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पावरकॉम की नई योजना: पंजाब के परिवारों को डायरेक्ट बिजली कनेक्शन की सुविधा

जीरकपुर/चंडीगढ़. अधूरी कॉलोनियों में बुनियादी सुविधाओं से वंचित जीवन जी रहे हजारों परिवारों के लिए राहत की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए पावरकॉम ने राज्य स्तर पर सख्त और स्पष्ट आदेश जारी किए हैं। 30 मार्च 2026 को जारी इन आदेशों में पूरे पंजाब के बिजली अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि जिन कॉलोनियों/सोसायटियों में बिल्डरों ने जरूरी नियमों का पालन नहीं किया, उन मामलों की पहचान करके संबंधित लाइसेंसिंग अथॉरिटीज को आधिकारिक नोटिस भेजे जाएं और आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। सबसे जरूरी बात यह है कि अगर किसी कॉलोनी का लाइसेंस सस्पेंड या कैंसल हो जाता है और उसे खाली घोषित कर दिया जाता है, तो वहां रहने वाले लोग तय प्रोसेस पूरा करने के बाद सीधे पावरकॉम से बिजली कनेक्शन ले सकेंगे। यह आदेश पावरकॉम के चीफ इंजीनियर (कमर्शियल) कार्यालय द्वारा जारी कर पूरे राज्य के इंजीनियर-इन-चीफ और चीफ इंजीनियर (डिस्ट्रिब्यूशन सिस्टम) तक भेजे गए हैं, जिससे स्पष्ट है कि यह कदम किसी एक शहर तक सीमित नहीं बल्कि पूरे पंजाब में लागू होगा। इस कार्रवाई का आधार पीएसईआरसी (PSERC) द्वारा हाल ही में किए गए संशोधन हैं, जिनके तहत सप्लाई कोड-2024 के अनुसार अधूरी कॉलोनियों और डिफॉल्ट करने वाले बिल्डरों के मामलों में सख्ती के निर्देश दिए गए हैं। आदेश के अनुसार, यदि कोई बिल्डर या प्रमोटर आवश्यक एनओसी प्राप्त नहीं करता, बैंक गारंटी जमा नहीं करता या कॉलोनी में बिजली से संबंधित बुनियादी ढांचा जैसे ट्रांसफॉर्मर, केबल और वितरण प्रणाली पूरी नहीं करता, तो उसका लाइसेंस सस्पेंड या रद्द किया जा सकता है। पावरकॉम ने आदेश दिए हैं कि ऐसे मामलों को दस्तावेज़ी रूप से चिन्हित कर पुड्डा, गमाडा, पीडीए और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग जैसे विभागों को नोटिस भेजे जाएं। यह प्रक्रिया कॉलोनी को खाली घोषित करने के लिए जरूरी शर्त होगी। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि संबंधित सरकारी प्राधिकरण तीन महीनों के भीतर बिल्डर के खिलाफ कार्रवाई नहीं करता, तो पावरकॉम खुद अदालत का रुख करेगा और आवश्यक आदेश लेकर आगे कार्रवाई करेगा। इससे पहली बार बिजली विभाग सिर्फ सप्लाई एजेंसी से आगे बढ़कर सक्रिय भूमिका निभाता नजर आएगा। सीधे बिजली कनेक्शन दिए जाएंगे – सबसे ज़रूरी बात