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अब मिनटों में पहुंचेगी पुलिस: CM भगवंत मान ने 508 हाई-टेक गाड़ियों को दी हरी झंडी

संगरूर. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने धूरी स्थित लड्डा कोठी में आयोजित एक प्रभावशाली समारोह के दौरान पंजाब पुलिस को 508 क्विक रिस्पांस वाहन समर्पित किए। मुख्यमंत्री ने हरी झंडी दिखाकर इन वाहनों को रवाना किया। इस अवसर पर डीजीपी गौरव यादव सहित पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और प्रशासनिक प्रतिनिधि उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि हर राज्य की तरक्की में पुलिस प्रशासन का अहम योगदान रहता है, क्योंकि जिस राज्य की पुलिस चौकस, चुस्त-दुरुस्त व तकनीकी तौर पर मजबूत है। इन अत्याधुनिक क्विक रिस्पांस वाहनों के शामिल होने से 112 हेल्पलाइन पर मिलने वाली सूचना का निपटारा पहले से कहीं अधिक तेजी से किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि अब 112 नंबर डायल करने पर पुलिस 6 से 7 मिनट के भीतर पीड़ित तक पहुंच सकेगी, जबकि पहले यह समय 12 से 13 मिनट तक लग जाता था। उन्होंने कहा कि यह कदम राज्य में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। समारोह को संबोधित करते हुए डीजीपी गौरव यादव ने मुख्यमंत्री का विशेष धन्यवाद किया। उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों में राज्य सरकार ने लगभग 327 करोड़ रुपये की लागत से पंजाब पुलिस के वाहन बेड़े को अपग्रेड किया है। आधुनिक तकनीक से लैस इन वाहनों से पुलिस की कार्यक्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी। मुख्यमंत्री मान ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार बनने पर उन्होंने वादा किया था कि पंजाब पुलिस को देश की बेहतरीन पुलिस बलों में शामिल किया जाएगा। इसी संकल्प के तहत पुलिस को आधुनिक संसाधन, बेहतर प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि नई गाड़ियों के शामिल होने से न केवल अपराध पर नियंत्रण मजबूत होगा, बल्कि आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना भी बढ़ेगी। समारोह के दौरान पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों में उत्साह देखने को मिला। इन क्विक रिस्पांस वाहनों के माध्यम से पंजाब पुलिस राज्यभर में अधिक प्रभावी व समयबद्ध सेवा देने के लिए तैयार है।

लुधियाना के पास हलवारा एयरपोर्ट के लिए अप्रैल से शुरू हो जाएगी टिकटों की बुकिंग

पंजाब(हलवारा) पंजाब में हवाई संपर्क को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है. केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने रविवार को बताया कि हलवारा हवाई अड्डे के लिए उड़ान बुकिंग अप्रैल से शुरू हो जाएगी, जबकि पहली कमर्शियल उड़ान 10 से 15 मई के बीच शुरू होने की संभावना है. उन्होंने इसे पंजाब के लिए गर्व का क्षण बताते हुए कहा कि शुरुआत में 160 सीटों वाले एयरबस ए320 विमान से संचालन किया जाएगा. शुरुआती चरण में दिल्ली और हलवारा के बीच रोजाना दो उड़ानें होंगी, एक सुबह और एक दोपहर में. इससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार होगा. रवनीत सिंह बिट्टू ने पंजाब के लोगों को बधाई देते हुए कहा कि यह लंबे समय से प्रतीक्षित परियोजना है, जो यात्रा, व्यापार और राज्य की आर्थिक वृद्धि को गति देगी.  हवाई अड्डे की बुकिंग अगले सप्ताह से शुरू होगी वहीं, पंजाब के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि उन्होंने 26 मार्च को लुधियाना में एक प्रेस वार्ता के दौरान पहले ही घोषणा कर दी थी कि हलवारा हवाई अड्डे की बुकिंग अगले सप्ताह से शुरू होगी. उन्होंने इशारों में केंद्रीय मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग उनकी कही बातों को तीन दिन बाद दोहरा रहे हैं. इस बीच रवनीत सिंह बिट्टू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि उनकी दूरदृष्टि और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की प्रतिबद्धता से पंजाब को फायदा मिल रहा है. उन्होंने कहा कि वह मंत्री के रूप में पंजाब के विकास के लिए लगातार काम करते रहेंगे. गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले महीने जालंधर दौरे के दौरान लुधियाना के हलवारा हवाई अड्डे के टर्मिनल भवन का वर्चुअल उद्घाटन किया था. यह टर्मिनल भारतीय वायुसेना के हलवारा अड्डे पर रायकोट उपखंड में विकसित किया गया है. हलवारा हवाई अड्डे के चालू होने से क्षेत्र में हवाई संपर्क में बड़ा सुधार होने की उम्मीद है. इससे उद्योग, पर्यटन, स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्रों को भी बढ़ावा मिलेगा और पंजाब के समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास को गति मिलेगी. लुधियाना के उद्योगपतियों की लंबे समय से मांग रही है कि शहर को सीधी हवाई सेवा मिले, क्योंकि उन्हें अभी दिल्ली, चंडीगढ़ या अमृतसर से उड़ान लेनी पड़ती है. पंजाब सरकार के अनुसार, इस परियोजना को पूरा करने में संजीव अरोड़ा की लगातार कोशिशों और विभिन्न एजेंसियों के साथ समन्वय की अहम भूमिका रही है.

