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गैंगस्टरों के खिलाफ कनाडा सख्त: 7 पंजाबी अपराधियों की पहचान सार्वजनिक

चंडीगढ़. कनाडा में पंजाब मूल के युवकों का नाम लगातार रंगदारी, गैंगवार और फायरिंग की घटनाओं में सामने आने के बाद वहां की सुरक्षा एजेंसियों ने सख्ती बढ़ा दी है। हाल ही में सरे पुलिस सर्विस (एसपीएस) द्वारा सात भारतीय मूल के युवकों की तस्वीरें सार्वजनिक किए जाने के बाद यह मामला फिर सुर्खियों में आ गया है। इनमें से अधिकतर पंजाब से जुड़े बताए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि ये युवक रंगदारी, हथियारों के इस्तेमाल और संगठित अपराध से जुड़े मामलों में जांच के घेरे में हैं। एसपीएस की ओर से जारी सूची में हंसप्रीत सिंह, हर्षदीप सिंह, हरजोत सिंह, तरणवीर सिंह, लवबीर सिंह, दयाजीत बिलिंग और प्रभजोत सिंह के नाम शामिल हैं। पुलिस के अनुसार इनकी गतिविधियों को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसी कारण जनता से जानकारी जुटाने के लिए तस्वीरें सार्वजनिक की गईं। मामले में कनाडा बार्डर सर्विस एजेंसी (सीबीएसए) ने भी कार्रवाई करते हुए कुछ युवकों को डिपोर्ट किया है। शुरुआती जानकारी के अनुसार लवबीर सिंह और प्रभजोत सिंह को कनाडा से बाहर भेजा जा चुका है। पिछले दो वर्षों में कनाडा में सक्रिय पंजाब मूल के कई युवकों के नाम गैंगवार, ड्रग्स तस्करी, रंगदारी और फायरिंग मामलों में सामने आए हैं। सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार दर्जनों युवकों को या तो हिरासत में लिया गया है या डिपोर्ट किया गया है। वहीं, कई मामलों में भारत की एजेंसियों ने भी इनपुट साझा किए हैं। कनाडा में सक्रिय कुछ गैंगों के तार पंजाब और विदेश में बैठे खालिस्तानी समर्थक नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका भी जताई जाती रही है। कनाडा और भारत के बीच हाल के वर्षों में खालिस्तानी गतिविधियां बड़ा मुद्दा बनी हुई हैं। भारत पहले भी कई वांछित आतंकियों और गैंगस्टरों की सूची कनाडा सरकार को सौंप चुका है। इनमें कुछ को भारत में आतंकवादी घोषित किया जा चुका है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की ओर से भी विदेश में बैठे कई खालिस्तानी समर्थकों और गैंगस्टरों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। पंजाब में हुए कई टारगेट किलिंग और रंगदारी मामलों में विदेश से संचालन की बात जांच में सामने आ चुकी है। इसी बीच सरे पुलिस ने 27 वर्षीय जसकरण सरोये की गिरफ्तारी भी की है। उस पर एक रिहायशी इलाके में फायरिंग करने का आरोप है। पुलिस के अनुसार 13 अप्रैल को घर पर गोलीबारी की घटना के बाद जांच शुरू की गई थी। बाद में संदिग्ध वाहन की पहचान कर आरोपित को गिरफ्तार किया गया। फिलहाल वह न्यायिक हिरासत में है।

