samacharsecretary.com

यूनेस्को साइट में आता मौजूदा परिसर, हाईकोर्ट शिफ्ट को लेकर मंथन जारी

चंडीगढ़ पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट को स्थानांतरित करने को लेकर अब अंतिम निर्णय बार एसोसिएशन (PHHCBA) के हाथ में होगा। हाईकोर्ट के मौजूदा परिसर के विस्तार या इसे नए स्थान पर शिफ्ट करने का फैसला मतदान से तय किया जाएगा। वर्तमान में हाईकोर्ट चंडीगढ़ के सेक्टर-1 में स्थित है, जो सुखना झील के कैचमेंट एरिया और यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट "कैपिटल कॉम्प्लेक्स" का हिस्सा है। यही कारण है कि इसके विस्तार की संभावना लगभग खत्म हो गई है और लंबे समय से नए विकल्प तलाशे जा रहे थे। इसी क्रम में 20 अगस्त को PHHCBA की कार्यकारिणी समिति ने सर्वसम्मति से हाईकोर्ट को चंडीगढ़ के सरणगपुर गांव में स्थानांतरित करने का प्रस्ताव पारित किया। 25 वर्षों तक जरूरतें पूरी करने में सक्षम होगा प्रस्ताव के मुताबिक, सरणगपुर में हाईकोर्ट का नया परिसर बनाने के लिए 48.865 एकड़ भूमि निर्धारित की गई है, जिनमें से 15 एकड़ जमीन पहले ही आवंटित की जा चुकी है। यहां करीब 42 लाख वर्ग फुट क्षेत्रफल का नया भवन तैयार किया जाएगा, जो आने वाले 20 से 25 वर्षों तक जरूरतें पूरी करने में सक्षम होगा। एसोसिएशन का कहना है कि सरणगपुर बेहतर विकल्प है क्योंकि यहां मेट्रो स्टेशन प्रस्तावित है, पीजीआई की ओर से फ्लाईओवर, चौड़ी सड़कें और मोहाली व एयरपोर्ट तक बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी। साथ ही चारों दिशाओं से एंट्री-एग्जिट की सुविधा और बिना ट्रैफिक जाम के आवागमन की संभावना इसे और उपयुक्त बनाती है। एक और विकल्प पर भी चल रहा विचार मौजूदा परिसर में ही विस्तार करने की योजना को भी विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है। इसके तहत बार रूम के सामने नए कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जा सकता है। इसमें दो मंजिला अंडरग्राउंड पार्किंग और ऊपर तीन मंजिलें होंगी। इससे करीब 16 नए कोर्टरूम जुड़ जाएंगे। इस योजना की लागत लगभग 200 करोड़ आंकी गई है। हालांकि यह निर्माण कार्य यूनेस्को से मंजूरी मिलने पर ही संभव होगा। एसोसिएशन का कहना है कि मंजूरी की प्रक्रिया में कम से कम डेढ़ साल लगेगा और इसके बाद निर्माण में पांच साल से अधिक का समय लग सकता है। इस दौरान परिसर में भीड़, पार्किंग की समस्या, धूल और आवाजाही में दिक्कतें बढ़ जाएंगी। अदालत की सख्त टिप्पणी 22 अगस्त को चीफ जस्टिस शील नागु और जस्टिस रमेश कुमारी की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि हाईकोर्ट को शिफ्ट करने जैसा महत्वपूर्ण फैसला केवल कार्यकारिणी समिति नहीं ले सकती। इसे एसोसिएशन की जनरल बॉडी के समक्ष रखा जाना चाहिए। अदालत ने स्पष्ट किया कि जब तक जनरल बॉडी इस प्रस्ताव को पारित नहीं करती, इसे मान्यता नहीं दी जाएगी। बार एसोसिएशन का रुख PHHCBA ने बार सदस्यों के लिए जारी नोटिस में कहा है कि मौजूदा परिसर में विस्तार का विकल्प लंबा समय लेगा और फिर भी हाईकोर्ट की जरूरतों को पूरी तरह पूरा नहीं कर पाएगा। जबकि सरणगपुर में नया परिसर एक स्थायी समाधान होगा और सुविधाओं से भरपूर होगा। एसोसिएशन ने कहा कि दोनों ही योजनाओं में 5 से 7 साल का समय लग सकता है, लेकिन सरणगपुर का विकल्प भविष्य के लिए बेहतर साबित होगा। अब अंतिम फैसला वकीलों के वोट से अब हाईकोर्ट को शिफ्ट करने या नहीं करने का फैसला बार एसोसिएशन के सदस्य वकीलों के मतदान से तय होगा। मतदान की तारीख और प्रक्रिया जल्द घोषित की जाएगी। PHHCBA सचिव गगनदीप जम्मू ने कहा कि “यह फैसला ऐतिहासिक और भविष्य को प्रभावित करने वाला है। इसलिए सभी सदस्य अपने मूल्यवान वोट जरूर डालें।” अभी जरूरत के अनुसार छोटी है हाईकोर्ट वर्तमान में हाईकोर्ट की स्वीकृत क्षमता 85 कोर्टरूम की है, लेकिन फिलहाल केवल 69 कोर्टरूम ही कार्यशील हैं। बढ़ते मामलों और न्यायिक ढांचे की जरूरतों को देखते हुए हाईकोर्ट के विस्तार या स्थानांतरण पर यह फैसला बेहद अहम माना जा रहा है।

