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CBSE Guidelines: मूल्यांकन में लापरवाही अब पड़ेगी भारी, शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

लुधियाना. सैंट्रल बोर्ड ऑफ सैकेंडरी एजुकेशन (सी.बी.एस.ई.) ने 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के मूल्यांकन (चैकिंग) कार्य में जुटे अध्यापकों के लिए एक बेहद सख्त एडवाइजरी जारी की है। बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि कॉपियां चैक करने की प्रक्रिया पूरी तरह गोपनीय है और यदि किसी भी शिक्षक ने इससे जुड़ी कोई भी जानकारी, फोटो या निजी राय सोशल मीडिया पर सांझा की, तो इसे पेशेवर आचरण का उल्लंघन मानकर उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। दरअसल, बोर्ड के संज्ञान में आया है कि कुछ शिक्षक फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म्स पर मूल्यांकन से जुड़ी बातें लिख रहे हैं। कोई शिक्षक कॉपियों में लिखे उत्तरों का मजाक उड़ा रहा है, तो कोई मार्किंग स्कीम को लेकर भ्रामक दावे कर रहा है। सी.बी.एस.ई. ने इसे गंभीरता से लेते हुए कहा है कि ऐसी गैर-जिम्मेदाराना पोस्ट्स से छात्रों और अभिभावकों में बेवजह का तनाव और डर पैदा होता है। बोर्ड ने याद दिलाया है कि इवैल्यूएशन एक संवेदनशील प्रक्रिया है और इसकी गरिमा बनाए रखना हर शिक्षक की जिम्मेदारी है। जेल या सस्पैंशन जैसी कड़ी कार्रवाई होगी बोर्ड ने अपने सर्कुलर में चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले अध्यापकों को सस्पैंड किया जा सकता है, उन्हें स्कूल से निकाला जा सकता है या भविष्य में बोर्ड की किसी भी ड्यूटी के लिए हमेशा के लिए बैन (ब्लैकलिस्ट) किया जा सकता है। बोर्ड का मानना है कि परीक्षा प्रणाली की पवित्रता के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अध्यापकों से अपील की गई है कि वे सस्ते प्रचार के बजाय एक सच्चे प्रोफैशनल की तरह व्यवहार करें। प्रिंसिपल्स को निगरानी बढ़ाने के निर्देश सी.बी.एस.ई. ने सभी मान्यता प्राप्त स्कूलों के प्रिंसिपल्स को भी सख्त निर्देश दिए हैं कि वे अपने स्टाफ को इन नियमों के प्रति तुरंत जागरूक करें। प्रिंसिपल्स को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि उनके स्कूल का कोई भी शिक्षक ऐसी किसी भी गतिविधि में शामिल न हो जो बोर्ड की गोपनीयता को भंग करती हो। बोर्ड का यह कदम उन लाखों विद्यार्थियों के हित में है जो परीक्षा के बाद मानसिक दबाव में रहते हैं, ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचाया जा सके।

सस्ती और बेहतर इलाज की दिशा में बड़ा कदम: पंजाब को NHM से मिला 572.66 करोड़ का बजट

चंडीगढ़. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने मंगलवार को राज्यसभा को बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में पंजाब को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत 572.66 करोड़ रुपये का फंड जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य राज्य का विषय है, इसलिए सभी नागरिकों को बुनियादी स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की प्राथमिक जिम्मेदारी संबंधित राज्य और केंद्र शासित प्रदेश सरकारों की है। जेपी नड्डा ने प्रश्न के उत्तर में कहा, “एनएचएम का उद्देश्य सस्ती और गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाओं तक सभी भी पहुंच सुनिश्चित करना है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान, पंजाब के लिए 572.66 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की गई है। इस योजना के तहत जारी की गई धनराशि का उपयोग ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में मौजूदा उप-स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को अपग्रेड करने के लिए किया जाता है।” उन्होंने कहा कि एनएचएम के तहत, कार्यान्वयन और प्रगति का आकलन करने के लिए विभिन्न तंत्र मौजूद हैं। धनराशि की निगरानी और प्रबंधन के लिए सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली है। व्यय विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुपालन के आधार पर किस्तें जारी की जाती हैं। एनएमसी पोर्टल पर 2025 से 2,572 शिकायतें मिलीं। स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि 2025 से अब तक एनएससी के शिकायत पोर्टल पर 2,572 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से पिछले वर्ष 1,829 और इस वर्ष 743 शिकायतें शामिल हैं। अनुप्रिया ने कहा कि राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) के अनुसार छात्रों और अन्य हितधारकों के लिए शिकायतें कराने का वेब-आधारित पोर्टल स्थापित किया गया है। अन्य प्रश्न के उत्तर में अनुप्रिया पटेल ने कहा कि केंद्रीय दवा नियामक केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने वजन प्रबंधन और मोटापे के इलाज के लिए तीन दवाओं – ओर्लिस्टेट, टिरजेपेटाइड और सेमाग्लूटाइड को मंजूरी दी है। ये दवाएं डॉक्टर की पर्ची (प्रेसक्रिप्शन) पर दवा की दुकान में उपलब्ध होंगी। अन्य प्रश्न के उत्तर में स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने बताया कि आयुष्मान भारत – प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) के तहत 28 फरवरी तक देशभर में अस्पतालों में भर्ती के 11.69 करोड़ मामलों में 1.73 लाख करोड़ को मंजूरी दी गई है। इनमें से वित्तीय वर्ष 2023-24 और वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान अस्पतालों में भर्ती के 4.40 करोड़ मामलों में 68,302.23 करोड़ रुपये की मंजूरी शामिल हैं। मंत्री ने कहा कि योग्य लाभार्थी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं, जिससे उनके जेब से होने वाले खर्च में कमी आ रही है। एबी-पीएमजेएवाई के तहत प्रति परिवार प्रति वर्ष पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य कवरेज मिलता है। अन्य प्रश्न के उत्तर में प्रतापराव जाधव ने कहा कि 2022-23 से 2024-25 के बीच तीन वर्षों में खाद्य सुरक्षा विभागों के अधिकारियों ने 5.18 लाख से अधिक खाद्य नमूनों का विश्लेषण किया। इस अवधि में 88,192 मामलों में दंड लगाए गए और 3,614 मामलों में सजा सुनाई गई और 1,161 लाइसेंस रद किए गए।

