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भविष्य की जंग के लिए तैयारी: पंजाब को मिली Military Robotics University की हरी झंडी

चंडीगढ़. भविष्य की जंग अब बंदूक और टैंकों से नहीं, बल्कि रोबोटिक्स, ड्रोन और साइबर सिस्टम्स से लड़ी जाएगी—इसी बदलते दौर को ध्यान में रखते हुए पंजाब सरकार मिलिट्री रोबोटिक्स यूनिवर्सिटी” के जरिए युवाओं को हाई-टेक स्पेशलाइजेशन देने की तैयारी में है। प्रस्तावित श्री गुरु तेग बहादुर वर्ल्ड क्लास यूनिवर्सिटी को इसी सोच के साथ विकसित किया जा रहा है, जहां पढ़ाई के साथ-साथ रिसर्च, इनोवेशन और इंडस्ट्री कनेक्शन पर खास जोर रहेगा। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि यह यूनिवर्सिटी पारंपरिक शिक्षा माडल से अलग होगी और सीधे भविष्य की जरूरतों से जुड़ी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया, “यूनिवर्सिटी का फोकस केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि रिसर्च और इंडस्ट्री कनेक्शन पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि छात्र वास्तविक परिस्थितियों और आधुनिक तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें। बैंस ने कहा की रक्षा क्षेत्र तेजी से बदल रहा है, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, आटोमेशन और डेटा आधारित सिस्टम्स की भूमिका बढ़ती जा रही है। निजी कंपनियां भी ड्रोन, मिसाइल सिस्टम और एडवांस डिफेंस टेक्नोलाजी में निवेश कर रही हैं, ऐसे में युवाओं को इन क्षेत्रों में प्रशिक्षित करना समय की जरूरत है। हाई-टेक कोर्स बनेंगे पहचान इस यूनिवर्सिटी की सबसे बड़ी खासियत इसके स्पेशलाइज्ड कोर्स होंगे, जो सीधे भविष्य की युद्ध तकनीक और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े होंगे। इनमें एमटेक इन मिलिट्री रोबोटिक्स, बीटेक और एमटेक इन एआई, बीटेक इन ड्रोन यूएवी इंजीनियरिंग, एमटेक इन रडार सिस्टम्स और डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स, बीटेक इन साइबर सिक्योरिटी, एमटेक इन साइबर वॉरफेयर और नेशनल सिक्योरिटी जैसे कोर्स शामिल किए जा रहे हैं। इसके अलावा स्पेस टेक्नोलॉजी, सैटेलाइट इंजीनियरिंग, सेमीकंडक्टर और चिप डिजाइन, क्वांटम टेक्नोलॉजी और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में भी डिग्री प्रोग्राम शुरू किए जाएंगे। काउंटर-टेररिज्म, सीमा सुरक्षा और रणनीतिक अध्ययन जैसे विषयों को भी पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाएगा, जिससे छात्रों को तकनीकी के साथ-साथ सुरक्षा और रणनीति की गहरी समझ मिल सके। रिसर्च, इनोवेशन और इंडस्ट्री का त्रिकोण यूनिवर्सिटी को केवल शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि एक इनोवेशन हब के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां अत्याधुनिक रिसर्च सेंटर स्थापित होंगे, जहां एआई, ड्रोन टेक्नोलॉजी, साइबर सिक्योरिटी, क्वांटम सिस्टम्स और डिफेंस एप्लिकेशंस पर शोध किया जाएगा। डिफेंस और टेक्नोलॉजी सेक्टर की कंपनियों के साथ साझेदारी कर छात्रों को लाइव प्रोजेक्ट्स, इंटर्नशिप और स्टार्टअप सपोर्ट दिया जाएगा। इससे छात्र पढ़ाई के दौरान ही इंडस्ट्री एक्सपोजर हासिल करेंगे और नए इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा। सरकार का मानना है कि यह यूनिवर्सिटी पंजाब को केवल शिक्षा के क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि डिफेंस और हाई-टेक रिसर्च के केंद्र के रूप में स्थापित करेगी। आने वाले समय में यह संस्थान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छात्रों और रिसर्चर्स को आकर्षित कर सकता है। सीमा राज्य के लिए रणनीतिक महत्व पंजाब की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए इस यूनिवर्सिटी का महत्व और बढ़ जाता है। बैंस ने कहा कि सीमावर्ती राज्य होने के कारण यहां साइबर सिक्योरिटी, आंतरिक सुरक्षा और काउंटर-टेररिज्म जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञों की जरूरत अधिक है। यह संस्थान इन जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगा। सरकार का अनुमान है कि इस पहल से न केवल उच्च शिक्षा का स्तर बढ़ेगा, बल्कि युवाओं के लिए नए रोजगार और स्टार्टअप के अवसर भी पैदा होंगे। तकनीकी और रक्षा क्षेत्र में प्रशिक्षित युवाओं की मांग को देखते हुए यह यूनिवर्सिटी रोजगार सृजन का बड़ा केंद्र बन सकती है। कुल मिलाकर, “मिलिट्री रोबोटिक्स यूनिवर्सिटी” के रूप में विकसित हो रहा यह प्रोजेक्ट पंजाब के युवाओं को भविष्य की जंग के लिए तैयार करने के साथ-साथ राज्य को टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के नए नक्शे पर स्थापित करने की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।

3.5 करोड़ के चेक बाउंस मामले में विधायक अनमोल गगन मान के पति को सजा, दो पार्टनर भी शामिल