सरकारी स्कूलों के लिए पंजाब सरकार का नया नियम शिक्षक और छात्र की गैरहाजिरी पर सीधा एक्शन

 चंडीगढ़ पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शिक्षा विभाग की उपलब्धियों को साझा करते हुए एक ऐतिहासिक घोषणा की है। 1 अप्रैल से पंजाब के सरकारी स्कूलों में अनुपस्थिति को लेकर नई व्यवस्था लागू होने जा रही है। अब यदि कोई छात्र या शिक्षक स्कूल से गैर-हाजिर रहता है, तो इसकी तुरंत जानकारी अभिभावकों को दी जाएगी। छात्रों की अनुपस्थिति पर सीधा संपर्क नए नियमों के अनुसार, यदि कोई बच्चा स्कूल नहीं आता है, तो उसकी डिटेल माता-पिता को भेजी जाएगी। यदि कोई छात्र लगातार 2 से 3 दिन तक स्कूल से अनुपस्थित रहता है, तो स्कूल प्रशासन सीधे अभिभावकों से फोन पर संपर्क करेगा और अनुपस्थिति का कारण पूछेगा। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों की पढ़ाई में निरंतरता बनाए रखना और ड्रॉप-आउट रेट को कम करना है। शिक्षकों पर भी रहेगी नज़र मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पारदर्शिता केवल छात्रों तक सीमित नहीं रहेगी यदि कोई शिक्षक स्कूल से गैर-हाजिर होता है, तो इसकी सूचना उनके वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ विद्यार्थियों के माता-पिता को भी दी जाएगी। शिक्षक की लंबी अनुपस्थिति की स्थिति में स्कूल मैनेजमेंट कमेटी को सूचित किया जाएगा और उनकी जगह तुरंत दूसरे शिक्षक की ड्यूटी लगाई जाएगी ताकि बच्चों का सिलेबस पीछे न रहे। भारत की पढ़ाई बनाम इंडिया की पढ़ाई चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सीएम मान ने शिक्षा के दोहरे स्तर पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि हमारे देश में दो तरह की शिक्षा है-एक ‘इंडिया’ की शिक्षा (महंगे प्राइवेट स्कूल) और दूसरी भारत की शिक्षा (सरकारी स्कूल)। सीएम ने चुटकी लेते हुए कहा कि पहले सरकारी स्कूलों को केवल दलिया खाने वाले स्कूल बना दिया गया था, जहाँ शिक्षा से ज्यादा अन्य चीजों पर ध्यान था। मान सरकार का लक्ष्य सरकारी स्कूलों को प्राइवेट स्कूलों के बराबर लाकर खड़ा करना है, ताकि गरीब का बच्चा भी वही क्वालिटी एजुकेशन पा सके जो अमीर के बच्चों को मिलती है।

