर को पक्का कराने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। राजस्व विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आवेदनों की इतनी कम संख्या से हम भी हैरान हैं। इसलिए अब जागरूक करने के लिए अभियान चलाएंगे। 1511 अनधिकृत कॉलोनियां मौजूद आधार पर होंगी पक्की 1700-2000 आवेदन अब तक स्वगम पोर्टल के जरिए मिले 45 दिन में पूरी प्रक्रिया को पूरा करने का लक्ष्य हर जिले में बनी खास टीम राजस्व विभाग ने कहा कि अनधिकृत कॉलोनियों को पक्का करने के लिए हर जिले में एडीएम की निगरानी में स्पेशलाइज्ड टीम का गठन कर दिया गया है। डीएम, एडीएम समेत पूरी टीम को ट्रेनिंग का काम पूरा हो चुका है। यह टीम पूरी तरह से स्वगम पोर्टल पर आए आवेदनों पर काम करेगी। इसके अलावा डिजिटल, सोशल मीडिया व एफएम पर भी कैंपेन चलाया जाएगा। राजस्व विभाग ने कहा कि हम अनधिकृत कॉलोनियों को पक्का करने के लिए जन प्रतिनिधियों जैसे विधायक, सांसद और पार्षदों की भी मदद लेंगे। सीएम रेखा गुप्ता ने भी भरोसा दिलाया है कि वह खुद जन प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगी। उन्हें पूरी योजना के बारे में बताया जाएगा। ऑनलाइन आवेदन के लिए प्रक्रिया आवेदक एमसीडी स्वगम पोर्टल (https://mcdonline.nic.in/swagam) पर लॉग इन करेंगे। अनधिकृत कॉलोनी (पात्र 1511 कॉलोनियों में से) का नाम चुनें वार्ड और जोन खुद फिल हो जाएगा। फिर विकल्प सेलेक्ट करें कि क्या पीएम-यूडीएवाई केस आईडी मौजूद है। अगर नहीं है तो पीएम- उदय पोर्टल पर सीधे जाएंगे। अगर केस आईडी है तो उसे भरें। सीडी/एएस (कन्वेस डीडी) जारी किया गया है तो आवेदन पत्र खुल जाएगा। यदि जारी नही किया गया है तो उसका स्टेटस जानने के लिए पीएम-उदय पोर्टल पर फिर रीडायरेक्ट किया जाएगा। दिल्ली सरकार का राजस्व विभाग द्वारा डीडीए के सहयोग से आवेदनों की प्रक्रिया और सीडी/एएस जारी करेगी। जारी की गई सीडी/एएस को स्वगम पोर्टल के माध्यम से एमसीडी को भेजा जाएगा।  

अग्निकांड पर सीएम रेखा गुप्ता का बयान, पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद का आश्वासन

नई दिल्ली  दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक रेस्टोरेंट में बुधवार सुबह भीषण आग लग गई। जिसमें अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई घायलों को बाहर निकाला जा चुका है। अब इस हादसे पर पीएम मोदी व दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से हादसे में मृतक को परिजनों को मुआवजे का ऐलान किया गया है। दिल्ली मोदी ने मालवीय नगर अग्निकांड पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा, 'अपनों को खोने वाले सभी लोगों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। अधिकारी प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं।' पीएम मोदी ने किया मुआवजे का ऐलान इसके साथ ही पीएमएनआरएफ से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे। मालवीय नगर अग्निकांड पर सीएम रेखा गुप्ता ने क्या बताया? सीएम रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा, 'मालवीय नगर में हुई भीषण अग्निकांड की घटना में हुई जनहानि से मैं अत्यंत दुखी हूं। शोकाकुल परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं हैं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने तथा इस हृदयविदारक त्रासदी से प्रभावित सभी लोगों को शक्ति और साहस प्रदान करने की प्रार्थना करती हूं।' 