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लुधियाना में भ्रष्टाचार पर वार, विजिलेंस टीम ने SHO को रिश्वत लेते दबोचा

लुधियाना. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार डिवीजन नंबर-4 के SHO गुरजीत सिंह को ₹30,000 की रिश्वत लेते हुए विजिलेंस टीम ने रंगे हाथों काबू कर लिया है। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई प्लानिंग के तहत की गई, जिसमें विजिलेंस ने ट्रैप लगाकर आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। फिलहाल मामले में आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है, वहीं विजिलेंस टीम द्वारा आगे की जांच जारी है। आरोपों से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है और आने वाले समय में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। इसके पहले, लुधियाना के गांव मोही स्थित कैंप खालसा सीनियर सेकेंडरी स्कूल (सरकारी सहायता प्राप्त) के प्रिंसिपल गुरमीत सिंह को 6,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया था। उनपर एक छात्र से सर्टिफिकेट के लिए रुपए मांगने का आरोप है। लुधियाना में आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। बताया गया कि छात्र ने कोविड काल में 10वीं पास की थी, लेकिन उसे सर्टिफिकेट नहीं मिला था। जब वह प्रिंसिपल के पास गया, तो आरोपी ने 15,800 रुपये की मांग की। डुप्लीकेट सर्टिफिकेट की सरकारी फीस मात्र 900 रुपये है, लेकिन प्रिंसिपल ने छात्र से मौके पर ही 10,000 रुपये ऐंठ लिए बाकी के 6,000 रुपये लेते समय विजिलेंस की टीम ने दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में प्रिंसिपल को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया था।

पंजाब में BLO ड्यूटी पर कड़ा रुख, मुख्य चुनाव अधिकारी पंजाब ने दिए स्पष्ट निर्देश

चंडीगढ़. पंजाब में जनगणना की तैयारियां शुरू हो गई हैं। जनगणना को लेकर मुख्य चुनाव अधिकारी ने बड़ा फैसला लेते हुए कहा कि बी.एस.ओ. (बूथ लेवल ऑफिसर) जनगणना ड्यूटी नहीं निभाएंगे। दरअसल राज्य में जनगणना के लिए कर्मचारियों/अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपनी शुरू कर दी गई हैं। प्रशासन ने BLO को भी जनगणना के लिए नियुक्त कर दिया था, पर जब मामला मुख्य चुनाव अधिकारी के पास पहुंचा तो उन्होंने साफ किया कि BLO जनगणना की ड्यूटी नहीं निभाएंगे। CEO पंजाब ने सभी जिलों के डिप्टी कमिश्नरों को जनगणना की ड्यूटी पर नियुक्त BLO को तुरंत हटाने के निर्देश दिए है। CEO का तर्क है कि पंजाब में एस.आई.आर. होने वाला है और BLO इसकी तैयारी में व्यस्त हैं। B.L.O. एक समय में दो काम नहीं संभाल सकते। CEO के निर्देशों के बाद जिला अधिकारियों ने संबंधित अधिकारियों को जनगणना के लिए B.L.O. को तैनात न करने का निर्देश दिया है। यह भी कहा गया है कि अगर किसी B.L.O. को जनगणना के लिए नियुक्त किया जाता है तो उसे हटा दिया जाएगा और किसी दूसरे अधिकारी उसकी जगह बदल दिया जाएगा। एस.आई.आर. से पहले वोटर लिस्ट में किसी भी गलती को ठीक करने के लिए मैपिंग की जा रही है। पंजाब में मैपिंग 80 प्रतिशत पूरी हो चुकी है पर एस.आई.आर. शुरू होने तक इसे 100 प्रतिशत पूरा किया जाना है। कई जिलों में मैपिंग का काम 70 प्रतिशत से भी कम है। चुनाव दफ्तर के अधिकारियों के अनुसार लुधियाना में 60 से 65 प्रतिशत मैपिंग हो गई है। नतीजतन BLO इस समय पूरे राज्य भर में मैपिंग प्रक्रिया में लगे हुए हैं, जिस कारण उनके लिए जनगणना के फर्ज को निभाना असंभव है।

भीषण गर्मी पर अलर्ट: पंजाब स्वास्थ्य विभाग ने जारी की चेतावनी, 12-3 बजे तक घर में रहें

