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सावधान! ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ बनकर ठग रहे जालसाज, लोगों के खाते कर रहे साफ

लुधियाना. देश भर में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे डिजिटल संगठन “कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी)” का नाम अब साइबर ठगों के लिए नया हथियार बन गया है। युवाओं को सिस्टम बदलने और बड़ी जिम्मेदारी मिलने का लालच देकर ठग लोगों को फिशिंग लिंक भेज रहे हैं। लिंक पर क्लिक करते ही मोबाइल फोन हैक हो रहा है और लोगों की बैंकिंग जानकारी साइबर अपराधियों तक पहुंच रही है। मामले को गंभीरता से लेते हुए लुधियाना पुलिस ने आम जनता को सतर्क करने के लिए अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर जागरूकता वीडियो जारी किया है। पुलिस के पास ऐसे मामलों की 6 से 7 के करीब शिकायतें पहुंची हैं। हालांकि किसी से अभी तक ठगी नहीं हुई। जिसके बाद पुलिस इसे गंभीरता से ले रही है। ऐसे समझिए ठगी का नया तरीका इन दिनों कॉकरोच जनता पार्टी ट्रेंडिंग में होने के चलते ठगों ने एक लिंक तैयार किया है। जिसके ऊपर लिखा है कि देश को बदलना है तो पार्टी के साथ जुड़ें। पार्टी के साथ जुड़ने के लिए लिंक पर क्लिक करें और आप रजिस्टर हो जाएंगे। यही नहीं आप पार्टी के वॉट्सऐप ग्रुप, मैसेंजर और इंस्टाग्राम इनबॉक्स के साथ जुड़ जाएंगे। ऐसे में लोग उक्त लिंक पर जाने-अंजाने में क्लिक कर बैठते हैं। जिसके बाद उनका फोन रिमोट मोड यानि हैक हो जाता है। फोन या लैपटाप की सारी डिटेल जिसमें बैंक खाते की डिटेल, पर्सनल फोटोज और बाकी की सभी डिटेल्स ठगों द्वारा अपने कब्जे में ले ली जाती हैं। जिसके बाद वो आपके इन डिटेल्स की मदद से आपके खाते को खाली कर देते हैं या फिर ब्लैकमेल करते हैं। ये लिंक वॉट्सऐप, मैसेंजर और इंस्टाग्राम के इनबाक्स में भेजे जा रहे हैं। जिससे लोग ठगी का शिकार बन रहे हैं। ग्राफिक के लालच में आकर कर रहे क्लिक इसी तरह के कॉकरोच पार्टी के लिंक पर लोगों को ओहदे दिए जा रहे हैं। उनसे उनकी फोटो मांगी जाती है और एक ग्राफिक बनाकर भेजा जाता है, जिसमें फोटो भेजने वाले शख्स की फोटो लगाकर उसे पार्टी का पद देकर ग्राफिक भेज दिया जाता है। लोगों को लगता है कि वो पार्टी के मेंबर बन गए हैं, जबकि उनके फोटो का इस्तेमाल ठग लोन लेने, क्रेडिट कार्ड बनवाने और फर्जी आईडी बनाने में कर रहे हैं। पुलिस ने बनाई 42 सैकेंड का जागरूकता वीडियो लुधियाना पुलिस ने आम लोगों को इस नए फ्रॉड से बचाने और जागरूक करने के लिए अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पेज पर एक वीडियो भी जारी किया है। 42 सेकेंड के इस वीडियो में पुलिस अधिकारी अमरिंदर सिंह ने विस्तार से बताया है कि कैसे एक छोटी सी गलती लोगों को कंगाल बना सकती है। इस वीडियो में विजुअल्स के साथ लोगों के सामने पेश किया गया है, ताकि लोगों को आसानी से समझ आ सके। साइबर पुलिस ने जारी की एडवाइजरी अगर आपने लिंक क्लिक कर दिया है तो तुरंत इसकी शिकायत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर करें। इसके साथ ही एक लिखित शिकायत अपने नजदीकी साइबर थाने में दर्ज करवाएं। अपने बैंक खातों पर तुरंत कैश ट्रांजेक्शन को बंद करवाएं और क्रेडिट या डेबिट कार्ड को ब्लाक करवा दें। मैसेंजर और इंस्टाग्राम आने वाले लिंक को बिना खोले ही डिलीट करें और इसे रिपोर्ट करें, ताकि बाकी कोई इसका शिकार न होने पाए। लिंक क्लिक हो गया है तो तुरंत अपने फोन को आफ कर दें, ताकि कोई एक्टिविटी न होने पाए। इस तरह के फर्जी लिंक से बचने के लिए लोगों से अपील की है। इसके साथ ही अगर किसी ने लिंक क्लिक कर दिया है तो वो तुरंत साइबर पुलिस से संपर्क करे। लोगों से अपील है कि किसी भी अंजान लिंक को क्लिक न करें, क्योंकि ये साइबर ठगों का ट्रैप हो सकता है। -स्वपन शर्मा, पुलिस कमिश्नर