लुधियाना   पंजाब से बड़ी खबर सामने आ रही है। दरअसल,  डेराबस्सी की अदालत ने करोड़ों रुपये के चेक बाउंस मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए खरड़ से विधायक अनमोल गगन मान के पति शाहबाज सिंह सोही समेत 3 लोगों को दोषी करार दिया है। अदालत ने तीनों को दो-दो साल की सजा और 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। यह मामला करीब साढ़े 3 करोड़ रुपए के चेक बाउंस से जुड़ा हुआ है। जानकारी के अनुसार करीब सात साल तक चली सुनवाई के बाद ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास परनीत कौर की अदालत ने यह फैसला सुनाया। दोषियों में शाहबाज सिंह सोही (हाल निवासी चंडीगढ़, मूल रूप से जीरकपुर), जतिंदर सिंह नोनी और नछत्तर सिंह शामिल हैं। हालांकि फैसला सुनाए जाने के बाद तीनों ने मौके पर ही जमानत राशि भरकर जमानत ले ली। 2018 में हुई थी ​शिकायत 30 नवंबर 2018 को यह याचिका जीरकपुर के सरपंच और पार्षद रहे जसपाल सिंह के छोटे भाई कमलजीत सिंह ने दर्ज करवाई थी। शिकायत में खरड़ एमएलए अनमोल गगन मान के पति शाहबाज सिंह साही, जतिंदर सिंह, नश्तर सिंह को आरोपी बनाया था। याचिका के अनुसार, तीनों आरोपी मेसर्स प्लेटिनम स्मार्ट बिल्डर्स में पार्टनर थे और राजपुरा में सिल्वर सिटी नाम से प्रोजेक्ट बनाने की योजना बना रहे थे। आरोप है कि उन्होंने शिकायतकर्ता को प्रोजेक्ट में कुछ प्लॉट देने का वादा करके निवेश के लिए तैयार किया। कमर्शियल प्लॉट का सौदा किया शिकायतकर्ता के अनुसार उसने आरोपियों के साथ कुल 22950 वर्ग-गज के कई रेजिडेंशियल प्लॉट्स और 515 वर्ग गज के कुछ कमर्शियल प्लॉट का सौदा किया। इसके बदले में आरोपियों को 18 दिसंबर 2017 को 7 करोड़ रुपए का चेक देकर फुल पेमेंट कर दी। लेकिन आरोपियों ने जनवरी 2018 में 3 करोड़ रुपए का चेक देकर सौदा रद्द कर दिया। फिर प्रोजेक्ट डेवलप करने के नाम पर 25 लाख रुपए और फिर 1.5 करोड़ रुपए कमलजीत से और ले लिए। अदालत ने सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर दिया निर्णय लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने शिकायतकर्ता पक्ष के तर्कों को मजबूत मानते हुए तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया और उन्हें सजा सुनाई। शिकायतकर्ता के वकील भारत जोशी ने बताया कि कोर्ट ने नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट, 1881 की धारा 138 के तहत तीनों आरोपियों को सजा सुनाई है। कोर्ट ने कहा कि अगर इस केस में कोई आरोपी पहले भी जेल जा चुका है, तो सजा कम कर दी जाएगी। 2 साल पहले हुई थी अनमोल गगन की शादी गौरतलब है कि पूर्व विधायक अनमोल गगन मान की दो साल पहले शादी हुई थी। उनकी शादी में मुख्यमंत्री भगवंत मान सहित कई हस्ति​यों ने शिरकत की थी। पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री से भी कई कलाकर अनमोल गगन को बधाई देने पहुंचे थे। 2020 में जॉइन की थी आम आदमी पार्टी अनमोल गगन मान ने 2020 में आम आदमी पार्टी जॉइन की थी। वह 2022 के विधानसभा चुनाव में खरड़ सीट पर अकाली दल के रणजीत सिंह गिल को 37 हजार 718 वोट से हराकर MLA बनीं। इसके बाद उन्हें मंत्री बनाया गया था। हालांकि सितंबर 2024 में मंत्रिमंडल में हुए फेरबदल के बाद उन्हें मंत्री पद से हटा दिया गया था। क्या है मामला  मामले की शुरुआत 2018 में हुई थी, जब शिकायतकर्ता कमलजीत सिंह कामा (जीरकपुर के पूर्व सरपंच जसपाल सिंह के भाई) ने अदालत में शिकायत दर्ज करवाई थी। आरोप है कि ‘मेसर्स प्लेटिनम स्मार्ट बिल्डकॉन’ नामक कंपनी के तीनों पार्टनरों ने राजपुरा में एक हाउसिंग प्रोजेक्ट के लिए करोड़ों रुपये के प्लॉट बेचने का सौदा किया था। सौदा पूरा न होने के बावजूद उन्होंने शिकायतकर्ता को साढ़े तीन करोड़ रुपये का चेक दिया, जो बाद में बाउंस हो गया। शिकायतकर्ता पक्ष के वकील भारत जोशी के अनुसार लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने शिकायतकर्ता के पक्ष को मजबूत मानते हुए यह फैसला सुनाया। वहीं कमलजीत सिंह कामा ने कहा कि आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से ठगी की और उन्हें सजा मिलने के बाद ही उन्हें न्याय मिला है। 

पंजाब में 4 जिलों में बारिश का अलर्ट, 2 दिनों में तापमान में 7.6 डिग्री की गिरावट, 21 तक रहेगा खराब मौसम