भगवंत मान ने किया जोरदार बयान, कहा- भाजपा की ED ने अरोड़ा के घर मारा छापा

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान (Bhagwant Mann) ने कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा (Sanjeev Arora) के घर ईडी की छापेमारी को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि भाजपा केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है, लेकिन पंजाब दबाव में आने वाला नहीं है। भगवंत मान ने एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा, “आज फिर से भाजपा की ईडी संजीव अरोड़ा के घर आई है। एक साल में तीसरी बार और एक महीने में दूसरी बार भाजपा की ईडी उनके घर आई है। फिर भी उन्हें कुछ नहीं मिला।” उन्होंने आगे कहा, “मैं मोदी जी को बताना चाहता हूं कि पंजाब गुरुओं की भूमि है। औरंगजेब भी इसे झुका नहीं सका। यह भगत सिंह की भूमि है, जिन्होंने अंग्रेजों के सामने कभी सिर नहीं झुकाया, इसलिए पंजाब मोदी की चालों के आगे कभी नहीं झुकेगा।” मुख्यमंत्री ने भाजपा और ईडी के बीच “अनैतिक गठबंधन” होने का आरोप लगाते हुए कहा कि पंजाब इस राजनीति का जवाब देगा। उन्होंने दावा किया कि विपक्षी नेताओं को दबाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि शनिवार सुबह ईडी की टीम चंडीगढ़ के सेक्टर-2 स्थित मंत्री संजीव अरोड़ा के सरकारी आवास पर छापेमारी करने पहुंची थी। कार्रवाई के दौरान केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती भी की गई थी। बीजेपी पंजाब में भी खेल रही वहीं खेल  मुंख्‍यमंत्री भगवंत मान ने कहा, "आज फिर ईडी संजीव अरोड़ा के घर आई है. एक साल में तीसरी बार और एक महीने में दूसरी बार भाजपा की ED उनके घर आई है. फिर भी उन्हें कुछ नहीं मिला. पंजाब गुरुओं की भूमि है, औरंगजेब भी इसे झुका नहीं सका. यह भगत सिंह की भूमि है, जिन्होंने अंग्रेजों के सामने कभी सिर नहीं झुकाया. इसलिए, पंजाब विरोधियों की चालों के आगे कभी नहीं झुकेगा. पंजाब में भी वही हो रहा है, जो BJP पूरे देश में काम कर रही है. बीजेपी प्रवर्तन निदेशालय, चुनाव आयोग जैसे हथियारों का इस्तेमाल कर रही है. पंजाब अब बीजेपी के निशाने पर है. पहले अशोक मित्तल के घर और यूनिवर्सिटी पर रेड, 2 दिन रेड और तीसरे दिन वो बीजेपी में शामिल हो गए. आज सुबह संजीव अरोड़ा के घर पर रेड पड़ रही है. इस महीने में 2 बार आए, कुछ नहीं मिला, लेकिन लोगों को डरा-धमकाकर शामिल करवा रहे हैं।  पिछले महीने भी ठिकानों पर दबिश दी थी  करीब 20 दिन पहले भी मंत्री संजीव अरोड़ा और उनके 2 पार्टनर के लुधियाना और जालंधर के ठिकानों पर ED ने रेड की थी. अधिकारियों ने बताया था कि संजीव अरोड़ा पर अपने राजनीतिक प्रभाव के जरिए पंजाब में अवैध सट्टेबाजी (बेटिंग) संचालकों को संरक्षण देने का संदेह है, ताकि उनके मुनाफे में हिस्सा लिया जा सके. उन पर यह भी आरोप था कि वह अपनी कंपनियों और कई एंट्री ऑपरेटरों का इस्तेमाल कर सट्टेबाजों के बेहिसाब पैसे को वैध निवेश में बदल रहे हैं. वह मनी लॉन्ड्रिंग में सहायता कर रहे थे।  