कनाडा: हिंदुओं को खालिस्तानी समर्थकों की धमकी, HCF ने कहा- हम झुकेंगे नहीं

लुधियाना  खालिस्तान समर्थकों ने कनाडा में फिर से हिंदुओं को धमकियां देनी शुरू कर दी। खालिस्तान चरमपंथी संगठनों(CBKE) ने 5 अप्रैल 2026 को 2 बड़े हिंदू मंदिरों के बाहर 'खालिस्तान जिंदाबाद' रैलियां और प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। खालिस्तान समर्थक ब्रैम्पटन के त्रिवेणी मंदिर और सरे के श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर को टारगेट कर रहे हैं। खालिस्तानियों ने बकायदा सोशल मीडिया पर इन मंदिरों के गेट पर प्रदर्शन करने का ऐलान कर दिया है। वहीं, हिंदू कैनेडियन फाउंडेशन (HCF) ने इस पर तुरंत सख्त बयान जारी किया है। उन्होंने साफ कहा है "हमारे मंदिर पूजा के पवित्र स्थान हैं, ये प्रदर्शन के मैदान नहीं हैं। हम धमकी के आगे नहीं झुकेंगे।" HCF ने पूरे कनाडा की पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को चेतावनी देते हुए कहा कि इन चरमपंथियों को रोको, वरना हिंदू समुदाय का भरोसा कनाडा की पुलिस और सरकार से टूट जाएगा। खालिस्तान समर्थकों की धमकी पर हिंदुओं जवाब, जानिए..     खालिस्तानियों की धमकी: CBKE ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके साफ ऐलान किया कि 5 अप्रैल को ब्रैम्पटन के त्रिवेणी मंदिर और सरे के लक्ष्मी नारायण मंदिर के बाहर 'खालिस्तान जिंदाबाद रैली' निकाली जाएगी। ये रैलियां सीधे मंदिर के गेट पर होगी।     हिंदुओं को सुनने पड़ेंगे नारे: खालिस्तान समर्थकों ने धमकी देते हुए कहा है कि हिंदू जब पूजा करने आएंगे तो उन्हें नारे सुनने पड़ेंगे, धक्का-मुक्की हो सकती है। खालिस्तान समर्थक कनाडा में पहले भी मंदिरों के बाहर माहौल खराब करने की कोशिश कर चुके हैं।खालिस्तान समर्थक एसजेएफ की तरफ से सोशल मीडिया पर की गई पोस्ट।     हिंदुओं को उकसाने की साजिश: खालिस्तानियों की धमकी के बाद HCF का कहना है कि ये कोई शांतिपूर्ण विरोध नहीं, बल्कि जानबूझकर उकसावे की साजिश है। मंदिर को राजनीतिक स्टेज बनाने की कोशिश की जा रही है।     2024 में हिंदुओं पर लाठियां चलाई थी: HCF का कहना है कि 3 नवंबर 2024 को ब्रैम्पटन के हिंदू सभा मंदिर पर खालिस्तान समर्थकों ने दिन-दहाड़े हमला बोल दिया था। महिलाएं, बच्चे, बुजुर्गों पर लाठियां चलाई थी। सिर्फ इसलिए क्योंकि वे शांतिपूर्वक पूजा कर रहे थे। HCF कहता है कि वो हमला अकेला नहीं था, लगातार मंदिरों को टारगेट किया जा रहा है, भक्तों को डराया जा रहा है। महिलाओं-बच्चों को धमकाया जा रहा है।     अब की बार पीछे नहीं हटेंगे: HCF ने अपने बयान में बहुत साफ-साफ शब्दों में जवाब दिया है और कहा है कि हमारे मंदिर पवित्र हैं। ये विरोध प्रदर्शन के स्थल नहीं, न ही राजनीतिक मंच हैं। अगर इस बार कोई हरकत हुई तो हम डरकर पीछे नहीं हटेंगे। HCF का कहना है कि हम चुप नहीं रहेंगे। हम डरेंगे नहीं। हम अपने मंदिरों से नहीं भागेंगे। उन्होंने कहा कि हिंदू समुदाय कनाडा का अभिन्न हिस्सा है। वे शांतिप्रिय हैं, लोकतंत्र और प्लूरलिज्म में विश्वास रखते हैं। लेकिन अब काफी हो चुका। सरकार हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करे।नवंबर 2024 में मंदिर के बाहर खालिस्तान समर्थकों का हंगामा और हिंदुओं पर हमला करते हुए।      मंदिरों के आसपास बने बबल जोन: HCF कहना है कि कनाडा की संसद ने पहले ही बिल C-9 पास किया है। इसमें पूजा स्थलों पर घृणा, धमकी और बाधा डालने को सख्त सजा का प्रावधान है। ब्रैम्पटन में पहले से ही मंदिरों के आसपास 'बबल जोन' बना दिए गए हैं, जहां प्रदर्शन करना मना है।     टारगेट करना प्रोस्टेस्ट नहीं, धमकी है: हिंदू संगठन ने साफ कहा किटारगेट करना कोई प्रोटेस्ट नहीं, ये धमकी है। पूजा में बाधा डालना कोई फ्री स्पीच नहीं, ये जबरदस्ती है। खालिस्तान समर्थक हिंदू समुदाय को चुप कराने की कोशिश कर रहा है। HCF ने चेतावनी दी कि ये सिर्फ हिंदुओं का मुद्दा नहीं है, बल्कि पूरे कनाडा की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और सामाजिक भाईचारे के लिए खतरा है।     खालिस्तान समर्थकों के खिलाफ करें कार्रवाई: HCF ने कनाडा के अलग-अलग शहरों की पुलिस को पोसट टैग करते हुए लिखा है कि खालिस्तान समर्थकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।     हिंसा भड़काने वालों की जवाबदेही तय हो: HCF ने कहा है कि कनाडा की खुफिया एजेंसी ने कई बार चेतावनी दी है कि कनाडा-आधारित खालिस्तानी चरमपंथी घरेलू सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन चुके हैं। HCF का कहना है कि जो लोग हिंसा को भड़काते हैं, उनकी पहचानकर जवाबदेही तय की जाए।