हरिमंदिर साहिब को उड़ाने की धमकी से मचा हड़कंप, आरोपी सौरव बिस्वास पर कसा शिकंजा

अमृतसर. पश्चिम बंगाल के सौरव बिस्वास की गिरफ्तारी की सूचना अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस अंतरराष्ट्रीय आपराधिक पुलिस संगठन (इंटरपोल) को देने जा रही है। पता चला है कि आरोपित ने पाकिस्तान और बंगलादेश में क्रिप्टो करंसी के जरिए कुछ लोगों को भुगतान किया है। यह भुगतान किस डील के बदले में किया गया इसकी जांच करवाई जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि ई-मेल के जरिए धमकियां देने वाला आरोपित सौरव बिस्वास के खिलाफ उक्त दो देशों के साथ-साथ अन्य देशों को भी वांछित हो सकता है। फिलहाल जांच मुकम्मल होने के बाद उसे फताहपुर जेल भेज दिया गया है। साइबर सेल के अधिकारी ने बताया कि केस में नए पहलू सामने आने पर आरोपित को दोबारा कोर्ट के जरिए प्रोडक्शन वारंट पर जेल से गिरफ्तार किया जा सकता है। बता दें सौरव बिस्वास ने छह महीने पहले से अब तक श्री हरिमंदिर साहिब को बम से उड़ने की 40 के करीब धमकियां ई-मेल भेज कर की थी। इसके अलावा आरोपित ने श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, स्कूल, बस अड्डा, श्री दुर्ग्याणा मंदिर, रेलवे स्टेशन सहित देश के कई हिस्सों में ई-मेल भेजकर महत्वपूर्ण स्थलों को बम से उड़ाने की धमकियां दी थीं। पुलिस ने लंबी जांच पड़ताल के बाद सौरव बिस्वास को गिरफ्तार कर लिया। इसके कब्जे से तीन सौ से ज्यादा ई मेल आइडी और उनके पासवर्ड बरामद किए हैं। यह सभी उसने पैसे देकर विभिन्न लोगों से खरीदे थे और इसके जरिए फिर धमकियों का सिलसिला शुरु हुआ था। आरोपित के कब्जे से मिले तीन सीपीयू, पांच हार्ड डिस्क, तीन मोबाइल, एक इंटरनेट राउटर, 15 हाट मेल अकाउंट बरामद किए थे।