अधिकारियों के अनुसार, संजीव अरोड़ा की कंपनियां कई फर्जी निर्यात बिल बुक करने, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से फंड की राउंड-ट्रिपिंग करने और नॉन-एग्जिस्टेंट जीएसटी संस्थाओं से फर्जी खरीदारी दिखाने के मामले में भी जांच के दायरे में हैं।  अब कानून वापस नहीं होगा पंजाब के लोग बेअदबी कानून के साथ सहमत है, लेकिन सिर्फ बादल परिवार ही ऐसा है जो विरोध कर रहा है। इसका कारण यह है कि परिवार पहले खुद बेअदबी की घटना में संलिप्त रहा है। पंजाब में क्या कोई नया पंथ बादल पंथ चलाया जा रहा है। अब कानून वापस नहीं होगा। राज्यपाल के हस्ताक्षर भी हो चुके हैं। कोई पत्थर दिल होगा जो इस कानून का विरोध करेंगा। ED, CBI का भाजपा ने किया राजनीतिकरण मान ने कहा कि पूरे देश में भाजपा के काम करने का यही तरीका है। अब वह ईडी, सीबीआई, इनकम टेक्स, चुनाव आयोग का इस्तेमाल करेंगे। इन विभागों का भाजपा ने राजनीतिकरण कर दिया है। भाजपा इन्हें लंबे समय से इसी तरह से बरत रही है। महाराष्ट्र, बिहार, यूपी, वेस्ट बंगाल आदि राज्यों में भी इसका इस्तेमाल इसी तरह से किया गया है। ED रेड का मतलब भाजपा में आ जाओ सब कुछ माफ मान ने कहा कि अब पंजाब में चुनाव आने वाले हैं। ED रेड का मतलब यही है कि भाजपा में आ जाओ फिर सब कुछ माफ है। कुछ दिन पहले अशोक मित्तल के घर ED ने रेड की थी। वह भाजपा में आए तो रेड खत्म उन्हें Y सुरक्षा देकर भाजपा ने सम्मानित कर दिया। संजीव अरोड़ा को डराया जा रहा है अब संजीव अरोड़ा के घर रेड की गई है। पहले भी अरोड़ा के रेड की थी कुछ नहीं मिला था। अब भी कुछ नहीं मिलेगा। संजीव अरोड़ा को डराया जा रहा है कि आपके कारोबार बंद कर देंगे अन्यथा भाजपा में आ जाओ। यह सब पंजाब में नहीं चलेगा। पंजाबी डरने वाले नहीं है। एक बार ही मोदी जी ने यू-टर्न लिया और माफी मांगी थी जब तीनों काले कानूनों को रद्द करना पड़ा था। उस समय भी उन्हें पंजाबियों ने झुकाया था। उसी बात का मोदी जी दिल में दर्द रखे बैठे हैं। कभी कहते हैं चंडीगढ़ हम अलग से यूटी बना देंगे। उसका राज्यपाल अलग बना देंगे। कभी कहते हैं कि पंजाब यूनिर्वसिटी हमारी है। कभी कहते हैं कि भाखड़ा पर डेंम सीआईएफ लगाकर पानी हरियाणा को देंगे। कभी कहते हैं धान नहीं उठानी। कभी पंजाब की झांकी नहीं 26 जनवरी को दिखानी। आरडीएफ का पैसा नहीं देना। किस मुंह से वोट मांगने अब आएंगे। मोदी की नीरव मोदी और विजय माल्या के साथ है तस्वीरें मान ने कहा कि मैं ईडी के इस्तेमाल की सख्त शब्दों में निंदा करता हूं। कुछ दिन पहले एक कारोबारी पर रेड की और अमन अरोड़ा का नाम उससे जोड़ दिया। अमन अरोड़ा की कई लोगों के साथ तस्वीरें हैं। किसी के साथ तस्वीर खिंचवाने से पहले उसकी आईडी नहीं पूछ सकते। ऐसे तो मोदी जी की नीरव मोदी या विजय माल्या के साथ तस्वीरें है। बंगाल में अभी भाजपा ने शपथ ग्रहण करना है, उससे पहले ही पूरे बंगाल में आग लगी पड़ी है। दो समुदायों … Read more