पठानकोट के कई हिस्सों में बाढ़, पठानकोट-जालंधर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बना पुराना पुल चक्की नदी में बहा

चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में शनिवार रात से जारी भारी बारिश ने पंजाब के पठानकोट जिले में भारी तबाही मचा दी है। नदियों और खड्डों के उफान के कारण कई हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। सबसे बड़ा नुकसान चक्की नदी में हुआ है, जहां पठानकोट-जालंधर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बना पुराना पुल बह गया है। इससे आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई है और प्रशासन ने एहतियातन नया पुल भी बंद कर दिया है। चक्की नदी बना सबसे बड़ा खतरा पठानकोट को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने वाला रेलवे पुल भी चक्की नदी के तेज बहाव से खतरे में है। बहते पानी ने इसकी संरचना को प्रभावित किया है। प्रशासन ने हालात की गंभीरता को देखते हुए चक्की नदी पर बने नए पुल को भी बंद कर दिया, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग का यातायात एक तरफ से रोक दिया गया है। नदियां उफान पर, गांव डूबे भारी बारिश से उज्ज दरिया, रावी नदी और जलालिया दरिया का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। कई गांवों की सड़कें कट गई हैं, जिससे ग्रामीण इलाकों का संपर्क टूट गया है। कंडी क्षेत्र के धार कलां के पास फर्शी खड्ड में आई बाढ़ से लोग दहशत में हैं। वहीं, गांव कोठे मनवाल और खानपुर में खड्ड के तेज बहाव में दो मंजिला मकान ताश के पत्तों की तरह ढह गया। प्रशासन ने कराया इलाका खाली चक्की खड्ड का जलस्तर बढ़ने से वार्ड नंबर-12 के सैली कुलियां क्षेत्र को खाली करवाया गया है। उधर पठानकोट-चंबा-डल्हौजी नेशनल हाईवे पर पानी भर जाने से यातायात ठप हो गया है और लंबा जाम लग गया है। साथ ही, नेशनल हाईवे 154ए पर भूस्खलन और पठानकोट-जुगयाल क्षेत्र में लैंडस्लाइड से यातायात पूरी तरह प्रभावित हुआ है। डैम का जलस्तर बढ़ा, अलर्ट जारी रणजीत सागर डैम का जलस्तर 524.94 मीटर दर्ज किया गया है और यह खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। डैम प्रशासन ने कहा है कि अगर स्तर 525 मीटर तक पहुंचा तो फ्लड गेट खोले जा सकते हैं। लोगों को पहले ही सतर्क करने के लिए सायरन बजाए जा रहे हैं। इसी तरह पौंग बांध और भाखड़ा डैम में भी पानी का स्तर खतरनाक रूप से बढ़ रहा है। फसलों को भारी नुकसान पठानकोट समेत सीमावर्ती इलाकों में बाढ़ से किसानों की खड़ी फसलें जलमग्न हो गई हैं। खेतों तक पानी पहुंचने से बड़े पैमाने पर कृषि नुकसान हुआ है। मौसम विभाग का अलर्ट मौसम विभाग ने पंजाब के सात जिलों-पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, होशियारपुर, नवांशहर, रोपड़ और मोहाली में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। ब्यास नदी का जलस्तर दो दिनों में 1,16,615 क्यूसेक से बढ़कर 1,74,000 क्यूसेक तक पहुंच गया है। एसडीएम बाबा बकाला साहिब अमनप्रीत सिंह ने लोगों को नदी किनारे न जाने की सख्त हिदायत दी है। सरकार की सख्ती और राहत कार्य सरकार ने सभी नेताओं और जिलाधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के आदेश दिए हैं। कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने फाजिल्का के बाढ़ग्रस्त इलाकों का जायजा लिया और लोगों को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। राहत एवं बचाव टीमें अलर्ट पर हैं और जरूरत पड़ते ही फ्लड गेट खोले जा सकते हैं।  