'मौके पर आपातकालीन एजेंसियां मौजूद' मुख्यमंत्री ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली अग्निशमन सेवा, 'दिल्ली पुलिस, दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA), CATS एम्बुलेंस सेवा तथा अन्य आपातकालीन एजेंसियों की टीमों को तत्काल सक्रिय किया गया और उन्होंने बचाव एवं राहत कार्य शुरू कर दिया गया था। उनकी त्वरित कार्रवाई के कारण प्रभावित परिसर से कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और उनका सफलतापूर्वक बचाया गया है। ' रेखा गुप्ता ने आगे कहा, 'दिल्ली सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। प्रभावित परिवारों को हर संभव चिकित्सा सहायता और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है। इस दुख की घड़ी में दिल्ली सरकार प्रभावित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। हम इस त्रासदी से प्रभावित प्रत्येक व्यक्ति और परिवार को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।' प्रशासन ने क्या कहा? मालवीय नगर के एसडीएम जितेंद्र कुमार ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया, 'जैसे ही आज सुबह मुझे यह जानकारी मिली, हमने अपनी टीम को सक्रिय किया और वहां से सभी बलों को सूचित किया। उन्हें घटनास्थल पर रवाना कर दिया गया। मुझे ट्रेनिंग पर जाना था, लेकिन मैं ट्रेनिंग छोड़कर घटनास्थल पर पहुंचा। हमें जानकारी मिली कि इस इमारत के नीचे एक रेस्टोरेंट चलाया जा रहा था। आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चला है, लेकिन आशंका है कि उस रेस्टोरेंट की वजह से ही आग लगी है।' उन्होंने आगे बताया, 'अब तक कुछ शव बरामद कर अस्पताल भेजे जा चुके हैं और 7-8 अन्य लोग भी घायल हुए हैं। कुछ लोग तीसरे मंजिल से कूदे, स्थानीय लोगों ने नीचे गद्दा बिछाया और उन्हें बचाने का प्रयास किया। समय रहते बीएसईएस ने बिजली की आपूर्ति काट दी। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसलिए इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी जरूरी है। रेस्टोरेंट के लाइसेंस की जांच के लिए भी आदेश दिए गए है।' 'आप' नेता सोमनाथ भारती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए कहा, 'आज सुबह करीब 8.30 बजे, मेरे विधानसभा क्षेत्र हौजरानी में एक बहुमंजिला इमारत में भीषण आग लग गई; इसमें कई लोगों के हताहत होने की आशंका है। मरने वालों में ज्यादा अफ्रीकी नागरिक हैं। तलाश और बचाव अभियान अभी भी जारी है, और आगे की जानकारी का इंतजार है।' अभिषेक पाण्डेय

दिल्ली में 5 जून से दौड़ेंगी Green SM की ई-कैब्स, Uber-Ola की बढ़ेगी चुनौती

नई दिल्ली Green SM Electric Taxi: भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का दायरा तेजी से बढ़ रहा है और अब इस क्षेत्र में एक और बड़ा विदेशी खिलाड़ी एंट्री करने जा रहा है. वियतनाम की दिग्गज कंपनी विनग्रुप (VinGroup) अपनी इलेक्ट्रिक टैक्सी सर्विस Green SM को भारत में आधिकारिक रूप से लॉन्च करने की तैयारी में है. कंपनी 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर दिल्ली के भारत मंडपम में एक स्पेशल इवेंट के दौरान इस सर्विस की औपचारिक घोषणा करेगी. माना जा रहा है कि Green SM की एंट्री से ओला, उबर और रैपिडो जैसे कैब सर्विस एग्रीगेटर्स को कड़ी चुनौती मिलेगी।  