दिल के मरीजों के लिए वरदान बनी स्वास्थ्य योजना, हजारों लोगों को मिला तुरंत उपचार

चंडीगढ़. दिल के मरीजों के लिए पंजाब सरकार की कैशलेस इलाज योजना काफी लाभकारी साबित हो रही है। दिल का दौरा पड़ने की स्थिति में हर सेकंड कीमती होता है। कुछ मिनटों की देरी जीवन और मृत्यु के बीच अंतर पैदा कर सकती है। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत तेज और कैशलेस एंजियोप्लास्टी सेवाएं मरीजों को जरूरत पड़ने पर समय पर और आपातकालीन इलाज उपलब्ध करवा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों अनुसार पहले इलाज के लिए पैसों का प्रबंध करने, जरूरी कागजी कार्रवाई पूरी करने और अस्पताल से मंजूरी लेने में परिवारों का कीमती समय बर्बाद हो जाता था। अब यह स्थिति तेजी से बदल रही है। स्वास्थ्य कार्ड सिस्टम के तहत सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में पहुंचने वाले मरीजों को तुरंत लाभ मिल रहा है। स्वास्थ्य विभाग के डाक्टरों के अनुसार, दिल की बीमारियों के मामले अब केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि युवाओं में भी तेजी से बढ़ रहे हैं। आरामदायक जीवनशैली, तनाव, अस्वास्थ्यकर खानपान और डायबिटीज के बढ़ते मामले इसके मुख्य कारणों में शामिल हैं। हालांकि, इसके साथ-साथ हृदय संबंधी बीमारियों के आपातकालीन इलाज तक पहुंच भी पहले से बेहतर हुई है। 5 हजार हृदय संबंधी सर्जरियां हुईं पंजाब में स्टेट हेल्थ एजेंसी के अनुसार, पिछले कुछ महीनों के दौरान स्वास्थ्य योजना के तहत कुल 5,054 हृदय संबंधी सर्जरियां की गई हैं। इनमें 5,000 परक्यूटेनियस ट्रांसल्यूमिनल कोरोनरी एंजियोप्लास्टी (पीटीसीए) प्रक्रियाएं शामिल हैं, जिनमें डायग्नोस्टिक एंजियोग्राम भी शामिल हैं। पंजाब सरकार की ओर से इलाज पर कुल 49.6 करोड़ खर्च किए गए हैं। योजना का असर कुछ महीनों में दिखा पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि इस योजना का प्रभाव अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा, अब अधिक मरीज उन स्थितियों से भी बच रहे हैं, जिन्हें पहले लगभग जानलेवा माना जाता था। गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज और राजिंदरा अस्पताल, पटियाला के कार्डियोलॉजी विभाग के प्रमुख एवं एसोसिएट प्रोफेसर डा सौरभ शर्मा ने कहा, स्वास्थ्य कार्ड लोगों को समय पर इलाज दिलाने में मदद कर रहा है। इलाज के खर्च को लेकर जो हिचकिचाहट पहले होती थी, वह अब काफी हद तक कम हो गई है।

सात IAS अधिकारियों के तबादले के साथ पंजाब में बड़ा प्रशासनिक बदलाव, अर्शदीप थिंद को नई जिम्मेदारी

चंडीगढ़  पंजाब सरकार ने  प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए सात आईएएस अधिकारियों के तबादले और नई नियुक्तियां की हैं। कार्मिक विभाग द्वारा जारी आदेशों के अनुसार सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई जिम्मेदारियां संभालने के निर्देश दिए गए हैं।  2003 बैच के आईएएस कमल किशोर यादव को वन एवं वन्यजीव संरक्षण विभाग के सचिव का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। आईएएस अर्शदीप सिंह थिंद को जल आपूर्ति एवं स्वच्छता विभाग के सचिव का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है। आईएएस अमित तलवार को ड्रग्स मामलों और जनगणना से संबंधित नोडल अधिकारी, आईएएस परमिंदर पाल सिंह को रोजगार सृजन, कौशल विकास एवं प्रशिक्षण विभाग में विशेष सचिव, आईएएस गौतम जैन को पंजाब हेल्थ सिस्टम कॉरपोरेशन का प्रबंध निदेशक, आईएएस जसबीर सिंह पंजाब स्टेट वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और आईएएस पल्लवी मिश्रा को कलानौर में एसडीएम नियुक्त किया गया है। 

ASI ने बताया: नेटवर्क पर सख्त निगरानी, प्रोडक्शन वारंट से होगी पूछताछ

फरीदकोट  फरीदकोट की केंद्रीय जेल में बंद कैदियों और हवालातियों से मोबाइल फोन बरामद होने का सिलसिला लगातार जारी है। जेल प्रशासन ने एक बार फिर विभिन्न बैरकों की तलाशी के दौरान चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस को भेजी शिकायत में जेल के सहायक अधीक्षक करमजीत सिंह ने बताया कि जेल अधीक्षक के दिशा-निर्देशों पर जेल कर्मचारियों की टीम ने शुक्रवार रात विभिन्न बैरकों का औचक निरीक्षण किया। तलाशी अभियान के दौरान जेल में बंद हवालाती बठिंडा निवासी दलेर सिंह, फाजिल्का निवासी जशनप्रीत सिंह, मोगा निवासी अमरजीत सिंह, दिलबाग सिंह और हरजीत सिंह के पास से चार मोबाइल फोन बरामद हुए। थाना सिटी पुलिस ने उक्त पांचों हवालातियों के खिलाफ जेल एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ की जाएगी-जांच अधिकारी इस संबंध में जांच अधिकारी और जेल इन्वेस्टिगेशन सेल के इंचार्ज एएसआई गुरपाल सिंह ने बताया कि आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ की जाएगी। यह भी जांच की जाएगी कि जेल के अंदर मोबाइल फोन किस तरह पहुंचे। यदि किसी जेल अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता सामने आती है तो उसे भी मामले में नामजद कर गिरफ्तार किया जाएगा।  