बरनाला. बढ़ते तापमान और चिलचिलाती धूप को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग बरनाला ने आम जनता को गर्मी और लू के प्रकोप से बचाने के लिए एक विशेष स्वास्थ्य एडवाइजरी जारी की है। इस संबंध में जानकारी देते हुए सिविल सर्जन बरनाला डॉ. हरीपाल सिंह सिद्धू ने लोगों से अपील की है कि वे संभावित मौसम की मार से बचने के लिए एहतियात बरतें। डॉ. सिद्धू ने बताया कि दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक का समय सबसे अधिक गर्म होता है, इसलिए इस दौरान अनावश्यक बाहर निकलने से परहेज करना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से संवेदनशील समूहों को सतर्क रहने की सलाह दी है, जिनमें नवजात और छोटे बच्चे, 65 वर्ष या उससे अधिक आयु के बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं, खुले आसमान के नीचे काम करने वाले मजदूर और किसान, दिल की बीमारी, हाई ब्लड प्रैशर और मोटापे से पीड़ित व्यक्ति, खुले में कड़ी मेहनत करने वाले खिलाड़ी और बेघर लोग शामिल हैं। सिविल सर्जन ने स्पष्ट किया कि इन व्यक्तियों के शरीर में पानी की कमी जल्दी हो सकती है, जिससे वे लू की चपेट में आ सकते हैं। जिले के निवासियों की सुविधा के लिए सिविल अस्पताल बरनाला, सब-डिविजनल अस्पताल तपा, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धनौला, महल कलां और भदौड़ में लू से निपटने के लिए आपातकालीन दवाओं और ओ.आर.एस. के पैकेटों का पर्याप्त प्रबंध किया गया है। क्या करें और क्या न करें? जिला मास मीडिया अधिकारी कुलदीप सिंह मान और बी.सी.सी. समन्वयक हरजीत सिंह ने बचाव के उपाय साझा करते हुए बताया: बढ़ती तपिश और लू से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी • क्या करें: अधिक से अधिक पानी, लस्सी, नींबू पानी और ओ.आर.एस. का सेवन करें। बाहर निकलते समय हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें, चश्मा लगाएं और सिर को ढक कर रखें। मौसमी फलों और सब्जियों का प्रयोग अधिक करें। रसोई और घरों को हवादार रखें। • क्या न करें: चाय, कॉफी जैसे गर्म पेय पदार्थों और नशीले पदार्थों के सेवन से बचें। तीखे, मसालेदार और बासी खाने से परहेज करें। बच्चों और पालतू जानवरों को पार्क किए गए वाहनों में बंद न छोड़ें। तेज धूप में नंगे पैर बाहर न जाएं।

फगवाड़ा में हादसे से हड़कंप, सर्विस रिवॉल्वर से चली गोली, DSP ने गंवाई जान

फगवाड़ा. फगवाड़ा में डीएसपी योगेश कुमार की सरकारी रिवॉल्वर से ही गोली चलने से मौत हो गई है। मिली जानकारी के अनुसार यह घटना सुबह करीब 7:30 बजे पुलिस स्टेशन सदर फगवाड़ा के पास स्थित उनके सरकारी क्वार्टर में हुई। बताया जा रहा है कि गोली उनके सीने में लगी. जिसके बाद उन्हें तुरंत जालंधर के जोहल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूत्रों के अनुसार, डीएसपी योगेश कुमार हाल ही में एएनटीएफ पंजाब से ट्रांसफर होकर चंडीगढ़ में एजीसीएमएस, बीओआई में तैनात किए गए थे। एसपी फगवाड़ा माधवी शर्मा ने बताया कि सुबह वो अपनी सरकारी रिवॉल्वर को साफ कर रहे थे तो अचानक से गोली चल गई जोकि डीएसपी योगेश कुमार की छाती पर लगी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया तो वहां पर डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

छापेमारी के बाद ED में बड़ा फेरबदल, जालंधर के 13 अधिकारी ट्रांसफर

जालंधर. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के जालंधर कार्यालय के 13 अधिकारियों का तबादला किया गया है. कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा और जालंधर के रियल स्टेट कारोबारी चंद्रशेखर अग्रवाल पर रेड के तुरंत बाद विभाग में फेर बदल पर सवालिया निशान लगा है। इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को सम्मन भेजे जाने के बाद जालंधर में ईडी के संयुक्त निदेशक रवि तिवारी का तबादला चेन्नई कर दिया गया था। उनकी जगह दिनेश पुरुचुरी को जालंधर का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है, जो दिल्ली से ही काम संभाल रहे हैं। विभाग में बड़ी संख्या में अधिकारियों के तबादलों से दफ्तर की कार्यप्रणाली प्रभावित होने के साथ ही हाई प्रोफाइल मामलों की जांच पर भी असर पड़ेगा। हर वर्ष तबादलों के दौरान किसी एक स्टेशन से 2-3 अधिकारियों का ट्रांसफर होता है, लेकिन इस बार जालंधर कार्यालय से 13 अधिकारियों का एक साथ तबादला कर दिया गया। एक साथ बड़ी संख्या में अधिकारियों के जाने और नए अधिकारियों के अभी कार्यभार संभालने में देरी के कारण फिलहाल जालंधर कार्यालय में स्टाफ की कमी की स्थिति बन गई है। तबादलों में कई सहायक निदेशकों को बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई और जम्मू जैसे शहरों में भेजा गया है। जालंधर कार्यालय में चंडीगढ़, जम्मू, हैदराबाद और बेंगलुरु के अधिकारी तैनात किए जा रहे है।

