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बम धमकी से हड़कंप: पंजाब सचिवालय में ईमेल आते ही सुरक्षाबलों ने लिया अलर्ट

चंडीगढ़  पंजाब सचिवालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया. एहतियातन पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और पूरे परिसर की जांच शुरू कर दी गई है. धमकी ईमेल के जरिए भेजी गई थी. इस में ईमेल सचिवालय परिसर में विस्फोट करने की बात लिखी गई थी. सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन तुरंत हरकत में आ गए. एहतियातन पूरे सचिवालय परिसर को खाली कराया गया और कर्मचारियों तथा आम लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया. सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके को घेरकर हाई अलर्ट घोषित कर दिया. जानकारी के मुताबिक संबंधित विभाग को एक ईमेल प्राप्त हुआ इसमें सचिवालय में बम धमाके की चेतावनी दी गई थी. ईमेल में समय का भी बताया गया था, इससे प्रशासन की चिंता और बढ़ गई. पुलिस ने तुरंत बैरिकेडिंग कर इलाके की घेराबंदी कर दी और सभी एंट्री और एग्जिट गेटों पर सख्त निगरानी शुरू कर दी. अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है. पूरे परिसर में सर्च ऑपरेशन जारी     धमकी के बाद पुलिस बल, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड की टीमें मौके पर पहुंच गईं. सुरक्षा एजेंसियों ने सचिवालय के हर हिस्से की गहन जांच शुरू कर दी. पार्किंग एरिया, दफ्तरों, गलियारों और सार्वजनिक स्थानों को विशेष उपकरणों की मदद से खंगाला जा रहा है. संदिग्ध वस्तुओं की पहचान के लिए तकनीकी जांच भी की जा रही है. फिलहाल किसी विस्फोटक सामग्री के मिलने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जांच पूरी होने तक सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है.     पुलिस सूत्रों के अनुसार धमकी भरे ईमेल में दोपहर 2 बजकर 11 मिनट पर पंजाब सचिवालय और 3 बजकर 11 मिनट पर चंडीगढ़ कोर्ट परिसर में ब्लास्ट होने की बात लिखी गई थी. इसी कारण कोर्ट परिसर में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है. साइबर सेल की टीम ईमेल के स्रोत का पता लगाने में जुटी हुई है. अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और नागरिकों को घबराने की जरूरत नहीं है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद ही सामान्य कामकाज बहाल किया जाएगा. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बिना पुष्टि की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा न करें. क्या है अब तक की जांच की स्थिति? जांच एजेंसियां ईमेल भेजने वाले की पहचान करने के लिए तकनीकी और डिजिटल ट्रैकिंग का सहारा ले रही हैं. शुरुआती जांच में ईमेल के स्रोत और सर्वर की जानकारी जुटाई जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की धमकियों को बेहद गंभीरता से लिया जाता है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन ने तुरंत क्या कदम उठाए? सूचना मिलते ही पुलिस, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड को मौके पर भेजा गया. सचिवालय परिसर को खाली कराया गया, बैरिकेडिंग की गई और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई. साथ ही चंडीगढ़ कोर्ट परिसर में भी अतिरिक्त सुरक्षा तैनात की गई. क्या कोई विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु मिली? अब तक की जांच में किसी भी विस्फोटक सामग्री के मिलने की पुष्टि नहीं हुई है. हालांकि सुरक्षा एजेंसियां पूरे परिसर की बारीकी से जांच कर रही हैं और जांच पूरी होने तक हाई अलर्ट जारी रहेगा.

