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पंजाब और चंडीगढ़ में मौसम का मिजाज बदला, अबोहर में तापमान 31.8 डिग्री, ओले गिरने की आशंका

चंडीगढ़  हाड़ों पर बर्फबारी और मैदानी एरिया में हुई बारिश के चलते पंजाब और चंडीगढ़ में मौसम बदल गया है। पिछले 24 घंटों में तापमान में 2.4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है और अब यह सामान्य के करीब पहुंच गया है। वहीं कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है। इसे लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है और 31 मार्च को भी इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना है। सबसे कम अधिकतम तापमान 31.8 डिग्री सेल्सियस अबोहर में दर्ज किया गया। 11 जिलों में ओलावृष्टि का खतरा मौसम विभाग के मुताबिक राज्य के 23 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। जबकि 11 जिलों में ओलावृष्टि के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। इनमें पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, होशियारपुर, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला और मोहाली शामिल हैं। अन्य जिलों में आंधी और तूफान की संभावना रहेगी, लेकिन ओले नहीं गिरेंगे। मौसम में बदलाव की वजह एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तर ईरान और कैस्पियन सागर के आसपास ऊंचाई पर सक्रिय है, जिसका असर ट्रफ के रूप में दिख रहा है। इसके अलावा उत्तर-पश्चिम राजस्थान के ऊपर चक्रवाती घेरा बना हुआ है। वहीं 2 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है, जिससे फिर मौसम बदलने के आसार हैं। 3 अप्रैल तक बारिश के आसार मौसम विभाग के निदेशक सुरेंद्र पाल के अनुसार 30 मार्च को कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 31 मार्च से 3 अप्रैल के बीच इक्का-दुक्का जगहों पर बारिश के आसार रहेंगे, जबकि इसके बाद फिर से कुछ स्थानों पर वर्षा हो सकती है। तापमान अगले दो दिनों में 2 से 4 डिग्री तक गिरेगा और उसके बाद 3 से 5 डिग्री तक बढ़ने की संभावना है। 31 मार्च का पूर्वानुमान पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, होशियारपुर, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, रूपनगर और मोहाली में कहीं-कहीं 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर और रूपनगर में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि अन्य कई जिलों में इक्का-दुक्का स्थानों पर बारिश के आसार हैं। 1 अप्रैल का पूर्वानुमान पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा और बठिंडा में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं होशियारपुर, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, बरनाला, मानसा, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला और मोहाली में इक्का-दुक्का स्थानों पर बारिश की संभावना है।