यह है कि अगर किसी कॉलोनी का लाइसेंस सस्पेंड या कैंसल होता है और उसे खाली घोषित कर दिया जाता है, तो वहां रहने वाले लोग तय प्रोसेस पूरा करने के बाद सीधे पावरकॉम से बिजली कनेक्शन ले सकेंगे, भले ही बिल्डर ने प्रोजेक्ट अधूरा छोड़ दिया हो। हालांकि, इसके लिए कॉलोनी का ऑफिशियली खाली घोषित होना ज़रूरी होगा और इस बारे में नॉर्म्स तैयार किए जा रहे हैं, जिन्हें रेगुलेटरी अप्रूवल के बाद लागू किया जाएगा। अब बिल्डर की लापरवाही की वजह से लोगों को अंधेरे में नहीं रहना पड़ेगा। ऑर्डर में यह भी कहा गया है कि ऐसे प्रोजेक्ट्स में अधूरे बिजली सिस्टम को पूरा करने का अनुमानित खर्च पावरकॉम तैयार करके संबंधित डिपार्टमेंट्स के सामने रखेगा। सर्विस कनेक्शन चार्ज के तौर पर भी कुछ खर्च वसूल यह भी इशारा किया गया है कि इस प्रोसेस में कुछ खर्च ऐसे प्रोजेक्ट्स में रहने वालों से सर्विस कनेक्शन चार्ज के तौर पर भी वसूला जा सकता है, जिससे यह साफ है कि राहत के साथ-साथ लोगों पर कुछ फाइनेंशियल जिम्मेदारी भी आ सकती है। हाल के बिजली संकट और ज़ीरकपुर और आसपास के इलाकों में अधूरी कॉलोनियों के मामले में इस ऑर्डर को काफी अहम माना जा रहा है। हालांकि, यह भी उतना ही साफ है कि डायरेक्ट बिजली कनेक्शन का रास्ता तभी खुलेगा जब नोटिस जारी करने से लेकर लाइसेंस प्रोसेस करने और छोड़ने की घोषणा करने तक का पूरा प्रोसेस कानूनी और एडमिनिस्ट्रेटिव तरीके से पूरा हो जाएगा। इस पूरे ऑर्डर का मैसेज यह है कि अगर बिल्डर अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाता है, तो बिजली सप्लाई की स्थिति स्थिर नहीं रहेगी। तय प्रोसेस के जरिए एडमिनिस्ट्रेटिव मशीनरी को एक्टिवेट करके, आखिरकार निवासियों को बिजली देने का रास्ता तैयार किया जा रहा है, हालांकि सब प्रोसीजरली और नियमों के दायरे में ही लागू किया जाएगा। विभाग को ऐसे आदेश क्यों जारी करने पड़े पंजाब में कई कॉलोनियों/सोसायटियों में बिल्डरों ने बिजली का बुनियादी ढांचा पूरा किए बिना ही लोगों को बसाया, जिससे निवासी आवश्यक सुविधाओं से वंचित रह गए। कई बड़े प्रोजेक्ट्स में बिल्डरों ने सिंगल पॉइंट मीटर लेकर निवासियों से प्रीपेड मीटर के जरिए पैसे वसूले, लेकिन वह राशि पावरकॉम को जमा नहीं करवाई। इसके कारण जब बिल्डरों पर लाखों रुपये बकाया हो गए तो बिजली काट दी गई, और पूरा भुगतान करने के बावजूद निवासी अंधेरे में रहने को मजबूर हो गए। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए सरकार के निर्देशों और नियमों के तहत यह सख्त आदेश जारी किए गए हैं।