जालंधर में सर्जिकल कॉम्प्लेक्स के Metro Milk Factory में हुई अमोनिया गैस लीक, 30 लोग फंसे

जालंधर  वेस्ट हलके में स्थित सर्जिकल कॉप्लैक्स के मैट्रो मिल्क फैक्टरी में अमोनिया गैस लीक हो गई। इस घटना में कर्मियों में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन द्वारा क्रेन की मदद से दीवार तोड़कर कर्मियों को बाहर निकाला जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस घटना के दौरान 30 लोग अंदर फंसे हुए है, जिन्हें क्रेन की मदद से बाहर निकाला जा रहा है। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस के उच्च अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए हैं। मेडिकल टीम को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी घायल को तुरंत उपचार मिल सके। फिलहाल गैस रिसाव के कारणों का पता लगाया जा रहा है और हालात पर काबू पाने की कोशिशें जारी हैं।  

सरकार का नया फैसला, प्रभावित होंगे 55 लाख राशन कार्डधारी

चंडीगढ़ पंजाब में राशन कार्डों को लेकर राज्य सरकार और केंद्र सरकार के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान का कहना है कि केंद्र की ओर से पंजाब में 8 लाख राशन कार्ड काटने की साजिश रची जा रही है। इसके कारण राज्य के लाखों लोगों को मुफ्त राशन नहीं मिल सकेगा। इससे पहले भी 23 लाख लोगों को इस सुविधा से वंचित किया जा चुका है। अब सरकार की इस साजिश से कुल 55 लाख लोग इस सुविधा से वंचित हो जाएंगे। पंजाब सरकार का कहना है कि केंद्र द्वारा राशन कार्ड काटने के मानदंड गलत हैं। गौरतलब है कि इस समय राज्य में 1.53 करोड़ लाभार्थी हैं, जिन्हें राशन कार्ड के माध्यम से सस्ता अनाज मिल रहा है। केंद्र ने इनकी जांच करने के लिए कहा है, जबकि पंजाब सरकार के मुताबिक 1.29 करोड़ लाभार्थियों का वेरिफिकेशन हो चुका है। केंद्र सरकार ने मुख्यमंत्री के इन आरोपों को पूरी तरह नकार दिया है। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी का कहना है कि केंद्र ने सिर्फ अयोग्य लाभार्थियों की पहचान करने के लिए कहा है। मंत्री ने साफ किया है कि केंद्र सरकार ने मंज़ूर किए गए 1.41 करोड़ लाभार्थियों में से किसी को नहीं हटाया है। मुख्यमंत्री मान ने कहा है कि हम अपने विभाग से इन कार्डों की जांच करवाएंगे। इससे पता लग सकेगा कि कहीं कोई ऐसा व्यक्ति तो नहीं है, जिसका राशन कार्ड नहीं बनना चाहिए था और बन गया हो।  