CM भगवंत मान चार दिन बाद अस्पताल से डिस्चार्ज

चंडीगढ़. मुख्यमंत्री भगवंत मान को मोहाली के एक निजी अस्पताल से गुरुवार सुबह छुट्टी दे दी गई। वे रविवार से अस्पताल में भर्ती थे। स्वास्थ्य में सुधार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें डिस्चार्ज कर दिया। अस्पताल से छुट्टी के बाद मुख्यमंत्री किला रायपुर में आयोजित ग्रामीण ओलंपिक में भाग लेंगे। मुख्यमंत्री दोपहर 3 बजे किला रायपुर पहुंचेंगे। आम आदमी पार्टी (आप) के एक प्रवक्ता ने बताया, “मुख्यमंत्री अब पूरी तरह स्वस्थ महसूस कर रहे हैं। उन्हें अत्यधिक थकावट की शिकायत थी। अस्पताल में भर्ती होने से उन्हें काफी लाभ हुआ है। मनीष सिसोदिया से की थी मुलाकात बुधवार को आम आदमी पार्टी के राज्य मामलों के प्रभारी मनीष सिसोदिया ने अस्पताल पहुंचकर मुख्यमंत्री से मुलाकात की। वे लगभग 20 मिनट तक उनके साथ रहे। मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में सिसोदिया ने कहा था, “मुख्यमंत्री अब बेहतर हैं। संभावना है कि उन्हें कल छुट्टी मिल जाएगी।” जब पत्रकारों ने मुख्यमंत्री की बीमारी के बारे में सवाल किया तो सिसोदिया ने स्पष्ट जानकारी देने से परहेज किया। उन्होंने कहा, “इस बारे में आधिकारिक रूप से केवल डाक्टर ही बता सकते हैं। आज मेरी किसी डॉक्टर से मुलाकात नहीं हो सकी। संभव है कि उन्हें कल डिस्चार्ज कर दिया जाए।” कार्यकर्ताओं में खुशी का माहौल मुख्यमंत्री के अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में खुशी का माहौल है। किला रायपुर में आयोजित ग्रामीण ओलंपिक में उनकी उपस्थिति को लेकर भी उत्साह देखा जा रहा है। सरकार की ओर से कहा गया है कि मुख्यमंत्री का कार्यक्रम पूर्व निर्धारित था और स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद वे उसमें शामिल होंगे।

8 करोड़ कैश उड़ाने का वीडियो वायरल, पंजाबी शादी में दूल्हे-दुल्हन पर उठा सवाल

चंडीगढ़  शादियों में पैसा उड़ाना बेहद आम बात है. लेकिन आप सोचिए अगर किसी ने अपनी शादी में 8 करोड़ रुपये से कैश उड़ा दिया हो तो… जी हां, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इन दिनों पंजाबी शादी का एक वीडियो आग की तरह वायरल हो रहा है, जिसमें कपल के ऊपर नोटों की बारिश की जा रही है. इसमें दावा किया जा रहा है कि दुल्हे ने दुल्हन पर करीब 8 करोड़ रुपये से ज्यादा कैश उड़ा दिए हैं. लेकिन इसके पीछे की सच्चाई क्या है आइए जानते हैं… हकीकत है कुछ और… इसी बीच कई सोशल मीडिया अकाउंट्स ने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये खर्च किए गए, जिससे यह आयोजन कई लोगों के अनुसार कैश पार्टी में बदल गया. हालांकि, दूल्हे के भाई सिकंदर सिंह ने साफ किया है कि शादी के दौरान पैसों की बारिश तो हुई, लेकिन ऑनलाइन हो रहे दावों का आसपास नहीं. उन्होंने बताया कि मेरा भाई ऑस्ट्रेलिया में ट्रक का कारोबार करता है. शादी 14 फरवरी को हुई थी. हमने जमकर पैसे लुटाए लेकिन खर्च लगभग 2 लाख रुपये ही हुए थे. सोशल मीडिया ने इसे करोड़ों में बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया, जो गलत है. कार्यक्रम का आयोजन करने वाले इवेंट मैनेजर और डीजे ने भी वायरल हो रहे 8 करोड़ रुपये के दावे को खारिज कर दिया. उनके अनुसार, कुल कैश लगभग 4 लाख रुपये थी, जिसमें कुछ डॉलर के नोट भी शामिल थे. उन्होंने कहा कि उन्हें यह नहीं पता कि करोड़ रुपये का आंकड़ा कैसे सामने आया और इतना वायरल हो गया.  वीडियो में क्या दिख रहा? वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा रहा है कि पंजाबी शादी में दुल्हे ने दुल्हन पर नोटों की बारिश कर रहे हैं. ऐसे में दावा यह किया जा रहा है कि इस शादी में कम से कम 8 करोड़ रुपये से अधिक कैश उड़ाए गए हैं, जो बिल्कुल गलत है. दुल्हे के भाई ने साफ कर दिया है कि यह 8 करोड़ रुपये नहीं बल्कि 2 लाख रुपये हैं. इस वीडियो को देख सोशल मीडिया यूजर्स हैरान हो गए हैं. कपल के ऊपर नोटों की ऐसी बारिश की गई जिसे देखकर आपकी आंखें फटी रह जाएगी.