चंडीगढ़ में नर्सिंग कॉलेज चेयरमैन पर आरोप: 8 छात्राओं ने किया कोर्ट में खुलासा

हिसार हरियाणा के हिसार स्थित एक प्राइवेट नर्सिंग कॉलेज के चेयरमैन को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट से जमानत मिल गई। चेयरमैन जगदीश गोस्वामी पर छात्राओं के यौन उत्पीड़न और SC/ST एक्ट जैसी धाराओं के तहत FIR हुई थी। गोस्वामी करीब 3 महीने जेल में रहा।  इस मामले में अब कोर्ट का ऑर्डर आने के बाद छात्राओं के लगाए आरोप सामने आए हैं। जिसमें छात्राओं ने कहा- जबरन बाथरूम में फंसाकर उनकी ब्रा स्ट्रैप खींचने की कोशिश की। हॉस्टल में आकर पैर दबाने को कहा। सोते वक्त गुपचुप ढंग से चादर हटा दी। ऐसे ही कई गंभीर आरोप छात्राओं ने लगाए। हालांकि इस मामले में गोस्वामी के वकील ने कहा था कि कई छात्राओं ने एफिडेविट दिया कि सब गलतफहमी में हुआ है। जो अब सुलझ गया है। वहीं कोर्ट ने कहा कि आरोपी पर पहले कोई केस नहीं है। ट्रायल में ही आरोपों की सच्चाई पता चलेगी। जिसमें समय लगेगा। इसलिए उसे जमानत दी जाती है। 27 मार्च को जमानत के बाद अब इसकी केस की कॉपी से छात्राओं के बयान सामने आए हैं। कॉलेज की 8 छात्राओं की चेयरमैन को लेकर शिकायत पढ़ें.. 1. बाथरूम में फंसाया, टी-शर्ट उतारी, बासी रोटी खाने को कहा एक लड़की ने अपने साथ हुई 3 घटनाओं के बारे में बताया। उसने कहा- एक बार जब वह हॉस्टल में अपने कमरे में जा रही थी, तो जगदीश गोस्वामी ने उसे टेबलेट दिखाने के लिए बुलाया और बाथरूम में फंसाकर उसका शारीरिक उत्पीड़न करने का प्रयास किया। उसने उसके कंधे, कमर और ब्रेस्ट को छूने की कोशिश की। उसने उसकी टी-शर्ट उतारने के बाद ब्रा की स्ट्रैप भी खींचने की कोशिश की। इसके बाद उसने लगातार उसे परेशान किया, जिसमें थप्पड़ मारना, बाल खींचना, कान मरोड़ना और अनचाहा स्पर्श शामिल था। दूसरी घटना में लड़की ने बताया कि जगदीश गोस्वामी हॉस्टल आया और उसे दूसरी लड़की के कमरे में बुलाया और उससे अपने पैर दबाने को कहा। जब उसने मना कर दिया, तो उसने कहा, "क्या तुम इतनी बड़ी हो गई हो कि मुझे मना करोगी?" और जबरदस्ती उससे पैर दबवाने की कोशिश की। तीसरी घटना में छात्रा ने कहा कि जब वह खाना लेने हॉस्टल मेस गई, तो उसने उससे पूछा कि उसे क्या चाहिए। उसने जवाब दिया "रोटी"। उसने हॉस्टल मेस से एक बासी रोटी उठाई और कहा- यह लो और जाओ, यही खाने लायक है। 2. गोस्वामी कमरे में आया, चादर हटाई, शॉर्ट्स में थी दूसरी छात्रा का आरोप था कि 20 अप्रैल 2025 को वह अपने रूम में सो रही थी। इसी दौरान जगदीश गोस्वामी उसके कमरे में आया। उसने उसकी कमर से चादर हटाई और कहा, "ओह, मैंने तुम्हारे शरीर को छुआ है, इसे फिर से ढक लो।" उस समय छात्रा ने सनड्रेस और शॉर्ट्स पहने हुए थे। 3. खत्म करने की धमकी दी, सिर पर सेब रखवाया, पीछे से तीर मारा तीसरी छात्रा ने कहा- जब से मैंने स्ट्राइक में हिस्सा लिया, तब से उसे पर्सनली टारगेट किया जा रहा था और उसे धमकी दे रहा था कि “मैं तुम्हें खत्म कर दूंगा।” कॉलेज मैनेजमेंट और चेयरमैन के फीस बढ़ाने के बाद, स्टूडेंट्स का एक ग्रुप अपनी शिकायतों पर बात करने के लिए इकट्ठा हुआ। उसने बातचीत के दौरान एक सवाल उठाया। अगले दिन, जब वह और उसकी क्लासमेट लगभग 11:15 बजे ब्रेक के समय टहल रहे थे, तो चेयरमैन ने उसे बुलाया और अपने घर पर पर्सनली मिलने के लिए कहा। चेयरमैन ने उसे टारगेट प्रैक्टिस के लिए अपने सिर पर एक सेब रखने को कहा। जब उसने अपनी क्लासमेट के सामने मना किया, तो पीछे से उस पर एक तीर चला दिया गया। छात्रा ने कहा- कई बार, उसे बहुत ज्यादा तकलीफ हुई, जिसके बारे में पूरे स्टाफ को पता था। इसके बावजूद, जब उसे आराम की जरूरत थी, तो उसे ऊपर नहीं जाने दिया गया, न ही कोई दवा दी गई। उससे कहा गया कि वह हॉस्पिटल तभी जाएगी, जब उसकी हालत और खराब हो जाएगी और खराब सेहत के बावजूद उसे भर्ती रहना पड़ा। हालांकि, उसने जींद सिविल चार्ज 500 रुपए होने की वजह से हॉस्पिटल जाने से मना कर दिया। छात्रा ने आगे कहा- इंस्पेक्शन के दौरान उससे काम करवाया गया। उस समय, फिसलकर गिरने की वजह से उसके पैर में फ्रैक्चर था और उसके पास PGI खानपुर से इस बारे में एक मेडिकल रिपोर्ट थी। उसे न तो किसी हॉस्पिटल ले जाया गया और न ही कोई मेडिकल सुविधा दी गई। बार-बार घर जाने की शिकायत करने के बावजूद उसे जाने नहीं दिया गया। जब उसका भाई उसे लेने आया, तो उन्होंने झूठा दावा किया कि उन्हें उसकी हालत के बारे में कोई जानकारी नहीं है। 4. मेरे भाई को बॉयफ्रेंड कहा, गुंडा भी बताया चौथी छात्रा ने कहा- दिवाली से कुछ दिन पहले मुझे मेरा भाई लेने आया था। हमें खाटू श्याम जाना था। शुरू में स्टाफ ने मुझे जाने से मना कर दिया। जब मैंने विरोध किया तो स्टाफ मेंबर्स ने मेरे भाई के साथ बुरा बर्ताव किया। उन्होंने आगे पूछा कि क्या वह मेरा बॉयफ्रेंड है, जबकि वह हर बार मुझे लेने आता था और मेरी फोटो भी आउटपास पर है। जब मैंने यह बात प्रिंसिपल से कही, तो उन्होंने कहा- तुम्हारा भाई गुंडा है। 5. मेरे चेहरे पर गंदा पानी डाला, घर आने को कहा पांचवीं छात्रा ने कहा- चेयरमैन जगदीश गोस्वामी ने मुझे और मेरी फ्रेंड को नई कार खरीदने के मौके पर मिठाई बांटने के लिए बुलाया। उन्होंने मुझे आगे बुलाया और पूछा, “तुम्हारे हाथ में क्या है?” फिर उन्होंने मेरे चेहरे पर गंदा पानी डाल दिया, जिससे उसके कपड़े गीले हो गए और पूछा, “क्या तुम गुस्से में हो?” मैंने जवाब दिया, “सर, प्लीज अपनी मिठाई रख लो।” वहां जमा हुए सभी लोगों ने कहा कि यह एक मजाक था और उससे अपने कपड़े साफ करने को कहा, यह कहते हुए कि इससे कोई नुकसान नहीं है। चेयरमैन ने दूसरी लड़कियों के साथ भी तीन-चार बार बेइज्जती वाली हरकतें कीं। छात्रा ने आगे बताया- एक दिन, जब वह अपनी क्लासमेट के साथ क्लास जा रही थी, तो चेयरमैन ने उन्हें बुलाया और कहा कि वे अपने सिर पर सेब रखकर खड़ी हों। फिर उन्होंने शीशे … Read more