चंडीगढ़  पंजाब के मौसम को लेकर ताजा अपडेट सामने आई है। राज्य के कई जिलों में आज मौसम बदला-बदला रहने की संभावना है। चंडीगढ़ मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार पठानकोट, होशियारपुर, रूपनगर और पटियाला में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। विभाग के मुताबिक 18, 19 और 21 मार्च को भी प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है। वहीं लुधियाना, जालंधर और पठानकोट में सुबह से ही बादल छाए हुए हैं, जबकि चंडीगढ़ में फिलहाल मौसम साफ है। मौसम विभाग के अनुसार एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस पहाड़ी क्षेत्रों में सक्रिय हो रहा है, जिसके चलते आने वाले दिनों में मौसम में और बदलाव देखने को मिलेगा। पिछले दो दिनों में हुई बारिश और ओलावृष्टि के कारण ठंड ने एक बार फिर वापसी कर ली है। बीते 24 घंटों में अधिकतम तापमान में 1.4°C की गिरावट दर्ज की गई है, जो सामान्य से 3.7°C कम है। वहीं पिछले दो दिनों में अधिकतम तापमान कुल 7.6°C तक गिर चुका है। मौसम विभाग के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान 3 से 5°C तक बढ़ सकता है, जबकि इसके बाद फिर 4 से 6°C तक गिरावट आने की संभावना है।  उधर, हिमाचल प्रदेश की पर्यटन नगरी मनाली में बीती रात बर्फबारी हुई। मनाली शहर में 2 इंच, ऊंचे पहाड़ों पर 5, अटल टनल रोहतांग में 8, रोहतांग दर्रा और शिंकुला में डेढ़ फीट से ज्यादा स्नोफॉल हुआ। पंजाब और चंडीगढ़ में 2 दिन हुई बारिश व ओले गिरने से ठंड एक बार फिर लौट आई है। 24 घंटे में अधिकतम तापमान में 1.4°C की गिरावट दर्ज की गई है। अब यह सामान्य तापमान से 3.7°C कम बना हुआ है। दो दिनों में 7.6 डिग्री अधिकतम तापमान गिरा है। फरीदकोट में सबसे ज्यादा 26.7 डिग्री तापमान दर्ज किया गया है, जबकि चंडीगढ़ में 26.4 डिग्री तापमान रहा है। पंजाब के बड़े शहरों में कैसा है मौसम…     अमृतसर में धूप निकली है। हवाएं चल रही हैं। अधिकतम तापमान 24 से 25 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 13 से 15 डिग्री के आसपास है।     लुधियाना में बादल छाए हुए हैं। सुबह हल्की सी धूप निकली थी। लेकिन कुछ देर बाद ही बादल छा गए। 16 मार्च को न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस था, आज 10 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है।     जालंधर में बादल छाए हुए हैं। यहां अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस रहने के आसार हैं।     मोहाली में धूप निकली है। यहां का अधिकतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस है।     पठानकोट में रात को हल्की बूंदाबांदी हुई। लेकिन अभी बादल छाए हुए हैं। अधिकतम तापमान 21.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 11.9 डिग्री सेल्सियस बना हुआ है। 3.6MM बारिश हुई, फिर भी कमी पिछले 24 घंटों के दौरान पंजाब में औसतन 3.6 मिमी बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक बारिश माधोपुर (पठानकोट) में 20 मिमी (2 सेमी) दर्ज की गई। जिलों के अनुसार पठानकोट में 11.5 मिमी और गुरदासपुर में 10 मिमी बारिश हुई। मोगा में बिल्कुल बारिश नहीं हुई (0 मिमी)। इसके अलावा बठिंडा में 0.1 मिमी और मुक्तसर में 0.5 मिमी बारिश दर्ज की गई। 1 मार्च से 16 मार्च तक पंजाब में अब तक कुल 4 मिमी बारिश हुई है, जबकि सामान्य तौर पर 14 मिमी बारिश होनी चाहिए थी। इस तरह राज्य में बारिश 72% कम रही, जिसे मौसम विभाग ने ‘लार्ज डेफिसिएंट’ (भारी कमी) की श्रेणी में रखा है। होशियारपुर का तापमान 17.7 डिग्री दर्ज पंजाब में दो दिनों में अधिकतम तापमान में 7.6 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। कई जिलों का तापमान 20 डिग्री से नीचे पहुंच गया। होशियारपुर में दिन का अधिकतम तापमान 17.7 डिग्री दर्ज किया गया है। पठानकोट में 18.8 डिग्री और एसबीएस नगर में 20.7 डिग्री दर्ज किया गया है। तामपान तीन से 5 डिग्री बढ़ेगा चंडीगढ़ मौसम विज्ञान केंद्र के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल के मुताबिक 18, 19 और 21 मार्च को कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। अगले 3 दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री की बढ़ोतरी होने की संभावना है। इसके बाद अगले 2 दिनों में तापमान 4 से 6°C तक गिर सकता है और फिर उसके बाद के 2 दिनों में दोबारा 3 से 5°C की बढ़ोतरी होने के आसार हैं।

पंजाब में खिलाड़ियों को मिलेगा दाखिले और नौकरियों में वेटेज, 75% प्रदर्शन और 25% परीक्षा अंक का होगा हिसाब

लुधियाना  पंजाब सरकार ने खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियों और एजुकेशनल इंस्टीट्यूट में दाखिले में अधिक अवसर मुहैया करवाने के लिए नई स्ट्रेटजी बनाई है। अब उनके ग्राउंड में दिखाए गए प्रदर्शन को प्राथमिकता मिलेगी। उनके नौकरी की राह में जिला स्तर से लेकर इंटरनेशनल मुकाबले खेले है।  इसके लिए पंजाब स्टेट पॉलिसी ऑन रिजर्वेशन फॉर स्पोर्ट्सपर्सन जारी की है। पॉलिसी में सरकारी नौकरियों में 3 प्रतिशत आरक्षण और शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश पर लागू होगी। पुरानी 1988 की खेल भर्ती भी जहां-जहां अंतर है, नई नीति उसे ओवरराइड कर देगी। स्पोर्ट्स परफॉरमेंस को 75% वेटेज नई पॉलिसी के मुताबिक खेल उपलब्धियों को 75 प्रतिशत वेटेज और प्रवेश परीक्षा को 25 प्रतिशत वेटेज दिया जाएगा, जबकि सभी विज्ञापित पदों के लिए खेल विभाग द्वारा खेल ग्रेडेशन और स्कोरिंग अनिवार्य कर दी गई है। अंकों का लाभ केवल तभी मिलेगा जब उम्मीदवार प्रवेश परीक्षा में न्यूनतम क्वालीफाइंग अंक प्राप्त कर लेगा। चार ग्रुप में मिलेगी नौकरियां खेल ग्रेड के आधार पर नौकरी के लिए सरकार ने 4 ग्रुप तय किए हैं। ग्रेड A और B वाले ग्रुप A, B, C और D की नौकरियों के लिए पात्र होंगे। जबकि ग्रेड C वाले ग्रुप C और D की नौकरियों के लिए पात्र हैं। ग्रेड D केवल ग्रुप D की नौकरियों के लिए पात्र हैं। 2023 की पॉलिसी से ऐसे अलग 2023 की खेल नीति के अनुसार खेलों (एथलेटिक्स, हॉकी, फुटबॉल आदि) के खिलाड़ियों को शैक्षणिक, तकनीकी और मेडिकल संस्थानों में दाखिले के समय वरीयता देने का प्रावधान था, लेकिन अब यह प्रदर्शन पर निर्भर करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा- इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम बनाएंगे, लॉरेंस को VIP सुविधाएं दी गईं; BJP सरकार आई तो धर्म की लड़ाई होगी

