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खडूर साहिब सांसद अमृतपाल ने बजट सत्र में शामिल होने हाईकोर्ट से मांगी अनुमति

चंडीगढ़. पंजाब के खडूर साहिब से लोकसभा सदस्य व खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह ने एक बार फिर आगामी संसद सत्र में भाग लेने की अनुमति के लिए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। अमृतपाल सिंह ने अपनी नई याचिका में कहा है कि संसद का बजट सत्र 28 जनवरी से प्रारंभ हो रहा है और एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि होने के नाते इस सत्र में उनकी उपस्थिति अत्यंत आवश्यक है। याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि संसद में भाग लेना न केवल उनका संवैधानिक अधिकार है, बल्कि अपने संसदीय क्षेत्र की जनता की समस्याओं, अपेक्षाओं और हितों को राष्ट्रीय मंच पर रखने का दायित्व भी है। अमृतपाल सिंह ने अदालत के समक्ष यह तर्क रखा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुने गए प्रतिनिधियों को संसद की कार्यवाही में हिस्सा लेने से वंचित रखना जनता के मताधिकार और प्रतिनिधित्व की भावना के विपरीत है। उन्होंने कहा कि बजट सत्र देश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है, जिसमें आर्थिक नीतियों, विकास योजनाओं और जनकल्याण से जुड़े निर्णय लिए जाते हैं। ऐसे में उनकी अनुपस्थिति से खडूर साहिब संसदीय क्षेत्र की आवाज संसद में नहीं पहुंच पाएगी। पहले भी खटखटा चुके कोर्ट का दरवाजा याचिका में यह भी स्पष्ट किया गया है कि इससे पहले भी उन्होंने सीमित अवधि के लिए संसद में उपस्थित होने की अनुमति मांगी थी, ताकि वह शपथ, प्रश्नकाल और बहसों में भाग ले सकें। अमृतपाल सिंह का कहना है कि वह न्यायालय द्वारा निर्धारित किसी भी शर्त का पालन करने के लिए तैयार हैं, जिससे कानून व्यवस्था या जांच प्रक्रिया पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। वहीं, इस मामले में केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों की ओर से पहले यह दलील दी जाती रही है कि सुरक्षा और जांच से जुड़े कारणों के चलते उन्हें बाहर जाने की अनुमति देना उचित नहीं है। अदालत ने पूर्व में भी इस विषय पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनी हैं। पिछली बार हिदायत दी थी कि समय पर आवेदन किया जाए। अब एक बार फिर इस नई याचिका पर सुनवाई होनी है।

मान सरकार ने दी राहत, गन्ने के लिए किसानों को मिलेगा 68.50 रुपए प्रति क्विंटल सब्सिडी