गोबर और दूषित पानी बहाने वाले डेयरी संचालक पर लुधियाना में कानूनी कार्रवाई

लुधियाना लुधियाना की लाइफलाइन माने जाने वाले बुड्ढा दरिया (नाला) को प्रदूषित करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने अब सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। जल संसाधन विभाग (ड्रेनेज-कम-माइनिंग और जियोलॉजी मंडल) की शिकायत पर थाना नंबर 7 की पुलिस ने एक डेयरी संचालक के खिलाफ की करवाई।  कार्यकारी इंजीनियर लुधियाना ड्रेनेज-कम-माइनिंग मंडल को सूचना मिली थी कि गुरु नानक नगर गांव भामियां कलां स्थित एक डेयरी द्वारा सरकारी नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। जांच में पाया गया कि आरोपी डेयरी संचालक सुरिंदर कुमार उर्फ रोमी अपनी डेयरी का गोबर, गंदगी और दूषित पानी सीधे बुड्ढा दरिया में बहा रहा था। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई 10 फरवरी 2026 को प्राप्त हुई लिखित शिकायत के आधार पर अमल में लाई गई है। रिपोर्ट में स्पष्ट कहा गया है कि डेयरी वेस्ट के कारण नाले का पानी न केवल जहरीला हो रहा है, बल्कि इससे जल शोधन परियोजनाओं में भी बाधा आ रही है। इन धाराओं में फंसा आरोपी पुलिस ने आरोपी सुरिंदर कुमार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और ड्रेनेज एक्ट U/S 70 NIC & Drainage Act 1873 सरकारी जलमार्गों में कचरा फेंकने और नियमों के उल्लंघन में धारा 271, 272, 279 BNS के तहत केस दर्ज किया है। जन स्वास्थ्य को खतरे में डालने लापरवाही से प्रदूषण फैलाने और सरकारी आदेशों की अवहेलना करने के मामले में। प्रशासन की चेतावनी: अब नरमी नहीं ड्रेनेज विभाग के अधिकारियों ने साफ किया है कि बुड्ढा नाला का कायाकल्प मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट्स में से एक है। इसके बावजूद कई डेयरी संचालक और फैक्ट्रियां चोरी-छिपे वेस्ट पाइपों के जरिए नाले में कचरा डाल रहे हैं। थाना 7 के जांच अधिकारी ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है। आरोपी की डेयरी पर भी विभाग द्वारा आगामी कार्रवाई की जा सकती है, ताकि भविष्य में कोई अन्य व्यक्ति ऐसी हिम्मत न करे।  