चंडीगढ़ पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार के चार वर्ष पूरे होने पर सोमवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान ने चंडीगढ़ में विस्तृत रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत किया। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने चुनाव के समय जनता से किए अधिकतर वादों को पूरा किया है और कई ऐसे काम भी किए गए हैं जिनकी घोषणा पहले नहीं की गई थी। सबसे पहले मुख्यमंत्री ने सीएम मान के साथ 4 साल बुकलेट को लांच किया। इसके बाद उन्होंने अपने 4 साल में पूरे किए वादों और आने वाले उनके प्रोजेक्ट्स की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को 117 में से 92 सीटों पर जीत मिली थी और 16 मार्च 2022 को उन्होंने खटकड़ कलां में शपथ लेकर सरकार की शुरुआत की थी। चार वर्षों में बिजली, स्वास्थ्य, कृषि, रोजगार और खेल के क्षेत्र में बड़े फैसले लिए गए हैं। CM ने कहा कि अमृतसर में इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम बना रहे हैं। इसके लिए जमीन देख रहे हैं। इसके लिए एयरपोर्ट और होटलों की शर्त पूरी कर रहे हैं। मान ने कहा कि कांग्रेस सांसद सुखजिंदर रंधावा गैंगस्टरों का सरगना है। उसने अपने गैंगस्टर पैदा कर रखे थे। सीएम ने कहा कि इस चुनाव में हमारा मुकाबला खुद से है। दूसरी किसी पार्टी से वह मुकाबला नहीं मानते। पंजाब में अगर BJP सरकार बनी तो धर्म की लड़ाई होगी। सीएम मान ने कहा कि पंजाब आकर अमित शाह गैंगस्टरों की बात करते हैं, लेकिन गुजरात की साबरमती जेल में गैंगस्टर लॉरेंस को VIP फैसिलिटी में रखा गया है। उसे वहां से कोई कहीं न ले जा सके। उसकी जान को खतरा बताया जाता है। उन्होंने कहा कि पहले कोयले की खान से भी कमीशन खाया जाता था। हमने अपनी खान चालू कराई, जिससे थर्मल प्लांट चलाकर बिजली संकट को दूर किया गया। इससे पहले उन्होंने पिछले 4 साल में किए सरकार के कामकाज का बुकलेट जारी किया। 300 यूनिट मुफ्त बिजली से की शुरुआत  मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में लोगों को मुफ्त बिजली देने के फैसले को लेकर शुरुआत में विरोधियों ने कई सवाल उठाए थे, लेकिन सरकार ने जुलाई 2022 से ही यह योजना लागू कर दी। उन्होंने कहा कि आज लगभग 90 प्रतिशत परिवारों को मुफ्त बिजली का लाभ मिल रहा है। इसके अलावा किसानों को दिन के समय आठ घंटे बिना रुकावट बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। सीएम मान ने कहा कि संगरूर में मेडिकल कॉलेज बनना था, अब तक चालू भी हो जाता। मगर SGPC ने विरोध कर दिया। अब नई जगह तय की गई है। सीएम ने कहा कि भाजपा ने 15 लाख रुपए का वादा किया। फिर चुनाव के बाद कहा कि ये तो जुमला था। रोजगार के नाम पर PM नरेंद्र मोदी ने कहा कि पकौड़े तलना भी रोजगार है। बता दें कि साल 2022 में AAP को पंजाब में 117 में से 92 विधानसभा सीटों पर जीत मिली थी। इस लैंडस्लाइड विक्ट्री के बाद CM भगंवत मान ने 16 मार्च 2022 को खटकड़ कलां में शपथ ली थी। स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 881 आम आदमी क्लीनिक खोले जा चुके हैं और जल्द ही दो सौ और खोले जाएंगे। इन केंद्रों पर लाखों लोग मुफ्त उपचार और जांच का लाभ ले चुके हैं। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य में स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत हजारों लोगों का इलाज कराया जा रहा है। जालंधर व मोहाली में होंगे एशिया कप हॉक मैच खेलों के क्षेत्र का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय बाद पंजाब को एशिया कप हॉकी प्रतियोगिता की मेजबानी मिलने जा रही है। यह मुकाबले जालंधर के बल्टन पार्क मैदान और मोहाली में आयोजित होंगे। उन्होंने कहा कि इससे पंजाब की खेल परंपरा को नई पहचान मिलेगी और युवा खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि अमृतसर में अंतरराष्ट्रीय स्तर का नया क्रिकेट मैदान बनाया जाएगा। उनका कहना था कि राज्य में खेल ढांचे को मजबूत करने के लिए सरकार लगातार निवेश कर रही है और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं देने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कृषि और सिंचाई के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार आने से पहले राज्य में नहरों के पानी का उपयोग लगभग 21 से 22 प्रतिशत तक ही सीमित था, जबकि अब यह बढ़कर 70 प्रतिशत से अधिक हो गया है। इसके लिए नहर प्रणाली को मजबूत बनाने पर हजारों करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने रोजगार के मुद्दे पर कहा कि पिछले चार वर्षों में करीब 65 हजार युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं। साथ ही उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए निवेश आकर्षित किया गया है। नशे के खिलाफ जंग जारी नशा तस्करी के खिलाफ अभियान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है और उनकी संपत्तियों को भी जब्त किया जा रहा है। यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक राज्य से नशा पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाता। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सड़क सुरक्षा बल की स्थापना के बाद सड़क हादसों में होने वाली मौतों में उल्लेखनीय कमी आई है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों का जाल बिछाने और खेल सुविधाओं को बढ़ाने के लिए भी कई योजनाएं चल रही हैं। उन्होंने केंद्र सरकार की कुछ नीतियों की आलोचना भी की और कहा कि राज्य के विकास के लिए जरूरी वित्तीय सहायता समय पर मिलनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में पंजाब विकास और खेल दोनों क्षेत्रों में नई पहचान बनाएगा। विरोधियों को घेरा सीमए मान ने सीएम मान ने विरोधियों को भी घेरा। मुख्यमंत्री ने इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एक तरफ गैंगस्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात की जाती है, जबकि दूसरी तरफ कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को गुजरात की साबरमती जेल में रखा गया है। मुख्यमंत्री ने शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल के गैंगस्टरों पर कार्रवाई करने संबंधी बयान पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार न तो गैंगस्टरों को चुनाव में टिकट देती है और न ही … Read more