बाढ़ में मवेशियों के लिए भूख नहीं बनेगी जानलेवा! ऐसे मिलेगा सूखा चारा

बाढ़ में नहीं भूख से तड़पेंगे पशुधन!नीतीश सरकार पहुंचाएगी चारा  बाढ़ में मवेशियों के लिए भूख नहीं बनेगी जानलेवा! ऐसे मिलेगा सूखा चारा पशुओं की जान बचाने उतरी नीतीश सरकार, हर शिविर में पहुंचेगा चारा  बाढ़ के दौरान पशुओं का डायर्ट प्‍लान तैयार! जरूरत के अनुसार मिलेगा चारा पटना बाढ़ की विभीषिका केवल इंसानों को ही नहीं, पशुओं के लिए भी मुश्किल खड़ी कर देती है। मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार बिहार के पशुपालकों की समस्‍या को समझते हैं। ऐसे वक्‍त में जब घर-आंगन जलमग्न हो जाते हैं और चारागाह डूब जाते हैं। बिहार सरकार पशुपालकों के पशुधन को बचाने के लिए बड़ी सहारा बनी है। पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग ने आपदा प्रभावित इलाकों में पशु चारा वितरण कार्यक्रम शुरू किया है, ताकि किसी भी पशुपालक को अपने मवेशियों को भूखा रखने की नौबत न आए। पशुओं के हिसाब से मिलेगा चारा जिला प्रशासन के सहयोग से चल रहे इस कार्यक्रम के तहत हर जिले में पशुपालन पदाधिकारी की देखरेख में प्रभावित गांवों और पशु शिविरों तक चारा पहुंचाया जा रहा है। खास बात यह है कि वितरण पूरी तरह पशुओं की ज़रूरत के हिसाब से तय किया गया है। किसके लिए कितना चारा  बिहार सरकार जिला प्रशासन के सहयोग से बड़े जानवरों के लिए 6 किलो चारा तय किया है। छोटे जानवरों के लिए 3 किलो चारा तय किया है। वहीं, उससे छोटे जैसे भेंड बकरी और दूसरे मवेशियों के लिए एक किलो चारा तय किया गया है। चारे में इस बात का ध्‍यान रखा गया है कि मवेशियों की जरूरत का पोषण उन्‍हें मिल जाए। ये है प्रक्रिया जिला प्रशासन की ओर से पशुपालकों को एक बार में 3 दिन से लेकर एक हफ्ते तक का चारा मुहैया कराया जा रहा है। गौर करने वाली बात ये है कि बाढ़ की वजह से हालात बिगड़ने पर यह व्यवस्था शिविर संचालन तक जारी रखने का आदेश दिया गया है। चारा वितरण से पहले प्रभावित पशुओं की संख्या गिनी जाती है और हर पशुपालक को टोकन दिया जाता है। इसी आधार पर लाइनवार और व्यवस्थित तरीके से चारा पहुंचाया जाता है। ऐसे ले सकते हैं लाभ बताते चलें, बाढ़ के समय पशुओं का जीवन दांव पर होता है। तब यह योजना पशुपालकों के लिए वरदान साबित हो रही है। जरूरत पड़ने पर मवेशी पालक, पशुपालन निदेशालय, बिहार के 0612-2230942 नंबर या पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान, बिहार 0612-2226049 नंपर पर भी संपर्क कर सकते हैं।

टैंकर विस्फोट का भयावह मंजर सामने आया, CCTV फुटेज देख दहल उठे लोग

होशियारपुर/जालंधर  जालंधर-होशियारपुर मार्ग पर स्थित गांव मंडियाला में हुए एल.पी.जी. टैंकर ब्लास्ट मामले में मरने वालों की संख्या बढ़ गई है। इस हादसे का CCTV वीडियो सामने आया है, जिससे पता चलता है कि इस हादसे ने सब कुछ तहस-नहस कर दिया। आपको बता दें कि हादसे में 2 लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 30 लोग घायल हो गए। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान 5 और लोगों की मौत हो गई। पहले मृतकों की संख्या तीन बताई जा रही थी, और अब 4 और लोगों की मौत हो गई है। इस हादसे में अब तक कुल 7 लोगों की मौत हो चुकी है। 7 लोगों की मौत की पुष्टि डॉ. मनवीर ने की है। मृतकों और घायलों की पहचान मृतकों में सुखजीत सिंह, बलवंत राय, धरमिंदर वर्मा, विजय, मंजीत सिंह, उनकी पत्नी जसविंदर कौर और आराधना वर्मा शामिल हैं। घायलों में बलवंत सिंह, हरबंस लाल, अमरजीत कौर, सुखजीत कौर, ज्योति, सुमन, गुरुमुख सिंह, हरप्रीत कौर, कुसुमा, भगवान दास, लाली वर्मा, सीता, अजय, संजय, राघव, पूजा, अभि आदि शामिल हैं।   हादसे के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने रविवार को भी हाईवे पर धरना दिया, जिससे यातायात जाम हो गया। आपको बता दें कि सी.सी.टी.वी. फुटेज में हादसे का समय साफ दिखाई दे रहा है। हादसा शुक्रवार रात 10 बजे हुआ। वीडियो में दिख रहा है कि सब्जियों से भरा एक पिकअप ट्रक एक गैस टैंकर से टकरा जाता है। टक्कर इतनी जोरदार थी कि तुरंत गैस लीक होने लगी। कुछ ही मिनटों में पूरा इलाका गैस से भर गया, जिसके बाद अचानक आग लग गई और ब्लास्ट हुआ। कुछ ही देर में पूरा गांव आग की लपटों में घिर गया।

आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, पंजाब के मशहूर बारों पर रेड

अमृतसर  जिला आबकारी विभाग अंग्रेजी शराब की बिक्री को सुरक्षित करने और अवैध तौर पर बाहर से आई शराब को रोकने के लिए हर प्रकार से सतर्क है। इसको लेकर अमृतसर की मशहूर बारों तक निरंतर इंस्पैक्शन की जा रही है। इसी क्रम में अमृतसर की बीयर और हार्ड-लिक्कर बारों में नामवर दी-कबीला बार, दी-बाग बार, होटल हयात बार, आर.आर.वी. होटल बीयर बार, बार.बी.क्यू. नैशन एंड बार रेड की गई। बारों को स्टॉक व रिकार्ड जांचा गया। यह कार्रवाई पंजाब आबकारी विभाग की तरफ से दी गई हिदायतों के मुताबिक अमृतसर रैंज के सहायक कमिश्नर आबकारी महेश गुप्ता के निर्देश पर की गई है। इन निर्देशों का पालन करते हुए जिला आबकारी अधिकारी ललित कुमार की निगरानी में उपरोक्त नामवर बारों पर सर्वेक्षण और चैकिंग के लिए इंस्पैक्टर आर.एस. बाजवा के नेतृत्व तले टीम का गठन करके रवाना किया गया। इंस्पैक्टर आर.एस बाजवा ने बताया कि शहर के कई हिस्सों में बाहर के सर्किल से शराब को अवैध तौर पर लाने वाले सक्रिय हो रहे हैं, क्योंकि सरकार की तरफ से किसी भी स्थान पर दूसरे सर्किल से आई हुई शराब न तो बेची जा सकती है, न उसका सेवन किया जा सकता है । हालांकि इस पूरी रेड के बावजूद उपरोक्त बड़ी बारों पर किसी भी प्रकार की कोई कोताही विभाग के सामने नहीं आई, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि विभाग हमेशा सतर्कता को लेकर चलता है, ताकि कोई चूक न हो जाए। रात 1 बजे महानगर की सभी बारें होंगी बंद अमृतसर रेंज के सहायक कमिश्नर आबकारी महेश गुप्ता ने कहा है कि पंजाब सरकार के निर्देश पर महानगर की सभी बीयर और हार्ड-बार होल्डर्स को चेतावनी दी जा रही है कि रात्रि 1 बजे के बाद न तो किसी बार से शराब की बिक्री अथवा सर्विस होगी और न ही किसी को किसी होटल अथवा बार में लिक्कर सेवन की आज्ञा दी जाएगी। नियम का उल्लंघन करने वालों पर कानूनी कार्रवाई होगी। इन चीजों पर रखा गया चैकिंग में फोक्स! -बार होल्डरों के पास सेल रिकॉर्ड रजिस्टर्ड कंप्लीट है, क्या दर्ज स्टॉक के अतिरिक्त कोई लिक्कर तो नहीं? -स्टॉक की फिजिकल चेकिंग के तौर पर निश्चित किया जाता है कि क्या बिके हुए लिक्कर के ब्रांड मैच करते हैं अथवा नहीं? -शराब की खप्त के उपरांत खाली बोतलों को समय रहते नष्ट किया जा रहा है अथवा नहीं? -बोतलों को नष्ट करने का मंतव्य उनकी री-फिलिंग को लेकर है । -खप्तकारों को सर्वे किए जाने वाली शराब, विशेष कर बियर की एक्सपायरी चैकिंग।

