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कपूरथला के विक्की ने रचा इतिहास, लोहे की रॉड पर 40 सेकेंड में 64 पुश-अप्स कर तोड़ा वर्ल्ड रिकॉर्ड

कपूरथला  स्पोर्ट्स एथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) के फिट इंडिया कार्निवल का दूसरा दिन बेहद खास रहा है। पंजाब के सुल्तानपुर लोधी (कपूरथला) में जन्मे हरप्रीत सिंह उर्फ विक्की देओल ने वर्ल्ड बुक्स ऑफ रिकॉर्ड में अपना नाम बेहतर किया। उन्होंने 40 सेकेंड में 3 फीट हाइट पर 3 लोहे की रॉड पर हवा में रहते हुए अंगूठों के सहारे 64 पुश-अप्स कर डाले। इसी के साथ उन्होंने उस रिकॉर्ड को बेहतर किया, जो उन्होंने साल 2021 में कायम किया था। विक्की साल 2015 से इस तरह पुश-अप्स करने का अभ्यास कर रहे हैं, लेकिन पहली बार उन्होंने रिकॉर्ड के लिए पहली बार 2021 में प्रयास किया। 15 अगस्त, 2021 के दिन उन्होंने 40 बार इस तरह से पुश-अप्स करते हुए रिकॉर्ड बनाया था और अब उन्होंने रिकॉर्ड को बेहतर करते हुए 64 कर दिया। कराटे में 3 बार के ब्लैक बेल्ड होल्डर विक्की पंजाब के फिटनेस आइकन हैं। उनके इस प्रयास को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के अपूर्व मेनन, रणदीप सिंह कोहली, जसवीर सिंह शिंदा, संदीप डोगरा, गुरप्रीत सिंह और पंकज ठाकुर ने प्रमाणित किया। मेरा मकसद फिटनेस को घर-घर पहुंचाना है भास्कर से बात करते हुए विक्की ने कहा कि मैं तीसरी क्लास से खेलों के साथ जुड़ा हूं। मेरा हमेशा प्रयास यही रहा है कि मैं खुद को फिट रखूं और दूसरों को भी फिटनेस के लिए मोटिवेट करूं। मैं अपने जैसे फिटनेस लवर्स के साथ पंजाब के कई गवर्नमेंट स्कूलों में स्टूडेंट्स के साथ काम करता हूं, ताकि वे फिटनेस के प्रति बचपन से ही जागरूक हों।

पंजाब में गरमाई सियासत: मोगा में भाजपा कार्यक्रम के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन

चंडीगढ़ पंजाब के मोगा में भाजपा की रैली के दौरान किसानों ने काले झंडे दिखाकर विरोध जताया। विभिन्न किसान संगठनों ने राजनीतिक कैदियों की रिहाई, किसानों से जुड़े मुद्दों और केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर प्रदर्शन किया, जिससे राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई। मोगा में भाजपा रैली के दौरान किसानों का विरोध पंजाब के मोगा जिले में आयोजित भाजपा की राजनीतिक रैली के दौरान किसानों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। किसान संगठनों के कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाते हुए भाजपा नेताओं का घेराव किया और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारे लगाए। प्रदर्शनकारी समूहों का कहना था कि उनकी कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं और सरकार को इस पर गंभीरता से कदम उठाने चाहिए। किसान संगठनों की मांगें और प्रदर्शन का कारण किसान नेताओं ने बताया कि यह प्रदर्शन विभिन्न संगठनों के आह्वान पर किया गया। उनका कहना है कि सजा पूरी कर चुके सिख कैदियों और राजनीतिक बंदियों की रिहाई सहित कई मुद्दों पर सरकार को निर्णय लेना चाहिए। प्रदर्शन में शामिल किसान संगठनों का आरोप था कि केंद्र सरकार इन मामलों में संवैधानिक सिद्धांतों का पालन नहीं कर रही है, इसलिए उन्होंने रैली के दौरान विरोध दर्ज कराया। मोगा में आयोजित इस रैली को भाजपा ने पंजाब की राजनीति में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश के रूप में पेश किया। कार्यक्रम के दौरान पार्टी नेताओं ने राज्य में कानून-व्यवस्था, नशे की समस्या और विकास से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए मौजूदा सरकार की आलोचना की। भाजपा नेतृत्व का कहना है कि पंजाब में बदलाव की आवश्यकता है और पार्टी आने वाले चुनावों को ध्यान में रखकर सक्रिय रूप से अभियान चला रही है। विपक्ष और सियासी प्रतिक्रियाएँ रैली के बाद विपक्षी दलों ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। कुछ नेताओं ने कार्यक्रम को राजनीतिक दिखावा बताते हुए दावा किया कि राज्य में पार्टी को स्थानीय समर्थन नहीं मिल रहा। वहीं भाजपा नेताओं ने रैली में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी को अपनी बढ़ती राजनीतिक ताकत का संकेत बताया। इस घटनाक्रम के बाद पंजाब की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया। पंजाब लंबे समय से किसानों के आंदोलनों का केंद्र रहा है और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP), कृषि नीतियों और कर्ज राहत जैसे मुद्दे लगातार राजनीति में प्रमुख बने हुए हैं। किसान संगठनों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाएगा, तब तक विरोध जारी रहेगा। ऐसे में मोगा की यह घटना राज्य में किसान राजनीति और चुनावी रणनीतियों के बीच बढ़ते टकराव को भी दर्शाती है।