अदालत ने चोरी के आरोप में फंसे जज को जमानत देने से किया मना, कानून की जीत

चंडीगढ़  पंजाब की एक अदालत में हाल ही में एक अनोखा मामला पहुंचा। यहां एक जज पर लगे चोरी के आरोप पर सुनवाई करते समय अदालत भी हैरान रह गई। जज पर अन्य लोगों के साथ मिलकर साथी जज के घर से चोरी के इल्जाम लगे हैं, वह भी तब जब जज की लाश अस्पताल में पड़ी थी। इस मामले पर सुनवाई करते हुए हुए पंजाब के पटियाला की एक अदालत ने बीते बुधवार को कहा है कि कानून से ऊपर कोई नहीं हो सकता और जज की अग्रिम जमानत की याचिका भी खारिज कर दी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हरिंदर सिद्धू ने अपने आदेश में कहा कि एक कार्यरत न्यायिक अधिकारी पर लगे आरोप बेहद गंभीर हैं और यह एक पब्लिक सर्वेंट, खासकर न्यायिक अधिकारी से अपेक्षित ईमानदारी पर सवाल उठाते हैं। यह मामला 1 अगस्त 2025 की रात से जुड़ा है, जब जज कंवलजीत सिंह का पटियाला के अमर अस्पताल में निधन हो गया था। आरोप हैं कि सिविल जज (जूनियर डिविजन) बिक्रमदीप सिंह ने मृतक के घर की घरेलू सहायक अमरजोत कौर उर्फ पिंकी, सरकारी अधिकारी गौरव गोयल और एक अन्य अज्ञात व्यक्ति के साथ मिलकर साजिश रची। कैसे हुई चोरी? जानकारी के मुताबिक जब जज का शव अस्पताल में था, तब यह लोग विकास कॉलोनी स्थित जज के घर में घुसे और सोना, जेवर और नकदी निकाल ली। सीसीटीवी फुटेज में आरोपी जज और उनके साथी घर में आते-जाते और बैग और डिब्बे ले जाते दिखे हैं। इसके बाद डॉ. भूपिंदर सिंह विर्क, जो पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला में लॉ प्रोफेसर हैं, की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई थी। क्या बोला कोर्ट? कोर्ट ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज पहली नजर में आरोपी की मौजूदगी और भूमिका को साबित करती है। कोर्ट ने यह भी कहा कि फुटेज में आरोपियों की बॉडी लैंग्वेज और सामान ले जाने का तरीका साफ दिखाता है कि यह काम गुपचुप तरीके से किया गया। कोर्ट ने बचाव पक्ष की उस दलील को भी खारिज कर दिया जिसमें व्हाट्सऐप चैट और कॉल के जरिए अनुमति मिलने की बात कही गई थी। अदालत ने पाया कि ये बातचीत कथित चोरी के बाद हुई थी। फुटेज रात करीब 9:50 बजे तक की है, जबकि पहला मैसेज 10:17 बजे का बताया गया। कोर्ट ने कहा कि इन संदेशों में सिर्फ शोक जताया गया है, किसी तरह की अनुमति का संकेत नहीं मिलता। कानून से ऊपर कोई नहीं कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि कोई भी व्यक्ति, चाहे उसका पद कुछ भी हो, कानून से ऊपर नहीं है। सुप्रीम कोर्ट के दिल्ली ज्यूडिशियल सर्विस एसोसिएशन बनाम गुजरात राज्य (1991) मामले का हवाला देते हुए अदालत ने कहा कि यह दिशानिर्देश सिर्फ मनमानी गिरफ्तारी से बचाते हैं, पूरी छूट नहीं देते। अदालत ने कहा कि इस मामले में कस्टोडियल इंटरोगेशन जरूरी है, क्योंकि अभी भी काफी सामान बरामद नहीं हुआ है और पूरी साजिश का खुलासा होना बाकी है। कोर्ट ने कहा कि गंभीर मामलों में अग्रिम जमानत जांच में बाधा नहीं बननी चाहिए।

प्रमोटेड छात्रों की जानकारी ई-पंजाब पोर्टल पर फीड करने के लिए स्कूलों को निर्देश

लुधियाना. डायरेक्टर जनरल स्कूल शिक्षा (डी.जी.एस.ई.) सह स्टेट प्रोजेक्ट डायरेक्टर, पंजाब की ओर से ई-पंजाब पोर्टल (एम.आई.एस. 2.0) पर प्रमोट किए गए विद्यार्थियों के डाटा को वैरिफाई करने के संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं। विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए है कि सभी स्कूलों में विद्यार्थियों के रिकॉर्ड की बारीकी से जांच करें। विभाग द्वारा पोर्टल पर विद्यार्थियों का डाटा अगली क्लास में प्रमोट कर दिया गया है। अब सभी स्कूलों को प्रमोट किए गए विद्यार्थियों की क्लास और सैक्शन की जांच करनी होगी और जरूरत के अनुसार सुधार (एडिट) करवाना होगा। यदि किसी विद्यार्थी को गलती से प्रमोट कर दिया गया है, तो उसे उसकी सही क्लास में दर्ज करना होगा। ट्रासफर सर्टीफिकेट और नए दाखिले विभाग द्वारा जारी पत्र में सभी स्कूलों को निर्देश जारी किए गए हैं कि अकादमिक साल 2025-26 की सबसे बड़ी क्लास के विद्यार्थियों को 'स्टूडेंट पर्सनल डिटेल्स' शीट में 'इनएक्टिव' और 'पास आऊट' दिखाया जाए। इन विद्यार्थियों को 'टी.सी. जैनरेशन' स्क्रीन से ट्रांसफर सर्टीफिकेट (टी.सी.) जारी किया जाए। इसके अलावा, साल 2026-27 के लिए सभी छोटी क्लास (लोअर क्लास) के सैक्शन निर्धारित किए जाएं और जरूरत पड़ने पर नए सेक्शन भी बनाए जा सकते हैं। गाइडलाइन्स के अनुसार नए दाखिले नए दाखिले के लिए आने वाले विद्यार्थियों को विभाग की गाइडलाइन्स के अनुसार सही क्लास में दर्ज करने को कहा गया है। विभाग के ध्यान में आया है कि कई स्कूलों के यू-डाइस पोर्टल और ई-पंजाब पोर्टल पर लोअर और हायर क्लास की जानकारी में अंतर (डिस्क्रेपैंसी) है। उदाहरण के तौर पर, कुछ स्कूलों की लोअर क्लास नर्सरी है, जबकि ई-पंजाब पोर्टल पर एल.के.जी. दर्ज है। स्कूल ऐसी विसंगतियों को ध्यान से वैरिफाई करने के बाद ही दर्ज करना होगा। सभी स्कूल प्रमुखों को 6 अप्रैल तक सारा काम मुकम्मल करने को कहा गया है। 

