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पंजाब में नई औद्योगिक नीति में रोजगार कंपनियों को सब्सिडी

चंडीगढ़. पंजाब कैबिनेट ने बुधवार को राज्य की नई औद्योगिक नीति 2026 को मंजूरी दे दी, जिसमें सबसे बड़ा बदलाव रोजगार सृजन से जुड़े प्रोत्साहनों को आसान बनाना है। राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति में रोजगार मुहैया करवाने वाली कंपनियों को सब्सिडी के रूप में प्रति कर्मचारी पैसा दिया जाएगा। पुरुषों के मामले में यह तीन हजार और महिलाओं को रोजगार देने में यह चार हजार रुपए दिए जाएंगे। अनुसूचित जाति/जनजाति और दिव्यांग कर्मचारियों के लिए 4000 रुपये प्रति माह तय की गई है। आईटी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए यह सहायता 5000 रुपये और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर में कार्यरत कर्मचारियों के लिए 7500 रुपये प्रति माह तक होगी। रोजगार , नई औद्योगिक नीति में मुख्य फोकस के रूप में रखा गया है इसका अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि सरकार ने अब तक बड़ी इंडस्ट्री में निवेश करने पर जो सब्सिडी दी जा रही थी उसे कम करके मध्यम दर्जे की इंडस्ट्री पर लाया गया है। यानी अब उद्योगों को रोजगार सब्सिडी के लिए पात्र होने हेतु 250 करोड़ रुपये निवेश और 1000 कर्मचारियों की शर्त पूरी नहीं करनी होगी। नई नीति में इस सीमा को घटाकर 25 करोड़ रुपये निवेश और 50 कर्मचारियों तक कर दिया गया है। सरकार का मानना है कि इस बदलाव से छोटे और मध्यम उद्योगों को भी प्रोत्साहन मिलेगा और राज्य में रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ेंगे। निवेश आकर्षित करने की कोशिश मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मंजूर इस नीति को पंजाब में निवेश आकर्षित करने और उद्योगों को प्रतिस्पर्धी माहौल देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि नई नीति के माध्यम से पंजाब को फिर से औद्योगिक निवेश के प्रमुख केंद्रों में शामिल किया जाए। यह पालिसी उस समय आई जब अगले हफ्ते सरकार मोहाली में औद्योगिक समिट करने जा रही है जहां बड़े उद्योगों को पंजाब में निवेश के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। यह नीति उद्योग जगत के व्यापक परामर्श के बाद तैयार की गई है। इसके लिए विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े विशेषज्ञों और उद्योग प्रतिनिधियों को शामिल करते हुए 24 सेक्टर कमेटियों का गठन किया गया था। इन समितियों ने उद्योगों से जुड़े मुद्दों और आवश्यकताओं पर विस्तृत चर्चा के बाद सरकार को 601 सिफारिशें सौंपीं, जिनमें से लगभग 77 प्रतिशत को नीति में शामिल किया गया। 20 अलग-अलग प्रकार के इंसेंटिव उपलब्ध होंगे नई औद्योगिक नीति का ढांचा इस तरह तैयार किया गया है कि निवेशकों को अपने प्रोजेक्ट के अनुसार प्रोत्साहन चुनने की सुविधा मिले। इसके तहत उद्योगों को लगभग 20 अलग-अलग प्रकार के इंसेंटिव उपलब्ध कराए जाएंगे। इनमें एसजीएसटी रीइंबर्समेंट, रोजगार सृजन सब्सिडी, बिजली ड्यूटी में छूट और स्टांप ड्यूटी में छूट प्रमुख हैं। इसके अलावा राज्य सरकार ने पहली बार उद्योगों के लिए कैपिटल सब्सिडी का प्राविधान भी किया है, जिससे नए उद्योगों को शुरुआती निवेश में राहत मिल सकेगी। इंसेंटिव की अवधि को बढ़ाया गया सरकार ने औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए इंसेंटिव की अवधि भी बढ़ा दी है। पहले उद्योगों को मिलने वाले प्रोत्साहन 7 से 10 वर्ष तक सीमित थे, जिन्हें अब बढ़ाकर 10 से 15 वर्ष कर दिया गया है। इससे निवेशकों को लंबे समय तक लाभ मिल सकेगा। नई नीति में कुछ क्षेत्रों को विशेष प्राथमिकता दी गई है। इनमें फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, स्पोर्ट्स गुड्स, ऑटो और ऑटो कंपोनेंट, इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी-आईटीईएस, इलेक्ट्रिक व्हीकल, डिफेंस और एयरोस्पेस जैसे सेक्टर शामिल हैं। इन क्षेत्रों में निवेश करने वाली इकाइयों को 25 प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जाएगा। बॉर्डर एरिया के लिए विशेष पैकेज इसके साथ ही सीमावर्ती जिलों में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए विशेष पैकेज की घोषणा की गई है। पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर और फाजिल्का जैसे जिलों में स्थापित होने वाले उद्योगों को भी 25 प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जाएगा। सरकार का कहना है कि इससे सीमावर्ती क्षेत्रों में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। स्टार्टअप और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए भी नीति में कई प्रावधान किए गए हैं। शुरुआती स्टार्टअप के लिए सीड ग्रांट को 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा स्टार्टअप के विस्तार के लिए 10 लाख रुपये की दूसरी किस्त का प्राविधान भी किया गया है। मोहाली में इनोवेशन हब स्थापित करने की योजना राज्य सरकार मोहाली में इनोवेशन और स्टार्टअप हब स्थापित करने की योजना बना रही है, जिसे उत्तर भारत की ‘सिलिकॉन वैली’ के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। नीति में पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर दिया गया है। उद्योगों को जीरो लिक्विड डिस्चार्ज सिस्टम स्थापित करने के लिए 10 करोड़ रुपये तक की सब्सिडी और पराली आधारित बॉयलर अपनाने के लिए 7.5 करोड़ रुपये तक की सहायता देने का प्रावधान किया गया है। उद्योगों को सस्ती बिजली उपलब्ध कराने के लिए भी कई कदम उठाए गए हैं। आईटी और डेटा सेंटर को औद्योगिक दरों पर बिजली देने के साथ ही ईवी चार्जिंग स्टेशनों के लिए 5 रुपये प्रति यूनिट टैरिफ तय किया गया है। 45 कार्य दिवसों के भीतर अनुमतियां देने का लक्ष्य सरकार का कहना है कि इन सुधारों से उद्योगों के लिए लागत कम होगी और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा उद्योग लगाने की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए फास्ट ट्रैक पोर्टल के जरिए समयबद्ध मंजूरी की व्यवस्था भी की गई है, जिसके तहत 45 कार्य दिवसों के भीतर अनुमतियां देने का लक्ष्य रखा गया है। राज्य सरकार का अनुमान है कि नई औद्योगिक नीति के लागू होने के बाद आने वाले वर्षों में पंजाब में बड़े पैमाने पर निवेश आएगा और हजारों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। सरकार ने 2026 तक लगभग 75,000 करोड़ रुपये के औद्योगिक निवेश का लक्ष्य तय किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर नीति का प्रभावी क्रियान्वयन होता है और बिजली, भूमि व लॉजिस्टिक्स से जुड़ी चुनौतियों का समाधान किया जाता है तो पंजाब में औद्योगिक विकास को नई गति मिल सकती है।