विश्वभर के विद्वान जुटेंगे ब्रैम्पटन में, तीन दिन तक चलेगा पंजाबी विचारों का महोत्सव

चंडीगढ़ कनाडा के ब्रैम्पटन में 17 से 19 जुलाई तक 12वां विश्व पंजाबी सम्मेलन आयोजित होगा। इसमें दुनिया भर के लेखक, विद्वान और सामाजिक चिंतक पंजाबी भाषा, साहित्य और संस्कृति के संरक्षण तथा वैश्विक विस्तार पर चर्चा करेंगे। ब्रैम्पटन में होगा विश्व पंजाबी सम्मेलन कनाडा के शहर Brampton में 17 से 19 जुलाई तक 12वां विश्व पंजाबी सम्मेलन आयोजित होने जा रहा है। यह तीन दिवसीय आयोजन पंजाबी भाषा, साहित्य और सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। सम्मेलन में विभिन्न देशों से लेखक, शिक्षाविद, कलाकार और सामाजिक चिंतक भाग लेंगे और पंजाबी समाज से जुड़े अहम मुद्दों पर विचार साझा करेंगे। सम्मेलन को पंजाबी चिंतकों और रचनाकारों के बड़े मंच के रूप में देखा जा रहा है, जहां भाषा, साहित्य और सांस्कृतिक पहचान से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी। कार्यक्रम में साहित्यिक सत्र, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और संवाद आयोजित किए जाएंगे, जिनमें प्रवासी पंजाबी समुदाय के योगदान और बदलते वैश्विक परिदृश्य में पंजाबी संस्कृति की भूमिका पर विशेष फोकस रहेगा। भाषा और संस्कृति के संरक्षण पर मंथन इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य पंजाबी भाषा के संरक्षण, प्रचार और आने वाली पीढ़ियों तक इसकी विरासत पहुंचाने के उपायों पर विचार करना है। विशेषज्ञ इस बात पर चर्चा करेंगे कि डिजिटल युग और प्रवासी समाज के बढ़ते प्रभाव के बीच पंजाबी भाषा को कैसे मजबूत बनाया जा सकता है और इसे शिक्षा तथा सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से कैसे आगे बढ़ाया जाए। सम्मेलन में दुनिया के कई देशों से पंजाबी समुदाय के प्रतिनिधि शामिल होंगे, जो अपने अनुभव और पहल साझा करेंगे। आयोजकों का मानना है कि विदेशों में बसे पंजाबी समाज ने भाषा और संस्कृति को जीवित रखने में अहम योगदान दिया है। ऐसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों से विभिन्न देशों में रहने वाले पंजाबी समुदाय के बीच संवाद और सहयोग को बढ़ावा मिलता है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों से बढ़ेगा उत्साह तीन दिवसीय सम्मेलन के दौरान साहित्यिक चर्चाओं के साथ-साथ संगीत, कविता पाठ और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से पंजाबी कला और परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि भाषा और संस्कृति के प्रति जुड़ाव और मजबूत हो सके।