जिस अस्पताल में भर्ती हैं CM भगवंत मान, वहां बम की धमकी से मचा अलर्ट, जांच तेज

 मोहाली पंजाब के मोहाली में स्कूल और फोर्टिस हॉस्पिटल को बम से उड़ाने की फिर धमकी मिलने से हड़कंप मच गया है। धमकी भरा संदेश मिलने के बाद पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। बता दें कि इसी अस्पातल में सीएम भगवंत मान भी अपना इलाज करवा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, एहतियातन स्कूल परिसर और अस्पताल के आसपास भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड द्वारा गहन जांच की जा रही है। संदिग्ध वस्तुओं की तलाश में पूरे क्षेत्र की सघन तलाशी ली जा रही है। इसी अस्पताल में इलाज करवा रहे हैं भगवंत मान गौरतलब है कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पिछले दो दिनों से मोहाली स्थित फोर्टिस अस्पताल में भर्ती हैं। इसे देखते हुए प्रशासन किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरत रहा है। अस्पताल की सुरक्षा बढ़ा दी गयी है और आने-जाने वालों की सख्ती से जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और मामले की गंभीरता से जांच जारी है। लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की गयी है। इससे पहले भी पंजाब, मोहाली और नजदीक चंडीगढ़ में कई बार बम से उड़ाने की धमकियां मिल चुकी हैं। हर बार पुलिस का कहना रहा है कि जांच जारी है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी होने की संभावना है। लगातार मिल रही इन धमकियों के कारण लोगों में कहीं न कहीं डर और भय का माहौल है। भगवंत मान को सोमवार को मोहाली के फोर्टिस अस्पताल से छुट्टी दे दी गई था। शाम को हालत बिगड़ने पर उन्हें फिर भर्ती करना पड़ा। उन्हें थकान महसूस होने पर एक दिन पहले अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रविवार को थकान महसूस होने पर मान को मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में जांच के लिए भर्ती कराया गया था। अस्पताल के अधिकारियों ने कहा था कि मान की हालत स्थिर है।रविवार को तबीयत खराब होने के बाद मान को संगरूर से मोहाली लाया गया था। महाशिवरात्रि के अवसर पर केजरीवाल के साथ मान प्रार्थना करने संगरूर के धूरी में श्री रणकेश्वर महादेव शिव मंदिर गए थे। इससे पहले गुजरात के अहमदाबाद और वडोदरा के 34 स्कूलों को सोमवार को बम से उड़ाने की धमकी भरे ईमेल मिले थे। जांच के बाद अधिकारियों ने बताया कि ये ईमेल फर्जी निकले हैं, क्योंकि अहमदाबाद और वडोदरा के 17-17 स्कूलों में से किसी में भी कुछ भी संदिग्ध नहीं पाया गया, जिन्हें खालिस्तान समर्थक होने का दावा करने वाले व्यक्तियों से बम की धमकी वाले ईमेल प्राप्त हुए थे। उन्होंने बताया कि पुलिस को सूचना मिलते ही बम का पता लगाने और उसे निष्क्रिय करने वाले दस्तों (बीडीडीएस) को शामिल करते हुए तलाशी अभियान शुरू किया गया। इससे पहले 23 जनवरी को अहमदाबाद के कई स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी वाले इसी तरह के ईमेल मिले, जो बाद में फर्जी पाए गए थे।  

पंजाब में फरवरी में मार्च-अप्रैल जैसी गर्मी का एहसास

लुधियाना. पंजाब में फरवरी के महीने में ही मार्च-अप्रैल वाली गर्मी का एहसास हो रहा है। कई जिलों में दिन का तापमान लगातार सामान्य से चार से पांच डिग्री सेल्सियस अधिक चल रहा है। सोमवार को भी अधिकांश जिलों में दिन का तापमान सामान्य से चार से पांच डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया, जबकि रात का तापमान सामान्य के आसपास रहा। कुछ जिलों में सामान्य से कम तापमान दर्ज किया गया। मौसम केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार, फरीदकोट में दिन का तापमान 31.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो कि सामान्य से छह डिग्री सेल्सियस अधिक था। वहीं पटियाला, चंडीगढ़, रूपनगर और बठिंडा में तापमान 27 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया, जो कि सामान्य से चार डिग्री सेल्सियस ज्यादा था। इसी तरह लुधियाना, फिरोजपुर, मोहाली और होशियारपुर में तापमान 26 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा, जो कि सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस ज्यादा था। पिछले एक सप्ताह से दिन में लगातार तापमान अधिक रहने से गेहूं की खेती करने वाले किसानों की चिंता बढ़ी हुई है। हालांकि, अभी गेहूं में बल्लियां पड़नी शुरू हुई है, अगेती गेहूं में बल्लियां पड़ गई है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार दिन का तापमान रहने से गेहूं की फसल के जल्दी पकने की संभावना बढ़ जाती है, जिससे दानों के सिंकुड़ने की संभावना रहती है। ऐसे में पैदावार में कमी आने की संभावना रहती है। वर्ष 2023 में भी फरवरी मार्च में अधिक तामपान दर्ज किया गया था। लेकिन राहत की बात यह है कि पंजाब में बुधवार व वीरवार को मौसम बदलने जा रहा है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते कई जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इस दौरान कई जिलों में बादल छाएं रह सकते हैं, कुछ जिलों में बूंदाबांदी, कुछ जिलों में हल्की से सामान्य वर्षा हो सकती है। अगर वर्षा होती है, तो ठंड बढ़ने से गेहूं को लाभ होगा। कुछ दिनों के लिए खेतों में नमी बढ़ जाएगी। 19 फरवरी से मौसम साफ हो जाएगा।