उद्योगों के लिए राहत भरी खबर: पंजाब सरकार की नई O&M नीति से कामकाज होगा सरल

चंडीगढ़. पंजाब के उद्योगों और उद्योगपतियों को राहत देते हुए सरकार ने सेवाओं को तेज, प्रक्रियाओं को सरल और प्रबंधन को मजबूत बनाने के लिए नई व्यवस्था लागू की है। इसके तहत फास्ट सर्विस, विकेंद्रीकरण और ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस (ओ एंड एम) नीति के जरिए उद्योगों से जुड़ी लंबित समस्याओं को दूर करने की कोशिश की गई है। यह जानकारी उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा और उद्योग विभाग की निदेशक सुरभि मलिक ने दी। संजीव अरोड़ा ने बताया कि पॉलिसी इंटरप्रिटेशन से जुड़े मुद्दों के कारण सेवाएं धीमी हो रही थीं और उद्योगपतियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। अब इन सभी पहलुओं को स्पष्ट करते हुए फास्ट सर्विस को लागू किया गया है, जिससे प्रक्रियाओं को तेज किया जा सके। अब 15 की जगह 10 दिन का लगेगा समय उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था के तहत जहां पहले सेवाओं के लिए 15 दिन का समय निर्धारित था, उसे घटाकर 10 दिन कर दिया गया है। इसके अलावा फ्रीहोल्ड प्लांट्स को अतिरिक्त लाभ देते हुए कम समय में सेवाएं देने का प्रावधान किया गया है। लक्ष्य यह रखा गया है कि सभी प्रक्रियाएं चार हफ्तों के भीतर पूरी हो जाएं। अरोड़ा ने बताया कि डेलीगेशन ऑफ पावर्स के तहत विकेंद्रीकरण को बढ़ावा दिया गया है, जिससे एक ही अधिकारी को अधिक जिम्मेदारी दी जा सके और उसे अलग-अलग स्तरों पर अप्रूवल लेने की जरूरत न पड़े। इससे काम में तेजी आएगी और देरी कम होगी। ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस (ओ एंड एम) नीति पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य तकनीकी अधिकारियों और इंजीनियरों को अपने स्तर पर अपग्रेडेशन से जुड़े फैसले लेने का अधिकार देना है। पहले फंड कलेक्शन को लेकर दिक्कत आती थी, लेकिन अब यह जिम्मेदारी पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड को दी गई है। बिजली बिलों के साथ वसूले जाएंगे चार्जेज उन्होंने कहा कि अब बिजली बिलों के साथ ही चार्जेज वसूले जाएंगे, जिससे शत-प्रतिशत कलेक्शन सुनिश्चित होगा। इसके बाद यह राशि संबंधित स्पेशल पर्पज व्हीकल (एसपीवी) को ट्रांसफर की जाएगी, जो यह तय करेगी कि खर्च कहां और कितना करना है। सरकार के सदस्य इसमें मार्गदर्शन और रिपोर्टिंग के लिए होंगे, जबकि निर्णय लेने का अधिकार स्थानीय स्तर पर रहेगा। सुरभि मलिक ने बताया कि यदि किसी प्रकार की समस्या आती है तो उसे डिप्टी कमिश्नर की अगुवाई वाली संबंधित अथॉरिटी के पास उठाया जा सकता है। अतिरिक्त आय के स्रोत विकसित करने की अनुमति उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एसपीवी को अतिरिक्त आय के स्रोत विकसित करने की अनुमति दी गई है, जैसे पार्किंग, छोटी जगहों को कमर्शियल किराये पर देना या विज्ञापन के जरिए आय बढ़ाना, बशर्ते यह सभी कार्य कॉरपोरेशन के नियमों के तहत हों। उन्होंने कहा कि पहले उद्योगों से लिया गया टैक्स लोकल गवर्नमेंट को जाता था, लेकिन वहां उद्योगिक क्षेत्रों में अपेक्षित काम नहीं हो पाता था। अब यह सुनिश्चित किया गया है कि उद्योगों से आने वाला पैसा उसी क्षेत्र में खर्च हो, जिससे बुनियादी सुविधाओं में सुधार होगा और उद्योगपतियों को सीधा लाभ मिलेगा।

पेपर लीक पर सियासी वार: मुख्यमंत्री मान ने गुजरात मॉडल पर उठाए सवाल

चंडीगढ़. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि देश में सबसे ज्यादा पेपर लीक गुजरात व मध्य प्रदेश में होते है। गुजरात में रैली करके आए मुख्यमंत्री सोमवार को पंजाब में आप सरकार के 4 वर्ष पूरे होने के बाद शिक्षा विभाग की उपलब्धियों के बारे में जानकारी दे रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा गुजरात में युवाओं का नारा है 'पेपर फूटा, सपना टूटा। ' उन्होंने कहा कि पंजाब में कोई पेपर लीक नहीं हुआ। उन्होंने कहा आप सरकार ने युवाओं को नौकरी देने वाला बनाने के लिए बिजनेस क्लास शिक्षा शुरू की थी। आज युवाओं ने 70 करोड़ रूपये का कारोबार कर लिया है। उन्होंने कहा कि पठानकोट में एक विद्यार्थी ने साधारण साइकिल को ई बाइक बना दिया। दूसरों की नौकरी देने वाले युवा बनें हीरो कंपनी वालों ने उससे संपर्क किया और उसे टेक्नोलॉजी देने का ऑफर दिया लेकिन युवक ने मना कर दिया। उसने कहा कि इस टेक्नोलॉजी से वह खुद को दूसरों को नौकरी देने वाला बनेगा। मुख्यमंत्री ने कहा, आप सरकार प्राइवेट और सरकारी शिक्षा के स्तर को एक सामान्य करने की दिशा में चल रही है। लोगों के पास विकल्प होगा की वो अपने बच्चों को कहा पढ़ना चाहते है। शिक्षा बजट में 7 फीसदी की बढ़ौतरी उन्होंने कहा कि इस बार शिक्षा विभाग का बजट 19,279 करोड़ रुपए रखा गया है। जोकि पिछले साल से 7 फीसदी ज्यादा है। उन्होंने कहा कि 4 सालों में 14,525 अध्यापकों की भर्ती की गई, 12,316 अध्यापकों को रेगुलर किया गया। 480 प्रिंसिपल, हैड मास्टर और अध्यापकों को सिंगापुर व फिनलैंड में ट्रेनिंग दिलवाई गई। 1932 कैंपस मैनेजर रखे गए, सरकारी स्कूलों में पहली बार 1323 सुरक्षा कर्मी रखे गए और 7876 सफाई सेवकों को रखा गया। उन्होंने कहा, कोशिश की जा रही है कि शिक्षकों से केवल शिक्षा का ही काम लिया जाए।