नींबू-पानी बेचने वाला बन गया करोड़पति, 782 करोड़ के गबन मामले में जांच जारी, दो निगम अधिकारी सस्पेंड

चंडीगढ़  चंडीगढ़ और हरियाणा में 782 करोड़ रुपए के गबन का मास्टरमाइंड विक्रम वधावा सेक्टर-19 स्थित शराब ठेके के सामने नींबू-पानी की रेहड़ी लगाता था। धीरे-धीरे उसने शहर के कई कारोबारियों, बिल्डरों और ब्यूरोक्रेट्स से संबंध बना लिए, जिसके बाद वह करोड़पति बन गया। जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी के पास चंडीगढ़ के सेक्टर-33 और सेक्टर-36 में करोड़ों रुपए की कोठियां हैं। इसके अलावा मोहाली के खरड़ क्षेत्र में उसने प्रिज्मा रेजीडेंसी एलएलपी के नाम से एक हाउसिंग सोसाइटी भी विकसित की है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक इस प्रोजेक्ट में सबसे बड़ा निवेश रिभव ऋषि की ओर से किया गया था। सूत्रों के मुताबिक आरोपी ने पुलिस पूछताछ में कई ब्यूरोक्रेट्स और कारोबारियों के नाम लिए हैं। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इन लोगों के साथ विक्रम वधावा के क्या संबंध थे और किस तरह से इनसे काम करवाया जाता था। आरोपी वधावा से चंडीगढ़ पुलिस पूछताछ कर रही है। लुकआउट सर्कुलर के बाद पकड़ा गया हरियाणा में 590 करोड़ रुपए के गबन में आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के पूर्व मैनेजर रिभव ऋषि ने जब पूछताछ में विक्रम वधावा का नाम लिया तो वह रातों-रात चंडीगढ़ से शिमला भागकर वहां छिप गया था। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि 27 फरवरी की रात वह प्राइवेट गाड़ी से शिमला पहुंचा और वहां दो दिन तक छिपा रहा। इसी दौरान उसने अपने खास लोगों के जरिए यह अफवाह भी फैलवा दी कि वह विदेश भाग सकता है, ताकि जांच एजेंसियों का ध्यान भटकाया जा सके। इसके बाद हरियाणा विजिलेंस ने उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी कर दिया। LOC जारी होने के बाद विक्रम शिमला से आधी रात को निकलकर मोहाली पहुंच गया और वहां रिश्तेदारों व दोस्तों के यहां छिपता रहा। बाद में वह खरड़ के एक फ्लैट में पहुंचा, जहां चंडीगढ़ पुलिस को सूचना मिल गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया। पत्नी और बच्चों के नाम भी अकाउंट प्राथमिक जांच में पता चला है कि विक्रम वधावा के चंडीगढ़ के चार प्राइवेट बैंकों में खाते हैं। इसके अलावा उसकी पत्नी और दो बच्चों के नाम से भी अलग-अलग बैंक अकाउंट हैं। जांच एजेंसियों को जानकारी मिली है कि इन खातों में करोड़ों रुपए जमा हैं। चंडीगढ़ पुलिस ने संबंधित बैंकों को खातों की पूरी जानकारी और स्टेटमेंट उपलब्ध कराने के लिए पत्र लिखा है।

पंजाब निवेशक सम्मेलन: पंजाब पोर्ट से दूर, प्लाईवुड उद्योग ने चीन को चुनौती देने के लिए सब्सिडी की अपील की