पंजाब में हेल्थ सेक्टर पर फोकस: CM भगवंत मान बोले- हर परिवार को मिलेगा 10 लाख तक मुफ्त इलाज

धूरी पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने धूरी में 50 बिस्तरों की क्षमता वाले सब-डिविजनल अस्पताल और 30 बिस्तरों की क्षमता वाले माता-शिशु स्वास्थ्य ब्लॉक को लोगों को समर्पित किया। यह परियोजना पंजाब की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने और संगरूर जिले में स्वास्थ्य ढांचे को बड़ा बढ़ावा देने के लिए मील का पत्थर साबित होगी। सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह परियोजना बुनियादी ढांचे को मजबूत कर स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और डॉक्टरों व स्टाफ की उपलब्धता को बेहतर बनाकर सुलभ एवं मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य व्यवस्था लागू करने के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इससे न केवल धूरी शहर बल्कि आसपास के लगभग 70 गांवों के लोगों को भी लाभ मिलेगा, जिससे हजारों लोगों को घर के नजदीक आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।” उन्होंने आगे कहा, “21.65 करोड़ रुपये की लागत से बना यह कॉम्प्लेक्स लगभग 73,000 वर्ग फुट में फैला अत्याधुनिक भवन है, जो इस क्षेत्र के लिए वरदान साबित होगा। इसमें ओपीडी, इनडोर इलाज, इमरजेंसी सेवाएं, जांच सुविधाएं और विशेष सेवाएं उपलब्ध होंगी, जिससे सेकेंडरी स्तर की स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत होंगी।” स्वास्थ्य सेवाओं के दोहरे ढांचे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “50 बिस्तरों वाला सब-डिविजनल अस्पताल व्यापक सेकेंडरी स्वास्थ्य सेवाएं देगा, जबकि 30 बिस्तरों वाला माता-शिशु स्वास्थ्य ब्लॉक गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं और बच्चों की देखभाल को और मजबूत करेगा।” मुख्यमंत्री ने बताया, “यह अस्पताल वर्ष 1978 में 30 बिस्तरों के साथ स्थापित हुआ था, बाद में इसे 50 बिस्तरों तक अपग्रेड किया गया और अब इसे आधुनिक सुविधाओं से लैस 80 बिस्तरों वाला अस्पताल बना दिया गया है, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए हमारी सरकार के निरंतर प्रयासों को दर्शाता है।” बुनियादी सुविधाओं के बारे में उन्होंने कहा, “अस्पताल में 13 ओपीडी कमरे, इमरजेंसी ब्लॉक, दो रजिस्ट्रेशन काउंटर और बड़ी व छोटी सर्जरी के लिए 7 ऑपरेशन थिएटर हैं। इसके अलावा तीन लैबोरेट्री, ईसीजी, अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे जैसी आधुनिक जांच सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।” उन्होंने आगे कहा, “अस्पताल में 12 निजी कमरे, 6 जनरल वार्ड, एक पूर्ण रूप से कार्यशील दवा भंडार, एसएमओ कार्यालय, 11 नर्स स्टेशन और 2 लिफ्टें हैं, जो मरीजों की बेहतर देखभाल और कार्यकुशलता को सुनिश्चित करती हैं।” मुख्यमंत्री ने ज़ोर देकर कहा, “अस्पताल में सर्जिकल सेवाओं के साथ घुटना प्रत्यारोपण जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। विशेषज्ञ डॉक्टर, विशेषकर कान-नाक-गला (ईएनटी) के क्षेत्र में सेवाएं प्रदान करेंगे।” माता-शिशु स्वास्थ्य पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, “यह समर्पित केंद्र अनुभवी स्त्री रोग विशेषज्ञों की निगरानी में सामान्य और सिजेरियन डिलीवरी की सुविधाएं प्रदान करेगा, जिससे माताओं और नवजात शिशुओं की बेहतर देखभाल सुनिश्चित होगी।” उन्होंने आगे कहा, “माताओं और बच्चों के लिए आवश्यक इलाज और जांच मुफ्त उपलब्ध करवाई जाएंगी, ताकि कोई भी परिवार आर्थिक तंगी के कारण इलाज से वंचित न रहे। अस्पताल के तहत चल रही ईएसआई डिस्पेंसरी के जरिए श्रमिकों को भी स्वास्थ्य सेवाएं मिलती रहेंगी।” व्यापक स्वास्थ्य सुधारों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “सरकार ने 1500 से अधिक डॉक्टरों की भर्ती की है, जिनमें 600 से ज्यादा विशेषज्ञ और 900 से अधिक जनरल डॉक्टर शामिल हैं। इसके अलावा आम आदमी क्लीनिकों में 800 से अधिक डॉक्टर तैनात किए गए हैं, जिससे सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में सेवाएं बेहतर हुई हैं।” उन्होंने कहा, “हमने सेकेंडरी स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत किया है और आम आदमी क्लीनिकों के नेटवर्क का विस्तार किया है। 300 करोड़ रुपये से अधिक की खरीद के जरिए मुफ्त दवाइयों और आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।” वित्तीय सुरक्षा पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत प्रति परिवार प्रति वर्ष 10 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर दिया जा रहा है, ताकि लोगों को बिना आर्थिक बोझ के बेहतर इलाज मिल सके।” अंत में उन्होंने कहा, “इस परियोजना से धूरी के 58,000 से अधिक निवासियों और आसपास के हजारों लोगों को लाभ होगा। हम पंजाब के हर नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