जालंधर समेत पूरे पंजाब में गर्मी से राहत अगले दो दिनों में गिरेगा पारा

  जालंधर। पंजाब में लगातार मौसम बदल रहा है। आने वाले कुछ दिनों तक मौसम ऐसे ही मेहरबान रहने वाला है, जिससे लोगों से गर्मी से बड़ी निजात मिलने वाली है। रुक रुक कर हो रही बारिश के साथ अब 3 अप्रैल तक मौसम ऐसा ही रहने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार 30 मार्च को कई जगह हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 31 मार्च से 3 अप्रैल के बीच कुछ स्थानों पर बारिश जारी रह सकती है। इसके बाद भी मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। तापमान अगले दो दिनों में 2 से 4 डिग्री तक गिर सकता है। बारिश का असर कई जिलों में देखने में आ सकता है। आने वाले दिनों का पूर्वानुमान आने वाले दिनों में भी पंजाब का मौसम ऐसा ही रहने की संभावना है। 31 मार्च को कई जिलों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी और कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है। वहीं 1 अप्रैल को भी राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग ने लोगों को सावधान रहने और खराब मौसम के दौरान जरूरी एहतियात बरतने की सलाह दी है। आपको बता दें कि हालांकि बारिश के कारण अब लोगों को धूप से राहत मिल गई है।  