भगवंत मान और नायब सिंह सैनी को बम से उड़ाने की धमकी, पंजाब-हरियाणा CM और DGP भी खतरे में

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को जान से मारने की धमकी दी गई है। यह धमकी एक मेल के जरिए आई है। इस मेल में पंजाब के डीजीपी गौरव यादव का ल नाम भी शामिल है। इसके अलावा मेयर ऑफिस और सचिवालय को भी बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। मेल भरी इस धमकी को मिलते ही पुलिस जांच में जुट गई है और इन सभी की सुरक्षा और सतर्क कर दी गई है। स्कूलों को भी मिली धमकी चंडीगढ़ के कुछ स्कूलों को सोमवार को बम से उड़ाने की धमकी वाले ईमेल मिले, जिसके बाद प्रशासन ने व्यापक जांच शुरू कर दी। अधिकारियों के अनुसार, पुलिसकर्मी स्कूल परिसरों में पहुंच गए और शैक्षणिक संस्थानों के अंदर तलाशी अभियान चला रहे हैं। एक स्कूल में तलाशी के दौरान मौजूद एक पुलिस अधिकारी ने बताया, ’’जैसे ही हमें सूचना मिली, हम स्कूल परिसर में पहुंच गए। सघन तलाशी ली जा रही है, लेकिन अब तक कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है। हमने अभिभावकों से कहा है कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है।’’ मिल चुकी हैं कई बार धमकियां यह ताजा घटना पिछले कुछ हफ्तों में चंडीगढ़ समेत पंजाब और हरियाणा के कई स्थानों में हुई इसी तरह की घटनाओं के बाद सामने आई है, जहां कुछ स्कूलों और उच्च न्यायालय को धमकी मिली थी, जो बाद में झूठी साबित हुई। इससे पहले पिछले हफ्ते पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय को बम संबंधी धमकी मिली। हालांकि बाद में अधिकारियों ने कहा कि जांच के दौरान कुछ संदिग्ध नहीं मिला। पुलिस ने कहा कि ईमेल के जरिये मिली धमकी की सूचना मिलने के बाद पुलिस, दमकल विभाग के अधिकारियों, बम निरोधक दस्ते, खोजी कुत्तों के दस्ते और एक एंबुलेंस को जांच के लिए उच्च न्यायालय के परिसर में भेजा गया। इससे पहले बुधवार को सेक्टर 37 में भाजपा के पंजाब कार्यालय के बाहर विस्फोट हुआ था जिसमें एक संदिग्ध देसी विस्फोटक उपकरण का इस्तेमाल किया गया था। हालांकि विस्फोट में कोई हताहत नहीं हुआ। इससे पहले चंडीगढ़ में स्थित पंजाब सिविल सचिवालय, पासपोर्ट कार्यालय और अमृतसर, जालंधर, पटियाला और हरियाणा में विभिन्न स्कूलों को भी ऐसी ही धमकियां मिली थी। 26 दिन पहले खालिस्तान नेशनल आर्मी से मिली धमकी 10 मार्च को 'खालिस्तान नेशनल आर्मी' की ओर से भी सीएम को जान से मारने की सीधी धमकी मिली। तब गुरुग्राम के कई बड़े स्कूलों को भेजे गए एक ईमेल में मुख्यमंत्री को निशाना बनाने के साथ-साथ शहर के स्कूलों और ट्रेनों को बम से उड़ाने का अल्टीमेटम दिया गया। मेल में लिखा-मुख्यमंत्री के पास 'एक मौका' है, यदि उन्होंने हरियाणा विधानसभा में खालिस्तान रेफरेंडम का समर्थन नहीं किया या पंजाब के साथ जुड़ने का विरोध किया, तो उनकी "जिंदगी खत्म" कर दी जाएगी। 10 महीने पहले भी मिली थी धमकी इससे पहले 30 मई 2025 को हरियाणा मुख्यमंत्री कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री आवास संत कबीर कुटीर और सचिवालय में फिदायीन हमले की बात कही गई थी। सीआईडी के सीनियर अधिकारियों को मेल भेजकर कहा गया कि दोनों जगह फिदायीन हमले होंगे। सूचना मिलते ही चंडीगढ़ पुलिस की टीमें एक्टिव हो गईं। तुरंत सीएम आवास और सचिवालय की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी और सचिवालय में अनाउंसमेंट कराकर बिल्डिंग खाली कराई गई थी। धमकी भरे ईमेल सुबह 9:21 बजे मिले स्कूलों को धमकी भरे ईमेल सुबह करीब 9:21 बजे प्राप्त हुए। इनमें एसटी स्टीफन स्कूल , शिवालिक पब्लिक स्कूल और रयान इंटरनेशनल स्कूल सहित कई शैक्षणिक संस्थानों का नाम लिया गया। इसके अलावा मेयर कार्यालय और यूटी सचिवालय को भी निशाना बनाए जाने की बात कही गई। ईमेल में दिए गए थे तय समय सूत्रों के अनुसार, ईमेल में धमाकों के लिए अलग-अलग समय का उल्लेख किया गया था। स्कूलों में “1:11 बजे”, मेयर कार्यालय में “2:11 बजे” और सचिवालय में “3:11 बजे” विस्फोट की चेतावनी दी गई थी। इतना ही नहीं, देर रात किसी विश्वविद्यालय भवन में ग्रेनेड हमले की भी धमकी दी गई। ईमेल में गांधी भवन का भी जिक्र किया गया।  