चंडीगढ़  पोर्ट से दूर होने के कारण पंजाब के उद्योगपति निर्यात में चीन का मुकाबला नहीं कर पा रहे हैं। इस कारण उद्योगपतियों ने सरकार से सब्सिडी मांगी है ताकि प्लाईवुड उद्योग के आगे विस्तार में मदद मिल सके।पंजाब निवेशक सम्मेलन के दौरान फर्नीचर और प्लाईवुड उद्योग पर सत्र के दौरान उद्योगपतियों ने स्पष्ट किया कि देश में प्लाईवुड की मांग को पूरा करने में उद्योग समक्ष है। अब उद्योग के आगे विस्तार के लिए सिर्फ निर्यात ही मात्रा  क्षेत्रीय समिति ने भी नई नीति में सिफारिश की है कि निर्यात इकाई को माल ढुलाई सब्सिडी के रूप में वित्तीय सहायता प्रदान की जानी चाहिए जो कि परिवहन लागत का 1 प्रतिशत और प्रति वर्ष अधिकतम 30 लाख रुपये तक होनी चाहिए। उद्योगपति अमरजीत सिंह सोहल ने कहा कि चीन में सभी प्लाईवुड उद्योग पोर्ट के पास हैं। इस कारण निर्यात में उन्हें काफी फायदा होता है जबकि पंजाब में स्थिति उलट है। यही कारण है कि परिवहन लागत को वहन करने में उद्योगपति समक्ष नहीं हैं। गुजरात के कच्छ जिले के कांडला बंदरगाह तक प्लाईवुड ले जाने के लिए उद्योगपतियों को सब्सिडी चाहिए ताकि निर्यात को बढ़ावा दिया जा सके। भविष्य में प्लाईवुड उद्योग के पास निर्यात ही एकमात्र विकल्प है। धान के चक्कर से निकालने के लिए कृषि वानिकी को बढ़ावा देने की जरूरत उद्योगपतियों ने कहा कि पंजाब के किसानों को धान और गेहूं के चक्कर से निकालने के लिए कृषि वानिकी को बढ़ावा देने की जरूरत है। पॉपुलर और सफेदा लगाने से ही किसान और उद्योग दोनों खुशहाल हो सकते हैं। उद्योग नीति को लेकर बनाई गई क्षेत्रीय समिति के चेयरमैन नरेश तिवारी ने कहा कि पहले कृषि वानिकी में किसानों की आय में समय लगता था लेकिन अब कई विकल्प मौजूद हैं। वह साथ में हल्दी समेत अन्य फसलों की खेती कर सकते हैं जिससे उनकी आय में बढ़ोतरी होती जाएगी। प्लाईवुड उद्योग के सामने ये बड़ी चुनौतियां सत्र में सामने आया कि हरियाणा, उत्तर प्रदेश व गुजरात समेत सभी राज्यों में प्लाईवुड उद्योग का बड़े सतर पर विस्तार हो रहा है जिसका मुकाबला करना उद्योगपतियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती है। हरियाणा में 400 से ज्यादा फैक्टरी एक जगह लग चुकी हैं। नरेश तिवारी ने कहा कि हालांकि वह तरह की चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं लेकिन उन्होंने मार्केट फीस वसूली का विरोध किया। इस पर दोबारा विचार किया जाना चाहिए क्योंकि मार्केट फीस लगाने से प्लाईवुड उद्योग सबसे अधिक प्रभावित है। आपूर्ति में भारत में नंबर 1 बन सकता पंजाब पर्यावरण सचिव प्रियांक भारती ने कहा कि प्लाईवुड की आपूर्ति में पंजाब देश में नंबर सकता है जिसके लिए सरकार को उद्योगपतियों के सहयोग की जरूरत है। सरकार कई कदम उठा रही है। नए ट्री एक्ट को ग्रामीण क्षेत्रों में फिलहाल नहीं लगाया जाएगा क्योंकि यह कृषि वानिकी में बड़ा वादा सकता था। इससे किसानों को कटाई से पहले अनुमति के लिए लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता। यही कारण है कि ग्रामीण क्षेत्र को इस एक्ट से बाहर रखा गया है।    

जालंधर में LPG सिलेंडरों की कालाबाजारी रोकने के लिए हेल्पलाइन जारी, अफवाह फैलाने पर कार्रवाई

जालंधर   पिछले कुछ दिनों से गैस सिलैंडरों की उपलब्धता को लेकर भी लोगों में चिंता देखी जा रही है। इसी कारण कई जगहों पर जरूरत से ज्यादा बुकिंग व अधिक खरीदने की प्रवृत्ति सामने आई है, जिससे कई क्षेत्रों में अस्थायी कमी की स्थिति बनी है। प्रशासन के अनुसार इस स्थिति का फायदा उठाकर कुछ लोग कालाबाजारी या गैर-कानूनी जमाखोरी की कोशिश भी कर सकते हैं। हालात को देखते हुए जिला प्रशासन पहले ही गैस एजैंसियों और गोदामों की लगातार चैकिंग करवा रहा है, ताकि सप्लाई व्यवस्था सुचारू बनी रहे और किसी तरह की गड़बड़ी सामने न आए। इसके साथ ही प्रशासन लोगों से अपील कर रहा है कि वे घबराहट में आकर सिलैंडरों की अनावश्यक खरीद न करें और किसी भी तरह की अफवाहों पर विश्वास न करें। इसी कड़ी में अब प्रशासन ने लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए गैस सिलैंडरों की कालाबाजारी पर नजर रखने के लिए एक व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है, ताकि कोई भी व्यक्ति संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत प्रशासन तक पहुंचा सके। जिला प्रशासन द्वारा मौजूदा हालात को देखते हुए गैस सिलैंडरों की कालाबाजारी रोकने के लिए जहां उच्च अधिकारियों की कमेटी गठित की गई है और बड़े स्तर पर टीमों द्वारा गैस एजैंसियों की चैकिंग की जा रही है, वहीं अब डिप्टी कमिश्नर डा. हिमांशु अग्रवाल द्वारा व्हाट्सएप हैल्पलाइन नंबर 9646-222-555 जारी किया गया है, ताकि गैस सिलैंडरों की सुचारू सप्लाई सुनिश्चित बनाने के साथ-साथ कालाबाजारी पर निगरानी रखी जा सके। इस हैल्पलाइन नंबर पर आम लोग यदि कहीं गैस सिलैंडरों की कालाबाजारी का मामला देखते हैं तो व्हाट्सएप मैसेज के जरिए इसकी सूचना साझा कर सकते हैं। डिप्टी कमिश्नर डा. हिमांशु अग्रवाल ने बताया कि इस उद्देश्य के लिए जरूरी स्टाफ तैनात किया जा रहा है, जो प्राप्त होने वाली शिकायतों और सूचनाओं को तुरंत कार्रवाई के लिए अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (जनरल) के नेतृत्व में गठित कमेटी तक पहुंचाएगा। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि अगर कहीं भी गैस सिलैंडरों की कालाबाजारी की जानकारी मिलती है तो तुरंत हैल्पलाइन नंबर के माध्यम से सूचित किया जाए, ताकि प्रशासन द्वारा तत्काल कानूनी कार्रवाई की जा सके। गलत जानकारी फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई: डी.सी. कालाबाजारी और गैर-कानूनी जमाखोरी के खिलाफ सख्त चेतावनी देते हुए डी.सी. हिमांशु अग्रवाल ने कहा कि यदि ऐसा कोई मामला सामने आता है तो आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 के तहत कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। गैस किल्लत को लेकर गलत जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जनता से घबराहट में आकर गैस सिलैंडरों की अनावश्यक खरीद से बचने की भी अपील की। 