तेज बारिश से पंजाब बेहाल, कई गांवों की सड़कें बंद, खतरे का अलर्ट जारी

दीनानगर  जहां पिछले दिनों पहाड़ों पर लगातार बारिश के कारण जलस्तर काफी बढ़ गया था, जिसके चलते प्रशासन ने पिछले हफ्ते भी रावी नदी में लगभग डेढ़ लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। आज फिर से लगातार बारिश के कारण आज 2 लाख 70 क्यूसेक पानी छोड़े जाने से रावी नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया और दूसरी तरफ के गांवों में आने-जाने के लिए नाव सुविधा भी बंद कर दी गई। जलस्तर इतना बढ़ गया है कि नदी के बाहर से पानी आने लगा है, जिसके चलते आस-पास के खेतों और गांव मकौड़ा जाने वाले रास्ते तक पानी पहुंच गया है, जिसके चलते प्रशासन ने आस-पास के गांवों के सरपंचों को गांवों में अलर्ट जारी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि रावी नदी के पास सुनसान इलाके में जो गुज्जर समुदाय का डेरा है और लोगों का डेरा है, वे अपने डेरे छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंच जाएं क्योंकि जलस्तर अभी भी काफी हद तक बढ़ सकता है। इस बीच जब इस संबंध में एस.डी.एम. दीनानगर जसपिंदर सिंह भुल्लर से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि जलस्तर फिर बढ़ने के कारण आज नदी में पानी छोड़ा गया है, जिसके चलते नदी के आस-पास के इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। बाकी इलाके के लोगों से अपील है कि वे बिना किसी काम के नदी की तरफ न जाएं। प्रशासन इस पर कड़ी नजर रखे हुए है। अगर किसी भी तरह की बाढ़ जैसी स्थिति पैदा होती है, तो प्रशासन ने सभी अप्रत्याशित प्रबंध कर लिए हैं और लोगों के ठहरने के लिए राहत शिविरों की व्यवस्था भी पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने कहा कि लोगों की जान-माल की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने सभी तरह की जरूरतमंद टीमों को सख्त आदेश जारी किए हैं, जो नदी के आस-पास के इलाकों पर पूरी तरह से नजर रखेंगी और लोगों के साथ समन्वय बनाए रखेंगी। बाकी लोगों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि प्रशासन ने बाढ़ से निपटने के लिए सभी तरह के इंतजाम पूरे कर लिए हैं।

कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, पंजाब सरकार ने उठाया अहम कदम

चंडीगढ़  पंजाब सरकार द्वारा दिव्यांग कर्मचारियों की मुश्किलों को गंभीरता से लेते हुए और उनकी सुविधा को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि अब सभी सरकारी विभागों के प्रमुखों को स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं कि दृष्टिहीन और शारीरिक रूप से अक्षम दिव्यांग कर्मचारियों को रात की ड्यूटी से छूट दी जाए और किसी भी दिव्यांग कर्मचारी से रात की ड्यूटी न कराई जाए। डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि बीते दिनों दिव्यांग कर्मचारियों के साथ हुई मीटिंगों में दिव्यांग कर्मचारियों के संगठनों द्वारा यह मुद्दा उठाया गया था कि दृष्टिहीन और शारीरिक रूप से अक्षम कर्मचारियों को रात की ड्यूटी के कारण कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि रात की ड्यूटी के दौरान सुरक्षा और यात्रा संबंधी चुनौतियों को देखते हुए, मानवीय संवेदना और कर्मचारियों के कल्याण की दृष्टि से यह कदम उठाया गया है। 

नकली करेंसी रैकेट का भंडाफोड़, पंजाब में बरामद हुए लाखों रुपये

दीनानगर  पुलिस को आज एक बड़ी सफलता मिली है। सूचना के आधार पर पुलिस ने दो व्यक्तियों के पास से लाखों रुपये की नकली भारतीय मुद्रा बरामद की है। इस बारे में प्रेस कॉन्फ्रेंस में डीएसपी दिनानगर, रजिंदर सिंह मिन्हास ने बताया कि पुलिस को सुनील कुमार, निवासी तालाबपुर पंडोरी, ने शिकायत दी कि उनके इलाके में ठेकेदार कमलदीप सिंह, पुत्र मोहन सिंह, निवासी संतनगर, थाना सिटी गुरदासपुर, नकली भारतीय मुद्रा का इस्तेमाल कर रहा है। इस पर कार्रवाई करते हुए थाना दौरागला पुलिस टीम ने आरोपी कमलदीप सिंह को पकड़कर उसके पास से 7 नकली 500 रुपये के नोट (करीब 3,500 रुपये) बरामद किए। कड़ी पूछताछ के बाद उसके पीछे के लिंक की जांच की गई। इसके बाद आरोपी निर्मल सिंह, पुत्र दियाल सिंह, निवासी बसंतकोट, थाना कोटली सूरत मल्लियां, को गिरफ्तार किया गया। उसके पास से 400 नकली 500 रुपये के नोट (करीब 2 लाख रुपये) बरामद हुए।   डीएसपी ने बताया कि दोनों का पुलिस रिमांड लेकर कड़ी पूछताछ की जा रही है और आने वाले दिनों में और खुलासे हो सकते हैं। इनके खिलाफ थाना दौरागला में अलग-अलग धाराओं के तहत मामला दर्ज कर अगली कार्रवाई शुरू कर दी गई है।