पिछले कुछ हफ्तों से दिल्ली-एनसीआर की सड़कों पर चमकीले हरे रंग की Green SM की गाड़ियां कई बार देखी जा चुकी हैं. इतना ही नहीं, कुछ लोगों ने यह भी दावा किया है कि वे Green SM ऐप के जरिए अकाउंट बनाकर उन्होंने राइड भी बुक की है. इससे साफ है कि कंपनी लॉन्च से पहले अपने नेटवर्क और सर्विसेज की टेस्टिंग कर रही है।  VinFast की इलेक्ट्रिक MPV  ग्रीन स्मार्ट मोबिलिटी, जो पहले से वियतनाम और कुछ अन्य देशों में अपनी सर्विसेज दे रही है, भारत में VinFast Limo Green MPV का इस्तेमाल करेगी. यह इलेक्ट्रिक कार हाल ही में भारतीय बाजार में लॉन्च की गई है. इसी कार का कमर्शियल वेरिएंट इस कैब सर्विस में इस्तेमाल किया जाएगा. इसमें वही पावरट्रेन और 60.13 kWh की बैटरी दी गई है, जो MPV7 में इस्तेमाल होती है. कंपनी का दावा है कि यह एमपीवी पैसेंजर्स को कम्फर्टेबल राइड देगी।  Uber-Ola से अलग होगा बिजनेस मॉडल Green SM का बिजनेस मॉडल मौजूदा टैक्सी एग्रीगेटर कंपनियों से काफी अलग होगा. जहां Uber और Ola जैसे प्लेटफॉर्म ड्राइवरों और निजी वाहन मालिकों को जोड़ने का काम करते हैं, वहीं Green SM अपनी सभी गाड़ियों का मालिकाना हक खुद अपने पास रखेगी. कंपनी ड्राइवरों को सैलरी पर नियुक्त करेगी और चार्जिंग, सर्विसिंग, मेंटनेंस जैसी सभी जिम्मेदारियां खुद संभालेगी. इससे कंपनी का व्हीकल के सर्विसेज, क्वालिटी और ऑपरेशन पर पूरा कंट्रोल रहेगा।  10,000 इलेक्ट्रिक कारें होंगी शामिल दिल्ली-एनसीआर में लॉन्च के बाद कंपनी सबसे पहले उत्तर भारत के अन्य शहरों पर फोकस करेगी. इसके बाद देश के बाकी बड़े शहरों में इस सर्विस को शुरू किया जाएगा. जानकारी के मुताबिक, कंपनी फेज़्ड मैनर में अपना नेटवर्क बढ़ाएगी. पहले चरण में करीब 10,000 इलेक्ट्रिक कारों को फ्लीट में शामिल किया जाएगा. इसके अलावा आने वाले समय में लगभग 1 लाख इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों को भी इस सर्विस में शामिल किए जाने की चर्चा है।  VinGroup केवल टैक्सी सेवा तक सीमित नहीं रहना चाहती. कंपनी भारत में इलेक्ट्रिक स्कूटर और इलेक्ट्रिक बस बाजार में भी उतरने की योजना बना रही है. हाल ही में कंपनी ने तमिलनाडु में अपने मैन्युफैक्चरिंग प्लांट को बढ़ाने की घोषणा की है. इसके अलावा तेलंगाना और महाराष्ट्र में ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्रीन मोबिलिटी, टूरिज़्म और रियल एस्टेट इंफ्रा से जुड़े बड़े निवेश की भी योजना बनाई गई है। 

पानी की कमी से निपटने के लिए दिल्ली सरकार का नया ऐलान, सीवर वॉटर होगा इस्तेमाल

नई दिल्ली दिल्ली की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने राजधानी में जल संकट को दूर करने के लिए कई नए उपायों की घोषणा की है। भीषण गर्मी के बीच हो रही किल्लत को स्वीकार करते हुए दिल्ली सरकार ने पिछली सरकारों को इसके लिए कसूरवार ठहराया तो यह भी बताया कि अब स्थिति में बदलाव के लिए क्या-क्या कदम उठाए जा रहे हैं। मंत्री प्रवेश वर्मा ने मंगलवार को बताया कि उनकी सरकार सीवर के पानी को साफ करके भी पानी की कमी को पूरा करने पर विचार कर रही है। उन्होंने विस्तार से बताया कि कैसे सीवर के पानी को ट्रीट करके टॉयलेट या गाड़ी धोने जैसे काम में लाया जा सकता है। प्रवेश वर्मा ने बताया कि दिल्ली में रोजाना 1000 एमजीडी पानी घरों में सप्लाई हो रहा है। इसमें से 800 एमजीडी