  चंडीगढ़  मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में हुई कैबिनेट बैठक विशेष रूप से किसान-कल्याण के लिए फैसले लेने पर केंद्रित रही, जिसमें कैबिनेट द्वारा निर्धारित स्टेट एग्रीड प्राइस में से 68.50 रुपए प्रति क्विंटल की सीधी सब्सिडी की मंजूरी दी गई। इससे पंजाब राज्य गन्ना किसानों को देश में गन्ने का सबसे अधिक भाव देने में लगातार अग्रणी बना हुआ है। यह फैसला मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया, जिसमें स्वास्थ्य क्षेत्र में विभिन्न सुधारों के साथ लोगों की तंदुरुस्त स्वास्थ्य संबंधी पहलकदमियों और शहरी प्रशासन में विभिन्न सुधारात्मक कदम उठाने संबंधी मंजूरियां शामिल हैं, जो पंजाब सरकार की निर्णायक और परिणाम-आधारित पहुंच को दर्शाती हैं। मंत्रिमंडल द्वारा लिए गए फैसलों के बारे में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने कहा कि निजी चीनी मिलों की ओर से गन्ना किसानों को 2025-26 पिराई सीजन के लिए निर्धारित स्टेट एग्रीड प्राइस में से 68.50 रुपए प्रति क्विंटल सब्सिडी सीधे तौर पर अदा की जाएगी। उन्होंने बताया कि पंजाब पहले ही देश में गन्ने के लिए सबसे अधिक 416 रुपए प्रति क्विंटल स्टेट एग्रीड प्राइस दे रहा है, जो पिछले साल से 15 रुपए की वृद्धि दर्शाता है। यह पंजाब के गन्ना काश्तकारों को देश भर में सबसे अधिक भाव मिलना सुनिश्चित करने के साथ-साथ किसानों के लिए आय सुरक्षा को और मजबूत करेगा। जन स्वास्थ्य और तंदुरुस्ती पर निरंतर ध्यान केंद्रित करते हुए मंत्रिमंडल ने ‘सीएम दी योगशाला’ प्रोजेक्ट के अधीन योग ट्रेनरों के 1,000 अतिरिक्त पदों के सृजन को भी मंजूरी दे दी है। बैठक के दौरान यह भी बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान इस पहल के लिए 35 करोड़ रुपए का बजट प्रबंध किया जाएगा, जिसका उद्देश्य एक स्वस्थ और तंदुरुस्त पंजाब का सृजन सुनिश्चित करना है। स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं को मजबूती देने के एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में मंत्रिमंडल ने मुक्तसर जिले के गांव बादल, तरन तारन जिले के खडूर साहिब, कम्युनिटी हेल्थ सेंटर जलालाबाद और फाजिल्का जिले के टर्शियरी केयर सेंटर को बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (बीएफयूएचएस), फरीदकोट में पूरी तरह हस्तांतरित करने की मंजूरी भी दे दी है। इस हस्तांतरण से इन क्षेत्रों के निवासी यूनिवर्सिटी के उन्नत मेडिकल बुनियादी ढांचे और विशेषज्ञता का लाभ उठाकर बेहतर इलाज और जांच सेवाओं तक पहुंच सकेंगे। मंत्रिमंडल ने पंजाब मैनेजमेंट एंड ट्रांसफर म्यूनिसिपल एक्ट, 2020 की धारा 4 के अधीन निर्देशों के गठन और नोटिफिकेशन को भी मंजूरी दे दी है, जिसका उद्देश्य पंजाब सरकार के विभागों, बोर्डों, निगमों और जन क्षेत्र के अन्य संस्थानों से