मावां-धीयां सत्कार योजना: महिला वोट बैंक को साधने की आप की रणनीति, 97% वयस्क महिलाएं शामिल

जालंधर  पंजाब सरकार की प्रस्तावित मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना को राज्य की राजनीति में बड़ा कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी सरकार ने 2026-27 के बजट में इसकी घोषणा कर लगभग एक करोड़ महिलाओं को हर माह आर्थिक सहायता देने की तैयारी की है।   सरकार इसे महिला सशक्तिकरण का कदम बता रही है, जबकि राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह आगामी चुनावों से पहले महिला वोट बैंक को साधने की रणनीति भी हो सकती है। योजना के तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं को प्रति माह एक हजार रुपये और अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को 1500 रुपये सीधे उनके बैंक खातों में भेजे जाएंगे। भुगतान डीबीटी के माध्यम से किया जाएगा। राज्य सरकार का दावा है कि पंजाब की लगभग 97 प्रतिशत वयस्क महिलाएं इसके दायरे में आएंगी। बैसाखी से शुरू हो सकता है पंजीकरण, कैंपों में होंगे आवेदन मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना के लिए पंजीकरण 13 अप्रैल 2026 (बैसाखी) से शुरू किए जाने की संभावना है। सरकार की योजना है कि अधिक से अधिक महिलाओं तक योजना का लाभ पहुंचाने के लिए गांवों और शहरों में विशेष पंजीकरण कैंप लगाए जाएं। इन कैंपों के माध्यम से पात्र महिलाएं सीधे आवेदन कर सकेंगी। इसके अलावा नजदीकी सेवा केंद्रों और सुविधा केंद्रों के माध्यम से भी आवेदन की व्यवस्था की जाएगी। सरकार भविष्य में इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल या मोबाइल ऐप शुरू करने की भी तैयारी कर रही है, ताकि महिलाएं घर बैठे भी पंजीकरण कर सकें। आवेदन के समय आधार कार्ड, बैंक खाते का विवरण या पासबुक, पंजाब का निवास प्रमाण पत्र और आधार से लिंक मोबाइल नंबर जैसे दस्तावेज जरूरी होंगे, जिससे लाभ सीधे डीबीटी के माध्यम से खातों में भेजा जा सके। योजना के लागू करने में वित्तीय व प्रशासनिक चुनौतियां मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना को लेकर आर्थिक और प्रशासनिक चुनौतियों पर भी चर्चा हो रही है। पहले से कर्ज के दबाव से जूझ रहे पंजाब के लिए इतनी बड़ी नकद सहायता योजना को लंबे समय तक जारी रखना आसान नहीं माना जा रहा। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि वित्तीय प्रबंधन संतुलित नहीं रहा तो भविष्य में इसके लिए संसाधन जुटाना सरकार के लिए चुनौती बन सकता है। इसके अलावा लाभार्थियों की सही पहचान, फर्जी आवेदनों पर रोक और भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना भी प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कसौटी होगा। हालांकि समर्थकों का मानना है कि यदि योजना प्रभावी और पारदर्शी ढंग से लागू होती है तो इससे महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ेगी और वे छोटे-मोटे खर्चों में अधिक आत्मनिर्भर बन सकेंगी। करदाता महिलाएं नहीं होंगी शामिल सरकार के अनुसार आयकरदाता महिलाएं, वर्तमान या पूर्व सरकारी कर्मचारी, तथा वर्तमान या पूर्व सांसद और विधायक इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे। हालांकि जो महिलाएं पहले से वृद्धावस्था, विधवा या दिव्यांग पेंशन प्राप्त कर रही हैं, उन्हें यह राशि अतिरिक्त सहायता के रूप में दी जाएगी। यानी उनकी मौजूदा पेंशन के साथ योजना की निर्धारित राशि भी मिलेगी, जिससे उन्हें आर्थिक रूप से और अधिक सहारा मिल सकेगा। महिला मतदाताओं को साधने की रणनीति राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला केवल सामाजिक कल्याण योजना भर नहीं, बल्कि एक सोची-समझी चुनावी रणनीति का हिस्सा भी हो सकता है। पंजाब में महिला मतदाताओं की संख्या काफी अधिक और प्रभावशाली मानी जाती है, जो कई विधानसभा सीटों के नतीजों को प्रभावित करती हैं। ऐसी योजनाएं सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में राशि पहुंचाकर सरकार और मतदाताओं के बीच सीधा संबंध स्थापित करती हैं। इससे महिलाओं के बीच सरकार के प्रति सकारात्मक संदेश जाने की संभावना रहती है। विश्लेषकों के अनुसार, आगामी चुनावों को देखते हुए यह कदम राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है। क्रियान्वयन में प्रशासनिक कसौटी भी कम नहीं मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना को लागू करने में प्रशासनिक स्तर पर कई चुनौतियां सामने आ सकती हैं। सबसे बड़ी चुनौती पात्र लाभार्थियों की सही पहचान सुनिश्चित करना होगा। सरकार को यह तय करना होगा कि योजना का लाभ केवल योग्य महिलाओं तक ही पहुंचे और अपात्र लोग इससे बाहर रहें। इसके लिए आधार आधारित सत्यापन, बैंक खातों की जांच और स्व-घोषणा पत्र जैसी व्यवस्थाएं अपनाई जा सकती हैं। साथ ही फर्जी आवेदनों और दोहरे लाभ को रोकने के लिए डिजिटल डाटा मिलान भी जरूरी होगा। योजना के क्रियान्वयन में पंचायतों, नगर निकायों और स्थानीय प्रशासन की अहम भूमिका रहेगी। गांव और वार्ड स्तर पर पात्र महिलाओं की सूची तैयार करना, दस्तावेजों का सत्यापन और पंजीकरण प्रक्रिया को सुचारु बनाना प्रशासन के लिए बड़ी जिम्मेदारी होगी। सामाजिक बदलाव की संभावना भी मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना का असर केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रह सकता, बल्कि इससे सामाजिक बदलाव की भी संभावना जताई जा रही है। नियमित राशि सीधे बैंक खातों में आने से महिलाओं की बैंकिंग प्रणाली और डिजिटल भुगतान से जुड़ाव बढ़ सकता है। इससे वित्तीय साक्षरता और बैंकिंग सेवाओं तक उनकी पहुंच मजबूत होने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित आय से परिवार के आर्थिक फैसलों में महिलाओं की भागीदारी भी बढ़ सकती है। इसके अलावा स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) से जुड़ी महिलाओं और छोटे स्तर के घरेलू कारोबार को भी इससे सहारा मिल सकता है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सकती है। महिला मतदाता और चुनावी गणित पंजाब की राजनीति में महिला मतदाताओं की भूमिका लगातार बढ़ रही है। राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या करीब ढाई करोड़ के आसपास है, जिनमें महिलाओं की हिस्सेदारी लगभग 48 प्रतिशत मानी जाती है। पिछले विधानसभा चुनाव में भी महिला मतदान प्रतिशत उल्लेखनीय रहा और कई सीटों पर महिलाओं की भागीदारी ने नतीजों को प्रभावित किया। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार मालवा क्षेत्र में महिला मतदाता बड़ी संख्या में हैं और यहां उनका रुझान चुनाव परिणामों को निर्णायक बना सकता है। इसके अलावा दोआबा और माझा में भी महिला मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी देखी जाती है। ऐसे में महिलाओं को सीधे आर्थिक सहायता देने वाली योजनाओं को राजनीतिक रूप से अहम रणनीति माना जा रहा है। अन्य राज्यों में भी महिलाओं को नकद सहायता योजनाएं देश के कई राज्यों में महिलाओं को सीधे नकद सहायता देने वाली योजनाएं पहले से लागू हैं। पश्चिम बंगाल की लक्ष्मी भंडार योजना के तहत सामान्य वर्ग की … Read more