पंजाब में नए सत्र के अप्रैल से ही खुलेंगे स्कूल

लुधियाना. शिक्षा विभाग को निजी स्कूलों की मनमानियों के खिलाफ लिखित आदेश जारी करने पड़ गए। मामला कुछ निजी स्कूलों द्वारा अप्रैल की बजाय मार्च में ही नया सैशन शुरू करने को लेकर जुड़ा है। सी.बी.एस.ई. ने भी जहां स्कूलों को पत्र जारी करने की तैयारी कर ली थी, वहीं जिला शिक्षा विभाग ने सरकार की हिदायतों का हवाला देते हुए सभी निजी स्कूलों चाहे किसी भी बोर्ड से संबंधित हो, को आदेश जारी कर दिया है कि विद्यार्थियों के लिए कक्षाएं 1 अप्रैल से ही शुरू की जाएं. कोई भी स्कूल मार्च में किसी भी क्लास के विद्यार्थियों को नए सैशन की क्लासों के लिए नहीं बुलाएगा। बता दें कि कई स्कूलों ने 1 अप्रैल से पहले ही सैशन ख़त्म करते हुए नए सैशन की क्लासेज अभी से शुरू कर दी थीं। इस बारे डी.ई.ओ. डिम्पल मदान ने बाकायदा पत्र भी जारी कर दिया है। अब देखना है कि निजी स्कूल डी.ई.ओ. की बात को कितनी गंभीरता से लेते हैं और डी.ई.ओ. अपने आदेश लागू करवाने के लिए क्या कदम उठाएंगी? यही नहीं डी.ई.ओ. की ओर से जारी पत्र में शिक्षा के क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों और अभिभावकों के आर्थिक शोषण को रोकने के लिए शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। आदेश में निजी स्कूल प्रबंधकों द्वारा किताबों और वर्दी के नाम पर की जा रही मनमानी पर नकेल कसने की तैयारी की है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि शिक्षा की आड़ में पब्लिशर्स के साथ मिलकर किए जा रहे 'कमीशन के खेल' को अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग ने जिले के सभी निजी स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि वे शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा-वार किताबों और वर्दी की पूरी सूची अपनी आधिकारिक वैबसाइट के होम पेज पर अनिवार्य रूप से अपलोड करें। स्कूलों को इस आदेश के पालन के लिए केवल 3 दिन का समय दिया गया है। इस सूची में किताबों का शीर्षक (टाइटल), लेखक और प्रकाशक का नाम स्पष्ट रूप से दर्ज होना चाहिए, ताकि अभिभावक अपनी पसंद और बजट के अनुसार खुले बाजार से सामग्री खरीदने के लिए स्वतंत्र रहें। विभाग ने चेतावनी दी है कि इन आदेशों का अक्षरश: पालन सुनिश्चित कर दफ्तर को सूचित किया जाए। गैर-जरूरी किताबों का बोझ और अभिभावकों का शोषण विभिन्न स्कूलों में पढ़ रहे विद्यार्थियों के अध्यापकों ने अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि निजी स्कूलों द्वारा विद्यार्थियों पर ऐसी अनेक किताबों का बोझ डाल दिया जाता है, जिनका मुख्य पाठ्यक्रम (सिलेबस) से कोई सीधा संबंध नहीं होता। उदाहरण के तौर पर कई स्कूलों में छठी कक्षा के विद्यार्थियों के लिए आर्टिफिशियल इंटैलीजैंस, फाइनैंशियल लिटरेसी, मार्कीटिंग, जनरल नॉलेज और मोरल साइंस जैसी महंगी किताबें अनिवार्य कर दी गई हैं। ये किताबें न केवल विद्यार्थियों के बैग का बोझ बढ़ा रही हैं, बल्कि अभिभावकों की जेब पर भी भारी पड़ रही हैं। अभिभावकों का आरोप है कि जब तक सभी बच्चे किताबें नहीं खरीद लेते, तब तक स्कूलों में इन्हें लाने का दबाव बनाया जाता है लेकिन एक बार बिक्री पूरी होने के बाद पूरे साल इन किताबों से कोई ठोस पढ़ाई नहीं करवाई जाती। वर्दी की मोनोपॉली होगी ख़त्म किताबों के साथ-साथ वर्दी बेचने के मामले में भी स्कूलों और चुनिंदा वैंडर्स की मिलीभगत सामने आती रही है। कई स्कूल हर साल वर्दी के रंग, डिजाइन या लोगो में मामूली बदलाव कर देते हैं जिससे अभिभावक पुरानी वर्दी का उपयोग नहीं कर पाते और उन्हें नए सैट खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ता है। इसके अलावा स्कूलों द्वारा कुछ खास दुकानों को ही अधिकृत किया जाता है जहां वर्दी और अन्य सहायक सामग्री बाजार दर से कहीं अधिक कीमतों पर बेची जाती है। विभाग के नए आदेशों का उद्देश्य इस प्रकार की व्यापारिक एकाधिकार (मोनोपॉली) को समाप्त करना है। स्कूलों के अंदर काऊंटर लगाकर किताबें बेचने पर विशेष नजर विभागीय आदेशों के बावजूद कई स्कूल परिसरों के अंदर ही निजी काऊंटर लगाकर ऊंचे दामों पर किताबें और वर्दी बेची जा रही हैं। पिछले वर्ष भी इस संबंध में शिकायतें प्राप्त हुई थीं, परंतु समय की कमी के कारण ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी थी। इस बार शिक्षा विभाग ने ऐसे स्कूलों पर अपनी पैनी नजर रखी हुई है जो नियमों का उल्लंघन कर स्कूल के भीतर व्यावसायिक गतिविधियां चला रहे हैं। “अभिभावकों की ओर से किताबों और वर्दी को लेकर लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं जिसका संज्ञान लेते हुए यह आदेश जारी किए गए हैं। स्कूलों को तीन दिनों के भीतर अपनी वैबसाइट पर किताबों का पूरा विवरण सार्वजनिक करना होगा। किसी भी स्कूल को अभिभावकों पर किसी खास दुकान से सामग्री खरीदने के लिए दबाव बनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यदि कोई स्कूल इन आदेशों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।”