वोटर लिस्ट अपडेट की तैयारी शुरू! मानसा में चुनाव आयोग ने तेज किया विशेष अभियान

मानसा. भारतीय चुनाव आयोग नई दिल्ली द्वारा पंजाब राज्य में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) प्रोग्राम की घोषणा के साथ ही जिला चुनाव अधिकारी कार्यालय द्वारा तैयारियां की जा रही हैं। जिला चुनाव अधिकारी नवजोत कौर के निर्देश तहत चुनाव तहसीलदार भूषण कुमार ने कहा कि 25 जून से 24 जुलाई 2026 तक बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) द्वारा गिनती के फार्म भरे जाएंगे और जरूरी जानकारी इकट्ठा की जाएगी। चुनाव तहसीलदार ने कहा कि सभी योग्य वोटर्स अपने बीएलओ को जरूरी जानकारी और डाक्यूमेंट्स दें। उन्होंने कहा कि भरे गिनती के फार्म की दो कापी होंगी। एक कापी सेल्फ-अटेस्टेड करके बीएलओ को भेजनी होगी। जिन वोटर्स के नाम 2003 की वोटर लिस्ट में नहीं हैं, उन्हें भारत के चुनाव आयोग द्वारा आथराइज्ड 11 डाक्यूमेंट्स में से कोई एक जमा करना होगा। उन्होंने कहा कि इन डाक्यूमेंट्स में किसी भी सेंट्रल,स्टेट गवर्नमेंट,पीएसयू के रेगुलर कर्मचारी पेंशनर को जारी कोई भी आइडेंटिटी कार्ड,पेंशन पेमेंट आर्डर, 01 जुलाई 1987 से पहले भारत में गवर्नमेंट,लोकल अथारिटी,बैंक, पोस्ट आफिस, एलआईसी, पीएसयू द्वारा जारी कोई भी आइडेंटिटी कार्ड,सर्टिफिकेट,डाक्यूमेंट, काबिल अथारिटी द्वारा जारी पासपोर्ट, बर्थ सर्टिफिकेट, मान्यता प्राप्त बोर्ड,यूनिवर्सिटी द्वारा जारी मैट्रिकुलेशन,एजुकेशन सर्टिफिकेट, काबिल स्टेट अथारिटी द्वारा जारी परमानेंट रेजिडेंट सर्टिफिकेट, फारेस्ट राइट्स सर्टिफिकेट, काबिल स्टेट अथारिटी द्वारा जारी ओबीसी, एससी, एसटी या कोई भी कास्ट सर्टिफिकेट, नेशनल रजिस्टर आफ सिटिजन्स (जहां भी हो), स्टेट,लोकल अथारिटी द्वारा तैयार किया गया फैमिली रजिस्टर और गवर्नमेंट द्वारा कोई भी लैंड,हाउस अलाटमेंट सर्टिफिकेट शामिल हैं। चुनाव तहसीलदार ने जिले के सभी वोटरों से अपील की कि वे बीएलओ के साथ सहयोग करें और एसआईआर प्रोसेस को समय पर पूरा करने में प्रशासन की मदद करें।