कारोबार करना होगा आसान! चंडीगढ़ में नया एक्ट लागू, सरकारी कामकाज में आएगी तेजी

चंडीगढ़ यूटी प्रशासन शहर में कारोबार को और आसान बनाने के लिए जल्द एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। पंजाब की तर्ज पर जल्द ही इज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट लागू करने की तैयारी है। इससे सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) को बड़ी राहत मिलेगी। उद्योग विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, मसौदा तैयार किया जा रहा है और एक्ट को अगले महीने लागू कर दिया जाएगा। इससे उद्योगों, व्यापारियों और स्टार्टअप्स को सरकारी प्रक्रियाओं में होने वाली देरी और जटिलताओं से छुटकारा मिलेगा। व्यापार शुरू करने, लाइसेंस प्राप्त करने, भवन अनुमति, प्रदूषण से संबंधित मंजूरी, बिजली और पानी कनेक्शन जैसी कई प्रक्रियाएं सरल हो जाएंगी और पारदर्शी आएगी। तय समय सीमा के भीतर अनुमति या सेवा प्रदान करना संबंधित विभाग की जिम्मेदारी होगी। प्रस्तावित एक्ट के तहत नए एमएसएमई उद्यमों को सेल्फ-डिक्लेरेशन के आधार पर सर्टिफिकेट ऑफ इन-प्रिंसिपल अप्रूवल जारी किया जाएगा। यह प्रमाणपत्र तीन वर्ष छह माह तक मान्य रहेगा और इस अवधि में उद्यमों को कई तरह की नियामकीय मंजूरियों और नियमित निरीक्षणों से छूट मिलेगी। प्रशासन इस एक्ट को डीरेगुलेशन 2.0 नामक व्यापक सुधार कार्यक्रम के साथ लागू करेगा। भूमि उपयोग, निर्माण, बिजली-पानी जैसी सुविधाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य और डिजिटल सेवाओं से जुड़े कई नियमों को सरल बनाया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार यह सुधार मार्च से सितंबर 2026 के बीच चरणबद्ध तरीके से लागू किए जाएंगे और सभी विभागों को समयबद्ध लक्ष्य दिए गए हैं। सीएलयू की अनिवार्यता समाप्त किया जाएगा सुधारों के तहत चेंज इन लैंड यूज की अनिवार्यता समाप्त करने का भी प्रस्ताव है। इससे जमीन मालिकों, खासकर किसानों को लंबी प्रक्रियाओं से राहत मिलेगी। साथ ही भूमि उपयोग योजना में परमिटेड अनटिल प्रोहिबिटेड सिद्धांत अपनाने की योजना है, जिसके तहत मास्टर प्लान तैयार होने तक भी निर्माण संबंधी अनुमतियां दी जा सकेंगी। औद्योगिक क्लस्टरों में औद्योगिक भूमि उपयोग को भी बेहतर तरीके से व्यवस्थित किया जाएगा और एमएसएमई के लिए विशेष प्रविधान किए जाएंगे। इन बदलावों को 30 जून 2026 तक लागू करने का लक्ष्य रखा गया है। आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाओं को तेजी देने के लिए बिल्डिंग परमिट प्रक्रियाओं को सरल किया जाएगा और अग्नि सुरक्षा मानकों को वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं के अनुसार तार्किक बनाया जाएगा। यह सुधार 31 मई 2026 तक लागू करने की योजना है, जिससे बिल्डरों और संपत्ति मालिकों को मंजूरियां जल्दी मिल सकेंगी। कई अहम फैसले प्रस्तावित व्यापारियों और उद्यमियों के लिए भी कई अहम फैसले प्रस्तावित हैं। 30 अप्रैल 2026 तक डुअल लाइसेंसिंग व्यवस्था खत्म करने, दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से जुड़े नियमों को उदार बनाने तथा लीगल मेट्रोलॉजी एक्ट के तहत लाइसेंस प्रक्रिया को सरल करने की योजना है। औद्योगिक क्लस्टरों में मंजूरियों के लिए राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण को एकल नोडल एजेंसी बनाया जाएगा, जबकि एमएसएमई को सेल्फ-डिक्लेरेशन के आधार पर पूर्व-स्थापना मंजूरी दी जाएगी और नियमित निरीक्षणों से संरक्षण मिलेगा। इसके अलावा प्रशासन ने 31 मार्च 2026 तक बिजली कनेक्शन देने की प्रक्रिया तेज करने का लक्ष्य भी तय किया है, जिससे नए घरों और कारोबारियों की लंबे समय से चली आ रही शिकायतों का समाधान हो सके। पर्यावरण मंजूरी के लिए पोर्टल किया जाएगा अपलोड पर्यावरण मंजूरियों को तेजी से देने के लिए राज्य विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति और राज्य पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरण की बैठकों की संख्या बढ़ाई जाएगी। साथ ही क्षतिग्रस्त वन और गैर-वन भूमि का एक लैंड बैंक बनाकर उसे पारदर्शिता के लिए पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में भी नियामकीय ढील देने की योजना है। निजी स्कूलों और विश्वविद्यालयों के लिए न्यूनतम भूमि स्वामित्व की अनिवार्यता हटाई जाएगी, जबकि उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए बुनियादी ढांचे और एंडोमेंट फंड से जुड़े नियमों को 31 जुलाई 2026 तक तार्किक बनाया जाएगा। स्वास्थ्य क्षेत्र में 30 जून 2026 तक डाॅक्टरों के पंजीकरण और एनओसी प्रक्रिया को सरल करने तथा सभी स्वास्थ्य लाइसेंस के लिए एकल नोडल एजेंसी नियुक्त करने की योजना है। डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम के तहत सेवाओं की समय सीमा घटाई जाएगी और राइट टू सर्विसेज के तहत आटो-अपील व्यवस्था लागू की जाएगी। इससे तय समय में सेवा न मिलने पर आवेदन स्वतः उच्च स्तर पर भेज दिया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि यह पहल विश्वास आधारित शासन और तकनीक आधारित सेवा वितरण की दिशा में बड़ा कदम है, जिससे लोगों और निवेशकों को होने वाली अनावश्यक परेशानियां कम होंगी तथा चंडीगढ़ में कारोबार और निवेश का माहौल बेहतर होगा।  