पंजाब में छुट्टी का ऐलान: मंगलवार को बंद रहेंगे सभी शैक्षणिक संस्थान और ऑफिस

चंडीगढ़ पंजाब में मंगलवार को सरकारी छुट्टी रहने वाली है। इसके चलते पूरे राज्य में स्कूल, कॉलेज और सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे। दरअसल, राज्य सरकार ने मंगलवार, 31 मार्च को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। यह फैसला महावीर जयंती के पावन अवसर को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। सरकार द्वारा जारी जानकारी के अनुसार 31 मार्च को गजटेड छुट्टी घोषित की गई है। राज्य सरकार ने इस संबंध में आधिकारिक तौर पर ऐलान भी किया है, ताकि आम जनता को सरकारी कामकाज और शैक्षणिक संस्थानों के बंद रहने की जानकारी पहले से मिल सके। भगवान महावीर का जन्म यह दिन जैन धर्म के 24वें और अंतिम तीर्थंकर भगवान महावीर के जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है। उनका जन्म लगभग 6वीं सदी ईसा पूर्व में कुंडलपुर (वैशाली) में हुआ था। भगवान महावीर ने दुनिया को “जियो और जीने दो” का सिद्धांत दिया। उनका सबसे बड़ा ऐतिहासिक योगदान अहिंसा के प्रचार में है, जिसका मतलब है किसी भी जीव को मन, वचन या कर्म से कष्ट न पहुंचाना। उन्होंने उस समय के समाज में प्रचलित जात-पात और कर्मकांडों का विरोध किया और सभी जीवों की समानता पर जोर दिया।  

CREST घोटाले पर शिकंजा: प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुखविंदर गिरफ्तार, पुलिस ने शुरू की फाइनेंशियल जांच

चंडीगढ़. 83 करोड़ रुपये के चर्चित क्रेस्ट घोटाले में चंडीगढ़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने रिन्यूएबल एनर्जी एंड साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रमोशन सोसायटी (क्रेस्ट) के प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुखविंदर अबरोल को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने क्रेस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी की शिकायत पर यह केस दर्ज किया था। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तारी के बाद अदालत में पेश किया, जहां से उसे पांच दिनों के रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस जांच में सामने आया कि आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के अधिकारियों अभय कुमार, सीमा धीमान और रिभव ऋषि पर धोखाधड़ी में शामिल होने का आरोप है। जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ था कि क्रेस्ट के खातों से रकम शेल कंपनियों के जरिए अलग-अलग खातों में ट्रांसफर की गई थी। जांच में सामने आया है कि ट्रांसफर की गई रकम का हिस्सा अबरोल के अपने खातों के साथ-साथ रिश्तेदारों और करीबी लोगों के भी अकाउंट्स में पहुंचा था। पुलिस अब इस घोटाले की मनी ट्रेल और अन्य कर्मचारियों की भूमिका की गहन जांच कर रही है। फरार अकाउंट अफसर की तलाश में करनाल में रेड निगम और क्रेस्ट से जुड़े करोड़ों रुपये के घोटाले की जांच में चंडीगढ़ पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। सूत्रों से पता चला है कि इसी घोटाले में चंडीगढ़ पुलिस की टीम से स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की अकाउंट अफसर नलिनी मलिक को पकड़ने के लिए करनाल में दबिश दी है। हालांकि वह मौके से फरार बताई जा रही है। पुलिस को शक है कि वह किसी रिश्तेदार के घर ठहरी हुई थी। ऐसे में पुलिस की टीम उस घर पर पहुंची और आसपास पूछताछ की। यह कार्रवाई नगर निगम में 116.84 करोड़ रुपये की फर्जी एफडी और क्रेस्ट में करीब 75.16 करोड़ रुपये के कथित वित्तीय गड़बड़ी मामले में हुई पूछताछ के बाद की गई है। वहीं, प्रोडक्शन वारंट पर लाए गए आरोपितों ने जांच के दौरान कई अहम जानकारियां साझा की हैं। पुलिस के मुताबिक कुछ बड़े अधिकारियों की भूमिका सामने आई है, जिन पर फर्जी कंपनियों और खातों के जरिए सरकारी धन के लेनदेन का आरोप है।