बार काउंसिल चुनाव का असर: जालंधर कोर्ट में तीन दिन तक नहीं होगा काम

जालंधर. जालंधर की जिला बार एसोसिएशन ने बार काउंसिल ऑफ पंजाब एंड हरियाणा के आगामी चुनावों को लेकर कचहरी परिसर में 16, 17 और 18 मार्च को “नो वर्क डे” घोषित किया है। यह फैसला एसोसिएशन की एग्जीक्यूटिव कमेटी की बैठक में लिया गया। बार काउंसिल ऑफ पंजाब एंड हरियाणा के चुनाव 17 और 18 मार्च को पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में आयोजित किए जाएंगे। इसी को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है, ताकि सदस्य चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार कर सकें, साथियों से संपर्क कर सकें और अधिक से अधिक मतदान के लिए अपील कर सकें। एसोसिएशन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि “नो वर्क डे” किसी विरोध, धरने या हड़ताल के रूप में नहीं रखा गया है, बल्कि इसका उद्देश्य वकीलों को चुनावी प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेने का अवसर देना है। इससे अधिवक्ताओं को अदालत के काम और चुनावी गतिविधियों के बीच किसी तरह की दुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा। बताया गया है कि जालंधर से करीब 3500 अधिवक्ताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल हैं। सभी वकीलों से अपील की गई है कि वे बड़ी संख्या में मतदान में हिस्सा लें और वोट का उपयोग करें। इस बार जालंधर से बार काउंसिल चुनाव में चार उम्मीदवार मैदान में हैं और उम्मीद जताई जा रही है कि इनमें से कोई प्रतिनिधि बार काउंसिल में पहुंचकर जालंधर बार की आवाज को प्रभावी तरीके से उठाएगा।

चुनावी माहौल में नई रणनीति: पंजाब में भाजपा ने लगाए महाराजा रंजीत सिंह के कटआउट

जालंधर. मोगा में भारतीय जनता पार्टी की बदलाव रैली के दौरान आज कई कुछ ऐसा देखने को मिला, जो अकसर भाजपा की रैली में पहले कभी नहीं देखा गया। भाजपा वाकई ही पंजाब को लेकर इस बार कितनी गंभीर है, वो आज की रैली में देखने को मिला। रैली के दौरान कई इस तरह की व्यवस्थाएं की गईं, जिससे भाजपा की रैली की सफलता की संभावनाएं बढ़ गईं। मोगा में आज की रैली के दौरान स्थल के पास कुछ कटआऊट लगाए गए थे, जिनमें भाजपा के शीर्ष नेताओं के फोटो थे। लेकिन उसमें एक ऐसी तस्वीर थी, जो पंजाब के लोगों के लिए खास अहमियत रखती है। यह तस्वीर थी, शेरे पंजाब महाराज रंजीत सिंह की। उनकी तस्वीर के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ तथा पंजाब के बड़े नेताओं की तस्वीरें थीं। महाराजा रंजीत सिंह की तस्वीर को अगर भाजपा का मास्टरस्ट्रोक कहा जाए तो वह गलत नहीं होगा। महाराजा रंजीत सिंह पंजाब के इतिहास में युगपुरुष के तौर पर जाने जाते थे। जिन्होंने सिख मिसलों को एकजुट करने में अहम भूमिका निभाई। अफगान के आक्रमणों को रोका। अंग्रेजों को सीमाओं से दूर रखा और पंजाब को आर्थिक समृद्धि तथा सांस्कृतिक पुनर्गठन का केंद्र बनाया। उन्होंने 11 सिख मिसलों को एक झंडे के नीचे लाकर पंजाब को एक विशाल और संगठित साम्राज्य में बदला। शेर-ए- पंजाब की उपाधि से महाराजा रंजीत सिंह आज भी याद किए जाते हैं। पंजाब के लिए उनकी देन हर सिख हिंदू के लिए अहम भूमिका रखती है। भाजपा ने मोगा रैली के दौरान जिस तरह से महाराजा रंजीत सिंह को अहमियत दी, यह बात साबित करता है कि पंजाब को इस समय वाकई में ही ऐसे एक युगपुरुष की जरूरत है। महाराजा रंजीत सिंह ने कभी किसी को बेवजह तंग परेशान नहीं किया। कहा तो यह भी जाता है कि उन्होंने युद्ध के अलावा कभी किसी की जान नहीं ली और न ही कभी सिंहासन पर बैठे। हरमंदिर साहिब को सोने से सजाने का अभियान भी उनकी ही देन है। भाजपा इस कोशिश के साथ शायद यह संदेश देना चाहती है कि पंजाब में एक बार फिर से ऐसे साम्राज्य की जरूरत है, जहां पर आम जनता से जुड़ी समस्याओं का हल हो सके। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी अपने भाषण में महाराजा रंजीत सिंह का जिक्र करने के साथ साथ पंजाब का कर्ज, धर्म परिवर्तन, ड्रग्स, लॉ एंड आर्डर का जिक्र भी किया, जो इस समय सबसे बड़ी समस्याएं हैं।