UK से पंजाबियों का मोहभंग, महंगाई-वीजा सख्ती ने विदेश जाने का क्रेज किया कम

चंडीगढ़  पंजाब के युवाओं के लिए कभी ब्रिटेन जाना सबसे बड़ा सपना माना जाता था लेकिन हाल ही में जारी रिपोर्ट ने इस ख्वाहिश को झटका दिया है। ब्रिटेन के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय की लंदन रिपोर्ट के अनुसार जून 2025 तक एक वर्ष में रिकॉर्ड 74,000 भारतीय ब्रिटेन छोड़कर चले गए। इसमें 51,000 छात्र, 21,000 कामगार और 3,000 अन्य शामिल हैं। यूके के रहने वाले तिरपाल सिंह के मुताबिक ब्रिटेन सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में आव्रजन नियम बेहद सख्त कर दिए हैं। अंतरराष्ट्रीय छात्रों और कामकाजी लोगों के लिए अपने परिवार को साथ ले जाना कठिन बना दिया गया है। न्यूनतम वेतन सीमा बढ़ा दी गई है, जिससे नौकरी पाना मुश्किल हो गया है। पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी न मिलने पर युवाओं को वापस लौटना पड़ रहा है। स्थायी निवास की अवधि बढ़ाने की चर्चाओं ने भी प्रवासियों की चिंता बढ़ा दी है। यूके की रहने वाली पंजाबी मूल की बलजिंदर कौर का कहना है कि महंगाई ने हालात और खराब कर दिए हैं। घरों का किराया, बिजली, गैस, यात्रा और रोजमर्रा के खर्च इतने बढ़ चुके हैं कि मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए वहां टिक पाना कठिन होता जा रहा है।  रिपोर्ट के बावजूद ब्रिटेन में पंजाबी समुदाय की पहचान मजबूत बनी हुई है। लंदन, बर्मिंघम, वॉल्वरहैम्प्टन और ब्रैडफोर्ड जैसे क्षेत्रों में पंजाबी संस्कृति और भाषाई पहचान कायम है। ब्रिटिश संसद में पंजाबी मूल के सांसदों की संख्या लगातार बढ़ रही है। आम युवाओं के बीच कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, दुबई और यूरोप के अन्य देशों की ओर रुझान बढ़ता जा रहा है। पुराने प्रवासी भी अपने देश और मिट्टी की ओर लौटने लगे हैं। अब पंजाब के गांवों में ब्रिटेन का पासपोर्ट कभी जैसी प्रतिष्ठा नहीं रखता और विदेश की ख्वाहिश पहले जैसी सुनहरी नहीं रही। 

टोल पर नहीं लगेगी लंबी लाइन! NHAI ने फरीदाबाद-बदरपुर को बैरियर फ्री बनाने की तैयारी शुरू की

फरीदाबाद दिल्ली-आगरा हाईवे पर फरीदाबाद बॉर्डर स्थित बदरपुर टोल टैक्स प्लाजा अगले छह महीनों में बैरियर फ्री होने जा रहा है। एनएचएआई (नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) ने इसके लिए पूरी तैयारी शुरू कर दी है। इस बदलाव के बाद वाहनों को बिना रुके ही टोल टैक्स का भुगतान करना संभव होगा, जिससे ट्रैफिक की गति बढ़ेगी और लंबी लाइनें समाप्त होंगी। कैसे काम करेगा हाईटेक सिस्टम एनएचएआई ने बताया कि बैरियर फ्री व्यवस्था के तहत हाईटेक कैमरे और इलेक्ट्रॉनिक टोल वसूली सिस्टम लगाए जाएंगे। टोल की वसूली इलेक्ट्रॉनिक तरीके से हो जाएगी वाहन जब टोल प्लाजा से गुजरेंगे, तो उनके रजिस्ट्रेशन नंबर को कैमरे द्वारा स्कैन किया जाएगा और टोल की वसूली इलेक्ट्रॉनिक तरीके से हो जाएगी। इसके लिए वाहन मालिकों को डिजिटल टोल पास या ई-टोल वॉलेट का इस्तेमाल करना होगा। इस तकनीक के लागू होने से प्लाजा पर ट्रैफिक जाम की समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी। इसके अलावा, यह प्रणाली पारदर्शिता बढ़ाने और नकद लेनदेन से होने वाली परेशानियों को भी समाप्त करने में मदद करेगी। एनएचएआई की तैयारी एनएचएआई अधिकारियों ने बताया कि बैरियर फ्री सिस्टम लगाने के लिए पहले से ही आवश्यक सर्वे और तकनीकी तैयारी शुरू कर दी गई है। छह महीनों में पूरा किया जाएगा     उच्च तकनीक कैमरे, सेंसर और डिजिटल टोल प्रणाली की स्थापना का काम क्रमिक रूप से अगले छह महीनों में पूरा किया जाएगा।     अधिकारी यह भी सुनिश्चित कर रहे हैं कि नए सिस्टम की टेस्टिंग पूरी तरह से हो और कोई तकनीकी गड़बड़ी न हो।     सड़क सुरक्षा और सुविधा में सुधार विशेषज्ञों का कहना है कि बैरियर फ्री टोल प्लाजा न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ाएगा, बल्कि सड़क सुरक्षा में भी मदद करेगा।     टोल प्लाजा पर अक्सर लंबी कतारों और अचानक ब्रेकिंग के कारण दुर्घटनाएं होती रही हैं। यात्रियों को होगा ये लाभ बैरियर फ्री प्रणाली से वाहनों की गति नियंत्रित रूप से बनी रहेगी और यह जोखिम कम होगा। यात्रियों के लिए लाभ ट्रक, बस और निजी वाहन चालक लंबे समय से टोल प्लाजा पर जाम और देरी से परेशान थे। बैरियर फ्री व्यवस्था लागू होने के बाद अब उन्हें बिना रुके ही टोल का भुगतान करने की सुविधा मिलेगी। इससे समय की बचत होगी और लॉन्ग-डिस्टेंस ट्रैवल को आसान बनाया जा सकेगा। भविष्य की योजनाएं एनएचएआई ने संकेत दिया है कि इस तरह के बैरियर फ्री टोल सिस्टम को अन्य हाईवे प्लाजा पर भी लागू करने की योजना है। इसका उद्देश्य पूरे देश में डिजिटल और स्मार्ट टोलिंग सिस्टम को बढ़ावा देना है, जिससे राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात सुगम और सुरक्षित बन सके।  