पानी प्रतिदिन सीवर में लौटता है, जबकि केवल 200 एमजीडी पानी का इस्तेमाल लोग पीने या अन्य उपभोग में लाते हैं। प्रवेश वर्मा ने कहा कि सीवर के पानी को एसटीपी प्लांट में इतना ट्रीट किया जाएगा कि वह पीने लायक बन जाएगा। लेकिन फिलहाल उन्हें टायलेट आदि में यूज किया जाएगा। उन्होंने कहा, 'इस पानी को सबसे पहले सरकारी इमारतों में पहुंचाया जाएगा। इसके बाद कॉलोनियों में डबल पाइपलाइन से पानी पहुंचाया जाएगा। जो लोग डबल पाइपलाइन लगवाएंगे उन्हें बिल में छूट दी जाएगी। मंत्री ने कहा कि एसटीपी में साफ किए गए पानी का इस्तेमाल लोग शौचालय, पौधे में डालने, गाड़ी धोने आदि कामों के लिए कर सकेंगे। इससे मीठे पानी की बचत होगी। प्रवेश वर्मा ने कहा कि कि इससे रोजाना करोड़ों लीटर पानी बचाया जा सकता है। कम हो रहा उत्पादन प्रवेश वर्मा ने कहा कि दिल्ली में पानी की कमी को लेकर जानकारी मिल रही है। जनसंख्या के आधार पर अगर सभी को पानी मिले तो कुल मांग 1250 एमजीडी की है। लेकिन इतना उत्पादन नहीं होता है। आज के दिन में हरियाणा सरकार से लगभगएक हजार क्यूसेक पानी मिल रहा है। वजीराबाद में पानी सूख गई है जिसके चलते वहां प्लांट में पानी नहीं आ रहा है। वहां 200 क्यूसेक पानी से ज्यादा खींचा जाता था जो अभी केवल 75 क्यूसेक ही मिल रहा है। पिछली सरकारों पर फोड़ा ठीकरा प्रवेश वर्मा ने कहा कि टैंकर के माध्यम से लोगों को पानी पहुंचाया जा रहा है। जहां पिछली सरकारों ने पानी की पाइपलाइन नहीं डाली तो वहां टैंकर से पानी पहुंचाया जा रहा है। पिछले साल के मुकाबले दोगुने टैंकर से पानी पहुंचाया जा रहा है। पिछली सरकार 200 नए बोरवेल लगाती थी जबकि हमारी सरकार ने 560 बोरवेल लगाए हैं। पानी की समस्या पिछले एक साल की नहीं है। पिछली सरकार ने अगर बंदोबस्त किया होता तो इतनी परेशानी नहीं आती। आप सरकार ने अपने अंतिम वर्ष में लगभग 1200 करोड़ इन्फ़्रास्ट्रक्चर पर खर्च किया था जबकि इस वर्ष जल बोर्ड ने लगभग 2900 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। पुरानी पाइपलाइन को बदला जाएगा मंत्री ने कहा कि दिल्ली में दशकों पुरानी पाइप लाइन से पानी लीक होता है। इन सभी पाइपलाइंस को बदलने के लिए योजना बन चुकी है। दिल्ली को हमने आठ जोन में बांटा है। चंद्रावल का टेंडर हो चुका है जबकि आगामी वजीरगंज जोन नवंबर तक टेंडर कर कंपनी को सौंप दिया जाएगा। दिल्ली सरकार पानी लीकेज को कम करने के लिए प्रयास कर रही है। यह कंपनिया सभी पाइपलाइन को बदलेगी और पानी का रिसाव खत्म करेगी। पिछले सवा साल में हमारी सरकार की पांच उपलब्धियों में से एक इंफ्रास्ट्रक्चर शुल्क को कम करना है। दिल्ली की 52 फीसदी पुरानी पाइपलाइन को बदला जाएगा कनाल का पानी पाइपलाइन से आएगा हरियाणा से कैनाल के माध्यम से आने वाले पानी को पाइपलाइन के माध्यम से लाया जाएगा। रास्ते में किसान भाई निकाल लेते हैं। अन्य लोग भी पानी निकाल लेते हैं। इसलिए पाइपलाइन डालने की तैयारी की जा रही है। दिल्ली का पानी का कोटा तय है। हमने बांध के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार को पैसा दिया है जिससे 2032 से पानी मिलने लगेगा।

सूर्या केस जैसी वारदात दोहराई गई? दिल्ली में नाबालिग अभिषेक को घेरकर उतारा मौत के घाट