पैतृक गांव में कप्तान शुभमन गिल ने दादा-दादी के साथ बिताया समय

फाजिल्का. भारतीय वनडे टीम के कप्तान शुभमन गिल ने अपने पैतृक गांव जैमलवाला पहुंचने की तस्वीरों को अपने इंटरनेट मीडिया अकाउंट पर सांझा किया है। मिली जानकारी के अनुसार वह बीते दिन अपने दादा-दादी के पास गए थे। सबसे पहले उन्होंने अपने दादा-दादी के साथ समय बिताया और परिवार के साथ कई भावुक पल साझा किए। परिवार के बुजुर्गों के साथ मुलाकात के बाद उन्होंने सीधे गांव के खेल मैदान का रुख किया, जहां क्रिकेट सीख रहे नन्हे खिलाड़ी बेसब्री से उनका इंतजार कर रहे थे। मैदान में पहुंचते ही शुभमन गिल ने बच्चों के साथ पूरी सहजता से बातचीत शुरू की। उन्होंने खिलाड़ियों की प्रैक्टिस को ध्यान से देखा और उनके खेल में आ रही कमियों की ओर इशारा करते हुए तुरंत सुधार के सुझाव दिए। इस दौरान उनके साथ उनके दादा दीदार सिंह भी मौजूद रहे, जिन्होंने बच्चों को शुभमन के शुरुआती संघर्ष और मेहनत के किस्से भी सुनाए। नन्हें युवाओं को दिए बैटिंग टिप्स क्रिकेट के प्रति बच्चों का उत्साह देखकर शुभमन गिल भी काफी खुश नजर आए। उन्होंने खिलाड़ियों को बैटिंग तकनीक, संतुलन, फुटवर्क और शॉट चयन के बारे में विस्तार से समझाया। किसी खिलाड़ी को उन्होंने फ्रंट-फुट मूवमेंट सही करने की सलाह दी, तो किसी को बैट का फेस सही समय पर खोलने और सीधा खेलने के बारे में बताया। सिर्फ सलाह देने तक ही सीमित न रहते हुए शुभमन खुद भी नेट पर उतर गए और बल्लेबाजी करके बच्चों को सही तकनीक का उदाहरण दिया। जब गेंदबाजों ने तेज गेंदबाजी की तो उन्होंने उसी गति के अनुसार सही शॉट चयन दिखाया, जिससे युवा खिलाड़ियों को सीखने का अच्छा अवसर मिला। युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए दी खेल सामग्री इस दौरान शुभमन गिल ने गांव के खिलाड़ियों को क्रिकेट किट, ग्लव्स और अन्य जरूरी खेल सामग्री भी उपलब्ध करवाई। इससे बच्चों में नई ऊर्जा और उत्साह देखने को मिला। कई खिलाड़ियों ने कहा कि टीम इंडिया के कप्तान से सीधे सीखना उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा है। शुभमन गिल के पिता लखविंदर सिंह ने बताया कि बचपन से ही शुभमन का क्रिकेट के प्रति समर्पण अलग था। वह घंटों मैदान में अकेले अभ्यास करते रहते थे। गांव के खुले मैदानों में की गई वही मेहनत आगे चलकर उनके अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर बनने की मजबूत नींव बनी। गांव के बच्चों को संबोधित करते हुए शुभमन गिल ने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास ही खिलाड़ी को आगे बढ़ाते हैं। उन्होंने बच्चों को संदेश दिया कि अगर वे ईमानदारी से मेहनत करते रहें तो कोई भी सपना दूर नहीं रहता।

बिजली बिल होगा कम: पंजाब में बिजली दरों में 1.5 रुपये प्रति यूनिट की बड़ी कमी

चंडीगढ़ घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में 1.5 रुपये प्रति यूनिट तक की कमी की गई है। व्यावसायिक दुकानों/यूनिट्स के लिए बिजली दरों में 79 पैसे प्रति यूनिट तक की कमी आई है। औद्योगिक इकाइयों के लिए बिजली दरों में 74 पैसे प्रति यूनिट की कमी हुई है।   घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में 1.5 रुपये प्रति यूनिट तक की कमी की गई है। व्यावसायिक दुकानों/यूनिट्स के लिए बिजली दरों में 79 पैसे प्रति यूनिट तक की कमी आई है। औद्योगिक इकाइयों के लिए बिजली दरों में 74 पैसे प्रति यूनिट की कमी और ईवी चार्जिंग स्टेशनों के लिए बिजली दर घटाकर 5 रुपये प्रति यूनिट की गई है। यह देश में सबसे कम दरों में शामिल है। नए टैरिफ आदेश में उल्लेख है कि भगवंत मान सरकार के कार्यकाल में पीएसपीसीएल पहली बार एक कुशल और मुनाफा कमाने वाली कंपनी बनी है। पीएसपीसीएल को ए+ रेटिंग और एफवाई 2024-25 में 2634 करोड़ का मुनाफा है, जो मान सरकार के प्रयासों का परिणाम है।