जालंधर-मोगा के स्कूलों में धमकी का मामला, पेपर से पहले ईमेल आई, परीक्षा रद्द कर बच्चों को घर भेजा

जालंधर  जालंधर में तीन प्रमुख स्कूलों, दिल्ली जाने वाली ट्रेन, विधानसभा और डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमाओं को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल मिलने का मामला सामने आया। यह धमकी कथित तौर पर खालिस्तानी समर्थकों की ओर से भेजी गई बताई जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं और जांच शुरू कर दी गई है।  बम की धमकी के बाद स्कूलों की छुट्टी कर दी गई है। एडीसीपी आकर्षि जैन ने कहा कि हम जांच कर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक जालंधर के एपीजे स्कूल, दिल्ली पब्लिक स्कूल सहित एक अन्य निजी स्कूल को धमकी भरी ईमेल भेजी गई है। ईमेल में चेतावनी दी गई है कि जालंधर में स्थित इन संस्थानों के साथ-साथ दिल्ली जाने वाली एक ट्रेन और विधानसभा को भी निशाना बनाया जा सकता है। ईमेल मिलने के बाद स्कूल प्रशासन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए। धमकी भरे ईमेल में एक और गंभीर चेतावनी दी गई है। मेल भेजने वाले ने जालंधर जिले में स्थापित डॉ. भीमराव अंबेडकर की सभी प्रतिमाओं को हटाने की मांग की है। इसके लिए 14 अप्रैल तक का समय दिया गया है। ईमेल में कहा गया है कि यदि तय समय तक प्रतिमाएं नहीं हटाई गईं तो उन्हें बम से उड़ाने की कार्रवाई की जाएगी। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया है। स्कूलों के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। पुलिस साइबर सेल भी ईमेल की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि धमकी किसने और कहां से भेजी है। पुलिस अधिकारियों ने स्कूल प्रबंधन को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति की तुरंत सूचना देने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच में जुटी हैं और लोगों से अफवाहों से बचने की अपील की गई है।  मोगा के तीन सरकारी स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मोगा के तीन सरकारी स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार सरकारी स्कूल गोथेयाला, सरकारी स्कूल उगोके और सरकारी स्कूल झंडियाना को एक धमकी भरी ईमेल प्राप्त हुई, जिसमें स्कूलों को बम से उड़ाने की बात कही गई थी। गोथेयाला सरकारी स्कूल के अध्यापक जतिन गोयल ने बताया कि आज नाैवीं क्लास के पेपर थे। पेपर शुरू होने से पहले जब स्कूल के स्टाफ ने ईमेल चेक किया तो उसमें खालिस्तान समर्थक की और से ईमेल भेजा गया। ईमेल में लिखा गया कि 14 अप्रैल से पहले स्कूल से डॉ. भीम राव आंबेडकर की फोटो हटा दी जाए नहीं तो स्कूल को बम से उड़ा दिया जाएगा। तुरंत इस मामले की सूचना उच्च अधिकारियों और पुलिस प्रशासन को दी गई।  उन्होंने बताया कि उस समय स्कूल में छात्रों के पेपर चल रहे थे, लेकिन बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए परीक्षाएं तुरंत रद्द कर दी गईं और छात्रों को सुरक्षित तरीके से घर भेज दिया गया। धमकी की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बम निरोधक टीमों को मौके पर भेज कर स्कूल परिसर और आसपास के इलाकों की बारीकी से जांच की और स्कूल को सेफ घोषित किया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि धमकी भरी ईमेल के स्रोत का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है और साइबर टीम की भी मदद ली जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से दूर रहने और शांति बनाए रखने की अपील की है।