नई दिल्ली उत्तर-पूर्वी दिल्ली के थाना न्यू उस्मानपुर इलाके में सोमवार रात अज्ञात लोगों ने चाकू से हमला कर 17 वर्षीय नाबालिग की हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, रात करीब साढ़े 10 बजे न्यू उस्मानपुर थाने को घटना की सूचना मिली थी। पुलिस टीम जब मौके पर पहुंची तो 17 साल का एक लड़का जमीन पर पड़ा हुआ मिला, जिसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है। बता दें कि, इससे पहले शाम को इसी इलाके में हुई गोलीबारी के दौरान 12 साल का एक लड़का घायल हो गया था। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया और जरूरी सबूत इकट्ठा किए। अधिकारी के मुताबिक, इस संबंध में न्यू उस्मानपुर थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है। पुलिस ने बताया कि मामले में पुलिस टीम को महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं और अपराध में शामिल आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ने के लिए कई टीमें तैनात की गई हैं। DCP राहुल अलवाल ने बताया कि इस घटना के संबंध में न्यू उस्मानपुर थाने में BNS की धारा 103(1) के तहत एक मामला दर्ज किया जा रहा है। आगे की जांच जारी है। घर के बाहर गोलीबारी में 12 वर्षीय लड़का जख्मी इससे पहले न्यू उस्मानपुर इलाके में ही सोमवार शाम को तीन लोगों द्वारा की गई गोलीबारी की घटना में 12 वर्षीय राहगीर लड़का गोली लगने से घायल हो गया था। पुलिस के अनुसार, शाम के समय न्यू उस्मानपुर थाने को गोलीबारी की एक घटना की सूचना मिली थी। जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची, तो पता चला कि न्यू उस्मानपुर के चौथा पुश्ता इलाके में तीन व्यक्तियों ने धर्मेंद्र (43) नामक एक व्यक्ति के घर के सामने अंधाधुंध गोलीबारी की थी। इस घटना के दौरान वहां से गुजर रहे 12 वर्षीय लड़के के पैर में गोली लग गई, जिसका फिलहाल जेपीसी अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि फॉरेंसिक टीम ने क्राइम स्पॉट पर जाकर साक्ष्य एकत्र किए हैं। इस संबंध में न्यू उस्मानपुर थाने में कानून की उपयुक्त धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि इस मामले में तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपियों के संबंध में सूचना प्रसारित की गई और विभिन्न नाकों पर पुलिस टीमें तैनात की गईं। इसके बाद अपराध में शामिल दो आरोपियों – प्रांकुर (29) और हर्ष (22) को पकड़ लिया गया। उनके कब्जे से एक देशी कट्टा बरामद किया गया है। फरार आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं और मामले में आगे की जांच जारी है। बकरीद पर हुई थी सूर्या की हत्या गौरतलब है कि दिल्ली सटे गाजियाबाद के खोड़ा इलाके नवनीत विहार में 28 मई को बकरीद के दिन 11वीं क्लास में पढ़ने वाले 17 साल के सूर्या चौहान की भी चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी। गाजियाबाद पुलिस ने सूर्या के हत्यारे असद को दो दिन पहले एनकाउंटर में ढेर कर दिया था। वहीं कई लोगों को गिरफ्तार कर मामले की जांच कर रही है।

भारत विरोधी आतंकी मॉड्यूल बेनकाब, ISI और अंडरवर्ल्ड कनेक्शन से जांच एजेंसियां अलर्ट