बजट सत्र में नहीं चला सदन, पंजाब विधानसभा की कार्यवाही 8 मार्च तक टली

चंडीगढ़ पंजाब विधानसभा का बजट सेशन रविवार, 8 मार्च को सुबह 10 बजे तक के लिए टाल दिया गया है। सुबह बजट सेशन शुरू होते ही कांग्रेस ने भारी हंगामा किया और अलग-अलग मुद्दों पर सरकार को घेरा। कांग्रेसियों ने पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर सरकार के खिलाफ नारे लगाए और फिर विधानसभा से वॉकआउट कर दिया। कांग्रेस ने AAP के मंत्रियों और विधायकों पर सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने और विधानसभा परिसर में शिष्टाचार भंग करने के गंभीर आरोप लगाए। प्रताप सिंह बाजवा ने पंजाब में बेअदबी और एनकाउंटर की घटनाओं पर सरकार को घेरा और नारे लगाए। इसके बाद विपक्ष ने पंजाब में कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर हंगामा किया और प्रदर्शन के बाद कांग्रेस विधानसभा से वॉकआउट कर गई।

गोल्डन टेंपल में सोने की धुलाई सेवा, बर्मिंघम के सेवादार को जिम्मेदारी, केमिकल का प्रयोग नहीं होगा

अमृतसर  पंजाब के अमृतसर में सचखंड श्री हरमंदिर साहिब श्री दरबार साहिब (स्वर्ण मंदिर) के गुंबदों पर लगे सोने की धुलाई के कार्य शुक्रवार को प्रारंभ हो गया। शिरोमणि कमेटी ने इस कार्य का जिम्मा बर्मिंघम स्थित गुरु नानक निष्काम सेवक जत्था के प्रमुख भाई साहब भाई मोहिंदर सिंह को सौंपा है।इस अवसर पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी, सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के अतिरिक्त मुख्य ग्रंथी ज्ञानी अमरजीत सिंह और निष्काम सेवक जत्था के प्रमुख भाई साहब भाई मोहिंदर सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।   एसजीपीसी अध्यक्ष धामी ने कहा कि सचखंड श्री हरमंदिर साहिब में स्थापित सोने की स्वच्छता और रखरखाव को ध्यान में रखते हुए, इसकी समय-समय पर धुलाई की जाती है, जो गुरु नानक निष्काम सेवा जत्था बर्मिंघम के प्रमुख भाई साहब भाई महिंदर सिंह द्वारा संगत के सहयोग से की जाती है। उन्होंने कहा कि निष्काम सेवक जत्था यह सेवा नि:शुल्क प्रदान करता है। वे सचखंड श्री हरमंदिर साहिब, श्री अकाल तख्त साहिब, गुरुद्वारा बाबा अटल राय साहिब और घंटा घर ड्योढ़ी के गुंबदों पर स्थापित सोने की परत की भी धुलाई करेंगे। उन्होंने कहा कि निष्काम सेवक जत्था आवश्यकतानुसार सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के आंतरिक भाग में सोने की परत और तामचीनी की मरम्मत भी निरंतर करता रहता है। सफाई में केमिकल का प्रयोग नहीं भाई साहिब भाई महिंदर सिंह ने जानकारी दी कि यह सेवा अगले 10 से 12 दिनों तक चलेगी। उन्होंने बताया कि सोने की सफाई के लिए किसी भी प्रकार के रसायन (केमिकल) का प्रयोग नहीं किया जाता। इसके बजाय, रीठे को उबालकर उसके पानी और नींबू के रस जैसे प्राकृतिक तरीकों का उपयोग किया जाएगा, जिससे सोने की शुद्धता और चमक बनी रहे। इस अवसर पर अंतरिम सदस्य स. गुरप्रीत सिंह झब्बर, सदस्य भाई राजेंद्र सिंह मेहता, स. फुम्मन सिंह, बाबा सतनाम सिंह किला आनंदगढ़, सिख विद्वान भाई गुरबख्श सिंह गुलशन, सचिव स. बलविंदर सिंह काहलवां, निजी सचिव स. शाहबाज सिंह, श्री दरबार साहिब के मैनेजर स. भगवंत सिंह धंगेड़ा और निष्काम सेवक जत्थे के अन्य सेवादार व संगत भी उपस्थित थे। समय-समय पर की जाती है गोल्डन टेंपल के सोने की सफाई शिरोमणि कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने बताया कि श्री हरमंदिर साहिब के सोने की चमक और उसकी देखभाल के लिए समय-समय पर धुलाई की जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सेवा निष्काम सेवक जत्था बर्मिंघम द्वारा संगत के सहयोग से पूरी तरह निःस्वार्थ भाव से की जा रही है। इस सेवा के तहत श्री हरमंदिर साहिब के मुख्य गुंबद के अलावा श्री अकाल तख्त साहिब, गुरुद्वारा बाबा अटल राय साहिब और घंटा घर ड्योढ़ी के गुंबदों पर लगे सुनहरे पत्तरों की भी सफाई की जाएगी। दरबार साहिब के अंदरूनी हिस्से में सुनहरे पत्तरों और मीनाकारी की मरम्मत का कार्य भी लगातार जारी है।  इसी बीच, गुरु नानक निष्काम सेवक जत्था बर्मिंघम के प्रमुख ने बताया कि गुरु साहब की कृपा से, शिरोमणि समिति के सहयोग से जत्था प्रतिवर्ष सोने की धुलाई का कार्य करता है। इसी क्रम में, इस बार भी संगत विशेष रूप से सोने की धुलाई के लिए आई है। उन्होंने बताया कि यह सेवा लगभग 10-12 दिनों तक चलेगी, जिसके दौरान पवित्र स्थान के बाहरी हिस्से पर लगे सोने की धुलाई प्राकृतिक तरीके से की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि सोने की धुलाई के लिए रीठा उबालकर पानी और नींबू के रस का उपयोग किया जाता है। यह पूरी तरह से प्राकृतिक विधि है और इसमें किसी भी रसायन का प्रयोग नहीं किया जाता है। 