जालंधर में टेलीकॉम कंपनियों को आठ करोड़ की वसूली का नोटिस देगा निगम

जालंधर. शहर में ब्राडबैंड व अन्य सेवाएं दे रहीं टेलीकॉम कंपनियों ने नगर निगम को पिछले 10 साल से फीस नहीं चुकाई है। निगम ने पिछले वर्षों में कंपनियों को 100 से ज्यादा मंजूरी दी हैं। इन सभी मंजूरियों के लिए कंपनियों ने निगम को फीस देनी होती है। निगम की अब तक की रिपोर्ट के मुताबिक इन कंपनियों से आठ करोड़ वसूल करने हैं। मेयर वनीत धीर ने इस पूरे मामले में बीएंडआर ब्रांच से रिपोर्ट लेने के बाद डिफाल्टर कंपनियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। टेलीकाम कंपनियों ने पिछले दस साल से खंभे लगाने और अपने मैनहोल तैयार करने की मंजूरी ली थी। सड़कों को इसके लिए इस्तेमाल करने से होने वाले नुकसान के लिए निगम फीस लेता है। मेयर ने टेलीकाम कंपनियों की परमिशन की पुरानी फाइलें निकलवा कर लिस्ट बनाने के निर्देश दिए थे। कंपनियों को हुआ काफी नुकसान मेयर ने बीएंआर डिपार्टमेंट के एसई रजनीश डोगरा को बुलाकर निर्देश दिया कि इन कंपनियों से फीस वसूल करने की प्रक्रिया शुरू की जाए। जो कंपनियां फीस नहीं देती हैं, उन्हें नोटिस जारी किया जाए। इन कंपनियों का तार बिछाने का काम भी रोक दिया जाए। इन कंपनियों के कारण निगम को काफी नुकसान हुआ है। कंपनियों ने कई जगह सड़क तोड़ी है, लेकिन इनको रिपेयर करने का काम निगम को करना पड़ा। कई जगह अंडरग्राउंड तारें डालते समय निगम के सीवरेज व पानी के अंडरग्राउंड इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचा है। दैनिक जागरण ने प्राइवेट टेलीकाम कंपनियों के कारण शहर में जगह-जगह लटक रही तारें, बेतरतीब लगे खंभे और सड़क की खोदाई से लोगों की परेशानी और शहर की इमेज बिगड़ने का मुद्दा उठाया था। तब डीसी ने इन कंपनियों को चेतावनी दी थी।