IPL सट्टेबाजी पर बड़ा एक्शन: पंजाब के खन्ना में मनी ट्रेल सामने, ED की एंट्री

खन्ना/चंडीगढ़. खन्ना में आइपीएल सट्टेबाजी रैकेट के मामले में पुलिस जांच अब ऐसे मोड़ पर पहुंच गई है, जहां करोड़ों की अवैध कमाई के संकेत मिलने के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की एंट्री तय मानी जा रही है, जिसकी जानकारी ईडी को भेज दी गई है। एसएसपी डॉ. दर्पण आहलूवालिया के निर्देशों पर पुलिस ने आरोपितों के बैंक खातों में जमा करीब 42 लाख रुपये फ्रीज करवा दिए हैं। प्राथमिक जांच में यह रकम सट्टेबाजी से जुड़ी होने का शक जताया जा रहा है। पुलिस रिमांड के दौरान सामने आया कि यह गिरोह केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं था, बल्कि खन्ना से बैठकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक सट्टेबाजी नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। करोड़ों रुपये की अवैध कमाई के संकेत भी मिले हैं। मुख्य आरोपित पहले ही गिरफ्तार पुलिस इस मामले में सट्टा किंग दिनेश छाबड़ा, उसके भाई करण छाबड़ा और दो साथियों महेंद्र सिंह राजा व नरेश कुमार बंटी को गिरफ्तार कर चुकी है। पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। 12 अप्रैल को साइबर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 44 हजार रुपये नकद, 11 मोबाइल और एक लैपटाप बरामद किया था। आरोपित लोगों को लालच देकर आनलाइन सट्टेबाजी के जाल में फंसाते थे। ईडी अब आरोपितों की संपत्तियों, बैंक लेन-देन और संभावित विदेशी कनेक्शन की गहन जांच कर सकती है। ठोस सबूत मिलने पर मनी लान्ड्रिंग के तहत भी कार्रवाई संभव है।

Heatwave Alert: पंजाब और हरियाणा में 5 दिन लू का प्रकोप, बठिंडा बना हॉटस्पॉट

चंडीगढ़. अगले चार-पांच दिन लू की लपटें झुलसाएंगी। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में तेज गर्म हवाएं चलेंगी। मौसम विभाग (आइएमडी) ने बताया कि हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, पूर्वी राजस्थान, विदर्भ, छत्तीसगढ़, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी राजस्थान, मध्य प्रदेश, गंगा-तटीय बंगाल, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और ओडिशा के कुछ इलाकों में 25 अप्रैल तक अलग-अलग तारीखों में लू की स्थिति रहेगी। कई क्षेत्रों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। सोमवार को पंजाब में अधिकतम तापमान सामान्य से 3.6 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। बठिंडा राज्य में सबसे गर्म रहा। यहां का अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा पटियाला का अधिकतम तापमान 39.8, लुधियाना का 39.4, चंडीगढ़ का 38.1, फरीदकोट का 38, अमृतसर का 37.1 तथा फिरोजपुर का 36.5 सेल्सियस रहा। प्रयागराज में अधिकतम तापमान 44.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं वाराणसी में अधिकतम तापमान 44 डिग्री रहा। कानपुर, गोरखपुर, झांसी, आगरा समेत उत्तर प्रदेश के 25 से अधिक जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया। राजस्थान, हरियाणा के कई शहरों में भी अधिकतम तापमान 40 डिग्री से ज्यादा रहा। पहाड़ भी तप रहे हैं। उत्तराखंड के पंतनगर में अधिकतम तापमान 39 डिग्री तो देहरादून में 37 डिग्री दर्ज किया गया। कई राज्यों ने मौसम के तेवर से निपटने के लिए एहतियाती कदम उठाए हैं। विशेषज्ञों ने लू के दौरान दोपहर में घर से बाहर न निकलने, पर्याप्त पानी पीने और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी है। साथ ही कहा है कि इस मौसम में बच्चे, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाएं अतिरिक्त सावधानी बरतें। मौसम विभाग ने कहा कि गंगा-तटीय बंगाल यानी बंगाल के दक्षिण क्षेत्र के कुछ हिस्सों में 26 अप्रैल तक गर्म और आर्द्र मौसम रहने के आसार हैं। हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिम उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, विदर्भ में 21 अप्रैल को रात गर्म रहने के आसार हैं।