अमृतसर के तरणजीत संधू दिल्ली के उप-राज्यपाल नियुक्त, दादा बड़े सिख नेता, लोकसभा चुनाव भी लड़ा

अमृतसर   तरनजीत सिंह संधू को दिल्ली का नया उप राज्यपाल (LG) नियुक्त किया गया है। संधू वो शख्स हैं, जिनके काम को अमेरिका में बेहद सराहा गया। वो एक बार पंजाब के अमृतसर से चुनाव भी लड़ चुके हैं। हालांकि, उन्हें हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, उनका करियर बेहद शानदार रहा है। वे एक बेहद पढ़े लिखे परिवार से ताल्लुक रखते हैं। आइए आपको बताते हैं कि आखिर दिल्ली के नए उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू हैं कौन? दादा रह चुके हैं SGPC के संस्थापक सदस्य तरनजीत सिंह संधू के पिता तेजा सिंह समुंदरी शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (SGPC) के संस्थापक सदस्य रह चुके हैं। समुंदरी कांग्रेस नेता भी रहे। तरणनजीत सिंह संधू 1988 बैच के भारतीय विदेश सेवा (IFS) अधिकारी हैं। उन्होंने साल 2024 में भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा, हालांकि उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा। उन्होंने अमेरिका और भारत के रिश्तों को सुधारने में बेहद अहम रोल निभाया। तरनजीत सिंह संधू का जन्म 23 जनवरी, 1963 को हुआ था। लोकसभा का चुनाव भी लड़ चुके हैं नव नियुक्त उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू की पत्नी रीनत संधू भी भारतीय विदेश सेवा की अधिकारी रह चुकी हैं। तरणजीत सिंह संधू 2024 में अमृतसर सीट से लोकसभा का चुनाव भी लड़ चुके हैं। फरवरी 2024 में सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया था और भाजपा में शामिल हुए थे। नवनियुक्त उपराज्यपाल संधू ने अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत यूक्रेन में भारतीय दूतावास खोलने और वहां राजनीतिक एवं प्रशासनिक विंग के प्रमुख के रूप में की। तरणजीत सिंह संधू वाशिंगटन डीसी में प्रथम सचिव, फ्रैंकफर्ट में महावाणिज्य दूत, वाशिंगटन में उप मुख्य दूतावास अधिकारी और विदेश मंत्रालय में विभिन्न महत्त्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। पंजाब के अमृतसर में हुआ जन्म श्रीलंका में भारत के उच्चायुक्त के रूप में भी उन्होंने सेवाएं दीं। उन्होंने अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ भी बेहतर संबंध बनाने में अहम भूमिका निभाई है। जानकारी के मुताबिक, तरणजीत सिंह संधू ने फरवरी 2020 में अमेरिका में भारत के राजदूत के रूप में कार्यभार संभाला और जनवरी 2024 तक इस पद पर रहे थे। सेवानिवृत्ति के बाद वे भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदार फोरम में बोर्ड के सलाहकार और इसके भू-राजनीतिक संस्थान के अध्यक्ष के रूप में भी जुड़े थे। बता दें कि तरणजीत सिंह संधू का जन्म पंजाब के अमृतसर में हुआ। उन्होंने अपनी प्रारंभिक पढ़ाई अमृतसर से पूरी की। बाद में दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफंस कॉलेज से इतिहास में स्नातक किया। इसके बाद वे भारतीय विदेश सेवा (IFS) में शामिल हुए। संधू 1988 बैच के भारतीय विदेश सेवा अधिकारी हैं। अपने लंबे कूटनीतिक करियर में उन्होंने कई महत्वपूर्ण देशों में भारत का प्रतिनिधित्व किया। कई प्रदेशों के राज्यपालों की नियुक्तियां कीं दिल्ली के उपराज्यपाल के रूप में संधू की भूमिका प्रशासनिक समन्वय, कानून-व्यवस्था की निगरानी और केंद्र व दिल्ली सरकार के बीच तालमेल बनाए रखने की होगी। उनके अनुभव को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि वे प्रशासनिक कामकाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।गौरतलब है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार रात को कई प्रदेशों के राज्यपालों की नियुक्तियां कीं, जिसके तहत दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना को लद्दाख का उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है। सक्सेना ने कविंदर गुप्ता की जगह ली है, जिन्हें हिमाचल प्रदेश का राज्यपाल बनाया गया है। बयान में कहा गया है कि विदेश सेवा के पूर्व अधिकारी तरणजीत सिंह संधू को दिल्ली का उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही दिल्ली समेत नौ प्रदेशों में राज्यपाल व उपराज्यपाल को बदला गया है। यह नियुक्ति शपथ ग्रहण के दिन से प्रभावी होगी। वहीं तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि को पश्चिम बंगाल का राज्यपाल और लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन को बिहार का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया। रवि ने सीवी आनंद बोस का स्थान लिया है, जिन्होंने दिन में इस्तीफा दे दिया था। राष्ट्रपति भवन द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि राष्ट्रपति मुर्मू ने बोस का पश्चिम बंगाल के राज्यपाल पद से इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। बयान के मुताबिक, केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को तमिलनाडु का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिवप्रताप शुक्ल को तेलंगाना का राज्यपाल बनाया गया है। लद्दाख के उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता को हिमाचल प्रदेश का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। वहीं, तेलंगाना के वर्तमान राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा को महाराष्ट्र का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। बयान में कहा गया है कि (भाजपा के) वरिष्ठ नेता नंद किशोर यादव को नगालैंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। भारत-अमेरिका के संबंध सुधारने में भूमिका संधू तीन बार अमेरिका में राजनयिक के तौर पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। भारत ने जब 90 के दौर में पोखरण परीक्षण किया था, तब संधू एक जूनियर राजनयिक थे। हालांकि, बाद में वह मिशन के उप प्रमुख हो गए थे। संधू ही वो शख्स हैं, जिन्हें भारत और अमेरिका के बीच संबंधों को मजबूत करने का श्रेय जाता है। दरअसल, 1998 में पोखरण परमाणु परीक्षण के दौरान दोनों देशों के संबंध बेहद खराब हो गए थे। जिसे ठीक करने में संधू ने अहम रोल निभाया। अमेरिकी की राजनीति में चाहे रिपब्लिकन हों या फिर डेमोक्रेट। दोनों ही पार्टियां संधू के काम की कायल हैं। माता और पिता दोनों ही बेहद पढ़े-लिखे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अमेरिका दौरा और अमेरिकी राष्ट्र जो बाइडेन के भारत दौरे पर संधू ने बेहद अहम भूमिका निभाई। संधू के पिता बिशन सिंह समुंदरी गुरु नानक विश्वविद्यालय के संस्थापक कुलपति थे। उनकी मां जगजीत कौर संधू ने अमेरिका में डॉक्टरेट की पढ़ाई पूरी की और लौटने पर अमृतसर के सरकारी महिला कॉलेज में प्रिंसिपल के तौर पर ज्वाइन किया।