विपक्ष के विरोध के बीच जालंधर निगम का बजट मंजूर, सदन में गूंजे नारे

जालंधर. जालंधर नगर निगम की हाउस बैठक सोमवार को उस समय हंगामे में बदल गई, जब मेयर वनीत धीर ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 569.40 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। बजट पेश होते ही विपक्षी दल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के पार्षदों ने शून्य काल शुरू करने की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। विपक्ष का कहना था कि बजट पेश करने से पहले शून्य काल में जनहित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जानी चाहिए थी, लेकिन उनकी इस मांग को नजरअंदाज कर सीधे बजट प्रस्तुत किया गया। इसी बात को लेकर हाउस में माहौल तनावपूर्ण हो गया और दोनों दलों के पार्षदों ने विरोध जताया। हंगामे और नारेबाजी के बीच नगर निगम प्रशासन ने तेजी दिखाते हुए महज ढाई मिनट के भीतर ही बजट को पारित कर दिया। इस प्रक्रिया को लेकर विपक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई और इसे लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ बताया। 569.4 करोड़ का बजट प्रस्तुत मेयर वनीत धीर द्वारा प्रस्तुत इस बजट का कुल आकार 569.40 करोड़ रुपये है, जिसमें शहर के बुनियादी ढांचे और विकास कार्यों पर विशेष ध्यान दिया गया है। विकास कार्यों के लिए करीब 200 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है, जिससे सड़कों, सीवरेज, पानी और अन्य जरूरी सुविधाओं को बेहतर बनाने की योजना है। बजट के खर्च का विभाजन भी तय किया गया है। इसमें 312.70 करोड़ रुपये विभिन्न विभागों के संचालन और प्रशासनिक कार्यों के लिए रखे गए हैं, जबकि 55.56 करोड़ रुपये अन्य खर्चों के लिए निर्धारित किए गए हैं। बजट में विकास कार्यों को दी गई प्राथमिकता मेयर ने कहा कि नगर निगम की आय में सुधार हुआ है, जिसके चलते इस बार बजट में वृद्धि की गई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी और खर्चों को संतुलित रखने का प्रयास किया जाएगा। इस बीच हाउस में शून्य काल की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई, लेकिन विपक्ष का विरोध जारी रहा। पार्षदों ने आरोप लगाया कि उनकी आवाज को दबाया गया है और जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा का अवसर नहीं दिया गया। बैठक के दौरान बने इस विवाद के चलते राजनीतिक माहौल गरमा गया है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और टकराव की संभावना जताई जा रही है।

6 अप्रैल से जम्मू-छपरा के बीच शुरू होगी विशेष ट्रेन, गर्मियों में पठानकोट-जालंधर के यात्रियों को मिलेगा लाभ