भारत-पाक सीमा पर मिला पाकिस्तानी गुब्बारा

जालंधर. शहर में ब्राडबैंड व अन्य सेवाएं दे रहीं टेलीकॉम कंपनियों ने नगर निगम को पिछले 10 साल से फीस नहीं चुकाई है। निगम ने पिछले वर्षों में कंपनियों को 100 से ज्यादा मंजूरी दी हैं। इन सभी मंजूरियों के लिए कंपनियों ने निगम को फीस देनी होती है। निगम की अब तक की रिपोर्ट के मुताबिक इन कंपनियों से आठ करोड़ वसूल करने हैं। मेयर वनीत धीर ने इस पूरे मामले में बीएंडआर ब्रांच से रिपोर्ट लेने के बाद डिफाल्टर कंपनियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। टेलीकाम कंपनियों ने पिछले दस साल से खंभे लगाने और अपने मैनहोल तैयार करने की मंजूरी ली थी। सड़कों को इसके लिए इस्तेमाल करने से होने वाले नुकसान के लिए निगम फीस लेता है। मेयर ने टेलीकाम कंपनियों की परमिशन की पुरानी फाइलें निकलवा कर लिस्ट बनाने के निर्देश दिए थे। कंपनियों को हुआ काफी नुकसान मेयर ने बीएंआर डिपार्टमेंट के एसई रजनीश डोगरा को बुलाकर निर्देश दिया कि इन कंपनियों से फीस वसूल करने की प्रक्रिया शुरू की जाए। जो कंपनियां फीस नहीं देती हैं, उन्हें नोटिस जारी किया जाए। इन कंपनियों का तार बिछाने का काम भी रोक दिया जाए। इन कंपनियों के कारण निगम को काफी नुकसान हुआ है। कंपनियों ने कई जगह सड़क तोड़ी है, लेकिन इनको रिपेयर करने का काम निगम को करना पड़ा। कई जगह अंडरग्राउंड तारें डालते समय निगम के सीवरेज व पानी के अंडरग्राउंड इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचा है। दैनिक जागरण ने प्राइवेट टेलीकाम कंपनियों के कारण शहर में जगह-जगह लटक रही तारें, बेतरतीब लगे खंभे और सड़क की खोदाई से लोगों की परेशानी और शहर की इमेज बिगड़ने का मुद्दा उठाया था। तब डीसी ने इन कंपनियों को चेतावनी दी थी।

मोहाली में अस्पताल और स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी

मोहाली. पंजाब में एक बार फिर स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी भरी मेल आई है। इस बार धमकी में मोहाली के स्कूलों के साथ-साथ फोर्टिस अस्पताल में भी ब्लास्ट की बात कही गई है। मंगलवार सुबह करीब साढ़े 8 बजे आई इस मेल के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं। एहतियात के तौर पर कई स्कूलों को खाली करा दिया गया और सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया। जानकारी के अनुसार धमकी में फोर्टिस अस्पताल मोहाली का नाम भी शामिल है, जहां पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भर्ती बताए जा रहे हैं। अस्पताल का नाम आते ही सुरक्षा और कड़ी कर दी गई तथा अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया। इस धमकी भरे मेल में सुबह 11 बजे फोर्टिस अस्पताल और स्कूलों में ब्लास्ट करने की बात लिखी गई थी। मेल में कहा गया है कि भगवंत मान की लाश फोर्टिस में से निकालेंगे। इसके साथ ही खालिस्तान रेफरेंडम और झूठी पुलिस मुठभेड़ का बदला लेने की बात भी कही गई है। फिलहाल जांच एजेंसियां ई-मेल के स्रोत का पता लगाने में जुटी हैं। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और पूरे इलाके में हाई अलर्ट जारी है। वहीं अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सतर्क रहने की अपील की है। 