पंजाब पुलिस में 3298 नई भर्ती, 10 मार्च से शुरू होगा ऑनलाइन आवेदन, कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन नंबर जारी

चंडीगढ़  पुलिस में भर्ती होना चाहते हैं, तो आपके लिए बड़ी खुशखबरी है। पंजाब पुलिस ने 3 हजार से अधिक पदों पर नई भर्ती की घोषणा की है। इस भर्ती के जरिए डिस्ट्रिक्ट पुलिस कैडर और आर्म्ड पुलिस कैडर में कॉन्स्टेबलों की नियुक्ति की जाएगी। आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी हो गया है। ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया ऑफिशियल वेबसाइट punjabpolice.gov.in पर 10 मार्च से शुरू होने वाली है। फॉर्म लिंक ओपन होते ही आप इसमें अप्लाई कर सकेंगे। लेकिन इससे पहले योग्यता संबंधित नियम जानना भी जरूरी है। पंजाब पुलिस भर्ती 2026 की जरूरी डिटेल्स    भर्ती आयोग पंजाब पुलिस पद कॉन्स्टेबल विज्ञापन संख्या 01/2026 कुल रिक्तियां 3298 आवेदन शुरू होने की तारीख 10 मार्च 2026 मंगलवार शाम 7 बजे से आवेदन करने की आखिरी तारीख 30 मार्च 2026 रात 23:55 बजे तक सैलरी कॉन्स्टेबल को न्यूनतम 19,900 रुपये प्रति माह सैलरी मिलेगी हाइट पुरुषों की हाइट 5 फीट 7 इंच (170.2 सेमी) और महिलाओं की 5 फीट 2 इंच (157.5 सेमी) तक मान्य होगी चयन प्रक्रिया कॉमन कंप्यूटर बेस्ड (CBT) और फिजिकल स्क्रीनिंग टेस्ट (PST), डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन, मेडिकल आदि भर्ती का नोटिफिकेशन Punjab Police Recruitment 2026 Notification PDF आवेदन शुल्क सामान्य वर्ग- 1200/- पंजाब के एक्स सर्विसमैन-500/- राज्य के एससी/एसटी और बैकवर्ड क्लास 700/- इकोनॉमिकली वीकर सेक्शन (EWS) 700/- पंजाब पुलिस कॉन्स्टेबल के लिए योग्यता क्या चाहिए? किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं पास होना चाहिए। एक्स सर्विसमैन के लिए 10वीं पास योग्यता तय की गई है। यानी मैट्रिक पास कैंडिडेट्स भी इसमें अप्लाई कर सकेंगे। कैंडिडेट ने 10वीं कक्षा पंजाबी कंपल्सरी या इलेक्टिव सब्जेक्ट के साथ पास की हो। या समकक्ष परीक्षा पंजाबी भाषा के साथ उत्तीर्ण की होनी जरूरी है। 1 जनवरी 2026 को कैंडिडेट की उम्र न्यूनतम 18 वर्ष और अधिकतम उम्र 28 वर्ष तक होनी चाहिए। ऊपरी उम्र में आरक्षित वर्गों को नियमों के अनुसार छूट दी जाएगी। पंजाब पुलिस भर्ती में आवेदन कैसे करें? इस पुलिस भर्ती में अप्लाई करने के लिए उम्मीदवारों को ऑफिशियल वेबसाइट punjabpolice.gov.in की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। यहां आपको पहले अपनी कुछ निजी जानकारियाों के जरिए रजिस्ट्रेशन करना होगा। फिर जनरेट किए लॉगइन डिटेल्स के जरिए वेबसाइट पर लॉगइन करें। अब संबंधित बॉक्स में जो-जो जानकारी मांगी जाती है, वो भरते जाएं। सभी बॉक्स ठीक तरह से भरने के बाद डॉक्यूमेंट अपलोड वाले सेक्शन में अपनी आईडी प्रूफ, पर्सनल डिटेल्स, एड्रेस प्रूफ, वैलिड और एक्टिव ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर और 10वीं की मार्कशीट, हस्ताक्षर, पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ स्कैन करके सही साइज में अपलोड करें। फॉर्म पूरी तरह से ऑनलाइन भरने के बाद एप्लिकेशन फीस भरें और आवेदन पत्र का प्रिंट आउट निकालकर सुरक्षित रख लें। पंजाब पुलिस की लिखित परीक्षा में जनरल अवेयरनेस, क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूट एंड न्यूमेरिकल स्किल्स, मेंटल एबिलिटी एंज लॉजिकल रीजनिंग, इंग्लिश लैंग्वेदज, पंजाबी लैंग्वेज स्किल्स, डिजिटल लिट्रेसी अवेयरनेस और पेपर II में पंजाबी लैंग्वेज से संबंधित प्रश्न पूछे जाएंगे। लिखित परीक्षा मे निगेटिव मार्किंग भी लागू होगी। PST में अभ्यर्थियों से रनिंग, लॉन्ग जंप, हाई जंप और हाईट का माप लिया जाएगा।  