महावीर जयंती की सरकारी छुट्टी घोषित, पंजाब में शैक्षणिक संस्थान और ऑफिस बंद

चंडीगढ़. पंजाब में मंगलवार को सरकारी छुट्टी रहने वाली है। इसके चलते पूरे राज्य में स्कूल, कॉलेज और सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे। दरअसल, राज्य सरकार ने मंगलवार, 31 मार्च को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। यह फैसला महावीर जयंती के पावन अवसर को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। सरकार द्वारा जारी जानकारी के अनुसार 31 मार्च को गजटेड छुट्टी घोषित की गई है। राज्य सरकार ने इस संबंध में आधिकारिक तौर पर ऐलान भी किया है, ताकि आम जनता को सरकारी कामकाज और शैक्षणिक संस्थानों के बंद रहने की जानकारी पहले से मिल सके। भगवान महावीर का जन्म यह दिन जैन धर्म के 24वें और अंतिम तीर्थंकर भगवान महावीर के जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है। उनका जन्म लगभग 6वीं सदी ईसा पूर्व में कुंडलपुर (वैशाली) में हुआ था। भगवान महावीर ने दुनिया को “जियो और जीने दो” का सिद्धांत दिया। उनका सबसे बड़ा ऐतिहासिक योगदान अहिंसा के प्रचार में है, जिसका मतलब है किसी भी जीव को मन, वचन या कर्म से कष्ट न पहुंचाना। उन्होंने उस समय के समाज में प्रचलित जात-पात और कर्मकांडों का विरोध किया और सभी जीवों की समानता पर जोर दिया। क्या-क्या रहेगा बंद और किस पर पड़ेगा असर 31 मार्च को पंजाब में सभी सरकारी कार्यालय, स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे। इसका असर शिक्षा और प्रशासन से जुड़े कामों पर साफ तौर पर दिखाई देगा। अगर आपको किसी सरकारी सेवा या संस्थान से जुड़ा काम करना है, तो बेहतर होगा कि उसे इस तारीख से पहले ही पूरा कर लें। इससे किसी भी तरह की देरी या परेशानी से बचा जा सकता है। पहले भी मिली थी छुट्टी, अब फिर एक और मौका मार्च महीने में इससे पहले 26 मार्च को रामनवमी के अवसर पर भी राज्य में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया था। यानी महीने के अंत तक लोगों को एक से ज्यादा छुट्टियां मिल चुकी हैं। लगातार मिल रही इन छुट्टियों के कारण लोगों को थोड़ा ब्रेक लेने और परिवार के साथ समय बिताने का अच्छा मौका मिल रहा है।

नशा विरोधी अभियान में फरीदकोट ने गाड़े झंडे, पंजाब के टॉप जिलों में बनाई अपनी पहचान

फरीदकोट भगवंत मान सरकार के नशा विरोधी अभियान के तहत पंजाब का फरीदकोट जिला एक मजबूत उदाहरण बनकर सामने आया है. जिले में कुल अपराध में 37% की गिरावट दर्ज की गई है, जबकि लूटपाट के मामलों में 97% रिकवरी दर हासिल हुई है. यह "युद्ध नशेयां विरुद्ध" और ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत लगातार चल रही कार्रवाई का परिणाम है।  फरीदकोट में यह बदलाव सख्त कार्रवाई, तकनीक आधारित निगरानी और मजबूत जनभागीदारी के संयोजन से संभव हुआ है. इन प्रयासों ने स्थानीय स्तर पर नशा नेटवर्क को कमजोर किया है और कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाया है. भगवंत मान सरकार का नशे के तंत्र को खत्म करने का अभियान अब जिला स्तर पर साफ दिखाई देने लगा है।  पुलिस अधिकारियों के अनुसार ग्राम रक्षा समितियों (VDC), गैर-सरकारी संगठनों (NGO) और सामाजिक संस्थाओं के साथ नियमित बैठकों से जमीनी स्तर की खुफिया जानकारी मजबूत हुई है. इसके चलते लोग अब नशा तस्करों और असामाजिक तत्वों की जानकारी सक्रिय रूप से साझा कर रहे हैं, जिससे पुलिस को तेजी और सटीकता के साथ कार्रवाई करने में मदद मिल रही है।  अभियान की निगरानी कर रहीं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रज्ञा जैन, आईपीएस ने कहा, “लोगों का पुलिस पर भरोसा बढ़ा है क्योंकि सूचनादाताओं की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है और तुरंत कार्रवाई की जाती है. हर आयु वर्ग के लोग इस अभियान में सक्रिय रूप से सहयोग कर रहे हैं.” उन्होंने कहा कि यह विश्वास नशे और अपराध के खिलाफ कार्रवाई में एक महत्वपूर्ण ताकत बनकर उभरा है।  इस बदलाव में तकनीक की भी अहम भूमिका रही है. फरीदकोट के प्रमुख स्थानों पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरों ने निगरानी और प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत किया है. ढिलवां कलां गांव में एक व्यापक सीसीटीवी नेटवर्क स्थापित किया गया है, जो लिंक सड़कों और आसपास के राजमार्गों को कवर करता है. इस प्रणाली की रियल-टाइम निगरानी गांव प्रशासन और पुलिस दोनों के पास उपलब्ध है, जिससे संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।  स्थानीय लोगों ने भी इन प्रयासों के असर को स्वीकार किया है. गांव के सरपंच सुखजीत सिंह ने बताया कि सीसीटीवी निगरानी के जरिए नशा तस्करी से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियों का समय रहते पता चल रहा है, जिससे पुलिस तुरंत कार्रवाई कर पा रही है और अपराध होने से पहले ही आरोपियों को पकड़ा जा रहा है।  सिविल सोसायटी के प्रतिनिधियों ने भी इस बदलाव को सकारात्मक बताया है. सहारा सेवा सोसाइटी के चेयरमैन प्रवीण काला ने कहा कि सख्त कार्रवाई से जिले में नशा तस्करी के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है और पुलिस के साथ लोगों का सहयोग लगातार बढ़ रहा है।  अधिकारियों ने बताया कि सख्त कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता अभियान, स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय और पर्यावरण व पौधारोपण जैसी सामुदायिक पहल भी चलाई जा रही हैं, ताकि नशे के खिलाफ दीर्घकालिक सामाजिक बदलाव सुनिश्चित किया जा सके।  भगवंत मान सरकार के "युद्ध नशेयां विरुद्ध" अभियान के तहत सख्त पुलिसिंग, तकनीक का प्रभावी उपयोग और मजबूत जनभागीदारी के साथ फरीदकोट एक आदर्श जिले के रूप में उभर रहा है. यह दिखाता है कि समन्वित प्रयासों से नशा नेटवर्क को कमजोर किया जा सकता है और कानून-व्यवस्था में जनता का विश्वास और मजबूत किया जा सकता है। 