वीसी पद के लिए आवेदन आमंत्रित, रेणु विग का कार्यकाल बढ़ा

चंडीगढ़. पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ में नए कुलपति की नियुक्ति के लिए आवेदन आमंत्रित कर लिए गए हैं। बीते 28 मार्च को मौजूदा कुलपति प्रोफेसर रेनू विग का कार्यकाल खत्म होने जा रहा था, लेकिन चांसलर ऑफिस की ओर से उन्हें 4 महीने का एक्सटेंशन दे दिया गया है। अब नए कुलपति की नियुक्ति को लेकर तीन सदस्यों की सर्च कमेटी चार से पांच नाम शॉर्ट लिस्ट करके चांसलर ऑफिस को भेजेगा जिसके बाद में कुलपति का फैसला होगा। 5 मई तक कुलपति पद के लिए योग्य उम्मीदवार आवेदन कर सकेंगे। आमतौर पर पंजाब यूनिवर्सिटी कुलपति को पहले चरण में 3 वर्ष का कार्यकाल दिया जाता है और उसके बाद फिर से 3 वर्ष की एक्सटेंशन मिल जाती है। लेकिन पहली बार मौजूदा कुलपति को सिर्फ 4 महीने का एक्सटेंशन दिया गया है। पंजाब यूनिवर्सिटी कुलपति पद के लिए इस बार मुकाबला काफी कड़ा रहने की उम्मीद है। देश के विभिन्न यूनिवर्सिटी में मौजूदा समय में पंजाब यूनिवर्सिटी के कई प्रोफेसर कुलपति के पद पर कार्यरत हैं। यह सभी प्रोफेसर पंजाब यूनिवर्सिटी कुलपति के लिए आवेदन करेंगे। 2023 में कुलपति पद के लिए 134 आवेदन मिले थे। कुलाधिपति एवं उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने कुलपति रेणु विग के कार्यकाल को आगे बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार अगले कुलपति की नियुक्ति के लिए तीन सदस्यीय खोज-सह-चयन पैनल भी गठित कर दिया गया है। विग के तीन साल के कार्यकाल के खत्म होने के ठीक अगले दिन 29 मार्च से यह विस्तार प्रभावी होगा। शिक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘इस पैनल में सभी महिलाएं होंगी जिसकी अध्यक्षता नासिक स्थित महाराष्ट्र आरोग्य विज्ञान विद्यापीठ की कुलपति सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल माधुरी कानिटकर करेंगी। समिति में नयी दिल्ली के राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान (एनआईईपीए) की कुलपति शशिकला वंजारी और कोलकाता के सीएसआईआर-भारतीय रासायनिक जीव विज्ञान संस्थान की निदेशक विभा टंडन सदस्य के रूप में शामिल हैं।’’ रेणु विग ने 16 जनवरी 2023 को तत्कालीन कुलपति राज कुमार के भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच इस्तीफे के बाद कार्यवाहक कुलपति के रूप में जिम्मेदारी संभाली थी। बाद में वर्ष 2023 में उन्हें औपचारिक रूप से विश्वविद्यालय की 14वीं और पहली महिला कुलपति नियुक्त किया गया था। 