पंजाब के मंत्री संजीव अरोड़ा के खिलाफ ED की बड़ी कार्रवाई, कई अधिकारी मौके पर

चंडीगढ़  पंजाब की राजनीति में शुक्रवार को उस वक्त बड़ा भूचाल आ गया जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीमों ने कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के सरकारी आवास समेत कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू कर दी. सुबह करीब 7 बजे सेक्टर-2 स्थित सरकारी कोठी पर ED अधिकारियों का काफिला पहुंचा. करीब 20 गाड़ियों में पहुंचे अधिकारियों के साथ भारी सुरक्षा बल भी तैनात किया गया. CIA और स्पेशल फोर्स के करीब तीन दर्जन जवानों ने पूरे इलाके को घेर लिया. जानकारी के मुताबिक सुबह 7:25 बजे औपचारिक रूप से सर्च ऑपरेशन शुरू हुआ. ED की यह कार्रवाई PMLA 2002 के तहत की जा रही है. एजेंसी चंडीगढ़ और दिल्ली-NCR में संजीव अरोड़ा और उनसे जुड़े सहयोगियों के कुल चार ठिकानों पर जांच कर रही है. सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई दो दिन पहले शुरू हुई बड़ी जांच का विस्तार मानी जा रही है, जिसमें बिल्डर अजय सहगल, मोहिंदर सिंह और अन्य कारोबारियों के यहां भी छापेमारी हुई थी।  इस कार्रवाई के समानांतर पंजाब के मोहाली जिले के खरड़ स्थित वेस्टर्न टावर की 9वीं मंजिल पर चल रही ED रेड भी शुक्रवार देर रात खत्म हुई. यह सर्च ऑपरेशन करीब 40 घंटे तक चला. कारोबारी नितिन गोहल और प्रीतपाल सिंह ढींढसा के घरों और दफ्तरों पर लगातार जांच चलती रही. सूत्रों के मुताबिक प्रीतपाल सिंह ढींढसा के घर से ED की टीम रात करीब 11 बजे निकली, जबकि नितिन गोहल के यहां कार्रवाई देर रात 12:30 से 1 बजे के बीच खत्म हुई. हालांकि अधिकारियों ने किसी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है. बताया जा रहा है कि ED अधिकारी कई बैग और दस्तावेज लेकर बाहर निकले. अभी तक एजेंसी ने बरामदगी, जब्ती या गिरफ्तारी को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है. इससे पूरे मामले को लेकर सस्पेंस और बढ़ गया है।  एक महीने में दूसरी बार, एक साल में तीसरी रेड पंजाब सरकार और आम आदमी पार्टी ने ED की कार्रवाई को राजनीतिक बदले की कार्रवाई करार दिया है. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर केंद्र सरकार और BJP पर निशाना साधते हुए कहा कि संजीव अरोड़ा के घर एक साल में तीसरी बार और एक महीने में दूसरी बार ED पहुंची है, लेकिन अब तक कुछ नहीं मिला. उन्होंने लिखा कि पंजाब गुरुओं और शहीदों की धरती है, जिसे कोई ताकत झुका नहीं सकती. मान ने आरोप लगाया कि ED और BJP मिलकर विपक्षी नेताओं को डराने की कोशिश कर रहे हैं. मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद राज्य की राजनीति और गर्म हो गई है।  बिल्डर नेटवर्क से जुड़ रही जांच की कड़ियां सूत्रों के मुताबिक दो दिन पहले पंजाब और दिल्ली-NCR में बिल्डर और कारोबारी नेटवर्क से जुड़े लोगों के खिलाफ ED ने बड़ी कार्रवाई शुरू की थी. उसी जांच के तार अब संजीव अरोड़ा और उनके करीबियों तक पहुंचते दिखाई दे रहे हैं. जांच एजेंसी कथित मनी लॉन्ड्रिंग, संदिग्ध लेनदेन और कंपनियों से जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड खंगाल रही है. अधिकारियों ने फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से इनकार किया है, लेकिन लगातार बढ़ती छापेमारी से यह साफ है कि जांच का दायरा बड़ा हो चुका है।  सुरक्षा घेरे में पूरा इलाका ED रेड के दौरान चंडीगढ़ के सेक्टर-2 इलाके में सुरक्षा बेहद कड़ी रही. मंत्री आवास के आसपास आम लोगों की आवाजाही सीमित कर दी गई. पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके को घेर लिया था. सुबह से लेकर देर शाम तक मीडिया और स्थानीय लोगों की भीड़ बाहर जमा रही. अधिकारियों ने किसी को भी परिसर के भीतर जाने की अनुमति नहीं दी. इससे पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई।  क्या आगे गिरफ्तारी भी हो सकती है? फिलहाल ED ने किसी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है. हालांकि सूत्रों का कहना है कि एजेंसी वित्तीय दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही है. यदि जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आती हैं तो आने वाले दिनों में पूछताछ और गिरफ्तारी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. पंजाब की राजनीति में इस कार्रवाई को आने वाले समय के बड़े राजनीतिक संकेत के तौर पर भी देखा जा रहा है। 