पंजाब कांग्रेस नेता के बेटे का सुसाइड, वीडियो में चंडीगढ़ के बिल्डर पर ₹4 करोड़ के फ्रॉड का आरोप

बठिंडा पंजाब के बठिंडा जिले में कांग्रेस से जुड़े दिवंगत नेता सुखराज सिंह नत्त के इकलौते बेटे और पेशे से एडवोकेट दविंदर पाल सिंह नत्त (32) ने कथित तौर पर अपनी लाइसेंसी पिस्टल से खुद को गोली मारने की घटना में अब सुसाइड वीडियो सामने आया है। आत्महत्या से पहले उन्होंने करीब 8 मिनट 45 सेकंड का एक वीडियो रिकार्ड किया और एक पन्ने का सुसाइड नोट भी छोड़ा है। अपने सुसाइड नोट व वीडियो में उन्होंने मोहाली-जीरकपुर के एक नामी बिल्डर और उसके परिवार को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है। घटना की सूचना मिलते ही थाना कैनाल कालोनी व वर्धमान पुलिस चौंकी की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मौके से सुसाइड नोट और वीडियो को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह मामला 5.5 करोड़ों रुपये के लेन-देन और कथित धोखाधड़ी से जुड़ा बताया जा रहा है। मृतक एडवाेकेट दविंदर नत्त ने अपने वीडियो और सुसाइड नोट में खुलासा किया कि माेहाली-जीरकपुर के बिल्डर बिंदरपाल मित्तल, उसके बेटे प्रतीक मित्तल और भरत मित्तल ने उनसे भारी रकम ली थी, जो वापस नहीं की जा रही थी। उन्होंने दावा किया कि उन्हें खुद करीब साढ़े 5 करोड़ रुपये लेने थे। इसके अलावा उन्होंने अपने दोस्तों और जान-पहचान वालों से भी 6-7 करोड़ रुपये उक्त फर्म में निवेश करवाए थे। वीडियो में उन्होंने कहा कि “मेरे साथ बहुत बड़ा धोखा हुआ है। मैंने अपनी पूरी जिंदगी की जमा पूंजी, यहां तक कि पिता की जमीन बेचकर आए पैसे, बीमा की रकम और घर की बचत तक उन्हें दे दी, लेकिन अब वे पैसे लौटाने से मुकर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस आर्थिक दबाव के कारण वे गहरे मानसिक तनाव में थे। उनपर एसबीआई बैंक का करीब 80 लाख रुपये का कर्ज भी था, जिसने उनकी परेशानियों को और बढ़ा दिया। नेताओं और मंत्रियों से भी नहीं मिला इंसाफ वीडियो में दविंदर नत्त ने कहा कि उन्होंने न्याय पाने के लिए कई नेताओं और मंत्रियों के दरवाजे भी खटखटाए। उन्होंने बताया कि उन्होंने कैबिनेट मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां से भी मदद की गुहार लगाई थी, लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिली। उन्होंने कहा कि मैंने हर संभव कोशिश की, राजनीतिक दबाव भी डलवाया, लेकिन मुझे कहीं से इंसाफ नहीं मिला। अब मेरे पास कोई रास्ता नहीं बचा है। परिवार के लिए छोड़ा भावुक संदेश वीडियो में दविंदर नत्त बेहद भावुक नजर आए। उन्होंने अपने दिवंगत पिता सुखराज सिंह नत्त से माफी मांगते हुए कहा कि वह उनका सपना पूरा नहीं कर सके। उन्होंने अपनी बुजुर्ग मां, बीमार पत्नी और बहनों का जिक्र करते हुए समाज और वकील समुदाय से उनके परिवार को संभालने और न्याय दिलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि मेरी मां अकेली है, उसका ख्याल रखना। अगर हमारा परिवार कभी आपके काम आया हो, तो अब मेरा साथ देना और मेरे परिवार को इंसाफ दिलाना। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी मौत के बाद किसी को परेशान न किया जाए, लेकिन जिन लोगों पर उन्होंने आरोप लगाए हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई जरूर होनी चाहिए। पोस्टमार्टम न कराने की अपील वीडियो में उन्होंने अपनी अंतिम इच्छा जताते हुए कहा कि उनके शव का पोस्टमार्टम न कराया जाए, लेकिन पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया के तहत शव का पोस्टमार्टम करवाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। इस घटना के बाद इलाकों में शोक की लहर दौड़ गई है। स्थानीय लोगों और वकील समुदाय में इस घटना को लेकर भारी रोष है। लोग आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। बता दे कि कि मृतक के पिता सुखराज सिंह नत्त कांग्रेस के प्रभावशाली नेता रहे हैं और मौड़ विधानसभा क्षेत्र से तीन बार चुनाव लड़ चुके थे। कांग्रेस सरकार के दौरान उन्हें वेवको का चेयरमैन भी बनाया गया था। दविंदर नत्त परिवार के इकलौते बेटे थे और उनके निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनके पीछे बुजुर्ग मां, बीमार पत्नी और बहनें हैं। उनकी कोई संतान नहीं थी। पुलिस हर पहलू से कर रही जांच इस पूरे मामले को लेकर एसपी सिटी नरिंदर सिंह का कहना है कि पुलिस को सूचना मिली थी कि डबवाली रोड पर स्थित गण्पति इनक्लेव के निवासी व दविंदर पाल सिंह नत्त (32) ने कथित तौर पर अपनी लाइसेंसी पिस्टल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले उन्होंने करीब 8 मिनट 45 सेकंड का एक वीडियो रिकार्ड किया और एक पन्ने का सुसाइड नोट भी छोड़ा। सुसाइड नोट में उन्होंने मोहाली-जीरकपुर के एक नामी बिल्डर और उसके परिवार को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि सुसाइड नोट और वीडियो की जांच की जा रही है और जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, उनकी भूमिका की भी पड़ताल की जाएगी। फिलहाल मृतक की मां के बयानों के आधार पर थाना कैनाल कालोनी में सुसराइड नोट में जिन लोगों के नाम शामिल किए गए है, उनके खिलाफ मामला दर्ज कर अगली कार्रवाई की जा रही है।