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और केंद्रीय एजेंसियों की जांच में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) और अंडरवर्ल्ड से जुड़े एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का खुलासा हुआ है. हाल ही में एजेंसियों ने इस मॉड्यूल से जुड़े 8 लोगों को गिरफ्तार किया था. इनके कब्जे से भारी मात्रा में हथियार और हैंड ग्रेनेड भी बरामद किए गए. जांच में सामने आया कि यह नेटवर्क भारत में बड़े आतंकी हमलों की तैयारी कर रहा था. एजेंसियां अब इसके अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की गहराई से जांच कर रही हैं।  जांच एजेंसियों को पता चला है कि इस मॉड्यूल का मुख्य निशाना दिल्ली और मुंबई थे. गिरफ्तार आरोपियों ने इन दोनों महानगरों की रेकी भी की थी. सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, हमलों के लिए संवेदनशील स्थानों की जानकारी जुटाई जा रही थी. आरोपियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई थीं ताकि साजिश को अंजाम दिया जा सके. समय रहते गिरफ्तारी होने से एक बड़ी आतंकी योजना नाकाम हो गई।  पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ कि पूरे मॉड्यूल का हैंडलर सैयद मुदस्सर हुसैन उर्फ मुन्ना झिंगाड़ा था. मुन्ना झिंगाड़ा को अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम और उसके करीबी छोटा शकील का बेहद भरोसेमंद माना जाता है. जांच में सामने आया कि वही इस नेटवर्क का ऑपरेशन हेड था और पाकिस्तान से पूरे मॉड्यूल को संचालित कर रहा था. एजेंसियों के मुताबिक, भारत में सक्रिय गुर्गों को सीधे उसी से निर्देश मिल रहे थे।  जांच में यह भी सामने आया कि ISI ने एक बार फिर कराची के क्लिफटन रोड इलाके को सक्रिय किया है. इसी इलाके में दाऊद इब्राहिम का ठिकाना भी बताया जाता है. सूत्रों के अनुसार, मुन्ना झिंगाड़ा ने दाऊद के कराची स्थित कथित 'व्हाइट हाउस' से करीब 4 किलोमीटर दूर एक फाइव स्टार होटल के पास अपना सेफ हाउस बना रखा था. यहीं से वह भारत में सक्रिय गुर्गों के संपर्क में रहता था और पूरी गतिविधियों पर नजर रखता था।  भारत के अलग-अलग राज्यों से गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि मुन्ना झिंगाड़ा अपने कराची स्थित सेफ हाउस से वीडियो कॉल के जरिए लगातार संपर्क में रहता था. वह भारत में अंडरवर्ल्ड से जुड़ी नई जेहादी ब्रिगेड तैयार करने की कोशिश कर रहा था. जांच एजेंसियों के मुताबिक, पूरा मॉड्यूल ISI के इशारों पर तैयार किया गया था. इतना ही नहीं, मुन्ना ने अपने गुर्गों को अपनी ताजा तस्वीरें भी भेजी थीं ताकि संपर्क और भरोसा बना रहे।  जांच में यह भी सामने आया कि मॉड्यूल से जुड़े कई गुर्गे नशे, खासकर 'चिट्टा' के आदी थे. आरोप है कि उनकी इस लत को बनाए रखने के लिए मुन्ना झिंगाड़ा की तरफ से हेरोइन का इंतजाम भी कराया जाता था. वहीं, भारत में बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए गुर्गों ने 20 लाख रुपये की मांग भी रखी थी. एजेंसियों के अनुसार, इसके बाद कुछ टोकन मनी दी गई और पाकिस्तान से भेजे गए हथियार तथा हैंड ग्रेनेड पंजाब के गुरदासपुर क्षेत्र में गिराए गए।  जांच एजेंसियों के हाथ लगी चैट्स ने पूरे नेटवर्क की परतें खोल दी हैं. एक चैट में मुन्ना झिंगाड़ा ने अपने गुर्गों से कहा था, 'माशाल्लाह करके आना काम.' वहीं उसने यह भी भरोसा दिलाया कि काम पूरा होने के बाद उन्हें नेपाल के रास्ते दुबई बुला लिया जाएगा. दूसरी तरफ गुर्गों ने जवाब में पहले 'चिट्टा' और फिर 20 लाख रुपये की मांग रखी थी. इन चैट्स से साफ संकेत मिले हैं कि ये आतंकी मॉड्यूल अंडरवर्ल्ड, नशे और पैसों के नेटवर्क को एक साथ जोड़कर भारत में बड़ी साजिश को अंजाम देने की तैयारी कर रहा था।