नैन्सी ग्रेवाल की हत्या खालिस्तान के खिलाफ बोलने पर, मां का बयान- 20 बार चाकू मारे, जीभ काट दी, सुक्खा-हरिके ने लिया जिम्मा

जालंधर पंजाबी इन्फ्लुएंसर, सिंगर और नर्स नैन्सी ग्रेवाल की हत्या खालिस्तान के खिलाफ बोलने पर की गई थी। गैंगस्टर आकाश हरिके ने नैन्सी की हत्या का जिम्मा लिया है। एक पोस्ट कर कहा कि वो धर्म के खिलाफ बोलती थी, इसलिए उसे निपटा दिया। नैन्सी की मंगलवार (3 मार्च) रात को कनाडा के विंडसर में घर में चाकू मारकर हत्या की गई थी। नैन्सी की मां छिंदरपाल कौर ने कहा कि बेटी किसी घर में नर्सिंग केयर करने गई थी। जैसे ही वह बाहर निकली तो उस पर 2 लोगों ने हमला कर दिया। उसके पेट में 20 बार चाकू मारे गए। कनाडा की पुलिस से हुई बातचीत में पुलिस ने बताया कि हमलावरों ने नैंसी की जुबान (जीभ) भी काट दी थी। नैन्सी 2018 में कनाडा जाने के साथ ही विवादों में रही। हर किसी पर विवादित टिप्पणियां नैन्सी की मौत का कारण बन गईं। खासकर कनाडा के गुरुद्वारों में खालिस्थानियों के कब्जे के वीडियो डालने से नैन्सी कट्टरपंथियों के निशाने पर आ गई। नैंसी की मां ने बताया कि खालिस्तानी चाहते थे कि वो उनके साथ काम करे। विवादित टिप्पणियों पर माफी मांगे। लेकिन नैन्सी ने ऐसा करने से मना कर दिया था। मां ने कहा कि जंग न होती तो शायद मैं वहां होती और बेटी जिंदा होती। नैन्सी ने अपनी लास्ट पोस्ट में पंजाब के डेरा ब्यास के प्रमुख बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों पर विवादित टिप्पणी करते हुए कहा कि बाबा का तो उसे नाम भी लेना नहीं आता। बाबा ढिल्लों शातिर खिलाड़ी हैं। डेरा प्रमुख राजनेताओं को शरण देते हैं और वोटों की सौदेबाजी करते हैं। नैन्सी ने बिक्रम मजीठिया पर भी पंजाब के युवाओं की जवानी बर्बाद करने का आरोप लगाया था। श्री अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज की चूड़ेदार पायजामा को लेकर टिप्पणी की। निज्जर की मौत के बाद नैन्सी ने खालिस्तानियों पर हमले तेज कर दिए। नैन्सी ने निज्जर को आतंकी कहा और बोला कि उसे ये कहने में कोई गुरेज नहीं। इसके साथ निज्जर की संपत्ति पर सवाल उठाया था। इसके साथ गुरपतवंत सिंह पन्नू को किराए का टट्‌टू कहा था। खालिस्तानियों को खोतेस्तानी कहने पर भी विवाद हो चुका है। कई बड़े लोगों के खिलाफ की थी टिप्पणी कुछ हफ्ते पहले नैन्सी ने राधा स्वामी सत्संग ब्यास के प्रमुख बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों के खिलाफ वीडियो पोस्ट किए थे। एक अन्य वीडियो में नैन्सी ग्रेवाल ने डेरा प्रमुख के लिए कड़े शब्द इस्तेमाल किए थे। नैन्सी कुछ हफ्ते पहले इंडिया में थी और नाभा जेल में अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया से मुलाकात की थी। बेबाक बोलने वाली नैन्सी ने अकाल तख्त जत्थेदार के खिलाफ भी टिप्पणी की थी। जानिए कैसे हुई नैन्सी की हत्या     पंजाब के जालंधर की रहने वाली सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नैन्सी ग्रेवाल की कनाडा के ओंटारियो में हुई हत्या     वह पंजाब और प्रवासी भारतीयों से जुड़े सामाजिक, राजनीतिक और अन्य मुद्दों पर खुलकर रखती थीं राय     नैन्सी ग्रेवाल खालिस्तानियों के खिलाफ भी खुलकर बोलती थीं     नैन्सी की मां का आरोप है कि तीन लोगों ने उनकी बेटी की हत्या की नैन्सी की मां बोली, तीन थे आरोपी नैन्सी की मां शिंदरपाल का आरोप है कि उनकी बेटी की हत्या में ओंटारियो के विंडसर में एक लोकल गुरुद्वारे में काम करने वाला बुजुर्ग समेत तीन लोग शामिल हैं। उन्होंने कहा कि आरोपियों ने चेहरा ढककर नैन्सी के घर की रेकी भी की थी। उस दिन नैन्सी ने घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में देख लिया था, इस कारण वह बच गई। शिंदरपाल ने बताया कि नैन्सी अब फगवाड़ा के रहने वाले एक आदमी का मुद्दा उठा रही थी, जिसकी मौत गुरुद्वारे में हुई थी। उन्होंने बताया नैन्सी ग्रेवाल, विंडसर-लासेल इलाके में बसने से पहले कनाडा के अलग-अलग हिस्सों में रह चुकी थीं। अपने वीडियो और पोस्ट के ज़रिए उन्होंने पंजाब में पॉलिटिक्स, कम्युनिटी डिबेट और डेवलपमेंट जैसे मुद्दों पर चर्चा करके ऑनलाइन फॉलोइंग बनाई। कैनेडियन पुलिस ने लोगों से मांगी मदद रिपोर्टस के मुताबिक, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नैन्सी ग्रेवाल पर हमला 3 मार्च की रात 9.30 बजे ओंटारियो में विंडसर स्थित घर में हुआ था। ग्रेवाल के शरीर पर चाकू के गंभीर घाव थे। इमरजेंसी मेडिकल टीम ने उन्हें इलाज के लिए पास के हॉस्पिटल ले गई, जहां उनकी मौत हो गई। कैनेडियन पुलिस संदिग्ध की पहचान करने और हत्या के पीछे की सही वजह का पता लगाने के लिए लोगों से जानकारी शेयर करने की अपील की है। विवादित बयान जो नैन्सी के कत्ल की वजह बने…     निज्जर की संपत्ति पर उठाया था सवाल: हरदीप सिंह निज्जर मामले में नैन्सी ग्रेवाल ने सितंबर 2023 से लेकर 2025 लगातार टिप्पणी की। निज्जर की हत्या के बाद जब भारत-कनाडा विवाद शुरू हुआ, तो नैन्सी ने कहा कि मुझे निज्जर को आतंकवादी कहने में कोई गुरेज नहीं है। नैन्सी ने निज्जर की प्रॉपर्टी पर सवाल उठाया और पूछा कि एक प्लंबर के पास अचानक करोड़ों की संपत्ति और हथियार कहां से आए? नैन्सी ने निज्जर को कनाडा की धरती पर पल रहा सांप कहकर संबोधित किया। नैन्सी ने खालिस्तानियों को सपोर्ट करने के लिए ट्रूडो सरकार को घेरा और कहा कि ट्रूडो वोट बैंक के लिए खालिस्तानियों को पनाह दे रहे हैं। अगर ट्रूडो खालिस्तान देना चाहते हैं तो कनाडा में बहुत सी जमीन है, वहां पर खालिस्तान बसा दें। हालांकि नैन्सी ने एक वीडियो में ये भी कहा कि वे खालिस्तान के खिलाफ नहीं है। मैं उन लोगों के खिलाफ हूं भारत की रिस्पेक्ट नहीं करते। तिरंगे का अपमान करते हैं।     गुरपतवंत सिंह पन्नू को कहा था किराए का टट्टू: नैन्सी ग्रेवाल ने सिख फॉर जस्टिस के नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू पर कई बार वीडियो में टिप्पणी की। नैन्सी ने पन्नू को कायर और किराए का टट्टू कहा था। नैन्सी ने पन्नू के उन वीडियो का मजाक उड़ाया जिनमें वह एयर इंडिया को बम से उड़ाने या भारत को तोड़ने की धमकी देता था। नैन्सी ने कहा था कि पन्नू खुद एसी कमरों में बैठकर सुरक्षित है, जबकि वह पंजाब के मासूम लड़कों को उकसाकर उनकी जिंदगी बर्बाद कर रहा है। नैन्सी ने कहा था कि कनाडा और अमेरिका की सरकारों से … Read more