संबंधित म्यूनिसिपल संपत्तियों को जन उद्देश्यों के लिए हस्तांतरित करने की सुविधा प्रदान करना है। ये फैसले राज्य भर में विकास परियोजनाओं को नई गति देने के साथ-साथ जमीन के वितरण में एकरूपता सुनिश्चित करने और सरकारी जमीन के दुरुपयोग को रोकने में विशेष रूप से सहायक होंगे। संबंधित जिले के डिप्टी कमिश्नर के नेतृत्व वाली एक कमेटी आवंटन प्रक्रिया की सिफारिश करेगी, जो राज्य सरकार की मंजूरी के अधीन होगी। जमीन संसाधनों के सर्वोत्तम उपयोग के माध्यम से विकास में तेजी लाने के उद्देश्य से मंत्रिमंडल ने म्यूनिसिपल सीमाओं के अंदर सभी सरकारी-लाइसेंसशुदा परियोजनाओं के अधीन स्थित खाली छोड़े गए या उपयोग में आने वाले रास्तों या जल मार्गों (खालों) की बिक्री या एक्सचेंज के जरिए हस्तांतरण के लिए भी नीति को मंजूरी दे दी। इस नीति का उद्देश्य विकास की संभावनाओं को तलाशना और शहरी योजना के परिणामों को बेहतर बनाना है। मंत्रिमंडल ने पीएपीआरए (पंजाब किफायती संपत्ति पंजीकरण अधिनियम) लाइसेंसशुदा परियोजनाओं के लिए समय अवधि 1 जनवरी, 2026 से 31 दिसंबर, 2026 तक एक साल बढ़ाने को भी मंजूरी दे दी। यह वृद्धि प्रति एकड़ 25,000 रुपए की एक्सटेंशन फीस पर अधिकतम तीन साल की अवधि के लिए दी जाएगी और संबंधित सक्षम अधिकारियों द्वारा पहले लागू नियमों और शर्तों के अनुसार इसकी अनुमति दी जाएगी। शहरी विकास संबंधी एक अन्य फैसले में मंत्रिमंडल ने जनवरी 2026 के बाद नीलामी के लिए रखी जाने वाली प्रस्तावित संपत्तियों के लिए अतिरिक्त सतही क्षेत्र अनुपात के खर्च को निर्धारित करने के लिए उपयोग किए जाने वाले फॉर्मूले को मंजूरी दे दी। इसके साथ ही 20 फरवरी, 2025 को अधिसूचित ई-ऑक्शन नीति 2025 के पैरा 10.2 में संशोधनों को भी मंजूरी दी गई, जिससे भविष्य में विकास प्राधिकरणों द्वारा नीलाम की जाने वाली सभी श्रेणियों की संपत्तियों पर लागू संशोधित उपबंध बनाए गए। मंत्रिमंडल ने नियम 6ए शामिल कर पंजाब सिविल सर्विसेज (सेवा की सामान्य शर्तें) नियम, 1994 में संशोधनों को भी मंजूरी दे दी। संशोधन के अनुसार, न्यूनतम शैक्षिक और अन्य योग्यताओं सहित योग्यता मापदंड निर्धारित करने की अंतिम तिथि आवेदन फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि होगी, जब तक कि संबंधित सेवा नियमों में विशेष रूप से कोई अन्य तिथि निर्धारित न की गई हो। फसली विविधता को प्रोत्साहित करने के लिए एक अग्रगामी कदम के तहत मंत्रिमंडल ने पंजाब के बागवानी क्षेत्र को और मजबूत करने के लिए जापानी तकनीक पेश करने हेतु जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी के साथ भागीदारी को भी मंजूरी दी। यह भागीदारी बागवानी विकास, कोल्ड चेन बुनियादी ढांचे, जल प्रबंधन और हुनर विकास पर केंद्रित होगी, जिसका उद्देश्य राज्य की अर्थव्यवस्था में बागवानी क्षेत्र के योगदान को दोगुना करना है।