‘रील’ बनाने के नाम पर पटियाला में हंगामा, हथियारों के साथ घूमते दिखे 50 युवक

पटियाला. शहर में 50 से अधिक युवकों ने रविवार को तेजधार हथियार लहराते हुए सड़कों पर हुड़दंग मचाया। ये युवक सूल्लर दारू कुटिया इलाके से बाइक व कार की छत पर बैठकर निकले और तेजधार हथियार लहरा रहे थे। घटना रविवार दोपहर के समय की बताई जा रही है। पुलिस से बेखौफ इन युवकों ने वीडियो भी बनाई और इंटरनेट पर अपलोड भी कर दी। मामला सामने आने और वायरल वीडियो के बाद पुलिस हरकत में आई। रविवार देर शाम तक कुछ युवकों की पहचान कर इन्हें राउंडअप भी किया है। यह वीडियो जतिन राजपूत नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपलोड हुई है। वायरल वीडियो में युवकों का यह झुंड सुल्लर पुल से शुरू होता दिख रहा है। कार की छत पर सवार युवक तलवारें, गंडासी, टकुए सहित अन्य तेजधार हथियार लहरा रहे हैं। सुल्लर पुल से शुरू होकर वे न्यू अफसर कालोनी वाली रोड की तरफ मुड़ते हैं। इलाके में चर्चा रही कि ये युवक रैली के नाम पर किसी राजनीतिक पार्टी के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सरहिंद रोड की तरफ गए थे लेकिन रैली में शामिल होने के सुराग पुलिस को अब तक नहीं मिले हैं। हालांकि, इनके हथियार लेकर हवा में लहराते व ललकारे मारने की वीडियो पुलिस के पास जरूर पहुंची है। एसपी सिटी पलविंदर सिंह चीमा ने कहा कि युवकों द्वारा तेजधार हथियारों के साथ हुड़दंग मचाने की वीडियो पुलिस को मिल चुकी है। युवकों की पहचान कर जल्द ही युवकों को काबू किया जाएगा।

पंजाब के फिरोजपुर में कोर्ट पर खतरा, बम धमकी के बाद कॉम्प्लेक्स कराया गया खाली

फिरोजपुर. पंजाब के फिरोजपुर की अदालत को एक बार फिर से धमकी भरी ईमेल मिलने के बाद सोमवार को कोर्ट परिसर को खाली करवा लिया गया है। पता चला है कि राज्य में फिरोजपुर अमृतसर की जिला अदालतों को यह धमकी मिली है। बेशक अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। रोजाना की भांति जैसे ही कोर्ट स्टाफ वकील सहित अन्य लोग कोर्ट में पहुंचे तो अचानक से कोर्ट को खाली करवाने के आदेश आए। सुबह 9:45 पर कोर्ट परिसर को खाली करवाना शुरू कर दिया गया। एडवोकेट रोहित अरोड़ा और एडवोकेट अर्शदीप सिंह रंधावा ने बताया कि ऐसा दूसरी बार हुआ है कि जब 2महीने के भीतर कोर्ट में धमकी आई हो। ज्ञात होकि गाठ दिवस भी पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट परिसर में बम धमकी मिलने के बाद अफरा-तफरी का माहौल बन गयाथा। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, चंडीगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय को एक ईमेल भेजा गया, जिसमें हाईकोर्ट के भीतर बम लगाए जाने की चेतावनी दी गई थी। पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और परिसर को खाली कराना शुरू किया। इस दौरान आसपास के क्षेत्र में यातायात प्रभावित हुआ। बम निरोधक दस्ते और स्निफर डॉग्स भी मौके पर पहुंचे और तलाशी अभियान शुरू किया। यह धमकी ठीक एक दिन बाद आई है, जब सेक्टर-37 स्थित पंजाब भाजपा कार्यालय के बाहर ग्रेनेड हमला हुआ था। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। पिछले साल मई में हाईकोर्ट रजिस्ट्रार कार्यालय को धमकी भरा ईमेल मिला था और इसी साल फरवरी में जिला अदालत को भी इसी तरह की धमकी दी गई थी। अधिकारियों ने ईमेल के स्रोत की जांच शुरू कर दी है और अदालत परिसरों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