पंजाब दहला: अमृतसर के थाने पर ग्रेनेड अटैक, हमलावर मौके से फरार

अमृतसर. पंजाब के सरहदी जिले अमृतसर देहात क्षेत्र में स्थित भिंडी सैदा थाने के बाहर सोमवार धमाके की सूचना है। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जानकारी में इसे ग्रेनेड हमले की आशंका से जोड़कर देखा जा रहा है, हालांकि पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी फिलहाल इस बात से इनकार कर रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार, बाइक पर सवार दो अज्ञात युवक थाने के पास पहुंचे और वहां किसी विस्फोटक वस्तु को फेंक कर फरार हो गए। वस्तु गिरते ही जोरदार धमाका हुआ, जिससे आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। घटना के तुरंत बाद पुलिस की टीमें मौके पर पहुंच गईं और पूरे क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू कर दी गई। पुलिस अभी इसे ग्रेनेड अटैक नहीं मान रही पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी तक इस घटना को ग्रेनेड हमला नहीं माना जा रहा है और इसे एक मामूली धमाका बताया जा रहा है। हालांकि विस्फोट की प्रकृति और परिस्थितियों को देखते हुए जांच के सभी पहलुओं पर गंभीरता से काम किया जा रहा है। डीएसपी गुरिंदर पाल सिंह नगर ने बताया कि सारे मामले की जांच करवाई जा रही हैl पुलिस अभी इस विस्फोटक हमला नहीं मान रहीl डीएसपी ने बताया कि फोरेंसिक टीम की जांच के बाद ही इस बारे में कुछ स्पष्ट हो पाएगा लोगों ने दूर तक सुनी धमाके की आवाज स्थानीय लोगों का कहना है कि धमाका काफी तेज था और दूर तक इसकी आवाज सुनाई दी। घटना के बाद क्षेत्र में डर का माहौल बन गया है। लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की है। सूत्रों के अनुसार, इस घटना के पीछे शरारती तत्वों या किसी साजिश की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के असली कारणों का खुलासा किया जाएगा।