आत्महत्या के मामलों में बड़ी गिरावट, पंजाब में 2015 के बाद रिकॉर्ड कमी

 चंडीगढ़ खेती संकट और कर्ज के बोझ को लेकर लंबे समय से चर्चा में रहे पंजाब के लिए राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की ताजा रिपोर्ट राहत भरी मानी जा रही है।क्राइम इन इंडिया-2024 रिपोर्ट के अनुसार राज्य में किसान और खेतिहर मजदूर आत्महत्या के मामलों में पिछले दस वर्षों का सबसे कम आंकड़ा दर्ज किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि किसानों को दी जा रही आर्थिक सहायता, मुफ्त बिजली, राहत योजनाएं और फसल विविधीकरण की दिशा में किए गए प्रयासों का असर आंकड़ों में दिखाई दे रहा है। एनसीआरबी रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2024 के दौरान पंजाब में कुल 127 किसान और खेतिहर मजदूरों ने आत्महत्या की। इनमें 57 किसान और 70 खेतिहर मजदूर शामिल हैं। वर्ष 2023 में यह आंकड़ा 161 था। इस तरह एक साल के भीतर मामलों में करीब 21 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2015 के बाद यह सबसे कम संख्या है। कृषि क्षेत्र से जुड़े जानकारों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में राज्य सरकार की ओर से किसानों को राहत देने के लिए कई कदम उठाए गए। किसानों को मुफ्त बिजली, फसल नुकसान पर मुआवजा, कर्ज राहत और धान-गेहूं के अलावा दूसरी फसलों की तरफ बढ़ने के लिए प्रोत्साहन जैसी योजनाओं का असर धीरे-धीरे सामने आ रहा है। यही वजह है कि खेती से जुड़े आत्महत्या मामलों में कमी दर्ज की गई। हालांकि विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि स्थिति को पूरी तरह सामान्य नहीं माना जा सकता। खेतिहर मजदूरों में आत्महत्या के मामलों की संख्या अब भी ज्यादा है, जो ग्रामीण आर्थिक ढांचे की कमजोर स्थिति की तरफ इशारा करती है। छोटे और सीमांत किसान अभी भी बढ़ती लागत, कर्ज और घटती आय जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि देश के कई अन्य राज्यों की तुलना में पंजाब में स्थिति में सुधार दर्ज हुआ है। इसके बावजूद कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि किसानों की आय बढ़ाने, रोजगार के अवसर पैदा करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में लगातार प्रयास जरूरी हैं, ताकि खेती से जुड़ा संकट स्थायी रूप से कम किया जा सके।

अब आधार अपडेट करवाने के लिए नहीं लगेंगे लंबे इंतजार, 3 जिलों में नए सेंटर शुरू

 जालंधर  आधार कार्ड धारकों के लिए राहत भी खबर सामने आई है। होशियारपुर, गुरदासपुर व जालंधर में नए आधार सेवा केंद्रों (एएसके) शुरू करके, यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI), क्षेत्रीय कार्यालय चंडीगढ़ ने पंजाब में सेवा वितरण नेटवर्क को मजबूत किया है। जालंधर में ये नवीनतम आधार सेवा केंद्र रविवार सहित सप्ताह के सातों दिन खुले रहेगें।  केंद्रों का उद्देश्य नागरिक सुविधा बढ़ाने व आधार संबंधी सेवाओं के सहज वितरण सुनिश्चित करने हेतु हैं। निवासी आधार नामांकन, नाम, पता व जन्म तिथि जैसे जनसांख्यिकीय विवरणों के अपडेट के साथ-साथ बायोमेट्रिक अपडेट अधिक बेहतर व आसान तरीके से प्राप्त कर सकते हैं। इन केंद्रों के जुड़ने से UIDAI निवासियों, विशेषकर नजदीकी कस्बों व ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए पहुंच सुधारने व यात्रा समय घटाने की प्रतिबद्धता जारी रखे हुए है। केंद्र आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, प्रशिक्षित स्टाफ व सुव्यवस्थित प्रक्रियाओं से सुसज्जित हैं ताकि न्यूनतम प्रतीक्षा समय व सुगम सेवा अनुभव सुनिश्चित हो। मानकीकृत व नागरिक हितैषी वातावरण बनाकर, मौजूदा केंद्रों पर भीड़ घटाकर व अनुरोधों की तेज प्रक्रिया सुनिश्चित करके, इन ASKs की स्थापना सेवा वितरण की समग्र गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार लाने की उम्मीद है। यह आधार सेवाओं में पारदर्शिता व विश्वसनीयता भी बढ़ाएगा। इसके अलावा, ये केंद्र वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं व दिव्यांग व्यक्तियों सहित समाज के सभी वर्गों के लिए आधार सेवाओं को आसानी से सुलभ बनाकर व्यापक समावेशन को बढ़ावा देंगे। बेहतर पहुंच सुगमता अधिक निवासियों को आधार विवरण अपडेट रखने के लिए प्रोत्साहित करेगी, जिससे विभिन्न सरकारी व वित्तीय सेवाओं तक बेहतर पहुंच संभव होगी। UIDAI पंजाब के निवासियों को अपने नामांकन और अपडेट संबंधी जरूरतों के लिए इन आधार सेवा केंद्रों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करता है। नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने साथ वैध सहायक दस्तावेज रखें और अतिरिक्त सुविधा के लिए वे ऑनलाइन अपॉइंटमेंट भी बुक कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए, निवासी UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं या अपने निकटतम आधार सेवा केंद्र से संपर्क कर सकते हैं। जालंधर में यह केन्द्र बस स्टैंड के निकट जवाहर नगर में अपैक्स टावर के ग्राउंड फ्लोर स्थित शाप नम्बर 2 में खोला गया है l