स्टेज पर दिखा भावुक दृश्य: गुरदास मान ने छोटे सिद्धू के पैर छुए, मूसेवाला को कविता से किया याद

मानसा. पंजाबी संगीत जगत के वरिष्ठ गायक गुरदास मान रविवार सुबह दिवंगत गायक सिद्धू मूसेवाला के गांव मूसा पहुंचे। यहां उन्होंने मूसेवाला की हवेली में जाकर परिवार के सदस्यों से मुलाकात की। इस दौरान माहौल बेहद भावुक हो गया जब गुरदासमान ने पहले शुभदीप (सिद्धू मूसेवाला) के भाई के पैरों को छुआ और उसके बाद छोटे मूसेवाला ने भी उनके पैरों को छू सिर झुकाया। जानकारी के अनुसार गुरदास मान शनिवार रात मानसा में एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मंच से सिद्धू मूसेवाला को याद करते हुए विशेष रूप से लिखी गई कविता भी सुनाई। कविता की पंक्तियां सुनकर वहां मौजूद लोग भावुक हो गए। मान ने मंच से कहा था कि वह सिद्धू के शहर आए हैं और उसके घर गए बिना वापस नहीं लौटेंगे। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि सिद्धू मूसेवाला की आवाज और उसकी शायरी आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है। उन्होंने मंच से पंक्तियां पढ़ते हुए सिद्धू को श्रद्धांजलि दी और कहा कि उसके गीत और उसका जज्बा हमेशा याद रखा जाएगा। छोटे सिद्धू को देखते ही रह गए गुरदास मान रविवार सुबह गुरदास मान सीधे गांव मूसा पहुंचे। इस दौरान जब सिद्धू की माता चरण कौर ने उनका स्वागत किया तो गुरदास मान ने उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इसके बाद जब उन्होंने सिद्धू के छोटे भाई को देखा तो वे भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि यह तो बिल्कुल हूबहू शुभदीप जैसा दिखाई देता है, वही चेहरा और वही जज्बा नजर आता है। इसके बाद अचानक से गुरदास मान ने छोटे सिद्धू के पैरों को छू लिया। इसके बाद माता चरण कौर ने छोटे शुभदीप को गुरदास मान के पैर छूने को कहा। गुरदास मान ने छोटे सिद्धू के नन्हें हाथों को अपने हाथों में लिया और चूम लिया। बोले- क्या बात है, ग्रेट…। शुभदीप की तस्वीर को किया सेल्यूट इसके बाद गुरदास मान मूसेवाला की हवेली के अंदर गए। सबसे पहले उनकी तस्वीर को नमन किया। उन्होंने तस्वीर के सामने खड़े होकर श्रद्धांजलि अर्पित की और कुछ क्षण मौन भी रखा। इसके बाद गुरदासमान ने उनकी तस्वीर को सेल्यूट भी किया। गुरदास मान ने इस दौरान परिवार के साथ कुछ समय बिताया और सिद्धू मूसेवाला को याद करते हुए कहा कि उसका नाम और उसकी आवाज हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेगी। उनके इस दौरे के दौरान गांव मूसा में भावनात्मक माहौल बना रहा।