बच्चों की सुरक्षा के लिए बड़ा फैसला, चंडीगढ़ में समर कैंप की बाहरी गतिविधियां बंद

चंडीगढ़. गर्मी की छुट्टियों में स्कूलों में आयोजित किए जा रहे समर कैंपों में बाहरी गतिविधियाें पर पाबंदी रहेगी। यह आदेश चंडीगढ़ बाल अधिकार संरक्षण आयोग (सीसीपीसीआर) ने बच्चों को गर्मी से बचाने के लिए जारी किया है। स्कूलों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। आयोग ने कहा है कि गर्मी की छुट्टियों के दौरान आयोजित किए जा रहे समर कैंपों में बच्चों को तेज धूप और गर्म हवाओं से बचाया जाए तथा दोपहर के समय किसी भी प्रकार की बाहरी गतिविधियां न करवाई जाएं। आयोग ने पहले ही हीटवेव की स्थिति को देखते हुए बच्चों की सुरक्षा संबंधी एडवाइजरी जारी की थी। इसके बाद शिक्षा विभाग, चंडीगढ़ प्रशासन ने भी सभी सरकारी, निजी और सहायता प्राप्त स्कूलों में 23 मई से ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित कर दिया है। हालांकि आयोग के संज्ञान में आया है कि कुछ स्कूल छुट्टियों के दौरान समर कैंप आयोजित कर रहे हैं। आयोग ने माना कि ऐसे कैंप बच्चों की रचनात्मकता और ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने में सहायक होते हैं, लेकिन मौजूदा भीषण गर्मी को देखते हुए बच्चों को खुले में गतिविधियों से बचाना बेहद जरूरी है। सीसीपीसीआर की अध्यक्ष शिप्रा बंसल ने कहा कि अत्यधिक गर्म मौसम में बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। स्कूलों और संस्थानों से जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की अपील करते हुए कहा कि कोई भी बच्चा गर्मी की तीव्र परिस्थितियों के संपर्क में न आए। उन्होंने अभिभावकों से भी बच्चों को पर्याप्त पानी पिलाने और जरूरी सावधानियां बरतने की अपील की है।