स्कूल में बड़ा खुलासा: 24 महिला स्टाफ ने लगाए उत्पीड़न के आरोप, आरोपी कर्मचारी घिरा

चंडीगढ़. चंडीगढ़ के एक सरकारी स्कूल की 24 महिला कर्मचारियों द्वारा एक पुरुष सहकर्मी के खिलाफ उत्पीड़न और धमकी का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराए जाने के दो महीने से अधिक समय बाद भी, वह स्कूल में आता रहता है और कथित पीड़ितों के साथ ही दफ्तर साझा करता है। 12 फरवरी को कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न अधिनियम के तहत स्कूल की आंतरिक शिकायत समिति को सौंपी गई शिकायत में कहा गया है कि आरोपी शिक्षक के व्यवहार ने "प्रतिकूल, असुरक्षित और अपमानजनक कार्य वातावरण" का निर्माण किया है। आरोपों की गंभीरता और हस्ताक्षरकर्ताओं की संख्या के बावजूद, आरोपी उनके साथ ड्यूटी पर बना हुआ है। शिकायतकर्ताओं ने "अपमानजनक, निंदनीय और लैंगिक भाषा", "मौखिक धमकियों और डराने-धमकाने" और "महिला कर्मचारियों की गरिमा और सुरक्षा से समझौता करने वाले अवांछित शारीरिक दुस्साहस" का आरोप लगाया है। शिकायत में इसे अलग-थलग घटनाओं के बजाय "आक्रामकता का एक दस्तावेजी पैटर्न" बताया गया है। क्या है पीड़ितों की मांग? “हम मांग करते हैं कि इस शिकायत को तुरंत दर्ज किया जाए और त्वरित जांच के लिए आईसीसी के समक्ष रखा जाए… अंतरिम सुरक्षात्मक उपाय बिना देरी किए लागू किए जाएं,” 24 शिकायतकर्ताओं ने लिखा, और चेतावनी दी कि कार्रवाई न करने पर आपराधिक कार्यवाही हो सकती है। शिकायतकर्ताओं द्वारा उसके आसपास असुरक्षित महसूस करने की बात कहने के बावजूद, अधिकारियों ने उसे स्थानांतरित करने या यह सुनिश्चित करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है कि महिलाएं उसके साथ एक ही स्थान पर न रहें। विद्यालय शिक्षा निदेशक नीतीश सिंगला ने इस पर टिप्पणी प्राप्त करने के प्रयासों का जवाब नहीं दिया। सूत्रों ने बताया कि शिक्षा विभाग ने आरोपों की जांच के लिए कम से कम तीन सरकारी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और एक वरिष्ठ अधिकारी को मिलाकर एक अलग पैनल का गठन किया है, जबकि स्कूल की आईसीसी अपनी अलग जांच कर रही है।

NDPS व भ्रष्टाचार के आरोपी कर्मचारियों पर कार्रवाई करें: हाईकोर्ट का पंजाब सरकार को आदेश