लुधियाना में जबरदस्त धमाके के साथ मकान की उड़ी छत

लुधियाना. महानगर के जनकपुरी स्थित इंदिरा कॉलोनी में आज दोपहर उस समय चीख-पुकार मच गई, जब यहां एक क्वार्टर में अचानक गैस सिलेंडर ब्लास्ट हो गया। धमाका इतना जबरदस्त था कि पूरे इलाके में दहशत फैल गई और देखते ही देखते क्वार्टर की छत मलबे में तब्दील होकर नीचे गिर गई। राहत की बात यह रही कि जिस समय यह हादसा हुआ, उस समय या तो परिवार के सदस्य सुरक्षित दूरी पर थे या समय रहते बाहर निकल आए। इस भयानक धमाके में छत तो जमींदोज हो गई और घर का सामान जलकर राख हो गया, लेकिन किसी भी प्रकार का जानी नुकसान नहीं हुआ। मोहल्ला निवासियों ने बताया कि धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि उन्हें लगा जैसे कोई बम फटा हो। हादसे की सूचना मिलते ही थाना डिवीजन नंबर 2 की पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और राहत कार्य का जायजा लिया। अधिकारियों का कहना है कि धमाके के कारणों की बारीकी से जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में इसे गैस लीकेज का मामला माना जा रहा है, लेकिन पुलिस हर पहलू को खंगाल रही है ताकि हादसे की असल वजह साफ हो सके।

जालंधर में चेस इवेंट में पंजाब सहित अन्य राज्यों से आएंगे खिलाड़ी

जालंधर. पहला लाला लक्ष्मी नारायण दुग्गल और विश्वामित्र दुग्गल मेमोरियल ओपन चेस टूर्नामेट का आयोजन 31 जनवरी  से 01 फरवरी सत्य नारायण मंदिर, नजदीक एस डी कॉलेज, जालंधर के ऑडिटोरियम में होगा जिसका आयोजन लाला लक्ष्मी नारायण चेरिटेबल ट्रस्ट द्वारा किया जाएगा। जिसमें  खिलाड़ियों को एक लाख रुपए तक के नगद इनाम दिए जायेंगे। इसके साथ ही सभी खिलाड़ियों के लिए दो दिन की निःशुल्क  खाने पीने की सुविधा दी जाएगी। चेयर पर्सन राधा दुग्गल ने जानकारी दी कि इस प्रतियोगिता में इंटरेशनल मास्टर, फ़ीडे मास्टर, पूर्व पंजाब चैंपियन हिस्सा ले रहे हैं। इस प्रतियोगिता में पंजाब के अलावा राजस्थान, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, चंडीगढ़ से नामी खिलाड़ी हिस्सा ले रहे है। इस प्रतियोगिता का अर्ली बर्ड एंट्री फीस का लाभ खिलाड़ी 23 जनवरी वसन्त पंचमी तक उठा सकते हैं।