 पठानकोट यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने जम्मू तवी से छपरा के बीच एक स्पेशल रिजर्व ट्रेन सेवा शुरू करने का फैसला किया है. यह ट्रेन अप्रैल से जुलाई तक चलेगी और खासतौर पर उन यात्रियों को राहत देगी, जो इस रूट पर सफर करने में दिक्कतों का सामना कर रहे थे।  रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ट्रेन नंबर 05194 जम्मू तवी से हर बुधवार रात 01:20 बजे 8 अप्रैल से 15 जुलाई तक चलेगी और गुरुवार सुबह 09:15 बजे छपरा पहुंचेगी. इस दौरान कुल 15 ट्रिप पूरे किए जाएंगे. वहीं वापसी में ट्रेन नंबर 05193 छपरा से हर सोमवार दोपहर 14:12 बजे 6 अप्रैल से 13 जुलाई तक रवाना होगी और मंगलवार रात 11:00 बजे जम्मू तवी पहुंचेगी. यह भी कुल 15 फेरे लगाएगी।  इस ट्रेन का ठहराव कठुआ, पठानकोट कैंट, जालंधर कैंट, लुधियाना, अंबाला कैंट, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली, शाहजहांपुर, सीतापुर, गोंडा, बस्ती, गोरखपुर, कप्तानगंज, पाडरौना, थावे, दिघवा डुबौली और छपरा कचहरी समेत कई प्रमुख स्टेशनों पर होगा। 6 अप्रैल से होगी शुरूआत रेलवे के अनुसार, यह विशेष ट्रेन दोनों तरफ में कुल 15-15 फेरे लगाएगी। ट्रेन संख्या 05194, 8 अप्रैल से 15 जुलाई तक प्रत्येक बुधवार रात 1:20 बजे जम्मू तवी से रवाना होकर गुरुवार सुबह 9:15 बजे छपरा पहुंचेगी। वहीं, ट्रेन संख्या 05193, 6 अप्रैल से 13 जुलाई तक प्रत्येक सोमवार दोपहर 2:12 बजे छपरा से चलकर मंगलवार रात 11 बजे जम्मू तवी पहुंचेगी। ट्रेन में एसी, स्लीपर और सामान्य श्रेणी के कोच उपलब्ध रहेंगे, जिससे हर वर्ग के यात्रियों को सुविधा मिल सकेगी। बुकिंग शुरू, आईआरसीटीसी या रेलवे काउंटर से करें बुक वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक उचित सिंघल ने बताया कि अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। यह सेवा जम्मू, पंजाब, उत्तर प्रदेश और बिहार के यात्रियों को सीधी और आरामदायक कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि यात्री असुविधा से बचने के लिए अपनी टिकट आईआरसीटीसी या रेलवे काउंटर से पहले ही बुक कर लें। उन्होंने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी टिकट पहले से ही आईआरसीटीसी या रेलवे काउंटर से बुक कर लें, ताकि यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।

उद्योगों को राहत: पंजाब सरकार ने लीजहोल्ड प्लॉट को फ्रीहोल्ड बनाने की नीति पास की