चंडीगढ़. पंजाब सरकार में भ्रष्टाचार और एनडीपीएस एक्ट जैसे गंभीर मामलों में फंसे कर्मचारियों और अधिकारियों पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने कड़ा रवैया अपनाया है। चीफ जस्टिस शील नागू व जस्टिस संजीव बेरी की खंडपीठ ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए पंजाब सरकार द्वारा जवाब दाखिल न करने पर 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। हाईकोर्ट ने जुर्माना राशि पीजीआई के पुअर पेशेंट रिलीफ फंड में जमा कराने का आदेश दिया है। साथ ही तीन सप्ताह का समय जवाब दाखिल करने के लिए दिया है। खंडपीठ ने कहा कि यह बेहद गंभीर और चिंता का विषय है कि जिन अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून और एनडीपीएस एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं और दोषी करार देकर सजा भी सुनाई जा चुकी है, वे अब भी सरकारी नौकरी कर रहे हैं। कोर्ट ने सवाल उठाया कि ऐसे कर्मचारियों को नौकरी से बाहर क्यों नहीं किया गया। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह सिर्फ निचले स्तर के कर्मचारियों की ही नहीं, बल्कि उन उच्च अधिकारियों की भी जिम्मेदारी है, जिन्होंने दोष सिद्ध होने के बावजूद ऐसे कर्मचारियों को नौकरी में बनाए रखने की सिफारिश की। कोर्ट ने कहा कि उन अधिकारियों की जानकारी दी जाए ताकि उन पर भी कार्रवाई की जा सके। सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष यह तथ्य रखा गया कि पंजाब के स्वास्थ्य विभाग में ही ऐसे 20 अधिकारी और कर्मचारी हैं जिनके खिलाफ भ्रष्टाचार और एनडीपीएस के मामले दर्ज हैं और फिर भी वे सेवा में बने हुए हैं। इनमें से कुछ पर वर्ष 2019 से केस दर्ज हैं लेकिन अब तक उन्हें निलंबित करने पर भी विचार नहीं हुआ। एक क्लर्क को तो एनडीपीएस एक्ट में दोषी करार दिया जा चुका है। बावजूद इसके उसे दोबारा बहाल कर विभाग में नियुक्त कर दिया गया। वह स्वास्थ्य निदेशक के कार्यालय में काम कर रहा है। हाईकोर्ट ने पंजाब के मुख्य सचिव को आदेश दिया कि अगली सुनवाई तक यह जानकारी पेश करें कि कितने ऐसे अधिकारी और कर्मचारी अब भी सेवा में हैं। उनके खिलाफ कौन कौन से मामले दर्ज हैं और किसकी सिफारिश पर वे नौकरी में बने हुए हैं।

विजय इंदर सिंगला का आरोप, महिला आरक्षण की आड़ में BJP कर रही है भेदभाव

मानसा महिला आरक्षण की आड़ में BJP भेदभाव कर रही है। इसलिए, 16 अप्रैल 2026 को 131वें संविधान संशोधन बिल को इंडियन नेशनल कांग्रेस और उसके साथियों ने पूरी तरह से सही कारणों से खारिज कर दिया था। पूर्व मंत्री और पूर्व सांसद विजय इंदर सिंगला ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने हमेशा महिला आरक्षण का समर्थन किया है। यह 2023 में पास हुए 106वें संविधान संशोधन के तहत पहले से ही देश का कानून है। इसे कांग्रेस का पूरा समर्थन था। यह 131वां संशोधन बिल 16 अप्रैल 2026 को लाया गया था। इससे महिला आरक्षण की आड़ में भेदभाव और सीट बढ़ाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि 2023 में कानून पास करने के बाद, BJP की सरकार ने इसे लागू करने में करीब 30 महीने की देरी की। लेकिन अब 16 अप्रैल, 2026 को कानून नोटिफाई किया गया और उसी दिन लोकसभा का विस्तार करने, संसदीय क्षेत्रों को फिर से बांटने और रिप्रेजेंटेशन बदलने के लिए नए बिल पेश किए गए। यह यहां लागू करने में देरी करने, फिर इसे डिलिमिटेशन के साथ जोड़ने और आखिर में कुछ राज्यों के पक्ष में राजनीतिक ताकत को फिर से बनाने के लिए इसका इस्तेमाल करने की एक साफ रणनीति दिखाता है। उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब में 13 लोकसभा सीटें हैं। पुराने आंकड़ों के आधार पर डिलिमिटेशन के तहत इसका हिस्सा कम हो जाएगा। इससे MSP, फाइनेंशियल डिस्ट्रीब्यूशन और मानसा और पंजाब के हर जिले के किसानों, मजदूरों और परिवारों को प्रभावित करने वाले हर राष्ट्रीय फैसले पर राज्य का असर सीधे तौर पर कम हो जाएगा। पंजाब एक बॉर्डर राज्य है। राष्ट्रीय सुरक्षा का केंद्र और भारत की खाद्य सुरक्षा की रीढ़। इसने जिम्मेदारी से जनसंख्या स्थिरता का पालन किया है और फिर भी इसे सही काम करने की सजा दी जा रही है। उन्होंने कहा कि भारत की महिलाएं असली एम्पावरमेंट और राजनीतिक पैंतरेबाजी के बीच का अंतर समझती हैं। वे देरी, कमजोरी और भटकाव को पहचानती हैं। यह सिर्फ़ रिज़र्वेशन का सवाल नहीं है। यह राज्यों की आवाज़ और हमारी डेमोक्रेसी की ईमानदारी का सवाल है। कांग्रेस पंजाब, मानसा और हर उस नागरिक के साथ खड़ी रहेगी जो यह मानता है कि संवैधानिक अधिकार राजनीतिक फ़ायदे के लिए सौदेबाज़ी की चीज़ नहीं हैं।