चंडीगढ़ में नया बिजनेस हब: सेक्टर-17 ओवरब्रिज के नीचे मिलेंगे 39 किराये के बूथ

चंडीगढ़ नगर निगम ने सेक्टर-17 स्थित नए ओवरब्रिज के नीचे बने 39 बूथों को मासिक किराये के आधार पर देने के लिए ई-नीलामी की घोषणा की है। निगम ने इसके लिए विस्तृत समय-सारिणी और शर्तें जारी कर दी हैं। निगम के अनुसार ई-नीलामी की प्रक्रिया 16 मार्च से शुरू हो चुकी है। इच्छुक आवेदक 17 मार्च से पांच अप्रैल तक सुबह 10 से शाम पांच बजे तक अपने दस्तावेज और निर्धारित शुल्क जमा कर सकते हैं। दस्तावेजों की जांच और अनुमोदन की प्रक्रिया छह से 14 अप्रैल तक सुबह नौ से शाम छह बजे तक की जाएगी। इसके बाद 15 अप्रैल को सुबह नौ से दोपहर तीन बजे तक आनलाइन बोली लगाई जाएगी। निगम की ओर से जारी विवरण के अनुसार अलग-अलग आकार के बूथों के लिए अलग-अलग मासिक किराया तय किया गया है। करीब 18.061 वर्ग गज क्षेत्रफल वाले बूथों का मासिक किराया 24,744 रुपये रखा गया है। वहीं, 12.179 वर्ग गज वाले बूथों का किराया 15,201 रुपये प्रति माह निर्धारित किया गया है। इसके अलावा 20.844 वर्ग गज के बूथों का मासिक किराया 29,422 रुपये तथा 14.05 वर्ग गज क्षेत्र वाले बूथों का किराया 18,072 रुपये प्रति माह तय किया गया है। नीलामी में जो सबसे अधिक किराया कोट करेगा उसे बूथ मिलेगा। वेबसाइट पर ईएमडी की जानकारी नगर निगम ने बताया कि ई-नीलामी से संबंधित विस्तृत नियम, पात्रता और ईएमडी जमा करने की जानकारी ई-आक्शन पोर्टल eauction.gov.in पर उपलब्ध है। इच्छुक लोग वेबसाइट से पूरी जानकारी डाउनलोड कर सकते हैं। निगम अधिकारियों के अनुसार इस पहल से शहर में व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और निगम को भी राजस्व प्राप्त होगा। अधिक जानकारी के लिए निगम के हेल्पलाइन नंबर- 0172-5021521 पर संपर्क किया जा सकता है। वर्षों से खाली हैं बूथ यह बूथ वर्षों से खाली हैं। इससे निगम को राजस्व का भी बड़ा नुकसान हुआ है। अब इन बूथ को नीलाम किया जाएगा। निगम ने निर्णय लिया है कि अब जो प्रापर्टी तीन बार में नीलाम नहीं होगी उसका किराया 25 प्रतिशत तक कम किया जाएगा। अगर यह बूथ नीलाम हो जाते हैं तो इससे निगम का राजस्व तो बढ़ेगा ही साथ में प्लाजा के इस हिस्से में रौनक भी लौटेगी। अभी प्लाजा का यह हिस्सा अनदेखी का शिकार है। यहां अव्यवस्थाओं की भरमार है।  