अमृतसर: पाकिस्तान से हथियार तस्करी का पर्दाफाश, 6 आरोपी और एक नाबालिग गिरफ्तार, 5 पिस्टल-34 कारतूस बरामद

अमृतसर  पंजाब पुलिस ने पड़ोसी देश पाकिस्तान से संचालित अवैध हथियारों की तस्करी के एक और बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने इस सीमा पार गिरोह के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों और एक किशोर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से पांच अत्याधुनिक पिस्तौलें बरामद की हैं, जिनमें ग्लॉक (9 मिमी) पीएक्स5 (.30 बोर), टॉरस (9 मिमी), ग्रेटा (9 मिमी) (पाकिस्तान निर्मित) के अलावा एक अन्य .30 बोर की पिस्तौल शामिल है। इसके अतिरिक्त, 34 जिंदा कारतूस और एक धारदार हथियार भी जब्त किया गया है। पंजाब डीजीपी की ओर से सोशल मीडिया एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया है कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि गिरफ्तार आरोपी सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तान स्थित हथियार तस्करों के संपर्क में थे। हथियारों को चोरी-छिपे बॉर्डर के उस पार से लाकर विभिन्न क्षेत्रों में वितरित कर रहे थे।  अमृतसर के मकबूलपुरा पुलिस स्टेशन में गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ शस्त्र अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस सभी संबंधों का पता लगाने और पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए जांच कर रही है। पंजाब डीजीपी का दावा है कि पंजाब पुलिस अवैध हथियार तस्करी और संगठित अपराध के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है और करती रहेगी। बता दें कि इससे पहले 28 फरवरी को अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने बॉर्डर पार से ड्रग और गैर-कानूनी हथियारों की तस्करी करने वाले दो ऑर्गनाइज़्ड मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था। इस कार्रवाई में 10 लोग गिरफ्तार किए गए थे और 5.438 किलो हेरोइन, 3 हाई-एंड पिस्टल (एक ग्लॉक 9 एमएम, एक जिगाना 9 एमएम और एक 32 बोर), 34 जिंदा कारतूस और 4500 रुपये नकदी जब्त किया था।  पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला था कि ये भी आरोपी पाकिस्तान-आधारित तस्करों से सोशल मीडिया के जरिए संपर्क में थे। हेरोइन और अवैध हथियार भारत में लाए जा रहे थे और फिर इसे एक सटीक नेटवर्क के जरिए अलग-अलग इलाकों में बांटा जा रहा था।