IED धमाकों के बाद पंजाब में हाई अलर्ट, हलवारा एयरफोर्स स्टेशन पर सुरक्षा बढ़ाई गई

जालंधर/अमृतसर जालंधर और अमृतसर में हुए आईईडी धमाकों के बाद भारतीय वायु सेना केंद्र हलवारा में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। सेना केंद्र के मुख्य द्वार के बाहर जिला लुधियाना ग्रामीण पुलिस के दर्जनों सुरक्षाकर्मी तैनात किए गये हैं। गुरुवार रात 10 बजे के करीब एसएसपी डॉ अंकुर गुप्ता खुद नाकेबंदी की कमान संभाले नजर आये और सभी वाहनों की गहन तलाशी ली जा रही है।  लुधियाना बठिंडा राजमार्ग पर भारतीय वायु सेना केंद्र हलवारा कस्बा सुधार बाजार और आसपास के इलाके में पुलिस की गश्त हो रही है और हूटर बजाते सुरक्षा वाहन लगातार पेट्रोलिंग कर रहे हैं। जिला लुधियाना ग्रामीण पुलिस के अधीन सभी थाना चौकियों से आए कई अधिकारी और मुलाजिम वायु सेना केंद्र के आसपास सभी जगहों की कड़ी निगरानी कर रहे हैं और हर एक संदिग्ध से इलाके में होने के बारे में पूछताछ की जा रही है। गौरतलब है कि भारत के अहम लड़ाकू विमानों के बेस हलवारा वायु सेना केंद्र में पहले से थ्री लेयर सुरक्षा प्रणाली तैनात है जिसके चलते अंदर तो परिंदा भी पर नहीं मार सकता लेकिन किसी संभावित थ्रेट के मद्देनजर स्टेशन परिसर के बाहर राज मार्ग और सभी लिंक सड़क पर सिविल पुलिस की गश्त तेज कर दी गई है। एसएसपी डॉ. अंकुर गुप्ता के अलावा ग्रामीण पुलिस के अन्य बड़े अधिकारी भी पॉइंट टू पॉइंट नाकेबंदियों की समीक्षा कर रहे हैं। सिविल कपड़ों में खुफिया विभागों के अधिकारी और मुलाजिम भी नजर बनाए हुए हैं। वायु सेना केंद्र के चारों तरफ बनी मजारों और अन्य स्थानों पर बैठने वाले लोगों समेत पंचायतों से भी कहा गया है कि किसी भी संदिग्ध के बारे में पुलिस को तुरंत जानकारी दी जाए। गौरतलब है कि एक दशक पहले भारतीय वायु सेना केंद्र हलवारा स्थित सेना के सीवी गोले इंडोर ऑडिटोरियम के बाहर एक मारुती कार में आईईडी बम लगाया गया था जिसे समय रहते डीफ्यूज कर दिया गया था।