वायदों से लेकर विकास तक—AAP ने 4 साल में निभाई हर गारंटी : मुख्यमंत्री

चंडीगढ़ आम आदमी पार्टी की सरकार के चार वर्ष पूरे होने पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार ने ‘काम की राजनीति’ के रास्ते लोगों को दी गई सभी गारंटियां पूरी कर दी हैं। उन्होंने कहा कि लोगों ने कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और भाजपा को ठुकराकर हम पर उम्मीदें लगाई थी और हमने लोगों का भरोसा नहीं टूटने दिया। मुख्यमंत्री ने मुख्य उपलब्धियों का जिक्र किया, जिनमें मुफ्त बिजली, किसानों के लिए दिन में बिजली, 78 प्रतिशत खेतों को नहरी पानी, 65,000 सरकारी नौकरियां और 5.5 लाख रोजगार के नए मौके, आम आदमी क्लिनिकों के माध्यम से स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार और 10 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज शामिल हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की नशा विरोधी अभियान ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’, 1.55 लाख करोड़ रुपए का रिकॉर्ड निवेश और सड़क सुरक्षा फोर्स के साथ सरकार के इरादे स्पष्ट हैं कि पंजाब के पुनर्निर्माण पर ध्यान दिया जा रहा है। विपक्षी पार्टियों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि जहां कांग्रेस, अकाली और भाजपा सत्ता की चिंता कर रहे हैं, वहीं 'आप' सरकार पंजाब को बचाने के लिए फिक्रमंद है और राज्य में फूट डालो राजनीति को सफल नहीं होने देगी। 'आप' सरकार के चार साल पूरे होने पर पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "पंजाब सरकार ने चार सालों में सभी वादे पूरे करके राजनीति में नई परंपरा कायम की है, जबकि पारंपरिक पार्टियां पांच सालों में भी ऐसा करने में सक्षम नहीं हैं।" उन्होंने आगे कहा, “साल 2022 में शहीद-ए-आजम भगत सिंह के पैतृक गांव में पदभार संभालने के बाद, पंजाब सरकार ने कई लोक-हितैषी फैसले लिए।” पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “मेरे साथ, लाखों पंजाबियों ने राज्य की पुरानी शान बहाल करने की शपथ ली थी।” ‘आप’ सरकार के चार साल पूरे, अब पंजाब को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का लक्ष्य अपनी सरकार की उपलब्धियों के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पिछले चार सालों में, पंजाब सरकार ने लोगों की भलाई के लिए अथक मेहनत और समर्पण भावना से प्रयास किए हैं और उनके साथ किए वादे पूरे कर दिए हैं।” उन्होंने आगे कहा, “आने वाला साल पंजाब को विकास और खुशहाली के एक नए शिखर पर ले जाने के लिए समर्पित होगा।” शिक्षा क्रांति ने पंजाब के सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदल दी शिक्षा क्षेत्र में बदलाव का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “भारत सरकार के सर्वेक्षण के अनुसार पंजाब के सरकारी स्कूल अब पढ़ाई में देश में पहले स्थान पर हैं।” उन्होंने आगे कहा, “सरकारी स्कूलों में अब कोई भी बच्चा फर्श पर नहीं बैठता क्योंकि एक लाख से अधिक डेस्क दिए गए हैं ताकि हर विद्यार्थी सम्मान से पढ़ सके।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “सरकारी स्कूलों में डिजिटल क्रांति के तहत 9,000 से अधिक स्मार्ट क्लासरूम और 5,000 कंप्यूटर लैब खोले गए हैं, जिससे पूरे पंजाब के विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा मिल रही है।” उन्होंने आगे कहा, “पंजाब के इतिहास में पहली बार ठेके पर रखे शिक्षकों को नियमित नौकरियां दी गई हैं और सरकारी स्कूलों को मजबूत करने के लिए 15,000 से अधिक शिक्षकों की भर्ती की गई है।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “सरकारी स्कूलों के प्रिंसिपल और शिक्षक फिनलैंड, सिंगापुर और आई.आई.एम. अहमदाबाद में विश्व स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं, जिससे पंजाब में बच्चों को विश्व स्तरीय शिक्षा मिल रही है।” उन्होंने आगे कहा, “पंजाब के युवाओं को नौकरी ढूंढने वाले नहीं बल्कि नौकरियां पैदा करने वाले बनने के लिए तैयार किया जा रहा है और हर साल लगभग 1.5 लाख कॉलेज विद्यार्थी उद्यमिता और कौशल सीख रहे हैं।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “सरकारी स्कूल अब प्राइवेट स्कूलों से मुकाबला कर रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा, "सिर्फ साल 2026 में सरकारी स्कूलों के 305 विद्यार्थियों ने जे.ई.ई. मेन्स और 845 ने नीट पास की।" मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना और आम आदमी क्लीनिकों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार स्वास्थ्य क्षेत्र की बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत पंजाब के हर परिवार को बड़े प्राइवेट अस्पतालों में 10 लाख रुपए तक का मुफ्त और कैशलेस इलाज मिलेगा।” उन्होंने आगे कहा, “यह दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना है।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “जब पिछली सरकारों ने 75 सालों में पंजाब में सिर्फ 400 क्लीनिक बनाए थे, वहीं पंजाब सरकार ने पिछले चार सालों में 881 आम आदमी क्लीनिक खोले हैं।” उन्होंने आगे कहा, “इन क्लीनिकों की ओ.पी.डी. में इलाज के लिए आने वालों की संख्या पांच करोड़ से अधिक हो गई है।” बिजली क्षेत्र के सुधारों से घरों को राहत मिली मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब के 90 प्रतिशत घरों को अब जीरो बिजली बिल आता है, जिससे परिवारों को बड़ी राहत मिली है।” उन्होंने आगे कहा, “पंजाब के इतिहास में पहली बार बिजली की दरें घटाई गई हैं, जिससे घरेलू उपभोक्ताओं के लिए प्रति यूनिट 1.5 रुपए, वाणिज्यिक उपभोक्ताओं के लिए 79 पैसे और उद्योगों के लिए 74 पैसे की कटौती की गई है।” उन्होंने आगे कहा, “पंजाब सरकार ने 540 मेगावाट क्षमता वाला जी.वी.के. प्राइवेट पावर प्लांट खरीदा है, जिससे बिजली उत्पादन की लागत कम करने में मदद मिली है।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पी.एस.पी.सी.एल., जो पहले घाटे में चल रहा था, अब लगातार तीन साल से मुनाफे में है और भारत सरकार से सबसे ऊंचा ए+ रेटिंग प्राप्त किया है।” उन्होंने यह भी कहा, “पछवाड़ा कोयला खदान से सस्ता कोयला खरीदकर सरकारी खजाने में 1,000 करोड़ रुपए की बचत की गई है।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “‘रोशन पंजाब’ पहल के तहत बिजली ट्रांसमिशन और वितरण नेटवर्क को मजबूत करने तथा 24×7 बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 5,000 करोड़ रुपए का निवेश किया जा रहा है।” रोजगार क्रांति और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर रोजगार सृजन पर बोलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब सरकार ने राज्य में रोजगार क्रांति शुरू की है।” उन्होंने आगे कहा, “पिछले चार सालों में युवाओं को सिफारिश या रिश्वत के बिना … Read more