जालंधर: DPS और मेयर वर्ल्ड स्कूलों को बम से उड़ाने की मिली धमकी

जालंधर   पंजाब के जालंधर में आज यानी सोमवार को कई स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से प्रशासन में हड़कंप मच गया। जालंधर के डीपीएस स्कूल, मेयर वर्ल्ड स्कूल और एक अन्य डीपीएस स्कूल को ईमेल के जरिए धमकी भेजी गई। ईमेल मिलते ही स्कूल प्रबंधन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीमें बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड के साथ मौके पर पहुंचीं और स्कूल परिसरों की जांच शुरू कर दी गई है। इस घटना के बाद अभिभावकों और छात्रों में डर का माहौल बन गया है। जालंधर के स्कूलों को बनाया निशाना जालंधर के प्रमुख निजी स्कूलों को भेजी गई धमकी भरी ईमेल ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। डीपीएस और मेयर वर्ल्ड स्कूल जैसे संस्थानों को सीधे निशाना बनाया गया। ईमेल में आपत्तिजनक भाषा का उपयोग करते हुए बच्चों को लेकर चेतावनी दी गई, जिससे स्कूल प्रशासन तुरंत सक्रिय हुआ और स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट धमकी मिलने के बाद पुलिस ने बिना देर किए कार्रवाई शुरू की। बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड की टीमों ने स्कूलों में सर्च ऑपरेशन चलाया। अधिकारियों के अनुसार, हर कोने की जांच की जा रही है ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते टाला जा सके। फिलहाल किसी संदिग्ध वस्तु की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सतर्कता बढ़ा दी गई है। फिरोजपुर कोर्ट में दोपहर दो बजे तक काम बंद  फिरोजपुर कोर्ट काम्प्लेक्स को एक फिर बम से उठाने की धमकी मिली है। दोपहर दो बजे तक कामकाज बंद कर दिया है। पुलिस ने मौके पर पहुंच कोर्ट खाली करवाई और छानबीन शुरू कर दी है। साइबर सेल कर रही जांच पुलिस अधिकारियों ने बताया कि धमकी भरे ईमेल के स्रोत का पता लगाने के लिए साइबर सेल को भी जांच में शामिल किया गया है। ईमेल कहां से भेजा गया, इसका तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है। पिछले कुछ समय से इस तरह की धमकियों की घटनाएं बढ़ी हैं, जिससे एजेंसियां और ज्यादा सतर्क हो गई हैं। ईमेल में लिखी गई गंभीर धमकियां धमकी भरी ईमेल में जालंधर के स्कूलों में बम ब्लास्ट की बात कही गई है और बच्चों को बचाने की चेतावनी दी गई है। इसमें कुछ राजनीतिक और अलगाववादी बयान भी शामिल हैं। ईमेल में बम और ग्रेनेड से हमले का जिक्र करते हुए समय भी लिखा गया है, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है। बड़े नेताओं और अमृतसर का भी जिक्र ईमेल में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल को भी निशाना बनाने की धमकी दी गई है। इसके अलावा अमृतसर में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को 14 अप्रैल को नुकसान पहुंचाने की बात कही गई है। इस कारण पूरे पंजाब में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

वैश्विक संकट का संकेत: ग्रहों की चाल से भारत और सीमाओं पर पड़ेगा असर!