लुधियाना में एक्साइज पॉलिसी लागू: 32 शराब ग्रुप का रिन्यूअल, बढ़ी लाइसेंस फीस

लुधियाना. पंजाब सरकार की नई एक्साइज पॉलिसी के तहत वर्ष 2026-27 के लिए शराब के ठेकों की अलॉटमैंट रिन्यू प्रक्रिया के माध्यम से शुरू हो गया है। शुक्रवार को लुधियाना में कई लाइसैंसधारी ठेकेदारों ने सरकार द्वारा निर्धारित नियमों और शर्तों का पालन करते हुए अपने-अपने ठेकों को सफलतापूर्वक रिन्यू करवा लिया। विभागीय जानकारी के अनुसार इस वर्ष रिन्यूअल प्रक्रिया के तहत लाइसैंस फीस में लगभग 6.5 प्रतिशत वृद्धि की गई है, जबकि अन्य शुल्कों को मिलाकर कुल 7.1 प्रतिशत तक बढ़ौतरी तय की गई है। इसी आधार पर ठेकेदारों द्वारा अपने-अपने ग्रुप रिन्यू करवाए गए हैं। सूत्रों के अनुसार नई नीति के तहत इस बार लुधियाना जिले में शराब ठेकों के कुल 44 ग्रुप बनाए गए हैं। इनमें से 31 ग्रुप नगर निगम (एम.सी.) क्षेत्र से संबंधित हैं, जबकि 13 ग्रुप ग्रामीण क्षेत्रों के लिए निर्धारित किए गए हैं। शुक्रवार तक प्राप्त जानकारी के अनुसार लगभग 32 ग्रुपों के ठेके रिन्यू हो चुके हैं, जबकि 12 ग्रुप अभी रिन्यू प्रक्रिया से बाहर हैं। विभाग का कहना है कि जो ग्रुप रिन्यू नहीं हुए हैं, उन्हें अब ई-टैंडरिंग प्रक्रिया के माध्यम से अलॉट किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार ई-टैंडरिंग के जरिए पारदर्शिता बनी रहेगी और प्रतिस्पर्धा के आधार पर सरकार को बेहतर राजस्व मिलने की संभावना है। जानकारों का मानना है कि 7.1 प्रतिशत फीस वृद्धि के बावजूद कई पुराने ठेकेदारों ने अपने ग्रुप रिन्यू करवाना ही बेहतर समझा है। उनका कहना है कि यदि ठेके ई-टैंडरिंग में जाते हैं तो नई बोली प्रक्रिया में प्रतिस्पर्धा बढ़ने के कारण कीमतें और अधिक बढ़ सकती हैं। उधर एक्साइज विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नई पॉलिसी के तहत सभी लाइसैंसधारियों को सरकार द्वारा तय नियमों और शर्तों का सख्ती से पालन करना होगा। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बताया जा रहा है कि आने वाले कुछ दिनों में ई-टेंडरिंग के माध्यम से शेष ग्रुपों की अलॉटमैंट भी पूरी कर ली जाएगी जिसके बाद जिले में वर्ष 2026-27 के लिए शराब बिक्री व्यवस्था पूरी तरह लागू हो जाएगी। देसी शराब 20–30 रुपए तक महंगी होने की संभावना  नई एक्साइज पॉलिसी के तहत एक्साइज फीस में हुई बढ़ौतरी के कारण आने वाले समय में शराब की कीमतों में इजाफा होने की संभावना जताई जा रही है। कारोबार से जुड़े सूत्रों के अनुसार बढ़ी हुई फीस और संचालन खर्च को देखते हुए देसी शराब की एक बोतल पर करीब 20 से 30 रुपए तक बढ़ौतरी की गई है। कारोबारियों का कहना है कि नई पॉलिसी के तहत सरकार द्वारा ड्यूटी में वृद्धि की गई है, वहीं शराब कंपनियों ने भी अपने उत्पादों के दाम बढ़ाने शुरू कर दिए हैं। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि देसी शराब के साथ-साथ अंग्रेजी शराब और बीयर की कीमतों में भी बढ़ौतरी देखने को मिल सकती है। हालांकि अंतिम कीमतों का फैसला कंपनियों और बाजार की स्थिति को देखते हुए किया जाएगा। दीप नगर इलाके में नए ठेके के विरोध में प्रदर्शन महानगर के दीप नगर इलाके के पास नए शराब ठेके के खुलने पर स्थानीय निवासियों ने विरोध प्रदर्शन किया। लोगों का कहना था कि रिहायशी क्षेत्र में ठेका खुलने से माहौल प्रभावित होगा। विरोध के बाद फिलहाल बताया जा रहा है कि ठेके को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।