चंडीगढ़. पंजाब कैबिनेट ने लीजहोल्ड औद्योगिक प्लॉटों/शेडों को फ्रीहोल्ड में बदलने के लिए नीति में संशोधनों को भी मंजूरी दी है। इन संशोधनों के अनुसार, बैंकों या वित्तीय संस्थाओं के पास गिरवी रखे गए औद्योगिक प्लॉट फ्रीहोल्ड में बदले जा सकते हैं, बशर्ते संबंधित बैंक द्वारा प्राप्त ‘नो आब्जेक्शन सर्टिफिकेट’ जमा करवाया गया हो और निर्धारित सुरक्षा उपायों का पालन किया गया हो। ऐसे मामलों में जहां मौजूदा टाइटल दस्तावेजों में अनार्जित वृद्धि संबंधी कोई धारा नहीं है, 5 प्रतिशत की कन्वर्जन फीस लागू होगी। कुछ प्रतिबंधात्मक शर्तों पर जताई थी आपत्ति मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि पहले हस्तांतरण नीति 2008, 2016 और 2021 में लाई गई थी। औद्योगिक संगठनों ने 2021 में लाई गई नीति की कुछ प्रतिबंधात्मक शर्तों पर आपत्ति जताई थी। इसके जवाब में एक कमेटी ने उद्यमियों की मांगों की समीक्षा की और फ्री होल्ड प्लॉटों पर लागू होने वाले परिवर्तनों का प्रस्ताव दिया। संशोधित नीति के अनुसार औद्योगिक प्लॉट की आरक्षित कीमत का 12.5 प्रतिशत हस्तांतरण शुल्क लागू होगा। कैबिनेट ने विशेष रूप से पीएसआईईसी के प्रबंधन वाले लीजहोल्ड औद्योगिक प्लॉटों और शेड्स को फ्री होल्ड में बदलने की नीति को भी मंजूरी दे दी। ये प्लॉट और शेड मूल रूप से लीजहोल्ड आधार पर आवंटित किए गए थे, जिनमें परिवर्तन संबंधी जटिल धाराएँ शामिल थीं, जिसके कारण संपत्ति के लेन-देन में कठिनाइयां आ रही थी। इस नई नीति का उद्देश्य औद्योगिक प्लॉटों के प्रबंधन को सुचारू करना, कारोबार में सुगमता बढ़ाना, आवंटियों के बीच मुकदमेबाजी और अनिश्चितता को कम करना है। इसके अलावा, इस हस्तांतरण से राज्य के लिए अतिरिक्त राजस्व उत्पन्न होने की उम्मीद है। कैबिनेट ने एमएसएमई डेवलपमेंट एक्ट, 2006 के तहत एमएसई फैसिलिटेशन काउंसिल नियम-2021 में संशोधनों को मंजूरी दे दी। वर्तमान में जिला स्तर पर माइक्रो और स्मॉल इंटरप्राइजेज फैसिलिटेशन काउंसिल संबंधित डिप्टी कमिश्नरों के नेतृत्व में काम कर रही हैं। हालांकि, इस एक्ट के तहत अवार्ड्स से संबंधित भुगतानों में देरी हो रही है।

महिलाओं को आर्थिक सहारा: पंजाब सरकार की ‘मावां धीयां सत्कार योजना’ को हरी झंडी

चंडीगढ़. मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में कैबिनेट ने ‘मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना’ शुरू करने को मंजूरी दे दी। इस योजना के तहत 18 वर्ष या अधिक आयु की अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये व शेष महिलाओं को 1,000 रुपये सम्मान राशि मिलेगी। परिवार में अगर ऐसी महिलाओं की संख्या एक से ज्यादा है तो सभी को पैसे मिलेंगे। शर्त केवल यह है कि उनके पास पंजाब निवासी होने का आधार कार्ड व वोटर कार्ड होना चाहिए। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से दावा किया गया है कि इस योजना से राज्य की 97 प्रतिशत से अधिक महिलाओं को लाभ होगा। योजना का सामाजिक सुरक्षा पेंशनभोगियों को भी लाभ मिलेगा। हर महिला तक लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करने के लिए सरकार ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों की महिलाओं के लिए दस्तावेज पूरे करने, बैंक खाते सक्रिय करने व निर्बाध रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करने में सहायता करेगी। योजना के लिए बजट में 9,300 करोड़ रुपये मंजूर किए जा चुके हैं। मानव शक्ति एवं सहायक नियुक्त करने को मंजूरी कैबिनेट ने झारखंड में पछवाड़ा केंद्रीय कोयला खदान (पीसीसीएम) के संचालन व रखरखाव के लिए ठेके के आधार पर मानव शक्ति और सहायक स्टाफ नियुक्त करने को भी मंजूरी दी। इसके लिए एक कमेटी बनाई जाएगी, जिसमें प्रबंधकीय सचिव को चेयरमैन और चेयरमैन-कम-मैनेजिंग डायरेक्टर व डायरेक्टर/जनरेशन, पीएसपीसीएल को सदस्य शामिल किया जाएगा।

मुख्यमंत्री भगवंत मान की बड़ी पहल से पंजाब की 97 प्रतिशत महिलाओं को मिलेगा सीधा आर्थिक लाभ