लुधियाना में बड़ा सुरक्षा अलर्ट, हैंड ग्रेनेड के साथ दो खतरनाक गुर्गे पकड़े गए

लुधियाना. कमिश्नरेट पुलिस और काउंटर इंटेलिजेंस की संयुक्त टीम ने अंतरराष्ट्रीय आतंकी-गैंगस्टर गठजोड़ के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो और खतरनाक आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों के कब्जे से दो जिंदा हैंड ग्रेनेड बरामद किए हैं। पुलिस का दावा है कि समय रहते की गई इस कार्रवाई से पंजाब में एक बड़ी आतंकी वारदात टाल दी गई। पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा ने बताया कि यह कार्रवाई 17 मई को बेनकाब किए गए आतंकी-गैंगस्टर मॉड्यूल की जांच के दौरान सामने आई अहम जानकारियों के आधार पर की गई। इससे पहले थाना लाडोवाल इलाके में हार्डीज वर्ल्ड के पास टारगेटेड शूटिंग की साजिश को नाकाम करते हुए पुलिस ने अनूराज उर्फ गौरव मसीह और अंकुश को गिरफ्तार किया था। उस दौरान पुलिस ने उनके कब्जे से तीन पिस्तौल और 11 जिंदा कारतूस बरामद किए थे। विदेश से मिल रहे थे आदेश पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ था कि यह पूरा मॉड्यूल विदेश में बैठे हैंडलरों के इशारे पर काम कर रहा था। जांच में सामने आया कि जर्मनी और दुबई में बैठे संचालकों के निर्देश पर पंजाब में हाई प्रोफाइल हत्याओं और बड़ी वारदातों की साजिश रची जा रही थी। ताजा कार्रवाई में पुलिस ने तरनतारन के गांव खैरदीन निवासी करणदीप सिंह उर्फ करण और अमृतसर निवासी बलजीत सिंह उर्फ संजू को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपित मलेशिया में बैठे हैंडलर आकाशदीप उर्फ गोल्डन के संपर्क में थे और उसके निर्देशों पर काम कर रहे थे। आरोपी के खिलाफ पहले भी कई मामले दर्ज पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि करणदीप सिंह के खिलाफ पहले से हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट के तहत कई मामले दर्ज हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपितों को हैंड ग्रेनेड और अन्य हथियार कहां से उपलब्ध करवाए गए और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग कौन हैं। हैंड ग्रेनेड बरामद होने के बाद पुलिस ने एफआईआर नंबर 91 में विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 3, 4 और 5 के साथ बीएनएस की धारा 317(2) भी जोड़ दी है। नेटवर्क तलाश रही पुलिस पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है। स्थानीय संपर्कों, हथियार सप्लाई चेन और विदेशी हैंडलरों के साथ जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। इस कार्रवाई के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। पुलिस का मानना है कि यदि समय रहते आरोपितों को गिरफ्तार नहीं किया जाता तो पंजाब में बड़ी वारदात हो सकती थी।

दर्दनाक हादसा! जालंधर में मकान गिरा, एक मजदूर की जान गई; 3 लोग मलबे से निकाले गए

जालंधर. जालंधर के बस्ती शेख स्थित मोहल्ला चाय आम में शनिवार को दर्दनाक हादसा हो गया। इलाके में स्थित एक पुराने और जर्जर मकान की छत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के समय मकान के अंदर कई लोग मौजूद थे। छत गिरते ही इलाके में जोरदार आवाज सुनाई दी और लोगों में अफरा-तफरी मच गई। हादसे में करीब 50 वर्षीय मजदूर रावत की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मकान काफी समय से खस्ता हालत में था। दीवारों और छत में पहले से दरारें दिखाई दे रही थीं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मकान की हालत को लेकर पहले भी चिंता जताई गई थी, लेकिन समय रहते इसकी मरम्मत नहीं करवाई गई। शनिवार को अचानक छत गिरने से अंदर मौजूद लोग मलबे के नीचे दब गए। आसपास के लोगो ंने राहत कार्य शुरू किया हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। लोगों ने अपने स्तर पर मलबा हटाकर दबे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया। इसके बाद पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची टीमों ने घायलों और मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। डाक्टरों ने गंभीर रूप से घायल रावत को मृत घोषित कर दिया। वहीं हादसे में घायल हुए तीन अन्य लोगों का उपचार अस्पताल में किया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। पुराने मकानों की जांच की मांग उठी घटना के बाद इलाके में शोक और दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पुराने और जर्जर मकानों की समय-समय पर जांच करवाई जाए ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके। लोगों का कहना है कि कई पुराने मकान अब भी गिरने की स्थिति में हैं, जो कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। सूचना मिलने पर थाना पांच की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है। प्रशासन की ओर से भी इलाके में पुराने और जर्जर भवनों का सर्वे करवाने की बात कही जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे भवनों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