पंजाब में 60 गैंगस्टर के खिलाफ 12000 पुलिसकर्मियों की दो हजार ठिकानों पर रेड

चंडीगढ़. पंजाब सरकार ने राज्य में ड्रग तस्करी और संगठित गैंगस्टर नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के उद्देश्य से आज से 72 घंटे का विशेष अभियान 'वार अगेंस्ट ड्रग'– ऑपरेशन प्रहार” शुरू कर दिया है।  पंजाब में गैंगस्टरों के खिलाफ पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार को लेकर पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने कहा कि गैंगस्टरों के खिलाफ जंग छेड़ दी गई है। आज से 72 घंटे का ऑपरेशन शुरू किया गया है। इसके पहले चरण में लगभग 12,000 पुलिस अधिकारी लगभग 2,000 ठिकानों पर छापेमारी कर रहे हैं। 60 प्रमुख गैंगस्टरों को यह नहीं सोचना चाहिए कि वे सुरक्षित हैं। पुलिस और खुफिया एजेंसियों की विस्तृत मैपिंग के बाद यह सामने आया है कि पंजाब से जुड़े करीब 2000 गैंगस्टर सक्रिय हैं। इनमें से लगभग 1940 गैंगस्टर देश के अलग-अलग राज्यों में सक्रिय हैं, जबकि 60 कुख्यात गैंगस्टर विदेशों में बैठकर ड्रग तस्करी, हथियार सप्लाई, हत्या और फिरौती के नेटवर्क को संचालित कर रहे हैं। 60 गैंगस्टरों में से 23 के खिलाफ रेड कॉर्नर अधिकारियों के अनुसार, विदेशों में बैठे इन 60 गैंगस्टरों में से 23 के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी हो चुके हैं या जारी होने की प्रक्रिया में हैं, जबकि शेष 37 गैंगस्टरों के खिलाफ अगले तीन महीनों में सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कर नोटिस जारी किए जाएंगे। इन अपराधियों को भारत लाकर न्याय के कटघरे में खड़ा करना सरकार की प्राथमिकता है। ऑपरेशन प्रहार के तहत केवल गिरफ्तारियां ही नहीं होंगी, बल्कि ड्रग और गैंगस्टर नेटवर्क की पूरी मैपिंग की जा रही है। इसमें हर गैंगस्टर की भूमिका, उसका फाइनेंसर, हथियार सप्लायर, ड्रग सप्लाई चेन, सेफ हाउस, डिजिटल कम्युनिकेशन और सहयोगियों की पहचान की जा रही है। इस मैपिंग के आधार पर एक-एक कड़ी पर कार्रवाई की जाएगी। अभियान के लिए विशेष ढांचा तैयार इस अभियान की निगरानी के लिए एक विशेष ढांचा तैयार किया गया है। आईजी काउंटर इंटेलिजेंस को पूरे ऑपरेशन का समग्र प्रभारी बनाया गया है। काउंटर इंटेलिजेंस के एडीजीपी आशिष चौधरी, जो हाल ही में एनआईए में लंबी सेवाएं देकर लौटे हैं, को ओवरसीज़ फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्सट्रडिशन सेल की जिम्मेदारी सौंपी गई है। डीआईजी गुरमीत चौहान, जो एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) के प्रमुख हैं, को राज्य और देश में सक्रिय गैंगस्टरों पर कार्रवाई और उनकी गिरफ्तारी की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं डीआईजी अखिल चौधरी, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF), को ड्रग नेटवर्क, सप्लाई चेन और तस्करी के रूट तोड़ने का दायित्व सौंपा गया है। इसके अलावा एआईजी ब्यूरो ऑफ इंटेलिजेंस कमलदीप सिंह को ड्रग और गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़ी खुफिया जानकारी जुटाने, सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर निगरानी रखने तथा गैंगस्टर गतिविधियों की तकनीकी मैपिंग की जिम्मेदारी दी गई है। सेल में अलग-अलग डेस्क बनाए गए हैं, जो रेड कॉर्नर नोटिस, प्रत्यर्पण, इंटरपोल समन्वय, कानूनी सहायता और अंतरराष्ट्रीय पत्राचार का काम संभालेंगे। ड्रग से अर्जित धन पर भी सख्त कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के अनुसार, 68 एनडीपीएस मामलों में ड्रग तस्करों की संपत्तियां फ्रीज़ की जा चुकी हैं। अपराध से अर्जित धन, संपत्तियां और अवैध व्यवसायों को प्रोसिड्स ऑफ क्राइम मानते हुए जब्त किया जा रहा है, ताकि ड्रग माफिया की आर्थिक रीढ़ पूरी तरह तोड़ी जा सके। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जो युवा ड्रग के जाल में फंसकर गुमराह हो गए हैं और मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, उनके साथ सहानुभूतिपूर्ण रवैया अपनाया जाएगा। लेकिन ड्रग तस्करी या गैंगस्टर गतिविधियों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। एंटी ड्रग हेल्पलाइन नंबर: 93946 93946 24×7 सक्रिय डीजीपी द्वारा घोषित रिवॉर्ड पॉलिसी  ड्रग और गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़ी किसी भी सूचना का गुप्त रखा जाएगा ड्रग तस्करी और एनडीपीएस मामलों में सूचना देने पर कुल 10 करोड़ रुपये तक इनाम एसएसपी स्तर तक अधिकारी: 1 से 1.5 लाख रुपये तक इनाम देने के अधिकृत पुलिस कमिश्नर / डीआईजी रेंज: 2 लाख रुपये तक इनाम डीसीपी स्तर से ऊपर: 2 लाख से अधिक इनाम की स्वीकृति  ड्रग की कमर्शियल बरामदगी पर 60,000 रुपये प्रति किलो इनाम एनडीपीएस में दोषसिद्धि पर 40,000 रुपये संबंधित जांच अधिकारी को संपत्ति फ्रीज़ कराने पर 20,000 रुपये इनाम पीआईटी-एनडीपीएस (Preventive Detention) प्रस्ताव तैयार करने पर 50,000 रुपये     यह नीति 1 सितंबर 2024 से प्रभावी (रेट्रोस्पेक्टिव) होगी