जालंधर/चंडीगढ़. एक तरफ जहां खाड़ी में अमरीका-इजराईल की ईरान के साथ जंग जारी है तो दूसरी तरफ ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि भारत को भी 10 नवम्बर 2026 से 10 मार्च 2027 तक अपनी सीमाओं को लेकर अत्यधिक सतर्क रहना होगा। दिल्ली की प्रमुख ज्योतिषाचार्य मनीजा अहूजा के अनुसार उस समय मंगल सिंह राशि में कभी वक्री होंगे तो कभी मार्गी और यह स्थिति भारतीय सीमाओं पर व्यापक हलचल पैदा करने वाली होगी। उन्होंने कहा कि 31 जुलाई 2026 तक भी अत्यधिक सतर्कता वाला समय रहेगा। उन्होंने बताया कि इसमें भी 15 दिसम्बर से 25 दिसम्बर 2026 तक का समय अत्यंत घातक सिद्ध हो सकता है क्योंकि उस समय मंगल गोचर में शनि को 8वीं दृष्टि से देखेगा। उन्होंने कहा कि रौद्र संवतसर 2083 चल रहा है जिसके बारे में लिखा है कि अहंकारी राजा लड़ते हैं और प्रजा परेशान होती है। उन्होंने कहा कि मंगल की मीन राशि में शनि के साथ युती हो चुकी है। उन्होंने बताया कि खाड़ी युद्ध अब अगले 45 दिनों तक और तेज होगा जिससे व्यापक तबाही दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि 2030 से 2032 तक 3 वर्ष न केवल भारत बल्कि पूरे विश्व के लिए अत्यधिक खराब रहने वाले हैं। इसकी आहट 2028-29 से सुनाई पड़नी शुरू हो जाएगी। उन्होंने कहा कि जिस तरह रूस टूट गया था उसी तरह से जुलाई 2028 से अमरीका के कई भूखंड अलग होना शुरू हो जाएंगे। पूरे विश्व पर अमरीका का प्रभुत्व कम होगा। ईरान की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि इस्लामिक गुटों का प्रभुत्व मार्च 2029 तक किसी न किसी तरीके से बना रहेगा। इजराईल की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि उसे अगले 3-4 महीनों में व्यापक नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि जून 2030 से 2032 तक शनि वृष राशि में रोहिणी नक्षत्र में आते-जाते रहेंगे और यह समय ही पूरे विश्व के लिए खराब सिद्ध होगा। 30 वर्ष पहले भी ऐसी परिस्थितियां बनी थी और उस समय भी काफी तबाही हुई थी परन्तु उस समय बचाव में बृहस्पति थे परन्तु इस बार जीवों के बचाव में बृहस्पति नहीं आएंगे क्योंकि वह अतिचारी अवस्था में चल रहे हैं। डोनाल्ड ट्रम्प की चर्चा करते हुए उनहोंने कहा कि सिंह लग्र की कुंडली में विपरीत ग्रह योग चल रहे हैं और मई 2027 तक ट्रम्प के सभी फैसले अमरीका के लिए घातक सिद्ध होंगे।

भारी ट्रैफिक जाम: जालंधर-पठानकोट रोड पर वाहनों की लंबी लाइनें

जालंधर. जालंधर से लुधियाना जाने वाले वाहन चालकों के लिए अहम सूचना है। जालंधर–लुधियाना हाईवे पर ईस्टवुड से फगवाड़ा की ओर भारी ट्रैफिक देखने को मिल रहा है, जिसके चलते वाहनों की रफ्तार काफी धीमी हो गई है। मिली जानकारी के अनुसार, इस रूट पर ट्रैफिक का दबाव अधिक होने के कारण जगह-जगह लंबा जाम लग रहा है। खासतौर पर ईस्टवुड चौक से लेकर फगवाड़ा की ओर जाने वाले मार्ग पर वाहन रेंग-रेंग कर चल रहे हैं। हालांकि, ट्रैफिक जाम की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाई है। प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस स्थिति को संभालने में जुटी हुई है। वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि वे जालंधर से लुधियाना की ओर निकलते समय सावधानी बरतें, संभव हो तो वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करें और जल्दबाजी से बचें। इसके पहले जालंधर-पठानकोट रोड पर भारी जाम लगा था। बताया जा रहा है कि किशनगढ़ थाने के अधीन आते गांव कुराड़ी में एक व्यक्ति छप्पर में गिर गया था। इस संबंध में परिवार द्वारा पुलिस को जानकारी दी गई पर पुलिस छानबीन पर ऐसे ही वापिस लौट गई। इसके बाद जब उन्होंने खुद जे.सी.बी. मंगवा छप्पर की छानबीन की तो युवक का शव मिला था। इसके बाद गुस्से में आए परिजनों द्वारा युवक का शव रख कर प्रदर्शन किया। सड़क जाम होने के कारण वाहनों की लंबी कतारें लगी और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बता दें कि इससे पहले भी इस छप्पर में 2 लोग गिर चुके हैं।