आवारा कुत्तों के लिए Sonu Sood ने उठाई आवाज, लोगों से की अपनाने की अपील

मोगा/चंडीगढ़. पंजाब में लावारिस कुत्तों को लेकर शुरू हुए विवाद के बीच अब पंजाबी और बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद भी खुलकर सामने आ गए हैं। अभिनेता ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर वीडियो साझा करते हुए कहा कि सड़क पर रहने वाले कुत्तों को मारना समाधान नहीं है। उन्होंने सरकार से इन बेजुबान जानवरों के लिए शेल्टर होम बनाने की मांग की और खुद भी इस दिशा में प्रयास करने की बात कही। सोनू सूद पंजाब के मोगा के रहने वाले हैं। उनकी बहन भी यहीं से कांग्रेस कार्यकर्ता हैं। सोनू सूद ने वीडियो में कहा कि इंसान सिर्फ किताबें लिख सकता है, लेकिन वफादारी अगर किसी से सीखनी हो तो वह कुत्तों से मिलती है। उन्होंने कहा कि बहुत से लोग सड़क के कुत्तों को अपनाते हैं, उनका ध्यान रखते हैं और ऐसे कुत्ते आमतौर पर नुकसान नहीं पहुंचाते। सोनू सूद ने कहा- यह भी माना कि कई मामलों में बच्चों पर हमलों जैसी घटनाएं सामने आई हैं, लेकिन स्थानीय लोगों को यह पता होता है कि कौन से कुत्ते खतरनाक हो सकते हैं और उनकी शिकायत भी की जाती है।' सोनू सूद ने आवाज उठाने की कही बात सोनू सूद ने कहा कि किसी आदेश के तहत गली-मोहल्लों से कुत्तों को पकड़कर हटाना और उनके साथ क्या होगा, यह सोचकर भी चिंता होती है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि इस तरह के आदेशों को रुकवाने के लिए ज्यादा से ज्यादा आवाज उठानी चाहिए। अभिनेता ने कहा कि सरकार को ऐसे स्थान बनाने चाहिए जहां इन बेजुबान जानवरों को सुरक्षित रखा जा सके। उन्होंने लोगों से भी अपील की कि वे ज्यादा से ज्यादा स्ट्रे डॉग्स को अपनाएं। उन्होंने कहा कि यदि लोग उनके गले में पट्टा डाल दें और उनकी देखभाल करें तो यह पता चलेगा कि कोई उनकी जिम्मेदारी ले रहा है। सीएम की पोस्ट के बाद शुरू हुई चर्चा दरअसल, मुख्यमंत्री भगवंत मान की ओर से 21 मई की रात लावारिस कुत्तों को लेकर की गई पोस्ट के बाद पंजाब में इस मुद्दे पर बहस तेज हो गई थी। पोस्ट में 22 मई से अभियान शुरू करने की बात कही गई थी। इसके बाद पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री, सामाजिक संगठनों और कई नेताओं ने इसका विरोध जताया। भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय महासचिव तजिंदर बग्गा ने भी इस मामले को लेकर देश के मुख्य न्यायाधीश को ईमेल भेजा। वहीं पंजाबी अभिनेत्री सोनम बाजवा, गायिका रुपिंदर हांडा और पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू ने भी कुत्तों को न मारने की अपील की।