दो बड़े मामलों में इंस्पेक्टर समेत कई आरोपी पुलिसकर्मियों पर CBI का शिकंजा

चंडीगढ़. सीबीआई ने चंडीगढ़ पुलिस से जुड़े दो बड़े मामलों में सोमवार को सीबीआई की ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी। एक मामला नामी डॉक्टर के अपहरण का है जिसमें इंस्पेक्टर हरिंदर सेखों समेत क्राइम ब्रांच के कई पुलिसकर्मी आरोपित हैं। वहीं, दूसरा मामला सबूतों से छेड़छाड़ का है, जिसमें इंस्पेक्टर रामरत्न शर्मा और एसआइ सत्यवान शामिल हैं। अपहरण के मामले में पिछले साल एफआइआर दर्ज हुई थी, जबकि सबूतों से छेड़छाड़ का मामला अप्रैल 2024 में दर्ज हुआ था। पहला मामला: जिला अदालत के बाहर से किया था डॉक्टर को अगवा पिछले साल सीबीआई ने इंस्पेक्टर हरिंदर सिंह सेखों समेत सात पुलिसकर्मियों के खिलाफ आइपीसी की धारा 365 और 34 के तहत केस दर्ज किया था। करीब एक साल चली जांच के बाद सीबीआई ने सोमवार को चार्जशीट दाखिल कर दी। पिछले साल जिन पर केस दर्ज हुआ था उनमें क्राइम ब्रांच के पूर्व इंस्पेक्टर हरिंदर सिंह सेखों, सब-इंस्पेक्टर सुरेश कुमार, असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर अजमेर सिंह उर्फ अमितोज सिंह, हेड कॉन्स्टेबल अनिल कुमार, कॉन्स्टेबल विकास हुड्डा, कॉन्स्टेबल सुभाष और कॉन्स्टेबल नीरज कुमार के नाम थे। वहीं, सूत्रों से पता चला है कि चार्जशीट में कुछ और पुलिसकर्मियों के नाम भी शामिल जोड़े गए हैं। इनके खिलाफ सेक्टर-21 निवासी डेंटिस्ट डा.मोहित धवन ने शिकायत दी थी। जिला अदालत के बाहर से किया अपहरण आरोप के मुताबिक डा.मोहित धवन ने एक आपराधिक मामले में अग्रिम जमानत के लिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। उस याचिका पर हाईकोर्ट ने डॉ.धवन को जिला अदालत, सेक्टर-43 में पेश होने के आदेश दिए थे। सात जनवरी 2022 को डा.मोहित धवन अदालत में पेश होने के लिए पहुंचे, लेकिन अदालत के एंट्री गेट पर ही क्राइम ब्रांच की टीम ने उन्हें अगवा कर लिया ताकि वे जज के सामने पेश न हो सकें। कई घंटों तक डॉ.धवन को गैर कानूनी तरीके से हिरासत में रखा गया और शाम को उनकी गिरफ्तारी डाल दी गई। अगले दिन पुलिस ने उन्हें अदालत में पेश कर उनका सात दिनों का रिमांड भी ले लिया था। डा.मोहित धवन बिना किसी अपराध के करीब दो महीने जेल में रहे, फिर जमानत पर बाहर आने के बाद उन्होंने इन सभी पुलिसकर्मियों के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की। हाईकाेर्ट ने जांच के लिए पंजाब पुलिस को विशेष टीम गठित करने के निर्देश दिए। हाईकोर्ट के इस फैसले को चंडीगढ़ प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त 2024 को हाईकोर्ट के फैसले को बदल दिया और मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी। डॉ.धवन को पकड़ने प्राइवेट कार से आए थे पुलिसकर्मी सीबीआई जांच में सामने आया कि सात जनवरी 2022 को सुबह 10.20 से 10.50 के बीच क्राइम ब्रांच के चार पुलिस मुलाजिम डा.मोहित धवन को पकड़ने एक प्राइवेट आइटी-20 कार से आए थे। यह कार कॉन्स्टेबल विकास हुड्डा की थी जो उनके कजन वीरेंद्र हुड्डा के नाम पर रजिस्टर थी। सीबीआई जांच में सामने आया था कि सात जनवरी 2022 को चार पुलिसकर्मियों अजमेर सिंह, अनिल कुमार, विकास हुड्डा और सुभाष की मोबाइल टावर लोकेशन जिला अदालत के पास की ही थी। दूसरा मामला: आरोपित को बचाने के लिए केस फाइल से बदला मोबाइल दो साल पहले सीबीआई ने इंस्पेक्टर रामरत्न शर्मा और एसआइ सत्यवान के खिलाफ केस दर्ज किया था। इस केस में भी सोमवार को चार्जशीट दाखिल कर दी गई। इन दोनों पुलिसकर्मियों पर एक आरोपित को बचाने के लिए सबूतों से छेड़छाड़ करने के आरोप हैं। केस के मुताबिक इंडस्ट्रियल एरिया थाना पुलिस ने चार अप्रैल 2022 को एक महिला से यौन उत्पीड़न के आरोप में शहर के एक बड़े माल के जीएम के खिलाफ एफआइआर दर्ज की थी। इस मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आरोपित के घर से उसका आइफोन-12 जब्त किया था। पुलिस ने इस मोबाइल को सील नहीं किया, उल्टा इसकी जगह आइफोन-7 को सील कर दिया। यह आइफोन-7 भी आरोपित का ही था। पुलिस ने आरोपित को बचाने के लिए केस के रिकार्ड से मोबाइल ही बदल डाला। आरोप है कि असली मोबाइल और सिम आरोपित को वापस कर दिया गया था उसकी जगह बिना सिम वाला आइफोन-7 केस फाइल में रख दिया गया। सीबीआई ने शिकायत मिलने पर इस मामले की जांच की और आरोपित पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर दी।

पंजाब में 22-23 जनवरी को झमाझम बारिश की मौसम ने जारी की चेतावनी

पठानकोट. हरियाणा सहित पूरे उत्तर भारत में लगातार पड़ रही धुंध और कड़ाके की ठंड के बीच मौसम विभाग ने 22 जनवरी से पंजाब में मौसम बदलने की भविष्यवाणी की है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार 22 और 23 जनवरी को पंजाब के अधिकांश इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि 22 जनवरी को शाम के समय पंजाब में मौसम का मिज़ाज बदलेगा और पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, होशियारपुर, जालंधर और लुधियाना में बारिश होने की संभावना है। उधर, पिछले चार दिनों से चंडीगढ़ के तापमान में 10 डिग्री की बढ़ोतरी होने से अब यह महसूस ही नहीं हो रहा कि इस महीने के पहले 15 दिन शहरवासियों ने रिकॉर्ड तोड़ कड़ाके की ठंड झेली थी। रविवार को उत्तर भारत के 6 राज्यों में सबसे गर्म रहे चंडीगढ़ के तापमान में एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह 25 डिग्री के करीब पहुंचते हुए 24.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बढ़े हुए तापमान के बीच सोमवार को भी दिल्ली और गुरुग्राम के बाद चंडीगढ़ 6 राज्यों में तीसरा सबसे गर्म शहर रहा।