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब कैबिनेट ने पूरे पंजाब में ‘मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना’ को मंजूरी देकर इस योजना को शुरू करने का रास्ता साफ कर दिया है। इस योजना के तहत अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को हर महीने 1500 रुपए और बाकी सभी महिलाओं को 1000 रुपए सम्मान राशि मिलेगी। इस योजना से पंजाब की 97 प्रतिशत से अधिक महिलाओं को लाभ पहुंचेगा। यह फैसला मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक के दौरान लिया गया। इस संबंध में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा, ‘मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना’ योजना पूरे राज्य में शुरू की जाएगी। इस योजना के तहत अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1500 रुपए और बाकी सभी महिलाओं को 1000 रुपए प्रतिमाह सम्मान राशि दी जाएगी। यह योजना महिलाओं को स्वतंत्र और सशक्त बनाकर उनकी प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देगी। यह स्कीम महिलाओं को वित्तीय रूप से मजबूत करेगी, जिससे वे बचत और निवेश कर सकेंगी तथा घर-परिवार के लिए जरूरी इच्छाओं को पूरा करने में सक्षम बनेंगी।” इस पहल के बारे में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय ने आगे कहा, “इस योजना से 97 प्रतिशत से अधिक महिलाओं को लाभ मिलने की संभावना है, जो इसे देश की सबसे महिला-हितैषी सामाजिक सुरक्षा पहलों में शामिल करता है। यह योजना राज्य भर में महिलाओं को सीधी आर्थिक सहायता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और महिलाओं के सशक्तिकरण के तहत उनके लिए वित्तीय स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के प्रति सरकार के विजन को दर्शाती है।” यह योजना सीधा लाभ प्रदान करने के लिए तैयार की गई है, जिसमें वित्तीय सहायता सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। इस स्कीम के तहत एक परिवार में योग्य महिलाओं की संख्या पर कोई पाबंदी नहीं होगी और एक ही परिवार की कई महिलाएं इस योजना का लाभ ले सकेंगी। मौजूदा सामाजिक सुरक्षा पेंशनभोगियों को भी इस योजना के तहत अपनी पेंशन के अलावा पूरा वित्तीय लाभ मिलेगा, जिससे इसकी पहुंच और प्रभावशीलता बढ़ेगी। पंजाब में 18 साल या उससे अधिक उम्र की महिलाएं, जो वोटर के रूप में रजिस्टर्ड हैं, जिनके पास पंजाब निवास वाला आधार कार्ड और भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी वोटर कार्ड है, इस योजना के तहत लाभार्थी के रूप में रजिस्टर होने के योग्य होंगी। इस पहल को और मजबूत करते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में पहले ही 9,300 करोड़ रुपए की राशि मंजूर की जा चुकी है और योजना के पैमाने व पहुंच को देखते हुए यह पंजाब सरकार द्वारा शुरू की गई सबसे बड़ी महिला-हितैषी सामाजिक कल्याण पहलों में से एक होने की उम्मीद है। योजनाबंदी विभाग में सीधी भर्ती के तहत 70 पद भरने को मंजूरी कैबिनेट ने योजनाबंदी विभाग में सीधी भर्ती के तहत 70 पद भरने की मंजूरी दे दी है। आर्थिक नीति एवं योजना बोर्ड और सांख्यिकी विभाग, पंजाब के विलय की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। इस अभ्यास को देखते हुए भरे जाने वाले रिक्त पदों की आवश्यकता को संशोधित किया गया है। इसलिए अधिकारियों की कमेटी द्वारा सीधी भर्ती के 70 पद भरने की मंजूरी दी गई है। पी.एस.पी.सी.एल. और पी.एस.टी.सी.एल. के सी.एम.