मौसम विभाग की चेतावनी: पंजाब में आंधी, बारिश और ओले गिरने की संभावना

लुधियाना. पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से पंजाब में शनिवार से मौसम बदल गया। कई जिलों में तेज हवा चली और बादल छाए रहे। इससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली और तापमान में भी कमी आई। अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान 28 से 31 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। मौसम केंद्र चंडीगढ़ के पूर्वानुमान के अनुसार, रविवार को प्रदेश में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने और हल्की से मध्यम वर्षा के साथ कई जगह ओलावृष्टि हो सकती है। इस संबंध में आरेंज अलर्ट जारी किया है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान हो सकता है। किसानों को खासकर, गेहूं, सब्जियों और अन्य फसलों को तेज हवा और ओलावृष्टि से बचाने के लिए सावधानी बरतने की जरूरत है। उधर हिमाचल प्रदेश के रोहतांग, बारालाचा व कुंजुम में शनिवार को फिर हल्का हिमपात हुआ। शिमला में बादल छाए रहे। मौसम विभाग ने रविवार से 19 मार्च तक कांगड़ा, मंडी व शिमला में आंधी चलने और ओलावृष्टि का आरेंज अलर्ट जारी किया है। हिमपात की भी संभावना है। हिमाचल में फरवरी में सामान्य से 85 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई और मार्च में वर्षा नहीं हुई है। ऐसे में फसलों और फलदार पौधों पर इसका असर पड़ रहा है। जम्मू-कश्मीर में भी हिमपात और वर्षा की संभावना है। मौसम विभाग के निदेशक डा. मुख्तार अहमद ने बताया कि 21 मार्च से मौसम में सुधार की उम्मीद है।

पंजाब में मौसम का खतरा! 13 जिलों के लिए SDMA का 3 घंटे का अलर्ट जारी

अमृतसर पंजाब में आज अचानक अचानक लोगों के फोन में अलर्ट मैसेज आने लगे हैं। बता दें कि पंजाब स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी ने अगले 3 घंटों के लिए मौसम को लेकर चेतावनी जारी की है। इस संबंध में लोगों को मैसेज भेजकर अलर्ट किया गया है। अथॉरिटी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार बरनाला, बठिंडा, फरीदकोट, फिरोजपुर, होशियारपुर, जालंधर, कपूरथला, लुधियाना, मलेरकोटला, मानसा, मोगा, संगरूर, शहीद भगत सिंह नगर में मौसम खराब रहने की संभावना है।   इन जिलों में बिजली चमकने, गरज और तेज हवाएं चल सकती हैं। प्रशासन ने लोगों को अलर्ट रहने की सलाह दी है। अथॉरिटी ने साफ किया है कि किसी भी तरह की इमरजेंसी होने पर लोग तुरंत 112 पर कॉल कर सकते हैं। इसके साथ ही पंजाब SDMA ने अगले 24 घंटों में अमृतसर, बरनाला, गुरदासपुर, होशियारपुर, जालंधर, कपूरथला, लुधियाना, संगरूर में बिजली, बारिश, ओले, तेज हवाएं और गरज के साथ बारिश होने की संभावना जताई है। 