मोगा रैली के बाद सियासी हलचल, भगवंत मान सरकार में दो डिप्टी CM के ऐलान की चर्चा

चंडीगढ़ पंजाब के मोगा में आम आदमी पार्टी की आज बड़ी रैली है। इस रैली से ठीक पहले रविवार को भगवंत मान बीमार हो गए थे और उन्हें चंडीगढ़ के एक निजी अस्पताल में एडमिट कराया गया था। चर्चा थी कि शायद वह मोगा की मेगा रैली में शामिल नहीं हो पाएंगे और उसमें अरविंद केजरीवाल ही चीफ गेस्ट के नाते मौजूद रहेंगे। इसके अलावा फाइनेंस मिनिस्टर हरपाल चीमा के शामिल होने के ही कयास थे। इस बीच भगवंत मान ने खुद पुष्टि की है कि वह मोगा रैली में रहेंगे। उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है और वह कार्यक्रम में रहेंगे। आम आदमी पार्टी के सूत्रों का कहना है कि इस रैली में करीब 50 हजार लोग मौजूद रह सकते हैं। यह रैली ऐसे समय में हो रही है, जब राज्य सरकार की कैबिनेट में फेरबदल की चर्चा है। कयास लगाए जा रहे हैं कि मोगा रैली के बाद पार्टी ने एक बड़ी मीटिंग बुलाई है और इसी में दो डिप्टी सीएम बनाए जाने का भी ऐलान हो सकता है। इस बैठक में सभी AAP विधायकों और हलका प्रभारियों को भी बुलाया गया है। खासतौर पर हाल ही में बनाई गईं विलेज डिफेंस कमेटी के सदस्य भी रहेंगे। इस बैठक को मनीष सिसोदिया संबोधित कर सकते हैं। चर्चाएं तेज हैं कि रैली के बाद इसी बैठक में कोई बड़ा फैसला हो सकता है। संभावना है कि इसका ऐलान भी कर दिया जाए। हाई ब्लड प्रेशर से बढ़ी परेशानी, कराना पड़ा अस्पताल में एडमिट आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल के साथ रविवार को सीएम भगवंत मान कई आयोजनों में शामिल हुए थे। इसी दौरान उन्हें बेचैनी महसूस हुई और फिर तुरंत चंडीगढ़ ले जाया गया। अब तक मिली जानकारी के अनुसार हाई ब्लड प्रेशर के चलते उन्हें ये दिक्कतें आईं। अस्पताल की ओर से मिली जानकारी के अनुसार भगवंत मान की सेहत में कोई ज्यादा समस्या नहीं है। उनकी हालत स्थिर है और ज्यादात टेस्ट सामान्य आए हैं। भगवंत मान संगरूर में महाशिवरात्रि से जुड़े आयोजनों में शामिल हो रहे थे। कैबिनेट में फेरबदल की चर्चा, चुनाव में बचा है बस एक साल इस दौरान अरविंद केजरीवाल भी साथ थे। तभी उनकी तबीयत खराब हुई और वह बेचैनी महसूस करने लगे। भगवंत मान की सेहत ऐसे समय में खराब हुई, जब राज्य में दो उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की चर्चाएं जोरों पर हैं। कयास हैं कि मोगा रैली के बाद कुछ ऐलान होगा। इसके अलावा कैबिनेट फेरबदल में भी कुछ बदलाव दिख सकते हैं। चर्चा है कि किसी ऐसे नेता को भी डिप्टी के तौर पर जिम्मेदारी मिल सकती है, जो फिलहाल भगवंत मान सरकार का हिस्सा भी नहीं है।  

नशे के खिलाफ मोगा में बड़ी रैली, भगवंत मान के पहुंचने की संभावना; समर्थकों से की अपील

चंडीगढ़ पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान मोगा में आयोजित 'एंटी-ड्रग' मेगा रैली में शामिल हो सकते हैं। रविवार शाम को थकान महसूस होने के बाद उनको मोहाली के एक निजी अस्पताल ले जाया गया था। पंजाब सरकार के 'युद्ध नशे विरुद्ध' कैंपेन के तहत होने वाली 'एंटी-ड्रग रैली' में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और भगवान मान सरकार के सभी कैबिनेट मंत्री मौजूद रहेंगे। अस्पताल में भर्ती होने के कारण मुख्यमंत्री भगवंत मान के इस कार्यक्रम में शामिल नहीं होने की चर्चाएं थीं। हालांकि, कार्यक्रम से पहले सीएम मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "आम आदमी पार्टी आज मोगा के पास किल्ली चहलां गांव में एक बड़ी रैली कर रही है, मिलते हैं दोस्तों।" इससे पहले, मुख्यमंत्री का ब्लड प्रेशर बढ़ने पर उन्हें धुरी शहर से फोर्टिस हॉस्पिटल ले जाया गया। फोर्टिस हॉस्पिटल की ओर से रविवार को जारी एक बयान में कहा गया, "मुख्यमंत्री भगवंत मान 15 फरवरी को रूटीन मेडिकल जांच के लिए मोहाली अस्पताल गए। उनका पूरा क्लिनिकल असेसमेंट और स्टैंडर्ड डायग्नोस्टिक जांच हुई। सभी जरूरी पैरामीटर स्थिर हैं और नॉर्मल लिमिट में हैं। उन्हें अभी थकान महसूस हो रही है और उन्हें ऑब्जर्वेशन और सपोर्टिव केयर के लिए भर्ती कराया गया है। उनकी हालत स्थिर है और वे एक मल्टीडिसिप्लिनरी मेडिकल टीम की देखरेख में हैं।" पंजाब सरकार ने ड्रग्स के खिलाफ कई महीनों पहले अभियान शुरू किया था। पंजाब 'आप' ने 'युद्ध नशे विरुद्ध' को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "पंजाब की नशा मुक्ति की जंग 'युद्ध नशे विरुद्ध' ने न सिर्फ कई घरों को बर्बाद होने से बचाया है, बल्कि ड्रग डीलरों के खिलाफ अच्छी कार्रवाई करके नशे के काले धंधे को भी रोका है। मान सरकार की यह जंग पंजाब से ड्रग्स के पूरी तरह खत्म होने तक ऐसे ही जारी रहेगी।"