अब डिजिटल होंगे प्राचीन ग्रंथ: पंजाब संस्कृति मंत्रालय ने लॉन्च किया ‘ज्ञान भारतम् मिशन’

चंडीगढ़. प्राचीन हस्तलिखित धरोहर यानी पांडुलिपि। इनके माध्यम से हमें अपनी संस्कृति के बारे में पता चलता है और इतिहास से जुड़ी तमाम जानकारी मिलती है। एक तरह से यह हमारी सभ्यता का अहम हिस्सा है। जो लोग इनके महत्व समझते हैं वे न केवल इसे संजो कर रखा है बल्कि दूसरों को भी इसके बारे में जागरूक कर रहे हैं। इसी कड़ी में भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय की ओर से ज्ञान भारतम् मिशन शुरू किया गया है। ताकि इसके महत्व के बारे में बताया जाए। आने वाली पीढ़ी को इसके बारे में जानकारी दी जाए, विरासत को संभाल कर रखा जाए। साथ ही डिजिटाइज भी किया जाए। इसके तहत अलग-अलग चरण में काम होंगे। इस मिशन को चंडीगढ़ के सेक्टर-10 गवर्नमेंट म्यूजियम एंड आर्ट गैलरी की ओर से काम शुरू हो गया है। इसमें म्यूजियम की ओर से आम लोगों से लेकर संस्थानों, पुस्तकालयों से जोड़ा जाएगा। इस दौरान कई गतिविधियां भी होंगी। आइए जानते हैं किस तरह से विरासत, इतिहास और संस्कृति के संरक्षण की इस मिशन को लेकर काम किया जाएगा और लोग किस तरह से सहयोग कर सकते हैं। बात विरासत की है तो महत्वपूर्ण है म्यूजियम की डिप्टी क्यूरेटर सीमा गेरा ने बताया गया कि इस मिशन के तहत देशभर में काम हो रहा है। शहर में भी इसकी शुरुआत हो चुकी है। यह मिशन सभी के लिए महत्वपूर्ण है। क्योंकि बात विरासत की है। इसको बचाने और आने वाली पीढ़ियों को पहुंचाने की है। इसलिए जरूरी है कि सभी इस मिशन में अपने स्तर पर योगदान दें। तीन महीने तक पहले चरण के तहत सर्वे म्यूजियम की क्यूरेटोरियल असिस्टेंट मेघा कुलकर्णी ने बताया कि इस मिशन के लिए चंडीगढ़ के लिए नोडल एजेंसी गवर्नमेंट म्यूजियम एंड आर्ट गैलरी है। हमारी ओर से काम करना शुरू कर दिया गया है। सबसे पहले इंटरनेट मीडिया के जरिए लोगों को जागरूक कर रहे हैं। जल्द ही वालंटियर्स को भी जोड़ा जाएगा। ताकि वह भी पहले चरण के तहत सर्वे करने में मदद करें। संस्थानों को भी सहयोग करने के लिए कहा गया है। हाल में कुछ मंदिरों में होकर आएं। इंस्टीट्यूट, म्यूजियम, लाइब्रेरी के अलावा आम लोगों के पास अगर मैनुस्क्रिप्ट है वह हम तक पहुंच सकते हैं या फिर किसी तरह की कोई परेशानी है तो हमारी टीम उन तक पहुंच जाएगी और सर्वे करने में मदद करेगी। सर्वे के लिए एक सरकार की ओर से एप तैयार की गई है। इसमें अपनी सुविधा के हिसाब से किसी भी भाषा का चयन करके जानकारी दे सकते हैं। यह मिशन इसलिए भी जरूरी है – मैनुस्क्रिप्ट हमारी धरोहर है, जो हमारे कल्चर का प्रतिनिधित्व करती है। कई इंस्टीट्यूट, म्यूजियम, लाइब्रेरी और लोगों के पास मैनुस्क्रिप्ट है। ऐसे में जरूरत है कि इन सभी को संभाल कर रखा जाए, कंजर्व किया जाए। ऐसा होगा तभी आने वाली पीढ़ी तक पहुंचा सकते हैं। इस तरह से होगा काम सर्वे: पहला चरण सर्वे है। इसमें एप के माध्यम से जानकारी देनी है। इसमे अपनी जानकारी देनी है और यह भी बताना है कितने और किस तरह के मैनुस्क्रिप्ट है। कर्जवैशन: पहला चरण जब खत्म हो जाएगा तो देखा जाएगा कि अगर मैनुस्क्रिप्ट खराब है या नहीं। अगर हालत खराब होगी तो उसको कर्जव किया जाएगा। डिजिटाइजेशन : जितने भी मैनुस्क्रिप्ट होंगे उन्हें डिजिटाइज किया जाएगा। साथ ही डाक्यूमेंटेशन भी होगा। इस में मैनुस्क्रिप्ट की टाइटल से लेकर यह जानकारी होगी कि किस विषय पर है, कब का है, हैंड रिटन है, पेट किया हुआ है या साथ में इलस्ट्रेशन है। ट्रांसलेशन इसके बाद मैनुस्क्रिप्ट को ट्रांसलेट भी किया जाएगा। ताकि युवा पीढी को पता चले कि किस मेक्या लिखा गया है। स्सिर्च-आउटरिच: यह सब होंने याद कई सेमिनार, वर्कशाप आयोजित किए जाएंगे। इस में बताया जाएगा कि क्या-क्या रिकार्ड मे है। जो रिसर्च करना चाहता है उनके लिए भी यह अहम हिस्सा है।