डी. तथा डायरेक्टर्स की नियुक्ति के लिए शर्तों में संशोधन कैबिनेट ने पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (पावरकॉम) और पंजाब स्टेट ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (ट्रांसको) के चेयरमैन-कम-मैनेजिंग डायरेक्टर (सी.एम.डी.) तथा डायरेक्टर्स की नियुक्ति के लिए जरूरी योग्यताओं और अनुभव संबंधी शर्तों में संशोधन करने की भी मंजूरी दे दी है। पछवाड़ा कोयला खदान में मानव शक्ति एवं सहायक स्टाफ नियुक्त करने को मंजूरी कैबिनेट ने झारखंड के जिला पाकुड़ स्थित पछवाड़ा केंद्रीय कोयला खदान (पीसीसीएम) के संचालन और रखरखाव के लिए पी.एस.पी.सी.एल. द्वारा ठेके के आधार पर मानव शक्ति और सहायक स्टाफ नियुक्त करने को भी हरी झंडी दे दी है। इसके लिए एक अधिकृत कमेटी बनाने का फैसला किया गया है, जिसमें प्रबंधकीय सचिव को चेयरमैन और चेयरमैन-कम-मैनेजिंग डायरेक्टर तथा डायरेक्टर/जनरेशन, पी.एस.पी.सी.एल. को सदस्य के रूप में शामिल किया जाएगा। इस कमेटी को पछवाड़ा केंद्रीय कोयला खदान, पाकुड़ के संचालन और रखरखाव के लिए सक्षम मानव शक्ति/सहायक स्टाफ की ठेके पर भर्ती और विस्तार संबंधी सभी मंजूरियां देने के लिए अधिकृत किया गया है। लीजहोल्ड औद्योगिक प्लॉटों को फ्रीहोल्ड में बदलने के लिए नीति में संशोधन कैबिनेट ने लीजहोल्ड औद्योगिक प्लॉटों/शेडों को फ्रीहोल्ड में बदलने के लिए नीति में संशोधनों को भी मंजूरी दे दी है। इन संशोधनों के अनुसार बैंकों या वित्तीय संस्थाओं के पास गिरवी रखे गए औद्योगिक प्लॉट फ्रीहोल्ड में बदले जा सकते हैं, बशर्ते संबंधित बैंक द्वारा प्राप्त ‘नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट’ जमा करवाया गया हो और निर्धारित सुरक्षा उपायों का पालन किया गया हो। ऐसे मामलों में जहां मौजूदा टाइटल दस्तावेजों में अनार्जित वृद्धि संबंधी कोई धारा नहीं है (भले ही यह पहले के टाइटल दस्तावेजों में मौजूद हो), 5 प्रतिशत की कन्वर्जन फीस लागू होगी। पंजाब कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर (रेगुलेशन एंड मेंटेनेंस) (संशोधन) बिल-2026 कैबिनेट ने पंजाब कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर (रेगुलेशन एंड मेंटेनेंस) (संशोधन) बिल, 2026 को पेश करने की मंजूरी दे दी है ताकि राज्य भर में औद्योगिक क्षेत्रों के बेहतर प्रबंधन के लिए स्पेशल पर्पज व्हीकल (एस.पी.वी.) की प्रभावशीलता, पारदर्शिता और वित्तीय स्थिरता को मजबूत किया जा सके। प्रस्तावित संशोधन औद्योगिक पार्कों के विस्तार और औद्योगिक एस्टेटों से बाहर नए औद्योगिक क्लस्टरों के विस्तार के कारण वर्षों में उभरी प्रशासनिक और क्रियान्वयन संबंधी चुनौतियों को हल करेंगे। इसके तहत औद्योगिक क्षेत्रों में सड़कें, स्ट्रीट लाइटें, पार्क, सुरक्षा, ड्रेनेज सिस्टम और अन्य साझा सुविधाओं जैसे साझा बुनियादी ढांचे के रखरखाव के लिए सेवा शुल्क वसूलने और इनके उपयोग के लिए सुचारू प्रणाली विकसित की जाएगी। सभी औद्योगिक क्षेत्रों में एस.पी.वी. तैयार किए जाएंगे जो सोसाइटीज रजिस्ट्रेशन एक्ट, 1860 के तहत रजिस्टर्ड होंगे। ये एस.पी.वी. औद्योगिक क्षेत्रों में साझे बुनियादी ढांचे के संचालन और रखरखाव के लिए बिना लाभ-बिना नुकसान के आधार पर काम करेंगे। साथ ही एस.पी.वी. के कार्यों की निगरानी और विवादों के समाधान के लिए संस्थागत व्यवस्था प्रदान करने हेतु जिला निगरानी प्राधिकरण स्थापित किया जाएगा। एन.एच.ए.आई. प्रोजेक्ट्स के लिए सतलुज नदी से गाद निकालने को मंजूरी कैबिनेट ने राज्य में विभिन्न हाईवे प्रोजेक्ट्स के निर्माण के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी (एन.एच.ए.आई.) को साधारण मिट्टी देने के लिए सतलुज नदी से … Read more