सीमा पार ड्रोन और नशा तस्करी पर हाई कोर्ट सख्त, एजेंसियों को दी नियमित निगरानी की हिदायत

चंडीगढ़  पंजाब में लगातार बढ़ रहे नशे के कारोबार, सीमा पार से ड्रोन के जरिए हो रही तस्करी और हथियारों की सप्लाई को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने पंजाब, हरियाणा और यूटी चंडीगढ़ के पुलिस महानिदेशकों के साथ-साथ नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो को आदेश जारी किए हैं।  आदेशों में साफ कहा है कि वे हर तीन महीने में ड्रग तस्करी से जुड़े मामलों, बरामदगी, नशे के निस्तारण और नशा मुक्ति अभियानों की विस्तृत रिपोर्ट अदालत में दाखिल करें। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि रिपोर्ट में किसी प्रकार की लापरवाही, कमी या गंभीर स्थिति सामने आती है तो मामले को दोबारा सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा। चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस संजीव बेरी की खंडपीठ ने यह महत्वपूर्ण आदेश उस जनहित याचिका का निपटारा करते हुए पारित किया, जिसे अदालत ने स्वयं संज्ञान लेते हुए शुरू किया था। हाई कोर्ट ने लिया था स्वत: संज्ञान अदालत ने एक समाचार पत्र में प्रकाशित एक खबर के आधार पर स्वतः संज्ञान लिया था। खबर में सीमा सुरक्षा बल द्वारा पंजाब में बढ़ती ड्रग तस्करी और सीमा पार से ड्रोन के जरिए भेजे जा रहे नशीले पदार्थों को लेकर गंभीर चिंता जताई गई थी। समाचार रिपोर्ट में बताया गया था कि बीएसएफ ने पंजाब पुलिस को 75 ऐसे व्यक्तियों की सूची सौंपी थी, जो कथित रूप से ड्रग तस्करी में शामिल पाए गए थे। इसके साथ ही यह भी सामने आया था कि वर्ष 2023 के दौरान सीमा क्षेत्र में ड्रोन के माध्यम से भारत भेजे जा रहे लगभग 755 किलोग्राम नशीले पदार्थ बरामद किए गए। इतना ही नहीं, तस्करी के इस नेटवर्क के साथ हथियारों की सप्लाई भी जुड़ी हुई मिली और कई राइफल तथा पिस्तौल भी जब्त की गईं। सरकारों व एनसीबी ने दी थी स्टेटस रिपोर्ट मामले की सुनवाई के दौरान पंजाब, हरियाणा और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की ओर से अदालत में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की गई। इन रिपोर्टों में बताया गया कि राज्य सरकारों और एजेंसियों द्वारा नशे की रोकथाम, ड्रग तस्करों के खिलाफ कार्रवाई, जब्त मादक पदार्थों के सुरक्षित निस्तारण और युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए विभिन्न अभियान चलाए जा रहे हैं। अदालत ने इन रिपोर्टों का अवलोकन करने के बाद कहा कि नशे के खिलाफ कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसकी लगातार निगरानी और जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। हर तीन महीने में देंगे विस्तृत रिपोर्ट खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा कि पंजाब, हरियाणा और यूटी चंडीगढ़ के डीजीपी व नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के महानिदेशक नियमित रूप से यह जानकारी देंगे कि कितने मामलों में एफआईआर दर्ज हुई, कितनी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद हुए, उनका निस्तारण कैसे किया गया और नशा मुक्ति के लिए क्या कदम उठाए गए। अदालत ने यह जिम्मेदारी हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल के माध्यम से तय की है ताकि भविष्य में इन रिपोर्टों की न्यायिक समीक्षा की जा सके।