श्री हरमंदिर साहिब परिसर में कंकाल को पगड़ी और जूते पहनकर घुमाने का मामला, SGPC ने शुरू की जांच

अमृतसर  एआई के जरिए एक वीडियो बनाकर कुछ लोगों की ओर से श्री हरमंदिर साहब की बेअदबी करने का मामला सामने आया है। वीडियो में एक कंकाल को पगड़ी पहनकर श्री हरमंदिर साहिब परिसर और लंगर हाल में जूते पहनकर घूमते हुए दिखाया गया है। इससे सिख समुदाय में रोष फैल गया है।   सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने मामले में जांच शुरू कर दी है। कमेटी की ओर से संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट के खिलाफ कार्रवाई करने की पैरवी शुरू कर दी है।  करीब डेढ़ मिनट का यह वीडियो सात दिन अमृतसर में थीम पर तैयार किया गया है। इसमें पहले दिन श्री हरमंदिर साहिब की परिक्रमा, दूसरे दिन लंगर हॉल के दृश्य, तीसरे दिन जलियांवाला बाग, चौथे दिन अमृतसरी कुलचे खाते और लस्सी पीते हुए, पांचवें दिन अटारी-वाघा बॉर्डर पर सेरेमनी देखते हुए, छठे दिन शहर की गलियों में घूमते और दुर्गियाना मंदिर में दर्शन करते हुए दृश्य शामिल किए गए हैं। सातवें दिन के हिस्से में सूर्योदय के समय फिर से श्री हरमंदिर साहिब की परिक्रमा के दौरान जूते पहने हुए बैठे होने का दृश्य दिखाया गया है, जिस पर सबसे अधिक आपत्ति जताई जा रही है। एसजीपीसी के अधिकारियों  का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जिस किसी की ओर से भी ऐसी शरारत की गई है उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करवाई जाएगी। फिलहाल, संबंधित एजेंसियां वीडियो की सत्यता और इसके प्रसार से जुड़े सभी पहलुओं की जांच में जुटी हैं। 