ग्रीन ट्रांसपोर्ट की ओर कदम: जालंधर में शुरू होंगी 97 इलेक्ट्रिक बसें

जालंधर. जालंधर. शहर में प्रस्तावित प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के लिए ऐप भी डेवलप की जाएगी। लोगों को इस ऐप के जरिये हर बस की रीयल टाइम लोकेशन पता चलती रहेगी। ऐप बताएगी कि कौन-सी बस किस बस स्टॉप पर कब पहुंचेगी। बस की रीयल टाइम लोकेशन पता होने से यात्री बस स्टॉप पहुंचने के लिए अपना शेड्यूल तय कर सकेंगे। ऐप पर सभी रूट का मैप रहेगा। यही नहीं ऐप और बस सर्विस को इंटेग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से भी जोड़ा जाएगा। इससे कंट्रोल रूम में हर बस की जानकारी रहेगी और कहीं कोई मुश्किल आती है तो तुरंत सहायता उपलब्ध करवाना, रूट डायवर्ट करना आसान रहेगा। प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत 220 बस स्टॉप भी बनाए जाने हैं। विभिन्न कंपनियों से हो सकता है करार प्रत्येक बस स्टॉप पर करीब एक लाख रुपये खर्च आने का अनुमान है। बस स्टॉप निर्माण के लिए विभिन्न कंपनियों से करार किया जा सकता है। इसके बदले कंपनियां बस स्टॉप पर अपना विज्ञापन लगा सकेंगी। यह योजना अभी फाइनल नहीं हुई है। बस स्टॉप के निर्माण के लिए केंद्र फंड नहीं दे रहा है, इसलिए फंड का इंतजाम स्थानीय स्तर पर ही करना होगा। शहर में कई सालों से बस सर्विस बंद है। शहर में लोगों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट देने के लिए यह प्रोजेक्ट महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। बस सर्विस के लिए रूट फाइनल हो चुके हैं और इन रूटों पर दिक्कतों को दूर करने के लिए निगम का जोर लगाना होगा। यहीं नहीं सिटी बस सर्विस बंद होने का बड़ा कारण बनी ऑटो यूनियनों को भी संभालना होगा। अब ऑटो के साथ ही शहर में बड़ी गिनती में ई-रिक्शा भी चल पड़े हैं। शहर में सिर्फ दो ही बस डिपो-चार्जिंग को मंजूरी प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के लिए अब तीन के बजाय दो जगह चार्जिंग स्टेशन होंगे। बस स्टैंड पर चार्जिंग स्टेशन को केंद्र सरकार ने मंजूरी नहीं दी है। अब सिर्फ नगर निगम के लम्मा पिंड चौक स्थित वर्कशाप और निगम मुख्यालय के साथ खाली जमीन पर ही बस डिपो और चार्जिंग स्टेशन बनेगा। इन दोनों जगह पर बस डिपो और चार्जिंग स्टेशन बनाने के लिए एनआइटी ने सर्वे रिपोर्ट भी फाइनल कर दी है। दोनों साइट्स पर बस डिपो और चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने का खर्च भी दोगुना हो गया है। नगर निगम ने दोनों साइट्स पर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप करने के लिए चार करोड़ रुपये का एस्टीमेट बनाया था। एनआइटी की टीम ने जो सर्वे किया है उसमें बेहतर मटीरियल प्रस्तावित है और इसी वजह से बस डिपो-चार्जिंग स्टेशन का खर्च 9.25 करोड़ तक पहुंच गया है। इसमें 60 प्रतिशत पैसा केंद्र देगा और 40 प्रतिशत पंजाब सरकार और नगर निगम के हिस्से में है। स्मार्ट सिटी कंपनी ने फंड रिलीज करने के लिए केंद्र को पत्र भी लिख दिया है। यह पैसा केंद्र सरकार पहले ही सैंक्शन कर चुकी है और जैसे ही पैसा पहुंचेगा तो उसके हिसाब से टेंडर प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। सात, नौ और 12 मीटर की केंद्र से मिलेंगी ई-बसें बता दें कि प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के लिए केंद्र सरकार ने नगर निगम जालंधर को 97 बसें देने की मंजूरी दी है। यह बसें तीन साइज सात मीटर, नौ मीटर और 12 मीटर की होंगी। तंग इलाकों में भी ये छोटी बसें आसानी से चल सकेंगी।