सीएम मान ने की शिक्षा को बढ़ावा, अजनाला में उच्च शिक्षा के नए अवसर, बिक्रौर कॉलेज का शुभारंभ

अमृतसर/अजनाला पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के अमृतसर दौरे का आज (19 जनवरी 2026) दूसरा दिन है। इस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री सीमावर्ती क्षेत्र अजनाला के निवासियों को विकास का एक बड़ा उपहार देने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री अजनाला की दाना मंडी में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान सरकारी डिग्री कॉलेज, बिक्रौर की आधारशिला रखेंगे। दशकों पुरानी मांग होगी पूरी अजनाला और इसके आसपास के सीमावर्ती गांवों के लोग लंबे समय से क्षेत्र में एक सरकारी उच्च शिक्षा संस्थान की मांग कर रहे थे। अब तक युवाओं को ग्रेजुएशन और अन्य उच्च शिक्षा के लिए अमृतसर या अन्य दूर-दराज के शहरों का रुख करना पड़ता था। इस कॉलेज के बनने से न केवल समय और पैसे की बचत होगी, बल्कि ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्र भी अपने घर के पास बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। दाना मंडी में विशाल जनसभा, सुरक्षा के कड़े इंतजाम मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर अजनाला की दाना मंडी में व्यापक तैयारियां की गई हैं। यहाँ एक विशाल जनसभा का आयोजन किया गया है, जिसमें अजनाला के अलावा आसपास के दर्जनों गांवों से हजारों लोगों के जुटने की उम्मीद है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने मुख्यमंत्री की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर पुख्ता इंतजाम किए हैं। विकास की नई इबारत लिखेगा 'बिक्रौर' कॉलेज मुख्यमंत्री भगवंत मान इस अवसर पर जनसभा को संबोधित भी करेंगे। उम्मीद जताई जा रही है कि वे शिक्षा के साथ-साथ सीमावर्ती क्षेत्रों के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) और रोजगार को लेकर कुछ और बड़ी घोषणाएं कर सकते हैं। सरकार का मानना है कि यह कॉलेज इस उपेक्षित क्षेत्र के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा। सरकार का विजन : मुख्यमंत्री मान ने पहले भी कई मंचों से स्पष्ट किया है कि 'आप' सरकार का मुख्य फोकस शिक्षा और स्वास्थ्य है। अजनाला के इस कॉलेज का शिलान्यास उसी विजन का हिस्सा है, ताकि पंजाब के अंतिम छोर पर बैठे छात्र को भी आधुनिक शिक्षा मिल सके।