चुनावी मोर्चे पर पंजाब के 33 अफसर तैनात, 5 राज्यों में संभालेंगे कमान

चंडीगढ़. केंद्र के चुनाव आयोग की ओर से पश्चिम बंगाल, केरल, असम, तमिलनाडु और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पंजाब से 26 वरिष्ठ आईएएस और 7 आईपीएस अधिकारियों को बतौर जनरल और सुरक्षा आब्जर्वर नियुक्त किया गया है। इन अधिकारियों को चुनाव प्रक्रिया पूरी होने और 4 मई को नतीजे आने तक संबंधित राज्यों में तैनात रहने के निर्देश दिए गए हैं। चुनाव आयोग के निर्देशानुसार ये अधिकारी नामांकन प्रक्रिया से लेकर चुनाव प्रचार, मतदान और मतगणना तक पूरे चुनावी घटनाक्रम पर नजर रखेंगे। उन्हें अपने-अपने आवंटित विधानसभा क्षेत्रों में जिला डिप्टी कमिश्नरों और रिटर्निंग अधिकारियों के निर्देशों के तहत कार्य करना होगा। पंजाब की मुख्य चुनाव अधिकारी अनिंदिता मित्रा ने बताया कि विधानसभा और लोकसभा चुनावों के दौरान पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए अन्य राज्यों के वरिष्ठ आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को आब्जर्वर के रूप में नियुक्त करने की परंपरा रही है। तैनात किए गए अधिकारियों में राहुल तिवाड़ी, गुरकीरत किरपाल और प्रियंक भारती जैसे वरिष्ठ आईएएस अधिकारी शामिल हैं, जबकि आईपीएस अधिकारियों में कौस्तुभ शर्मा प्रमुख नाम हैं। खास बात यह है कि छह महिला अधिकारियों को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इनमें अपनीत रियात और दीप्ति उप्पल को केरल, सेना अग्रवाल और सोनाली गिरी को पश्चिम बंगाल तथा अलका मीना (आईपीएस) को असम में तैनात किया गया है। पश्चिम बंगाल में सबसे अधिक अधिकारियों की तैनाती की गई है, जहां अमित ढाका, अरविंद कुमार एमके, हरप्रीत सिंह सूदन, अजीत बालाजी जोशी, कुलवंत सिंह, परमिंदरपाल सिंह, रामवीर, शौकत अहमद पारे, सैयद सहरिश असगर और वरुण रुजम सहित कई आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। तमिलनाडु में भी पंजाब के छह आईएएस अधिकारियों- घनश्याम थोरी, गुरिंदरपाल सिंह सहोता, परमवीर सिंह, राजीव प्रसार, संदीप कुमार और ओमा शंकर गुप्ता- को ऑब्जर्वर बनाया गया है। वहीं आईपीएस अधिकारी कौस्तुभ शर्मा को भी वहां तैनात किया गया है। इसके अलावा अमृत सिंह और उपकार सिंह को पुडुचेरी में जिम्मेदारी सौंपी गई है। चुनाव आयोग ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए पूरी सतर्कता के साथ कार्य करें।

गोल्डन टेंपल में गुरु हरराय साहिब का गुरता गद्दी दिवस मनाया, SGPC ने श्रद्धा से किया पौधारोपण और श्री अखंड पाठ साहिब के भोग डाले

अमृतसर सिखों के सातवें गुरु श्री गुरु हरिराय साहिब जी का गुरता गद्दी दिवस आज सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब में बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर गुरुद्वारा मंजी साहिब दीवान हॉल में रखे गए श्री अखंड पाठ साहिब के भोग डाले गए, जहां बड़ी संख्या में संगत ने हाजिरी भरी। भोग के उपरांत सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब के हजूरी रागी ज्ञानी बलविंदर सिंह के जत्थे द्वारा इलाही बाणी का कीर्तन किया गया, जिससे संगत निहाल हो गई। अरदास की सेवा भाई बलजीत सिंह ने निभाई, जबकि श्री हरिमंदिर साहिब के ग्रंथी सिंह साहिब ज्ञानी बलजीत सिंह ने पवित्र मुखवाक लिया। इस दौरान उन्होंने संगत के साथ गुरु साहिब जी के जीवन और उपदेशों पर विचार साझा करते हुए सभी को गुरता गद्दी दिवस की बधाई दी। भोग के समय गोल्डन टेंपल के हजूरी रागी ज्ञानी बलविंदर सिंह जी ने रसपूर्ण कीर्तन कर संगत को गुरबाणी से जोड़ा। इसके बाद अरदास भाई बलजीत सिंह जी द्वारा की गई, जिससे सभी संगत निहाल हुई। इस अवसर पर ग्रंथी ज्ञानी बलजीत सिंह जी ने मुख्यवाक लेकर संगत को हर राय साहिब जी के जीवन, उपदेश और शिक्षाओं के बारे में बताया। उन्होंने गुरु साहिब की दया, सेवा और प्रकृति प्रेम की प्रेरक शिक्षाओं पर प्रकाश डाला और संगत को गुरता गद्दी दिवस की बधाई दी। SGPC ने गुरता गद्दी दिवस के साथ पौधे लगाए और संगत को प्रेरित किया इसी क्रम में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने गुरता गद्दी दिवस के साथ-साथ पर्यावरण दिवस भी मनाया। SGPC प्रधान हरजिंदर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के अनुसार गोल्डन टेंपल परिसर में पौधे लगाए गए। इस अवसर पर संगत से अपील की गई कि वे गुरु साहिब की शिक्षाओं का अनुसरण करते हुए पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आएं और अधिक से अधिक पौधे लगाकर प्रकृति की सुरक्षा करें। समापन में समस्त संगत को साहिब श्री गुरु हर राय साहिब जी के गुरता गद्दी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दी गई। इस आयोजन ने न केवल श्रद्धा और भक्ति का संदेश दिया, बल्कि गुरु साहिब की शिक्षाओं के माध्यम से सेवा और प्रकृति प्रेम का संदेश भी फैलाया। इस मौके पर सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब के मैनेजर सरदार भगवंत सिंह धगेड़ा ने बताया कि शिरोमणि कमेटी की ओर से गुरु साहिब के गुरता गद्दी दिवस को ‘पर्यावरण दिवस’ के रूप में भी मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी के निर्देशों पर विभिन्न स्थानों पर पौधे लगाकर प्रकृति संरक्षण का संकल्प लिया गया है। उन्होंने संगत से अपील करते हुए कहा कि गुरु हरिराय साहिब जी का जीवन हमें प्रकृति और जीव-जंतुओं से प्रेम करने का संदेश देता है। वर्तमान समय में पर्यावरण की रक्षा अत्यंत आवश्यक है, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को पौधे लगाकर धरती को हरा-भरा बनाने में अपना योगदान देना चाहिए। इस अवसर पर शिरोमणि कमेटी के अधिकारियों और संगत द्वारा अधिक से अधिक पौधे लगाने का संकल्प भी लिया गया।