अवैध निर्माण मामले में विजिलैंस के रडार पर नामचीन इलाकों की बिल्डिंगें

जालंधर. नगर निगम का बिल्डिंग विभाग एक बार फिर विवाद का केंद्र बनता दिख रहा है क्योंकि विजिलैंस ने शहर की कई अवैध बिल्डिंगों विरुद्ध जांच तेज कर दी है। गौरतलब है कि आर.टी.आई. एक्टिविस्ट रविन्द्रपाल सिंह चड्ढा पिछले कई महीनों से अवैध और नियमों के विरुद्ध बनी कमर्शियल इमारतों को लेकर लगातार शिकायतें दर्ज करवा रहे हैं। इन शिकायतों के आधार पर नगर निगम द्वारा संबंधित बिल्डिंगों को नोटिस जारी किए गए थे और कुछ इमारतों को सील भी किया गया था। हालांकि, निगम की कार्रवाई यहीं तक सीमित रह गई। हैरानी की बात यह है कि जिन इमारतों को नियमों के उल्लंघन पर सील किया गया था, आज वे सभी सीलें खुल चुकी हैं और उनमें धड़ल्ले से कमर्शियल गतिविधियां संचालित हो रही हैं। इसके चलते निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लग रहे हैं। रविन्द्रपाल सिंह चड्ढा ने अपनी शिकायतों में आरोप लगाया कि संबंधित निगम अधिकारियों और सेवादारों की मिलीभगत के चलते इन मामलों में आगे कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। सूत्रों के अनुसार विजिलैंस ब्यूरो ने अब इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए रविन्द्रपाल सिंह चड्ढा को बयान दर्ज करवाने के लिए तलब किया है। बताया जा रहा है कि जिन इमारतों को लेकर शिकायतें की गई हैं, वे सभी अभी भी जांच के दायरे में हैं। विजीलैंस में जिन बिल्डिंगों की जांच चल रही है उनमें पटेल चौक के निकट ढाबे, टैगोर अस्पताल के पास चांप के साथ वाली इमारत, आहूजा चना भटूरा वाली गली में स्थित कमर्शियल बिल्डिंग्स, मेहरा ट्रांसपोर्ट के पास, सतनाम कार वाश के निकट, गुलाबदेवी रोड ईदगाह के पास तथा भगवानदास पुरा में बनी दो मंजिला कमर्शियल बिल्डिंग शामिल हैं। अब सभी की निगाहें विजीलैंस ब्यूरो की जांच पर टिकी हैं कि इन मामलों में जिम्मेदार अधिकारियों पर कब और क्या कार्रवाई होती है? और ये भी पढ़े जेपी नगर व आदर्श नगर बनते जा रहे कमर्शियल हब जालंधर इम्प्रूवमैंट ट्रस्ट द्वारा कई वर्ष पूर्व जे.पी. नगर और आदर्श नगर को रिहायशी कॉलोनियों के रूप में विकसित किया गया था, लेकिन समय के साथ यह पूरा क्षेत्र तेजी से कमर्शियल हब में तब्दील होता जा रहा है। जे.पी. नगर और आदर्श नगर की मेन रोड पर स्थित अधिकांश कोठियों को तोड़कर अब वहां कमर्शियल बिल्डिंग्स खड़ी की जा चुकी हैं और धड़ल्ले से दुकानें व कमर्शियल प्रतिष्ठान बनाए जा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि लंबे समय से इस अवैध निर्माण पर नगर निगम द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। रिहायशी क्षेत्र को नियमों के विपरीत कमर्शियल उपयोग में बदला जा रहा है, जिससे न केवल ट्रैफिक और पार्किंग की समस्या बढ़ रही है, बल्कि कॉलोनी की मूल योजना भी पूरी तरह बिगड़ चुकी है। अब इस मामले को लेकर आर.टी.आई. एक्टिविस्ट रवि छाबड़ा ने नगर निगम कमिश्नर को लिखित शिकायत भेजी है। उन्होंने आरोप लगाया है कि आदर्श नगर गुरुद्वारा के निकट आज भी अवैध रूप से कमर्शियल बिल्डिंग का निर्माण किया जा रहा है, लेकिन निगम अधिकारी इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। गौरतलब है कि इससे पहले एडवोकेट बृजेश चोपड़ा भी जे.पी. नगर की मेन रोड को कमर्शियल किए जाने के विरोध में नगर निगम को लीगल नोटिस भेज चुके हैं। इसके बावजूद न तो अवैध निर्माण रोका गया और न ही नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कोई सख्त कदम उठाया गया। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि समय रहते निगम ने कार्रवाई नहीं की, तो पूरा क्षेत्र अनियंत्रित कमर्शियल गतिविधियों की चपेट में आ जाएगा। अब देखना यह है कि निगम प्रशासन इन शिकायतों पर कब तक संज्ञान लेकर ठोस कार्रवाई करता है।

गुरदासपुर में सतगुरु लाल दयाल की 671वीं जयंती पर कल रहेगा सरकारी अवकाश

गुरदासपुर. महान तपस्वी योगराज सतगुरु बाबा लाल दयाल जी की 671वीं जयंती के अवसर पर पंजाब सरकार द्वारा ज़िला गुरदासपुर में 20 जनवरी को सरकारी अवकाश घोषित किया गया है। गौरतलब है कि सतगुरु बाबा लाल दयाल जी की जयंती हर वर्ष श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई जाती है। इस संबंध में श्रद्धालुओं द्वारा हलका गुरदासपुर के आम आदमी पार्टी के नेता रमन बहल के नेतृत्व में बीते दिनों डिप्टी कमिश्नर गुरदासपुर के माध्यम से पंजाब सरकार को एक मांग-पत्र भेजकर 20 जनवरी को ज़िले में अवकाश घोषित करने की मांग की गई थी।